- Home
- छत्तीसगढ़
- भिलाईनगर। शासन द्वारा 60 वर्ष या अधिक उम्र के हितग्राहियों को ’’मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’’ अंतर्गत दिनांक 05 नवम्बर से 11 नवम्बर तक द्वारिका, सोमनाथ, नागेश्वर की यात्रा पर भेजे जाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत 80 प्रतिशत हितग्राही बीपीएल, अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी एवं 20 प्रतिशत हितग्राही गरीबी रेखा के उपर के नागरिक होगें। यात्रा में शामिल होने इच्छुक नागरिक दिनांक 25.10.2025 तक आवेदन नगर निगम भिलाई मुख्य कार्यालय के समाज कल्याण विभाग में जमा कर सकते है।विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। 65 वर्ष के अधिक उम्र के नागरिकगण अपने साथ यात्रा में एक सहयोगी भी ले जा सकते है। आवेदन हिन्दी में भरकर दो प्रतियों में संलग्न किया जाना है। आवेदन के साथ नवीनतम रंगीन फोटो और पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस, मतदाता परिचय पत्र सहित राज्य शासन द्वारा स्वीकार्य कोई अन्य प्रमाण पत्र अथवा अभिलेख जमा कर सकते है। हितग्राही को आवेदन के साथ स्वास्थ्य जांच के रूप में शासकीय चिकित्सक से जारी प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।
- भिलाईनगर। वरिष्ठ जनों एवं दिव्यांग जनों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत भूतल के आवास आवंटन हेतु अंतिम अवसर दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक के विभिन्न परियोजना स्थलों में निर्मित/निर्माणाधीन आवासों का आबंटन नगर निगम भिलाई मुख्य कार्यालय सभागार में दिनांक 24.10.2025 को दोपहर 12 बजे लाटरी आयोजित किया गया है।150 आवासों का निर्माण किया गया है जिसमें निर्मित आवासों का लॉटरी किया जा रहा है। लॉटरी के पूर्व समय 11.30 बजे तक हितग्राहियो द्वारा अंशदान राशि का 10 प्रतिशत राशि तथा बेदखली व्यवस्थापन हेतु हितग्राही अंशदान राशि 75000 निगम कोष में जमा कराया जा सकता है। नियमानुसार लाटरी पद्वति से सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को अन्य तल (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय) तथा वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को भूतल के आवासों का लाटरी निकालकर आवास आबंटन किया जाएगा। नगर निगम भिलाई अपील करती है कि पीएम आवास के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन एवं हितग्राही निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होकर लाटरी का लाभ उठावें।
- -सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ ऐप बनेंगे सुरक्षा कवचरायपुर ।अब बाढ़, आकाशीय बिजली, चक्रवात, भूकंप और लू जैसी आपदाओं की जानकारी लोगों को पहले ही मिल सकेगी। भारत सरकार ने समय रहते अलर्ट देने के लिए ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप विकसित किए हैं, जिन्हें गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। आपदा संबंधी किसी भी स्थिति में तत्काल मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1070 भी जारी है।आकाशीय बिजली से सबसे ज्यादा जान-माल की हानि होती है। ऐसे में ‘दामिनी ऐप’ बिजली गिरने के खतरे का 10-30 किलोमीटर पहले अलर्ट दे देता है और बचाव के उपाय भी बताता है। वहीं ‘मेघदूत ऐप’ किसानों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि यह मौसम पूर्वानुमान, तापमान, वर्षा और हवा की दिशा जैसी सटीक जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे किसान अपनी फसल से जुड़े फैसले समय पर ले सकते हैं। इसी तरह ‘सचेत ऐप’ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित है, जो रीयल-टाइम चेतावनी भेजकर नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने में मदद करता है। यह ऐप जीपीएस आधारित अलर्ट, आपातकालीन संपर्क और राहत केंद्रों की जानकारी भी उपलब्ध कराता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन ऐप्स के उपयोग से समय रहते सतर्कता बढ़ेगी और जन-धन की हानि में बड़ी कमी आएगी।
- रायपुर। विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव एवं आत्महत्या की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, प्रशिक्षण केन्द्रों एवं छात्रावासों में ‘उम्मीद’ एवं ‘मनोदर्पण’ से प्रेरित मानसिक स्वास्थ्य नीति को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। सुकमा जिला कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने कहा कि विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत 100 या अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में प्रशिक्षित परामर्शदाता अथवा मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति अनिवार्य होगी, वहीं इससे कम संख्या वाले संस्थान आवश्यकता अनुसार पंजीकृत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त किया जाएगा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शासन की यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण, आत्महत्या जैसी घटनाओं की रोकथाम तथा संवेदनशील एवं सहयोगी शैक्षणिक वातावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक कदम सिद्ध होगी।
- बिलासपुर. जिला निर्वाचन अधिकारी, बिलासपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों क्रमांक 25-कोटा, 28-तखतपुर, 29-बिल्हा, 30-बिलासपुर, 31-बेलतरा एवं 32-मस्तुरी के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के मुद्रण कार्य हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक मुद्रकों एवं फर्मों से मोहरबंद निविदाएँ 6 नवम्बर 2025 अपरान्ह 3 बजे तक स्वीकार की जाएंगी। नियत तिथि एवं समय के बाद प्राप्त निविदाएँ स्वीकार नहीं की जाएंगी। प्राप्त निविदाओं को 6 नवम्बर 2025 को शाम 4 बजे गठित समिति के द्वारा उपस्थित निविदाकारों एवं उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के समक्ष खोला जाएगा। निविदा प्रपत्र, शर्तें एवं विस्तृत विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय, बिलासपुर से 500 रूपए चालान के माध्यम से जमा कर 29 अक्टूबर अपरान्ह 3 बजे तक कार्यालयीन दिवस में प्राप्त कर सकते है।
- -नियद नेल्लानार ग्रामों में बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन में प्राथमिकतारायपुर । महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के “नियद नेल्लानार योजना” में शामिल ग्रामों के बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता से लाभ प्रदान किया जाएगा।खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार योजना” के तहत पात्र 1.59 लाख माताओं-बहनों को उज्ज्वला कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने, लाभार्थियों का सत्यापन करने तथा गैस सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से महिलाओं को धूम्ररहित रसोई, समय की बचत, स्वास्थ्य सुरक्षा, सुविधा और सम्मानपूर्ण जीवन की दिशा में नई मजबूती प्राप्त होगी।
- बिलासपुर. कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव महोदया की अध्यक्षता में खरीफ वर्ष 2025 की समीक्षा तथा रबी वर्ष 2025-26 के कार्यक्रम निर्धारण के लिए संभागीय बैठक 29 अक्टूबर को सवेरे 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार कोरबा में आयोजित होगी। बैठक में संभागायुक्त बिलासपुर, संचालक कृषि, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, पशुपालन, मछली पालन, समेती, प्रबंध संचालक, बीज निगम, मार्कफेड, बीज प्रमाणीकरण संस्था, अपेक्स बैंक, मण्डी बोर्ड, दुग्ध महासंघ, विद्युत वितरण कंपनी छ.ग., प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छ.ग. राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी, रायपुर, पंजीयक सहकारी संस्थाएं छ.ग., निर्देशक, अनुसंधान सेवाएं, विस्तार सेवाएं, इं.गां.कृ.वि.वि. रायपुर छ.ग., दाउ श्री कामधेनु, वि.वि. अंजोरा, दुर्ग, क्षेत्रीय प्रबंधक, नाबार्ड एवं विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहेंगे।
-
दुर्ग/ जिले के ग्राम पंचायत कचान्दुर के आश्रित ग्राम समोदा, विकासखण्ड दुर्ग में उल्टी-दस्त के मरीज प्राप्त होने की सूचना प्राप्त होने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देश में डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी एवं एन. एल. बंजारे, खण्ड चिकित्सा अधिकारी वि.ख. निकुम, दुर्ग के मार्गदर्शन में श्रीमती रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग, श्री निर्मल कुमार टंडन, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया।
प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में 22 अक्टूबर 2025 को कुल 450 घरों का सर्वे किया गया, जहाँ उल्टी-दस्त के नये मरीज नहीं मिले हैं। 04 अक्टूबर 2025 से आज दिनांक तक कुल 60 मरीज मिले जिनमें से 13 मरीजों का जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। 12 मरीज चंदूलाल चंद्राकर कचांदुर भिलाई, 01 निहार अस्पताल व अन्य सभी मरीज घर पर चिकित्सकीय उपचार ले कर वर्तमान में स्वास्थ हैं। संक्रमित क्षेत्र में उल्टी-दस्त से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भ्रमण के दौरान उपस्थित सरपंच श्री अरूण गौतम, उपसरपंच श्री अनुज निषाद, पंचायत सचिव श्रीमती कमला देवांगन व कोतवाल पिताम्बर चौहान को प्रभावित क्षेत्र में पानी के पाईप लाईन को बंद कर, सभी पाईप लाईन की मरमत व साफ-सफाई किये जाने हेतु कहा गया एवं सी.ई.ओ. जिला जनपद के द्वारा सिरसा में पानी टैंकर की व्यवस्था किया गया है। सक्रिय सर्वेलेंस का कार्य स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है। 22 अक्टूबर 2025 को संक्रमित क्षेत्र का पुनः पानी सैम्पल जांच हेतु लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग दुर्ग भेजा गया एवं स्टूल सैम्पल जांच हेतु रायपुर भेजे जाने हेतु निर्देशित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रामीण जनता को समझाइश दी गई है कि समस्त जनता से अपील करता है कि पानी उबाल कर पिये, सड़े गले सब्जी न खाये, बाहर का खाना बंद करे, मांसाहार ना खाये, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें और अपने व परिवार का ध्यान रखें।
-
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में किसानों के एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक समितियों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष धान बेचने के लिए किसानों को 31 अक्टूबर 2025 के पूर्व एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। जिसके लिए विगत कई महीनों से समितियों में च्वाईस सेंटर के द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन का कार्य चल रहा है। जिले में 4292 किसान ऐसे है जिनकी व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है तथा 1737 किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन लंबित है। उक्त लंबित पंजीयन कार्य 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक समितियों में शिविर लगाकर पूर्ण किया जा रहा है। किसान भाइयों से अपील की गई है कि जिन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर अपना पंजीयन नहीं कराया है वे शीघ्र समिति में उपस्थित होकर धान पंजीयन का कार्य पूर्ण कराये, ताकि वे समर्थन मूल्य के अंतर्गत अपना धान समितियों में बेच सकें।
-
शास्त्री बाजार सहित अन्य स्थानों पर कचरे के ढेर, गंदगी देखकर नाराजगी व्यक्त की
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दीपावली पर्व के पश्चात राजधानी शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दीपावली पश्चात शहर में सफाई व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान शास्त्री बाजार क्षेत्र और अन्य स्थानों में कचरा और गन्दगी यहां - वहाँ फैली देखी, तो इसे लेकर महापौर ने सम्बंधित जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को दीपावली पश्चात लचर सफाई व्यवस्था विभिन्न स्थानों पर मिलने पर अपनी गहन नाराजगी व्यक्त की और विभिन्न बाजारों और मुख्य मार्गो से कचरे के ढेर और गन्दगी तत्काल हटवाकर वहाँ जनहित में जनस्वास्थ्यसुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम करना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मोतीबाग के सामने मुख्य मार्ग में उर्स के आयोजन की समाप्ति के पश्चात भी सड़क पर लगाकर रखी गयी पूरी तरह अस्थायी दुकानों को जनहित में जनसुविधा हेतु इस कारण यातायात जाम की समस्या दूर करने तत्काल सड़क सीमा से हटाने सम्बंधित नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया है। -
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर आगमन को लेकर तैयारी चल रही है। एनआरडीए सीईओ चंदन कुमार, कलेक्टर डॉक्टर गौरव सिंह एयरपोर्ट के पास जैनम मानस भवन के पास पहुंचे और तैयारी का जायजा लिया। उनके साथ में नगर निगम कमिश्नर श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन भी उपस्थित थे।
-
-खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
-वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार-खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धिरायपुर /छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है। - -राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत किसानों को ग्राफ्टेड टमाटर पौधे किए वितरित-जनप्रतिनिधियों ने जैविक खेती अपनाने किसानों को किया प्रेरितरायपुर । जिला स्तरीय किसान मेले कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विकास विभाग एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं नवीन तकनीकों की जानकारी हेतु स्टॉल लगाए गए, जिनका जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में किसानों ने अवलोकन किया। यह आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र अजिरम, अम्बिकापुर में आज किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने मेले में फसल विविधीकरण के महत्व पर चर्चा हुए बताया कि पारंपरिक धान की खेती की तुलना में गन्ना, सब्जी एवं उद्यानिकी फसलों से किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि जहां धान की खेती में एक रुपए की लागत पर लगभग 50 पैसे का लाभ मिलता है, वहीं गन्ने की खेती में एक रुपए की लागत पर 75 पैसे का लाभ प्राप्त होता है। वहीं शासन द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी गई।हितग्राहियों को सामग्री का वितरणकार्यक्रम में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत 5 किसानों को टमाटर के ग्राफ्टेड पौधे, 5 किसानों को सरसों बीज मिनीकिट, 5 किसानों को स्वॉयल हेल्थ कार्ड एवं बीमा पॉलिसी प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 7 लाभार्थियों को आईस बॉक्स एवं मछली पकड़ने के जाल का वितरण किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों ने ए हेल्प पुस्तक का विमोचन किया।जैविक खेती को बढ़ावा देने किसानों से आग्रहपर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि अब सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों को बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से बचने और मृदा की पोषकता बनाए रखने पर किसानों से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पशुधन विकास विभाग के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को गति दी जा रही है, जिससे 90 प्रतिशत बछिया प्राप्त होने की संभावना बढ़ी है। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया गया।किसान मेला नवाचार एवं तकनीकी ज्ञान का मंचसांसद सरगुजा श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने और जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया। लूण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि किसान मेला किसानों के लिए नवाचार एवं तकनीकी ज्ञान का मंच है। यहां विभिन्न विभागों द्वारा अपनी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, जिससे किसानों को खेती-बाड़ी में आधुनिक तकनीक अपनाकर पैदावार बढाने का अवसर मिलेगा।किसानों से बैंक संबंधी सतर्कता बरतने की अपीलकलेक्टर ने किसानों से कहा कि आगामी 15 नवम्बर से धान खरीदी प्रारंभ होने जा रही है। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से बैंक संबंधी सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत की कमाई पसीना बहाकर अर्जित करते हैं, लेकिन कई बार बैंक धोखाधड़ी के मामलों में उनकी गाढ़ी कमाई चली जाती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे अपने बैंक पासबुक का स्टेटमेंट हर 15 से 30 दिनों में अवश्य जांचें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदेहास्पद लेन-देन का तुरंत पता चल सके। उन्होंने ने कहा कि धोखाधडी का शिकार होने के बाद अपराधी भले ही जेल चला जाए, लेकिन किसान की मेहनत की कमाई वापस नहीं मिल पाती, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने बताया कि सभी बैंक प्रबंधकों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि यदि किसी किसान को बैंक लेन-देन में समस्या होती है या किसी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका होती है, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें ताकि शीघ्र कार्रवाई की जा सके।किसान मेला में जिले के सर्वश्रेष्ठ पशुपालकों को सम्मानित किया गया। किसान मेले के माध्यम से किसानों को कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में नवाचार अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में जिला पंचायत सरगुजा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, कृषि स्वामित्व समिति की अध्यक्ष पूर्व हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष,कृषि मंत्री के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में जिले के कृषकगण उपस्थित रहे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची की माताजी स्वर्गीय श्रीमती चन्दन बाई जी की तेरहवीं एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर श्री मरपच्ची सहित शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे स्वर्गीय चन्दन बाई जी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
- -छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’- ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ — रोमांच, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत उत्सवरायपुर ।छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे। यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सवजशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमंग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे।हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांचइस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंदफेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा।फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभवप्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्सरात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौलहर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी।फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे। ‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है।डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचानइस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी। "हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं। ‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
-
*समर्थन मूल्य में धान खरीदी हेतु नोडल अधिकारियो को दिया गया प्रशिक्षण*
बलौदाबाजार/ खरीफ विपणन वर्ष 2025 -26 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी की तैयारी जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में नोडल अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर दीपक सोनी ने नोडल अधिकारियो के कार्यों और दायित्वों की जानकारी देते हुए अवैध धान परिवहन एवं बिचौलिए पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने कहा क़ि धान खरीदी में नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी। किसी भी समिति में अवैध धान खपाने का प्रयास करने वाले बिचौलिए एवं अवैध धान परिवहन करते पाए जाने पर तत्काल इसकी सूचना तहसीलदार एवं समिति प्रबंधक को देना है। अपने -अपने कार्य क्षेत्र समिति अंतर्गत आने वाले गांव के संदिग्ध व्यक्ति एवं बिचौलिओं की सूची तैयार कर लें। धान खरीदी के समय क़ानून व्यवस्था बनाए रखने में भी आवश्यक समन्वय करना होगा। उन्होंने कहा क़ि जिले में लगभग 12 स्थानों पर जांच नाका स्थापित हैं जिन्हे शीघ्र सक्रिय करें और वहां कर्मचारियों की नये सिरे से ड्यूटी लगवाएं। जांच नाका में पंजी संधारित कर प्रतिदिन की कार्यवाही की रिपोर्ट देनी होगी। धान खरीदी के लिए बरदाने गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए तथा स्टैंकिंग भी उपयुक्त तरीके से कराना है। उन्होंने धान खरीदी के लिए जिला कंट्रोल रूम हेतु संपर्क केन्द्र को सक्रिय करने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने कहा क़ि इस बार धान खरीदी एग्रस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर होग़ा। अब तक लगभग 1लाख 55 हजार किसानों का पंजीयन हुआ हैं एवं करीब 2372 किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन शेष हैं। इन छूटे हुए किसानों का पंजीयन अगले दो दिन में पूरा कराने सभी भरसक प्रयास करें। पंजीयन के लिए छूटे हुए किसानों की सूची समितिवार तैयार किया गया हैं। इस सूची को सभी समिति प्रबंधकों, एससडीएम, तहसीलदार, पटवारी, सचिव एवं सरपंच को उपलब्ध कराएं ताकि जल्द पंजीयन पूर्ण हो सके। उन्होंने ग्रामसभा के दौरान ग्रामीणों से प्राप्त दावा आपत्ति का निराकरण करते समय पहले फिजिकल वेरिफिकेशन एप्प से सत्यापन एवं ऑनलाइन एंट्री के बाद निराकरण की सूची ग्राम पंचायत के सार्वजनिक स्थल पर चस्पा करने के निर्देश दिये।इस अवसर पर जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा, उप पंजीयक सहकारिता उमेश गुप्ता सहित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित थे। -
बलौदाबाजार,/ प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रेरणा साहु ने अपने घर पर सोलर पैनल स्थापित करवा कर योजना का लाभ प्राप्त किया हैं जिससे अब उनका मकान सोलर ऊर्जा से रोशन हुआ है। सोलर पैनल से एक ओर जहां स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग हो रहा हैं वहीं बिजली बिल जमा करने से भी मुक्ति मिली है।
बलौदाबाजार के अपना घर कॉलोनी निवासी प्रेरणा साहू ने बताया कि उनके पिता लाखेश्वर साहू ने इस योजना की सहायता से यह सोलर सिस्टम लगवाया, जिससे अब घर में स्वच्छ एवं मुक्त सोलर ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल मुफ्त बिजली ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे भी इस ग्रीन एनर्जी को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अवश्य लें। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार द्वारा सोलर पैनल स्थापना पर आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे आमजन आसानी से स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर अपना आर्थिक बोझ भी कम कर सकते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी का आभार है।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल इंस्टॉल कराने पर 3 किलोवाट एवं उससे अधिक के पैनल पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार एवं राज्य सरकार द्वारा 30 हजार कुल एक लाख आठ हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है।इसके साथ ही बैंक से आसानी से 6 प्रतिशत वार्षिक व्याज पर ऋण की भी सुविधा हैं। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी बिजली ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं। -
बलौदाबाजार/ कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार विद्युत संभाग भाटापारा द्वारा गुरुवार को जनपद पंचायत कार्यालय भाटापारा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अन्तर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सीएसपीडीसीएल के अधिकारी
क्षेत्र के राइस मिलर्स, वेंडर्स, जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही शामिल हुए।कार्यशाला में अधिकारियों के द्वारा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के फायदे, सोलर पैनल इंस्टालेशन, सरकार द्वारा सब्सिडी, वेंडर की सूची, ऋण प्रावधान आदि पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर कुछ हितग्राहियों ने अपने अनुभव भी साझा किये।लाभान्वित हितग्राही अनिल अग्रवाल एवं भुवन सिंह ठाकुर ने बताया क़ि योजना के तहत सोलर पैनल लगाने से बहुत फायदा मिला हैं।पूर्व में घर का विद्युत देयक 1500 से 2000 रुपये तक आता था जो कि घटकर वर्तमान में 300 रुपये तक आता है। साथ ही इस बात की संतुष्टि है कि इस योजना से पर्यावरण का संरक्षण भी सहभागिता हो रही हैं क्योंकि इससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता है.कार्यशाला में कार्यपालन अभियंता व्ही.के.राठिया, सहायक अभियंतावासुदेव साहू,अवैलशन खेस, एल. एन. कँवर, कनिष्ठ अभियंता मुकेश देवांगन,अभिषेक साहू, जयनारायण साहू, मनोज साहू, सौरभ देवांगन, भोला प्रसाद साकेत, श्री पुनीत शुक्ला,जनपद सीईओ हिमांशु वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
*अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*
बिलासपुर / उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के साथ राज्योत्सव तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्योत्सव की तैयारियों में जुटे अधिकारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों को संपूर्ण आयोजन में किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए पूरी क्षमता और योग्यता से समय पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को ऐतिहासिक और यादगार बनाना है। इसके लिए तैयारियों में कोई कोर-कसर न छोड़ें। प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान सभी कार्यक्रमों के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए तेजी से कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाओं को मूर्त रूप दें।उप मुख्यमंत्री श्री साव तथा मंत्रीद्वय श्री केदार कश्यप और श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्योत्सव के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम स्थल पर सेक्टर्स की स्थिति, बैठक क्षमता, परिक्रमा पथ के लोकेशन एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था व पेयजल व्यवस्था के साथ ही वीवीआईपी सेक्टर की क्षमता, सुव्यवस्थित पहुंच मार्ग तथा सभी कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रुपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। - गौरेला पेंड्रा मरवाही/ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा वर्ष 2026-27 में सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर शाम 5 बजे तक निर्धारित है। सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाईन आवेदन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के आधिकारिक वेबसाईटwww.nta.ac.in या https://exams.nta.ac.in/sainik-school-society पर भर सकते है। कक्षा 6वीं की प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी की आयु 31 मार्च 2026 को 10 से 12 वर्ष के बीच होना चाहिए एवं प्रवेश के समय कक्षा पाचवीं उत्तीर्ण होना चाहिए। कक्षा नौवीं के लिए विद्यार्थी की आयु 31 मार्च 2026 को 13 से 15 वर्ष के बीच होना चाहिए तथा प्रवेश के समय अभ्यर्थी को कक्षा आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग, रक्षा (सेवारत, सेवानिवृत्त) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (एनसीएल) के लिए 850 रुपये एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए 700 रुपये परीक्षा शुल्क निर्धारित है, जिसका भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, पेटीएम वालेट, यूपीआई के माध्यम से आनलाईन करना होगा।कक्षा 6वीं और कक्षा 9वीं में बालक एवं बालिकाओं के प्रवेश हेतु आयोजित पेन एवं पेपर बहुविकल्पीय प्रश्न पेपर पैटर्न आधारित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा का आयोजन जनवरी 2026 को किया जाएगा। सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए परीक्षार्थियों की चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी। सर्वप्रथम उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में सफल होना होता है। इसके पश्चात उत्तीर्ण परीक्षार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण होता है। स्वास्थ्य परीक्षण में फिटनेस तथा लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रावीण्य सूची बनती है। केवल अंतिम प्रावीण्य सूची में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों का ही सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में प्रवेश होता है। सत्र 2026-27 में सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में कक्षा 6वीं में लगभग 80 सीटों (70 बालक एवं 10 बालिका) एवं कक्षा 9वीं में लगभग 20 (18 बालक एवं 02 बालिका) सीटों पर प्रवेश होने की सम्भावना है जो आवश्यकतानुसार घट या बढ़ सकती है ।ऑनलाइन फार्म के पंजीयन में केवल अभिभावक का ही ईमेल आईडी एवं मोबाइल नम्बर भरना होगा। ऑनलाइन फार्म भरते समय अभ्यर्थी के पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो, हस्ताक्षर, बाएं अंगूठे का निशान, जन्म प्रमाण पत्र के साथ अभ्यर्थी, अभिभावक के निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, रक्षा कर्मियों के सेवा, पेंशन दस्तावेज़ का स्केन कॉपी होना आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थी के जाति, वर्ग आदि के बारे में सही जानकारी भरना होगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा नही हो। प्रवेश परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की वेबसाइट www.nta.ac.in या https://exams.nta.ac.in/sainik-school-society या सैनिक स्कूल अम्बिकापुर के आधिकारिक वेबसाईट www.sainikschoolambikapur.org.in से प्राप्त कर सकते है।
- विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देशवाच टॉवर, चिल्ड्रन एरिया और कैंटीन जैसी सुविधाओं से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगारायपुर/ प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ के गजमार पहाड़ स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में जारी सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कलेक्टर रायगढ एवं डीएफओ रायगढ़ उपस्थित रहे।पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में भी विकसित होगानिरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शासन की योजनाओं का केवल निर्माण तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन ही असली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य जनसामान्य को वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कहा कि हनुमान मंदिर परिसर में हो रहे सौंदर्यीकरण कार्यों से न केवल धार्मिक पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि गजमार पहाड़ी रायगढ़ की शान है। ऐसा स्थल शहर के बीच इतनी ऊँचाई और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ बहुत कम जगहों पर देखने को मिलता है।गजमार पहाड़ी इको टूरिज्म स्थल के रूप में होगा विकसितवित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल पर रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र गजमार पहाड़ी स्थित हनुमान धाम अब आधुनिक स्वरूप में इको पार्क और इको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित होगा। बीते दिवस वित्त मंत्री श्री चौधरी ने 08 करोड़ रुपए की लागत से यहां होने वाले विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया था। गजमार पहाड़ी मंदिर विकास योजना की जानकारी देते हुए डीएफओ ने कहा कि विभागीय मार्गदर्शन और सुव्यवस्थित योजना के तहत पहाड़ मंदिर को नया स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां श्रद्धालु एवं पर्यटक आसानी से ऊपर तक पहुंच सकें, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। जिसके तहत स्वीकृत सीढ़ियों का विकास कार्य, अवेयरनेस एक्टिविटी के लिए ओपन प्लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है।वाच टॉवर, चिल्ड्रन एरिया और कैंटीन जैसी सुविधाओं से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगासाथ ही वाच टॉवर, चिल्ड्रन एक्टिविटी एरिया, कैन्टीन, पैगोड़ा, पब्लिक वाशरुम, वाश एरिया निर्माण, यूटिलिटी एरिया, पार्किंग एवं प्रवेश स्थल का विकास कार्य, पाथ-वे निर्माण एवं प्रवेश द्वार निर्माण कार्य हो रहा है। इन सभी सुविधाओं के विकसित हो जाने पर गजमार पहाड़ी न केवल धार्मिक स्थल के रूप में, बल्कि पर्यटन और स्वास्थ्य गतिविधियों के दृष्टिकोण से भी एक आकर्षक गंतव्य बन जाएगा।
-
जगदलपुर/ कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 01 परिवार को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। कलेक्टर द्वारा तहसील लोहाण्डीगुड़ा ग्राम नेगानार निवासी मैतुराम की मृत्यु पानी में डूबने के कारण पुत्र श्री सुखदेव को चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को दीपावली की शुभकामनाएं दी साथ ही दिव्यांगजनों द्वारा हस्त निर्मित मोमबत्ती, कुकीज, चॉकलेट, बॉटल ऑफ आर्ट आदि सामग्री भेंट की। राज्यपाल ने भी उन्हें दीपावली शुभकामनाएं दी।श्री कावड़िया ने दिव्यांगजनों के हित से जुडे़ विषयों पर राज्यपाल को जानकारी दी। राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेश में दिव्यांजनों के लिए संचालित गतिविधियों के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
- बिलासपुर. बजरंग प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी समिति मर्यादित तिलक नगर का निर्वाचन कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। जारी निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचित किये जाने वाले सदस्यों की कुल संख्या 11 होगी। नामांकन पत्र 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक प्रस्तुत किये जा सकते है। नामांकन पत्रों की जांच एवं सूची का प्रकाशन 2 नवम्बर, नामांकन पत्रों की वापसी, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के अंतिम सूची का प्रकाशन एवं निर्वाचन चिन्हों का आबंटन 3 नवम्बर दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। विशेष साधारण सम्मिलन में मतदान एवं मतगणना 10 नवम्बर को सवेरे 10 बजे से 3 बजे तक एवं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष अन्य सोसायटियों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन 18 नवम्बर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक संस्था कार्यालय तिलक नगर में होगा।
-
खैरागढ़। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्टर सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की एक भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत गर्भवती माताओं का पंजीयन और चार बार प्रसवपूर्व स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस हर माह 9 व 24 तारीख को आयोजित किया जाता है। इस दिन गर्भवतियों की सूचीवार ट्रैकिंग कर विशेषज्ञ परामर्श सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी उच्च जोखिम वाली गर्भवती का उपचार न छूटे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि घर प्रसव की स्थिति में संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों में शासन के प्रोटोकॉल के अनुसार समयसीमा में ऑडिट पूर्ण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में गैर संचारी रोगों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग एवं पोर्टल रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड का पंजीयन शीघ्र पूर्ण किया जाए।
कलेक्टर चंद्रवाल ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत विद्यालयों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से आयरन फोलिक एसिड की गोलियां वितरण की व्यवस्था शिक्षा विभाग के समन्वय से करने के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सभी 12 प्रकार की सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। बैठक में नर्सिंग होम एक्ट और पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निजी स्वास्थ्य संस्थाओं की निगरानी, सिकल सेल स्क्रीनिंग और टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा भी की गई। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। कलेक्टर ने आयुष्मान डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत आभा कार्ड निर्माण को शत-प्रतिशत पूर्ण करने तथा सभी अस्पतालों में ई-हॉस्पिटल प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिको लीगल कार्यों को पूर्णतः डिजिटल करने और सड़क दुर्घटना मरीजों की जानकारी आईरेड ऐप में दर्ज करने पर विशेष बल दिया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आशीष शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव, बीएमओ, सीडीपीओ, स्वास्थ्य सलाहकार एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।












.jpg)



.jpg)



.jpg)






