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- 0- कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देशबालोद, बालोद जिले में रविवार 20 जुलाई को आयोजित की जाने वाली वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बुधवार को सुबह संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर आयोजन से जुड़े तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को 20 जुलाई को पूरे जिले में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधों का रोपण कर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने 20 जुलाई को विकासखण्डवार पौधरोपण हेतु निर्धारित लक्ष्य एवं पौधों की उपलब्धता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने जिले के विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण हेतु खोदे गए गड्ढों की कुल संख्या में जानकारी लेते हुए गड्ढों की नंबरिंग भी करने के निर्देश दिए। जिससे कि विभिन्न विभागों तथा निजी एवं शासकीय संस्थाओं को पौधरोपण हेतु स्थान एवं पौधे आबंटित करने में सहुलियत हो सके। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने 20 जुलाई को संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे आयोजित वृहद वृक्षारोपण सह वनमहोत्सव कार्यक्रम के आयोजन के तैयारियों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने विभिन्न विभागों को सौंपे गए कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने मंच व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में मंच निर्माण एवं मंच से जुड़े अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को दी गई है। इसके अलावा उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को मंच एवं कार्यक्रम स्थल में एलईडी एवं नेट कनेक्टिविटी के अलावा वृक्षारोपण के संबंध में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संदेश वाचन का भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम हेतु ई-कार्ड का निर्माण, पौधों की समुचित व्यवस्था एवं बैक ड्राफ्ट निर्माण करने की जिम्मेदारी सौंपी। जिला शिक्षा अधिकारी को मंच संचालन, अतिथियों की स्वागत व्यवस्था, हरी झण्डी आदि की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि रविवार 20 जुलाई को बालोद जिले में वृहद वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में समाज के प्रत्येक लोगों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारी समाज हित के कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु पूरी निष्ठा, लगन एवं मुस्तैदी से कार्य करते हुए इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करें।
- 0- बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाईदुर्ग, राज्य शासन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उद्यानिकी फसलों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ मौसम में फसल बीमा कराने हेतु 31 जुलाई 2025 तक समय सीमा तय की गई है। उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे किसानों को विपरीत मौसम जैसे कम तापमान, अधिक तापमान, बीमारी अनुकूल मौसम, कीट व्याधियो का प्रकोप, लगातार अवर्षा की स्थिति निर्मित होना ओला वृष्टि आदि से होने वाले नुकसान से बचाने पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा लागू की गई है।उप संचालक उद्यान जिला दुर्ग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2025 में जिले अन्तर्गत बीमा कराने वाले कृषको को अधिसूचित फसल के अनुसार निर्धारित कुल बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम जो भी कम हो राशि कृषक अंश के रूप में ऋणि एवं अऋणि दोनों प्रकार के कृषकों को जमा करने होंगें। अऋणि कृषक फसल लगाने का स्वघोषित प्रमाण पत्र, नक्शा खसरा, आधार कार्ड अपने बैंक पासबुक की छाया प्रति जिसमें आईएफएससी कोड इत्यादि का उल्लेख हो, जमा कर बीमा करा सकते है।ज्ञात हो कि योजना के अंतर्गत ऋणी कृषको के लिये विकल्प चयन (ऑप्ट आउट) के आधार पर क्रियान्वित होगी। ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नही होना चाहते, उन्हे भारत सरकार द्वारा जारी चयन (ऑप्ट आउट) प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 07 दिवस पूर्व तक सबंधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिये स्वीकृत/नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जायेगा। इस मामले में बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की चूक/त्रुटि होने पर संबंधित बैंक किसानों के स्वीकार्य दावों के भुगतान करने के लिये उत्तरदायी होगी। अधिक जानकारी के लिए विकासखण्ड दुर्ग के प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री मुकेश कुमार वासनिक (मो.न. 9926171139), विकासखण्ड धमधा के प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री रविश कुमार साहू (मो.न. 9993146452), विकासखण्ड पाटन के प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्रीमती सुरभि श्रीवास्तव (मो.न. 9011648203) से संपर्क कर सकते है।
- 0- पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और वितरण की स्थिति का लिया जायजादुर्ग, जिले के स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्राप्त पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और वितरण की स्थिति का जायजा लेने कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने बुधवार को पुलगांव स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने उपस्थित समग्र शिक्षा अधिकारी श्री सुरेन्द्र पाण्डेय एवं प्राचार्य से पाठ्यपुस्तक वितरण संबंधी जानकारी ली।उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने शिक्षकों से पाठ्यक्रम की प्रगति, कक्षा संचालन की प्रक्रिया और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में सभी विद्यार्थियों तक पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति समय पर और सुनिश्चित रूप से की जाए।
- दुर्ग, जिले में 1 जून 2025 से 16 जुलाई 2025 तक 329.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सार्वाधिक वर्षा 421.3 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 257.0 मिमी. तहसील बोरी में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील धमधा में 276.9 मिमी, तहसील अहिवारा में 394.1 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 294.2 मिमी और तहसील दुर्ग में 334.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 16 जुलाई को तहसील दुर्ग में 52.4 मिमी, तहसील धमधा में 5.1 मिमी, तहसील पाटन में 8.0 मिमी, तहसील बोरी में 5.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 18.6 मिमी और तहसील अहिवारा में 21.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- बिलासपुर. बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 435.3 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 334.4 मि.मी. से 100.9 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 631.5 मि.मी. बेलगहना तहसील में और सबसे कम बारिश 335.9 मि.मी. बोदरी में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिल्हा तहसील में 438.7 मि.मी., मस्तूरी में 410 मि.मी., तखतपुर में 397.6 मि.मी., कोटा में 339.2 मि.मी., सीपत में 444.9 मि.मी., बेलतरा में 379 मि.मी., रतनपुर में 459.3 मि.मी., सकरी में 458.3 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 397.2 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।
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रायपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद कार्यकारिणी की बैठक परिषद कार्यालय में श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षयता में सम्पन्न हुए। कार्यकारिणी की बैठक के पूर्व मां सरस्वती जी की प्रतिमा में माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई। बैठक में एजेंडा के अनुरूप महासचिव चंद्रेश शाह ने अध्यक्ष की अनुमति से क्रमवार विषय पर चर्चा प्रारंभ किया । पूर्व में हुई स्टैंडिंग समिति बैठक में लिए गए निर्णय का अनुमोदन, वित्तीय वर्ष 2024 - 25 का ऑडिट रिपोर्ट , वित्तीय वर्ष 2025 - 26 अनुमानित बजट का अनुमोदन किया गया । वर्तमान में संचालित बालगृह बालक , बालिका माना कैम्प , बालगृह बालिका कोंडागांव , वाणी वाचन श्रवण एवं बहु प्रशिक्षण केंद्र, दिव्यांग बच्चों की प्री प्रायमरी शिक्षा का मन्दिर एवं उसके विस्तारीकरण पर जोर दिया गया। खुला आश्रय गृह के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। आज की बैठक में परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद निधि से माना स्थित परिषद के भवन के नवीनीकरण हेतु 15 लाख रुपए देने की घोषणा की और स्पीच थेरेपी सेन्टर में डॉ स्पीच थेरेपी सॉफ्टवेयर लगाने हेतु 5 लाख रुपए स्वीकृत किया गया है। डॉ स्पीच सॉफ्टवेयर है जो खासकर स्पीच डिसऑर्डर वाले बच्चों और वयस्कों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह सॉफ्टवेयर दुनिया भर के स्पीच लेंग्वेज पैथोलॉजिस्ट द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। छत्तीसगढ़ में मैसूर स्थित AIISH की तरह राज्य में अखिल भारतीय वॉक श्रवण संस्थान की स्थापना किए जाने हेतु 25 - 30 एकड़ जमीन चिन्हित किए जाने की जानकारी दी गई।बैठक के पश्चात बृजमोहन अग्रवाल ने पूरे परिसर को देखा और स्पीच थेरेपी सेन्टर में बच्चों और उनके अभिभावकों से चर्चा कर उनके बच्चों में होने वाले सकारात्मक प्रभाव से परिषद द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना किए और दानदाताओं से तन , मन , धन से सहयोग देने हेतु आह्वान किया। बैठक में परिषद के पूर्व महासचिव मोहन चोपड़ा , उपाध्यक्ष डॉ अशोक त्रिपाठी , डॉ कमल वर्मा , कोषाध्यक्ष श्रीमती इंदिरा जैन , संयुक्त सचिव प्रकाश अग्रवाल , राजेंद्र कुमार निगम , भूपेंद्र कोटरिया , कार्यकारिणी सदस्य संजीव बसन्त हुड्डार, सुनीता चंसोरिया, हर्षा जोशी, छगन भाई पटेल, हरजीत सिंह जुनेजा , श्रीमती संगीता शर्मा, विश्वनाथ पाणिग्रही उपस्थित रहे।
- -प्रति एकड़ दस हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी-कृषि विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देशरायपुर । राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना का फायदा धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की फसल लेने वाले किसानों को भी मिलेगा। उन्हें प्रति एकड़ दस हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। राज्य शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। इनके कारण किसान फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते हैं। राज्य सरकार द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत में राहत देने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई गई है। राज्य शासन ने फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने, दलहन व तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के साथ चिन्हित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।कृषक उन्नति योजना का लाभ केवल उन्ही कृषकों को मिलेगा जिन्होने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराया है। विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान की फसल ली है तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया है, ऐसे किसानों द्वारा धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल के लिए किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि के उपरांत मान्य रकबे पर 11 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास उगाने वाले किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरान्त मान्य रकबे पर दस हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान की जाएगी।कृषक उन्नति योजना के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार विधिक व्यक्तियों जैसे ट्रस्ट, मण्डल, प्राइवेट लिमिटेड, समिति, केन्द्र एवं राज्य शासन की संस्था, महाविद्यालय आदि संस्थाओं को योजना से लाभ लेने की पात्रता नहीं होगी। जो कृषक प्रमाणित धान बीज उत्पादन कार्यक्रम लेते हैं, और सामान्य धान भी सहकारी समितियों में विक्रय करते है, उनके द्वारा कुल विक्रय की जाने वाली धान की मात्रा, उनके कुल धारित रकबे की सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए। इसे छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा आपसी समन्वय से सुनिश्चित किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सीलिंग कानून के प्रावधानों के अध्याधीन किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से की जाएगी। खरीफ सीजन-2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 15 हजार 351 रुपए प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) पर 711 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 14 हजार 931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।बीज उत्पादक किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को विक्रय किए गए धान बीज पर निर्धारित आदान सहायता राशि की कृषकवार मांग का विवरण बीज निगम द्वारा संचालक कृषि को प्रेषित किया जाएगा। संचालक कृषि द्वारा मांग अनुसार राशि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या कृषि विभाग के विकासखण्ड मुख्यालयों में स्थित कार्यालयों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- राजनांदगांव । शासन के निर्देशानुसार श्रमिकों की समस्याओं के समाधान हेतु एसओपी अंतर्गत प्राप्त निर्देशों का पालन करते हुए जिले के विभिन्न ग्रामों में 17 से 31 जुलाई 2025 तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में श्रमिकों का बीओसी व असंगठित कर्मकारों का पंजीयन एवं नवीनीकरण किया जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करने के लिए मोबाईल कैम्प में अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत 17 जुलाई को ग्राम टेड़ेसरा, 25 जुलाई को ग्राम खपरीकला, 29 जुलाई को ग्राम गठुला एवं छुरिया विकासखंड अंतर्गत 17 जुलाई को ग्राम लाममेटा, 22 जुलाई को चिरचारीकला, 25 जुलाई को बेलरगोंदी, 29 जुलाई को भोलापुर, 31 जुलाई को बम्हनी चारभांठा तथा डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत 17 जुलाई को रूदगांव, 22 जुलाई को केसला, 25 जुलाई को खुज्जी, 29 जुलाई को बोदेला, 31 जुलाई को आरगांव में शिविर का आयोजन किया गया है।
- -नवाचार से शिक्षा, पोषण और संस्कार का मिल रहा समग्र वातावरणरायपुर । ‘‘मुस्कुराइए कि आप आंगनबाड़ी केंद्र में हैं...’’ - यह नारा अब वास्तविकता का रूप ले चुका है। राजनांदगांव जिले के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों ने नन्हे बच्चों की शिक्षा और विकास को नया आयाम दिया है। यहां का वातावरण अब पारंपरिक आंगनबाड़ी केंद्र से आगे बढ़कर प्ले स्कूल और प्री-नर्सरी जैसा बन गया है, जहां बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं और मुस्कुरा रहे हैं।सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1 भोथीपार खुर्द, क्रमांक 3 सिंघोला और क्रमांक 3 भोथीपार खुर्द में बच्चों को बाल सुलभ तरीके से अक्षर ज्ञान, कविता, गीत और विविध जानकारी दी जा रही है। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी, शैक्षणिक सामग्री और बाल केंद्रित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह देखा जा रहा है। ‘आलू कचालू बेटा कहां गए थे...’ जैसी कविताएं बच्चे बड़े आनंद से याद कर रहे हैं।राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के ये आंगनबाड़ी केंद्र जागरूकता, पोषण और शिक्षा के संगम स्थल बन गए हैं। लड़का-लड़की एक समान, अच्छी वजन की रेखा - अच्छा बच्चा देखा जैसे संदेशों से सामाजिक सोच में बदलाव आ रहा है। गर्भवती महिलाओं को गरम पौष्टिक भोजन, किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य शिक्षा और बच्चों को नियमित पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाकर प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, ताकि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही समग्र विकास का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बच्चों, माताओं और किशोरियों की देखभाल को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना और सुकन्या समृद्धि योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 भोथीपार खुर्द में ‘मोर जन्म दिन’ नामक विशेष कैलेंडर के माध्यम से बच्चों का जन्मदिन उत्सवपूर्वक मनाया जा रहा है। यहां बच्चों के लिए खेल सामग्री, पढ़ाई की सामग्रियां और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है।इस प्रयास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती गोदावरी साहू, श्रीमती पूनम यादव और सहायिका की सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय रही। बच्चों की मुस्कान और उनकी सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल पोषण का ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और संवेदनशीलता का केंद्र बन गए हैं।
- - किचन गार्डन की तर्ज पर विकसित की गई पोषण वाटिका- पोषण वाटिका से प्राप्त साग-सब्जी से बच्चे बन रहे सेहतमंदराजनांदगांव । बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है। जिससे बच्चों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक साग-सब्जी एवं फल मिल रही है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम भोथीपार खुर्द के आंगनबाड़ी केन्द्र में खुबसूरत पोषण वाटिका किचन गार्डन की तर्ज पर विकसित की गई है। जहां खट्टा भाजी, भिण्डी, केला, भाटा, कांदा भाजी, जरी, अरबी, चेच भाजी, लेमन ग्रास, अमरूद, शहतूत, सीताफल, नारियल लगाए गए हैं। वहीं फलदार पौधों के साथ जिनिया, हरसिंगार, गुड़हल, गुलाब, मोंगरा जैसे मोहक फूल भी लगाए गए हैं।ग्राम भोथीपार खुर्द के किचन गार्डन में अधिक से अधिक हरी पत्तेदार और आयरन से भरपूर सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। ग्रामवासियों को बच्चों को हरी साग-सब्जी एवं पौष्टिक आहार के लाभ के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। आंगनबाड़ी में उत्पादित साग- सब्जियों का उपयोग बच्चों का भोजन बनाने के लिए किया जा रहा है। विटामिन प्रोटीन, आयरन, खनिज एवं पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद है। आंगनबाड़ी केन्द्र सिंघोला की पोषण वाटिका में पपीता, केला, कटहल, अमरूद, भाजी में मुनगा, कांदा भाजी लगाया गया था। बच्चों को दाल, चावल के साथ केले की सब्जी परोसी गई थी। नाश्ते में पोहा एवं रेडी टू ईट दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रेवती साहू ने बताया कि बच्चे प्रतिदिन आते हैं और सक्रिय रहते है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शाम यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में राज्यपाल श्री रमेन डेका का पुष्पगुच्छ देकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत, संसदीय कार्यमंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत सहित विधायकगण उपस्थित थे।
- रायपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय अर्जुनी जिला बलौदाबाजार में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य खूबचंद सरसीहा को अनुशासनहीनता, अमर्यादित आचरण और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर बलौदाबाजार श्री दीपक सोनी के निर्देश पर जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य सरसीहा के विरुद्ध शराब पीकर विद्यालय आने, विद्यार्थियों व पालकों से प्रवेश के नाम पर अवैध वसूली करने, कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने जैसी गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई जांच में ये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर द्वारा प्रभारी प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका उत्तर असंतोषजनक पाए जाने पर उनके निलंबन की अनुशंसा की गई। इसके पश्चात संचालक लोक शिक्षण द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए श्री सरसीहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कसडोल नियत किया गया है।
- -बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा-सुकमा में शासन की रणनीति सफल — दूरस्थ अंचलों में भी पहुँच रही स्वास्थ्य सेवा-सक्रिय निगरानी, घर-घर स्क्रीनिंग और सामुदायिक भागीदारी से गढ़ा नया स्वास्थ्य मॉडलरायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान (12वां चरण) की अब तक की प्रगति से स्पष्ट है कि राज्य शासन की घर-घर स्क्रीनिंग रणनीति और सक्रिय जनसंपर्क के माध्यम से मलेरिया की जड़ पर प्रहार किया जा रहा है। 25 जून से 14 जुलाई 2025 तक हुए सर्वेक्षण में 1884 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई, जिनमें से 1165 मरीज (61.8%) बिना लक्षण (Asymptomatic) वाले थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है—बीमारी की प्रतीक्षा मत करो, बीमारी से पहले पहुँचो। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह अभियान राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।कुल 1,39,638 लोगों की मलेरिया जांच की गई। 1884 लोग पॉजिटिव पाए गए, जिनमें से 1165 (61.8%) बिना किसी लक्षण के थे — यानी यदि ये स्क्रीनिंग नहीं होती, तो संक्रमण आगे बढ़ता। कुल मामलों में से 75% से अधिक बच्चे हैं, जो विशेष रूप से संवेदनशील वर्ग हैं। 92% से अधिक मलेरिया केस Plasmodium falciparum (Pf) प्रकार के हैं — जिसकी त्वरित पहचान से गंभीर जटिलताओं को टाला गया।दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिले में 12.06% लक्ष्य प्राप्ति दर और 706 मलेरिया पॉजिटिव मामलों की पहचान एक बड़ी सफलता है। खास बात यह है कि इनमें से 574 मरीज बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) थे, जिन्हें शासन की सक्रिय रणनीति के कारण समय रहते उपचार उपलब्ध कराया गया। यह दिखाता है कि जंगल क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य तंत्र की पहुँच, निगरानी, और सेवा वितरण प्रभावशाली तरीके से हो रहा है।सुकमा में 15,249 व्यक्तियों की जांच के दौरान 372 मलेरिया पॉजिटिव केस मिले, जिनमें से 276 मरीज बिना लक्षण वाले थे। यह आँकड़ा स्पष्ट रूप से बताता है कि शासन की प्रो-एक्टिव स्क्रीनिंग के चलते साइलेंट संक्रमण के चक्र को तोड़ा जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में भी मेडिकल एक्सेस और सामुदायिक भागीदारी के चलते संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा रहा है — यह प्रशासन की रणनीतिक सफलता है।मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 12वें चरण अंतर्गत 27266 घरों में स्क्रीनिंग टीमों की पहुँच हुई। 1247 गर्भवती महिलाओं की जाँच की गई, जिनमें से मात्र 10 पॉजिटिव पाई गईं – यानी केवल 0.08%। LLIN (लार्ज लास्टिंग मच्छरदानी) का उपयोग 92% घरों में सुनिश्चित हुआ। Indoor Residual Spray कवरेज 68.73% तक पहुँचा। 614 घरों में मच्छर लार्वा मिलने पर त्वरित कार्रवाई की गई।यह अभियान दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवा सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि जागरूकता, समयबद्धता और पहुँच का नाम है। शासन द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से स्क्रीनिंग, मच्छर नियंत्रण, जागरूकता और फॉलोअप व्यवस्था के संयुक्त प्रयास से ही संभव हो सका है कि 61.8% बिना लक्षण वाले मरीजों को इलाज मिला और संक्रमण की कड़ी टूट सकी।छत्तीसगढ़ सरकार आने वाले समय में इस मॉडल को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य को मलेरिया मुक्त बनाना सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि वास्तविकता बने।
- – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाईरायपुर / छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की बालिका रंजीता कोरेटी ने ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद बालगृह बालिका कोण्डागांव की रंजीता ने कई देशों के खिलाड़ियों को पराजित करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर रंजीता को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल कोण्डागांव जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि रंजीता जैसी बेटियाँ राज्य की उम्मीद और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह सिद्ध कर रही हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।रंजीता की इस उपलब्धि के पीछे जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बालगृह संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सतत मार्गदर्शन और सहयोग से रंजीता मानसिक और शारीरिक रूप से निरंतर सशक्त होती गई। खेलों में विशेष रुचि और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उसे आईटीबीपी के सहयोग से जूडो का प्रशिक्षण दिलवाया गया। रंजीता ने वर्ष 2021 में चंडीगढ़ में आयोजित ओपन नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 40 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल यात्रा की प्रभावशाली शुरुआत की।इसके पश्चात् वर्ष 2022 में भोपाल में आयोजित ओपन नेशनल जूडो प्रतियोगिता में रंजीता ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वर्ष 2024 में केरल में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 52 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसी वर्ष महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित खेलो इंडिया रीजनल जूडो प्रतियोगिता में उसने गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके साथ ही त्रिशूर (केरल) में 52 किलोग्राम वर्ग में पुनः स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता को दोहराया। पुणे में आयोजित राष्ट्रीय ओपन नेशनल जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने असम, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रमुख राज्यों की खिलाड़ियों को पराजित करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, पटना (बिहार) में भी उसने जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक प्राप्त कर जिले और राज्य को गौरवान्वित किया।राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उपलब्धियों के पश्चात रंजीता ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अप्रैल 2025 में जॉर्जिया में आयोजित कैडेट यूरोपियन कप 2025 में रंजीता ने 52 किलोग्राम वर्ग में 5वाँ स्थान प्राप्त किया। इसके बाद ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) में वर्ष 2025 में आयोजित एशियन कैडेट चैंपियनशिप में भी उसने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा। अंततः 12 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल किया।रंजीता की इस प्रेरणादायक यात्रा को देखते हुए जनवरी 2023 में उसका चयन भोपाल स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में हुआ, जहाँ वह वर्तमान में शिक्षा के साथ-साथ जूडो का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता यह दर्शाती है कि यदि बेटियों को अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी ऊँचाई को छू सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को सशक्त बनाने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है, और रंजीता कोरेटी जैसे उदाहरण छत्तीसगढ़ की शक्ति और संभावना का प्रतीक हैं।
- -छात्रों की शिकायतों और तनाव प्रबंधन पर विश्वविद्यालय विशेष रूप से ध्यान दें-राज्यपाल ने ली शासकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठकरायपुर । राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने आज प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियोें की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती की कार्रवाही को प्राथमिकता से करने कहा। उन्होंने सभी कुलपतियों से कहा है कि वे डीन स्टूडेंट वेलफेयर को सक्रिय करें और विद्यार्थियों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए समय पर निराकरण सुनिश्चित करें। राज्यपाल ने सोशल मीडिया के इस दौर में छात्रों के तनाव प्रबंधन पर भी विशेष बल दिया है।राजभवन के कांफ्रेंस हॉल में आज आयोजित बैठक में राज्यपाल श्री डेका ने विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की। श्री डेका ने कहा कि विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों में स्थाई रजिट्रार नियुक्त हो। आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाए जिससे विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी। बैठक में राज्यपाल ने कहा कि जब रिक्त पदों पर समय पर भर्ती होगी और प्रमोशन होंगे तब ही छत्तीसगढ़ के प्रोफेसर को कुलपति बनने का अवसर मिल सकेगा। बैठक में उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से रिक्त पदों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लंबे समय से टीचिंग स्टाफ की भर्ती नहीं होने से शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय नेक ग्रेडिंग प्राप्त करे और गुणवत्ता में सुधार लाए। राज्यपाल ने प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए सभी टीचिंग स्टाफ को वापस बुलाने के निर्देश दिए।श्री डेका ने कृषि विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि किसानो को पारंपरिक फसल के स्थान पर लाभप्रद फसल के लिए प्रोत्साहित करें। टमाटर के विपणन पर विशेष ध्यान देने कहा ताकि उन्हें खराब होने से बचाया जा सके। खाद्य उत्पादन और आपूर्ति में संतुलन होना चाहिए। उद्यानिकी विश्वविद्यालय को स्व-सहायता समूहों के साथ मिलकर कार्य करने कहा गया। राज्यपाल ने कुलपतियों से कहा कि वर्ष में एक बार एलुमिनाई मीट (पूर्व छात्रों का सम्मेलन) करंे। कुलपतियों से कहा गया है कि वे कॉलेजों का आकस्मिक निरीक्षण करंे और साल में दो बार प्राचार्यों के साथ बैठक करंे। विश्वविद्यालयों को रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि कुलपति अपने अधिनष्ठ कॉलेजों के प्राचार्याे को इसकी संपूर्ण जानकारी दें। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए सभी कुलपति आपस में बैठक कर अपने सुझाव और अनुभव साझा करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों, विशेष कर व्यवसायिक और तकनीकी विश्वविद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।बैठक के प्रारंभ में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने समीक्षा बैठक के मुख्य बिन्दुओं की जानकारी दी। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बारी-बारी से प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन, राजभवन की उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचनरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत श्रीमती निहारिका बारीक, आयुक्त मनरेगा और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।
- कलेक्टर ने कहा-निर्देशों का हो कड़ाई से पालनबिलासपुर/छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था एवं परीक्षार्थियों के लिए नए सिरे से दिशा निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश आगामी 20 जुलाई से आयोजित होने वाली व्यापम की सभी परीक्षाओं पर लागू होगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने व्यापम द्वारा जारी निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और सभी केंद्र अध्यक्ष और प्राचार्यों को इस आशय का पत्र जारी किया है।व्यापम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा दिवस को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यार्थियों के हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा मैनुअल पैट डाउन(हाथों से तलाशी) फ्रिसकिंग किया जावें। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से यह फ्रिसकिंग का कार्य किया जावे। वे पुलिस कर्मी परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व ढाई घंटा पूर्व अनिवार्य रूप से परीक्षा केन्द्र में अपनी उपस्थिति देवें। महिला अभ्यार्थियों की फ्रिसकिंग का कार्य महिला पुलिस कर्मी से ही कराया जावे। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद इन दोनों पुलिस कर्मी में से एक-एक पुलिस कर्मी बारी-बारी से परीक्षा केन्द्र के परिसर एवं परीक्षा केन्द्र के बाहर का निरीक्षण करते रहें ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि न हो सके।व्यापम द्वारा परीक्षार्थीयों के लिए इस प्रकार निर्देश जारी किया गया है। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिसकिंग एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जावे। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा 10 बजे से प्रारंभ हो रहा है तो मुख्य द्वार प्रातः 09.45 बजे बंद कर दिया जावे। हल्के रंग के आधी बाही वाले कपडे पहनकर परीक्षा देने आये। निर्देश में कहा गया है कि फुटवियर के रूप में चप्पल पहने। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण धारण करना वर्जित है। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा केन्द्र से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रिानिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। उपरोक्त निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाना है।
- -चालू खरीफ सत्र में 49 दुकानों का किया गया निरीक्षण-39 दुकानों को कारण बताओ नोटिस एवं 35 में लाइसेंस निलंबन और जब्ती की कार्रवाई की गईमहासमुंद/ जिले के कृषकों को अच्छी गुणवत्ता की आदान सामग्री मिल सके इस हेतु कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा सतत् रूप से जिला स्तरीय निरीक्षण दल एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को दिए गए निर्देश के फलस्वरूप विभाग द्वारा लगातार कृषि आदान केन्द्रों/विक्रय स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि 01 अप्रैल 2025 खरीफ मौसम प्रारंभ से आज दिनांक की स्थिति में 49 दुकानों का निरीक्षण किया जा चुका है जिसमें 39 दुकानों कों उर्वरक नियंत्रण आदेश का पालन नही करने के फलस्वरूप कारण बताओं नोटिस जारी किया गया जिसमें 35 दुकानों का जवाब संतोषप्रद नही पाये जाने पर उनका उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिवस के लिये निलंबित किया गया। उक्त दुकानो में मे. गुलशन कृषि केन्द्र झलप, मे. शिव कृषि केन्द्र पासिद, मे. मोनू कृषि केन्द्र तुमगांव, मे. भानू फर्टिलाईजर महासमुंद, मे. बीना एग्रोटेक झलप, मे. आनंद एग्रो एंड सर्विसेस तुमगांव, मे. अमूल्या खाद भंडार झलप, मे. ओम भवानी कृषि केन्द्र तुसदा, मे. जय मां भीमेश्वरी सुनसुनिया, मे. गीतांजली बीज भंडार तेन्दूकोना, मे. श्रीहरि कृषि केन्द्र बागबाहरा, मे. शिवम बीज भंडार बागबाहरा, में.श्री गणेश कृषि केन्द्र बागबाहरा, मे. आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा, मे. मनीष कृषि सेवा केन्द्र झगरेनडीह, मे. पटेल कृषि सेवा केन्द्र मेमरा, मे. जय किसान ट्रेडर्स लाखागढ़, मे. शुभम् कृषि सेवा केन्द्र कौहाकुड़ा, मे. कुलदीप कृषि सेवा केन्द्र पिथौरा, मे. शिवम् कृषि सेवा केन्द्र पिथौरा, मे. राज कृषि सेवा केन्द्र भगतदेवरी, मे. खत्री ट्रेडर्स सांकरा, मे. बजरंग कृषि सेवा केन्द्र सांकरा, मे. महेश ट्रेडिंग कंपनी बसना, मे. कंसल खाद भंडार बसना, मे. सिंधु कृषि सेवा केन्द्र बंसुला, मे. प्रेम कृषि सेवा केन्द्र सागरपाली, मे. सृष्टि इंटरप्राईजेस भूकेल, मे. पटेल कृषि सेवा केन्द्र सरायपाली, मे. कृषि दुनिया सरायपाली, मे. प्रधान कृषि सेवा केन्द्र सरायपाली, मे. ओम फर्टिलाईजर सरायपाली, मे. अग्रवाल ट्रेडर्स सरायपाली, मे. राजेश अग्रवाल सरायपाली, मे. सरायपाली स्वाभिमान महिला प्रोड्यूसर कंपनी सरायपाली सम्मिलित है। इसके अलावा खत्री बीज भंडार सांकरा के द्वारा बगैर पी.सी. के बीज क्रय करने पर संबंधित फर्म के बीज के विक्रय पर 21 दिवस के लिये प्रतिबंध लगाया गया है। इसी प्रकार बसना विकासखंड के समलेश्वरी कृषि सेवा केन्द्र के द्वारा अवैध 57 बोरी डी.ए.पी. रखने पर जप्ती बनाकर कार्यवाही की गई है। इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना एवं सरायपाली तथा कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा भी बसना, सरायपाली विकासखंड के निजी विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया एवं दुकानदारों को सही कीमत पर उर्वरक बेचने एवं पी.ओ.एस. मशीन के द्वारा बेचने के निर्देश दिये गये। खरीफ मौसम में लगातार यह कार्यवाही जारी रहेगी, कृषकों को अपील की गई है, कि वे संबंधित फर्म से बिल लेकर ही आदान सामग्री का क्रय करें।
- बागबाहरा में 17 जुलाई को प्रशिक्षण आयोजितमहासमुंद / पशु सखी ग्रामीण पशुपालक किसान और पशुधन विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती है। इनके माध्यम से विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर पर कार्यान्वित करने में मदद मिलती है। इसलिए इन्हे तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत विभागीय विषय विशेषज्ञों द्वारा विगत 10 जुलाई को विकासखण्ड बसना के 35 पशु सखी, 11 जुलाई को विकासखण्ड पिथौरा के 58 पशु सखी एवं 15 जुलाई को विकासखण्ड महासमुंद के 70 पशु सखी को जनपद पंचायत के सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। आगामी प्रशिक्षण विकासखण्ड बागबाहरा में 17 जुलाई को जनपद पंचायत के सभागार में दिया जाएगा।चिकित्सकों द्वारा पशु स्वास्थ्य रक्षा, पशु पोषण, पशु नस्ल सुधार एवं प्रबंधन, पशुपालन के इन चार प्रमुख स्तंभों को लक्षित कर पशु सखियों को प्रशिक्षित किया गया। पशु स्वास्थ्य सेवाएं जैसे टीकाकरण, उपचार और पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार के लिए बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान की नवीनतम तकनीकी विधियों के बारे में उन्हें जानकारी दी गई। पशु कल्याण के महत्व, पशुओं के प्रति सहानुभूति, पशु स्वास्थ्य संबंधी डेटा संकलन में पशु सखियों की अहम भूमिका से उन्हें अवगत कराया गया। उन्हे विभाग और पशुपालकों के बीच समन्वय स्थापित करने बारीकियों को सविस्तार बताया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष पिथौरा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी पिथौरा उपस्थित रहे। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अंजना नायडू के मार्गदर्शन में जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों ने विकासखण्डवार जनपद पंचायत के सभागार में पशु सखियों को प्रशिक्षण दिया।
- -अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के दिए निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 52 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी। इस अवसर पर सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं रविराज ठाकुर, एसडीएम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।जन चौपाल में ग्राम पंचायत जगदीशपुर, विकासखंड पिथौरा निवासी सारथा नाग ने राशन कार्ड गुम हो जाने पर प्राथमिकता राशन कार्ड हेतु आवेदन किए, जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए कलेक्टर द्वारा आज ही जन चौपाल में राशन कार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा ग्राम दुरुगपाली निवासी लाल बिहारी साहू ने शौचालय निर्माण हेतु मृत व्यक्ति के नाम पर पैसा निकाल लेने के संबंध में आवेदन किया, ग्राम लभराखुर्द निवासी याशिव कुमार ध्रुव ने जाति एवं निवास दस्तावेज में सुधार हेतु आवेदन, ग्राम मूढ़ीपार पिथौरा के ग्रामवासियों ने ग्राम में अवैध शराब बिक्री रोकने हेतु आवेदन, भुरकोनी पिथौरा निवासी नारायण साहू ने पेंशन योजना का लाभ दिलाने हेतु आवेदन, ग्राम मोखापुटका सरायपाली निवासी चैतन्य चौधरी ने अवैध तरीके से डबरी निर्माण हेतु आवेदन किया गया। जन चौपाल में इसके अलावा पीएम आवास योजना, सड़क निर्माण, मुआवजा राशि, साथ ही अन्य माँग एवं शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जिस पर शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
- रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ श्री लालमन साय एम.आई.एस. प्रशासक को उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों/निर्देशों की अवहेलना करने के कारण उपसंचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।कलेक्टर, जशपुर द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, परंतु श्री साय द्वारा प्रस्तुत उत्तर असंतोषजनक पाए जाने के पश्चात यह कार्रवाई की गई है। जारी आदेशानुसार यह स्पष्ट किया गया है कि श्री साय का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 03 के विरुद्ध है।इस आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत श्री लालमन साय को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा नियत किया गया है। निलंबन अवधि में श्री साय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता प्राप्त होगी। संबंधित आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
- रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत अण्डा ने एक ऐसी पहल की है, जो स्वच्छता को आजीविका से जोड़कर ग्रामीण विकास की दिशा में एक नया आदर्श प्रस्तुत करती है। यह पहल न केवल एक शौचालय परिसर के निर्माण तक सीमित रही, बल्कि इसके माध्यम से एक ज़रूरतमंद ग्रामीण को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका भी प्रदान की गई।यह कहानी है श्री राजकुमार टंडन की, जो पहले एक ठेले में पान की दुकान चलाते थे। सीमित आमदनी और अस्थिरता से जूझते हुए वे जीवनयापन कर रहे थे। लेकिन ग्राम पंचायत अण्डा की दूरदर्शी सोच और स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से उनकी ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिया। ग्राम पंचायत ने बस स्टैंड और मुख्य सड़क से लगे शौचालय परिसर के भीतर एक कक्ष को दुकान के रूप में विकसित कराया। वर्ष 2024 में 5 लाख रूपए की लागत से यह संपूर्ण परिसर निर्मित हुआ, जिसमें सार्वजनिक सुविधा के साथ एक आजीविका केंद्र की व्यवस्था भी की गई। यह दुकान राजकुमार को निःशुल्क आवंटित की गई।आज राजकुमार इस पक्की दुकान में पान, ठंडा पेय और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचते हैं। पहले जहाँ उनकी आय सीमित थी, अब वे प्रत्येक माह लगभग 12 हज़ार की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं एक फ्रिज भी खरीदा है, जो कभी उनके लिए कल्पना से परे था। इसके साथ ही वे परिसर की स्वच्छता और रखरखाव की ज़िम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनका समर्पण आज उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बना चुका है, बल्कि वे गाँव के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए हैं।राजकुमार ने इस बदलाव के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत अण्डा का आभार व्यक्त किया है। ग्राम पंचायत अण्डा की यह पहल एक समग्र ग्रामीण विकास मॉडल के रूप में उभर रही है। जहाँ शौचालय केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वाभिमान और स्वावलंबन का केंद्र बन गया है। यह मॉडल सिद्ध करता है कि यदि सोच दूरदर्शी हो, तो स्वच्छता भी रोज़गार और सम्मान का माध्यम बन सकती है।यह उदाहरण अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक पथप्रदर्शक की भूमिका निभा सकता है।
- रायपुर। राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में नगर पालिक निगम रायपुर को स्वच्छ शहर का मिनिस्टीरियल अवॉर्ड के लिए चयन होने पर विज्ञान भवन नई दिल्ली में केन्द्र सरकार द्वारा भारत गणराज्य की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति और करकमलों से और केन्द्रीय शहरी विकास मन्त्री श्री मनोहर लाल खट्टर, केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मन्त्री श्री तोखन साहू की विशेष उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 अवॉर्ड सेरेमनी दिनांक 17 मई 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम को चयनित मिनिस्टीरियल अवार्ड लेने हेतु आज नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ तथा नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त दव्य श्री राजेंद्र गुप्ता, श्री विनोद पाण्डेय , नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री रघुमणि प्रधान, सहायक नोडल अधिकारी सहायक अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कङू, विशेषज्ञ श्री प्रमीत चोपड़ा और श्री सूरज चंद्राकर सहित अवार्ड सेरेमनी में सम्मिलित होने वायुयान से नईं दिल्ली के लिए रवाना हुए, नगर निगम रायपुर की टीम स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 हेतु मिनिस्टीरियल अवार्ड लेने के उपरांत दिनांक 18 जुलाई 2025 को संध्या राजधानी रायपुर शहर वापस लौटेगी।
- 0- 465 महिलाएं बनीं लखपति दीदीरायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न केवल जरूरतमंद लोगों को पक्के मकान देने में सफल रही है, बल्कि इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है। योजना के तहत आज लाखों परिवारों को उनके सपनों का आशियाना मिल चुका है, जहां वे सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन बिता रहे हैं। इस योजना की एक विशेष उपलब्धि यह रही है कि इसके माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है। सरगुजा जिले में बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़कर निर्माण सामग्री की आपूर्ति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इन महिलाओं ने समूहों से ऋण लेकर ईंट, सीमेंट, गिट्टी, छड़, सेंटरिंग प्लेट्स और मिक्सर मशीन जैसी निर्माण सामग्री हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही है।ईंट निर्माण के क्षेत्र में 281 दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है, जिनकी बनाई ईंटों का उपयोग आवास निर्माण में किया गया। वहीं 413 दीदियों ने बैंक लिंकेज और समूह ऋण के माध्यम से सेंट्रिंग प्लेट्स किराए पर देने का व्यवसाय शुरू किया है। कुछ महिलाओं ने अपने परिवार के सहयोग और ऋण राशि की मदद से सीमेंट मिक्सर मशीन खरीदी है और उन्हें किराए पर लगाया है। साथ ही कुछ दीदियों द्वारा सीमेंट, गिट्टी और छड़ जैसी सामग्री भी ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर ही निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त हो रही है। इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसका परिणाम यह है कि जिले की कुल 465 महिलाएं अब ‘लखपति दीदी क्लब’ में शामिल हो चुकी हैं। इन महिलाओं ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अवसर प्रदान किया है। महिलाओं ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह योजना उनके लिए केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मानपूर्ण जीवन जीने का रास्ता है।
- 0- कलेक्टर, एडीएम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दी शुभकामनाएंबालोद, संयुक्त जिला कार्यालय बालोद में राजस्व शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड 02 श्री लोकेश देवांगन एवं कलेक्टर रीडर क्रमांक 02 श्रीमती नेहा गोनार्डे के जिले से अन्यत्र स्थान पर स्थानांतरित होने पर संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित विदाई समारोह में राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा विदाई दी गई। उल्लेखनीय है कि सहायक ग्रेड 02 श्री लोकेश देवांगन का राजस्व मंडल बिलासपुर एवं कलेक्टर रीडर क्रमांक 02 श्रीमती नेहा गोनार्डे का जिला कार्यालय राजनांदगांव में स्थानांतरण हुआ है।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, कार्यालय अधीक्षक श्री अश्वनी नायक, सहायक अधीक्षक श्री महेश पिस्दा, कलेक्टर रीडर श्री दीपक रामटेके सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने इन दोनों कर्मचारियों के कार्यों एवं व्यवहार की सराहना की। अधिकारी-कर्मचारियों ने स्थानांतरित दोनों कर्मचारियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नवीन जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।







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