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- -समीक्षा बैठक लेकर जिले में विभागीय योजनाओं की क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा बच्चों की उपस्थिति की एंट्री शत प्रतिशत सही एवं त्रुटिरहित ढंग से करने के दिए निर्देशबालोद ।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले में निर्धारित समयावधि में शासकीय योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जिससे कि सभी जरूरतमंद लोगांे के शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े आज सर्किट हाउस बालोद में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर बालोद जिले में विभागीय योजनाओं की क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। श्रीमती राजवाड़े ने जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों तथा सभी सेक्टर सुपरवाईजरों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर विभागीय कार्याें का सतत माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री जनमेजय महोबे, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव तथा नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।समीक्षा बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिले में विभागीय कार्यों की क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन शासकीय अभिलेखों के अलावा धरातल पर भी परिलक्षित होनी चाहिए। श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के अलावा बच्चों के दर्ज संख्या एवं उनकी उपस्थिति के आंकलन के संबंध में प्रारंभ किए गए पोषण ट्रेकर एप्प में आॅनलाईन एंट्री का कार्य शत प्रतिशत सही करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को निर्धारित समय में समुचित मात्रा मंे नाश्ता एवं भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को कुपोषण की रोकथाम हेतु भी जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। श्रीमती राजवाड़े ने कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जिले में संचालित वृद्धाश्रम, प्रशामक गृह, घरौंदा, नशामुक्ति केन्द्र आदि की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने वृद्धाश्रम में निवासरत सभी वृद्धजनों को समय पर समुचित मात्रा में नाश्ता, भोजन आदि अन्य आवश्यक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने इन स्थानों पर निवासरत लोगों की इलाज की भी समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने व्यवस्था के सुधार के संबंध में सख्त चेतावनी देते हुए विभागीय व्यवस्था में शीघ्र सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों का अवलोकन करने हेतु वे पुनः बालोद जिले के प्रवास पर आएंगे। इस दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कमी पाए जाने पर वह बिल्कुल भी क्षम्य नही होगा।बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने भी विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में महतारी वंदन योजना के अलावा पोषण ट्रेकर एप्प में आॅनलाईन एंट्री तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु चल रहे भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।
- बिलासपुर, /छत्तीसगढ़ होमगार्ड विभाग से 1715 महिला नगर सैनिकों एवं 500 नगर सैनिकों के रिक्त पदों पर शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची विभागीय वेबसाईट https://firenoc.cg.gov.in पर उपलब्ध है। चयनित अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा व्यापम के द्वारा आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा में शामिल होने अभ्यर्थी अपना ऑनलाईन आवेदन विभागीय वेबसाईट https://vyapamcg.cgstate.gov.in पर 16 अप्रैल से 30 मई 2025 के शाम 5 बजे तक कर सकते हैं। विभाग द्वारा आबंटित एप्लीकेशन आईडी एवं जन्मतिथि डालकर अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाईट पर लिखित परीक्षा हेतु आवेदन करेंगे। व्यापम द्वारा पंजीयन नंबर पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा। जिन पात्र अभ्यर्थी द्वारा व्यापम के वेबसाईट में जाकर पंजीयन एवं आवेदन सबमिट नहीं किया जायेगा वे अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से वंचित होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी। अभ्यर्थी द्वारा होमगार्ड विभाग के वेबसाईट पर पूर्व में जमा किये गये ऑनलाईन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
- बिलासपुर, /एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिल्हा अंतर्गत तिफरा के वार्ड क्रमांक 08 के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 08 में सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती हेतु आवेदन मंगाए गए थे। प्राप्त आवेदनों के मूल्यांकन पश्चात् अंतिम सूची एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिल्हा एवं आयुक्त नगर पालिका निगम कार्यालय बिलासपुर के सूचना पटल पर चस्पा की गई है। इच्छुक आवेदिका 24 अप्रैल 2025 तक दावा-आपत्ति एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा में कार्यालयीन समय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
- बिलासपुर, /राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2023-24 में जारी विज्ञापन अनुसार रिक्त संविदा पदों का कौशल परीक्षा एवं मेरिट आधार पर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन का अनंतिम व अंतिम चयनित एवं प्रतीक्षा सूची एवं कौशल/लिखित परीक्षा में प्राप्त अंक जारी किया गया है। जारी की गई सूची मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य कार्यालय के सूचना पटल एवं विभागीय वेबसाईट www.bilaspur.gov.in पर देखी जा सकती है।
- -बच्चों के उपस्थिति पंजी का किया अवलोकन, समय पर समुचित मात्रा में नाश्ता, भोजन आदि प्रदान करने के दिए निर्देश-मंत्री के मधुर एवं आत्मीय व्यवहार से बच्चे हुए अभिभूतबालोद । महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम भरदा के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02, बालोद विकासखण्ड के ग्राम करकाभाट एवं जिला मुख्यालय बालोद के वार्ड क्रमांक 20 स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में पहुँचकर आंगनबाड़ी के क्रियान्वयन का अवलोकन किया। उन्होंने वहाँ बच्चों की उपस्थिति, उनकों मिलने वाले भोजन, पेयजल आदि की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आत्मीय बातचीत कर उन्हें आंगनबाड़ी केन्द्र में मिलने वाले भोजन एवं नाश्ते के अलावा उनके मनोरंजन तथा पढ़ाई-लिखाई आदि के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों को दुलारते हुए उन्हें चाॅकलेट भी प्रदान किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े के मधुर एवं आत्मीय व्यवहार से आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चे बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। इस दौरान श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केन्द्र में उपलब्ध भोजन एवं अन्य खाद्य सामग्रियों का निरीक्षण भी किया। श्रीमती राजवाड़े ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को समय पर भोजन, नाश्ता आदि प्रदान करने तथा कुपोषण की रोकथाम हेतु समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के कर्मचारियों से चर्चा कर आंगनबाड़ी केन्द्र के बेहतर क्रियान्वयन हेतु भी आवश्यक निर्देश दिए। इस मौके पर श्रीमती राजवाड़े ने बालोद विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र करकाभाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को आंगनबाड़ी केन्द्र में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल की प्रबंध भी करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला मुख्यालय बालोद के पाररास स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजी का अवलोकन कर बच्चों की कुल उपस्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने वहाँ आंगनबाड़ी केन्द्र के बेहतर संचालन हेतु अधिकारी-कर्मचारियांे को आवश्यक निर्देश भी दिए। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक श्री जनमेजय महोबे सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
- -घरौंदा आश्रय गृह, प्रशामक देख-रेख गृह तथा एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के बेहतर संचालन हेतु दिए आवश्यक निर्देशबालोद ।समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज अपने बालोद प्रवास के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थानों के बेहतर संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला मुख्यालय स्थित घरौंदा आश्रय गृह, प्रशामक देख-रेख गृह तथा एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। श्रीमती राजवाड़े ने घरौदा आश्रय गृह में रसोई कक्ष, शयन कक्ष तथा बच्चों के मनोरंजन के लिए किए गए व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आश्रय गृह के बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। इस दौरान उन्होंने बच्चों को फलों का वितरण भी किया। इसी तरह जिला मुख्यालय स्थित प्रशामक देख-रेख गृह में वृद्धोजनों से भी उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रशामक गृह में वृद्धजनों के रहने के लिए की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया। उन्होंने प्रशामक गृह के शयन कक्ष, रसोई कक्ष तथा वृद्धजनों के समय-समय पर स्वास्थ्य जाँच आदि के संबंध में भी जानकारी ली तथा बीमार वृद्धजनों के इलाज की शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने प्रशामक देख-रेख गृह के संचालनकर्ताओं को प्रशामक गृह के सुचारू संचालन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।इस मौके पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 20 स्थित एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में भर्ती लोगों से बातचीत कर उन्हें नशापान से दूर रहकर रचनात्मक कार्यों में अपनी भागीदारी निभाने को कहा। उन्होंने पुनर्वास केन्द्र में कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी का अलवोकन किया। उन्होंने एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में शयन कक्ष, रसोई कक्ष तथा अन्य केन्द्र के संचालन हेतु की गई व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला चिकित्सालय परिसर स्थित सखी वन स्टाॅप सेंटर का भी औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने वहाँ उपलब्ध सुविधाओं, कार्यरत कर्मचारियांे तथा विभिन्न प्रकरणों की स्थिति के संबंध में सखी वन स्टाॅप सेेंटर के संचालिका से जानकारी ली। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक श्री जनमेजय महोबे, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
- बिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में मदिरा दुकानों के अहाता आवंटन की कार्यवाही संपन्न हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिये बिलासपुर जिले की 66 देशी,विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा दुकानों में से 36 मदिरा दुकानों के संलग्न अहाता/अहातों के समूह हेतु लाईसेंस धारियों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। अहातों की अनुज्ञप्ति हेतु 36 मदिरा दुकानों में से 27 मंदिरा दुकानों हेतु कुल 82 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्राप्त आवेदनों में से उच्चतम बोली लगाने वाले आवेदक का चयन किया गया। चयनित आवेदकों को 02 दिवस के भीतर निर्धारित राशि जमा करनी होगी। शेष 9 मदिरा दुकानों के अहातों हेतु आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुए । उनके व्यवस्थापन हेतु आगामी तिथि आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा नियत की जावेगी। चयन प्रक्रिया की कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी समीर मिश्रा, कल्पना राठौर, छबि लाल पटेल एवं आबकारी उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शुक्ला, रमेश दुबे, ऐश्वर्या मिंज, नेतराम बंजारे, भूपेन्द्र जामडे एवं अन्य स्टॉफ भी उपस्थित थे।
- -आवासहीन एवं कच्चे मकान वाले परिवारों के सर्वेक्षण का विशेष अभियान-पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं हितग्राहियों के घर पहंुचकर किया सर्वे-राज्य में 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा मोर दुआर-साय सरकार महाभियानरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर जिले के ग्राम घाटपदमपुर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए प्रदेशव्यापी मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री इस दौरान उन्होंने घाटपदमपुर के कई हितग्राहियों के घर पहुंचकर स्वयं सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम घाटपदमपुर आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी और नवनिर्मित घरों को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने किया पात्र परिवारों का सर्वेमुख्यमंत्री श्री साय जब हितग्राही श्रीमती शिलोमणि कश्यप एवं श्रीमती करुणा कश्यप के घर पहुंचे तब परिवारजनों ने उनका परंपरागत रूप से आत्मीय स्वागत किया। शिलोमणि कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में कुल पाँच सदस्य हैं पति हरिसिंह, बेटा अभिनव जो 9वीं कक्षा में पढ़ता है, बेटी अनुप्रिया (8वीं कक्षा) और छोटा बेटा अभिषेक जो तीसरी कक्षा में है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहा था, जो अब इस योजना के तहत पूरा होता नजर आ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने गांव की एक अन्य हितग्राही श्रीमती लूदरी कश्यप के घर का भी सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्वयं ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। इस दौरान लूदरी कश्यप ने भावुक होकर कहा कि बरसों से पक्के मकान का सपना देखा था, आज वह साकार होता दिख रहा है। यह मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है। लूदरी कश्यप ने यह भी साझा किया कि बरसात के दिनों में कच्चे घर में सांप का डर और घर की मरम्मत पर होने वाले खर्च से वे परेशान रहती थीं। उन्होंने कहा कि अब इस योजना से उन्हें इन सभी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।श्रीमती लूदरी कश्यप ने बताया कि उनके साथ पति श्री मनबोध कश्यप, बहू श्रीमती करुणा कश्यप, पुत्र श्री ईश्वर कश्यप और पोता रहते हैं। लूदरी कश्यप ने कहा कि उनका पूरा परिवार मजदूरी पर निर्भर है और सीमित आय के चलते पक्के मकान का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उनका एक सुरक्षित और स्थायी पक्का मकान का सपना जल्द ही पूरा होगा। ग्राम पंचायत घाटपदमपुर की कुल जनसंख्या 2,078 है, जिसमें वर्तमान में 583 परिवार निवासरत हैं। इस पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूर्व में स्थायी प्रतीक्षा सूची के आधार पर 11 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई थी, जिनके मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।महतारी वंदन योजना बनी सहारामुख्यमंत्री श्री साय को ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना से उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने दैनिक खर्चों के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए भी कुछ बचत कर पा रहे हैं।हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री श्री शर्माउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है।इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -राज्यपाल की पहल से हुआ ऐतिहासिक चुनावरायपुर, /छत्तीसगढ़ के सामाजिक और मानवीय सेवा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया है। राज्यपाल श्री रमेन डेका की प्रेरणादायी पहल पर पहली बार छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न हुआ है। यह कदम न केवल रेड क्रॉस सोसाइटी को नई दिशा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर कोने में जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।छत्तीसगढ़ के गठन को 24 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन रेड क्रॉस सोसाइटी के लिए यह पहला मौका है जब लोकतांत्रिक तरीके से इसके पदाधिकारियों का चयन हुआ। इस ऐतिहासिक चुनाव ने पूरे राज्य में उत्साह की लहर पैदा कर दी है। रायपुर से लेकर दुर्ग, बिलासपुर से लेकर बस्तर तक, रेड क्रॉस से जुड़े स्वयंसेवकों और समाजसेवियों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।नवनिर्वाचित पदाधिकारियों में अध्यक्ष टोमन साहू (बालोद), उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही (जशपुर) और कोषाध्यक्ष संजय पटेल (बलौदाबाजार) शामिल हैं। इन नेतृत्वकर्ताओं से अपेक्षा है कि वे छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी को समाजसेवा और मानवीय कार्यों में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेड क्रॉस सोसाइटी को एक सशक्त और पारदर्शी संस्था बनाने का संकल्प लिया है। उनकी यह पहल न केवल संस्था को नई पहचान दे रही है, बल्कि इसे जन-जन तक पहुंचाने का भी मार्ग प्रशस्त कर रही है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और समावेशी बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न जिलों से योग्य प्रतिनिधियों का चयन हुआ।राज्यपाल ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। यह चुनाव छत्तीसगढ़ में समाजसेवा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी और स्वयंसेवक मिलकर जरूरतमंदों के लिए एक मजबूत सहारा बनेंगे।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना 4 अप्रैल 2001 को हुई थी। इसका मुख्यालय रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर में स्थित है। विगत दो दशकों में यह संस्था आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है। चाहे बाढ़ हो, सूखा हो, या महामारी, रेड क्रॉस के स्वयंसेवक हमेशा सबसे आगे रहकर लोगों की मदद करते हैं। संस्था का मूल मंत्र है- “सेवा, सहायता, और समर्पण”। इसके तहत रेड क्रॉस निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्रिय है- बाढ़, भूकंप, या अन्य प्राकृतिक आपदाओं में राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता प्रदान करना, स्वास्थ्य सेवाओं के तहत रक्तदान शिविर, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, और टीकाकरण अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, सड़क सुरक्षा, जागरूकता अभियान और प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, कमजोर समुदायों की सहायता, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और आजीविका के लिए सहयोग करना इस संस्था के प्रमुख कार्य हैं।छत्तीसगढ़ में रेड क्रॉस की उपलब्धियांछत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी ने कई मौकों पर अपनी सेवा की मिसाल कायम की है। कोविड-19 महामारी के दौरान स्वयंसेवकों ने ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां, और भोजन वितरण में अहम भूमिका निभाई। बस्तर और सरगुजा जैसे सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों को लाभ पहुंचाया गया। इसके अलावा, रक्तदान शिविरों के जरिए हर साल सैकड़ों लोगों की जान बचाई जाती है। संस्था ने ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएं भी चलाई हैं। जैसे, बस्तर में महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण और सरगुजा में स्कूली बच्चों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम। ये प्रयास न केवल सामाजिक विकास को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
नई चुनौतियां, नई संभावनाएंनवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने कई चुनौतियां और अवसर हैं। छत्तीसगढ़ जैसे विविधतापूर्ण राज्य में हर जिले की अपनी विशेष जरूरतें हैं।रेड क्रॉस को हर गांव और हर जरूरतमंद तक पहुंचाना है। आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। पारदर्शिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग से यह सुनिश्चित करना होगा कि हर मदद सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।स्वयंसेवकों का योगदान-रेड क्रॉस सोसाइटी की ताकत इसके स्वयंसेवक हैं। चाहे रायपुर की गलियां हों या दंतेवाड़ा के जंगल, स्वयंसेवक हर जगह अपनी सेवा से लोगों का दिल जीत रहे हैं। युवाओं में रेड क्रॉस के प्रति बढ़ती रुचि भी एक सकारात्मक संकेत है। संस्था समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करती है, जिसमें प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, और नेतृत्व कौशल सिखाया जाता है। रेड क्रॉस सोसाइटी न केवल आपदा में सहारा है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जो हमें मानवता की सेवा का अवसर देता है। - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के शिवनाथ इंटेकवेल में राॅ-वाटर जलशोधन संयंत्र में दुर्ग गंज पारा के सामने पाइप लाईन में लिकेज हो रहा था। जिसका संधारण का कार्य शुरू कर दिया गया है। जलशोधन संयंत्र में 1000 डाया का पाइप बिछा हुआ है। यह सबसे महत्वपूर्ण पाइप लाईन है, इसी के माध्यम से नगर निगम के 77 एम.एल.डी एवं 66 एम.एल.डी जलशोधन संयंत्र में पानी पहुंचाया जाता है। फिर वहां से शुद्विकरण करके पीने योग्य बनाया जाता है। तत्पश्चात निगम क्षेत्र के सभी बड़ी टंकियों को भरा जाता है, वहीं से सभी क्षेत्रों में पानी का वितरण किया जाता है। जब तक जलशोधन संयंत्र भरेगा नहीं तब तक पानी सप्लाई नहीं हो पाएगा।आज सुबह तड़के ही पाइप लाईन के लिए खुदाई शुरू हो गई है, निगम के जल विभाग का पुरा अमला लगा हुआ है। शीध्र से शीध्र कार्य को पूर्ण कराया जाएगा। सभी नागरिको से विनम्र अपील है कि अपने घरों में पानी को स्टोर करके रख लेवें। निगम द्वारा सभी क्षेत्रों में टेंकर से पानी पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। क्षेत्र बड़ा है आवश्यकता के अनुसार सभी क्षेत्रों में पानी पहुचाने का भरसक प्रयास किया जाएगा। सर्तकता तौर पर सभी लोग अपने घरों में पानी जरूर बचत करें।आज सुबह जब निगम के अधिकारी भ्रमण कर रहे थे, कृष्णा नगर में शांति बाई साहू को बोलते हुए सबने सुना कि मैं अपने बहु से बार-बार कहती हूॅ कि पानी को बर्बाद मत किया कर। हम लोग एक-एक गुंडी पानी के लिए तरसते थे, दूर से पानी लाते थे। लाइन लगाते थे तब जाकर पानी मिलता था। अब सबके घर में पानी आ गया है, कोई किमत नहीं समझता। अब निगम का पानी दो दिन नहीं आएगा तब पता चलेगा कि पानी का कितना मूल्य है। ऐसे मुफ्त का पानी समझकर कहीं भी गिराते है, नाली में बहता छोड़ देते है।
- भिलाईनगर। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी तांदुला जलाशय से नहर के लिए पानी छोड़ा गया है। जो बड़ी नहर से जुड़े हुए छोटे-छोटे नहर के माध्यम से निगम भिलाई क्षेत्र के छोटे बड़े लगभग 22 तालाब भरे जाते है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त येशा लहरे एवं अन्य अधिकारियों के साथ नहर पानी एवं अन्य निर्माण कार्य का निरीक्षण करने गए। नहर पानी की निकासी कैसे हो रही है, तालाबों तक बराबर पानी पहुंच रहा है की नहीं, रास्ते में अगर कहीं पर लिकेज है, तो उसे भी दूर किया जा रहा है। तालाबों के भर जाने से उस क्षेत्र का जल स्तर बढ़ जाता है, बोर में पानी आ जाता है और निस्तारी के लिए सबको पानी मिलने लगता है।हुड़को क्षेत्र से आने वाले नहर पानी से जोन-01 नेहरू नगर क्षेत्र के तालाब भरना शुरू हो गए है, जिसमें प्रमुख रूप से हुड़को तालाब, भेलवा तालाब नेहरू नगर, स्मृति नगर चैंकी तालाब, जुनवानी तालाब, खम्हरिया तालाब, आमा तालाब, शीतला मंदिर तालाब आदि तालाबों तक पानी पहुंच गया है। नगर निगम भिलाई द्वारा पूर्व में ही नहर नाली का सफाई करवाया गया था। जिससे पानी समुचित रूप से पहुंच सके, धीरे-धीरे तालाब भरते जायेगें। खुर्सीपार क्षेत्र से बड़े नहर से पानी आना शुरू हो गया है, उधर के भी तालाब भरे जा रहे है।क्षेत्र के निवासियों से अपील है कि नहर में पानी अधिक प्रवाह से बह रहा है, कोई भी व्यक्ति नहर में नहाने मत जावे और अपने साथ-साथ बच्चों का भी ध्यान रखें। आज खुर्सीपार के बड़े नहर में 7 साल का बच्चा कागज का टूकड़ा फेकने के लिए नीचे जा रहा था। आयुक्त की नजर पड़ी उसे तुरन्त हटाया गया। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सभी को सचेत रहने की आवश्यकता है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, उपअभियंता अर्पित बंजारे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में पदोन्नति हेतु नियमित पद नहीं होने के कारण लम्बे अवधि से निगम के कुछ कर्मचारियो का पदोन्नति विगत 14 वर्षो से लंबित था। जैसे ही पद रिक्त हुआ आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर छानबीन समिति गठित की गई। सिन्यारटी एवं योग्यता को आधार मानते हुए 5 कर्मचारियो को पदोन्नत किया गया। आज पदोन्नत कर्मचारियो को आयुक्त द्वारा पदोन्नति पत्र प्रदान किया गया। राजस्व निरीक्षक अनिल मेश्राम को सहायक राजस्व अधिकारी, चैकीदार शशिभूषण मोहंती को सहायक ग्रेड-3, संतराम देवांगन, दिनेश बेलचंदन एवं कोमल पटेल को चैकीदार पद से पदोन्नत करते हुए सहायक राजस्व निरीक्षक बनाया गया।वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल से सभी कर्मचारियो को शुभकामना देते हुए उनसे अपने पदोन्नत पद के अनुरूप अच्छे से कार्य करने के लिए कहे। यह भी बताए की जो भी नागरिक निगम में काम लेकर आते है, उनसे अच्छे से व्यवहार करना है, सबकी समस्या को सूनना है और अपने से जो हो सके शीध्र निराकरण करें। जो नहीं हो सकता है उससे उच्च अधिकारियो को अवगत करावें, यह पहल सबको करना है। आयुक्त श्री पाण्डेय ने स्थापना अधीक्षक रिता चतुर्वेदी को निर्देश दिए है कि अन्य किसी कर्मचारी का पदोन्नति या अनुकंपा नियुक्ति लंबित है, तो सभी प्रकरणो को शीध्रता से प्रस्तुत किया जावे। जिससे समय अवधि में सबका निवारण किया जा सके।
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-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जगदलपुर पहुंचने पर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। श्री साय दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर जगदलपुर पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी पहुंचे।मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने हेतु वहां के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विचार मंथन करेंगे। बस्तर में कृषि पशुपालन, मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ ही बस्तर में औद्योगिकीकरण और रोजगार के अवसरों के निर्माण और पर्यटन विकास की संभावनाओं के साथ ही युवाओं के रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। अगले दिन मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर संभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री श्री साय का वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया।
- बीजापुर. बीजापुर जिले से सुरक्षाबलों ने सोमवार को सात नक्सलियों को गिरफ्तार कर उनके पास से विस्फोटक बरामद किए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के भैरमगढ़ और मिरतुर थाना क्षेत्रों से सुरक्षाबलों ने सात नक्सलियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि जिले में जारी नक्सल विरोधी अभियान के तहत भैरमगढ़ थाना से स्थानीय पुलिस और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) को कोलनार और डालेर गांव की ओर गश्त के लिए रवाना किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान डालेर गांव के जंगल से छह नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से टिफिन बम, कार्डेक्स वायर, जिलेटिन की छड़ें, विस्फोटक, बैटरी और अन्य सामान बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने मिरतुर थाना क्षेत्र से भी एक नक्सली को गिरफ्तार किया है।अधिकारियों ने बताया कि इस नक्सली से पिट्ठू बैग से टिफिन बम, बैटरी, बिजली का तार, पटाखे आदि बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
- - सतत् उपचार- अभ्यास के साथ दर्द भूल.... मुस्कुराकर लौट रहे लोगरायपुर। उम्र के एक पड़ाव में आने के बाद मनुष्य के शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में अगर छोटे-मोटे हादसे हो जाए, तो फिर समस्या और बढ़ जाती है। मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी या हड्डियों में फ्रैक्चर के बाद अपने शरीर को पहले की भांति करने के लिए लोग डाॅक्टरी सलाह पर फिजियोथैरेपी कराने जाते हैं। ऐसे ही लोगों को महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर में आकर बड़ी राहत मिल रही है। यहां लगातार आकर इलाज कराने व डाॅक्टरों की देखरेख में अभ्यास करते हुए दर्द भूलकर मुस्कुराते हुए अपने घर लौट रहे हैं।जी.. हां..., महाराष्ट्र मंडल सभी नागरिकों, जरूरतमंद लोगों- मरीजों को न्यूनतम फीस पर अत्याधुनिक मशीनों के साथ फिजियोथेरेपी सेंटर की सुविधा व सेवाएं दे रहा है। यहां सिद्धहस्त डा. अंकिता काले और डा. संगीता कश्यप की देखरेख में लोगों की फिजियोथैरेपी की जा रही है। सुबह नौ से शाम चीर बजे तक लोग यहां आ रहे हैं।15 दिनों में मिली राहतः मांडगेमहाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर पहुंचे पीए मांडगे ने कहा कि बारिश में वे घर से निकले। एक हाथ में छाता और एक हाथ में डायरी थी। उनका पैर स्लीप हुआ और वे पीछे की ओर गिर गया। इससे उनके कंधे में चोट आई। इस दुर्घटना के बाद अब उनका हाथ ऊपर नहीं उठ रहा था। डाॅक्टरों को दिखाने के बाद थोड़ी राहत मिली लेकिन हाथ ऊपर तक नहीं उठ रहा था। दो महीने निजी फिजियोथैरेपी सेंटर जाकर फिजियो कराया, पर राहत नहीं मिली। फिर उनके पड़ोसी शिलेदार ने उन्हें महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर जाने की सलाह दी। उनकी सलाह पर वे यहां आए। अब उनका हाथ धीरे- धीरे ऊपर उठाने लगा है। उन्हें यहां आकर काफी राहत मिली।जगदलपुर से ड्राइव करके पहुंचा रायपुरः नवीनमहाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर में इलाज करना वाले प्रसिद्ध आर्किटेक्चर नवीन शर्मा ने कहा कि वे काफी दिनों से बैक पेन से परेशान थे। बहुत की दवायां खाई, डाॅक्टरों को दिखाया। सभी ने फिजियो कराने की सलाह दी। इसके बाद मित्र श्याम सुंदर खंगन की सलाह पर वे महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर पहुंचे। यहां एक सप्ताह फिजियो लेने के बाद व् अब काफी लंबे समय तक बैठ सकते हैं। अभी वे जगदलपुर से कार चलाते हुए रायपुर पहुंचा। मुझे कोई परेशानी नहीं हुई।चलने में थी दिक्कत, अब राहतः शशांकतात्यापारा रायपुर निवासी शशांक कोहले ने कहा कि मुझे चलने में काफी दिक्कत थी। डाॅक्टरों ने इस बीमारी को प्लांटर पेराइटिस बताया। इस परेशानी के चलते वे लंगड़ाकर चलते थे। मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर की डाॅक्टर अंकिता काले ने उनका फिजियो किया। इससे उन्हें काफी राहत मिली। 10 दिनों में बहुत ही मामूली की फीस देकर उन्हें बेहतरीन इलाज मिला।
- -पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसानरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है।क्या बदला और क्यों है यह अहमपहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।व्यवसायियों को कैसे होगा फायदाअब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है।राज्य और जनता को क्या लाभइस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है।छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षकमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों को सरल करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
- -ग्राम नरदहा में सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज रायपुर राज के 79वें महाधिवेशन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम नरदहा में कुर्मी समाज के सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी और प्रदेश की महान विभूतियों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, तथा छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री खोड़स राम कश्यप सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्मी समाज एक परिश्रमी और आत्मनिर्भर समाज है, जो परंपरागत रूप से खेती-किसानी से जुड़ा रहा है और विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वायदों में से अधिकांश वायदे हमारी सरकार द्वारा अल्पकाल में ही पूर्ण किए जा चुके हैं।उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसके लिए आज एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से प्रारंभ होगी, और इसका विस्तार चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण के दूसरे ही दिन गरीबों के लिए 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई। कुर्मी समाज के कृषक हितों को ध्यान में रखते हुए, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान की खरीदी की गई, साथ ही पिछले दो वर्षों का धान बोनस भी किसानों को दिया गया।महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें फोन कर यह जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के लिए 3.5 लाख नए आवास और स्वीकृत किए जा रहे हैं। इससे हम और अधिक जरूरतमंदों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर घर के सपने को साकार कर सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, जो पूर्व में बंद कर दी गई थी, अब पुनः प्रारंभ की जा चुकी है, ताकि हमारे बुजुर्ग अपने इच्छित तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि जीवन में एक बार तीर्थ करने की इच्छा हर बुजुर्ग की होती है, लेकिन आर्थिक कारणों से यह सपना अधूरा रह जाता है, जिसे अब हम साकार कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। वनवासी भाइयों के पैरों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए, चरण पादुका योजना को वर्ष 2025-26 के बजट में पुनः शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
- -गांव के नक्सल मुक्त होने पर 1 करोड़ रुपए के होंगे विकास कार्य-छत्तीसगढ़ की नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति में विशेष प्रावधानरायपुर / नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में अब हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को सरकार और अधिक प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तैयार नई नक्सल आत्मसमर्पण नीति के तहत सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को न केवल घोषित इनाम की दोगुनी राशि मिलेगी, बल्कि नक्सल मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में एक करोड़ के विशेष विकास कार्य भी कराए जाएंगे। नक्सली संगठन की किसी फॉर्मेशन इकाई के यदि 80 प्रतिशत या उससे अधिक सक्रिय सदस्य सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें उनके विरुद्ध घोषित इनामी राशि की दोगुनी राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सक्रिय समस्त नक्सली व मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण करते हैं, और ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया जाता है, तो वहां एक करोड़ रूपए के विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।नई नीति के तहत यदि पति-पत्नी दोनों आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें पृथक इकाई मानते हुए अलग-अलग पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। हालांकि यदि किसी योजना में दोनों को एक इकाई माना जाता है, तो वहीं के अनुसार लाभ मिलेगा। इनामी राशि का निर्धारण दोनों के लिए पृथक रूप से किया जाएगा।आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को राहत व सहायता राशि गृह विभाग के बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि आत्मसमर्पण के 10 दिनों के भीतर पूरी राशि संबंधित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाए। यदि किसी आत्मसमर्पित नक्सली पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, तो उसके नक्सलवाद उन्मूलन में योगदान और 6 माह तक के अच्छे आचरण को देखते हुए मंत्रिपरिषद की उप समिति इन मामलों को समाप्त करने पर विचार कर सकती है।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा रायपुर के गुलमोहर पार्क पीएमवाय कॉलोनी में विगत दिवस हुई आकस्मिक दुर्घटना में मृत बालक दिव्यांश के शोकसंतप्त परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये आर्थिक सहायता देने के निर्देश पर परिवारजनों को तत्काल सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री के आदेश पर रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ सतत संपर्क बनाकर आकस्मिक घटना के तत्काल पश्चात अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे दो अन्य बालकों की स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। दोनों बालकों का स्वास्थ्य निरंतर सुधर रहा है। चिकित्सक गण लगातार दोनों बालकों के स्वास्थ्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
- -बाबा साहेब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक - मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन संघर्ष की अनुपम मिसाल है। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो भारत को लोकतंत्र, समानता और न्याय की मजबूत नींव प्रदान करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा साहब के विचारों को युगप्रेरक बताते हुए कहा कि आज का दिन हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम उनके आदर्शों पर चलें, और एक समावेशी, समतामूलक और न्यायप्रिय समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन में भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए ।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्षाे से भरा हुआ था। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, छूआछूत, असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और स्वयं इसके उदाहरण बने। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अनेक उपाधियाँ प्राप्त कीं और देश के पहले विधि मंत्री के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन किया।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर न्याय व समतामूलक समाज के निर्माण के लिए सदैव प्रयत्नशील रहे। उन्होंने समाज के शोषित, पीड़ित एवं कमजोर तबके के लोगों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज जब हम बाबा साहेब को याद कर रहे हैं, तब यह आवश्यक है कि हम केवल औपचारिकताएं न करें, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारें। समता, बंधुत्व और न्याय के सिद्धांत को हमें समाज के प्रत्येक स्तर पर स्थापित करना होगा। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। -
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों में हेल्प डेस्क स्थापित कर प्राप्त होने वाली पेयजल समस्याओं का पंजीयन रजिस्टर में करते हुए ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्यओं का प्रतिदिन प्राथमिकता के आधार पर निवारण करने के आदेश आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों को दिए हैँ. इस कार्य में कोई भी लापरवाही बरतने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की चेतावनी दी गयी है.
- रायपुर, // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और श्री पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने श्री पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्री रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। वे बहुभाषाविद्, प्रखर विधिवेत्ता, कुशल अर्थशास्त्री, सामाजिक न्याय के पक्षधर, और दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण सामाजिक विषमताओं के उन्मूलन और समानता, स्वतंत्रता तथा बंधुत्व के मूल्यों को प्रतिष्ठित करने हेतु समर्पित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत को वह मजबूत नींव प्रदान की, जिस पर आज हमारा देश विविधताओं में एकता की मिसाल बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से दलितों, वंचितों, श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कई ऐतिहासिक संवैधानिक प्रावधानों को स्थापित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में योगदान न केवल अतुलनीय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नागरिकों से संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक आदर्शों और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करने और उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
- -राज्य भर में आयोजित होंगे विशेष कार्यक्रमरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर राज्य के सभी जिलों, जनपदों एवं ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर 14 अप्रैल को कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पंचायत राज दिवस (24 अप्रैल) में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र की जानकारी दी जाएगी। हर विकासखण्ड से चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सीएससी-वीएलई सेवा प्रदाताओं के मध्य एमओयू (सहमति पत्र) की प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायत एंबेसडर की भूमिका को और प्रभावी बनाने हेतु कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जहाँ एंबेसडर नियुक्त नहीं हैं, वहाँ उपयुक्त प्रतिनिधि का चयन कर उन्हें नियुक्त किया जाएगा। मोर दुआर साय सरकार विशेष पखवाड़ा (15 से 30 अप्रैल) के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की जानकारी लाभार्थियों तक पहुँचाने और योजना की पात्रता संबंधी जानकारी देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। भूजल संरक्षण हेतु जनजागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जाएगा।


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