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- 0- सकरी उपसंभाग में 81 कनेक्शन काटे, 5 लाख से अधिक की वसूलीबिलासपुर. बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग द्वारा सकरी उपसंभाग में विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के तहत 81 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन विच्छेदित किए गए और 46 बकायादारों से 5 लाख 9 हजार 828 रुपए की वसूली की गई। यह कार्रवाई बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए.के.अंबष्ट के निर्देश तथा अधीक्षण यंत्री सुरेश कुमार जांगड़े के मार्गदर्शन में की गई।बिजली विभाग के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि बकाया राशि की वसूली और लाइन विच्छेदन के लिए कुल 8 टीमों का गठन किया गया था। अभियान के दौरान जिन उपभोक्ताओं पर अधिक बकाया था, उनमें असमा कॉलोनी के 7 कनेक्शन शामिल हैं, जिन पर कुल 15 लाख 36 हजार रुपए बकाया था। इसके अलावा ग्राम मेंड्रा के राजकुमार पर 83,974 रुपए, संस्कृति विहार की साधना सूर्यवंशी पर 64,731 रुपए, पंकज कुमार पर 62,164 रुपए, असमा सिटी के राजेश वर्मा पर 51,006 रुपए, सकरी की पूजा साहू पर 44,233 रुपए, श्यामा साहू पर 44,016 रुपए, ग्राम सईदा के दीपक कुमार सूर्यवंशी पर 40,837 रुपए, सागरदीप के अनिल कुमार गुप्ता पर 39,120 रुपए, ग्राम सईदा की श्याम बाई पर 37,458 रुपए, रामा लाइफ सिटी के तरुण कुमार त्रिवेदी पर 37,116 रुपए तथा सकरी के परदेशी पर 35,779 रुपए बकाया पाए जाने पर उनके कनेक्शन काटे गए। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।इस अभियान में कार्यपालन यंत्री सिटी विजिलेंस सी.पी. गढ़ेवाल, एस.के. मुख्तार, श्रीमती पूर्णिमा सिंह, अनुपम सरकार, सहायक यंत्री, प्रमोद कुमार चौबे, जीतेश दिव्य, वरदान खलखो, कनिष्ठ यंत्री कु. कंचन खूंटे सहित सकरी उपसंभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।--
- बिलासपुर. बदलते दौर में महिलाएं अब केवल घर की जिम्मेदारियोंद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और विकास की मजबूत भागीदार बनकर उभर रही हैं। जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन, सामाजिक भागीदारी और मातृत्व सम्मान को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाएं और पहलें संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और जीवन के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रथम संतान के जन्म पर महिलाओं को दो किश्तों में 5 हजार रुपये तथा द्वितीय बालिका संतान के जन्म पर 6 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।अप्रैल 2024 से दिसंबर 2025 तक जिले में 22 हजार 392 हितग्राहियों को लगभग 10 करोड़ 78 लाख 78 हजार रुपये की राशि से लाभान्वित किया जा चुका है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना भी प्रभावी रूप से लागू है। इस योजना के तहत जिले की लगभग 4 लाख 20 हजार महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में दी जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सामूहिक गतिविधियों और संवाद का मंच प्रदान करने के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 11 महतारी सदनों की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 8 का निर्माण पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाएंगे। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में 9 और महतारी सदनों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अधिकांश कार्य प्रगति पर हैं। महिलाओं और बालिकाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा बिलासा गर्ल्स कॉलेज मैदान में प्रदेश का पहला पिंक प्ले ग्राउंड विकसित किया गया है। लगभग 4 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से तैयार इस मैदान में एथलेटिक ट्रैक, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी मैदान, इंडोर जिम और मल्टीएक्टिविटी हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।मातृत्व और कार्य के बीच संतुलन के लिए वात्सल्य कक्ष महिलाओं के मातृत्व और कार्यस्थल के बीच संतुलन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्टोरेट परिसर में “वात्सल्य कक्ष” की शुरुआत की है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2025 को प्रारंभ किए गए इस कक्ष में महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित और स्नेहिल वातावरण उपलब्ध कराया गया है। यहां बच्चों के लिए खिलौने, शैक्षणिक सामग्री और आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बच्चों की देखरेख करती हैं, जिससे महिला कर्मचारी निश्चिंत होकर अपने कार्यों का निर्वहन कर पा रही हैं।इन योजनाओं और पहलों के माध्यम से बिलासपुर जिले में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक संबल, सामाजिक मंच और मातृत्व सम्मान मिलने से महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- 0- परितोष नहीं बता सके अपनी ही पत्नी का नाम, होली के गीतों को दिया सुमधुर स्वर, थिरके भीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सियान गुड़ी- दिव्यांग बालिका विकास गृह में शनिवार को रोचक स्पर्धाओं, संगीतमय प्रस्तुतियों और जबर्दस्त डांस नंबर के साथ होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा समिति के पदाधिकारियों की सहभागिता से आयोजित होली मिलन समारोह में रेपिड फायर गेम और एक शब्द को लेकर गाना गाकर सदस्यों ने एंजाॅय किया। होली के हिंदी और मराठी गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियों और शानदार डांस ने भी कार्यक्रम को खास बना दिया।अपने अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए युवा पीढ़ी को स्वतंत्र होकर कार्यक्रम संचालित करने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंडल की युवा पीढ़ी और नई समितियां समाजसेवा के कार्यों में आगे आ रही है। इनकी सहभागिता इस ओर इंगित करती है कि हम अपनी भावी पीढ़ी को उन संस्कारों को देने में सफल हो रहे है, जिन संस्कारों को हमें हमारे बुजुर्गों ने दिया है।मंडल सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि युवा समिति की प्रमुख डा. शुचिता देशमुख, प्रमुख अजय पोतदार, श्रुति सराफ, मेघा पोतदार और श्रावणी मुकादम ने होली मिलन की कमान संभाली। कार्यक्रम की शुरुआत म्यूजिकल गेम 'हर सदस्य को एक- एक पर्ची उठाकर उस पर लिखे एक शब्द पर आधारित गाना गाने से हुई। सभी ने पर्ची पर लिखे शब्द पर आधारित नये- पुराने फिल्मों के गाने गाए।रंगोत्सव की रोचकता को बनाए रखने के लिए रेपिड फायर राउंड काफी रोचक रहा। इसमें हर सवाल का उल्टा या गलत जवाब देना था। कुछ ने ठिठकर, तो कुछ ने तत्परता के साथ गलत जवाब दिया। इसके बाद निखिल मुकादम ने माउथ आर्गन से फिल्मी धुन बजाकर तालियां बटोरीं। वहीं प्रशांत बक्षी और राजेंद्र बोरकर ने गानों की सुमधुर प्रस्तुति देकर संगीतमय महौल बना दिया। दिव्या पात्रीकार और दीपांजलि भालेराव ने मराठी होली गीत ‘आज गोकुळात रंग खेळतो हरी... राधिके, जरा जपून जा तुझ्या घरी’ गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। अंत में सभी ने मिलकर एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया।बॉक्स: बुरे फंसे परितोष....संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर गलत जवाब देने वाले गेम में उस समय बुरी तरह फंसे, जब उनसे उनकी पत्नी का नाम पूछा गया। खेल के नियमानुसार सही जवाब दे नहीं सकते और गलत जवाब देकर किसी महिला का नाम ले नहीं सकते।इस मौके पर उपाध्यक्ष गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले, वरिष्ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले, दीपक पात्रीकर, विभिन्न समितियों के पदाधिकारी अभय भागवतकर, विनोद राखुंडे, अंजलि काले, सृष्टि दंडवते, संध्या खंगन, अक्षता पंडित, श्याम दलाल, अपर्णा कालेले, आकांक्षा गद्रे, प्रवीण क्षीरसागर, वैभव बर्वे, गौरी क्षीरसागर, भगीरथ कालेले, प्रिया बक्षी, कुंतल कालेले, रंजन मोड़क, पंकज सराफ, अतुल गद्रे, सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- सतनाम भवन कसारीडीह में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का हुआ आयोजनदुर्ग. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सतनाम भवन कसारीडीह में महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास समिति की प्रभारी श्रीमती शशि साहू उपस्थित रहीं।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेश की सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही महिलाओं को विशेष सम्मान दिया जाता रहा है। हमारी सनातन परंपरा में भी भगवानों के साथ माता का नाम पहले लिया जाता है, जो समाज में नारी के महत्व को दर्शाता है। मंत्री श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में महतारी वंदन योजना के तहत जिले की लगभग 52 हजार महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि आज मुख्यमंत्री बस्तर जिले से इस योजना की राशि का अंतरण करेंगे, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि यह योजना बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। इस योजना के तहत बच्चियों के नाम से बैंक खाता खोला जाता है, जिसमें नियमित बचत की जाती है। जब बच्ची 18 वर्ष की आयु पूर्ण करती है, तब उसे इस बचत का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इस योजना के तहत 0 से 5 वर्ष तक की बच्चियों के नाम से खाता खोलकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। मंत्री श्री यादव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नारी दुर्गावती योजना भी प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत बेटियों को उनके जन्म के समय ही जोड़ा जाएगा और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनके भविष्य को मजबूत आधार मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये की राशि सीधे जमा की जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 26 लाख से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिल सका है। मंत्री श्री यादव ने कहा कि महिलाओं और बेटियों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी संचालन, बच्चों की देखभाल और परिवार तथा समाज के विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा महिलाओं के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। महापौर ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। परिवार के स्वास्थ्य और देखभाल में महिलाओं की भूमिका अत्यंत अहम होती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की सेहत की मजबूत आधारशिला हैं। महिलाएं परिवार की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं और उनके सशक्त होने से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि महिलाओं की भूमिका हर क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज, संस्कृति और परंपरा में महिलाओं को सदैव सम्मान दिया गया है, जो दुनिया के कई अन्य देशों में देखने को नहीं मिलता। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जहां महिलाओं को लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ मतदान का अधिकार भी मिला है। उन्होंने बताया कि आजादी के समय देश में साक्षरता दर काफी कम थी, लेकिन आज शिक्षा के प्रसार के साथ साक्षरता कई गुना बढ़ चुकी है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि समाज की हर महिला चाहे वह छोटी बच्ची हो, युवा महिला हो या वृद्ध महिला सभी को योजनाओं का लाभ मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान उन्होंने एक श्लोक कहा-“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।इस दौरान महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायता मिली है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया और विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों को चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय साहू सहित विभागीय अधिकारी, पार्षद व जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
- दुर्ग. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह, दुर्ग में महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के आदेश के पालन में तथा माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के प्रेरणादायी विचारों से प्रेरित होकर आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश, अधिवक्ता, महिला पुलिस कर्मी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।इस कार्यशाला का उद्देश्य महिला कर्मचारियों, महिला पुलिस, अधिवक्ताओं तथा मितानिनों के योगदान को रेखांकित करना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही महिला सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता को बढ़ावा देना भी इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।कार्यक्रम के दौरान द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, दुर्ग ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण प्रदान करने तथा उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित करता है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), दुर्ग ने अपने संदेश में कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की कुछ पंक्तियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के अधिकार और कर्तव्यों को समझाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से समाज और न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील एवं सशक्त बनती है। साथ ही उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर दुर्ग अधिवक्ता संघ की महिला प्रतिनिधि ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और समान अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है और अधिवक्ता समुदाय महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम के अंत में सभी न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महिला सम्मान और समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह के सदस्यों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गुलाब का फूल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही महिला दिवस की थीम "Give to Gain" को प्रदर्शित करने के लिए एक सेल्फी जोन भी तैयार किया गया इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी, दुर्ग जिले की मितानिनें, अधिवक्ता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- 0- समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख और पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणारायपुर. जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेता है, तब नई पीढ़ी और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के पारागांव में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महतारी वंदन योजना को दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं और इस अवसर पर प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में योजना की 25वीं किश्त की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस समाज ने देश और प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के माध्यम से 2000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिल रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है और किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि होली पर्व के पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 के बजट में राज्य के सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने समाज के युवाओं से आग्रह किया कि जो बेटा-बेटी उद्यम करना चाहते हैं, वे राज्य की नई उद्योग नीति का अध्ययन करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री दीपक चंद्राकर (सिविल जज में चयनित), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (पीएससी में चयनित, वाणिज्यिक कर अधिकारी), डॉ. प्रीति करण चंद्राकर (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, कंप्यूटर एंड साइंस, एनआईटी रायपुर), डॉ. करण चंद्राकर (आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल एवं फाइबर इंजीनियरिंग में पीएचडी), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (इंडो-नेपाल टेस्ट सीरीज बॉल बैडमिंटन में गोल्ड मेडल), डॉ. दिव्या चंद्राकर एवं डॉ. राहुल चंद्राकर (एमबीबीएस, शासकीय चिकित्सालय महासमुंद) शामिल हैं।कार्यक्रम को केबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री ललित चंद्राकर तथा विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी संबोधित किया और समाज के संगठन, शिक्षा और सामाजिक विकास में योगदान की सराहना की। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
- 0- आदिम जाति विभाग के योजनाओं का मिला लाभ0- यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने पर विभाग द्वारा आगे की पढ़ाई के लिए दी गई थी एक लाख रुपए की सहायता0- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रीरामविचार नेताम और प्रमुख सचिवसोनमणि बोरा ने दी बधाईरायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र भैरमगढ़ के निवासी अंकित सकनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 816वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने परिश्रम, धैर्य और संकल्प के बल पर यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, मंत्री श्री रामविचार नेताम और विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अंकित के इस सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा ने चर्चा के दौरान बताया कि 24 वर्षीय अंकित सकनी का जन्म 04 जुलाई 2001 को ग्राम गुडमा, तहसील कुतु, जिला बीजापुर में हुआ। उनके पिता का नाम चंद्रिया सकनी तथा माता का नाम जमुना सकनी है। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर भैरमगढ़ में कक्षा 1 से 5 तक प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 6 से 8 तक अलोंस पब्लिक स्कूल तथा कक्षा 9 से 12 तक कृष्णा पब्लिक स्कूल रायपुर में अध्ययन किया, जहां उनका चयन विभाग की जवाहर उत्कर्ष योजना के अंतर्गत हुआ था। आगे की पढ़ाई उन्होंने भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक (2018-2022) के रूप में पूरी की।स्नातक के बाद वर्ष 2022 से अंकित लगातार यूपीएससी की तैयारी में जुटे रहे। उन्हें यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विभाग द्वारा उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी। इस आर्थिक सहयोग ने उन्हें मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी में महत्वपूर्ण सहायता दी, जिसका परिणाम अब अंतिम चयन के रूप में सामने आया है। अंकित सकनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के संघर्ष और सहयोग को दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर बीजापुर के विधायक श्री विक्रम मंडावी ने उन्हें सम्मानित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अंकित सकनी को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि विभाग की योजनाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अंकित सकनी की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है। इसी तरह धमतरी निवासी श्री डायमंड सिंह धु्रव को भी यूपीएससी की परीक्षा में बड़ी सफलता मिली हैं। श्री डायमंड सिंह धु्रव वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन में डीएसपी के पद पर पदस्थ है। वे आदिम जाति विकास विभाग के जवाहर उत्कर्ष योजना के तहत 6वीं से 12वीं तक वर्ष 2010 से 2017 तक रेडियड पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है।
- 0- मजदूरी और दोना-पत्तल बनाकर चला रही घर, योजना के 1000 रुपये से मिल रही बड़ी राहतरायपुर. जिंदगी कभी-कभी ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है, जहां हिम्मत ही सबसे बड़ा सहारा बन जाती है। रायपुर स्थित पुरानी बस्ती की श्रीमती नंदिनी यदु की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। पति के अचानक लकवाग्रस्त हो जाने के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना।नंदिनी बताती हैं कि उनके पति पहले एक निजी बैंक में गार्ड की नौकरी करते थे। परिवार की आय का यही मुख्य साधन था। लेकिन अचानक आए लकवे ने सब कुछ बदल दिया। पति काम करने की स्थिति में नहीं रहे और घर की आर्थिक स्थिति डगमगा गई।ऐसे कठिन समय में नंदिनी ने घर की जिम्मेदारी संभालते हुए मजदूरी शुरू कर दी। वे घर निर्माण के कार्य में मजदूरी करती हैं और जब काम नहीं मिलता तो दोना-पत्तल बनाकर कुछ आमदनी जुटा लेती हैं। उनकी मेहनत से घर का खर्च तो चलने लगा, लेकिन पति के इलाज और दवाइयों का खर्च हमेशा चिंता बना रहता था।नंदिनी कहती हैं कि महतारी वंदन योजना उनके लिए मुश्किल समय में सहारा बनकर आई है। योजना के तहत मिलने वाली प्रति माह 1000 रुपये की राशि से अब पति की दवाइयों और अन्य खर्चों में मदद मिल जाती है। नंदिनी के दो बच्चें है, तमाम कठिनाइयों के बीच भी नंदिनी अपने बच्चों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं और हर दिन संघर्ष करते हुए परिवार को संभाल रही हैं।वे भावुक होकर कहती हैं, “हजार रुपये भले ही किसी को कम लगें, लेकिन हमारे जैसे परिवार के लिए यह बड़ी राहत है। इससे हमें हर महीने थोड़ी आर्थिक सुरक्षा मिल जाती है।” नंदिनी ने बताया कि उनकी सास को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे वे अपनी दवाइयों का खर्च खुद उठा लेती हैं। इस तरह परिवार को हर महीने मिलने वाली राशि से मुश्किल समय में मजबूती मिल रही है। नंदिनी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि "विष्णु भैय्या की यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।"
- -अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कवर्धा में जिलास्तरीय महतारी वंदन कार्यक्रम में हुए शामिल-कबीरधाम की महिलाओं को 24 किश्तों में मिले 563.49 करोड़ रुपए-उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को उप मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर किया सम्मानितरायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना की 25 वीं किश्त की राशि बस्तर में आयोजित कार्यक्रम से जारी की। इस अवसर पर कवर्धा के वीर सावरकर भवन में महतारी वंदन सम्मेलन का आयोजन किया। इस आयोजन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं सांसद श्री संतोष पाण्डेय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुषमा बघेल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, सभापति श्रीमती सुष्मिता पटेल, श्री नितेश अग्रवाल, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम, श्रीमती मधु तिवारी, श्रीमती सुषमा चंद्रवंशी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी, पार्षदगण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विश्व महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सिर्फ आज ही नहीं हर दिन महिला दिवस है। समाज में जब भी कुछ सकारात्मक बदलाव लाना होता है इसकी शुरुआत महिलाओं से होती है। पुरातन काल और हजारों वर्षों से यह हमारी परम्परा है, जहां माताओं का स्थान समाज में सर्वोच्च है। हमारे देश में माताएं देवियों के रूप में पूजित हैं। आदि शंकराचार्य ने जब मंडन मिश्रा से शास्त्रार्थ किया था तो निर्णायक की भूमिका भी एक विदुषी महिला उभय भारती जो कि मंडन मिश्रा की पत्नी थी, उन्होंने निभाई थी।भारत में परिवर्तन के लिए महिला शक्ति को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को स्व रोजगार, उद्यमिता और सहकारिता से जोड़ते हुए लखपति दीदी के रूप आगे बढ़ाया जा रहा है। महतारी वंदन पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी योजना है। महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हर माह 1 हजार रुपए की राशि महिलाओं को मिल रही है। आज योजना की 25 वीं किश्त जारी हो रही है। यह राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। महिलाएं स्व रोजगार और उद्यमिता को अपनाकर आय अर्जित कर रही हैं। जिससे वे अपने बच्चों और घर परिवार से जुड़े आर्थिक जरूरतों की पूर्ति खुद करने में सक्षम हो रही हैं।उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के हाथ में योजना की राशि मिले और वे स्वयं अपने खाते से राशि निकाल सकें, इसके लिए हर पंचायत में अटल डिजिटल केंद्र खोल जा रहे हैं। जिससे महिलाओं को दूर शहरों में बैंक या सोसायटी तक जाना न पड़े। महिला स्व सहायता समूहों के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, यह विशेष रूप से महिलाओं के लिए ही होगा। इसका निर्माण क्लस्टर लेवल फेडरेशन स्तर पर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सदन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह नीति निर्धारण में महिलाओं की सहभागिता को बढ़ाएगा।राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे ने अपने सम्बोधन में कहा कि महिला एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज और देश की नींव तैयार करती है। माँ के रूप में महिला शक्ति अपने संतान को जो शिक्षा और सीख देती है वैसा ही उसका विकास होता है।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक जीवन स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। महतारी वंदन की राशि देने का वायदा किया था। सरकार बनने के बाद यह राशि जारी करने की शुरुआत की गईं अब तक 25 किश्त जारी की जा चुकी है।उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले की 2.48 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना से अब तक 24 किश्तों में 563.49 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।ये हुए सम्मानितउपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में श्रीमती गंगोत्री, श्रीमती यशोधरा मानिकपुरी, श्रीमती प्रीति सिंह परिहार, श्रीमती श्वेता शर्मा, श्रीमती पायल श्रीवास्तव, श्रीमती सरस्वती निषाद, श्रीमती चंद्र कुमारी, श्रीमती रंजना भट्ट, श्रीमती सुकून चंद्रवंशी, श्रीमती अनीता पाली, श्रीमती खुशबू, अनीता केसरवानी, रीना शर्मा, अश्वनी श्रीवास्तव, विवेका हैरिस, श्रीमती सरोज शर्मा, निकिता डड़सेना एवं संगीता साहू शामिल हैं। इसके साथ ही सामाजिक संस्था नई सोच नई राह नारी शक्ति टीम को भी समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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-महिलाओं ने 'आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी' के तहत नारी शक्ति को जागरूक करने का संकल्प लिया
रायपुर । अखिल विश्व गायत्री परिवार रायपुर के परिजनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गायत्री चेतना केंद्र बोरियाखुर्द में समाज सुधार में गायत्री परिवार की नारियों की भूमिका व दायित्व विषय पर विचार मंथन किया गया। गायत्री चेतना केंद्र बोरियाखुर्द की व्यवस्थापक श्रीमती अनोखी निषाद एवं श्रीमती पूर्णिमा साहू ने बताया कि महिलाओं ने 'आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी' के तहत नारी शक्ति को जागरूक करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं का मंगल तिलक करते हुए मंत्र दुपट्टा व श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
- -2000 से अधिक महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी, रायपुर में गूंजा राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति का संदेश-भारत की अविरल संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाने वाली भारत की महिलाएं हैं –उपमुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में “मैं भारत हूं” थीम पर भव्य बाइक-स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। मातृशक्ति की ऐतिहासिक भागीदारी से सजी इस रैली में 2000 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया और राष्ट्रभक्ति, अनुशासन तथा महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। यह रैली अपनी विशिष्टता और व्यापक सहभागिता के कारण गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज की गई।रैली का शुभारंभ माँ काली मंदिर से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ हुई। इसके बाद अखिल भारतीय धर्मजागरण समन्वय कार्यसमिति सदस्य श्री राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव और श्रीमती विभा अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली का नेतृत्व महिला पुलिस कर्मियों के अनुशासित दस्ते ने किया, जिसके पीछे हजारों महिलाएं हाथों में तिरंगा लिए उत्साहपूर्वक आगे बढ़ीं।यह रैली माँ काली मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए श्रीराम मंदिर, वीआईपी चौक पर संपन्न हुई। रास्ते भर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव और सह-संयोजिका तथा नगर निगम पार्षद डॉ. अनामिका सिंह के नेतृत्व में पूरे आयोजन का सफल संचालन किया गया।समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज में यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देने के लिए आज महिलाओं ने जो स्कूटी रैली निकाली वह गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गयी है यह हमारे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपने जीवन में अपनी बुआ अपनी मां अपनी पत्नी जैसी सशक्त महिलाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं पुरुषों से अधिक सहनशील और ज्यादा मजबूत होती हैं।उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंग को याद करते हुए कहा कि यदि आज भारत की संस्कृति शाश्वत है, इस अविरल संस्कृति और सभ्यता को कोई आगे लेकर जाने वाला है तो वह भारत की महिलाएं हैं। अगर जीजा बाई ना होती तो शिवाजी का अस्तित्व नहीं होता और कौशल्या माता के संस्कार से ही तो भगवान श्री राम का अस्तित्व है। हर कामियाब व्यक्ति के पीछे महिला का हाथ होता है।उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शासन की योजनाओं का लाभ लेकर लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक का सफर तय कर रहीं हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का भी कार्य कर रही हैं। महिलाओं के संकल्प के आगे कोई टिक नहीं सकता आज नक्सलावाद के नासूर को जड़ से मिटाने के लिए दिन रात पहाड़ों में रहकर कार्य करने वाली पुलिस विभाग की महिलाओं का भी उन्होंने अभिनंदन किया।गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकृत उद्घोषक सोनल शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक संदेश देने और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह स्कूटी रैली गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल की गई है, जो रायपुर और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।अखिल भारतीय धर्मजागरण विभाग के प्रमुख श्री राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संगठित मातृशक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति और संस्कृति की संरक्षक है। वहीं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में अग्रणी है और यह आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है।आयोजन की संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव ने कहा कि रायपुर की सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का यह जनसैलाब भारतीय नारी के राष्ट्रप्रेम और समर्पण का प्रमाण है। वहीं डॉ. अनामिका सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी पूर्ण है जब नारी मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विभिन्न महिला संगठनों ने इस आयोजन में सहभागिता की और सभी प्रतिभागियों को हेलमेट भी प्रदान किया गया। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और आदर्श नागरिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प लिया। हाथों में तिरंगा और “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ संपन्न हुई यह रैली महिला शक्ति, संस्कार और आत्मविश्वास का प्रेरक उदाहरण बन गई।
- रायपुर ।प्रदेश की पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने की दिशा में संस्कृति विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर संस्कृति विभाग अंतर्गत पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर द्वारा “जिला पुरातत्त्वीय संघों के निर्माण एवं कार्यविधियाँ” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 07 से 09 मार्च 2026 तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइन्स, रायपुर में आयोजित की जा रही है।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के गठन, उनके कार्य एवं दायित्वों को स्पष्ट करना तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला स्तर पर पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करने और स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यशाला के दौरान पुरातत्त्व, संग्रहालय प्रबंधन तथा विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इन सत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने जिलों में धरोहर संरक्षण से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।प्रथम तकनीकी सत्र में “संग्रहालयों के संचालन में जिला पुरातत्त्वीय संघों की भूमिका” विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रो. आर. एन. विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। उन्होंने अपने व्याख्यान में संग्रहालयों के सुचारु संचालन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में जिला स्तर के संगठनों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।इसके बाद आयोजित परिचर्चा सत्र में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा की। साथ ही उन्होंने कार्यान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर भी चर्चा की, जिन पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक और समाधानकारी सुझाव प्रस्तुत किए।पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय के संचालक श्री विवेक आचार्य ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को नई गति मिलेगी।कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पी.सी. पारख, प्रभात कुमार सिंह, डॉ. अरुंधति परिहार, श्रीमती रोशनी शर्मा, डॉ. वृषोत्तम साहू, प्रवीन तिर्की, डॉ. राजीव मिंज, विष्णु नेताम, समीर टल्लू, मुकेश जोशी, अमर भरतद्वाज, नूतन एक्का एवं अरुण निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -आज हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ रही है - विधायक श्री सिन्हामहासमुंद / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “हम हैं शक्ति, हम हैं नारी” थीम पर स्थानीय शंकराचार्य भवन में महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री दिशा दीवान, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, जनपद सदस्य श्रीमती विजय लक्ष्मी जांगड़े, पार्षद पीयूष साहू, चंद्रशेखर बेलदार, ईश्वरी भोई, रमेश साहू, महेंद्र सिक्का, संदीप घोष, साजन यादव, धर्मेन्द्र महोबिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूरे विश्व में भारत को माता का दर्जा दिया गया है और देश में छत्तीसगढ़ को महतारी कहा जाता है। यह गर्व की बात है कि सन 1955 में छत्तीसगढ़ से मिनीमाता लोकसभा की पहली महिला सदस्य बनीं। आज वर्तमान सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी भी महिला है और राज्य सभा में श्रीमती लक्ष्मी वर्मा जी जाने वाली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। पंचायतों में 50 प्रतिशत महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं और महासमुंद जनपद में 25 में से 19 सीटों पर महिलाएं निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की जड़ के समान हैं, जो अपने त्याग और समर्पण से परिवार और समाज को संवारती हैं। आज महिलाएं लखपति दीदी बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए रानी दुर्गावती योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत बेटी के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं लखपति दीदी बनकर नई पहचान बना रही हैं।नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाएं सशक्त हो रही हैं। सक्षम योजना के माध्यम से महिलाओं को ऋण की सुविधा मिल रही है तथा जिले में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा के पहल से महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नर्सिंग कॉलेज भी खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में कला और हुनर है, जिसे पहचानकर आगे बढ़ाना चाहिए।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध है।जनपद सदस्य श्रीमती विजयलक्ष्मी जांगड़े ने कहा कि महिलाएं समाज की वास्तविक शक्ति हैं। वे मां, बहन और पत्नी के साथ-साथ समाज के प्रति भी अपने दायित्वों का निर्वहन करती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने सपनों को जीवित रखने और संघर्ष से पीछे न हटने का आह्वान किया।इस अवसर पर डॉ. अभिलाषा ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एनीमिया, बुखार जैसी समस्याओं को हल्के में न लें और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकती है।कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, शिक्षा, पंचायत, वन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 100 से अधिक महिला अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी टीकवेंद्र जटवार, परियोजना अधिकारी शैल नाविक, पर्यवेक्षक अपर्णा श्रीवास्तव, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम के दौरान बस्तर में आयोजित मुख्यमंत्री महतारी वंदन वृहद सम्मेलन का सीधा प्रसारण भी उपस्थित लोगों द्वारा सुना गया।
- -आरंगी उपकेन्द्र की क्षमता वृद्धि से क्षेत्र के 17 गाँव के उपभोक्ता हुए लाभांवितमहासमुंद / महासमुंद जिले के सरायपाली संभाग के अंतर्गत आरंगी विद्युत उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि की गई। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने उपकेन्द्र में अधिक क्षमता के नए ट्रांसफार्मर को बटन दबाकर प्रारंभ किया। 33/11 केव्ही के आरंगी उपकेन्द्र की क्षमता अब 3.15 MVA से बढ़कर 5 MVA हो गई है। इससे पहले श्री कंवर ने सरायपाली संभाग के अंतर्गत राजपालपुर में 132/ 33 KV के प्रस्तावित नए उच्चदाब उपकेंद्र के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण विद्युत मांग भी बढ़ी है ऐसे में इस नए उच्च दाब उपकेन्द्र को दो साल के अंदर पूरा किया जाना है। श्री कंवर ने काम में तेजी लाने तथा उपकेन्द्र को जल्द पूरा करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा -निर्देश भी दिए। इस दौरान कार्यपालक निदेशक श्री जे एस नेताम भी मौजूद थे।आरंगी में उपकेन्द्र की क्षमता वृद्धि के अवसर पर उपस्थित उपभोक्ताओं एवं स्थानीय जनप्रतिधियों को संबोधित करते हुए एमडी श्री कंवर ने बताया कि अब पथरला और आरंगी वितरण केंद्रों के उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस उपकेन्द्र के अंतर्गत आने वाले 5 फीडर के 17 गांवों के 2000 उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली की आपूर्ति अधिक स्थिर होगी। इस अवसर पर स्थानीय सरपंच श्री भोजराज प्रधान ने एमडी श्री कंवर का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या होने के संबंध में सूचित किया गया था जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो दिन में ही उपकेन्द्र की क्षमता वृद्धि की गई।श्री कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेशभर में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार गर्मी के दिनों में विद्युत की संभावित मांग वृद्धि के अनुरूप सभी तैयारियों को सुनिश्चित किया जा रहा है।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने उपभोक्ताओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बहुत बड़ा अनुदान इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को दे रही है जिसका अधिकतम लाभ आमजन अवश्य लें। इस दौरान अधीक्षण अभियंता श्री वाय के मनहर , कार्यपालन अभियंता श्री महेश नायक, श्री टी के पटेल समेत क्षेत्रीय उपभोक्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन एवं आदेशानुसार नीति आयोग, भारत सरकार अंतर्गत संचालित आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत विकासखंड क्षेत्र में आईईसी प्रशिक्षण एवं जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम के अंतर्गत 09 मार्च से 16 मार्च 2026 तक ग्राम पंचायत सांकरा, भुरकोनी, लाखागढ़ एवं सलडीह में वृहद स्तर पर आईईसी प्रशिक्षण एवं शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देंगे। इस दौरान ग्रामीणों को डिजिटल लेन-देन एवं डीबीटी से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे और पारदर्शी तरीके से प्राप्त कर सकें।साथ ही सम्पूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों के लिए जन समस्या निवारण शिविर भी लगाया जाएगा, जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं संबंधित विभागों के समक्ष रख सकेंगे और उनका यथासंभव त्वरित निराकरण किया जाएगा। यह शिविर प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से आयोजित किए जाएंगे, जिसमें अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
- -मरीजों को मिलेगा विशेषज्ञ उपचारबिलासपुर / कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जुदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बिलासपुर में स्पाइन (रीढ़) से संबंधित रोगों के उपचार के लिए विशेष स्पाइन सर्जरी एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर 3, 4 और 5 अप्रैल 2026 को स्पाइन फाउंडेशन ऑफ इंडिया, मुंबई के सहयोग से आयोजित होगा।शिविर में देश के ख्यातिप्राप्त स्पाइन सर्जिकल विशेषज्ञ मरीजों की जांच, परामर्श और आवश्यकता अनुसार सर्जरी करेंगे। इस शिविर का उद्देश्य रीढ़ की हड्डी से संबंधित गंभीर समस्याओं से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। रीढ़ की हड्डी से संबंधित जिन मरीजों को कमर दर्द का पैरों तक फैलना, मल-मूत्र पर नियंत्रण न रहना, पैरों में झुनझुनी या सुन्नता, पैरों में कमजोरी, गर्दन का दर्द हाथों तक फैलना, स्कोलियोसिस अथवा रीढ़ की असामान्य वक्रता जैसी समस्याएं हैं, वे इस शिविर का लाभ ले सकते हैं।ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल अथवा सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सिम्स अस्पताल बिलासपुर के अस्थि रोग विभाग में रेफर किया जाएगा। यहां बुधवार और शनिवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच मरीजों की जांच कर शिविर के लिए चयन किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ.शुभा गरेवाल ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नोडल अधिकारी डॉ. रवि महोबिया (अस्थि रोग विशेषज्ञ) से मोबाइल नंबर 7667928802 पर संपर्क किया जा सकता है। file photo
- - बिलासपुर जिले के 1,00,308 किसानों को मिलेगा लाभ, खातों में आएंगे 2-2 हजार रुपयेबिलासपुर /भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की जाएगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा असम के गुवाहाटी से आयोजित कार्यक्रम में शाम 5 बजे देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि अंतरित की जाएगी।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम के दौरान देश के लगभग 9.32 करोड़ पात्र किसानों को 18,650 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।जिले में भी इस योजना का व्यापक लाभ किसानों को मिल रहा है। जिले के कुल 1,00,308 पात्र किसानों को इस किस्त का लाभ मिलेगा, जिनके बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि सीधे जमा की जाएगी। इससे जिले के किसानों को खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई थी, जिसके अंतर्गत पात्र कृषक परिवारों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। अब तक इस योजना के तहत देशभर के किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।इस अवसर को विशेष रूप से मनाने के लिए 13 मार्च 2026 को “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में भी मनाया जाएगा। इस दिन जिले के विभिन्न ग्रामों में किसान बैठकें, जागरूकता कार्यक्रम और वेबकास्ट के माध्यम से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसान इस कार्यक्रम से जुड़ सकें।कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने बताया कि जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी, आधार सीडिंग या बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं कराई है, वे जल्द से जल्द इसे पूरा कर लें, ताकि उन्हें योजना की आगामी किस्तों का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।किसानों से यह भी अपील की गई है कि वे योजना से संबंधित जानकारी के लिए नजदीकी कृषि कार्यालय, ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारी अथवा पीएम किसान संबंधित पोर्टल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग /अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को त्वरित राहत और न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महा जन-सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। दुर्ग संभाग की महा जनसुनवाई 11 मार्च 2026 को प्रेरणा सभाकक्ष जिला महिला एवं बाल विकास विभाग परिसर दुर्ग में आयोजित होगी।राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष जनसुनवाई में दुर्ग संभाग के सात जिलों के कुल 113 प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इनमें दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के मामले शामिल हैं।राज्य महिला आयोग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साढ़े पाँच वर्षों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 370 जनसुनवाई आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें करीब 8000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए इस बार संभाग स्तर पर महा जनसुनवाई अभियान चलाया जा रहा है।महा जनसुनवाई सुबह 10 बजे से शुरू होगी। जिन आवेदकों के प्रकरण सूचीबद्ध हैं, उन्हें स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। वहीं जो महिलाएं अब तक आवेदन नहीं कर पाई हैं, वे भी सुनवाई स्थल पर अपना नया आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।
- -ग्रामीणों को मिला रहा है रोजगार के अवसर-जशपुर के सुंदर और हरिभरी वादियों का पर्यटक ले रहे आनंदरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में भी पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। जिले में संचालित होमस्टे में बाहरी क्षेत्रों से पर्यटक पहुंच रहे हैं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा स्थानीय संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं।जिला प्रशासन भी ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों के कारण जशपुर के गांवों में स्थित होमस्टे धीरे-धीरे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए दो पर्यटक केरे स्थित महुआ होमस्टे में ठहरे थे। पर्यटकों ने यहां के शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य और गांव के सादगीपूर्ण जीवन का अनुभव किया। उन्होंने स्थानीय खान-पान और ग्रामीण आतिथ्य की भी सराहना की। वहीं मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आए चार पर्यटक देवोबरा (मयाली) स्थित बनफूल होमस्टे में ठहरे। इन पर्यटकों ने भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और गांव के माहौल को बेहद पसंद किया। ग्रामीणों द्वारा की गई आत्मीय मेहमाननवाजी उनके लिए खास अनुभव रही।स्थानीय होमस्टे में पर्यटक कार्तिकेय सिंह, कुसुम, अरविन्द पटेल,निधि , रोशन साहू प्रीति साहू आदि अन्य पर्यटकों के ठहरने के लिए सुविधा दी जा रही है। जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।
- बिलासपुर / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से महा जन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 10 मार्च 2026 को बिलासपुर संभाग स्तर पर महा जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी।आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक (कैबिनेट मंत्री दर्जा) की अध्यक्षता में गठित न्यायपीठ की उपस्थिति में यह जन-सुनवाई प्रातः 9 बजे से सभाकक्ष प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग, बिलासपुर में आयोजित होगी। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया एवं सुश्री दीपिका शोरी भी उपस्थित रहेंगी। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अधिनियम की धारा 10(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार बिलासपुर संभाग के जिलों से प्राप्त महिलाओं से संबंधित आवेदन एवं शिकायतों की सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही जन-सुनवाई में उपस्थित होकर पीड़ित महिलाएं नए प्रकरण भी दर्ज करा सकेंगी, जिन पर आयोग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि महा जन-सुनवाई सप्ताह 8 मार्च से 13 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न संभागों में महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई कर त्वरित समाधान का प्रयास किया जा रहा है। आयोग द्वारा महिलाओं से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु जन-सुनवाई में उपस्थित होकर लाभ उठाएं।
- -लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान-रंग पंचमी के अवसर पर महिलाओं ने खेली फूलों वाली होलीरायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के अवसर पर लोकभवन में महिला सम्मान समारोह और फूलों की होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, उद्यम और पत्रकारिता के क्षेत्र मेें उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाली महिलाएं शामिल हुई।इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आदिवासी विकास के क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और समाज के सभी लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा के लिए उनके योगदान की सराहना की। श्री डेका ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी है और मेरी सरकार अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हम सभी के लिए एक गौरवशाली दिन है। यह दिन महिला समानता की दिशा में कार्य करने प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए, हम सभी को एक ऐसे विश्व के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता है जहाँ सभी महिलाओं को सशक्त, सम्मानित और समावेशी बनाया जा सके।श्री डेका ने कहा कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का एक शक्तिशाली साधन है। इसलिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ विकसित की हैं। इनमें से कुछ हैं महतारी वंदन योजना, जो समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना का उद्देश्य लड़कियों को लाभ पहुँचाना है।इस अवसर पर स्पीकर के रूप में आमंत्रित डॉ. शम्पा चौबे ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए सबसे पहले अपनी मनःस्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। शिक्षिका रंजीता साहू ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने की यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज से हमें बहुत कुछ मिलता हैं उसे धीरे-धीरे कर समाज को लौटाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि लोकभवन के प्रति उनके मन में बहुत आदर है क्योंकि 2005 में उनके पति को तात्कालिक राज्यपाल श्री के. एम. सेठ ने शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था। इसलिए वे और उनके पति गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा की दिशा में काम कर रहे है। उन्होंने 12 लाख रूपए का बैंक लोन लेकर वनांचल क्षेत्रों में 162 स्कूलों में स्मार्ट टी.व्ही. के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के लिए काम किया। इसके अलावा गुल्लक कार्यक्रम चलाकर बचत हेतु प्रेरित किया। अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री नेहा यादव ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि उनकी मां ने एक सिंगल पैरेंट के रूप में उनका पालन पोषण किया। जबकि उनके जन्म के पहले ही पिता द्वारा त्याग दिए जाने के बाद उनके पास आय का कोई जरिया नहीं था फिर भी उन्होंने अकेले ही अपनी बेटी को अच्छी परवरिश दी और अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। कार्यक्रम में डॉ प्रीति सतपथी ने महिलाओं से जुडे़ आवश्यक कानूनों और अधिनियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर श्रीमती प्रदीपा प्रसन्ना ने वनांचल क्षेत्रों में कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाएं संघर्ष करते हुए भी मजबूती से अपने घर और समाज के विकास में योगदान दे रही हैं, जो प्रेरणादायक है।राज्यपाल के गोद ग्राम से आए सोनपुरी जिला खैरागढ़ की श्रीमती निलेश्वरी वर्मा, श्रीमती सोहद्रा पाल, ग्राम बिजली गरियाबंद की श्रीमती हेम कुमारी निषाद, श्रीमती पुरईन निषाद, ग्राम टेमरी जिला बेमेतरा की श्रीमती रितु देवांगन, श्रीमती पूजा घृतलहरे का सम्मान किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, धरसींवा श्रीमती अनुबाला चक्रवर्ती, BETEO तिल्दा सामुदायिक विकासखण्ड अधिकारी सुश्री शिखा कुशवाहा, अस्पताल परिचालक AIIMS श्रीमती आरती देवांगन, श्रीमती माधूरी बरवा, महिला बाल विकास, निमोरा की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती रामवती साहू, महिला बाल विकास, तुता की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती लक्ष्मी यादव, नगर निगम, रायपुर सुपरवाईजर श्रीमती पिंकी तांडी, श्रीमती वर्षा तांडेकर, पं. रविशंकर शुक्ल विवि, रायपुर की कर्मचारी टी मोहिनी, कलेक्टोरेट, रायपुर ज्योति साहू, पूनम सिंह ठाकुर, सुजाता शेष, रूद्राणी सिंह राजपूत, डॉ. प्रीति सतपथी, लोकभवन कर्मचारी कुसुम मानिकपुरी, अन्नपूर्णना महोबिया, श्यामा वर्मा, महिला आरक्षक को सम्मानित किया गया। इस अवसर राज्यपाल ने जी. एस. टी. से संबंधित ई-बुक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक श्रीमती सोनालिका शुक्ला ने किया। लोकभवन में आयी महिलाओं ने रंग पंचमी के अवसर पर फूलों वाली होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर महिला बाल विभाग द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना एवं लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर प्रेस क्लब में महिला पत्रकारों का सम्मान, ‘पिंक रूम’ का उद्घाटनरायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर प्रेस क्लब में WO मन उत्सव 2026 के अंतर्गत मीडिया महिला शक्ति संगम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला पत्रकार शामिल हुईं। कार्यक्रम में कलमकार नारी थीम के तहत महिला पत्रकारों के लिए विभिन्न प्रेरक और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जनता कांग्रेस जोगी की नेत्री रेणु जोगी तथा एएसपी अर्चना झा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने महिला पत्रकारों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में महिला पत्रकार समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाकर सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि महिला पत्रकार समाज की आवाज को मजबूती से सामने लाने का काम कर रही हैं और ऐसे आयोजन महिलाओं को प्रेरणा देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। राज्यसभा सदस्य फूलो देवी नेताम ने कहा कि मीडिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता को मजबूत बनाती है।रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं और पत्रकारिता में उनका योगदान शहर और समाज के विकास की दिशा तय करने में अहम है। जनता कांग्रेस जोगी की नेत्री रेणु जोगी ने महिला पत्रकारों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महिला पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं एएसपी अर्चना झा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज की साझा जिम्मेदारी है और मीडिया इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई के अंतर्गत महिला पत्रकारों के बीच आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए विजेता और उपविजेता टीमों को 21-21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों के लिए बनाए गए नवनिर्मित ‘पिंक रूम’ का उद्घाटन भी किया और इसे महिला पत्रकारों के लिए बेहतर कार्य वातावरण की दिशा में सराहनीय पहल बताया।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी, डांस प्रतियोगिता और टैलेंट कॉन्टेस्ट जैसे आयोजन भी किए गए। डीजे की धुन पर महिला पत्रकार अतिथियों के साथ थिरकती नजर आईं। महिलाओं से जुड़े लोकप्रिय गीतों पर माहौल उत्साह और उल्लास से भर गया, जहां महिला पत्रकार खुद को नाचने-गाने से रोक नहीं पाईं और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।कार्यक्रम में आयोजित, प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में ज्योति ठाकुर, अमृता शर्मा,आकांक्षा दुबे, आकांक्षा शर्मा, विनीत मंडल, रेखा, वर्षा यादव और मोनिका को पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब द्वारा क्राउन पहनकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव श्रीमती निवेदिता साहू, श्री भूपेश जांगड़े प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनिल पुसदकर, प्रकाश शर्मा, पूर्व महासचिव संदीप पुरानिक, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, गोकुल सोनी, प्रदीप दुबे, जाकिर घुरसेना, व्यास पाठक, प्रिया पाठक, कौशल तिवारी, प्रदीप डढ़सेना, नरेंद्र बंगाले, राजेंद्र निगम सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ और महिला पत्रकार उपस्थित रहे।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला पत्रकारों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और सम्मान का सकारात्मक संदेश भी/
- रायपुर/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने नगर निगम जोन 8 के महोबा बाजार स्थित जोन कार्यालय परिसर में नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल सहित मिलकर नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत 15 स्वच्छता दीदियों और जोन 8 स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत सेवारत 50 महिला सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को सराहते हुए उन्हें मंच पर बुलाकर नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित किया और महिला सफाई कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनायें दीं. इस दौरान मंच पर नगर निगम जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा एवं श्री बंजारे की उपस्थिति रही.इस अवसर पर महिला सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ओर महिला स्वसहायता समूहों की स्वच्छता दीदियों ने नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान किया.साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की उन्हें हार्दिक शुभकामनायें स्वच्छता दीदियों और महिला सफाई कर्मचारियों ने दी.
- स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमनरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दीर्घ सामाजिक-राजनीतिक जीवन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और विशेष रूप से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी के विचार, उनके आदर्श और सेवा का भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने में स्वर्गीय जूदेव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में आत्मगौरव की भावना सशक्त हुई और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार हुआ।इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- लगातार आयोजन का 47 वां वर्षरायपुर। विधानसभा क्षेत्र आरंग के अधीन आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में तीन दिनी अखंड मानस गान सम्मेलन का आयोजन आसन्न 10 मार्च से प्रारंभ होने जा रहा है जिसका समापन 13 मार्च को होगा । बीते 46 वर्षों से ग्राम के ग्रामीणों के सहयोग से जय बजरंग मानस मंडली द्वारा लगातार किये जा रहे आयोजन का यह 47 वा वर्ष होगा ।इस सम्मेलन में शिरकत करने वाले मानस मंडली में 5 व इससे अधिक सदस्य होना अनिवार्य है और ऐसे मंडलियों को रामायण सेवा समिति द्वारा 501 रुपये प्रोत्साहन राशि व फोटो फ्रेम दिया जावेगा । आयोजन के लिये गठित समिति के अध्यक्ष गोवर्धन वर्मा , उपाध्यक्ष डॉ केजूराम वर्मा , सचिव सालिकराम वर्मा, उपसचिव नंदकुमार साहू , कोषाध्यक्ष श्रीराम वर्मा , उपकोषाध्यक्ष गिरवर नायक व सदस्य खोमलाल वर्मा , मनोहर वर्मा , गुलशन पटेल , छेदन वर्मा , विशाल वर्मा , खेलावन वर्मा , चंद्रिका वर्मा , भरत साहू, भरत वर्मा व अशोक वर्मा शामिल हैं ।
















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