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- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज मेडिकल ऑफिसर श्रीमती राजश्री देओधर ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 ग्राम कनकी तिल्दा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- रायपुर। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता सप्ताह एवं ‘प्रोजेक्ट पाई-पाई’ के अंतर्गत आज शहीद स्मारक हाई स्कूल फाफाडीह में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय प्रबंधन, बचत की आदत, बैंकिंग सेवाओं तथा डिजिटल लेन-देन के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर आरबीआई के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना एवं कार्यप्रणाली, बैंक नोट एवं सिक्कों की जानकारी, बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया तथा केवाईसी (KYC) के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इसके साथ ही विद्यार्थियों को नियमित बचत की आदत विकसित करने, एटीएम/डेबिट कार्ड के सुरक्षित उपयोग, यूपीआई एवं अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के उपयोग के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया तथा छोटी-छोटी बचत के महत्व को समझाते हुए भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक एवं बैंक प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक सत्येंद्र राठौर, प्रबंधक दिग्विजय राउत, अग्रणी जिला प्रबंधक मोहम्मद मोफीज, विद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।--
- 0- वाल्मिकी रामकथा के दूसरे दिन लव-कुश प्रसंग पर व्याख्यानरायपुर। सनातन संस्कृति में शुभ मुहूर्त का बड़ा महत्व है। आज हम आधुनिकता में इतने घिर चुके हैं कि हम अपनी सुविधा के अनुसार मुहूर्त तय करने की कोशिश करते हैं। फिर बात शादी की हो, या बच्चे के जन्म की। आजकल बच्चे के जन्म का दिन व समय हम स्वयं तय कर रहे हैं। वहीं शादी का मुहूर्त भी हम यह देखकर तय करते है कि बच्चों के पेपर तो नहीं, कौन सा रिश्तेदार आ पाएगा कौन नहीं आ पाएगा। नतीजा यह कि आजकल बड़े पैमाने की शादियों में शुरुआती दिनों से ही समस्याएं आने लगतीं हैं। शादी तो हो जाती है लेकिन बच्चे नहीं, परिवार नहीं। यही वजह है कि सनातन संस्कृति को मानने वालों को शुभ मूहूर्त पर ही वैदिक कार्य करने चाहिए। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में चल रही वाल्मिकी रामायण कथा के दूसरे दिन पुणे से पहुंचे कथावाचक रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने कहीं।आचार्य अय्यर ने कहा कि पूजा- पाठ में मंत्रोच्चार व श्लोक का बड़ा महत्व है। इससे कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। मंत्रोच्चार कभी भी लय में या संगीतबद्ध तरीके से गाना या बोलना नहीं चाहिए। यह पाप है। मंत्रोच्चार चाहे वो गायत्री मंत्र हो, शनि मंत्र या कोई भी... सभी में यही बात लागू होती है। राम कथा के प्रसंग पर कथावाचक ने कहा कि सज्जन व्यक्ति को दूसरों के आनंद से आनंद होता है और दुर्जन को दूसरों से आनंद से दु:ख। हमें दूसरों के सुख और सफलता से खुश होना आना चाहिए।आचार्य रामनाथ रामचंद्र ने कहा कि मंगल कार्य के लिए जब तक आपके घर में आकर आमंत्रण न मिले, तो नहीं जाना चाहिए। इसी तरह अमंगल कार्य के लिए यदि कोई घर में आकर आमंत्रित करे, तो भी कभी नहीं जाना चाहिए। अमंगल कार्य यानी मांसाहार, नशाखोरी, अपराध करने अथवा जुआ खेलने जैसी वृत्ति होती है। उन्होंने कहा कि इसी तरह सत्संग अथवा प्रवचन के लिए बिना बुलाए भी जाना चाहिए क्योंकि ऐसे अवसर जीवन में कम ही मिलते हैं और इसका लाभ लेकर पुण्य अर्जित करना चाहिए। कथा के बाद कथावाचक अय्यर के साथ आज के यजमान प्रशांत देशपांडे ने सपत्नीक महाआरती की। तत्पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में रामकथा से पहले बाल नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ के मंचन ने बटोरी तालियांरायपुर। डायलॉग डिलीवरी अभिनय का वह हुनर है, जिसके जरिए रंगमंच का कलाकार अपनी भावनाओं और आवाज़ को उतार-चढ़ाव के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत करता है। ऐसी ही रोचक संवाद अदायगी अगर बच्चे अपने नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ पर करने लगे, तो तालियां तो बजनी ही है। ऐसा ही नजारा रविवार की शाम महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में देखने को मिला। जब मंडल में चल रहे वाल्मिकी रामायण कथा के दौरान बाल कलाकारों ने अपर्णा कालेले के निर्देशन में ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ का मंचन किया गया।नाट्य अभिनय के दौरान गुप्तचर की सूचना पर राम की प्रतिक्रिया, हनुमान की स्वामी भक्ति, राम से प्रश्न पूछने के लिए लव- कुश की जीजीविशा, माता सीता का दुखी भाव, उत्साह और जिज्ञासा बच्चों के चेहरे में देखने को मिली। उत्तर रामायण के इस प्रसंग में बाल कलाकारों ने यह संदेश प्रभावशाली तरीके से दिया कि हर बात को जानने का एक सही समय होता है। जिस तरह लव- कुश को अपनी सच्चाई उचित समय पर ही गुरु वाल्मिकी ने बताई और एक अनर्थ अपने आप ही टल गया।नाटक में तनीष डोनगांवकर, तन्वी डोनगांवकर, प्रणीश डोनगांवकर, अनय पंडित, अक्षत पंडित, प्रथमेश पुराणिक, कियान महाजन, विहान कालेले, मायरा गुप्ते सहित अन्य बाल कलाकारों ने अपने सादगीभरे अभिनय से प्रभावित किया। नाटक में तकनीकी पक्ष परितोष डोनगांवकर और प्रवीण क्षीरसागर ने संभाला था। वेशभूषा अपर्णा कालेले और अजय पोतदार ने सेट डिजाइन बखूबी किया। पात्रों का परिचय प्रसन्न निमोणकर ने दिया।
- 0- 91 साल के गौरवशाली इतिहास में पहली बार जारी सुरबद्ध अधिकृत गान को मंडल के आयोजनों में बजाना होगा अनिवार्यरायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने अपने 91 साल के गौरवशाली इतिहास में पहली बार मंडल गान ‘धन्य धन्य धन्य आहे हा आपला संस्थान’ को रिलीज किया। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि मंडल के वरिष्ठ सदस्य विवेक रहाटगांवकर द्वारा लिखित इस गीत को आज सुप्रसिद्ध गायिका साधना राहटगांवकर ने संगीतबद्ध और स्वरबद्ध किया है। अब महाराष्ट्र मंडल के सभी आयोजनों की शुरुआत अनिवार्य रूप से इस गीत से होगी।गीतकार विवेक रहाटगांवकर ने बताया कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस गीत के लेखन के माध्यम से महाराष्ट्र मंडल की सेवा का अवसर मिला। यह उनके और पूरे परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। लगभग साढ़े चार मिनट के इस गीत को मराठी में लिखा और संगीतबद्ध किया गया है।विवेक के अनुसार इसमें मंडल के सभी प्रकल्पों का उल्लेख है। वहीं महाराष्ट्र की संस्कृति को छत्तीसगढ़ में आत्मसात करने की बात है। गीत में हमारे पूर्वजों की मंशा, मेहनत और संकल्प का स्मरण भी किया गया है। इसमें नई पीढ़ी के लिए समाजसेवा सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश है। विवेक ने बताया कि गीत को संगीतबद्ध करने के लिए भिलाई के कलाकारों की टीम यहां आई थी। इसमें यश यदु ने कीपेड, आशुतोष लांजेवार ने गिटार, मनोज नायक ने पेड और राजेश कुमार ने समुद्र ढोलक पर संगत दिया। आज इस गीत की लांचिंग के साथ रिकार्डिग भी की गई।राम कथा स्थल यानी छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में महाराष्ट्र मंडल के इस गीत को पहली बार सुनने के बाद सभासदों ने इसकी खूब तारीफ की। गाने में महाराष्ट्र मंडल का पूरी समग्रता के साथ वर्णन करने से लेकर सुर व संगीत ने भी सभी को प्रभावित किया। बड़ी बात यह रही पुणे से पधारे कथावाचक रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने भी मंडल के गाने का उल्लेखन अपने प्रवचन में किया और काफी प्रशंसा की।
- 0- महाराष्ट्र मंडल में जारी वाल्मिकी रामायण कथा में कथावाचक ने कहा रामकथा को उतारें चरित्र मेंरायपुर। किसी भव्य सभा में मंच से कहना कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं और इसे जयघोष के रूप में दोहराना अलग बात है। जबकि हिंदू होने के लिए हमें वैसा आचरण भी करना चाहिए। केवल नारेबाजी से हिंदू नहीं बना जा सकता। महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में जारी रामकथा के तीसरे दिन आचार्य रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने इस आशय का संदेश दिया।आचार्य ने कहा रामकथा को जीवन में, व्यक्तित्व में लाना होगा। तब हमें न धर्म ग्रंथ पढ़ने की जरूरत होगी, न ही प्रवचन सुनने की। आप सिर्फ राम चरित्र का पाठ कीजिए और अपने चरित्र में प्रभु श्रीराम को उतारिए। कथावाचक ने कहा कि कहीं भी प्रवचन अथवा कथा सुनने जाने के लिए खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। प्रसाद, दान स्वरूप कुछ न कुछ ले जाना चाहिए। कुछ न हो तो, कम से कम फूल तो ले ही जाना चाहिए।आचार्य अय्यर ने समाज में बढ़ती नकारात्मकता को लेकर कहा कि लोगों की नकारात्मक प्रतिक्रिया से निराश होने की जरूरत नहीं है और न ही उस पर ध्यान देने की। बिना वास्तविक स्थिति जाने या विषय का समग्र अध्ययन किए बिना ऐसी टिप्पणी करने वाले लोग आमतौर पर ज्ञानचंद होते हैं। वे अपनी बड़ी- बड़ी बातों से आपको सही रास्ता बताने का दावा तो करते हैं, लेकिन यदि आपने साथ चलने को कहा, तो वे बिदक जाते हैं। हमारे समाज में रामायण से लेकर प्रभु श्रीराम तक नकारात्मक टिप्पणी करने वालों की कमी नहीं है। फिर भी हमारे धर्म में रामायण श्रेष्ठतम धर्मग्रंथ है और प्रभु श्रीरामचंद्र मर्यादा पुरूषोत्तम और पूज्यनीय हैं।रामकथा में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तजनों का मार्गदर्शन करते हुए आचार्य अय्यर ने कहा कि भगवान शिव को जलधारा अतिप्रिय है। उसी तरह प्रथम पूज्य गणेशजी को उबला हुआ मोदक। होटल से मंगाए गए रेडिमेड मोदक से वे प्रसन्न नहीं होते। वहीं यथासंभव भगवान को स्वयं के तोड़े हुए फूल चढ़ाने से जो पुण्य की प्राप्ति होती है, वह अन्य किसी माध्यम से नहीं। उन्होंने गंध (चंदन) घीसने की विधि भी श्रद्धालुओं को बताई। उन्होंने कहा कि गुरु का स्मरण करते अथवा नाम लेते समय कर्णपाली (कान का निचला हिस्सा) को पकड़ना चाहिए, यह धर्म है। राजा श्रीराम भी यही करते थे। आज की कथा की यजमान मंजूषा वैशंपायन थीं। कथा उपरांत महाआरती की गई। तत्पश्चात महाप्रसाद वितरित किया गया।
- रायपुर। विष्णुदेव साय को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कुंवरगढ़ महोत्सव में शामिल होने हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री को महोत्सव के महत्व एवं आयोजन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे भी उपस्थित रहे।
- 0- डॉ. गौरव सिंह ने रात 12 बजे घटनास्थल पहुंचकर राहत एवं नियंत्रण के दिए निर्देशरायपुर। राजधानी रायपुर के फाफाडीह क्षेत्र गली नंबर 4 इलेक्ट्रॉनिक सामान के गोदाम में लगी आग की घटना के बाद कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रात 12:00 घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।उल्लेखनीय है कि आग लगने के पश्चात फायर ब्रिगेड एवं जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने एवं राहत कार्य में जुट गई थी और अब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को आग पर शीघ्र नियंत्रण एवं राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकने हेतु सतर्कता बरतने के लिए कहा। स अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में विद्युत दुर्घटना में मृत श्री ईश्वर साहू के उत्तराधिकारी श्रीमती सुशीला बाई को 04 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि 17 जून 2025 को ग्राम जेवरतला के वितरण केंद्र पलारी में विद्युत दुर्घटना में श्री ईश्वर साहू की मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा गहरा खेद व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार और विद्युत वितरण कंपनी के नियमों के तहत, मृतक के उत्तराधिकारी को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इसी क्रम में डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम जेवतरला के मृतक श्री ईश्वर साहू की उत्तराधिकारी उनकी माता श्रीमती सुशीला बाई को 04 लाख रूपये, चेक के माध्यम से प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं मृतक के परिजन उपस्थित थे।
- बालोद. पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने बताया कि क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र जशपुर के द्वारा एसआईएस लिमिटेड की ओर से जिले के 10वीं पास अथवा फेल युवकों को रोजगार प्रदान करने रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि आवेदित उम्मीदवारों को पंजीकृत कर प्रशिक्षणोपरांत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा गार्ड में स्थाई रोजगार दिया जाएगा। जिसके अंतर्गत पंजीयन शिविर का आयोजन थाना गुण्डरदेही में 01 अपै्रल, थाना अर्जुंदा में 02 अपै्रल, थाना डौण्डीलोहारा में 03 अपै्रल, थाना देवरी में 04 अपै्रल, थाना मंगचुवा में 05 अपै्रल, चैकी पिनकापार में 06 अपै्रल, थाना सुरेगांव में 07 अपै्रल, थाना पुरूर में 08 अपै्रल, थाना गुरूर में 09 अपै्रल, थाना रनचिरई में 10 अपै्रल एवं थाना बालोद में 11 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 04 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक को भर्ती से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में बालोद विकासखण्ड के ग्राम तरौद के सुरेश कुमार महिपाल ने आबादी भूमि का पट्टा प्रदान दिलाने, डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खैरवाही के श्री दिवाकर सिवाना ने कृषक सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने हेतु एवं डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम अंडी के श्री दीपक कुमार साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किश्त की राशि दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
- 0- एलपीजी, पेट्रोल, डीजल एवं अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एडीएम श्री चंद्रकांत कौशिक नोडल अधिकारी नियुक्तबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न परिस्थिति में आम नागरिकों को घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल आदि आवश्यक वस्तुओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले में घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति और वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर द्वारा अनुभाग स्तर पर गठित दल के अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, प्राप्त, शिकायतों का निराकरण की जानकारी जिला स्तरीय नोडल अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
- 0- सतत मानिटरिंग के लिए अनुविभाग स्तरीय समिति गठित0- अनुविभाग स्तरीय समिति को आवश्यक वस्तुओं की रेण्डम जांच करने निर्देश0- आम जनता से प्राप्त सूचना एवं शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति के फलस्वरूप घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरक आदि आवश्यक वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की सतत माॅनिटरिंग हेतु अनुभाग स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत जिले के सभी पांचों राजस्व अनुविभागों में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं संबंधित तहसीलदारों के अलावा सहायक खाद्य अधिकारी/खाद्य निरीक्षक, सहकारिता विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को अलावा अनुविभाग स्तरीय कमेटी का सदस्य बनाया गया है।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अनुविभाग स्तरीय कमेटी के सदस्यों को पश्चिम एशियाई संकट के परिपेक्ष्य में अपने-अपने प्रभार क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की रेण्डम जांच करने के अलावा इस संबंध में प्राप्त शिकायत तथा आम जनता से प्राप्त सूचना एवं शिकायतों का तत्काल निराकरण कर इस संबंध में की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
- 0- राजस्व संबंधी समस्याओं का किया जाएगा त्वरित निराकरणबालोद. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए जिले के सभी तहसीलों के अंतर्गत आने वाले हल्के एवं उनके अधीनस्थ ग्राम पंचायतों के ग्रामों में ’राजस्व पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा। ’राजस्व पखवाड़ा’ अप्रैल से जून तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। जिसके अंतर्गत अप्रैल माह में 01 अपै्रल से 15 अप्रैल 2026, मई माह में 04 मई से 18 मई 2026 तथा जून माह में 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। राजस्व पखवाड़ा में अविवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन के समय-सीमा के बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण करना, सीमांकन (ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों), व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई का समय सीमा से बाहर के प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण करना, नक्शा बंटाकन की प्रगति सुनिश्चित करना, भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाइल नं., किसान किताब एवं जेंडर की प्रविष्टि शत-प्रतिशत करना, शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदन जैसे फौती नामांतरण एवं बँटवारा, अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन अपलोड पर हल्का पटवारी द्वारा प्रतिवेदन, पंचनामा, सूची की प्रविष्टि एवं नोटिस ईश्तिहार जारी कर पक्षकारों को तामिली कराना एवं निराकरण करना कार्ययोजना में शामिल है।इसी तरह जनहानि-फसल क्षति, पशु हानि से संबंधित आर.बी.सी. 6-4 के तहत प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करना, भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण तथा भू-अर्जन प्रकरणों में लिये गये सेवा शुल्क की जानकारी अद्यतन किया जाएगा। स्वामित्व योजनांतर्गत लगभग अधिकार अभिलेखों का कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानीय जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति मे वितरण करना, वार्षिक कृषि सांख्यिकी सारणी तथा ऋतु एवं फसल प्रतिवेदन (जींसवार वर्ष 2025-26 का अप्रैल तक शत-प्रतिशत अद्यतन जानकारी उपलब्ध करना, अभिलेख शुद्धता (संकलन हेतु त्रुटि खसरा, विलोपन योग्य संदेहास्पद खसरा, शून्य रकबा वाले खसरा, भूमिस्वामी विहीन खसरा, भूमिस्वामी के विवरण में स्पेशल कैरेक्टर युक्त खसरा, संयुक्त खातेदार का नाम पृथक-पृथक दर्ज न होकर एक साथ दर्ज होने, त्रुटिपूर्ण खसरा भूमिस्वामी क्रमांक निर्धारण हेतु त्रुटि खसरा की संख्या) अंतर्गत शत-प्रतिशत निराकरण करना, मौके पर बी-01, खसरा एवं किसान किताब के प्राप्त आवेदनों का शिविर स्थल पर निराकरण करना है। इसी तरह आय, जाति, निवास संबंधी समस्त आवेदनों का शिविर स्थल पर ही लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टि एवं समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण करना, शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों एवं उन पर कार्यवाही की जानकारी प्रत्येक दिवस निर्धारित प्रपत्र में इस कार्यालय को उपलब्ध कराना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवाओं की अदायगी हेतु समय-सीमा में कार्यवाही करना, राजस्व पखवाड़ा शिविर आयोजन के संबंध में प्रत्येक ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराना है।
- 0- बैठक में जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम सुनिश्चित करने चर्चा0- मादक पदार्थों के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाने उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गईबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक की अध्यक्षता में आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में बालोद जिले में मनः प्रभावी पदार्थों के अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में जिले में मनः प्रभावी पदार्थों के अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम की पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा इसके संबंध में जनजागरूता अभियान चलाने के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग और कृषि एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए जरूर उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री जेएल उइके, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम, उप पुलिस अधीक्षक श्री बोनीफास एक्का, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में अपर कलेक्टर श्री कौशिक ने विभागवार जिले में मनः प्रभावी पदार्थों के अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नशामुक्ति हेतु मेडिकल सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए जिला अस्पताल में विशेष कक्ष भी क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर मनः प्रभावी पदार्थों के बिक्री एवं परिवहन की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु चिन्हित स्थानों पर नियमित रूप से जाँच किया जा रहा है। संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिले के स्कूल, काॅलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के अलावा अन्य चिन्हित स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाकर नशापान से दूर रहने की समझाईश दी जा रही है।--
- -सभी जोनों के राजस्व विभाग में सम्पतिकरदाता नागरिक उमड़े और अपना देय सम्पतिकर अदा किया-31 मार्च 2026 को सम्पतिकर अदायगी हेतु अंतिम नियत तिथि, अदा नहीं करने वालों से 17 प्रतिशत अधिभार सहित राजस्व वसूली की जाएगी-राजस्व नगर निगम को अदा नहीं करने वालों पर व्यवसायिक परिसरों में सीलबंदी और घरों में नल विच्छेद करने की कार्रवाई सभी जोनों में निरन्तर जारी-31 मार्च 2026 को महावीर जयन्ती के शासकीय अवकाश दिवस पर सभी 10 जोनों के राजस्व विभाग सामान्य कार्य दिवस की तरह जनसुविधा हेतु राजस्व वसूली हेतु खुले रहेंगेरायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोनों के राजस्व विभागों में सम्पतिकर अदा करने सम्पतिकरदाता नागरिक उमड़ पड़े. सभी 10 जोनों में सम्पतिकरदाता नागरिक स्वयं आकर सुबह 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक अपना देय सम्पतिकर सहजता और सरलता से अदा करते रहे.आज 30 मार्च को सुबह 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक आज नगर निगम राजस्व विभाग को 8768 सम्पतिकरदाता नागरिकों ने 9 करोड़ 58 लाख 61442 रूपये सम्पतिकर अदा किया है.दिनांक 31 मार्च 2026 को सम्पतिकर अदा करने अंतिम नियत तिथि निर्धारित है. 31 मार्च के अंतिम दिवस तक राजस्व अदा नहीं कर पाने वाले सम्पतिकरदाता नागरिकों से नियमानुसार दिनांक 1 अप्रैल से 17 प्रतिशत अधिभार सहित राजस्व वसूली रायपुर नगर निगम के राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी.आज 30 मार्च को नगर निगम के सभी सभी जोनों के राजस्व विभाग द्वारा वार्डो में नगर निगम को राजस्व बकाया अदा नहीं करने वाले दुकानदारों के सम्बंधित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सीलबंद करने की कार्रवाई और घरों में बकाया राजस्व अदा नहीं करने पर नल विच्छेद की कार्रवाई सभी जोनों में राजस्व विभाग द्वारा आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों की अगुवाई और अभियंताओं, जोन सहायक राजस्व अधिकारियों सहित राजस्व कर्मचारियों द्वारा लगातार सुबह से रात्रि तक जारी रही.
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय स्वीकृति का पत्र जारी-एक्सप्रेस-वे और वीआईपी रोड पर यातायात होगा तेज और सुव्यवस्थितरायपुर। राज्य शासन ने रायपुर में अटल पथ एक्सप्रेस-वे पर फुण्डहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के निर्माण के लिए 87 करोड़ 53 लाख 13 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके निर्माण से इस रुट पर यातायात तेज होगा। इससे एक्सप्रेस-वे के साथ ही वीआईपी रोड पर भी यातायात तेज और सुव्यवस्थित होगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के समय से ही शहरवासी इसकी मांग कर रहे थे।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।
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- जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर फील्ड में जाकर कार्य करें - प्रभारी सचिव
राजनांदगांव । प्रभारी सचिव श्री अविनाश चंपावत ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर फील्ड में जाकर कार्य करें और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल एवं ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सभी प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। प्रभारी सचिव ने जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को और बेहतर तरीके से करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदकों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करानी पड़े, दोनों पक्षों की सुनवाई कर मामलों का निष्पक्ष एवं शीघ्र निराकरण किया जाए। प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को जनहित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेजी और पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धान उठाव, पीएम आशा योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की। प्रभारी सचिव ने जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक घरों पर सोलर कनेक्शन लगने पर बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी राजनांदगांव निवासी श्री संजय कुमार रघुवेन्द्र और कंचनबाग राजनांदगांव निवासी श्रीमती केकती साहू प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी राजनांदगांव निवासी श्री संजय कुमार रघुवेन्द्र और कंचनबाग राजनांदगांव निवासी श्रीमती केकती साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने घर की छत पर रूपटॉफ सोलर पैनल लगाया है। जिससे उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और भविष्य में अतिरिक्त बिजली उत्पादन पर उन्हें आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - रायपुर । कभी बारिश पर निर्भर रहने वाले जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम सरवानी के किसान हेमंत साहू के जीवन में अब बड़ा बदलाव आया है। मनरेगा के तहत खेत में बने कुएं ने उनकी खेती को नई दिशा दी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।हेमंत साहू बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण वे साल में केवल एक फसल ही ले पाते थे। खेत अक्सर सूखे रहते थे और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता था। भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी। मनरेगा योजना के तहत उनके खेत में व्यक्तिगत कुआं निर्माण स्वीकृत हुआ। लगभग 2.99 लाख रुपये की लागत से बने इस कुएं ने स्थायी सिंचाई की समस्या को दूर कर दिया। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान 357 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिससे गांव के मजदूरों को काम मिला।कुएं के निर्माण के बाद अब हेमंत साहू सालभर खेती कर रहे हैं। उनके खेत में टमाटर, बैंगन, भिंडी, पत्तागोभी, लौकी, मिर्च, करेला, खीरा और ककड़ी जैसी सब्जियों की खेती हो रही है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।हेमंत साहू का कहना है कि अब हर मौसम में खेती संभव हो गई है और वे भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वासी हैं। श्री साहू की सफलता की इस बात का प्रमाण है कि सही योजना, स्थानीय सहयोग और मेहनत से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। मनरेगा ने न केवल सिंचाई की समस्या हल की, बल्कि किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
- -प्रकृति प्रेमियों को मिल रहा अनूठा अनुभव, बढ़ रही संरक्षण के प्रति जागरूकतारायपुर ।वन विभाग खैरागढ़ द्वारा ईको कैंप छिंदारी में शुरू की गई ‘बर्डवॉक’ पहल प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। यह पहल वन मंत्री श्री केदार कश्यप की प्रेरणा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वर्ष 2026 से प्रारंभ इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को विशेषज्ञों की देखरेख में पक्षी भ्रमण (बर्डवॉक) आयोजित किया जा रहा है। इसमें आम नागरिकों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों को भाग लेने का अवसर मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि ईको कैंप छिंदारी जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है, जहां छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली पक्षियों की लगभग 35 प्रतिशत प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं। यहां आने वाले पर्यटक विभिन्न रंग-बिरंगे पक्षियों को नजदीक से देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। हाल के बर्डवॉक कार्यक्रमों में खैरागढ़ के संगीत एवं कला के छात्र- छात्राओं सहित दुर्ग, रायपुर और राजनांदगांव से आए पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को पक्षियों के व्यवहार, घोंसला निर्माण और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह पहल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की सीख भी देती है। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को शांत रहने, प्लास्टिक का उपयोग न करने और वन्यजीवों के आवास का सम्मान करने जैसे नियमों का पालन कराया जाता है।पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए वयस्कों से 200 रुपए तथा विद्यार्थियों से 50 रुपए का सहयोग शुल्क निर्धारित किया गया है। ईको कैंप का संचालन स्थानीय समुदाय द्वारा किया जा रहा है, जिसे वन विभाग का वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्राप्त है। ईको कैंप छिंदारी में बर्डवॉक के साथ-साथ बोटिंग, टेंटिंग, कैंपिंग तथा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों जैसे फरा, ठेठरी और खुरमी का आनंद लेने की भी सुविधा उपलब्ध है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थल पर्यटकों के लिए एक आदर्श पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वन विभाग ने इच्छुक नागरिकों से बर्डवॉक में शामिल होने के लिए अग्रिम पंजीकरण कराने का आग्रह किया है, ताकि सभी को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके। यह पहल इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की पुण्यतिथि (31 मार्च) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. श्री मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
- रायपुर। भारत की अर्थव्यवस्था में सहकारी क्षेत्र की अहम भूमिका के मद्देनज़र इसके वास्तविक आर्थिक योगदान और रोजगार सृजन का समग्र आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा ‘कार्यात्मक सहकारी समितियों का त्वरित सर्वेक्षण’ (Rapid Survey of Functional Cooperatives - आरएसएफसी) 1 अप्रैल 2026 से देशभर में प्रारंभ किया जाएगा। यह सर्वेक्षण छह माह तक संचालित होगा।सहकारी क्षेत्र कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, आवास, रोजगार सृजन तथा समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, किंतु इसके उत्पादन मूल्य और रोजगार सृजन संबंधी विश्वसनीय आंकड़ों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (National Sample Survey - एनएसएस) द्वारा यह सर्वेक्षण सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation - एमओसी) के राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस के आधार पर किया जा रहा है।सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2020-21 तथा 2023-24 को संदर्भ अवधि के रूप में लिया जाएगा, जिससे सहकारी समितियों की परिचालन एवं आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार से जुड़े पहलुओं का तुलनात्मक विश्लेषण संभव हो सके। सर्वेक्षण के सुचारू संचालन हेतु राज्य सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार तथा जिला रजिस्ट्रार कार्यालयों का सहयोग लिया जाएगा, जो संबंधित समितियों की पहचान और मैदानी कार्य में सहायता करेंगे।इसी क्रम में रायपुर स्थित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सोमवार को एक दिवसीय ‘क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर’ का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य क्षेत्रीय अधिकारियों को सर्वेक्षण की अवधारणाओं, परिभाषाओं, प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराना था, ताकि आरएसएफसी का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के उप महानिदेशक श्री अल्ताफ हुसैन हाजी ने की। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया तथा अपने संबोधन में आरएसएफसी की आवश्यकता और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य सहकारी अधिकारियों और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए सर्वेक्षण के सफल संचालन हेतु राज्य स्तर पर पूर्ण सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सर्वेक्षण के दौरान राज्य सहकारी संस्थाओं के साथ मजबूत संवाद स्थापित करें।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर की उप निदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष सुश्री अग्रवाल सचिता राकेश ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण शिविर के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण 30 विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्राथमिक सहकारी समितियों को कवर करेगा, जिनसे संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।प्रशिक्षण शिविर में सहकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें कोरबा के उप रजिस्ट्रार श्री एम.आर. ध्रुव तथा रायपुर के सहायक रजिस्ट्रार श्री विनय कश्यप सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे, ने सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी श्री निरंजन कुमार पटेल ने आभार व्यक्त किया। यह सर्वेक्षण सहकारी क्षेत्र की वास्तविक आर्थिक स्थिति और रोजगार क्षमता का सटीक आकलन प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भविष्य की नीतियों के निर्माण को ठोस आधार मिल सकेगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय कार्य मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने में जनजातीय ज्ञान प्रणालियाँ प्रभावी सिद्ध हो सकती हैं। उन्होंने जनजातीय समुदायों को सतत विकास का सक्रिय भागीदार बताते हुए उनके पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति-आधारित जीवन शैली को नीति निर्माण में समुचित स्थान देने की आवश्यकता पर बल दिया।श्री नेताम हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा 28 मार्च को आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “लॉ, राइट्स एंड इंडिजिनस फ्यूचर्स: रीथिंकिंग ट्राइबल जस्टिस इन अ ग्लोबलाइज्ड वर्ल्ड” के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और गरिमा के संवैधानिक मूल्यों पर आधारित समावेशी नीतियाँ समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और सामाजिक असमानता जैसी समकालीन चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की उपयोगिता को रेखांकित किया।कार्यक्रम की शुरुआत हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉक्टर) वी. सी. विवेकानंदन के उद्घाटन वक्तव्य से हुई। उन्होंने समकालीन विधिक विमर्श में जनजातीय न्याय की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने वाली जनजातीय प्रणालियाँ “प्रकृति पर नियंत्रण” आधारित विकास मॉडल के कारण धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं। उन्होंने केवल शैक्षणिक विश्लेषण तक सीमित न रहकर ठोस नीतिगत कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।यह सम्मेलन “सेंटर फॉर स्टडी ऑफ लॉ एंड इंडिजिनस पीपल” द्वारा आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व केंद्र प्रमुख डॉ. अयान हाजरा ने किया। कार्यक्रम में प्रभारी रजिस्ट्रार डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि श्री आशुतोष कुमार आहिरे ने सम्मेलन के संयोजक के रूप में दायित्व निभाया।दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, विधि विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न तकनीकी सत्रों में जनजातीय अधिकार और संवैधानिक ढांचा, संस्कृति और विधिक बहुलवाद, जलवायु न्याय एवं पर्यावरणीय सततता, विकास और विस्थापन, तथा जनजातीय समुदायों में लैंगिक मुद्दों जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।29 मार्च को आयोजित समापन सत्र में छत्तीसगढ़ शासन के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री सोनमणि बोरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जनजातीय समुदायों के न्याय, समावेशन और सशक्तिकरण के लिए सुशासन, नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संस्थागत समन्वय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।स्कूल ऑफ लॉ एंड ह्यूमैनिटीज के निदेशक डॉ. अविनाश सामल ने प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संवाद और विचार-विमर्श को सार्थक बताया।सम्मेलन का समापन सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। यह आयोजन कानून, समाज और जनजातीय ज्ञान प्रणालियों के बीच सतत संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जो समावेशी एवं सतत भविष्य के निर्माण में सहायक होगा।
- भिलाई । भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited - SAIL) के प्रमुख संयंत्र भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में हॉट मेटल उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 6 मिलियन टन का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि संयंत्र की परिचालन उत्कृष्टता, तकनीकी दक्षता और सामूहिक प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।उल्लेखनीय है कि संयंत्र ने वर्ष 2005–06 में पहली बार 5 मिलियन टन हॉट मेटल उत्पादन का स्तर हासिल किया था, उस समय सात ब्लास्ट फर्नेस संचालित थे। इसके विपरीत वर्तमान में केवल चार ब्लास्ट फर्नेस के संचालन के साथ 6 मिलियन टन उत्पादन का यह मील का पत्थर प्राप्त किया जाना संयंत्र की उन्नत तकनीक, संसाधनों के बेहतर उपयोग और परिचालन अनुशासन को दर्शाता है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार तथा वरिष्ठ प्रबंधन ने ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े सभी कर्मियों और हितधारकों को बधाई दी है। प्रबंधन ने ब्लास्ट फर्नेस के प्रदर्शन में निरंतर सुधार की सराहना करते हुए इस उपलब्धि को भविष्य की प्रगति के लिए एक नया मानक बताया और टीमों को इसी प्रतिबद्धता एवं उत्साह के साथ आगे बढ़ते हुए उच्चतर उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
- -नक्सलवाद अब इतिहास बन कर रह जाएगा - संतोष पांडेयरायपुर। भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा सदन में चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की पूर्ण समाप्ति को लेकर कहा कि सदन में देश की आंतरिक सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण विषय वामपंथी उग्रवाद पर सरकार के पक्ष में बोलते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि किस प्रकार से भ्रमजाल पैदा किया गया और सशस्त्र आंदोलन के नाम पर लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से को नक्सलवाद ने जकड़ रखा गया था। अब नक्सलवाद इतिहास बन कर रह जाएगा। आज नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। दशकों तक लाल आतंक का साया हमारे आदिवासी क्षेत्रों पर मंडराता रहा है और आज जब 31 मार्च 2026 तक भारत को हथियारबंध नक्सलवाद से मुक्त करेंगे तो यह केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं है बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की साझा प्रतिज्ञा है और यह प्रतिज्ञा जब नेतृत्व लेता है तो पूरा देश उन पर विश्वास करते हुए उनके पीछे खड़ा होता है। यह दृढ़ इच्छा शक्ति के संकल्प का प्रभाव है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि भारत के इतिहास में जब आंतरिक सुरक्षा के ऊपर चर्चा की जाएगी, शोध किया जाएगा तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी और देश के गृहमंत्री अमित शाह का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। जिस तरह देश के एकीकरण के लिए जब रियासतों का विलयीकरण हुआ था तब देश के पूर्व गृह मंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल के फौलादी नेतृत्व और इतिहास को हम सब स्मरण करते हैं और आज जब छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, भानुप्रतापपुर, मानपुर, मोहला, मदनवाड़ा, बगड़गट्टा, रेंगाखार, गरियाबंद, संपूर्ण छत्तीसगढ़ की ओर से मैं अपने नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने खड़ा हुआ हूं।आगे उन्होंने कहा कि देश के अंगभूत हम सभी घटक हैं किंतु हमारा यह नेतृत्व और उस कर्तव्य को आपने निभाया। बस्तर जिसे दण्डकारण्य कहते हैं पूरे छत्तीसगढ़ को आपने नक्सल मुक्त किया है इस पर हम छत्तीसगढ़ वासी उऋण नहीं हो सकते। इस ऋण को हम कभी नहीं चुका सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक टाईमलाइन के तहत एक लक्ष्य लेकर, एक टारगेट निर्धारित के नक्सलवाद का समूल नाश किया है। उन्होंने कहा कि 40 साल तक माओवाद नहीं यह मवाद था जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को रेड कॉरिडोर बना रखा था। ऐसे मवाद को केन्द्र सरकार ने ऑपरेशन करके निकालने का काम किया है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई वीभत्स घटनाएं विभीषिका घटित हुई जिसे छत्तीसगढ़ की जनता जानती है और जिसके ऊपर गुजारा है वह जानता है। माओवादियों ने कई बड़े-बड़े हमले किए 2010 में 76 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए हो गए, किंतु दिल्ली के जेएनयू में जश्न मनाया गया। वह कौन लोग हैं जो बस्तर में हमारे सीआरपीएफ के सैनिक, जवान, प्रहरी शहीद होते हो रहे थे तो जश्न मनाते थे। अब यह देश की जनता जान चुकी है। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हिड़मा से लेकर पापाराव तक 2013 में झीरम घाटी में नरसंहार हुआ था उसका भी गुनहगार हिड़मा ही था जिसने नेताओं को मौत के घाट उतार दिया। 2021 में बस्तर-सुकमा के बीच में 22 जवान शहीद हुए थे और मेरे क्षेत्र के आठ विधानसभा में से सात विधानसभा नक्सलवाद से प्रभावित रहा हैं। मदनवाड़ा में 29 जवान के साथ एसपी विनोद चौबे शहीद हुए थे। जिन परिवारों के साथ घटना घटित हुई उसका दर्द वही जान सकता है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि जितनी हत्याएं देश की सीमाओं में नहीं हुई उतनी हत्या छत्तीसगढ़ में हुई है। इस दर्द को मिटाने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने किया है। इस संवेदना को समझ करके केन्द्र सरकार आगे बढ़ रही है। नक्सलियों के समूल नाश में लगे सीआरपीएफ के कोबरा फोर्स, आरटीबीपी, बीएसएफ, एसएसबी, डीआईजी, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, एसटीएफ, छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स, बस्तर फाइटर, झारखंड जैगुवार ऐसे लगभग 18 से 19 फोर्सेस ने अपना सर्वस्व अर्पण किया।उन्होंने सदन में बताया कि आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश को वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार के ठोस प्रयासों पर चर्चा की शुरुआत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह जी के सशक्त रणनीति के मार्गदर्शन में देश मे नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य यह केवल संकल्प नहीं, बल्कि केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सुरक्षा बलों और जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बनने की दिशा में एक मजबूत कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार, पुलिस बल और हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, समर्पण और बलिदान इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। सांसद पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संयुक्त प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।





















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