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- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकर्घा दिवस के अवसर पर देश के हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों का अभिनंदन किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों ने देश के प्राचीन शिल्प को जीवित रखने में महत्वपूर्ण योगदान किया। अपने ट्वीट में उन्होंने देशवासियों से कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे अधिक से अधिक हाथ से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल करें।केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने भी हाथ से बनी वस्तुओं के अधिक से अधिक इस्तेमाल की अपील की। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले आज ही के दिन राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरूआत हुई थी। कपड़ा मंत्री ने कहा कि यह दिन स्वदेशी आंदोलन को भी एक श्रद्धांजलि है, क्योंकि आज ही के दिन 1905 में इसकी शुरूआत हुई थी।---
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने इस नीति के समग्र कार्यान्वयन पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन से नई शिक्षा नीति के बारे में और अधिक जानकारी मिलेगी, जिससे इसके बेहतर कार्यान्वयन में मदद मिलेगी।
शिक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था वैश्विक स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति नये भारत के निर्माण की नींव रखेगी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जहां एक ओर छात्रों और युवाओं को वैश्विक स्तर बनाए रखना है, वहीं उन्हें अपनी जड़ों को भी नहीं भूलना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा से छोटे बच्चों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों पर पाठ्यक्रम का बोझ कम किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा महसूस किया गया है कि उन पर जानकारी का बोझ बढ़ रहा है।पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य एक बेहतर इंसान तैयार करना है। बेहतर भारत बनाने के लिए तेजी से सुधारों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों को जिज्ञासा और प्रतिबद्धता वाले जीवन के लिए प्रयास करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति में शिक्षकों के ज्ञानार्जन पर भी जोर दिया गया है, क्योंकि शिक्षक ही प्रबुद्ध छात्र तैयार करते हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति पर प्रश्नों और संदेहों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को अपना पाठ्यक्रम बदलने की सुविधा होगी और उच्च शिक्षा पर कोई बंधन नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिज्ञासा, चर्चा और विमर्श आधारित शिक्षा पूरी शिक्षा नीति को मजबूत करेगी। उन्होंने इस नीति को तैयार करने में हुए लंबे विचार-विमर्श का भी उल्लेख किया। - नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज की दूसरी किस्त के रूप में 890.32 करोड़ रुपये जारी किए हैं।प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को दी गई वित्तीय सहायता वहां कोविड-19 संबंधी स्थिति पर आधारित है। मंत्रालय ने बताया कि दूसरी किस्त में वित्तीय मदद प्राप्त करने वालों में छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम शामिल हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 हजार करोड़ रुपये के कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज की घोषणा की थी।वित्तीय सहायता की दूसरी किस्त का इस्तेमाल जांच, आरटी-पीसीआर, आरएनए संग्रह किट, ट्रूनैट और सीबी-नाट मशीनों की खरीद तथा उन्हें स्थापित करने, उपचार के लिए अवसंरचना को मजबूत करने और आईसीयू में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, ऑक्सीजन जनरेटर स्थापित करने और ऑक्सीजन सांद्रकों की खरीद सहित सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को तीन हजार करोड़ रुपये की पहली किस्त अप्रैल में जारी की गई थी। इस पैकेज ने 5 लाख 80 हजार 342 पृथक बिस्तर, ऑक्सीजन सुविधा से लैस 1 लाख 36 हजार 68 बिस्तर और 31 हजार 255 आईसीयू बिस्तर उपलब्ध कराने में मदद की है।मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस वित्तीय मदद से 86 लाख 88 हजार 357 जांच किट और 79 लाख 88 हजार 366 वाइल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीपीएम) खरीदी हैं। उन्हें मानव संसाधन के रूप में 96 हजार 557 कर्मी मिले हैं और 6 लाख 65 हजार 799 कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी गई।
- इडुक्की। केरल के इडुक्की जिले के राजमाला में आज सुबह आए भूस्खलन में चाय के बागान में काम करने वाले मजदूर मलबे में दब गए। आशंका जताई जा रही है कि दबे मजदूरों की संख्या 75 से 80 हो सकती है। इधर राज्य सरकार ने राहत कार्य के लिए भारतीय वायु सेना की मदद मांगी है, जिसके बाद वायु सेना ने हेलिकॉप्टर बचाव कार्य के लिए भेजे हैं।मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अनुसार इडुक्की के राजमाला में भूस्खलन पीडि़तों को बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। पुलिस, फायर, वन और राजस्व अधिकारियों को भी बचाव अभियान करने का निर्देश दिया गया है। वहीं कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री वी. सोमन्ना ने कोडागु जिले में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।राज्य में हो रही लगातार बारिश के बाद आज हुए भूस्खलन से क्षेत्र में तबाही ला दी। जिस जगह पर भूस्खलन हुआ वहां पर चाय के बागान में काम करने वाले मजदूर शेल्टर बनाकर रहते थे। यहां मजदूरों की लगभग पूरी एक बड़ी कॉलोनी सी बनी हुई थी। लैंड स्लाइड के बाद बड़ा सा मलबा शेल्टर हाउसेस के ऊपर गिरा और सभी दब गए। बताया जा रहा है कि अधिकांश मजदूर तमिलनाडु के रहने वाले हैं।जिस इलाके में भूस्खलन हुआ है यहां पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में परेशानी आ रही है। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले पेरियावाड़ा इलाके का अस्थाई पुल बाढ़ में बह गया जिससे रोड से इस इलाके की कनेक्टिविटी टूट गई है।इस बीच केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि एक मोबाइल मेडिकल टीम और 15 ऐंबुलेंस को घटना स्थल पर भेजा गया है। राजमाला में भूस्खलन पीडि़तों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल तैनात किया गया है। पुलिस, अग्नि, वन और राजस्व अधिकारियों को भी बचाव अभियान तेज करने का निर्देश दिए गए हैं।---
- पन्ना। दुनिया भर में कीमती हीरों की खदानों के लिये प्रसिद्ध पन्ना में एक मजदूर की किस्मत उस समय चमक उठी जब उसे हीरा खदान से तीन हीरे मिले।इन हीरों की कीमत लगभग 30 से 35 लाख रुपये आंकी गयी है। पन्ना जिले के हीरा अधिकारी आर के पांडे ने बताया कि उथली हीरा खदान की खुदाई के दौरान सुबल नामक श्रमिक को साढ़े सात वजन कैरेट के तीन हीरे मिले हैं। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों ने इन हीरों की कीमत 30 से 35 लाख रुपये की बीच आंकी है। उन्होंने बताया कि मजदूर ने इन हीरों को कार्यालय में जमा करा दिया है। नियमानुसार इन हीरों की नीलामी की जायेगी और 12 प्रतिशत कर की राशि काट कर शेष 88 फीसद राशि सुबल को दे दी जायेगी। इससे संभवत: उसका भाग्य बदल जायेगा और सुबह अच्छा जीवन जीने में सक्षम हो सकेगा। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में पन्ना की हीरा खदानों से एक मजदूर को 10.69 कैरेट का हीरा मिला था।----
- नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपराज्यपाल गिरीश चन्द्र मुर्मू को भारत का नया नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) नियुक्त किया।आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति को गिरीश चन्द्र मुर्मू को भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक नियुक्त करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है, उनकी नियुक्ति पदभार संभालने के तिथि से प्रभावी होगी।गौरतलब है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश से भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को केन्द्र शासित प्रदेश का नया उपराज्यपाल बनाया गया है।
- नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह के सिलसिले में शिक्षा मंत्रालय माय-गॉव पोर्टल के सहयोग से देशभर में नौवीं और दसवीं तथा ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए ऑन लाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है।राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद - एनसीईआरटी इस प्रतियोगिता के लिए नोडल एजेंसी होगी। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत- स्वतंत्र भारत विषय के तहत विभिन्न शीर्षकों से निबंध लिखने होंगे।निबंधों का चयन दो स्तरों पर किया जाएगा। पहले स्तर पर राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश इन्हें अंतिम रूप देंगे। एनसीईआरटी के विशेषज्ञों की एक टीम प्रत्येक राज्य से दस निबंधों का चयन करेगी जिन्हें अंतिम चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भेजा जाएगा।प्रतियोगिता के अगले चरण में नौवीं और दसवीं तथा ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाओं की अलग-अलग श्रेणियों के लिए 30 निबंधों का चयन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कार राशि के बारे में घोषणा बहुत जल्द की जाएगी। विद्यार्थी अपनी प्रविष्टियां https://innovate.mygov.in/essayपोर्टल पर 14 अगस्त तक भेज सकते हैं।
- नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के आठ प्रमुख संवर्गों का एकल सेवा भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) में विलय का काम इस साल नवंबर तक पूरा होने की संभावना है।अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय परिवहन ने इसके तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए कंसल्टेंसी फर्म मैकिन्से और कंपनी की सेवा ली है। अधिकारियों ने बताया कि रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी. के. यादव ने रेलवे सेवाओं के विलय पर विभिन्न संवर्गों और रेलवे यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। दिसंबर 2019 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठ रेलवे सेवाओं को एक केंद्रीय सेवा में एकीकृत करके रेलवे के पुनर्गठन को मंजूरी दी थी। बैठक के दौरान, रेलवे ने संवर्गों को सूचित किया कि वे सभी सेवाओं के लिए समान पदोन्नति पर विचार कर रहे हैं।
- अहमदाबाद। गुजरात में अहमदाबाद में कोविड 19 के एक अस्पताल में आज तडके भीषण आग लगने से तीन महिलाओं समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि यह घटना तडके साढे तीन बजे अहमदाबाद के नवरंगपुरा के श्रेया अस्पताल में हुई। आग पर काबू पाने के लिये अनेक दमकल गाडिय़ों को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस और दमकल विभाग ने कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आग लगने की इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है। एक ट्वीट में श्री मोदी ने शोक संतप्त परिवारों की प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने दुर्घटना में मारे गये प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को दो-दो लाख रूपये की आर्थिक सहायता तथा घायलों को पचास-पचास हजार रूपये सहायता की घोषणा की है।प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और अहमदाबाद के मेयर बीजल पटेल से स्थिति के बारे में बातचीत की। श्री मोदी ने कहा कि प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दे रहा है।मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस आग में मरीजों की हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उपमुख्मंत्री नितिन पटेल ने बताया कि आग अस्पताल के आईसीयू यूनिट में लगी थी और इसका कारण शॉटसर्किट माना जा रहा है। सरकार ने इसकी जांच दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सौंपी है। पुलिस तथा अन्य विशेषज्ञों ने जांच शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डॉ. जयन्ती रवि और अहमदाबाद महाबालिका के आयुक्त मुकेश कुमार भी घटनास्थल पहुंचे।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया है। इससे पहले गिरीश चन्द्र मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के पद से त्यागपत्र दे दिया था जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है।
1985 बैच के गुजरात कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री मुर्मू को पिछले वर्ष अक्तूबर में उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था।
- जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान पर्यटन का महत्वपूर्ण केन्द्र है जिससे लाखों लोगों की आजीविका जुडी हुई है, ऐसे में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही नई पर्यटन नीति लाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य करीब 20 साल बाद लाई जा रही इस पर्यटन नीति से कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण संकट का सामना कर रहे पर्यटन क्षेत्र को फिर पटरी पर लाने में भी मदद मिलेगी।श्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पर्यटन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान श्री गहलोत ने पर्यटन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से भी संवाद किया और पर्यटन को गति देने के लिए उनके सुझाव भी जाने।श्री गहलोत ने कहा कि मेले एवं उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा देशी एवं विदेशी पर्यटक इनसे जुड़ सकें इसके लिए इन्हें नया रूप दिया जाए तथा पुष्कर मेला, डेजर्ट फेस्टिवल, कुंभलगढ़ तथा बूंदी उत्सव सहित विभिन्न मेलों की नए सिरे से ब्रांडिंग की जाए।
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चेन्नई। कांचीपुरम में कांची कामकोटि पीठ ने सोने और चांदी के सिक्के तथा कामाक्षी मंदिर से पवित्र मिट्टी को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन में इस्तेमाल के लिए भेजा है।
कांची कामकोटि पीठ के 70 वें आचार्य विजयेंद्र सरस्वती स्वामी ने बताया कि एकाम्बरनाथ स्वामी, कामाक्षी और भगवान विष्णु के अन्य मंदिरों से जमा की गयी मिट्टी को भूमि पूजन के पहले ही अयोध्या भेज दिया गया।
सदियों पुराने मठ के प्रमुख ने एक बयान में कहा है कि अपने पूर्ववर्ती और गुरु श्री जयेंद्र तथा चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती के आशीर्वाद के साथ दो ईंटें भी भेजी गयी हैं।
श्री विजयेंद्र सरस्वती ने कहा, श्री जयेंद्र सरस्वती और कांची मठ का अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर के साथ बहुत करीबी संबंध रहा है। यह ईश्वर की इच्छा है। उन्होंने कहा, आचार्य ने विभिन्न समूहों से बात कर अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए कई बार प्रयास किए। उनकी इच्छा थी कि जल्द मंदिर बने । विजयेंद्र सरस्वती ने कहा, संयोग से अयोध्या में भूमि पूजन और श्री जयेंद्र का जयंती समारोह पांच अगस्त को ही रहा है। यह श्री राम के प्रति श्री जयेंद्र की भक्ति और समर्पण को दिखाता है। मठ के सूत्रों के मुताबिक कांची पीठ अयोध्या में राम मंदिर के लिए जयेंद्र सरस्वती की भूमिका पर दो भाषाओं (तमिल और अंग्रेजी) में किताब लाने का विचार बना रही है।
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नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होने के बाद कहा कि भगवान राम मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं और वह कभी घृणा एवं अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।
उन्होंने ट्वीट किया, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं। वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं। राम प्रेम हैं। वह कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते। कांग्रेस नेता ने कहा, राम करुणा हैं। वह कभी क्ररता में प्रकट नहीं हो सकते। राम न्याय हैं। वह कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते। गौरतलब है कि अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी।
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अयोध्या । श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण के कार्य शुभारंभ को सुहावना समय बताते हुए कहा कि मंदिर निर्माण भारत, विश्व और लोक कल्याण का निर्माण है ।
राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि मंदिर के निर्माण कार्य का शुभारंभ हो गया है । मंदिर का निर्माण भारत का निर्माण है, विश्व का निर्माण है, लोक कल्याण का निर्माण है । उन्होंने कहा, हिन्दू जनता की भावना, उनकी इच्छा, उनका मनोरथ यही है कि जल्द से जल्द भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण हो और हम अपनी आंखों से मंदिर का निर्माण देख लें । उन्होंने कहा, बड़े हर्ष का विषय है .... राम जन्मभूमि से जुडे होने के नाते बहुत दिनों से हमसे (लोग) पूछते रहे, ... मंदिर कब बनेगा । बार- बार हमारे सामने यही प्रश्न आता रहा । तब हमने कहना शुरू कह दिया एक ओर मोदी और एक ओर योगी, अब नहीं बनेगा तो कब बनेगा ।
महंत ने कहा कि ये बड़ा सुहावना समय आ गया है । करोड़ों-करोड़ हिन्दू रामभक्तों की अभिलाषा, मनोरथ और इच्छा यही है कि जहां राम लला विराजमान हैं, वहां दिव्य एवं भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए, इसीलिए तन, मन, धन अर्पण करने के लिए सभी तैयार हैं । कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डा. मोहन राव भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तमाम साधु संत, विद्वान, महंत और गणमान्य लोग शामिल हुए ।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन कर शिलान्यास किए जाने को ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह पल सभी को आनंदित और गौरवान्वित करने वाला है।
श्री नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर प्रधानमंत्री और संत समाज के साथ सभी देशवासियों को बधाई दी और राम मंदिर निर्माण के आंदोलन में अपना जीवन खपा देने वालों को नमन भी किया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्याजी में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन एवं शिलान्यास के मंगल अवसर पर सभी पूज्य संतों के चरणों में नमन करता हूं और समस्त देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। यह ऐतिहासिक पल सभी को आनंदित व गौरवान्वित करने वाला है।
प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद व्यक्त करते हुए नड्डा ने कहा कि उन्होंने जन भावनाओं एवं श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के प्रति संकल्प को आज भूमि पूजन एवं शिलान्यास के माध्यम से साकार किया। उन्होंने संत समाज के लोगों के साथ मंदिर आंदोलन के लिए संघर्ष करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी आभार जताया। श्री नड्डा ने कहा, मैं वंदन करता हूं सभी विचार परिवार के उन सभी सदस्यों का जो वर्षों तक अनवरत इस संकल्प के लिए संघर्ष करते रहे। मैं अभिनंदन करता हू, सभी राम भक्तों का जिनकी आस्था ने आज मूर्त रूप लिया। श्री नड्डा ने कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के उपरांत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया गया और ये गर्व का विषय है कि समाज के सभी वर्गों ने इस निर्णय को सहर्ष स्वीकारा। उन्होंने कहा, श्री राम जी की सिखाई मर्यादा का अनुसरण कर सम्पूर्ण देश ने अनूठी मिसाल दिखाई।
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अयोध्या । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने के बाद कहा कि यह आनंद का क्षण है क्योंकि जो संकल्प लिया गया था, वह आज पूरा हुआ है।
उन्होंने कहा, एक संकल्प लिया था और मुझे स्मरण है तब कि हमारे सरसंघचालक बाला साहब देवरस जी ने हमको कदम आगे बढ़ाने से पहले यह बात याद दिलाई थी कि बीस-तीस साल लगकर काम करना पड़ेगा और 30वें साल के प्रारंभ में हमको संकल्प पूर्ति का आनंद मिल रहा है। अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा, अनेक लोगों ने बलिदान दिया है और वे सूक्ष्म रूप में यहां उपस्थित हैं, क्योंकि वे प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं। ऐसे भी लोग हैं जो यहां आ नहीं सकते। रथयात्रा का नेतृत्व करने वाले आडवाणी जी अपने घर में बैठकर इस कार्यक्रम को देख रहे होंगे। कितने ही लोग हैं जो आ भी सकते हैं लेकिन बुलाए नहीं जा सकते, परिस्थति ऐसी है।
उन्होंने कहा, पूरे देश में देख रहा हूं कि आनंद की लहर है, सदियों की आस पूरी होने का आनंद है। लेकिन सबसे बड़ा आनंद है भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिस आत्मविश्वास की आवश्यकता थी और जिस आत्म-भान की आवश्यकता थी, उसका साकार अधिष्ठान बनने का शुभारंभ आज हो रहा है। श्री भागवत ने कहा, यह अधिष्ठान है आध्यात्मिक दृष्टि का। सारे जगत में अपने को और अपने में सारे जगत को देखने की भारत की दृष्टि का। उन्होंने कहा, अगर आज अशोक सिंहल यहां रहते तो कितना अच्छा होता, महंत परमहंस रामदास जी अगर आज होते तो कितना अच्छा होता। लेकिन जो इच्छा उसकी (ईश्वर) है, वैसा होता है। लेकिन मेरा विश्वास है कि जो है, वह मन से है और जो नहीं हैं, वे सूक्ष्म रूप से आज यहां हैं।
श्री भागवत ने कहा, इस आनंद में एक उत्साह है...अभी यह कोरोना का दौर चल रहा है, सारा विश्व अंतर्मुख हो गया है और विचार कर रहा है कि कहां गलती हुई। उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम हमारी रग-रग में हैं, उनको हमने खोया नहीं है। सब राम के हैं और सबमें राम हैं। इसलिए यहां अब मंदिर बनेगा और भव्य मंदिर बनेगा। संघ प्रमुख ने कहा, सारी प्रक्रिया शुरू हो गयी है, दायित्व बांटे गए हैं जिसका जो काम है, वह करेंगे। हम सब लोगों को अपने मन की अयोध्या को सजाना-संवारना है। उन्होंने कहा, ''यहां पर जैसे-जैसे मंदिर बनेगा, वैसे ही अयोध्या भी बनती चली जानी चाहिए और इस मंदिर के पूर्ण होने के पहले हमारा मन मंदिर बनकर तैयार रहना चाहिए। हमारा हृदय भी राम का बसेरा होना चाहिए।
- -मंत्रोच्चारण के बीच भूमिपूजन किया गयाअयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखी। इस समारोह के साथ ही अयोध्या में आज से राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो गया है। समारोह में मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर के लिए विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया।इस अवसर पर प्रधान मंत्री ने देशवासियों और दुनिया भर में मौजूद राम भक्तों को बधाई दी। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए कहा कि आज जब समस्त देशवासी इस बात को लेकर प्रफुल्लित हैं कि उन्होंने भावनात्मक रूप से वह सब हासिल कर लिया है जिसकी वह सदियों से प्रतीक्षा कर रहे थे, भारत एक स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज कई लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए यह विश्वास करना कठिन हो रहा है कि अपने जीवन काल में कभी वह आज का दिन भी देख सकते थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि राम जन्मभूमि को विध्वंस और पुनर्निर्माण के चक्र से मुक्ति मिल चुकी है और अब तंबू के स्थान पर रामलला के लिए भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह से 15 अगस्त स्वतंत्रता संग्राम के लिए देश भर के लोगों द्वारा दिए गए बलिदान का प्रतीक है उसी तरह आज का दिन राम मंदिर के लिए पीढिय़ों के समर्पण और निरंतर संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर उन लोगों का स्मरण किया और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया जिनके संघर्ष के परिणामस्वरूप राम मंदिर का सपना साकार हुआ है।श्री राम हमारी संस्कृति का आधार हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री राम के अस्तित्व को मिटाने के कई बार प्रयास किए गए लेकिन आज भी वह हमारी संस्कृति का आधार स्तंभ बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हमारी संस्कृति, हमारी आस्था, राष्ट्रीय भावना और सामूहिक शक्ति का आधुनिक प्रतीक होगा जो आने वाली पीढिय़ों को प्रेरणा देने का काम करेगा। मंदिर के बनने से संभावनाओं के कई अवसर बनेंगे जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन करोड़ों राम भक्तों के विश्वास और सच्चे संकल्प की गवाही दे रहा है। उन्होंने पिछले साल माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मंदिर के संबध में सुनाए गए फैसले के दौरान सभी की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, देशवासियों द्वारा दिखाए गए संयम और गरिमा की प्रशंसा की । उन्होंने कहा कि यह संयंम और गरिमा आज भी दिखाई दे रही है।प्रधान मंत्री ने इस अवसर पर उन बातों का स्मरण किया कि किस तरह से गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी सहित सभी वर्ग के लोगों ने एकसाथ मिलकर श्री राम की? विजय, श्री कृष्ण गोवर्धन को उठाने, छत्रपति शिवाजी को स्वराज लाने और गांधीजी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन को चलाने जैसे कार्यों का सशक्त माध्यम बने। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भी लोगों की मदद और योगदान से शुरू हुआ है।श्री राम के चरित्र का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हमेशा सत्य पर टिके रहे और सामाजिक सद्भाव को अपने शासन का आधार बनाया। वह अपनी प्रजा से समान रुप से प्रेम करते थे लेकिन गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उनके हृदय में विशेष दया भाव था । जीवन का कोई ऐसा पहलू नहीं है जहाँ श्री राम प्रेरणा के स्रोत के रूप में वर्तमान नहीं हैं। उनका प्रभाव देश की संस्कृति, दर्शन, विश्वास और परंपरा के कई पहलुओं में दिखाई देता है।श्री राम - अनेकता में एकता का सूत्रप्रधानमंत्री ने कहा कि श्री राम, प्राचीन काल में वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास के माध्यम से, मध्यकालीन युग में कबीर और गुरु नानक के माध्यम से और आधुनिक युग में महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्याग्रह तथा उनके भजनों के माध्यय से एक मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में आज भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध भी श्री राम से जुड़े हैं, और अयोध्या शहर सदियों से जैनियों की आस्था का केंद्र रहा है। विभिन्न भाषाओं में लिखे गए विभिन्न रामायणों को याद करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि श्री राम देश में विविधता में एकता का सूत्र हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री राम कई देशों में पूजे जाते हैं। विश्व की सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या वाले देश इंडोनेशिया, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों में रामायण की खासी लोकप्रियता है। ईरान और चीन की कई लोककथाओं में भी राम का संदर्भ मिलता है। कई अन्य देशों में भी रामकथा काफी लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के साथ ही इन सभी देशों के लोग आज खुशी महसूस कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले कई वर्षों तक राम मंदिर समस्त मानवजाति के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण होगा कि श्री राम, राम मंदिर और हमारी चिर पुरातन परंपराओं का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचे। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही देश में राम सर्किट का निर्माण कराया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महात्मा गांधी जी के रामराज्य के सपने का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री राम की शिक्षाएं आज भी देश का मार्गदर्शन कर रही हैं। इसमें कोई भी गरीब या दुखी नहीं होना चाहिए; पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से खुश होना चाहिए; किसानों और पशुपालकों को हमेशा खुश रहना चाहिए; बूढ़े, बच्चों और डॉक्टरों को हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए; शरण मांगने वालों की रक्षा करना सभी का कर्तव्य है; मातृभूमि स्वर्ग से बढ़कर है; और, एक राष्ट्र के पास जितनी अधिक शक्ति होगी, उसकी शांति की क्षमता उतनी ही अधिक होगी जैसी मूल बातें शामिल हैं। प्रधान मंत्री ने कहा कि श्री राम आधुनिकता के साथ-साथ परिवर्तन का भी प्रतीक हैं। श्रीराम के इन आदर्शों पर चलकर देश प्रगति कर रहा है।प्रधान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर का निर्माण आपसी प्रेम और भाईचारे की नींव पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबका साथ और सबका विश्वास के साथ, हमें सबका विकास हासिल करना होगा और आत्म-विश्वास से भरा आत्मानिर्भर भारत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि हम सबको श्री राम के इस संदेश का अनुसरण करने की आवश्यकता है कि किसी भी प्रकार की देरी किए बिना हमें आगे बढऩा चाहिए।प्रधानमंत्री ने कोविड की वर्तमान पृष्ठभूमि में श्री राम के मर्यादा मार्ग के महत्व को याद करते हुए सभी लोगों से दो गज की दूरी है जरुरी और मास्क है जरुरी की मर्यादा का पालन करने का आह्वान किया ।भूमि पूजन समारोह निर्धारित समय पर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुआ और 12 बजकर 45 मिनट पर सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अनेक संत, आध्यात्मिक नेता और राम मन्दिर आन्दोलन से जुडे अन्य नेता उपस्थित हुए। विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल के परिवार से पवन सिंघल और महेश भागचंदका भी समारोह में उपस्थित थे। वे भूमि पूजन समारोह में मुख्य यजमान थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पारिजात का पौधा लगाने के बाद भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लिया।प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राम मन्दिर के मॉडल पर स्मारक डाक टिकट जारी किया। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री मोदी को स्मारिका के रूप में लकड़ी के बने कोडंड राम की प्रतिमा भेंट की।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि यह एक ऐसा सपना था जो पांच सदियों के बाद पूरा हुआ है।है। - नई दिल्ली। केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में धार्मिक स्थल खोले जाने के फैसले के बाद वैष्णो देवी यात्रा 16 अगस्त से फिर शुरू होगी। Ÿश्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कोरोना संक्रमण के कारण लगभग चार महीने तक बंद रहने के बाद तीर्थ यात्रा फिर शुरू किए जाने की घोषणा की है। श्राइन बोर्ड ने कहा कि यात्रा के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया बाद में घोषित की जाएगी। कोरोना संक्रमण के बाद 18 मई को वैष्णो देवी यात्रा स्थगित की गई थी।जम्मू- कश्मीर प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस आयोजनों के बाद इस महीने की 16 तारीख से केन्द्रशासित प्रदेश में सभी धार्मिक स्थल खोले जाने का निर्णय लिया है।
- पुणे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर का आज निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार श्री निलंगेकर का पुणे में एक निजी अस्पताल में निधन हुआ।वे जुलाई में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे, लेकिन बाद में स्वस्थ हो गए थे और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। पुणे के अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा और साथ ही उनके गुर्दे ने अचानक काम करना बंद कर दिया था।मराठावाड़ा क्षेत्र के लातुर से वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर जून 1985 से मार्च 1986 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। निलंगेकर ने अपनी बेटी और उसकी दोस्त की मदद के लिए 1985 में एमडी परीक्षा के नतीजों में छेड़छाड़ के आरोप लगने के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वे 2003 में सुशील कुमार शिंदे के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री बने। 2014 उन्हें अपने पोते संभाजी पाटिल निलंगेकर से हार का सामना करना पड़ा जो उस समय निलंगा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार थे। उससे पहले 1962 से शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर महाराष्ट्र की निलंगा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।---
- - मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप-राहुल गांधी-मेरा भारत महान, महान हमारा हिंदुस्तान- ममता बनजीनई दिल्ली। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अयोध्या में आज हुए राम मंदिर के शिलान्यास का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे राष्ट्रीय एकता एवं सामंजस्य का मार्ग प्रशस्त होगा। विभिन्न नेताओं ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि देश और उन्नति करेगा तथा लोग भगवान राम के आदर्शों का पालन करेंगे।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा-मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं। वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं। राम प्रेम हैं। वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते। राम करुणा हैं। वे कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते। राम न्याय हैं। वे कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर के भूमि पूजन के मौके पर देशवासियों को बधाई दी। केजरीवाल ने ट्वीट किया, भगवान राम का आशीर्वाद हम पर बना रहे। उनके आशीर्वाद से हमारे देश को भुखमरी, अशिक्षा और गरीबी से मुक्ति मिले और भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बने। आने वाले समय में भारत दुनिया को दिशा दे। जय श्री राम! जय बजरंग बली!पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में हैं भाई-भाई! मेरा भारत महान, महान हमारा हिंदुस्तान। उन्होंने ट्वीट किया, हमारे देश ने विविधता में एकता की दशकों पुरानी परंपरा हमेशा बनाए रखी है और हमें अपनी अंतिम सांस तक इसे बनाए रखना चाहिए।केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है और हम सभी इस क्षण की खुशी महसूस कर सकते हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा- भव्य राम मंदिर देश का भी मंदिर है। यह भारत के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और हमारी आध्यात्मिक विरासत का भी जयगान है।कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, हम आशा करते हैं कि त्याग, कर्तव्य, करुणा, उदारता, एकता, बंधुत्व, सद्भाव, सदाचार के रामबाण मूल्य जीवन पथ का रास्ता बनेंगे।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज भगवान राम के मूल्यों पर आधारित समानतावादी समाज बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने ट्वीट किया, भगवान राम का हमारी संस्कृति और सभ्यता में विशिष्ट स्थान है। उनका जीवन हमें सभी के लिए सच, न्याय, समानता, करुणा और भाईचारे की महत्ता की सीख देता है। हमें भगवान राम के मूल्यों पर आधारित समतामूलक समाज बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि भगवान राम सभी के लिए न्याय, सही आचरण, निष्पक्षता और दृढ़ता, नैतिक ईमानदारी तथा साहस के प्रतीक हैं। -
पटना। खगडिय़ा और सहरसा में हुए नाव हादसे में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है। खगडिय़ा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एकनियां घाट के पास मंगलवार की शाम नाव डूबने से लगभग एक दर्जन लोग लापता हो गए, वहीं सहरसा के चिड़ैया ओपी के बगुलबा टोल के पास मंगलवार की शाम आंधी आने से नाव पलट गई, जिससे महिला, पुरुष व बच्चे लापता हो गए। बुधवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने खगडिया में छह और सहरसा हादसे के शिकार तीन लोगों के शव को बरामद कर लिया है। वहीं समाचार लिखे जाने तक अन्य लापता लोगों की तालाश जारी है। डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि पांच किलोमीटर के समीप से टीकारामपुर के लिए नाव खुली थी। नाव पर 25-30 लोग सवार थे। कितने लोग लापता हैं तथा कितने लोग सुरक्षित निकल पाए। सही आंकड़ा सामने नहीं आया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खगडिय़ा में हुए नाव हादसे के बाद नाव पर सवार लगभग डेढ़ दर्जन लोग तैर कर किनारे आ गए, जबकि करीब दर्जन भर लोग नदी में बह गए लापता लोगों में अधिकतर महिलाएं व पुरुष शामिल हैं। एसडीआरएफ की टीम ने छह शवों को निकाला है़ दो मृतक की पहचान सोसाइटी टोला निवासी कोहल यादव की पत्नी रूपम देवी तथा छोटकी यादव की पत्नी विवेका देवी के रूप में गयी है। हालांकि स्थानीय लोगों ने बताया कि शंभू यादव का पुत्र सुशांत कुमार, रंजीत यादव की पुत्री शिवानी कुमारी, दीक्षा कुमारी, रौशन यादव की पत्नवी दुलारी देवी आदि लापता हैं। लापता लोगों में मुंगेर जिले के भी तीन लोग शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि घटना मंगलवार शाम की है। जब सोनवर्षा टीकारामपुर के ग्रामीण मानसी बाजार में जरूरत की सामग्री खरीद कर नाव से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज हवा के कारण नाव एकनियां घाट के समीप बूढ़ी गंडक में पलट गई। पुलिस के अनुसार इंगलिश टोला, देबन टोला, सोनवर्षा, टीकारामपुर पूर्व टोला के दर्जनों लोग मानसी बाजार में जरूरत की सामग्री खरीद कर पांच किलोमीटर के समीप नाव पर सवार हुए थे। एकनियां घाट के समीप जैसे ही नाव पहुंची तेज हवा चलने लगी। तेज हवा के कारण नाव पलट गई। नाव पर सवार लगभग डेढ़ दर्जन लोग तैर कर निकल गए। हालांकि, डीएम की मानें तो नाव पर लगभग 25 से 30 लोग सवार थे।
सहरसा में छह लापता
दूसरी ओर सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) से आ रही जानकारी के अनुसार चिड़ैया ओपी के बगुलबा टोल के पास मंगलवार की शाम आंधी आने से नाव पलट गयी, जिससे महिला, पुरुष व बच्चे लापता हैं। तीन मृतकों में एक चार वर्षीय बच्चा अलानी पंचायत की सरपंच चिड़ैया गांव निवासी सीता देवी का नाती है। ग्रामीणों ने मृत बच्चे के अलावा पांच महिलाओं व चार पुरुषों को बचा लिया गया। लेकिन छह लोग अब भी लापता हैं। ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन बजे शाम में सहुरी गांव के लोग हाट-बाजार करने चिड़ैया आये थे। करीब छह बजे शाम में सभी चढ़कर वापस सहुरी गांव जा रहे थे। नाव बगुलबा टोल से करीब आधा किलोमीटर दूर आगे बढ़ा ही था कि आंधी-तूफान के साथ बारिश में फंस कर डूब गया। - भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद भोपाल के चिरायु अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टरों ने उन्हें घर पर खुद को अलग रखने और सात दिनों के लिए अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने की सलाह दी है।शिवराज सिंह चौहान की तीसरी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई है। 25 जुलाई को शिवराज कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद वह भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती थे।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर यह जानकारी दी और कोरोना वॉरियर को शुक्रिया कहा। उन्होंने लिखा- मैं आज पूर्ण स्वस्थ होकर घर वापस लौटा। मैं डॉक्टर्स, नर्सेज़ सहित पूरी टीम को धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने मेरा सदैव ध्यान रखा। कोरोना वॉरियर नि:स्वार्थ भाव से अस्पताल के प्रत्येक मरीज़ की देखभाल कर रहे हैं। आप भगवान का रूप हैं। आपका यह ऋण मैं कभी नहीं चुका सकता हूं।

- नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय ने आर्किटेक्चर के स्नातक कोर्स में दाखिले के मानदंडों में छूट प्रदान करने की घोषणा की । यह छूट कोविड-19 महामारी और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के आंशिक तौर पर रद्द किये जाने के मद्देनजर दी गई ।केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट किया, कोविड-19 महामारी और देश में कई बोर्डो द्वारा 12वीं कक्षा की परीक्षा के आशिंक तौर पर रद्द किये को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने काउंसिल आफ आर्किटेक्चर की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 2020-21 के लिये बी.आर्क कोर्स में दाखिले की पात्रता में छूट देने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि अब ऐसे उम्मीदवार, जिन्होंने भौतिकी, रसायन शास्त्र और गणित विषयों से 10+2 परीक्षा पास की होगी या गणित के साथ 10+3 डिप्लोमा किया होगा, वे 2020-21 के लिये बी.आर्क कोर्स प्रथम वर्ष में दाखिले के पात्र होंगे ।

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सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर प्रदीप सिंह ने बताए सफलता के फंडे...
अपना ध्यान हमेशा केन्द्रित रखिए और एकाग्रता बनाए रखिए
चंडीगढ़। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर प्रदीप सिंह का कहना है कि उनके लिए नौकरी और परीक्षा की तैयारी में संतुलन कायम करना काफी कठिन रहा। कई बार ऐसा लगा कि उनका ध्यान हट रहा है, लेकिन ऐसे में उनके पिता उन्हें हमेशा प्रेरित करते थे। हरियाणा के सोनीपत जिले के निवासी 29 वर्षीय सिंह का सिविल सेवा परीक्षा में यह चौथा प्रयास था। 2019 में वह भारतीय राजस्व सेवा (सीमाशुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के लिए चुने गए थे। वह फरीदाबाद में राष्ट्रीय अकादमी सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं स्वापक विभाग में परिवीक्षा पर थे। उन्होंने प्रतिष्ठित सिविल सेवा के लिए चुने गए 829 अभ्यर्थियों में शीर्ष स्थान हासिल किया है जिसमें आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इस उपलब्धि को सपना सच होने जैसा करार देते हुए सिंह ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाना चाहते हैं और समाज के गरीब तथा वंचित तबके के लिए काम करने को उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए अध्ययन में निरंतरता और एकाग्रचित्तता बहुत जरूरी है। सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा, यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा है। यह मेरे लिए सुखद आश्चर्य है। मैं हमेशा से आईएएस अधिकारी बनना चाहता था। मैं समाज के गरीब और वंचित तबके के लिए काम करना चाहूंगा। उनके पिता सुखबीर सिंह किसान हैं और वह सिंह के दिल के बेहद करीब हैं।
सिंह ने कहा, यूपीएससी के लिए अध्ययन में निरंतरता और साथ में फोकस चाहिए। जब मैं नौकरी कर रहा था तो एक समय ऐसा आया जब मुझे लगा कि मैं परीक्षा में ध्यान लगाने में विफल हो सकता हूं। लेकिन मेरे पिता मुझे प्रेरित करते रहे। उन्होंने कहा, आज मेरे पिता बहुत खुश हैं। मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है। सिंह की मां गृहिणी हैं, उनके बड़े भाई बीमा क्षेत्र में काम करते हैं और छोटी बहन गणित में एमएससी कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं अपनी बहन को भी बिना किसी दबाव के अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता हूं। सिंह ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जब कोई पढ़ाई और नौकरी के बीच तालमेल बैठाता है तो चुनौतियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ध्यान केन्द्रित रखना मुश्किल लग सकता है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए किसी को भी दृढ़ निश्चयी होना होता है। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए अपने संदेश में सिंह ने कहा कि अपना ध्यान हमेशा केन्द्रित रखिए और एकाग्रता बनाए रखिए। ऐसा वक्त भी आएगा जब आपको लगेगा कि आप नहीं कर पाएंगे, लेकिन उस वक्त आपका दृढ़ निश्चय आपकी मदद करेगा। गर्व से भरे सुखबीर सिंह ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए और वे जो भी प्राप्त करना चाहते हैं, उसके लिए उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।
हरियाणा के सीएम खट्टर ने दी बधाई
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सिंह को बधाई दी और उम्मीद व्यक्त की कि राज्य के अन्य युवा भी उनसे प्रेरणा लेंगे। खट्टर ने ट्वीट किया, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए हरियाणा के बेटे प्रदीप को मेरी ओर से हार्दिक बधाई। मुझे उम्मीद है कि अन्य युवा भी उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आपसे प्रेरणा लेंगे। - - आडवाणी ने रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक की अपनी राम रथ यात्रा का स्मरण कियानई दिल्ली। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास से ठीक एक दिन पहले वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक की राम रथ यात्रा में अपनी भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि यह उनके और सभी भारतीयों के लिए ऐतिहासिक और भावपूर्ण दिन है।पूर्व उप प्रधानमंत्री ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि उनका मानना है कि राम मंदिर एक शांतिपूर्ण सौहार्दपूर्ण राष्ट्र के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा जहां सबके लिए न्याय होगा और कोई भी बहिष्कृत नहीं होगा, ताकि देश राम राज्य की ओर अग्रसर हो, जो सुशासन का प्रतिमान है।आडवाणी को रामजन्मभूमि आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। भाजपा अध्यक्ष के रूप में राम मंदिर निर्माण के लिए जनता को लामबंद करने के मकसद से आडवाणी ने साल 1990 में राम रथ यात्रा निकाली थी। उन्होंने कहा, मैं विनम्रता का अनुभव करता हूं कि नियति ने मुझे वर्ष 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा का दायित्व प्रदान किया और इस यात्रा ने असंख्य लोगों की आकांक्षा, उर्जा और अभिलाषा को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, श्री राम का स्थान भारतीय संस्कृति और सभ्यता की धरोहर में सर्वोच्च है और वे विनीत, मर्यादा और शिष्टाचार के मूर्तरूप हैं। मेरा मानना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को भगवान राम के गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा।उल्लेखनीय है कि 92 वर्षीय आडवाणी को कोरोना महामारी के मद्देनजर उनकी उम्र को देखते हुए शिलान्यास समारोह के लिए आमंत्रित सदस्यों की सूची में नहीं रखा गया है। अब जबकि उनकी यात्रा के तीन दशक के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ होने जा रहा है, आडवाणी ने कहा कि जीवन के कुछ सपने पूरा होने में बहुत समय लेते हैं, लेकिन जब वो चरितार्थ होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई। उन्होंने कहा, ऐसा ही एक सपना जो मेरे हृदय के बहुत पास है अब पूरा हो रहा है। राम जन्मभूमि पर श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी का सपना रहा है और मिशन भी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वे सभी संतों, नेताओं और देश-विदेश के जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान और बलिदान दिया। उन्होंने कहा, मुझे इस बात की भी खुशी है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गए स्पष्ट निर्णय के स्वरूप राम मंदिर का निर्माण बहुत शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हो रहा है। यह भारतीयों के परस्पर संबंधों को मजबूत करने में बहुत सहायक होगा। आडवाणी ने जय श्री राम लिखकर अपने बयान की इतिश्री से पहले उम्मीद जताई श्री राम भारत और उसके लोगों को हमेशा आशीर्वाद दें।---



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