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- -समाधान पेटी द्वारा प्राप्त आवेदनों के संबंध में अधिकारियों को दिए गुणवत्तापूर्ण समाधान करने के निर्देशरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिले में सुशासन तिहार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने मंदिर हसौद और आरंग क्षेत्र का निरीक्षण किया।सुशासन तिहार के सुचारू रूप से हो रहा है आयोजन का कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने मंदिर हसौद के वार्ड 7 तथा आरंग ब्लॉक के ग्राम पंचायत कार्यालय छतौना तथा नवागांव का निरीक्षण किया। उन्होंने समाधान पेटी द्वारा प्राप्त आवेदनों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली और उनका अवलोकन कर गुणवत्तापूर्ण समाधान करने निर्देशित किया।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने आवेदकों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन तथा एसडीएम आरंग श्री पुष्पेंद शर्मा उपस्थित रहे।
- - ब्राम्हणपारा वार्ड में जलसमस्या को शीघ्र दूर करने के निर्देश-, वार्ड पार्षदों से सुशासन तिहार का आमजनों को अधिकाधिक लाभ दिलवाने किया विनम्र आव्हानरायपुर - प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सभी 10 जोनो के समस्त 70 वार्डो में सुषासन तिहार 2025 के अंतर्गत प्रथम चरण में आज दूसरे दिन रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़, निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, ब्राम्हणपारा वार्ड क्रमांक 43 के पार्षद श्री अजय साहू, शहीद पंकज विक्रम वार्ड क्रमांक 58 की पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, शहीद ब्रिगेडियर उस्मान वार्ड क्रमांक 63 के पार्षद श्री प्रमोद कुमार साहू, नगर निगम के पूर्व पार्षद श्री प्रेम बिरनानी, सामाजिक कार्यकर्ता श्री कृष्ण कुमार अवधिया सहित जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरूण ध्रुव, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री रमेश जायसवाल, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपडा एवं अन्य संबंधित जोन 4 व जोन 6 के निगम अधिकारियों की उपस्थिति में जोन 4 के ब्राम्हणपारा वार्ड में ब्राम्हणपारा सोहागा मंदिर के पास लोधीपारा में सुशासन तिहार के तहत आमजनों से समस्याओं, षिकायतों, मांगो के आवेदन प्राप्त करने लगाये गये षिविर में स्थल निरीक्षण कर व्यवस्था की जानकारी ली । षिविर में जल समस्या व अन्य जनसमस्याओं को लेकर पहुंचे आमजनों एवं महिलाओं से चर्चा कर जनसमस्याओं की जानकारी ली और जोन 4 जोन कमिश्नर और कार्यपालन अभियंता को जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण कार्य करवाकर शीघ्र त्वरित समाधान प्राथमिकता से करना सुनिश्चित करने निर्देशित किया। रायपुर दक्षिण विधायक ने ब्राम्हणपारा वार्ड क्षेत्र में पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान करवाने का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये गए हैँ।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ सहित जोन 6 के शहीद पंकज विक्रम वार्ड क्षेत्र में शिव मंदिर चौक सामुदायिक भवन एवं शहीद ब्रिगेडियर उस्मान वार्ड क्षेत्र में टिकरापारा में लगाये गये समाधान तिहार शिविर की प्रशासनिक व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन वार्ड पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा एवं श्री प्रमोद कुमार साहू की उपस्थिति में किया।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने शिविर में सड़क,नाली, स्ट्रीट लाईट, सामुदायिक भवन उद्यान सौंदर्यी करण, विकास की मांग और जनसमस्याओं और जनशिकायतो को लेकर पहुंचे आमजनों एवं महिलाओं से चर्चा कर जनशिकायतों व जनसमस्याओं की जानकारी ली एवं मांगों और शिकायतों को शीघ्र पूर्ण करने प्राक्कलन बनाकर सक्षम स्वीकृति लेने के निर्देश नगर निगम जोन 6 के जोन कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियंता को दिये। साथ ही समाधान तिहार 2025 के अंतर्गत प्राप्त सभी जनशिकायतों एवं जनसमस्याओं का शत -प्रतिशत समयबद्ध समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने नगर निगम रायपुर क्षेत्र के सभी पार्षदों से अपने -अपने वार्ड के रहवासी आमजनों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जारी समाधान तिहार 2025 से अधिकाधिक संख्या में उन्हें जानकारी देकर समस्याओं की जानकारी लेकर उनका त्वरित समाधान करवाकर लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करने का विनम्र आव्हान किया है।
- बिलासपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका आज बिलासपुर के लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित मध्यदेशीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विमल कुमार गुप्ता ने की। स्थानीय विधायक श्री अमर अग्रवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यपाल श्री डेका ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने बिलासपुर में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने व्यापार के साथ-साथ समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए महासभा की सराहना की। उनके सेवा कार्य को अन्य समाज के लिए अनुकरणीय बताया।मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने कहा कि समाज में नशे की प्रवृति बढ़ना चिंतनीय है। इसे रोकने के लिए शासन-प्रशासन को कड़े कदम उठाने होंगे। अन्यथा युवा पीढ़ी भटक कर गलत रास्त चुन लेगी। उन्होंने कहा कि दहेज, उपहार, आडंबर के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाना होगा। समाज को इन चीजों को रोकने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि समाज के लिए मैने क्या किया, इस पर विचार किया जाना चाहिए न कि इस बात पर कि समाज ने मुझे क्या दिया। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम पर जारी अभियान के अंतर्गत सभी को सहभागिता निभाने की अपील की। हर आदमी को अपने घर और आस-पास पेड़ लगाकर उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। प्रकृति और मानव तथा जीव जन्तुओं के बीच अद्भुत संतुलन है। इस संतुलन को बनाये रखने के लिए हमे अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने टीबी मुक्त अभियान से सभी समाजों को जुड़ने का आह्वान किया। टीबी मरीजों के पोषण आहार के लिए मदद करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हमें बड़े-बड़े कामों पर नहीं बल्कि छोटे-छोटे कामों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप अपने आप को ढालने के लिए अनुकूलन पर जोर दिया।विधायक श्री अमर अग्रवाल ने बिलासपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में आये देश भर के अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बैठक में आज समाज की प्रगति और कमियांें को दूर करने के लिए मंथन हुआ है, इसका आगामी दिनों में समाज सहित देश को जरूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि समाज मजबूत होने पर देश भी मजबूत होगा। मध्यदेशीय वैश्य समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विमल कुमार गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि लगभग सवा सौ साल पुरानी मध्यदेशीय वैश्य महासभा का छत्तीसगढ़ में प्रथम सम्मेलन आयोजित हुआ है। उन्होंने सबके सहयोग और सहभागिता से किये जा रहे सामाजिक सेवा कार्यों से सभा को अवगत कराया और इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया। समाज के प्रतिभाओं का इस अवसर पर सम्मान भी किया गया। मध्यदेशीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सुरेश गुप्ता ने अंत में आभार व्यक्त किया।
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- महादेवघाट, चौक- चौराहों का जीर्णोद्धार, जोरा तालाब, टेक्निकल टाॅवर, गौरव पथ की प्रस्तावित योजना
रायपुर - प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रस्तावित नगरोत्थान योजना के अंतर्गत आज नगर पालिक निगम रायपुर के मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन के चतुर्थ तल पर डाटा सेंटर में महापौर श्रीमती मीनल चौबे के समक्ष 9 वास्तुविदों द्वारा इसके अंतर्गत प्रस्तावित महादेवघाट विकास योजना, चौक - चौराहों का जीर्णोद्धार, जोरा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य, टेक्निकल टाॅवर,गौरव पथ की प्रस्तावित विकास योजनाओं के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया।अधिकारियों ने बताया कि उक्त 9 वास्तुविदो में से जिस वास्तुविद के योजना प्रस्तुतिकरण को स्वीकृति दी जायेगी उनका प्रस्तुतिकरण मार्गदर्शन एवं स्वीकृति हेतु छत्तीसगढ़ शासन को रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा भेजा जायेगा। महापौर श्रीमती मीनल चौबे के समक्ष प्रस्तावित विकास योजनाओं के वास्तुविदों द्वारा किये गये प्रस्तुतिकरण के दौरान निगम डाटा सेंटर में नगर निगम लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, मुख्य अभियंता श्री यू.के. धलेन्द्र, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, उपायुक्त डॉक्टर अंजलि शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा सीनियर, श्री अंशुल शर्मा जुनियर सहित संबंधित निगम अभियंताओं की उपस्थिति रही। -
रायपुर -आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और अपर आयुक्त श्री यू. एस. अग्रवाल, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, जोन 7 जोन कमिश्नर श्री रमाकांत साहू के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे और उप अभियंता सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 7 के नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा बिना अनुमति किये निर्माण एवं स्वीकृति विपरीत निर्माण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है. इस क्रम में आज जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत रामनगर में लगभग 3000 वर्गफीट क्षेत्र में बिना अनुमति किये गए निर्माण में प्लीन्थ को अभियान चलाकर थ्री डी मशीन की सहायता से अभियान चलाकर तोड़ने की कार्यवाही की गयी है.
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार एवं अपर आयुक्त श्री यू.एस. अग्रवाल और उपायुक्त डॉक्टर अंजलि शर्मा के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर के जोन कमिष्नर श्री रमेश जायसवाल ने जोन क्षेत्र के तहत भाठागांव ओव्हर ब्रिज में एवं आस पास शासकीय संपत्ति का विरूपण कर बैनर पोस्टर विज्ञापन लगाये जाने पर संबंधित फर्म श्री राम निवास स्पोकन इंग्लिश प्रोफेसर कालोनी रायपुर के संचालक को जोन 6 नगर निवेश विभाग की ओर से नोटिस जारी कर 10 हजार रू. क्षतिपूर्ति जुर्माना किया है एवं 3 दिन के भीतर क्षतिपूर्ति जुर्माना राशि निगम कोष में जमा करने निर्देशित किया है। अन्यथा की स्थिति में नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा संबंधित फर्म पर नियमानुसार कानूनी कार्यवाही हेतु सम्बंधित पुलिस थाना में नामजद एफआईआर दर्ज करवायी जायेगी।
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-होटलों में मांस - मटन विक्रय करने पर सम्बंधित व्यक्ति पर कार्यवाही होंगी
रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर सम्पूर्ण नगर पालिक निगम रायपुर के परिक्षेत्र में महावीर जयन्ती पर्व दिनांक 10 अप्रैल 2025 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही ने महावीर जयन्ती पर्व दिनांक 10 अप्रैल 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है। महावीर जयन्ती पर्व दिनांक 10 अप्रैल 2025 को किसी भी दुकान में मांस - मटन विक्रय करते पाये जाने पर मांस - मटन जप्त करने की कार्यवाही की जायेगी और सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जायेगी। महावीर जयन्ती पर्व दिनांक 10 अप्रैल 2025 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस- मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने - अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों के मांस - मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे और महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवस पर मांस- मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही की जाएगी। -
रायपुर- नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने सभी नगरवासियों को अहिंसा के प्रतीक जियो और जीने दो का सन्देश देने वाले भगवान महावीर स्वामी की जयन्ती (दिनांक 10 अप्रैल 2025 गुरूवार ) के पावन पर्व अवसर पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए समस्त जैन धर्मवलम्बियों सहित सभी नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, शान्ति प्रदान करने हेतु और रायपुर को स्वच्छ, सुन्दर, हरित, विकसित और सुव्यवस्थित नगर बनाने सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्रदान करने हेतु भगवान महावीर स्वामी के दिव्य श्रीचरणों में विनम्र प्रार्थना की है. महापौर और सभापति ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी की जयन्ती पर्व का पावन अवसर सभी जैन धर्मावलम्बियों सहित समस्त नागरिकों को अपने जीवन में अहिंसा सहित सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर प्रदान करता है.
नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2024 के अंतर्गत सभी नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रायपुर नगर के हित में स्वच्छता एप्प डाउनलोड कर मोबाइल पर स्वच्छता फीडबैक देने की विनम्र अपील की है. -
रायपुर - प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आदेशानुसार और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप के मार्गनिर्देशन में आज लगातार दूसरे दिन नगर पालिक निगम रायपुर के सभी 70 वार्डों में आमजनों से समस्याओं और शिकायतों के आवेदन प्राप्त करने सार्वजनिक स्थलों पर सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक शिविर आयोजन हुआ. यह सिलसिला दिनांक 11 अप्रैल 2025 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक जारी रहेगा. आज दूसरे दिन सभी 10 जोनों के तहत समस्त 70 वार्डो में शिविर स्थल पर आमजनों ने कुल 2844 आवेदन जमा किये, इसमें 2212 आवेदन मांगों और 632 आवेदन शिकायतों से सम्बंधित रहे.पहले दिन जोन 1 में 139, जोन 2 में 570, जोन 3 में 294, जोन 4 में 523, जोन 5 में 129, जोन 6 में 628, जोन 7 में 97, जोन 8 में 101, जोन 9 में 109 और जोन 10 में 254 आवेदन आमजनों ने जमा कराये.
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रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जल कार्य विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जल विभाग और जोन 7 जल विभाग की टीम द्वारा मिलकर जोन 7 के तहत पण्डित ईश्वरी चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 22 के क्षेत्र में ठाकुर देव मन्दिर के पास के बन्द पेयजल पम्प को तत्काल सुधार कार्य करवाकर चालू करवाकर आमजनों की पेयजल समस्या का वार्ड 22 के क्षेत्र में त्वरित समाधान कर दिया है.
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रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 21 अप्रैल से 28 अप्रैल तक समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें डांस, जुंबा, म्यूजिक, गीत-संगीत, ड्राइंग, क्राफ्ट, खेलकूद, योग, मेडिटेशन के साथ फायरलेस कुकिंग का आयोजन किया गया है।
स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि स्कूल में विगत वर्षों की तरह वार्षिक परीक्षा के उपरांत बच्चों के चौमुखी विकास व विभिन्न तरीकों से उनकी रुचि को पल्लवित करने के लिए समर कैंप का आयोजन किया गया है। समर कैंप समय सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक दो घंटे का रहेगा। अभिभावक और बच्चे अपने पसंद की गतिविधियों में रजिस्ट्रेशन कराकर प्रतिदिन कैंप के दो घंटे का समुचित उपयोग कर सकते हैं। समर कैंप से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए संत ज्ञानेश्वर विद्यालय या महाराष्ट्र मंडल में किया जा सकता है - -जल संरक्षण एवं संवर्धन के उपाय सुनिश्चित करने पानी की पाठशाला कार्यक्रम का किया गया आयोजनबालोद। जिले में वर्षा जल संरक्षण एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसल को लगाने किसानों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आज उप संचालक कृषि श्री गोविंद सिंह धुर्वे ने वाटरशेड यात्रा के प्रचार-प्रसार वैन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इसके साथ ही परियोजना क्षेत्र के ग्राम सांगली एवं सनौद में स्कूली बच्चों द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन के उपाय सुनिश्चित करने जागरूकता रैली भी निकाली गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू तथा जनपद पंचायत सदस्य आशीष साहू ने पानी की पाठशाला कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के श्री बलदेव अग्रवाल एवं सुश्री नीतू सोनकर के द्वारा जल एवं मृदा संरक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री सूर्यनारायण ताम्रकार ने वर्षा जल का संरक्षण कर समूचित उपयोग करने एवं ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन तिलहन फसलों को लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी किया। सहायक संचालक कृषि श्री आशीष चंद्राकर ने जल संग्रहण के सिद्धांत के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रम दान, चित्रकला, वृक्षारोपण कार्य किया गया, साथ ही वाटरशेड मार्गदर्शको को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- दुर्ग, /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का जिले में शुभारंभ मंगलवार 08 अप्रैल से किया गया। सुशासन तिहार समस्याओं का समाधान है। प्रथम चरण 08 से 11 अप्रैल तक आम जनता से समस्या संबंधी आवेदन लिए जाएंगे। द्वितीय चरण में आवेदनों का निराकरण एवं तृतीय चरण 05 से 31 मई 2025 समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सुशासन तिहार को लेकर ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के लोगों में काफी उत्साह देखा गया। सुशासन तिहार के प्रथम चरण के दूसरे दिन 09 अप्रैल 2025 को कुल 13854 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 13456 मांगे व 398 आवेदन शिकायत से संबंधित है। सबसे सर्वाधिक जनपद पंचायत पाटन में 7086 आवेदन और जनपद पंचायत दुर्ग में 3793 आवेदन प्राप्त हुए।सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत जिला कार्यालय में 40 जिसमें 14 मांग एवं 26 शिकायत, जिला पंचायत दुर्ग में 02 जिसमें 02 मांग, नगर पालिक निगम दुर्ग में 294 जिसमें 231 मांग एवं 63 शिकायत, नगर पालिक निगम भिलाई में 187 जिसमें 125 मांग एवं 62 शिकायत, नगर पालिक निगम रिसाली में 104 जिसमें 82 मांग एवं 22 शिकायत, नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा में 104 जिसमें 82 मांग एवं शिकायत 22, नगर पालिक परिषद अहिवारा में 23 जिसमें 18 मांग एवं 08 शिकायत, नगर पालिक परिषद कुम्हारी में 71 जिसमें 67 एवं 04 शिकायत, नगर पालिक परिषद जामुल में 42 जिसमें 41 मांग एवं 01 शिकायत, नगर पंचायत धमधा में 74 जिसमें 73 मांग एवं 01 शिकायत, नगर पंचायत पाटन में 42 जिसमें 38 मांग एवं 04 शिकायत, नगर पंचायत उतई में 647 जिसमें 640 मांग एवं 07 शिकायत, नगर पंचायत अमलेश्वर में 43 जिसमें 27 मांग एवं 16 शिकायत के प्राप्त हुए। इसी प्रकार अनुविभागीय कार्यालय दुर्ग में 03 आवेदन प्राप्त हुए जो मांग 01 एवं 02 शिकायत हैं। धमधा में 04 जिसमें मांग 03 एवं 01 शिकायत, पाटन में 02 जिसमें मांग 01 एवं 01 शिकायत हैं। भिलाई 3 में 01 आवेदन प्राप्त हुए जो शिकायत हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 3793 आवेदन जिसमें 3775 मांग एवं 18 शिकायत, धमधा में 1259 जिसमें मांग 1208 एवं 51 शिकायत, पाटन में 7086 आवेदन जिसमें 7014 मांग एवं 72 शिकायत आवेदन प्राप्त हुए है। तहसील कार्यालय दुर्ग में 09 आवेदन जिसमें 04 मांग एवं 05 शिकायत प्राप्त हुए हैं, तहसील कार्यालय धमधा में 02 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 02 आवेदन मांग प्राप्त हुए है। तहसील कार्यालय पाटन में 03 आवेदन प्राप्त हुए जो 02 मांग एवं 01 शिकायत हैं। तहसील कार्यालय भिलाई 03 में 18 आवेदन जिसमें 5 मांग और 13 शिकायत एवं तहसील कार्यालय अहिवारा में 01 आवेदन प्राप्त हुए है जो 01 मांग आवेदन प्राप्त हुए।
- बिलासपुर, / सत्र 2025-26 हेतु बिलासपुर जिले में संचालित 34 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में विद्यालयों में प्रवेश कीप्रकिया प्रारंभ हो गई है जिसमें 21 विद्यालयों में अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम तथा 13 विद्यालयों में हिन्दी माध्यम में प्रवेश हेतु विद्यार्थी आवेदन कर सकते है।प्रवेश हेतु समय सारणी निम्नानुसार निर्धारित की गई है- प्रवेश हेतु आवेदन तिथि 10 अप्रैल से 5 मई 2025 तक, अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आबंटन, 06 मई से 10 मई 2025 तक, प्रवेश की अन्य आवश्यक कार्यवाही 11 मई से 15 मई 2025 तकजिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी ने प्रवेश के संबंध में जानकारी देते हुए बताया की स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाईन एवं ऑफलाईन दोनो माध्यम से आवेदन स्वीकार किये जायेगें किन्तु 1 विद्यार्थी केवल 1 हि विद्यालय में आवेदन कर सकेगा। अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों में कक्षावार रिक्त सीटों की संख्या cg school.in के Sages पोर्टल से अथवा विद्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते है।कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर महतारी दुलार योजना के अंतर्गत सीधे प्रवेश दिया जावेगा, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में बालक तथा बालिकों को 50 50 प्रतिशत सीट आरक्षित रहेगें।बी.पी.एल एवं आर्थिक रूप से कमजोर पालको के बच्चो को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जायेगा, इसके लिए पालको को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र अथवा बी.पी.एल की सर्वे सूची प्रस्तुत करना होगा।रिक्त सीट के विरूद्ध अधिक पात्र आवेदक होने पर बच्चो का चयन लाटरी से किया जावेगा।बिलासपुर जिले में बिलासपुर जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से 4 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों तारबाहर, लाला लाजपतराय, लाल बहादुर शास्त्री एव तिलक नगर में नर्सरी कक्षाए संचालित है जिसमें केजी-1 में प्रप्येक विद्यालयों में 25 सीटों पर बच्चो को प्रवेश दिया जायेगा, शासन के निर्देशानुसार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों कक्षा 1 में प्रवेश हेतु विद्यार्थी की आयु 31 मई 2025 की स्थिति में 5 वर्ष 6 माह से 6 वर्ष 6 माह होनी चाहिए।
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- सुशासन तिहार लोकतंत्र एवं पंचायतीराज के प्रभावी क्रियान्वयन की एक बानगी
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जनसरोकार से जुड़े स्थानीय समस्याएं, शिकायत एवं मांगों के समाधान के लिए जनसामान्य बड़ी संख्या में आवेदन जमा करने उत्साह के साथ आगे आ रहे है। सुशासन तिहार लोकतंत्र एवं पंचायतीराज के प्रभावी क्रियान्वयन की एक बानगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा आम जनता के द्वार तक पहुंचकर समस्या का समाधान करने के लिए संवाद की एक सशक्त कोशिश है। जनमानस के हितों के लिए विश्वसनीय, प्रतिबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह सरकार की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाये गए हैं। इसी कड़ी में आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम खुटेरी, भर्रेगांव एवं मोखला में बड़ी संख्या में जनसामान्य आवेदन लेकर ग्राम पंचायत पहुंचकर समाधान पेटी में अपने आवेदन जमा किए। आम जनता विद्युत, पेयजल, पेंशन, आवास, साफ-सफाई, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए ओवदन लेकर पहुंचे थे। महिलाओं में आवेदन देने के लिए बहुत उत्साह था।
ग्राम खुटेरी की श्रीमती गौरी बाई यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान के लिए आवेदन किया है और आज उन्हें अपनी बातों को रखने के लिए सुनहरा अवसर मिला है। उन्होंने यह उम्मीद जाहिर की सुशासन तिहार में उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता की बात सुनने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल प्रशंसनीय है। ग्राम खुटेरी की श्रीमती लता यादव एवं श्रीमती शांति साहू ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान के लिए आवेदन किया है। वही ग्राम खुटेरी के श्री जगत राम साहू ने पेंशन के लिए आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले दोनों पैर फ्रैक्चर हो गया था, जिसके कारण अच्छे से कार्य करने में असमर्थ है। ग्राम भर्रेगांव के उत्तम कुमार साहू ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। श्रीमती चित्ररेखा साहू एवं श्री महेश चन्द्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान के लिए आवेदन किया। वहीं ग्राम मोखला की श्रीमती नेमीन बाई साहू ने बताया कि गटर-नाली की समस्या के निराकरण के दिए आवेदन दिया।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने तथा जनता से सीधे संवाद करने के उद्देश्य से शहरी से लेकर ग्रामों तक सुशासन तिहार 2025 का आयोजन किया जा रहा है। पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जा रहा है। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 5 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। -
- कलेक्टर ने नगरवासियों से पक्षियों के लिए अपने घरों में सकोरे लगाने की अपील की
राजनांदगांव । ग्रीष्म ऋतु में भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टोरेट के गार्डन में पक्षियों के लिए दाना- पानी हेतु सकोरे लगाए गए। उल्लेखनीय है कि कलेक्टोरेट के खुबसूरत गार्डन में पक्षियों का वास है। यहां की हरीतिमा और वृक्षों से कलेक्टोरेट आने वाले आगंतुकों को भी इस गर्मी के मौसम में शीतल छांव मिलती है। पक्षियों का कलरव और चहल- पहल बनी रहे, इसके लिए कलेक्टोरेट के अधिकारियों-कर्मचारियों ने मिलकर कलेक्टोरेट गार्डन में पक्षियों के लिए सकोरे लगाए हैं। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने नगरवासियों से पक्षियों के लिए अपने घरों में सकोरे लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि बढ़ती हुई गर्मी को ध्यान में रखते हुए पशु-पक्षियों को भी पानी देने की जरूरत है, ताकि उन्हें राहत मिल सके। प्रकृति, जैव विविधता, जल संरक्षण एवं पौधरोपण के लिए हम सभी की सहभागिता होनी चाहिए। - रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर ने अपने जीवन से सत्य, अहिंसा, करुणा और अपरिग्रह जैसे महान मूल्यों का जो संदेश दिया, वह आज के सामाजिक और नैतिक जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।श्री साय ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा को सर्वोच्च धर्म बताया और दया तथा प्रेम को जीवन का आधार बनाया। उन्होंने समरसता, सह-अस्तित्व और शांति का मार्ग दिखाया।उनकी शिक्षाएं न केवल धार्मिक आस्था का आधार हैं, बल्कि वे मानवता को एक नई दिशा देने वाली प्रेरणा हैं।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें और दीन-दुखियों, जरूरतमंदों तथा समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें।
- -उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की पहल पर 300 अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी, जीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स के भुगतान का खुला रास्ता-स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस और पूर्व अधिकारियों-कर्मचारियों ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर जताया आभाररायपुर.। . उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर भिलाई नगर निगम में वर्ष 2018 से लंबित सेवानिवृत्त व दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया है। वर्षों से लंबित जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स का भी भुगतान अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया है। लंबे समय से इन राशियों का इंतजार कर रहे भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजनों ने इस पर खुशी जताते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है। उन्होंने भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ श्री साव के रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया।भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त व दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी के वर्ष 2018 से भुगतान नहीं होने की बात संज्ञान में आते ही उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया था। उन्होंने पिछले दो वर्षों से लंबित अधिकारियों-कर्मचारियों के जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स के भी भुगतान की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री श्री साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए संचित निधि से 10 करोड़ 85 लाख 36 हजार रुपए तथा जीपीएफ/सीपीएफ एवं अवकाश नगदीकरण के भुगतान के लिए लीज फ्री-होल्ड की राशि से चार करोड़ 36 लाख 38 हजार रुपए के भुगतान की अनुमति भिलाई नगर निगम को दी है। विगत 3 अप्रैल को राज्य शासन द्वारा अनुमति प्रदान किए जाने के दो दिनों के भीतर ही 300 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के खातों में 15 करोड़ रुपए अंतरित कर दी गई है।ग्रेच्युटी एवं अन्य राशि मिलने से खुश सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजन, भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया। ये सभी लंबे समय से इन राशियों के भुगतान की बाट जोह रहे थे। किसी के यहां बेटी की शादी थी, तो किसी को इलाज या मकान बनाने के लिए राशि की जरूरत थी।उप मुख्यमंत्री श्री साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि आपकी संवेदनशील पहल और नेतृत्व से ही आज सैकड़ों परिवारों के बीच बहुत ही सुखद क्षण आया है। अनेक मायूस परिवारों में मुस्कुराहट लौटी है। हम सभी परिवारों की ओर से आपको धन्यवाद देते हैं और आभार प्रकट कर रहे हैं। श्री साव से मुलाकात के दौरान स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के सर्वश्री संजय शर्मा, शरद दुबे, विष्णु चन्द्राकर, शशिभूषण मोहंती, कृष्णा देशमुख, सुरेन्द्र सोनबेर, वामन राव, विनय मेश्राम, संतोष पाण्डेय, रामायण सिंह, थानूराम साहू, टहल राम साहू, सुश्री रीता चतुर्वेदी और सुश्री शालिनी गुरव मौजूद थीं।
- -सामाजिक न्याय हर व्यक्ति तक पहुँचा- श्रीमती राजवाड़ेरायपुर, / समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने देहरादून में आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 2025‘ में छत्तीसगढ़ सरकार के सामाजिक सशक्तिकरण मॉडल को प्रस्तुत किया। इस शिविर में उन्होंने समाज के हर वर्ग एवं वंचित वर्गों के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ में किए जा रहे नवाचारों और कल्याकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होेंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, उभयलिंगी समुदाय, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं तथा बौने व्यक्तियों के समग्र पुनर्वास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य में फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर के जरिए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 1 लाख रुपये की सहायता, दिव्यांग छात्रवृत्ति और मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदाय किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी जिक्र किया, जिसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुनः शुरू किया गया है । इस योजना के तहत हाल ही में 800 वरिष्ठ नागरिकगणों को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम की तीर्थ यात्रा पर भेजा गया है।नशामुक्ति और उभयलिंगी समुदाय के लिए प्रयासमंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य में 33 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं और राष्ट्रीय नशामुक्ति योजना (एन.ए.पी.डी.डी.आर.) के तहत 4,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, गरिमा गृह में 25 उभयलिंगी हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा, विकसित भारत का मंत्र , भारत हो नशे से स्वतंत्र , को साकार करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।श्रीमती राजवाड़े ने केंद्र सरकार से कई अहम मांगें रखीं, जिनमें दिव्यांगजन पेंशन योजना से बी.पी.एल. बाध्यता हटाना, 5 संभागीय मुख्यालयों में भिक्षुक पुनर्वास केंद्र की स्थापना, रायपुर में 100 बिस्तरों वाला नशामुक्ति केंद्र, हर जिले में दिव्यांगजन पार्क व पुनर्वास केंद्र, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एन.ए.पी.डी.डी.आर. एवं अटल वयो अभ्युदय योजना का विस्तार शामिल हैं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, डबल इंजन सरकार के तहत हम वंचित वर्गों की प्रगति, उत्थान और कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं। आने वाले समय में भी हम इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस चिंतन शिविर का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया। इसका उद्देश्य समावेशी नीति निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और उपेक्षित समुदायों के लिए सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर राज्य मंत्री रामदास अठावले, बीएल वर्मा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित 23 राज्यों के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री उपस्थित रहे। यह चिंतन शिविर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- -सेमीकंडक्टर, ईव्ही उद्योग को मिलेगा बढ़ावा-युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे-मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापनारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर के अंतर्गत एक अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना की जा रही है। यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम कर रहे उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होगा। यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर तकनीकी नवाचार, औद्योगिक सहयोग और रोजगार सृजन का केंद्र बनेगा। यह प्रोजेक्ट, छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के संकल्प को पूरा करने में मददगार होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा ईएमसी 2.0 योजना के तहत 75 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इसकी कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी 33.43 करोड़ रुपये की होगी।नवा रायपुर में 3.23 एकड़ भूमि में विकसित यह सेंटर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग, ईएमसी टेस्टिंग, पर्यावरण और विश्वसनीयता परीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है। इससे सेमीकंडक्टर, एलईडी लाइटिंग, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपकरण, ऑटोमेशन सॉल्यूशन और एससीएडीए पैनल जैसे उत्पादों के निर्माण में लगे उद्योगों को तकनीकी सहयोग मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को तकनीकी अवसरों से जोड़ना और राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है। यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर निवेशकों के लिए एक नया अवसर है और यह छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करेगा।यह सेंटर उन छोटे उद्यमों के लिए भी बेहद उपयोगी है जो अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांचना चाहते हैं या नए डिजाइनों पर काम कर रहे हैं। स्टार्टअप्स अपने उत्पादों का परीक्षण कर सकेंगे, नवीन प्रोटोटाइप तैयार कर सकेंगे और तेजी से उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उद्योगों को आवश्यक तकनीकी सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार की औद्योगिक नीति में मिलने वाले प्रोत्साहनों से राज्य में नए निवेश बढ़ेंगे। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ेगी और नवा रायपुर को तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी।
- -डी.बी.टी. के जरिये 44 हजार 940 श्रमिको को 15.37 करोड़ रूपये की राशि अंतरितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित बीओसी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से 44 हजार 940 श्रमिको को 15.37 करोड़ रूपये डी.बी.टी. के जरिये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की।मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण करने पर डॉ. रामप्रताप सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल श्रमिक हित में बेहतर कार्य करेगा। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम में श्रमिकों को राशि अंतरण के मौके पर कहा कि, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव की सरकार में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों का लगातार योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनो के बेहतरी के लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिये लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित किये जा रहे है।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल रमेश बैस (पूर्व राज्यपाल), विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्रीमती रायमुनि भगत, पुरन्दर मिश्रा अनुज शर्मा श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, सचिव सह श्रमायुक्त, श्रीमती अलरमेलमंगई डी., छ.ग.भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव, श्री गिरीश कुमार रामटेके, अपर श्रमायुक्त श्री एस.एल.जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा सहित निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण के साथ-साथ श्रमिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के अंतर्गत डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की गई राशि में निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 30,585 श्रमिकों को 04 करोड़ 05 लाख 25 हजार रूपये, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1055 श्रमिकों को 02 करोड़ 11 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 3480 श्रमिकों को 52 लाख 19 हजार 500, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 32 श्रमिको को 32 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 102 श्रमिको के उत्तराधिकारी को 01 करोड़ 10 लाख, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 70 हितग्राहियों 12 लाख 60 हजार 595, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 2461 श्रमिकों के पुत्रियों को 4 करोड़ 92 लाख, 20 हजार, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 4237 हितग्राहियों को 87 लाख 25 हजार, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 1048 श्रमिको को 36 लाख 19 हजार 780, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 177 हितग्राहियों को 35 लाख 40 हजार, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 1687 श्रमिकों को 62 लाख 48 हजार 782, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 05 हितग्राहियो को 39 हजार 500 रूपये एवं निर्माण श्रमिको के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के 01 हितग्राही को 50 हजार रूपये शामिल है।
- -बच्चों के बायोमैट्रिक अपडेट के लिए मिला गौरव-चिप्स की उल्लेखनीय भूमिकारायपुर, / आधार सेवाओं के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के बायोमैट्रिक आधार अपडेट की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित आधार संवाद कार्यक्रम में दिया गया।कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (फायनेंस) श्री तेनतु सत्यनारायण द्वारा यह सम्मान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया गया। राज्य की ओर से छत्तीसगढ़ सदन के श्री मनीष जोशी ने यह सम्मान ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि चिप्स, राज्य में नामांकन एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए आधार से संबंधित सेवाएं प्रदान कर रही है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ एवं जन सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक ने बताया कि राज्य में 5 से 7 एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप चिप्स द्वारा विगत एक वर्ष में राज्य के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 944 विशेष आधार शिविरों का आयोजन किया गया है, जिनमें 38,762 नागरिकों का आधार पंजीयन एवं अद्यतन किया गया।
- -गांव-गांव, शहर-शहर में लोग समाधान पेटियों में जमा कर रहे आवेदन-8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदनरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ 08 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में आज दूसरे दिन भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।नारायपुर जिले के देवगांव, गौरदंड, फरसगांव, कापसी, सुलेंगा, धौड़ाई, कुढ़ार गांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतमरा, कटेली और भोथली में, अंबिकापुर जिले में विकाखण्ड बतौली और सीतापुर के खड़गवां, भटको, कुनकुरी देवगढ़ और सोनतराई ग्राम पंचायत में लोगों ने उत्साहपूर्वक अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन दिया। कमिश्नर और कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी सुशासन तिहार की व्यवस्था का जायजा लेने के साथ लोगों को उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए बिना किसी हिचक के आवेदन पत्र देने की भी समझाइश दे रहे हैं।सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है। जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। कई जिलों में आवेदन पत्र तैयार करने में सहायता के लिए दिव्यांग संगवारी और संगवारी दीदी भी तैनात किए गए है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी, अब वह तेजी से विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। यह राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़-संकल्प के चलते संभव हो पाया है राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई रेखाएं खींच रही हैं। कभी पिछड़ेपन और भय का पर्याय माने जाने बस्तर क्षेत्र में आज विकास की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों में सकारात्मक और परिणाममूलक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है।राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं तथा एक जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग का हिस्सा है। इन जिलों में पिछले 15 महीनों में नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के पैर उखाड़ने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की बदौलत अब आमजनता तेजी से विकास मुख्यधारा से जुड़ रही है। शासन-प्रशासन की सक्रियता, जनसंपर्क और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब इन क्षेत्रों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। इन जिलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बड़ी तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित पहुंचाने का प्रयास भी लगातार जारी है।मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से न केवल इन क्षेत्रों में सरकारी उपस्थिति मजबूत हुई है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी आमजन का सशक्तिकरण हुआ है। मनरेगा के तहत 29,000 नए जॉब कार्ड जारी हुए हैं, जिनमें 5,000 कार्ड ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ योजना में शामिल गांवों में बने हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना में सातों जिलों में लगभग एक लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जो लक्ष्य का 107 प्रतिशत है। 15 महीनों में नियद नेल्ला नार के गांवों में 1100 आवास स्वीकृत हुए, जिसमें 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों की संख्या 19.24 लाख से बढ़कर 21.05 लाख हो गई है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वितों की संख्या में 20.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 3.61 लाख से अधिक हो चुकी है।छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन गांवों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के 124 गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, शेष 31 पर कार्य प्रगति पर है। 145 गांवों में मार्च 2024 तक 122 स्कूल क्रियाशील थे, जो अब बढ़कर 144 हो गए हैं। विद्यार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 193 से बढ़कर 202 हो गई है, और पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 308 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 999 कार्य प्रगति पर हैं।वित्तीय वर्ष 2024-25 में 220 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई थी, जिसमें से 200 करोड़ रुपये प्राप्त कर लिए गए और शत्-प्रतिशत् राशि का व्यय करते हुए आधारभूत संरचना, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि संबंधी कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस समूचे बदलाव का केन्द्र बिन्दु प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और जनकेंद्रित दृष्टिकोण है। छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई जीतते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का यह रूपांतरण, प्रदेश की संकल्प शक्ति और जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण है।
- -एमिटी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल-660 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर उपधि वितरित-17 को पीएच.डी की उपाधि से सम्मानित कियारायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका आज एमिटी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आज की दुनिया की प्रगति में ज्ञान और कौशल की प्रमुख भूमिका है। उच्च शिक्षा संस्थानों को विचारकों, नेताओं और नवप्रवर्तकों की अगली पीढ़ी को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न पुरूस्कार एवं 18 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 15 को रजत पदक और 6 को कांस्य पदक प्रदान किए गए। समारोह में वर्ष 2024 बैच के 660 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर की उपाधियां वितरित की गई। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक डॉ. वी.के. दास और उद्योगपति श्री एस.एन. स्वामी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि सहित 16 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की गई।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह दिन सभी स्नातक विद्यार्थियों के लिए वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता का प्रतीक है। यह न केवल आपके लिए बल्कि आपके परिवारों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के लिए भी गर्व का क्षण है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से ज्ञान, परंपरा और उत्कृष्टता की भूमि रही है। वे स्वयं यह जानकर चकित हैं कि छत्तीसगढ़ का इतिहास रामायण काल से भी पुराना है। इस राज्य ने विज्ञान, साहित्य, संगीत, लोक कला, सिनेमा, खेल और राजनीति में बहुत योगदान दिया है। इसकी एक मजबूत शैक्षणिक, संस्कृति, शिक्षा और अनुसंधान के प्रति गहरी प्रतिबद्धता है।श्री डेका ने कहा कि भारत विकास और परिवर्तन के एक नए युग की दहलीज पर खड़ा है। प्रौद्योगिकी, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल बुनियादी ढांचे में प्रगति के साथ, हमारा देश एक वैश्विक नेता बनने के लिए तैयार है और 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने के लिए अग्रसर है। श्री डेका ने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे नवाचार के बारे में सोचें और उसे अपनाए। भविष्य उन लोगों का है जो हिम्मत करते हैं। सपने देखें और उन सपनों को हासिल करने के लिए अथक परिश्रम करें। भारत को उद्यमियों, शोधकर्ताओं और दूरदर्शी लोगों की जरूरत है, जो नए विचारों और समाधानों के साथ देश को आगे बढ़ा सकें। श्री डेका ने कहा कि भारत हमेशा से बौद्धिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों का देश रहा है। नालंदा और तक्षशिला के प्राचीन विश्वविद्यालयों से लेकर आधुनिक शोध संस्थानों तक, हमारा देश हमेशा ज्ञान सृजन में सबसे आगे रहा है। हमारे महान भारतीय विद्वानों ने गणित, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।जीवन एक यात्रा है। आप अपने जीवन में आगे बढ़ते रहें और अच्छा करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि आप सभी आजीवन सीखने, नैतिक नेतृत्व और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हो। शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं है; यह राष्ट्र और दुनिया के प्रति एक जिम्मेदारी है।श्री डेका ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनाना चाहिए बल्कि यह जीवन की उन्नति का मार्ग है। वे स्वयं शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रयास करते रहेंगें।इस अवसर पर श्री डेका ने ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पर पौधा लगाया।समारोह में विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के .चौहान, अध्यक्ष डॉ. असीम के. चैहान, कुलाधिपति डब्लू सेल्वमूर्ति, कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डे, रजिस्ट्रार, फैकल्टी मेंम्बर्स, डीन, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।






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