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- नयी दिल्ली । सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश के विभिन्न स्मारकों पर शूटिंग के लिए अब फिल्म निर्माताओं को ऑनलाइन आवेदन पर 20 दिनों में अनुमति प्रदान की जाएगी तथा इसके लिए फीस को एक लाख रूपये से घटाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है। संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि अब सरकार ने यह निर्णय लिया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित जिन स्मारकों पर लाइट एंड साउंड शो होता है, उन्हें रात नौ बजे तक खोला जाए। उन्होंने बताया कि जिन जगहों पर जिला प्रशासन अनुमति देगा वहां ऐसे लाइट एंड साउंड शो वाले स्मारकों को रात दस बजे तक खोला जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जो फिल्म निर्माता स्मारकों पर शूटिंग करते थे, उसके लिए अनुमति देने में एक साल तक लग जाता था। उन्होंने कहा कि अब इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है और अनुमति बीस दिन में प्रदान कर दी जाती है। पटेल ने कहा कि इन जगहों पर शूटिंग के लिए एक लाख रूपये की फीस को घटाकर 50 हजार रूपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्व धरोहरों और कुछ अन्य धरोहरों को छोड़कर अन्य सभी स्मारकों पर पत्रकार सहित कोई भी आम पर्यटक फोटो खींच सकेंगे और वीडियोग्राफी भी कर पाएंगे। स्मारकों पर लगाये जाने वाले टिकट की राशि के बारे में उन्होंने कहा कि जिन स्मारकों पर जितने लोग आते हैं, उनका आकलन कर टिकट राशि तय होगी। पटेल ने कहा कि सरकार का मानना है कि सभी स्मारकों के लिए एक समान टिकट रााशि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मनोनीत सदस्य सोनल मान सिंह के एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि कलाकारों की पेंशन एक बड़ी समस्या थी जो पिछले दो साल से थी लेकिन कोरोना काल के बीच में भी उनकी पेंशन पहुंचायी गयी। उन्होंने कहा कि हमारे यहाँ गुरु-शिष्य परंपरा की एक राशि होती है, वह भी दी गई है। कुछ नियमों को लेकर कलाकारों के मन में मतभेद था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह मानना है कि यह सब ऑनलाइन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी जिन कलाकारों ने जो भी गतिविधियां कीं, सरकार ने उनका पैसा दिया है। उन्होंने कहा कि पहले भौतिक उपस्थिति की जरूरत होती थी, लेकिन उस नियम को शिथिल कर कलाकारों को पैसे दिए गए। पटेल ने कहा कि हमारे पास इतना ज्यादा सामान है कि हम संग्रहालयों में छह-सात प्रतिशत से ज्यादा का प्रदर्शन नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि यह समस्या है और इस संबंध में संग्रहालयों में नए सिरे से गैलरी बनाने का काम शुरू किया गया है।
- नयी दिल्ली। देश के कुछ हिस्से में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच केंद्र ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि आरटी-पीसीआर जांच, जांच-निगरानी-उपचार प्रोटोकॉल को कड़ाई से लागू करने और सभी प्राथमिकता समूहों के टीकाकरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। गृह मंत्रालय ने अप्रैल के लिए नया दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि कोविड-19 के मामलों में फिर से तेजी के मद्देनजर नए संक्रमित मरीजों को जल्द से जल्द पृथक करने और समय पर उपचार करने की जरूरत है। दिशानिर्देश में कहा गया है कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को देश के सभी हिस्से में जांच-निगरानी-उपचार प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना चाहिए, हर किसी द्वारा कोविड-19 के मानक प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए और सभी लक्षित समूहों को 'कवर' करने के लिए टीकाकरण बढ़ाना चाहिए। इसने कहा कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वालों का जल्द से जल्द पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें पृथक करना चाहिए। गृह मंत्रालय ने कहा कि संक्रमित मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के आधार पर जिले के अधिकारियों द्वारा निरूद्ध क्षेत्रों का सावधानीपूर्वक चिह्नांकन करना चाहिए। इसने कहा कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आरटी-पीसीआर की जांच दर कम है, वहां कुल जांच का 70 फीसदी तक पहुंचने के लिए उसे तेजी से जांच दर बढ़ानी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने कोविड-19 के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इसने कहा कि टीकाकरण अभियान जहां सुचारू चल रहा है वहीं टीकाकरण की प्रक्रिया विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समरूप नहीं है और कुछ राज्यों में टीकाकरण की धीमी गति ‘‘चिंता का कारण'' है। दिशानिर्देश में कहा गया है कि वर्तमान परिदृश्य में संचरण की कड़ी को तोड़ने के लिए कोविड-19 रोधी टीकाकरण महत्वपूर्ण है।-File photo
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी के प्रभावी नियंत्रण के लिए आज दिशा-निर्देश जारी किये। ये पहली अप्रैल से 30 अप्रैल तक लागू रहेंगे। दिशा-निर्देशों में मुख्य रूप से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण उपलब्धि को और मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है। करीब पांच महीने से कोविड मरीजों की संख्या में निरंतर गिरावट से यह स्पष्ट हुआ है कि वायरस को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।देश के कुछ भागों में कोविड मरीजों की संख्या फिर से बढऩे के मद्देनजर राज्य और केन्द्रशासित प्रदेशों को जांच, निगरानी और उपचार की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने का अधिकार दिया गया है। उन्हें यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति कोविड से बचने के नियमों का पालन करे। सभी पात्र लोगों को टीके लगाने की प्रक्रिया तेज करने को भी कहा गया है।इस बात पर भी बल दिया गया है कि गतिविधियों की फिर से शुरूआत सुनिश्चित करने तथा महामारी से पूरी तरह बाहर निकलने के लिए निर्धारित कंटेनमेंट रणनीति का सख्ती से पालन करने तथा गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, अन्य मंत्रालयों, केन्द्र और राज्य सरकारों के विभागों के दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है।
- प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)।जिले के गंगापार फूलपुर में स्थित इफको संयंत्र में मंगलवार को बायलर फटने से वहां कार्यरत एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि चार व्यक्ति घायल हो गए। इफको फूलपुर के जनसंपर्क अधिकारी संजय मिश्र ने बताया कि बायलर फटने की घटना दोपहर करीब सवा एक बजे की है। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि चार लोग घायल हुए हैं जिसमें एक व्यक्ति की हालत नाजुक है। उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
- मुजफ्फरनगर ।उत्तर प्रदेश के शामली जिले में मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने 30 वर्षीय एक किसान को उसके खेत में कथित तौर पर गोली मार दी। किसान की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि घटना सोमवार रात को हुई जब धीरज अपने खेत पर था।उन्होंने कहा कि किसान को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्रा ने कहा कि दो व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया है जिसमें से एक अज्ञात है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस दल का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।
- फतेहपुर।उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ललौली थाना क्षेत्र के बांदा-बहराइच राजमार्ग में खटौली गांव में मंगलवार की सुबह अनियंत्रित एक ट्रेलर ट्रक ने सड़क किनारे चार लोगों को कुचल दिया जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गयी। ललौली थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संदीप तिवारी ने बताया कि आज सुबह करीब सात बजे खटौली गांव में अनियंत्रित एक ट्रेलर ट्रक ने सड़क किनारे बैठे अमरजीत सिंह (53), मूलचंद्र (49), राजेश कुमार (45) और शांति देवी (65) को कुचल दिया। इस हादसे में शांति देवी की मौके पर ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल अमरजीत सिंह, मूलचन्द्र और राजेश को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। एसएचओ ने बताया कि हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया था, जिसे उपजिलाधिकारी प्रमोद झा और पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार शर्मा ने समझा-बुझाकर खुलवा दिया है। पुलिस ने बताया कि हादसे के जिम्मेदार ट्रेलर ट्रक और उसके चालक को पकड़ कर महिला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
- पीलीभीत ।उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले स्थित बीसलपुर कोतवाली इलाके में पुलिस ने मंगलवार को दो सगी बहनों का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद किया। यह जानकारी पुलिस ने दी है। पीलीभीत जिले के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र में शाहजहांपुर हाईवे से सटे जसौली गांव में दो सगी बहनों का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने से सनसनी फैल गई। बीसलपुर पुलिस के अनुसार एक शव पेड़ पर फंदे से लटकता मिला है जबकि दूसरा शव पास में ही खेत में मिला है। घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ पहुंचे पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश यादव ने पत्रकारों को बताया कि मृत दोनों बहनों में एक 17 वर्ष की है जबकि दूसरी की उम्र 19 वर्ष है, लड़कियों का पिता एक ईंट भट्टे पर मजदूर है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर पुलिस महानिरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने भी बीसलपुर जाकर मामले की छानबीन की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बिलसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला परिवार बीसलपुर के कासिमपुर के पास एक ईंट भट्ठे पर काम करता है। परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के हवाले से उन्होंने बताया कि सोमवार की देर शाम दोनों बहने शौच के लिए घर से निकली थीं और जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटीं तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। जानकारी के मुताबिक एक बहन का शव देर रात ईंट भट्ठे से कुछ दूरी पर मिला जबकि ग्रामीणों की मदद से मंगलवार की सुबह काफी देर तक ढूंढने के बाद दूसरी बहन का शव एक पेड़ से लटकता मिला। बीसलपुर थाना पुलिस ने दोनों बहनों के शवों को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परिवार भट्टे पर ही रह कर काम करता है और रात से दोनों बहन लापता थीं लेकिन पुलिस को रात में सूचना नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि पुलिस एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
- हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में मंगलवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। गदोखर गांव स्थित तालाब में नहाने गए पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सभी बच्चों की उम्र 12 से 13 साल के बीच है। डूबने वाले बच्चों का नाम काजल कुमारी (12), गोलू कुमार (12), निविता कुमारी (13), दुर्गा कुमारी (12) और रिया कुमारी (12) है।पुलिस ने बताया कि मामला शहर से सटे कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र का है। यहां बच्चे तालाब में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान डूबने से सभी की मौत हो गई। सभी शवों को बरामद कर लिया गया है। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। मामले की जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया।
- कोच्चि . केरल के कोच्चि में स्केटिंग बोर्ड का एक वीडियो इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है। जिसमे एक पांच साल की नन्ही सी परी सफेद फ्रॉक और हाथों और घुटनों पर सेफ्टी गियर के साथ सिर पर हेलमेट लगाए स्केटिंग पर फर्राटा भर रही है। जिसे देख हर कोई हैरान है। त्रिसूर की रहने वाली जानकी आनंद मात्र पांच साल की है और शायद भारत की सबसे कम उम्र की स्केटिंग बॉर्डर।जानकी के पिता आनंद थंपी का कहना है कि वो घर में स्केटबोर्ड ले आए। जिसे देख जानकी की रूचि उसमे बढ़ी। कम उम्र में ही जानकी उस स्केट बोर्ड पर बैलेंस बनाने लगी थी। वहीं चार साल की उम्र पूरी होते-होते जानकी के पिता उसे दुबई ले गए। जहां लॉकडाउन लगने के बाद घर में ही उसने प्रैक्टिस की। जानकी की लगन और मेहनत देखकर पिता आनंद भारत लौटकर कोच्चि में रहने लगे। जहां उनकी बेटी स्केटिंग सीख रही है। जानकी के स्केटिंग के वीडियो को उनकी मां रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालती हैं।
- अयोध्या। उत्तर प्रदेश में अयोध्या जिले के रुदौली इलाके में मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा रूदौली कोतवाली क्षेत्र में रौजागांव फ्लाई ओवर के पास हुआ है। इस बीच सीएम योगी ने हादसे का संज्ञान लेते हुए पीडि़तों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की तरफ से मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की गई है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली रुदौली क्षेत्र के अन्तर्गत लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर कानपुर से बस्ती की ओर जा रही दो रोडवेज की बस में से आगे चल रही बस को रौजागांव ओवरब्रिज के पास बगल से गुजर रही एक डीसीएम ने साइड से टक्कर मार दिया। रोडवेज बस के चालक ने बस को किनारे रोक दिया। उसके साथ पीछे चल रही दूसरी बस के चालक ने भी बस को रोक दिया और डीसीएम से लगी टक्कर को देखने के लिए आगे ओवरब्रिज के पास बस का निरीक्षण करने लगे। इसी दौरान बस के अंदर बैठे यात्री भी नीचे उतर आए। इस बीच लखनऊ की ओर से अयोध्या जा रहे जा रहे ट्रेलर ने अनियंत्रित होकर खड़ी बस में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। ट्रेलर की भीषण टक्कर से बस से नीचे उतर कर खड़े यात्रियों में से आठ लोग गंभीर रूप घायल हो गए।ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को आनन फानन में 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया। इनमें से छह लोगों की मौत हो गई। दो लोगों की मौत घटनास्थल पर हुई, जबकि चार लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।सीओ रुदौली डॉ. धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया है। छह घायलों को जिला अस्पताल तत्काल भेजा गया और दो घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली लाया गया था, जिनकी भी हालत गंभीर होने पर सीएचसी के चिकित्सकों ने जिला अस्पताल अयोध्या रेफर कर दिया है।अयोध्या में हुई मार्ग दुर्घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौक़े पर रह कर पीडि़तों की हर संभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिया गया है।
- आंगनबाड़ी में खाना बनाकर लौट रही थीं 12 महिलाएंग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार सुबह ऑटो और बस की आमने-सामने से हुई टक्कर में 13 लोगों की मौत हो गई। इनमें ऑटो ड्राइवर और इसमें बैठी 12 महिलाएं शामिल हैं। सभी महिलाएं रात को आंगनबाड़ी में स्कूली बच्चों के लिए खाना बनाकर लौट रही थीं। 9 महिलाओं और ऑटो ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। तीन महिलाओं को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया।पुलिस ने बताया कि ऑटो ग्वालियर से मुरैना रोड पर चमन पार्क की तरफ जा रहा था, जबकि बस मुरैना से ग्वालियर आ रही थी। हादसा आनंदपुर ट्रस्ट अस्पताल के सामने हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुरानी छावनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है। मृतकों में से 9 की पहचान हो गई है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में ग्वालियर क्रञ्जह्र एपीएस चौहान को सस्पेंड कर दिया गया है। हादसे के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया। पीएम के बाद शवों को एंबुलेंंस में रखते ही लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। शव वाहन के ड्राइवर को मारकर भगा दिया। लोगों की मांग थी कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा, नौकरी और बच्चों को उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई मुफ्त में दी जाए। मौके पर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक और सतीश सिकरवार भी मौके पर पहुंच गए। नेताओं ने कहा कि मृतकों के सीधी बस हादसे में 7-7 लाख रुपए दिए गए थे, इसी तरह से यहां पर भी मदद दी जाए। इसके बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परिजनों को सीधी हादसे में जैसी मदद दी जाएगी। इसके बाद शव जाने दिया गया। सरकार ने चार-चार लाख रुपए देने की घोषणा की हुई है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख जताया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की मदद देने का ऐलान किया है।
- नयी दिल्ली । रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसने महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड (एमडीएसएल) के साथ 1,056 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय सेना के लिए 1,300 हल्के लड़ाकू वाहनों की खरीद के लिए एक अनुबंध को अंतिम रूप दे दिया है। वाहनों को शामिल करने का काम चार साल में पूरा करने की योजना है।मंत्रालय ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय ने ‘मेक इन इंडिया' को और बढ़ावा देते हुए भारतीय सेना के लिए 1,300 हल्के विशेषज्ञ वाहनों की आपूर्ति के लिए एमडीएसएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।'' उसने एक बयान में कहा, ‘‘लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल एक आधुनिक लड़ाकू वाहन है और इसे मीडियम मशीनगन्स, ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर्स के साथ-साथ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों की ढुलाई के लिए विभिन्न लड़ाकू इकाइयों के लिए अधिकृत किया जाएगा ।'' यह रक्षा उद्योग की स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाली एक प्रमुख परियोजना है और सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' और 'मेक इन इंडिया' पहल में एक और मील का पत्थर साबित होगी।
- नयी दिल्ली । जल शक्ति मंत्रालय और मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की सरकारों ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना (केबीएलपी) के क्रियान्वयन के लिए सोमवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो राष्ट्रीय नदी-जोड़ो परियोजना (एनआरएलपी) के तहत पहली बड़ी परियोजना है। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिये समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये। इस परियोजना के तहत केन नदी से बेतवा नदी में पानी भेजा जाएगा। इसके लिए दौधन बांध का निर्माण किया जाएगा। दोनों नदियों को जोड़ने वाली नहर, लोअर ओर परियोजना, कोठा बैराज और बीना परिसर बहुद्देशीय परियोजना से इसमें मदद मिलेगी। इस मौके पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वर्षा जल से संरक्षण के साथ ही देश में नदी जल के प्रबंधन पर भी दशकों से चर्चा होती रही है, लेकिन अब देश को पानी के संकट से बचाने के लिए इस दिशा में तेजी से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने केन-बेतवा संपर्क परियोजना को इसी दूर-दृष्टि का हिस्सा बताया। उन्होंने इस परियोजना को पूरा करने की दिशा में काम करने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों की प्रशंसा की। मोदी ने कहा कि यह परियोजना बुंदेलखंड के भविष्य को नई दिशा देगी।केबीएलपी से 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सालभर सिंचाई हो सकेगी, 62 लाख लोगों को पेयजल आपूर्ति संभव होगी और 103 मेगावॉट बिजली पैदा की जा सकेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी वक्तव्य में बताया गया कि इस परियोजना से पानी की कमी से जूझ रहे बुंदेलखंड क्षेत्र, खासकर मध्य प्रदेश के पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी तथा रायसेन और उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर को बहुत लाभ मिलेगा। यह परियोजना अन्य नदी-जोड़ो परियोजनाओं का मार्ग भी प्रशस्त करेगी, जिनसे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि पानी की कमी देश के विकास में अवरोधक नहीं बने। यह परियोजना की मदद से वर्ष में 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र (मध्य प्रदेश में 8.11 लाख हेक्टेयर और उत्तर प्रदेश में 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र) में सिंचाई हो सकेगी। इससे करीब 62 लाख लोगों (मध्य प्रदेश में 41 लाख और उत्तर प्रदेश में 21 लाख) को पेयजल की आपूर्ति होगी। इस परियोजना के तहत 9,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी रोका जाएगा, जिनमें से 5,803 हेक्टेयर क्षेत्र पन्ना बाघ अभयारण्य के तहत आता है। एनआरएलपी को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) के नाम से जाना जाता है। इसके तहत अतिरिक्त जल वाले जलाशयों से जल की कमी वालों जलाशयों में पानी भेजे जाने की योजना बनाई गई है।
- मुंबई । जेह वाडिया विमानन कंपनी गो एयर के प्रबंध निदेशक पद से हट गये हैं। वाडिया समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने सोमवार को इसकी घोषणा की। हालांकि एयरलाइन ने कहा कि वाडिया प्रवर्तक बने रहेंगे।कंपनी ने विमानन उद्योग से जुड़े बेन बालदान्जा को उपाध्यक्ष नियुक्त किये जाने की भी घोषणा की।बालदान्जा 2018 से कंपनी के सलाहकार और 2019 से निदेशक पद पर हैं।एयरलाइन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि बालदान्जा की नियुक्ति गो एयर की दीर्घकालीन योजना का हिस्सा है। कंपनी अगले चरण की वृद्धि पर ध्यान दे रही है। गो एयर ने कहा कि प्रवर्तक परिवार से जुड़े जेह वाडिया प्रबंध निदेशक पद से हट गये हैं जबकि वह प्रवर्तक बने रहेंगे।
- नयी दिल्ली । वर्ष 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कार ‘बंगबंधु' दिवंगत शेख मुजीबुर रहमान को प्रदान किया जायेगा। संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2019 का गांधी शांति पुरस्कार भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने और खाड़ी क्षेत्र में शांति तथा अहिंसा को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को मान्यता देने के लिए ओमान के (दिवंगत) सुल्तान काबूस बिन सैद अल सैद को प्रदान किया जा रहा है। गांधी शांति पुरस्कार, वर्ष 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया एक वार्षिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ से परे उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिया जाता है। गांधी शांति पुरस्कार से संबंधित जूरी की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की और भारत के प्रधान न्यायाधीश एवं लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता इसके दो पदेन सदस्य होते हैं। दो अन्य प्रतिष्ठित सदस्य - लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक - भी इस जूरी का हिस्सा हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस जूरी की 19 मार्च, 2021 को हुई एक बैठक में उपयुक्त विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से इस पुरस्कार के लिए बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान और ओमान के लंबे समय तक शासक रहे सुल्तान काबूस को चुने जाने का निर्णय लिया गया। मोदी ने कहा कि बंगबंधु मानवाधिकारों और स्वतंत्रता के हिमायती थे, और वह भारतीयों के लिए एक नायक भी थे। उन्होंने यह भी कहा कि बंगबंधु की प्रेरणा ने दोनों देशों की विरासत को अधिक व्यापक और गहन बनाया है, और बंगबंधु द्वारा दिखाए गए मार्ग ने पिछले एक दशक में दोनों देशों की साझेदारी, प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव रखी है। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘बंगबंधु का दृष्टिकोण भारत-बांग्लादेश मित्रता को आलोकित किये हुए है। मुझे बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान उनकी स्मृति को संजोने का सौभाग्य मिला था और मुजीबबोर्शो समारोह के दौरान वह प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ फिर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2020 बंगबंधु की जन्म शताब्दी को रेखांकित करता है। वह अपने लाखों प्रशंसकों के लिए अदम्य साहस और अथक संघर्ष के प्रतीक है।'' मंत्रालय ने कहा कि गांधी शांति पुरस्कार भारत और ओमान के बीच पारस्परिक संबंधों को मजबूत करने और खाड़ी क्षेत्र में शांति एवं अहिंसा के प्रयासों को बढ़ावा देने में दिवंगत सुल्तान काबूस बिन सैद के अद्वितीय दृष्टिकोण एवं नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है। बयान के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने सुल्तान काबूस के निधन पर भारत-ओमान संबंधों में उनके योगदान को याद करते हुए कहा था कि वे ‘‘भारत के सच्चे दोस्त थे और उन्होंने भारत एवं ओमान के बीच एक रणनीतिक साझेदारी विकसित करने के लिए एक मजबूत नेतृत्व प्रदान किया था।'' प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘‘दूरदर्शी नेता और राजनेता'' और ‘‘हमारे क्षेत्र और विश्व के लिए शांति के प्रतीक'' के रूप में भी याद किया था। इस पुरस्कार के तहत एक करोड़ रुपये, एक प्रशस्ति - पत्र, एक पट्टिका और हस्तशिल्प / हथकरघा से निर्मित एक अति सुंदर पारंपरिक सामग्री दी जाती है। गांधी शांति पुरस्कार से हाल में सम्मानित किये जाने वालों में विवेकानंद केंद्र, भारत (2015); अक्षय पात्र फाउंडेशन, भारत एवं सुलभ इंटरनेशनल (संयुक्त रूप से, 2016 के लिए); एकल अभियान ट्रस्ट, भारत (2017) और योही ससाकावा, जापान (2018) शामिल हैं।
- बेंगलुरु ।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को कहा कि उसने देश में पहली बार 300 मीटर की दूरी तक ‘फ्री स्पेस क्वांटम कम्यूनिकेशन' प्रौद्योगिकी का सफल परीक्षण किया है। इसने कहा कि प्रदर्शन में ‘क्वांटम-की कूट संकेतों' का इस्तेमाल कर सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंस को शामिल किया गया। इस परीक्षण के बाद कहा जा सकता है कि इसरो ने एक तरह से प्रकाश कणों के जरिए संदेशों को बेहद सुरक्षित ढंग से एक स्थान से अन्यत्र भेजने में विशेषज्ञता प्राप्त कर ली है। इसरो ने एक बयान में कहा कि यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।क्वांटम तकनीक की विशेषता यह है कि इसके जरिए भेजे गए संदेशों को कोई हैक नहीं कर सकता जिसे ‘क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन' प्रौद्योगिकी भी कहा जाता है। इस बेहद महत्वपूर्ण तकनीक का प्रदर्शन अहमदाबाद स्थित स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर में किया गया।परीक्षण रात में किया गया जिससे कि सूर्य का प्रकाश सीधे इसे प्रभावित न कर सके।इस प्रौद्योगिकी को ‘क्वांटम क्रिप्टोग्राफी' भी कहा जाता है जिसमें संदेशों को प्रकाश कणों में तब्दील कर इस तरह सुरक्षित तरीके से भेजा जाता है कि इन्हें कोई हैक नहीं कर सकता।
- पुरी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के अंतिम दिन सोमवार को यहां अपनी पत्नी के साथ भगवान जगन्नाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद राष्ट्रपति पुरी जिले के कोणार्क में सूर्य मंदिर गये।राष्ट्रपति अपनी पत्नी सविता कोविंद तथा राज्य के राज्यपाल गणेशी लाल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ यहां सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर पहुंचे। वह भगवान विष्णु के 12वीं शताब्दी में बने इस मंदिर में करीब 40 मिनट तक रहे। राष्ट्रपति मंदिर के गर्भ गृह में गये और उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन किए। पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव और मंदिर के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने राष्ट्रपति का मंदिर के सिंह द्वार पर स्वागत किया। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित मां विमला और महालक्ष्मी की भी पूजा की।राष्ट्रपति के स्वागत में मंदिर को फूलों से विशेष तौर पर सजाया गया था और यहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी थी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कोविंद ने मंदिर के विकास के लिए एक लाख रूपये का दान दिया। इससे पहले वह 2018 में इस मंदिर में आए थे। राष्ट्रपति की यात्रा के लिए मंदिर को फूलों से सजाया गया था और कस्बे में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।राष्ट्रपति के आने से आधे घंटे पहले से आम लोगों के मंदिर प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गयी थी तथा ग्रैंड रोड के दोनों तरफ सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गयी थीं। इसके बाद राष्ट्रपति अपने परिवार के सदस्यों और ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल के साथ कोणार्क में 13वीं शताब्दी के सूर्य मंदिर गये। राष्ट्रपति ने रविवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), राउरकेला के 18वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति को विदाई दी।
- जम्मू । जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में बिजली के शार्ट सर्किट के कारण लकड़ी के बने एक अस्थायी ढांचे में आग लग गई जिससे उसमें रहने वाले 12 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि चक मंगा गुजरा गांव में रविवार को “कुल्ला” (लकड़ी का बना अस्थायी ढांचा) में आग लग गई जिससे उसके भीतर खालिद नामक बच्चा फंस गया। स्थानीय लोगों ने उसे निकालने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके। अधिकारियों ने बताया कि बच्चा ढांचे के भीतर अकेला था जब आग लगी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
- नई दिल्ली। दिल्ली में मद्यपान की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करना और शराब की दुकानें चलाने से सरकार का अपना कदम पीछे हटाना आदि सोमवार को आप सरकार द्वारा मंजूर की गयी आबकारी नीति की मुख्य बातें हैं । उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन कदमों से वार्षिक राजस्व में 20 फीसद की वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार ने दिल्ली में अपनी सभी दुकानें बंद करने का फैसला किया है क्योंकि उनसे शराब की निजी दुकानों की तुलना में कम कमाई हो रही थी। फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी में करीब 850 प्रतिष्ठानों में 40 फीसद निजी हाथों में हैं।सरकार के अनुसार सरकारी दुकानें ''ब्रांड पर जोर देने'' में लगी हैं और राजस्व लीकेज के भी मामले सामने आये हैं। सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन निजी दुकानों को अनुमति दी जाएगी, उनके पास कम से कम 500 वर्ग फुट क्षेत्रफल होना चाहिए।सरकार ने घोषणा की कि दिल्ली में शराब की कोई नयी दुकानें नहीं खोली जाएंगी और वर्तमान खुदरा शराब कारोबार में सरकारी दुकानों के 60 फीसद हिस्सेदारी की जगह निजी प्रतिष्ठान लेंगे। सिसोदिया ने कहा कि शराब बेचना सरकार का काम नहीं है और आशा है कि नयी नीति के लागू होने से आबकारी राजस्व 1500-2000 करोड़ सलाना दर से बढ़ेगी। मद्यपान की उम्र घटाने से सरकार को युवाओं को नोएडा एवं पड़ोस के शहरों में जाने से हतोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इस कदम से आबकारी राजस्व भी बढ़ेगा क्योंकि दिल्ली में प्रतिष्ठानों को इस उम्र वर्ग के लोगों को शराब परोसने के लए भारी जुर्माना का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहींसरकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मद्यपान की उम्र 21 साल है जबकि गोवा एवं आंध्रप्रदेश में यह 18 साल है।नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने इस फैसला का स्वागत किया और कहा कि इसे धंधे और खजाने दोनों को फायदा होगा।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ट्वीट किया, ''आज घोषित आबकारी सुधार दिल्ली में शराब माफिया के लिए झटका का काम करेगा। माफिया इन सुधारों की राह में बाधा खड़ी करने का हर प्रयास करेंगे। आप सरकार ने शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य आदि के क्षेत्रों में माफिया राज खत्म किया। हम इस क्षेत्र में सुधार के लिए कटिबद्ध हैं। (फाइल फोटो)
- नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 से 31 मार्च तक राज्य में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के सभी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कोविड स्थिति की समीक्षा की। राज्य में कोविड के नये रोगी आने से सरकार संक्रमण की रोकथाम के एहतियाती उपाय कर रही है।
- अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)।दिल्ली पुलिस में तैनात एक हवलदार की अलीगढ़ स्थित उसके पुश्तैनी गांव में हमलावरों ने कथित रूप से जायदाद के झगड़े को लेकर लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम पटेल ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि दिल्ली पुलिस में तैनात हवलदार अमरपाल (50) छुट्टी पर पिसावा थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव दाता खुर्द आया था। रविवार शाम वह अपने गांव से दिल्ली जाने के लिए जैसे ही निकला तभी मोटरसाइकिल सवार कुछ बदमाशों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया और उसे बुरी तरह पीटा। उन्होंने बताया कि उसकी चीख-पुकार सुनकर उसके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब पहुंची तब अमरपाल के शरीर से काफी खून बह रहा था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान थोड़ी ही देर बाद उसकी मौत हो गई। पटेल ने बताया कि हमलावरों का पता लगाने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
- नयी दिल्ली । दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने के मद्देनजर सोमवार को सावधानी की जरूरत पर बल दिया और लोगों से होली के दौरान एहतियात बरतने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में सरकारी अस्पताल कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर ओपीडी मरीजों के लिए अलग अलग पालियों पर विचार कर रहे हैं। जैन ने संवाददताओं से कहा, ‘‘ सावधान रहने और हर समय मास्क लगाए रखने की जरूरत है। जिन्हें बिना मास्क के पाया जा रहा है और जो एक दूसरे के बीच दूरी के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।'' उन्होंने लोगों से होली के दौरान कोविड-19 उपयुक्त आचरण करने की भी अपील की।मंत्री ने रविवार को कहा था कि दिल्ली सरकार आक्रामक तरीके से जांच कर रही है और संक्रमितों के संपर्क में आये व्यक्तियों की पहचान कर रही है तथा हाल में हुई कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि पर शीघ्र ही काबू पा लिया जाएगा। दिल्ली में रविवार को लगातार दूसरे दिन संक्रमण के 800 से अधिक मामले सामने आये।स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार शहर में 3,618 उपचाराधीन मरीज हैं और संक्रमण दर लगातार दूसरे दिन एक फीसद से अधिक रही। कोविड-19 के 823 नये मरीज सामने आने से शहर में इस महामारी के मामले बढ़कर 6,47,984 हो गये जिनमें से 6.32 लाख मरीज संक्रमणुक्त हो चुके हैं। शनिवार को इस संक्रमण के 813 नये मरीजों का पता चला था।
- नयी दिल्ली। केंद्र ने सोमवार को कोविशील्ड टीके की दूसरी खुराक लेने के समय अंतराल को संशोधित किया और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसे 4-6 सप्ताह के बीच देने के बजाय 4-8 सप्ताह के बीच देने के लिए कहा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा, ‘‘उभरते वैज्ञानिक साक्ष्यों के मद्देनजर विशिष्ट कोविड-19 टीका यानी कोविशील्ड की दो खुराक के बीच के समय अंतराल को टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) और उसके बाद एनईजीवीएसी द्वारा उसकी 20वीं बैठक में पुनरीक्षित किया गया है जिसके तहत पहली खुराक के बाद कोविशील्ड की दूसरी खुराक 4-6 सप्ताह के अंतराल की बजाय 4-8 सप्ताह के अंतराल पर देने की सिफारिश की गई है।'' केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सोमवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि मंत्रालय ने एनटीएजीआई और एनईजीवीएसी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘... और इसके बाद राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी है कि पहली खुराक के 4-8 सप्ताह के समय अंतराल के भीतर लाभार्थियों को कोविशील्ड की दूसरी खुराक देना सुनिश्चित किया जाए।'' मंत्रालय ने कहा कि दो खुराक के बीच संशोधित समय अंतराल का यह फैसला केवल कोविशिल्ड टीके पर लागू है और कोवैक्सीन टीके पर नहीं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि वे संबंधित अधिकारियों को तदनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दें।-File photo
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विश्व जल दिवस पर ‘‘जल शक्ति अभियान : कैच द रेन'' की शुरुआत की और कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) का एक-एक पैसा बारिश आने तक वर्षा का जल संचयन करने के काम में लगाया जाए। देश में वर्षा का अधिकतर जल बर्बाद होने पर अपनी चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बारिश का पानी जितना बचाया जाएगा, भूजल पर निर्भरता उतनी ही कम होगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की आत्म-निर्भरता जल संसाधनों तथा जल संपर्क पर निर्भर है और जल के प्रभावी संरक्षण के बिना भारत का तीव्र गति से विकास संभव नहीं है। ‘‘कैच द रेन'' अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाने और ऐसे प्रयासों में आम जन की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पूर्वज हमारे लिये जल छोड़कर गए। हमारी जिम्मेदारी है कि हम भविष्य की पीढ़ियों के लिये इसका संरक्षण करें। चिंता की बात है कि भारत में अधिकतर वर्षा जल बर्बाद हो जाता है। बारिश का पानी हम जितना बचाएंगे, भूजल पर निर्भरता उतनी ही कम हो जाएगी। इसलिए कैच द रेन अभियान का सफल होना बहुत जरूरी है।'' उन्होंने प्रत्येक गांव में आगामी सौ दिन वर्षा जल संरक्षण की तैयारियों को समर्पित किये जाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार जल शक्ति अभियान में विशेष रूप से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून आने में अभी कुछ हफ्तों का समय है इसलिए इसके लिए अभी से पानी को बचाने की तैयारी जोरों पर करनी है। उन्होंने कहा, ‘‘मानसून के आने से पहले ही टैंकों, तालाबों, कुओं की सफाई कर पानी संग्रह की उनकी क्षमता को बढ़ाना है। इसमें कोई बहुत बड़े इंजीनियरिंग की जरूरत नहीं है। गांव के लोगों को ये चीजें मालूम हैं। वो बड़ी आसानी से कर लेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं तो चाहूंगा अब मनरेगा का एक-एक पैसा, एक-एक पाई बारिश आने तक सिर्फ-सिर्फ इसी काम के लिए लगे। मनरेगा का पैसा अब कहीं और नहीं जाना चाहिए और मैं चाहूंगा इस अभियान को सफल बनाने में सभी देशवासियों का सहयोग आवश्यक है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पहली बार सरकार जल परीक्षण पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौरान 4.5 लाख महिलाओं को जल के परीक्षण के लिये प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘आजादी के बाद पहली बार पानी की जांच को लेकर किसी सरकार द्वारा इतनी गंभीरता से काम किया जा रहा है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि पानी के परीक्षण के इस अभियान में हमारे गांव में रहने वाली बहनों-बेटियों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डेढ़ साल पहले देश में 19 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से सिर्फ 3.5 करोड़ परिवारों के घर नल से जल आता था। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद इतने कम समय में ही लगभग 4 करोड़ नए परिवारों को नल का कनेक्शन मिल चुका है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षा जल से संरक्षण के साथ ही देश में नदी जल के प्रबंधन पर भी दशकों से चर्चा होती रही है लेकिन अब देश को पानी के संकट से बचाने के लिए इस दिशा में तेजी से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने केन-बेतवा संपर्क परियोजना को इसी दूर-दृष्टि का हिस्सा बताया।
- श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने देर रात जिले के मनिहाल इलाके में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने के बाद वहां मुठभेड़ शुरू हो गई। बल ने भी इसका मुहंतोड़ जवाब दिया। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने को भी कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए।--file phtp



























