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- -प्रधानमंत्री-नरेन्द्र मोदी डीबीटी के जरिए छत्तीसगढ़ के 24.71 लाख से अधिक किसानों को अंतरित करेंगे 498.83 करोड़ रूपए-प्रदेश के 2.92 लाख वन पट्टाधारी और 37,400 विशेष पिछड़ी जनजाति किसानों को मिल रहा योजना का लाभ-पीएम नरेन्द्र मोदी गुवाहाटी से देश के 9.32 करोड़ किसानों के खाते में राशि अंतरित करेंगेरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 मार्च को असम राज्य के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के करीब 9.32 करोड़ किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22 वीं किस्त की राशि 18 हज़ार 650 करोड़ रुपये का अंतरण करेंगे। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम से छत्तीसगढ राज्य के 24 लाख 71 हजार 498 किसानों के खाते में 498.83 करोड़ रूपए की राशि भेजी जाएगी। इस योजना के तहत छत्तीसगढ राज्य के 2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी और 37 हजार 400 विशेष पिछड़ी जनजाति किसानों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लाखों किसान सहित जनप्रतिनिधिगण राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद, कृषि महाविद्यालय जोरा रायपुर से जुड़ेंगे।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पी एम किसान उत्सव के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान बैठकों का आयोजन किया जाएगा और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी कराया जाएगा, ताकि किसान सीधे इस कार्यक्रम से जुड़ सकें।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत ’’पहली किश्त फरवरी 2019 में किसानों के खातों में जारी की गई थी’’। योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक प्रदेश के किसानों को ’’कुल 11 हजार 283 करोड़ 09 लाख रुपये’’ की राशि प्रदान की जा चुकी है, जिससे लाखों किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य शासन द्वारा ’’2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी किसानों’’ तथा ’’37 हजार 400 विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) के किसानों’’ को भी योजना में पंजीयन कर लाभान्वित किया जा रहा है।विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के किसानों को योजना का लाभ प्रदान करने के लिए ’’कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया है’’। योजनांतर्गत सभी ’’एकल एवं संयुक्त खाता धारक किसान परिवार’’, जिनके नाम भू- अभिलेख के रिकार्ड में दर्ज हैं, योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देश के कृषक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना ’’दिसम्बर 2018 से लागू की गई है’’। यह योजना ’’भारत सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषित’’ है। इसके अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को ’’प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि’’ प्रदान की जाती है, जिसे ’’2-2 हजार रुपये की तीन समान किश्तों में प्रत्येक चार माह के अंतराल पर डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है’’। योजना का लाभ सभी वर्ग एवं श्रेणी के उन किसानों को दिया जाता है जिनका नाम भू- अभिलेख में दर्ज है। योजनांतर्गत ’’सभी एकल एवं संयुक्त खाता धारक किसान परिवार’’, जिनके नाम भू-अभिलेख में दर्ज हैं, ’’वन अधिकार पट्टाधारी किसान’’ तथा ’’विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के किसान’’ लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।
- -मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय कलाकार होंगे शामिल-सजेगा आदि रंग, आदिवासी परिधान और हाटरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में ’परम्परा से पहचान तक’ - आदि परब - 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे। इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है। इस आयोजन में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के जनजातीय कलाकारों शिल्पकारों तथा जनजातीय समुदायों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय कला, परंपराओं, हस्तशिल्प, लोक जीवन एवं सांस्कृतिक विविधता को एक साझा मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा।इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। आदि परब के तहत “आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव” भी आयोजित होगा। इसी तरह “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन होगा।
- -स्व-सहायता समूह की ताकत से बदली जिंदगीरायपुर । मजबूत हौसले और सही मार्गदर्शन से साधारण परिस्थितियों में भी सफलता की नई राह बनाई जा सकती है। छत्तीसगढ राज्य के मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के संकुल केल्हारी अंतर्गत ग्राम चरवाही की निवासी श्रीमती सीता बाई ने अपने प्रयासों और स्व-सहायता समूह की शक्ति से यही कर दिखाया है। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली साधारण गृहिणी आज बिहान – छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एन आर एल एम )के सहयोग से आत्मनिर्भर बनकर गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम चरवाही में शिव शंकर महिला स्व-सहायता समूह का गठन 23 जनवरी 2018 को बिहान योजना के अंतर्गत किया गया था, जिसमें 10 महिलाएं सदस्य के रूप में जुड़ीं। विकासखंड मिशन प्रबंधन इकाई के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के माध्यम से समूह की महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया। इसी दौरान सीता बाई भी समूह से जुड़ीं और प्रारंभ में समूह की अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।समूह को प्राप्त आरएफ और सीआईएफ राशि में से लगभग 60 हजार रुपये की सहायता लेकर सीता बाई ने अपने गांव में एक छोटी किराना दुकान शुरू की। धीरे-धीरे दुकान अच्छी तरह चलने लगी और यह उनके लिए स्थायी आय का साधन बन गई। दुकान से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की आय होने लगी, जिसमें करीब 6 हजार रुपये शुद्ध लाभ मिलता है।श्रीमती सीता बाई ने इसके साथ ही मुर्गी पालन और सेंट्रिंग प्लेट का कार्य भी शुरू किया। इन गतिविधियों से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये तक अतिरिक्त आय होने लगी। इस प्रकार अपनी मेहनत और लगन से सीता बाई ने आजीविका के कई स्रोत विकसित कर लिए।शिव शंकर महिला स्व-सहायता समूह को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 15 हजार रुपये की आरएफ राशि, 60 हजार रुपये की सीआईएफ राशि तथा 3 लाख रुपये का बैंक ऋण प्राप्त हुआ। इसी सहयोग से समूह की महिलाओं ने अपने-अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ीं। सीता बाई ने भी अपने व्यवसाय में लगभग 80 हजार रुपये का निवेश कर मजबूत आजीविका आधार तैयार किया।आज सीता बाई अपनी किराना की दुकान, मुर्गी पालन और सेंट्रिंग प्लेट के माध्यम से लगभग 1.60 लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। कभी साधारण गृहिणी के रूप में जीवन बिताने वाली सीता बाई आज गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वे अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। सीता बाई का कहना है कि उन्होंने अपने परिवार के लिए जो सपना देखा था, वह मेहनत, आत्मविश्वास और समूह के सहयोग से साकार हुआ है।“बिहान” योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाया, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान से भरा नया जीवन भी दिया। सीता बाई की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और सामूहिक सहयोग मिले तो वे न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
- -बिहान से जुड़कर बनीं कार और ट्रेक्टर की मालकिनरायपुर। राजकुमारी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर स्वावलंबन का एक नया इतिहास रचा है। बस्तर के विकासखंड दरभा अंतर्गत ग्राम लेंड्रा की निवासी राजकुमारी कश्यप की जीवन यात्रा संघर्ष और आत्मविश्वास का एक जीवंत उदाहरण है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले राजकुमारी का जीवन अनिश्चितताओं से भरा था। उनके पास कोई स्थायी रोजगार नहीं था और वे अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए खेतों में मजदूरी करने या जंगलों से प्राप्त वनोपज एवं अन्य संसाधनों पर निर्भर थीं। उस दौर में वे न केवल गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं।राजकुमारी के जीवन में बदलाव की शुरुआत बिहान योजना के माध्यम से हुई, जब वे वर्ष 2015 में सूरजमुखी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से मिलने वाले प्रशिक्षणों ने न केवल उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा जगाई, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं के खिलाफ मुखर होना भी सिखाया। धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने पशुपालन, चूजा ब्रुडिंग इकाई तथा राशन दुकान के संचालन जैसे विविध व्यवसायों को अपनी आजीविका के रूप में अपनाया। आज वे एक कुशल पशुपालन उद्यमी के रूप में न केवल अपने ब्लॉक, बल्कि अन्य विकासखंडों में भी चूजों की सप्लाई और पशुओं के टीकाकरण का कार्य सफलतापूर्वक कर रही हैं।राजकुमारी दीदी की यह उद्यमशीलता उनके जीवन में एक बड़ी क्रांति लेकर आई है। कभी दूसरों के घर मजदूरी करने वाली राजकुमारी की आय 11 वर्षों के भीतर साढ़े तीन लाख से चार लाख रुपए तक पहुँच गई है, जिससे उनके परिवार का जीवन स्तर पूरी तरह बदल गया है। कभी मिट्टी के घर में रहने वाली राजकुमारी दीदी ने अब अपना पक्का घर बना लिया है और उनके पास खेती के लिए ट्रैक्टर, दो मोटरसाइकिल तथा एक चार पहिया कार भी है। आर्थिक रूप से समृद्ध होने के साथ-साथ उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई और अपनी सामाजिक पहचान भी बनाई। वर्तमान में वे संकुल संगठन की अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। अब उनका लक्ष्य अपनी खुद की हैचरी (मदर यूनिट) स्थापित करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तार दे सकें।
- -राज्य में हाथ से मैला उठाने की प्रथा (मैनुअल स्केवेंजर्स) का हुआ उन्मूलनरायपुर ।आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ शासन के अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित हुई।बैठक में भारसाधक सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री बसव राजू, आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री वी.पी. तिर्की, संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेदी, अपर संचालक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग श्री एन. बुलीवाल, द.पू.म.रे. से मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक श्री रणजीत सुमन, सहायक निदेशक, जनगणना निदेशालय श्री एम.के. महलांगे, एनजीओ से श्रीमती सुनिता कुर्रे, समुदाय की महिला एवं पुरूष प्रतिनिधि क्रमशः श्रीमती उत्तरा प्रहरे एवं श्री राजपाल कसेर सहित विभाग के अपर संचालक श्री जितेन्द्र गुप्ता, उपायुक्त श्री विश्वनाथ रेडडी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि शासन द्वारा राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है उन्होंने बताया कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। इस जानकारी को भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जबरन/दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों हेतु दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है।उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों/संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की।बैठक में वर्ष 2019 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन के प्रतिषेध और उनके पुनर्वास नियम, 2013 के अंतर्गत नगर पालिकाओं एवं अन्य विभागों से प्राप्त जिलों की पुनर्सर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं भारत सरकार को रिपोर्ट प्रेषित किए जाने हेतु अनुमोदन किया गया।बैठक में उपस्थित सदस्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र एवं टाउनशिप में कार्य करने वाले मजदूर वर्ग हेतु स्वच्छ शौचालय बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा प्रत्येक जनपद पंचायत क्षेत्र में सीवरेज डंपिंग के लिए एक से दो गाडि़यों की उपलब्धता पर बल दिया। साथ ही ऐसे क्षेत्र जहां पर अभी तक स्वच्छ शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है वहां तत्काल गैप फिलिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता की दिशा में बेहतरीन कार्य हेतु मेघालय एवं उत्तर पूर्व राज्यों के कुछ ग्रामों का भी उल्लेख किया।
- -मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से बदली हेमलता की किस्मतरायपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम माड़पाल की रहने वाली हेमलता कश्यप की कहानी आज उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को दम तोड़ने देते हैं। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटे से गांव में रहने वाली हेमलता के परिवार की आर्थिक स्थिति कभी काफी चुनौतीपूर्ण थी। महज एक एकड़ कृषि भूमि और छह सदस्यों वाले बड़े परिवार की जिम्मेदारी के बीच 12वीं पास हेमलता हमेशा से अपने पिता पाकलु कश्यप का हाथ बंटाना चाहती थीं। उनके मन में कुछ कर गुजरने की सोच तो थी, लेकिन सही दिशा और पूंजी का अभाव आड़े आ रहा था।इसी दौरान हेमलता की नजर अखबार में छपी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना पर पड़ी। उन्होंने इसे अपनी किस्मत बदलने के अवसर के रूप में देखा और अपने पिता के साथ जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर के कार्यालय पहुंचीं। वहां अधिकारियों से मिली विस्तृत जानकारी ने उनके भीतर किराना दुकान शुरू करने का उत्साह जगा दिया। उनके घर की स्थिति भी व्यापार के अनुकूल थी, क्योंकि उनका मकान मुख्य मार्ग पर स्थित था। सबसे बड़ी बात यह थी कि गांव में किराने की दुकान न होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए 10 किलोमीटर दूर नगरनार जाना पड़ता था। ग्रामीणों की इस असुविधा को दूर करने और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प के साथ हेमलता ने ऋण के लिए आवेदन किया।दिसंबर 2022 में माड़पाल स्थित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा से उन्हें 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें शासन की ओर से 50 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। इस राशि से उन्होंने मेसर्स कश्यप किराना स्टोर्स की नींव रखी। व्यवसाय शुरू होते ही उनकी मेहनत रंग लाने लगी और आज उनकी दुकान पर प्रतिदिन हो रही बिक्री के कारण उन्हें हर दिन 500 से 700 रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त होती है।हेमलता ने महज तीन वर्षों के भीतर अपने ऋण की पूरी राशि का भुगतान कर दिया है और अब उनका वार्षिक टर्नओवर 2 से 3 लाख रुपये के बीच है। आज हेमलता न केवल अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं, बल्कि अपनी सफलता से बेहद खुश और संतुष्ट भी हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह छोटा सा प्रयास आज एक सशक्त स्वरोजगार मॉडल बन चुका है, जो यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली के नए द्वार खोले जा सकते हैं।
- -छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की समीक्षा बैठक सम्पन्नरायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की समीक्षा बैठक का आयोजन 12 मार्च को बोर्ड कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने की।बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि बोर्ड और शासन की योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने स्थानीय वैद्यों के स्थायी पंजीकरण के लिए भी आवश्यक प्रयास करने को कहा।बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने बैठक में कहा कि औषधीय पौधों का क्षेत्र अपार संभावनाओं से भरा है। उन्होंने कहा कि हमारा सपना है कि बस्तर औषधीय पौधों के माध्यम से दुनिया के समृद्ध क्षेत्रों में शामिल हो।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव ने बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें वन क्षेत्रों में औषधीय पौधों का रोपण, औषधीय पौधों की खेती (कृषिकरण) तथा विभिन्न नवाचार कार्यों की जानकारी दी गई।मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव ने आश्वस्त किया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्देशानुसार जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर बस्तर क्षेत्र में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने का कार्य शुरू किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में बस्तर क्षेत्र में पहले से लगाए गए पाम और नीलगिरी के प्लांटेशन में औषधीय पौधों की मल्टी- क्रॉपिंग के माध्यम से कार्य किया जाएगा।बैठक में नारायण संकल्प फाउंडेशन रायपुर की श्रीमती सीमा गुप्ता, एन.डी. मेमोरियल फाउंडेशन दुर्ग के श्री शालीभद्र मुथा, क्रिस्टल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसायटी की श्रीमती रीनू छाबड़ा सहित बोर्ड की योजनाओं से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा बोर्ड के तकनीकी सलाहकार और कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।
- -SANKALP पर आधारित होंगी राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे, यही है सरकार का उद्देश्य: स्वास्थ्य मंत्री-राज्य में शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा के लिए बजट मेें 100 करोड़ रूपए का प्रावधान-स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए 6 हजार 976 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित-रायपुर में बनेगा मध्य भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, बजट में 95 करोड़ रूपए का प्रावधान-शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान-नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान-मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत पिछड़ा के विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क आवासीय सुविधाएं, बिलासपुर में खुलेगा 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालयरायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित हो गई है।अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं SANKALP पर आधारित होंगीं। इसमें S-Strengthened Institutions (सशक्त संस्थान), A-Academic Excellence (उत्कृष्ट अकादमिक गुणवत्ता), N-Next Generation Research (नवोन्मेषी अनुसंधान), K-Knowledge & Clinical Competency (कौशल एवं क्लीनिकल दक्षता), A-Advance Medical Facilities (आधुनिक चिकित्सा सुविधा), L-Life Saving Infrasturcture (जीवन रक्षक अधोसंरचना) तथा P-Professional & Transparent Governance (पारदर्शी प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी) शामिल हैं।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियोें- कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की योजना शुरू करने की बात कही। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे। प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों के उपचार को सुलभ बनाने के लिए प्रदेश में 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही आम नागरिकों को सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।मंत्री ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिससे कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधा प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगी।मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत का अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना है। यह संस्थान प्रदेश के नागरिकों को उच्च स्तरीय हृदय उपचार की सुविधा प्रदान करेेगा। वहीं सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विकास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बाल हृदय उपचार सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाया जा सकेगा।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों के नए भवन बनाए जाएंगे। इसके अलावा रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु चिकित्सालय तथा चिरमिरी में नया जिला अस्पताल बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने के उद्देश्य से दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।मंत्री ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत के सबसे आधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रयोगशाला के शुरू होने से राज्य को दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी एवं छत्तीसगढ़ के साथ अन्य सीमावर्ती राज्यों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं मिल सकेेंगी।चर्चा के दौरान श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य में शीघ्र ही एम्बुलेंस की कमी दूर होगी। राज्य के सभी जिलों के लिए 300 नए एम्बुलेंस के लिए टेण्डर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त वेंटीलेटर युक्त 70 अत्याधुनिक एम्बुलेंस तथा नवजात शिशुओं के लिए सर्वसुविधाजनक 10 अन्य एम्बुलेंस क्रय करने की प्रक्रिया भी शीघ्र ही पूर्ण कर ली जाएगी।चिकित्सा शिक्षा विभागचिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए संचालनालय चिकित्सा शिक्षा हेतु 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है। नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों (दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम) के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के ट्रामा सेंटर भवन निर्माण केे लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों और संबद्ध अस्पतालों में उपकरणों की खरीदी के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।स्वास्थ्य मंत्री ने चर्चा में कहा कि राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए बजट में 83 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अम्बिकापुर तथा जगदलपुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।आयुष विभागमंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयुष विभाग के तहत 544 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। औषधियों के लिए 25.73 करोड़ रुपये तथा उपकरणों के लिए 4.16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जनभागीदारी के माध्यम से 7 आयुर्वेद चिकित्सालय, 13 आयुष पॉलीक्लिनिक और 692 आयुष औषधालयों के उन्नयन के लिए भी बजट रखा गया है। रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में छात्रावास और सेमीनार हॉल का निर्माण किया जाएगा।अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभागमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लिए मांग संख्या 66 के तहत कुल 251 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।चर्चा का जवाब देते हुए श्री जायसवाल ने राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू करने की बात कही। इस योजना के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बिलासपुर में 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय, रायपुर में 200 सीटर पोेस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, रायगढ़ में 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, मनेन्द्रगढ़ में 100 सीटर पोेस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास एवं जशपुर में 50 सीटर प्री-मैट्रिक बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए बजट में 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।चर्चा के दौरान श्री जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देने के लिए सीजी असिस्टेंस फॉर कम्पेटेटिव एक्जामिनेशन (CG-ACE) योजना के अंतर्गत उड़ान, शिखर तथा मंजिल योजना की शुरूआत की जाएगी। बजट में इसके लिए 9 करोड़ 63 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।बजट चर्चा में नेता प्रतिपक्षडॉ. चरण दास महंत,विधायक सर्वश्री धर्मजीत सिंह, दलेश्वर साहू, ईश्वर साहू, प्रणव मरपच्ची, आशाराम नेताम, प्रमोद मिंज, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले, राघवेन्द्र कुमार सिंह, कुंवर सिंह निषाद, लखेश्वर बघेल, भोलाराम साहू, दिपेश साहू, प्रेमचंद पटेल, विनायक गोयल, रोहित साहू, रामकुमार यादव, व्यास कश्यप, सुशांत शुक्ला, श्रीमती संगीता सिन्हा, श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, श्रीमती सावित्री मंडावी, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, श्रीमती अंबिका मरकाम सहित श्रीमती यशोदा वर्मा शामिल रहे।
- -5 मई को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगारायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित किए जाने हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली दिनांक 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम संबंधित स्थानीय निकाय के क्षेत्र, वार्ड अथवा पंचायत से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में दर्ज होंगे, वही मतदाता स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे।जारी कार्यक्रम के अनुसार दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 तक जिन मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा निर्वाचक नामावली में दर्ज होंगे, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थानीय निकाय की निर्वाचक नामावली में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष के कुल 02 पद, क्रमशः नगरपालिका परिषद सारंगढ़ (जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा (जिला-कोरिया) में रिक्त हैं, साथ ही पार्षदों के 15 पद भी रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नवगठित चार निकायों—नगर पंचायत घुमका (जिला-राजनांदगांव), नगर पंचायत बम्हनीडीह (जिला-जांजगीर-चांपा), नगर पंचायत शिवनंदनपुर (जिला-सूरजपुर) तथा नगर पंचायत पलारी (जिला-बलौद)—में अध्यक्ष के 04 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं।इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 08 पद, सरपंच के 78 पद तथा पंच के 1056 पद रिक्त हैं। इस प्रकार प्रदेश के 33 जिलों में कुल 1142 पद रिक्त हैं, जिनका निर्वाचन कराया जाना है।निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा प्राधिकृत अधिकारियों का प्रशिक्षण 24 मार्च 2026 तक कराया जाएगा तथा निर्वाचक नामावली का मुद्रण 09 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्रारूप क-1 में दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 होगी। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा दावे-आपत्तियों के निराकरण के आदेश के विरुद्ध अपील ऐसा आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष की जा सकेगी। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा।
- -सभी कलेक्टरों को सर्वे कर 15 दिवस में प्रमाण पत्र सहित रिपोर्ट देने के निर्देशरायपुर । देश में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 15 दिवस के भीतर प्रमाण पत्र सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के पालन में आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे कर जांच रिपोर्ट और उनके जिले में अफीम की खेती नहीं किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र जारी किया गया है।
- अफवाहों से बचें....जागरूक नागरिक बनेंबालोद/ जिले में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। कृपया अनावश्यक रूप से गैस की बुकिंग न करें।संयुक्त जिला कार्यालय में आज जिले के सभी घरेलू एलपीजी गैस एजेंसी संचालकों की बैठक आयोजित कर, उपलब्ध स्टॉक एवं वितरण के संबंध में जानकारी ली गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर सहित जिले के सभी गैस एजेंसी संचालक मौजूद थे।आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क करें।
- संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान जरूरी: आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान देश कभी स्वीकार नहीं करेगा : मुख्यमंत्रीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी को कड़ा पत्र लिखकर भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के साथ हाल ही में हुए व्यवहार पर गहरी आपत्ति जताई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति के साथ किया गया यह व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था, आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में कहा है कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार पूरी दुनिया में सम्मानित रहे हैं। मतभेद को कभी भी मनभेद में न बदलने की हमारी संस्कृति रही है, लेकिन राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन न किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले एक जनजातीय समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही और उनका अपमान किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना देश के करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों और मातृशक्ति की भावनाओं को गहराई से आहत करने वाली है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य सरकार के व्यवहार को लेकर स्वयं राष्ट्रपति जी को अपनी पीड़ा सार्वजनिक करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के लोकतांत्रिक इतिहास में अत्यंत चिंताजनक है और इससे पश्चिम बंगाल जैसे प्रतिष्ठित राज्य की छवि को भी ठेस पहुंची है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में संदेशखाली की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी जनजातीय समाज की महिलाओं के साथ हुई घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि वंचित और जनजातीय समाज के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुश्री ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर देश और समाज से क्षमा मांगते हुए अपनी भूल स्वीकार करें तथा भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए देश को आश्वस्त करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतीक हैं और उनके सम्मान से ही लोकतंत्र की गरिमा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली राष्ट्रपति के सम्मान से जुड़ा यह विषय पूरे देश की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है, इसलिए देश और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रकरण में जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए जाना आवश्यक है।
- छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकातरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक श्रीमती निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर/ जाने-माने उद्योगपति श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनीजिन्दल स्टील लिमिटेडने अपनी विकास यात्रा में दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्र निर्माण को समर्पितजिन्दल स्टील को ओडिशा के क्योंझर जिले में दो प्रमुख लौह अयस्क ब्लॉकों के लिए'पसंदीदा बोलीदाता'घोषित किया गया है।ओडिशा सरकार ने दिसंबर 2025 में अधिसूचित 12 खनिज ब्लॉकों की ऑनलाइन नीलामी के सफल समापन के बाद यह घोषणा की है।जिन्दल स्टील को पहले ठाकुरानी-ए-1 लौह अयस्क ब्लॉक कापसंदीदा बोलीदाता घोषित किया गया। यह ब्लॉक लगभग 202हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इसमें जी-3 स्तर के लौह अयस्क की पुष्टि हुई है। इस ब्लॉक में लगभग50 मिलियन टनलौह अयस्क का भंडार है।कंपनी ने इसके लिए सरकार को101.20 प्रतिशतप्रीमियम देने का वचन दिया है।दूसरा ब्लॉक रेंगालाबेरहा उत्तर-पूर्व विस्तार और नुआगांव पश्चिम ब्लॉक है, जोलगभग 84हेक्टेयर में फैला हुआ है।इसमें जी-2स्तर तक के लौह अयस्क की पुष्टि हुई है। यहां अनुमानित38 मिलियन टनलौह अयस्क का भंडार है।इस ब्लॉक के लिए जिन्दल स्टील ने 111.15 प्रतिशतप्रीमियम देने का वचन दिया है।जिन्दल स्टील के बारे मेंजिन्दल स्टील लिमिटेडभारत की सबसे बड़ी और अग्रणी स्टील कंपनियों में से एक है।श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह कंपनी अपनी कार्यकुशलता और बेहतरीन क्वालिटी के लिए जानी जाती है। यह कंपनी एक बेहतरीन'माइन-टू-मेटल'मॉडल पर काम करती है।यह खुद के संसाधनों, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक वितरण नेटवर्क का उपयोग कर उच्च-क्षमताएवं प्रदर्शन करने वाले स्टील उत्पाद उपलब्ध कराती है। 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, जिन्दल स्टील के पास अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में अत्याधुनिक फैक्ट्रियां हैं।कंपनी का व्यवसाय भारत के साथ-साथ अफ्रीका में भी है। देश और दुनिया के बेहतरीन भविष्य के उद्देश्य से जिन्दल स्टील के उत्पादों की श्रृंखला बुनियादी ढांचे, निर्माण और विनिर्माण क्षेत्रों को नई ताकत प्रदान कर रही है।
- आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए होगा मामलों का निपटारारायपुर/ आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 मार्च 2026 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेण्डर वर्ष 2026 की पहली लोक अदालत होगी। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरणों के निराकरण किया जाएगा। इसी प्रकार बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे।इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा से संबंधित प्रक्ररणों को निराकृत किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।
- महतारी वंदन योजना और बिहान से मिली नई पहचानरायपुर। राज्य में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा हैराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार और समूह आधारित गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान बना रही हैं।जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड के ग्राम पोड़ीदल्हा की निवासी श्रीमती पुष्पलता साहू इसका प्रेरक उदाहरण हैं। पहले उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता था।श्रीमती साहू बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर माह मिलने वाली सहायता राशि से परिवार की आर्थिक स्थिति में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। इस राशि से उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी मिली। इसके साथ ही वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर स्वयं सहायता समूह के माध्यम से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में शामिल हुईं। समूह की ताकत और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने अपनी आय में लगातार वृद्धि की और आज वे ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।श्रीमती पुष्पलता साहू न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आजीविका गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं और उन्हें मार्गदर्शन भी देती हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं ने महिलाओं को गरीबी से बाहर निकलकर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिला है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ के मुखपत्र ‘दीपकमल’ के केंद्रीय बजट 2026-27 पर आधारित विशेषांक का नवा रायपुर स्थित विधानसभा भवन कार्यालय में विमोचन किया। इस विशेषांक में केंद्रीय बजट के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास को भी विस्तृत रूप से समाहित किया गया है, जो प्रदेश के विकास और जनकल्याण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रकाशन की सफलता की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ‘दीपकमल’ का यह विशेषांक प्रदेशवासियों तक केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस अवसर पर प्रदेश प्रकाशन विभाग के संयोजक और ‘दीपकमल’ के संपादक पंकज झा, पत्रिका के प्रबंध संपादक हेमंत पाणिग्रही समेत पार्टी मीडिया विभाग के सदस्यगण भी उपस्थित रहे।
- 0- प्रदेश के विकास और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक दौर में पहुंचे अभियान की आवाज बुलंद करने का किया आग्रह0- मीडिया विभाग ने ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का अभिनंदन किया।रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को विधानसभा परिसर स्थित कक्ष में भाजपा मीडिया विभाग के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति, जनहितकारी योजनाओं और विशेष रूप से राज्य की सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। श्री साय ने अपने प्रबोधन में मीडिया विभाग की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और धरातल की समस्याओं को शासन तक लाने में मीडिया विभाग के सभी सदस्यों की सक्रियता सराहनीय है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए मीडिया विभाग एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सलवाद के मुद्दे पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सुरक्षा और विकास की दोहरी रणनीति पर काम कर रही है। इसलिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों और सरकार की पुनर्वास नीतियों को प्राथमिकता देना समय की मांग है। सुरक्षा बलों के मनोबल और बस्तर के अंदरूनी इलाकों में पहुँच रही बुनियादी सुविधाओं को भी प्रमुखता से साझा किया जाए। भ्रामक सूचनाओं के बजाय तथ्यों पर आधारित विमर्श को बढ़ावा दें, ताकि नक्सलवाद के विरुद्ध चल रही इस निर्णायक लड़ाई में जनमत सुदृढ़ हो सके। श्री साय ने विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल बुनियादी ढाँचा खड़ा करना नहीं, बल्कि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली पहुँचाना है। इस यात्रा में मीडिया विभाग का सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर निखारने में सहायक होगा। बैठक में उपस्थित मीडिया विभाग के प्रतिनिधियों ने भी प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। बैठक में मीडिया विभाग ने एक शानदार और ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन किया। बैठक के दौरान प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही ने विभाग की गतिविधियों से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया। आभार प्रदर्शन पूर्व मीडिया प्रभारी एवं प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने किया। इस अवसर पर विभाग के सदस्यगण, प्रवक्ता-पैनलिस्ट उपस्थित थे।.
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने कहा है कि भारत की नारी ने हर युग में अपनी महानता सिद्ध की है। रामचरित मानस में माता सीता के त्याग एवं तपस्या की अमर गाथा हर नारी के लिए प्रेरणादायी है। श्री बजाज ने अभनपुर क्षेत्र के ग्राम बेलर एवं भटगांव में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित रामकथा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास की भावना के कारण भारत की नारी और अधिक सशक्त होकर उभर रही है। महिला सशक्तिकरण के कारण देश में तेजी से विकास हो रहा है।भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री बजाज ने कहा कि मोदी युग में महिला सशक्तीकरण ख्वाब नहीं हकीकत है। रामायण को एक प्रेरणादायी ग्रंथ बताते हुए श्री बजाज ने कहा कि इससे हमें कर्तव्य पथ पर चलने की सीख मिलती है। राम की भक्ति में ही राष्ट्र की शक्ति निहित है। वर्तमान दौर में पूरी दुनिया के देशों में अंतर्द्वन्द्व चल रहा है लेकिन भारत एक मात्र ऐसा देश है जहाँ शांति और सद्भाव है। अभी हमने शांतिपूर्वक होली मनाई, क्रिकेट का मैच भी निर्विघ्न हो रहा है, सारी गतिविधियाँ सामान्य गति से संचालित हो रही हैं लेकिन दुनिया के अनेक देश अशांति एवं अराजकता के कारण परेशान है। यह प्रभु राम की कृपा है हमारे देश को मोदी के रूप में सशक्त एवं कुशल नेतृत्व मिला है।इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, अनिल साहू, माधव प्रसाद मिरी, ज्ञानप्रकाश चंद्राकर, अर्जुन धीवर, नेहरूलाल साहू, कृष्णकांत नामदेव, रवि वर्मा, खेमचंद साहू, तिलक यदु, घनश्याम रिगरी, गुलाब साहू, यशवंत साहू, बिसाहू राम साहू, राधेश्याम साहू, खेमलता प्रेमचंद साहू, डा लीलाराम साहू, घनश्याम निर्मलकर, फत्ते रिगरी, खुमेश यदु, प्यारी साहू, जितेंद्र निर्मलकर एवं नारायण साहू आदि उपस्थित रहे।
- 0- खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा का राजिम में औचक निरीक्षणरायपुर। छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने नगर पालिका राजिम में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान का औचक निरीक्षण किया। यह दुकान आईडी 511012004 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 में संचालित है, जिसका संचालन श्री राजीवलोचन महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान दुकान में कई अनियमितताएँ सामने आईं। दुकान में टोल फ्री नंबर का प्रदर्शन नहीं किया गया था तथा आवश्यक सेम्पल भी प्रदर्शित नहीं थे। इसके अलावा निरीक्षण पंजी भी उपलब्ध नहीं पाई गई।स्टॉक का मिलान करने पर दुकान में 127 क्विंटल चावल की कमी पाई गई। साथ ही एपीएल श्रेणी के अंतर्गत 8 क्विंटल 70 किलोग्राम चावल स्टॉक में होना चाहिए था, जो उपलब्ध नहीं मिला। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख 45 हजार रुपये आंकी गई है।इस संबंध में खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने संबंधित खाद्य अधिकारियों को प्रकरण दर्ज कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- रायपुर। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के एसईआरपीएल (SERPL), रायपुर परिसर में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर (CBRN) आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए जिला स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में जिला प्रशासन तथा विभिन्न आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मॉक ड्रिल की शुरुआत दोपहर 12:18 बजे एमएस ट्रांसमिक्स टैंक से उत्पाद के ओवरफ्लो की परिकल्पित स्थिति से की गई, जिसके बाद लेवल-1 आपातकाल घोषित किया गया। उत्पाद की निकासी के दौरान 12:24 बजे काल्पनिक आग लगने की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे लेवल-2 आपातकाल घोषित किया गया।स्थिति के और गंभीर होने पर टैंक की छत उड़ जाने की काल्पनिक स्थिति मानते हुए 12:31 बजे लेवल-3 आपातकाल घोषित किया गया और जिला प्रशासन ने मौके पर कमान संभाली। तत्पश्चात अग्निशमन दलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12:40 बजे तक आग पर नियंत्रण पा लिया। इसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया। सभी आवश्यक कार्रवाई पूर्ण होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा दोपहर 1:10 बजे ‘ऑल क्लियर’ घोषित कर मॉक ड्रिल का सफल समापन किया गया।इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य CBRN आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन, आपातकालीन सेवाओं और इंडियन ऑयल के कर्मचारियों की तैयारी, समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।इस मॉक ड्रिल में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम रायपुर श्री उमाशंकर बंदे, प्रभारी अधिकारी राहत शाखा एवं डिप्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किण्डो, एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैंकरा, सीएसपी माना, तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे एवं नायब तहसीलदार आरंग, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अधिकारी, जिला चिकित्सा टीम, सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं आपातकालीन दल उपस्थित रहे।--
- 0- जनपद सीईओ आशीष केश्वरवानी के आग्रह पर एक दिन में 90 नए सदस्य बनेरायपुर। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जनपद सीईओ धरसीवां श्री आशीष केश्वरवानी के आग्रह पर एक दिन में 90 नए सदस्य बने जिसमें श्री लोकनाथ वर्मा, श्री वैभव शर्मा, श्रीमती चंचल ठाकुर, श्री सुनील कुमार बंजारे, श्रीमती रजनी ठाकुर, श्री साहिल खान, श्री धनीराम जांगड़े, श्री हिमांशु साहू सहित अन्य लोगों ने रेडक्रॉस सोसाइटी में वार्षिक सदस्य के रूप में सदस्यता ली। जनपद सीईओ श्री आशीष केश्वरवानी ने सदस्यों की सदस्यता राशि जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को दी।इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानव समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है।संस्था से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता प्रदान की जाती है, जिसमें संरक्षक सदस्य के लिए 25,000 रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12,000 रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1,000 रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर रेडक्रॉस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।--
- 0- आर्थिक सहायता से बदली जिंदगी, श्रीमती हेमलता चन्द्राकर बनीं आत्मनिर्भररायपुर। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सक्षम योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इसी योजना का लाभ लेकर ग्राम देवरी (विकासखंड आरंग) निवासी श्रीमती हेमलता चन्द्राकर ने अपने जीवन में नई शुरुआत की है। श्रीमती हेमलता चन्द्राकर को इस योजना की जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से प्राप्त हुई। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और उन्हें 2 लाख रुपये की ऋण राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने गांव में कपड़ों की दुकान शुरू की।श्रीमती हेमलता बताती हैं कि पहले उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था, जिससे परिवार का खर्च चलाना कठिन होता था। लेकिन दुकान शुरू करने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। आज वे अपनी मेहनत और लगन से दुकान का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं और परिवार के भरण-पोषण में सहयोग दे रही हैं।श्रीमती हेमलता चन्द्राकर की यह सफलता अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सक्षम योजना के माध्यम से महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।सक्षम योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जिनके पति का निधन हो चुका है, या जो 35 से 45 वर्ष आयु वर्ग की अविवाहित तथा कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाएं हैं। इस योजना के माध्यम से उन्हें सुलभ ऋण उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाना तथा सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है।--
- रायपुर। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना की सहायता से अवधिया पारा, पुरानी बस्ती निवासी श्रीमती निहारिका अवधिया ने सिलाई कार्य शुरू कर न केवल आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है, बल्कि अपने परिवार के लिए स्थायी आय का साधन भी तैयार किया है।महतारी वंदन योजना के तहत श्रीमती निहारिका अवधिया को प्रतिमाह एक हजार रुपये प्राप्त हो रहे हैं। इससे उन्होंने सिलाई मशीन के माध्यम से छोटा सा व्यवसाय प्रारंभ किया और धीरे-धीरे इसे अपने जीवनयापन का आधार बना लिया।पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। ऐसे कठिन समय में उन्होंने हार न मानते हुए अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। आज वे अपने मोहल्ले और आसपास की महिलाओं से कपड़ों की सिलाई के ऑर्डर लेकर नियमित रूप से सिलाई का काम कर रही हैं। श्रीमती निहारिका अवधिया ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना से उन्हें आर्थिक सहारा और आत्मविश्वास दोनों मिला है। इस योजना की मदद से वे अपने बच्चों का पालन-पोषण, उनकी पढ़ाई का खर्च और घर की जरूरतों को पूरा करते हुए सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हैं।
- 0- चार केंद्रों के संयुक्त आयोजन में महान महिलाओं पर आधारित नाटिका का होगा मंचन, तात्कालिक भाषण स्पर्धा को लेकर भी जोशरायपुर। महाराष्ट्र मंडल अपना महिला दिवस भव्य पैमाने पर शनिवार, 14 मार्च को शाम 3:30 बजे से आयोजित कर रहा है। चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, सुंदर नगर और डंगनिया महिला केंद्रों की ओर से संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में संजीवनी और वीवाय अस्पतालों के 20 नर्सों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री फुलबासन बाई यादव होंगी।चौबे कॉलोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित, रोहिणीपुर की साधना बरिहट, डंगनिया की अनुभा जाऊलकर, सुंदर नगर केंद्र की संयोजिका स्मिता टेंबे ने बताया कि देश की प्ररेणास्पद महिला व्यक्तित्व को नाटिका के रूप में चौबे कॉलोनी महिला केंद्र प्रस्तुत करेगा। डंगनिया व रोहिणीपुरम केंद्र की ओर से महिला दिवस पर नृत्य पेश किए जाएंगे।महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के अनुसार महिला दिवस का आकर्षण तात्कालिक भाषणा स्पर्धा होगी। इस स्पर्धा में सभी 17 महिला केंद्रों से एक- एक प्रतिस्पर्धी को शामिल किया जाएगा। स्पर्धा में वक्ताओं को अपने- अपने विषय पर बोलने के लिए दो मिनट दिया जाएगा। उपाध्यक्ष गीता दलाल ने अधिक से अधिक महिला सभासदों से कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।तात्कालिक भाषण स्पर्धा के विषय होंगे:-भारतीय सेना में महिलाएं, डिजिटल युग और नारी सशक्तीकरण, महिला उद्यमिता का बढ़ता प्रभाव, महिलाओं की सुरक्षा समाज की जिम्मेदारी, आत्मविश्वास: नारी की सबसे बड़ी ताकत, मानसिक स्वास्थ्य और महिलाएं, कामकाजी महिला और परिवार का संतुलन, स्वयं सहायता समूह और महिलाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल दुनिया महिलाओं का दखल, बैंक की कार्यप्रणाली की जानकारी, घरेलू कामकाज की कीमत: क्या 'हाउसवाइफ' के काम को मिलता है सम्मान, मोबाइल फोन का दुरुपयोग और महिलाएं, साइबर बुलिंग और सुरक्षा के नए खतरे, ऑनलाइन शॉपिंग: महिला को कितना फायदा व क्या नुकसान, वर्तमान समय में सरकार द्वारा महिलाओं के लिए बनाई गई योजना का कितना उपयोग करती है, कॉल सेंटर मे कार्य करने वाली महिलाएं कितनी सुरक्षित।--

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