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दुमका/गोड्डा . झारखंड के दुमका और गोड्डा जिलों में रविवार को दो अलग-अलग घटनाओं में डूबने से छह बच्चों की मौत हो गयी। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के पथरिया गांव में चार बच्चे तालाब में डूब गये, जिनमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना तब हुई, जब चारों बच्चे तालाब में नहा रहे थे। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान तनुश्री (10), सुजन कुमारी (12), नंदिनी कुमारी (10) और कुंदन कुमार (12) के रूप में की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी बच्चे पिंडरा के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए एक्स (पूर्व नाम ट्विटर) पर पोस्ट किया, ‘‘पथरिया गांव में नहाने के दौरान तालाब में डूबने से चार बच्चों की मौत की खबर से दुखी हूं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को दुख के इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करें।'' अधिकारियों ने बताया कि गोड्डा जिले के महगामा थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो बच्चों की मौत हो गयी। घटना के वक्त रेहान अंसारी और तौफीक अंसारी धान के खेत में खेल रहे थे। दोनों आठ साल के थे। गोड्डा के पुलिस उपाधीक्षक (एसडीपीओ) एस तिवारी ने बताया, ‘‘बच्चे खेलते समय अचानक गड्ढे में गिर गए और डूब गए।
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अहमदाबाद. भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस से पहले, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को यहां युवाओं से अपील की कि वे देश को एक महान राष्ट्र बनाने के लिए "आजादी के अमृत काल" के 25 वर्षों के दौरान स्वयं को भारत माता के प्रति समर्पित कर दें। शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने यहां अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) द्वारा आयोजित 'तिरंगा यात्रा' को हरी झंडी दिखाई। शाह ने कहा, ‘‘हमें अब देश के लिए जान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम स्वतंत्र हैं। लेकिन, हमें अपने देश के लिए जीने से कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 15 अगस्त 2022 को हर घर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि गुजरात में एक करोड़ परिवारों में से प्रत्येक अपने घर पर तिरंगा फहराएगा, तो पूरा राज्य और देश "तिरंगामय" हो जाएगा। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से 25 साल (2022 से) 15 अगस्त 2047 तक "आजादी का अमृत काल" के रूप में मनाने और इसका उपयोग देश को महान और हर क्षेत्र में नंबर एक बनाने के लिए करने की अपील की है। शाह ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘यह 'अमृत काल' हमारी युवा पीढ़ी के लिए विशेष महत्व रखता है। जैसे युवा पीढ़ी ने 90 वर्षों तक देश की आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया और देश को उपनिवेशवाद की बेड़ियों से मुक्त कराया, वैसे ही आज की युवा पीढ़ी को स्वयं को 2047 तक 25 वर्षों के लिए भारत माता के लिए समर्पित करना होगा और भारत को महान बनाना होगा।'' उन्होंने कहा कि 1857 और 1947 के बीच 90 वर्षों के स्वतंत्रता संग्राम के परिणामस्वरूप, "लोकतंत्र की जननी" भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं विशेष रूप से युवाओं को बताना चाहूंगा कि हमारी आजादी के पीछे लाखों लोगों का बलिदान है... हमारे पूर्वजों का बलिदान सिर्फ एक बलिदान नहीं, बल्कि हम सभी के वास्ते देश के लिए जीने का एक संस्कार है। हमें अब देश के लिए मरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम स्वतंत्र हैं, लेकिन हमें देश के लिए जीने से कोई नहीं रोक सकता।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम आने वाले वर्षों में भारत को महान, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को पूरा करेगा।'' इस अभियान की परिकल्पना 'आजादी का अमृत महोत्सव' के समापन पर भारत की मिट्टी एवं शौर्य और देश की स्वतंत्रता एवं प्रगति की यात्रा का जश्न मनाने के लिए की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव की भावना उत्पन्न करना और भावी पीढ़ियों को भारत की विरासत की रक्षा के लिए प्रेरित करना है। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत केंद्र सरकार 13-15 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' जश्न मना रही है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित लालकिले पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किये गए हैं, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को राष्ट्र को संबोधित करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को 77वें स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी के बीच लालकिले की सुरक्षा के लिए चेहरे की पहचान करने वाले 1,000 कैमरे, ड्रोन रोधी प्रणाली और निगरानी के लिए 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किये गए हैं। लालकिले पर होने वाले कार्यक्रम के लिए दो साल की अवधि के बाद कोविड-19 रोधी कोई पाबंदी नहीं होगी। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जहां काफी लोगों के जुटने की उम्मीद है। पुलिस ने कहा कि हरियाणा के नूंह और आसपास के इलाकों में हाल की हिंसा को ध्यान में रखते हुए कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने सुरक्षा व्यवस्था का विवरण साझा करते हुए कहा, ‘‘इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा, जिसमें कोविड-19 रोधी कोई पाबंदी नहीं होगी। इसलिए, पुलिस की पुख्ता और पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।'' पाठक ने कहा, ‘‘हम सुरक्षा प्रदान करने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय और वास्तविक समय की जानकारी साझा करेंगे। दिल्ली पुलिस सुरक्षा उद्देश्यों के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली का भी उपयोग करेगी। हम तैयार हैं और अभ्यास कर रहे हैं।'' राष्ट्रीय त्योहार के लिए मध्य दिल्ली स्थित लाल किले के सामने ज्ञान पथ को फूलों से सजाया जाएगा, साथ ही यहां जी20 संबंधी बोर्ड भी लगाये गए हैं। हालांकि, किले की प्राचीर पर कोई बड़ी सजावट नहीं होगी, जहां से प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं। सरकार ने यहां स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए देशभर से प्रधानमंत्री-किसान योजना के लाभार्थियों सहित लगभग 1,800 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस साल, 20,000 से अधिक अधिकारी और नागरिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय उत्सव के लिए ज्ञान पथ को फूलों से सजाया जा रहा है और जी20 संबंधी बोर्ड भी लगाये गए हैं।'' पुलिस ने कहा कि लालकिले के अंदर और आसपास एवं अन्य रणनीतिक स्थानों पर चेहरे की पहचान और वीडियो विश्लेषण प्रणाली वाले लगभग 1,000 कैमरे लगाए गए हैं, ताकि अचूक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वीवीआईपी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। परंपरा के अनुसार, लालकिले पर ड्रोन रोधी प्रणाली लगायी गई हैं। वायु रक्षा तोप लगाये जाने सहित आतंकवाद रोधी सभी उपाय किए गए हैं। प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी मेहमानों की सुरक्षा के लिए स्नाइपर, विशिष्ट स्वाट कमांडो और शार्पशूटर रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जाएंगे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बल हाईअलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गश्त तेज कर दी है और केंद्रीय एजेंसियों से प्राप्त खुफिया सूचनाओं के आधार पर महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त पिकेट लगाये गए हैं। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर गहन जांच की जा रही है और पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बाधित करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम के पूरा होने तक लालकिले के आसपास के क्षेत्रों में "पतंग उड़ाना'' निषिद्ध कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि रणनीतिक स्थानों पर आवश्यक उपकरणों के साथ पतंग पकड़ने के लिए कुल 153 व्यक्तियों को तैनात किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि लालकिले के पास के इलाकों के निवासियों को कार्यक्रम खत्म होने तक पतंग नहीं उड़ाने के लिए कहा गया है। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान, एक पतंग मंच के ठीक नीचे आ गिरी थी। हालांकि, प्रधानमंत्री ने बिना किसी चिंता के अपना भाषण जारी रखा था। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस ने भी गश्त और जांच तेज कर दी है। होटल, गेस्ट हाउस, पार्किंग स्थल और रेस्तरां की जांच की जा रही है और किरायेदारों और नौकरों का सत्यापन किया जा रहा है। आरडब्ल्यूए (निवासी कल्याण संघ) और एमडब्ल्यूए (बाजार कल्याण संघ) के सदस्यों के साथ बैठकें भी की जा रही हैं।'' पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले बृहस्पतिवार को राजघाट, आईटीओ और लालकिला जैसे इलाकों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर किये गए पोस्ट में कहा, ‘‘स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर, राजघाट, आईटीओ, लालकिला आदि के आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की सभा की अनुमति नहीं है।'' वर्ष 2021 में, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से लालकिले के मुख्य द्वार पर भित्तिचित्रों से सजाए गए शिपिंग कंटेनर खड़े कर दिये थे। इस साल ऐसी कोई दीवार नहीं होगी। पुलिस ने कहा कि 16 अगस्त तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पैरा-ग्लाइडर, पैरा-मोटर्स, हैंग ग्लाइडर, यूएवी, माइक्रोलाइट विमान, दूर से संचालित विमान, गर्म हवा के गुब्बारे, छोटे आकार के विमान, क्वाडकॉप्टर या विमान की उड़ान प्रतिबंधित है।
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नयी दिल्ली. संसद के नए भवन के निर्माण से जुड़े कई श्रमिकों सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 1,800 ‘विशेष अतिथियों' को 15 अगस्त को लाल किले पर 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और इस ऐतिहासिक स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया कि प्रत्येक राज्य, केन्द्र-शासित प्रदेश से 75 जोड़ों को भी उनके पारंपरिक परिधान में लाल किले में आयोजित होने वाले समारोह को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय समर स्मारक, इंडिया गेट, विजय चौक सहित 12 स्थानों पर सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहल को समर्पित ‘सेल्फी प्वाइंट' बनाये गए हैं। बयान में कहा गया कि लाल किले पर समारोह का हिस्सा बनने के लिए देश भर से विभिन्न पेशों से जुड़े 1,800 लोगों को उनके जीवनसाथी के साथ ‘‘विशेष अतिथि'' के रूप में आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष बड़ी संख्या में अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। विशिष्ट अतिथि के रूप में करीब 1,800 लोगों को उनके जीवनसाथी के साथ आमंत्रित किया गया है। यह पहल सरकार के ‘जनभागीदारी' दृष्टिकोण के अनुरूप की गई है। बयान में कहा गया कि इन विशिष्ट अतिथियों में 660 से अधिक ‘वाइब्रेंट विलेज' के 400 से अधिक सरपंच; किसान उत्पादक संगठन योजना से जुड़े 250 लोग; प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के 50-50 प्रतिभागी; नयी संसद भवन सहित सेंट्रल विस्टा परियोजना से जुड़े 50 श्रम योगी (निर्माण श्रमिक) शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि इसके अलावा खादी कार्यकर्ता, सीमा पर स्थित सड़कों के निर्माण, अमृत सरोवर और हर घर जल योजना से जुड़े लोगों के साथ-साथ प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, नर्स और मछुआरे भी शामिल हैं। इनमें से कुछ विशिष्ट अतिथियों का दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रीय समर स्मारक का दौरा करने और रक्षा राज्यमंत्री श्री अजय भट्ट से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। बयान में कहा गया है कि इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव' समारोह का समापन होगा और 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के सपने को साकार करने के लिए देश नए उत्साह के साथ ‘अमृत काल' में प्रवेश करेगा। ‘आजादी का अमृत महोत्सव' का आगाज प्रधानमंत्री ने 12 मार्च, 2021 को गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से किया था। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय समर स्मारक, इंडिया गेट, विजय चौक, नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रगति मैदान, राजघाट, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन, आईटीओ मेट्रो गेट, नौबत खाना और शीश गंज गुरुद्वारा सहित 12 स्थानों पर सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहल को समर्पित ‘सेल्फी प्वाइंट' बनाये गए हैं। बयान में कहा गया कि इस समारोह के हिस्से के रूप में, रक्षा मंत्रालय द्वारा 15-20 अगस्त तक मायजीओवी पोर्टल पर एक ऑनलाइन सेल्फी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सभी आधिकारिक निमंत्रण ‘आमन्त्रण पोर्टल' के जरिए ऑनलाइन भेजे गए हैं। इस पोर्टल के जरिए 17,000 ई-निमंत्रण कार्ड जारी किये गये हैं। मंत्रालय ने कहा कि लाल किला पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और रक्षा सचिव गिरिधर अरामने करेंगे। बयान में कहा गया कि इसके बाद जनरल ऑफिसर कमांडिंग(जीओसी), दिल्ली क्षेत्र लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ प्रधानमंत्री को सलामी स्थल तक ले जायेंगे। वहां एक संयुक्त इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस गार्ड प्रधानमंत्री को सलामी देंगे। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के ‘गार्ड ऑफ ऑनर' दल में सेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के एक-एक अधिकारी और 25 कर्मी तथा नौसेना के एक अधिकारी और 24 कर्मी शामिल होंगे। भारतीय थल सेना इस वर्ष के लिए समन्वय सेवा की भूमिका में है। ‘गार्ड ऑफ ऑनर' की कमान मेजर विकास सांगवान के हाथों में होगी। मंत्रालय ने कहा कि ‘गार्ड ऑफ ऑनर' के बाद, प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे, जहां उनका स्वागत रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी करेंगे। बयान में कहा गया कि दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्राचीर पर बने मंच तक ले जाएंगे। झंडा फहराए जाने के बाद, तिरंगे को ‘राष्ट्रीय सलामी' दी जाएगी। सेना का बैंड, जिसमें एक जेसीओ और 20 अन्य सैन्यकर्मी शामिल होंगे, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और ‘राष्ट्रीय सलामी' प्रस्तुत करने के दौरान राष्ट्रगान बजाएगा। बैंड का संचालन नायब सूबेदार जतिंदर सिंह करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि मेजर निकिता नायर और मेजर जास्मीन कौर राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। विशिष्ट 8711 फील्ड बैटरी (औपचारिक) के बहादुर बंदूकधारियों द्वारा 21 तोपों की सलामी के साथ, इस कार्यक्रम का समन्वय किया जाएगा। लेफ्टिनेंट कर्नल विकास कुमार सेरेमोनियल बैटरी की कमान संभालेंगे और नायब सूबेदार (एआईजी) अनूप सिंह गन पोजिशन ऑफिसर होंगे। जैसे ही प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, पार्श्व पंक्ति विन्यास में भारतीय वायु सेना के दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर मार्क-3 ध्रुव द्वारा कार्यक्रम स्थल पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके बाद, प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे। बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री के संबोधन के समापन पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट राष्ट्रगान गाएंगे। देश भर के विभिन्न स्कूलों के 1,100 बालक और बालिका एनसीसी कैडेट (सेना, नौसेना और वायु सेना) भाग लेंगे। ज्ञानपथ पर सीट लगाई गई हैं, जिन पर कैडेट आधिकारिक सफेद पोशाक में बैठेंगे। इसके अलावा, समारोह के हिस्से के रूप में एनसीसी कैडेट को ज्ञान पथ पर बैठाया जाएगा। एक अन्य आकर्षण जी-20 प्रतीक चिह्न होगा, जो लाल किले पर फूलों की सजावट का हिस्सा होगा।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 अगस्त को कोलकाता में पोत ‘विन्ध्यागिरी' का अनावरण करेंगी। भारतीय नौसेना ने रविवार को यह जानकारी दी। ‘विन्ध्यागिरी' पोत का नाम कर्नाटक में पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है और यह प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट का छठा पोत है। नौसेना ने कहा कि राष्ट्रपति 17 अगस्त, 23 को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) में पोत का अनावरण करेंगी। नौसेना के एक बयान में कहा गया कि पूर्ववर्ती विन्ध्यागिरी ने 31 साल की सेवा के दौरान कई चुनौतीपूर्ण अभियान और बहुराष्ट्रीय अभ्यासों में भाग लिया था। यह नया पोत तकनीकी रूप से उन्नत है। बयान में कहा गया, ‘‘नव-निर्मित विन्ध्यागिरी भारत के अपने समृद्ध नौसेना इतिहास को अंगीकार करने के दृढ़ संकल्प का प्रतीक होने के साथ-साथ भविष्य में स्वदेशी रक्षा क्षमता को प्रेरित करने को भी दर्शाता है।'' प्रोजेक्ट 17ए कार्यक्रम के अंतर्गत माझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा कुल चार पोत और जीआरएसई द्वारा तीन पोत निर्माणाधीन हैं। परियोजना के पहले पांच पोतों का एमडीएल और जीआरएसई द्वारा 2019-2022 के बीच अनावरण किया गया। नौसेना ने कहा, ‘‘प्रोजेक्ट 17ए पोत को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने देश में ही डिजाइन किया है, जो सभी युद्धपोत डिजाइन गतिविधियों के लिए अग्रणी संगठन है।'' बयान में कहा गया, ‘‘प्रोजेक्ट 17ए पोतों के उपकरणों और प्रणालियों के लिए 75 प्रतिशत ऑर्डर स्वदेशी कंपनियों से पूर्ण किए गए हैं, जिनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भी शामिल हैं।
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नई दिल्ली। केन्द्र ने मुक्त बाजार विक्रय योजना के अंतर्गत ई-नीलामी के माध्यम से पचास लाख टन गेंहू और पच्चीस लाख टन चावल जारी करने का फैसला किया है। चावल का आरक्षित मूल्य 200 रुपये प्रति क्विंटल घटा दिया गया है। अब इसका मूल्य दो हजार 900 रुपये प्रति क्विंटल होगा।
खाद्य और जन वितरण विभाग ने कहा है कि यह कदम गेंहू और चावल का बाजार मूल्य घटाने, मुद्रास्फीति नियंत्रित करने और खाद्य पदार्थ उपलब्धता बढाने के लिए उठाया गया है। यह भण्डार चरणबद्ध तरीके से जारी किया जायेगा। -
नई दिल्ली। लोंगो में देशभक्ति की भावना का संचार करने के उद्देश्य से हर घर तिरंगा अभियान आज से शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी लोगो से आग्रह किया है कि वे 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान में भाग लें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से लोगो से अपील करते हुए श्री मोदी ने कहा कि वे तिरंगे के साथ अपने फोटो हर घर तिरंगा डॉट कॉम पर अपलोड करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि तिरंगा, स्वतंत्रता राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय का तिरंगे के साथ भावनात्मक संबंध है और यह लोगो को राष्ट्र की प्रगति के लिए और अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करता है। अब तक दो करोड़ 19 लाख से ज्यादा लोग तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान की भावना के अनुरूप अपने सोशल मीडिया एकाउंट की डीपी बदलने का भी आग्रह किया है। उन्होंने लोगों से इस अनूठे प्रयास में अपना योगदान देने को कहा जिससे राष्ट्र और लोगों के बीच संबंध और मजबूत होगा।केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि सरकार आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में हर घर तिरंगा अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य सहभागी हिस्सेदारी की भावना और अधिक जन भागीदारी के साथ आजादी का अमृत महोत्सव मनाना है। इस पहल के लिए उच्च गुणवत्ता वाले राष्ट्रीय ध्वज बेचने और वितरित करने के लिए डाक विभाग को नामित किया गया है।नई दिल्ली में कल एक संवाददाता सम्मेलन में संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि डाक विभाग ने इस वर्ष ढाई करोड झण्डों की मांग रखी थी और डाक घरों के माध्यम से 55 लाख झण्डे भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वस्त्र मंत्रालय ने राज्यों को एक करोड तीस लाख झण्डे भेजे हैं। श्री मोहन ने बताया कि राज्यों में स्व:सहायता समूहों द्वारा करोडों झण्डे बनाये जा रहे हैं, जो झण्डों के निर्माण में आत्म निर्भरता की प्रवृत्ति को दर्शाता है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से अपने घरों में तिरंगा फहराने का आग्रह किया है। आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम के पिछले संस्करण में श्री मोदी ने हर घर तिरंगा परम्परा को जारी रखने का आहवान किया। पिछले वर्ष भी यह परम्परा बहुत सफल रही थी और इसमें व्यापक जन भागीदारी देखने को मिली थी। - नासिक. महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर का प्रबंधन करने वाले न्यास ने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का अनुमान लगाते हुए पवित्र श्रावण महीने में वीआईपी दर्शन 15 सितंबर तक बंद कर दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। श्री त्र्यंबकेश्वर देवस्थान न्यास ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘श्रावण मास के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ के मद्देनजर सभी तरह के वीआईपी दर्शन 15 सितंबर तक बंद रहेंगे। लेकिन अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों (वीआईपी) के लिए प्रोटोकॉल के संबंध में केंद्रीय स्तर, राज्य स्तर और जिला कलेक्टर द्वारा लिखित पत्राचार पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी। न्यास कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस अवधि के दौरान भक्तों के लिए 200 रुपये की कीमत पर उपलब्ध वीआईपी दर्शन की सुविधा बंद रहेगी।
- श्रीनगर. कश्मीर में जारी वार्षिक अमरनाथ यात्रा के तहत भगवान शिव के दंड ‘छड़ी मुबारक‘ को 16 अगस्त को पहाड़ी पर स्थिति ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में अनुष्ठान के लिए ले जाया जाएगा। पवित्र छड़ी के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि इस साल दो महीने तक श्रावण मास है और यह ज्योतिष घटना 19 साल के बाद हो रही है इसलिए इस बार अमरनाथ यात्रा का महत्व और बढ़ जाता है। गिरि ने छड़ी मुबारक के अनुष्ठान की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि तीन जुलाई को ‘अषाढ़ पूर्णिमा' के दिन छड़ी मुबारक के शुरुआत के तहत पहलगाम में ‘भूमि पूजन', ‘नवग्रह पूजन' और ‘ध्वजारोहण' किया गया था और अब यह पवित्र दंड 16 अगस्त को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर पहुंचेगा। गिरि ने बताया कि श्रीनगर के डलगेट इलाके में स्थित जबरवन पहाड़ी पर बने मंदिर में अनुष्ठान किए जाएंगे और इसके अगले दिन शहर के अंदरूनी हिस्से स्थित हरी पवर्त के ढलान पर बने शरिका भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना होगी। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को श्री अमरेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़ा में ‘छड़ी स्थापना' का अनुष्ठान होगा। गिरि ने बताया कि 21 अगस्त को नागपंचमी के अवसर पर श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा में ‘छड़ी पूजन' के बाद पवित्र छड़ी ‘पूजन'के लिए अमरनाथ की पवित्र गुफा के लिए रवाना होगी जहां पर 31 अगस्त को ‘श्रावण पूर्णिमा' के दिन सुबह श्रद्धालु ‘दर्शन' कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पवित्र छड़ी मुबारक यात्रा 26-27 अगस्त को पहलगाम में रात्रि विश्राम करेगी इसके बाद 28 अगस्त को चंदनबाड़ी में, 29 अगस्त को शेषनाग में और 30 अगस्त को पंचत्रानी में पड़ाव होगा।
- नयी दिल्ली. नये पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा गठित एक नयी समिति में इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति, संगीतकार शंकर महादेवन, अर्थशास्त्री संजीव सान्याल और 16 अन्य लोगों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) के कुलाधिपति महेश चंद्र पंत 19 सदस्यीय ‘नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग लर्निंग मेटेरियल कमेटी'(एनसीटीसी) की अध्यक्षता करेंगे और तीसरी से 12वीं कक्षा तक की पाठ्यपुस्तकें तैयार करेंगे। कमेटी को पाठ्यपुस्तकें एवं अन्य पठन-पाठन सामग्री तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें एनसीईआरटी प्रकाशित व उपयोग करेगा। कमेटी के उपाध्यक्ष प्रिंसटन विश्वविद्यालय में गणित के प्राध्यापक मंजुल भार्गव होंगे। इसके अन्य सदस्यों में, गणितज्ञ सुजाता रामदोरई, बैडमिंटन खिलाड़ी वी विमल कुमार, सेंटर फॉर पॉलिटी स्टडीज के अध्यक्ष एमडी श्रीनिवास, और भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष चामू कृष्ण शास्त्री शमिल हैं। एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से कई अध्यायों और अंशों को हटाये जाने पर मई में एक विवाद पैदा हो गया था। विपक्षी दलों ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर इतिहास को मिटाने का आरोप लगाया था। वहीं, एनसीईआरटी ने कहा था कि विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर ऐसा किया गया है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन और उर्वरक, और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा है कि आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, देश की लगभग 65% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और 47% आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि एक समयबद्ध गतिविधि है जिसमें उत्पादन और उत्पादकता को अधिकतम करने के लिए सही समय पर सही कृषि-इनपुट की आवश्यकता होती है। कृषि-इनपुट कृषि के आवश्यक तत्व हैं और एक कुशल वितरण प्रणाली कृषि आय की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।श्री मंडाविया ने कहा कि भारत में, इनपुट सेवाओं का नेटवर्क बिखरा हुआ है और साइलो में बीज, उर्वरक, कीटनाशकों और उपकरणों के लिए अलग-अलग डीलर नेटवर्क काम कर रहे हैं। इसके अलावा, मिट्टी, बीज, उर्वरक की जांच की सुविधाएं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से असंबद्ध और टुकड़ों में किसानों तक पहुंचती है। यह व्यवस्था एक समुचित निर्णय लेने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित समग्र जानकारी प्रदान करने में विफल रहता है। जिसका समाधान सरकार द्वारा समर्थित एक छत के नीचे किसानों को समग्र सुविधाएँ प्रदान करने में निहित है, जिस पर किसान भरोसा कर सकें और उसका पालन कर सकें। अतीत में, निजी क्षेत्र ने किसानों के इनपुट और सेवाओं के लिए ऐसे ही केंद्रों के मॉडल को दोहराने की कोशिश की है, लेकिन काफी हद तक असफल रहा।इस प्रकार, मौजूदा उर्वरक खुदरा दुकानों को वन-स्टॉप शॉप समाधान , प्रधान मंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) में बदलने का विचार किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक स्थायी और दीर्घकालिक समाधान के रूप में सामने आया है। इस कार्यक्रम ने देश के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन की शुरुआत की है। किसानों को सशक्त बनाने और कृषि विकास को बढ़ावा देने की दृष्टि से, इस पहल का उद्देश्य कृषि इनपुट, सूचना और सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना, किसानों के जीवन का उत्थान करना और देश की प्रगति में योगदान देना है।श्री मंडाविया ने कहा कि पीएमकेएसके पहल के तहत, लगभग 280,000 सक्रिय खुदरा उर्वरक दुकानें किसानों के लिए व्यापक वन-स्टॉप शॉप में चरणबद्ध रूपांतरण के दौर से गुजर रही हैं। इसके मूल में, पीएमकेएसके किसानों को परेशानी मुक्त तरीके से उर्वरक, बीज और कीटनाशक, ड्रोन सेवाओं और कीटनाशकों सहित छोटी कृषि मशीनरी सहित कृषि-इनपुट की एक विविध श्रृंखला की पेशकश केंद्रित है। एक महत्वपूर्ण पहलू मिट्टी और बीज परीक्षण सुविधाओं का प्रावधान भी है। किसानों को उनकी विशिष्ट मिट्टी और फसल की स्थितियों के बारे में ज्ञान प्रदान करके, ये सुविधाएं उचित निर्णय लेने, अनुकूलित संसाधन उपयोग और उच्च पैदावार को सक्षम बनाती हैं। यह सटीक कृषि और संसाधन-कुशल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, पीएमकेएसके एक ज्ञान केंद्र के रूप में काम करते हैं, जो फसलों और सरकारी कल्याण योजनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी का प्रसार करते हैं। सूचना अंतर को पाटते हुए, ये केंद्र किसानों को सही विकल्प चुनने के लिए सशक्त बनाते हैं, जिससे उनकी दक्षता और आय में वृद्धि होती है।श्री मंडाविया ने कहा कि इसका उद्देश्य लाखों किसानों के जीवन को सरल बनाना है। हाल के घटनाक्रम इसकी सफलता को दर्शाते हैं। 27 जुलाई को राजस्थान के सीकर में आयोजित पीएम-किसान सम्मेलन जैसे एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 125,000 पीएमकेएसके राष्ट्र को समर्पित किए। देश भर के लगभग 20 मिलियन किसानों की व्यापक भागीदारी इस पहल पर अंतिम उपयोगकर्ताओं तक पहुंच की सकारात्मक मुहर दिखाती है।श्री मंडाविया ने कहा कि सफलता का अंदाजा विभिन्न हितधारकों के बीच एकता और गर्व की भावना से भी लगाया जा सकता है। एक हालिया सर्वेक्षण से पता चला है कि केंद्रों पर आने वाले किसानों की संख्या में पहले से ही 15-20% की वृद्धि हुई है और यह पाया गया है कि वे पीएमकेएसके के माहौल और उपलब्ध इनपुट से खुश हैं। इन पीएमकेएसके के माध्यम से नैनो यूरिया की बिक्री भी 6 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उर्वरक कंपनियों द्वारा समर्थित ड्रोन उद्यमी उर्वरकों और रसायनों के छिड़काव को बेहतर तरीके से बढ़ावा देने के लिए धीरे-धीरे किसानों को पीएमकेएसके के साथ जोड़ पा रहा है। राज्यों, केवीके और डीलरों के बीच बढ़ते संबंधों के परिणामस्वरूप ज्ञान और सेवाओं का सफल प्रसार हुआ है।श्री मंडाविया ने कहा कि पीएमकेएसके पहल किसानों को सशक्त बनाने और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने में गेम चेंजर साबित हो रही है। कृषि इनपुट्स और नॉलेज तक पहुंच को सरल बनाकर, आधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ किसानों को सशक्त बनाकर और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देकर, पीएमकेएसके कृषक समुदाय के लिए समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। अटूट सरकारी समर्थन और हितधारकों के सामूहिक प्रयासों से, पीएमकेएसके सकारात्मक बदलाव लाना जारी रखेंगे, देश की कृषि रीढ़ को मजबूत करेंगे और एक संपन्न और आत्मनिर्भर कृषि पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देंगे। (पीआईबी)(डॉ. मनसुख मंडाविया केंद्रीय रसायन और उर्वरक, और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हैं। व्यक्त किये गये विचार व्यक्तिगत हैं।)
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नई दिल्ली। देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने के लिए आज से हर घर तिरंगा अभियान शुरु हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी देशवासियों से 13 से 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में भाग लेने और हर घर तिरंगा डॉट कॉम वेबसाइट पर तिरंगे के साथ फोटो अपलोड करने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि तिरंगा स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय भावनात्मक रूप से तिरंगे से जुडा हुआ है और यह राष्ट्र की प्रगति के लिए और अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करता है। अभी तक छियासठ लाख से भी अधिक लोग तिरंगे के साथ फोटो अपलोड कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत लोगों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट की डिस्प्ले फोटो बदलने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे देश के साथ जनता के संबंध और प्रगाढ होंगे।केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय ने कहा है कि तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करके हर व्यक्ति इस अभियान में शामिल हो सकता है। इसका उद्देश्य सामूहिक और जन-भागीदारी को बढाकर आजादी के अमृत महोत्सव का जश्न मनाना है। इस पहल के तहत डाक विभाग को अच्छी गुणवत्ता के राष्ट्रीय झंडे बेचने और वितरित करने की जिम्मेदारी दी गई है।संस्कृति सचिव श्री गोविंद मोहन ने कहा कि डाक विभाग अब तक 55 लाख झंडे डाकघरों के माध्यम से भेज चुका है। वस्त्र मंत्रालय एक करोड़ 30 लाख झंडे राज्यों को भेज चुका है। श्री मोहन ने कहा कि राज्यों के स्व-सहायता समूह करोड़ों झंडे तैयार कर रहे हैं जो झंडा निर्माण में हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर घरों में तिरंगा फहराने की अपील की है। पिछले महीने आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने हर घर तिरंगा परंपरा इस वर्ष भी जारी रखने की अपील की थी। -
सागर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार के शासनकाल में दलितों, ओबीसी और आदिवासियों को उचित सम्मान मिल रहा है जबकि पिछले शासकों ने इन वर्गों की उपेक्षा की और उन्हें केवल चुनावों के दौरान याद किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारें गरीबों को पानी उपलब्ध कराने में विफल रहीं जबकि उनकी सरकार के दौरान जल जीवन मिशन के कारण दलित बस्तियों, पिछड़े इलाकों और आदिवासी क्षेत्रों को अब नल से जल मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने सागर जिले के बडतूमा में समाज सुधारक और कवि संत रविदास के 100 करोड़ रुपये की लागत वाले मंदिर-सह-स्मारक के निर्माण के लिए भूमि पूजन और आधारशिला रखने के बाद मध्य प्रदेश के सागर जिले के ढाना गांव में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया। भूमि पूजन के बाद मोदी ने संत रविदास की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। समारोह में उन्होंने आगामी स्मारक-सह-मंदिर के लघु मॉडल का भी निरीक्षण किया। ढाना में मोदी ने विभिन्न सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखने के अलावा बीना-कोटा रेलवे लाइन के दोहरीकरण परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों गांवों की मिट्टी और 300 से अधिक नदियों का पानी संत रविदास के आगामी मंदिर-सह-स्मारक का हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि रविदास जी ने उस कालखंड में जन्म लिया जब देश पर मुगलों का शासन था, समाज अस्थिरता, उत्पीड़न और अत्याचार से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय भी रविदास जी समाज को जागृत कर रहे थे, वह उसे बुराइयों से लड़ना सिखा रहे थे। मोदी ने पिछली सरकारों पर दलित एवं वंचित वर्गों की उपेक्षा करने और केवल उन्हें चुनाव के दौरान याद करने का आरोप लगाया। मोदी ने कहा, ''दशकों तक शासन करने वाली सरकारें गरीबों को पानी उपलब्ध कराने में विफल रही हैं, जबकि जल जीवन मिशन के कारण अब दलितों, पिछड़े इलाकों और आदिवासी क्षेत्रों को नल से जल मिल रहा है।'' उन्होंने कहा, "हमारी सरकार दलितों, ओबीसी और आदिवासियों को उचित सम्मान दे रही है।"
कोरोना महामारी के दौर को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने तय किया था कि कोरोनोवायरस प्रकोप के दौरान कोई भी खाली पेट नहीं सोएगा। उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना महामारी में पूरी दुनिया की व्यवस्थाएं ठप्प पड़ गईं, भारत के गरीब, दलित, आदिवासी के लिए हर कोई आशंका जता रहा था, कहा जा रहा था कि समाज का यह तबका कैसे रह पाएगा। तब मैंने तय किया कि चाहे जो हो जाए, मैं अपने गरीब भाई-बहनों को खाली पेट सोने नहीं दूँगा।'' उन्होंने कहा, ''कोरोना वायरस काल में गरीबों के लिए हमारी मुफ्त राशन योजना की दुनिया भर में सराहना हो रही है।'' अधिकारियों के मुताबिक समाज सुधारक को समर्पित यह मंदिर-सह-स्मारक 11 एकड़ भूमि में फैला होगा। यह संरचना संत रविदास की शिक्षाओं को प्रदर्शित करेगी और इसमें एक संग्रहालय, आर्ट गैलरी और अन्य सुविधाओं के अलावा भक्तों के लिए आवासीय सुविधाएं भी होंगी। -
जम्मू. एक दिन के अवकाश के बाद अमरनाथ गुफा मंदिर में ‘बाबा बर्फानी' के दर्शन के लिए 915 तीर्थयात्रियों का नया जत्था शनिवार सुबह स्थानीय भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्री कड़ी सुरक्षा के बीच तड़के साढ़े तीन बजे से पौने चार बजे के बीच 33 वाहनों के काफिले में गुफा मंदिर के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि 97 महिलाओं, 25 साधुओं और तीन साध्वियों सहित 675 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पहलगाम आधार शिविर की ओर तथा 240 श्रद्धालु गांदेरबल जिले के बालटाल आधार शिविर की ओर रवाना हुए। दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए एक जुलाई से 62-दिवसीय यात्रा शुरू हुई थी और अब तक 4.31 लाख से अधिक श्रद्धालु हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी कमी के मद्देनजर अधिकारियों द्वारा जम्मू और कश्मीर से यात्रा को वैकल्पिक रूप से चलाने का निर्णय लेने के बाद शुक्रवार को श्रद्धालुओं का कोई भी काफिला भगवती नगर आधार शिविर से रवाना नहीं हुआ। अधिकारियों ने बताया कि 23 जुलाई को गुफा मंदिर में प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के पिघलने के कारण तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी आई। अमरनाथ यात्रा का समापन 31 अगस्त को होगा।
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नयी दिल्ली. जांच में उत्कृष्टता के लिए ‘केंद्रीय गृह मंत्री पदक' के वास्ते 140 पुलिस अधिकारियों का चयन किया गया है, जिनमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के 15, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के 12 और उत्तर प्रदेश पुलिस के 10 अधिकारी शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक सरकारी बयान के मुताबिक, पदक से सम्मानित होने वालों में 22 महिला अधिकारी हैं। यह पदक 2018 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य अपराध की जांच के उच्च पेशेवर मानकों को बढ़ावा देना और जांच में उत्कृष्टता को मान्यता देना है। इसकी घोषणा हर साल 12 अगस्त को की जाती है। बयान में बताया गया है कि जांच में उत्कृष्टता को लेकर 2023 के ‘केंद्रीय गृह मंत्री पदक' के लिए 140 पुलिस कर्मियों को चुना गया है, जिनमें सीबीआई के 15, एनआईए के 12, उत्तर प्रदेश के 10, केरल और राजस्थान के नौ-नौ, तमिलनाडु के आठ, मध्य प्रदेश के सात और गुजरात के छह कर्मी शामिल हैं। बाकी अधिकारी अन्य राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संगठनों से हैं। -
नई दिल्ली।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2023 (डीपीडीपी बिल) को संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद अपनी मंजूरी दे दी है। डीपीडीपी विधेयक 9 अगस्त को राज्यसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था जबकि लोकसभा ने 7 अगस्त को ध्वनि मत से इस विधेयक को पारित किया था।
विधेयक का उद्देश्य आम लोगों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखना और इसके प्रबंधन के लिए कानून बनाना है। विधेयक के अनुसार, कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत डेटा को उसकी सहमति के आधार पर और कुछ वैध उपयोगों के लिए कानूनी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल कर सकता है। विधेयक में भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड की स्थापना का प्रावधान है। इससे पहले, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य 140 करोड़ भारतीयों के डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि भारत के लगभग 90 करोड़ लोग इंटरनेट से जुड़े हुए हैं और इस डिजिटल दुनिया में लोगों की सुरक्षा और उनके गोपनीयता की सुरक्षा के लिए यह विधेयक लाया गया है। -
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में . शुक्रवार को कार्यवाही तीन बार स्थगित किये जाने के बाद दोपहर डेढ बजे फिर शुरु हुई तो अध्यक्ष ओम बिडला ने समापन टिप्पणियां दीं और इस सत्र के कामकाज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान सदन में 44 घण्टे से अधिक कामकाज किया गया। श्री ओम बिडला ने बताया कि सदन में लगभग 20 घण्टे तक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की गई। श्री बिरला ने कहा कि इस सत्र में सदन में डिजिटल डाटा सुरक्षा विधेयक सहित 22 विधेयक पारित किये गये। कांग्रेस सदस्यों ने कल उनके नेता अधीर रंजन चौधरी के निलंबन को लेकर आज काफी हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरु होते ही उन्होंने यह मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। इस पर उन्होंने हंगामा शुरु कर दिया। बाद में कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस, डीएमके और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सदस्य सदन के बीचों-बीच आ गये और मणिपुर मुद्दे को लेकर नारेबाजी करने लगे। हंगामें के बीच केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर-संशोधन विधेयक 2023 तथा एकीकृत वस्तु और सेवा कर-संशोधन विधेयक 2023 पेश किये गये। बाद में इन्हें चर्चा के बिना पारित कर दिया गया। सदन में भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 भी पेश किये गये। विपक्षी दलों ने श्री अधीर रंजन के निलंबन को लेकर सदन का बहिष्कार किया।
राज्यसभा में दो बार सदन की बैठक स्थगित किये जाने के बाद दोपहर 2 बजे जब फिर शुरू हुई तो सदन में नियमों के उल्लंघन और अपमानजनक आचरण का हवाला देकर आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित कर दिया गया। सदन ने इसी पार्टी के संजय सिंह का निलंबन भी विशेषाधिकार समिति की सिफारिशें आने तक बढा दिया है। उच्च सदन ने केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर-संशोधन विधेयक 2023 तथा एकीकृत वस्तु और सेवा कर- संशोधन विधेयक 2023 लोकसभा को लौटा दिया। बाद में सभापति जगदीप धनखड ने अपने समापन भाषण में सदन के काम-काज में रुकावट डाले जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कारण सदन के 44 घंटे 58 मिनट बेकार हो गये।सदन में पहले स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर सेवा निवृत्त होने वाले सदस्यों को विदाई दी गयी। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर नारेबाजी शुरू कर दी। वे इस पर सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान की मांग कर रहे थे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, वाम और अन्य दलों के सदस्य सदन के बीचों-बीच आ गये। शोरगुल के बीच श्री धनखड़ ने प्रश्न काल चलाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा जारी रहा तो उन्होंने दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।इससे पहले सवेरे सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने श्री अधीर रंजन चौधरी के निलंबन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि श्री चौधरी कई संसदीय समितियों के सदस्य हैं और उनके निलंबन से वे अपना यह कार्य नहीं कर पायेंगे। संसदीय राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने इस पर अपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि श्री चौधरी लोकसभा के सदस्य हैं इसलिए यह मुद्दा इस सदन में नहीं उठाया जाना चाहिए। सदन ने सेवानिवृत्त होने वाले 9 सदस्यों को विदाई दी। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे और सदन के नेता पीयूष गोयल ने इन सदस्यों के योगदान का उल्लेख किया। इस बीच भाजपा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने राजस्थान में कानून और व्यवस्था की स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति व्यक्त की और नारेबाजी शुरू कर दी। इस कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गयी। file photo -
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को ससम में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की। आयोग ने विधानसभा सीटों की संख्या पहले की तरह एक सौ 26 और लोकसभा सीटों की संख्या 14 रखी है। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले एक हजार दो सौ से अधिक अभ्यावेदन पर विचार किया गया। अनुसूचित जाति के लिए विधानसभा में नौ और लोकसभा में एक सीट आरक्षित की गई है। अनुसूचित जनजाति के लिए विधानसभा में 19 और लोकसभा में 2 सीटें आरक्षित की गई हैं। आयोग ने एक संसदीय और 19 विधानसभा क्षेत्रों के नामों में बदलाव किया है।
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नई दिल्ली। संसद ने आज केंद्रीय वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2023 तथा एकीकृत वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2023 पारित कर दिया। लोकसभा ने बिना चर्चा के ये विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिये थे। राज्यसभा ने भी ये विधेयक ध्वनिमत से पारित किये। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ये विधेयक पेश किए।
केंद्रीय वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2023, केंद्रीय वस्तु और सेवा कर अधिनियम 2017 में संशोधन के लिए लाया गया है। एकीकृत वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2023 एकीकृत वस्तु और सेवा कर अधिनियम 2017 में संशोधन करेगा। केंद्रीय वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2023 ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन मनी गेमिंग और वर्चुअल डिजिटल संपत्ति के बारे में बताता है।एकीकृत वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2023 का उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेमिंग को ऑनलाइन जानकारी और डेटा की पहुंच तथा पुनर्प्राप्ति सेवाओं की परिभाषा से बाहर करना है। जीएसटी परिषद की पिछले महीने हुई 50वीं बैठक में कैसीनो, हॉर्स रेसिंग और ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत कर लगाने की सिफारिश की गई थी। -
व्यापारी से 10 लाख रुपये से ज्यादा की लूट
नयी दिल्ली. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में बुधवार-बृहस्पतिवार की दरमियानी रात 20 वर्षीय एक युवक से उसके घर के बाहर बंदूक दिखाकर 10 लाख से ज्यादा रुपये कथित तौर पर लूट लिए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, न्यू सीलमपुर के रहने वाले उरुज से बुधवार देर रात एक बजकर 10 मिनट पर दो संदिग्ध लुटेरों ने बंदूक दिखाकर एक बैग लूट लिया जिसमें 10 लाख 80 हजार रुपये नकद थे। उन्होंने बताया कि उरुज धातु की शीट काटने का काम करता है और वह दूसरे पक्ष को पैसे पहुंचाने के लिए अपने चालक को रुपये देने जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, घटना न्यू सीलमपुर में उसके घर के ठीक बाहर हुई। पुलिस ने कहा कि सीलमपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है। -
कोच्चि. केरल के कोच्चि में कलूर स्थित एक होटल के कमरे में एक महिला की उसके पुरुष साथी ने कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नौशीद (30) को हत्या के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया और बृहस्पतिवार को उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि मृत महिला की पहचान कोट्टयम जिले के चंगनास्सेरी की रेशमा(22) के रूप में की गई है, जबकि आरोपी नौशीद (30) कोझिकोड जिले के बलुस्सेरी का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, कुछ साल पहले रेशमा की मुलाकात आरोपी नौशीद से सोशल मीडिया के जरिये हुई थी।
उसने बताया कि आरोपी नौशीद और रेशमा एक होटल के कमरे में रह रहे थे, जहां आरोपी नौशीद कुछ वर्षों से काम कर रहा था। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘कल रात होटल के कमरे में दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई और आरोपी नौशीद ने रेशमा पर अचानक चाकू से हमला कर उसके पूरे शरीर पर वार किए।'' अधिकारी के मुताबिक, होटल के एक अन्य कर्मचारी ने कमरे से आ रही आवाजें सुनीं और पुलिस को इस बारे में सूचित किया, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि हमले में गंभीर रूप से घायल रेशमा को पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने शुरू में अपराध स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में विस्तृत पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया। अधिकारी के अनुसार, आरोपी‘‘नौशीद के बयान के मुताबिक, वह कुछ वर्षों से रेशमा के साथ प्रेम संबंध में रह रहा था। लेकिन, हाल ही में उसे कुछ संदेह हुआ कि रेशमा उसे कमजोर करने के लिए कोई काला जादू कर रही है।'' पुलिस ने बताया कि आरोपी नौशीद को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। -
मैं मुंबई में होने वाली ‘इंडिया' गठबंधन की बैठक का हिस्सा बनूंगा: जयंत चौधरी
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई में होने वाली विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (इंडिया) की बैठक में भाग लेंगे। चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली सेवा विधेयक पर राज्यसभा में वह शामिल नहीं हुए थे और इसके बाद से उनके भविष्य के कदम के बारे में अटकलों का दौर शुरू हो गया। ‘इंडिया' गठबंधन के सदस्यों ने विधेयक का एकजुट होकर विरोध किया था।
चौधरी ने कहा, ''मैं निश्चित रूप से मुंबई में इंडिया की बैठक में भाग लूंगा।''
विपक्षी दल की पिछली बैठक बेंगलुरु में हुई थी जिसमें चौधरी शामिल हुए थे। - अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद जिले में एक मिनी ट्रक एक खड़े ट्रक से टकरा गया जिससे मिनी ट्रक में सवार 10 लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल हैं।उन्होंने बताया कि यह घटना राजकोट-अहमदाबाद राजमार्ग पर बगोदरा गांव के पास उस समय हुई जब लोगों का एक समूह पड़ोसी सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला से अहमदाबाद लौट रहा था।अहमदाबाद जिले के पुलिस अधीक्षक अमित वसावा ने कहा, “सुबह हुई दुर्घटना में पांच महिलाओं, तीन बच्चों और दो पुरुषों की मौत हो गई।
- नयी दिल्ली। सरकार इस साल उपभोक्ता वस्तुओं, रबड़, कागज और हल्के इंजीनियरिंग उत्पादों के लिये 60 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लाएगी। इस पहल का मकसद खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों के आयात पर लगाम लगाना और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर आदेश ‘काफी बड़े पैमाने पर’ जारी किये जा रहे हैं। अब तक एसी, रेफ्रिजरेटर, पाइप और सुरक्षा वाल्व जैसे 127 से अधिक उत्पादों के लिए 33 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किये गये हैं।उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘फिलहाल, हम भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सहयोग से 60 नये गुणवत्ता नियंत्रण आदेश पर काम कर रहे हैं। यह न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिये बल्कि गुणवत्ता मानकों में सुधार के लिये भी महत्वपूर्ण हैं।’’डीपीआईआईटी में संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि ये आदेश स्मार्ट मीटर, नट, बोल्ट आदि जैसे सामान के लिये जारी किये गये हैं। कानून का उल्लंघन करने पर पहले अपराध के लिये दो साल तक की कैद या कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। दूसरे और उसके बाद के अपराध के लिये जुर्माना बढ़कर न्यूनतम पांच लाख रुपये है।विभाग ने ये आदेश विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के व्यापार में तकनीकी बाधाओं पर समझौते के अनुरूप जारी किये हैं। सरकार की पहल डिजिटल कारोबार के लिये खुला नेटवर्क (ओएनडीसी) के बारे में सचिव ने कहा कि इस पर लेन-देन एक लाख प्रतिदिन को पार कर गया है। अब किसान उत्पादक संगठनों को इससे जोड़ने के लिये काम कर रहे हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे। वे चार हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई रेल और सड़क परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे तथा कुछ की आधारशिला रखेंगे। श्री मोदी कोटा-बीना रेल मार्ग के दोहरीकरण परियोजना का उद्घाटन करेंगे। वे एक हजार 580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली दो सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे। इनमें मोरीकोरी-विदिशा-हिनोतिया को जोड़ने वाली चार-लेन की सड़क परियोजना और हिनोतिया से मेहलुवा तक बनने वाली सड़क शामिल है।
श्री मोदी संत शिरोमणि गुरुदेव श्री रविदास जी स्मारक स्थल पर भूमि पूजन करेंगे। इस स्मारक का निर्माण करीब साढ़े ग्यारह एकड़ क्षेत्र में एक सौ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा।








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