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- बिलासपुर, /तखतपुर विकासखण्ड के प्री मेट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास बेलसरी के अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संस्थान में लगातार अनुपस्थिति एवं लापरवाही का उन पर प्रारंभिक रूप से आरोप लगा है। कलेक्टर अवनीश शरण ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर श्री पाण्डेय के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि श्री पाण्डेय अधिकांश बार संस्था के निरीक्षण के दौरान गायब रहे। छात्रावास के बच्चों के अनुसार उन्हें नाश्ता नहीं मिलता और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। काम भी रूचि नहीं दिखाने पर चार्ज देने के आदेश जारी किये गए। लेकिन उन्होंने चार्ज भी नहीं दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के कई आदेशों की अवज्ञा की गई। कर्तव्यहीनता के लिए जारी नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। इसलिए श्री देवेन्द्र पाण्डेय का सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरित काम करने पर निलंबित कर दिया गया है। उनका इस दौरान मुख्यालय एसीटीडब्ल्यू कार्यालय बिलासपुर होगा। नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
- बिलासपुर, /प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुररस्कार वर्ष 2025 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। बाल पुरस्कार से ऐसे बच्चों को पुरस्कृत किया जाना है जिन्होंने निस्वार्थ भावना से समाज के प्रति कार्य किए है। ऐसे बच्चे जिन्होंने खेल, सामाजिक, सेवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला और संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में समाज पर व्यापक प्रभाव डाला है उन्हे ही इस पुरस्कार के लिए पात्र माना जाता है। बाल पुरस्कार के लिए 5 वर्ष से लेकर 18 वर्ष से कम उम्र तक के बच्चे आवेदन कर सकते है साथ ही बच्चा भारत का नागरिक होना चाहिए। आवेदन करने के लिए ऑनलाईन पोर्टल https://awards.gov.in पर 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते है।
- -पी.एम. किसान सम्मान निधि योजनाबिलासपुर, /केन्द्र शासन द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पात्र किसानों के बैंक खाते में सालाना 6000 रूपए को तीन किस्तो में दो-दो हजार रू राशि हस्तांतरित किया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु किसानों को अपने धारित कृषि भूमि का सत्यापन (लैंड सिंडिंग) कराना, अपने आधार कार्ड को बैंक खाते में इन्द्राज कराना व ईकेवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है।उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना हेतु 16 से 25 जुलाई तक विशेष ग्राम स्तरीय अभियान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में लंबित, पात्र कृषकों का इकेवाईसी, आधार सिंडिंग, लैंड सिंडिंग, स्व पंजीकृत कृषकों का सत्यापन कार्य तथा बाही पात्र कृषकों का पंजीयन कार्य पूर्ण कराया जाना है। जिले में अब तक 3617 कृषकों का ईकेवाईसी, 1954 कृषकों का आधार सिडिंग 491 कृषकों का लैंड सिंडिंग व 196 स्व पंजीकृत कृषकों का खंड स्तर से सत्यापन कार्य जैसे एप्रूवल एवं रिजेक्सन लंबित है। उक्त शिविर में कृषि विभाग के मैदानीय विस्तार अधिकारी, लोकसेवा केन्द्र, ई सेवा केन्द्र, इंडियन पोस्ट पेमेन्ट बैंक व अन्य संबंधित बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों का समूह बनाकर शिविर में उपस्थिति हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने के संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।वर्तमान में ईकेवाईसी हेतु बायोमेट्रीक पद्धति (थम्ब इन्प्रेसन) कराया जाना है, सभी बैंको को किसानों के बैंक खाता में आधार लिंक करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके लिए किसान भाई अपने आधार कार्ड की कापी के साथ बैंक में संपर्क कर आधार सिंडिंग हेतु आवेदन देवें । साथ ही इंडियन पोस्ट बैंक (पोस्ट आफिस) में भी खाता खोलने पर पोस्ट बैंक द्वारा आधार सिंडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। लैंड सिंडिंग हेतु अपने राजस्व अभिलेख बी-1, पी-2 की प्रति लाना अनिवार्य है। उक्त तीनों कार्य पूर्ण करने के उपरांत ही पात्र कृषकों के बैंक खाते में अगली किस्त हस्तांतरित होगी। उन्होंने सभी संबंधित कृषकों से अपील की जाती है कि वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर व आयोजित शिविर स्थल में जाकर अपने पीएमकिसान सम्मान निधि से संबंधित लंबित ईकेवाईसी आधार सिडिंग, लैंड सिंडिंग व स्व पंजीकृत कृषकों का सत्यापन कार्य के संबंध में कार्यपूर्ण करावें ताकि आपको पात्रता अनुसार आगामी किस्त की राशि प्राप्त हो सके साथ ही जिन पात्र कृषकों द्वारा अभी भी योजनान्तर्गत पंजीयन नहीं कराया गया है, वे भी अपना आधार कार्ड व अन्य आवश्यक अभिलेख लाकर पंजीयन करावें ।कृषकों द्वारा ग्रामीण लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से या स्वयं पीएमकिसान पोर्टल में जाकर पंजीयन कराते है। किन्तु आवश्यक अभिलेख अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में जमा नहीं करने के कारण पंजीयन की स्वीकृति लंबित रहने से योजना का लाभ नहीं ले पाते है । नवीन पंजीयन कराने वाले किसानों से अपील है कि पंजीयन उपरांत स्वीकृति हेतु अपना आवश्यक अभिलेख अपने विकासखंड कार्यालय में जमा करावें ।
- बिलासपुर /माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के परिपालन में जिला पंचायत द्वारा पांच ग्राम पंचायत सचिवों को नियुक्त करते हुए पदस्थापना दी गई है। सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान ने इस आशय का आदेश जारी किया है। इनमें अनारक्षित वर्ग से श्री घनश्याम को जिला पंचायत में संलग्न किया गया है। वहीं अनारक्षित वर्ग से श्री सतानंद यादव को कोटा ब्लॉक के रानीसागर ग्राम पंचायत, अन्य पिछड़ा वर्ग से श्री मनहरण लाल वर्मा को बिल्हा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सारधा, अनुसूचित जाति वर्ग से श्री सुखीराम सूर्यवंशी को कोटा ब्लॉक के करगीखुर्द एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से श्री चन्द्र कुमार पाल को बिल्हा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सरवानी में पदस्थापना दी गई है। सभी को आदेश प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी. केन्द्रों में एक वृक्ष मां के नाम तथा जल शक्ति से नारी शक्ति अभियान चलाकर वृहद पौधरोपण किया गया। जहां एक ही दिवस में आंगनबड़ियों में कार्यकर्ताओं सहायिकाओं एवं पर्यवेक्षकों व विभागीय अधिकारीयों एवं कर्मचारियों के माध्यम से सभी वार्ड पार्षदों, जनप्रतिनिधियों एवं स्व सहायता समूहों के महिलाओं से समन्वय बनाकर 1 हजार 780 फलदार छायादार पौधे लगाये गये। कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना के हिग्राहियो एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा बेटी बचाओं बेटी पढाओं व जल शक्ति से नारी शक्ति का संदेश प्रासारित किया गया। ग्राम पंचायत करगीखुर्द में वृक्षारोपण के कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष करगीकला श्री शंकर तिवारी, सरपंच प्रतिनिधि श्री छत्रपाल सिंह चौहान, श्री लालू यादव, श्री सुर्या यादव, परियोजना अधिकारी कोटा श्री आनंद भटट, पर्यवेक्षक श्रीमती सुरूचि श्याम, सचिव गंगासार श्रीमती श्वेता सिंह बैस सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग मौजूद थे।
- -झमिता के उम्मीदों की आस हुई पूरी, बच्चे को मिलेगा हॉस्टल में दाखिलारायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के जनदर्शन में त्वरित सहायता मिलने से आम नागरिकों की खुशियां लौट आई है। झमिता के उम्मीदों की आस कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई, जब कलेक्टर डॉ. सिंह ने उनके बच्चे को हॉस्टल में दाखिला दिलाने का निर्देश दिया और निर्देश का पालन तुरंत हुआ फिर बच्चे को हॉस्टल में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसकी खबर सुनते ही परिजन खुश हुए और जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया।समता कॉलोनी के राखी नगर निवासी श्री भारत साहू के पुत्र गौतम साहू छठवीं कक्षा में अध्ययनरत है। श्री साहू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते है। उनकी माता श्रीमती झमिता साहू गृहणी है। श्रीमती झमिता बताती हैं कि आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं है और बच्चे को पढ़ाने में भी असमर्थ हूं। वे बताती हैं कि बेहतर पालन-पोषण भी बच्चे का नहीं हो पा रहा है। गौतम के आगे की पढ़ाई में काफी दिक्कते हो रही थी। इस वजह से बेटे को उनके पिता कलेक्टर के जनदर्शन में लेकर पहुंचे और बच्चे को हॉस्टल में दाखिला दिलाने के लिए गुहार लगाई। कलेक्टर ने गंभीरता से उनके आवेदनों का निराकरण करने के लिए आदिम जाति विभाग को निर्देशित किया। इसके तुरंत बाद बच्चे को हॉस्टल में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बच्चे को जल्द ही कुशालपुर के हॉस्टल में दाखिला दिलाया जाएगा। जहां बच्चे को ठहरने, भोजन और अन्य सुविधाएं निःशुल्क मिलेगी। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।ऑनलाइन जुड़े कलेक्टर से अन्य विकासखण्ड के अधिकारी, त्वरित समाधान के निर्देशकलेक्टर डॉ. सिंह के जनदर्शन में आरंग, अभनपुर, तिल्दा के अधिकारी ऑनलाइन जुड कलेक्टर ने बारी-बारी से जिले के दूर-दराज से आए आम नागरिकों की समस्याएं सुनी और तत्काल अधिकारियों को भी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। आरंग के ग्राम पचेड़ा से श्री मेहतरू राम रात्रे समस्या लेकर जनदर्शन में कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर ने संबंधित अनुविभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देशित करते हुए तुरंत समस्या का समाधान करने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह अमलीडीह से छाया बैस ने कोरोना प्रभावित परिवार को सहायता राशि प्रदान नहीं किए जाने का आवेदन लेकर पहुंची। कलेक्टर ने इस आवेदन का समाधान करने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। इसी तरह विभिन्न क्षेत्रों से आवेदन लेकर आम नागरिक पहुंचे थे। जिनके आवेदन पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए है।
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दुर्ग/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम विधानसभा के तृतीय सत्र का आयोजन 22 जुलाई 2024 से 26 जुलाई 2024 तक किया जाना है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार विधानसभा तृतीय सत्र में विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय पर तैयार करने एवं भेजने हेतु डिप्टी कलेक्टर जिला कार्यालय दुर्ग श्री लवकेश ध्रुव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। श्री लवकेश ध्रुव का मोबाईल 9907339864 एवं दूरभाष क्रमांक 0788-2320118 है।
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-श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के प्राचार्य ने एक दिवसीय आधार कार्ड अपडेशन के लिए दिया आवेदन
-उरला स्थित ’हमर क्लीनिक’ में डॉक्टर उपलब्ध कराने दिया आवेदन
-जनदर्शन में आज 157 आवेदन प्राप्त
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहंुचे लोगांे से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 157 आवेदन प्राप्त हुए।
बोरसी के ग्रामवासियों ने बोरसी में लगने वाले एयरटेल टॉवर को हटाए जाने की मांग की। ग्रामवासियों का कहना है कि बोरसी ग्राम सघन आबादी क्षेत्र होेने के टॉवर से निकलने वाले रेडिएशन से स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। बड़े बुजुर्ग एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
वार्ड क्रमांक 58 के पार्षद द्वारा हमर क्लीनिक में डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उरला स्थित ’हमर क्लीनिक’ में विगत चार माह से डॉक्टर नही होने के कारण ग्रामवासियों को चिकित्सीय सुविधा के लिए अन्यत्र स्थान जाना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
छात्र पालक संघ ने स्कूल भवन निर्माण को शीघ्र पूर्ण करवाने की गुहार लगाई। वार्ड 37 में स्थित लाल बहादुर शास्त्री शासकीय विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर होने के कारण विद्यालय को तोड़ने के पश्चात पुर्ननिर्माण किया जाना था, किन्तु आज दिनांक तक निर्माण कार्य प्रारंभ नही किया गया है। उक्त विद्यालय के बच्चों को 3 किलोमीटर दूर सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय विद्यालय में अस्थाई रूप से दो कमरों में शिक्षण कार्य सम्पन्न कराया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने कमिश्नर नगर निगम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
ग्राम सेलुद निवासियों ने सेलूद पटेल चौक से पतोरा रोड़ में विद्युतीकरण कर स्ट्रीट लाईट लगवाने की मांग की। इस सड़क से प्रतिदिन आम जनता एवं कामगारों का रात में भी आना-जाना लगा रहता है। रात में अंधेरा होने के कारण आवागमन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विद्युतीकरण हो जाने से किसानों को ट्यूबवेल से पानी लेने से खेती करने में सुविधा होगी। इस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
श्री शंकराचार्य महाविद्यालय भिलाई नगर के प्राचार्य ने एक दिवसीय आधार कार्ड अपडेशन हेतु शिविर लगाने के लिए आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने चिप्स अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय में सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि, महापौर नीरज पाल, सभापति गिरवर बंटी साहू, एम.आई.सी. सदस्यगण, नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षदगणो, नगर निगम के प्रमुख अधिकारीजन उपस्थित हुए।
नगर निगम भिलाई के सभागार में 11 बजे सामान्य सभा की शुरूआत हुई। जिसमें सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियो द्वारा सफाई से संबंधित पूर्व निर्धारित एजेण्डा क्रमांक 2 से 16 तक सफाई से संबंधित विषयो पर विचार विमर्श किया गया। एम.आई.सी. सदस्य, पार्षदगण, नेता प्रतिपक्ष, महापौर शहर की सफाई कैसे और व्यवस्थित हो इसके संबंध में अपने सुझाव एवं विचार रखें। सफाई संबंधित विषयो पर सारगर्भिक चर्चा की गई। चर्चा के उपरांत यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अभी वर्तमान में पूर्व एजेंसी से कार्य कराते हुए नयी एजेंसी के लिए निविदा जारी की जावे। हमारा भिलाई नगर साफ सुथरा और व्यवस्थित हो इसलिए निगम के 25 प्रतिशत पार्षदगणो की एडवाईजरी कमेटी बनायी जायेगी। जिसमें सेक्टर क्षेत्र के भी पार्षदगण होगें। सभी लोग मिलकर निर्णय लेगे उसके आधार पर सफाई के लिए आने वाली एजेंसी से कार्य लिया जायेगा। उन्ही के सुझाव पर आगामी सफाई संबंधी अनुबंध होगा, प्रस्ताव पारित किया गया।
एजेण्डा क्रमांक 19 पेयजल के विषय पर भी पार्षदगणो ने अपना विचार रखा। पेयजल की पूर्ति सभी नागरिको तक प्रर्याप्त मात्रा में जल आपूर्ति हो इस पर भी सत्ता पक्ष एवं प्रतिपक्ष दोनो पक्षो के तरफ से विचार विमर्श किया गया। यह निर्णय लिया गया कि टंकियो को जोड़ने के लिए जो प्रस्ताव सदन के सामने रखे गये है, उसकी स्वीकृति प्रदान की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि पेयजल से संबंधित आगामी बैठक रखी जावे। जिसमें सभी पार्षदगण अपने अपने वार्ड के पेयजल की प्रतिपूर्ति के संबंध में चर्चा करेगें। - -कोरबा के बिजलीघरों को पुन:संचालित करने बांगो से भेजा गया पॉवररायपुर । प्रदेश में आकस्मिक ब्लैक आउट होने की स्थिति में ताप विद्युत गृहों को पुर्नसंचालित करने हेतु हसदेव बांगो जल विद्युत गृह से स्टार्ट अप पाॅवर सप्लाई करने संबंधी एक माॅकड्रिल (पूर्वाभ्यास) छत्तीसगढ़ स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में सफलतापूर्वक किया गया। माॅकड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि आपात स्थिति में पॉवर प्लांट के ब्लैक आऊट होने पर कोरबा पश्चिम के बिजली संयंत्रों को शुरू करने हेतु लगभग 43 मिनट में जल विद्युत संयंत्रों से बिजली पहुंचाई जा सके। गौरतलब है कि अचानक ब्लैक आऊट होने की स्थिति में पावर प्लांटों को फिर से स्टार्ट करना कठिन होता है, इसके लिए तुरंत बिजली की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी तत्काल आपूर्ति जल विद्युत संयंत्रों से ही हो सकती है। 12 जुलाई को यह माॅक ड्रिल छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन एवं उत्पादन कम्पनी के प्रबंध निदेशक क्रमशः श्री आर0 के0 शुक्ला तथा श्री संजीव कुमार कटियार की उपस्थिति एवं कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ ।इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड और स्टेट ग्रिड कोड के प्रावधानों के अनुसार साल में एक बार इस तरह का मॉकड्रिल करना होता है। इस दौरान डंगनिया स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर में कार्यपालक निदेशक सर्व श्री के0 एस0 मनोठिया एवं श्री एम0 एस0 कंवर, मुख्य अभियंता श्री के0 के0 भगत, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री राकेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता श्री मनोज राय, श्री संजय चैधरी, श्री अभिषेक जैन , श्री संजय वैद्य, श्री एम0 नायक, श्रीमती माया नायर, श्रीमती पुष्पा पिल्लई कार्यपालन अभियंता श्री जी0पी0सिंह, श्री धर्मजीत भट्ट, श्री मनोज रावटे, सुश्री सुदेशना पाॅल, सुश्री नमिता विभा लकरा, श्री अवनीश जोशी, सहायक अभियंता श्री केतन मिश्रा, श्री विन्ध्याचल गुप्ता, श्रीमती प्रीति गुप्ता, सुश्री जुवेना गोम्स, श्रीमती रेखा शर्मा, सुश्री संदीपा देवाॅगन, कनिष्ठ अभियंता श्री शुभम घोरे आदि उपस्थित थे ।राज्य भार प्रेषण केन्द्र के नियंत्रण कक्ष में ड्युटी पर उपस्थित कार्यपालन अभियंता श्री जी0 आर0 नवरंग, श्री रंजीत कुजुर ,सहायक अभियंता श्री संदीप देवाॅगन एवं तकनीकी सहायक श्री दिनेश विश्वकर्मा का मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही ।इसी तरह बांगो जल विद्युत संयंत्र के अधीक्षण अभियंता श्री बी0 आर0 भगत, श्री एस0 के0 रहमतकर एवं उनकी टीम, विद्युत गृह कोरबा पश्चिम में अधीक्षण अभियंता श्री एस0 करकरे एवं उनकी टीम, कोरबा पूर्व में पारेषण संकाय से अधीक्षण अभियंता श्री डी0एस0 पटेल एवं उनकी टीम, वितरण संकाय से अधीक्षण अभियंता श्री पी0 एल0 सिदार एवं उनकी टीम ,संचार एवं टेलीमीटरी संकाय से कार्यपालन अभियंता श्रीमती अजय कंवर एवं उनकी टीम, उत्पादन कॅपनी से कार्यपालन अभियंता श्री आनंद कुमार एवं श्री सुरेश साहू की सक्रिय भूमिका इस मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में रही है ।ऐसे पूरी हुई माॅकड्रिल की प्रक्रिया- माॅक ड्रिल के दौरान सर्वप्रथम बांगो जल विद्युत गृह, छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व के उपकेन्द्रों से फीड होने वाले क्षेत्रों को मिलाकर एक आईलैण्ड सब-सिस्टम बनाया गया । इसके पश्चात् इस आईलैण्ड सब-सिस्टम में ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित की गई । इस तरह एक बनावटी बिजली संकट छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा क्षेत्र में निर्मित किया गया । इसके पश्चात् इंजीनियरों की टीम ने युद्धस्तर पर बिजली संकट क्षेत्र में बिजली बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ की । इसके लिये बांगो में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट से बंद जल विद्युत इकाई क्रमांक-3 को सर्विस में लेकर बांगो उपकेन्द्र के बस को चार्ज किया गया और वहां उत्पादित बिजली को 132 के0व्ही0 लाईनों के माध्यम से छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व 132 के0व्ही0 उपकेन्द्रों तक क्रमशः पहुंचाया गया और पूर्व निर्धारित 33/11 के0व्ही0 विद्युत फीडरों को एक के बाद एक चालू कर बांगों की जल विद्युत इकाई से करीब 24 मेगावाट लोड लिया गया । इसके पश्चात् आईलैण्ड सब-सिस्टम की फ्रिक्वेन्सी एवं वोल्टेज को माॅनीटर करते हुए बांगो जल विद्युत गृह की सप्लाई को कोरबा पश्चिम ताप विद्युत गृह तक पहुंचाया गया । इस पूरी प्रकिे्रया में 43 मिनट का समय लगा । इसके पूर्व में ‘‘ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल‘‘ 11 अगस्त 2023 को किया गया था ।
- -आई.जी.के.वी., एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सी.आई.ए.टी के बीच हुआ समझौतारायपुर । छत्तीसगढ़ की परंपरागत विशेषकर विलुप्तप्राय फसल प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की उपस्थित में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सी.आई.ए.टी. के मध्य संपादित अंतर्राष्ट्रीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में विभिन्न फसलों की परंपरागत देसी किस्मां विशेषकर चावल की विलुप्त हो रही देसी किस्मों का संरक्षण तथा विकास करना है। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक आर्थिक वर्गां में व्याप्त कुपोषण को दूर करना तथा खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना भी है। इन तीनों संस्थाओं के मध्य विगत दस वर्षां से संचालित परियोजना को आगामी दस वर्षों तक बढ़ाने हेतु एक समझौता ज्ञापन पर आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल तथा एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल के भारत के प्रतिनिधि डॉ. जे.सी. राणा ने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के तहत विगत दस वर्षां में कोरिया, सरगुजा तथा धमतरी जिलों में तीन सामुदायिक बीज बैंक स्थापित किये गये हैं, धान की जीरा फूल और नगरी दुबराज प्रजातियों को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है तथा विभिन्न फसलों की अनेक विलुप्तप्राय परंपरागत किस्मों की पहचान कर उनके संरक्षण हेतु प्रयास किये गये हैं।बैठक में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राज्य की कृषि जैव विविधता पर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के बीच जैव विविधता से जुड़े ज्ञान का आदान-प्रदान करना है, और जैव विविधता से विकसित उत्पादों का प्रसार और व्यावसायीकरण करना है। एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सीआईएटी के कंट्री हेड डॉ. जेसी राणा ने जोर दिया कि मौजूदा औपचारिक बीज प्रणाली के साथ किसानों के खेत और उपभोक्ताओं के बीच मौजूदा अंतर को भरने के लिए विभिन्न फसलों की पहचान की गई है और संभावित भूमि प्रजातियों के बाजार लिंकेज पर अधिक प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि पारंपरिक किस्मों की पोषण संबंधी रूपरेखा पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। पोषण संबंधी प्रोफाइलिंग डेटा को इन पारंपरिक भूमि प्रजातियों के प्रचलित स्वदेशी पारंपरिक ज्ञान (आईटीके) के साथ जोड़ने से इन आईटीके को वैज्ञानिक मान्यता मिलेगी। एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सी.आई.ए.टी. एशिया के प्रबंध निदेशक डॉ. स्ट्रेफन वाइस ने अपने संबोधन में आईजीकेवी को पिछले प्रोजेक्ट्स के आशाजनक परिणामों के लिए बधाई दी और कहा कि यह नया समझौता ज्ञापन स्थायी संसाधन प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन शमन और कृषि जैव विविधता के प्रबंधन पर अनुसंधान और विकास की ओर अधिक निर्देशित होगा, फसल प्रजातियों पर जानकारी तक पहुंच में सुधार के लिए और फसल आनुवंशिक और प्रजनन कार्यक्रम विकसित करने के लिए अधिक प्रयास किए जाएंगे। कर्मचारियों के आदान-प्रदान, कार्यशालाओं और प्रशिक्षणों के माध्यम से वैज्ञानिक समुदाय की क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. अजय वर्मा, निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर डॉ. जी.के. दास, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. ए.के. दवे, आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा सहित वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।
- -प्रदेश में तेजी से सुधर रही है स्वास्थ्य सेवाएंरायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घोषणा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जशपुर जिले को दो बड़ी सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने आज सीएम कैंप बगिया में दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखा कर जरूरतमंद मरीजों की सेवा के लिए रवाना किया। एंबुलेंस दुलदुला ब्लॉक के करडेगा और फरसाबहार ब्लाक के कोल्हेनझरिया में सेवा देगी। वहीं मुक्तांजली वाहन दुलदुला में सेवा प्रदान करने के लिए तैनात रहेगी।उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही रविवार को दुलदुला में आयोजित मतदाता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की थी। घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय में ही जिलेवासियों को एम्बुलेंस और शव वाहन की सुविधा मिली है।यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से दिसंबर 2023 से अब तक जिले को 7 एंबुलेंस और 1 शव वाहन मिल चुके हैं। इससे मरीजों की सेवा में लगे एंबुलेंस की संख्या जिले में बढ़ कर 21 हो चुकी है। इसके साथ ही कुनकुरी में 220 बिस्तर की क्षमता वाली सर्वसुविधा युक्त अस्पताल निर्माण की घोषणा पहले ही हो चुकी है। जिले के 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देते हुए आवश्यक मानव संसाधन जुटाने के लिए स्वीकृति दी जा चुकी है।
- -पर्यावरण सुरक्षा हेतु सभी को जागरूक रहने एवं अधिक से अधिक वृक्ष लगाने हेतु किया प्रोत्साहित-एक साथ एक ही समय पर सर्वाधिक पौधे रोपित कर जिले ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्डरायपुर/ कोरबा जिले के ग्राम भालूसटका में वनमण्डल कोरबा द्वारा आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों के द्वारा एक साथ एक ही समय पर, एक ही स्थान पर सर्वाधिक 2273 पौधे रोपित करके गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य, उद्योग व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सभी नागरिक एक पेड़ अवश्य लगाएं। पेड़ लगाने के साथ ही उसके पुष्पित व पल्लवित होने तक उसकी देखभाल एवं सिंचाई की व्यवस्था जरूर करें।श्री देवांगन ने कार्यक्रम में पीपल का पौधा लगाकर एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों को हमेशा प्यार करती है और बच्चों को भी दुनिया में सबसे प्यारी मां ही लगती है। मां के नाम से हम पेड़ लगाएंगे तो स्वभाविक रूप से पेड़ के प्रति हमारा गहरा लगाव रहेगा और हम पेड़ के बढ़ने तक उसकी देखरेख करेंगे। प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय ने भी एक पेड़ मां के नाम लगाकर प्रदेश भर में पेड़ लगाकर अभियान को सफल बनाने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नगरी कोरबा में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन के लिए अति आवश्यक है। पेड़ों से हमें फल, फूल, औषधि, लकड़ी प्राप्त होती है। पेड़ से हमें शुद्ध वायु मिलती है जो जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा हम सभी को बाग-बगीचे, बाड़ी, कार्यालय परिसर में पेड़ जरूर लगाना चाहिए। मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों से अपील की जब अपनी पंचायतों में जाएं तो वहां पर ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने के लिए प्रेरित करें, ताकि मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री की मंशानुसार प्रदेश में जिले एवं प्रदेश में हरियाली का वातावरण बने। वनमहोत्सव कार्यक्रम में 11 स्कूलों के सैकड़ों बच्चों, नगर निगम एवं वन विभाग के कर्मचारियों ने भालूसटका ग्राम में एक ही समय में एक स्थान पर 2273 पौधे लगाकर सर्वाधिक पौधारोपण का रिकॉर्ड बनाया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने वनमण्डलाधिकारी श्री अरविंद पीएम को सर्वाधिक पौधरोपण का प्रमाण पत्र प्रदान कर उत्साहवर्धन किया। साथ ही मंत्री श्री देवांगन द्वारा सेंट जेवियर स्कूल, न्यू ऐरा स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर बुधवारी, निर्मला स्कूल कोसाबाड़ी एवं रिसदी के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को पौधरोपण हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रामपुर विधायक श्री फूलसिंह राठिया, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, जिला पंचायत सीईओ श्री संबित मिश्रा, डीएफओ कोरबा श्री अरविंद पीएम, श्रीमती सोनल शर्मा गोल्डन बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों द्वारा भी फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।रामपुर विधायक श्री राठिया ने अभियान के तहत सभी ग्रामों में पेड़ लगाने तथा उनकी देखभाल करने की बात कही। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के उपलक्ष्य में कहा कि वनमण्डलाधिकारी कोरबा एवं उनकी टीम के द्वारा एक ही स्थान पर एक ही समय में 02 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने सर्वाधिक पौधरोपण करने की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। डीएफओ कोरबा श्री अरविंद ने अपने स्वागत उद्बोधन में पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में सभी को जागरूक रहने एवं अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी है।
- -नई शिक्षा नीति का लक्ष्य भारत को ज्ञान में वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है: शिक्षाविद् डॉ. हेमलता एस मोहन-राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यरायपुर / शिक्षाविद् डॉ. हेमलता एस मोहन ने कहा कि नई शिक्षा नीति का लक्ष्य भारत को ज्ञान में वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है किंतु उसकी जड़े भारत की संस्कृति एवं मूल्यों से बंधी हो। छत्तीसगढ़ की एस.सी.ई.आर.टी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य है। उक्त बाते शिक्षाविद् डॉ. हेमलता एस मोहन आज रायपुर के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित करते हुए कही। यह कार्यशाला स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा अकादमिक सदस्यों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रति व्यापक समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि आगामी एक वर्ष का कार्य महत्वपूर्ण होने वाला है। विगत छः माह में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 30 प्रतिशत् कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शेष 70 प्रतिशत् कार्य भी प्रारंभ हो गया है। छत्तीसगढ़ की पुस्तकों को स्थानीय स्तर के अनुकूल बनाना गया है, शिक्षक तभी अच्छे ढंग से पढ़ा पाएंगे जब वे स्वयं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षित होंगे। प्रशिक्षण में भी नवाचार को स्थान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में शाला त्यागी बच्चों से संपर्क कर स्कूल तक वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। उद्घाटन सत्र में श्री जे.पी. रथ, अतिरिक्त संचालक, एस.सी.ई.आर.टी. द्वारा अपने स्वागत भाषण में आगंतुक अतिथियों का परिचय दिया गया।अतिथि वक्ता श्री महेन्द्र मिश्रा द्वारा बहुभाषावाद और भाषा की शक्ति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत के सभी बच्चों के लिए काम करना हर शिक्षाविद का धर्म होना चाहिए तथा भाषा माध्यम नहीं लक्ष्य होना चाहिए। संचालक एस.सी.ई.आर.टी. श्री राजेंद्र कुमार कटारा ने अतिथियों को एससीईआरटी द्वारा प्रकाशित किताबें भेंट की। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर पहला अधिकारिक उन्मुखीकरण कार्यक्रम है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा श्री संजीव कुमार झा ने कहा कि इस नई शिक्षा नीति में भारत को ग्लोबल स्किल हब बनाने की तैयारी है।एस.सी.ई.आर.टी. के अकादमिक सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें श्री आलोक शर्मा द्वारा पाठ्यक्रम और शिक्षण शास्त्र के अंतर्गत राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा के बारे में विस्तार से बताया गया। श्री सुनील मिश्रा द्वारा प्रारंभिक बाल्यवास्था देखभाल एवं शिक्षा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सुश्री आई. संध्या रानी द्वारा विद्यार्थियों के विकास के लिए आकलन, श्री हेमंत कुमार साव द्वारा शिक्षक शिक्षा-शिक्षकों का सतत् व्यावसायिक विकास, डॉ. दीपा दास द्वारा व्यावसायिक शिक्षा, श्री संतोष कुमार तंबोली द्वारा प्रौद्योगिकी का उपयोग ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा, श्री प्रशांत पाण्डेय, राज्य साक्षरता मिशन द्वारा उल्लास (प्रौढ़ शिक्षा) पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम के अंत में श्री कटारा द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के लिए शपथ ग्रहण कराया गया। कार्यशाला में प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम श्री कुलदीप शर्मा, एस.सी.ई.आर.टी. के समस्त अधिकारी एवं अकादमिक सदस्य, प्रदेश के सभी शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, बी.टी.आई. तथा डाईट के प्राचार्य उपस्थित थे।
- -नवगठित कोपरा नगर पंचायत के लिए 50 लाख और राजिम के विकास के लिए दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की-अभिनंदन समारोह में शामिल हुए श्री सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव गरियाबंद जिले के ग्राम कोपरा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद संचालन समिति के गठन के मौके पर आयोजित अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने समारोह में जिले के 21 गांवों में पांच करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से निर्मित 200 मीट्रिक टन गोडाउन-सह-कार्यालय भवनों का लोकार्पण किया। उन्होंने नवगठित कोपरा नगर पंचायत के विकास के लिए 50 लाख रुपए और राजिम नगर के विकास के लिए दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कोपरावासियों के लिए बहुत ही ऐतिहासिक और गौरवशाली है। मैं यहां के सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सभी वर्गो के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मोदी की गारंटी के तहत जो वादे किए गए थे, उन वादों पर सरकार बनते ही अमल शुरू कर दिया गया है। इनका सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है।श्री साव ने कहा कि कोपरा ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बना है। इसके सुव्यवस्थित विकास के लिए किसी भी प्रकार की राशि की कमी नहीं आएगी। कोपरा को योजनाबद्ध तरीके से एक नया शहर बनाएंगे। इसके लिए हमें 50 वर्षों की कार्ययोजना बनाकर काम करने की आवश्यकता है। यहां सुव्यवस्थित सड़क, सीसी रोड, नाली, बिजली, पेयजल, चिकित्सालय, स्कूल सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रदेश के नगरीय निकायों में विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों के लिए 1500 करोड़ रुपए दिए गए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समारोह में ‘बिहान’ दीदियों को बैंक लिकेंज ऋण, लीड बैंक द्वारा स्वीकृत ट्रेक्टर लोन, दिव्यांगों को श्रवण यंत्र और व्हीलचेयर तथा मछली पालकों को जाल एवं आइस-बाक्स प्रदान किया। उन्होंने किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड, क्रेडिट कार्ड, अरहर बीज, विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को पीएम किसान अंतर्गत प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य विभाग के हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड और सिकलसेल कार्ड भी वितरित किए। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और शिशुवती माताओं के बच्चों को अन्नप्राशन भी कराया गया।अभिनंदन समारोह में राजिम के विधायक श्री रोहित साहू ने नगर पंचायत का दर्जा मिलने और संचालन समिति के गठन पर कोपरावासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए गौरव का क्षण है। नगर पंचायत के विकास के लिए सरकार द्वारा सभी विकास कार्य कराए जाएंगे। पूर्व सांसद श्री चंदूलाल साहू ने भी समारोह को सम्बोधित किया। गरियाबंद के कलेक्टर श्री दीपक कुमार अग्रवाल और गरियाबंद नगर पालिका के अध्यक्ष श्री गफ्फार मेमन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -सुकमा जिले में संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा बैठकरायपुर / वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि बरसात के मौसम में मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग मलेरिया उन्मूलन के लिए मच्छरदानी वितरण, डीडीटी छिड़काव सुनिश्चित करें। श्री कश्यप आज सुकमा जिला मुख्यालय में राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर बैठक में लोकसभा क्षेत्र बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप सहित जन प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।वन मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए कॉम्बेट टीम की गठन करने और मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए दवाईयों की उपलब्धता, आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में मेडिसिन की व्यवस्था रखी जाए। किसानों से अधिक से अधिक खाद-बीज का उठाव कराने, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ शत-प्रतिशत दिलाने, जिले के मृदा के उपयोगिता के हिसाब से आम ,केला जैसे पौधे लगाए जाने पर जोर देते हुए किसानों एवं ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने कहा।श्री कश्यप ने नियद नेल्ला नार में चिन्हांकित गांव में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की और कहा कि इन गांवों में लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कोंटा ईलाके के डूबान क्षेत्र में बाढ़ को लेकर आवश्यक सतर्कता बरतने, विद्युत विहीन गांव में विद्युतीकरण शीघ्र करने और ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा प्रदाय करने के लिए मोबाइल एटीएम शुरु करने भी कहा। उन्होंने पशुओं को होने वाले लंपी स्किन जैसे बीमारी का टीकाकरण करने और पर्यावरण संरक्षण हेतु एक पेड़ मां के नाम अभियान में जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य, ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिलाने, वन अधिकार अधिनियम आदि योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।
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रायपुर / वन मंत्री एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप मंगलवार 16 जुलाई को बीजापुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा जिला मुख्यालय बीजापुर में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा करेंगे।
- -हर वार्ड में लगेंगे शिविर, समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया जाएगा-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भागीदारी की अपील कीरायपुर। . प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आगामी 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। पखवाड़ा के दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर स्थानीय समस्याओं का निदान किया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज मंत्रालय से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के संबंध में सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से राज्य की सभी 184 नगरीय निकायों में स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए वार्डवार शिविर आयोजित कर उनका मौके पर ही निराकरण के निर्देश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को दिए हैं। उन्होंने इन शिविरो में नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के महापौरों, अध्यक्षों, पार्षदों और अन्य जन प्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि आमजन की भागीदारी में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि वार्डवार शिविरों के आयोजन से स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण होगा और नागरिकों को जरुरी सुविधाएं मिलेंगी। समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से होने से शहरी सरकार के प्रति लोगों में सद्भाव भी बढ़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगरीय निकायों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजनों की भागीदारी के साथ अपनी उपस्थिति इन शिविरों में जरुर देंगे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश के बाद आज राज्य शासन द्वारा सभी नगरीय निकायों को आगामी 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के संबंध में परिपत्र जारी कर दिया गया है। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि स्थानीय निकायों द्वारा अपने क्षेत्र के नागरिकों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना मुख्य दायित्व है। स्थानीय नागरिक समस्याएं यथा नल कलेक्शन, राशन कार्ड, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां, अनापत्ति प्रमाण पत्र, नामांतरण, स्वरोजगार के प्रकरण तथा कई विविध छोटे-छोटे कार्य होते हैं, जिनका निराकरण शीघ्र अपेक्षित होता है।परिपत्र में कहा गया है कि नल लीकेज, नलों में पानी न आना, नालियों व गलियों की सफाई, सार्वजनिक नलों के प्लेटफार्म से पानी बहना, कचरे की सफाई व परिवहन, टूटी-फूटी नालियों की मरम्मत, सड़कों के गड्ढे पाटना, स्ट्रीट लाइट्स की मरकरी/बल्ब/ट्यूबलाइट का बंद रहना आदि समस्याएं भी हैं। ये सारे कार्य आम नागरिकों की दिन-प्रतिदिन की समस्याओं और कार्यों से संबंधित है। इन समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से किए जाने से अपने नगरीय निकाय के प्रति नागरिकों का सद्भाव बढ़ेगा। वहीं स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का निराकरण भी शीघ्र हो सकेगा। विभाग ने जनसमस्या निवारण शिविरों में महापौरों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों, पार्षदों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे आमजन की भागीदारी में बढ़ोतरी हो।विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में करदाताओं को करों के भुगतान की सुविधा वार्ड में ही उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिक शिविर का पूरा लाभ प्राप्त कर सके। शिविरों में संकलित जानकारियां राज्य शासन को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- -बच्चों को फूल, मालाओं और तिलक लगाकर कराया जा रहा शाला प्रवेश-जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए वन मंत्रीरायपुर / छत्तीसगढ़ में शाला प्रवेश उत्सव जोर-शोर से चल रहा है। स्कूलों में नव प्रवेशी बच्चों को फूल-मालाओं से स्वागत के साथ ही उनका मुंह मीठा कराकर प्रवेश कराया जा रहा है। इसी कड़ी में वन मंत्री केदार कश्यप ने भी जिला मुख्यालय सुकमा में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर कहा कि शिक्षा ही समाज में बदलाव का माध्यम है। शिक्षा से ही हम अपने भविष्य को तराश सकते हैं। शिक्षा से ही हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैैं। कार्यक्रम में उन्होंने नव प्रवेशी बच्चों को फूल, माला और तिलक लगाकर शाला में प्रवेश दिलाया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप शाला प्रवेश उत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा कि आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम जैसे उच्च शिक्षा संस्थान हमारे प्रदेश में संचालित हो रहे हैं। सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके इसके लिए प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सार्थक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिल रहा है, अब सुकमा जिले में शाला त्यागी बच्चों की दर में कमी आई है। इस मौके पर उन्होंने सभी नव प्रवेशी बच्चों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर उन्होंने नव प्रवेशी बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश भी वितरित किए।कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि सुकमा जिला विकास की दिशा में निरतंर आगे बढ़ रहा है। सरकार के प्रयासों से यहां के बच्चे अब डॉक्टर, इंजीनियर सहित सरकारी सेवाओं में अपनी सेवा देकर, जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री महेश कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी स्कूली बच्चों का फूल माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया। इस मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
- -परिसर में पानी का जमाव न हो इसके लिए बेहतर इंतजाम के दिए निर्देशरायपुर, / छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीजापुर स्थित पोटाकेबिन पहुंचकर यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विभिन्न कक्षों में पहुंचकर बच्चों से पढ़ाई, मध्यान्ह भोजन सहित मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए चर्चा करते हुए प्रतिदिन नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने की बात कही। परिसर में गड्ढों में पानी का जमाव न हो इसलिए सभी संस्थाओं में नाली निर्माण, बजरी गिट्टी, मुरूम इत्यादि से गड्ढों का भराव करने, परिसर को साफ-सुथरा रखने झाड़ियों की कटाई सहित स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।उन्होंने अध्ययनरत विद्यार्थियों को हमेशा गर्म भोजन कराने जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई मीनू चार्ट की कड़ाई से पालन करने सहित स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।श्री जायसवाल ने इस दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए अपना लक्ष्य तय करके आगे बढ़ने हेतु निरंतर मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई एवं अन्य गतिविधियों में भाग लेकर जिला और प्रदेश का नाम रौशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री श्री जायसवाल ने बच्चों को अपने हाथों से फल वितरण कर शुभकामनाएं दी।इस दौरान पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मनोज कुमार पिंगुआ, स्वास्थ्य संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री जगदीश सोनकर, कलेक्टर श्री अनुराग पाण्डेय, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -राज्य नीति आयोग द्वारा विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में आयोजित किया जा रहा है संवाद कार्यक्रमरायपुर / छत्तीसगढ़ नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में 16 जुलाई को संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजन‘ परिचर्चा में भाग लेंगे और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। संवाद कार्यक्रम के समापन सत्र दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल होकर ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों‘‘ से संवाद करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।राज्य नीति आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ सत्र स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विजन@2047 की पृष्ठभूमि, परिकल्पना और विजन डाक्यूमेंट्स तैयार करने के संबंध में प्रस्तुतिकरण होगा। इसके बाद वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करेंगे। सुबह 11.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों के गु्रप से अलग-अलग चर्चा होगी। समापन सत्र दोपहर 3 बजे प्रारंभ होगा। इस सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों के प्रतिनिधि छत्तीसगढ़ विजन को लेकर अपनी परिकल्पना साझा करेंगे।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परिकल्पना को साकार करने में राज्य की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग द्वारा आगामी राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को विजन डॉक्यूमेंट ‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन/2047‘ जारी किया जाएगा।राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन @2047‘‘ संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में सभी विभागों, सेक्टर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श प्रारंभ किया जा चुका है। इसके लिए आठ वर्किंग गु्रप का गठन किया गया है। लगातार बैठकें आयोजित कर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिए आयोग द्वारा वेब-पोर्टल ‘‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़‘‘ लिंक http://sdgspc.cg.gov.in/viksitcg/#home भी तैयार किया गया है। file photo
- -वन मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण-सांसद श्री महेश कश्यप एवं जनप्रनिधियों ने भी किया पौधारोपणरायपुर,। ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान‘ के तहत वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित आकार आवासीय संस्था में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने आमजनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस मानसून के दौरान ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें और अपने घर, आसपास के परिवेश, गांव-खेत-खलिहानों और शहरों को खूब हरा-भरा करने लोगों को प्रेरित भी करें।वन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण अभियान के माध्यम से करीब चार करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर जुड़ने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में शामिल होकर ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस अवसर पर श्री धनीराम बारसे, श्री हूंगाराम मरकाम एवं अन्य जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी पौधारोपण किया।
- -आईसीयू में 10 बेड सहित दो डायलिसिस मशीन की स्वीकृति-जिला अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल-मरीजों एवं उनके परिजनों से मिलकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजारायपुर / एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचे छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीजापुर जिला अस्पताल का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मरीजों एवं उनके परिजनों से मिलकर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने दो छात्राओं की मौत के कारणों की जांच कराने की बात कही तथा भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री जायसवाल ने डॉक्टरों को बेहतर ईलाज के निर्देश देते हुए जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों का मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से करने और मलेरिया पॉजिटिव्ह बच्चों के माता-पिता का भी मलेरिया जांच करने के निर्देश दिए।श्री जायसवाल ने इस दौरान सभी मरीजों से बारी-बारी मिलकर उनके ईलाज संबंधी जानकारी ली और बेहतर से बेहतर ईलाज करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईसीयू में बेड की कमी को देखते हुए तत्काल 10 बेड सहित दो डायलिसिस मशीनों की स्वीकृति दी एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल के लिए सर्वसुविधायुक्त नया भवन, नए सेटअप के लिए जल्द ही स्वीकृत करने की बात कही। इस दौरान पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मनोज कुमार पिंगुआ, स्वास्थ्य संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री जगदीश सोनकर, कलेक्टर श्री अनुराग पाण्डेय, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और आजीविका के अवसर बढ़ाने अच्छे कार्यों के लिए मिलेगा पुरस्कार-नई दिल्ली में सूडा और चार नगरीय निकायों को 18 जुलाई को किया जाएगा पुरस्कृत-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दी बधाईरायपुर. । . छत्तीसगढ़ को दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। भारत सरकार द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) और प्रदेश के चार नगरीय निकायों बिलासपुर, रायगढ़, चांपा एवं भाटापारा का चयन प्रतिष्ठित ‘स्पार्क-2023-24’ पुरस्कारों के लिए किया गया है। राज्य में शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में उत्कृष्ट कार्यों के लिए ये पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 18 जुलाई को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित समारोह में सूडा और चारों नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया जाएगा। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ये पुरस्कार प्रदान करेंगे।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य को गौरवान्वित करने वाली इस उपलब्धि के लिए सूडा और चारों नगरीय निकायों की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ये पुरस्कार राज्य के लिए सम्मान का विषय है। मैं इसके लिए केन्द्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सामाजिक गतिशीलता, संस्थागत विकास, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण एवं शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता के साथ ही शहरी बेघरों के लिए आश्रय योजना से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने भी सूडा और पुरस्कार के लिए चयनित नगरीय निकायों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन महिलाओं एवं युवाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध मिशन है। छत्तीसगढ़ इस मिशन मे लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है। भारत सरकार द्वारा इन पुरस्कारों के लिए चयन हमारी कोशिशों की सफलता का घोतक है।सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय ने बताया कि भारत सरकार द्वारा ये पुरस्कार शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में श्रेष्ठ कार्यों के लिए दिया जा रहा है। दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से नगरीय निकायों ने शहरी आबादी के जीवन में उल्लेखनीय सुधार किया है। राज्य में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को लगातार लाभान्वित किया जा रहा है।इन कार्यों की वजह से राज्य को मिल रहा पुरस्कारदीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 2653 महिला स्वसहायता समूहों का गठन किया गया है। इनमें से 1532 समूहों को एक करोड़ 53 लाख 20 हजार रुपए की आवर्ती निधि प्रदान की गई है। सामाजिक गतिशीलता एवं संस्थागत विकास के अंतर्गत 123 क्षेत्र स्तरीय संगठन और चार शहर स्तरीय संघ का गठन कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य किया गया है। 123 क्षेत्र स्तरीय संगठन में से 47 क्षेत्र स्तरीय संगठनों को 23 लाख 50 हजार रुपए का अनुदान वितरित किया गया है। स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत 3028 हितग्राहियों को बैंकों के माध्यम से 31 करोड़ 17 लाख आठ हजार रुपए का व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराकर विभिन्न व्यवसायों से जोड़ा गया। साथ ही 340 समूहों के 1352 सदस्यों को समूह ऋण के माध्यम से सात करोड़ 73 लाख 81 हजार रुपए का ऋण प्रदान किया गया। महिला समूहों को रोजगार एवं आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने के लिए बैंक लिंकेज ऋण अंतर्गत 2766 स्वसहायता समूहों को 76 करोड़ 74 लाख 41 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया गया है।केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन और नगरीय निकायों के समन्वय तथा समूहों की सहभागिता से राज्य के 39 नगरीय निकायों में 47 आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही चार आश्रय स्थल निर्माणाधीन हैं। शहरी बेघरों के लिए आश्रय स्थल घटक के अंतर्गत शहरी बेघरों व अन्य के रहवास की व्यवस्था की जा रही है। शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता घटक अंतर्गत शहरी पथ विक्रेताओं के कल्याण के लिए सभी नगरीय निकायों में सर्वेक्षण का कार्य किया गया। सर्वेक्षित पथ विक्रेताओं को परिचय पत्र एवं विक्रय प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। योजना के तहत 25 वेंडिंग जोन का चिन्हांकन एवं नौ वेंडिंग मार्केट का निर्माण एवं वेंडिंग मार्केट का संचालन प्रारंभ किया गया।आम नागरिकों को आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति में पथ विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। पथ विक्रेता या रेहड़ी वाले शहर की सड़कों, फुटपाथों एवं बाजारों में विक्रय गतिविधियों के माध्यम से आजीविका का निर्वहन कर रहे हैं। इन पथ विक्रेताओं को ऋण अदायगी की शर्तों पर 10 से 50 हजार रुपए तक की ‘‘कार्यशील पूंजी ऋण’’ सहायता बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिये केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित ‘‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना’’ राज्य के 170 नगरीय निकायों में संचालित है। इसके तहत अभी तक 82 हजार 131 पथ विक्रेताओं को प्रथम ऋण, 29 हजार 099 पथ विक्रेताओं को द्वितीय ऋण और 5168 पथ विक्रेताओं को तृतीय ऋण बैंकों के माध्यम से वितरित किए गए हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजनान्तर्गत 165 करोड़ 25 लाख रुपए की वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से जरुरतमंदों को मुहैया कराई गई है।
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टी सहदेवभिलाई नगर। दुर्ग जिले के शासकीय नवीन संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने रविवार को जामगांव (महामाया) स्थित एक फार्महाउस में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत फलदार, फूलदार और छायादार पेड़ लगाए। संगीत के विद्यार्थियों को पर्यावरण के संरक्षण से जोड़ने के लिए रायपुर निवासी अजय देवांगन ने अपनी देखरेख में अध्ययन यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य पर्यावरण पर शहरी विस्तार के प्रभाव का विश्लेषण करना था।इस अध्ययन यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने पाया कि शहरीकरण और औद्योगीकरण की आड़ में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि तथा चारागाहों पर अतिक्रमण हो रहा है। अतिक्रमण को रोकने के लिए देवांगन ने अपने दो एकड़ के फार्महाउस तथा आसपास की जमीन पर सैकड़ों पेड़-पौधे लगाए और उनके संरक्षण के लिए खुद को समर्पित कर दिया। उनके समर्पण से प्रेरित होकर संगीत के छात्रों ने प्रेमगीत फार्महाउस में चंदन, बेल, नीम, पीपल, आम, बरगद, जामुन, गुलमोहर, अमलतास एवं अर्जुन सहित कई फलदार, फूलदार और छायादार पेड़ लगाकर राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बने।दिन भर चले अध्ययन और पौधरोपण के बाद शाम को संगीत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने शास्त्रीय गायन के साथ-साथ नए और क्लासिक फिल्मी गीतों की मनभावन प्रस्तुति दी। संगीत के इस सफर में रमेशर भारती, जगदीश बामनिया, जीवनंदन वर्मा, राजकुमार पांडे, तपन नाथ, सीमा निषाद, सुषमा आर्य, राधिका कौशल, ऋषभ साहू, कल्याण, पवन, केवल साहू और रोशन शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने संगीत प्रेम और पर्यावरण के संरक्षण के दोहरे उद्देश्य को पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जीवनंदन वर्मा तथा अजय देवांगन का आभार माना।

















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