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- -राम नारायण बिजली उपभोक्ता से बने ऊर्जादातारायपुर, / शासन की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना न केवल बढ़ते बिजली बिल से राहत दे रही है, बल्कि लोगों को स्वच्छ, सस्ती और हरित ऊर्जा से भी जोड़ रही है। योजना का लाभ लेकर आम उपभोक्ता अब आत्मनिर्भर बन रहे हैं और बिजली उपभोग के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में भी सहभागी बन रहे हैं।इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण अंबिकापुर नगर के भिट्ठी कला निवासी राम नारायण गुप्ता हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किया और महज एक माह के भीतर उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया। पहले जहां अधिक बिजली खपत के कारण हर माह भारी-भरकम बिल आता था, वहीं अब सौर ऊर्जा के उपयोग से उन्हें राहत मिली है।श्री राम नारायण गुप्ता ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत इसका लाभ लेने का निर्णय लिया। योजना के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप पैनल लगाना आम नागरिकों के लिए सरल और किफायती हो गया है। सब्सिडी मिलने से प्रारंभिक लागत में काफी कमी आई और उनका निर्णय और भी आसान हो गया।उन्होंने बताया कि सोलर पैनल लगाए अभी एक ही महीना हुआ है और इस अवधि में बिजली बिल पूरी तरह से शून्य आ गया है। इतना ही नहीं, यह योजना उन्हें केवल बिजली उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बना रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत विद्युत विभाग के साथ एक एग्रीमेंट किया जाता है, जिसके अनुसार सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली पहले घर की जरूरतों में उपयोग होती है। इसके बाद जो अतिरिक्त बिजली बचती है, वह ग्रिड के माध्यम से विद्युत विभाग को भेज दी जाती है, जिसका भुगतान वित्तीय वर्ष के अंत में उपभोक्ता को किया जाता है।राम नारायण ने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। सौर ऊर्जा के उपयोग से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम हो रही है। साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी आम नागरिकों को इस योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जनहितकारी बताते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाकर न केवल अपने बिजली बिल को कम करें, बल्कि स्वच्छ और सतत ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें।
- -युवा संसद में डॉ. रमन सिंह बने अध्यक्ष और बच्चे बने सांसद, लोकहित के मुद्दों पर हुई चर्चा-यूथ पार्लियामेंट में दिखी भविष्य के नेतृत्व की सशक्त झलकरायपुर / नेशनल रोवर - रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था।अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजरविधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है।इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर - रेंजर देश का आने वाला भविष्य है।भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिनजंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
- -विद्यालयों–महाविद्यालयों में जागरूकता, ऑनलाइन शपथ और डिजिटल प्रमाण पत्र के माध्यम से जनभागीदारीरायपुर ।छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत” एवं “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।अभियान के तहत विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा इसकी रोकथाम में समाज की भूमिका के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रमों के दौरान ऑनलाइन लिंक एवं क्यूआर कोड के माध्यम से लोगों को “बाल विवाह मुक्त” रहने की शपथ दिलाई जा रही है तथा सहभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता निभाई है।जागरूकता सत्रों में बताया गया कि वर्तमान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में विवाह कराने पर दो वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। शासन द्वारा 17 जनवरी 2025 से ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा पंचायतों में विवाह पंजीयन को अनिवार्य किया गया है।कार्यक्रमों में यह भी स्पष्ट किया गया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसे क्रूरता की श्रेणी में रखा गया है, जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने निर्णय में स्पष्ट किया है। यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले, तो इसकी तत्काल जानकारी पंचायत सचिव, संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 181 पर देने की अपील की गई।राज्य सरकार का लक्ष्य सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करना है। इस दिशा में निरंतर चल रहे जागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है और बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक संकल्प मजबूत हो रहा है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति के अमर प्रेरणास्रोत हैं। उनके ओजस्वी विचारों, मानवता से परिपूर्ण दर्शन ने न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को आत्मविश्वास, सेवा और आध्यात्मिक जागरण की नई दिशा दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं को यह सिखाता है कि आत्मबल, चरित्र और सेवा-भाव से ही राष्ट्र का निर्माण होता है। उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मनिर्भर, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रहित में समर्पित बनने के लिए प्रेरित करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष गौरव का विषय है कि स्वामी विवेकानंद जी के जीवनकाल का एक महत्वपूर्ण समय राजधानी रायपुर में व्यतीत हुआ। उनसे जुड़ी स्मृतियाँ न केवल रायपुर की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करती हैं, बल्कि प्रदेशवासियों को निरंतर प्रेरणा भी प्रदान करती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद जी के दार्शनिक और वैचारिक मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनते रहेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की युवा शक्ति को राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे। file photo
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महर्षि महेश योगी की जयंती (12 जनवरी) के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक एवं योगाचार्य थे, जिन्होंने भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) के माध्यम से भारत की प्राचीन वैदिक चेतना को वैश्विक पहचान दिलाई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि राजिम के समीप पांडुका ग्राम में जन्मे महर्षि महेश योगी ने भारतीय अध्यात्म को आधुनिक विज्ञान और वैश्विक संवाद से जोड़ते हुए मानव कल्याण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। उनका संपूर्ण जीवन साधना, अनुशासन और मानवता की सेवा को समर्पित रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि महेश योगी का यह संदेश कि मनुष्य के भीतर असीम ऊर्जा, ज्ञान एवं संभावनाएँ निहित हैं, आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक युग में अत्यंत प्रासंगिक है। उनकी शिक्षाएँ आत्मबोध, मानसिक शांति और संतुलित जीवनशैली के लिए समाज को निरंतर प्रेरित करती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महर्षि महेश योगी द्वारा स्थापित संस्थाएँ, वैदिक विश्वविद्यालय, ध्यान केंद्र और आयुर्वेदिक परंपराएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उनके विचारों से प्रेरित होकर विश्वभर में लाखों लोग मानवता, शांति और समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महर्षि महेश योगी की दिव्य शिक्षाएँ आने वाली पीढ़ियों को आत्मविकास, आंतरिक शांति और वैश्विक सद्भाव के मार्ग पर निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करती रहेंगी।
- -अतिरिक्त अनुदान से किसानों की आय बढ़ाने की पहल-खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता और कृषकों की दीर्घकालीन आय वृद्धि की दिशा में बड़ा कदमरायपुर ।खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके।सहायक संचालक उद्यानिकी मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने तथा 03 से 04 वर्षों की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक कृषक इस फसल की ओर आकर्षित हों।ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना अत्यंत कम होती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी एवं सुनिश्चित आय का लाभ प्राप्त होता है।राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले पात्र किसानों को निम्नानुसार अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, इनमें रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 05 हजार 250 प्रति हेक्टेयर की 01 हजार 500 रूपए की वृद्धि कर कुल 06 हजार 750 रूपए प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसलों हेतु वृद्धि के साथ कुल 10 हजार 250 रूपए प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को 08 हजार 635 रूपए की अतिरिक्त सहायता सहित कुल 22 हजार 765 रूपए प्रति हेक्टेयर, रोपित पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से बचाने हेतु फेंसिंग के लिए 54 हजार 485 रूपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69 हजार 620 रूपए तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को प्रदान किया जा रहा है।यह अनुदान केवल उन्हीं कृषकों को देय होगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।
- -सोलर ऊर्जा से रोशन हो रहा पूरा घररायपुर । आम नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से जिले के अनेक घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं और लोग बिजली खर्च से मुक्त होकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह योजना न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है।इसी क्रम में मुंगेली शहर के शिक्षक नगर निवासी श्री जितेन्द्र शर्मा ने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर योजना का लाभ लिया है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनका घर पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित हो रहा है, जिससे बिजली की खपत लगभग शून्य हो गई है। परिणामस्वरूप उन्हें अब मासिक बिजली बिल की चिंता नहीं करनी पड़ रही है। श्री शर्मा बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल एक बड़ा खर्च होता था, लेकिन सोलर सिस्टम लगने के बाद यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रही है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने पर योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। 01 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र से 30 हजार एवं राज्य से 15 हजार मिलाकर 45 हजार रुपए की सब्सिडी, वहीं 02 किलोवाट पर कुल 90 हजार और 03 से 04 किलोवाट तक की क्षमता पर 01 लाख 08 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में बैंक फायनेंस की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे मध्यम वर्ग और आम नागरिकों के लिए यह योजना और अधिक सुलभ बन गई है।
- रायपुर ।रायपुर प्रेस क्लब की निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 01 जनवरी 2026 को किया गया था। मतदाता सूची पर दावा–आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 03 जनवरी 2026 निर्धारित थी। इस अवधि में कुल 114 सदस्यों से दावा–आपत्ति प्राप्त हुई, जिनका विधिवत निराकरण कर दिनांक 05 जनवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया।निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 06 जनवरी से 08 जनवरी 2026 तक नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किए गए। विभिन्न पदों के लिए प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों का विवरण इस प्रकार है :- अध्यक्ष पद हेतु – 06, उपाध्यक्ष पद हेतु – 08, कोषाध्यक्ष पद हेतु – 06, महासचिव पद हेतु – 08, संयुक्त सचिव पद हेतु – 10 इस प्रकार कुल 38 नाम निर्देशन पत्र प्राप्त हुए।दिनांक 09 जनवरी 2026 को नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की गई, जिसमें सभी नाम निर्देशन पत्र वैध पाए गए। इसके पश्चात दिनांक 10 जनवरी 2026 को नाम वापसी की प्रक्रिया में संयुक्त सचिव पद हेतु 01 नाम निर्देशन पत्र वापस लिया गया। नाम वापसी उपरांत अब कुल 37 प्रत्याशी, 05 पदों के लिए निर्वाचन मैदान में शेष हैं।मतदान 13 जनवरी 2026 को प्रातः 8 बजे से शाम 4 बजे तक प्रेस क्लब रायपुर में संपन्न होगा। मतदान समाप्ति के तत्काल पश्चात् उसी दिन मतगणना भी प्रेस क्लब रायपुर में की जाएगी।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन-1 अंतर्गत उद्यान एवं एस.एल.आर.एम. सेंटर का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।निगम आयुक्त नेहरू नगर स्थित योगा उद्यान का निरीक्षण उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू के साथ किये। उद्यान के साफ-सफाई व्यवस्था को देखे साथ ही उपस्थित कर्मचारियों से चर्चा कर रोपित पौधो में पर्याप्त सिंचाई और बेहतर करने कहा गया। नेहरू नगर पूर्व में एस.एल.आर.एम. सेंटर निर्मित है, जिसका अवलोकन आयुक्त द्वारा किया गया। एसएलआरएम सेंटर में कार्यरत महिलाओं द्वारा वेस्ट से बेस्ट और ब्यूटीफिकेशन करने का कार्य किया गया है, जो बहुत ही आकर्षक है। साथ ही वहां फौव्वारा का भी निर्माण किया गया है, जो संचालित है। नागरिको द्वारा अपने घरो से कपड़ा दिया जाता है, जिससे सेंटर की महिलाएं झोला एवं अन्य सामग्री बनाने का कार्य कर रही हैं। वर्टिकल रूप में एस एल आर एम सेंटर लिखा हुआ है जो महिलाओं द्वारा मिटटी के दिये से आकर्षक सजावट किया गया है।सेंटर परिसर में कचरे की छटाई हेतु नया मशीन स्थापित किया गया है। ठोस अपशिष्ट पृथक्करण हेतु निर्माण एवं मशीनों का स्थापना कार्य जारी है, जिससे आगामी समय में पृथक्करण हेतु सुविधा होगी। शौचालय का निरीक्षण किए साफ सुथरा और व्यवस्थित मिला। संपूर्ण व्यवस्था में सुधार देखकर आयुक्त ने महिलाओं को प्रोत्साहित किये, और बेहतर कार्य करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, क्रिस्टोफर पॉल एवं समूह की महिलाएं उपस्थित रहे।
- बालोद। बालोद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार प्रसार हेतु तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी एक्शन प्लान के अनुसार प्रधान जिला न्यायाधीश श्री श्यामलाल नवरत्न जी, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के निर्देशन में भारती कुलदीप जी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के अवसर पर दिनांक 09.01.2026 से 13.01.2026 तक नालसा द्वारा संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु विधिक जागरूकता स्टॉल लगाया गया है। उक्त स्टॉल में राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में आने वाले व्यक्ति को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित योजनाएं जागृति योजना 2025, डॉन योजना 2025, आशा योजना 2025, संवाद योजना 2025, आपदा पीड़ितों को विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से विधिक सेवाएं योजना 2010, तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015, बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015, मानसिक रूप से बीमार और मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015 , गरीबी उन्मूलन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015, आदिवासियों के अधिकारों का संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015, नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2016 तथा एसिड हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवा योजना 2016, पीडित क्षतिपूर्ति योजना 2011 एवं पीडित क्षतिपूर्ति योजना 2018, महिला हेल्पलाईन की जानकारी, घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005, साइबर क्राईम से बचाव, निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में बैनर एवं पाम्पलेट के माध्यम से पैरालीगल वालिंटियर के द्वारा जानकारी प्रदान की जावेगी।
- -विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने साहसिक एवं बौद्धिक गतिविधियों के अलावा सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से किया भाव विभोरबालोद,। बालोद जिले के ग्राम दुधली में शनिवार 10 जनवरी को आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के द्वितीय दिवस का आयोजन एथेनिक फैशन शो, एडवेंचर एरिया, वाटर स्पोटर््स, कलर पार्टी एवं बौद्धिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक संध्या से सराबोर रहा। इस अवसर पर जंबूरी में शामिल विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने अपने साहसिक एवं बौद्धिक गतिविधियों के अलावा सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से भाव विभोर किया। आयोजन के द्वितीय दिवस के सांध्य कालीन बेला पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट गाइड के राज्य आयुक्त श्री इन्दरजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, लोक कलाकार पद्मश्री डोमार सिंह कंुवर, भारत स्काउट गाइड के कोषाध्यक्ष श्री हेमंत देवांगन, ग्राम पंचायत दुधली के उप सरपंच श्री मोहित देशमुख सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के के खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में आयोजित इस भव्य एवं विशाल कार्यक्रम की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि जंबूरी देश के विभिन्न राज्यों के निवासियों वहाँ की संस्कृति एवं आचार विचार को जोड़कर प्रतिभागियों में आपसी भाईचारा, देश प्रेम की भावना एवं सामाजिक सौहार्द्र के वातावरण को विकसित करने का कार्य करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इन्दरजीत सिंह खालसा ने इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में नेशनल राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन को अपने आप में अभिनव एवं महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुप्रसिद्ध लोक कलाकार पद्मश्री डोमार सिंह कंुवर ने जंबूरी के आयोजन की सराहना करते हुए इसे समुचे छत्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद जिले के लिए अत्यंत गौरव का विषय बताया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव ने बालोद एवं छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रतिभागियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सांध्य कालीन बेला पर आज आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के रोवर रेंजरों के द्वारा बस्तर रेला नृत्य, इंदिरा गांधी संगीत विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों के द्वारा सुमधुर सुआ गीत की प्रस्तुति एवं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग के प्रतिभागियों के द्वारा मनमोहक छत्तीसगढ़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा आज देश के अलग-अलग राज्यों के प्रतिभागियों ने अपने-अपने राज्यों के सुमधुर एवं उत्कृष्ट लोक कला की प्रस्तुति से आयोजन में अपनी अमिट छाप छोड़ी। पूरे आयोजन के अंत तक प्रतिभागी रोवर रेंजरों, स्काउट गाइड एवं आम नागरिकगण कार्यक्रम में उपस्थित रहकर बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया।
- -हिमाचल, बिहार, झारखंड सहित विभिन्न राज्यों एवं स्थानीय लोगों ने जनसंपर्क विभाग के स्टाल में पहुंचकर प्रदर्शनी का किया अवलोकनबालोद। जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दूधली में आयोजित पांच दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में भारत स्काउट गाइड द्वारा विभिन्न राज्यों तथा बालोद जिला प्रशासन द्वारा राज्य एवं जिले के विकास कार्य एवं उपलब्धियों पर आधारित विभिन्न विभागों के प्रदर्शनियों को अवलोकन करने हेतु प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। जंबूरी स्थल में जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी भी लोगों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जनसंपर्क विभाग के प्रदर्शनी में राज्य सरकार के साथ साथ बालोद जिला प्रशासन के विकास कार्यों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों एवं रोवर रेंजर, स्काउट गाइड के साथ साथ राज्य के विभिन्न जिलों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदर्शनियों का अवलोकन कर भूरी भूरी सराहना की। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजर, स्काउट गाइड एवं आम नागरिकों ने जनसंपर्क विभाग के स्टाल में पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार, राजस्थान एवं अन्य राज्यों के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं स्थानीय लोगों ने जनसंपर्क विभाग के प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजर एवं स्काउट गाइडस ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के जनता के हित में संचालित किए जा रहे विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को जानकारी ली। इस मौके पर जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं तथा राज्य सरकार एवं बालोद जिला प्रशासन के उपलब्धियों के संबंध में भी जानकारी दी। जनसंपर्क अधिकारी श्री ठाकुर ने विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन हेतु पहुंचे विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी श्री मनीष यादव, श्री कृष्ण शरण साहू एवं श्री सुरेन्द्र साहू उपस्थित थे।
- -विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि-सांध्य कालीन बेला पर शाम 07 बजे आयोजित समारोह में शामिल होंगे वन मंत्री श्री केदार कश्यप, भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. खण्डेलवाल एवं अन्य अतिथिबालोद, । जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के अंतर्गत रविवार 11 जनवरी को आयोजित समारोह जंबूरी में शामिल सभी प्रतिभागियों एवं अन्य आगंतुकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। जंबूरी के तीसरे दिन दोपहर 12 बजे आयोजित समारोह में प्रतिभागियो एवं आगंतुकों को विधानसभा के वास्तविक कार्यवाही का दृश्य दिखाया जाएगा। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह स्वयं विधानसभा अध्यक्ष के आसंदी पर विराजमान होकर उपस्थित लोगों को विधानसभा की कार्यवाही से रूबरू कराएंगे। इस दौरान भाग लेने वाले प्रतिनिधि रोवर रेंजर प्रतिभागी के रूप में जंबूरी में शामिल होंगे। इसके अलावा कार्यक्रम के तीसरे दिन आयोजित समारोह के सांध्य कालीन बेला पर शाम 07 बजे आयोजित समारोह में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में वन मंत्री श्री केदार कश्यप उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल, पूर्व सांसद श्री मोहन मण्डावी, भारत स्काउट गाइड के जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रभा नायक, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री सौरभ लुनिया, श्रीमती भुनेश्वरी ठाकुर एव श्रीमती कुसुम शर्मा उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम के तीसरे दिन भी जंबूरी में शामिल रोवर रेंजर विभिन्न प्रकार के गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा तीसरे दिन भी रात्रि कालीन बेला के अवसर पर प्रतिदिन की भांति देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रतिभागी रोवर रेंजरों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
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- युवाओं को अंडमान यात्रा करवाने की पुरानी मांग का भी किया समर्थन
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह महाराष्ट्र मंडल के कैलेंडर से खासे प्रभावित हुए। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने देर शाम स्पीकर हाउस में उन्हें कैंलेडर के कवर पेज से लेकर हर एक पेज को इत्मीनान से दिखाया और पेज के संदर्भ को समझाया भी। डॉ. रमन ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित वर्ष 2026 के विशेष कैलेंडर में गत वर्ष के आयोजनों की समग्र जानकारी है, जो आकर्षक है और भावी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए लुभाने वाली भी।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष ने डॉ. रमन को मंडल की ओर से पहले सौंपे गए ज्ञापन का स्मरण कराया कि प्रति वर्ष छत्तीसगढ़ शासन कम से कम सौ युवाओं को अंडमान की उद्देश्यपूर्ण सैर कराए और सेल्यूलर जेल दिखाकर स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के संदर्भ में सारगर्भित जानकारी दे। महाराष्ट्र मंडल की इस मांग पर विधानसभाध्यक्ष ने सहमति जताई और कहा कि वे इस विषय पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से चर्चा करेंगे। साथ ही छत्तीसगढ सरकार की तीर्थयात्रा योजना में अंडमान को भी जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर सचिव चेतन गोविंद दंडवते, संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्रभारी परितोष डोनगांवकर और सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी उपस्थित रहे। -
She-Box पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि पर जोर
बिलासपुर/कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए बनाए गए कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (PoSH Act) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा कक्ष में आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, आंतरिक शिकायत समितियों के पदाधिकारी तथा संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
राज्य स्तरीय संसाधन केन्द्र, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री एस. के. चौबे ने अपने उद्बोधन में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि PoSH अधिनियम के अंतर्गत सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने She-Box पोर्टल पर सभी संस्थानों की ऑनबोर्डिंग तथा आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee – IC) की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से कराने पर जोर दिया, ताकि महिलाओं की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और सुरक्षित समाधान सुनिश्चित हो सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बिलासपुर श्री सुरेश सिंह ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की रक्षा का आधार है। PoSH अधिनियम न केवल शिकायत निवारण का मंच प्रदान करता है, बल्कि संस्थानों में संवेदनशीलता, जवाबदेही की संस्कृति विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी विभागों से अधिनियम के प्रावधानों का नियमित अनुपालन करने और कर्मचारियों को जागरूक करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में मास्टर ट्रेनर श्री सरवत नकवी ने प्रतिभागियों को अधिनियम की प्रमुख धाराओं की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि PoSH अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत किसी भी शासकीय/अशासकीय संस्था में जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, वहाँ आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। समिति का गठन न होने की स्थिति में कार्यालय प्रमुख पर ₹50,000/- तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने समिति की संरचना, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, समय-सीमा, गोपनीयता तथा पीड़िता के संरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में राज्य स्तरीय संसाधन केन्द्र, रायपुर के सहायक संचालक श्री अतुल दांडेकर ने She-Box पोर्टल के संचालन एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल पर पंजीकरण, शिकायत अपलोड करने की प्रक्रिया, प्रगति ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े फीचर्स का लाइव डेमो देते हुए बताया कि यह प्लेटफॉर्म शिकायतों के निस्तारण को समयबद्ध, पारदर्शी और मॉनिटर करने योग्य बनाता है।
कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत, शिक्षा विभाग, नगर पालिका निगम, उच्च शिक्षा विभाग तथा जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा संभाग के सभी जिलों की आंतरिक एवं स्थानीय शिकायत समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे विभिन्न संस्थानों में एकरूपता के साथ अधिनियम के पालन को गति मिलने की उम्मीद जताई गई। कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी श्री मिलिन्द द्विवेदी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला-जीपीएम श्री अमित सिन्हा द्वारा किया गया। -
बिलासपुर। समाज कल्याण विभाग एवं जिला पुर्नवास केन्द्र बिलासपुर, प्रधानमंत्री दिव्याशा केन्द्र बिलासपुर, एलिम्को अधिकृत विक्रेता विक्रय केन्द्र कोरबा छ.ग. के संयुक्त प्रयास से दिव्यांगजनों हेतु मोटराइज्ड ट्राइसायकल एवं कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण वितरण शा. दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय तिफरा बिलासपुर में आयोजित हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू सांसद बिलासपुर एवं केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री भारत सरकार एवं कार्यक्रम अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक विधायक बिल्हा, विशिष्ट अतिथि श्री राजेश सूर्यवंशी अध्यक्ष जिला पंचायत बिलासपुर, श्रीमति पूजा विधानी महापौर बिलासपुर की गरिमामय उपस्थिति में वितरण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। मुख्यअतिथि एवं जनप्रतिनिधयों का श्री टी. पी. भावे संयुक्त संचालक समाज कल्याण द्वारा स्वागत करते हुये अपने स्वागत भाषण में वितरण काग्रकम के बारे में जानकारी देते हुआ बताया कि आज 56 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसायकल एवं अन्य सहायक उपकरण वितरण उनके पूर्व चिन्हाकन अनुसार किया गया है। आगे भी दिव्यांगजनों को उनके आवश्यकता अनुरूप चिन्हाकन कर सामग्री प्रदाय की जावेगी। मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू ने अपने उदबोधन में दिव्यांगजनों को बधाई देते हुये प्रधानमंत्री दिव्याशा केन्द्र बिलासपुर में खुलने पर प्रसन्न्ता व्यक्त की और कहा कि आपको शासन द्वारा आज दी गई इस मोटराइज्ड ट्राइसायकल एवं अन्य सहायक उपकरण से आपका रोजगार एवं स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। आप स्वयं आत्मनिर्भर बनोगे और आपके जीवकोपार्जन में सहायक होगा। कार्यकम के अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक विधायक बिल्हा ने अपने उदबोधन में कहा कि दिव्यांगजनों के वितरण कार्यकम हेतु समाज कल्याण विभाग को बधाई देते हुये कहा कि अब दिव्यांगजन यह सुविधा पाकर अपने शिक्षण प्रशिक्षण एवं आत्मनिर्भर बन सकते है। कार्यक्रम में अतिथियों हेतु सरस्वती वंदनां एवं स्वागत गीत की प्रस्तुति विद्यालय के दृष्टिबाधित छात्रों द्वारा दी गई। इस अवसर पर सभापति श्रीमती राधा खिलावन पटेल, श्रीमती अरूणा चंद्रप्रकाश सूर्या, अरूण सिंह चौहान, हरीश साहू, श्याम कार्तिक वर्मा, श्रीमती बैजंती जोशी, श्रीमती सरोज साहू, राजू मानिकपूरी, अजय कश्यप, अशोक प्रजापति, श्री रामू साहू, ईश्वर साहू, मंजू दुबे, सुभाष सिंह, ममता सोनी, राघवेन्द्र झा, मोहित सिंह, सुकृता साहू, प्रेमलता ठाकुर के साथ सांथ विभागिय अधिकारीयों में सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रशांत मोकासे, श्री उत्तम राव माथनकर, श्रीमती सरस्वती रामेश्वरी, सुश्री बीना दीक्षित, श्रीमती राजकुमारी सोनी, श्रीमती सरस्वती जायसवाल, रजनी डोंगरे, स्नेहलता वैष्णव, दीक्षांत पटेल, अनिश मानिकपुरी, संतोष सामंत, बसंत श्रीवास, संतोष कुमार, रमाशंकर शुक्ला, वी. के. सिंह, निरंकार तिवारी उपस्थित थे। इस वितरण कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रशांत मोकासे ने किया।
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कर्मा भवन में शेड निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज महासमुंद जिला एवं तहसील साहू संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने महासमुंद के बीटीआई रोड स्थित कर्मा भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज एक संगठित और अनुशासित समाज के रूप में जाना जाता है। समाज का इतिहास अत्यंत वैभवशाली रहा है। इसे और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच बनाने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया।
श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चुनाव अच्छी परंपरा है। यह समाज के लिए शुभ संकेत भी है। महासमुंद जिला कृषि, रोजगार और संसाधनों के मामले में समृद्ध है। यहां किए जा रहे कार्यों का संदेश अन्य जिलों तक जाना चाहिए। उन्होंने कर्मा भवन में शेड निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। विधायकगण सर्वश्री मोतीलाल साहू, संदीप साहू और योगेश्वर राजू सिन्हा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शपथ ग्रहण समारोह को अति विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी अपने व्यवहार में नम्रता रखें तथा नशा, दिखावा एवं अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने की दिशा में पहल करें। साहू समाज के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने समाज के संगठन की मजबूती पर बल देते हुए बुराइयों को रोकने प्रत्येक व्यक्ति को आगे आने को कहा।
महासमुंद जिला साहू समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री ढालूराम साहू ने मां कर्मा एवं राजिम भक्तिन माता का स्मरण करते हुए कहा कि वे शिक्षा को बढ़ावा देने, संगठन में पारदर्शिता लाने तथा सामाजिक समरसता स्थापित करने के तीन संकल्पों के साथ कार्य करेंगे। राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्री चंदूलाल साहू, श्री चुन्नीलाल साहू, साहू समाज के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री विपिन साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री निखिलकांत साहू और श्री येतराम साहू सहित साहू समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद थे। -
-प्रदेश में अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को धान खरीदी के एवज में एमएसपी के तहत् 20 हजार 753 करोड़ रूपए का भुगतान
-पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से वास्तविक किसानों के हितों की हो रही है रक्षा, हर पात्र किसान तक लाभ पहुँचाने का संकल्प सार्थकरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 14 नवम्बर 2025 से प्रारंभ हुआ छत्तीसगढ़ का धान खरीदी महाअभियान पारदर्शिता, गति और किसान-हितैषी व्यवस्था का उदाहरण बनता जा रहा है।प्रदेश में अब तक 16.95 लाख पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत समय पर मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा समर्थन मूल्य के तहत अब तक लगभग 20 हजार 753 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा चुका है। यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है, बल्कि किसानों के आर्थिक आत्मविश्वास को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है।प्रदेशभर में संचालित 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, डिजिटल निगरानीयुक्त और पूर्णतः पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे।किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने टोकन व्यवस्था को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाया है। खाद्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब टोकन सहकारी समितियों के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं।खरीदी के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के प्रमुख धान उत्पादक जिलों में तेज गति से उपार्जन हुआ है।उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी तक महासमुंद जिले में 6 लाख 33 हजार 291 क्विंटल, बेमेतरा जिले में 5 लाख 33 हजार 482 क्विंटल, बलौदाबाजार-भाठापारा जिले में 5 लाख 15 हजार 071 क्विंटल, बालोद जिले में 4 लाख 99 हजार 074 क्विंटल, रायपुर जिले में 4 लाख 66 हजार 249 क्विंटल, धमतरी जिले में 4 लाख 43 हजार 308 क्विंटल, राजनांदगांव जिले में 4 लाख 42 हजार 473 क्विंटल, बिलासपुर जिले में 4 लाख 21 हजार 142 क्विंटल, जांजगीर-चांपा जिले में 4 लाख 18 हजार 429 क्विंटल, कवर्घा जिले में 4 लाख 12 हजार 003 क्विंटल, दुर्ग जिले में 3 लाख 60 हजार 605 क्विंटल, गरियाबंद जिले में 3 लाख 60 हजार 612 क्विंटल, मुंगेली जिले में 3 लाख 58 हजार 072 क्विंटल, रायगढ़ जिले में 3 लाख 42 हजार 528 क्विंटल, कांकेर जिले में 3 लाख 25 हजार 960 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 3 लाख 14 हजार 758 क्विंटल, धान की खरीदी हुई है।इसी प्रकार बस्तर जिले में 1 लाख 79 हजार 964 क्विंटल, बीजापुर में 59 हजार 583 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 10 हजार 238 क्विंटल, कोंडागांव 1 लाख 97 हजार 106 क्विंटल, नारायणपुर में 24 हजार 022 क्विंटल, सुकमा 47 हजार 617 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही में 87 हजार 870 क्विंटल, कोरबा में 1 लाख 56 हजार 983 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 2 लाख 77 हजार 071 क्विंटल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1 लाख 41 हजार 353 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 1 लाख 57 हजार 708 क्विंटल, जशपुर जिले में 1 लाख 68 हजार 264 क्विंटल, कोरिया जिले में 76 हजार 648 क्विंटल, सरगुजा जिले में 2 लाख 2 हजार 951 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2 लाख 29 हजार 359 क्विंटल, सक्ती जिले में 2 लाख 70 हजार 468 क्विंटल और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 56 हजार 855 क्विंटल धान की खरीदी हुई है।छत्तीसगढ़ की धान खरीदी प्रणाली आज केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसान सम्मान, पारदर्शिता और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार का यह संकल्प स्पष्ट है कि हर पात्र किसान को समय पर, पूरा और पारदर्शी लाभ मिलेगा — और यही राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। - महासमुंद / राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार जिला मिशन संचालक एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लगेह एवं जिला परियोजना संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार के मार्गदर्शन में जिले में संचालित पीएमश्री स्कूल सहित अन्य विद्यालय के 24 विद्यार्थी एवं 9 गाइड शिक्षक पड़ोसी राज्य के शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना हुए।बच्चो के बसना पहुंचने पर महासमुंद लोकसभा के सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने बच्चो को ट्रैकशूट, एक्सपोजर विजिट फ्लैप, फोल्डर प्रदान कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सांसद ने कहा कि बच्चों के संपूर्ण ज्ञान विस्तार के लिए केंद्र शासन के शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया है, जिसमें चयनित मेघावी विद्यार्थियों को राज्य के बाहर अन्य राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, सांस्कृतिक विरासतों एवं ऐतिहासिक महत्व के विषय में जानकारी प्राप्त हो सकेगी। बच्चे भारत की विविधता में एकता के स्वरूप को स्वयं समझ सकेंगे। उन्होंने सभी छात्रों और उनके शिक्षकों को यात्रा अध्ययन के रिकॉर्ड संधारण के लिए प्रेरित करते हुए यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरें एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने बताया कि छात्रों को ओडिशा के राजधानी में स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भुवनेश्वर के विज्ञान संकाय, जूलॉजिकल पार्क, साइंस सेंटर, सहित राज्य के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
- -अतिरिक्त आय से मिल रही राहत-समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को राहतरायपुर। शासन की धान खरीदी नीति ने किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। समर्थन मूल्य पर समयबद्ध भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था के कारण किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। बलरामपुर.रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम कोटपाली के किसान श्री मोहन यादव भी इसी का लाभ ले रहे हैं।श्री मोहन यादव ने उपार्जन केंद्र महाराजगंज में इस वर्ष 165 क्विंटल धान का विक्रय किया। वे बताते हैं कि धान विक्रय करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। ऑनलाइन माध्यम से टोकन कटवाने के बाद निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुँचकर सुगम तरीके से धान विक्रय किया। वे कहते हैं कि शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदने की सीमा तय किए जाने से किसानों की चिंता दूर हुई है। अब किसानों को अपनी पूरी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और भुगतान भी सीधे खाते में समय पर प्राप्त हो रहा है।मोहन यादव बताते है कि समय पर भुगतान मिलने से नई फसल के लिए उन्नत बीज, खाद और कृषि कार्यों में बेहतर निवेश कर पा रहे हैं, जिससे उनकी खेती की उत्पादकता में निरंतर वृद्धि हो रही है। श्री मोहन यादव कहते हैं कि सरकार की धान खरीदी नीति से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि भरोसा भी बढ़ा है। उन्होंने किसान हितैषी नीतियों के लिए शासन प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया।
- -मंत्री श्री देवांगन ने टीबी मरीजों को निक्षय मित्र अंतर्गत वितरित किए पोषण आहाररायपुर। कोरबा जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने टीबी मरीजों को पोषण आहार किट का वितरण किया। उन्होंने मरीजों से आत्मीय बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उपचार संबंधी आवश्यक सुझाव भी देते हुए कहा कि टीबी का उपचार पूरी तरह संभव है। अनुपयोगी खानपान और अस्वास्थ्यकर आदतों के कारण यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन समय पर जांच और उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार छह माह तक की नियमित दवा का सेवन आवश्यक है। इसलिए पीड़ित को उपचार अवधि में पूरक पोषण आहार, स्वच्छता और सावधानियों का पालन करना चाहिए ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और इलाज अधिक प्रभावी हो सके। मंत्री ने सभी के शीध्र स्वस्थ्य होने की कामना भी की।मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी जैसे रोग को जड़ से मिटाने का अभियान स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निरन्तर प्रयास से प्रदेश में गांव से लेकर शहर तक टीबी सहित अन्य बीमारियों के रोकथाम और उपचार के लिए सतत प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाजनिक उपक्रमों के सहयोग से टीबी उन्मूलन की दिशा में एक सशक्त अभियान चलाया जा रहा है। निक्षय निरामय मित्र के माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिले में मरीजों की संख्या पहले से घटकर कम हो गई है। आने वाले समय में सभी मरीजों का उपचार होगा और जिला टीबी मुक्त होगा। उन्होंने टीबी मरीजों के बेहतर उपचार में परिवार, समाज और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए सहयोग करने की अपील भी की। इस दौरान उन्होंने टीबी मरीजों को पोषण आहार किट का वितरण किया।कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, श्री गोपाल मोदी, सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केशरी, क्षय अधिकारी डॉ. बी.आर. रात्रे ने टीबी से बचाव और उपचार के लिए अपनी बातें रखी। टीबी अधिकारी डॉ.रात्रे ने जिले में क्षय रोग को दूर करने जिले में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री ओंकार यादव, एसडीएम श्री सरोज महिलांगे आदि सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहें।
- -बीजापुर के पंच-सरपंचों ने की सौजन्य भेंट-ग्रामीण विकास एवं सुशासन प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने आए जनप्रतिनिधिरायपुर। वनमंत्री श्री केदार कश्यप से बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंचों ने आज नया रायपुर स्थित उनके निवास/कार्यालय में सौजन्य भेंट की। ये सभी जनप्रतिनिधि निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर आए हुए हैं।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की नींव हैं और पंच-सरपंच ग्रामों की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने भेंट के दौरान जनप्रतिनिधियों के नन्हे बच्चों के प्रति मंत्री श्री कश्यप का वात्सल्य और स्नेह विशेष रूप से मन को स्पर्श करने वाला रहा।वनमंत्री श्री कश्यप ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास, सुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसी के साथ उन्हें सूचना का अधिकार (RTI) जैसे अधिकारों के बारे में भी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसका समुचित निर्धारण अपने कार्यकाल में करें।श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गरीब, किसान और मजदूर हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। वीबी-जी राम जी योजना समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इसका क्रियान्वयन सुचारू और बेहतर तरीके से करें। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास कार्यों की पारदर्शिता और समयबद्धता से ही जनता का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने सभी पंच-सरपंचों को अपने-अपने गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया और हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का किया शुभारंभ-सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभाग एवं 5 जिलों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्काररायपुर ।गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करतेभुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद, श्रद्धेय अटल जी की अंत्योदय की अवधारणा और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व से हमने सुशासन को गहराई से समझा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। आगामी वर्ष से 8 अलग-अलग क्षेत्रों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नवाचार और सुशासन की एक सशक्त संस्कृति विकसित हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “पहल” और “प्रेरणा” योजनाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। “पहल” से नए विचारों को सहयोग मिलेगा और “प्रेरणा” से सफल योजनाओं का विस्तार होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम को LSG-2.0 के रूप में विकसित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलते दौर में तकनीक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। इसलिए हमने डिजिटल संसाधनों की शक्ति को पहचानते हुए तकनीक को सुशासन का प्रमुख हथियार बनाया है। सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की हैं। अब फाइलें हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है। ई-ऑफिस मंत्रालय से प्रारंभ हुआ था और अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में इसे सभी संभागों और जिलों में भी लागू किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है, जिससे कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जिसके पीछे सुशासन सबसे बड़ा कारक है। डिजिटल भुगतान में भारत का विश्व में अग्रणी स्थान भी गुड गवर्नेंस का ही परिणाम है।उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की सुरक्षा हुई है। इसी तरह शासकीय खरीदी को जेम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रियाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से अब नागरिक घर बैठे ही रजिस्ट्री कर पा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले वर्ष 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को तेजी से स्वीकृति और क्लियरेंस दिए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों और आवेदनों का समय पर निराकरण होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए संवाद, समन्वय और फीडबैक आवश्यक हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों का सही संचार भी उतना ही जरूरी है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के अंतर्गत 2030 तक के लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लेने वाली सभी टीमों को बधाई दी।जिला श्रेणी के विजेता नवाचारदंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचारइसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, एससीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।इन सभी नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणामों, प्रभाव और नागरिक विश्वास पर केंद्रित एक नई प्रशासनिक संस्कृति विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत सम्मानित ये जिले और विभाग सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धियाँ न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टि को भी सुदृढ़ करती हैं।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की महिला उद्यमिता, नेतृत्व और नवाचार की प्रेरक यात्राओं को समर्पित कॉफी टेबल बुक ‘ADHYAY – The Women Who Lead’ का रायपुर स्थित श्रीराम बिज़नेस पार्क में आयोजित कॉस्मो एक्सपो के दौरान विमोचन किया। कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी श्री राकेश चतुर्वेदी, कॉस्मो एवं रोटरी के पदाधिकारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।यह विशेष प्रकाशन छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की प्रगति, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव में योगदान देने वाली 25 महिला उद्यमियों की जीवन यात्राओं को संजोया गया है। संपादक उचित शर्मा और उनकी टीम ने इसका संपादन किया है । कार्यक्रम के दौरान पुस्तक में सम्मिलित सभी महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। यह सम्मान उनके साहस, नेतृत्व, नवाचार और उद्यमशील योगदान के लिए प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ADHYAY कॉफी टेबल बुक की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की जीवंत गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दस्तावेज़ बनेगी। उन्होंने इस तरह के दस्तावेज़ीकरण को महिला उद्यमिता के लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक बताया। इस पुस्तक का उद्देश्य उन महिलाओं को मंच देना है जिन्होंने व्यवसाय, उद्योग, सेवा, नवाचार और सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है और यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ आज केवल उद्यम नहीं चला रहीं, बल्कि समाज और सोच को नई दिशा दे रही हैं।
- महासमुंद / वनमंडल महासमुंद एवं फारेस्ट डिवीजन खरियार रोड (ओडिशा) के मध्य वन संरक्षण एवं वन्यजीव सुरक्षा को लेकर संयुक्त बैठक आयोजित की गई।बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पांडेय, वनमंडलाधिकारी खरियार रोड (ओडिशा) श्री मो. अज़ीज़ ख़ान, संयुक्त वनमंडलाधिकारी सुश्री डिम्पी बैस, उप वनमंडलाधिकारी श्री गोविंद सिंह, ओडिशा एसडीओ राजा खरियार श्री बामस सलिया, रेंजर श्री प्रबीन दास, रेंजर बागबहरा श्री लोकनाथ ध्रुव, श्री सालिकराम डडसेना सहित छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा के अन्य रेंजर एवं वन अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अवैध वन अतिक्रमण, वन्यप्राणियों की सुरक्षा, वनाग्नि की रोकथाम, अवैध परिवहन तथा अंतर्राज्यीय सीमा से लगे वन क्षेत्रों में संचालित अवैध गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने एवं संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। सभी उपस्थित अधिकारियों द्वारा सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की वन संबंधी अवैध गतिविधियों को रोकने हेतु आपसी समन्वय, नियमित सूचना आदान-प्रदान तथा संयुक्त कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे वन संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीव सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।



























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