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- -पोषण तत्वों के साथ ही रोजगार के अवसरों की दी जानकारीरायपुर /एनआईएफ़टीईएम के छात्रों ने मोटे अनाज में पाए जाने वाले फ़ाइबर, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स के महत्व के साथ ही इनके नियमित उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को मोटे अनाज आधारित उत्पादों से होने वाली आमदनी और बाज़ार संभावनाओं के बारे में भी बताया गया।हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट द्वारा महुआ पर स्थापित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में विगत दिवस मोटे अनाज के पोषण तत्वों और इनके उपयोग से बेकरी उत्पाद बनाने संबंधी हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग आयोजित की गई। इस प्रशिक्षण में स्व सहायता समूह की 25 महिलाओं ने सहभागिता की।मोटे अनाज का उपयोग बढ़ाकर पोषण स्तर में करना है वृद्धिकार्यक्रम का उद्देश्य नान खटाई, न्यूट्रीबार, कुकीज़ जैसे बेकरी आइटम्स में मोटे अनाज का उपयोग बढ़ाकर इनके पोषण स्तर में वृद्धि करना और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।स्थानीय समुदायों को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से है जोड़नाजशपुर में एनआईएफ़टीईएम टीम वैल्यू-एडेड फ़ूड प्रोडक्ट्स के उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। यह पूरी पहल स्थानीय समुदायों को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत की जा रही है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. प्रसन्ना कुमार जी.वी. और श्री अभिमन्यु गौर कर रहे हैं, जबकि यह कार्यक्रम एनआईएफ़टीईएम के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के निर्देशन में संचालित हो रहा है। कार्यक्रम के संचालन और विभिन्न गतिविधियों के समन्वय में मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद और जय जंगल एफपीसी जशपुर के डायरेक्टर श्री समर्थ जैन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- - विश्व एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जागरूकता सप्ताहरायपुर । पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के फार्माकोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।फार्माकोलॉजी विभाग के लेक्चर हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एंटीबायोटिक का तर्कसंगत (Rational) उपयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि एंटीबायोटिक का अनुचित या बिना आवश्यकता के प्रयोग किया जाता है, तो रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब की गई दवा को निर्धारित अवधि तक ही लेना चाहिए, तभी दवा प्रभावी रहती है।फार्माकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. उषा जोशी ने बताया कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) वह स्थिति है जब बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी जैसे सूक्ष्मजीव, दवाओं (जैसे - एंटीबायोटिक्स) के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का इलाज करना मुश्किल या असंभव हो जाता है। इसी उद्देश्य को लेकर एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस अवेयरनेस वीक हर वर्ष 18 से 24 नवंबर के बीच मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ते एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और संक्रमण नियंत्रण के सर्वोत्तम तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एंटीमाइक्रोबियल स्टीवर्डशिप एक समन्वित कार्यक्रम है, जो एंटीमाइक्रोबियल के उचित उपयोग को बढ़ावा देता है, मरीजों के उपचार परिणामों में सुधार करता है तथा मल्टीड्रग रेजिस्टेंस जीवों के प्रसार को रोकने में सहायक है।एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिखा जायसवाल ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के विभिन्न कारणों और उसके बचाव के तरीकों के बारे में बताया। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से डॉ. रूपम गहलोत ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के वैश्विक भार (Global burden) के बारे में बताया। उन्होंने कहा समय रहते इस दिशा में सकरात्मक प्रयास नहीं किया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही एंटीबायोटिक की विकास यात्रा के बारे में संक्षिप्त विवरण दिया।कार्यक्रम में डॉ. ओंकार खंडवाल, डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. नेहा श्रीवास्तव, डॉ. माया रामटेके, डॉ. संदीप अग्रवाल एवं पीजी डॉक्टरों सहित विभिन्न कक्षाओं के 250 से अधिक एमबीबीएस छात्र- छात्रा मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंत में एंटीबायोटिक के सीमित एवं तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने हेतु सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाई गई। इसी कड़ी में चिकित्सा छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज़ और स्लोगन कंपटीशन का आयोजन किया गया, जिसका समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।
- रायपुर। खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान है, बल्कि यह भारत की विविध कला-पद्धतियों का जीवंत केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि यहां की संस्कृति रामायण काल से भी प्राचीन है। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में कला के प्रति प्रेम और संरक्षण की प्रेरणा जगाते हैं तथा कलाकारों को अपने हुनर के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।समारोह में विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खैरागढ़ भारत की कला-राजधानी के रूप में उभर रहा है और यह महोत्सव आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त करेगा।इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि खैरागढ़ महोत्सव विद्यार्थियों की साधना, सृजनशीलता और कला-अनुसंधान का सशक्त मंच है तथा विश्वविद्यालय भविष्य में राष्ट्रीय कला केंद्र के रूप में स्थापित होगा। समारोह में नृत्य संकाय के विद्यार्थियों ने कथक, भरतनाट्यम व ओडिसी नृत्य की सधी हुई प्रस्तुतिया दी। कोलकाता से आए मशहूर सरोदवादक उस्ताद सिराज अली खान और लंदन के तबला वादक पंडित संजू सहाय की जुगलबंदी ने संगीतमय वातावरण रचा। पंडित संजू सहाय के द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी गई। पुणे की प्रख्यात कथक नृत्यांगना विदुषी शमा भाटे एवं उनके समूह ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दी । राजनांदगांव की लोकगायिका श्रीमती कविता वासनिक एवं उनके दल ने लोकसंगीत अनुराग धारा की प्रस्तुति दी।
- राजनांदगांव । राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत पंजीकृत निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण कर राज्य नोडल एजेंसी को जांच प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए है। प्राप्त निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग की गठित जांच टीम द्वारा जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान व्याप्त कमियों के आधार पर अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसके पश्चात अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव को पत्र प्रेषित कर सभी कमियों को पूर्ण करा लेने एवं भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होने हेतु आश्वस्त कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग जांच टीम द्वारा पुन: जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजनांतर्गत प्राप्त कमियों के अतिरिक्त अन्य अनियमितता पायी गई।जिला स्तरीय गठित टीम द्वारा प्राप्त कमियों के आधार पर जांच प्रतिवेदन तैयार कर जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत पंजीयन 6 माह हेतु निलंबित किए जाने के संबंध में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य नोडल एजेंसी की ओर आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुशंसा पत्र प्रेषित किया गया था। जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा प्रेषित जांच प्रतिवेदन के आधार पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य नोडल एजेंसी रायपुर से प्राप्त अनुमोदन पश्चात अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्टेडियम रोड बसंतपुर राजनांदगांव को जारी पत्रानुसार योजना के दिशा-निर्देशानुसार अस्पताल द्वारा योजनांतर्गत नेवो-नाटाल केयर पैकेज अंतर्गत एनआईसीयू में किए गए चारों प्रकरण को निरस्त करते हुए अस्पताल का योजनांतर्गत पंजीयन आगामी 6 माह के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव को निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में उपयोग की जाने वाली योजना संबंधी समस्त प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने एवं योजनांतर्गत नये क्लेम प्रकरण पंजीकृृत नहीं करने हेतु भी निर्देशित किया गया है।
- - किसान जानीवाकर को ऑनलाईन टोकन और इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से धान विक्रय करना हुआ आसान- जानीवाकर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को कहा थैंक्यू- किसान कुंवर सिंह ने धान खरीदी केन्द्र में किसानों को मिल रही सहूलियत और मूलभूत सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की- किसानों ने आसान एवं पारदर्शिता से धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति व्यक्त किया आभारराजनांदगांव । राज्य शासन के समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों से 3100 रूपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदने एवं धान उपार्जन केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं और पारदर्शितापूर्वक तौलाई एवं शीघ्र भुगतान से जिले के किसानों में उत्साह है। जिले के किसान अपने-अपने क्षेत्र के धान उपार्जन केन्द्र में अपनी उपज को विक्रय करने के लिए उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं। डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम जंगलपुर के किसान श्री जानीवाकर साहू ने बताया कि वे साढ़े 35 क्विंटल धान बिक्री करने आए हैं। उन्होंने बताया कि वे ऑनलाईन मोबाईल एप्प टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से टोकन कटाया था, जिससे उन्हें धान विक्रय करने में आसानी हुई है। टोकन कटाने के लिए धान उपार्जन केन्द्र का चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ पारदर्शितापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को थैंक्यू कहा।इसी तरह ग्राम जंगलपुर के किसान श्री कुंवर सिंह साहू ने बताया कि उनके पास 3.51 एकड़ खेती जमीन है और 156 कट्टा धान बेचने आज धान उपार्जन केन्द्र रामपुर आए हैं। किसान श्री कुंवर ने शासन के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि धान बेचना बहुत आसान हो गया है। धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सहूलियत पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आ रही है। धान उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए छांव, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि डोंगरगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र रामपुर के अंतर्गत रामपुर, बनभेंडी, जंगलपुर, कोटरासरार, चमारराय टोलागांव, मोहभ_ा, घोरदा, बुद्धूभरदा, कविराज टोलागांव, बनहरदी, किरगी-ब कुल 11 गांवों के किसानों से धान खरीदी की जा रही है। खरीदी केन्द्र में ऑनलाईन टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से टोकन कटवाकर किसान धान विक्रय करने आ रहे हैं। किसानों को यह जानकारी दी जा रही है कि किसान अपनी टोकन पर्ची, ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, बैंक का पासबुक की प्रति लेकर आए। धान उपार्जन केन्द्रों में मोटा, सरना एवं पतला धान की खरीदी की जा रही है।
- - अब तक कुल 30 प्रकरणों में 1 करोड़ 13 लाख 21 हजार 200 रूपए मूल्य के 3652 क्विंटल अवैध धान एवं 2 वाहन किया गया जप्तराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा शुक्रवार को कुल 9 प्रकरणों में 57 लाख 28 हजार 800 रूपए मूल्य के 1848 क्विंटल (4620 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 30 प्रकरणों में 1 करोड़ 13 लाख 21 हजार 200 रूपए मूल्य के 3652 क्विंटल (9130 बोरा) अवैध धान एवं 2 वाहन जप्त किया गया है।प्राप्त जानकारी अनुसार शुक्रवार को राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 6 प्रकरणों में 54 लाख 87 हजार रूपए मूल्य के 1770 क्विंटल (4425 बोरा) अवैध धान, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 1 प्रकरण में 49 हजार 600 रूपए मूल्य के 16 क्विंटल (40 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 2 प्रकरणों में 1 लाख 92 हजार 200 रूपए मूल्य के 62 क्विंटल (155 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 19 प्रकरणों में 73 लाख 43 हजार 900 रूपए मूल्य के 2369 क्विंटल (5923 बोरा) अवैध धान, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 7 प्रकरण में 30 लाख 90 हजार 700 रूपए मूल्य के 997 क्विंटल (2493 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 4 प्रकरणों में 8 लाख 86 हजार 600 रूपए मूल्य के 286 क्विंटल (715 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है।कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
- - किसानों ने की धान उपार्जन केन्द्रों में सुविधाओं की प्रशंसा- विगत वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि से किसान श्री राजू ने लिया नया ट्रैक्टर, बना रहे नया घर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को कहा शुक्रियाराजनांदगांव । जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू तरीके से चल रहा है। अन्नदाता किसानों का धान समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने से किसानों में हर्ष व्याप्त है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। ग्राम गोडरी के किसान श्री राजू लाल साहू शुक्रवार को धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी में धान बिक्री के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि उनके पास 17 एकड़ भूमि है। आज वे 88.80 क्विंटल धान बिक्री के लिए लेकर आए है। टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप से ऑनलाईन टोकन होने से उनको बहुत सुविधा हुई है। उन्होंने कहा कि एक एकड़ में सब्जी की खेती भी कर रहे है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा स्प्रिंकलर के लिए अनुदान भी मिला है। विगत वर्ष धान की बिक्री से बहुत फायदा हुआ और उन्होंने एक नया ट्रैक्टर खरीदा है तथा नया घर बना रहे है। किसान श्री राजू लाल साहू ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिल रहा है और बचत भी हो रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को शुक्रिया कहा।उल्लेखनीय है कि धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी अंतर्गत अर्जुनी, केसला, गोडरी, पैरी, मेढ़ा, सालिक झिटि, सिंगारपुर, सुखरी ग्राम के 1641 कृषक पंजीकृत कृषक है। धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी में आज मोटा, पतला एवं सरना धान बिक्री के लिए लाया गया था। कुल 1817 क्विंटल धान की खरीदी की गई, जिससे 45 कृषक लाभान्वित हुए। जिनके द्वारा टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी में धान की बिक्री की जा रही है। धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रोनिक तौल मशीन, पर्याप्त संख्या में बारदाने की उपलब्धता, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाइस मशीन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था की गई थी। जिसके लिए किसानों ने प्रशंसा जाहिर की। धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की दर की सूची लगाए गए हंै। किसान लगातार टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन प्राप्त कर रहे हैं।
- - समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी से किसानों की आर्थिक जरूरतें हो रही पूरी- विगत वर्ष धान बिक्री की प्राप्त राशि से किसान सेवक दास ने अपनी बेटी का किया विवाह, इस वर्ष करेंगे अपने पुत्र की शादी- किसान श्री सेवक दास धान खरीदी केन्द्र रामपुर में इलेक्ट्रानिंक तौल मशीन और पारदर्शिता के साथ धान खरीदी से हुए प्रसंन्नराजनांदगांव । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा धान खरीदी से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है और अपने जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। डोंगरगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र रामपुर में ग्राम जंगलपुर के किसान श्री सेवक दास साहू धान विक्रय करने पहुंचे थे। उन्होंने ऑनलाईन माध्यम से धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया था। जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।किसान श्री सेवक दास ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में उन्होंने 50 क्विंटल धान की बिक्री की है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र रामपुर में धान खरीदी पूरी पारदर्शिता से किया गया हैं। इलेक्ट्रानिक मशीन से धान खरीदी कार्य तेजी से हो पाया और समय कम लगा है। धान खरीदी में किसानों के लिए अच्छी व्यवस्थाएं की गई है। किसान श्री सेवक ने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसानों की आर्थिक जरूरतें पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने अपनी बेटी का विवाह किए थे और इस वर्ष अपने पुत्र की शादी करने के लिए सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील सरकार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए एक-एक दाना खरीद रही है, जिससे किसानों को अच्छा प्रतिफल मिल रहा है। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से किसान जागरूक हो रहे है और किसानों के जीवन स्तर का उन्नयन हुआ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
- -पूवर्ती सहित कई गांवों में इंटरनेट व बैंकिंग सेवाएँ अब ग्रामीणों की पहुँच मेंरायपुर । नियद नेल्लानार योजना से सुकमा जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी गांवों में बुनियादी सुविधा और शासकीय योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ आम जनता को सुलभ होने से गांवों और ग्रामीणों की तस्वीर संवरने लगी है। सुकमा जिले के दूरस्थ गांवों में कलेक्टर के मार्गदर्शन में लगातार सुविधा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन की यह पहल से ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो वर्षों से मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे थे।सुरक्षाबलों द्वारा दो दिन पहले न्यूट्रलाइज किए गए नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी जिला प्रशासन द्वारा बीते दिनों सुविधा शिविर लगाकर ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसी दौरान पुवर्ती की निवासी श्रीमती मड़कम हान्दा ने शिविर में उपस्थित बीसी सखी की सहायता से आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से महतारी वंदन योजना की 1000 रुपए पाकर प्रसन्नता जताई और इसके लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।पूवर्ती सुविधा शिविर में कुल 21 ग्रामीणों को आधार कार्ड के माध्यम से 43 हजार रुपए की राशि निकालकर दी गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ, दुर्गम और संचारविहीन क्षेत्रों में लोगों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इस दिशा में पूवर्ती कैंप में जियो नेटवर्क का स्थापित होना एक बड़ी उपलब्धि है। नेटवर्क विस्तार से अब पूवर्ती ही नहीं, बल्कि चिमलीपेंटा, तुमलपाड़, जोनागुड़ा, सिंगाराम तथा टेकलगुड़े जैसे आसपास के अंदरूनी गांव भी संचार सुविधा से जुड़ गए हैं। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट मिलने से ग्रामीण पहली बार अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं। साथ ही डिजिटल बैंकिंग, आधार आधारित लेनदेन और ऑनलाइन सेवाएँ भी अब उनकी पहुँच में हैं।शासन और जिला प्रशासन की सामूहिक पहल से दूर-दराज के वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क, इंटरनेट और बैंकिंग जैसी मूलभूत सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। इन सुविधाओं के कारण ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगा है, जो उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर। भोरमदेव अभयारण्य के चिल्फी परिक्षेत्र में दो इंडियन बायसन/गौर (अनुसूची-1) के अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने बहनाखोदरा क्षेत्र में विद्युत करंट बिछाकर दोनों वन्यप्राणियों को मार दिया और बाद में उनका मांस काटकर आपस में बाँट लिया।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वन अपराध प्रकरण 18 नवम्बर का पंजीबद्ध किया गया। जाँच के दौरान वन अमले ने साक्ष्य जुटाकर पांच अपराधी अन्तू पिता गौतर बैगा, सखुराम पिता रामासिंह बैगा, सोनेलाल पिता सुखराम बैगा, कमलेश पिता चमरू यादव और इन्दर पिता शतुर बैगा को 19 नवम्बर को गिरफ्तार किया। सभी को न्यायालय में प्रस्तुत कर 14 दिन की रिमांड का आवेदन किया गया है, ताकि मामले की विस्तृत जाँच हो सके।गौरतलब है और इस अपराध की बारीकी से जाँच के लिए अचानकमार टाइगर रिज़र्व, लोरमी से विशेष डॉग-स्क्वॉड टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिनकी मदद से पूरी कार्रवाई और मजबूत हुई। इस पूरे अभियान में स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग दिया। उल्लेखनीय है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन्य अपराध में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिसके परिपालन में वनमंडलाधिकारी कवर्धा श्री निखिल अग्रवाल और भोरमदेव अभयारण्य के अधीक्षक के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अभयारण्य क्षेत्र में निगरानी और कड़ी की जा रही है। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी वन अमले को दें।
- - वन मंत्री ने अचानकमार टाइगर रिज़र्व का किया भ्रमणरायपुर। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को बिलासपुर जिले में स्थित देश के प्रमुख संरक्षित क्षेत्र अचानकमार टाइगर रिज़र्व का भ्रमण किया। यह क्षेत्र अपनी घनी हरियाली, स्वच्छ जलधाराओं और समृद्ध वन्यजीवन के कारण प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा अनुभव प्रदान करता है। वन मंत्री श्री कश्यप ने जंगल के भीतर विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया और वहाँ की जैव-विविधता, वन संरक्षण कार्यों तथा वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अचानकमार टाइगर रिज़र्व छत्तीसगढ़ की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जहाँ वन विभाग द्वारा संरक्षण एवं संवर्धन कार्य लगातार प्रभावी रूप से किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी जागरूक किया जाए, ताकि वन क्षेत्र की सुरक्षा और मजबूत हो सके।राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित गोंड चित्रकला कलाकार सुश्री रागिनी ध्रुव ने वन मंत्री से सौहार्दपूर्ण भेंट की। उन्होंने अपनी विशिष्ट गोंड कला शैली में बनाई गई एक सुंदर पेंटिंग मंत्री श्री कश्यप को समर्पित की। वन मंत्री ने इस सम्मान के लिए कलाकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला हमारी सांस्कृतिक पहचान है और इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष स्थान प्राप्त है।मंत्री श्री कश्यप ने आगे कहा कि प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत दोनों ही राज्य की ताकत हैं। इनका संरक्षण और प्रोत्साहन शासन की प्राथमिकता है। अचानकमार टाइगर रिज़र्व के अधिकारियों ने मंत्री को वन क्षेत्र में की जा रही योजनाओं, वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था, ईको-टूरिज्म गतिविधियों और समुदाय आधारित संरक्षण कार्यक्रमों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।भ्रमण के दौरान का पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक रहा, जिसमें प्रकृति की सुंदरता, वन संरक्षण और
- रायपुर ।मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के केल्हारी क्षेत्र में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। शासन की किसान-केंद्रित नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और सुविधा-संपन्न उपार्जन केंद्रों ने किसानों के मन में भरोसा जगाया है। उन्हीं किसानों में से एक हैं केल्हारी निवासी किसान गुलसेर, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी प्रक्रिया ने वास्तव में उनके जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाला है।किसान गुलसेर आज 40 क्विंटल धान लेकर धान उपार्जन केंद्र पहुँचे। उन्होंने बताया कि मंडी में प्रवेश करने से लेकर तौल-कांटा तक की पूरी प्रक्रिया बेहद सुव्यवस्थित रही। बारदाना की उपलब्धता पर्याप्त रही, जिससे किसी भी तरह की भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। तौल प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज और सटीक रही, जिससे समय की बचत हुई। वे बताते हैं कि मंडी में पेयजल की उचित व्यवस्था, प्रतीक्षारत किसानों के लिए छाया और बैठने की सुविधाएँ, तथा कर्मचारियों का सहयोगपूर्ण व्यवहार किसानों की सुविधा को और बढ़ाता है। गुलसेर ने स्वीकार किया कि इस वर्ष उन्हें किसी भी चरण में असुविधा या भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।गुलसेर ने समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी को किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य को किसान हित में बेहद महत्वपूर्ण निर्णय कहा। उनके अनुसार, इस दर ने किसान परिवारों के आय में स्थिरता और भरोसा पैदा किया है। “सरकार ने किसानों के मेहनत का सही मूल्य सुनिश्चित किया है। इस बार समर्थन मूल्य ने हम सभी को उत्साहित किया है,” - गुलसेर ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा।इस वर्ष टोकन प्रणाली ने किसानों की परेशानी काफी हद तक कम की है। गुलसेर का टोकन समय पर कट गया, जिससे न तो प्रतीक्षा करनी पड़ी और न ही विक्रय प्रक्रिया में कोई विलंब हुआ। पारदर्शिता से भरी इस व्यवस्था ने किसानों में विश्वास पैदा किया है कि उनकी बारी और अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पहले कई बार टोकन प्राप्त करने और समय पर कटने में समस्याएँ आ जाती थीं, जिससे मंडी पहुँचने के बाद भी घंटों इंतजार करना पड़ता था। परंतु इस बार ऑनलाइन व्यवस्था और अनुशासित कार्यप्रणाली ने इस समस्या का समाधान किया है।किसान गुलसेर ने उच्च स्तर पर की गई व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों के लिए जो नीतियां और सुविधाए लागू की जा रही हैं, वे न केवल वर्तमान फसल सीजन बल्कि किसानों के भविष्य को भी अधिक सुरक्षित और उज्ज्वल बना रही हैं। “मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से हमें यह अनुभव हुआ कि सरकार सचमुच किसानों के साथ खड़ी है।”केल्हारी उपार्जन केंद्र में केवल गुलसेर ही नहीं बल्कि अनेक किसानों ने बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था ने मंडी का माहौल सकारात्मक कर दिया है। सुविधाओं के विस्तार, समय पर भुगतान की उम्मीद और समर्थन मूल्य जैसी पहल ने किसानों में यह विश्वास जगाया है कि उनकी मेहनत और फसल का सम्मान किया जा रहा है।
- -महासमुंद के भलेसर गांव के 120 किसानों ने किया भ्रमणबिलासपुर /केन्द्र सरकार द्वारा तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पाम योजना संचालित है। जिले में ऑयल पाम की व्यावसायिक खेती की संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस दिशा में ऑयल पाम किसानों को आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी मार्गदर्शन को बढ़ावा देने के लिए जिले के 120 किसानों के द्वारा कृषक प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम के तहत् महासमुंद के ग्राम भलेसर में कृषक श्री मुकेश चंद्राकर जी के ऑयल पाम प्रक्षेत्र में उद्यानिकी विभाग एवं अनुबंधित कंपनी प्रीयूनिक एशिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा विकासखण्ड बिल्हा के 30, तखतपुर के 30, मस्तूरी के 30 एवं कोटा विकासखंड क्षेत्र के 30 किसानों को भ्रमण कराया गया।कृषकों के भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उद्यानिकी विभाग में संचालित ऑयल पाम योजना की तकनीकी जानकारियों प्रदाय करना, ऑयल पान की खेती में आ रही चुनौतियों, सरकारी सहायता की आवश्यकता, विपणन सुविधाएँ, एवं बेहतर उपज प्राप्त करने हेतु एफएफबी से संबंधित जानकारियों को प्रदाय करना था। जिले के कृषकों को भ्रमण के दौरान विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवगत कराया गया कि ऑयल पाम एक दीर्घ आमदनी देने वाली फसल है। इसकी विशेषता यह है कि रोपण के तीसरे वर्ष से उत्पादन शुरु होकर लगातार 25-30 साल तक चलता है। प्रति हेक्टेयर औसतन 20 टन उपज मिलजी है, जिससे किसान को हर साल संभावित 2 से 3 लाख रुपये की आमदनी हो सकती है।महासमुंद जिले के भलेसर ग्राम के कृषक श्री मुकेश चंद्राकर जी के द्वारा वर्तमान में भलेसर ग्राम में 32 एकड़ में ऑयल पाम की खेती की जा रही है। इसमें रोपित पौधों की आयु लगभग 8 वर्ष की है। जिससे उन्हें ऑयल पॉम के उत्पाद फलों के गुच्छों आदि को बेचकर सलाना 62 लाख की आय प्राप्त हो जाती है। साथ ही साथ वर्तमान में उनके द्वारा बोरवेल, ड्रिप सिस्टम एवं अंतरवर्तीय फसलों के रूप में कोकोआ की व्यासायिक खेती भी किया जा रहा है।इस भ्रमण कार्यकम में उप संचालक उद्यान डॉ. कमलेश दीवान, विकासखण्ड बिल्हा से ग्रा.उ.वि.अधि श्री श्रवण कुमार साहू, प्रक्षेत्र सलाहकार श्री शिशिर साहू, वि.ख. मस्तूरी से ग्रा.उ.नि.अधि. श्री मनीष केरकेट्टा, वि.ख. तखतपुर से प्रक्षेत्र सलाहकार श्री मनीष साहू, कोटा ब्लॉक से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री अविनाश पैकरा एवं अनुबंधित कंपनी प्रीयूनिक एशिया प्राइवेट लिमिटेड से श्री कांता साहू एवं श्री शिव भास्कर आदि उपस्थित हुए।
- बिलासपुर / 15 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी प्रक्रिया जिले में सुचारु रुप से चल रही है। आज ग्राम लखराम के युवा किसान रवि कुमार ने लखराम सहकारी समिति में पहुंचकर धान बेचा। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में सभी व्यवस्था को पारदर्शी बताया और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।बिल्हा ब्लॉक के ग्राम लखराम के युवा किसान रवि कुमार 2 एकड़ भूमि में खेती करते हैं उन्होंने अपनी मेहनत, समय पर खेती के आधुनिक तरीकों का उपयोग और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना लिया है। लखराम केंद्र में 21 क्विंटल धान बेचने पहुंचे रवि कुमार ने धान खरीदी केंद्र की व्यवस्था पर संतोष जताया और कहा कि उन्हें टोकन कटने से लेकर धान बेचने में किसी तरह की समस्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र की पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण वे आसानी से अपना धान बेच सके। टोकन प्रणाली से लेकर तौल प्रक्रिया तक हर चरण सुचारू रहा। केंद्र में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, साफ-सुथरा परिसर, पीने के पानी और बैठने की अच्छी व्यवस्था ने उनके धान विक्रय अनुभव को आसान बना दिया।रवि बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक खरीदी केंद्रों में भीड़, अनिश्चितता और कभी-कभी बारदाना की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता ने तस्वीर बदल दी है। आज खरीदी केंद्रों में तकनीक आधारित टोकन व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में भरोसा बढ़ा है। रवि कहते हैं कि अब खरीदी केंद्र में आते समय चिंता नहीं होती। सब कुछ व्यवस्थित मिलता है और हमारी मेहनत की सही कीमत मिलती है।
- बिलासपुर / धान खरीदी अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक जिले में 52 हजार क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है। एक ही दिन में शुक्रवार को 27,344 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। शनिवार और इसके बाद रविवार को अवकाश रहेगा। इन दो दिनों में खरीदी केंद्र बंद रहेंगे। अब सोमवार को खरीदी केंद्र खुलेंगे। सोमवार के लिए 70,185 क्विंटल धान का टोकन कटा है। इस दिन 140 में से 133 केन्द्रों में खरीदी होगी। हालांकि शेष 7 केंद्रों में भी धान खरीदी की पूरी प्रशासनिक तैयारी है।
- -प्रोजेक्ट अनुभव, नालंदा, तक्षशिला तथा सेन्ट्रल लाइब्रेरी के अभ्यर्थियों को मिली सफलतारायपुर / कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी सभा कक्ष में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चयनित हुए युवाओं से कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मुलाकात कर मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी व उज्जवल भविष्य की कामना की | मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आज इस कार्यक्रम में उपस्थित कुछ अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अनुभव के तहत आयोजित मॉक इंटरव्यू में भाग लिया था एवं कुछ ने नालंदा, तक्षशिला और सेन्ट्रल लाइब्रेरी में अध्ययन भी किया |कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि आज की शाम हम सबके लिए सुखद अनुभव लेकर आई है, जब हम छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित युवाओं से मुलाकात कर रहे हैं। ये सभी युवा आज छत्तीसगढ़ का गौरव हैं, जिनमें से कुछ ग्रामीण परिवेश से भी हैं। जल्द ही इनकी पदस्थापना होगी और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।डॉ. सिंह ने कहा कि शासकीय सेवा में आने के बाद आपकी जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती हैं। आप शासन द्वारा दिए गए दायित्वों का निर्वहन करेंगे ही, साथ ही यह अवश्य याद रखें कि जनसेवा सर्वोपरि है। जब आपके समक्ष कोई जरूरतमंद आए, तो उसकी बात संवेदनशीलता से सुनें और उसकी समस्या के निराकरण का प्रयास करें।उन्होंने आगे कहा कि परिणाम आते ही आपका समाज के प्रति योगदान शुरू हो जाता है। जिस क्षेत्र या गाँव से आप आते हैं, वहाँ के लोग आपसे प्रेरणा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, कवि श्री मीर अली मीर, जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें |
- रायपुर, / जिले में शासन के विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित DEAF (Depositor Education and Awareness Fund) खातों तथा Inoperative खातों के त्वरित निराकरण और सक्रियण के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर श्री कुमार बिश्वरंजन, अग्रणी जिला प्रबंधक रायपुर श्री मोहम्मद मोफिज, जिले के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक/जिला समन्वयक, तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में विभागवार लंबित DEAF खातों की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति, विभागों एवं बैंकों के Inoperative खातों के सक्रियण हेतु समयबद्ध कार्ययोजना, बैंक–विभाग समन्वय को और मजबूत करने तथा लंबित खातों के शीघ्र एवं सुव्यवस्थित निस्तारण के लिए आवश्यक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत समीक्षा एवं चर्चा की गई।कलेक्टर डॉ सिंह ने सभी बैंकों एवं विभागों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा लंबित DEAF एवं Inoperative खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें।
- -धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देशबालोद। संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने शुक्रवार को गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र खप्परवाड़ा का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को धान खरीदी के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी केन्द्र खप्परवाड़ा में अब तक खरीदे गए कुल धान की मात्रा, आॅनलाईन टोकन के अलावा धान खरीदी केन्द्र के मूलभूत व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्र में केवल साफ-सूथरा एवं गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा उन्हांेने किसी भी स्थिति में कोचियों एवं व्यापारियों से अवैध धान की खरीदी के रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। संभागायुक्त श्री राठौर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए शुद्ध पेयजल, बैठक एवं छांव इत्यादि की व्यवस्था के अलावा शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। श्री राठौर ने धान खरीदी केन्द्र के नोडल अधिकारी, प्राधिकृत अधिकारी एवं निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी केन्द्र में सुबह जल्दी पहुँचकर धान खरीदी का सतत् माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त श्री राठौर ने मौके पर उपस्थित किसानों से बातचीत कर धान खरीदी केन्द्र के व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा एवं अन्य अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे।
- -हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी एवं पीटी परीक्षा का कार्यक्रम जारीरायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर ने मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के लिए हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी तथा शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षाओं की समय-सारणी जारी कर दी है। हायर सेकण्डरी सर्टिफिकेट परीक्षा 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक आयोजित होगी। हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 21 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 तक प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक संपन्न होगी। इसी प्रकार शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षा (प्रथम एवं द्वितीय वर्ष) 20 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। विस्तृत समय-सारणी मण्डल की आधिकारिक वेबसाइटwww.cgbse.nic.inपर उपलब्ध है।



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*बाल विवाह रोकने अधिकारियों ने ली शपथ*
*बाल विवाह रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय पर जोर*दुर्ग/ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से आज महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रेरणा सभाकक्ष में संभाग स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर और महापौर श्रीमती अलका बाघमार शामिल हुए।कार्यशाला में दुर्ग संभाग के छह जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत और श्रम विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।कार्यक्रम के दौरान संभागायुक्त श्री राठौर ने जिलों से आए अधिकारियों से बाल विवाह की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिलों में बाल विवाह के मामलों की संख्या शून्य है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री राठौर ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या भी है। उन्होंने यह भी बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा जैसे मूलभूत अधिकार प्रभावित होते हैं, साथ ही कुपोषण और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह की सूचना देने के प्रावधानों का उल्लेख किया और कहा कि यदि पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर सभी विभाग सजग रहें, तो बाल विवाह को पूरी तरह रोका जा सकता है। इस दौरान उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को बाल विवाह के विरुद्ध हर संभव प्रयास करने तथा परिवार, पड़ोस और समुदाय में किसी भी बालिका का बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाई।महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने भी जनभागीदारी की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही बाल विवाह को रोकने में सफलता मिल सकती है। उन्होंने सामूहिक विवाह को प्रोत्साहित करने और नोनी सुरक्षा योजना व सुकन्या योजना को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई। इस दौरान अधिकारियों से बाल विवाह उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने, समुदाय से सहभागिता सुनिश्चित करने और विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आर.के.जाम्बुलकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय साहू सहित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। - दुर्ग/ दुर्ग जिले के ग्राम बोरई से आने वाले किसान-इंजीनियर श्री गजल यादव की कहानी आज कई युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा है। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बावजूद, गजल ने कॉर्पाेरेट करियर छोड़कर अपने पैतृक व्यवसाय कृषि को चुना। उन्होंने पारंपरिक कृषि में इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को मिलाकर ’टेक्नो-फार्मिंग’ का सफल प्रयोग किया। गजल बताते हैं कि मेरी पढ़ाई ने खेती को एक वैज्ञानिक नज़रिया दिया। इंजीनियरिंग ने मैने डेटा एनालिटिक्स सीखा, जिसका इस्तेमाल करके मैंने मिट्टी की गुणवत्ता और मौसम के सटीक डेटा के आधार पर बीज, खाद और पानी का उपयोग किया और इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने उनकी इनपुट लागत (खेती का खर्च) को बहुत कम कर दिया। लेकिन मेरी मेहनत को असली पहचान तब मिली, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने धान के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल का ऐतिहासिक समर्थन मूल्य घोषित किया। यह दर देश में किसी भी राज्य द्वारा दिया गया अब तक का सर्वाधिक औपचारिक मूल्य है। गजल यादव ने बताया, उन्होंने सहकारी समिति के धान उपार्जन केंद्र दामोदा में 450 क्विंटल से भी अधिक धान बेचा। यह ऐतिहासिक एमएसपी उनके व अन्य किसान भाइयों के लिए वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा इस ऊँची दर से मुझे पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक शुद्ध लाभ हुआ है। मेरी इंजीनियरिंग ने इनपुट लागत कम की, लेकिन राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य इसमें चार चांद लगा दिए। मेरी खेती की पूरी लागत को कवर हो गयी और लाभ कमाने का ठोस मौका मिला।अपनी इस सफलता पर कृषक श्री यादव ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, ’’मैं शासन का हृदय से धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने किसानों की मेहनत और उनकी बढ़ती लागत को समझते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। समर्थन मूल्य में यह वृद्धि किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे हम बिना किसी चिंता के अगली फसल की तैयारी कर सकते हैं।’’ श्री गजल ने अपनी शिक्षा का प्रयोग खेती में करके यह साबित कर दिया है कि सही सरकारी नीति और आधुनिक तकनीक का मेल खेती को भी एक सफल और बड़े स्तर का व्यवसाय (उद्यमिता) बना सकती है।
- दुर्ग। दुर्ग के खिलाड़ियों के लिए आज का दिन खास रहा। मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर दुर्गवासियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट की नई सौगात मिली।रविशंकर स्टेडियम परिसर के पास तैयार इस नवनिर्मित कोर्ट के लोकार्पण कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, नागरिक एवं बड़ी संख्या में मौजूद खिलाड़ीगण ने शामिल हुए बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाये और बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार का आभार जताये।शिक्षा ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में दुर्ग रविशंकर स्टेडियम परिसर में शहर के प्रथम इंडोर बैडमिंटन कोर्ट भव्य लोकार्पण। यह अत्याधुनिक इंडोर सुविधा न सिर्फ खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करेगी, बल्कि खिलाड़ियों को ऊर्जा देने की दिशा में मजबूत कदम है। इस कोर्ट के साथ ही शहर में स्विमिंग पुल और बघेरा में स्टेडियम का निर्माण जारी है जिससे खिलाड़ियों का प्रैक्टिस करने उपयुक्त स्थल मिल सके और उनके खेल प्रतिभा को तराशा जा सके।उन्होंने आगे कहा की ₹1.5 करोड़ की लागत से लगभग 13,500 स्क्वायर फीट पर निर्मित इस भवन को अत्याधुनिक बनाया गया है। शहर के प्रथम इंडोर बैडमिंटन कोर्ट में वुडन फ्लोरिंग, उच्च गुणवत्ता वाली एलईडी लाइटिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाओं से सुसज्जित है। अब हमारे दुर्ग के खिलाड़ियों को रात्रिकालीन में भी अभ्यास सहित बेहतर प्रशिक्षण वातावरण का लाभ उठा सकेंगे। इससे दुर्ग में खेल संस्कृति को नई दिशा देने और युवा प्रतिभाओं को खेल के अभ्यास हेतु उचित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में यह परिसर एक मील का पत्थर साबित होगा।इस अवसर पर महापौर अलका बाघमार, सभापति श्याम शर्मा, एमआईसी सदस्य शशि द्वारिका साहू, शिव नायक, ज्ञानेश्वर ताम्रकार, मनीष साहू, लीलाधर पाल, पार्षद संजय अग्रवाल, मनोज सोनी, कुलेश्वर साहू, लोकेश्वरी ठाकुर, सावित्री दमाहे, सुरुचि उमरे, सरस निर्मलकर, साजन जोसफ, मंडल अध्यक्ष महेंद्र लोढ़ा, कमलेश फेकर, कौशल साहू, हरीश चौहान, प्रहलाद रूंगटा, विनय गुप्ता, सोनू हजारे, सतीश यादव, किशोर अहिरवार,कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी. विजय अग्रवाल सहित बैडमिंटन ग्रुप के सभी सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -उद्योगों को वेस्ट टू वेल्थ एवं ईपीआर के लाभों की विस्तृत जानकारीरायपुर, /आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देशन में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर के तत्वाधान में भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल “सर्कुलर ईकोनॉमी एवं वेस्ट मैनेजमेंट (Waste to Wealth)” विषय पर बिलासपुर संभाग के लिए एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम प्लेनेटेरियम, व्यापार विहार, बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल के सदस्य सचिव श्री आर. अगसिमनी ने की।कार्यक्रम की रूपरेखा वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुरेश चंद ने प्रस्तुत की, वहीं स्वागत उद्बोधन क्षेत्रीय अधिकारी श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। कार्यशाला में सर्कुलर ईकोनॉमी व वेस्ट मैनेजमेंट के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।मंडल मुख्यालय रायपुर के मुख्य रसायनज्ञ श्री राजेन्द्र प्रसाद वासुदेव ने उद्योग प्रतिनिधियों को वेस्ट टू वेल्थ, ईपीआर (Extended Producer Responsibility) एवं इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर के मुख्य रसायनज्ञ श्री सूरज कुमार धुर्वे ने फ्लाई ऐश मैनेजमेंट तथा MOEF की अधिसूचनाओं एवं दिशानिर्देशों पर उपयोगी जानकारी साझा की।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, ई-वेस्ट, बैटरी वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, टायर वेस्ट व यूज़्ड ऑयल रिसायकलर उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ में स्थापित एकमात्र टीएसडीएफ मेसर्स केसदा वेस्ट मैनेजमेंट द्वारा AFR तकनीक की जानकारी दी गई। श्री राहुल झा ने ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग एवं क्रिटिकल मिनरल रिकवरी पर प्रस्तुति दी।एनटीपीसी सीपत, बिलासपुर के श्री पंकज शर्मा तथा एनटीपीसी लारा, रायगढ़ के डॉ. सुधीर दहिया ने फ्लाई ऐश के पर्यावरण-अनुकूल उपयोग के उदाहरण और उपलब्धियों को साझा किया।कार्यशाला के समापन अवसर पर सदस्य सचिव श्री आर. अगसिमनी ने उद्योगों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की और आश्वस्त किया कि मंडल सर्कुलर ईकोनॉमी व ईपीआर से संबंधित औद्योगिक आवेदनों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करेगा, जिससे उद्योगों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
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दुर्ग/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत 19 नवम्बर 2025 को ‘‘किसान सम्मान समारोह‘‘ का आयोजन कर वाराणसी उत्तर प्रदेश से 21वीं किश्त की राशि प्रधानमंत्री जी द्वारा जारी की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूरे देश में किया गया, जिले में कार्यक्रम का आयोजन जिला, विकासखण्ड, सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत पर आयोजन किया गया।
जिले में मुख्य कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा एवं पाहंदा (अ) में किया गया। उक्त कार्यक्रम में ‘‘पी.एम. किसान दिवस‘‘ के रूप में प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन का प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में मुख्य अतिथि श्रीमती संगीता साहू सरपंच ग्राम पंचायत अंजोरा (ख), डॉ. आर.आर.बी. सिंह कुलपति, दाऊ वासूदेव कामधेनू विश्वविद्यालय, डॉ. संजय साक्य निदेशक विस्तार सेवाएं दाऊ वासूदेव कामधेनू विश्वविद्यालय, श्री संदीप कुमार भोई उप संचालक कृषि, डॉ. विकास खुंणे प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र श्रीमती सुचित्रा दरबारी सहायक संचालक कृषि, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए।इसी अनुक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) में मुख्य अतिथि श्री सुरेन्द्र साहू मंडल सदस्य, श्री विजय जैन वरिष्ठ वैज्ञानिक, श्री सौरभ कुमार अनुविभागीय कृषि अधिकारी, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए। उक्त कार्यक्रम में समस्त जनों ने प्रधानमंत्री जी के किसानों के नाम संदेश को ध्यानपूर्वक सुना एवं इस कार्यक्रम के तहत डी.बी.टी. के माध्यम से 2000 रूपए की 21वीं किश्त जारी करने की प्रक्रिया को देखा। इसके तहत जिले के 78859 कृषकों को 21वीं किश्त की राशि रु 15.77 करोड़ जारी की गई। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों से सीधा संवाद कर खेती किसानी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा धान के साथ अन्य फसलों को भी लगाने तथा खाद्यान्न के साथ दलहन-तिलहन इत्यादि क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की गई। साथ ही किसानों को जैविक खेती, बीजोपचार, पोषक तत्व प्रबंधन तथा डी.ए.पी. के वैकल्पिक उर्वरक नैनो डी.ए.पी. इत्यादि के लिए मार्गदर्शन किया गया है। कई किसानों ने इस योजना से मिल रही आर्थिक सहायता को खेती में उपयोगी बताते हुये अभार व्यक्त किया उनका कहना है कि इस योजना से उन्हे बीज, खाद एवं अन्य कृषि कार्यो के लिए समय पर सहायता मिलती है जिससे उनकी उत्पादकता एवं आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई। - -ऑनलाइन टोकन जारी होने से किसानों को मिल रही बड़ी सुविधारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्यभर के सभी धान खरीदी केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी क्रम में आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में किसान राजकुमार भगत अपने धान की बिक्री के लिए पहुँचे। उन्होंने बताया कि उनका ऑनलाइन टोकन आसानी से कट गया और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।राजकुमार भगत ने कहा कि वे हर वर्ष इसी केंद्र में धान बेचते हैं और इस बार भी सभी व्यवस्थाएँ बेहद सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं जैसे—ऑनलाइन टोकन जारी व्यवस्था, माइक्रो एटीएम, पर्याप्त बारदाना, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर संतोष प्रकट किया।प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी प्रबंध किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को धान खरीदी की प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो। इसके लिए प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।क्या है माइक्रो एटीएम सुविधा?धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की त्वरित जरूरतों को पूरा करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार ने माइक्रो एटीएम सुविधा उपलब्ध कराई है। इस सुविधा के माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की राशि तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल से किसानों को बैंक की शाखाओं में लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, और धान बेचने के तुरंत बाद आवश्यक राशि आसानी से मिल जाती है।यह सुविधा किसानों की तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अत्यंत मददगार साबित हो रही है और संपूर्ण धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक, सुगम एवं किसान-फ्रेंडली बना रही है।


























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