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- रायपुर ।रानीदाह जलप्रपात का सबसे आकर्षक रूप मानसून के दौरान देखने को मिलता है, जब पानी का बहाव चरम पर होता है और चारों ओर हरियाली व वादियां निखर उठती हैं। एडवेंचर, फोटोग्राफी, और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान अद्भुत अनुभव देता है। यहाँ की स्वच्छ बूंदें, हरियाली भरी घाटियाँ और झरने की गूंज हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देती है।रानीदाह जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह झरना घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के मध्य स्थित है और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। बरसात के मौसम में यहाँ का नजारा अत्यंत मनोहारी होता है, झरने की धाराएं विशाल चट्टानों से गिरती हैं और एक विशाल जलकुंड में मिल जाती हैं। आसपास जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, और ऊँची-नीची पहाड़ियाँ इस जगह को रोमांचक बनाते हैं। यहाँ के माहौल में शांति, ताजगी और हरियाली छायी रहती है, जिससे यह पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों का आदर्श स्थल है। रानीदाह जलप्रपात से जुड़ी एक रोचक किंवदंती भी है। कहा जाता है कि उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ भागकर जशपुर आई थीं, जहाँ उन्होंने अपने भाईयों से छिपते हुए इसी झरने के समीप आत्मसमर्पण किया। इसी वजह से इस स्थल का नाम रानीदाह पड़ा। आज भी यहाँ रानी की समाधि और पंचमैया नामक स्थल देखने को मिलता है, जो रानी के पाँच भाईयों को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाता है। जलप्रपात के निकट एक शिव मंदिर भी है, जिससे इसका धार्मिक महत्त्व बढ़ जाता है।यह जलप्रपात वर्ष पर्यन्त विशेष रूप से जून से फरवरी तक चालू रहता है। जशपुर से आरा मार्ग पर लगभग 18 किमी दूरी और मुख्य सड़क से 5 किमी अंदर की ओर स्थित इस स्थल तक सड़क मार्ग, ट्रेन (रांची व अंबिकापुर रेलवे स्टेशन), और हवाई यात्रा (रांची व रायपुर एयरपोर्ट) से पहुँचा जा सकता है। यहाँ जिला प्रशासन ने व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ, एवं पिकनिक के लिए सुरक्षित व्यवस्था की है ताकि पर्यटक पूर्ण रूप से प्रकृति का आनंद उठा सकें।रानीदाह जलप्रपात न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण बिंदु है, बल्कि प्रकृति, इतिहास और रोमांच से भरपूर एक अविस्मरणीय स्थल भी है। यहाँ आकर मनुष्य को प्रकृति के शांत, पवित्र एवं रमणीय स्वरूप का गहरा अहसास होता है।
- 0- जर्मन मेहमानों को जशपुर की जनजातीय संस्कृति ने किया मंत्रमुग्धरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रेरणा और राज्य सरकार की पर्यटन संवर्धन नीतियों के अंतर्गत जशपुर अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। इसकी झलक हाल ही में तब देखने को मिली जब जर्मनी से आए पर्यटक श्री बर्नहार्ड और श्रीमती फ्रांजिस्का जशपुर की जनजातीय संस्कृति, कला और आत्मीयता से गहराई से प्रभावित हुए।दोनों पर्यटकों ने क्षेत्रीय स्टार्टअप “ट्रिप्पी हिल्स” के अनुभवात्मक पर्यटन कार्यक्रम के तहत जनजातीय जीवन की बारीकियों को समझा। यात्रा की शुरुआत मलर समुदाय से हुई, जो अपने उत्कृष्ट हस्तनिर्मित आभूषणों और शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। इन कारीगरों की रचनात्मकता ने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के गांव में उन्होंने पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ गहरे संबंध को महसूस किया।वहीं अगरिया समुदाय के दौरे में लौह गलाने की पारंपरिक तकनीक का जीवंत प्रदर्शन हुआ, जिसने दोनों अतिथियों को आश्चर्यचकित कर दिया। यात्रा का समापन स्थानीय हाट-बाजार में हुआ, जहाँ रंगीन वस्त्र, मिट्टी की खुशबू और पारंपरिक जनजातीय संगीत ने जशपुर की जीवंत सांस्कृतिक धड़कन को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमेशा इस बात पर बल दिया है कि जशपुर की जनजातीय संस्कृति केवल धरोहर नहीं, बल्कि पर्यटन विकास का सशक्त माध्यम भी है। उनके नेतृत्व में जशपुर में सड़क, संचार और सुविधाओं के प्रसार से नए पर्यटन मार्ग तैयार हो रहे हैं। “कल्चर देवी” और “अनएक्सप्लॉरड बस्तर” जैसे संगठनों के सहयोग से स्थानीय समुदायों को भी अपने हुनर को दुनिया के सामने लाने का अवसर मिला है। यह अनूठा सांस्कृतिक अनुभव इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति अब वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रही है, जहाँ परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता का सुंदर संगम नजर आता है।
- 0- लांजित, रैसरा और सम्बलपुर में जलाशय जीर्णोद्धार कार्यों का किया भूमिपूजनरायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शनिवार को सूरजपुर जिले के ग्राम लांजित, रैसरा और सम्बलपुर (सेमरा) में आयोजित जलाशय जीर्णोद्धार कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर विकास कार्यों की शुरुआत की। लांजित में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली और सिंचाई संसाधनों के विस्तार के लिए सतत कार्य कर रही है। जलाशयों के जीर्णोद्धार से किसानों को स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे कृषि उत्पादन को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्प है।किसानों की आय में वृद्धि और सिंचाई सुविधा का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।सन् 1986 में निर्मित लांजित जलाशय लगभग 39 वर्ष पुराना है, जो लंबे समय से क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसलों के लिए सिंचाई सुविधा प्रदान करता रहा है। बांध की कुल लंबाई 435 मीटर तथा जल भराव क्षमता 24.95 मिलियन क्यू बिक फीट है। इस जलाशय से दो नहरें निकलती हैं — बाईं नहर 1650 मीटर एवं दाईं नहर 3390 मीटर लंबी है। जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय अपनी रूपांकित सिंचाई क्षमता 240 हेक्टेयर प्राप्त करेगा, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।प्रदेश सरकार द्वारा इस जलाशय के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य हेतु 258.55 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने भैयाथान में जीवनदीप समिति की बैठक में भी सहभागिता की और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर चर्चा की।
- अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ समारोह आगामी 28 अक्टूबर 2025, मंगलवार को प्रातः 11 बजे शासकीय बहु उद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अम्बिकापुर के खेल परिसर में आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल शामिल होंगे, वहीं समारोह की अध्यक्षता सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज द्वारा की जाएगी।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक, लुण्ड्रा श्री प्रबोध मिन्ज, विधायक सीतापुर श्री राम कुमार टोप्पो, छ.ग. गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, छ.ग. राज्य युवा आयोग अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, नगर पालिक निगम अम्बिकापुर महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला पंचायत सरगुजा अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, नगर पालिक निगम अम्बिकापुर सभापति श्री हरमिंदर सिंह, एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देव नारायण यादव उपस्थित रहेंगे।कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन एवं जिला आयोजन समिति, अम्बिकापुर द्वारा किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से आए छात्र-प्रतिभागी भाग लेंगे। खेल प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना को प्रोत्साहन मिलेगा।जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि समारोह में खिलाड़ियों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, खो-खो सहित विभिन्न खेलों की प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जाएगा।वहीं 31 अक्टूबर शासकीय बहु उद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के क्रीडा़ंगन में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा जिससे मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी शामिल होंगे, कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे।
- 0- किसानों से समय पर बीज प्राप्त करने की अपीलमहासमुंद. कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले में रबी वर्ष 2025-26 के लिए बीज वितरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं बीज प्रक्रिया केन्द्रों में विभिन्न फसलों के बीज का भंडारण किया गया है, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा सके।उन्होंने बताया कि विकासखंड महासमुंद अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में तिवड़ा फसल के 9.60 क्विंटल, गेहूँ 12.00 क्विंटल भंडारित किया गया है। इसी तरह विकासखंड बसना में तिवड़ा 5.60 क्विंटल तथा विकासखंड सरायपाली में तिवड़ा 13.00 क्विंटल, सरसों 5.00 क्विंटल और गेहूँ 15.00 क्विंटल बीज भंडारित किए गए हैं।इसी प्रकार जिले के तीनों बीज प्रक्रिया केन्द्रों में भी पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध हैं। जिसमें बीज प्रक्रिया केन्द्र लभराखुर्द महासमुंद में गेहूँ 12.00 क्विंटल, सरसों 10.00 क्विंटल, तिवड़ा 15.20 क्विंटल, बीज प्रक्रिया केन्द्र बसना में गेहूँ 22.40 क्विंटल, सरसों 2.70 क्विंटल, तिवड़ा 5.60 क्विंटल तथा बीज प्रक्रिया केन्द्र सरायपाली में गेहूँ 60.80 क्विंटल, सरसों 10.28 क्विंटल, तिवड़ा 21.60 क्विंटल तथा मूंगफली 118.40 क्विंटल उपलब्ध हैं। कृषि विभाग ने जिले के सभी कृषकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय या बीज प्रक्रिया केन्द्र में जाकर शीघ्र बीज प्राप्त करें, ताकि रबी फसलों की बुवाई समय पर प्रारंभ की जा सके।
- 0- कलेक्टर ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गैस एजेंसी संचालकों की बैठक ली0- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के दिए निर्देश0- पात्र हितग्राहियों को शीघ्रता से गैस कनेक्शन प्रदाय करने कहा0- जिले को 5618 नग गैस कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य प्राप्तराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गैस एजेंसी संचालकों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को शीघ्रता से गैस कनेक्शन प्रदाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभ से वंचित न हो, इसके लिए गैस कनेक्शन वितरण की जानकारी पंचायतों में सूचना पटल एवं स्थानीय माध्यमों से सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करते हुए पात्र हितग्रहियों को गैस कनेक्शन प्रदाय करने कहा। कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को फालोअप लेने के निर्देश दिए।खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी ने बताया कि जिले में 1 लाख 73 हजार परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से लाभान्वित किया गया है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 अंतर्गत राजनांदगांव जिले को 5618 नग गैस कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। योजना के तहत पात्र महिला हितग्राही को नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन, गैस चूल्हा और पहली रिफिल प्रदाय की जाएगी। बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारी एवं गैस एजेंसी संचालक उपस्थित थे।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिला हितग्राही को आवेदन पत्र के साथ उपलब्ध कराना होगा आवश्यक दस्तावेजप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिला हितग्राही को आवेदन पत्र के साथ परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति, महिला मुखिया के बैंक खाता की छायाप्रति एवं राशन कार्ड की छायाप्रति की आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत हितग्राहियों से ऑफलाईन आवेदन एवं घोषणा पत्र प्राप्त किया जाएगा। प्राप्त आवेदन को गैस एजेंसी को प्रदान किया जाएगा। गैस एजेंसी द्वारा आवेदन ऑनलाईन दर्ज किया जाएगा एवं आधार सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत पात्र हितग्राहियों की सूची प्रदर्शित की जाएगी। पात्र हितग्राहियों का ई-केवायसी किया जाएगा। ई-केवायसी उपरांत पात्र हितग्राहियों का सब्क्रिशन वाउचर जारी किया जाएगा और गैस कनेक्शन इंस्टालेशन किया जाएगा।
- 0- महतारी वंदन और आवास योजना बनीं ग्रामीण महिला की ताकतरायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब एवं वंचित आवास विहीन परिवारों को आवास के साथ साथ आधारभूत संरचना की सुविधा उपलब्ध कराना, जिससे उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हो सके। सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों के साथ भागीदारी में किफायती आवास की सुविधा उपलब्ध कराना। ऋण से जुड़ी व्याज सब्सिडी के माध्यम से कमजोर वर्गों के लिए किफायती आवास की सुविधा उपलब्ध कराना। श्रीमती महंती बेक का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने की राह पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति श्री सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है, जिसका निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से प्रगतिरत है।जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सन्ना गांव की रहने वाली श्रीमती महंती बेक को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति श्री सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है, जिसका निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से प्रगतिरत है। मिट्टी और टिन की झोपड़ी में जीवन बिताने वाली महंती बेक अब अपने नए पक्के घर की दीवारें खड़ी होते देख खुश हैं। श्रीमती महंती बेक के वर्षों पुरानी सपना अब साकार होने की राह पर है। महंती बेक बताती हैं कि “हमारा जीवन कठिनाईयों से भरा रहा। मैं और मेरे पति रोज़ मजदूरी करके किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं। दो छोटे बच्चों की परवरिश के साथ पक्का घर बनाना हमारे लिए एक सपना ही था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह सपना पूरा कर दिया।” वे बताती हैं कि इस योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता मिली, जिससे घर का निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ा। सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की भावना दी है।महंती बेक आगे कहती हैं कि “महतारी वंदन योजना के माध्यम से मुझे एक हजार रूपए प्रतिमाह की सहायता राशि मिलती है, जिससे बच्चों की जरूरतें पूरी करने में बड़ी मदद मिलती है। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिलने के बाद अब खाना पकाने में आसानी होती है।” महंती बेक कहती हैं - “पहले बरसात में छत टपकती थी, सर्दी में हवा अंदर आती थी, गर्मी में मिट्टी की दीवारें झुलसाती थीं। अब जल्द ही हम अपने नए पक्के घर में रहेंगे। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने हम गरीबों के लिए घर का सपना साकार किया।”
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-ग्रामीणों को वन अधिकार पट्टा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाएगी प्रदेश सरकार - उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
-परतापुर पंचायत में 20 लाख रुपए से डोम निर्माण की घोषणा-सांसद भोजराज नाग ने ग्राम विकास कार्यों के लिए सांसद निधि से 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा कीरायपुर । प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शनिवार को उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के सुदूर अंचल में बसे ग्राम पंचायत परतापुर के आश्रित ग्राम माहला में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उसे निराकृत करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने ग्रामीणों से वर्चुअली संवाद करते हुए उनकी मूलभूत समस्या जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड इत्यादि की जानकारी लेते हुए शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का हर संभव लाभ ग्रामीणों दिलाने की बात कही। ग्रामीणों की मांग पर उनके द्वारा ग्राम पंचायत परतापुर में डोम निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की भी घोषणा की गयी।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं की पहुंच अब दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित ग्रामों में भी प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जाएगी। माहला ग्रामवासी माओवादियों से पीड़ित होकर अपने गांव छोड़ चुके थे, वे अब पुनः अपने गांव में निवास कर रहे हैं। ऐसे सभी परिवारों के लिए शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि जो लोग माहला गांव में वर्षों से जिस भूमि पर काबिज हैं, उनका सर्वेक्षण कराकर उन्हें नियमानुसार वन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण, महुआ और लाख उत्पादन में भागीदारी के लिए भी प्रोत्साहित किया।कभी नक्सल भय से विस्थापित हो गए थे 45 परिवार, लौटने पर 31 परिवारों को मिला पीएम आवासग्राम माहला में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि यह क्षेत्र कभी माओवाद प्रभावित रहा है, जिसके कारण विकास कार्यों की रफ्तार धीमी हो गई थी, परंतु अब यहां पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के कैंप लगने से क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता आई है। माहला गांव में निवास करने वाले लगभग 45 परिवार माओवादियों से पीड़ित होकर पलायन कर गए थे, वे अब वापस लौट आए हैं। इनमें से 31 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया गया है, जो निर्माणाधीन है।सांसद श्री नाग ने परतापुर में आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव के लिए मां दंतेश्वरी के रथ निर्माण हेतु सहयोग करने की घोषणा की, साथ ही विकास कार्यों के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की।कार्यकम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती श्यामबती मंडावी ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील ग्रामीणों से की। शासन की मंशानुरूप कार्ययोजना बनाकर ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सशक्ति के लिए सिलाई प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे, साथ ही इच्छुक युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।इस दौरान सांसद श्री भोजराज नाग द्वारा 11 ग्रामीणों को राशन कार्ड एवं 5 निःशक्तजनों को सहायक उपकरण भी प्रदाय किए गए। इस अवसर पर डीएफओ भानुप्रतापपुर पश्चिम वनमंडल श्री हेमचंद पहारे, एसडीएम पखांजूर श्री टी.आर. देवांगन, एसडीएम अंतागढ़ श्री राहुल रजक, नगर पंचायत पखांजूर के उपाध्यक्ष श्री शंकर सरकार, जिला पंचायत सदस्य श्री दीपांकर राय, जनपद सदस्य श्री सियाराम पुड़ो एवं श्री भजन सहित ग्राम पंचायत परतापुर के सरपंच, उप सरपंच, गायता, ग्राम पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। - -रामकृष्ण मिशन आश्रम में पूजा अर्चना कर की क्षेत्र के सुख एवं शांति की प्रार्थनारायपुर / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शनिवार को अपने नारायणपुर प्रवास के दौरान कच्चापाल के रामकृष्ण मिशन आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने आश्रम में पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख एवं शांति की प्रार्थना की। आश्रम के प्राचार्य महाराज स्वामी वसुदानंद से मुलाकात कर उनसे क्षेत्र के विकास एवं आश्रम की सुविधाओं के संबंध में चर्चा की।इस दौरान उन्होंने आश्रम में अध्ययनरत बच्चों से मुलाकात कर बातें की। जहां बच्चों से रोचक बातचीत में उनके प्रश्नों के त्वरित जवाब बच्चों ने दिए, जिसपर उन्होंने सभी की प्रसंशा की। उन्होंने आश्रम के बच्चों के साथ ही जमीन पर बैठकर भोजन किया। बच्चे पहली बार अपने बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री को पाकर बहुत प्रसन्न थे। उन्होंने बच्चों को अच्छे से पढ़ाई कर देश के विकास में सहयोग देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने शासन द्वारा बच्चों की अच्छी शिक्षा हेतु चलाई जा रही योजनाओं की भी बच्चों को जानकारी दी एवं शिक्षा में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरन्त जिला प्रशासन को सूचित करने को कहा। उन्होंने कहा कि शासन राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- -सीआरपीएफ कैम्प में जवानों से मुलाकात कर किया उत्साहवर्धन*रायपुर // उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने बस्तर संभाग के प्रवास पर आज नारायणपुर जिले के सुदूर संवेदनशील वनांचल ग्राम कच्चापाल पहुंचे। जहां उन्होंने सीआरपीएफ के कैम्प का निरीक्षण किया। उन्होंने कैम्प में जवानों से मुलाकात कर जवानों द्वारा कठिन परिस्थितियों में भी नक्सल मोर्चे पर उनके द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कच्चापाल में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। कच्चापाल के सरपंच श्रीमती रजमा नुरेटी ग्राम के जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत में कुल नौ गांव आते है, जिसकी जनसंख्या 1235 है। कच्चापाल तक नियद नेल्ला नार योजना से पक्की सड़क पहुंच चुकी है, जिससे जिला मुख्यालय तक आवागमन सुगम हो गया है। जिससे गांव में अब आर्थिक विकास तीव्र गति से हो रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गांव में कैंप खुलने के बाद यहां वृहद स्तर पर परिवर्तन आया है। कई सालों तक जो क्षेत्र नक्सल आतंक से बिजली, पेयजल, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं से वंचित थे एवं युवाओं को हिंसा और भय का सामना करना पड़ता था अब यहां सुख, शांति और समृद्धि वापस आ रही है। लोगों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। ग्रामीण अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और विकास अब गांवों तक पहुंच रहा है। शासन इसके लिए सही नियत से लगातार आदिवासी भाई बहनों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वाहन किया की यदि कोई युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होना चाहता है तो उन्हें प्रोत्साहित करें शासन ने ऐसे लोगों के लिए संवेदनशील पुनर्वास नीति बनाई है उसका लाभ लें।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नियद नेल्ला नार, इलवद ग्राम जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रहीं हैं, जिससे वनांचल वासियों के घर घर तक विकास पहुंच रहा है।पीएम आवास निर्माण का उपमुख्यमंत्री ने किया निरीक्षणउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम कच्चापाल में प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों के निर्माणाधी मकानों का भी निरीक्षण किया। जहां हितग्राही विदग्रही चंद्रिका वडडे एवं सोनाय बाई से उन्होंने योजनान्तर्गत राशि प्राप्ति और भवन निर्माण की जानकारी ली। जिसमें हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें पीएम आवास के साथ स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण के लिए सहायता भी प्राप्त हुई है। निरीक्षण करते हुए होटल संचालिका श्रीमती यशोदा के दुकान पहुंचकर दुकान में सामग्रियों का जायजा लिया और होटल में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ यशोदा के होटल के व्यंजनों का भी स्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड का भी वितरण किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा श्री मंगडूराम नूरेटी, कुंदला के सरपंच श्री रामजी ध्रुव, सरपंच कच्चापाल श्रीमती रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा जिला न्यायालय रायपुर और परिवार न्यायालय का औचक निरीक्षणरायपुर / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने आज जिला न्यायालय रायपुर और परिवार न्यायालय का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक लेकर पुराने लंबित प्रकरणों की जानकारी ली गई तथा इनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक सुझाव व दिशा निर्देश दियेे। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों का नियमानुसार व प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा इस मौके पर अधिवक्ताओं से मुलाकात की।मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा राज्य के समस्त जिला न्यायालयों का निरंतर निरीक्षण कर न्यायिक व्यवस्थाओं में सुधार व विकास हेतु निरंतर प्रयासरत् हैं, जिसके फलस्वरूप न्यायिक व्यवस्था में आमूलचूल सकारात्मक परिवर्तन भी हो रहे हैं तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण भी हो रहा है। विदित्त हो कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा पूर्व में भी जिला रायपुर का निरीक्षण किया जा चुका है। पूर्व निरीक्षण में पायी गयी कमियों के निराकरण पर उनके द्वारा संतोष व्यक्त किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला न्यायालय, रायपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा व अन्य न्यायिक अधिकारीगण के साथ ही जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि वर्तमान में उच्च न्यायालय में दीपावली पर्व के अवकाश चल रहे हैं। अवकाश के दौरान भी मुख्य न्यायाधीश द्वारा विभिन्न जरूरी प्रकरणों पर सुनवाई की जा रही है तथा सुदृढ व सुचारू न्यायालयीन व्यवस्था हेतु विभिन्न न्यायालयों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। औचक निरीक्षण में मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा के साथ रजिस्ट्रार जनरल श्री रजनीश श्रीवास्तव, संयुक्त रजिस्ट्रार कम पीपीएस श्री एम.वी.एल.एन सुब्रहमन्यम एवं प्रोटोकॉल ऑफिसर श्री आर. एस. नेगी भी उपस्थित रहे।
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— “सतर्कता : हमारी साझा जिम्मेदारी” विषय पर होगा केंद्रित आयोजन
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का आयोजन 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। यह आयोजन केंद्रीय सतर्कता आयोग, भारत सरकार के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इस वर्ष का विषय “सतर्कता : हमारी साझा जिम्मेदारी” निर्धारित किया गया है, जो ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा संस्थान के प्रत्येक सदस्य में सामूहिक सतर्कता की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश देता है। यह सप्ताह भर चलने वाला कार्यक्रम संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. प्रभात दीवान के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम की शुरुआत 27 अक्टूबर को सतर्कता शपथ के साथ होगी, जिसमें एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार उन्मूलन तथा पारदर्शिता के संकल्प की शपथ दिलाएंगे। इसके उपरांत 28 अक्टूबर को पारदर्शी शासन के महत्व पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्री हिमांशु जैन, मुख्य सतर्कता अधिकारी, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, बिलासपुर मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा करेंगे।उसी दिन फैकल्टी सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जबकि 29 अक्टूबर को विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी, जिससे उन्हें सतर्कता और उत्तरदायित्व पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद 30 अक्टूबर को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सतर्कता से जुड़े सामाजिक मुद्दों को रचनात्मक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।सप्ताह का समापन 31 अक्टूबर को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के तहत आयोजित इन विविध गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों में भ्रष्टाचार के प्रति संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व और नैतिक आचरण के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना है। इस पहल के माध्यम से एनआईटी रायपुर समाज में पारदर्शिता और ईमानदारी की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए अपने दायित्व को पुनः रेखांकित कर रहा है। - --आधुनिक तकनीक से होगें ड्राईविंग टेस्ट: परिवहन मंत्री केदार कश्यपरायपुर। /छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन विभाग द्वारा वाहन चालकों की योग्यता और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य के 8 जिले रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) की स्थापना की जा रही है।इन आधुनिक ई-ट्रैकों के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि ड्राइविंग परीक्षण में मानव हस्तक्षेप कम हो, निष्पक्षता बनी रहे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए। ई-ट्रैक प्रणाली में वाहन नियंत्रण, लेन अनुशासन, सिग्नलिंग, गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें लगे डिजिटल सेंसर और कैमरे अभ्यर्थियों की ड्राइविंग क्षमता का सटीक मूल्यांकन करेंगे। इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी तथा पात्र आवेदकों को समय पर सही परिणाम प्राप्त होंगे।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ाएगी बल्कि छत्तीसगढ़ को स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी। सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था राज्य के लोगों के जीवन में सहजता और भरोसा लाएगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य में सुरक्षित, स्मार्ट और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश ने कहा कि ई-ट्रैक की मदद से योग्य चालकों को प्रमाणित किया जाएगा, जिससे जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि इन जिलों में ई-ट्रैक शुरू होने के बाद आवेदक ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट बुकिंग के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट दे सकेंगे। सफल परीक्षण के बाद उन्हें डिजिटल फीडबैक और लाइसेंस जारी किया जाएगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए सरगुजा संभाग का पहला ISO प्रमाणित कोल्ड चेन प्वाइंट बनने का गौरव मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां ने हासिल किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के गृह ग्राम खड़गवां में उनके सतत प्रयासों और दिशा-निर्देशों के परिणाम स्वरूप संभव हुई है। वहीं इस सफलता के पीछे सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम की निरंतर मेहनत का अहम योगदान रहा।कोल्ड चेन प्वाइंट खड़गवां को गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकताओं के पूर्ण अनुपालन में पाया गया है, जिसके चलते इसे ISO सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणपत्र स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रबंधन, पारदर्शिता और दक्षता का प्रतीक माना जा रहा है। इस प्रमाणन के साथ खड़गवां सीएचसी ने टीकों और रसद के सुरक्षित, वैज्ञानिक और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप भंडारण की नई मिसाल कायम की है। यहां सभी टीके CFC मुक्त और WHO प्रमाणित CCE तिथि वाले उपकरणों में अनुशंसित तापमान पर सुरक्षित रखे जाते हैं। आरआई टीकों और रसद की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी बनाने के लिए ईवीआईएन (eVIN) के माध्यम से ऑनलाइन वास्तविक समय में स्टॉक अपडेट किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है।दिन में दो बार तापमान दर्ज कर टीकों की प्रभावकारिता सुनिश्चित की जाती है, वहीं वेब-आधारित डेटा लॉगर प्रणाली से उच्चस्तरीय सतत निगरानी भी की जाती है।टीकों की आपूर्ति में FIFO (First In First Out) ) और EEFO (Earliest Expiry First Out) दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है, जिससे शून्य अपव्यय (Zero Wastage) सुनिश्चित हो रहा है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार VVM (Vaccine Vial Monitor) आधारित आपूर्ति प्रणाली भी लागू की गई है।टीकों के भंडारण हेतु एक अलग ICE Pack Conditioning Area, निर्बाध बिजली आपूर्ति व्यवस्था, उचित रैंकिंग सिस्टम वाला सूखा भंडारण क्षेत्र, और प्रशिक्षित व दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता से यह केंद्र सरगुजा संभाग का मॉडल स्वास्थ्य संस्थान बन गया है। कोल्ड चेन प्वाइंट में NCCMIS सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपकरणों का सटीक प्रबंधन किया जा रहा है, साथ ही टीकाकरण अपशिष्ट निपटान प्रणाली को भी वैज्ञानिक और पर्यावरण हितैषी तरीके से अपनाया गया है।
- -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी -राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर नवा रायपुर में करेंगे रोड शोरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में भव्य राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में सरकार विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। यह अवसर प्रदेश के गौरव और उपलब्धियों का प्रतीक है।श्री साव ने कहा कि, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदृष्टि से बना छत्तीसगढ़ आज विकास, समृद्धि और जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसर है। पिछले 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इन्हीं 25 वर्षों की विकास यात्रा और राज्य निर्माण की गाथा को राज्योत्सव स्थल पर विभागीय स्टॉलों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी नवा रायपुर में 5 दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन होगा, जबकि सभी जिला मुख्यालयों में 3 दिवसीय राज्योत्सव मनाया जाएगा। इस बार राज्य स्थापना का यह आयोजन अधिक व्यापक और ऐतिहासिक स्वरूप में किया जा रहा है।श्री साव ने बताया कि रजत जयंती वर्ष के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आगमन की भी तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री जी के स्वागत में नवा रायपुर में रोड शो आयोजित होगा, इन मार्गों पर 12 आकर्षक स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। इन द्वारों पर छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, लोक परंपरा और विकास योजनाओं की झलक देखने को मिलेगी। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री जी के आगमन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।बस्तर ओलंपिक की प्रारंभ तिथि में बदलावश्री साव ने बताया कि, बस्तर ओलंपिक के आयोजन की तिथि पूर्व निर्धारित थी, लेकिन इस बीच स्कूलों की छुट्टी चल रही है और सभी जिलों में राज्योत्सव का आयोजन होना है। इन परिस्थितियों के कारण विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक की प्रारंभ तिथि में बदलाव होगा।
- -31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समाप्ति का संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा-मुख्यमंत्री सायदुर्ग । अंतरराष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेडेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन अवसर पर पत्रकारों द्वारा नक्सलवाद के खत्म हो जाने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज पूरे देश को मालूम है कि मात्र 20 से 22 महीने में हमारे छत्तीसगढ़ के जवानों ने चाहे वह छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान हो अथवा केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान बहुत ही मुस्तैदी के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं और ऑपरेशन से सफलता भी मिल रही है बड़े-बड़े माओवादी जो पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं 450 से अधिक नक्सली न्यूट्रलाइज हुए हैं और 2000 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है उतने ही संख्या में नक्सली गिरफ्तार हुए हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति भी बहुत उत्कृष्ट हैं उसका भी असर दिख रहा है जो नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं उनके साथ न्याय कर रहे हैं उनको पुनर्वास नीति के तहत बसाया जा रहा है। उनकी स्केलिंग कर उन्हें रोजगार से जोड़े जाने का कार्य कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करने का है यह संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा।रोजगार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 लोग पुलिस की ट्रेनिंग ले रहे हैं 10000 से ज्यादा लोगों को नौकरियां दी जा चुकी है प्राध्यापक के 700 पदों पर भी भर्ती होनी है और 5000 शिक्षकों की भर्ती के लिए मंजूरी भी दी जा चुकी है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल-नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं, अछोटी में बीएड महाविद्यालय, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये एवं सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणारायपुर /पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं श्री जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'बस्तर ओलंपिक 2025' का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया।इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी।उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी श्री रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा श्री मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल श्रीमती रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
- कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में शत प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने राजस्व अधिकारी सहकारी समितियों में कार्यों का कर रहे हैं अवलोकनबालोद/ बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कराने एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों का पंजीयन का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शिविर का आयोजन कर शेष सभी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन सुनिश्चित कराया जा रहा है। शिविर में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के ऐसे किसान जो एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत है किंतु एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए है, समिति स्तरीय शिविरो में ऐसे सभी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन किया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे कृषक जो एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत है किंतु उनका व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है शिविरों में ऐसे सभी कृषकों की जानकारी एग्रीस्टेक पोर्टल में अद्यतन भी किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में राजस्व, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत कृषकों का पंजीयन सुनिश्चित कराने हेतु मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है। जिससे कि जिले के सभी कृषकों को वास्तविक रकबे के आधार पर वास्तविक धान की खरीदी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही जिले का कोई भी पात्र कृषक धान खरीदी योजना का समुचित लाभ लेने से वंचित न रहे। इसके अंतर्गत आज 25 अक्टूबर को जिले के सहकारी समिति बघमरा, लाटाबोड़ और पोण्डी सहित अन्य सहकारी समितियों में राजस्व एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए कृषकों का कराए जा रहे पंजीयन के कार्य का निरीक्षण कर मौके पर उपस्थित किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी गई। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु किसान संबंधित सहकारी समितियों के अलावा ग्राहक सेवा केन्द्रों में पहुँचकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत ऐसे किसान जिनका व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है वे सहकारी समितियों में आयोजित शिविरों में उपस्थित होकर अपना व्यक्तिगत जानकारी अद्यतन करा सकते हैं।
- 0प्रत्येक 180 से 200 जनगणना भवनों में एक प्रगणक ब्लाक तैयार करने का कार्य तेजी से करवाने जनगणना निदेशालय अधिकारियों ने किया निर्देशित00जनगणना निदेशालय के अधिकारी सर्वश्री प्रदीप साव, हीरेन्द्र सिंहा, दीपक कुशवाहा ने जोन 10 कार्यालय पहुंचकर किया कार्य की प्रगति का संयुक्त निरीक्षण 0रायपुर/ भारत सरकार गृह मंत्रालय जनगणना कार्य निदेशालय के आदेशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 10 के अंतर्गत डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52 को छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना के लिए नगरीय क्षेत्र में प्री टेस्ट जनगणना पूर्व परीक्षण हेतु चयनित किया गया है।इस परिपेक्ष्य में आज नगर निगम जोन 10 के वार्ड 52 अंतर्गत कार्य का रायपुर नगर निगम के जोन 10 राजस्व विभाग और नगर निवेश विभाग की टीम सहित रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 10 द्वारा किये जा रहे कार्य की प्रगति का अवलोकन आज रायपुर नगर निगम के जोन 10 कार्यालय में पहुंचकर नगर निगम जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, नोडल अधिकारी सहायक अभियंता श्री योगेश यदु, सहायक नोडल अधिकारी जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री गौरीशंकर साहू की उपस्थिति में जनगणना निदेशालय के अधिकारी सर्वश्री प्रदीप साव, हीरेन्द्र सिंहा दीपक कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया और कार्य की प्रगति की गहन समीक्षा कर नगर निगम जोन 10 के सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.नगर निगम जोन 10 राजस्व विभाग और नगर निवेश विभाग की टीम के कर्मचारियों द्वारा वार्ड क्रमांक 52 क्षेत्र अंतर्गत स्थित सभी लगभग 8000 जनगणना भवनों में भवन संख्या डालने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है और वर्तमान में प्रत्येक 180 से 200 जनगणना भवनों में एक प्रगणक ब्लाक तैयार करने का कार्य निरन्तर तेज गति के साथ प्रगतिरत है. सम्पूर्ण कार्य को आदेशानुसार निर्धारित समयावधि के भीतर शत - प्रतिशत पूर्ण किया जाना है।आज जनगणना निदेशालय के अधिकारियों ने कार्य की प्रगति का अवलोकन कर नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा नगर पालिक निगम जोन 10 के डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52 क्षेत्र में प्री टेस्ट जनगणना पूर्व परीक्षण के कार्य में नगर पालिक निगम रायपुर जोन कमांक 10 के राजस्व विभाग और नगर निवेश विभाग की टीम को सभी लगभग 8000 जनगणना भवनों में भवन संख्या डालने के कार्य को पूर्ण करने के पश्चात प्रत्येक लगभग 180 से 200 जनगणना भवनों में एक प्रगणक ब्लाक तैयार करने के वर्तमान में प्रगतिरत कार्य में भारत सरकार गृह मंत्रालय जनगणना कार्य निदेशालय के आदेशानुसार किये जा रहे आवश्यक कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने जोन 10 के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।
- रायपुर/प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान देने वाले सर्यूपारिण समाज के 75 पुलिस अधिकारीयों का रविवार को दीपावली मिलन समारोह के दौरान सम्मान किया जाएगा।सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष डॉ सुरेश शुक्ला ने बताया कि रविवार को समाज का दिवाली मिलन समारोह आयोजित है जिसमें दीपावली की शुभकामनाएं के साथ ही समाज के पुलिस विभाग में सेवा दिए लगभग 75 अधिकारियों को सम्मानित कर आने वाली पीढ़ी को देश सेवा का संदेश दिया जाएगा।इस सम्मान समारोह में पुरंदर मिश्रा विधायक,दंडी स्वामी डॉ इन्दुभवानंद महराज, एन चतुर्वेदी पूर्व संयुक्त संचालक लोक अभियोजक, हितेंद्र तिवारी अध्यक्ष अधिवक्ता संघ रायपुर एवं समाज के विशिष्ट जन उपस्थित होंगे।
- 0सभी नागरिकों से राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर शहर को देश में प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिकाधिक संख्या में स्वच्छता फीडबैक देने की विनम्र अपील0रायपुर / राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी,सभी एमआईसी सदस्यों,समस्त वार्ड पार्षदों ने समस्त नगरवासियों को सूर्य छठ पूजा पर्व के पावन अवसर पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए समृद्धि की प्रतीक सन्तानो की पालनहार आदिशक्ति देवी छठी मईया और सकारात्मक ऊर्जा शक्ति के प्रतीक देव भगवान सूर्यनारायण के दिव्य श्रीचरणों में समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी रायपुर शहर सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्धि और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा ऊर्जा शक्ति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है.सूर्य छठ पूजा पर्व आदि शक्ति देवी छठी मईया और भगवान श्री सूर्यनारायण की विशेष पूजा आराधना को समर्पित महान सांस्कृतिक पर्व है. इस पर्व पर छठी मईया और सूर्यदेव की विशेष पूजा आराधना कर सभी भक्तगण अपने जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा शक्ति और अपनी सन्तानो को सुरक्षा, सुख, समृद्धि प्रदान करने उनके दिव्य श्रीचरणों में विनम्र प्रार्थना करते हैं. अतएव सूर्य छठ पूजा पर्व प्रत्येक नागरिक को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर प्रदान करता है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, सभी एमआईसी सदस्यों, समस्त पार्षदों ने सभी नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में राजधानी रायपुर शहर को प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिकाधिक संख्या में स्वच्छता फीडबैक देकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की पुनः विनम्र अपील की है.
- शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1033 (राष्ट्रीय राजमार्ग) और 1100 (शहरी) जारीरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में जिले में आवारा और घूमने वाले पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। यह पहल परिवहन विभाग के निर्देशों पर आधारित है। इसका उद्देश्य सड़कों पर दुर्घटनाएं कम करना, पशुओं की सुरक्षा करना और जनता की सुरक्षा मजबूत करना है।डॉ. सिंह ने सभी संबंधित विभागों — नगर निगम, पुलिस, पंचायत और ग्रामीण विकास, पशुपालन, कृषि, लोक निर्माण (PWD), एनएचएआई और राजस्व विभाग — को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर जहां आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा है, वहां ऐसे स्थानों की पहचान कर निगरानी रखी जाए।सड़क बनाने और रखरखाव से जुड़े सभी विभागों, खासकर टोल ठेकेदारों और एनएचएआई/PWD को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर पशु न घूमें, इसके लिए आवश्यक फेंसिंग, गेट और सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।एसओपी के अनुसार, हर ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर पर एक निगरानी दल बनाया जाएगा। ये दल सड़क पर घूमने वाले पशुओं को पकड़कर उन्हें गोठान या पंजीकृत आश्रय स्थलों में रखेंगे। कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति इस काम की साप्ताहिक समीक्षा करेगी और निगरानी दलों को तीन दिनों के भीतर बनाकर काम शुरू करने को कहा गया है।आवारा पशुओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं —???? 1033 (राष्ट्रीय राजमार्ग)???? 1100 (शहरी क्षेत्र)कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि "यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का अभियान है। प्रशासन का उद्देश्य है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित ठिकाना मिले और लोगों को सुरक्षित सड़कें मिलें।" उन्होंने धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की।एक महीने तक दिन और रात दोनों समय विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी विभागों को मिलकर काम करने और रोजाना प्रगति रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में देने के निर्देश दिए गए हैं।ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर पर बने निगरानी दलों में लोक निर्माण, पुलिस, पशुपालन, पंचायत, कृषि, राजस्व विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। ये दल नियमित रूप से निरीक्षण कर अपने क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार करेंगे।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि "इस प्रक्रिया से सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी, दुर्घटनाएं घटेंगी और पशुओं की भी सुरक्षा होगी। प्रशासन चाहता है कि हर नागरिक को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल मिले।"
- सभी नगरीय निकायों में स्थापित कांजी हाउस को क्रियाशील करने के दिए निर्देशकलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने दी बालोद जिले में समुचित रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की जानकारीबालोद/मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज राज्य के संभाग आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों तथा संबंधित विभागों की अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर सड़को में विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों पर नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की। इसके अलावा बैठक में उन्होंने वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, खनिज संसाधन विभाग अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं पर नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के नगरीय निकायों में स्थापित किए गए कांजी हाउस को तत्काल क्रियाशील करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने इन सभी कांजी हाउसों में सभी जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिससे कि सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित इन कांजी हाउसों में रखा जा सके। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में निर्मित गौठानों का भी उपयोग सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं को रखने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले में सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं के नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने जिले में गौधाम योजना अंतर्गत जिले के सभी विकासखण्डों में गौधाम निर्माण हेतु वर्तमान में 05 स्थानों का चयन करने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालोद जिले में गौ सेवकों को प्रशिक्षित करने के अलावा जन हानि को रोकने की भी समुचित उपाय सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने कहा कि सभी गौधामों में रखे गए गौवंशीय पशुओं के लिए समुचित मात्रा में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु चारा कटिंग मशीन की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने वन एवं जलवायु विभाग के अंतर्गत वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 अंतर्गत वन भूमि व्यवपवर्तन प्रकरणों के लिये क्षतिपूर्ति वनीकरण हेतु राजस्व भूमि/राजस्व वन भूमि लैण्ड बैंक के रूप में पहचान करने हेतु किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत आवास निर्माण के प्रगति एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आवास हेतु स्वीकृत विशेष परियोजना के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत विभिन्न जिलों में आदि कर्मयोगी अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन), छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं वितरण, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना अंतर्गत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्यों के प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उन्होंने खनिज संसाधन विभाग के कार्यों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय नियम, 2025) का क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक रेत घाटों की नीलामी की कार्यवाही एवं नीलामी के माध्यम से मुख्य खनिजों के खनिपट्टों की स्वीकृति हेतु लंबित जनसुनवाई के संबंध में भी जानकारी ली। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इन सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश भी दिए। संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के अलावा पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बिलासपुर. छत्तीसगढ़ आर्युविज्ञान संस्थान (सिम्स) में पिछले कुछ समय से यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ निजी अस्पतालों से जुड़े दलाल संस्थान परिसर में आकर मरीजों को बहला-फुसलाकर अन्य निजी अस्पतालों में उपचार हेतु ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे दलाल मरीजों को यह कहकर भ्रमित करते हैं कि “यहाँ डॉक्टर नहीं हैं” या “यहाँ इलाज का खर्चा अधिक है, जबकि बाहर सस्ता इलाज मिल जाएगा।”इसी क्रम में 22 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 6 बजे सिम्स के टाइज वार्ड में एक व्यक्ति, जिसका नाम अभिषेक निर्मलकर पिता शत्रुघ्न निर्मलकर निवासी उसलापुर है, संदिग्ध रूप से मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत करते हुए पाया गया। सुरक्षा कर्मियों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद सूचना सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा को दी गई। सुरक्षा टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर उक्त व्यक्ति से पूछताछ की गई और उसकी गतिविधियों की पुष्टि होने पर उसे सिम्स चौकी के माध्यम से सिटी कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस घटना पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “संस्थान में मरीजों के हित सर्वाेपरि हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा मरीजों को गुमराह करने या उपचार में बाधा डालने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सुरक्षा टीम की तत्परता सराहनीय है, और भविष्य में भी ऐसे तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि “सिम्स में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा मरीजों को भ्रमित करने की कोशिश गंभीर अपराध है। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और भविष्य में इस तरह की हरकत करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा ने बताया कि सभी वार्डों में नियमित गश्त की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दी जा रही है। सिम्स प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत सुरक्षा विभाग या अस्पताल प्रशासन को दें, ताकि मरीजों की सुरक्षा और सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।



























