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रायपुर/ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज संसद भवन में सौजन्य भेंट की।
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रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की।
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रायपुर / जिले के लिए नियुक्त व्यय प्रेक्षक श्री सुशील गजभिये ने नगर निगम रायपुर तथा नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद के अभ्यर्थियों द्वारा प्रथम परीक्षण तिथि को प्रस्तुत किए गए लेखाओं की जांच की। इस दौरान श्री गजभिए ने व्यय अनुवीक्षण टीम को उचित रीति से अभ्यर्थियों द्वारा लेखा लिए जाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्धारित तिथि व समय पर लेखा परीक्षण हेतु उपस्थित नहीं होने वाले अभ्यर्थियों को नोटिस जारी करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी को निर्देशित किया।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के रायपुर स्थित अस्पतालों में खून की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस संबंध में कतिपय खबरों के संबंध में वस्तुस्थिति बताते हुए सीएमओ डॉ. एच.एल.पंचारी ने कहा है कि जिस मरीज को पैथोलॉजी जांच की आवश्यकता है, उसके लिए बहुस्तरीय समुचित व्यवस्था है।
डॉ. पंचारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज द्वारा रायपुर में दो अस्पतालों का संचालन किया जाता है जिसमें से एक डंगनिया परिसर में स्थित है और दूसरा गुढ़ियारी परिसर में। गुढ़ियारी और डंगनिया दोनों परिसरों में बिना किसी भेदभाव के पॉवर कंपनी के कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी, चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पैथोलॉजी जांच की सुविधा चिकित्सालय में भी है और अनुबंधित चिकित्सालयों तथा लेबोरेटरीज में भी उपलब्ध है। पैथोलॉजी लैब की सुविधा गुढ़ियारी परिसर में भी है। किसी कारण से यदि डंगनिया में जांच नहीं हो पाये तो गुढ़ियारी में जांच का विकल्प उपलब्ध रहता है। जहां तक नई मशीन की खरीदी का सवाल है तो विगत डेढ़ वर्षों में विभिन्न चुनावों की आचार संहिता जैसे विषय भी थे और कुछ तकनीकी विषय भी थे। लेकिन इनका समाधान भी विगत माह कर दिया गया है तथा डंगनिया की मशीन भी चालू हालत में है। पुरानी मशीन के राइट ऑफ होने तथा नई मशीन की खरीदी के दौरान भी किसी सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी को कोई दिक्कत का प्रश्न नहीं था क्योंकि हमेशा ही पैथोलॉजी जांच के विकल्प उपलब्ध रहे है।पॉवर कंपनी में केशलेस उपचार की सुविधा भी विगत कुछ वर्षों से है जिसका लाभ भी सेवारत तथा सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को प्राप्त होता है। डॉ. पंचारी ने स्पष्ट किया है कि जिस किसी मरीज को पैथोलॉजी जांच से संबंधित कोई समस्या है तो वह चिकित्सकों से संपर्क कर सकता है। -
बिलासपुर/स्थानीय निकाय के लिए आयोजित चुनाव प्रशिक्षण से नदारद 32 मतदान अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। ये सब अधिकारी 30 और 31 जनवरी को आयोजित प्रशिक्षण से बिना सूचना दिए शामिल नहीं हुए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उन्हें 24 घण्टे के भीतर जवाब देने को कहा गया है। जिन्हें नोटिस दिया गया है, उनमें 12 पीठासीन अधिकारी, 3 मतदान अधिकारी तीन, 9 मतदान अधिकारी दो और 8 मतदान अधिकारी तीन शामिल हैं। उन्हें 5 और 6 फरवरी 2025 को आयोजित द्वितीय प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से हिस्सा लेने को कहा है। निर्धारित समय पर जवाब नहीं देने और प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने पर इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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*रायपुर जिले में कुल 1290 मतदान केन्द्र में 2390 बैलेट यूनिट 1290 कंट्रोल यूनिट*
रायपुर / नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत आम चुनाव के परिपेक्ष्य में आज कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में सामान्य प्रेक्षक श्रीमती इफ्फत आरा की उपस्थिति में ईवीएम का रेंडमाईजेशन हुआ। जिसमें सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत में कुल 240 वार्ड में कुल 1290 मतदान केन्द्र शामिल हैं। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र में 2390 बैलेट यूनिट एवं 1290 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व में 2140 बैलेट यूनिट और 610 कंट्रोल यूनिट रहेंगे।
नगर पालिक निगम रायपुर में 70 वार्ड में कुल 1095 मतदान केन्द्र हैं, यहां प्रति मतदान केन्द्र में 2 बैलेट यूनिट लगेगी। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र में 2190 बैलेट यूनिट एवं 1095 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व मंे1260 बैलेट यूनिट और 225 कंट्रोल यूनिट रहेंगे। नगर पालिका परिषद आरंग में 17 वार्ड में 25 मतदान केन्द्र हैं। यहां प्रति मतदान केन्द्र में 1 बैलेट यूनिट लगेगी। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र में 25 बैलेट यूनिट एवं 25 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व में 95 बैलेट यूनिट और 35 कंट्रोल यूनिट रहेंगे। नगरपालिका परिषद गोबरा-नवापारा में 21 वार्ड में 26 मतदान केन्द्र हैं। यहां प्रति मतदान केन्द्र में 1 बैलेट यूनिट लगेगी। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र में 26 बैलेट यूनिट एवं 26 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व में 114 बैलेट यूनिट और 44 कंट्रोल यूनिट रहेंगे। नगरपालिका परिषद तिल्दा में 22 वार्ड में 31 मतदान केन्द्र हैं। जिनसे 04 वार्ड के 05 मतदान केन्द्रों में 02 बैलेट यूनिट तथा अन्य मतदान केन्द्र में 1 बैलेट यूनिट लगेगी। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र 36 बैलेट यूनिट एवं 31 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व में 114 बैलेट यूनिट और 49 कंट्रोल यूनिट रहेंगे। नगरपालिका परिषद मंदिर हसौद में 20 वार्ड में 23 मतदान केन्द्र हैं। यहां प्रति मतदान केन्द्र में 1 बैलेट यूनिट लगेगी। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र 23 बैलेट यूनिट एवं 23 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व में 107 बैलेट यूनिट और 47 कंट्रोल यूनिट रहेंगे। नगरपालिका परिषद अभनपुर में 15 वार्ड में 15 मतदान केन्द्र हैं। यहां प्रति मतदान केन्द्र में 1 बैलेट यूनिट लगेगी। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र 15 बैलेट यूनिट एवं 15 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व में 75 बैलेट यूनिट और 35 कंट्रोल यूनिट रहेंगे।
इसी प्रकार नगर पंचायत कूरा, माना कैंप, खरोरा, समोदा, चंदखुरी में 15 वार्ड में 15 मतदान केन्द्र हैं। यहां प्रति मतदान केन्द्र में 1 बैलेट यूनिट लगेगी। इस प्रकार यहां के मतदान केन्द्र 15 बैलेट यूनिट एवं 15 कंट्रोल यूनिट उपयोग में लाए जाएंगें। साथ ही रिजर्व में 75 बैलेट यूनिट और 35 कंट्रोल यूनिट रहेंगे। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे, डीआईओ श्री पी.सी. वर्मा, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि सहित संबंधित उपस्थित थे।
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रायपुर। बसंत पंचमी के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल नेहरू पुस्तकालय में आयोजित सरस्वती पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. वी.के. पाण्डेय, कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार डॉ. एस.एस. टुटेजा सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 4 फरवरी को नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि मां नर्मदा का आशीर्वाद समस्त जीवों के कल्याण के लिए है। नर्मदा नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और समृद्धि की प्रतीक है। मां नर्मदा की निर्मल धारा जीवनदायिनी है और हमें जल संरक्षण का संदेश देती है। इस पावन पर्व पर हम सभी संकल्प लें कि जल संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा के लिए सतत प्रयास करेंगे।
- -जागरूकता, समय पर जांच और सही उपचार ही कैंसर से बचाव का मंत्र - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक रहने और समय पर जांच व उपचार कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान और प्रभावी इलाज के प्रति जनमानस को जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। शासकीय अस्पतालों में कैंसर की जांच और उपचार की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे मरीजों को सुलभ और किफायती इलाज मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जागरूकता, नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अस्वस्थ जीवनशैली और खानपान से दूर रहकर स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने की अपील की और कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही दीर्घायु और निरोगी जीवन का आधार है।
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-श्रीकोट आश्रम में गुरुमाता पूर्णिमा जी के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर / यह हम सभी के लिए अत्यधिक गौरव का विषय है कि हम इस पवित्र स्थल पर एकत्रित होकर परम पूज्य संत गहिरा गुरु जी और माता पूर्णिमा जी के योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता है। उनका विग्रह समाज के कल्याण के प्रति उनके अडिग समर्पण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज श्रीकोट आश्रम बलरामपुर में परम पूज्य संत गहिरा गुरु की धर्मपत्नी पूर्णिमा जी के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के विशेष अवसर पर यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत गहिरा गुरु जी ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी समाज की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दीन-हीन और असहायों की सेवा को अपना परम धर्म माना और सत्य, शांति, दया और क्षमा के सिद्धांतों को धर्म के अमूल्य स्तंभ के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गहिरा गुरु जी द्वारा आदिवासी समुदायों के उत्थान में दिए गए अतुलनीय योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को इस पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी और उन्हें आह्वान किया कि वे माता पूर्णिमा जी और संत गहिरा गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारते हुए समाज को एक नई दिशा देने हेतु मनोयोग से जुट जाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यहां आने पर मुझे माता के विग्रह के दर्शन सौभाग्य मिला, उनका सजीव और मनोरम विग्रह देखकर ऐसा लगा मानो किस क्षण वह बोल उठे। श्री साय ने गहिरा गुरु जी का स्मरण करते हुए कहा कि गहिरा गुरु जी आदिवासी समाज के बड़े संत हुए, जिनके उपदेशों और कथनों के जरिए पूरे समाज ने सत्य सनातन धर्म का महत्त्व जाना। उन्होंने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास से पिछड़े हुए आदिवासी समुदाय के जीवन में गहिरा गुरु महाराज के उपदेशों से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सुधार आया। श्री साय ने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि गहिरा गुरु समाज का आशीर्वाद मुझे मिलता रहा। रायगढ़ के सांसद रहते गहिरा गुरु महाराज के जन्म ग्राम को गोद लेकर उसका विकास करने का सौभाग्य मिला। आज उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज आगे बढ़ रहा है। जगह-जगह संस्कृत महाविद्यालय खुल रहे हैं और आदिवासी समाज लगातार आगे बढ़ रहा है। समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। - -शासकीय कार्य में एआई के उपयोग और संभावित लाभों के प्रति किया गया जागरूक-प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया कार्यशाला में भागरायपुर / इलैक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आज आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री बसवा राजु, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री कमल प्रीत सिंह, तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव श्री एस.भारतीदासन, उर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री अंकित आनंद, एन.आर. डी.ए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार, आई. जी. श्री राम गोपाल गर्ग सहित 100 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया । कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका सिंह बारिक ने कहा कि तीव्र गति से परिवर्तित टेक्नालॉजी के इस दौर में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन की पहुँच बनाने के लिए इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की जानकारी इस कार्यशाला में दी जायेगी ।श्रीमती निहारिका सिंह बारिक ने कहा कि ए.आई. तकनीक हमारी सोच से अधिक गति से परिवर्तन ला रहा है । ए.आई. से हमारी अनेक समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त किया जा सकता है और शासकीय सेवा वितरण एवं नीति निर्माण में भी इसका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है । इन्हीं कारणों से आज की इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है ।कार्यशाला के प्रथम सत्र के समापन पर उपस्थित समस्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मालिक ने कहा कि एआई तकनीक का उपयोग शासन और प्रशासन में दक्षता बढाने एवं त्वरित निर्णय लेने में किया जा सकता है । इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य शासकीय कार्यों में प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग को प्रोत्साहित करना है ।नई दिल्ली से आये एआई के विशेषज्ञ डॉ. शिवा कक्कर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि विश्व में सर्वप्रथम टेक्नॉलाजी का उपयोग टेक्सटाईल उद्योग में किया गया। वर्ष 2022 के पश्चात सम्पूर्ण विश्व में एआई तकनीक का तीव्र गति से विस्तार हुआ । डॉ. शिवा ने बताया कि पहले यह माना जाता रहा है कि तकनीक के प्रयोग से रोजगार के अवसर कम होते हैं , परंतु वास्तविकता यह है कि नवीन तकनीक के माध्यम से नवीन कौशल को ज्यादा रोजगार प्राप्त होता है । कार्यशाला में एआई तकनीक के श्रेष्ठ उपयोग की जानकारी देते हुए डॉ. शिवा कक्कर ने चैट जीपीटी, मैटा, गूगल नोट बुक एल.एम्. जैसे अन्य प्रासंगिक एवं उपयोगी टूल्स की विस्तृत जानकारी प्रदान की ।कार्यशाला के समापन पर धन्यवाद प्रस्तावित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक ने बताया कि चिप्स द्वारा इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के विभिन्न विषयों पर प्रतिमाह कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा । राज्य के विभाग अपने कार्यक्षेत्र से सम्बंधित विशेष विषयों का चयन कर चिप्स को सूचित करें तो उस विषय पर भी चिप्स द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा । इस अवसर पर चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय और संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुपम आशीष टोप्पो भी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।
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बिलासपुर/ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा 5 पदों पर संविदा भर्ती के लिए 27 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें 3 पद कार्यालय सहायक/ क्लर्क और 2 पद चपरासी (मुंशी/ अटेंडेंट) के हैं। इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर इसे विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में रखे ड्रॉप बॉक्स में उक्त तिथि तक डाल सकते हैं। रजिस्ट्री, कूरियर अथवा अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। क्लर्क को 20 हजार और चपरासी को 12 हजार वेतन दिया जाएगा।विस्तृत जानकारी के लिए जिला न्यायालय की वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।
- बिलासपुर/नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2025 के तहत लोगों को ईव्हीएम मशीन की जानकारी देने विभिन्न वार्डों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए वार्डवार मास्टर ट्रेनर नियुक्त किये गये हैं जो ईव्हीएम मशीन की जीवंत प्रदर्शनी से लोगों को मतदान की प्रक्रिया और तकनीकी बारीकियों से अवगत कराएंगे। सवेरे 10 बजे से 4 बजे तक ईव्हीएम की जीवंत प्रदर्शनी वार्डों में लगाई जाएगी।आज 4 फरवरी 2025 जोन क्रमांक 1 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 3 साई नगर के पौनी पसारी हॉफा चौक के पास उस्लापुर, वार्ड क्रमांक 4 गोकुल नगर महामाया चौक, जोन क्रमाक 2 के वार्ड क्रमांक 7 कलिका नगर हेतु विष्णु चौक के पास, वार्ड क्रमांक 8 चित्रकांत जायसवाल नगर मन्नाडोल सामुदायिक भवन के पास, जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 17 नेहरू नगर में ठेठा डबरी शांति नगर, वार्ड क्रमांक 18 तिलक नगर आत्मानंद स्कूल तिलक नगर में, जोन क्रमांक 4 से वार्ड 25 क्रांतिकुमार भारतीय नगर के प्राथमिक शाला तालापारा में, वार्ड 26 शहीद अशफाक उल्ला नगर में रमजानी बाबा गार्डन के पास, जोन क्रमांक 5 के वार्ड 32 शहीद विनोद चौबे नगर में राष्ट्रीय बाल मंदिर हॉल सीएमडी कॉलेज, वार्ड 33 गांधी नगर में स्वा.आ.शा.बहु.उ. उत्कृष्ट हिंदी मीडियम विद्यालय जूना बिलासपुर, जोन क्रमांक 6 से वार्ड क्रमांक 41 विवेकानंद नगर के जोन कार्यालय के पास, वार्ड 42 शहीद चन्द्रशेखर आजाद नगर में देवरीखुर्द गद्दा चौक, वार्ड 43 बंशीलाला घृतलहरे में देवरी खुर्द गद्दा चौक, जोन क्रमांक 7 के वार्ड 50 बैरिस्टर छेदी लाल में आत्मानंद स्कूल लिंगियाडीह, वार्ड 51 राजकिशोर नगर में जोन कार्यालय राजकिशोर नगर, वार्ड 52 रविन्द्रनाथ टैगोर नगर में लिंगियाडीह माध्यमिक शाला दयालबंद रोड, जोन क्रमांक 8 से वार्ड 62 शास्त्री नगर में सुदर्शन भवन बंगालीपारा, वार्ड 63 अरविंद नगर में कान्हा सामुदायिक भवन, वार्ड 64 महामाया नगर में रामचौरा बिरकोना में ईव्हीएम प्रदर्शनी एवं जनता को जानकारी देने मास्टर ट्रेनर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।इसी प्रकार 7 फरवरी 2025 को जोन क्रमांक 1 के तहत वार्ड 13 पंडित दीनदयाल मंगला में वार्ड कार्यालय के पास, वार्ड 14 मिनीमाता नगर में शिक्षक कॉलोनी के सामुदायिक भवन, जोन क्रमांक 2 के वार्ड 9 यातायात नगर के सामुदायिक भवन के पास परसदा, वार्ड 10 गुरू गोविंद सिंह नगर के हायर सेकेंडरी स्कूल के पास सूर्यवंशी मोहल्ला, जोन क्रमांक 3 के वार्ड 19 कस्तूरबा नगर वार्ड के प्राथमिक शासकीय सिंधी कॉलोनी स्कूल बलराम टाकिज रोड, वार्ड 20 भक्त कंवर राम नगर मे ंपूज्य पंचायत भवन सिंधी कालोनी, जोन क्रमांक 4 से वार्ड 27 विनोबा नगर में गायत्री मंदिर के पास, वार्ड 28 प्रियदर्शनी नगर में दुर्गा पंडाल पानी टंकी के पास तारबहार, जोन क्रमांक 5 से वार्ड 34 संत रविदास नगर में शासकीय प्रथमिक शाला भवन कुम्हारपारा, वार्ड 35 नागोराव शेष नगर के शासकीय कन्या शाला भूवन जूना बिलासपुर, जोन क्रमांक 6 से वार्ड 44 शंकर नगर में हेमुनगर विधानी चौक, वार्ड 45 से शहीद हेमू कॉलोनी हेमूनगर विधानी चौक, वार्ड 46 गणेश नगर के अन्नपूर्णा कॉलोनी सामुदायिक भवन, जोन क्रमांक 7 से वार्ड 53 कमला नेहरू नगर के शासकीय हाई स्कूल चिंगराजपारा, वार्ड 54 भक्त माता कर्मा नगर में शबरी माता महाविद्यालय, वार्ड 55 माता परमेश्वरी नगर में राघवेन्द्र राव विज्ञान महाविद्यालय, जोन क्रमांक 8 से वार्ड 65 संत नामदेव नगर के चंद्रमौली मंदिर परिसर, वार्ड 66 पंडित शिवदुलारे मिश्रा नगर के संत नामदेव भवन, वार्ड 67 विद्यासागर नगर के माता चौरा सरकंडा में शिविर लगाया जाएगा।8 फरवरी 2025 को जोन क्रमांक 2 के वार्ड 11 संत कबीर दास नगर में पुरानी पानी टंकी के पास, वार्ड 12 बूढ़ादेव नगर में बन्नाक चौक सिरगिट्टी में, जोन क्रमांक 3 से वार्ड 21 गुरूघासीदास नगर के नवीन प्राथमिक शाला जरहाभाठा राजीव गांधी चौक के पास, वार्ड 22 डॉ भीमराव अम्बेडकर के मिशन स्कूल राजेन्द्र नगर में, जोन क्रमांक 4 से वार्ड 29 संजय गांधी नगर में दुर्गा पंडाल पानी टंकी के पास तारबहार में, जोन क्रमांक 5 से वार्ड 36 बसंत भाई पटेल नगर में महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में, वार्ड 37 इंदिरा नगर हेतु डी. पी. विप्र कॉलेज में, जोन क्रमांक 6 से वार्ड 69 बिलासा दाई केवटिन नगर हेतु नष्टी भवानी मंदिर के पास, वार्ड 70 त्रिपुर संुदरी नगर हेतु बुधवारी बाजार चौक में, जोन क्रमांक 7 से वार्ड 56 विजय नगर हेतु विजयापुरम कालोनी में, वार्ड 57 अशोक नगर हेतु डी.पी. विप्र लॉ कॉलेज में, वार्ड 58 रानी दुर्गावती नगर हेतु प्राथमिक शाला मुरूम खदान में एवं जोन क्रमांक 8 के वार्ड 68 रामकृष्ण परमहंस नगर में पानी टंकी के पास रिवर व्यू कॉलोनी में ईव्हीएम की जीवंत प्रदर्शनी सवेरे 10 बजे से शाम 4 बजे तक की जाएगी
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*-महापौर पद के लिए सफेद लेबल, पार्षद पद के लिए गुलाबी लेबल*
*-मीडिया प्रतिनिधियों ने मतदान का किया अभ्यास*
*-मतदान प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक*
*-मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई ईव्हीएम मशीन की विस्तृत जानकारी*
दुर्ग/छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आज बीआईटी कॉलेज के डी-ब्लॉक के कक्ष क्रमांक 101 में मीडिया प्रतिनिधियों के लिए मतदान मशीन के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान आज मास्टर्स ट्रेनर्स श्री हरेन्द्र सिंग भुवाल द्वारा ईव्हीएम मशीन की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। नगरीय निकाय निर्वाचन के मतदान तथा मतगणना के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। इस दौरान सभी मीडिया प्रतिनिधियों ने मतदान का अभ्यास किया और अपनी शंकाओं का समाधान किया। मतदान प्रातः 8 बजे शाम 5 बजे तक विभिन्न मतदान बूथों में सम्पन्न होगा।
मास्टर्स ट्रेनर्स ने बताया कि पहले महापौर पद के लिए सफेद लेबल में अपनी पसंद के अभ्यर्थी के सामने खुले बटन को दबाने के पश्चात बीप की छोटी आवाज आएगी। फिर पार्षद पद के लिए गुलाबी लेबल में अपनी पंसद के अभ्यर्थी के सामने के खुले बटन को दबाने पर मतदान करने पर बीप की लंबी आवाज आएगी। एक मतदान यूनिट में अधिकतम सोलह बटन की व्यवस्था होती है, जिसका अंतिम बटन END बटन होता है। एक नियंत्रण यूनिट के साथ चार मतदान यूनिट जोड़े जा सकते हैं।
मतदान मशीन की डिजाइन इस प्रकार से तैयार की गई है कि मतदाता बहुपद अर्थात् महापौर तथा पार्षद पद के लिए अपनी इच्छानुसार अपने पसंद के अभ्यर्थी को उसके नाम, फोटो एवं प्रतीक के सामने एक नीला बटन है इस नीले बटन को दबाकर मतदाता इच्छित अभ्यर्थी के लिए बटन दबाकर अलग-अलग मतदान कर सकता है। मतदान मशीन ई.सी.आई.एल. द्वारा निर्मित एक बैटरी द्वारा संचालित होती है तथा इसका उपयोग कहीं भी तथा किसी भी परिस्थिति में किया जा सकता है। इसका संचालन सुगम है तथा यह त्रुटिरहित है। प्रत्येक अभ्यर्थी के नाम के समक्ष मतदान यूनिट के बटन को दबाकर मतदाता अपनी पसंद के अभ्यर्थी के पक्ष में मतदान कर सकता है। मतदाता द्वारा किये गए मतदान की रिकार्डिंग नियत्रंण यूनिट में होती है। मतदान यूनिट को मतदान कक्ष में स्थापित किया जाता है तथा नियंत्रण यूनिट मतदान अधिकारी क्रमांक 3 के मेज पर रहेगा, जिसकी निगरानी पीठासीन अधिकारी करेगा। नियत्रंण यूनिट के सबसे ऊपरी भाग पर विभिन्न जानकारियां और मशीन में रिकार्ड किये गये आंकड़े प्रदर्शित करने की व्यवस्था है जैसे निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या, डाले गये कुल मतों की संख्या, प्रत्यके अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त मत इत्यादि। कार्यशाला के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर एडीएम श्री अरविंद एक्का सहित जिले के समस्त रिटर्निंग/सहायक रिटर्निंग अधिकारी उपस्थित थे। -
*-4 फरवरी को वार्ड-17 औद्योगिक नगर, वार्ड 12 मोहन नगर, वार्ड 35 रामदेव मंदिर,वार्ड 41 केलाबाड़ी व वार्ड 53 पोटिया कला उत्तर में किया जाएगा ईवीएम प्रदर्शन*
दुर्ग/ नगर पालिक निगम चुनाव में इस बार ईव्हीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। ईव्हीएम को लेकर मतदाताओं के मन में तमाम जिज्ञासाओं को शांत करने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्र के हर वार्ड में प्रतिदिन मास्टर्स ट्रेनर्स के द्वारा 4 वार्डों के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुँचकर ईव्हीएम का प्रदर्शन कर नागरिकों को जानकारी दी जा रही है। मास्टर्स ट्रेनर्स के द्वारा आज नगरीय निकाय निर्वाचन-2025 में उपयोग होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईव्हीएम) का प्रत्याशियों के समक्ष प्रदर्शन (डेमोस्ट्रेशन) किया गया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर ने ईवीएम मशीन की कार्यप्रणाली और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी। प्रदर्शन के दौरान मास्टर ट्रेनर ने ईवीएम के विभिन्न हिस्सों और उनके कार्यों का विस्तार से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि कैसे मशीन से चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया जाता है। मास्टर ट्रेनर ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। साथ ही, उन्होंने मतदान के दौरान हर मतदाता की गोपनीयता और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। ईव्हीएम के प्रदर्शन के साथ-साथ मास्टर ट्रेनर ने डिजिटल तकनीकी के माध्यम से चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने के महत्व को भी बताया ताकि वे अधिक आत्मविश्वास के साथ चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सकें।
इसी क्रम में 4 फरवरी 2025 मंगलवार को सुबह 10 से 5 बजे तक मतदान केंद्रों व चौक-चौराहों पर जानकारी व प्रदर्शन के तहत वार्ड-17 औद्योगिक नगर, वार्ड 12 मोहन नगर, वार्ड 35 रामदेव मंदिर, वार्ड 41 केलाबाड़ी व वार्ड 53 पोटिया कला उत्तर इसके अलावा 5 फरवरी 2025 को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक वार्ड-18 औद्योगिक नगर, वार्ड 10 शंकर नगर, वार्ड 36 गंजपारा, वार्ड 42 कसारीडीह व वार्ड 54 पोटिया कला में ईव्हीएम प्रदर्शन किया जाएगा। इसी प्रकार 6 फरवरी 2025 को वार्ड 22 स्टेशन पारा, वार्ड 11 शंकर नगर, वार्ड 33 चंडी मंदिर, वार्ड 43 कसारीडीह एवं वार्ड 55 पुलगांव में भी ईव्हीएम प्रदर्शन किया जाएगा। -
दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के अंतर्गत निर्वाचन कार्य के लिए नियुक्त पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान दलों के अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी निर्वाचन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आज बी.आई.टी. कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री चौधरी ने कहा है कि निर्वाचन में मतदान दायित्व को सहज एवं सरल तरीके से सम्पादित करने हेतु बारीकी से प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारी/कर्मचारियों से कहा कि मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दी जा रही ईव्हीएम मशीन की जानकारियों को अच्छे से समझें और किसी भी प्रकार की शंका हो, तो मास्टर ट्रेनर्स से बार-बार पूछें। किसी भी समस्या व शंका को दूर करने प्रशासन की टीम आपके साथ रहेगी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि निर्वाचन का कार्य गंभीरता एवं पारदर्शिता से जुड़ा होता है, इसलिए गलती की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा, सहायक संचालक डॉ. पुष्पा पुरूषोत्तनम उपस्थित थीं। -
*ऊर्जा से भरे प्रतिभाशाली युवाओं के सहयोग से होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री*
*_इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह मे शामिल हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री_*
*_4 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रदान की उपाधि, विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक वितरित_*
रायपुर/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि कृषि एक शानदार व्यवसाय है और इससे जुड़कर कृषि स्नातक देश के विकास में अपना योगदान दे सकते है। कृषि की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नवीन कृषि अनुसंधानों, प्रौद्योगिकी तथा नवाचारां का उपयोग कर देश की तरक्की में भागीदार बन सकते हैं। उन्होंने जय जवान जय किसान जय विज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग ने भारत में विकास के नये द्वार खोले हैं। श्री डेका ने कृषि स्नातकों तथा शोधर्थियों से आव्हान किया कि वे अपने ज्ञान के उपयोग से भारत को विश्व का सबसे विकसित देश बनाने में अहम भूमिका निभाएं। राज्यपाल श्री डेका आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी शामिल हुए। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 तक उत्तीर्ण चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और पी.एच.डी की उपाधियां प्रदान की गई। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत एवं 4 कास्य पदक प्रदान किए गए। दीक्षांत उद्बोधन इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी द्वारा दिया गया। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश दिया। इस अवसर पर भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई जिसमें अतिथियों सहित विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, प्रबंध मण्डल के सदस्य, प्रशासनिक तथा विद्यापरिषद के सदस्य तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शामिल हुए।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि देश के लगभग 30 करोड़ बच्चे, युवा विभिन्न स्तरों पर शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं। उनके उज्जवल भविष्य के लिए गुणवत्ता युक्त भोजन, शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की प्राथमिकता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम खोले गए हैं। जिसमें डिग्री के साथ कौशल विकास को प्राथमिकता दी गई है। भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कृषि की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और दुनिया की बड़ी आबादी का पेट भरने के लिए खाद्यान्न एवं अन्य भोज्य सामग्री की हमेशा जरूरत पड़ेगी। उन्होंने डॉ स्वामीनाथन तथा डॉ. कुरियन के योगदानों का जिक्र करते हुए हरित क्रांति तथा श्वेत क्रांति के माध्यम से देश को खाद्यान्न एवं दूध के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब नीली क्रांति का दौर है और आज मत्स्य पालन में देश काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने भूटान और ताइवान प्रवास के दौरान कृषि कार्य से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को साझा किया। श्री डेका ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की है एवं हम सबको इसे प्राप्त करने के लिए लगातार कार्य करना है। वर्तमान में हम सभी प्रकार के भोजन, अनाज, तिलहन, सब्जी, फल, दूध, मांस, मछली आदि के साथ लगभग 1000 मिलियन टन भोजन का उत्पादन कर रहे हैं। वर्ष 2047 तक इसे 1500 मिलीयन टन तक बढ़ाना होगा। यह एक चुनौती पूर्ण कार्य है। बदलते मौसम एवं बाजार के उतार चढ़ाव से कृषि में जोखिम बढ़ गया है। श्री डेका ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि ऐसी तकनीक का विकास करें जिससे किसानों की लागत कम हो एवं आय बढ़े। हमें प्राकृतिक खेती एवं दलहन, तिलहन के उत्पादन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं। श्री डेका ने कहा कि हमारे देश के कुल वर्कफोर्स की संख्या का 45 प्रतिशत भाग अभी भी कृषि में लगा हुआ है एवं इस वर्कफोर्स के जीवन यापन को ऊपर उठाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। कम ऊर्जा की आवश्यकता वाले छोटे-छोटे कृषि यंत्र विकसित करे जिससे कृषि में लागत, मानव श्रम एवं विशेष रूप से महिलाओं की मेहनत कम हो सके। कृषि के क्षेत्र में लोगों को बनाए रखना आज एक बड़ी चुनौती है। कृषि कार्य को आसान बनाना एवं उनकी आय बढ़ाना हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। राज्यपाल ने इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, नवाचार तथा कृषि प्रसार के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यां की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विकास में कृषि विश्वविद्यालय के योगदान को रेखांकित किया।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमेशा कृषि क्षेत्र के विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने हमेशा नवाचारों, अनुसंधानों और उद्यमिता के विकास को प्रोत्साहित और प्रेरित किया है। हमारे युवा सकारात्मक ऊर्जा से भरे हैं। उनके पास नये विचार हैं। हमें उन्हें प्रोत्साहित करना है। सुविधाएं उपलब्ध करानी हैं और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना है। मुझे इस बात की खुशी है कि यहां विश्वविद्यालय कैंपस में इसके लिए बहुत अच्छा वातावरण आप लोगों ने उपलब्ध कराया है। जीवन में नई संभावनाओं को प्राप्त करने के लिए शिक्षा बेहद आवश्यक है। हमारा देश अपनी शिक्षा व्यवस्था की वजह से ही विश्व गुरु रहा है। हमें अपनी शिक्षा संस्थाओं को लगातार बेहतर करना होगा ताकि एक बार पुनः भारत वैश्विक शिक्षा का केंद्र बन सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने काह कि आधुनिक युग विज्ञान एवं तकनीक का युग है। आपने जो ज्ञान अर्जित किया है, उस ज्ञान एवं तकनीक का उपयोग समाज के हित में, देश एवं प्रदेश के विकास में करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़वासियों की आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करें और विकसित छत्तीसगढ गढ़ने में अपना बहुमूल्य योगदान दें। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से हम अपने प्रदेश में कृषि विकास को नई ऊंचाइयों पर स्थापित करेंगे। कृषि वैज्ञानिकों और उद्यमियों की सहभागिता से हम किसानों के जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाएंगे। जिन विद्यार्थियों को आज पदक और उपाधि प्राप्त हुई है, मैं उन सबको हार्दिक बधाई देता हूँ एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न फसलों की 160 से अधिक किस्में और 100 से अधिक उन्नत कृषि तकनीक विकसित की गई है। दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरों से जूझ रही है और इसका सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। यह खुशी की बात है कि कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान केंद्रों के वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने वाले बीज तैयार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का बलरामपुर से लेकर सुकमा तक कृषि महाविद्यालय, अनुसंधान केन्द्र और कृषि विज्ञान केन्द्र का मजबूत नेटवर्क है जिनकी सहायता से विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि को राज्य की उन्नति का उत्प्रेरक मानते हुए इस विश्वविद्यालय को देश की दूसरी हरित क्रांति का अग्रदूत बनाने का संकल्प लें। अनुसंधान केंद्रों में हो रही अच्छी रिसर्च का पूरा लाभ के लिए इन्हें किसानों तक पहुंचाना होगा। छत्तीसगढ़ के कृषि विश्वविद्यालय में धान के 23,250 जर्मप्लाज्म हैं, जो कि विश्व में दूसरी नम्बर की सर्वाधिक संख्या है। इसके अतिरिक्त अन्य फसलों की लगभग 6000 किस्में विश्वविद्यालय में संग्रहित हैं। कृषि विश्वविद्यालय एक फसली क्षेत्र को बहुफसली क्षेत्र में परिवर्तित करने, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु सतत् प्रयत्नशील है। इन सभी उपलब्धियों तथा उत्कृष्ट कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति, वैज्ञानिक, छात्र तथा किसान भाई बधाई के पात्र हैं। इनके सतत् प्रयास से प्रदेश में खेती को नई पहचान मिली है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी के क्षेत्र में भी निरंतर प्रगति कर रहा है। नए अनुसंधान और तकनीक के माध्यम से किसान अपना उत्पादन बढ़ा रहे है और आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे है। इस कार्य में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान है। समारोह में दीक्षांत भाषण इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. सी.पी. खरे द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रबंध मण्डल तथा विद्या परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित थे। -
*कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने की केन्द्रीय बजट की सराहना_*
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने केन्द्रीय बजट 2025-26 को देश में कृषि के विकास की दिशा में एक क्रान्तिकारी मदम बताया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट विकासपरक, समावेशी एवं रोजगारोन्मुखी बजट है, जिससे भारत में कृषि की दशा और दिशा में वृहद परिवर्तन देखने को मिलेगा। डॉ. चंदेल ने कहा कि बजट में देश के 100 जिलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे देश में कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस योजना से 1.70 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट में सब्सिडी वाले कृषि ऋण की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रूपये करने का प्रस्ताव है, जिससे 7.70 करोड़ किसानों, मछुवारों और पशुपालकों के लिए अधिक वित्तीय समावेशन की सुविधा मिलेगी। इस कदम से कृषि उत्पादन और किसानों की आय में तीव्र वृद्धि होग।
डॉ. चंदेल ने कहा कि इस बार के बजट में निजी क्षेत्र द्वारा संचालित कृषि अनुसंधान, विकास और नवाचार हेतु 20 हजार करोड़ रूपये का आबंटन किया गया है, जो एक अभुतपूर्व निर्णय है। इससे कृषि के क्षेत्र में निजी संस्थाओं द्वारा किये जा रहे अनुसंधान, विकास एवं नवाचारी प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही भविष्य में खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 10 लाख जर्मप्लाज्म लाइनों के साथ एक दूसरे जीन बैंक की स्थापना करने का निर्णय बहुत सराहनीय है। डॉ. चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा पहले से ही धान के 23 हजार 250 जर्मप्लाज्म तथा अन्य फसलों के 6 हजार से अधिक जर्मप्लाज्म का संग्रहण एवं संरक्षण किया जा रहा है, जो इस जीन बैंक की स्थापना में सहायक सिद्ध होगा। जीन बैंक की स्थापना से छत्तीसगढ़ की विलुप्तप्राय परंपरागत फसल प्रजातियों के संरक्षण में मदद मिलेगी। दलहन उत्पादन में आत्म निर्भरता हासिल करने के लिए संचालित दाल उत्पादन मिशन हेतु इस बजट में 1000 करोड़ रूपये का आबंटन कर अधिक मजबूती प्रदान की गई है, जिससे अरहर, उड़द एवं मसूर सहित अन्य दलहन के आयात में कमी आएगी और दालों की कीमत स्थिर रखने में मद्द मिलेगी।
डॉ. चंदेल ने कहा कि बिहार में मखाना की खेती, प्रसंस्करण और विपण को बढ़ावा देने के लिए बजट में मखाना बोर्ड की स्थापना के निर्णय से मखाना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी मखाना उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां बिहार से आयातित मखाना की किस्मों का बेहतर उत्पादन हो रहा है और दानों को आकार तथा गुणवत्ता भी काफी अच्छी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मखाना बोर्ड की स्थापना से भविष्य में छत्तीसगढ़ के मखाना उत्पादक किसानों को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। डॉ. चंदेल ने कहा कि ये सभी उपाय कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ाने और सतत् विकास सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होंगे। - रायपुर। छत्तीसगढ़ी अभिनेता और भाजपा नेता राजेश अवस्थी का गरियाबंद में निधन हो गया.। छत्तीसगढ़ी अभिनेता राजेश अवस्थी का महज 42 साल की उम्र में रविवार देर रात हो गया।अभिनेता राजेश अवस्थी कम उम्र में ही बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे थे.। उन्हे भारतीय जनता पार्टी में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा अभिनेता राजेश अवस्थी फिल्म विकास निगम के अध्यक्ष भी रह चुके हैं..।छालीवुड के फेमस कलाकार व प्रोड्यूसर डायरेक्टर थे। अभिनेता राजेश अवस्थी टूरा चाय वाला, मया 2, परशुराम, माया देदे माया लेले, मायारू बाबू, किरिया समेत कई छत्तीसगढ़ी फिल्म और एल्बम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। इनके निधन से छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. बीजेपी नेता राजेश अवस्थी अमलीपदर (गरियाबंद) के रहने वाले थे और वह फिल्म अभिनेता प्रकाश अवस्थी के छोटे भाई थे..।
- रायपुर / बीएसएनएल द्वारा जारी की गयी निविदा में भाग लेने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर मेसर्स दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड के विरूद्ध चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सिविल लाईन थाने में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार मेसर्स दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाण पत्र के संबंध में जाँच करने पर यह संज्ञान में आया कि ऐसा अनुभव प्रमाण पत्र चिप्स द्वारा मे. दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड को कभी जारी ही नहीं किया गया था।चिप्स ने पत्राचार के माध्यम से मे. दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड से यह जानने का हर संभव प्रयास किया कि यह अनुभव प्रमाण पत्र उन्हें (मे. दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड) कैसे और किसकी मदद से प्राप्त हुई परन्तु मे. दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड ने अब तक अपेक्षित जानकारी नहीं दी है।उक्त घटना की गंभीरता को देखते हुए इस घटना की पूर्णतः निष्पक्ष और व्यापक जाँच हेतु सीईओ चिप्स ने 2 फरवरी 2025 मे. दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड के विरुद्ध सिविल लाइन्स थाने में आवश्यक कार्यवाही करने हेतु पत्र प्रेषित किया है।गौरतलब है कि बीएसएनएल द्वारा जारी की गयी निविदा में भाग लेने हेतु मे. दिनेश इंजीनियरिंग लिमिटेड ने चिप्स के भारतनेट फेज-2 परियोजना के अनुभव प्रमाण पत्र निविदा दस्तावेज़ में इस्तेमाल किया है।
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अंबिकापुर। रविवार की देर शाम यूपी के हाथीनाला रानीताली में हुए भीषण हादसे में बलरामपुर जिले के छह लोगों की मौत हो गई है। मरने वाली में एक प्रधान आरक्षक व उनके परिवार के लोग शामिल है। प्रधान आरक्षक अपने परिवार के साथ प्रयागराज जा रहे रहे थे और इसी दौरान ट्रेलर ने कार को बुरी तरह से कुचल दिया। फिलहाल पुलिस विभाग द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक रवि मिश्रा अपने परिवार के सदस्यों के साथ क्रेटा कार क्रमांक सीजी 15 ईबी 4141 से प्रयागराज जा रहे थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के अंतर्गत हाथीनाला रानीताली में पुराने पेट्रोल पंप के समीप सामने से आ रहे ट्रेलर के चालक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर के दौरान पैदल चल रहा राहगीर और दूसरे ट्रक का चालक भी चपेट में आ गया। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि वाहन बुरी तरह से कुचल गया और वाहन सवार लोग दब गए। इस घटना में अब तक छह लोगों की मौत की बात कही जा रही है जबकि महिलाओं समेत तीन लोग घायल है। मृतकों में प्रधान आरक्षक रवि मिश्रा सहित अन्य शामिल हैं लेकिन अन्य मृतकों की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं घटना में मृतक प्रधान आरक्षक की पत्नी व अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों को चोपन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। - *- संभाग एवं जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति का गठन**- चुनाव विज्ञापनों पर इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य*दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर द्वारा नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के आम चुनावों के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पेड न्यूज के मामलों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेड न्यूज से आशय उन समाचारों से है, जो प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया आदि में विज्ञापन के रूप में नहीं बल्कि एक सामान्य समाचार के रूप में प्रकाशित या प्रसारित होते हैं। ये समाचार किसी विशेष राजनैतिक दल या अभ्यर्थी के पक्ष में होते हैं, जिससे मतदाताओं का झुकाव प्रभावित हो सकता है। इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए बाधक माना गया है। इस समस्या से निपटने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके तहत पेड न्यूज के मामलों को चिन्हित कर जांच करने हेतु जिला स्तर पर मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति का गठन किया गया है। यह समिति चुनावी प्रक्रिया के दौरान मीडिया में प्रसारित होने वाले सभी समाचारों की निगरानी करेगी। सामान्य निर्वाचन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया टीवी चौनल्स, केबल नेटवर्क एवं रेडियो चौनल पर राजनीतिक विज्ञापन देने के पूर्व अनिवार्य रूप से प्रमाणीकरण कराए जाने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए लिखित आदेश जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राजनीतिक दलों व निर्वाचन अभ्यर्थियों को प्रिंट मीडिया मे विज्ञापनों का प्रमाणीकरण कराने के लिये निर्धारित प्रपत्र में प्रचार-प्रसार सामग्री की सॉफ्ट कॉपी मेन स्क्रिप्ट के साथ निर्वाचन के 48 घंटे पहले प्रस्तुत करनी होगी। आयोग के इस निर्देश का उल्लंघन होने पर संबंधित राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक विज्ञापनों के संवीक्षा व प्रसारण का प्रमाणीकरण प्रमाण-पत्र जारी करने के लिये जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। निर्धारित प्रपत्र में प्राप्त विज्ञापन की विषयवस्तु एवं मेन स्क्रिप्ट का भली भांति परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जायेगा कि इसके प्रसारण से किसी भी व्यक्ति, धर्म, संप्रदाय, जाति या वर्ग विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषा का उपयोग तो नहीं किया गया है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि विज्ञापन के प्रसारण से आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।*संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति का गठन*जिले में पेड न्यूज पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति का गठन किया गया है। संभाग स्तरीय समिति के अध्यक्ष संभागायुक्त है और जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी है। सहयोग के लिए अनुवीक्षण ईकाई में आठ अधिकारी/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। यह समिति निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के पश्चात मतदान की तिथि तक मीडिया में प्रकाशित या प्रसारित होने वाले समाचारों पर गहन निगरानी रखेगी। यदि कोई समाचार संदिग्ध पाया जाता है, तो उसे समिति द्वारा जांचा जाएगा और पेड न्यूज प्रमाणित होने पर उसका खर्च संबंधित अभ्यर्थी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।*नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत चुनावों में खर्च की सीमा तय*नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत चुनावों के लिए निर्वाचन आयोग ने नगर निगम महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा निर्धारित की है। जिसके अनुसार नगर पालिक निगम जहां जनसंख्या पांच लाख से अधिक है, वहां के नगर निगम महापौर पद हेतु अधिकतम व्यय सीमा 25 लाख रुपये, जहां की जनसंख्या तीन लाख से पांच लाख तक हैं वहां के लिए 20 लाख रुपये तथा तीन लाख से कम जनसंख्या के लिए 15 लाख रुपये व्यय सीमा निर्धारित है। इसी प्रकार नगर पालिका परिषद जहां जनसंख्या 50 हजार या उससे अधिक हो वहां के लिए 10 लाख रुपये और जहां की जनसंख्या 50 हजार से कम हैं वहां के लिए 8 लाख रुपये तथा नगर पंचायत के लिए 6 लाख रुपये व्यय सीमा निर्धारित की गई हैं।चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के लिए सख्त नियम लागू किये गए है। चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी विज्ञापनों के लिए पूर्व मीडिया प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। इसमें टीवी, फिल्में, एलईडी साइन बोर्ड और ध्वनि विस्तारक उपकरणों के साथ चलित विज्ञापन शामिल हैं। राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों और व्यक्तियों, समूहों को विज्ञापन से पहले अनुमति लेनी होगी। प्रिंट मीडिया में मतदान से 48 घंटे पहले विज्ञापनों के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।*निर्वाचन आयोग के निर्देश और प्रक्रिया*निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशानुसार, पेड न्यूज की स्थिति में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा संबंधित अभ्यर्थी को नोटिस जारी किया जाएगा। अभ्यर्थी को नोटिस का जवाब 48 घंटे के भीतर देना होगा। यदि अभ्यर्थी पेड न्यूज की बात मान लेते हैं, तो इसकी लागत सरकारी दरों के अनुसार निर्धारित कर अभ्यर्थी के चुनाव खर्च में जोड़ी जाएगी। यदि अभ्यर्थी पेड न्यूज होने से इंकार करते हैं तो मामला पुनः जिला स्तरीय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और समिति द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- मास्टर ट्रेनर के द्वारा ईवीएम के जरिए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की दी गई जानकारी*दुर्ग/ कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में मास्टर ट्रेनर द्वारा आज नगरीय निकाय निर्वाचन-2025 में उपयोग होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का प्रत्याशियों के समक्ष प्रदर्शन (डेमोस्ट्रेशन) किया गया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर ने ईवीएम मशीन की कार्यप्रणाली और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी। प्रदर्शन के दौरान मास्टर ट्रेनर ने ईवीएम के विभिन्न हिस्सों और उनके कार्यों का विस्तार से परिचय कराया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे मशीन से चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया जाता है। इस अवसर पर उपस्थित प्रत्याशियों ने अपनी शंकाओं का समाधान करते हुए ईवीएम के उपयोग के संबंध में प्रश्न पूछे। मास्टर ट्रेनर ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। साथ ही, उन्होंने मतदान के दौरान हर मतदाता की गोपनीयता और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। ईवीएम के प्रदर्शन के साथ-साथ मास्टर ट्रेनर ने डिजिटल तकनीकी के माध्यम से चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने के महत्व को भी बताया ताकि वे अधिक आत्मविश्वास के साथ चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सकें।
- नव निर्माणाधीन शव परीक्षण (मॉर्चुअरी) गृह के निर्माणकार्य को अति शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश*अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यकता एवं भावी योजना के लिए मास्टर प्लान बनाने के दिए निर्देश*रायपुर/ गुरुवार को स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के बोर्ड रूम में चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल की समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने विभिन्न आवश्यकताओं एवं भावी योजनाओं के लिए मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए। बैठक के पश्चात् उन्होंने अम्बेडकर अस्पताल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग, किचन, कैंसर विभाग, प्रस्तावित एकीकृत 700 बिस्तर अस्पताल स्थल एवं नव निर्माणाधीन मॉर्चुअरी गृह का निरीक्षण किया। बैठक में उनके साथ आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती किरण कौशल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, सीजीएमएसी की संचालक पद्मिनी भोई, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने अस्पताल में उपचाररत मरीज के परिजनों के ठहरने के लिए अस्पताल परिसर में परिजन आवास बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने मरीज के परिजनों को निशुल्क भोजन बांटने की इच्छुक संस्थाओं के लिए परिसर में चिन्हित स्थान पर प्रस्तावित शेड निर्माण कार्य को अतिशीघ्र पूरा करने को कहा है।बैठक में स्वास्थ्य सचिव श्री कटारिया ने चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के उन्नयन के लिए वर्तमान में चल रहे एवं प्रस्तावित निर्माण कार्यों के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने चिकित्सा महाविद्यालय का संक्षिप्त परिचय देकर विभागीय बजट एवं आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। विभिन्न विभागों में उपलब्ध सुविधाएं एवं आवश्यकताओं के बारे में स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन विभाग से प्राप्त शासकीय जमीन में रेसीडेंट क्वार्टर एवं छात्रावास निर्माण कार्य, चिकित्सा महाविद्यालय के 1500 सीटेड ऑडिटोरियम भवन के बाहरी भाग का सौंदर्यीकरण एवं चिकित्सालय विस्तार कार्य के अंतर्गत जी प्लस टू से जी प्लस सेवन कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण कार्य पूर्व में ही प्रस्तावित है जो लोक निर्माण विभाग के सिविल वर्क के अंतर्गत प्रारंभ होना है। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय भवन में स्थापित एसी के रखरखाव कार्य, परिसर में विद्युतीकरण का कार्य, सीसीटीवी कैमरा स्थापना कार्य एवं फायर फाइटिंग इलेक्ट्रिक कार्य हेतु प्रावधानित बजट एवं कार्य के अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। स्वास्थ्य सचिव ने बैठक में मॉर्चुअरी अपग्रेडेशन एवं विस्तार कार्य को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए सीजीएमएससी के अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित एल-टू ट्रामा केयर सेंटर के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं ट्रामा निर्माण समिति को आवश्यक प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने को कहा।अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बैठक में आगामी चार वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी कि चिकित्सालय के लिए गार्बेज मैनेजमेंट हेतु कार्डियोलॉजी विभाग के बगल में रास्ता बनाया जाना, एस. एन. सी. यू. एवं आई. सी. यू. से फायर एक्जिट का निर्माण करवाया जाना एवं एम. आर. डी. के रिकार्ड के लिए ई-फाइलिंग जैसी भावी योजनाएं प्रस्तावित हैं। डिजिटलाइजेशन की दिशा में नेक्स्ट जेन ई हॉस्पिटल के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में डॉ. ओंकार खण्डवाल ने स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी और टेली रेडियोलॉजी की सुविधा के बारे में अवगत कराया।इस अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय के रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. एस. बी. एस. नेताम, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत दास, कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुला बेक, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित त्रिपाठी, डॉ. दिवाकर धुरंधर, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओंकार खंडवाल, सहायक अधीक्षक डॉ. अनिल बघेल, डॉ. आनंद जायसवाल, नर्सिंग अधीक्षक सुश्री नंदा रंगारी समेत पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- बालोद। त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्योें के नामांकन की प्रक्रिया जारी है। रिटर्निंग आफिसर (पंचायत) जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बताया कि नाम निर्देशन पत्र प्राप्त एवं जमा करने की अंतिम तिथि 03 फरवरी 2025 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 27 एवं 28 जनवरी को 12-12 अभ्यर्थियों, 28 जनवरी को 12, 29 एवं 30 जनवरी को 09-09, 31 जनवरी को 10 एवं 01 फरवरी को 08 अभ्यर्थियों सहित कुल 60 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किया है। जिसमें से 28 जनवरी को 01 अभ्यर्थी, 29 जनवरी को 03, 30 जनवरी को 11, 31 जनवरी को 13 एवं 01 फरवरी को 18 अभ्यर्थियों सहित कुल 46 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र जमा किया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीासगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के अंतर्गत जिला पंचायत एवं जनपद सदस्य सहित पंच एवं सरपंच पदों के लिए नाम निर्देशन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 03 फरवरी को दोपहर 03 बजे तक निर्धारित की गई है।





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