- Home
- छत्तीसगढ़
- -हर मौसम में ग्रामीणों को मिल रहा पानीरायपुर / छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं पहुंच विहीन दुर्गम स्थानों में स्थित ग्रामों में अब लोगों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल मिल रहा है। केन्द्र सरकार के जल जीवन मिशन से अब ग्रामीणों को अन्य स्त्रोतों का पानी नहीं पीना पड़ता। शुद्ध पेयजल मिलने से ग्रामीण खुश है।नारायणपुर जिले के विभिन्न ग्रामों तक जल जीवन मिशन के तहत् दूरस्थ अंचल के बसाहटों तक पहुंची शुद्ध पेयजल पहुंच रही है। नारायणपुर जिले के पहुंच विहीन ग्रामों तक टेपनल के माध्यम से ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसमें अधिकांश गांव घने जंगल, पहाड़, नदी, नालों, दुर्गम रास्तौं से घिरे हुए हैं। ऐसे में जल जीवन मिशन के तहत् सभी बसाहटों में पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य राज्य शासन द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। हर घर नल-जल योजना से प्रत्येक ग्रामीण परिवारो को 24 घंटे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत 439 घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल दिया जा रहा है।पहले लोगों को हैंण्डपंप से पानी भरने में समस्या होती थी, वहीं बारिश के समय हैंण्डपंप से मटमैला पानी प्राप्त होता था। गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर कम हो जाने के कारण लोगों को हैण्डपंप से पानी निकालने में कठिनाई होती थी। जल जीवन मिशन के तहत् पानी टंकी निर्माण होने से हर मौसम में ग्रामीणों को शुद्ध स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायणपुर जिले में कुल 3275 हैंडपंप स्थापित किया गया। इनमें से 3253 हैंडपंप चालू हालत में है।
- -25 फरवरी तक नवीनीकरण कार्य किए जाएंगेरायपुर /छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में प्रचलित सभी 77 लाख राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य 25 जनवरी से जारी है। 17 फरवरी की स्थिति में 61 लाख 28 हजार 959 राशन कार्डधारियों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग द्वारा दी गई, ऑनलाइन सुविधा का लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं और स्वयं अपने मोबाइल से खाद्य विभाग के एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं।गौरतलब है कि राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य 25 फरवरी 2024 तक किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का नया मोबाईल एप्प तैयार किया गया है, इसे प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट http://khadya.cg.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। राशनकार्डधारी अपने मोबाईल में इस एप्प के जरिए नवीनीकरण के लिए इलेक्ट्रानिक आवेदन ऑनलाईन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे हितग्राही जिनके पास एन्ड्राईड मोबाईल नहीं है अथवा जहां पर मोबाईल कनेक्टिविटी नहीं है वहां उचित मूल्य दुकान स्तर पर ऑनलाईन प्रक्रिया के जरिए राशनकार्डों के नवीनीकरण हेतु इलेक्ट्रानिक आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा भी दी जा रही है।
- रायपुर /राज्य सरकार द्वारा अब तक किसानों से 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर रिकार्ड खरीदी की जा चुकी है। कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। मार्कफेड के महाप्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 120 लाख 90 हजार 982 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 108 लाख 03 हजार 949 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।
-
ऑनलाइन राशनकार्ड नवीनीकरण की प्रक्रिया*
दुर्ग/ शासन से प्राप्त आदेशानुसार जिले में 25 जनवरी 2024 से राशनकार्डों का नवीनीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। नवीनीकरण आवेदन प्रस्तुत करने के 2 विकल्प है (अ) राशनकार्डधारी अपने एन्ड्रायड फोन से खाद्य विभाग के पोर्टल https://khadya.cg.nic.in/ अथवा गूगल प्ले स्टोर से राशनकार्ड नवीनीकरण "सिटीजन एप" डाउनलोड कर इन्सटाल कर सकते है।
एप ओपन करने पर स्क्रीन पर तीन विकल्प प्रदर्शित होंगे। पहला राशनकार्ड नवीनीकरण, दूसरा राशनकार्ड नवीनीकरण की स्थिति जांचे एवं तीसरा राशनकार्ड नवीनीकरण कैसे करें। राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन हेतु प्रथम विकल्य "राशनकार्ड नवीनीकरण" चुनें। राशनकार्ड नवीनीकरण हेतु दो विकल्प राशनकार्ड में प्रदर्शित क्यू आर कोड स्कैन कर तथा राशनकार्ड नम्बर एवं राशनकार्ड में दर्ज मोबाईल नम्बर सत्यापन द्वारा दिखेंगे। क्यूआर कोड स्कैन अथवा मोबाईल नम्बर सत्यापित होने पर राशनकार्ड की ई-केवाईसी सहित अन्य जानकारियां प्रदर्शित होंगी। जानकारियों के नीचे अंकित घोषणा पत्र के बॉक्स में चयन कर राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन बटन को दबाना होगा। (जिन सदस्यों का ई-केवाईसी अपूर्ण है ऐसे सदस्यों का आधार एवं राशनकार्ड की प्रति संबंधित उचित मूल्य दुकान में जमा करें)। राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन स्वीकार होने पर स्क्रीन पर संदेश प्रदर्शित होगा। जो उपभोक्ता उपरोक्त कार्यवाही नहीं कर सकते, वे उपभोक्ता राशनकार्ड तथा सदस्यों का आधार, मूल प्रति एवं छायाप्रति के साथ अपने शास.उ.मू. दुकानदार से संपर्क कर उपरोक्त प्रक्रिया पूर्ण करा सकेंगे, किन्तु राशनकार्ड एवं मोबाईल नम्बर विकल्प से नवीनीकरण किये जाने की स्थिति में राशनकार्ड में संलग्न मोबाईल भी लेकर जाना होगा। राशनकार्ड नवीनीकरण की अवधि 25 जनवरी 2024 से 29 फरवरी 2024 तक राशनकार्डों में संशोधन, नाम जोड़ने, नाम काटवाने एवं नया राशन कार्ड बनाने का कार्य बंद रहेगा। -
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री रिचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रभावी कियान्वयन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन 19 फरवरी 2024 को सुबह 11 बजे कार्यालय जिला कार्यकम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के "प्रेरणा' सभा कक्ष में आयोजित किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अधिनियम की धारा 04 के आलोक में प्रत्येक कार्यालय/कार्यस्थल जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है, वहां आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) एवं धारा 06 के तहत स्थानीय परिवाद समिति (एलसीसी) का गठन जिले में किया गया है। प्रशिक्षण में आंतरिक परिवाद समिति तथा स्थानीय परिवाद समिति के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। ताकि यह समितियां अधिक प्रभावी रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सके। -
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए 17 फरवरी, शनिवार को महर्षि स्वामी विवेकानंद सभागृह पद्मनाभपुर, दुर्ग में सुबह 10 बजे से जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
शिविर में नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के संबंध में निराकरण किए जा सकते हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, अविवादित नामांतरण अविवादित खाता विभाजन और सीमांकन, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। जिलेवासी राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित हो सकते है। -
विस्तारीकरण व सौदर्यीकरण मे बाधक अनियमित कब्जो को निगम ने हटाएं
भिलाईनगर। केन्द्र सरकार की अमृत भारत योजना के तहत रेल्वे प्रशासन द्वारा प्रस्तावित पावर हाउस रेल्वे स्टेशन के सौदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण में बाधक बन रहे स्टेशन के सामने अनियमित रूप से लगाए 14 ठेला, गुमटी को भिलाई निगम ने पुलिस प्रशासन एवं रेल्वे अधिकारियों की उपस्थिति में बेदखल किया।पावर हाउस रेल्वे स्टेशन में जी.ई.रोड की ओर स्टेशन पहुॅच के रास्ते में अनियमित लगाये गये ठेले, गुमटी, टीन टप्पर से निर्मित 14 दुकानों को बेदखल किया गया है। जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि रेल्वे स्टेशन पावर हाउस के सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण के लिए रेल्वे प्रशासन ने निगम को उक्त स्थल को रिक्त करवाकर सौंपने पत्र दिया था, जिस पर निगम आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने कार्यवाही कर बेदखली किये जाने के आदेश दिए थे जोन-3 कार्यालय द्वारा स्टेशन गेट पर लगे दुकानदारो को नोटिस देकर स्वयं से अपने कब्जे को हटाने कहा था। नोटिस की समय सीमा समाप्त होते ही जोन-3 का राजस्व अमला शुक्रवार को पुलिस व रेल्वे के अधिकारियो के साथ दो जे.सी.बी. लेकर मौके पर पहुँची निगम प्रशासन ने सबसे पहले अवैध रूप से चल रहे सायकल स्टेण्ड के घेरा तथा कमरे को ध्वस्त किया कार्यवाही को देखकर अन्य ठेला, गुमटी संचालक अपने दुकान से सामान हटाना प्रारंभ किये। दुकान खाली होते ही सभी ठेला, गुमटी को चैन से बांध कर जे.सी.बी. द्वारा स्थल से बेदखल किया गया। कार्यवाही में व्यापारियों का तथा आम नागरिको का सहयोग प्रशंसनीय रहा।कार्यवाही के दौरान तहसीलदार गुरूदत्त पंचभाई, जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा ,छावनी सी.एस.पी. आशीष बंछोर सहायक राजस्व अधिकारी बाल कृष्ण नायडू, छावनी थाना टी.आई. सोनम ग्वाला, कुम्हारी टी.आई. संजय मिश्रा, जामुल टी.आई. कोसले, गति शक्ति योजना से जुड़े रेल्वे के कार्यपालन अभियंता सुनील कुमार, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अरूण चौधरी, रेल्वे पुलिस फोर्स के इंसपेक्टर पूर्णिमा राय बंजारे, सब इंसपेक्टर आर.के.राठौर, निगम का तोड़फोड़ दस्ता महिला एवं पुरूष पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे। -
भिलाईनगर। विकसित भारत संकल्प यात्रा के डायरेक्टर सर्वेश्वर मांझी गृह मंत्रालय भारत सरकार शुक्रवार को सेक्टर-1 में आयोजित संकल्प यात्रा शिविर आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के साथ पहुॅचे और शिविर स्थल पर लगाये गये प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला गैस योजना, पी.एम. विश्वकर्मा, महतारी वंदन, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, स्वास्थ्य परीक्षण, टी.बी.रोग निदान, मुद्रा लोन स्वनिधि लोन सहित सभी काउन्टर में घूम-घूम कर जानकारी प्राप्त किये। उन्होने उज्जवला गैस योजना के हितग्राही जमुना बाई, के.एम. उषा आनंदन, कलपना, अर्चना कुमारी, अंजू साहू, कृष्णा को गैस किट प्रदान किया और पुछा की आपको आवेदन करने में कोई परेशानी तो नही हुई सभी हितग्राही इस बात पर खुशी व्यक्त किये कि बहुत आसानी से हमे आज गैस मिल गया, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी जी को धन्यवाद। श्री मांझी एवं पार्षद शकुन्तला साहू, ईश्वर साहू व नोमिन साहू ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर कार्य करने वाले सामुदायिक संगठिका को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किये। श्री मांझी ने आयुष्मान कार्ड लोगो तक पहुॅचे यह सुनिश्चित करने को कहा शिविर की व्यवस्था को देखकर उन्होने निगम भिलाई के कार्यो पर संतोष व्यक्त किया।
शिविर का शुभारंभ प्रातः 9 बजे भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैल्यचित्र पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। इसके बाद शिविर स्थल पर उपस्थित नोडल अधिकारी प्रीति सिंह, अभियंता आलोक पसीने, शंकर सुमन मेश्राम, अमित एक्का, बसंत प्रधान, जे श्रीनिवास राव, उपासना साहू, अशोक यादव, प्रमोद मिश्रा, सूर्यकांत पाण्डेय, बाल राजू, कुलदीप रोशन सहित उपस्थित नागरिको ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। -
8 जिलों के साढे़ 3 सौ बच्चों ने लिया हिस्सा
जाजगीर जिले ने हासिल किया पहला स्थान*
बिलासपुर/स्कूली बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली से वाकिफ कराने के लिए संसदीय कार्यविभाग छत्तीसगढ़ द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन आज त्रिवेणी भवन में किया गया। प्रतियोगिता में आठ जिलों के साढ़े तीन सौ बच्चों ने हिस्सा लिया।
युवा संसद में प्रश्नकाल से लेकर ध्यानाकर्षण तक में देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चाएं होती रही। एक बारगी तो यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि यह बच्चे सांसद नहीं बल्कि स्कूलों के विद्यार्थी हैं। कार्यक्रम में शामिल हुए बच्चों ने कार्यक्रम को लेकर प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर हमें लोकतंत्र की महत्ता का पता चला और हमें इस बात का एहसास हुआ कि कैसे देश को सुचारू रूप से चलने के लिए सदन का अपना योगदान है और कैसे वह देश की दशा और दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है ।
कार्यक्रम के विषय में बताते हुए शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री आर. पी. आदित्य ने कहा कि प्रतियोगिता आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों में लोकतंत्र की समझ और उसके प्रति आस्था उत्पन्न करना था। सदन में जिस प्रकार अलग-अलग मुद्दों पर स्वस्थ चर्चा होती है ठीक वैसे ही आज देखने का मौका मिला। इस कार्यक्रम में अलग-अलग 8 जिलों के 350 विद्यार्थियो ने भाग लिया और सदन के सदस्य के रूप में अपनी प्रस्तुति दी ।
*प्रतियोगिता में इस टीम ने मारी बाजी-*
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जिला जांजगीर-चांपा ने हासिल किया उन्हें 300 में से 193 अंक प्राप्त हुए। द्वितीय स्थान पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की टीम रही उन्हें 300 में से 185 अंक प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर जिला मुंगेली की टीम रही जिसे 300 में से 179 अंक मिले।
कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर श्री निखिल केशरवानी, जय श्री चैकसे, श्री महर्षि बाजपेयी, श्री नितिन छाबड़ा, श्री अंकित गुप्ता और जिला पंचायत एपीओ सुश्री भाग्य श्री मिश्रा रही। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के तौर पर जमुना प्रसाद महाविद्यालय के प्राचार्य निराला सर, पीजीबीटी कॉलेज के प्राचार्य मनोज सिंह, पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनीष साव रहे ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम प्रभारी सहायक संचालक श्री दिलावर और सहयोगी के तौर पर सहयोगी श्री भूपेंद्र कौशिक, श्री जे. के. बावरे श्री मुकेश मिश्रा सहायक संचालक के साथ स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य और कई शिक्षक और कर्मचारी जुटे रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकुल शर्मा ने किया। मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी श्री विवेक दुबे निभायी। - -शिविरों में महिलाओं की उमड़ रही भीड़-आवेदन की अंतिम तारीख 20 फरवरी तकरायपुर /प्रदेश में महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए प्रशासन द्वारा आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करने के लिए पहुंच रही हैं। महिलाओं द्वारा आवेदन भरने का सिलसिला बीते 05 फरवरी से अनवरत रूप से जारी है। इस योजना के तहत अब तक 62 लाख 15 हजार 183 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। राज्य शासन द्वारा इस योजना के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। प्रदेश में महिलाओं द्वारा 15 फरवरी को एक दिन में ही 02 लाख 41 हजार से अधिक आवेदन किया गया है। आवेदन भरने की अंतिम तारीख 20 फरवरी निर्धारित की गई है।गौरतलब है कि राज्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना लागू की गई है। इस योजना का लाभ पात्र महिलाओं को आगामी मार्च महीने से मिलने लगेगा। फिलहाल योजना से लाभान्वित करने के लिए पात्र महिलाओं से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। सभी जिलों में पंचायत और आंगनबाड़ी स्तर पर फॉर्म भरवाने के लिए आयोजित किए जा रहे शिविरों में महिलाओं की काफी भीड़ उमड़ रही हैै। योजना का लाभ लेने के लिए प्रदेश में अब तक ऑफलाइन आवेदन और पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन को मिलाकर कुल 62 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष महिलाओं को 12 हजार रूपए दिये जाएंगे।जिलावार ऑफलाइन प्राप्त आवेदन- महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक बलरामपुर जिले में 01 लाख 86 हजार 147, रायगढ़ में 02 लाख 59 हजार 328, जशपुर में 01 लाख 74 हजार 200, सूरजपुर में 01 लाख 78 हजार 529, कोरबा में 02 लाख 20 हजार 144, गरियाबंद में 01 लाख 53 हजार 388, कोण्डागांव में 01 लाख 24 हजार 264, जांजगीर-चांपा में 02 लाख 74 हजार 268, कवर्धा में 01 लाख 99 हजार 341, बस्तर में 01 लाख 60 हजार 423, बलौदाबाजार में 02 लाख 41 हजार 935, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 63 हजार 73, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 01 लाख 51 हजार 818, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई में 92 हजार 60, राजनांदगांव में 02 लाख 33 हजार 50, धमतरी में 01 लाख 90 हजार 323, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 78 हजार 493, सक्ती में 01 लाख 49 हजार 60, दुर्ग में 02 लाख 92 हजार 12, रायपुर में 05 लाख 97 हजार 987, बेमेतरा में 02 लाख 34 हजार 526, बालोद में 02 लाख 32 हजार 353, सरगुजा में 02 लाख 06 हजार 613, मुंगेली में 02 लाख 27 हजार 724, बिलासपुर में 02 लाख 91 हजार 579, दंतेवाड़ा में 65 हजार 984, कोरिया में 55 हजार 660, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 75 हजार 252, कांकेर में 01 लाख 37 हजार 875, महासमुंद में 03 लाख 13 हजार 127, सुकमा में 47 हजार 599, नारायणपुर में 22 हजार 278, बीजापुर में 26 हजार 946 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। file photo
- -खाद्य विभाग एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैंरायपुर /छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में प्रचलित सभी 77 लाख राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य 25 जनवरी से जारी है। 16 फरवरी की स्थिति में 60 लाख 19 हजार 196 राशन कार्डधारियों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग द्वारा दी गई, ऑनलाइन सुविधा का लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं और स्वयं अपने मोबाइल से खाद्य विभाग के एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं।गौरतलब है कि राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य 25 फरवरी 2024 तक किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोेक्ता संरक्षण विभाग का नया मोबाईल एप्प तैयार किया गया है, इसे प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट http://khadya.cg.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। राशनकार्डधारी अपने मोबाईल में इस एप्प के जरिए नवीनीकरण के लिए इलेक्ट्रानिक आवेदन ऑनलाईन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे हितग्राही जिनके पास एन्ड्राईड मोबाईल नहीं है अथवा जहां पर मोबाईल कनेक्टिविटी नहीं है वहां उचित मूल्य दुकान स्तर पर ऑनलाईन प्रक्रिया के जरिए राशनकार्डों के नवीनीकरण हेतु इलेक्ट्रानिक आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा भी दी जा रही है।
- रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज विधानसभा सदन में एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मियों का अटैचमेंट खत्म करने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि ऐसी जानकारी मिली है कि बिना किसी कारण के ही दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों, नर्सिंग स्टाफ एवं चिकित्सकों को अन्यत्र मनचाही जगहों पर अटैच किया गया है जिससे आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।श्री जायसवाल ने कहा है कि यदि कहीं ऐसी विशेष परिस्थिति है जहां स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ की कमी है और अटैचमेंट करना अनिवार्य हो तो विभागीय अनुमति लेकर उसे जारी रखा जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आम जनों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में अकारण ही अटैचमेंट जैसी व्यवस्था से दूरस्थ क्षेत्रों में स्टाफ की कमी से आम लोगों को परेशानी होती है जिसे खत्म करना आवश्यक है।
- -डिग्री हासिल करने वाले 246 एमबीबीएस एवं 21 विशेषज्ञ चिकित्सकों को दी गयी नियुक्ति, इनमें से पचास फीसदी की नियुक्ति बस्तर एवं सरगुजा संभाग के लिए-स्वास्थ्य विभाग में 5 हजार से ज्यादा पदों पर पीएससी और व्यापम के जरिए होगी भर्तीः स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल-एमबीबीएस एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों को आवेदन करने के 24 घंटे के भीतर मिलेगी नियुक्तिः श्री जायसवालरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में मेडिकल आफिसर्स एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज विधानसभा में यह जानकारी दी है कि हाल ही में अपनी डिग्री पूरी करने वाले 246 एमबीबीएस डाक्टरों को मेडिकल आफिसर के पद पर तथा 21 डाक्टर्स को विशेषज्ञ चिकित्सक के तौर पर पदस्थ किया गया है। इनमें से पचास फीसदी चिकित्सक बस्तर एवं सरगुजा संभाग में दूरस्थ क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देंगे।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत किसी भी हास्पिटल में जहां भी खाली पद है उसके विरूद्ध यदि कोई एमबीबीएस डाक्टर या विशेषज्ञ डाक्टर आवेदन देता है तो उसे 24 घंटे के भीतर राज्य शासन से नियुक्ति मिलेगी।श्री जायसवाल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में निचले कर्मचारियों से लेकर चिकित्सकों के 5 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं जिन्हें जल्द ही व्यापम और पीएससी के जरिए भरा जाएगा।श्री जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक डाक्टरों की नियुक्ति होने जा रही है ताकि आम लोग एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया हो सकें।
- रायपुर /दुर्ग जिले के पार्श्वतीर्थ नगपुरा स्थित श्री पार्श्व जीव मैत्रीधाम में नवनिर्मित गौशाला का उद्घाटन कल वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन द्वारा फीता काटकर किया गया। वाणिज्य मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गौमाता की सेवा करना बहुत ही पुण्य का काम है। गौमाता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। हमारे दैनिक जीवन में गाय की उपयोगिता को नकारा नही जा सकता। गाय जीवन भर लाभान्वित करने वाला पशु है जिसके सहारे एक परिवार अपना भरण-पोषण कर सकता है। सर्वसुविधायुक्त शेडयुक्त गौशाला में अभी 65-70 पशु हैं और यहां 400 पशुधन रखने की क्षमता हैं। आज बहुत सारे गौशालाओं का संचालन जैन समाज द्वारा किया जा रहा है। यह बहुत हर्ष की बात है।गौमाता से हमें दूध, दही, पनीर, गौ मूत्र इत्यादि प्राप्त होते हैं, जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। गौमूत्र से कई बीमारियों का उपचार होता है। राज्य सरकार द्वारा गौ संरक्षण की दिशा में लगातार सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। गौशाला निर्माण से शहर के लोगों के अलावा आसपास के गांव के लोगों को भी राहत मिलेगी। इस गौशाला में दुर्घटना से घायल, बीमार एवं ज्यादा उम्र होने जाने पर किसान पशुओं का भरण-पोषण नही कर पाते हैं और उसे ईधर उधर छोड़ देते हैं। जैन समाज द्वारा निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त गौशाला में गायों का उपचार और उनकी देख-रेख व उनका भरण-पोषण किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक श्री धरमजीत सिंह ने कहा कि जैन मंदिर का दर्शन, पूजा-अर्चना कर व उनके सिद्धांतों को सुनकर मन को काफी शांति प्राप्त होती है। जैन समाज सादगी, करूणा, ममता और दया पर विश्वास रखने वाला समाज है। जैन समाज का मानवीय कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इस अवसर पर श्री रितेश बैस, ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री गजराज पागरिया सहित समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय का विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास पर है विशेष जोर-बजट में 300 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधानरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार किये गये बजट में विशेष पिछड़ी जनजाति के सदस्यों के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इस बजट प्रावधान से छत्तीसगढ़ में रह रहे बिरहोर, पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार और अबूझमाड़िया लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। घास-फूस के घरों की जगह वे पक्के घरों में रह सकेंगे। पेयजल की अच्छी सुविधा होगी। अभी अधिकांश विशेष पिछड़ी जनजाति की बस्तियों में पानी दूर से लाना होता है। कई बार इस जनजातीय समुदाय के लोग झिरिया आदि से पानी पीते हैं। अशुद्ध पेयजल की वजह से बीमारियां पनपती हैं।देश में पहली बार इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना बनाई गई। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु से शुरू की थी। छत्तीसगढ़ में इस योजना पर तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस पर सीधी नजर रख रहे हैं। बीते माह मुख्यमंत्री ने रायगढ़ जिले में बिरहोर बस्तियों का दौरा भी किया। उन्होंने यहां प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन की स्थिति देखी। मुख्यमंत्री ने इन बस्तियों में रहने वाले लोगों से संवाद भी किया। इन बस्तियों में रहने वाले लोगों को योजनाओं का लाभ मिलते रहे, इसके लिए लगातार कैंप लगाये जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध हो जाने से अब इन इलाकों में तेजी से विकास हो सकेगा। यह योजना इसलिए भी आवश्यक थी क्योंकि इन जनजातियों का भौगोलिक परिवेश बहुत कठिन है। जहां पर बस्तियां बसी हैं वहां तक पेयजल की सुविधा उपलब्ध करा पाना तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं दे पाना चुनौती होती थी लेकिन मुख्यमंत्री श्री साय के दृढ़ संकल्प के आगे रास्ता आसान हो गया है।जनमन योजना के माध्यम से न केवल बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं अपितु इनके लिए रोजगार के अवसर भी इसके माध्यम से सृजित किये जा रहे हैं। सरगुजा और बस्तर की ओर फोकस की सरकार की नीति भी इन अवसरों को बढ़ाने की दिशा में काफी उपयोगी होगी। स्थानीय उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर इन जनजातियों के लिए रोजगार सृजन हो सकेगा। इन योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने के लिए जनमन मित्र तथा सखी विशेष रूप से उपयोगी साबित हुए हैं। वे घर-घर जाते हैं पीवीटीजी से उनकी भाषा में बात करते हैं। सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हैं और फार्म भी भरवाते हैं। इसके बाद वे प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को देना सुनिश्चित कराते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ विधानसभा कार्यालय कक्ष में संस्कृति विभाग द्वारा निर्मित राजिम कुम्भ कल्प 2024 के लोगो और छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक पंचांग का विमोचन किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री अनुज शर्मा, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री जितेंद्र शुक्ला भी उपस्थित थे।गौरतलब है कि राजिम में आगामी 24 फरवरी से 5 मार्च तक राजिम कुम्भ कल्प आयोजित है। मंत्री श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को कुम्भ कल्प के लिए की जा रही तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने सांस्कृतिक पंचांग की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि पंचांग में प्रदेश में आयोजित होने वाले सभी 84 मेले एवं महोत्सवों की जानकारी दी गई है।
- -मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राम मंदिर पहुंच प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित किए पीले अक्षत और निमंत्रण पत्र-राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर-राजिम कुंभ की लौटेगी भव्यता, देशभर के साधु-संत शामिल होंगे-24 फरवरी से 8 मार्च तक होगा भव्य आयोजन-राजिम कुंभ कल्प को रामोत्सव के रूप में मनाने की अपीलरायपुर/ छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम में त्रिवेणी संगम पर राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। राजिम कुंभ कल्प का आयोजन आगामी 24 फरवरी से 8 मार्च तक होगा। धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प में पधारने का प्रथम निमंत्रण आज रायपुर के वीआईपी चौक स्थित श्री राम मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर उनके चरणों में पहला निमंत्रण पत्र अर्पित किया।हिंदू धर्म में लोग अपने मांगलिक कार्यों का निमंत्रण सबसे पहले अपने ईस्ट देवता व कुल देवता को देते हैं। इसका कारण कुल परंपरा व शास्त्रीय विधान है। उद्देश्य है कि हम जो मांगलिक कार्य करने जा रहे हैं उसे सभी देवी-देवता सफल बनाएं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प का पहला न्यौता प्रभु श्री राम को देते हुए राजिम कुंभ के सफल आयोजन की कामना की।संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन के दौरान तीन पुण्य स्नान क्रमशः 24 फरवरी माघ पूर्णिमा, 4 मार्च माता जानकी जयंती और 8 मार्च महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होंगे। उन्होंने कहा कि पांच साल बाद राजिम कुंभ की भव्यता फिर से लौटेगी। राजिम कुंभ में देशभर से बड़ी संख्या में साधु-संतों पीठाधीश्वर, मठाधीश, महात्मा, शंकराचार्य राजिम कुंभ में पधारेंगे। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्षों बाद अयोध्या में श्री रामलला की घर वापसी हुई है। इसको पूरे देशभर में उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने राजिम कुंभ कल्प को भी रामोत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। देश-प्रदेश के श्रद्धालु गणों के आगमन से राजिम कुंभ कल्प का आयोजन बड़े ही धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ होगा।
- -सामुदायिक भागीदारी से भोजन को अधिक पोषक बनाने की पहल-न्योता भोजन, स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं होगारायपुर / छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गर्म भोजन को सामुदायिक भागीदारी की बदौलत और अधिक पोषक बनाने की अभिनव पहल की गई है। शाला अवधि में विद्यार्थियों को भोजन प्रदाय करने के लिए संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना गाईडलाईन में सामुदायिक आधार पर तिथि भोजन के प्रावधान के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में इसे ‘न्योता भोजन’ के नाम से लागू करने का निर्णय लिया गया है।न्योता भोजन का उद्देश्य समुदाय के बीच अपनेपन की भावना का विकास, भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि तथा सभी समुदाय वर्ग के बच्चों में समानता की भावना विकसित करना है। न्योता भोजन की अवधारणा सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन, स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं अथवा अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकेंगे। न्योता भोजन, स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं होगा, बल्कि यह विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन का पूरक होगा।राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महानदी भवन नवा रायपुर, अटल नगर से आज इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ‘न्योता भोजन’ के संबंध में विस्तृत निर्देश प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के दिशा निर्देश के अध्याय 12 में ‘तिथि-भोजन’ के नाम से दिये गये हैं, इसका पालन करना भी सुनिश्चित करें।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि ‘न्योता भोजन’ की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व आदि पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। समुदाय के सदस्य ऐसे अवसरों/त्यौहारों पर अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान कर सकते है। यह पूरी तरह स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं। ध्यान रहे न्योता भोजन शाला में दिये जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह केवल शाला में प्रदान किये जाने वाले भोजन का पूरक है।प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिये छत्तीसगढ़ राज्य में न्योता भोजन की अवधारणा रखी गई है, जिसमें प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना से लाभांवित हो रहे बच्चों को अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान किया जा सकेगा। इसके तहत समुदाय के सदस्य किचन के बर्तन भी उपलब्ध करा सकते है।संभावित दाताओं की पहचान- समुदाय में ऐसे दान दाताओं की पहचान की जा सकती है जो रोटेशन में माह में कम से कम एक दिन शाला में ‘न्योता भोजन’ करा सके। दान दाताओं को प्रोत्साहित करने के लिये उन्हें शाला की प्रार्थना सभा अथवा वार्षिक दिवस में सम्मानित किया जाए। भोजन दान की प्रकृति को महादान के रूप में प्रचारित किया जाना चाहिए, जिसमें पूरे विद्यालय अथवा किसी कक्षा विशेष के बच्चों को ‘न्योता भोजन’ कराया जाता है। ‘न्योता भोजन’ के दिन दान-दाता को शाला में आमंत्रित किया जाए। ‘न्योता भोजन’ की घोषणा प्रार्थना के दौरान की जाए। घोषणा में दान-दाता के नाम की भी घोषणा की जा सकती है अथवा उन्हें आमंत्रित किया जा सकता है। file photo‘न्योता भोजन’ के अन्तर्गत प्रदान की जाने वाली सामग्रियां- प्रदान की जाने वाली सामग्री में शाला के लिये पूर्ण भोजन, कक्षा विशेष के लिये पूर्ण भोजन अथवा अतिरिक्त पोषण आहार हो सकता है। इसके अतिरिक्त पूर्ण या अतिरिक्त पोषण हेतु सामग्री प्रदान की जा सकती है जिसे शाला के रसोईयों के द्वारा बनाकर बच्चों को परोसा जा सकता है। दान-दाताओं द्वारा प्रदान किया जाने वाला खाद्य पदार्थ अथवा सामग्री उस क्षेत्र के खान-पान की आदत (फुड हैबिट) के अनुसार होनी चाहिए। पूर्ण भोजन की स्थिति में नियमित रूप से दिये जाने वाले भोजन के समान बच्चों को दाल, सब्जी और चावल सभी दिया जाना है। फल, दूध, मिठाई, बिस्किट्स, हलवा, चिक्की, अंकुरित खाद्य पदार्थ जैसे सामग्री, जो बच्चों को पसंद हो का चुनाव अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है। पौष्टिक एवं स्वादिष्ट मौसमी फलों का चयन भी पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है। मौसमी फल अपेक्षाकृत सस्ते एवं पौष्टिक होते है। शाला में बच्चों से पूछकर भी ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची तैयार की जानी चाहिये जो बच्चे ‘न्योता भोजन’ में खाना चाहते हो। इस सूची को दान-दाताओं को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे वे बच्चों के पसंद की खाद्य सामग्री का अपने बजट के अनुसार चयन कर बच्चों को ‘न्योता भोजन’ में उपलब्ध करा सकें। ‘न्योता भोजन’ हेतु किसी प्रकार की कैश, चेक शाला द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।न्योता भोजन’ की आवृति एवं भागीदारी की भावना- समुदाय की शाला में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिये समुदाय के सदस्यों के मध्य माह में कम से कम एक दिन स्वच्छता एवं स्वच्छता प्रोटोकाल का पालन करते हुये ‘न्योता भोजन’ को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। ‘न्योता भोजन’ में बच्चे एक साथ बैठ सकते है और सही मायने में भोजन, अतिरिक्त खाद्य पदार्थों का आनंद उठा सकते है।शाला प्रबंधन समिति की भूमिका- शाला प्रबंधन समिति की बैठकों के दौरान ‘न्योता भोजन’ के प्रावधान, दान-दाताओं की पहचान, ‘न्योता भोजन’ की समय सारणी पर चर्चा की जाए। ‘न्योता भोजन’ के दौरान बच्चों को प्रदान किये जाने वाले खाद्य पदार्थों के प्रकार और मात्रा पर बैठकों में चर्चा की जाए। सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य खाद्य पदार्थों को उपलब्ध कराने में पर्याप्त सावधानी बरती जाए।‘सबका प्रयास’- सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु, ‘न्योता भोजन को बढ़ाने के लिये ‘सबका प्रयास’ अवधारणा का उपयोग किया जाना चाहिये। सबका प्रयास, समुदाय का एक प्रयास हो सकता है। इसके लिये समुदाय को जागरूक करने के लिए स्कूली बच्चों के लिये अतिरिक्त खाद्य पदार्थों के प्रावधान के पोषण संबंधी लाभ से अवगत कराया जाए। इसमें मौसमी फल जो कम कीमत वाले और विटामिन तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर हों, बच्चों को दिया जा सकता है। ‘न्योता भोजन’ के तहत अतिरिक्त भोजन प्रदान करने में रूचि रखने वाले सभी समुदाय के सदस्यों के लिये शाला स्तर पर एक रोस्टर तैयार किया जा सकता है। अधिकतम योगदान देने वाले समुदाय के सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित किया जा सकता है। वास्तव में सबका प्रयास के माध्यम से सभी समुदाय के सदस्य या तो पूर्ण भोजन के रूप में खाद्य पदार्थ या फल, मिष्ठान आदि उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। न्योता भोजन की अवधारणा को सफलतापूर्वक जनांदोलन बनाया जाए।पहल की निगरानी- प्रदान किये गये भोजन की संख्या और प्रकार, अतिरिक्त खाद्य सामग्री और आवधिकता की जानकारी, संधारित करने के लिये, एक रजिस्टर रखा जाए। शाला से विकासखण्ड कार्यालय में भेजे जाने वाले मासिक प्रपत्र में न्योता भोजन की जानकारी दी जाए। जिस तिथि में ‘न्योता भोजन’ प्रदान किया जाता है उस तिथि में विकासखण्ड स्तर पर न्योता भोजन अन्तर्गत विस्तृत जानकारी की प्रविष्टि की की जाए। इसकी प्रविष्टि राज्य साफ्टवेयर में की जाएगी। ‘न्योता भोजन’ तीन प्रकार के हो सकते है- पूर्ण भोजन (शाला की सभी कक्षाओं हेतु), आंशिक पूर्ण भोजन (शाला के किसी कक्षा विशेष हेतु), अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री।
-
*2.92 लाख आवेदन मिले, 70 प्रतिशत ऑनलाईन एण्ट्री*
*पर्याप्त आवेदन उपलब्ध, बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं*
*खरीदी-बिक्री करते पाये गये तो होगी कठोर कार्रवाई*
बिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने बैठक लेकर महतारी वंदन योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को अवकाश के दिन में भी निर्धारित केन्द्रों पर भरे-भराये आवेदन लिये जाएंगे। उन्हें आवेदन उपलब्ध भी कराए जाएंगे। कलेक्टर ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में महतारी वंदन योजना के फार्म महिला एवं बाल विकास विभाग के पास उपलब्ध हैं। वितरण केन्द्रों में इन्हें फ्री में उपलब्ध कराया जा रहा है। इन्हें शुल्क लेकर उपलब्ध कराये जाने संबंधी यदि शिकायत मिली तो संबंधित पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। च्वाईस सेन्टर अथवा सीएससी द्वारा शुल्क लिये जाने की सूचना मिली तो उनका आईडी जब्त कर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जायेगी। केन्द्रों के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालयों में भी आवेदन पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।
बैठक में बताया गया कि जिले में योजना के अंतर्गत 15 फरवरी तक 2.91 लाख आवेदन मिले हैं। इनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा आवेदनों की ऑनलाईन एण्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। नगर निगम बिलासपुर सहित तखतपुर, बिल्हा में एण्ट्री की अत्यंत धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए अतिरिक्त मेनपाॅवर लगाकर दो दिन में 90 प्रतिशत तक ले जाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि नगर निगम को योजना के अंतर्गत 69 हजार 619 आवेदन मिले हैं, उनमें केवल 12 हजार की एण्ट्री हुई है जो कि केवल 17 प्रतिशत बैठता है। कलेक्टर ने कहा कि ये राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने वाली योजना है। इसमें किसी तरह की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार्य नहीं की जायेगी। उन्हेांने ऑनलाईन मोड में भरे गये आवेदनों के सत्यापन में विशेष गंभीरता बरतने की हिदायत दी। आॅफलाईन मोड पर आवेदन सत्यापन का मुख्य जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पंचायत सचिव को सौंपी गई है। डीपीओ श्री तारकेश्वर सिन्हा ने राज्य सरकार के निर्देशानुसार आवेदनों के सत्यापन, दावा आपत्ति तथा पात्र हितग्राहियों की सूची प्रकाशन के लिए अपनायी गई रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन अब 15-17 हजार के लगभग आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। आवेदन लेने की अंतिम तिथि 20 फरवरी तक निर्धारित की गई है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त श्री आरके जायसवाल सहित सभी जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ और महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी बैठक में शामिल थे। - -बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई-कलेक्टर चंदन कुमार के मार्गदर्शन में एक साथ छापामार कार्रवाईरायपुर /कलेक्टर श्री चंदन कुमार के मार्गदर्शन में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में खनिजों के अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कार्रवाई का व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में बीते 15 फरवरी को जिला खनिज टास्क फोर्स ने कई इलाकों में दबिश देकर रेत के अवैध खनन में लगे चैन माउण्टेड मशीन और वाहन जब्त किए। जिला खनिज टॉस्क फोर्स में राजस्व विभाग, खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे। टॉस्क फोर्स ने रेत, मुरुम, चूनापत्थर के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलग्न 51 वाहनों और 6 चैन माउण्टेड मशीनों को जब्त किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार बलौदाबाजार ने खनिज रेत के अवैध परिवहन कर रहे 22 वाहनों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी तरह पलारी तहसील अंतर्गत ग्राम दतान (ख) में रात्रि में रेत के अवैध उत्खनन में संलग्न 2 चैन माउन्टेड मशीन एवं 3 हाईवा को नदी में रेत भराई के दौरान जब्त किया।इसी प्रकार कसडोल तहसील अंतर्गत ग्राम भदरा में रात्रि में रेत के अवैध उत्खनन में संलग्न 3 चैन माउन्टेड मशीन को तथा ग्राम भदरा एवं सिनोधा में रेत से भरी 8 हाईवा को जब्त कर कसडोल थाने के सुपर्द किया गया है। छापामार कार्रवाई के दौरान तहसीलदार लवन ने रेत से भरी 8 हाईवा, खनिज विभाग की टीम ने 4 हाईवा जब्त कर थाना लवन में सुरक्षार्थ रखा गया है। तहसीलदार टुण्ड्रा एवं भाटापारा के द्वारा 3-3 वाहनों पर अवैध परिवहन का प्रकरण तथा मुरुम के अवैध खनन में प्रयुक्त हो रहे चैन माउण्टेड मशीन जब्त किया गया है। जब्त मशीनों और वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई की गई है।
-
दो हाईवा, 1 जेसीबी व 12 ट्रैक्टर जब्त
खनिज की वैधता प्रमाणित नहीं कर पाने वाले ठेकेदार को 3.81 लाख जुर्माना*
बिलासपुर/खनिज अमला बिलासपुर द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचना और शिकायत के आधार पर 13 फरवरी से से 16 फरवरी तक खनिजों के अवैध उत्खनन व परिवहन के कुल 10 मामलों पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई में दो हाईवा, 1जेसीबी और 12 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। सड़क निर्माण के कार्य में उपयोग किए जा रहे खनिज की वैधता प्रमाणित नहीं किए जाने पर एक ठेकेदार को 3.81 लाख रुपए का जुर्माना ठोंका गया है।
खनिकर्म विभाग के उप संचालक ने बताया कि भिलौनी, मस्तूरी एवं कोनी क्षेत्रों में जांच के दौरान अवैध रेत परिवहन कर रहे 8 प्रकरणों पर कार्रवाई कर जप्त खनिजमय वाहन कुल 8 ट्रैक्टरों को थाना कोनी, थाना पचपेड़ी एवं खनिज जांच नाका लावर में सुरक्षार्थ रखा गया है। इसके अतिरिक्त 15 फरवरी को रहंगी क्षेत्र में जांच के दौरान अवैध मिट्टी व मुरूम परिवहन के प्रकरण दर्ज करते हुए 2 हाईवा जप्त कर थाना चकरभांटा में सुरक्षार्थ रखा गया है। इसी प्रकार 16 फरवरी को कैमाडीह (सीपत) क्षेत्र में अवैध मिट्टी और मुरूम के प्रकरण दर्ज करते हुए 4 ट्रेक्टर एवं 1 जेसीबी जप्त कर थाना सीपत में सुरक्षार्थ रखा गया है।जप्त खनिजमय वाहनों पर खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।खनिज अमला द्वारा रेत उत्खनन हेतु प्रतिबंधित क्षेत्रों का भी सतत निरीक्षण किया जा रहा है। उक्त क्षेत्र से यदि अवैध रेत उत्खनन व परिवहन के मामले दर्ज होने पर पुनः एफआईआर अथवा न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया जावेगा। ठेकेदार को सड़क निर्माण कार्य में खनिजों की वैधता प्रमाणित नहीं करने पर 3 लाख 81 हजार से अधिक का जुर्माना जमा कराया गया। करमा गुड़ी पीडब्ल्यूडी रोड निर्माण कार्य करने में उपयोग किये जाने वाले खनिजों के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर ठेकेदार मेसर्स संजय कुमार केडिया, बाराद्वार द्वारा खनिज मिट्टी व मुरूम की वैधता प्रमाणित नहीं करने की स्थिति में अर्थदण्ड की राशि रु. 3.81 लाख रुपया जमा कराया गया है।
File photo
-
*अरपा रिवाईवल प्लान समिति की बैठक*
बिलासपुर/ जिले की जीवन रेखा अरपा नदी में बारहों महीने पानी का बहाव रहे एवं इसके संरक्षण के लिए आज कलेक्टर श्री अवनीश शरण की अध्यक्षता में अरपा रिवाईवल समिति की बैठक जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित की गयी। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा न्यायालय में प्रचलित पब्लिक इंटेरेस्ट लिटिगेशन के तहत अरपा रिवाईवल प्लान हेतु विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गयी है। बैठक में अरपा नदी के उदगम, पानी का बहाव बना रहे एवं अतिक्रमण जैसे मुददोें पर विस्तार से चर्चा की गयी।
बैठक में बताया गया कि अरपा के संरक्षण के लिए विभागों द्वारा बहुत सारे काम किए गए हैं लेकिन उन कामों की समेकित जानकारी उपलब्ध नही है। समिति में शामिल विभागों के अधिकारियों की एडीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स कमिटी गठित की गयी है। रिवाईवल समिति ने निर्णय लिया कि टास्क फोर्स कमिटी अगले हफ्ते बैठक कर विभागों द्वारा किए गए कार्यो की समेकित जानकारी प्रस्तुत करेगी। समिति के सदस्यों ने अरपा नदी के भौगोलिक सर्वे, अरपा नदी के उदगम क्षेत्र एवं जलग्रहण क्षेत्र के चिन्हांकन, खनिज गतिविधियों, अतिक्रमण, अरपा नदी में सीवरेज जल प्रवाह की रोकथाम के संबंध में और अरपा रिवाईवल हेतु किए जाने वाले कार्यो एवं गतिविधियों जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। बैठक में बताया गया कि अरपा नदी का कुल जलग्रहण क्षे़त्र 3634.56 वर्ग किमी है। अरपा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के 77 गांव, मुंगेली जिले के 03 गांव, बिलासपुर जिले के 415 गांव और कोरबा जिले के 130 गांव आते हैं। इस प्रकार चार जिलो के 625 गांव अरपा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में आते हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा बताया गया कि अरपा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में 20 सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया गया। इससे अरपा नदी में 26.59 मि.घ.मी. जल संवर्धन हुआ। अरपा नदी को जीवंत रखने के लिए चार योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन योजनाओं की प्रस्तावित जल भराव क्षमता 25.16 मि.घ.मी. है और रूपांकित सिंचाई क्षमता 25 हजार हेक्टेयर है। इसी प्रकार अरपा की सहायक नदियों और नालों में 20 योजनाएं निर्माणाधीन हैं।
बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, डीएफओ श्री संजय यादव, एडीएम श्री आर. ए. कुरूवंशी, समिति में शामिल विभागीय अधिकारी, माननीय उच्च न्यायालय से गठित एमिकस क्यूरी की ओर से राज्य जैव विविधता समिति के सदस्य श्री नीरज तिवारी, भूगोल शास्त्र के विभागाध्यक्ष डाॅ. श्री पीएल चन्द्राकर, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता न्यायमित्र श्री आशुतोष सिंह कछवाहा, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री यू.एन.एस. देव, पीटीशनर श्री अरविन्द कुमार शुक्ला एवं श्री श्रवण कुमार चंदेल मौजूद थे। - रायपुर। राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 9 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी कर दिया है। इनमें संयुक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सामान्य प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार मनीष मिश्रा, उमाशंकर बंन्दे और अभिलाषा पैकरा को रायपुर में संयुक्त कलेक्टर पद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आभा तिवारी को राज्य सूचना आयोग में अवर सचिव बनाया गया है। योगेन्द्र श्रीवास अब मार्कफेड में अतिरिक्त प्रबंध संचालक पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।देखें पूरी सूची-

-
*गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश*बि
लासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने भ्रमण कर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की मौके पर प्रगति देखी और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इन संस्थानों के बेहतर संचालन के लिए अभी से कार्य-योजना तैयार कर लिया जाये ताकि शुरू होने के बाद अनवरत लोगों को इनका फायदा मिलता रहे, बीच में कोई अड़चन न आये। उन्होंने लगभग तीन घण्टे तक शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर एक दर्जन से ज्यादा चल रहे जनसुविधाओं के कार्यां का नजदीकी से अवलोकन किया। नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार सहित स्मार्ट सिटी परियोजना के संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार इस अवसर पर उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने महिलाओं के उपयोग के लिए बन रहे पिंक स्टेडियम का निरीक्षण कर दौरे की शुरूआत की। बिलासा डिग्री गल्र्स काॅलेज परिसर में 4.37 करोड़ की लागत से इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर हैं। उन्होंने एजेन्सी से महिला खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लेकर इसके बेहतर संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्टेडियम के संचालन के लिए एक समिति गठित करने का सुझाव दिया। आगे मरीमाई मंदिर मार्ग में बन रहे फूटपाथ निर्माण का अवलोकन किया। सड़क के चैड़ी हो जाने पर बिजली के खंभे बीच सड़क में आ जाने पर मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत किनारे शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके आगे मिनीमाता तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया। तालाब के किनारे सवा 7 सौ परिवारों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। तालाब के किनारे आवास निर्माण कर उन्हें पुनर्वास करने की योजना है। कलेक्टर ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। व्यापार बिहार में उन्हेांने अण्डरग्राउण्ड इलेक्ट्रिसिटी के काम का अवलोकन किया। कलेक्टर ने पुराने बस स्टेण्ड में शटल कार पार्किंग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। ये एक प्रकार से अत्याधुनिक पार्किंग है जिसमें कार खड़ी करने के बाद मशीन उठाकर कार को उपर ले जाकर मंजिल में खड़ी कर देगा। करीब 16 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।
कलेक्टर ने आगे मल्टीपर्पज स्कूल के समीप निर्माणाधीन स्पोर्टस काॅम्पलेक्स सह मिनी स्टेडियम का अवलोकन किया। पूर्ण होने के उपरांत इसका संचालन पीपीपी माॅडल पर करने का सुझाव दिया। लगभग 22 करोड़ रूपये की लागत से इस एकीकृत खेल काॅम्पलेक्स का शहर के बीच निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने अरपा नदी पर पचरीघाट के किनारे बनाये जा रहे हेप्पी स्ट्रीट को भी देखा। उन्होंने सिटी कोतवाली थाने परिसर में निर्मित मल्टी लेवल पार्किंग का भी निरीक्षण किया। तेजी से काम यहां चल रहे हैं। ग्राउण्ड फ्लोर में 46 दुकान भी निकाले गये हैं। तीन मंजिल युक्त भवन में 180 चार पहिया वाहनों की पार्किंग सुविधा इसमें उपलब्ध है। कलेक्टर ने इंदिरा सेतु से शनिचरी रपटा तक अरपा नदी के दोनों किनारों पर पक्की सड़क एवं नाली निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। उन्होंने इस कार्य के फेज 1 कार्य को पूर्ण कर फेज 2 के कार्य के लिए पुनरीक्षित प्राक्कलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अंत में संजय तरण पुष्कर में निर्माणाधीन स्पोर्टस क्लब, मीनोचा काॅलोनी स्मार्ट रोड एवं आगे गोखले नाला को भी देखा। स्मार्ट रोड बनने के बाद गोखले नाला पर बने पुल की चैड़ाई छोटी हो जायेगी। दुर्घटना की आशंका बने रहेगी। इसलिए गोखले नाला पर नये पुल बनाने के निर्देश दिए। -
त्रिवेणी भवन में होगा कार्यक्रम
बिलासपुर/स्कूली विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता का विकास और उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित कराने युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन 16 फरवरी को सुबह 9 बजे से व्यापार विहार स्थित - त्रिवेणी भवन में किया जा रहा है। इसमें संभाग से लगभग साढ़े तीन सौ छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। अलग-अलग जिलों के बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल होकर सदन का हिस्सा बनकर लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली की जानकारी लेंगे इसके लिए बकायदा स्कूलों में उनकी तैयारी करवाई गई है ।
संसद की तमाम कार्यवाहियों का बनेंगे हिस्सा -
जिस प्रकार भारतीय संसद में कार्य होता है उसी प्रकार इस कार्यक्रम की भी रूपरेखा तैयार की गई है जिसमे 20 मिनट का प्रश्नकाल व शेष 30 मिनट शपथ ग्रहण, नए मंत्री का सदन से परिचय, विशेषाधिकार हनन, राज्य सभा से संदेश, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विधेयक संकल्प- प्रस्ताव पर चर्चा, स्थगन प्रस्ताव, मत विभाजन आदि प्रक्रियाओं का प्रदर्शन आदि के लिए रखा गया है । युवा संसद की भाषा प्रतिभागी विद्यार्थी इच्छानुसार हिन्दी अथवा अंग्रेजी का उपयोग कर सकते हैं। शपथ ग्रहण के लिए भारतीय संविधान की आठवीं सूची में उल्लेखित भाषाओं में से किसी एक का प्रयोग किया जा सकता है। स्पीकर की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थी को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएं आनी चाहिए।
100 अंकों में होगा मूल्यांकन , विजेता टीम को किया जाएगा सम्मानित -
प्रतियोगिता में पक्ष-विपक्ष का मूल्यांकन 100 अंकों का होगा। सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाली टीम को विजेता माना जाएगा। निर्णायक मंडल समिति द्वारा अनुशासन एवं मर्यादा पर 10 अंक, संसदीय प्रक्रियाओं के पालन पर 20 अंक, प्रश्नों एवं अनुपूरक प्रश्नों के लिए विषय चयन व उत्तर की गुणवत्ता पर 20 अंक, वाद-विवाद के विषयों के चयन पर 10 अंक, भाषा की गुणवत्ता एवं वाद-विवाद के स्तर पर 30 अंक और संपूर्ण प्रदर्शन के सामान्य मूल्यांकन पर 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त वाले दल को सामूहिक ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ स्पीकर, मंत्री की भूमिका, सर्वश्रेष्ठ प्रश्नकर्ता, वक्ता पक्ष एवं विपक्ष को ट्राफी व प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने सौपी गई जिम्मेदारी -
युवा संसद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संभागायुक्त श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने अधिकारी-कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंपी है। आयोजक मंडल में संयुक्त संचालक श्री आरपी आदित्य के साथ स्कूल शिक्षा विभाग की टीम शामिल है। संयुक्त संचालक द्वारा कार्यों के निष्पादन के लिए अलग-अलग अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है ।

-copy.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpeg)





.jpg)
.jpg)






.jpg)


.jpeg)

.jpg)



