- Home
- छत्तीसगढ़
-
*तकनीक और परिश्रम से तरक्की की लहर*
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती महोत्सव 2025 का यह विशेष वर्ष, प्रदेश के समग्र विकास की गौरवशाली गाथा को रेखांकित करता है। इन 25 वर्षों में प्रदेश के सभी विभागों ने जनकल्याण और सामाजिक उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। इनमें बिलासपुर जिला का मत्स्य पालन विभाग एक ऐसी मिसाल बनकर उभरा है, जिसने जल संसाधनों के माध्यम से गांव-गांव में आजीविका, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्थिरता की मजबूत नींव रखी।वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, उस समय बिलासपुर जिले में मछली पालन मुख्यतः पारंपरिक विधियों तक सीमित था। ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन एक सहायक आजीविका के रूप में देखा जाता था। केवल 3 हजार 333 तालाब मछली पालन के लिए पट्टे पर दिए गए थे और मत्स्य उत्पादन 21 हजार 120 मीट्रिक टन था। विगत 25 वर्षों में मत्स्य पालन विभाग, बिलासपुर ने योजनाबद्ध प्रयासों और नवाचारों के माध्यम से इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। आज जिले में 4 हजार 946 तालाब मछली पालन के लिए उपयोग में हैं। पट्टे पर जल क्षेत्र की सीमा 5 हजार 679 हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार 960 हेक्टेयर तक पहुँच गई है। ग्रामीण तालाबों की संख्या 227 से बढ़कर 4 हजार 884 हो चुकी है।इस विस्तार का सबसे बड़ा प्रभाव मत्स्य उत्पादन पर पड़ा है कृ जो अब 48 हजार 488 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। यह केवल आँकड़ों की प्रगति नहीं है, बल्कि यह उन हजारों मछुआ परिवारों की समृद्धि का सूचक है, जिनके जीवन में इन योजनाओं ने स्थायित्व और सम्मान जोड़ा। जिले में मत्स्य पालन को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण से विकसित करने हेतु कई नवीन विधियों को अपनाया गया है। इसमें प्रमुख हैं- प्लेकटान ग्रोवर तकनीक-810 इकाइयाँ, झींगा पालन इकाइयाँ-517, केज कल्चर यूनिट्स-436, बायोफ्लॉक एवं पॉन्ड लाइनर पद्धति-जिनसे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हुआ। इन आधुनिक पद्धतियों ने विशेष रूप से छोटे कृषकों और युवाओं को आकर्षित किया है, जो अब मत्स्य पालन को एक लाभकारी उद्यम के रूप में देख रहे हैं।मत्स्य पालन विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ हर मछुआरे तक पहुँचे। आज जिले में 8 हजार 980 से अधिक हितग्राही बीमा सुरक्षा और बचत सह राहत योजना जैसी योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता की पहुँच को भी सुलभ बनाया गया है।*हाईटेक फिश मार्केट-एक आधुनिक उपलब्धि*वर्ष 2016 में तोरवा क्षेत्र में राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास बोर्ड की सहायता से 1 करोड़ रूपए की लागत से छत्तीसगढ़ का पहला हाइटेक फिश मार्केट विकसित किया गया। इसमें 15 थोक दुकानें, 27 फुटकर दुकानें, आइस प्लांट और सजीव मछली विक्रय जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह बाजार न केवल व्यवसायिक केंद्र बना, बल्कि मछली विक्रेताओं को सम्मानजनक मंच भी प्रदान करता है।परंपरागत जल स्रोतों के साथ-साथ नदी आधारित मत्स्य पालन को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया गया है। शिवनाथ नदी के ग्राम जोंधरा स्थित एनीकट में 300 हेक्टेयर जल क्षेत्र को मछुआ सहकारी समिति को 10 वर्षों के लिए पट्टे पर आबंटित किया गया है, जिससे संगठित मत्स्य उत्पादन को गति मिली है।*व्यक्तिगत सफलता की प्रेरक मिसाल -*विकासखंड कोटा के ग्राम भैसाझार निवासी श्री इग्नियश मिंज ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि तकनीक और मेहनत का समन्वय कैसे बड़े परिणाम ला सकता है। उन्होंने फगेशियस मत्स्य पालन में प्रति वर्ष 55 मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त किया है। उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मछली परिवहन वाहन भी प्रदान किया गया, जिसका वितरण उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा किया गया।जिले ने मछली पालन के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का अग्रणी जिला होने का गौरव प्राप्त किया है। यह केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि नीतियों को जमीन पर उतारने की जीवंत मिसाल है। - कोरबा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बनवारीलाल अग्रवाल का 16 अक्टूबर को कोरबा में निधन हो गया। वे 78 साल के थे। उनके निधन की खबर से भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई है। कोरबा में उनके अंतिम संस्कार में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल , भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।उनके निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हेंं श्रद्धाजंलि अर्पित की है।बनवारी लाल अग्रवाल का जन्म 1 मई 1947 को कोरबा जिले के जपेली गांव में हुआ था। श्री अग्रवाल कोरबा जिले के कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे। 1990-92 में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण कोरबा के अध्यक्ष चुने गए थे। छत्तीसगढ़ उच्चतर माध्यमिक शाला बिलासपुर में व्याख्याता भी रह चुके हैं। बनवारी लाल अग्रवाल 1996-97- में भाजपा प्रदेश अनुशासन समिति के सदस्य बने। इसके बाद 2000 में वे सामान्य प्रयोजन समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य रहे। वहीं 2001 में भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष चुने गए। 28 मार्च 2001 से 9 मार्च 2003 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष पद पर आसीन रहे।
- - 17अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री शर्मा सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं से मिलकर आवेदनों पर पहल करेंगेरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रदेश की महिला व बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गुरुवार को कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं एवं उनके समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।गुरुवार को सहयोग केंद्र में मंत्री श्रीमती राजवाड़े से 150 से अधिक कार्यकर्ताओं व आमजनों ने मुलाकात कर आवेदन दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं का तेजी से निराकरण किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज एवं सहयोग केन्द्र प्रभारी सचिदानंद उपासने सहित पदाधिकारीगण व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। शुक्रवार 17 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहयोग केंद्र में उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई कर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करेंगे।
- रायपुर /राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और निरंतर सशक्त रणनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम हार्डकोर कैडर भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग त्यागकर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।इन आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे, रिज़र्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री) श्री विजय शर्मा उपस्थित रहेंगे।यह निर्णायक और ऐतिहासिक घटनाक्रम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की उस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें शांति, संवाद और विकास को केंद्र में रखकर विश्वास और पुनर्वास का वातावरण निर्मित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की वास्तविक शक्ति उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान में निहित है। इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुँचाया है।यह अवसर बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन ने न केवल सुरक्षा मोर्चे पर ठोस पहल की है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, संचार और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों के माध्यम से स्थायी शांति की आधारभूमि भी तैयार की है।यह सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम, स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की रचनात्मक भागीदारी का भी परिणाम है।
-
- महाराष्ट्र मंडल के अभिषेक बक्षी ने पुलिस अधिकारी की भूमिका में किया है कमाल का अभिनय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशे के कारोबार और हो रहे अपराध को लेकर दर्शाती फिल्म गैंग्स आफ रायपुर का गाना ‘करते हैं जो नशा’ रिलीज किया गया। फिल्म के गीत आसिफ खान ने लिखे हैं। वहीं परवेज खान के शानदार म्यूजिक और राकेश शर्मा की आवाज ने इस गीत को नई ऊंचाई दी है। लोकप्रिय होते गानों के चलते फिल्म को लेकर अभी से माहौल बनने लगा है। खास बात यह है कि इसमें महाराष्ट्र मंडल के युवा सभासद अभिषेक बक्षी ने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है। फिल्म नवंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदर्शित की जाएगी।फिल्म के संबंध में अभिषेक बताते हैं कि ‘करते हैं जो नशा’ गाना सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि समाज के आईने में झांकने का सशक्त प्रयास है। हिंदी और छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘गैंग्स आफ रायपुर’ का यह सामाजिक गीत नशे की लत और उसके विनाशकारी प्रभावों को उजागर करता है। फ़िल्म की प्रस्तुति और निर्माण ट्राइबल वारियर प्रोडक्शन द्वारा किया गया है।मंडल में मराठी नाटकों के अदाकार अभिषेक ने कहा कि फिल्म के निर्देशक शिव कुमार ने इस गीत के संवेदनशील फिल्मांकन के साथ एक गहरा सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है। नशा सिर्फ़ शरीर को नहीं, पूरी जिंदगी को तबाह कर देता है संदेश के साथ यह गीत युवाओं और समाज के हर वर्ग को जागरूक करने का आह्वान भी है। गाने की तरह ही फिल्म भी शहर और समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करता है। - बालोद। जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुसुमकसा निवासी श्रीमती रुखमणी बाई पति श्री गन्धुराम के बैंक के खाते में शीघ्र ही प्रधानमंत्री आवास योजना की द्वितीय किश्त की राशि का अंतरण होगा। जनपद पंचायत डौण्डी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में श्रीमती रूखमणी बाई को आवास स्वीकृत किया गया है। जिसकी प्रथम किश्त की राशि 40 हजार रूपये 09 अप्रैल 2025 को संबंधित द्वारा प्रदाय खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किया गया। निर्धारित स्तर तक निर्माण कार्य पूरा करने के उपरांत जियोटैगिंग पश्चात् द्वितीय किश्त 55 हजार रूपये हेतु जनपद पंचायत डौण्डी द्वारा एफटीओ साइन किया गया किन्तु एफटीओ बार-बार रिजेक्ट होना पाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में परीक्षण करने पर संबंधित हितग्राही का खाता, जनधन खाता का क्रेडिट लिमिट 50 हजार होने के कारण 50 हजार रुपये से अधिक की द्वितीय किश्त की राशि के कारण रिजेक्ट होना पाया गया। इस संबंध में संबंधित हितग्राही द्वारा नवीन खाता संख्या प्रदान किया गया जिसे योजना के पोर्टल में इंद्राज कर पुनः द्वित्तीय किश्त हेतु एफटीओ जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी कुछ दिवस में लंबित द्वितीय किश्त की राशि संबंधित हितग्राही के खाता में अंतरित हो जाएगा।
- रायपुर । आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग की प्रस्तावित नीति को लेकर सचिव सह आबकारी आयुक्त श्रीमती आर. शंगीता द्वारा विभाग से संबद्ध समस्त लायसेंसियों की बैठकें आयोजित की गईं। ये बैठकें 13, 14 और 15 अक्टूबर 2025 को संपन्न हुईं।बैठकों का उद्देश्य आगामी नीति निर्माण से पूर्व उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों से व्यवहारिक सुझाव प्राप्त कर नीति को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और व्यावहारिक बनाना था।पहली बैठक दिनांक 13 अक्टूबर को प्रदेश में स्थापित आसवनी एवं बॉटलिंग इकाई के संचालकों/प्रतिनिधियों के साथ हुई, जिसमें आयात-निर्यात शुल्क, बॉटलिंग फीस, लाइसेंस फीस, काउंटरवेलिंग ड्यूटी, देयकों के ऑनलाइन भुगतान, नवीन बोतलों के उपयोग तथा भंडारण भंडारगार के अवकाश दिवसों में संचालन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।दूसरी बैठक 14 अक्टूबर को प्रदेश के बाहर स्थित विदेशी मदिरा निर्माताओं और प्रदायकर्ताओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की गई। इसमें काउंटरवेलिंग ड्यूटी, हैंडलिंग चार्ज, आयात-निर्यात शुल्क, बॉटलिंग फीस, लाइसेंस फीस और विदेशी मदिरा गोदामों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।तीसरी बैठक 15 अक्टूबर को बार और क्लब संचालकों एवं एसोसिएशन प्रतिनिधियों के साथ हुई। इस दौरान बार/क्लब हेतु निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (एमजी), लाइसेंस फीस, विभिन्न रेंज की मदिरा बिक्री, संचालन समय तथा अवैध गतिविधियों की रोकथाम जैसे विषयों पर चर्चा की गई। आबकारी सचिव श्रीमती शंगीता ने बताया कि तीनों बैठकों में उपस्थित लायसेंसियों से प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन कर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बार नीति, अहाता नीति तथा मदिरा दुकानों के व्यवस्थापन से संबंधित निर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- रायपुर / वित्तीय सेवा विभाग, भारत सरकार के निर्देशानुसार “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” जन-जागरण अभियान के अंतर्गत जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष (DEA Fund) विषय पर जिला स्तरीय शिविर का सफल आयोजन आज रेडक्रॉस सभाकक्ष, कलेक्टरेट परिसर रायपुर में किया गया।शिविर का शुभारंभ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के उप महाप्रबंधक श्री राकेश कुमार सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में किया गया इस अवसर प़र निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति से सहायक महाप्रबंधक श्री मनोज कुमार सिंह, भारतीय रिज़र्व बैंक से श्री नवीन कुमार तिवारी एवं अग्रणी जिला प्रबंधक रायपुर श्री मो. मोफीज एवं विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।शिविर में नागरिकों को अनक्लेम्ड जमा राशि, बीमा दावे, डिविडेंड, शेयर एवं म्यूचुअल फंड तथा पेंशन संबंधी राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।शिविर में आम नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों ने जिनके खाते DEAF में अंतरित हो गए हैं, उन्होंने भाग लिया तथा लाभार्थियों के दावे निस्तारित/प्रक्रिया में लिए गए। उपस्थित नागरिकों/विभागों ने इस पहल की सराहना की और इसे जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया। जिले के नागरिकों से अपील की जाती है कि आगामी शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान को सफल बनाएं।
- बिलासपुर। 25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर में 15 से 18 अक्टूबर तक किया जा रहा है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन कबड्डी एवं बेस बॉल में बिलासपुर संभाग ने बाजी मारी वहीं कराते में रायपुर संभाग का दबदबा रहा।आज के खेल प्रतियोगिता का परिणामकबड्डी - 14 वर्ष बालिकासरगुजा जोन V/S रायपुर जोन, सरगुजा- 9अंको से विजयीकब्बडी-14 वर्ष बालकबस्तर जोन V/S दुर्ग जोन बस्तर- 2 को मे विजयीरायपुर V/S सरगुजा - रायपुर 46 अंको से विजयीकबड्डी -17 वर्ष बालिकादुर्ग V/S रायपुर- दुर्ग 19 अंक से विजयीबस्तर V/S सरगुजा - बस्तर 58 अंको से विजयीबिलासपुर V/S रायपुर- बिलासपुर 55अंको से विजयीकबड्डी 17 वर्ष बालकबिलासपुर V/S सरगुजा - बिलासपुर 64 अंको से विजयीदुर्ग V/S रायपुर ,रायपुर-1अंको से विजयी14 वर्ष बालिकादुर्ग V/S रायपुर दुर्ग 32 अंको से विजयीबस्तर V/S सरगुजा - बस्तर 38 अंको से विजयी17 वर्ष बालकबिलासपुर V/S बस्तर - बिलासपुर 53 अंको से विजयीरायपुरV/S सरगुजा - रायपुर 13अंको से विजयीदुर्ग V/S बस्तर - दुर्ग 17 अंको से विजयीबेस बॉलपरिणाम 19 वर्ष बालकदुर्ग V/S सरगुजाविजेता- दुर्गबिलासपुर v/s रायपुर -बिलासपुर विजेतापरिणाम 19 वर्ष बालिकाबस्तर V/S सरगुजा -बस्तर विजेता बिलासपुर V/S रामपुर -बिलासपुर विजेतादुर्ग V/S सरगुजा - दुर्ग विजेताबालिका 17 वर्षसरगुजा V/S रायपुरविजेता सरगुजादुर्ग V/S बस्तरविजेता बस्तरबालिका 14 वर्षबस्तर V/S रायपुरविजेता बस्तरदुर्ग V/S रायपुरविजेता दुर्गबालक 14 वर्षबस्तर V/S रायपुरबिलासपुर V/S बस्तरविजेता बिलासपुरसरगुजा V/S रायपुरविजेता रायपुर-कराते 17 वर्ष बालक 35किग्रा ओंकर रायपुर प्रथम अभिषेक बिलासपुर द्वितीय गेवेश सेठिया बस्तर तृतीय,-40किग्रा में आशीष केशवानी दुर्ग प्रथम,हर्ष चक्रधारी बिलासपुर द्वितीय, मुकेश कुमार रायपुर तृतीय,-45 किग्रा में हर्ष यादव बिलासपुर प्रथम हर्ष नाग रायपुर द्वितीय दक्ष साहू दुर्ग तृतीय-50किग्रा में वीरेंद्र गुप्ता रायपुर प्रथम भास्कर साहू दुर्ग द्वितीय नलीन यादव बिलासपुर तृतीय-54किग्रा में रुद्र साहू रायपुर प्रथम युवराज देवांगन बिलासपुर द्वितीय आलोक दुर्ग तृतीया-58किग्रा में हरिओम बिलासपुर प्रथम चिराग चंदानी रायपुर द्वितीय धर्मेंद्र दुर्ग तृतीय-62किग्रा में वेंकटेश साहू रायपुर प्रथम अरमान खान दुर्ग द्वितीय अवल राठौर बिलासपुर तृतीय-66 किग्रा में उमेश साहू दुर्ग प्रथम सोमेश्वर बस्तर द्वितीय गिरिराज रायपुर तृतीय--70किग्रा में ऋषभ साहू रायपुर प्रथम तुषार तुल दुर्ग द्वितीय प्रद्युमन गोयल बिलासपुर तृतीय-74 किग्रा में निर्भय साहू बिलासपुर प्रथम ऋषभ शर्मा रायपुर द्वितीय-78 किग्रा में युवराज दुर्ग प्रथम बंधु राम बस्तर द्वितीय-82 किग्रा में हर्षित साहू रायपुर प्रथम ऋषभ पांडे बस्तर द्वितीय-82+ किग्रा में यमंक यादव बिलासपुर प्रथमओम डडसेना रायपुर द्वितीय-सहायक संचालक वर्षा शर्मा ने बताया कि सभी संभाग के बच्चे अपनी-अपनी विधा में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं । बच्चे बेहतर माहौल में खेल और अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दे इसके लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कोच मैनेजर मैनेजर और अन्य ऑफिशियल स्टाफ के द्वारा कहीं भी कोई कमी की जानकारी हम तक पहुंचते ही कमियों को तत्काल दूर किया जा रहा है।
- - 133 खातेदारों की 1.40 करोड़ राशि लौटाई गईबिलासपुर,/ वित्तीय सेवा विभाग भारत सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार "आपकी पूंजी आपका अधिकार" के अंतर्गत वित्तीय विभागों में 10 वर्षों से अधिक निष्क्रिय एवं दावा रहित डिफ खातों के सक्रिय एवं त्वरित निपटान हेतु जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में वृहत कैंप का आयोजन लीड बैंक कार्यालय भारतीय स्टेट बैंक बिलासपुर के द्वारा किया गया। शिविर में विभिन्न बैंकों द्वारा निष्क्रिय खातीदारों से संपर्क करते हुए कुल 133 निष्क्रिय खातों में राशि रु 1.40 करोड़ का निपटारा किया गया।कैम्प में विशेष रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बिलासपुर माननीय संदीप कुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि "आपकी पूँजी आपका अधिकार" भारत सरकार के इस अभिनव पहल के तहत बैंकों के द्वारा किये जा रहे प्रयास सराहनीय है। उन्होंने बैंकों से इस मुहीम को सफल बनाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक खातेदार हैं, जिन्हें ज्ञात भी नहीं है कि उनकी राशि बैंकों में वर्षों से जमा है। बैंकों के लिए निसंदेह उन खातेदारों को पता लगाना कठिन अवश्य है, परन्तु ऐसे कार्य से बैंक अनेक खातेदारों को लाभान्वित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक की कलेक्टोरेट शाखा ने जिला पंचायत बिलासपुर के तीन खातों में रु.31 लाख से अधिक रकम लौटाया । साथ ही निष्क्रिय खातेदार श्रीमती दुलारिन बाई को रु.7.49 लाख वापस करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बैंक से जारी प्रमाण पत्र वितरण किया। भारतीय स्टेट बैंक क्षेत्रीय प्रबंधक क्षेत्र- एक बिलासपुर के अविनाश सोनी ने अपने उद्बोधन में इस अवसर का लाभ उठाते हुए अधिक से अधिक निष्क्रिय खातों के निपटान कर खातेदारों को लाभान्वित करते हुए इस हेतु निरंतर प्रयास करने को कहा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बिलासपुर को तीन खातों के रकम वापसी का प्रमाण पत्र सुपुर्द किया। कैंप में नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री अशोक साहू भी उपस्थित थे। कैम्प में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूको बैंक, युनियन बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, यस बैंक, बंधन बैंक, जीवन बीमा निगम, एसबीआईलाइफ आदि विभिन्न शाखाओं के अधिकारीगण उपस्थित होकर अपने अपने सम्बंधित निष्क्रिय खातीदारों से संपर्क करते हुए कुल 133 निष्क्रिय खातों में राशि रु.140.01 लाख का निपटान किया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अग्रणी जिला प्रबंधक बिलासपुर श्री दिनेश उरांव ने किया।
- रायपुर / रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दो दिवसीय कार्यक्रम दिनांक 31 अक्टूबर एवं 1 नवम्बर 2025 की तैयारियों की समीक्षा हेतु बैठक ली। बैठक में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।संभागायुक्त ने कार्यक्रम की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, रूट प्लान, कार्यक्रम स्थल, पार्किंग, बेरीकेटिंग, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, सेफ हाउस आदि सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के आगमन एवं कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी विभाग समन्वयपूर्वक कार्य करें और तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रहे।बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अन्य जिलों से भी आवश्यकतानुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। बैठक में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, मुख्य वन संरक्षक सुश्री सतोविशा समाजदार तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, होम गार्ड, फायर सेफ्टी, बीएसएनएल सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- - हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में स्वास्थ्य ज्ञान यज्ञ (संगोष्ठी) का आयोजनदुर्ग / धन्वंतरि स्वास्थ्य सप्ताह के उपलक्ष्य पर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा स्वास्थ्य ज्ञान यज्ञ (संगोष्ठी) का आयोजन शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के राधाकृष्णन हॉल में किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय योग विज्ञान की तरह भारतीय चिकित्सा विज्ञान आयुर्वेद स्वास्थ्य संरक्षण के अनूठे विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना हैं। साथ ही यह संगोष्ठी स्वस्थ रहने के सहज, सरल विज्ञान को विस्तार से समझने, स्वस्थ समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने, विभिन्न प्रकार की बीमारियों पर रोक लगाने में एक महती भूमिका निभाएगी। धन्वंतरि जयंती के अवसर पर स्वास्थ्य जागरण, आयुर्वेदिक ज्ञान का प्रसार करने के हेतु स्वास्थ्य ज्ञान (संगोष्ठी) का आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगी।मुख्य अतिथि दुर्ग संभाग के संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी संगोष्ठियाँ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहने के बारे में जानकारी और जागरूकता फैलाने पर केन्द्रित होती है। उन्होंने आगे बताया कि कोरोना काल में किस प्रकार आयुर्वेद चिकित्सा ज्ञान ने न केवल उन्हें बल्कि पूरे परिवार को भी सुरक्षित रखा। प्रत्येक व्यक्ति को आयुर्वेद के विषय में ज्ञान होना आवश्यक है। जिससे न केवल हमारा परिवार बल्कि समाज भी स्वस्थ एवं प्रतिस्पर्धी बनेगा और भारत के विश्व गुरू बनने का भी सपना पूरा हो सकेगा।हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग कुलपति, प्रो. (डॉ.) संजय कुमार तिवारी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद का अर्थ है आयु को बढ़ाने वाला ज्ञान। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने आयुर्वेद विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एक नया मंत्रालय, आयुष मंत्रालय के रूप में स्थापित किया। भारत सरकार ने आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देते हुए ऐलोपैथी चिकित्सा पद्धति का इसे एक उपयुक्त विकल्प मानते हुए इस हेतु बजट के आकार में वृद्धि की है। इससे न सिर्फ हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बल मिलेगा बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा।संगोष्ठी के मुख्यवक्ता डॉ. मनोहर लहेजा, प्रांताध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद परिषद् ने आयुर्वेद के विषय में गूढ़ जानकारी दी और कहा कि ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना उचित होता है। प्रत्येक व्यक्ति को समय देखकर नहीं बल्कि भूख लगने पर उचित खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल, प्रांत उपाध्यक्ष, आरोग्य भारती ने व्याख्यान में कहा कि विभिन्न जड़ी-बूटियों की जानकारी दी जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को स्वस्थ भी रखता है। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के प्राचार्य, डॉ. अजय कुमार सिंह ने स्वागत संबोधन दिया। सहायक कुल सचिव श्री दिग्विजय कुमार सिंह ने संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री भूपेन्द्र कुलदीप ने धन्यवाद ज्ञापन प्रेषित किया। कार्यक्रम का संचालन, डॉ. ज्योति धारकर, प्राध्यापक, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग ने किया। इस अवसर पर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के उपकुलसचिव, डॉ. राजमणि पटेल, श्री राजेन्द्र चौहान, खेल संचालक, डॉ. दिनेश नामदेव, डिजिटल सलाहकार, डॉ. बी. गोपाल कृष्ण एवं समस्त सम्बद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- - रामायण काल से कार्तिक मास में आकाशदीप लगाने की रही है परंपरारायपुर। प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी महाराष्ट्र मंडल दिवाली पर दीयों की लड़ी के साथ आकाशदीप लगाने के लिए आमजनों को प्रेरित कर रहा है। मंडल के सभासद बड़ी संख्या में अपने घरों पर आकाशदीप लगाते हैं।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि घरों में आकाशदीप लगाने की परंपरा हम कई पीढियों से देखते आ रहे हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार कार्तिक मास में आकाशदीप या फिर कहें आकाश कंदील को दीपावली में की जाने वाली सजावट का अहम हिस्सा माना जाता है। उसे कोई पितरों की याद में जलाता है, तो कोई अपने घर की शोभा को बढ़ाने के लिए अपने घर पर लगता है। वहीं कुछ लोग धन की देवी मां लक्ष्मी और शुभ-लाभ के देवता भगवान श्री गणेश को अपने घर में आमंत्रित करने के लिए विशेष रूप से जलाते हैं।सांस्कृतिक समिति के समन्वयक प्रेम उपवंशी ने बताया कि हिंदू मान्यता के अनुसार आकाशदीप का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। जब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद वापस अपने नगर लौटे, तो वहां के लोगों ने उनके स्वागत के लिए दीये जलाए थे। प्रभु श्रीराम के वापस आने में मनाए गये दीपोत्सव को दूर तक दिखाने के लिए लोगों ने बांस में खूंटा बनाकर उसमें दीये के जरिए रोशनी की थी। तब से आज तक यह परंपरा चली आ रही है।प्रेम ने जानकारी दी कि वाराणसी में लंबे समय से अपने पितरों की स्मृति में आकाशदीप जलाने की परंपरा चली आ रही है. मान्यता यह भी है कि इस परंपरा की शुरुआत महाभारत काल से हुई थी। कहते हैं कि महाभारत के युद्ध के दौरान दिवंगत हुए लोगों की याद में भीष्म पितामह ने कार्तिक मास में विशेष रूप से दीये जलवाए थे।कला- संस्कृति समिति के प्रभारी अजय पोतदार के अनुसार महाराष्ट्र मंडल में इस साल कृष्ण जन्माष्टमी के बाद लगातार कार्यक्रम और कार्यशाला हो रहीं हैं। पिछले हफ्ते ही फ्री हैंड रंगोली बनाने की कार्यशाला लगाई गई थी। इसी वजह से आकाशदीप लगाने की कार्यशाला इस वर्ष नहीं लगाई जा सकी और न ही दिवाली सोहला (मेला) में अलग से आकशदीप बेचा जा सका। इसके बावजूद मंडल की कार्यकारिणी, पदाधिकारी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में आकाशदीप लगाने का अभियान चलाए हुए हैं। इसका एक बड़ा कारण इस कलात्मक और गौरवशाली परंपरा को जीवित रखा जा सके।
- -महासमुंद जिले में 16 जांच चौकियां स्थापित की जाएंगीरायपुर।, छत्तीसगढ़ शासन की खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान एवं मक्का उपार्जन नीति के तहत इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर सुचारू और पारदर्शी रूप से धान खरीदी सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। महासमुंद जिले में उड़ीसा एवं अन्य राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर छत्तीसगढ़ के उपार्जन केंद्रों में विक्रय को रोकने के लिए कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर 16 जांच चौकियों (चेक पोस्ट) की स्थापना की जा रही है।ये चौकियां जिले की सीमाओं पर आगामी 01 नवंबर 2025 से धान उपार्जन अवधि की समाप्ति तक संचालित रहेंगी। इन चौकियों पर राजस्व, कृषि उपज मंडी समिति, वन विभाग और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी जांच चौकियों पर वाहनों की गहन जांच की जाएगी ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले अवैध धान के परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही, सभी तहसीलों में एक-एक निरीक्षण दल भी गठित किया गया है, जो क्षेत्र में अवैध भंडारण और परिवहन गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखेगा। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले ही सतर्क रहें और आवश्यकतानुसार छापामार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन ने इस वर्ष भी किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए सुदृढ़ और पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। शासन की नीति के अनुसार, राज्य के पंजीकृत किसानों से ही धान की खरीदी की जाएगी तथा प्रत्येक उपार्जन केंद्र में टोकन प्रणाली और बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि जिले के वास्तविक किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करें और बाहरी राज्यों से आने वाले अवैध व्यापारियों के कारण राज्य की नीति और किसानों के हितों को कोई क्षति न पहुंचे।
- -भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के गन्ना उत्पादक किसानों को 11.09 करोड़ रुपये का बोनस भुगतानरायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों एवं किसान हितैषी दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा द्वारा जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को दीपावली पर्व के अवसर पर बड़ा आर्थिक लाभ प्रदान किया गया है। कारखाना प्रबंधन द्वारा पिछले पेराई सत्र में गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को शासन की ओर से 11.09 करोड़ रुपये का बोनस भुगतान किया गया है। यह बोनस भुगतान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष पहल एवं प्रयासों से संभव हुआ है। उनके नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध भुगतान और बोनस वितरण सुनिश्चित किया गया है।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा ने पेराई सत्र 2024-25 के दौरान किसानों से खरीदे गए गन्ने का 115.44 करोड़ रुपये का संपूर्ण भुगतान कर प्रदेश की सभी शुगर मिलों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि कारखाने की पारदर्शी कार्यप्रणाली, कुशल प्रबंधन एवं सहकारिता की सुदृढ़ भावना का परिचायक है। दीपावली से पूर्व किसानों को बोनस भुगतान प्राप्त होने से पूरे जिले के कृषक समुदाय में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। बोनस राशि के भुगतान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि किसानों का विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी।
- -उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन 3 से 6 नवंबर तक-किसान कर सकेंगे 9 नवंबर से ऑफलाईन एवं ऑनलाईन टोकन के लिए आवेदन-सीमावर्ती जिलों में बनाएं जाएंगे चेक पोस्ट-अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धान खरीदी,प्रक्रिया का प्रशिक्षणरायपुर । समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बायोमैट्रिक पद्धति से की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए धान उपार्जन केन्द्रों में ऑफलाईन के अलावा मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन जारी किए जाएंगे। सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम, प्रबंध संचालक विपणन संघ एवं संचालक खाद्य विभाग के मार्गदर्शन में आज सरगुजा एवं दुर्ग संभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से धान खरीदी सम्पन्न कराने के लिए पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अलग-अलग संभागों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक चलेगी। धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से प्रारंभ होगा।प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेन्टर की स्थापना की जाएगी एवं मोबाईल एप्प के माध्यम से विभिन्न प्रकार के एलर्ट आदि भेजे जाएंगे। उपार्जन केन्द्रों में धान के उचित रखरखाव, किसानों की सुविधाओं के संबंध में व्यवस्था किये जाने हेतु उपार्जन केन्द्र प्रभारियों और इससे जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण में जानकारी दी गई। उपार्जन केन्द्रों को गतवर्षों में दर्ज प्रकरणों एवं संभावित अनियमितताओं के आधार पर संवेदनशील तथा सामान्य में वर्गीकृत किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जावेगी। इन केन्द्रों में पृथक से नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये जायेगें। जिनके द्वारा समय-समय पर उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा इन्टीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेन्टर से प्राप्त अलर्ट मैसेज के आधार पर उड़नदस्ता द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश के सीमावर्ती उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त चेक पोस्ट की स्थापना की जा रही है, जिससे अवैध धान के आवक को रोका जा सके।जिलों में धान उपार्जन वर्ष 2025-26 का प्रशिक्षण कार्य 31 अक्टूबर 2025 तक जिला एवं अनुविभाग में पूर्ण करा लिया जावे। गतवर्ष की भाँति इस वर्ष भी बायोमेट्रिक आधारित धान उपार्जन किया जाएगा। वहीं 3 नवंबर से 6 नवंबर के मध्य उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन का आयोजन होगा एवं 9 नवंबर से टोकन आवेदन किया जा सकेगा। धान खरीदी के लिए सीमांत एवं लघु कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों को अधिकतम 03 टोकन प्रदाय किया जा सकेगा। अतः सभी जिलों को 30 अक्टूबर तक धान उपार्जन से संबंधित सभी तैयारी पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है।प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष समितियों को शार्टेज की मात्रा निरंक करने तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुचारू रूप से धान उपार्जन पूर्ण करने पर नियमानुसार इन्सेटिव का भी प्रावधान रखा गया है। भारत सरकार द्वारा उपार्जन केन्द्रों के स्वमूल्यांकन हेतु उपलब्ध पोर्टल पीसीएसएपी में उपार्जन केन्द्रों द्वारा धान खरीदी के संबंध मे आवश्यक व्यवस्था पूर्ण कर लेने के उपरांत प्रविष्टि करनी होगी। प्रविष्टि के आधार पर एल-4 ग्रेडिंग पाये जाने पर ही इन्सेटिव की पात्रता उप समिति को होगी। समितियों में डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नियोजन 06 माह के लिए समितियों के माध्यम से किये जाने का प्रावधान इस वर्ष की पॉलिसी में किया गया है। ऐसी समितियां जहां अनियमितताएं पाई गई हो, वहां के डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नवीन नियोजन किये जाने के निर्देश दिए गये है।
- - कुपोषण नियंत्रण में दुर्ग की बड़ी उपलब्धि, पोषण ट्रैकर में प्रदेश में मिला पहला स्थान- मेधावी बेटियों व कर्मियों का सम्मान, पोषण माह में उत्कृष्ट कार्यों की सराहना- आंगनबाड़ी केंद्रों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए - कलेक्टर श्री सिंहदुर्ग / महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का समापन आज लोक निर्माण विभाग के सभागार में गरिमामय आयोजन के साथ किया गया। 17 सितंबर से 16 अक्टूबर तक चले इस पोषण अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा ’स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के शुभारंभ के साथ हुई थी। ग्रोथ मॉनिटरिंग डेटा के अनुसार पोषण ट्रैकर एप में दुर्ग जिला प्रदेश में सबसे कम कुपोषण वाले जिलों में पहले स्थान पर रहा। पोषण माह के दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में थीम आधारित गतिविधियाँ प्रतिदिन आयोजित की गईं।समापन अवसर पर पोषण थाली, सलाद सजावट, रेडी-टू-ईट और छत्तीसगढ़ी व्यंजन प्रतियोगिताएं भी आयोजित हुई, जिसका निरीक्षण कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा किया गया। कलेक्टर श्री सिंह ने मेधावी छात्राओं, किशोरी बालिकाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पोषण माह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महापौर श्रीमती अलका बाघमार द्वारा प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने, पांच महिलाओं को पीएमएमवीवाय का चेक, छ.ग. महिला कोष का चेक, सक्षम योजना का चेक वितरण कर पांच महिलाओं का गोदभराई व पांच बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया।कलेक्टर श्री सिंह ने समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से की गई मॉनिटरिंग में दुर्ग जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि आप सभी की मेहनत और लगन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कुपोषण की स्थिति में सुधार स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। पोषण ट्रैकर के माध्यम से बच्चों के वजन, लंबाई, और आंगनबाड़ी केंद्रों की उपस्थिति की जानकारी सीधे मिल रही है। कलेक्टर ने सभी से आह्वान किया कि वे डेटा में सिर्फ वास्तविक जानकारी ही दर्ज करें, ताकि बच्चों की वास्तविक स्थिति पता चल सके। खाद्य गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। सभी सुपरवाइज़र और सीडीपीओ जब भी केंद्र का निरीक्षण करें स्वयं भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करें। अगर केंद्रों में किसी प्रकार की संसाधन की कमी है, तो विभाग द्वारा उसकी पूर्ति की जाएगी, लेकिन खाने में गड़बड़ी जैसी शिकायतें बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुलें, कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहें और बच्चों के पोषण और देखभाल में कोई कमी न रहे, यही सुपोषण का सही मार्ग है।इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर, डब्लूडीसीडीपीओे श्री अजय साहू सहित सुपरवाईजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- - बाल सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर होंगे चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापितदुर्ग / जिला कार्यालय स्थित सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक लेकर जिले में बाल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की गहन समीक्षा की। बैठक में बाल देखरेख संस्थाएं, किशोर न्याय व्यवस्था, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह की स्थिति और सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई।बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में 40 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में अब तक कोई बाल विवाह का मामला दर्ज नहीं हुआ है, जिस पर कलेक्टर ने सावधानीपूर्वक निगरानी बनाए रखने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। किशोर न्याय बोर्ड में 237 और बाल कल्याण समिति में 118 प्रकरण लंबित हैं। कलेक्टर ने इन मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर पिछले तीन महीनों में प्राप्त 42 कॉल्स में से 13 मामलों को रजिस्टर्ड किया गया। कलेक्टर ने सभी संबंधित समितियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने किशोर न्याय बोर्ड में स्थापित वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) सेट को शीघ्र बाल सम्प्रेक्षण गृह में स्थानांतरण करने को कहा, ताकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा जल्द उपलब्ध हो सके और बालकों को कोर्ट पेशी के लिए अन्य जिलों में भेजने की जरूरत न पड़े और कार्यवाही ऑनलाइन ही पूरी की जा सके। शासन के निर्देशानुसार जिले के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर चाइल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना की जानी है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने दोनों स्थानों पर उपयुक्त स्थल चिन्हित कर जल्द से जल्द डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए। नाबालिग बच्चों में बढ़ती नशा प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कलेक्टर ने नशामुक्ति केंद्र की स्थापना हेतु संचालनालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।बैठक में महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री जाम्बुलकर ने बताया कि जिले में संचालित शासकीय और अशासकीय बालगृहों, विशेष गृहों, दत्तक ग्रहण एजेंसी एवं आश्रय गृहों में कुल 108 बालक-बालिकाएं निवासरत हैं। कलेक्टर ने इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को मुख्यमंत्री बाल उदय योजना का लाभ दिलाने के लिए सक्रियता बढ़ाने को कहा। जिले में इस योजना के तहत शेख शहबाज अंसारी को लाभान्वित किया गया है। समीक्षा के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर की भी प्रगति पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने मानसिक रूप से विक्षिप्त महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें ग्राम संेदरी मानसिक चिकित्सालय भिजवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल एवं महिला कल्याण से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी से कार्य किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम दुर्ग कमिश्नर श्री सुमित अग्रवाल, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल, एएसपी श्रीमती पदमश्री तवर सहित जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उपस्थित थे।
- -फरसपाल की महिलाएं बनी स्वावलंबी की मिसालरायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नया उजाला भर दिया है। इस मिशन के माध्यम से गांवों की साधारण गृहणियाँ अब आत्मनिर्भर बनकर समाज में नई पहचान बना रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत फरसपाल की महिलाओं की है, जिन्होंने मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं की मदद से स्वावलंबन की मिसाल पेश की है।स्व सहायता समूह स्थायी आमदनी का मिला साधनग्राम फरसपाल की गंगादेवी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मिलकर एक टाटा मैजिक वाहन खरीदा और आस-पास के गांव आलनार, कुंदेनार, दंतेवाड़ा और गीदम तक परिवहन सेवा शुरू की। इस सेवा से अब ग्रामीणों को आने-जाने में आसानी हो रही है, वहीं महिलाओं को भी स्थायी आमदनी का जरिया मिल गया है। दंतेवाड़ा जिला प्रशासन की ओर से इन महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया गया। समूह ने वाहन संचालन के लिए एक ड्राइवर का चयन किया और मिल-जुलकर यह सेवा सफलतापूर्वक शुरू की। आज यह टाटा मैजिक रोजाना सैकड़ों ग्रामीणों की यात्रा का भरोसेमंद साधन बन चुकी है।महिलाएं अपने परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैंसमूह की सदस्य श्रीमती यन्ति ठाकुर इस पूरी परिवहन सेवा का हिसाब-किताब और लेखा प्रबंधन देखती हैं। वे बताती हैं कि पहले सिर्फ एक गृहणी थी, जीवन सीमित आय में गुजारती थी, पर जब गंगादेवी स्व-सहायता समूह से जुड़ी, तो बचत और प्रशिक्षण ने उसकी जीवन बदल दिया। अब हम महिलाएं भी अपने परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैं।आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में भागीदारआज समूह की मासिक आय लगभग 26 हजार रुपए तक पहुँच गई है। महिलाओं ने इस कमाई से अपने घरों की आर्थिक स्थिति सुधारी है और बच्चों की शिक्षा, घर की जरूरतों तथा बचत तीनों में संतुलन बना लिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत शुरू हुई यह पहल दिखाती है कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव की प्रगति में भागीदार बन जाती हैं।आत्मविश्वास से मिली सफलताफरसपाल की गंगादेवी स्व सहायता समूह की कहानी, ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और शासन की योजनाओं के सफल संगम की प्रेरक मिसाल है। अब फरसपाल की सड़कों पर चल रहे वाहन सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों की सवारी बन चुकी है।
-
-मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की ली जानकारी
बिलासपुर, /चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर डॉ. यू.एस. पैकरा ने छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. पैकरा ने विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, अस्पताल की स्वच्छता और निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निःशुल्क दवा वितरण कक्ष, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की व्यवस्था और वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली। आपातकालीन विभाग के सामने मरीजों को दी जा रही सहूलियतों का निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों से उपचार व सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और लगने वाले समय की समीक्षा की। आयुष्मान कार्डधारी भर्ती मरीजों की संख्या और सुविधा प्रबंधन का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन वार्ड का निरीक्षण कर एजेंसी को तय समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मेडिकल वार्ड, डायलिसिस यूनिट एवं परिजन शेड, स्वच्छता और उपकरणों की स्थिति की जांच की गई। उपकरणों की कार्यस्थिति और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, अन्य अधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। -
बिलासपुर /नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार बिलासपुर जिले की समस्त मिठाई दुकानों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। मिलावट की आशंका के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा अधिकारी, अविषा मरावी एवं अंकित गुप्ता खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम के साथ मेसर्स हरिओम स्वीट्स, तखतपुर से बुन्दी लड्डू एवं काजू बरफी का नमूना, मेसर्स सत्यम स्वीट्स तखतपुर से रोल बरफी का नमूना, मेसर्स रायल स्वीट्स राजेन्द्र नगर बिलासपुर से बेसन पात्रा, महेश स्वीट्स तारबाहर से काला जामुन बेकर्स फर्म तारबाहर से मथुरा पेडा, दिल्ली स्वीट्स रिंगरोड बिलासपुर से गोंद लड्डू का नमूना संकलित कर परीक्षण और विश्लेषण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है।
टीम ने इसके साथ ही मेसर्स मनोज स्वीट्स मुगेली नाका, महामाया स्वीट्स मुंगेली नाका एवं सूर्या रॉयल स्वीट्स पुराना बस स्टैण्ड बिलासपुर का मिलावट की आशंका के आधार पर टीम द्वारा औचक निरीक्षण कर जांच किया गया है। संकलित नमूनों के राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर से परीक्षण और विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियम विनियम 2011 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी। इसके साथ साथ विभागीय चलित खाद्य प्रयोगशाला वाहन (मोबाईल वैन) के माध्यम से अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों का मौके पर ही जांच किया जा रहा है। यह जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा। गौरतलब है कि दीपावली त्यौहार को दृष्टिगत रखते हुए नकली खोवा तथा गुणवत्ताहीन मिठाई की बिक्री की संभावना हो सकती है, जिससे लोगो के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। -
-चित्रकोट वाटरफॉल को ग्लोबल डेस्टिनेशन में शामिल करने पर बनी सहमति
-पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में हुए शामिल-देश में 50 ग्लोबल डेस्टिनेशन विकसित करने का लक्ष्यरायपुर। लेकसिटी उदयपुर में पिछले दिनों आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सम्मिलित होकर राज्य केे पर्यटन संभावनाओं और योजनाओं पर केंद्र और अन्य राज्यों के मंत्रियों-अधिकारियों संग विचार-विमर्श किया। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वन स्टेट वन डेस्टिनेशन में शामिल करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वॉटरफाल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस संबंध में उन्होंने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सम्मेलन में राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्री विभागीय सचिवों सहित सम्मिलित हुए। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘वन स्टेट-वन ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन‘ था, जिसके अंतर्गत प्रत्येक राज्य ने अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु प्रस्तुतिकरण दिया।इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र शेखावत ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का योगदान अब भारत की जीडीपी में लगभग 6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो अगले कुछ वर्षों में 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में विश्व के शीर्ष दस पर्यटन देशों में शामिल होना है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल इंडेक्स में भारत की रैंकिग 2014 में जहां 60 के आसपास थी, वहीं अब यह 39वें स्थान पर पहुंच गई है। यदि केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो अगले पांच वर्षों में भारत इस रैंकिंग को 20वें स्थान तक ला सकता है, और 10 वर्षों में शीर्ष दस देशों में अपना स्थान बना सकता है। इसके लिए केन्द्र सरकार ने 50 ग्लोबल डेस्टिनेशन विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होेंने कहा कि दो दिन के सम्मेलन में बहुमूल्य सुझाव मिले हैं, जो पीएम नरेन्द्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगे।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वन स्टेट वन डेस्टिनेशन के लिए छत्तीसगढ़ के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वॉटरफाल व ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के सिरपुर को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हमारी सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और जनजातीय संस्कृति कीे भव्यता को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में हम कार्यरत हैं। पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी वहीं पर्यटकों को स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को जानने समझने का बेहतर माध्यम बनेगा। सम्मेलन के दौरान चित्रकोट वाटरफॉल एवं इसके आसपास के प्रमुख स्थलों को भी विकसित करने के लिए कार्ययोजना में जोड़ने की सहमति बनी। वर्ल्डक्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए जो पैरामीटर होनी चाहिए विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश संबंधितों को दिए गए।छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीएम नरेन्द्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के विजन के तहत छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के विकास के लिए अपनाई जा रही बेहतरीन योजनाएं साझा की। उन्होंने राज्य की आदिवासी संस्कृति, जैव-विविधता, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों दंतेश्वरी मंदिर, बस्तर, रामगढ़ की गुफाएं, बारनवापारा अभ्यारण्य, मधेश्वर पर्वत आदि को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुतिकरण दिया तथा पर्यटक सर्किट, ग्रामीण पर्यटन एवं स्थानीय हस्तशिल्प की वैश्विक ब्रांडिंग पर जोर देते हुए अपनी योजनाएं साझा की। अन्य राज्यों से आए हुए प्रतिनिधि मंडलों से पर्यटन उन्नयन, होमस्टे योजना, इको-टूरिज्म पर भी चर्चा हुई।सम्मेलन का उद्देश्य सतत, उत्तरदायी एवं नवाचार-प्रधान पर्यटन मॉडल को बढ़ावा देना, केंद्र व राज्यों के मध्य नीति निर्माण में समन्वय स्थापित करना, देश में 50 प्रमुख पर्यटन ग्लोबल डेस्टिनेशन्स का विकास व रोजगार सृजन, नए पर्यटन सर्किट का निर्माण एवं ग्लोबल डेस्टिनेशन की ओर उन्मुखता है। छत्तीसगढ़ सहित राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, पूर्वी व दक्षिणी राज्यों ने अपनी क्षेत्रीय विशेषताओं, पर्यटन सर्किट एवं नवाचार योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया। सम्मेलन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, विभिन्न राज्यों के पर्यटन मंत्री और अधिकारी उपस्थित थे। - -कोरिया जिला फिर हुआ गौरवान्वितरायपुर। रजत जयंती महोत्सव 2025 के अंतर्गत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी 2025 का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता विगत दिनों शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर में संपन्न हुआ।संगोष्ठी का विषय था ‘क्वांटम युग का आगाज- संभावनाएं एवं चुनौतियां’। इस प्रतियोगिता में सेजेस महलपारा, बैकुंठपुर (जिला कोरिया) की प्रतिभाशाली छात्रा कु. अंशिका कश्यप ने अपने उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया।क्या है क्वांटम युगइसे श्नई वैज्ञानिक-तकनीकी क्रांतिश् कहा जाता है, क्योंकि इसमें कंप्यूटिंग, संचार व सेंसरिंग जैसी प्रणालियां क्वांटम कणों के असामान्य व्यवहार का लाभ उठाकर काम करती हैं। इसे इस तरह से समझ जा सकता है, सिक्के को उछालने पर गिरते ही वह या तो हेड होगा या टेल, लेकिन हवा में घूमते समय वह दोनों स्थितियों में ‘एक साथ‘ रहता है, इसी तरह क्वांटम कण भी एक ही समय में बहुत-सी अवस्थाओं में हो सकते हैं, जिसे सुपरपोज़िशन कहते हैं।अंशिका ने यह उपलब्धि भौतिकी विषय की व्याख्याता श्रीमती शिल्पी सिंह के कुशल मार्गदर्शन में हासिल की है। राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने के साथ ही कु. अंशिका कश्यप को अब राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त होगा। यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय, बल्कि पूरे कोरिया जिले के लिए गर्व का विषय है।शिक्षाविदों और विज्ञान प्रेमियों ने अंशिका को इस शानदार सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि कोरिया की प्रतिभाओं की क्षमता और परिश्रम का प्रमाण है।
- -10 लाख से अधिक हितग्राही बने आयुष्मान कार्डधारी, 27 हजार वरिष्ठजन को मिला वय वंदन कार्ड का लाभरायपुर। रजत जयंती वर्ष 2025-26 के अवसर पर महासमुंद जिला जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो रहा है। शासन की मंशानुरूप आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का लक्ष्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, कैशलेस और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है।कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 257 जन आरोग्य मंदिरों के माध्यम से जन-जागरूकता और सेवा विस्तार का कार्य निरंतर जारी है। इन केंद्रों पर नागरिकों को योजना की जानकारी, पात्रता जांच, दस्तावेज सत्यापन और आयुष्मान कार्ड निर्माण की सुविधा एक ही स्थान पर प्रदान की जा रही है।अब तक जिले में 10 लाख 16 हजार 800 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 88.4 प्रतिशत है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के 9 लाख 9 हजार 955 और शहरी क्षेत्र के 1 लाख 6 हजार 845 लाभार्थी शामिल हैं। विकासखण्ड स्तर पर पिथौरा, बागबाहरा, बसना, सरायपाली और महासमुंद सभी क्षेत्रों में विशेष शिविरों एवं घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से कार्ड निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है।वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु जिले में 27 हजार 816 आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से अधिकांश लाभार्थी ग्रामीण अंचलों से हैं। यह कार्ड 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करता है।उल्लेखनीय है कि आयुष्मान कार्डधारी परिवार सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के कैशलेश इलाज प्राप्त कर सकते हैं। योजना से स्वास्थ्य सेवाओं में न केवल विश्वास बढ़ा है, बल्कि लोगों की चिकित्सा पहुँच भी अधिक सहज और समान हुई है।
- -महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मदद से बढ़ाया उत्पादन, दोगुनी हुई कमाईरायपुर । अम्बिकापुर जिले के ग्राम कुमरता की कुम्हार महिला ललमोतिया की इस बार की दिवाली पहले से कहीं ज्यादा खास रहने वाली है। मिट्टी के दीये बनाकर लोगों के घरों को रोशन करने वाली ललमोतिया की मेहनत को अब शासन की महतारी वंदन योजना से नया सहारा मिला है। योजना से मिली आर्थिक सहायता के चलते उन्होंने इस वर्ष दीयों और कलशों की मात्रा बढ़ाई, जिससे उनकी कमाई दोगुनी हो गई है। ललमोतिया बताती हैं कि यह उनका पारंपरिक व्यवसाय है वे मिट्टी से दीये, कलश और अन्य सामग्री बनाकर जीवन-यापन करती हैं। पहले सीमित आमदनी के कारण उत्पादन बढ़ाना मुश्किल था, क्योंकि मिट्टी की व्यवस्था से लेकर भट्टी में पकाने तक हर चरण में मेहनत और खर्च दोनों अधिक लगते थे। लकड़ी, कोयला और अन्य सामग्रियों की व्यवस्था करने में भी कठिनाई होती थी।उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाले एक हजार रुपये को उन्होंने बचाकर दिवाली के लिए उपयोग किया। इस राशि से आवश्यक सामग्री खरीदी और उत्पादन की मात्रा बढ़ा दिया। अब वे पहले की तुलना में अधिक दीये बना रही हैं, जिससे बिक्री और आय दोनों में वृद्धि हुई है। पहले वे केवल अपने गांव के बाजार में सामग्री बेचती थीं, पर अब नवानगर, दरिमा, कर्रा और टपरकेला जैसे आसपास के बाजारों में भी अपने उत्पाद बेचने जाती हैं। ललमोतिया कहती है कि पहले लगा था कि पारंपरिक काम छोड़कर मजदूरी करनी पड़ेगी, लेकिन महतारी वंदन योजना ने हमारी उम्मीदों को फिर से जगाया। इस योजना ने न केवल हमारी आर्थिक स्थिति सुधारी है बल्कि हमारी कला और परंपरा को भी संजोने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस बार उनकी भी दिवाली खुशियों और रोशनी से भरपूर होगी।




.jpg)

.jpg)







.jpg)












