- Home
- छत्तीसगढ़
-
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में आज प्रधानमंत्री आवास योजना (AHP घटक) के तहत लाटरी का आयोजन निगम सभागार कक्ष में किया गया। लाटरी में मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी योजना से निर्मित आवास को शामिल किया गया है। इस खुली लाटरी प्रणाली के माध्यम से कुल 07 हितग्राहियों को आवास आबंटित किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की लाॅटरी में आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, सभापति गिरवर बंटी साहू, पार्षद महेश वर्मा, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, नोडल अधिकारी सह अधीक्षण अभियंता अजीत तिग्गा, जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन की उपस्थिति में आवेदक अरूण तिवारी, घमोतिन बाई, ओमेन्द्र कोल्हाकर, वंदना शिवरामवार, पैयरी बाई, सीता बाई एवं मोहम्मद खालिक को आवास आबंटित किया गया। इस योजना का मुख्य उददेश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगो को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। लाटरी प्रक्रिया पुरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ। लाभार्थियों ने इस अवसर पर खुशी जताते हुए शासन एवं निगम प्रशासन को धन्यवाद दिये।नगर पालिक निगम भिलाई ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक इस योजना का लाभ पहुंच सके। लाॅटरी के दौरान आवास प्रभारी विदयाधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, नम्रता ठाकुर, जी जागेश्वर साहू, मेहत्तर सोनी, भूषण निर्मलकर, मोहन राव, थलेश्वर जोशी, सावित्री सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। -
- *बिजली उपभोक्ताओं में मातृभाषा के उपयोग का बढ़ा रुझान*
- मोर बिजली एप व एसएमएस सेवा में अंग्रेजी से कहीं आगे छत्तीसगढ़ीरायपुर। डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के बीच प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं में मातृभाषा छत्तीसगढ़ी के प्रति विशेष लगाव दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की डिजिटल सेवाओं में बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब छत्तीसगढ़ी भाषा में सूचना प्राप्त करना पसंद कर रहे हैं, जो स्थानीय भाषा के प्रति बढ़ते विश्वास और अपनत्व को दर्शाता है।राजभाषा छत्तीसगढ़ी को डिजिटल युग में नई पहचान मिल रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के मोर बिजली एप एवं एसएमएस सेवा में अब चार लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने छत्तीसगढ़ी भाषा में सूचना प्राप्त करने का विकल्प चुना है। यह संख्या अंग्रेजी भाषा चुनने वाले उपभोक्ताओं से लगभग दस गुना अधिक है, जो प्रदेशवासियों के अपनी मातृभाषा के प्रति बढ़ते सम्मान और विश्वास को दर्शाती है।ऊर्जा सचिव व छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कहा कि राजभाषा छत्तीसगढ़ी को बढ़ावा देना कंपनी की प्राथमिकता है। स्थानीय भाषा में सूचना उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं तक संदेश अधिक स्पष्ट, सरल और प्रभावी ढंग से पहुँचता है। यह पहल प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को और सशक्त बना रही है।प्रदेश के लगभग 39 लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर एसएमएस सेवा से जुड़े हैं। इनमें से 34.7 लाख उपभोक्ताओं को हिन्दी, चार लाख से अधिक को छत्तीसगढ़ी तथा लगभग 35 हजार उपभोक्ताओं को अंग्रेजी में संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में बिजली बिल भुगतान, विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ शामिल होती हैं।पॉवर कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उपभोक्ता 1912 कॉल सेंटर पर संपर्क कर अथवा मोर बिजली एप के माध्यम से अपनी भाषा का विकल्प सरलता से बदल सकते हैं।*मोर बिजली एप : सुविधा और भरोसे का प्रतीक*कंपनी के इंजीनियरों द्वारा विकसित मोर बिजली एप को अब तक 30 लाख से अधिक उपभोक्ता डाउनलोड कर चुके हैं। गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध इस एप को उपभोक्ताओं ने 5 में से 4.4 स्टार की सराहनीय रेटिंग दी है। -
*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदान करेंगे सम्मान*
रायपुर/ चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं और कुशल नेतृत्व के लिए रायपुर के सुप्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्टि और आईएमए रायपुर ब्रांच के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी को 'सर्वश्रेष्ठ लोकल ब्रांच प्रेसिडेंट' के सम्मान से नवाजा जाएगा।आगामी 7 मार्च को आयोजित IMA कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय डॉ. सोलंकी को यह पुरस्कार प्रदान करेंगे।आईएमए छत्तीसगढ़ द्वारा चयन:इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) छत्तीसगढ़ इकाई ने डॉ. सोलंकी का चयन उनके कार्यकाल के दौरान किए गए अभूतपूर्व कार्यों के लिए किया है। पेट, लिवर और आंतों की बीमारियों के विशेषज्ञ डॉ. सोलंकी ने रायपुर शाखा के अध्यक्ष के रूप में संगठन को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।इन उपलब्धियों के लिए मिला सम्मानडॉ. सोलंकी के नेतृत्व में चिकित्सा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कई बड़े आयोजन हुए। उनके मुख्य योगदानों में शामिल हैं:आईएमए ग्रैंड मैराथन: स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु सफल आयोजनआईएमए क्रिकेट लीग: चिकित्सकों के बीच खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देना।सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियां: भव्य सांस्कृतिक संध्या के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों का सफल क्रियान्वयन।आईएमए रायपुर का भूमि पूजन एवं भवन निर्माण कार्य शुरू करवानाप्रदेश में सबसे ज्यादा IMA मेंबर्स बनानाडॉ. सोलंकी को आधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में उनकी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। इस सम्मान की घोषणा के बाद चिकित्सा जगत में हर्ष का माहौल है। -
*जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई*
रायपुर। आरंग विकासखंड के भलेरा सहकारी समिति के धान खरीदी केंद्र में धान के स्टैक को पानी से भिगोने संबंधी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया, जिसे तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जांच टीम मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति की जांच करे तथा यदि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध तत्काल कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक आयुक्त श्री विनय शुक्ला के नेतृत्व में श्री सुमित डडसेना (सहकारिता विस्तार अधिकारी) एवं श्री अशोक साहू (सहकारिता निरीक्षक) का संयुक्त जांच दल घटनास्थल पर पहुँच कर खरीदी केंद्र में रखे धान के स्टैक, भंडारण व्यवस्था तथा संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रहा है। साथ ही ग्रामीणों से भी जानकारी लेकर पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। -
_रतनपुर को मिली बड़ी सौगात, ₹13.12 करोड़ की केंद्रीय सहायता से होगा निर्माण
_ केंद्रीय राज्यमंत्री व बिलासपुर सांसद तोखन साहू की पहल से स्वीकृतिबिलासपुर/रतनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर रतनपुर को एक महत्वपूर्ण विकासात्मक सौगात प्राप्त हुई है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तथा बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू की पहल और सतत प्रयासों से रतनपुर में आधुनिक तकनीक आधारित डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (DHP) को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के लिए ₹13.12 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है।नई दिल्ली में आयोजित सेंट्रल सैंक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) की बैठक में इस परियोजना को टेक्नोलॉजी एंड इनोवेटिव सब-मिशन (TISM) के अंतर्गत मंजूरी प्रदान की गई। यह छत्तीसगढ़ का पहला डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट होगा, जो रतनपुर में आधुनिक और उन्नत निर्माण तकनीकों के उपयोग से आवास निर्माण का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करेगा।स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत G+2 मॉडल पर आधुनिक आवासीय परिसर विकसित किया जाएगा। प्रत्येक इकाई का कार्पेट एरिया 28.57 वर्गमीटर तथा प्लिंथ एरिया 42.79 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। यह परियोजना सामाजिक कल्याण गतिविधियों के लिए रेंटल मॉडल पर संचालित की जाएगी।परियोजना में डाइनिंग रूम व किचन, कार्यालय कक्ष (टॉयलेट सहित), गतिविधि कक्ष, मेडिकल रूम (टॉयलेट सहित), केयरटेकर कक्ष (टॉयलेट सहित), लॉन्ड्री रूम सहित आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। साथ ही एक सामुदायिक भवन का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) बिल्डिंग मटेरियल्स एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन काउंसिल (BMTPC) द्वारा तैयार किया गया है, जिसे डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (DHP) 2018 के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पाया गया है।इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है।उन्होंने कहा कि रतनपुर में स्वीकृत यह परियोजना आधुनिक निर्माण तकनीकों का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी, जिससे प्रदेश में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण को नई गति मिलेगी। साथ ही इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र के समग्र विकास को भी मजबूती मिलेगी।इसी क्रम में रतनपुर के विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के राज्य बजट में शक्तिपीठ क्षेत्र के विकास हेतु राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है, वहीं रतनपुर के दो तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का निर्णय भी लिया गया है। स्थानीय नागरिकों ने इन विकास कार्यों के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे रतनपुर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। - 0- महासमुंद जिले की हजारों माताएं हो रहीं लाभान्वितमहासमुंद/ केंद्र सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जिले में महिलाओं के लिए एक सहारा साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, स्वास्थ्य जांच और देखभाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह योजना देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित करना है।महासमुंद जिले में इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 में अब तक 4928 हितग्राही नामांकित हैं। योजना के अंतर्गत प्रथम संतान के लिए 3914 महिलाओं को प्रथम किस्त की राशि प्रदान की जा चुकी है, जबकि 3532 महिलाओं को द्वितीय किस्त का भुगतान भी किया गया है। इसके साथ ही योजना के प्रावधानों के अनुसार द्वितीय बालिका के जन्म पर 812 महिलाओं को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत पंजीयन के बाद गर्भावस्था के सातवें माह में 3000 रुपए और प्रसव के बाद साढ़े तीन माह बाद बच्चे को टीका लगने के पश्चात 2000 रुपए प्रदान किए जाते हैं। वहीं डिलीवरी में यदि बालिका जन्म लेती है, तो माताओं को 6000 रुपए की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाती है, एक पहल जो बेटियों के जन्म को सम्मान और सुरक्षा देती है।जिले में योजना अंतर्गत इस वर्ष प्रथम संतान के लिए जारी प्रथम किस्त की भुगतान राशि से 3914 महिला हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इस क्रम में महासमुंद शहरी क्षेत्र की 292 महिला हितग्राही, महासमुंद ग्रामीण क्षेत्र की 822 हितग्राही, बागबाहरा विकासखण्ड की 860 हितग्राही, पिथौरा विकासखण्ड की 579 हितग्राही, बसना विकासखण्ड की 764 हितग्राही तथा सरायपाली विकासखण्ड की 597 महिला हितग्राहियों को प्रथम किस्त की राशि प्रदान की गई है। इसी तरह योजना अंतर्गत द्वितीय किस्त के भुगतान से 3532 महिला हितग्राही लाभान्वित हुई हैं। इसमें महासमुंद शहरी क्षेत्र की 214 महिला हितग्राही, महासमुंद ग्रामीण क्षेत्र की 615 हितग्राही, बागबाहरा विकासखण्ड की 796 हितग्राही, पिथौरा विकासखण्ड की 492 हितग्राही, बसना विकासखण्ड की 763 हितग्राही तथा सरायपाली विकासखण्ड की 652 महिला हितग्राहियों को द्वितीय किस्त की राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा द्वितीय बालिका के जन्म पर प्रोत्साहन स्वरूप योजना के अंतर्गत भुगतान किए गए हितग्राहियों में महासमुंद शहरी क्षेत्र की 72 महिला हितग्राही शामिल हैं। वहीं बागबाहरा विकासखण्ड की 171, पिथौरा विकासखण्ड की 96, बसना विकासखण्ड की 160 तथा सरायपाली विकासखण्ड की 100 महिला हितग्राहियों को योजना के तहत निर्धारित राशि का भुगतान कर लाभान्वित किया गया है।योजना से लाभान्वित माताओं ने कहा कि इस आर्थिक सहयोग से गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल करना आसान हुआ है। इससे न केवल माताओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है बल्कि नवजात शिशुओं के सुरक्षित जन्म और स्वस्थ भविष्य को भी मजबूती मिली है।महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से लगातार पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कराया जा रहा है तथा उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। शासन की मंशानुरूप जिले की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।
-
कोरिया । ऐसे समय में जब जल संकट सबसे गंभीर जलवायु चुनौतियों में से एक के रूप में उभर रहा है, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले ने यह सिद्ध कर दिया है कि सबसे शक्तिशाली समाधान बड़े बांधों या भारी मशीनरी से प्रारंभ नहीं होते हैं; उनका शुभारंभ लोगों से होता है। जल संचय जन भागीदारी की भावना के माध्यम से , जिले ने एक सरल लेकिन क्रांतिकारी प्रश्न पूछते हुए कि यदि प्रत्येक किसान स्वेच्छा से अपनी भूमि का केवल 5 प्रतिशत भाग जल संग्रहण के लिए समर्पित कर दे तो क्या होगा? ने एक कमजोर भूभाग को अनुकूलता के मॉडल में बदल दिया।
5 प्रतिशत मॉडल: छोटा प्रयास, परिवर्तनकारी प्रभावआवा पानी झोकी आंदोलन के अंतर्गत, किसान स्वेच्छा से अपनी कृषि भूमि का 5 प्रतिशत हिस्सा छोटे पुनर्भरण तालाबों और सीढ़ीदार गड्ढों के निर्माण के लिए अलग रखते हैं। ये संरचनाएं खेतों के भीतर ही वर्षा जल को एकत्रित करती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि मानसून की हर बूंद को संरक्षित, अवशोषित और पुन: उपयोग किया जा सके।इसके परिणाम उल्लेखनीय रहे हैं:* जो वर्षाजल पहले बह जाता था, अब वह मिट्टी और जलभंडारों को पुनर्भरण करता है।* मृदा अपरदन में काफी कमी आई हैसूखे के दौरान फसलों में नमी का स्तर बेहतर हुआ है।भूजल पुनर्भरण स्थिर और निरंतर हो गया है।यह मॉडल सिद्ध करता है कि सतत जल प्रबंधन के लिए व्यापक स्तर पर विस्थापन या भारी पूंजी निवेश की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।सामुदायिक एकता आंदोलन को गति प्रदान कर रही हैइस अभियान को व्यापक सामुदायिक भागीदारी से मजबूती मिली। महिलाएं 'नीर नायिका' बनकर उभरीं, जिन्होंने घरों का मार्गदर्शन किया और जल संरक्षण के लिए गड्ढे बनवाने में अग्रणी भूमिका निभाई, साथ ही पारंपरिक लोकगीतों के माध्यम से जागरूकता फैलाई। युवा स्वयंसेवकों ने, जिन्हें 'जल दूत' के नाम से जाना जाता है, नालियों का मानचित्रण करके, नहरों से गाद निकालकर, नुक्कड़ नाटक के आयोजन और भित्ति चित्रों के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा दिया और इस आंदोलन को ऊर्जा प्रदान की। सामूहिक श्रमदान से 440 से अधिक पारंपरिक तालाबों का पुनरुद्धार हुआ और वे प्राकृतिक जल पुनर्भरण के स्रोत बन गए। इस आंदोलन से प्रेरित होकर, प्रधानमंत्री आवास योजना के 500 से अधिक लाभार्थियों ने भी अपने घरों के पास जल संरक्षण के गड्ढे बनवाए, जिससे जल संरक्षण एक सरकारी पहल से एक साझा सामुदायिक जिम्मेदारी में बदल गया।सहभागिता से स्वामित्व तक5 प्रतिशत मॉडल की सफलता केवल बुनियादी ढांचे में ही नहीं, बल्कि स्वामित्व में भी निहित है। ग्राम सभा के प्रस्तावों के माध्यम से अपनाई गई और वैज्ञानिक योजना द्वारा समर्थित यह पहल वास्तव में एक जन आंदोलन बन गई।1,260 से अधिक किसानों ने अपनी भूमि पर 5 प्रतिशत जल पुनर्भरण प्रणाली को अपनाया। संपूर्ण जिले में 2,000 से अधिक सोख गड्ढे बनाए गए। ग्रामीण आवास योजनाओं के लाभार्थियों ने स्वेच्छा से अपने घरों के पास सोख गड्ढे बनवाए, जिससे जल पुनर्भरण दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया।सामूहिक कार्रवाई के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में, समुदायों ने केवल तीन घंटों के भीतर 660 सोखने वाले गड्ढों का निर्माण किया, जो समन्वित सार्वजनिक भागीदारी की शक्ति का प्रतीक हैं।मापने योग्य पर्यावरणीय और सामाजिक लाभजल संचय जन भागीदारी का प्रभाव स्पष्ट और मात्रात्मक रूप से दिखाई दे रहा है:कई गांवों में भूजल स्तर 3 से 4 मीटर तक बढ़ गया है।17 दूरस्थ जनजातीय बस्तियों में झरने फिर से भर गए हैं।मिट्टी में नमी बनाए रखने की क्षमता बेहतर होने के कारण कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है।आजीविका स्थिर होने के कारण मौसमी प्रवास में अनुमानित 25 प्रतिशत की कमी आई है।जल सुरक्षा ने आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया है।विज्ञान और सामुदायिक भावना का संगमजिला प्रशासन ने सूक्ष्म जलसंभर मानचित्रण, जलभूवैज्ञानिक आकलन और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से इस पहल का समर्थन किया। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि प्रत्येक संरचना को अधिकतम पुनर्भरण दक्षता के लिए रणनीतिक रूप से स्थापित किया गया था, फिर भी, प्रेरक शक्ति सामुदायिक नेतृत्व ही रहा। वैज्ञानिक योजना और जनभागीदारी के संगम ने एक स्थायी शासन मॉडल का निर्माण किया।कोरिया के जिला कलेक्टर ने कहा, “यह पहल केवल ढांचों तक सीमित नहीं है। यह हमारे किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने, पलायन को कम करने और हर गांव में भरोसेमंद जल उपलब्धता सुनिश्चित करने से जुड़ी है। कोरिया जिला इस गति को बनाए रखते हुए सतत विकास के नए मानक स्थापित करेगा।”भारत के लिए एक अनुकरणीय प्रारूपकोरिया जिले का 5 प्रतिशत मॉडल दर्शाता है कि जलवायु अनुकूलन को विकेंद्रीकृत, किफायती और सहभागी बनाया जा सकता है। यह दिखाता है कि जल संचय जन भागीदारी किस प्रकार जल संरक्षण को विभागीय दायित्व से एक साझा नागरिक जिम्मेदारी में बदल सकती है।अपनी जमीन का सिर्फ 5 प्रतिशत हिस्सा देकर, समुदायों ने अपने जल भविष्य को 100 प्रतिशत तक सुरक्षित कर लिया।कोरिया जिले ने अभाव को अपना भाग्य तय करने की प्रतीक्षा नहीं करने दी। उसने एकता, नवाचार और सामूहिक कार्रवाई में विश्वास के साथ उत्तर दिया।कोरिया जिले का यह 5 प्रतिशत मॉडल स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जब समुदाय जल संरक्षण के लिए एक साथ आते हैं, तो इस संसाधन को भविष्य के लिए संरक्षित किया जा सकता है - बलौदाबाजार/ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित रायपुर संभाग के जिलों से प्राप्त प्रकरणों की एक साथ महा जन-सुनवाई 12 मार्च 2026 को आयोग कार्यालय रायपुर में प्रातः 10 बजे से होगी। सुनवाई आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य लक्ष्मी वर्मा, सरला कोसरिया द्वारा की जाएगी।सुनवाई के लिये संभाग अंतर्गत जिलों से कुल 290 प्रकरण निर्धारित किये गए है जिसमें से 43 प्रकरण बलौदाबाजार -भाटापारा जिले से सम्बंधित हैं।राज्य महिला आयोग की संभाग स्तरीय सुनवाई 12 मार्च कोबलौदाबाजार / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित रायपुर संभाग के जिलों से प्राप्त प्रकरणों की एक साथ महा जन-सुनवाई 12 मार्च 2026 को आयोग कार्यालय रायपुर में प्रातः 10 बजे से होगी। सुनवाई आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य लक्ष्मी वर्मा, सरला कोसरिया द्वारा की जाएगी।सुनवाई के लिये संभाग अंतर्गत जिलों से कुल 290 प्रकरण निर्धारित किये गए है जिसमें से 43 प्रकरण बलौदाबाजार -भाटापारा जिले से सम्बंधित हैं।
-
0- सड़कों का मरम्मत कार्य 15 जून तक पूरा करने के निर्देश
बलौदाबाजार. अविवादित नामांतरण, बंटवारा,सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरण एवं अन्य स्थानीय समस्याओं का निराकरण तहसील एवं जनपद स्तर पर हो जाना चाहिए,इसके लिये लोगों को जिला कार्यालय न आना पड़े यह सुनिश्चित हो। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने यह निर्देश मंगलवार को समय -सीमा की बैठक में लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान छोटी- छोटी समस्याओं से सबंधित आवेदनों की अधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए अधिकारियों को दिये।कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग, पीएमज़ीएसवाय, सीएमज़ीएसवाय से समाबंधित सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब है उनकी चिन्हांकन कर प्राथमिकता से मरम्मत शुरू करें और सभी मरम्मत कार्य बारिश से पहले 15 जून तक पूरा कराएं। इसीतरह सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए ब्रेकर में सफ़ेद पट्टी लगाने, ब्लैक स्पॉट के पास संकेतक लगाने तथा शोल्डर ठीक सुधारने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एप्रोच रोड को मुख्य मार्ग से सीधे नहीं मिलना चाहिए बल्कि दाएं -बाये ओर से घुमावदार ताकि दुर्घटना न हो। उन्होंने सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखने और कोई समझौता नहीं करने के हिदायत दिये।कलेक्टर श्री शर्मा ने जल जीवन मिशन के तहत हर -घर नल से जल पहुंचाने के कार्य के दौरान पाइप लाइन बिछाने में सड़क खोदकर फिर से भरने और गांव के अंतिम घर के नल पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश पीएचई के अधिकारी को दिये। इसके साथ ही जल संरक्षण हेतु हैंडपम्प के पास सोखता गड्ढों का निर्माण करने कहा। कलेक्टर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल द्वारा विभागों के लिये निर्धारित संकेतको के अनुसार लक्ष्य पूरा कर चैम्पियन जिला बनाने कहा।उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन,सीपीग्राम्स, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, राजस्व न्यायालय आदि में लंबित आवेदनों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिये। बैठक में डीएफओ गणवीर धम्मशील, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या गौतम,अपर कलेक्टर सुश्री दीप्ति गौते, अभिषेक गुप्ता, अवध राम टंडन, निशा नेताम मड़ावी सहित एसडीएम, तहसील जनपद सीईओ एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। - दंतेवाड़ा । भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसइ) के अन्तर्गत राज्य के कक्षा 8 वीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। उक्त योजना के अन्तर्गत छात्रवृत्ति प्राप्ति हेतु राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएसइ) सत्र 2025-26 के लिए निशुल्क ऑफलाईन, ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये जाते है। इस संबंध में एनएमएमएसइ परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पात्रता छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित शासकीय विद्यालय, शासकीय अनुदान प्राप्त विद्यालय, स्थानीय निकाय, विद्यालय के कक्षा 8वीं (सत्र 2025-26) में अध्ययनरत विद्यार्थी जो पिछली कक्षा (7वीं) में न्यूनतम 55 प्रतिषत ( एससी, एसटी हेतु 5 प्रतिषत छूट) अंक के साथ उत्तीर्ण हों, विद्यार्थी के माता, पिता या पालक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय रु. तीन लाख पचास हजार से अधिक न हो। राष्ट्रीय साधन सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य हेतु कुल आबंटित कोटा 2246 है। वेबसाईट पर अपलोड है। जिलेवार आरक्षित वर्गों से संबंधित छ.ग. शासन द्वारा जारी वर्गवार 2248 के आदेश के संबंध में किसी भी प्रकार के दावा आपत्ति एवं सूचना का अधिकार छ.ग.मा.शि.को भेजने जाने पर इस पर किसी भी प्रकार का कार्यवाही नहीं किया जावेगा ।किसी एक छात्रवृत्ति की पात्रता के नियमानुसार चयनित केवल एक प्रकार की छात्रवृत्ति देय होगी । यह नियम एनएमएमएसइ हेतु भी प्रभावशील होगी। जाति प्रमाण पत्र का एआरएन नंबर लिखना अनिवार्य है, इसके अभाव में जाति वर्ग का आरक्षणध्लाम से वंचित होंगे। सामान्य वर्ग की श्रेणी में मान्य किया जावेगा किसी प्रकार की दावा आपत्ति मान्य नहीं होगी।इस संबंध में केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, अशासकीय विद्यालय, आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को एनएमएमएसइ हेतु पात्रता नहीं है। आवासीय विद्यालय का आशय विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में आवास एवं भोजन की व्यवस्था शासन द्वारा प्राप्त होती है। छात्रवृत्ति भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, नई दिल्ली द्वारा उक्त योजना के अन्तर्गत एनएमएमएसइ में चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 वीं से 12वीं तक प्रति माह 6,1000 छात्रवृति प्रदान की जाती है।
- 0- संस्थागत प्रसव में कमजोर प्रदर्शन पर तीन बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देशबलौदाबाजार. कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अस्पतालों में सभी बुनियादी सुविधा उपलब्ध होने तथा मरीजों के साथ व्यवहार सकारात्मक रखने के निर्देश दिये। इस दौरान संस्थागत प्रसव में कमजोर प्रदर्शन पर सिमगा, पलारी और कसडोल के बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिये।कलेक्टर ने कहा कि बीएमओ लगातार फिल्ड विजिट करें और अस्पतालों में कमियों को दूर करने का प्रयास करें। कमियों को दूर करने विशेष रणनीति बनाएं। इसके साथ ही किसी योजना के क्रियान्वयन में किसी विकासखंड में अच्छा काम हो रहा हो तो उनसे समन्वय करें और प्रशिक्षण भी लें। उन्होंने कहा कि अस्पताल रिफरल केन्द्र न बने केवल अतिआवश्यक स्थिति में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और वहां से जिला अस्पताल को रिफर हो। इसीतरह जिला अस्पताल से राजधानी रायपुर या अन्य अस्पताल में रिफर हो। उन्होंने कहा कि सिस्टम को दुरस्त रखें कहीं कोई लापरवाही न हो। आगामी बारिश के पहले अस्पतालों में एंटीवेनम अवश्य हो ताकि सर्पदंश का ईलाज शीघ्र उपलब्ध हो सकें।कलेक्टर ने कुष्ट उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम, टीबी मुक्त भारत, संस्थागत प्रसव, स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, सेक्स रेशियो, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल आदि की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि हर माह विभागीय समीक्षा बैठक ली जाएगी जिसमें पिछली बार की कमियों की पुनरावृति न हो। बैठक में सीएमएचओ डॉ राजेश कुमार अवस्थी, सिविल सर्जन डॉ अशोक वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-
सक्ती. जिले के लगभग 21 हजार किसान अब तक एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन नहीं करा सके हैं। इसका सीधा असर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ पर पड़ सकता है। एग्रीस्टैक में पंजीयन नहीं होने की स्थिति में किसानों को मिलने वाली सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से वंचित होना पड़ सकता है। जिले में 80 हजार से अधिक सक्रिय किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 60 हजार से ज्यादा किसान एग्रीस्टैक पोर्टल में अपना पंजीयन करा चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। एग्रीस्टैक के माध्यम से प्रत्येक किसान की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाती है, जिसमें जमीन, फसल, बैंक खाता और आधार से जुड़ी जानकारी एकीकृत रहती है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जा सकता है तथा फर्जी या डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान करना भी आसान हो जाता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित सभी कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टैक और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीयन से संबंधित जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, विकासखंड कार्यालय या नजदीकी सीएससी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
- दंतेवाड़ा । जिले के राशन कार्डधारियों को माह मार्च 2026 में 02 माह (फरवरी एवं मार्च) का राशन एकमुश्त वितरण किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार जिले के ऐसे राशन कार्डधारी जिन्हें माह फरवरी 2026 का राशन प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें वर्तमान माह मार्च 2026 में माह फरवरी एवं मार्च 2026 दोनों माह का राशन एकमुश्त वितरण किया जाएगा।गौरतलब है कि जिले के प्रदाय केन्द्रों में माह फरवरी 2026 में आबंटन अनुसार चावल की उपलब्धता पूर्व में कम होने के कारण नागरिक आपूर्ति निगम के चावल उपलब्धता वाले प्रदाय केन्द्रों से एलआरटी परिवहन एवं खरीफ वर्ष 2025-26 में चावल उपार्जन किया जाकर उचित मूल्य दुकानों में चावल का भण्डारण कराया जा रहा है। इस हेतु खाद्य विभाग द्वारा माह फरवरी 2026 के खाद्यान्न भण्डारण हेतु शेष उचित मूल्य दुकानों में डीओ, टीसी की वैधता तिथि में दिनांक 15 माच 2026 तक वृद्धि की गई है। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत NFSA एवं CGFSA राशनकार्डों में चावल के अतिरिक्त राज्य योजनान्तर्गत चना-2 किलो प्रति राशनकार्ड, गुड़-2 किलो प्रति राशनकार्ड, नमक-1 एवं 2 किलो प्रति राशनकार्ड, शक्कर-1 किलो प्रति राशनकार्ड प्रतिमाह वितरण किया जाता है। उक्त खाद्यान्नों का उपार्जन छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा किया जाता है। राज्य की उपार्जन एजेंसी द्वारा उपरोक्त सामग्रियों के कय प्रक्रिया अथवा अन्य अपरिहार्य कारणों से विलंब होने के कारण कभी-कभी आबंटन माह हेतु उक्त खाद्यान्नों की उपलब्धता प्रदाय केन्द्रों में नहीं होने के कशरण उचित मूल्य दुकानों में भण्डारण समय पर पूर्ण नही हो पाता है। जिससे संबंधित माह में पूर्ण वितरण नहीं होने के कारण आगामी माहों में उक्त खाद्यान्नों के वितरण हेतु समय-सीमा में वृद्धि की आवश्यकता होती है। जिला प्रशासन द्वारा अपील की गई की गई है कि जिले के ऐसे राशन कार्डधारी जिन्हें माह फरवरी 2026 का राशन प्राप्त नहीं हुआ है, वे संबंधित शासकीय उचित मूल्य दुकान में जाकर माह फरवरी एवं मार्च 2026, दोनों माह का खाद्यान्न एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं।
- नारायणपुर। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 38वीं वाहिनी भा0ति0सी0पु0 बल को एक बड़ी व महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। अग्रिम सी0ओ0बी0 आदेर से संचालित ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छुपा कर रखे गये नक्सल डम्प को खोजने में सफलता प्राप्त की है। जिसमें भरमार राईफल व 2.250 कि0ग्रा0 कॉरडाईट पाउडर (High Explosive) बरामद किया गया। नक्सली डम्प की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्यवाही करते हुये श्री रोशन सिंह असवाल, कमांडेण्ट, 38वी वाहिनी के कुशल मार्गदर्शन में सी0ओ0बी0 आदेर से 3 कि0मी0 दक्षिण में जंगल के ईलाके में ए0डी0पी0/कैशो टीम के द्वारा आपरेशन संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान ए0डी0पी0 टीम के द्वारा कोण्डाकोटी के जंगल के ईलाके में सर्चिंग अभियान चलाया गया। नक्सल डम्प मिलने के उपरांत ऑपरेशन कमाण्डर श्री उदित नारायण, सहायक सेनानी/जी0डी0 द्वारा सी0ओ0बी0 कुडमेल में स्थित 38वी वाहिनी बम निरोधक टीम (BDDS) को तुरंत मौके पर पहुॅचने हेतु निर्देशित किया गया ताकि नक्सल डम्प से जवानों को सुरक्षा प्रदान किया जा सकें। वाहिनी बम निरोधक टीम द्वारा प्राप्त नक्सल डम्प को सुरक्षा के लिहाज से चैक किया गया, चैक करने के उपरांत सभी नक्सल डम्प को आपरेशन टीम द्वारा अपने साथ लेकर कैम्प तक पहॅुचे। इस सम्पूर्ण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि व सुरक्षा बलो को क्षति नही हुई। बरामद किये गये नक्सल सामग्री को विधिवत् जब्ती मैमो तैयार कर पुलिस थाना-नारायणपुर को सुपुर्द करने की कार्यवाही की जा रही है ताकि अग्रिम वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।तलाशी के दौरान बरामद सामग्रीः- तलाशी के दौरान नक्सल डम्प से भरमार राईफल व 2.250 कि0ग्रा0 कॉरडाईट पाउडर (High Explosive) बरामद हुई है। सभी आवश्यक सामान को सुरक्षा मानको व बी0डी0डी0एस0 क्लियरेंस के उपरांत सुरक्षित रूप से सी0ओ0बी0 आदेर लाया गया है।38वी वाहिनी द्वारा भविष्य में भी अबूझमाड़ क्षेत्र की सुरक्षा, विकास व शांति हेतु इसी प्रकार के सघन सर्च ऑपरेशन चलाये जाने की योजना है। यह अभियान न केवल नक्सलियों के लिए भारी आघात है बल्कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत अभियान के लिए मिल का पत्थर साबित होगी।
- बेमेतरा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को जिला स्तरीय महिला सम्मेलन एवं महिला मड़ई का आयोजन स्थानीय टाउन हॉल में किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु स्टॉल प्रदर्शनी लगाई जाएगी।इस अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी।साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं से महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में संवाद करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
- बेमेतरा। भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कलेक्टर कार्यालय (जनगणना शाखा) बेमेतरा से जारी सूचना के अनुसार जनगणना कार्य के लिए तकनीकी सहायक एवं बहु-कार्य कर्मचारी की नियुक्ति हेतु ई-निविदा आमंत्रित की गई है।जारी आदेश के अनुसार भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना (PE) फरवरी 2027 में संपन्न होगी। इस बार जनगणना के कार्य मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किए जाएंगे, जिसके लिए डेटा संग्रहण, प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल, मकान सूचीकरण ब्लॉक निर्माण (HLBS) वेब एप्लीकेशन तथा स्व-गणना पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।इन कार्यों के सुचारु संचालन के लिए जिला स्तर पर 22 तकनीकी सहायक तथा 01 एमटीएस (चतुर्थ श्रेणी) कर्मचारी की एजेंसी के माध्यम से पारिश्रमिक आधार पर नियुक्ति की जाएगी। तकनीकी सहायकों को 25,000 रुपये प्रतिमाह तथा एमटीएस को 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय (EPF, ESIC, GST, IOT एवं सर्विस टैक्स सहित) प्रदान किया जाएगा।
- कोंडागांव. कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने गुरुवार को फरसगांव विकासखंड अंतर्गत पीएमश्री विद्यालय फरसगांव और भैंसाबेड़ा का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने पीएमश्री योजना के मापदंडों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने पीएमश्री कन्या आश्रम भैंसाबेड़ा का भी निरीक्षण कियानिरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पीएमश्री विद्यालय फरसगांव में लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला सहित विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही कक्षाओं की दीवारों पर विषय से संबंधित फॉर्मूले एवं ज्ञानवर्धक संदेशों की पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही लाइब्रेरी के किताबों को सुव्यवस्थित रखने, किचन गार्डन विकसित करने और पीएमश्री योजना मे प्राप्त आबंटन को नियमानुसार व्यय किये जाने हेतु निर्देश दिया गया।कलेक्टर ने प्रयोगशाला में विद्यार्थियों से संवाद कर उनके द्वारा किए जा रहे प्रयोगों की जानकारी ली और कार्य का अवलोकन किया। स्मार्ट क्लास का निरीक्षण करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को पीएम ई-विद्या के माध्यम से अध्ययन कराने के भी निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने पीएमश्री विद्यालय भैसाबेड़ा में निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन में बने सब्जी चखकर स्वसहायता समूह द्वारा बनाये जा रहें भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विद्यालय के निर्धारित सेचूरेशन पाइंट के आधार पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की और मांग अनुसार 100 चादर तथा बेंच तत्काल उपलब्ध कराने हेतु विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया गया। इसके अलावा पीएमश्री योजना के तहत शैक्षणिक भ्रमण हेतु कार्ययोजना बनाने हेतु डीएमसी समग्र शिक्षा को निर्देश दिया गया तथा सभी पीएमश्री हेतु बाउंड्री बाल जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्य हेतु मांग पत्र भेजने हेतु भी निर्देशित किया गया।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम श्री अश्वन कुमार पुसाम, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान, डीएमसी श्री ईमल बघेल, जनपद पंचायत सीईओ श्री रूपेंद्र नेताम सहित संबंधित प्राचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
-
0- 16 मार्च तक कर सकते हैं पंजीयन
महासमुंद. जिले के ग्रामीण पुरूषों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा निःशुल्क 30 दिवसीय एसी फ्रीज रिपेयरिंग प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। निदेशक बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि 18 से 50 आयु वर्ष के इच्छुक प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु 16 मार्च 2026 तक पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के लिए बी.पी.एल. राशन कार्ड की प्रतिलिपि, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 4 फोटो एवं न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण अंकसूची आवश्यक है। पंजीयन एवं प्रशिक्षण की जानकारी के लिए कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर 79997-00673, रितेश कुमार के मोबाईल नम्बर 9691089327, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर 83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नंबर 91310-65767 पर प्रातः 10ः00 बजे से शाम 6ः00 बजे तक संपर्क कर सकते है। - 0- टोल फ्री नंबर 18002330008 एवं 1916 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैंमहासमुंद. ग्रीष्मकाल के दौरान जिले में पेयजल समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं नागरिकों को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए उपखण्ड एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।
- 0- महासमुंद जिले में 15 मार्च से डोर-टू-डोर टीकाकरणमहासमुंद. केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 से नेशनल एनिमल डिसीस कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत एफएमडी नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2025 तक इस रोग को नियंत्रित करना और 2030 तक देश को इससे मुक्त करना है। इस कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।इसी कड़ी में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार एफएमडी राउंड-7 के अंतर्गत जिले में 15 मार्च 2026 से टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जाएगा। उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि यह अभियान जिले में पशुधन विभाग द्वारा डोर-टू-डोर पद्धति से संचालित किया जाएगा। टीकाकरण के दौरान प्रत्येक पशु का विवरण भारत पशुधन पोर्टल में दर्ज किया जाएगा, जिससे निगरानी और रिकॉर्ड संधारण को सुदृढ़ बनाया जा सके। इसके साथ ही 1 मार्च 2026 से जिले में पशुओं को कृमिनाशक दवा पिलाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने गोवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को समय पर कृमिनाशक दवा जरूर पिलवाएं, ताकि पशु स्वस्थ रहें और टीकाकरण का बेहतर लाभ मिल सके।उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि खुरहा-चपका रोग (एफएमडी) एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर जैसे खुर वाले पशुओं को प्रभावित करती है। यह रोग पिकोर्ना वायरस के कारण होता है, जिसके सात प्रमुख सेरोटाइप पाए जाते हैं। यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क, दूषित चारे, पानी, उपकरणों, वाहनों तथा हवा के माध्यम से तेजी से फैलती है। इससे पशुओं के मुंह, पैरों और थोड़ियों पर दर्दनाक छाले, तेज बुखार, दूध उत्पादन में भारी गिरावट, गर्भपात और वजन में कमी जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। एफएमडी से बचाव के लिए टीकाकरण को सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। सामान्यतः 4 से 6 माह की आयु के गोवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को पहला टीका लगाया जाता है, जिसके बाद हर 6 से 12 महीने में बूस्टर डोज दिया जाता है। इससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उत्पादन क्षमता में भी सुधार होता है।उन्होंने बताया कि एफएमडी की रोकथाम के लिए टीकाकरण के साथ-साथ संक्रमित पशुओं को अलग रखना, स्वच्छता बनाए रखना, उपकरणों और वाहनों की नियमित सफाई तथा पशुओं की आवाजाही पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। सभी पशुपालकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है, ताकि जिले को खुरहा-चपका रोग से सुरक्षित बनाया जा सके और पशुपालन को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत किया जा सके।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के भवन एवं भूमि स्वामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का संपत्तिकर, यूजर चार्ज, जलकर, भू-भाटक एवं दुकान किराया का भुगतान 31 मार्च 2026 से पहले कर लेवे। 31 मार्च 2026 के बाद संपत्तिकर का भुगतान नहीं करने पर 18 प्रतिशत का अधिभार एवं 1000.00 रूपये शास्ति शुल्क लगेगा। भवन एवं भूमि स्वामी समय से पहले अपने बकाया करों का भुगतान जमा कर, लगने वाले अतिरिक्त अधिभार से बच सकते है। जिन करदाताओं द्वारा अपना पुराना संपत्तिकर अब तक जमा नहीं किया गया है, वे भी अपना संपत्तिकर 31 मार्च 2026 से पहले जमा कर लगने वाले अधिभार से बचे। संपत्तिकर दाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को सभी जोन कार्यालय एवं मुख्य कार्यालय में संपत्तिकर के काउन्टर समय 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेगें। करदाता अपने करो का भुगतान अवकाश के दिन भी जमा कर सकते है। आनलाईन भुगतान हेतु www.chhattishgarhmunicipal.com पर भी घर बैठे संपत्तिकर, जलकर, युजर चार्ज का भुगतान कर सकते है। किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाईन नंबर 9153986401 संपर्क कर सकते है।
- 0- रायपुर नगर निगम जोन 10 क्षेत्र के लालपुर में अवैध निर्माण को सीमांकन कर तोड़ने तीन दिन अभियान जारी रहा0- अवैध निर्माण का लगभग 100 प्रतिशत हिस्सा तीन दिन लगातार चली कार्यवाही में तोड़ा गया0- रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर अवैध निर्माण तोड़ने व्यापक अभियान0 महापौर मीनल चौबे ने सभी प्रकरणों में अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही करने के दिए स्पष्ट निर्देशरायपुर. आज लगातार तीसरे दिन टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला, रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार एसडीएम श्री नन्द कुमार चौबे के मार्गनिर्देशन में नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 10 क्षेत्र अतर्गत लालपुर में नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, नायब तहसीलदार सुश्री ज्योति सिंह सहायक अभियंता श्री सुशील अहीर, उपअभियंता श्री आशीष शर्मा, श्री अजय श्रीवास्तव सहित नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता, नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग सहित पुलिस प्रशासन बल की उपस्थिति में रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने सम्बंधित स्थल पर सहयोग करते हुए तहसीलदार और राजस्व विभाग पुलिस प्रशासन की टीमों, उड़न दस्ता सहित 6 जेसीबी, 2 पोकलेन मशीनो, 10 डम्पर, मजदूरों की सहायता से लालपुर में लगभग 20 हजार वर्गफीट शासकीय कोटवारी भूमि को अवैध कब्जा जमाकर निर्मित लगभग 10 बड़ी दुकानों और लगभग 30 बड़े कमरों के नियम विपरीत अवैध निर्माण को स्थल पर सीमांकन करवाने के पश्चात पूरी तरह ध्वस्त करने की व्यापक कार्यवाही अभियान लगातार तीसरे दिन जारी रहा और शत प्रतिशत पूर्ण हुआ।यह अतिक्रमणरोधी व्यापक अभियान रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर आज लगातार तीसरे दिन जारी रहा और लगभग 100 प्रतिशत हिस्सा अवैध निर्माण का तोड दिया गया। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्पष्ट कहा है कि लगातार तीन दिन चलाया गया व्यापक अवैध निर्माण तोड़ो अभियान राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्यों को करने वालो के लिए एक कड़ी नियमानुकूल स्पष्ट चेतावनी है। जहा भी अवैध निर्माण होना पाया जायेगा, वहीं शासन के अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अवैध निर्माण तोड़ने कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- धमधा। धमधा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जानने-समझने के उद्देश्य से “धमधागढ़ हेरिटेज वॉक – पुरखौती विरासत भ्रमण” का आयोजन 8 मार्च (रविवार) को किया गया है। इसमें इतिहास, संस्कृति और विरासत संरक्षण से जुड़े प्रबुद्ध जन भाग लेंगे। यह आयोजन धर्मधाम गौरवगाथा समिति, धमधा द्वारा किया जा रहा है। इसमें भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) भिलाई-दुर्ग के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।समिति के संयोजक वीरेंद्र देवांगन एवं सामर्थ्य ताम्रकार ने बताया कि यह विरासत भ्रमण केवल ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन भर नहीं होगा, बल्कि धमधा के इतिहास से जुड़े कई रोचक सवालों के उत्तर भी तलाशे जाएंगे। इसमें यह जानने का प्रयास होगा कि छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में धमधा का नाम क्यों शामिल नहीं है, छै आगर छै कोरी तरिया किस प्रकार मोतियों की माला की तरह जुड़े थे, गोंड राजा कब और किस मार्ग से धमधा पहुंचे थे, त्रिमूर्ति महामाया मंदिर और राजा किला किस प्रकार अभेद किले के रूप में प्रसिद्ध थे तथा बूढ़ादेव मंदिर का इतिहास और धमधा के राजा की मनौती क्या थी।इसके अलावा प्रतिभागियों को धमधा के प्राचीन कांसा उद्योग में लोटा ढलने की प्रक्रिया, सौ वर्ष पुराने घरों और दुकानों के इतिहास सहित कई ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराया जाएगा। इन विषयों से जुड़ी कई जानकारियां अंग्रेजों के समय की पुस्तकों और शोध से प्राप्त हुई हैं।कार्यक्रम के तहत सुबह 9 बजे पंडितवा तालाब से विरासत भ्रमण प्रारंभ होगा, जो चौखड़िया तालाब, महामाया मंदिर, राजा किला होते हुए तमेरपारा स्थित कांसा उद्योग और प्राचीन बसाहट तक जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे (संभावित) रेस्ट हाउस में संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें विरासत संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।आयोजकों ने बताया कि इस पुरखौती विरासत भ्रमण में शामिल होने के लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य है और पंजीयन पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। इच्छुक प्रतिभागी दिए गए संपर्क नंबरों पर पंजीयन करा सकते हैं।आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक धरोहर को नए नजरिए से देखने, समझने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सामूहिक प्रयास है।
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल और आंगनबाड़ी के आसपास तंबाकू बिक्री करने वाले 25 दुकानदारों पर हुई कारवाई0- भविष्य में COTPA Act के प्रावधानों का पालन करने की समझाइशरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार तंबाकू नियंत्रण के उद्देश्य से मंदिर हसौद क्षेत्र में COTPA Act (Cigarettes and Other Tobacco Products Act) के प्रावधानों के तहत विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों के आसपास स्थित दुकानों का निरीक्षण कर तंबाकू उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 25 चालान किए गए तथा दुकानदारों से 1450 रुपए जुर्माने की राशि वसूल की गई।एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में श्री ओमप्रकाश यादव, प्रीति उपाध्याय (ड्रग इंस्पेक्टर), डॉ. प्रज्ञा लोधी (डेंटल सर्जन, सीएचसी मंदिर हसौद) तथा श्रीमती जयती अवस्थी (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट काउंसलर, सीएचसी मंदिर हसौद) शामिल रहे।स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों एवं दुकानदारों से अपील की गई है कि वे COTPA Act के प्रावधानों का पालन करें तथा स्कूलों और आंगनबाड़ियों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री से बचें, ताकि बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके।
- बालोद. मिशन शक्ति अंतर्गत जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र के संचालन हेतु संविदा स्वीकृत पदों में नियुक्ति हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय ने बताया कि एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण हेतु एक अम्ब्रेला योजना ’मिशन शक्ति’ की शुरूआत की है। मिशन शक्ति के अंतर्गत जिला स्तरीय हब हेतु जिले मे आई.टी. असिस्टेंट (सामान्य) 01 स्वीकृत संविदा पद की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि योग्य उम्मीदवार पूर्णतः भरे हुये आवेदन पत्र 18 मार्च 2026 को कार्यालयीन समय 05.30 बजे तक केवल रजिस्टर्ड डॉक/स्पीड पोस्ट/कुरियर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही विज्ञापन की विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन एवं कार्यालय के सूचना पटल पर प्राप्त की जा सकती है।


.jpg)

.jpg)






















