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- -पेंशन एवं योजनाओं की राशि निकालना अब आसानबिलासपुर /अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से जिले के ग्रामीणों को नगद निकासी की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे बैंकों पर निर्भरता और भीड़ में कमी आ रही है। साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली राशि का पारदर्शी, सुविधाजनक और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। अब हितग्राही अपने ग्राम पंचायत स्तर पर ही अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से पेंशन राशि एवं अन्य योजनाओं की राशि निकाल सकते हैं।समाज कल्याण विभाग की सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं में पेंशन राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खातों में किया जाता है, परंतु बैंक से राशि निकालना हितग्राहियों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। विशेषकर वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं बैंक तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करती रही हैं। “अटल डिजिटल सुविधा केंद्र” इन समस्याओं का समाधान बनकर उभरा है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “अटल डिजिटल सुविधा केंद्र” का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल 2025 को किया गया। जिले के 152 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अपील की है कि समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के हितग्राही अपने निकटतम अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों से राशि की निकासी करें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुगमता और पारदर्शिता से मिल सके।
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दुर्ग, /राष्ट्रीय पोषण माह 2025 के अंतर्गत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम भानपुरी के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो यह सिद्ध करती है कि नियमित गृहभेट, पोषण संबंधी सलाह, और सामुदायिक सहयोग से कैसे एक गर्भवती महिला का जीवन सकारात्मक रूप से बदल सकता है।ग्राम भानपुरी की नई बहू श्रीमती पुष्पा ठाकुर, जिनकी यह पहली गर्भावस्था थी, को गर्भधारण के शुरुआती महीनों में उल्टी और भूख की कमी जैसी समस्याएं झेलनी पड़ी। गर्भवती होने के बावजूद उन्हें उचित पोषण की जानकारी नहीं थी, और परिवार भी इस स्थिति से चिंतित था। जानकारी के अभाव और शर्म के कारण पुष्पा अपनी समस्या खुलकर नहीं बता पा रही थीं। गांव को कुपोषण मुक्त पंचायत घोषित किए जाने के चलते महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती सोनल सोनी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शशि देवांगन ने पुष्पा के घर लगातार गृहभेंट करना शुरू किया। उन्होंने न केवल पुष्पा को सतत स्तनपान और गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पोषण की जानकारी दी, बल्कि परिवार को भी जागरूक किया कि कैसे एक गर्भवती महिला की देखभाल करना आवश्यक है।पोषण खजाना (पौष्टिक आहार), रेडी-टू-ईट फूड का नियमित सेवन, सप्ताह में तीन दिन हरी पत्तेदार सब्जियों का उपयोग, आयरन व कैल्शियम की गोलियों के सेवन जैसे उपायों से पुष्पा के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। पहले जहां उनका वजन मात्र 40 किलोग्राम और हीमोग्लोबिन 9 ग्राम था, वहीं गर्भावस्था के अंत तक उनका वजन 52 किलोग्राम और हीमोग्लोबिन 10.9 ग्राम तक पहुँच गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दीदी पुष्पा को नियमित एएनसी (गर्भावस्था जांच) के लिए एएनएम के पास भी लेकर जाती रहीं। निरंतर देखभाल और मार्गदर्शन के चलते पुष्पा को गर्भावस्था के दौरान कोई जटिलता नहीं हुई। सफल प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि दिनांक 27 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान ही पुष्पा ने शासकीय अस्पताल दुर्ग में एक स्वस्थ्य और सुंदर बिटिया को जन्म दिया। जन्म के समय बच्ची का वजन 2.700 किलोग्राम था, जो एक स्वस्थ प्रसव का प्रमाण है। आज पुष्पा का पूरा परिवार प्रसन्न है और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद दे रहा है।
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-पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
-सुभाष के घर का बिजली बिल हुआ कम
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ हितग्राहियों को देने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अब आम नागरिकों के जीवन में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभर रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से संचालित यह योजना न केवल आम उपभोक्ताओं की बिजली पर निर्भरता घटा रही है, बल्कि हर घर में हरित ऊर्जा का संचार कर रही है। राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी ने सोलर पैनल लगवाना और भी किफायती बना दिया है। इसी योजना से प्रेरित होकर पत्थलगांव निवासी श्री सुभाष मिंज, जो एलआईसी में कार्यरत थे और कुछ वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए हैं, ने अपने मकान की छत पर 3 केवी क्षमता वाला सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम को लगाने में कुल लगभग 2 लाख रूपए की लागत आई, जिसमें से उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई, जिससे आर्थिक बोझ में बड़ी राहत मिली।श्री मिंज बताते हैं कि सोलर सिस्टम लगने से पहले उनका मासिक बिजली बिल 700 से 800 रूपए के बीच आता था, जबकि अब उनका बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने बताया “जून से सोलर पैनल चालू हुआ है, तब से बिजली बिल नहीं आ रहा। सूर्य की किरणों से उत्पन्न बिजली न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे हमारी बचत भी लगातार बढ़ रही है।”प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने श्री मिंज जैसे नागरिकों को बिजली उपभोक्ता से उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर किया है। यह पहल छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
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राजनांदगांव । भू-अभिलेख शाखा राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में पटवारियों द्वारा ऑनलाईन रिकार्ड में समय-सीमा में सुधार कार्य किया जा रहा है। साथ ही विगत महीनों में सभी तहसीलों में ऋण पुस्तिका का वितरण किया गया है। जिसमें राजनांदगांव तहसील में 600, छुरिया तहसील में 500, घुमका तहसील में 100, डोंगरगढ़ तहसील में 300, लाल बहादुर नगर में 200, डोंगरगांव तहसील में 400 एवं कुमरदा तहसील में 300 नग ऋण पुस्तिका का वितरण किया गया है। ऋण पुस्तिका के लिए उच्च कार्यालय को पत्र प्रेषित किया गया है एवं आवश्यकता अनुसार ऋण पुस्तिका का वितरण किया जा रहा है।
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- दावा-आपत्ति हेतु कर सकते हैं आवेदन
मोहला । जिला मोहला-मानपुर-अं.चौकी अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम के दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार उन ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है जहाँ विगत दो वर्षों में कोई भी बाल विवाह का प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के समस्त 185 ग्राम पंचायत एवं 01 नगर पंचायत से पिछले दो वर्षों में किसी भी प्रकार के बाल विवाह नही होने संबंधित दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। अत: इन्हें बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं बाल विवाह मुक्त नगरीय निकाय घोषित कर प्रमाण पत्र जारी किया जाना है।
इस संबंध में यदि किसी भी व्यक्ति/संस्था को कोई आपत्ति हो या किसी प्रकार का बाल विवाह का प्रकरण संज्ञान में हो तो 07 दिवस की अवधि में जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कलेक्ट्रेट परिसर, मोहला के कार्यालय में प्रात: 10 बजे से सायं 5:30 बजे तक लिखित रूप एवं सुसंगत दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। - -अब छत्तीसगढ़ में लाखों परिवार पा रहे पक्के घर का सुखरायपुर। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने छत्तीसगढ़ के आकांक्षी ब्लॉक गौरेला के ग्राम पंडरीपानी निवासी समारू बैगा के जीवन में नई रोशनी भर दी है। सीमित आय और कठिन परिस्थितियों में गुजर-बसर कर रहे समारू बैगा अब अपने परिवार के साथ एक पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक घर में रह रहे हैं। लंबे समय से कच्चे और जर्जर मकान में रहने वाले समारू के लिए पक्का घर बनाना एक अधूरा सपना था, लेकिन अब यह सपना हकीकत बन चुका है। वर्ष 2023-24 में इस योजना के अंतर्गत उनके लिए आवास स्वीकृत हुआ और अब वे अपने परिवार के साथ मजबूत, सुंदर और सुरक्षित घर में रह रहे हैं।समारू बैगा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “पहले हमारा परिवार हर मौसम में परेशान रहता था, बारिश में छत टपकती थी, सर्दियों में ठंड और गर्मियों में लू का सामना करना पड़ता था। अब प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिला पक्का घर हमारे जीवन की सबसे बड़ी सौगात है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का मैं धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमें ऐसा सम्मानजनक जीवन दिया।”प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का उद्देश्य देश के सभी बेघर परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत अब तक 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 15 लाख परिवारों को अपने सपनों का पक्का घर मिल चुका है। राज्य सरकार द्वारा इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर निरंतर ऊँचा हो रहा है।
- रायपुर।, सूर्य का प्रकाश हमारे जीवन में ऊर्जा, प्रकाश और स्वास्थ्य का संचार करती है। यह प्राकृतिक शक्ति हमारे जीवन विकास के साथ-साथ अब घरों को मुफ्त बिजली भी प्रदान कर रही है। ऐसा संभव हो पाया है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से, ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में श्री क्षितिज शेट्ठी अम्बिकापुर निवासी एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट लगवाया है। इस पहल के बाद वे अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भर बन चुके हैं।श्री शेट्ठी बताते हैं कि सोलर प्लांट लगाने के बाद से उन्हें अब बिजली बिल जमा नहीं करना पड़ता। उनकी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता घरेलू खपत से अधिक है, जिससे अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जमा हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले हर महीने दो से ढाई हजार रुपये तक का बिजली बिल आता था, लेकिन अब बिल शून्य है। अब मैं अपनी बिजली खुद बनाता हूं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान भी दे रहा हूं, इस योजना से न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की बचत और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिल रही है। श्री क्षितिज शेट्ठी ने फरवरी माह में सोलर रूफटॉप प्लांट लगवाया था। उस समय उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार की सब्सिडी प्राप्त हुई थी। अब राज्य सरकार भी अलग-अलग क्षमता के अनुसार अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है, जिससे यह योजना आम नागरिकों के लिए और अधिक लाभकारी बन गई है।उन्होंने बताया कि सोलर पैनल की लागत तीन से चार साल में पूरी वसूल हो जाती है, जबकि कंपनी 20 वर्ष तक की वारंटी प्रदान करती है। इस प्रकार आने वाले वर्षों में वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के मुफ्त बिजली का लाभ उठाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सरकार जब सब्सिडी दे रही है, तो हर नागरिक को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। इससे बिजली खर्च बचेगा और पर्यावरण संरक्षण में हम सभी सहभागी बनेंगे।प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य हर घर को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। श्री क्षितिज शेट्ठी का यह कदम इस दिशा में एक जीवंत उदाहरण है, जिन्होंने यह साबित किया कि जब आम नागरिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज सौर ऊर्जा क्रांति की ओर कदम बढ़ाता है।
- - गोवा में आयोजित पर्पल फेस्ट में करेंगे योगा प्रदर्शनरायपुर मनोविकास केन्द्र बलौदाबाजार के 5 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। यह आयोजन 9 से 12 अक्टूबर 2025 तक गोवा मे किया जा रहा है। फेस्ट में हिस्सा लेने गोवा रवाना होने से पहले गुरुवार को कलेक्टर दीपक सोनी से चयनित बच्चों ने मुलाक़ात की। कलेक्टर श्री सोनी ने मनोविकास केंद्र के बच्चों का फेस्ट के लिए चयन होने पर जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्हें शुभकामनायें दी।मनोविकास केन्द्र के नोडल अधिकारी आशा शुक्ला ने बताया कि केंद्र के छात्र कुलदीप निर्मलकर, तुषार सेन पुष्कर कुमार साहू,लोकेश कुमार वर्मा एवं किशन यादव का चयन पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। इनके साथ योग शिक्षक श्री ललित कुमार साहू तथा केन्द्र प्रमुख श्री दुर्गा शंकर पटनायक भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।चयनित विद्यार्थी मनोविकास केन्द्र एवं बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 मिनट का योग प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे जो दिव्यांगजनों की क्षमताओं और समावेशन की भावना को उजागर करेगा। यह भागीदारी मनोविकास पहल और जिला प्रशासन के लिए गर्व का क्षण होग़ा तथा इन विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और अनुभव प्रदान करेगी।पर्पल फेस्ट 2025 को दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, प्रतिभा और सशक्तिकरण के एक जीवंत उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग,गोवा सरकार के राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय, तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एवं संयुक्त राष्ट्र भारत के सहयोग से किया जा रहा है।पर्पल फेस्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों के समावेशन, पहुंच और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह महोत्सव समाज में जागरूकता फैलाने, उनकी प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने और एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करता है जहां प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा और समान अवसरों के साथ जीवन जीने का अधिकार हो।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास और पुनर्वास हेतु जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार में सीएसआर मद से मनोविकास केंद्र संचालित किया जा रहा है। इस केंद्र में 45 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समग्र विकास की सुविधाएं प्रदान किया जा रहा है। यह केंद्र जनवरी 2025 से शुरू हुआ है और अल्प समय मे ही बेहतर परिणाम सामने आने लगा है। विशेष शिक्षा, थेरेपी सेवाएं व्यावसायिक प्रशिक्षण,मनोवैज्ञानिक परामर्श और खेल व सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित की जा राही हैं। साथ ही बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाता है।
- -केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के कृषि मंत्रियों से की चर्चा-मंत्री श्री रामविचार नेताम हुए शामिल-मिशन हेतु प्रदेश के दंतेवाड़ा, जशपुर और कोरबा चयनितरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कृषि के क्षेत्र में कम उत्पादकता वाले जिले, मध्यम फसल तीव्रता वाले जिले और औसत से कम ऋण वाले जिले के संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए 11 अक्टूबर को देश के किसानों के लिए दलहन मिशन और नेचुॅरल फॉरमिंग मिशन का शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के मंत्रियों से चर्चा कर तैयारियों का जाएजा लिया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल हुए।गौरतलब है कि भारत के कृषि क्षेत्र को उत्पाकता में कमी, सिंचाई की सीमित उपलब्धता, ऋण सुविधा की कमी और फसल कटाई के बाद भंडारण की कमजोर व्यवस्था जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इन कमियों को दूर करने हेतु प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना प्रारंभ की जा रही हैै। जिसके अतंर्गत देश में 100 आकांक्षी जिलों को चयन किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ के 3 जिलों दंतेवाड़ा, जशपुर और कोरबा को शामिल किया गया है। इन जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने फसल विविधीकरण, सतत् खेती, सिंचाई सुधार और कृषि ऋण की सुलभता सुनिश्चित की जाएगी।वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में बताया गया कि देश में दलहन उत्पादकता का बढ़ाना दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना वर्ष 2024-25 में 244.93 लाख टन से बढ़ाकर 2030-31 तक 350 लाख टन दलहन का उत्पादन करना है। वहीं दलहन की खेती का रकबा बढ़ाकर 310 लाख टन करना है। बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान के कहा कि दलों की आयात की जरूरत को समाप्त करते हुए आत्मनिर्भरता की आगे बढ़ना है। साथ ही बेहतर मूल्य स्थिरता के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना।
- -घर लौटते समय सड़क दुर्घटना में हुआ घायल-आयुष्मान भारत योजना से हुआ निःशुल्क उपचाररायपुर । 32 वर्षीय शंकर गुप्ता पहले से ही शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। रोज़ की तरह वे घर लौट रहे थे, इस दौरान आकस्मिक दुर्घटना में शंकर के पैर की हड्डियाँ चार जगहों से टूट गईं जिनमें घुटने का पटेला, फीमर और लांग बोन क्षति हुई। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने बताया कि स्थिति गंभीर है और सर्जरी ही एकमात्र उपाय है। आयुष्मान भारत योजना से शंकर का निःशुल्क उपचार हुआ, जिससे उसे नया जीवन मिला।बलरामपुर जिले के विकासखण्ड रामचन्द्रपुर अंतर्गत ग्राम चाकी निवासी 32 वर्षीय शंकर गुप्ता का इलाज का अनुमानित खर्च लगभग 80 हजार रुपये बताया गया। सीमित साधनों वाला परिवार असमंजस में था कि इतनी बड़ी रकम ईलाज के लिए कहाँ से लाए। ऐसी स्थिति में आयुष्मान भारत योजना उनके लिए संजीवनी बनकर आई। योजना के अंतर्गत उनका पूरा ईलाज निःशुल्क हुआ। सर्जरी, सीटी स्कैन और दवाइयाँ सभी इसी योजना के तहत कवर हुईं। सर्जरी सफल रही और अब शंकर की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में वे पुनः खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। ईलाज पूरा होने के बाद शंकर भावुक स्वर में कहते हैं, मैं पहले से दिव्यांग हूँ, दुर्घटना के बाद लगा कि अब शायद जीवनभर चल नहीं पाऊँगा। लेकिन आयुष्मान योजना मेरे लिए वरदान बन गई। यदि आयुष्मान योजना न होती तो मेरा ईलाज संभव नहीं था। सरकार की इस योजना ने मुझे न सिर्फ ईलाज, बल्कि दोबारा जीने का हौसला दिया है। शंकर गुप्ता की यह कहानी बताती है कि जब सरकारी योजनाएं सही जरूरतमंद तक पहुँचती हैं, तो वे किसी के लिए नया जीवन बन जाती हैं।
- रायपुर ।नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित सरस मेला 2025 में कोरिया जिले के ’अमृत मोदक’ और ‘कोरिया अमृत अचार’ की स्वाद देश की राजधानी में विशेष पहचान बना ली है। गौरतलब है कि कोरिया जिले के स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों की सरस मेला में काफी चर्चा है। अमृत मोदक’ और ‘कोरिया अमृत अचार’ की खुशबू आगन्तुकों का दिल जीत लिया हैं।सरस मेले में जिले के दो स्व-सहायता समूहों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। ज्योति महिला स्व-सहायता समूह ने 200 किलोग्राम से अधिक कोरिया अमृत मोदक की बिक्री कर 88 हजार रुपए की आय अर्जित की तथा जागृति महिला स्व-सहायता समूह ने 260 किलोग्राम अचार तथा 36 किलोग्राम पापड़-बड़ी का विक्रय कर एक लाख रुपए से अधिक की आय प्राप्त की।मेले में उपस्थित विभिन्न विक्रेताओं, खरीदारों और पर्यटकों ने कोरिया जिले के उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की सराहना करते हुए भविष्य में ऑर्डर देने की इच्छा भी जताई। जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक विधियों से तैयार किए गए उत्पादों को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचा रही हैं, जिससे महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि जिले की स्व-सहायता समूहों में काम करने वाली महिलाओं की आर्थिक निर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। हमारा उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के पारिवारिक और शैक्षणिक वातावरण को भी सशक्त बनाना है।
- - प्रधानमंत्री आवास योजना से नक्सल प्रभावित परिवार की बदली जिंदगीरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत महोत्सव वर्ष के अवसर पर राज्य सरकार न केवल 25 वर्षों की विकास यात्रा का उत्सव मना रही है, बल्कि इस अवसर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास के लिए कई योजनाएं भी क्रियान्वित कर रही है। इसी प्रयास के तहत कोंडागांव जिले के ग्राम केजंग निवासी श्री गाड़ोराम नेताम को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की विशेष परियोजना के माध्यम से लाभान्वित किया गया। श्री नेताम एक आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित परिवार से आते हैं। शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत उन्हें वर्ष 2024-25 में 1 लाख 20 हजार रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इस अनुदान राशि की मदद से उन्होंने अपना पक्का आवास निर्माण पूरा किया। पहले जहां उनका परिवार असुरक्षा और कठिनाइयों के बीच जीवन यापन कर रहा था, वहीं अब उनकी पत्नी कलेबाई और बेटी मुन्नी के साथ शांतिपूर्वक जिंदगी बसर कर रहे हैं।श्री नेताम भावुक होकर कहते हैं, पहले हमारे लिए दिन बहुत कठिन थे, लेकिन अब अपना घर बन जाने से जीवन में उत्साह का संचार हो गया है। शासन की योजना ने हमें नया आत्मविश्वास दिया है। मैं हृदय से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और शांति की स्थापना के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद खात्मे का संकल्प और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास की नीति राज्य सरकार के प्रयासों को और मजबूत बना रहे हैं। इन नीतियों से न केवल सामाजिक और आर्थिक स्थिरता आई है, बल्कि नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके जीवन में नई उम्मीद भी जागी है। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में श्री नेताम के परिवार को आवास मिलना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार की योजनाएँ जन-जन तक पहुँच रही हैं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और शांति की नई सुबह ला रही है।
- -कटघोरा में कंवर समाज के सम्मेलन और वीर शहीद सीताराम कंवर की पुण्यतिथि समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय-समाज के लिए भवन हेतु एक करोड़ रुपये और प्रतिमा निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा-भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा के लिए 25 लाख रुपये और कटघोरा में हाईटेक बस स्टैंड की घोषणारायपुर /समाज की उन्नति और प्रगति के लिए शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है। हमारी सरकार स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर और इंजीनियर बनते देखना ही हमारी मंशा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज कोरबा जिले के कटघोरा में आयोजित सातगढ़ कंवर समाज के सामाजिक सम्मेलन एवं वीर शहीद सीताराम कंवर की पुण्यतिथि समारोह को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर शहीद सीताराम कंवर समाज का गौरव हैं। इस अवसर पर उन्होंने रामपुर चौक में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद सीताराम कंवर की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का तीर-धनुष भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में घोषणा की कि सातगढ़ कंवर समाज के सामाजिक भवन निर्माण के लिए ₹1 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी तथा इस भवन में बाउंड्रीवाल का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने रामपुर चौक में शहीद सीताराम कंवर की नई प्रतिमा स्थापना के लिए ₹10 लाख, कसनिया मोड़ में भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा स्थापना एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए ₹25 लाख, तथा कटघोरा में हाईटेक बस स्टैंड के निर्माण की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कसनिया मोड़ में भगवान सहस्त्रबाहु चौक नामकरण, मूर्ति स्थापना, कल्चुरी स्वागत द्वार सह उद्यान निर्माण हेतु भूमिपूजन और शिलान्यास भी किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कंवर समाज के सम्मेलन में उपस्थित लोगों से समाज के विकास और उत्थान के लिए अपने बच्चों को शिक्षित करने, युवाओं को नशे से दूर रहने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के लिए उत्कृष्ट संस्थान स्थापित किए गए हैं — मेडिकल कॉलेज, एम्स, आईआईआईटी, विश्वविद्यालय और लॉ कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव के लिए शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता से की गई गारंटियों को पूरा करने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता उनके खातों में जमा की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है। चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ किया गया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत राज्य से प्रत्येक माह हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा सरकारी खर्च पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के मात्र 20 माह के भीतर ही 10 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय नौकरी दी गई है। शीघ्र ही 5 हजार शिक्षकों और 700 से अधिक सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति को रोजगारमुखी बनाकर युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले जा रहे हैं।कार्यक्रम में विधायक श्री प्रेमचंद पटेल और श्री तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कंवर समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री छत्रपाल सिंह कंवर, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और कंवर समाज के सामाजिक बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -बेमेतरा जिले को 140.96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात-सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण और बसनी में मिडिल स्कूल की घोषणारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा जिले के लिए कुल ₹140.96 करोड़ के 47 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 27 कार्यों का भूमिपूजन और 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार चहुंमुखी और समावेशी विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संकल्पबद्धता के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण, सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, तथा ग्राम बसनी में मिडिल स्कूल प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को अल्प समय में ही पूरा कर दिखाया है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है और 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का संचालन कर रही है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे ग्रामीण जिलों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, जिनसे आमजन को राहत और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। कार्यक्रम को विधायक श्री दीपेश साहू ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांस्कृतिक मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब,श्री प्रहलाद रजक, विधायक श्री ईश्वर साहू और श्रीमती भावना बोहरा, अवधेश चंदेल, श्री लाभचंद बाफना, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -भारत मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने किया राज्य की डिजिटल क्षमताओं का सशक्त प्रस्तुतीकरणरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की डिजिटल प्रगति और तकनीकी क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया। नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित भारत मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 के अंतर्गत राज्यों के आईटी मंत्रियों की राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में राज्य के वित्त मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए देशभर के समक्ष राज्य के डिजिटल और दूरसंचार विकास की दृष्टि प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दूरसंचार अधोसंरचना के समन्वित विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयास सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने संबोधन में प्रदेश में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की आवश्यकता, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश के अवसर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर विकास और नवीन तकनीकों के प्रोत्साहन पर विशेष बल दिया। उन्होंने इंडियन मोबाइल कॉन्फ़्रेंस में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष छत्तीसगढ़ में मोबाइल टावरों और हाई-स्पीड इंटरनेट विस्तार के लिए ठोस तर्क प्रस्तुत किए। साथ ही विभिन्न राज्यों को छत्तीसगढ़ में भूकंपीय जोखिम कम होने के कारण डेटा सेंटर एवं डिज़ास्टर रिकवरी साइट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।भारत सरकार के दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में श्री चौधरी ने अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में दूरसंचार अधोसंरचना के तीव्र विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में राज्य ने भारत सरकार द्वारा जारी राइट ऑफ वे (ROW) नियम, 2024 को अधिसूचित कर 1 जनवरी 2025 से प्रभावी कर दिया है तथा केंद्रीय ROW पोर्टल पर ऑनबोर्ड होने का निर्णय लिया है।श्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में दूरसंचार विस्तार प्राथमिकता पर जारी है। राज्य के कम जनसंख्या घनत्व एवं सुरक्षा-संवेदनशील जिलों में लगभग 1,600 टावर स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि मोबाइल नेटवर्क विस्तार की वर्तमान योजनाओं — LWE फेज-I एवं II, Aspirational Districts और 4G Saturation — में छत्तीसगढ़ को विशेष श्रेणी रियायत प्रदान की जाए, ताकि इन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ किया जा सके।इसके साथ ही उन्होंने नेटवर्क विस्तार की आगामी योजनाओं, जैसे “धरती आबा योजना”, के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में अतिरिक्त टावर स्वीकृति और राज्य-विशेष नई योजना के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि राज्य के दूरस्थ वनांचलों में, जहाँ मोबाइल नेटवर्क विस्तार अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, वहाँ सैटेलाइट आधारित कनेक्टिविटी के लिए नवीन परियोजनाओं की स्वीकृति आवश्यक है।डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत भारतनेट परियोजना फेज-III के तहत छत्तीसगढ़ द्वारा ₹3,761.15 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य की 5,659 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर द्वारा हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। श्री चौधरी ने इस प्रस्ताव की शीघ्र स्वीकृति का आग्रह करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की ग्राम पंचायतें टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल पेमेंट जैसी सेवाओं से जुड़ सकेंगी तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का डिजिटल इंडिया का स्वप्न साकार होगा।साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्थापित किए जा रहे अत्याधुनिक स्टेट डेटा सेंटर और मैनेज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (MSOC) की प्रगति से भी उन्होंने अवगत कराया। श्री चौधरी ने कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति, सरप्लस विद्युत उपलब्धता, Seismic Zone-II वर्गीकरण और आकर्षक निवेश नीति के कारण छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर उद्योग के लिए देश का नया उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। रैंक बैंक डेटा सेंटर्स द्वारा रायपुर में भारत का पहला AI-Optimized Data Center Park लॉन्च किया गया है, जिसमें ₹1,000 करोड़ का प्रारंभिक निवेश किया गया है, जो अगले पाँच वर्षों में ₹3,000 करोड़ तक बढ़ेगा। यह सुविधा 13.5 एकड़ में फैली है, 80 मेगावाट क्षमता प्रदान करती है और इसमें 1 लाख GPU होंगे, जिससे 500 से अधिक उच्च-कुशल रोजगार सृजित होंगे।इसके अतिरिक्त ESDS Software Solutions ने रायपुर में ₹600 करोड़ के निवेश से उन्नत AI-आधारित डेटा सेंटर स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।इस अवसर पर श्री चौधरी ने केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों एवं अन्य राज्य सरकारों को छत्तीसगढ़ में अपने डिज़ास्टर रिकवरी डेटा सेंटर्स स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी डेटा सेंटर निवेशकों को आवश्यक सभी सुविधाएँ प्रदान करने के लिए पूर्णतः कृतसंकल्पित है।
- -स्थानीय निकायों के निर्वाचन 2025 के उत्कृष्ट प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग को बोत्सववाना में अवार्ड प्राप्त हुआरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग को संयुक्त राष्ट्र लोक प्रशासन नेटवर्क (UNPAN) की शोध संस्था International Centre for Parliamentary Studies (ICPS) द्वारा अवार्ड से सम्मानित किया गया है। माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह के निर्देशन में संपन्न स्थानीय निकाय निर्वाचन 2025 के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिये उक्त संस्था को प्रस्ताव भेजा गया था। आयोग द्वारा प्रेषित प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए ICPS द्वारा उत्कृष्ट निर्वाचन प्रबंधन हेतु आयोग को नामांकित किया गया तथा बोत्सवाना की राजधानी गेब्रोन में आयोजित सम्मेलन में आयोग की प्रस्तुति के आधार पर आयोग को अवार्ड हेतु चयनित किया गया है।संयुक्त राष्ट्र लोक प्रशासन नेटवर्क (UNPAN) की शोध संस्था International Centre for Parliamentary Studies (ICPS) का कार्यालय मिलबैंक टावर, लंदन (यू.के.) में स्थित है। ICPS, United Nations Development Program (UNDP) की सहयोगी संस्था है। ICPS के द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का अध्ययन एवं अनुसंधान किया जाता है तथा अंतराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सरकारों को लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ करने के लिये सुझाव भी दिये जाते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बताया कि ICPS द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के नगरपालिका एवं पंचायत निर्वाचन 2025 एक साथ मात्र 36 दिन में संपन्न कराये जाने के लिये किये गये निर्वाचन प्रबंधन को उत्कृष्ट उपलब्धि मानते हुए Special Recognition for Outstanding Achievement Award श्रेणी में आयोग को अवार्ड प्रदान किया गया है। अवार्ड वितरण कार्यक्रम दिनांक 01.10.2025 से 04.10.2025 तक बोत्सवाना की राजधानी गेब्रोन में आयोजित था। सम्मेलन में आयोग की ओर से सर्वश्री सुखनाथ अहिरवार, सचिव एवं श्री आलोक कुमार श्रीवास्तव, उप सचिव ने भाग लिया।
- -प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से उज्ज्वल होगा प्रदेश की बहनों का भविष्य - मुख्यमंत्री श्री साय-छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत 1.59 लाख माताओं-बहनों को मिलेगा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभरायपुर /भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत देशभर में 25 लाख नए एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत 1.59 लाख पात्र माताओं-बहनों को उज्ज्वला योजना का लाभ प्राप्त होगा।यह निर्णय छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के जीवन में स्वच्छ ऊर्जा और स्वास्थ्य का उजाला लेकर आएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में जो उजाला फैलाया है, वह आने वाले वर्षों में पूरे समाज के विकास का आधार बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति हमेशा से परिवार और समाज की धुरी रही है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से उन्हें वह सम्मान मिला है जिसकी वे हकदार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रत्येक पात्र बहन तक इस योजना का लाभ पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है। भारत सरकार के इस निर्णय से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाएं अब प्रदूषण रहित वातावरण में जीवन जी सकेंगी।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 28 लाख महिलाएं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका को आज राजभवन में ‘‘सोसाइटी फॉर एम्पावरमेंट‘‘ द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘‘प्रारंभ‘‘ की प्रति भेंट की गई। विशेष पिछड़ी जनजातियों पर केंद्रित इस विशेषांक का संपादन मानवविज्ञानी एवं राज्यपाल के उप सचिव डॉ. रूपेन्द्र कवि द्वारा किया गया है। इस विशेषांक में विशेष पिछड़ी जनजातियों समुदायों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक स्थिति पर गहन विमर्श प्रस्तुत किया गया है, तथा इससे नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को उपयोगी जानकारी मिलेगी। राज्यपाल श्री डेका ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पहल को जनजातीय समुदायों की जागरूकता एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
- -खनिज न्यास की योजनाओं से होगा जनजीवन में सुधार - सूरजपुर में शासी परिषद की बैठक संपन्नरायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री और भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जनसेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की प्रत्येक समस्या का समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज अपने निवास बीरपुर जिला सूरजपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुँचे नागरिकों की समस्याएँ और सुझाव सुनी। उन्होंने अधिकारियों को हर आवेदन पर आवश्यक और त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का निराकरण स्थल पर ही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से जनता तक पहुँच सके।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की अध्यक्षता में आज जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) सूरजपुर की शासी परिषद की बैठक भी जिला पंचायत कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सांसद श्री चिंतामणि महराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, कलेक्टर सहित जिले के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में खनिज न्यास निधि से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्देश दिए कि खनिज न्यास निधि से संचालित सभी योजनाएँ जनजीवन के उत्थान में सार्थक योगदान दें, तथा उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि खनिज क्षेत्र से प्राप्त संसाधनों का अधिकतम लाभ स्थानीय जनता को मिले और इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण, सड़क एवं रोजगार के क्षेत्र में स्थायी सुधार हो।
- -बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण, डिजिटल एवं ई-क्लास को मिलेगा बढ़ावारायपुर। शासकीय विद्यालयों में विशेष कर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले के लगभग 1100 विद्यालयों में स्मार्ट टी०व्ही उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा में डिजिटल क्रांति के तहत बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण किया गया, जिससे बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें।बिल्हा विकासखण्ड में 50 स्मार्ट टी०व्ही श्री नरेश अग्रवाल प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा के द्वारा प्रदान किया गया है, जिसके प्रथम चरण में आज 25 स्मार्ट टी०व्ही विद्यालयों को प्रदान किया गया है। इस प्रकार शेष विद्यालयों को शीघ्र ही स्मार्ट टी०व्ही० उपलब्ध कराया जायेगा। शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे बच्चों में रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले मार्ट टी०व्ही सेट उपलब्ध्ण कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी, जिससे बच्चों का विद्यालय ओर अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ेगी।सम्पर्क फॉउडेशन नई दिल्ली द्वारा लगभग 1100 विद्यालयों को निःशुल्क सम्पर्क टी०व्ही डिवाईस भी उपलब्ध कराया जा रहा हैं, जिसके माध्यम से बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें। इस कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर, कमिश्नर नगर निगम बिलासपुर प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा, डी०एम०सी० समग्र शिक्षा बिलासपुर सहित अधिकारी उपस्थित रहे ।ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व 7 अक्टूबर को प्रथम चरण में नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा शहरी क्षेत्र के 31 शासकीय प्राथमिक शालाओं को स्मार्ट टी०व्ही० का वितरण किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की पहल से जन सहयोग द्वारा विद्यालयों को लगातार स्मार्ट टी० व्ही० उपलब्ध लगातार कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी जिससे बच्चों का विद्यालय के प्रति रुचि बढ़ेगी।
- -गढ़धनोरा गोबरहीन और होनहेड़ जलप्रपात का किया भ्रमणरायपुर छत्तीसगढ़ शासन जनसम्पर्क विभाग और बस्तर संभाग के जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ‘बस्तर राइजिंग‘ विशेष अभियान की टीम आज केशकाल विकासखंड अंतर्गत टाटामारी पहुँचा। अभियान के प्रथम दिन हिमाचल प्रदेश से आए नवाचारी दल ने पुरातात्विक महत्व के स्थान गोबरहीन के प्राचीन शिवलिंग का अवलोकन किया और 06वीं शताब्दी के गढ़ धनोरा के इतिहास के बारे में जाना। इसके पश्चात उनकी टीम ने होनहेड़ जलप्रपात की सुंदरता को निहारा और उनकी प्रशंसा की।”हार्माेनी फेस्ट 2025” अंतर्गत “बस्तर राइजिंग”उल्लेखनीय है कि ”हार्माेनी फेस्ट 2025” अंतर्गत “बस्तर राइजिंग” बहुआयामी अभियान के तहत बस्तर संभाग की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और उद्यमशीलता क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने व पृथक् पहचान दिलाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा विशेषज्ञों, युवाओं, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की पहल की गई है। “दिल मेला दिल में ला” थीम पर आधारित इस अभियान के अंतर्गत बस्तर की प्रेरक कहानियाँ, नवाचार एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।सात सदस्यीय टीम में ‘प्लेसेज ऑफ पॉसिबिलिटीज़‘ के संस्थापक प्रतुल जैन सहित परीना सिंघल, पलक चौधरी, आयुषी कपूर, निष्ठा जोशी, सदफ अंजुम, फ्रानो डिसिल्वा शामिल हैं।
- -प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और मूक बधिर बच्चों से की बातचीत-अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने प्रशासन की पहल की तारीफ भी कीरायपुर / भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुश्री कैरेलिन खोंगवार देशमुख आज आकांक्षी जिला कांकेर पहुंची। उन्होंने यहां शुरू किए गए मावा मोदोल कोचिंग संस्थान और सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। तदुपरांत वे ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ विशेष विद्यालय पहुंची जहां उन्होंने निःशक्त, मुक-बधिर बच्चों से बातचीत की।भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने कांकेर की सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया और वहां आने वाले विद्यार्थियों से बातचीत की। कांकेर में स्थानीय युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण एवं स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर यह सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई गई है। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का अध्ययन करते हैं। अतिरिक्त सचिव ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिटर्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए।अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख मावा मोदोल कोचिंग संस्थान भी गई। यहां उन्होंने अध्ययन कक्ष में जाकर विद्यार्थियों से चर्चा की। सुदूर आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर ढंग से तैयारी करने व कैरियर गाइडेंस देने के लिए इस कोचिंग संस्थान को शुरू किया गया है। कोचिंग संस्थान में कांकेर जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को सीजी पीएससी, एसएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने इसकी भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी, राज्य पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ने की सुविधा देना जिले की प्रतिभाओं को गढ़ने का अच्छा प्रयास है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांकेर के विद्यार्थियों का न सिर्फ प्रदेश की लोक सेवाओं में चयन हो, बल्कि वे अपनी मेहनत और संस्थान के मार्गदर्शन में देश और विदेशों में भी सेवाओं के जरिए अपनी पहचान स्थापित करें। सुश्री देशमुख ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से उनके भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।अतिरिक्त सचिव ने मूक-बधिर विद्यार्थियों के बीच गुजारा समयकांकेर प्रवास के दौरान भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण एवं दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय भी पहुंचीं। यहां विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थियों ने साइन लैंग्वेज से उनका स्वागत किया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने स्वागत गीत गाया तथा खुद के द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स उन्हें भेंट की। यह विशेष विद्यालय 50 सीटर है। विद्यालय में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं तथा कुल 45 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें 33 श्रवण बाधित और 12 दृष्टिबाधित बच्चे सम्मिलित हैं। विशेष विद्यालय परिसर में सभी छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय एवं भोजन सुविधा उपलब्ध है। इस विद्यालय में निकट भविष्य में स्मार्ट क्लासेस शुरू करने की भी योजना है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने यहां उपलब्ध साधनों एवं संसाधनों की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की रूचि के अनुरूप विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देने की बात भी कही, ताकि निः शक्त और दृष्टि तथा श्रवण बाधित बच्चे बड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें।
- भिलाईनगर। केन्द्र सरकार की अमृत मित्र 2.0 अंतर्गत वूमन फार ट्री योजना के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उदद्ेश्य से वृक्षारोपण कराने दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ है। शासन के मंशानुसार महिलाओं का सहयोग लेकर प्रति महिला 100 पेड़ लगाने की योजना है, जिसके लिए प्रति महिला 8000 मानदेय केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाना है साथ ही जियो टैगिंग का 1000 रूपये अतिरिक्त दिया जाना है।नगर निगम भिलाई में 8 अगस्त से इस योजना की शुरूवात की गई है। महिलाओं के मानदेय भुगतान से संबंधित कुछ मांग थी, जिसके लिए महिला स्व-सहायता समूहो का निगम सभागार में बैठक आयोजित की गई। योजना के नोडल अधिकारी सह अधीक्षण अभियंता अजीत तिग्गा सहित कार्यपालन अभियंता वेशराम सिन्हा एवं उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू की उपस्थित में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि सभी महिला समूह जल्द ही सौंपे गए कार्य पूर्ण करें और जियो टैगिंग कर जानकारी उद्यान विभाग में प्रस्तुत करें, जिससे उनके मानदेय भुगतान हेतु शासन को भेजा जा सकें।
- -आंध्र उत्कल संघर्ष समिति के अध्यक्ष के. उमाशंकर राव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कीटी सहदेवभिलाई नगर। दुर्ग से ब्रह्मपुर तक नई ट्रेन चलाने की मांग को लेकर आंध्र उत्कल संघर्ष समिति के अध्यक्ष के उमाशंकर राव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडलए ने बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर गौर करते हुए एक पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार के सामने उनकी समस्याओं को रखने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में सलाहकार वी सूर्य नारायण, कार्यसमिति के सदस्य के आनंद राव, डी शंकरराव और के जानकी रामय्या शामिल थे।उमाशंकर राव ने कहा कि ब्रह्मपुर से उधना अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इससे दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याएं खत्म नहीं होतीं। हफ्ते में एक दिन चलने तथा पावर हाउस में स्टॉपेज न होने से आंध्र-उत्कल वासियों को इस ट्रेन से विशेष लाभ होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि दुर्ग से ब्रह्मपुर एक दैनिक ट्रेन चले, ताकि यहां के निवासियों को सफर में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि यहां पिछले छह दशकों से बड़ी तादाद में बसने वालों की वाजिब मांग को रेल प्रशासन अनदेखा कर रहा है। जिसके कारण दुर्ग से ब्रह्मपुर की यात्रा कष्टदायक हो रही है।बता दें कि आंध्र उत्कल संघर्ष समिति के बैनर तले इस मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन भी हो चुके हैं। सांसद विजय बघेल संसद में इस मुद्दे को दो बार उठा चुके हैं, इसके अलावा रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से भी दो बार मुलाकात हो चुकी है। साथ ही विधायक रिकेश सेन से भी फरियाद कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब-जब आंदोलन छेड़ा गया, तब-तब नई ट्रेन चली। लेकिन इन ट्रेनों में से एक भी ऐसी ट्रेन नहीं थी, जो दुर्ग से ब्रह्मपुर सीधे चले। उन्होंने यहां के लोगों की उपेक्षा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सीधी ट्रेन न होने से रिजर्वेशन में काफी दिक्कत होती है, खासकर गर्मियों में। अभी तक उनके हौसले पस्त नहीं पस्त नहीं हुए हैं और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
- भिलाईनगर। भिलाई शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने निगम के अधिकारी, कर्मचारी एवं सफाई कर्मी लगातार युद्व स्तर पर कार्य कर रहे है। प्रतिदिन कर्मचारी अलग-अलग जोन क्षेत्र के साफ-सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने में जुटे है। साथ ही सिंगलयुज प्लास्टिक प्रतिबंधित होने के बाद भी कुछ लोगो द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली पांचो जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों को जांच करते हुए कार्यवाही करने निर्देशित किए है।जोन 01 नेहरू नगर के स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना अपनी टीम के साथ वार्ड क्रं. 17 आकाश गंगा सुपेला में प्रतिष्ठान, फल ठेला में सिंगलयूज प्लास्टिक एवं गिला-सुखा कचरा अलग-अलग नहीं रखने वालो की जांच किए है। जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान, फल ठेला संचालकों द्वारा सिंगलयूज प्लास्टिक का उपयोग करते हुए ग्राहकों को सामग्री डालकर बेचा जा रहा है। आदर्श सर्विस पेट्रोल पम्प में बाथरूम का साफ-सफाई ठीक नहीं रखने के कारण 2000 रूपये एवं यशवंत साहू टी स्टाल 400, वर्मा टी स्टाल नास्ता सेंटर 100, ओम स्व सहायता समूह नास्ता सेंटर 200, देवगढ़ स्व सहायता समूह नास्ता सेंटर 200, भीष्म देवांगन होटल 1200 तथा सांइ जूस कार्नर से 200 इस प्रकार कुल 4300 रूपये की चालानी कार्यवाही करते हुए प्लास्टिक को जप्त कर रसीद काटकर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कमलेश द्विवेदी स्वच्छता निरीक्षक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे ।



























