- Home
- छत्तीसगढ़
-
-नागरिकों से की होली को जानवरों पर रंग- ग़ुलाल ना डालने की विनम्र अपील
रायपुर। राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी नगर वासियों को होलिका द हन और होली पर्व पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि स्वास्थ्य, शान्ति प्रदान करने हेतु और रायपुर को सुन्दर, स्वच्छ और सुव्यवस्थित नगर बनाने सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्रदान करने हेतु परमपिता परमेश्वर के श्री चरणों में विनम्र प्रार्थना की है.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिकों से होली पर्व पर पालतू जानवरों, सड़कों के मवेशियों और जानवरों iपर रंग - ग़ुलाल आदि ना डालने की विनम्र अपील की है. महापौर ने कहा कि होली के दिन लोग गाय, श्वान, बिल्ली आदि पालतू जानवरों पर रंग - ग़ुलाल डाल देते हैँ, जबकि वास्तव में ऐसा करना उचित नहीं है, कारण कि पालतू जानवरों को इससे अत्यंत असुविधा होती है. इसलिए नागरिकों को इसका ध्यान रखना चाहिए और रंग - ग़ुलाल आदि उन पर नहीं डालना चाहिए, ताकि किसी भी जानवर को पर्व के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा ना होने पाए. महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी नगरवासियों से अधिकाधिक संख्या में नगर हित में स्वच्छता एप्प डाउनलोड कर मोबाइल पर स्वच्छता फीडबैक देने की विनम्र अपील की है. - रायपुर। वरिष्ठ नेत्र एवं कान्टेक्ट लेन्स विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने होली पर आंखों व अन्य संवेदनशील अंगों को बचाकर रंग खेलने का सलाह दी है। उन्होंने कहा कि होली खेलें जरूर पर आंखों के अंदर में सूखा रंग व गुलाल न जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि पहले होली प्राकृतिक वस्तुएं जैसे विभिन्न फूलों, पत्तियों, जड़ों व बीजों से तैयार रंगों से खेली जाती थी जो शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं थे, इन रंगों के तैयार करने में भले ही समय अधिक लगता था तथा कम मात्रा में ही तैयार होते थे। लेकिन ये शारीरिक वातावरण के अनुकूल थे। आजकल बाजार में उपलब्ध रंग-गुलाल कृत्रिम व रासायनिक पदार्थो से बनते है।, जो कम समय में तथा अधिकाधिक मात्रा में बनते हैं, कृत्रिम रंग सस्ते जरूर हैं लेकिन शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है। कृत्रिम रंग जिन रासायनिक पदार्थो से बनते है उनके रासायनिक गुणों के अनुरूप अम्लीय-क्षारीय होते हैं। ये केमिकल (रसायन) शरीर की त्वचा, पलकों, आंखों पर दुष्प्रभाव डालते हैं जिससे आंखों व चेहरे में जलन, खुजलाहट, सूजन, दाने आना, एलर्जी होना आदि प्रतिक्रिया होती है। यह प्रभाव अलग अलग व्यक्तियों में भिन्न हो सकता है। रंग व गुलाल में चमक के लिए अभ्रक पीस कर मिलाया जाता है जिससे त्वचा व आंखों में हानि पहुंचती है। वहीं गुलाल में मिट्टी व बारीक पिसी रेत मिलाने से चेहरे व आंख के नाजुक हिस्से में खरोंच हो जाती है।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि आंख में सूखा रंग, गुलाल जाने से बचाया जावे। यदि आँख के अंदर रंग गुलाल चले जाता है तो आँखों को रगड़े नहीं, बल्कि उसे धीरे से आँखों से निकालने की कोशिश करें। सूखा रंग व गुलाल त्वचा, गालों, पलकों व साथ ही ऑंख की पुतली में रगड़ से जख्म बनाता है तथा रासायनिक पदार्थ के कारण आँख में कंजक्टीवाइटिस तथा रगड़ से कार्नियल अल्सर भी हो सकता है। रंग को सूखे कपड़े, रूमाल से धीरे-धीरे साफ कर लें व पानी से धीरे-धीरे अच्छी तरह से धो लें। रंग की तेज धार, पानी व गुब्बारे जोर से फेंके जाने पर चेहरे पर आंख में चोट लग सकती है। आँख में तेज दर्द, आंसू आने, लालिमा होने व धुंधलापन आने पर रगड़े नहीं बल्कि ऑंख को धोने के बाद समीप के नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श करें। ध्यान रखे गोबर, कोयला, राख, पेन्ट, ग्रीस, डामर, केवाच आदि का प्रयोग करना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। बल्कि इनकी एलर्जी, चोट होली के इन्द्रधनुष रंगों को बदरंग कर सकती है। डॉ. दिनेश मिश्र अपने फूल चौक स्थित अस्पताल में 14 मार्च को सुबह 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक होली में रंग खेलने से होने वाली तकलीफों के नि:शुल्क परामर्श व उपचार के लिए उपलब्ध रहेंगे।डॉ. दिनेश मिश्रनेत्र विशेषज्ञअध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समितिडॉ. प्रांजल मिश्रनेत्र विशेषज्ञनयापारा, फूल चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़)फोन : ०७७१-४०२६१०१ मो. 98274-00859
- -चंद्र ग्रहण में लाल रंग भी प्राकृतिक है ,खतरा नहीं,खगोलीय घटना के साक्षी बनें-अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है।छत्तीसगढ़ के जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा हैं कि -प्रारंभ में यह माना जा रहा था कि चंद्रग्रहण राहू-केतू के चंद्रमा को निगलने से होता है, जिससे धीरे-धीरे विभिन्न अंधविश्वास व मान्यताएँ जुड़ती चली गईं, लेकिन बाद में विज्ञान ने यह सिद्ध किया कि चंद्रग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है तब उसका एक किनारा जिस पर छाया पडऩे लगती है काला होना शुरू हो जाता है जिसे स्पर्श कहते हैं। जब पूरा चंद्रमा छाया में आ जाता है तब पूर्णग्रहण हो जाता है। जब चंद्रमा का पहला किनारा दूसरी ओर छाया से बाहर निकलना शुरू होता है तो ग्रहण छूटना शुरू हो जाता है। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया से बाहर आ जाता है तो ग्रहण समाप्त हो जाता है जिसे ग्रहण का मोक्ष कहते हैं।कुछ लोगों ने इस चंद्र ग्रहण के रंग को लेकर इसे खूनी चंद्र ग्रहण खा है और इसके दुष्प्रभाव की आशंका जाहिर की है पर यह सब आशंकाएं और भविष्यवाणियां सही नहीं हैं. वास्तव मेंचंद्र ग्रहण में पूर्णता के दौरान चंद्रमा का लाल रंग पृथ्वी के किनारे के चारों ओर वायुमंडल से होकर गुजरने वाले सूर्य के प्रकाश के कारण होता है। हमारा वायुमंडल सूर्य के प्रकाश की नीली किरणों को दूर कर देता है, और प्रकाश की लाल तरंगदैर्ध्य पृथ्वी की छाया में चली जाती है। आप सूर्यास्त से ठीक पहले भी इस प्रभाव को देख सकते हैं: उस समय, सूर्य का प्रकाश बहुत सारी हवा से होकर गुजर रहा होता है, नीली तरंगदैर्ध्य को बिखेर रहा होता है और लाल तरंगदैर्ध्य को छोड़ रहा होता है। चंद्र ग्रहण के बारे में सोचें, जो आपको उसी क्षण पृथ्वी के पूरे किनारे पर होने वाले सामूहिक सूर्योदय और सूर्यास्त का रंग दिखाता है।पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग एक चंद्रग्रहण से दूसरे चंद्रग्रहण में भिन्न हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य की रोशनी जिस हवा से गुजर रही है वह धूल भरी, साफ या बादल वाली है। कभी-कभी पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान, चंद्रमा हल्का या गहरा लाल, नारंगी या यहां तक कि गहरा भूरा दिखाई दे सकता है। यह पूर्ण चंद्रग्रहण का अदभुत हिस्सा है . नवंबर 2021 और नवंबर 2022 में चंद्रग्रहण दोनों गहरे, ईंट जैसे लाल रंग के थे।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा चंद्रग्रहण का कहीं कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इसे लेकर तरह-तरह के भ्रम व अंधविश्वास हैं। लेकिन लोगों को इन अंधविश्वासों में नहीं पडऩा चाहिए तथा ग्रहण को देखा जा सकता है तथा वैज्ञानिक इसका अध्ययन भी करते हैं।भारत के महान खगोलविद् आर्यभट्ट ने आज से करीब 1500 वर्ष पहले 499 ईस्वी में यह सिद्ध कर दिया था कि चन्द्रग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना है जो कि चन्द्रमा पर पृथ्वी की छाया पडऩे से होती है। उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभट्टीय के गोलाध्याय में इस बात का वर्णन किया है। इसके बाद भी चन्द्रग्रहण की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न भ्रम एवं अंधविश्वास कायम है।डॉ. मिश्र ने कहा यह एक खगोलीय घटना है। सभी नागरिकों को इसे बिना किसी डर या संशय के देखना चाहिए। चंद्रग्रहण देखना पूर्णत: सुरक्षित है।डॉ. मिश्र ने कहा जब चंद्रग्रहण होने वाला होता है तब विभिन्न भविष्यवाणियाँ सामने आने लगती हैं जिससे आम लोग संशय में पड़ जाते हैं जबकि चंद्रग्रहण में खाने-पीने, बाहर निकलने की बंदिशों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ग्रहण से खाद्य वस्तुएँ अशुद्ध नहीं होती तथा उनका सेवन करना उतना ही सुरक्षित है जितना किसी सामान्य दिन या रात में भोजन करना। इस धारणा का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के लिए चंद्रग्रहण हानिकारक होता है तथा ग्रहण की वजह से स्नान करना कोई जरूरी नहीं है अर्थात् इस प्रकार की आवश्यकता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है तथा ग्रहण का अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न प्रभाव पडऩे की मान्यता भी काल्पनिक है। यह सब बातें केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी पुस्तिका में भी दर्शायी गयी है।डॉ. दिनेश मिश्र
नेत्र विशेषज्ञ
अध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति
नयापारा, फूल चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़)
फोन : ०७७१-४०२६१०१ मो. 98274-00859
Email: [email protected] - -सतत विकास का लक्ष्य अंतिम छोर तक के व्यक्ति का विकास-संभागायुक्तबिलासपुर /सतत विकास लक्ष्य पर संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आज प्रार्थना सभाभवन के सभाकक्ष में किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कहा कि सतत विकास का उददेश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए सामाजिक और आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करना है। राज्य नीति आयोग द्वारा सतत विकास लक्ष्य के जिलों में बेहतर क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग में सुविधा हेतु एसडीजी डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क में सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं अन्य पहलुओं संबंधी कुल 82 इंडिकेटर का समावेश किया गया है। कार्यशाला में राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के सुब्रमण्यम, नीति आयोग के सदस्य सचिव डॉ.नीतू गोर्डिया, जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल सहित संभाग के सभी जिलों के अधिकारी मौजूद थे।श्री कावरे ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2015 में 17 सतत विकास लक्ष्य निर्धारित किए थे, जिन्हें 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उददेश्य विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जाए, इस पर विचार विमर्श करना था। रैकिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ को 69 अंक हासिल हुए हैं। संभाग में मुंगेली, रायगढ़ और सारंगढ़ को सबसे ज्यादा 70 अंक हासिल हुए हैं। बिलासपुर को 69 अंक मिले हैं। इन इंडिकेटर्स अंतर्गत जिलों द्वारा प्राप्त प्रगति का डाटा समाहित कर प्रतिवर्ष प्रगति रिपोर्ट भी जारी की जाती है। इन एसडीजी रिपोर्टस के आधार पर कलेक्टर और विभाग विभिन्न सतत विकास लक्ष्यों के प्रगति का मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं अनुशीलन कर रहे हैं।जिलों की प्रगति को आईटी टूल एसडीजी डैशबोर्ड के माध्यम से प्रभावी रूप से दर्शाया गया है। साथ ही जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय एसडीजी टीम द्वारा प्रगति की समीक्षा की जा रही है। यह फ्रेमवर्क और रिपोर्ट संबंधित विभाग के अधिकारियों को विकास की बाधाओं की पहचान कर समाधान चिन्हित करने, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं आंकड़े आधारित साक्ष्य के आधार पर रणनितियों और कार्यक्रम को लागू करने में मददगार साबित हो रही है। राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार किया गया डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क है जो कि वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों को जिलों में प्रभावी रूप से लागू करने में सहायक है। एसडीजी फ्रेमवर्क को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन एवं सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से मॉनिटरिंग तथा सतत विकास लक्ष्यों अनुसार प्रगति प्राप्त की जाएगी।राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के सुब्रमण्यम ने एसडीजी के विभिन्न आयामों को सरल और प्रभावी ढंग से बताया । उन्होंने गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता और आर्थिक विकास जैसे प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला। सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रवाल ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य के लिए आयोजित इस कार्यशाला में हमे कैसे नीतियां बनाना है, कैसे क्रियान्वयन करना है। इस पर चर्चा करेंगे। सतत विकास के मायने है कि वर्तमान की जरूरतों के साथ लक्ष्यों को पाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना कि आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताएं भी पूरी हो सके।
- -कलेक्टर ने 15 दिवस में लगाने दिए निर्देशबिलासपुर, /विलम्ब से दफ्तर आने वाले सरकारी कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी। बायोमेट्रिक अटेन्डेन्स के आधार पर उनका अगले महीने से वेतन निकाला जायेगा। कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारी-कर्मचारियों की लेटलतीफी से आम जनता को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। मशीन लगाने के लिए 15 दिवस की मोहलत प्रदान की है। अप्रैल महीने का वेतन हर हाल में बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही ड्रा किया जायेगा। कलेक्टर ने जिले के सभी विभाग प्रमुख, अतिरिक्त कलेक्टर, जिला कार्यालय एवं सभी प्रभारी अधिकारियों को आज इस आशय कड़े पत्र जारी किये हैं। जिसके अनुसार प्रायः यह देखा जा रहा है कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय पर अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि आपका स्वयं एवं अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति कोई नियंत्रण नहीं है। इससे जहां एक ओर शासकीय कार्य का त्वरित निपटारा नहीं हो पाता है वहीं आम जनता को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक एवं चिंताजनक है। कलेक्टर ने कहा है कि बायोमेट्रिक व्यवस्था का वे स्वयं आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।
- -चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल सहित अन्य कामों को जल्द पूरा करने दिए निर्देशबिलासपुर, /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में बच्चों के लिए बनाए जा रहे स्वीमिंग पुल सहित अन्य कामों का निरीक्षण किया। निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार भी इस दौरान उनके साथ थे। उन्होंने मौके पर चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल सहित अन्य निर्माण कार्यो की प्रगति देखी और सभी कार्यो को तय समय में पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि बच्चे यहां तैराकी प्रशिक्षण ले सके। इस दौरान पीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी परियोजना से संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार मौजूद थे।कलेक्टर ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी द्वारा स्वीमिंग पूल में शेड निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। बताया गया कि यह शेड निर्माण कार्य अप्रैल माह तक पूरा कर लिया जाएगा। कलेक्टर ने इसके संबंध में जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल, वेटिंग रूम एवं इंडोर हॉल मरम्मत काम का जायजा लिया। इस काम को भी पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल की धीमी गति पर ठेकेदार को फटकार लगाई। स्वीमिंग पूल, वेटिंग रूम एवं इंडोर हॉल मरम्मत के लिए 99 लाख रूपए स्वीकृत किये गये हैं। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है।
- - नृत्य नाटिका ‘कलांजलि’ में दिखी अहिल्याबाई की शौर्यगाथा- इंदौर के कलाकारों का मंचन देखकर मंत्रमुग्ध हुए रंगप्रेमी दर्शकरायपुर। विवाह तय होने पर मासूम सी बच्ची ने अपनी मां से कहा- मां मैं नहीं जाऊंगी आपको छोड़कर। मुझे नहीं करनी है शादी। मां ने अपनी नन्हीं सी बेटी के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि तुझे पता है सृष्टि ने हम पर कितनी बड़ी जिम्मेदारी दी है। हमें एक नहीं दो कुल को संवारना है। इस जिम्मेदारी से न मैं बच सकी, न तुम्हें बचने की कोशिश करनी चाहिए। वहां भी एक मां है, जो तुमसे स्नेह करेगी। तुम साथ मिलकर उनके कुल को संभालोगी।मासूम सी अहिल्याबाई और उनकी मां के बीच का यह संवाद आधुनिक युग में जितना प्रेरक लगता है, उतना ही प्रासंगिक भी।बात हो रही है कलांजलि नृत्य नाटिका के एक दृश्य की। इस नृत्य नाटिका का मंचन मुक्ताकाश मंच में महाराष्ट्र मंडल, संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन और कॉस्मिक क्रियेशन सोसाइटी के सहयोग से किया गया। पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर की जीवनगाथा पर आधारित नृत्य नाटिका ‘कलांजलि’ में अहिल्या बाई के संपूर्ण जीवन का नृत्य और संवाद के माध्यम से सुंदर मंचन किया। ओमकार नाद से शुरू हुआ कार्यक्रम भारतमाता की आरती के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान 85 मिनट के इस नृत्य नाटिका ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।‘कलांजलि’ की सूत्रधार और निर्देशक मंजूषा राजस जोहरी ने बताया कि पुरानी परंपरा में कथा- कथन का बड़ा महत्व था। आधुनिक युग में हम कहीं न कहीं मूल तत्व से दूर होते जा रहे है। इसी कारण हमने देवी अहिल्या के शौर्य गाथा को नृत्य नाटिका का माध्यम से प्रस्तुत किया। जिसमें कुल परंपरा मल्हारी मार्तंड का गोंधल नृत्य प्रस्तुत किया गया। अहिल्या बाई ने मां नर्मदा के तट पर विशाल घाट बनाया। ताकि प्रजा को समीप से मां के दर्शन हो सके। महेश्वर का यह नर्मदा तट और मां नर्मदा की स्तुति मान को शांत कर देती है।इस बीच कलाकारों ने नर्मदाष्टक पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। मंजूषा राजस जोहरी के मुताबिक नृत्य नाटिका में पोवाड़ा की प्रस्तुत भी हुई। पोवाड़ा महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह वीर रस और ऐतिहासिक घटनाओं को याद रखने और जश्न मनाने का एक माध्यम है। पोवाड़ा एक नाटकीय वर्णन है, जिसमें कविता और गद्य अंशों को बारी-बारी से सुनाया जाता है।सवा घंटे चले इस नृत्य नाटिका ‘कलांजलि’ में अहिल्या बाई के जीवन के हर पहलु को दिखाया गया। इसकी सूत्रधार और निर्देशन मंजूषा राजस जोहरी ने किया। संगीत संयोजन में विदुषी कल्पना झोकरकर के साथ अभय माणके और अमृता माणके की जोड़ी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पूरे कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नृत्य की रही। नृत्य नाटिका में बतौर रंजना ठाकुर और प्रियंक वैद्य की मेहनत मंच पर नजर आई। उनके निर्देशन में मेघा शर्मा जादौन, अनन्या व्यंगंकर, मोनिका देसाई, मनस्वी आप्टे, महक सेठ, हितैषी शरोदे, लविना तिवारी, मुस्कान मुच्छल और डॉ. प्रियंका वैद्य के नृत्य से मंत्रमुग्ध दर्शक देर तर तालियां बजाते रहे।सिन्थसाइज़र में आर्य पुरणकार , ऑक्टोपेड में विक्रम जोशी और तबले में संगत वेद ढोक ने दी। तकनीकी सहायक की भूमिका श्वेता पाठक और स्मिता मुद्रिस ने बखूबी निभाई।
- - नृत्य नाटिका कलांजलि में मुख्य अतिथि की आसंदी से साय ने बताया- घर में कैसी हो मेहमान नवाज़ीरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक जिले में संस्कृत की एक पाठशाला आवश्यक हो। जिसमें पहले से दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई हो और इसके माध्यम से हम अपने धर्म, संस्कृति को भली- भांति समझ सकें। कौशल्या मुक्ताकाश मंच में आयोजित कलांजलि नृत्य नाटिका के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।श्रीमती मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जीवन में पहले धर्म होना चाहिए। फिर कर्म। इसके माध्यम से राजनीति, कैरियर और तमाम रास्ते खुलते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि घर को मंदिर की तरह रखना और मानना चाहिए। यही वजह है कि हमारे घर में भोजन नहीं प्रसाद पकता है। उनके घर में मेहमान के लिए अलग से भोजन तैयार नहीं किया जाता। पकवान नहीं बनाए जाते, बल्कि घर में जो प्रसाद बना होता है, उसी से शादी में मेहमान का स्वागत सत्कार किया जाता है।कॉस्मिक क्रिएशन समिति, महाराष्ट्र मंडल रायपुर और संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन की ओर से आयोजित नृत्य नाटिका के भव्य आयोजन में सुमित्रा देवी साय ने कलांजलि नृत्य नाटिका के आयोजन की जमकर प्रशंसा की और इंदौर के कलाकारों की नृत्य एवं अभिनय शैली से वे मंत्रमुग्ध रहीं। कौशल्या ने कहा की पुण्य श्लोक राजमाता अहिल्याबाई के जीवन से न केवल नारी समाज को बल्कि संपूर्ण मानव जगत को बहुत कुछ सीखना चाहिए। सनातन की रक्षा के लिए किए गए उनके कार्य आज भी हमारे लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। कौशल्या देवी ने कहा कि इस विषय उनके पास बोलने के लिए और बहुत कुछ नहीं है इसलिए ऐसे बड़े आयोजन भी होने चाहिए, जिनमें सिर्फ बातें हों, सनातन की धर्म की संस्कृति और परंपरा की। जिसमें हम अपनी भावनाओं को आज की और भावू पीढ़ी के लोगों तक पहुंच सके।इस मौके पर विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे ने कविता की प्रीत भरी खूबसूरत पंक्तियों के साथ इंदौर के कलाकारों व दर्शक दीर्घा में बैठी नारीशक्ति, दर्शकों का अभिनंदन किया। साथ ही इस आयोजन की प्रशंसा की। वहीं कार्यक्रम की रूपरेखा सुनिश्चित करने वाले राजमाता अहिल्याबाई त्रिशताब्दी जयंती समारोह के अध्यक्ष एवं पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सच्चिदानंद शुक्ला ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर से संबंधित बहुत सी ऐसी जानकारी दी, जो दर्शकों श्रोताओं के लिए भी चौंकाने वाली थी। संस्कृति विभाग के डायरेक्टर विवेक आचार्य ने भी कार्यक्रम का संबोधित किया।आभार प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय की बातें जीवन में आत्मसात करने योग्य हैं। इसी तरह कलांजलि नृत्य नाटिका के माध्यम से अहिल्याबाई के जीवन दर्शन को भी हमें अपनी जिंदगी में उतारना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन संजय जोशी, शताब्दी पांडे और किशोरीखंगन ने किया।
- -ग्राम खल्लारी के तांदुला डुबान क्षेत्र में तरबूज के खेती एवं गिधाली में किसान श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र के खेत में पहुँचकर शाक-सब्जी उत्पादन कार्य का लिया जायजाबालोद।, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खल्लारी एवं गिधाली पहुँचकर उद्यानिकी फसलों का अवलोकन किया। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने उद्यानिकी विभाग के नदी कछार योजना अंतर्गत ग्राम खल्लारी में तांदुला जलाशय के डुबान क्षेत्र में 06 किसानों द्वारा किए जा रहे तरबूज की खेती का अवलोकन किया। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित कृषकों एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से तरबूज के खेती कार्य में लगने वाली कुल लागत, उत्पादन, बिक्री की व्यवस्था एवं इस कार्य से होने वाले आमदनी के संबंध में जानकारी ली। मौके पर उपस्थित किसानों ने बताया कि इस स्थान पर लगभग 50 एकड़ भूमि में 06 किसानों द्वारा तरबूज की खेती की जा रही है। उन्होेंने बताया कि तांदुला जलाशय के इस डुबान क्षेत्र में खेती करने के लिए पंचायत से प्रस्ताव कराना आवश्यक है। इसके उपरांत किसानों के इस जमीन को जल संसाधन विभाग से लीज में लेना पड़ता है। किसानों ने बताया कि तांदुला जलाशय के इस डुबान क्षेत्र में दिसंबर से फरवरी माह तक किसानों को खेती करने की अनुमति दी जाती है। श्री चन्द्रवाल ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को तरबूज के खेती कार्य में लगे किसानों को उद्यानिकी विभाग के योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वहाँ आगामी समय में सामूहिक रूप से फूलों की खेती करने हेतु कार्य योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गिधाली में प्रगतिशील कृषक श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र के खेत में पहुँचकर शाक-सब्जी के उत्पादन कार्य का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि कृषक श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र के द्वारा उद्यानिकी विभाग के सहयोग से कुल 05 एकड़ भूमि में पत्ता गोभी के अलावा अलग-अलग किस्मों के आम की पौधे भी लगाए गए थे। मौके पर उपस्थित उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य पोषित नवीन आम रोपण के अंतर्गत यहाँ पर दशहरी, लंगड़ी आदि आम के विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कृषक श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र को निःशुल्क आम के पौधे प्रदान करने के अलावा दो वर्ष तक आम के पौधों के देखभाल हेतु खाद-बीज प्रदान की गई है।
- बालोद,। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा बालोद जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित व संघन निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत शेष रह गए खाद्य परिसरों में खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति बनाने निर्देशित किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि आगामी होली पर्व को देखते हुए विशेष रूप से हॉटल, रेस्टारेंट, चैपाटियों आदि परिसरों में साफ-सफाई रखने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, मिठाईयों में लेबल लगाने, मिठाईयों में खाद्य रंग का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जितने भी हॉटल, रेस्टारेंट में उपयोग किए जाने वाले पानी का समय-समय पर जाँच परीक्षण कराने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से खोवा बरफी, मिनी पेड़ा, मैदा, बेसन, नारियल का लड्डू बेसन का लड्डू, खुला कुंदा, कलाकंद, मलाई कतली, मथुरा पेड़ा, काजू कतली, बालूशाही, पनीर, जलेबी, आदि मिठाईयों का कुल 30 नमूना जॉच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। इसके अलावा खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम अंतर्गत खाद्य पदार्थों में मिलावट, पैकेजिंग एवं लेबलिंग के संबंध में चलित प्रयोगशाला वाहन का प्रचार-प्रसार के माध्यम से जिले के विभिन्न गाँवों और शहरों में टीम गठित कर विभिन्न प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही आम जनता एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं को जागरूक भी किया जा रहा है।
- -विभिन्न नियोजकों द्वारा 500 से अधिक पदों पर की जाएगी भर्तीबालोद। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में 20 मार्च को मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें 04 नियोजकों द्वारा कुल 563 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि प्लेसमेंट में शिव शक्ति एग्रीकेट लिमिटेड तेलीबांधा रायपुर के द्वारा एसआर सेल्स के 60 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास एवं 20 से 45 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। संसूर श्रुष्टि इंडिया लिमिटेड तुलसीपुर राजनांदगांव के द्वारा ब्रांच मैनेजर के 33 एवं बिजिनेस डेवेल्पमेंट आफिसर के 10 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं से लेकर स्नातक एवं 18 से 45 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। इसी तरह प्रथम एजुकेशन फाॅंउंडेशन अंजोरा दुर्ग के द्वारा एफ एंड बी स्टीवर्ड, मल्टीफ्ंशनल आॅफिस एसोसिएट एवं हाउस कीपिंग अटेंडेंट के 30-30 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं एवं 12वीं पास एवं 18 से 30 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरिटी सर्विसेस भिलाई दुर्ग के अंतर्गत सिक्यूरिटी गार्ड पुरूष के 100 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता पांचवी एवं आठवी निर्धारित की गई है। सिक्यूरिटी गार्ड केवल पुरूष के 200 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता दसवीं एवं बारहवीं निर्धारित की गई है। इसी तरह सिक्यूरिटी सुपरवाईजर पुरूष के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता बारहवीं या ग्रेजूएट पास एवं 02 वर्ष का अनुभव निर्धारित की गई है। इसी तरह महिला सिक्यूरिटी गार्ड के 20 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता पांचवी, आठवी पास निर्धारित की गई है। उक्त पद हेतु आयु सीमा 20 से 40 वर्ष एवं कार्यक्षेत्र रायपुर, दुर्ग, भिलाई एवं राजनांदगांव रहेगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक योग्यता के सम्पूर्ण प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन कार्ड, पासपोर्ट साईज फोटो एवं आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित हो सकते हैं।
- बालोद । शासकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान गुरूर में भारतीय रिजर्व बैंक की जमाकर्ता शिक्षा व जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बैंक उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों एवं उनके हितार्थ वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरुक करना है। कार्यक्रम में जिला लीड बैंक से श्री सौरभ जैन, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य श्री एनके साहू उपस्थित थे। कार्यशाला में श्री सौरभ जैन ने कहा कि वित्तीय शिक्षा वर्तमान समय कि महत्वपूर्ण आवश्यकता है क्योंकि वित्तीय समझ से व्यक्ति अपनी व परिवार की वित्तीय व्यवस्था को सुव्यवस्तिथ कर सकता है। उन्होंनें कहा कि बैंक से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति का यह अधिकार है कि वह अपने जमा धन व निवेश की विस्तृत जानकारी बैंक प्रबंधन से प्राप्त कर सकता है और यदि बैंक प्रबंधन जानकारी नहीं देता है तो उसे तत्काल बैंकिंग लोकपाल से संपर्क करना चाहिए। श्री सौरभ जैन ने उपस्तिथ छात्र एवं छात्राएं के उत्साह को देखते हुये कहा कि वित्तीय मामलों की जानकारी के प्रति छात्राओं की यह ललक इस बात का परिचायक है कि अब समाज में व्यापक बदलाव आने वाला है। कार्यक्रम के उद्देश्य के विषय में जानकारी देते हुये ’समर्पित संस्था के अध्यक्ष डाॅ. संदीप शर्मा ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक से जुडे़ उपभोक्ताओं के सामने आने वाली विभिन्न परेशानियों को देखते हुये उन्हें जागरुक करने के लिये जमाकर्ता शिक्षा और जागरुकता कार्यक्रम की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि जमाकर्ता अपने अधिकार और वित्तीय शिक्षा के प्रति अज्ञानता के कारण ही लगातार चिटफंड कंपनी, ऑनलाइन शाॅपिंग, दूरभाष में ए.टी.एम. की जानकारी आदि माध्यमों से ठगी का शिकार हो रहा है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला के माध्यम से बैंक उपभोक्ताओं को जागरुक बनाया जा रहा है। डाॅ. संदीप शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिये भारतीय रिजर्व बैंक ने पूरेदेश भर से मात्र 20 संस्थाओं का चयन किया है और उसमें से समर्पित संस्था एक है। इसके साथ ही इस कार्यक्रम के लिये चयनित होने वाली समर्पित संस्था छत्तीसगढ़ की एकमात्र संस्था है। कार्यशाला में उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों व मास्टर ट्रेनर श्री हितेश मिश्रा व संतोषी बघेल ने बैंक खाता खुलवाने, उसका संचालन, बचत योजना, वित का प्रबंधन, के.वाय.सी. प्रक्रिया, बैंक ऋण, ऋण संबंधित उपभोक्ताओं के अधिकार, जमाकर्ताओं के अधिकार, बैंकिंग लोकपाल, चिटफंड कंपनियों, नान बैंकिंग फाइनेंस कंपनी आदि की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
- रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार शाम को सात बजे कंडे की होली जलाई जाएगी। वहीं 16 मार्च, रविवार को शाम चार बजे से मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया है। उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार इस मौके पर होली की मस्ती से सराबोर कई हास्य- परिहास के मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए होली मिलन में बहुत कुछ मजेदार होगा।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल पर्यावरण का संरक्षण के उद्देश्य से लगभग 10 वर्षों से लकड़ी की जगह पर कंडे और गोकाष्ट के उपयोग को प्राथमिकता देने की मुहिम चला रहा है। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए पहली बार महाराष्ट्र मंडल अब कंडे की होली जलाएगा। साथ ही इसके लिए समीपस्थ कालोनियों व मोहल्लों की होली समितियों को जागरूक और प्रेरित भी करेगा। इस बीच मंडल सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने आजीवन सभासदों के साथ-साथ आमजनों से भी अपील की है कि रंगों की होली जमकर खेलें, लेकिन पानी के दुरुपयोग से बचें। स्वयं भी कम से कम पानी का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए तैयार करें।
- बिलासपुर /विकासखंड तखतपुर के ग्राम भरनी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता दीदियों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में समूह की 11 दीदियों ने भाग लिया। दीदियों को कचरा प्रबंधन के संबंध में विस्तार से संपूर्ण जानकारी दी गई।अपने आस-पास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का जिम्मा ली जय माँ लक्ष्मी स्व सहायता समूह की स्वच्छता दीदीयों के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वछता प्रशिक्षण का आयोजन जिला पंचायत द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में कचरा प्रबंधन की मुख्य प्रक्रिया कचरा पृथक्करण के विषय मे पहले विस्तार से समझाया गया। इसके पश्चात कितने प्रकार से कचरा पृथक करना है उसकी जानकारी दी गई। केंद्र में व्यवहारिक प्रशिक्षण समूह की दीदीयों द्वारा दिया गया जिसे स्वच्छता समूह की दीदीयों ने ध्यान पूर्वक सुना, समझा और सबसे पहले अपने ग्राम पंचायत को स्वच्छ करने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण में जिला पंचायत से श्रीमती करुणा, जसवंत जांगङे, जनपद पंचायत तखतपुर, सरपंच भरनी और समूह की 11 दीदीयों ने प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण देने के लिए पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से प्रांत संयोजक अक्षय जी और राजेश जी उपस्थित रहे।
- - सखी फाउंडेशन की तरह आप भी डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने का लें संकल्प: नीलम सिंहरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सड्डू- मोवा केंद्र में महिला दिवस के साथ धूमधाम से होली मिलन समारोह मनाया गया। कार्यक्रम की विशेष अतिथि आयुर्वेद की डॉ. रश्मि शुक्ला और अध्यक्ष नीलम सिंह सखी फाउंडेशन से आई थी। पूरे आयोजन में शालिनी जोशी कृष्ण की वेशभूषा में सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।डॉ. रश्मि ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामना देते हुए स्वस्थ जीवन व्यतीत करने के लिए सुबह से रात तक की दिनचर्या, खान- पान और पंचकर्म क्रिया का महत्व बताया। नीलम सिंह ने सखी फाउंडेशन के उद्देश्य बताये। पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के अलावा 'नारी शक्ति क्या कार्य कर रहा है', इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमने संकल्प लिया है कि छोटे- बड़े किसी भी प्रकार के कार्यक्रम में डिस्पोजबल का उपयोग नहीं करेंगे। आप लोगों को भी प्रकृति का संरक्षण करने के लिए इसी तरह का संकल्प लेना चाहिए।शंकर नगर प्रभारी रेणुका पुराणिक ने महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न कार्यों से अतिथियों को अवगत कराया।कार्यक्रम में सड्डू- मोवा केंद्र की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। एक- दूसरे को महिला दिवस की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए विशेष अतिथि के साथ फुलों की होली खेली। इस अवसर पर आरती पोतदार, प्राजक्ता एतुलवार, शालिनी जोशी, मनीषा होशंगाबादे, माधुरा भागवत, रंजना देशपांडे, कुंदा देवीकडर, प्राजंलि चारपे, शुभदा राजिमवाले, श्रुती डोंनगांवकर, मंजुषा कलाकार, माधवी मोघे, उर्वशी, स्मिता कराले, माणिक आचार्य, सुरेखा पाटील सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु के किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया और अपनी परंपरा के अनुरूप रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी उपस्थित थे।तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीति को बताया अनुकरणीयमुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे देश के सर्वाधिक धान मूल्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की नीति किसानों के लिए एक मिसाल है। इस पहल को किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता है, तो वे न केवल अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं, बल्कि खेती को एक स्थायी आजीविका के रूप में भी देख सकते हैं।एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने मुख्यमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि उचित समर्थन मूल्य किसानों को आश्वस्त करता है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। जब मूल्य उत्पादन लागत से मेल खाता है, तो किसान निडर होकर खेती कर सकते हैं और अपनी आजीविका को समृद्ध बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम पूरे देश में मिसाल बन सकता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि समृद्ध भी हों।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई यह नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही है। किसान हितैषी योजनाओं के कारण प्रदेश में धान का उत्पादन लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।छत्तीसगढ़ की कृषि नीति को राष्ट्रीय पहचानतमिलनाडु के किसानों ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की सराहना की। किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उनका सीधा प्रभाव उनकी आय, जीवन स्तर और समृद्धि पर पड़ता है। यह मुलाकात दो राज्यों के किसानों के बीच आपसी सौहार्द और कृषि सहयोग का प्रतीक बनी। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित नीतियां न केवल राज्य में बल्कि देशभर में अनुकरणीय बन रही हैं।इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ श्री चेरन, श्री कालिया पेरूमल, श्री समीनाथन, श्री सेनगुटटुवन, श्री सुगुमारन, श्री बालाजी, श्री सीतारामन, श्री सबरी नाथन, श्री जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।
- -प्रेस क्लब के रिनोवेशन के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा पर पत्रकारों ने जताया आभाररायपुर / होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन को भुलाकर नए सिरे से दोस्ती की शुरुआत करने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में यह बात कही।रंगों के बीच पत्रकारों संग झूमे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री श्री साय का रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने अनूठे अंदाज में भिंडी की माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘सेंसलेस टाइम्स’ का विमोचन भी किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा है। हर साल इस होली उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलता है। मैं रायपुर प्रेस क्लब परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हर्ष और उल्लास से भरा यह पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे, यही मेरी मंगलकामना है।मुख्यमंत्री ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकाररायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह में रंगों और उमंग का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में मौजूद पत्रकारों और गणमान्यजनों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया और पूरे माहौल में उल्लास की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकारों के साथ फाग गीतों और होली की मस्ती में झूमते नजर आए। होली के इस रंगीन माहौल में संगीत, उत्सव और आपसी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला।पत्रकारों के लिए बड़ी सौगात, प्रेस क्लब के लिए 1 करोड़ का बजट प्रावधानमुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर प्रेस क्लब की परंपरा को सराहते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं। रायपुर प्रेस क्लब को राजधानी की गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे इसके भवन का रिनोवेशन और विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा पत्रकारों के लिए एक्सपोजर विजिट की भी मांग उठी थी, जिसे पूरा करते हुए 1 करोड़ रुपये का अलग से बजट प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ पत्रकारों के कल्याण की चिंता करते हुए कहा कि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में जनसेवा करने वाले साथियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने सम्मान निधि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे लगता है कि यह होली केवल रंगों और फाग की मस्ती का पर्व नहीं, बल्कि पत्रकार मित्रों के लिए भी बड़ी सौगात लेकर आई है।महिला पत्रकारों के योगदान को सराहामुख्यमंत्री ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों का सम्मान किया और उनके संघर्ष व उपलब्धियों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारिता में चुनौतियाँ बहुत हैं, लेकिन उनके हौसले और संकल्प भी उतने ही ऊँचे हैं।लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में पत्रकारों की अहम भूमिकामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं, जिनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उनके लिए इस तरह के सांस्कृतिक और मिलन समारोह जरूरी हैं, जिससे कार्य के दबाव से अलग हटकर परस्पर सौहार्द को बढ़ावा मिले।रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, श्री अमित चिमनानी, श्री अनुराग अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारीगण कार्यक्रम में शामिल हुए। रायपुर प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित प्रेस क्लब के सदस्यगण उपस्थित थे।
- -बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय-बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर-बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव-बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुमरायपुर/ बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री किरण देव, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य मौजूद रहे।बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगोबस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है। "बस्तर पंडुम" गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षणबस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।
- -विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित सभी विधायकों ने खेली होलीमंत्री-विधायकों के फाग गीतों पर झूमे सदस्य, डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधारायपुर।,विधानसभा परिसर में आज होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन हुआ, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित तमाम विधायकों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। आयोजन का पूरा माहौल होली के उल्लास में सराबोर रहा। मंत्रियों और विधायकों ने पारंपरिक फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर विधानसभा सदस्य झूमते नजर आए।मंत्री-विधायकों के फाग गीतों से गूंजा विधानसभा परिसरहोली मिलन समारोह में लोक परंपरा का विशेष रंग देखने को मिला। मंत्री-विधायकों द्वारा गाए गए फाग गीतों से विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखी।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मुख मुरली बजाए, छोटे से श्याम कन्हैया गीत की मधुर प्रस्तुति दी।विधायक श्री अनुज शर्मा ने का तैं मोला मोहिनी डाल दिये रे और रंग बरसे गीत गाकर समां बांध दिया। विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने फागुन मस्त महीना और चना के डार राजा गीत गुनगुनाया। विधायक श्री दिलीप लहरिया ने नदिया के पार म, कदली कछार म गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक श्री रामकुमार यादव और श्रीमती चातुरी नंद ने भी फाग गीतों से समां बांधा।डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया रंगलोकप्रिय कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी हास्य और होली की रंगीन कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा श्री राकेश तिवारी और उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने डॉ. सुरेंद्र दुबे, श्री राकेश तिवारी व उनकी टीम को सम्मानित किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री अजय चंद्राकर, श्री धर्मलाल कौशिक, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री धर्मजीत सिंह, श्री मोतीलाल साहू, श्री सुशांत शुक्ला, श्री संदीप साहू, गुरु खुशवंत साहेब, श्री भैयालाल राजवाड़े, श्री ईश्वर साहू, श्री कुंवर सिंह निषाद, श्री रिकेश सेन, श्री रामकुमार यादव, श्रीमती भावना बोहरा, श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री ललित चंद्राकर सहित विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
- -मेडिकल स्टाफ को विशेष निर्देश, सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ीरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल के दिशानिर्देश पर होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए अम्बेडकर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देशित किया है। होली के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति के संभावित मामलों को देखते हुए आपात चिकित्सा सेवाओं को चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। होली के दिन 14 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) बंद रहेगा, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं पूर्ववत 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।आपात चिकित्सा सेवाओं को लेकर विशेष प्रबंधआपातकालीन वार्डों में जीवन रक्षक दवाओं और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता दी जा सके। सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी ड्यूटी के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। मरीजों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए ट्रॉमा और इमरजेंसी यूनिट को विशेष रूप से सशक्त किया गया है।सुरक्षा व्यवस्था भी होगी चाक-चौबंदअस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड और बंदूकधारी गार्ड तैनात किए गए हैं। सिक्योरिटी सुपरवाइजर को विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा स्टाफ को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस से समन्वय किया गया है।डीकेएस अस्पताल तक एम्बुलेंस सेवा उपलब्धगंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए डीकेएस अस्पताल स्थित सुपर स्पेश्यलिटी विभाग में भेजने की प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए अम्बेडकर अस्पताल से डीकेएस अस्पताल तक एम्बुलेंस सेवा 24 घंटे सक्रिय रहेगी। अस्पताल प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि होली का त्योहार सावधानीपूर्वक मनाएं और किसी भी आकस्मिक चिकित्सा स्थिति में घबराए बिना अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं का लाभ उठाएं।
- -यूनेस्को ने पहली सूची में किया शामिलरायपुर / अपनी समृद्ध जैव विविधता और जीव जंतुओं की दुर्लभ प्रजातियों के आवास के रूप में पहचाने जाने वाले बस्तर के कांगेर घाटी नेशनल पार्क को यूनेस्को ने 2025 की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की तदर्थ सूची में शामिल कर लिया है। अब वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा हासिल करने के लिए राज्य सरकार को एक साल में अपना दावा पूरे तथ्यों के साथ पेश करना होगा। कांगेर घाटी को टेंटेटिव लिस्ट में भी शामिल किया जाना भी बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी साइट को यह मौका मिला है। 200 वर्ग किमी में फैला कांगेर घाटी नेशनल पार्क कई वजहों से खास है। करीब दो साल पहले कांगेर घाटी नेशनल पार्क के तत्कालीन डायरेक्टर गणवीर धम्मशील ने करीब साल भर की तैयारी और रिसर्च, पुरातत्व विभाग समेत कई विभागों की शोध के आधार पर वर्ल्ड हेरिटेज साइट के लिए नेशनल पार्क का प्रस्ताव यूनेस्को को भेजा था। यूनेस्को किसी जगह को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा तीन श्रेणियों में देता है। पहली श्रेणी प्राकृतिक धरोहर है, दूसरी सांस्कृतिक और तीसरी मिश्रित । आवेदन पहली श्रेणी के लिए भेजा गया था, जिसे तदर्थ सूची में शामिल कर लिया गया है, जो बड़ी उपलब्धि है। यूनेस्को ने अपनी वेबसाइट पर इस आशय की घोषणा कर दी है। अब इसके समर्थन में एक साल के भीतर तथ्यात्मक जानकारी देनी होगी।कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की खासियत* पार्क की जैवविविधता इसको बेहद खास बनाती है। ये पहाड़ी मैना का प्राकृतिक आवास भी है, जो इंसानों की तरह बोल सकती है।* पार्क में कोटमसर समेत लाइम स्टोन की 16 प्राकृतिक गुफाएं हैं।* ये गुफाएं लाखों साल पुरानी हैं और खास बात ये है कि ये अभी भी जिंदा हैं। यही चीज इन गुफाओं को देश के बाकी हिस्सों की गुफाओं से अलग बनाती हैं। चूना पत्थरों की नई संरचनाओं का निर्माण जारी है। इस गुफाओं में अंधी मछलियों से लेकर बहुत तरह के जीव जंतु* पार्क की एक और खासियत यहां के धुरवा आदिवासी हैं, जो अपने साथ हजारों सालों की सभ्यता समेटे हुए हैं और जंगल को संरक्षित करने में योगदान दे रहे हैं।
- -जशपुर के कुनकुरी में चिकित्सा महाविद्यालय का होगा निर्माण-राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में खुलेगा सिकल सेल स्क्रीनिंग सेंटर-निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लिए 1500 करोड़ रूपए का प्रावधान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 1850 करोड़ रूपए का प्रावधान-बिलासपुर मानसिक चिकित्सालय में 100 बिस्तरों का होगा इजाफा-मेकाहारा स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान योजना व अन्य विभाग के लिए प्रथम चरण में 20 करोड़ रूपए के चिकित्सा उपकरणों की होगी व्यवस्था-नई इंटिग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के निर्माण के लिए 49 करोड़ रूपए का प्रावधान-कोंटा के पूवर्ती, सुकमा के भेज्जी तथा जशपुर के सिरिमकेला में खुलेगा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्ररायपुर,/छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6710 करोड़ 85 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में कहा कि बजट में जिला चिकित्सालय गरियाबंद एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के भवन निर्माण हेतु 4 करोड़ रूपए बजट में प्रावधानित है। साथ ही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जनकपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना का प्रावधान है, ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही जांजगीर-चांपा और कबीरधाम जिले में 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन करने के साथ 516 पद सृजित किए जाने का प्रावधान किया है।उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण हेतु राष्ट्रीय स्तर के संस्थान जैसे-राज्य वैक्सीन भण्डार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एवं हियरिंग की स्थापना के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सके इसलिए नवीन जन औषधि केन्द्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सिकल सेल रोगियों को निशुल्क दवाइयां, परामर्श और समय पर जांच सुविधा प्रदान किए जाने हेतु प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में सिकल सेल स्क्रीनिंग सेंटर की व्यवस्था किए जाने हेतु बजट में 5 करोड़ तथा सियान केयर क्लिनिक योजना हेतु 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ग्राम पूवर्ती विकासखण्ड कोन्टा, ग्राम भेज्जी जिला सुकमा तथा सिरिमकेला जिला जशपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना के लिए 36 पद प्रावधान किए गए हैं।मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सेंदरी, जिला बिलासपुर में स्थित मानसिक चिकित्सालय को 100 बिस्तर से बढ़ाकर 200 बिस्तर अस्पताल के रूप में उन्नयन किया जाएगा। साथ ही बजट में जगदलपुर एवं मनेन्द्रगढ़ में दो नवीन मानसिक चिकित्सालय प्रारंभ किये जाने का प्रावधान है। इसी तरह दंतेवाड़ा के 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर सिविल अस्पताल के रूप में उन्नयन करने का प्रावधान किया गया है, ताकि यहां के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा योजना प्रदान करने के लिये 1500 करोड़ का प्रावधान है। डॉ० भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी विभाग का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विगत एक वर्ष के प्रयास से यहां कार्डियक बाईपास भी प्रारंभ हो गया है, जिसके विस्तार हेतु 10 करोड़ का बजट रखा गया है।आयुषमंत्री श्री जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से, अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आयुष पद्धतियों का निरंतर विकास और विस्तार सुनिश्चित करने हेतु बजट में 517 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में औषधियों के लिए 25 करोड़ रुपये और चिकित्सा उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।खाद्य एवं औषधि प्रशासनउन्होंने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत संचालित कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों द्वारा निर्मित, विक्रित तथा भंडारित खाद्य और औषधि पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करते हुए जनसामान्य को उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ और औषधियाँ प्रदान करने के उद्देश्य से बजट में कुल 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में एकमात्र खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर में स्थित है, जिसमें खाद्य और औषधि नमूनों की जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।इसके अतिरिक्त, राज्य में एक नई इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सह एफबीए भवन हेतु भूमि क्रय और भवन निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।12 नए नर्सिंग महाविद्यालयस्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने व स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने हेतु व प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निर्णय लिए गए हैं। इसी दिशा में 12 नए नर्सिंग महाविद्यालयांे की स्थापना की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार मिलेगा, इनमें से 09 नर्सिंग महाविद्यालय (बलरामपुर, दंतेवाड़ा, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, जशपुर, बैकुण्ठपुर, नवा रायपुर, कुरूद-धमतरी एवं बीजापुर) राज्य योजना के अंतर्गत और 03 नर्सिंग महाविद्यालय (कांकेर, कोरबा, महासमुन्द) केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत स्थापित किए जाएंगे। इस हेतु 34 करोड़ का बजट प्रावधान प्रथम चरण में किया गया है।06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयस्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में प्रदेश में 06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों (बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, जशपुर, मनेन्द्रगढ़, रायगढ़) की स्थापना किये जाने का प्रावधान है। जिससे इस क्षेत्र में दक्ष युवाओं की संख्या बढ़ेगी। इस हेतु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए रायपुर में ‘‘रीजनल ट्रेनिंग सेंटर‘‘ की स्थापना हेतु निर्णय लिया गया है। हमारे मेडिकल प्रोफेशनल्स को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सशक्त होंगी। इस हेतु 5 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि रायगढ़, चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय भवन के विकास कार्य एवं अनुरक्षण हेतु 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय में विद्युतीकरण कार्य हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है, तथा 5 करोड़ का प्रावधान कुनकुरी में चिकित्सा महाविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया है।बजट में प्रदेश की जनता के लिए उपचार की सुविधा का विस्तार करने के उद्देश्य से चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान विभाग व अन्य विभाग हेतु प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही आधुनिक एवं उच्च कोटि के चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध कराने के क्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में एम.आर.आई. मशीन हेतु 15 करोड़ एवं सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 13 करोड़ तथा तथा महासमुंद चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 7 करोड़ प्रथम चरण में बजट प्रावधानित किया गया है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1850 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उपरोक्त बजट से वयोवृद्धों के स्वास्थ्य सेवा का सुदृढीकरण किया जाएगा एवं जिला अस्पतालों में वयोवृद्धों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्य होगा। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों मे डे-केयर कैंसर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे कैंसर के मरीजांे को अपने गृह जिले में इलाज की सुविधा प्राप्त हो सके।बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभागस्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग अन्तर्गत 4 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। 20 सूत्रीय कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी जनता के हित के सूत्र हैं। इस कार्यक्रम में गरीबी, रोजगार, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, सिंचाई, पेयजल, कमजोर वर्ग का संरक्षण एवं सशक्तिकरण, उपभोक्ता संरक्षण, पर्यावरण, ई-शासन आदि जैसे विभिन्न सामाजिक, आर्थिक पहलुओं को शामिल किया गया है।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग से संबंधित अनुदान मांगों की चर्चा में विधायकगण सर्वश्री राघवेंद्र सिंह, धर्मजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव, पुन्नू लाल मोहले , धरमलाल कौशिक, व्यास कश्यप, राम कुमार यादव एवं श्रीमती रायमुनि भगत शामिल हुए और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
- रायपुर / नेशनल ट्रस्ट अंतर्गत लोकल लेवल कमेटी की बैठक का आयोजन मंगलवार को डॉ कलेक्टर गौरव सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसके अंतर्गत गार्जियनशिप प्रमाण पत्र प्रदान करने हेतु दो प्रकरणों पर चर्चा की गई जिसमें आवेदिका विनीता मरकले को उनके भाई विवेक पद्माकर मुरकी का लीगल अभिभावक नियुक्त करने के लिए सहमति दी गई। द्वितीय प्रकरण में कविता ओगरे द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर अपने पति पंकज ओगरे का लीगल गार्जियनशिप के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया जिस पर सहमति दी गई। बैठक में सदस्य के रूप में श्री राजकुमार शुक्ला, श्रीमती सिम्मी श्रीवास्तव, श्री श्याम सुंदर रैदास संयुक्त संचालक समाज कल्याण एवं श्रीमती विनीता शर्मा उपस्थित थे।
- रायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मंगलवार को शिक्षार्थियों को राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा में सम्मिलित होने हेतु न्योता दिया। ऐसे सभी शिक्षार्थी जिन्होंने साक्षरता कक्षा में 200 घंटे प्रवेशिका के 7 अध्याय की पढ़ाई पूर्ण की है को यह निमंत्रण दिया गया। यह परीक्षा राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा का आयोजन 23 मार्च 2025 दिन रविवार को होगी। इसका समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक शिक्षार्थियों के सुविधानुसार चिन्हांकित केंद्रों में आयोजित की जा रही है। महापरीक्षा में शिक्षार्थियों को शत प्रतिशत सम्मिलित करने हेतु कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने सभी को परीक्षा में सम्मिलित होकर सफल होने हेतु शुभकामनाएं दी।
-
-40 ठेले, गुमटी इत्यादि के जब्ती की कार्रवाई की गई
रायपुर / राजधानी रायपुर के यातायात को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के मद्देनजर जिला प्रशासन रायपुर लगातार प्रयास कर रही है। राजधानी के ऐसे इलाके जहां भीड़ भाड़ और वाहनों के आवाजाही ज्यादा रहती है। टीम प्रहरी द्वारा ऐसे इलाकों में उन्हें व्यवस्थित कर यातायात को सुगम और व्यवस्थित बनाने की पहल की जा रही है। इससे राजधानीवासियों को ट्रैफिक जाम सेे बड़ी राहत मिल रही है।कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह की पहल पर टीम प्रहरी अभियान की शुरूआत की गई है। कलेक्टर डॉ सिंह के निर्देशानुसार मंगलवार को टीम प्रहरी ने कार्रवाई करते हुए बैजनाथ पारा, मालवीय रोड़ तथा एवरग्रीन चौक पर यातायात बाधित कर रहे सड़कों के किनारे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं स्ट्रीट वेंडर के ठेला, गुमटी, साइन बोर्ड सहित अन्य सामान का जब्ती बनाया गया।नगर निगम, पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत निरंतर समझाइश के साथ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान नगर निगम निवेशक श्री आभाष मिश्रा, यातायात डीएसपी श्री सतीश ठाकुर तथा जोन-04 के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)




.jpg)
.jpg)

.jpg)












.jpg)
.jpg)