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- - 23 मार्च शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के पराक्रम का किया गया स्मरण- तीनों ही बलिदानियों का उद्देश्य इस घटना के माध्यम से आजादी के आंदोलन के लिए जागरूक कर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा करना था: कालेरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में रविवार शाम को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के स्मरण में शहीद दिवस मनाया गया। तीनों वीर बलिदानियों की तस्वीर पर विशेष अतिथि आनंद मोडक, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते समेत कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों ने गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया।संक्षिप्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि भगत सिंह, श्रीराम हरि राजगुरु और सुखदेव थापर ने आजादी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को अपनी शहादत से जो गति प्रदान की, वह देश की आजादी के बाद ही थमी। तीनों बलिदानियों ने पब्लिक सेफ्टी और ट्रेड डिस्ट्रीब्यूट बिल्स के विरोध में सेंट्रल असेंबली में आठ अप्रैल 1929 को बम फेंका था। बम फेंकने के बाद इन युवाओं के पास भागने का समय था, लेकिन उन्होंने न केवल सहर्ष गिरफ्तारी दी, बल्कि भारत देश की आजादी के नारों के साथ 23 मार्च 1931 को फांसी पर झूल गए। तीनों ही बलिदानियों का एकमात्र उद्देश्य यह था कि इस घटना के माध्यम से पूरा देश आजादी के आंदोलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ जागरूक होकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा हो जाए।दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पराधीन भारत में भगत सिंह एक बात हमेशा कहा करते थे कि जिंदगी अपने कंधों पर जी जाती है। दूसरों के कंधों पर तो जनाजे जाते हैं। वे मानते थे कि देश को आजाद करना है, तो हमें अपने संघर्षों से ही करना होगा। किसी दूसरे से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती।सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि जो लोग अपने अधिकार की बात करते हैं, हर सुविधा पर अपना हक जताते हैं, उन्हें इन पराक्रमियों का जीवन चरित्र पढ़ना चाहिए। सोचिये, अगर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अपने अधिकारों की बात की होती, अपनी सुविधाओं के लिए लड़ाई की होती और इस देश ने मुझे क्या दिया जैसे विचार के साथ घूम- घूमकर अपनी भड़ास निकाली होती, तो आज हम कहां होते? हमारा देश कहां होता? जिस दिन हम यह सोचने लगे कि मैंने अपने देश के लिए क्या किया। उस दिन से भारत खुशहाल व तीव्र गति से प्रगति करने वाले राष्ट्र बनने की दिशा में सरपट दौड़ने लगेगा।इस मौके पर उपाध्यक्ष गीता दलाल, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, आध्यात्मिक और योग समिति की समन्वयक आस्था काले, शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक, अंजलि काले, संध्या खंगन, अक्षता पंडित, अरविंद जोशी, अनिता जोशी, कल्पना किरवईवाले समेत अनेक पदाधिकारी व आजीवन सभासद इस मौके पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
- -ज्ञानपीठ सम्मान की घोषणा पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों की तरफ से श्री शुक्ल को दी बधाई-श्री विनोद कुमार शुक्ल ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान- मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री से श्री शुक्ल ने अपने बचपन के नांदगांव की स्मृतियां की साझारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल के रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ल को ज्ञानपीठ सम्मान की घोषणा पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों की तरफ से श्री शुक्ल का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल-श्रीफल तथा बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि साहित्य के क्षेत्र में आपके विशिष्ट योगदान पर आपको देश का सबसे प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ सम्मान दिए जाने की घोषणा से पूरा प्रदेश गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। यह मेरा सौभाग्य है कि आज खुशी के इस पल में आपसे भेंट करने का मुझे अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल का कुशल क्षेम पूछते हुए उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप राजनांदगांव के रहने वाले हैं। राजनांदगांव छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी है। वहां गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ॰ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और बलदेव प्रसाद मिश्र जैसे साहित्यकारों ने अपनी साहित्य साधना की है।मुख्यमंत्री द्वारा राजनांदगांव का जिक्र किये जाने पर श्री शुक्ल ने अपने बचपन के नांदगांव की स्मृतियां उनके साथ साझा की। श्री शुक्ल ने कहा कि मेरा जन्म राजनांदगांव में हुआ। बचपन का वह नांदगांव आज भी मेरे मन पर छाया हुआ है। मैं आज भी वहां जाता हूँ तो उसी नांदगांव को ढूंढने की कोशिश करता हूं। मगर अब समय के साथ काफी बदलाव आ गया है। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजनों से भी मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर तथा श्री विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में होंगी शामिलरायपुर, / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 24 मार्च को छत्तीसगढ़ के एकदिवसीय दौरे में राजधानी रायपुर पहुंचेंगी और छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 24 मार्च को प्रातः 10.35 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर पहुंचेंगी और सीधे छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रातः 11.15 बजे से छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष श्री चरणदास महंत सहित विधानसभा के सदस्यगण उपस्थित रहेंगे।
- -छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नया रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि काम करने का जितना अवसर मिलेगा, उतनी ही आपकी प्रतिभा और क्षमता निखरेगी। यह आगे बढ़ने का पहला सूत्र है। उन्होंने कहा कि आप लोग जिन प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं, उन पदों पर काम करने का मौका कम लोगों को मिलता है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सम्मेलन में अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूरी ऊर्जा, शिद्दत और उत्साह के साथ पूर्ण करें। आनंद के साथ काम करने से आपको काम आसान भी लगेगा। उन्होंने सुव्यवस्थित और सुनियोजित दिनचर्या अपनाकर व्यावसायिक व व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाने के साथ ही काम के दौरान उत्साह और प्रसन्नता बनाए रखने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सम्मेलन में अधिकारियों से कहा कि आप लोगों को छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों की सेवा का मौका मिला है। अपनी जिम्मेदारियों का पूरी क्षमता से निर्वहन कर राज्य के विकास में और यहां के लोगों के कल्याण में आप लोग महती योगदान दे सकते हैं। उन्होंने लोगों से अच्छा व्यवहार और अच्छी बातचीत रखने को कहा। इससे अच्छा काम करने में मदद मिलती है। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में लल्लन टॉप के संस्थापक मशहूर पत्रकार श्री सौरभ द्विवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष श्री आशुतोष पांडेय और सचिव श्री संदीप अग्रवाल सहित संघ के अनेक पदाधिकारी और सदस्य सपरिवार मौजूद थे।
- रायपुर/ शहीद दिवस पर शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को बलिदान दिवस पर राजधानी शहर रायपुर की नव निर्वाचित महापौर श्रीमती मीनल चौबे और रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित नगर के विशिष्टजनों, गणमान्यजनों, आमजनों ने राजधानी शहर के शंकर नगर चौक एसआरपी चौक में स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में जोन क्रमांक 3 के सहयोग से रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर शहीद भगत सिंह, राज गुरू, सुखदेव को उनके बलिदान दिवस पर सादर नमन करते हुए आदरां जलि अर्पित की।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षाभैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।ग्रामीणों की जुबानी – "अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है!"गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।"ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – "हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी"मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तारतिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है। यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के नेहरू नेहरू नगर भेलवा तालाब में बलिदान दिवस मनाया गया। अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव जी के शहादत को याद किया गया। किस प्रकार से अपनी कम उम्र में आजादी के दीवाने इंकलाब जिंदाबाद का नारा बुलंद करते हुए, फांसी के तख्ते पर झूल गए। आज के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत है। निगम भिलाई के जनसंपर्क अधिकारी ने अजय शुक्ला ने बताया कि 24 मार्च 1931 को फांसी होने वाली थी। अंग्रेजी हुकूमत डर के मारे 23 मार्च 2:00 बजे रात को उन्हें फांसी दी गई। जबकि जेल मैन्युअल यह कहता है कि किसी को रात में फांसी नहीं दी जा सकती है। पूरी भीड़ लाहौर जेल के सामने फांसी रुकवाने की मांग कर रही थी। अंग्रेजी हुकूमत डर के मारे 23 मार्च के रात में ही फांसी देकर, कचरे के गाड़ी में अमर शहीदों कि मृतक शरीर को छुपा कर ले जाकर के रावी नदी के तट पर अंतिम संस्कार कर दिए। जब भीड़ को धुआ उठने दिखा पूरी भीड़ उसे तरफ दौड़ी, अंग्रेज अधिकारी अधजले लाश को नदी में प्रवाहित करके भाग गए। आज जिनके बदौलत हम सब आजाद भारत के खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन अमर सपूतों का अंतिम संस्कार भी ठीक से नहीं हो पाया था। भारत विकास परिषद के सचिव जितेंद्र सिंह युवाओं को संबोधित करते हुए कहा हम सब का कर्तव्य बनता है। महापुरुषों पुरुषों को याद करें, उनके द्वारा किए गए आजादी के आंदोलन में उनके बलिदान को लोगों तक पहुंचाएं। यह हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी हमें अपने इतिहास अपने वीर सपूतों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया अमर शहीदों को याद करते हुए मन रोमांचित हो जाता है। अपने कठिन परिस्थिति में भी आजादी का जज्बा जगाए रखें, वह भी घूम सकते थे, आराम कर सकते थे, मस्ती कर सकते थे लेकिन नहीं, उनके अंदर राष्ट्रभक्ति था। हमको उसी को अपने दिलों में सजो के रखना है। परिचर्चा के दौरान डोमार सिंह राजपूत, तेजस त्रिपाठी, पंकज कुमार इलाहाबादी, श्री पुरंग, दयानंद चिट्टा, रानी बोई ,खुशी ग्वालियर, ऋतिक श्रीवास्तव, अनुराग, उद्योगपति सुभाष गुलाटी, डॉक्टर नवीन कौरा, सुबोध अग्रवाल, तुलसी भमवानी, हरदयाल सिंह, श्री चतुर्वेदी, डॉ ललित पोपट, प्रदीप डालमिया, संजय भाटिया आदि लोग परिचर्चा में शामिल रहे।
- शहीद हेमू कालाणी का जयन्ती, शहीद भगत सिंह का बलिदान दिवसरायपुर/राजधानी शहर रायपुर के कचहरी चौक तिराहा में शहीद हेमू कालाणी की जयन्ती पर उनकी मूर्ति और शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस पर शंकर नगर एसआरपी चौक में उनकी प्रतिमा के समक्ष नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, एमआईसी सदस्य श्री अवतार भारती बागल, श्री महेन्द्र खोडियार, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, आचार्य रमेन्द्रनाथ मिश्रा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुरली मनोहर खंडेलवाल,पदाधिकारी सामाजिक कार्यकर्त्ता सर्वश्री महेन्द्र दुबे, चंद्रकांत पाण्डेय, डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी, डॉक्टर किशोर अग्रवाल, अजय जैन, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि श्री राम प्रजापति सहित स्थानीय सिंधी समाज और सिख समाज के पदाधिकारियों,कार्यकारिणी सदस्यों, नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों, आमजनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर शहीद हेमू कालाणी को जयन्ती और शहीद भगत सिंह को बलिदान दिवस पर सादर नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित कर कृतज्ञता व्यक्त की।
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रायपुर। हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल ने शनिवार को उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार दिए जाने की घोषण पर खुशी जताई और कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि यह पुरस्कार मिलेगा। भारतीय ज्ञानपीठ ने शुक्ल को वर्ष 2024 के लिए 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पूछे जाने पर कि ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने की घोषणा को वह किस रूप में लेते हैं तो शुक्ल ने कहा, ''यह भारत का, साहित्य का एक बहुत बड़ा पुरस्कार है। इतना बड़ा पुरस्कार मिलना यह मेरे लिए खुशी की बात है।'' शुक्ल ने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि यह पुरस्कार मिलेगा।
विनोद कुमार शुक्ल ने कहा, ''मुझे कभी नहीं लगा कि मुझे यह पुरस्कार मिलेगा। पुरस्कार की तरफ मेरा ध्यान जाता ही नहीं। दूसरे मेरा ध्यान दिलाते हैं। दूसरे मुझसे कहते हैं, परिचर्चा में, बातचीत में, कि अब आपको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलना चाहिए, मैं उनको संकोच में जवाब दे नहीं पाता।'' शुक्ल (88 वर्ष) पिछले कुछ समय से आयु संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं लेकिन वह लगातार लिख रहे हैं। शुक्ल कहते हैं, ''कुछ ना कुछ लिखने का प्रयास मैं करता हूं और लिख लेता हूं। जब लिखा हुआ छप जाता है तो मैं मुक्त हो जाता हूं, और मुझे ज्यादा लिखने का जैसे कर्ज सा चढ़ जाता है और फिर मैं फिर लिखने के काम में लग जाता हूं। जब तक रचना शक्ति नहीं है तब तक मुझे एक आलस सा आता है, अभी तो छापने के लिए भेज दिया है छप जाए तो तो फिर लिखूं। लिखने को बहुत है इसका अंत नहीं।'' वह कहते हैं, ''मैं सोचता तो दिनभर हूं, रात भर सोचता रहता हूं। अब लेटे रहने की जिंदगी ज्यादा है। ज्यादा कोई ख्याल आता है, लिखने के लिए अभिव्यक्ति के लिए, एक कोई बात सी लगती है तब अपने पास में रखे हुए डायरी पर उसे नोट कर लेता हूं और दूसरे दिन या तीसरे दिन उसे पूरा करने की कोशिश करता हूं। ज्यादा समय साहित्य के छात्रों के बीच में बीतता है। उनके प्रश्न के उत्तर आदि लिखने के बारे में, वह भी मुझे ताकत देता है।'' 'नौकर की कमीज', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' जैसे प्रसिद्ध उपन्यास के लेखक शुक्ल इन दिनों बच्चों के लिए लिख रहे हैं। वह कहते हैं कि बच्चों के लिए रचनाएं लिखना उन्हें अच्छा लगता है। शुक्ल कहते हैं, ''बहुत बड़ा लिखने की अब मेरी हिम्मत नहीं होती है। मुझे लगता है कि जो भी काम करूं इस उम्र में पूरा कर लूं। बच्चों के लिए छोटा-छोटा लिखता हूं और मुझे आसान सा आधार मिल गया है कि मैं इस तरह के छोटे-छोटे काम करता रहूं। बच्चों के लिए लिखना मुझे बड़ा अच्छा लगता है।'' पेन—नोबोकोव अवार्ड जैसे पुरस्कारों से सम्मानित शुक्ल नए और युवा साहित्यकारों को कहते हैं कि वह लिखते रहें और खुद पर विश्वास रखें। उन्होंने कहा, ''जो लिख रहे हैं वह बहुत अच्छा काम है। लिखने का काम छोटा नहीं है। लिखे तो लिखते रहें। अपने ऊपर विश्वास रखें और दूसरे आपके लेखन के बाद टिप्पणियां देते हैं तो उसपर भी ध्यान दें। उनकी टिप्पणियों पर भी ध्यान दें और जरूर इस बात का अनुभव करें कि जो आप लिख रहे हैं उसकी सार्थकता कितनी है।''
शुक्ल का बचपन गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे साहित्यकारों के शहर राजनांदगांव में बीता है। अपने शहर को याद करते हुए शुक्ल कहते हैं, ''राजनांदगांव की बहुत याद आती है। उसे मैं अपने बचपन के दिन के रूप में याद करता हूं। लेकिन अब यह वह नांदगांव नहीं रहा। वहां मैं कई साल पहले गया था। मेरा घर भी अब वह घर नहीं जो पहले था। अब जगह इतनी बदल जाती है।'' - रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस (23 मार्च) पर नमन किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते फाँसी का फंदा चूमने वाले ये वीर सपूत न केवल हमारी आज़ादी की नींव हैं, बल्कि वे हर भारतीय युवा के लिए प्रेरणा-पुंज भी हैं। उनकी शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और पूरे देश में क्रांति की चेतना जागृत की। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान आज भी हम सभी में राष्ट्रप्रेम की ज्योति को प्रज्वलित करती है। उनका जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत मिसाल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहेंगे, देशहित को सर्वोपरि मानेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
- -सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की-धीवर समाज को मिला प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद, सनातन का किया प्रचार-प्रसार : उप मुख्यमंत्री श्री सावरायपुर. । . उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज दुर्ग जिले के दारगांव में छत्तीसगढ़ धीवर समाज के वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समारोह में धमधा नगर पंचायत में धीवर समाज के सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। सांसद श्री विजय बघेल भी समारोह में शामिल हुए।श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि धीवर समाज प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से निरंतर आगे बढ़ रहा है। समाज को भगवान राम को गंगा पार लगाने का आशीर्वाद मिला है। प्रभु भजन के माध्यम से धीवर समाज ने हमेशा सनातन धर्म का प्रसार किया है। सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं, जिसका लाभ उन्हें मिल रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि धीवर समाज बहुत ईमानदार, मेहनती एवं प्रतिष्ठित समाज है। अपनी प्रतिष्ठा और मेहनत के दम पर समाज ने प्रदेश में एक अलग स्थान बनाया है। पूरा समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।सम्मेलन से सामाजिक कुरीति होती है दूरश्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि सामाजिक सम्मेलन में छोटे पारिवारिक विवाद व मनमुटाव को निपटाने का काम होता है। समाज को एकजुट करने के लिए ये जरूरी काम है। न्यायालय जाने से समय और पैसे की बर्बादी होती है। सामाजिक बैठक से बड़े-बड़े विवाद सुलझ जाते हैं। साथ ही सामाजिक कुरीतियों को भी दूर करने पर चर्चा होती है।पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना और श्री अवधेश चंदेल, दुर्ग जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, जनपद अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू और धीवर समाज के अध्यक्ष श्री सूरज धीवर सहित धीवर समाज के सभी परगना के अध्यक्ष और अनेक पदाधिकारी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित आईपी क्लब के मिनी थिएटर में मराठा काल के स्वर्णिम इतिहास पर आधारित फिल्म "छावा" देखने पहुँचे। यह फिल्म वीर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी पुत्र संभाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर आधारित है।फिल्म प्रदर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संभाजी महाराज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। घोर यातनाओं और कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 'छावा' फिल्म ने उनके अद्भुत जीवन और बलिदान को अत्यंत सजीव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने "छावा" फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरक इतिहास से अवगत हो सकें।इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री अनुज शर्मा, तथा श्री सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे और फिल्म के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की इस गौरवशाली गाथा का साक्षात्कार किया।उल्लेखनीय है कि फिल्म में मराठा-मुगल संघर्ष और भारत के इतिहास को एक नई दृष्टि से दर्शाया गया है।
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-अफसरों की ली बैठक, तैयारियों पर संतोष जताया
-25 तक संपूर्ण तैयारियां पूर्ण करने दिए निर्देशबिलासपुर, /मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानन्द ने आज मोहभठ्ठा का दौरा किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 30 मार्च को बोदरी तहसील के ग्राम मोहभठ्ठा आने वाले हैं। श्री मोदी विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही यहां एक विशाल आमसभा को सम्बोधित करेंगे। युद्धस्तर पर मोहभठ्ठा में प्रधानमंत्री जी के प्रवास की तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानन्द ने लगभग एक घण्टे तक सभास्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश भी दिए। अब तक की तैयारी की प्रगति पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने 25 मार्च तक तमाम तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अवनीश शरण, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार सहित विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार इस अवसर पर उपस्थित थे।मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानन्द ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का भी तैयारी में ध्यान रखा जाये। उन्होंने बदलते मौसम को ध्यान में रखते तैयारियां रखने के निर्देश दिए। तेज गरमी के साथ बरसात की स्थिति की संभावना को भी ध्यान में रखते हुए तैयारी किया जाये। सभास्थल के साथ-साथ पार्किंग भी पर्याप्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है। बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री जी को सुनने पहुंचेंगे। उनके यहां आने-जाने मंे हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने चाहिए। सुरक्षा प्रोटोकाल के चलते दो-तीन घण्टे पहले हितगा्रहियों को पहुंचना होगा। लगभग 2 लाख लोगों के समागम की संभावना है। श्री दयानन्द ने सभास्थल पर मुख्य मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। उन्होंने सभास्थल के समीप बनाये गये पार्किंग स्थलों का भी जायजा लिया। पार्किंग स्थल पर भी जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।इसके पहले कलेक्टर अवनीश शरण ने मुख्यमंत्री के सचिव को अब तक की तैयारी से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जी की सभास्थल 55 एकड़ के विशाल मैदान में आयोजित की जा रही है। प्रधानमंत्री जी एवं उनके स्टॉफ के उतरने के लिए स्थल के किनारे तीन हेलीपेड लगभग तैयार हो गए हैं। स्थल के एक किनारे पर दो और हेलीपेड बनाये जा रहे हैं। इसमें माननीय राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के लिए है। सभास्थल के आस-आस 9 पार्किंग स्थल तैयार हो चुके हैं। सभी का समेकित रकबा लगभग 100 एकड़ से ज्यादा का है। रूट चार्ट के अनुसार अलग अलग रूट के लिए पार्किंग की कलर कोडिंग कर जिलेवार आरक्षित रखे गये हैं। सभास्थल में पांच डोम खड़े किये जा रहे हैं। सभी डोम मिलाकर 120 सेक्टर मेें लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक सेक्टर में एक से डेढ़ हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। उनके पानी, नाश्ता, दवा और साफ-सफाई से जुड़े लगभग 7 कर्मचारी सहयोग करेंगे। चूंिक लोग 4-5 घण्टे तक सभास्थल पर ठहरेंगे, इसलिए लगभग डेढ़ सौ पक्का टॉयलेट भी निर्मित किये जा रहे है। 25 मार्च के बाद सभास्थल की बा्रण्डिंग एवं फिनिशिंग का कार्य किया जायेगा। एसएसपी रजनेश सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का ब्यौरा दिया। - भिलाई। नगर निगम क्षेत्र में निर्मित केनाल रोड नागरिकों के आवागमन का प्रमुख माध्यम बना हुआ है। ख़ुर्शीपार से शुरू हो करके अवंती बाई चौक तक पहुंचने का प्रमुख लाइफलाइन होगा। अभी खुर्सीपार पर से शुरू होकर के नंदनी रोड तक बन गया है। अब कैनाल रोड आगे बढ़ते हुए जोन क्रमांक 3,2,1 से होकर जाकर पूर्ण होगा। नंदिनी रोड से आगे जाकर के नाले के किनारे किनारे नागरिकों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। जो कैनल रोड बनाने में समस्या पैदा कर रहा है।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन आयुक्त सतीश यादव एवं अभियंताओं को लेकर नाले के किनारे चलते हुए पूरा निरीक्षण किया। रास्ते में लोगों बातें कर रहे थे, बहुत सारे लोगों ने कहा हम इंतजार कर रहे हैं कैनाल रोड कब से बनना शुरू होगा। हम अपना जगह खुद खाली कर देंगे। हम सबको दिख रहा है कि खुर्सीपार में कैनल रोड बन जाने से बहुत अच्छी सफाई हो रही है। सबको अच्छी सुविधा मिल रही है। कैनाल रोड के किनारे रहने वाले मोइनुद्दीन अंसारी ने कहा हम अपना कब्जा खुद खाली करेंगे। नहर किनारे होटल चलाने वाले महेंद्र चौधरी ने कहा हम मिठाई बाटेंगे। जिस दिन कैनाल रोड बनना शुरू होगा। कैनाल रोड का निर्माण एवं सौंदरीकरण अच्छी लाइटिंग लगेगी दोनों बीच सुंदरता के लिए पेड़ होगा। कैनाल रोड बन जाने से नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का लोड कम हो जाएगा। कैनाल रोड खुर्सीपार पर से शुरू होकर सीधे अवंती बाई चौक पहुंच जाएगा। लगभग सात किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी, नीचे नहर का पानी जाएगा ऊपर सड़क रहेगा। आयुक्त पाण्डेय ने लोगों को बताया कि जिसका मकान कैनल रोड में आएगा पात्रता के अनुसार उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिया जाएगा। उतना ही मकान टूटेगा जीतने की आवश्यकता है, खुद से खाली कर लेंगे तो बहुत आसानी होगा। निगम का प्रयास होगा की शीघ्रता से सर्वे कर करके कैनाल रोड का निर्माण किया जावे। अभी हम लोग सर्वे कर रहे हैं नोटिस भी बांटा गया है घरों के ऊपर जहां तक टूटेगा मार्किंग भी कर दिया गया है। लगभग 530 मकान का हिस्सा सर्वे में आ रहा है कुछ बचा भी है। कुछ ऐसे लोगों का भी मकान आ रहा है जिन्होंने नहर के ऊपर कब्जा पूरा कब्जा करके मकान बनाया है वह भी टूटेगा। नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए उनसे भी खाली करवाया जाएगा। इसमें पूरे भिलाई नगर का हित जुड़ा हुआ है। सर्वे के दौरान कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, अभियंता नितेश मेश्राम, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जनसंपर्क अधिकारी अजय शुक्ला, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र बंजारे आदि उपस्थित रहे।
- -कृषि विश्वविद्यालय में लगेगा एफ.पी.ओ. मेला-कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभांरभरायपुर । छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों के गठन एवं गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा लघु कृषक कृषि व्यापार संघ, भारत सरकार नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 से 28 मार्च, 2025 तक तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मंडपम् में आयोजित इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ दिनांक 26 मार्च, 2025 को प्रातः 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में धरसींवा विधायक, श्री अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोती लाल साहू, महापौर रायपुर नगर निगम, श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे।उल्लेखनी है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन शामिल होंगे। मेले में शामिल कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया जाएगा। इस दौरान एफ.पी.ओ. के संचालन के विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि से संबंधित एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस अवसर पर जन-सामान्य हेतु मेला सह प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जएगा जिसमें एफ.पी.ओ. के उत्पादों को क्रय भी कर सकेंगे।एफ.पी.ओ. मेले में विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे सुगंधित चावल - विष्णुभोग चावल, देवभोग चावल, जीराफूल चावल, तुलसी मंजरी चावल, ब्लैक साईस, रेड साईस, ग्रीन साईस, ब्राउन साईस, एचएमटी चावल, कोदो चावल, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर,मशरूम बड़ी, मशरूम पापड़, मशरूम पाउडर, मशरूम अचार, महुआ लड्डू, शहद, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, तेल (सरसों का तेल, शीशम तेल और मूंगफली का तेल), मल्टीग्रेन आटा, रागी का आटा, चावल का आटा, कॉन्सेंट्रेट, हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, हर्बल साबुन, मोरिंगा पाउडर, फिनाइल, दालें, अरहर दाल, उड़द दाल, मसूर दाल, लाखड़ी दाल, पोहा, ज्वार, बाजरा, सफेद तिल के बीज का आटा, कुमकुम, हल्दी रोली, बेरी बिस्कुट, आम का अचार, कटहल का अचार, आंवला अचार, बांस का अचार, नींबू अचार, मिर्च अचार, हल्दी अचार, मिक्स अचार, चना दाल, सरसों, काजू, इमली, अमचूर लड्डू, गुड़, चीनी, गुड़ कैंडी आदि आम जनता हेतु प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।
- - राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से मांगे गये सुझावदुर्ग, / भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला पदाधिकारियों की बैठक आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विगत 04 एवं 05 मार्च 2025 को सीईओएस कांफें्रस के निर्देशों से अवगत कराते हुए राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से उनके सुझाव आमंत्रित किये गये। बैठक में अवगत कराया गया कि डोर-टू-डोर सर्वेक्षण करते समय, सभी बीएलओ यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के सभी नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक आयु के है, वे भारत के संविधान के अनुच्छेद 325 और अनुच्छेेद 326 के अनुसार अनिवार्य रूप से मतदाता के रूप में नामांकित है। मतदाता सूचियों की गुणवत्ता और शुद्धता में सुधार के लिए बीएलओ के रूप में पर्याप्त उच्च स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति के लिए सभी प्रयास किये जाएंगे। सभी बीएलओ को मतदाताओं के साथ विनम्र व्यवहार करने के लिए उचित रूप से प्रश्क्षिित किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी व्यक्ति या व्यक्ति द्वारा झूठे और बड़े-बड़े दावे करके किसी भी मतदाता या निर्वाचन कर्मचारी को डराया न जा सके। प्रत्येक बूथ पर लगभग 800 से 1200 मतदाता सम्मिलित किये जाएंगे। साथ ही प्रत्येक मतदाता के निवास से मतदान केन्द्र 2 किलोमीटर पर हो, सुनिश्चित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को आसान बनाने के लिए उचित ए.एम.एफ. वाले मतदान केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में मतदान बढ़ाने के लिए ऊंची इमारतों के साथ-साथ कालोनियों में भी मतदान केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। मतदाताओं की उचित पहचान सुनिश्चित करने तथा आवश्यक संचार सुनिश्चित करने के लिए, आधार और मोबाईल नंबरों को जोड़ने के सभी प्रयास किये जाएंगे। बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने भी स्वच्छ एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने, नाम जोड़ने, विलोपित करने, मृतक मतदाताओं की पहचान हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों को बीएलओ नियुक्त करने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही उनकी तरफ से बीएलए नियुक्त कर आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिलाये। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह के अलावा राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों में श्री मुकेश चन्द्राकर, श्री राजेन्द्र कुमार पाध्ये, श्री संजय सिंह, अली हुसैन सिद्धिकी, श्री केशव बंछोर, श्री करण कुमार कनौजिया, श्री आनंद नरेरा, श्री लेखराम साहू, श्री शोभनदास मानिकपुरी, श्री मोहित वालडे, सुश्री अर्चना ध्रुव, श्री बंटी चौरे आदि सम्मिलित हुए।
- - महाराष्ट्र मंडल में भानूराव (नाना) गोरे की जन्म शताब्दी पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण- बैस के साथ महापौर मीनल चौबे, डाक विभाग के हरीश महावर ने नाना गोरे स्मरण पत्रिका का भी किया विमोचनरायपुर। नाना गोरे का व्यक्तित्व हमें बताता है कि जहां भी जाओ, वहीं के होकर रह जाओ। यही ब्रह्म वाक्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक सरसंघचालक केशव बलीराम हेडगेवार ने भी महाराष्ट्र मंडल के पांचवें स्थापना दिवस पर कहे थे। मुख्य अतिथि की आसंदी से इस आशय के विचार पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहे। अवसर था महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में भानूराव (नाना साहब) गोरे के जन्म शताब्दी समारोह का। इस अवसर पर नाना साहब के जन्म शताब्दी वर्ष पर भारतीय डाक विभाग छत्तीसगढ़ परिमंडल की ओर से नाना साहब पर विशेष आवरण का लोकार्पण और स्मरण पत्रिका का विमोचन रमेश बैस, विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे, डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हरीश महावर ने किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रमेश बैस ने कहा कि नाना साहब गोरे और उनका परिवार रायपुर में अपने सेवाभावी कार्यों के साथ ऐसा रच बस गया कि आज भी उनके कार्यों को याद किया जाता है। पेशे से सेल्समैन नाना साहब जिससे भी मिलते, उसी के होकर रह जाते और उन्हें कभी नहीं भूलते थे। आरएसएस, बाल समाज, वनवासी कल्याण आश्रम से लेकर महाराष्ट्र मंडल तक उनके किये कार्यों को आज भी याद किया जाता है।बैस ने पुरानी याद का स्मरण करते हुए बताया कि सन् 1964 में आरएसएस का एक वर्ग रायपुर में लगा था। जिसमें शामिल होने वाले स्वयंसेवकों को लड्डू परोसने की योजना बनीं। तय हुआ कि रायपुर के स्वयंसेवक अपने घरों से लड्डू बनाकर वर्ग स्थल पर लाएंगे। नाना गोरे ने इस विचार का यह कहकर विरोध किया कि वर्ग में शामिल किसी स्वयंसेवक को मोतीचूर का लड्डू मिलेगा तो किसी को बेसन और सूजी का। इसमें समानता नहीं रहेगी। अच्छा होगा कि वर्ग स्थल पर आकर ही श्रमदान कर एक ही तरह का लड्डू बनाकर परोसा जाए। कहने सुनने को यह विचार छोटा लगे, लेकिन इसमें समानता का विचार बहुत बड़ा है।महापौर मीनल चौबे ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पुराने महान व्यक्तियों को लेकर इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए। इनसे न केवल हम प्रेरित हो, बल्कि अपनी नई पीढ़ी को भी जोड़े। गोरे परिवार के निकटस्थ चंद्रकांत शितूत ने अपने संक्षिप्त संबोधन में बताया कि सिर्फ एक बार उन्होंने नाना गोरे से कहा था कि उन्हें डाक टिकट संग्रहण का शौक है। उसके बाद से नाना साहब जहां भी जाते, उनके लिए देश-विदेश से ढेरों डाक टिकट लाकर घर पहुंचाकर देते थे।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि नाना साहब गोरे 1973-74 में महाराष्ट्र मंडल के कार्यकारिणी के प्रभावी सदस्य हुआ करते थे। जबकि 1974 से 80 तक महाराष्ट्र मंडल के ट्रस्टी के रूप में चौबे कालोनी स्थित मंडल भवन के निर्माण में सुप्रसिद्ध आर्किटेक्ट टीएम घाटे के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।25 से 40 की उम्र अतिरिक्त योग्यता बढ़ाने कीनाना गोरे के सुपुत्र आशीष गोरे ने अपने संबोधन में कहा कि उनके पिता कहा करते थे कि इंसान की 15 से 24 वर्ष की आयु स्वयं के स्कील डेवलपमेंट की होती है, जबकि 25 से 40 वर्ष की आयु में उसे अपने स्कील को बहुआयामी बनाने यानी अतिरिक्त योग्यता हासिल करने की होती है। पिता की इस सीख के आधार पर ही उन्होंने छह साल चीन में और चार-चार साल जापान और सिंगापुर में नौकरी की और अपनी स्कील को बहुआयामी बनाया। आशीष ने बताया कि जब वे आठवीं कक्षा में थे और उनके घर पर जनसंघ के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी ठहरे हुए थे। उन्होंने अपने आटोग्राफ संकलन की डायरी उनकी ओर बढ़ाई। अटल बिहारी वाजपेयी का हिंदी में आटोग्राफ देखकर वे आश्चर्यचकित हुए और पूछा हिंदी में हस्ताक्षर क्यों? वाजपेयी ने कहा कि यह हमारी भाषा है। तब से लेकर आज तक आशीष गोरे विभिन्न कार्पोरेट सेक्टर में क्लास वन अफसर के पदों पर कार्य करते हुए हिंदी में ही अपने हस्ताक्षर करते हैं। कार्यक्रम का संचालन पल्लवी गोरे और आभार प्रदर्शन नाना गोरे की पुत्री शुभांगी आप्टे ने किया।
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-पुरैना तालाब के पास सड़क पर फैली भवन निर्माण सामग्री जप्त कर 11 हजार रूपये जुर्माना किया
रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 10 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग और नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम द्वारा सम्बंधित अभियंताओं और कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 10 के रविंन्द्रनाथ टैगोर वार्ड नम्बर 55 के क्षेत्र के तहत राधाविहार शिव मन्दिर के समीप शासकीय भूमि पर किये गए अवैध कब्जे को हटाने की कार्यवाही की गयी. वहीं बिना अनुमति किये जा रहे अवैध निर्माण को हटाने की कार्यवाही की गयी. वार्ड क्रमांक 52 के क्षेत्र अमलीडीह सड़क मार्ग में 6 ठेलों को हटाकर सड़क मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया.वहीं वार्ड क्रमांक 50 के क्षेत्र में पुरैना तालाब के समीप सड़क पर फैलाकर रखी गयी भवन निर्माण सामग्रियों को जप्त कर सम्बंधित भवन निर्माणकर्त्ताओं से 11 हजार रूपये जुर्माना वसूला गया.
- -सामग्रियों की गुणवत्ता जांच करने एकत्र किए सैंपल-जिला कोर्ट बिल्डिंग में लेबर कैंप अन्यत्र स्थापित करने के निर्देश-निर्माण स्थल पर जाकर करें ऑटो क्लब ईंट की जांच-निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं : श्री पुरामबिलासपुर /मुख्य तकनीकी परीक्षक आर पुराम के नेतृत्व में टीम बिलासपुर सहित मुंगेली और जीपीएम जिले में विभिन्न विभागों द्वारा कराई जा रहे दर्जन भर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया ।उन्होंने सबसे पहले डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बिल्डिंग का मुआयना किया ।भवन में प्रयुक्त किये जा रहे सामग्रियों के परीक्षण हेतु नमूने एकत्र किया ,जिसे रायपुर के प्रयोगशाला में जांच कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट प्रेषित किया जाएगा ।नमूने के रूप में मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जा रहे ईंट , छड़ और स्टील के नमूने लिए गए। भवन में कालम तथा कंक्रीट की गुणवत्ता की जांच एनडीटी उपकरणों के द्वारा किया गया । प्रत्येक तल में बीम और कालमका परीक्षण किया गया, जिसका रिपोर्ट मानक स्तर पर पाया गया। स्थल पर स्थापित लैब का भी निरीक्षण सतर्कता परीक्षा द्वारा किया गया। सुरक्षा उपकरण सूची ठेकेदार से ली गई। कब-कब कैलिब्रेशन किया गया, इसकी जानकारी भी ली गई । ठेकेदारों द्वारा नियुक्त तकनीकी अमलों की सूची भी ली गई। स्थल पर सुरक्षा के लिए प्रयुक्त सामग्रियों की सूची मांगी गई । भवन में उपयोग हो रहे ऑटो क्लव्ड ईंट और कंक्रीट ब्लॉक के संबंध में जानकारी ली गई। इस ब्लॉक का टेस्ट जो निर्माण कर रहा है, उसके रिपोर्ट को रख रखे जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि तिल्दा स्थित इस कंपनी के कारखाने में जाकर ब्लॉकों का परीक्षण करें। निर्माण अधीन कार्यों में सुरक्षा का उपाय सही तरीके से नहीं होना पाया गया जिससे दुर्घटना की संभावना व्यक्त की गई। अधिकारियों को सुरक्षा का पालन करने अन्यथा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिला बिल्डिंग में लेबर कैंप को हटाकर सुरक्षित जगह पर करने के निर्देश दिए ।श्री पुराण ने इसके बाद बहतराई स्थित हॉकी स्टेडियम निर्माण कार्य का निरीक्षण किया । गैलरी में बैठने के लिए जो बीम डाला जा रहा है, वह स्वीकृत ड्राइंग के अनुरूप नहीं है। उन्होंने डिजाइनर की सलाह लेकर इसे सुधारने के निर्देश दिए। ईंट और रॉड का सैंपल भी लिया गया। कंक्रीट की जांच उपकरणों से की गई। प्रयोगशाला अलग से स्थापित करने के निर्देश दिए गए।मुख्य सतर्कता आयुक्त ने इसके बाद मुंगेली से पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया ।चल रहे डामरीकरण कार्य को चेक किया। डामर के सैंपल लिए । रोड में डामर का तापमान भी नापा गया । रोड में एक स्थान परमाइनर ब्रिज का निर्माण हो रहा है, इसके अबेटमेंट में उखड़ा हुआ डामर वेस्ट को डाला जा रहा था , इसके बदले सिलेक्टेड सॉइल डालने के निर्देश दिए गए।मुख्य सतर्कता आयुक्त की टीम ने पेंड्रा रोड में जल संसाधन विभाग के निर्माण अधीन मुख्य नहर का भी जांच किया। नहर में मिट्टी के कंप्रेशन ठीक से करने के निर्देश दिए । कंक्रीट की गुणवत्ता सुधारने कहा गया। इसी तरह खग़ड़ी जलाशय नहर लाइनिंग का काम भी देखा। कोटा सबडिवीजन में गोसारी एनीकट व खारंग डिवीजन में चिल्हाटी स्टाप डैम का निरीक्षण किया गया । समय अवधि में गुणवत्ता पूर्वक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए । जल जीवन मिशन के अंतर्गत मुंगेली के मटकू समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण भी किया ।कंक्रीट गुणवत्ता की जांच की गई ।स्रोत की उपलब्धता के संबंध में कड़े निर्देश दिए गए ।भैंसाझर सामूहिक जलप्रदाय योजना के कार्य में उपयोगी उपयोग किए जाने वाले सामग्रियों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए। श्री पुराम ने कहा कि इन निरीक्षण किए गए कामों का प्रतिवेदन जारी किया जाएगा और 15 दिवस में विभागीयअधिकारियों को उपलब्ध कराकर उसे पर पालन प्रतिवेदन लिया जाएगा।
- -कलेक्टर के निर्देश पर की गई कार्रवाईबिलासपुर / भ्रष्टाचार का आरोप प्रारंभिक जांच में सही पाये जाने पर कोटा बीईओ सहित एक क्लर्क के विरूद्व कठोर कार्रवाई की गई है। बीईओ को जहां पद से हटाकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, वहीं क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने ये कार्रवाई की है। कोटा बीईओ का प्रभार खुरदूर के प्राचार्य नरेन्द्र प्रसाद मिश्रा को सौंपा गया है।दरअसल कोटा विकासखण्ड की शिक्षिका श्रीमती नीलम भारद्वाज ने पखवाड़े भर पहले कलेक्टर द्वारा आयोजित कर्मचारी जनदर्शन में एक शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक पति के देहावसान उपरांत उनके स्वत्वों के भुगतान के लिए 1.24 लाख रूपये का रिश्वत मांगा जा रहा है। बीईओ को जानकारी देने के बाद उनके द्वारा भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके शिकायत को टीएल पंजी में दर्ज किया और जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच में महिला द्वारा लगाया गया आरोप सही पाया गया। बीईओ श्री विजय पाण्डे एवं लिपिक एकादशी पोर्ते ने मिलकर महिला शिक्षिक को परेशान किया। बिना रिश्वत लिए उनके वास्तविक स्वत्वों को भुगतान नहीं किया जा रहा था। जान बूझकर विलंबित एवं परेशान किया जा रहा था। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर बीईओ विजय टाण्डेय को हटा दिया गया है। उनके विरूद्ध विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तब तक के लिए उन्हे खुरदूर कोटा में प्राचार्य पद पर कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया हैं। वहीं सहायक वर्ग 2 श्री एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन काल में श्री पोर्ते को रतनपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल में मुख्यालय नियत किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दी जायेगी। (प्रतीकात्मक फोटो)
- - नगर निगम के "अरपा उत्थान" अभियान में उमड़ा जन सैलाब,2 हजार से अधिक लोग हुए शामिल- कुलपति,महापौर, कलेक्टर,एसपी सभी ने कहा स्वच्छता को दिनचर्या में शामिल करें,अरपा का जतन हर नागरिक करें-जनप्रतिनिधि,विभिन्न संगठन समेत आमजनों ने किया श्रमदान- अभियान आगे भी जारी रहेगाबिलासपुर, /अरपा के संवर्धन और सफाई के लिए विश्व जल दिवस के अवसर पर नगर निगम द्वारा छेड़े गए अभियान " अरपा उत्थान" में अपनी अरपा को स्वच्छ करने आज पूरा बिलासपुर रामसेतु मार्ग में इकट्ठा हुआ और प्रशासन के साथ मिलकर सभी ने इंदिरा सेतु से रामसेतु तक श्रमदान कर नदी की सफाई की। इंदिरा सेतु से रामसेतु तक लगभग दो हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति रही।नगर निगम बिलासपुर द्वारा शनिवार को आयोजित एक दिवसीय "अरपा उत्थान" अभियान में आयोजन स्थल "रामसेतु मार्ग" में सुबह से लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो चुकी थी,सबका मकसद एक था अरपा नदी को स्वच्छ करना और उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए प्रयास की शुरूआत करना । इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा तैयारी की गई थी। जन सहयोग के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन ने लोगों से अपील की थी,जिसके फलस्वरूप बिलासपुरियंस ने आज इंदिरा सेतु से रामसेतु तक अरपा नदी की सफाई की और वहां मौजूद कचरा और गंदगी को निकाला। इस अभियान में विशेष रूप से अटल बिहारी वाजपेयी विवि के कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी,महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर श्री अवनीश शरण,एसएसपी श्री रजनेश सिंह, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार उपस्थित रहें जिन्होंने श्रमदान भी किया। इस अवसर पर कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी ने अपने संबोधन में कहा की अरपा के संवर्धन-सरंक्षण और जल को बचाने के लिए शुरू किया गया यह एक पुनीत अभियान है। अरपा बिलासपुर की जीवनदायिनी है और इसे संवारने हम सभी को अपने जीवन में एक सूत्र को अपनाना होगा,वह यह की अरपा नदी में हम वह ना फेंके या प्रवाहित ना करें जिसे हम ना खुद खा सकते है और ना पचा सकते हैं। अरपा नदी के संवर्धन के लिए और बिलासपुर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए खुद से जागरूक होना होगा और दूसरों को भी करना होगा। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा की अरपा हमारी मां है,उसकी सफाई के लिए उमड़ा यह जनसैलाब यह दिखलाता है की सभी शहरवासियों के दिल में अरपा बसी है। महापौर ने कहा की हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अरपा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए प्रयास करने की जरूरत है,इसके लिए आज हम सब यह प्रण लें की अरपा नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हम सबका योगदान हो। शहर को भी स्वच्छ रखने में हर नागरिक की सहभागिता हो ताकि हमारा शहर नंबर वन बन सकें।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कहा की अरपा नदी बिलासपुर की पहचान है और आज विश्व जल दिवस के अवसर पर इसे संवारने की शुरूआत की गई है,स्वच्छता को जब तक हम अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं करेंगे और अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझेंगे तब तक किसी भी नदी को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता,इसलिए जरूरी है की नदी के जतन के लिए सब मिलकर कार्य करें और इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 30 मार्च को मान.प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बिलासपुर पधार रहे हैं,उनके आगमन के पूर्व पूरे जिले में स्वच्छता का अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा की अरपा बिलासपुर की जीवनरेखा है,इसके उत्थान के लिए हम सबको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी,स्वच्छता एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। हमें अपने आस-पास स्वच्छता का वातावरण बनाए रखना होगा। निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया की पीएम श्री मोदी के आगमन को लेकर पखवाड़े भर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है,अरपा नदी को संवारने अभियान की आज शुरूआत की गई है जो आगे भी जारी रहेगा। कार्य योजना तैयार कर अभियान को गति दी जाएगी। आमजन को इस कार्य में जोड़ने और प्रेरित करने के लिए आज अरपा उत्थान अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान को सफल बनाने में सभी शासकीय विभाग के कर्मचारी,सामाजिक और राजनीतिक संगठन,एसईसीएल,सेंट्रल यूनिवर्सिटी,अटल बिहारी वाजपेयी विवि, समेत विभिन्न संस्था एवं आमजनों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में सभी एमआईसी सदस्य और पार्षदों ने भी श्रमदान किया।हाईकोर्ट ने भी दिए है निर्देशअरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए समय समय पर मान. उच्च न्यायालय द्वारा भी निर्देश दिए गए है,जिसके परिपालन में प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा है।अरपा को प्रदूषण से बचाने निगम बना रही कार्य योजनाअरपा नदी को दूषित होने से बचाने और उसके संवर्धन के लिए नगर निगम द्वारा विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है जिसमें सबसे पहला नदी में नाला के गंदे पानी को रोकने के लिए चार एसटीपी निर्माणाधीन है जिसका अंतिम चरण चल रहा है। इसके अलावा निगम द्वारा शनिचरी,तिलक नगर और चिंगराजपारा में अलग से तीन नए एसटीपी का प्रस्ताव तैयार किया गया है।बड़ी संख्या में मशीनरी लगी थीसफाई अभियान के दौरान जलकुंभी,कचरा को हटाने के लिए निगम द्वारा 6 जेसीबी,9 ट्रैक्टर 2 कांपेक्टर,1 डोजर, 5 टिपर इंतजाम किया गया था,जिसमें जन सहयोग से कचरा और जलकुंभियों को निकाला गया।जनप्रतिनिधि अधिकारी हुए शामिलजन सहयोग से किए जाने वाले इस कार्यक्रम में शहर के लगभग सभी जनप्रतिनिधी और अधिकारियों ने अरपा नदी में उतर कर सफाई किया। इस अभियान में एयू के कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी,महापौर श्रीमती पूजा विधानी,कलेक्टर श्री अवनीश शरण,एसएसपी श्री रजनेश सिंह,निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार एसडीएम श्री मनीष साहू समेत पार्षद उपस्थित रहें।
- -पूरे देश की जेलों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बनी रायपुर जेल की संस्कृत पाठशालारायपुर, / साक्षरता से शिक्षा, शिक्षा से ज्ञान उसी से होगा आत्म उत्थान। रायपुर सेंट्रल जेल में शिक्षा सत्र 2024-25 में पहली कक्षा से लेकर स्नात्कोत्तर तक की पढ़ाई करने वाले 291 कैदी है जो नियमित पढ़ाई कर रहे हैं। इन सभी कक्षाओं की परीक्षा के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों बोर्ड/ विश्वविद्यालय ने रायपुर सेंट्रल जेल में परीक्षा केंद्र भी बना लिया है। इस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल ने यह उपलब्धि हासिल की है। उम्मीद है कि यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद कैदियों में शायद ही अपराध करने की प्रवृत्ति दोबारा आएगी, जहां सभी नये-पुराने पाठ्यक्रमों में सैकड़ो कैदी पढ़ाई कर रहे हैं।रायपुर सेंट्रल जेल में सैकड़ो बंदियों की जिंदगी को शिक्षा के माध्यम से बदलने का प्रयास किया जा रहा है। यहां भारत साक्षरता मिशन अंतर्गत (उल्लास) 39 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में 72 से ज्यादा कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ ओपन हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा में 68 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। बीए और एमए में 100 से ज्यादा कैदी है। समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, हिंदी साहित्य अंग्रेजी साहित्य, लोकप्रशासन सहित अनेक विषयों पर कैदी पीजी कर रहे हैं। 68 कैदी संस्कृत के अनेक विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह इग्नू के अनेक पाठ्यक्रमों में सैकड़ो कैदी अध्ययनरत है। यहां इन कक्षाओं से संबंधित 11663 पुस्तकें भी पुस्तकालय में रखी गई है। जेल शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापकों के द्वारा तथा समय-समय पर विषय विशेषज्ञ के द्वारा पाठ्यक्रम अनुसार कैदियों को मार्गदर्शन दिया जाता है। साथ ही प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना (देखरेख) के रूप में नियुक्त किया गया है।जेल अधीक्षक श्री अमित शांडिल्य ने बताया कि जेल में कैदियों को शिक्षित करने के लिए अनेक पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल सतत् काम कर रही है। शिक्षा सुविधा के मामले में तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल है, जहां सैकड़ों कैदी पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं।इन संस्थाओं से मिली मान्यताजेल में अध्ययनरत कैदियों को परीक्षा देने बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए चार शैक्षिक संस्थाओं ने रायपुर सेंट्रल को स्थाई परीक्षा केंद्र बना दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल एन.आई.ओ.एस, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यमंडलम, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता मिली है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेल पदक विजेता खिलाड़ियों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव: खिलाड़ियों को दी ओलंपिक विजेता बनने की शुभकामनाएं- बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री- 130 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रूपए की सम्मान राशि उनके बैंक खाते में अंतरितरायपुर / आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़ का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आज गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही है।ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है।बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीकमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं।खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयासमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है।परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजनामुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरीमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था। मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है। फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है।इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तरासना हमारी प्राथमिकता है।इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।
- रायपुर।/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य कवि-कथाकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य क्षेत्र में ज्ञानपीठ सम्मान से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साथ ही राज्यपाल ने इस क्षण को समस्त छत्तीसगढ़वासियों के लिए अत्यंत गौरवशाली बताया।
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मुख्यमंत्री भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम में हुए शामिल, सर्व समाज प्रमुखों का किया सम्मान
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराएं, त्योहार और पारिवारिक मूल्य – सबकुछ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। ये रिश्ता केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों का है। वे आज भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान के तहत बिहार स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिहार और छत्तीसगढ़ के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता केवल कहावत नहीं, अब सामाजिक हकीकत बन चुकी है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी माता जी भी अविभाजित बिहार से थीं और उनका झारखंड से पुराना संबंध रहा है। छठ पूजा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब छठ पर्व छत्तीसगढ़ में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। राज्य भर के तालाबों और नदियों पर सुंदर छठ घाटों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी जशपुर जिले के कुनकुरी में एक करोड़ की लागत से छठ घाट बनवाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बिहार के गौरवशाली इतिहास को नमन करते हुए कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार से थे। नालंदा विश्वविद्यालय, जिसने भारत को विश्वगुरु बनाया, बिहार की देन है। आर्यभट्ट, जिन्होंने शून्य की खोज की, बिहार की महान विभूति हैं। कर्पूरी ठाकुर जैसे सामाजिक न्याय के पुरोधा यहीं की धरती से निकले।मोदी की गारंटी: वादा नहीं, संकल्प है – मुख्यमंत्री श्री सायमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर भरोसा किया और हमें सेवा का अवसर मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार ने बीते सवा साल में जनहित की कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख से अधिक विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सम्मान में वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कह कि तीर्थ यात्रा योजना को नए वित्तीय वर्ष से पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर फिर से सुलभ हो सके।"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना को मिल रहा समर्थनमुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भाषायी, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियाँ कम होती हैं। आज का यह समारोह दो राज्यों के बीच भाईचारे और सांस्कृतिक समझ का सेतु बना है।सर्व समाज प्रमुखों का सम्मान, नई पीढ़ी को प्रेरणामुख्यमंत्री श्री साय ने मंच से सर्व समाज प्रमुखों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाजसेवियों का सम्मान हमारी परंपरा है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती हैं।लिट्टी-चोखा से लेकर तीजा-छठ तक – संस्कृति की साझी विरासतमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिहार की लिट्टी-चोखा हो या छत्तीसगढ़ का चीला-फरा, तीजा हो या छठ – दोनों राज्यों की संस्कृति में गहरा साम्य है। खमरछठ और छठ पूजा, दोनों ही पर्व मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति आभार के प्रतीक हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी बिहारी भाइयों और बहनों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएँ।यह आयोजन आपसी प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की मिसाल है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नबीन ने कहा कि बिहार दिवस का उद्देश्य हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में बिहार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस अवसर पर विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



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