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- 0- ग्राम छटेरा में लगे शिविर में श्रम विभाग ने किया त्वरित पंजीयन, श्रमिकों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। ब्लॉक आरंग के ग्राम छटेरा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम छटेरा निवासी श्री डेमन दास, जो पेशे से मजदूर हैं, को कैबिनेट मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब द्वारा श्रम कारक प्रदान किया गया।श्री डेमन दास ने कहा मैं लंबे समय से अपना श्रम कार्ड बनवाना चाहता था, लेकिन जानकारी के अभाव में नहीं बनवा पा रहा था। आज शिविर में आते ही मेरा कार्ड बन गया। अब मैं शासन की योजनाओं का लाभ ले सकूंगा। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद देता हूँ।पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज :- आयु 14 वर्ष से अधिक। मासिक आय शहरी क्षेत्र में 15,000 रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्र में 10,000 रुपये से अधिक न हो। आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र (अंकसूची/मतदाता परिचय पत्र/जन्म प्रमाण-पत्र), स्व-घोषणा पत्र एवं पासपोर्ट साइज फोटो। पंजीयन हेतु आवेदक की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य है, लाइव फोटो मौके पर लिया जाता है।--
- रायपुर. मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत लाईवलीहुड कॉलेज जोरा, रायपुर में जिले के 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कम समय (03 से 04 माह) के विभिन्न कोर्सों में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन एवं योगा इंस्ट्रक्टर जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में हितग्राहियों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ट्रेनिंग पार्टनर Scirobnics Technology Private Limited, रायपुर द्वारा लाईवलीहुड कॉलेज परिसर में EV स्किल ट्रेनिंग लैब स्थापित की गई है।इस लैब में इलेक्ट्रिक व्हीकल से संबंधित विभिन्न कोर्स जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल मेंटेनेंस टेक्नीशियन, इलेक्ट्रिक व्हीकल असेंबली टेक्नीशियन, बैटरी सिस्टम असेंबली ऑपरेटर एवं रिटेल आउटलेट पर EV चार्जिंग एवं बैटरी स्वैपिंग गतिविधियों से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण में युवाओं को तकनीकी कौशल के साथ-साथ कम्प्यूटर स्किल, कम्युनिकेशन स्किल एवं व्यक्तित्व विकास का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इन कोर्सों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं, 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन नंबर 0771-244306 अथवा मोबाइल नंबर 9109321845, 9399791163 पर संपर्क कर सकते हैं।
- 0- जिला जनगणना अधिकारी ने पुलिस विभाग को लिखा पत्र0- गत दिनों घटना के आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्जरायपुर. जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों और सुपरवाईजर की सुरक्षा के लिए जिला जनगणना अधिकारी ने पुलिस कमिश्नर रायपुर और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 से 30 मई, 2026 तक संपादित किया जा रहा है। प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा जनगणना कार्य तेज धूप एवं गर्मी जैसी विषम परिस्थितियों में संपादित किया जा रहा है, कुछ स्थानों पर प्रगणकों के साथ मारपीट की घटनाएँ संज्ञान में आ रही हैं। अतः फिल्ड में प्रगणकों व सुपरवाइजर के साथ किसी प्रकार का विवाद अथवा अप्रिय घटना न हो इस हेतु समस्त पुलिस थाना में पूर्व सावधानी बरतने एवं पुलिस सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का कष्ट करेंगे।उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। जिसके बाद शिक्षकों के संगठन ने उक्त घटना की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित थानें में एफआईआर दर्ज की गई है।
- फाइल फोटो0- 9 लाख 27 हजार से अधिक की वसूलीबिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले में ईंट निर्माण हेतु अवैध मिट्टी उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध खनिज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 24 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन मामलों में 9 लाख 27 हजार 663 रुपये की समझौता राशि वसूल कर खनिज मद में जमा कराई गई है।खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध उत्खनन के 8 प्रकरणों में 6 लाख 50 हजार 783 रुपये तथा अवैध परिवहन के 16 प्रकरणों में 2 लाख 76 हजार 880 रुपये की राशि वसूली गई। विभाग द्वारा जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित जांच एवं निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला बिलासपुर में गौण खनिज मिट्टी ईंट के कुल 29 उत्खनिपट्टा स्वीकृत हैं, जिनमें से 4 पट्टे वर्तमान में व्यपगत (लैप्स) हैं। शेष स्वीकृत इकाइयों में पर्यावरणीय स्वीकृति एवं नियमानुसार संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।खनिज विभाग के उप संचालक किशोर गोलघाटे ने बताया कि जिले में मिट्टी ईंट के स्वीकृत उत्खनी पट्टा के अतिरिक्त अन्य ईंट पंजा भट्टा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम तीन अनुसार छत्तीसगढ़ के मूल निवासी आनुवांशिक कुम्हार या उनकी सहकारी समिति द्वारा परंपरागत संसाधनों से बर्तन कवेलू और ईंट बनाने के लिए छूट प्राप्त है। इसके अतिरिक्त किसी के द्वारा ईंट निर्माण के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जिले में मिट्टी ईंट निर्माण एवं उत्खनन गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। जांच के दौरान अवैध संचालन पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाती है। विभागीय अमला लगातार क्षेत्रीय निरीक्षण कर शिकायतों का निराकरण भी कर रहा है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व हानि रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत की जा रही है।
- 0- हितग्राहियों को मिली विभिन्न योजनाओं की सौगात0- बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लिया शिविर का लाभबिलासपुर. मस्तुरी विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल प्रांगण सोंठी में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 144 आवेदनों में से 66 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया। शेष आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा निर्धारित की गई। शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा आमजनों को शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही, विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए चेक, स्वीकृति आदेश एवं आवश्यक दस्तावेज वितरित किए गए। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती सोनवानी, जनपद सदस्य श्रीमती लक्ष्मीन पोर्ते, सरपंच सोंठी श्रीमती नीमा वस्त्रकार, एसडीएम श्री शिवकुमार कंवर, सीईओ मस्तुरी श्री जे.आर. भगत भी शामिल हुए।शिविर में महिला बाल विकास विभाग द्वारा 5 छात्रों काव्या, इशिका, स्मृति, हितेश और अंश को 6 वर्ष पूर्ण कर शाला प्रवेश करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत तीन हितग्राहियों के खाते भी खोले गए। बैंक लिंकेज के माध्यम से ग्रामीण बैंक द्वारा गरिमा, रीता, जय मां लक्ष्मी, अराधना एवं जय मां मनका दाई महिला स्व सहायता समूह को 1.5 लाख से 4 लाख तक का सेंक्शन लेटर प्रदान किया गया। राजस्व विभाग द्वारा ग्राम जेवरा के विकेश कुमार को जाति प्रमाण पत्र, सोंठी के ललित सिंह नेटी एवं पायल नेटी, ग्राम पीपरानार के अरूण कुमार नेटी, पलक नेटी, पल्लवी नेटी एवं मड़ई के सौरभ कुमार टेंगवार को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र दिये गये। साथ ही ग्राम मड़ई के किसान श्री रामनारायण टेंगवार को ऋण पुस्तिका की द्वितीय प्रति दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत ग्राम सोंठी के हितग्राही जीरा बाई, रामकली एवं संतोषी महंत को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं 15 ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। शिविर में निरतू की रोशनी, खम्हरिया की उत्तरा कंवर एवं उनी की सुषमा और चन्द्रप्रकाश को जाति प्रमाण पत्र दिया गया। शिविर में मस्तुरी विकासखण्ड अंतर्गत सोंठी, जेवरा, खोंधरा, निरतु, बसहा, उडागीं, कुकदा, कुली, उनी, बिटकुला, मड़ई, खम्हरिया, जुहली और लुतरा के ग्रामीण शामिल हुए।इस दौरान श्री राज्यवर्धन कौशिक, श्रीमती नंदनी साहू, श्री दीपक शर्मा, श्री अभिलेष यादव, श्रीमती बबीता पाटनवार, श्री घनश्याम सिंह ठाकुर, श्री नागेश्वर सिंह ठाकुर, श्री रामफल धीवर, श्री मदन पाटनवार, श्री धनसाय जगत, श्री हथेश्वर सिंह ठाकुर, श्री नारायण साहू, श्री मूलचंद पटेल, श्री फिरत अनंत, श्री टीकाराम चंद्राकर, श्री कांशीराम जायसवाल, श्री बलराम पाटनवार, श्री कुलेश्वर पाटनवार एवं श्रीमती गीता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।--
- बिलासपुर. आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी के नवीन भवन में 11 मई को सवेरे 10.30 बजे से अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया जाएगा। मेले में जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से विद्युतकार, फिटर, टर्नर, मशीनिष्ट, शीट मेटल वर्कर, मैकेनिक मोटर व्हीकल, ट्रेक्टर मैकेनिक, प्लम्बर, कोपा एवं वेल्डर के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने सभी दस्तावेजों के साथ शामिल हो सकते है।
- 0- उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा प्रदान करने विभाग की नई पहल - ईडी अम्बस्थबिलासपुर. छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के लिए नई सौगात दी गई है। बिजली विभाग ने नया कनेक्शन लेने के लिए बार-बार दफ्तर जाने से मुक्ति दिलाने हेतु ऑनलाईन पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से सुगम बना दिया हैै। अब घर बैठे ही कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा सरलता लाना हैै।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने उपभोक्ताओं की सेवा में विस्तार करते हुये दिनांक 1 अपै्रल 2026 से नवीन विद्युत कनेक्शनों के आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः ऑन लाइन करने की सुविधा प्रारंभ की है। अब लोगों को नवीन कनेक्शन हेतु विद्युत कार्यालय जाने की आवश्यकता नही होगी। नवीन कनेक्शनों के ऑन लाइन आवेदन मोर बिजली एप एवं सी.एस.सी.(कॉमन सर्विस सेंटर) में कंपनी वेबसाइट के माध्यम से भी कर सकता है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की वेबसाइट पर पंजीकृत ऑन लाइन नवीन कनेक्शनों के आवेदनों पर विद्युत कंपनी द्वारा आगामी कार्यवाही संपादित की जावेगी।ऐसे आवेदक जो आवेदन ऑन लाइन नहीं कर भौतिक रूप से वितरण केन्द्र/जोन/उपसंभाग कार्यालय में प्रस्तुत करते हैं , उनके आवेदनों को ऑन लाइन कनेक्शन ‘‘ वितरण केन्द्र/उपसंभाग/जोन कार्यालयों के हेल्प डेस्क हेतु ‘‘ जिम्मेदार ऑफिस स्टॉफ/कनिष्ठ अभियंता/सहायक अभियंता द्वारा कार्यालय के कम्प्यूटर सिस्टम में ऑन लाइन पंजीबद्ध करना होगा। आवेदन आवेदक के मोबाइल नम्बर से ही ऑनलाइन पंजीकृत किया जावेगा।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री ए.के.अम्बस्थ ने बताया कि 1 अपै्रल 2026 से सभी नवीन विद्युत कनेक्शनों के आवेदन पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण रूपेण ऑनलाइन ही किये जाएगें। श्री अम्बस्थ ने लोगों से अपील किया है कि नवीन कनेक्शन हेतु विद्युत कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट में मोबाइल एप्लिकेशन मोर बिजली एप एवं सी.एस.सी.(कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से अपना पंजीयन करावें।
- 0- डोडपाल, फायदागुड़ा और भूसारास में मिशन के कार्यों को देखा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टरों की बैठक लेकर छत्तीसगढ़ में मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा ली0- अधिकारियों से कहा - किसी भी परिवार को न हो जल संकट, कोई भी गांव योजना से वंचित न रहे, ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्यबिलासपुर. भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा और दंतेवाड़ा का दौरा कर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने सुकमा जिले के डोडपाल और फायदागुड़ा, तथा दंतेवाड़ा जिले के भूसारास पहुंचकर हर घर नल से जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने गांववालों से मिलकर और उनसे चर्चाकर पेयजल की गुणवत्ता की जानकारी भी ली।श्री सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रीष्म काल में किसी भी परिवार को पानी की दिक्कत नहीं होना चाहिए। जल जीवन मिशन के तहत नल से जल की आपूर्ति की योजना से कोई भी गांव वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि गांवों और दूरस्थ अंचलों में हर घर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना मिशन का प्राथमिक लक्ष्य है।डोडपाल में नल जल योजना के संचालन, जल वितरण प्रणाली तथा पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का किया अवलोकनकेंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले के ग्राम डोडपाल पहुंचकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पानी टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने सरपंच श्रीमती बिज्जो वेट्टी से मिलकर पेयजल व्यवस्था की स्थिति और जल की गुणवत्ता की जानकारी ली। सरपंच ने उन्हें बताया कि योजना शुरू होने के बाद अब ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। घर-घर स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही है।निरीक्षण के दौरान श्री सोन ने योजना के संचालन, जल वितरण प्रणाली तथा पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने बारिश के दिनों में नियमित रूप से अधिक जल परीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को हर समय सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने ग्रामीणों को पानी की बचत और जल का अपव्यय रोकने के लिए जागरूक भी किया।फायदागुड़ा में सोलर पेयजल योजना का किया निरीक्षणराष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले में दुब्बाटोटा ग्राम पंचायत के ग्राम फायदागुड़ा में सोलर पंप आधारित पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी टंकी एवं स्टैंड पोस्ट का अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सरपंच श्रीमती परसेक दुले से जल जीवन मिशन के कार्यों पर चर्चा कर गांव की जनसंख्या, पानी टंकी के संचालन की तिथि तथा पूर्व में ग्रामीणों के पेयजल स्रोतों के बारे में जानकारी ली।श्री सोन ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि कोई भी गांव जल जीवन मिशन की योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने जल संचय पर विशेष ध्यान देने की बात कही तथा सरपंच एवं सचिवों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में लॉग-इन कर समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर गांव में एक व्यक्ति को प्रशिक्षित कर मिशन के कार्यों में सक्रिय भूमिका देने और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने नियमित अंतराल में पानी टंकी की सफाई व अन्य सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए।श्री सोन ने ग्रामीणों को जल संचयन और जलस्रोतों की सस्टेनिबिलिटी (Sustainability) के बारे में जागरूक किया। दोनों गांवों में निरीक्षण के दौरान सुकमा के कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता श्री जी.एल. लखेरा और अधीक्षण अभियंता श्री कैलाश मढ़रिया भी मौजूद थे।भूसारास में घर-घर जाकर जल आपूर्ति देखी, अपने सामने जल की गुणवत्ता का कराया परीक्षण, ‘जल अर्पण’ कर ग्राम पंचायत को सौंपी योजना के संचालन की जिम्मेदारीदंतेवाड़ा के भूसारास में भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव श्री कमल किशोर सोन ने घर-घर जाकर 2 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से तैयार नल जल योजना द्वारा जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने ग्रामीणों और जल बहिनियों से संवाद कर योजना के संचालन व पानी की गुणवत्ता को लेकर उनके अनुभव जाने। उन्होंने जल बहिनियों से अपने सामने पानी की गुणवत्ता का परीक्षण भी कराया जिस पर वे संतुष्ट दिखे।श्री सोन ने सरपंच को ‘जल अर्पण’ कर नल जल योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को सौंपी। सरपंच श्री मंडावी ने इस दौरान कहा कि जल जीवन मिशन ने पूरे गांव को पेयजल की समस्या से मुक्ति दिला दी है। इससे गांववालों के जीवन स्तर में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा रहा है।श्री सोन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में भी योजना का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर घर तक शुद्ध जल की सतत उपलब्धता बनी रहे। दंतेवाड़ा के कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री कैलाश मढ़रिया और कार्यपालन अभियंता श्री जगदीश कुमार भी इस दौरान उपस्थित थे।कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों के साथ गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा कीराष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की। बैठक में राज्य में पेयजल की व्यवस्था तथा गर्मियों में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के राज्य संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला और बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह भी बैठक में शामिल हुए।श्री सोन ने बैठक में सभी कलेक्टरों से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, उनकी प्रगति, कार्य में आ रही समस्याओं तथा उनके निराकरण के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक गांव में कम से कम एक व्यक्ति को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, जिससे जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित बोर, सोलर पंप एवं पेयजल व्यवस्था में आने वाली छोटी तकनीकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सके। उन्होंने जल सेवा आकलन के माध्यम से ऐसे परिवारों एवं क्षेत्रों को चिन्हांकित करने को कहा जो अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं।श्री सोन ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा वहां पानी की कमी न होने देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।--
- 0-सुशासन तिहार: प्रधानमंत्री की गारंटी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही योजनाएं0- जोन क्रमांक 2 में आयोजित किया गया शिविर, समस्याओं के समाधान की दी गई जानकारीबिलासपुर. सुशासन तिहार केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संवाद को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। राज्य में जनहित के कार्य और जन जन का सर्वांगीण विकास,हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। छ.ग.,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में संवर रहा है। उक्त बातें बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने जोन क्रमांक 2 में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित समाधान शिविर में कही।तिफरा के स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि के आसंदी से विधायक श्री कौशिक ने कहा की प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय द्वारा लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है। अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिले और समस्याओं का समाधान हो इसके लिए समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में उपस्थित महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी सुशासन तिहार को जनता का तिहार बताते हुए कहा कि विष्णु सरकार में राज्य के हर वर्ग के लिए कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं,सभी वर्गों का निरंतर विकास हो रहा है। निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने जानकारी देते हुए बताया की जोन क्रमांक 2 के वार्ड 5,6,7,8,के लिए आयोजित इस शिविर में लगभग 125 आवेदन मिले है जिनमें से 94 नगर निगम से है शेष अन्य विभागों के है। अधिकतर आवेदन आवास, सड़क, नाली निर्माण, राशन कार्ड, स्वच्छता,महतारी वंदन योजना, उज्जवला योजना, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सी.एस.ई.बी. विभाग एवं अन्य विभागों से संबंधित है।आज जोन 3 के नर्मदा नगर सामुदायिक भवन में होगा शिविरसुशासन तिहार के तहत 5 मई को जोन क्रमांक 3 के वार्ड 15,16,17,के लिए नर्मदा नगर सामुदायिक भवन में शिविर का आयोजन किया गया है,सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक शिविर का आयोजन किया जाएगा।--
- 0- 5 लाख की सहायता के लिए हितग्राहियों ने जताया मुख्यमन्त्री का आभारबिलासपुर. सुशासन तिहार के तहत जिला स्तरीय सुशासन शिविर का आयोजन तिफरा के स्वामी आत्मानंद स्कूल में किया गया। शिविर में कुल 125 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें अधिकांश का त्वरित रूप से निराकरण किया गया। शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। सुशासन तिहार शिविर कई जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद लेकर आया। आयुष्मान योजना के तहत वय वंदन योजना में 70 वर्ष से अधिक आयु के हितग्राहियों व बीपीएल हितग्राहियों को 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता दी गई। योजना का लाभ मिलने से हितग्राहियों में खुशी की लहर थी। उन्होंने सुशासन तिहार में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।पहले जहां स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण आर्थिक चिंता लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं इस शिविर से उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव ला दिया। अब उन्हें स्वास्थ्य में होने वाले खर्च के लिए कोई चिंता नहीं रही। तिफरा निवासी वरिष्ठ नागरिक जीवराखन कश्यप और शारदा प्रसाद कश्यप उम्र के इस पड़ाव पर लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इलाज का खर्च उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका था। इसी तरह गरीब परिवार की सुनीता सूर्यवंशी और पुष्पा मधुकर भी समय-समय पर होने वाली बीमारियों के इलाज पर खर्च को लेकर चिंतित रहते थे। लेकिन सुशासन तिहार शिविर में उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनका आवेदन मिलने पर त्वरित रूप से उनके लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत इन सभी हितग्राहियों को 5 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता स्वीकृत की गई। बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक द्वारा उन्हें आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। तिफरा निवासी सुनीता सूर्यवंशी और पुष्पा मधुकर ने कहा कि यह सहायता उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए बड़ा समाधान है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।--
- बिलासपुर. सही दवा शुद्ध आहार अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में औषधि निरीक्षकों की तीन टीमों दवारा कुल 07 थोक औषधि विक्रेता एवं 01 शासकीय अस्पताल वैक्सीन स्टोर का निरीक्षण किया गया ।निरीक्षण टीम द्वारा बिलासपुर के तेलीपारा एवं रेलवे सेंट्रल अस्पताल बिलासपुर का निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान नारकोटिक औषधियों के क्रय विक्रय दस्तावेजों की जांच की गई । निरीक्षण के दौरान वैक्सीन को उचित तापमान में रखने हेतु आई एल आर/ कोल्ड रूम की जांच की गई ।--
- 0- सुशासन तिहार 2026: पिनकापार कलस्टर में शामिल 20 ग्राम पंचायतों से प्राप्त आवेदनों का किया गया निराकरण0- कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिलबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार में आयोजित जिले का पहला जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम पिनकापार सहित कलस्टर में शामिल 20 ग्राम पंचायत के लोगों के लिए सौगातों भरा रहा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिले में जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आज जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर संबंधित विभागों के द्वारा उनके विभिन्न मांगों एवं समस्याओं का मौके पर आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्राम पिनकापार में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं सभी जिला स्तरीय अधिकारी एक साथ बस में सवार होकर जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे। इस अवसर पर जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्यगण, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद शुरू से अंत तक शिविर में अपना उत्साह बनाए रखने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर पिनकापार में किन्ही कारणों से कोई आवेदक अगर आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके लिए शिविर में ही ’समाधान पेटी’ की व्यवस्था की गई है, जहां वे अपना आवेदन दे सकते हैं। कलेक्टर ने सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर की जानकारी देते हुए कहा कि बालोद जिले में कुल 32 जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसकी शुरूआत आज ग्राम पिनकापार से की जा रही है। उन्होंने शिविर में विभागवार प्राप्त आवेदनों की जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में खाद्य विभाग में राशन कार्ड से संबंधित अधिक आवेदन प्राप्त हुए है। उन्होंने शिविर में उपस्थित हितग्राहियों को अनिवार्य रूप से अपना ईकेवायसी कराने को कहा। शिविर में पंचायत विभाग से प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा से संबंधित कुल 175 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि आज आयोजित इस जनसमस्या निवारण शिविर के साथ-साथ राजस्व पखवाड़ा शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें हितग्राही अपने राजस्व संबंधी आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। उन्होंने शिविर में उपस्थित किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि किसान इस शिविर में डिजिटल ऋण पुस्तिका के लिए भी आवेदन कर सकते है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण है। उन्होंने किसानों को अपने खेतों का मृदा परीक्षण कराने को कहा, जिससे मिट्टी की उर्वरता के अनुसार खाद डाली जा सके। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पिनकापार में आयोजित इस जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभाग के द्वारा 01 माह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाएगा।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बाल विवाह के रोकथाम एवं नीर चेतना अभियान अंतर्गत जल के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की भी शपथ दिलाई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अतिथियों ने गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट भेंट कर उनका गोदभराई रस्म को पूरा करने के अलावा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया गया। इसके साथ ही श्रीमती मिश्रा ने बालिकाओं को स्वच्छता किट का भी वितरण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष श्रीमती कंाति सोनबरसा ने सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के महत्व एवं उद्देश्यों के साथ-साथ राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।शिविर में अतिथियों के द्वारा मूक बधिर संघ बालोद को 01 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया। मछली पालन विभाग द्वारा जय मां शीतला मछुआ सहकारी समिति गिधवा को मछली जाल प्रदान किया गया। राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना अंतर्गत 11 हितग्राहियों को अधिकार पत्र का वितरण किया गया। इसी तरह कृषि विभाग द्वारा 07 कृषकों को बैटरी चलित स्प्रेयर एवं 06 हितग्राहियों को मृदा हेल्थ कार्ड का वितरण किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 08 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान करने के अलावा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 02 टीबी के मरीजों को बेहतर पोषण प्रदान करने हेतु उन्हें निक्षय पोषण किट भी प्रदान किया गया। सहकारिता विभाग अंतर्गत 05 हितग्राहियों को केसीसी कार्ड, श्रम विभाग के द्वारा श्रमिकों को श्रम कार्ड के अलावा राजस्व विभाग के द्वारा शिविर में आवेदकों का आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाकर अतिथियों के कर कमलों से उन्हें सौंपा गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग के द्वारा श्रवणबाधितों को श्रवण यंत्र एवं बुजुर्गों को छड़ी भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य पूर्ण होने पर उन्हें आवास पूर्णता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रवास के दौरान प्राप्त स्वेच्छा अनुदान के आवेदनों में 02 हितग्राहियों एवं 03 स्व सहायता समूहों को 05-05 हजार रूपये का स्वेच्छा अनुदान राशि का चेक प्रदान भी किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य और आयुष विभाग के स्टाॅल में आगन्तुकों एवं ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई।आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर पिनकापार में नीर चेतना अभियान अंतर्गत जल के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु लोगों में जागरूकता लाने कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। जिसमें विगत 15 वर्षों से जल एवं पर्यावरण संरक्षण पर कार्य कर रहे श्री नीरज वानखड़े ने शिविर में आए लोगों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जल एंव पर्यावरण संरक्षण की बारीकियों से अवगत कराया। उनका उद्देश्य लोगों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाना था। शिविर में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने उनकी इस पहल की सराहना की और जल एवं पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
- 0- शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वितबालोद. राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नगर पालिका दल्लीराजहरा एवं बालोद विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खपरी में 05 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। कार्यालय नगर पालिका दल्लीराजहरा में सभी 27 वार्डों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती सीमा बख्शी (मो. 9981796784) को नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री रामगोपाल चंद्राकर (मो. 9300714327) को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खपरी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम टेकापार, नेवारीकला, अरौद, भोईनापार, खपरी, लाटाबोड़, लोंडी, भेंगारी, पीपरछेड़ी, निपानी, तमोरा, चारवाही, बिरेतरा, भें. नवागांव, बोड़की, बेलमाण्ड, पोण्डी, चिचबोड़, अंगारी और बोरी के ग्रामीण शामिल होंगे। शिविर के सफल आयोजन हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय (मो. 8319485005) को नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री झुमुक सिंह राजपूत और वरिष्ठ करारोपण अधिकारी श्री चम्पकेश्वर यदु को सहायक नोडल नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम खपरी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिसके अंतर्गत नायब तहसीलदार श्री मुकेश गजेन्द्र (मो. 7096655259) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह कार्यालय नगर पालिका दल्लीराजहरा में आयोजित राजस्व पखवाड़ा शिविर के लिए तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम (मो. 9407704570) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली गई है। भीषण गर्मी को देखते हुए शिविर स्थल पर आम जनता के लिए शीतल पेयजल के अलावा कूलर आदि की भी समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आम जनता को शिविर के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु विभिन्न माध्यमों से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया है।
- 0- दिव्यांगजनों को शिविर स्थल तक लाने ले जाने सहित भोजन इत्यादि की गई संपूर्ण व्यवस्थाएंबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले में आयोजित की जाने वाली जनसमस्या निवारण शिविर का आगाज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार से किया गया। ग्राम पिनकापार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पंचायत पिनकापार सहित आसपास के 20 ग्राम पंचायतों के हितग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित हुए। राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में आयोजित होेने वाले सभी जनसमसया निवारण शिविरों की भाँति 04 मई को पिनकापार में आयोजित शिविर में भी दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ शिविर में उपस्थित जिला मेडिकल बोर्ड के सदस्यों के द्वारा मेडिकल बोर्ड प्रमाण पत्र बनाने की भी कार्यवाही की गई।इस दौरान शिविर में दिव्यांगजनों के नवीन दिव्यांगता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र का नवीनीकरण एवं यूडीआईडी कार्ड भी बनाए गए। इसके अलावा विभागीय योजनाओं की जानकारी तथा दिव्यांगता पेंशन हेतु फार्म भी भराए गए। इसके साथ ही दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गो को श्रवण यंत्र एवं छड़ी भी प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि दूरस्थ ग्रामों में निवासरत् दिव्यांगजन को शिविर में लाने ले जाने हेतु वाहन व्यवस्था भी की गई। शिविर स्थल पर दिव्यांगजनों के लिए नाश्ता, भोजन एवं पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
- 0- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति का ऑनलाइन बाल संस्कार शिविर शुरूरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के बाल संस्कार शिविर तीसरे दिन सोमवार को ऑनलाइन मोड पर लगा। तीन अलग-अलग शिक्षिकाओं ने अलग-अलग बच्चों की क्लास ली गई। इसमें बच्चे उत्सुकता के साथ जुड़े। बच्चों ने श्लोक सीखा और रामायण और नरसिंह भगवान की कहानी भी सुनी। आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि संस्कार शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत ओम के उच्चारण के साथ हुई। भागवत गीता के 12वें अध्याय के तीन श्लोक बच्चों को सिखाए गए। बच्चों की पहली क्लास मंजूषा वैशम्पायन ने ली। उन्होंने बच्चों को रामायण की कहानियां सुनाई।आध्यात्मिक समिति की प्रमुख सृष्टि दंडवते के अनुसार दूसरी क्लास समिति की सदस्य चारुशीला देव ने ली। उन्होंने बच्चों को गुरुर ब्रह्मा, कराग्रे वस्ते समुद्र वसने देवी, वक्रतुंड महाकाय मंत्र सिखाए और उनका अर्थ भी समझाया। वहीं संध्या खंगन ने नरसिंह भगवान की कहानी सुनाई। इस क्लास में सभी बच्चों का परिऐ भी हुआ।तीसरी क्लास मंजूषा मरकले ने ली।ऑनलाइन क्लास होने के कारण मंजूषा ने आज पहले दिन बच्चों का परिचय लिया और उनसे बातें की। वहीं समिति की प्रमुख आकांक्षा गद्रे ने बच्चों को प्रेरक कहानियां सुनाई।
- 0- विभिन्न योजनाओं के हितग्राही हुए लाभान्वित0- सरकार की मंशा जनहित के काम को प्राथमिकता देना - विधायक श्री चन्द्राकरदुर्ग. राज्य शासन के निर्देशानुसार शासकीय काम-काज में पारदर्शिता तथा योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के अनुक्रम में सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत जिले के ग्रामीण अंचलों में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत ग्राम कुथरेल में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 370 आवेदन प्राप्त हुए। मौके पर विभागीय अधिकारियों द्वारा 176 आवेदनों का निराकरण किया गया। शेष लंबित 194 आवेदनों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर में प्रदेश के पिछड़ा एवं अन्य वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर भी सम्मिलित हुए। उन्होंने शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया और विभिन्न विभागीय स्टॉलों में अधिकारियों से रू-ब-रू चर्चा कर प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। साथ ही निराकरण हेतु शीघ्र आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने भी शिविर में विभागीय स्टॉल का निरीक्षण कर अधिकारियों से आवेदन निराकरण प्रक्रिया की जानकारी ली और शत-प्रतिशत आवेदन आज ही निराकृत करने के निर्देश दिये।विधायक श्री चन्द्राकर ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में सुशासन तिहार-2026 आयोजन के संबंध में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देना है। विभागीय अधिकारी जनहितैषी कार्यों को प्राथमिकता के साथ निपटाये। विधायक श्री चन्द्राकर ने कहा कि जनता को अपनी काम के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर न काटना पड़े । उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी विभाग में काम नहीं हो पा रहा है तो वे सीधे विधायक को शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया कि समस्याओं का हरसंभव निराकरण किया जाएगा।शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास निर्माण पूर्ण करने पर हितग्राही क्रमशः श्रीमती आशा बाई साहू, श्री कल्याण सिंह, श्रीमती रामेश्वरी चन्द्राकर, श्री शिवकुमार और श्री सुरेश कुमार को नवनिर्मित पी.एम. आवास की चॉबी सौंपी गई। इसी प्रकार मनरेगा अंतर्गत 100 दिवस रोजगार पूर्ण करने पर श्रीमती देवकी निर्मलकर, श्रीमती सरिता विश्वकर्मा, श्रीमती नीता विश्वकर्मा और श्रीमती शीतला साहू को सम्मान पत्रक प्रदान किया गया। शिविर में दो हितग्राहियों का वृद्धावस्था पेंशन भी स्वीकृत की गई। ग्राम तिरगा के आवेदक श्री इशु देशमुख को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किया गया। शिविर में अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी आम जनता को दी गई। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु, जनपद पंचायत के सीईओ श्री रूपेश पाण्डेय सहित समस्त विभाग के अधिकारी/कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।--
- दुर्ग. दुर्ग जिले के ग्राम तिरगा निवासी इशु देशमुख के लिए सुशासन तिहार का यह समस्या निवारण शिविर खुशी का पैगाम लेकर आया। इशु ने दोपहियां मोटरसायकल चालन हेतु जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचकर परिवहन विभाग में आवश्यक दस्तावेजों के साथ लर्निंग ड्रायविंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। ड्रायविंग लाइसेंस के अभाव में इशु को कई बार चालान शुल्क जमा करना पड़ा था। इससे बचने वह परिवहन कार्यालय में भी आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन अब तक उन्हें लर्निंग लाइसेंस नहीं मिल पाया।इशु ने बड़ी उम्मीद के साथ कुथरेल में आयोजित शिविर में पुनः अपना आवेदन प्रस्तुत किया। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच उपरान्त ईशु देशमुख को शिविर स्थल पर ही लर्निंग लाइसेंस प्रदान किये। शिविर में मौजूद क्षेत्रीय विधायक श्री ललित चन्द्राकर ने अपने करकमलों से इशु को उनके नाम पर लर्निंग लाइसेंस प्रमाण पत्र परिवहन विभाग के स्टॉल में ही प्रदान किया। लर्निंग लाइसेंस मिलने पर इशु देशमुख बहुत खुश हुआ। उन्हांेने कहा कि सोचा भी नहीं था कि शिविर में ही मुझे वहन चालन हेतु लर्निंग लाइसेंस मिल जाएगा। उन्होंने प्रशंसापूर्वक शासन-प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।--
- दुर्ग. राज्य शासन द्वारा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनपद पंचायत धमधा के ग्राम चीचा में 06 मई (बुधवार) को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त शिविर में भाठाकोकड़ी, मुडपार, डोड़की, देउरकोना, चीचा, अरसी, सुखरीकला, लिटिया, पुरदा, गाडाडीह, करेली, सेमरिया लि., जोगीगुफा, हसदा, चिखला, बिरेझर, खर्रा, रौता, टेमरी, फुण्डा, सिलतरा, नवागांव(पु), पथरिया(डो), डोमा, पोटिया(से.), सेवती, हिर्री, मड़ियापार, परसदापार ग्राम शामिल है। शिविर में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे को नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी जनपद पंचायत धमधा मु.का.अधिकारी श्री किरण कुमार कौशिक को नियुक्त किया गया है।--
- दुर्ग. राज्य शासन द्वारा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत ग्राम पंचायत के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला ढौर में 8 मई (शुक्रवार) को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त शिविर में सिरसाखुर्द, जेवरा, समोदा, भटगांव, कुटेलाभांठा, खपरी कु., करंजाभिलाई, झेंझरी, कचांदुर, ढौर, खेदामारा, बासीन, बोड़ेगांव, रवेलीडीह, अरसनारा, ननकठ्ठी ग्राम शामिल है। शिविर में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे को नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी जनपद पंचायत मु.का.अधिकारी श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को नियुक्त किया गया है।--
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने 03 मई को नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों एवं व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह नगर के पोटियाकला वार्ड क्षेत्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने लीजेसी वेस्ट प्रबंधन की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पोटियाकला लीजेसी वेस्ट का कार्य तत्काल पुनः प्रारंभ कर अगले 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पोटियाकला एसएलआरएम सेंटर में जमा कबाड़ के निराकरण हेतु ऑनलाइन ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू करने और केंद्र के रुके हुए कार्यों को तत्काल गति देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह शहर की यातायात व्यवस्था और अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के क्रम में इंदिरा मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग स्थल पहुँचे। वहां उन्होंने निर्माण स्थल के आसपास से ठेले एवं गुमटियों को हटाने, पेड़ों की छंटाई करने और भूमि के समतलीकरण (लेवलिंग) का कार्य जल्द पूरा करने को कहा ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए।निरीक्षण के दौरान जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने सरस्वती नगर एएचपी का भी भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने नालियों की सफाई सुनिश्चित करने और निर्माण सामग्री को सड़कों से हटाने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु उन्होंने बोर से सीधे ओवरहेड टैंक में पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी निर्देश दिए। उन्होंने उरला एसटीपी के संबंध में उन्होंने सीमांकन प्रतिवेदन तत्काल मंगवाने के निर्देश दिए ताकि प्रोजेक्ट की स्थिति स्पष्ट हो सके। कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को सचेत किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर जनहित के सभी कार्य पूरे होने चाहिए। इस अवसर पर नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।--
- 0- कैम्प के आयोजन हेतु निजी संस्थानों से रिक्तियां आमंत्रित 10 मई तकदुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दुर्ग द्वारा निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 22 मई 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीएसआईटी), शिवाजी नगर, बालोद रोड के परिसर में आयोजित होगा, जिसमें जिले भर के युवा शामिल हो सकेंगे।जिला रोजगार कार्यालय के उपसंचालक से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मेले के माध्यम से विभिन्न निजी संस्थानों में रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे सभी नियोजक या निजी संस्थान, जो अपने प्रतिष्ठान के रिक्त पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना चाहते हैं, उन्हें अपनी रिक्तियों की जानकारी 10 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से साझा करनी होगी। वहीं रोजगार मेले में सम्मिलित होने के इच्छुक नियोक्ताओं को छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग के ई-रोजगार पोर्टल पर अपना रोजगार मेला हेतु पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान नियोक्ताओं को अपना जीएसटी क्रमांक और आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। पोर्टल के माध्यम से प्राप्त रिक्तियों को ही मेले की चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। मेले के आयोजन, पंजीयन प्रक्रिया या अन्य किसी तकनीकी जानकारी के लिए नियोक्ता सीधे जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, मालवीय नगर चौक, दुर्ग में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ईमेल [email protected] पर भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।--
- 0-ऑनलाइन पोर्टल पर नामांकन या अनुशंसा भेजने की अंतिम तिथि 31 जुलाईदुर्ग. भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों—'पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री'—के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। इस संबंध में, छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन नामांकन भेजने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।प्राप्त निर्देशों के अनुसार, जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे जाने वाले पात्र व्यक्तियों के नामांकन प्रस्ताव 15 जुलाई 2026 तक राज्य शासन को प्रेषित किए जाने हैं। इस हेतु कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ और नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शासन के मापदंडों के अनुरूप योग्य उम्मीदवारों के प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रस्ताव प्रमाणित, सही और निर्धारित प्रारूप में समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत हों। कलेक्टर ने विशेष रूप से समाज के उन "गुमनाम नायकों" की पहचान करने पर जोर दिया है जो सुदूर क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।केवल ऑनलाइन आवेदन ही होंगे मान्य:विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। इसके लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित आधिकारिक पोर्टल https://awards.gov.in पर समस्त विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। ऑफलाइन या कागजी माध्यम से भेजे गए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। ज्ञात हो कि पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं, जो कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और सार्वजनिक सेवा आदि क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं। कलेक्टर ने इस चयन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले की प्रतिभाओं का विवरण प्रभावशाली और तथ्यात्मक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जा सके।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर एवं संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई से अक्टूबर 2026 के लिए आवेदन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 5 जून 2026 निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार, लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिनकी न्यूनतम 3 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण हो चुकी है, आवेदन करने के पात्र होंगे। वहीं अनुकम्पा नियुक्ति वाले कर्मचारियों के लिए कौशल परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। आवेदन पत्र संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा प्रेषित होकर कार्यालय प्राचार्य, संभागीय वित्त एवं लेखा प्रशिक्षण संस्थान, दुर्ग को कार्यालयीन समय में 5 जून 2026 तक प्राप्त होना चाहिए। निर्धारित तिथि से पूर्व या पश्चात प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षण संस्थान ने स्पष्ट किया है कि केवल मानक आवेदन पत्र (छायाप्रति स्वीकार्य) पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
- दुर्ग. जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी 07 मई को ग्राम रोजगार दिवस का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल महोत्सव, रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का संयुक्त आयोजन सुनिश्चित किया गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक जनभागीदारी के साथ इन कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य ग्रामीण विकास को गति देना एवं आमजन को योजनाओं से सीधे जोड़ना है। सुशासन तिहार के अंतर्गत मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े लंबित प्रकरणों के ग्राम पंचायत स्तर पर ही शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार प्रकरणों को विकासखंड एवं जिला स्तर तक ले जाकर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि रोजगार सह आवास दिवस के दौरान आवास निर्माण की समयबद्ध पूर्णता हेतु कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें स्वीकृत आवासों को अधिकतम 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने पर जोर रहेगा। हितग्राहियों को उनके खातों में हस्तांतरित राशि की जानकारी प्रदान कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को निर्माण सामग्री आपूर्ति एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने तथा लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा के प्रगतिरत कार्यों को माह मई में पूर्ण करने एवं मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर भी बल दिया गया है। जल संरक्षण के लिए “मोर गांव-मोर पानी” एवं “नवा तरिया-आय के जरिया”’ अभियान के अंतर्गत कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन किया जाएगा। साथ ही जनप्रतिनिधियों की अनिवार्य सहभागिता, आजीविका डबरी के माध्यम से आयवर्धन, नागरिक सूचना पटलों पर जानकारी का प्रदर्शन तथा क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।
- दुर्ग. राज्य शासन द्वारा 27 मई से 11 मई 2026 तक ’’सही दवा-शुद्ध आहार - यही छत्तीसगढ़ का आधार’’ थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का जांच व निरीक्षण किया। जिसमें औषधि शाखा द्वारा जांच अभियान के तृतीय चरण व आंठवा दिवस आज 04 मई 2026 स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों की जांच के तहत् आज जिले में स्थित थोक औषधि विक्रेताओं को चिन्हाकित कर क्रय-विक्रय संबंधित दस्तावेजों की जांच करना शामिल है इसके तहत् जिले में संचालित कुल 08 थोक औषधि विक्रेता मेसर्स नियोलिफ लाईफ साइंसेज, हनुमान नगर दुर्ग, टी.एस.व्ही एजेंसीज़, ईथीराज टॉवर, भिलाई, मेसर्स श्री सिद्ध विनायक फार्मेसी, सिद्ध विनायक अस्पताल परिसर, चंद्रमौर्या टॉकिज के पास, भिलाई एवं मेडिसिन स्क्येर, डिपरापारा, स्थित धन्वंतरी एजेंसीज, शांति मेडिकोज, कामदार मेडिकोज, इंडियन मेडिकोज एवं भग्यश्री एजेंसीज दुर्ग का जांच/निरीक्षण किया गया एवं क्रय-विक्रय दस्तावेजों का परीक्षण कर मिलान किया गया फर्म से फुटकर औषधि विक्रेताओं को वितरित स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों का सुक्षमता से निरीक्षण किया गया एवं राज्य के बाहर से खरीदी जाने वाली औषधियों का क्रय-विक्रय दस्तावेज का मिलान किया गया।समस्त फर्मो को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियम 1945 का कडाई से पालन करते हुए फर्म संचालन के निर्देश दिये गए। । भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। इसी प्रकार खाद्य शाखा द्वारा जांच अभियान में जिले में संचालित मेसर्स अग्रवाल बेवरेजेस, सुपेला, भिलाई, मेसर्स शिव शक्ति बेवरेजेस, कैलास नगर, भिलाई, अमर बेवरेजेस, कैलास नगर, भिलाई, सरयू बेवरेजेस चिखली, दुर्ग, मेसर्स आर. एस. प्रोडक्ट, नंदनी एवं रूद्र जल एग्रो बेवरेजेस, रसमड़ा का जांच/निरीक्षण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया गया, जिसमें संचालकों को उचित साफ-सफाई के साथ व्यवसाय संचालित किये जाने एवं साथ ही साथ निर्देशित किया गया कि नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।--



























