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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के युवराज एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान दोनों देशों पर हुए हमलों की निंदा की। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के कुशलक्षेम के बारे में भी उनसे बात की। अधिकारियों ने बताया, ''प्रधानमंत्री मोदी ने आज टेलीफोन पर बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा से बात की। प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब के युवराज और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से भी बात की। प्रधानमंत्री ने इन दोनों देशों पर हुए हमलों की निंदा की।'' यह बातचीत अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद हुई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, और ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और सऊदी अरब सहित कई अन्य पश्चिम एशियाई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों की ओर कई मिसाइलें दागीं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से बात की थी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और कनाडा 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों के बीच 2025 के जनवरी-अक्टूबर के दौरान द्विपक्षीय व्यापार लगभग आठ अरब डॉलर रहा। मोदी ने यहां भारत-कनाडा सीईओ मंच को संबोधित करते हुए कहा, ''हम अपने द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाना चाहते हैं और उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''इसीलिए, हमने दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।'' मोदी ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था पर दबाव है। ऐसे कठिन समय में भारत और कनाडा के उद्योगपतियों के बीच विचार-विमर्श द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के लिए खाका तैयार करने में सहायक होगा। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि मजबूत घरेलू खपत, बड़े पैमाने पर निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था ने वृद्धि में योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने और कारोबार सुगमता ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद की है। बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 2026-27 के बजट में 130 अरब अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड आवंटन किया है।
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नयी दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सोमवार को कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत निर्धारित की। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा गया है। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। पिछले वर्ष फरवरी में, ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को बरकरार रखा था।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 2024 में ब्याज दर को मामूली रूप से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 8.25 प्रतिशत कर दिया था, जो 2022-23 में 8.15 प्रतिशत थी। ईपीएफओ ने मार्च, 2022 में अपने सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद जमा पर ब्याज दर को 2021-22 के लिए घटाकर चार दशक से अधिक के न्यूनतम स्तर 8.10 प्रतिशत कर दिया था, जो 2020-21 में 8.5 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 8.10 प्रतिशत की दर 1977-78 के बाद सबसे कम थी। उस समय यह दर 8.0 प्रतिशत थी। सूत्रों ने बताया, ''ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले सर्वोच्च निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने सोमवार को अपनी बैठक में 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर देने का निर्णय किया है।'' सीबीटी के निर्णय के बाद, 2025-26 के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की सहमति के लिए भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी के बाद, 2025-26 का ब्याज ईपीएफओ के सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में जमा कर दी जाएगी। ईपीएफओ वित्त मंत्रालय के माध्यम से सरकार की मंजूरी के बाद ब्याज दर प्रदान करता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 2019-20 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को 2018-19 के लिए निर्धारित 8.65 प्रतिशत से घटाकर सात वर्षों में सबसे कम 8.5 प्रतिशत कर दिया था। ईपीएफओ ने 2016-17 में अपने ग्राहकों को 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज दर प्रदान की थी। 2015-16 में ब्याज दर थोड़ी अधिक यानी 8.8 प्रतिशत थी। वहीं वित्त वर्ष 2013-14 और 2014-15 दोनों वर्षों में 8.75 प्रतिशत की ब्याज दर दी, जो 2012-13 की 8.5 प्रतिशत दर से अधिक थी। 2011-12 में ब्याज दर 8.25 प्रतिशत थी।
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मथुरा. सफेद साड़ियों में जिंदगी ने सोमवार को वृंदावन के ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में रंगों की खुली उड़ान भर ली। बरसों तक 'अशुभ' कहकर त्योहारों से दूर रखी गईं विधवा महिलाओं ने हंसी की खनक, भक्ति की स्वर-लहरियों और उड़ते गुलाल के बीच इस बार न सिर्फ होली देखी, बल्कि उसे जीया, जैसे मानो रंगों ने उनके जीवन के सूनेपन पर दस्तक दी हो और कहा हो—अब वर्जनाएं नहीं, बस उत्सव। 'सुलभ इंटरनेशनल' की कार्यकारी संयोजक नित्या पाठक ने बताया कि पांच आश्रमों से आईं 200 से अधिक विधवा महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ उत्सव में भाग लिया। 'बंसी वाले की जय' के गूंजते जयघोषों के बीच वे मंदिर में गाए जा रहे रासिया गीतों की धुन पर थिरकीं और देखते ही देखते एक-दूसरे पर एक हजार किलोग्राम से अधिक फूल तथा 700 किलोग्राम गुलाल उड़ा दिया। नित्या ने कहा, "पूरा मंदिर परिसर भक्ति में डूब गया और महिलाओं में होली खेलने को लेकर अपार उत्साह दिखा गया।" उन्होंने कहा, "बीते वर्षों में हमने इस आयोजन में भाग लेने वाली विधवा महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी है। यह बदलाव की वही आहट है, जिसे इन महिलाओं ने खुले दिल से स्वीकार किया है और अब वे ऐसे उत्सवों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगी हैं।" नित्या ने कहा, "भारतीय समाज में एक समय विधवाओं को अशुभ माना जाता था और उन्हें त्योहारों व सामाजिक आयोजनों में शामिल होने से वंचित कर दिया जाता था। कई महिलाएं तो अपने ही घरों से निकाल दी गईं और शरण की तलाश में वृंदावन आ पहुंचीं, जहां उन्हें अभाव और बेबसी भरा जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा।" उन्होंने कहा कि 2012 में वृंदावन में रहने वाली विधवाओं की दयनीय स्थिति को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने 'सुलभ इंटरनेशनल' को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
मोदी ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात की। हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। भारत शत्रुता शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता को दोहराता है।" यह बातचीत अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हुई है। ईरान ने भी इजराइल और कई अन्य पश्चिम एशियाई देशों पर मिसाइलें दागीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की और इस खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को दिल्ली सरकार की लखपति बिटिया योजना, होली–दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड और बेटियों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) हस्तांतरण का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपति ने यहां के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। सैनिक के रूप में वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। वैज्ञानिक के रूप में प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं। खेल प्रतिस्पर्धाओं में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का तिरंगा लहरा रही हैं। राजनीति, समाजसेवा, प्रशासन तथा व्यापार जगत– सभी क्षेत्रों में महिलाएं नई ऊंचाइयां छू रही हैं। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और डा. पंकज कुमार सिंह मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षित बनाना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उनको प्रोत्साहन एवं सहयोग देना, हम सबका कर्तव्य है। हमें अपनी बेटियों को यह विश्वास दिलाना है कि वे सपने देखने और उन्हें पूरा करने की क्षमता रखती हैं तथा हम उनके सपनों को साकार करने में उनके साथ खड़े हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि नई दिल्ली देश की राजधानी है। यहां देश के हर राज्य और क्षेत्र के लोग रहते हैं। यदि दिल्ली की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित, और आत्मनिर्भर होंगी, समाज के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व प्रदान करेंगी तब पूरे देश में सकारात्मक संदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज दिल्ली के इतिहास में नारी शक्ति के नाम एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। यह केवल योजनाओं का शुभारंभ नहीं है। यह सम्मान का संकल्प है। यह विश्वास का विस्तार है। यह उस शक्ति का अभिनंदन है, जो हर घर की धुरी है, हर परिवार की ताकत है। उन्होंने कहा कि जब बेटी सशक्त होती है, परिवार सशक्त होता है। जब महिला आत्मनिर्भर होती है, समाज आत्मविश्वासी बनता है। और जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है, तब विकसित दिल्ली का मार्ग और स्पष्ट हो जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की नारी शक्ति को अवसर, सुरक्षा और सम्मान मिलेगा, आज का दिन यही संदेश देगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ही विकसित दिल्ली की नई पहचान बनेगी। उन्होंने बहनों, माताओं और प्यारी बेटियों को ढेरों शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सपने देखिए, अपना कल संवारिए, हमारी सरकार हर कदम पर आपके साथ है। -
नई दिल्ली। खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध संकट के बीच बिहार सरकार ने वहां काम कर रहे प्रवासी कामगारों की सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाया है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने दिल्ली स्थित बिहार भवन से विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिससे वहां के लोगों को सहायता मिल सके।श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद के द्वारा दिल्ली स्थित बिहार भवन से विशेष हेल्पलाइन नंबर 7217788114 जारी किया गया है, ताकि विदेशों में रह रहे प्रवासी बिहारियों और उनके परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। हेल्पलाइन जारी करते हुए दीपक आनंद ने कहा, “बिहार सरकार अपने नागरिकों और कामगारों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है ताकि संकट की स्थिति में कोई भी प्रवासी बिहारी खुद को अकेला महसूस न करे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हेल्पलाइन के जरिए प्रवासी कामगार किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता या समस्या के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं। विभाग की टीम 24 घंटे निगरानी रखेगी और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई कर संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।दीपक आनंद ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विदेशों में काम कर रहे बिहार के श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने परिजनों से भी अपील की कि यदि उनके परिवार का कोई सदस्य खाड़ी देशों में कार्यरत है और किसी प्रकार की परेशानी में है, तो वे इस हेल्पलाइन का उपयोग करें।सरकार का मानना है कि संकट की घड़ी में ऐसी पहल न केवल सुरक्षा का भरोसा देती है, बल्कि प्रवासी कामगारों और उनके परिवारों में विश्वास भी मजबूत करती है। बिहार सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर जरूरतमंद प्रवासी तक सहायता पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। -
नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भव्य रूप से कुंभ मेला हरिद्वार में आयोजित किया जाएगा। सीएम धामी सोमवार को देहरादून स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ होली पर्व को मनाया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के साथ देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में तेजी से विकास कर रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कुंभ मेला बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार ने तैयारी के लिए 500 करोड़ रुपए की राशि मंजूरी दी है। राज्य प्रशासन, हमारा मेला प्रशासन, और जिला अधिकारी सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 मार्च को उत्तराखंड की भूमि पर पधार रहे हैं। मुझे पूर्ण उम्मीद है कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में अच्छा मेला आयोजित होगा।दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने, यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन को व्यवस्थित करने तथा कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था करने समेत किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरतने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।धामी ने कहा कि मैं सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। होली एक ऐसा त्योहार है जो लोगों को जोड़ता है और एक-दूसरे के बीच प्यार और रिश्ते को मजबूत करता है। होली के इस शुभ अवसर पर हम राज्य के विकास के लिए पूरे समर्पण के साथ काम करने का संकल्प लेते हैं।एक्स पोस्ट में धामी ने लिखा कि समस्त प्रदेशवासियों को धर्म की अधर्म और भक्ति की अहंकार पर विजय के पावन प्रतीक होलिका दहन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आइए, इस पावन अवसर पर हम सभी अपने जीवन से नकारात्मकता, अहंकार और बुराइयों का त्याग कर प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता के साथ समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देने का संकल्प लें। -
नयी दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे कच्चे तेल के प्रमुख आपूर्ति मार्ग के बंद होने से भारत को निकट भविष्य में कच्चे तेल की आपूर्ति में किसी बड़े व्यवधान का सामना करने की आशंका नहीं है। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कच्चे तेल का भंडार कम से कम 10 दिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बाद तेजी से बदलते घटनाक्रम में इस्लामिक गणराज्य के सर्वोच्च नेता के मारे जाने की खबरें भी शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह संघर्ष बहुत लंबा नहीं चलेगा। हालांकि, शीर्ष अधिकारियों और विश्लेषकों का कहना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो भारत के पास आकस्मिक योजनाएं तैयार हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने 28 फरवरी को कहा था कि अमेरिका और इजरायल के मिसाइल हमलों के जवाब में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा निकासी बिंदुओं में से एक है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। अधिकारियों ने कहा कि कम अवधि के लिए इसके बंद होने से भारत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसके पास ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त आपूर्ति है। उन्होंने आगे कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो देश रूसी तेल की खरीद बढ़ाकर अपने आयात स्रोतों में बदलाव कर सकता है। हालांकि, इसका तत्काल प्रभाव तेल की कीमतों पर दिखेगा। ब्रेंट क्रूड इस सप्ताह सात महीने के उच्चस्तर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। यदि आपूर्ति बाधित होती है, तो कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ सकती हैं। एक अधिकारी ने कहा, ''भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के पास टैंक और पारगमन में मिलाकर 10 से 15 दिन का कच्चा तेल भंडार है। इसके अलावा, उनके ईंधन टैंक भरे हुए हैं, जो देश की 7-10 दिन की ईंधन जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं।'' एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारत वेनेजुएला, ब्राजील और अफ्रीका जैसे दूरदराज के देशों से भी तेल खरीद सकता है।
- पुणे । महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक संस्थान में एमबीए की पढ़ाई करने वाले 84 छात्र पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण दुबई में फंसे हुए हैं। संस्थान ने रविवार को यह जानकारी दी। 'इंदिरा स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज' (आईएसबीएस) के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान के छात्र वार्षिक पांच दिवसीय अध्ययन यात्रा के तहत दुबई गए थे। उन्होंने बताया कि सभी विद्यार्थी सुरक्षित हैं और उन्हें एक होटल में ठहराया गया है।अधिकारियों ने बताया कि 40 विद्यार्थियों को शनिवार को पुणे लौटना था, वहीं शेष 44 छात्र-छात्राओं को रविवार को उड़ान भरनी थी हालांकि, पश्चिम एशिया में संघर्ष व उसके परिणामस्वरूप हवाई क्षेत्र को बंद किये जाने के कारण वे लौट नहीं सकें। शैक्षिक संस्थान के डीन जनार्दन पवार ने बताया, ''सभी सुरक्षित हैं और उन्हें एक होटल में ले जाया गया है।'' 'इंदिरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स' की चेयरपर्सन तारिता शंकर ने बताया कि एमबीए के छात्र और स्टाफ सदस्य अध्ययन यात्रा के तहत दुबई गए थे लेकिन हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वे वहीं फंस गए हैं। उन्होंने बताया, ''सभी छात्र और स्टाफ सदस्य सुरक्षित हैं। हम उनके साथ लगातार संपर्क में हैं। हम विदेश मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। उन्हें जल्द से जल्द वापस लाया जाएगा।'' ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका के हमले में मौत हो गयी।ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की ।इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में उड़ानें बाधित हुईं और संयुक्त अरब अमीरात की वाणिज्यिक राजधानी दुबई पर हवाई हमलों से हुए धमाकों की आवाजें सुनी गयीं।
- कोच्चि । पश्चिम एशिया में संघर्ष के बाद केरल के चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से खाड़ी देशों के लिए निर्धारित अधिकतर उड़ानें रविवार को रद्द रहीं। हालांकि, प्राधिकारियों ने यात्रियों को हवाई अड्डे पर पहुंचने से पहले उड़ान की स्थिति की जांच करने के लिए एक परामर्श जारी किया था, फिर भी राज्यभर के कई यात्री सेवाओं के बहाल होने उम्मीद में हवाई अड्डों पर इंतजार करते रहे। तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (टीआईएएल) से शनिवार दोपहर से अब तक खाड़ी देशों के लिए निर्धारित 37 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी। इनमें से रविवार को निर्धारित 26 उड़ानें भी रद्द कर दी गईं।प्राधिकारियों ने बताया कि इसी तरह, रविवार को कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से खाड़ी देशों के विभिन्न गंतव्यों के लिए निर्धारित छह उड़ानें भी रद्द कर दी गईं। आधिकारिक वेबसाइट पर जारी शेड्यूल के मुताबिक कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से खाड़ी क्षेत्र के लिए निर्धारित 35 उड़ानें रद्द कर दी गईं। हालांकि, कोच्चि से मस्कट के लिए निर्धारित 'ओमान एयर फ्लाइट' सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर संचालित हुई।इसी तरह, सऊदी एयरलाइंस की जेद्दा जाने वाली उड़ान, ओमान एयर की मस्कट जाने वाली उड़ान, इंडिगो की दुबई जाने वाली उड़ान, एयर अरबिया की शारजाह और अबू धाबी जाने वाली उड़ानें, एतिहाद की अबू धाबी जाने वाली उड़ान और स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली उड़ानें वेबसाइट पर निर्धारित दिख रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि कालीकट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खाड़ी क्षेत्र के लिए निर्धारित लगभग 10 उड़ानें रद्द कर दी गईं। सऊदिया एयरलाइंस का एक विमान रियाद से सुबह करीब आठ बजकर 15 मिनट पर हवाई अड्डे पर पहुंचा। यात्रियों की सहायता के लिए विमानन कंपनियों ने चारों हवाई अड्डों पर 'हेल्प डेस्क' स्थापित किए हैं।
- चेन्नई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण रविवार को कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हवाई अड्डा अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। चेन्नई हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि चेन्नई और खाड़ी देशों के बीच संचालित होने वाली कम से कम 18 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। चेन्नई हवाई अड्डे ने एक परामर्श जारी कर विदेश जाने वाले यात्रियों, विशेष रूप से पश्चिम एशियाई देशों के रास्ते यात्रा करने वालों को निर्देश दिया है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से संपर्क कर स्थिति की जांच कर लें। उड़ानें रद्द करने वाली एयरलाइंस में एमिरेट्स, एतिहाद, इंडिगो और गल्फ एयर सहित अन्य शामिल हैं।इस बीच, तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे ने एक परामर्श में कहा कि रविवार को दुबई और तिरुचिरापल्ली मार्ग पर संचालित होने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान रद्द कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई अड्डे पर आने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस से जानकारी ले लें। अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला किया था। जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया। इसी के साथ ईरान ने बहरीन, कुवैत तथा कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में विकास कार्यों का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन तमिलनाडु के विकास के सफर में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी हैं, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को गति देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएंगी। किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 12 वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है। 2014 से अब तक यहां 4000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। आज, मुझे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। 2009 से 2014 तक, रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपए था। 2026-27 में, यह आवंटन बढ़कर 7600 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले वर्ष मैंने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया था। यह भारत का पहला ऊर्ध्वाधर लिफ्ट समुद्री पुल है, जो इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है। यह पुल स्वयं तमिलनाडु में एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में, नौ वंदे भारत और नौ अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। इन हाई-स्पीड ट्रेनों के डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ‘मेक इन इंडिया’ की हमारी परिकल्पना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है।पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में अवसंरचना के लिए आवंटित धनराशि पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है। 2026 का बजट भी इस प्रवृत्ति को जारी रखते हुए तमिलनाडु पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इस बजट में हमने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। ये कॉरिडोर इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। बजट में तमिलनाडु को ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास और विरासत है। आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इससे पहले पीएम मोदी ने थिरुप्परनकुंद्रम में अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना भी की। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक प्रगति, शिक्षा, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल ग्रोथ को गति देने वाली परियोजनाएं शामिल हैं।पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुडुचेरी में होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह सिद्ध संतों, कवियों और स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि है। यहीं पर महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने राष्ट्रवाद की लौ जलाई थी। यहां से श्री अरबिंदो और माता ने पूरी दुनिया को एक नया आध्यात्मिक विजन दिया।उन्होंने कहा, “जब मैं पहले यहां आया था, तो मैंने ‘बीईएसटी पुडुचेरी’ का मंत्र दिया था। ‘बीईएसटी’ का मतलब है ‘बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म’। पिछले साढ़े चार साल में यह विजन रंग लाया है और पुडुचेरी में अच्छा शासन और विकास हुआ है। जब केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश एक ही विजन और लगन से काम करते हैं, तो नतीजे तेजी से और बेहतर होते हैं।”पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी ने प्रति व्यक्ति आय में शानदार बढ़ोतरी दिखाई है। इसने देश में सबसे ज्यादा सामाजिक प्रगति सूचकांक स्कोर भी हासिल किया है। अब, डबल इंजन वाली एनडीए सरकार पुडुचेरी के विकास को और गति देगी। आज 2700 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया जा रहा है।अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पूरे भारत में उच्च-गुणवत्ता वाला बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इस साल के बजट में हमने इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए रिकॉर्ड 12 लाख करोड़ रुपए अलग रखे हैं। इससे पुडुचेरी के लोगों को भी फायदा होगा। हमने पुडुचेरी को पूंजी निवेश योजना के लिए राज्यों को विशेष सहायता के तहत शामिल किया, जो पहले सिर्फ राज्यों के लिए खुली थी। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा फंडिंग का मतलब है बेहतर सड़कें, पानी की सप्लाई, कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्कूल, अस्पताल और ऐसे कई प्रोजेक्ट।पीएम मोदी ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कराईकल के एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और गंगा हॉस्टल, जेआईपीएमईआर में क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण व पांडिचेरी विश्वविद्यालय के नए भवनों और छात्रावासों का लोकार्पण किया। उन्होंने 750 एकड़ में फैले करासूर-सेदरापेट औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके अलावा, पुडुचेरी क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने व जल आपूर्ति प्रणालियों में सुधार के उद्देश्य से अलग-अलग जल आपूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 41 ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पुडुचेरी में हेरिटेज टाउन (विरासत शहर) के विकास और मिष्टी (मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटैट्स एंड टैंजिबल इनकम) योजना के अंतर्गत मैंग्रोव संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया गया
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी पश्चिम एशिया सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सोमवार को व्यापार, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत-कनाडा संबंधों को गहरा करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच एक 'ठोस एजेंडा' के तहत व्यापक वार्ता होगी। यह वार्ता दोनों पक्षों द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को फिर से स्थापित करने के प्रयासों के अंतर्गत होगी, जिसमें 2023 में एक खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद गतिरोध पैदा हो गया था। कार्नी मुंबई में दो दिन बिताने के बाद रविवार को नयी पहुंचे। मुंबई में उन्होंने कई उद्योगपतियों से मुलाकात की। मोदी और कार्नी की मुलाकात इजराइल तथा अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की पृष्ठभूमि में हो रही है, इसलिए दोनों नेताओं से पश्चिम एशिया की समग्र स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि भारत और कनाडा के बीच असैन्य परमाणु सहयोग की दिशा में कुछ प्रगति हो सकती है। भारत प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक है, जिससे उसे कनाडा से यूरेनियम आयात करने की अनुमति मिल सकेगी।
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नवी मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मोदी ने नवी मुंबई के खारघर में गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित 'हिंद-दी-चादर' स्मृति कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी सरकार सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।'' उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता सरकार द्वारा 1984 के (सिख विरोधी) दंगों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किए जाने से दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने कहा, "1984 के दंगों से संबंधित कई मामले बंद कर दिए गए थे। हमने इसे दोबारा खोला, और सरकार ने दंगा प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की भी घोषणा की। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को अधिक सक्रिय भूमिका सौंपी गई।" उन्होंने कहा कि जब अफगानिस्तान में सिख परिवारों की सुरक्षा और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र प्रतियों से संबंधित मुद्दे उठे, तो सरकार ने मिशन मोड में कार्रवाई की। मोदी ने कहा, ''हम मिशन मोड में काम कर रहे हैं। हमारी सरकार अफगानिस्तान से 'सरूप' (श्री गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियां) सुरक्षित वापस लेकर आई। हमने अफगानिस्तान से सिखों और हिंदुओं को नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त किया। सीएए के माध्यम से हमने उत्पीड़ित सिखों को राहत प्रदान की।'' उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के सिख परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज लागू किए गए, जबकि ओसीआई और वीजा नियमों को सरल बनाया गया और सिखों के हजारों ब्लैकलिस्टेड नामों को हटा दिया गया। मोदी ने कहा कि हिंद-दी-चादर जैसी घटनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि इतिहास महज एक स्मृति बनकर न रह जाए, बल्कि "भविष्य का मार्ग" बने। अपने डिजिटल संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, "साहस और सत्य के साथ खड़े रहना आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना गुरु तेग बहादुर के समय में था। जब नई पीढ़ी इन मूल्यों से जुड़ती है, तो परंपरा केवल स्मृति बनकर नहीं रह जाती बल्कि भविष्य का मार्ग बन जाती है। इस बैठक का यही उद्देश्य है। हम न केवल इतिहास को याद करते हैं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास शौर्य, समन्वय और सहयोग से भरा हुआ था और गुरुओं के सर्वोच्च बलिदान ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। मोदी ने कहा कि समाज के हर वर्ग ने उनसे प्रेरणा ली, जिससे समाज को सत्य और संस्कृति के मार्ग पर दृढ़ रहने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने कहा, "जब देश को सामाजिक एकता की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब यह आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि हमारे गुरुओं और संतों का आशीर्वाद हमारे साथ है। इस यात्रा की शुरुआत पिछले वर्ष नागपुर से हुई थी, फिर इसे नांदेड़ में आयोजित किया गया। आज नवी मुंबई की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है।" उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर गुरु तेग बहादुर से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, "सिख समुदाय की आस्था का सम्मान करना और उसकी प्रगति के अवसर पैदा करना सरकार का दायित्व और सम्मान है।"
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मदुरै/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र का "सामूहिक लक्ष्य" एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है, और उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सक्षम बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यहां 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।" उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास है और आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "पुलिकट झील और पोधिगई मलाई के आसपास की पर्यावरण पर्यटन पहल प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।" उन्होंने कहा, "पवित्र और ऐतिहासिक नगर मदुरै में आकर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं मीनाक्षी अम्मन और भगवान सुंदरेश्वर को नमन करता हूं। आज का यह आयोजन तमिलनाडु की विकास यात्रा में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी है, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है।" उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बदल देंगी। उन्होंने याद दिलाया कि भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है और 2014 से राज्य में 4,000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण किया गया है। आज समर्पित रेलवे परियोजनाओं पर मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे ने पिछले दशक में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का अनुभव किया है और यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, "यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने (2014) के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है।" आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2009 से 2014 के दौरान रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपये था। उन्होंने आगे कहा कि 2026-27 में यह बढ़कर 7,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 'वंदे भारत' ट्रेन और 9 'अमृत भारत' ट्रेन से तमिलनाडु के लोगों को लाभ हुआ है और इनके डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित आईसीएफ में किया गया था। तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे के लिए वित्त पोषण पिछले दशक की तुलना में तीन गुना होने पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा, "2026 का बजट तमिलनाडु पर विशेष ध्यान देने के साथ इस प्रवृत्ति को जारी रखता है।" इस बजट में केंद्र सरकार ने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा, "इससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।" प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों के मरकन्नम–पुदुचेरी खंड तथा परमाकुड़ी–रमणाथपुरम खंड को चार लेन बनाने की आधारशिला रखी। उन्होंने तमिलनाडु में आठ पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया और चेन्नई बीच–चेन्नई एग्मोर चौथी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने तमिलनाडु में प्रसारण सेवाओं को और मजबूत करने और क्षेत्रीय कवरेज का विस्तार करने, निर्बाध एफएम प्रसारण सुनिश्चित करने और राज्य के कई जिलों में सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए कुंभकोणम, येरकौड और वेल्लोर में तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया। बाद में, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोदी ने पास के तिरुप्परनकुंद्रम में स्थित प्रसिद्ध अरुलमिगु सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर का दौरा किया। शाम करीब 4.15 बजे पहुंचे प्रधानमंत्री को मंदिर प्रशासन द्वारा "पूर्ण-कुंभ" सम्मान से नवाजा गया।
धोती, कुर्ता और शॉल ओढ़े प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की और बाद में मुख्य देवता की पूजा-अर्चना की। मोदी के साथ राज्यपाल आर.एन. रवि, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और भाजपा के राज्य प्रमुख नैनार नागेंद्रन भी थे। मोदी का इस तीर्थस्थल का दौरा पिछले साल पहाड़ी की चोटी पर स्थित "दीपाथून" (स्तंभ) पर दीपक जलाने की मांग को लेकर हुए विवाद के बाद हुआ है, जिसका मामला अदालत तक पहुंच गया था। -
मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बरसाना और नन्दगांव की लट्ठमार होली के बाद भी ब्रज में होली का उल्लास कुछ कम नहीं हुआ है। प्राचीन परंपरा के अनुसार रविवार को गोकुल की ग्वालिनों ने कान्हा स्वरूप हुरियारों पर प्रेमपगी छड़ियां बरसाईं। जिला प्रशासन के सूत्रों ने यहां बताया कि छड़ीमार होली की शुरुआत सुबह 10 बजे नंद भवन नन्दकिला से ठाकुरजी का डोला (शोभायात्रा) निकालने से हुई जिसके बाद यह डोला नन्द चौक से होकर मुरलीधर घाट पर पहुंचा। उन्होंने बताया कि मंदिर के सेवायत पुजारी मथुरा दास ने ठाकुरजी की आरती उतारी और गोकुल वासियों ने गली-गली में डोले का फूलों की बारिश कर स्वागत किया।
सूत्रों ने बताया कि डोले के साथ गोकुलवासी मस्त होकर नाचते-गाते चल रहे थे और गोकुल की ग्वालिनें भी छड़ी लेकर डोले के साथ-साथ चल रहीं थीं। उन्होंने बताया कि इस बीच, ग्वाल-बालों ने ग्वालिनों से हंसी ठिठोली शुरु की तो पहले तो ग्वालिनों ने उन्हें समझाया, और जब वे नहीं माने तो मुरलीधर घाट पहुंचते-पहुंचते छड़ियों की मार की बरसात शुरू कर दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह वही जगह थी जहां कभी (द्वापर युग में) भगवान श्रीकृष्ण ने भी अपने सखाओं के साथ मिलकर ग्वालिनों से होली खेली थी। सूत्रों ने बताया कि छड़ीमार होली के दौरान हर तरफ अबीर और गुलाल की बरसात होती रही तथा हुरियार ही नहीं, श्रद्धालु भी टेसू के फूलों से बने रंग से तरबतर हो आनन्द लेते रहे। सूत्रों ने बताया कि इस 'प्यार भरी मार' की होली को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोकुल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। -
नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर जिले में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले एक कारखाने में रविवार सुबह हुए धमाके में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गयी और 18 अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह विस्फोट कटोल तहसील के राउलगांव स्थित खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली कंपनी 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' के कारखाने में हुआ। पुलिस ने बताया कि विस्फोट में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गयी और 18 अन्य घायल हो गए।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर पहुंची। एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह घटना कंपनी की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में सुबह सात बजे से सवा सात बजे के बीच हुई। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और वे जल्द ही एक बयान जारी करेंगे।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद घायलों को नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला कलेक्टर विपिन इटांकर और पुलिस अधीक्षक हर्ष पोदार घटनास्थल पर मौजूद थे। यह घटना आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में एक पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट के एक दिन बाद हुई है, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई थी। -
नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आते ही जम्मू-कश्मीर में हड़कंप मच गया। बारामूला और श्रीनगर के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका व इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे।
बारामूला पुलिस ने मौजूदा हालात को देखते हुए सभी मीडिया हाउस, पत्रकारों, सोशल मीडिया यूजर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि रिपोर्टिंग और जानकारी साझा करते समय पूरी जिम्मेदारी बरती जाए। पुलिस ने सभी से आग्रह किया है कि कोई भी खबर प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले इसे ऑफिशियल और भरोसेमंद स्रोत से वेरिफाई कर लिया जाए। अफवाहें या बिना सत्यापित जानकारी फैलाने से बेवजह पैनिक और सार्वजनिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो लोग गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शांति और भाईचारे को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार रिपोर्टिंग और सूचनाओं का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस दिशा में सकारात्मक योगदान दें।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी के बहकावे में न आएं, लोग शहर में शांति बनाए रखें, पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों पर नजर रख रही हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।श्रीनगर में भी सुबह से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थानीय लोगों ने खामेनेई मौत की खबर के बाद नारे लगाते हुए अमेरिका व इजरायल विरोधी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के कारण शहर के कई हिस्सों में पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। पुलिस ने कहा कि फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण है, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से संयम और सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबर पर ध्यान न देने और केवल भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी लेने की सलाह दी गई है। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि नागरिकों की सहयोगात्मक भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी।खामेनेई की मौत की खबर के बाद जम्मू-कश्मीर में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और पुलिस तथा प्रशासन सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जगह-जगह सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। - नयी दिल्ली/मुंबई। भारतीय विमानन कंपनियों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण उत्पन्न परिचालन बाधाओं के चलते रविवार को 350 अंतरराष्ट्रीय उड़ान रद्द कर दीं। पश्चिम एशिया में कई देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण एअर इंडिया तथा इंडिगो ने भी इन हवाई क्षेत्रों में उड़ान रद्द कर दीं। नागर विमानन मंत्रालय ने रविवार को अपराह्न चार बजकर 34 मिनट पर 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण लागू वायु क्षेत्र प्रतिबंधों को देखते हुए एक मार्च को भारतीय घरेलू विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 350 उड़ान रद्द की गई हैं।" रविवार तड़के 1 बजकर 25 मिनट पर मंत्रालय ने एक अन्य पोस्ट में बताया था कि ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों के ऊपर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ान रद्द होने की आशंका है। मंत्रालय ने शनिवार को कहा था कि घरेलू विमानन कंपनियों की 410 उड़ान रद्द की गई हैं।स्पाइसजेट ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के लिए आने-जाने वाली उसकी 33 उड़ान रद्द की गई हैं।एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन दो मार्च को रात 11 बजकर 59 मिनट (भारतीय समयानुसार) तक बढ़ा दिया है। इंडिगो ने भी पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अस्थायी निलंबन को दो मार्च रात 11 बजकर 59 मिनट तक बढ़ाने की घोषणा की है। इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह एयरलाइनों, हवाईअड्डा संचालकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि स्थिति पर निकटता से नजर रखी जा सके और यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। विमानन कंपनियों ने उड़ानों के पुनर्निर्धारण और रद्द होने पर शुल्क में छूट की भी घोषणा की है।एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि 28 फरवरी तक की गई पांच मार्च तक निर्धारित उड़ानों की बुकिंग के लिए यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी उड़ान पुनर्निर्धारित कर सकते हैं या पूर्ण धन वापसी का अनुरोध कर सकते हैं। यह सुविधा पश्चिम एशिया से आने-जाने वाली यात्राओं पर लागू होगी। रविवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (दिल्ली) और छत्रपति शिवाजी महाराज हवाईअड्डे (मुंबई) पर कम से कम 225 उड़ानें (आगमन और प्रस्थान सहित) रद्द की गईं।
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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को विदेशी नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। ताजा हालात की वजह से यात्रा योजनाओं में रुकावट से प्रभावित लोगों से वीजा एक्सटेंशन या रेगुलराइजेशन के लिए नजदीकी फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) से संपर्क करने के लिए कहा गया। एडवाइजरी में कहा गया, “भारत में सभी विदेशी नागरिक, जिन्हें वेस्ट एशिया इलाके में चल रही घटनाओं की वजह से अपने ट्रैवल प्लान बदलने पड़े हैं और जिन्हें अपने वीजा को बढ़ाने या अपने स्टे को रेगुलर करने में मदद चाहिए, उनसे रिक्वेस्ट है कि वे सबसे पास के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) से संपर्क करें। संबंधित एफआरआरओ जरूरी औपचारिकताओं में मदद करेगा।”
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है, जब हाल के सैन्य स्ट्राइक और बढ़ते तनाव के बाद मिडिल ईस्ट में भूराजनीतिक स्थिति अस्थिर बनी हुई है, जिससे कई विजिटर्स और निवासियों के लिए इंटरनेशनल ट्रैवल और वीजा अरेंजमेंट्स पर असर पड़ा है।भारत भी इस इलाके में अपने नागरिकों के लिए अलग से सेफ्टी और ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर रहा है। ईरान पर यूएस-इजरायल के स्ट्राइक के जवाब में, तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से बहुत सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने, तय शेल्टर के पास रहने और इलाके की सुरक्षा स्थिति के बदलने पर स्थानीय न्यूज और आधिकारिक चैनलों से जानकारी लेते रहने की अपील की है।दूतावास ने इमरजेंसी मदद के लिए 24/7 हेल्पलाइन भी जारी की है। ईरान में भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जहां तक हो सके घर के अंदर रहें और गैर-जरूरी मूवमेंट से बचें।वहीं अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी में लिखा, “इलाके के मौजूदा हालात को देखते हुए, यूनाइटेड अरब अमीरात में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें, पूरा ध्यान रखें, सतर्क रहें और यूएई अधिकारियों और दूतावास द्वारा जारी किए जाने वाले सुरक्षा गाइडलाइंस और एडवाइजरी का पालन करें।”भारतीय दूतावास ने लिखा, “अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में कॉन्सुलेट जनरल सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी करेंगे। किसी भी इमरजेंसी सवाल के लिए, यूएई में भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं, टोल फ्री नंबर 800-46342 और व्हाट्सएप नंबर +971543090571।”सीरिया में भारतीय दूतावास ने लिखा कि किसी भी इमरजेंसी सवाल के लिए, सीरिया में भारतीय नागरिक इस नंबर +963-993385973 पर संपर्क कर सकते हैं।इराक में भारतीय दूतावास ने लिखा कि बगदाद में भारतीय दूतावास और एरबिल में भारत का कॉन्सुलेट जनरल सामान्य तरीके से काम कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी करेगा। किसी भी इमरजेंसी सवाल के लिए बगदाद में भारतीय नागरिक इन नंबरों, +964 771 651 1185 (इंग्लिश और हिंदी) और +964 770444 4899 (अरबी), पर संपर्क कर सकते हैं।कतर में भारतीय दूतावास ने कहा कि हमारी एम्बेसी पहले की तरह काम कर रही है। एम्बेसी का 24×7 हेल्पलाइन नंबर 00974-55647502 है और किसी भी सवाल के लिए ईमेल सीओएनएसडॉटएटदीरेटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन है।फिलिस्तीन में भारतीय दूतावास ने कहा कि इमरजेंसी में, कृपया हमसे +970592916418 या आरईपीओएफएफआईसीएटदरेटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन पर संपर्क करें। हम आगे किसी भी मार्गदर्शन के लिए आपकी मदद के लिए तैयार हैं।सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर साझा किया गया है। रियाद में भारतीय एम्बेसी के इमरजेंसी संपर्क 24×7 हेल्पलाइन नंबर 00-966-11-4884697, 00-966-542126748 (सिर्फ व्हाट्सएप), 800 247 1234 (टोल-फ्री) और ईमेल: लीडब्ल्यूडॉटरियादएटदरेटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन पर संपर्क करने के लिए कहा है। -
काकिनाडा. आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनीता ने कहा कि शनिवार को काकिनाडा जिले में एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। गृह मंत्री ने आशंका जताई कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि कई लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अनीता ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख व्यक्त किया।
नायडू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''काकिनाडा जिले के वेत्लापलेम गांव में पटाखा निर्माण इकाई में विस्फोट की घटना में कई लोगों की मौत बेहद दुखद है।" नायडू ने कहा कि उन्होंने दुर्घटना के संबंध में अधिकारियों से बात की और उन्हें पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, ''हम बचाव प्रयासों की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों की सहायता करेंगे।''
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विस्फोट के समय पटाखा बनाने वाली इकाई में लगभग 20 लोग काम कर रहे थे। नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को दुर्घटनास्थल का दौरा करने का निर्देश दिया। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(पीएमजीकेएवाई) तथा भारत सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत चावल के फोर्टिफिकेशन के क्रियान्वयन की समीक्षा की है। इस समीक्षा के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि लाभार्थियों तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए कोई दूसरा तरीका मिलने तक पीएमजीकेएवाई और संबद्ध योजनाओं के तहत चावल के फोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
दरअसल, सरकार ने आईआईटी खड़गपुर को देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में वास्तविक भंडारण परिस्थितियों के तहत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल(एफआरके) और फोर्टिफाइड राइस(एफआर) की शेल्फ लाइफ का आकलन करने हेतु एक अध्ययन सौंपा गया था।रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि नमी की मात्रा, भंडारण की परिस्थितियां, तापमान, सापेक्ष आर्द्रता तथा पैकेजिंग सामग्री जैसे कारक एफआरके और एफआर की स्थिरता एवं शेल्फ लाइफ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक भंडारण और नियमित हैंडलिंग के दौरान इनमें सूक्ष्म पोषक तत्वों में कमी आने तथा शेल्फ लाइफ घटने की आशंका रहती है। यह कमी अपेक्षित शेल्फ लाइफ को वास्तविकता में कम कर रही है और परिणामस्वरूप निर्धारित पोषण संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति सीमित हो रही है। खरीद की मात्रा और वार्षिक उठान को देखते हुए, चावल सामान्यतः दो से तीन वर्ष तक भंडारण में रहता है।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(पीएमजीकेएवाई) तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 372 एलएमटी के वार्षिक आवंटन के मुकाबले, केंद्रीय पूल में कुल उपलब्धता 674 एलएमटी रहने का अनुमान है, जिसमें केएमएस 2025–26 से प्राप्त होने वाली मात्रा भी शामिल है।इन निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जब तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए कोई अधिक सुदृढ़ और प्रभावी तंत्र विकसित कर उसे क्रियान्वित नहीं किया जाता, तब तक चावल के फोर्टिफिकेशन को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।आपको बता दें, फोर्टिफिकेशन प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद करने के इस निर्णय से खाद्यान्न की पात्रता में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी और इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएस), एकीकृत बाल विकास सेवाएं(आईसीडीएस) या मिड-डे मील योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।केएमएस 2025–26(खरीफ फसल) तथा केएमएस 2024–25 से लंबित प्राप्तियों के लिए, एक संक्रमणकालीन व्यवस्था के रूप में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को परिचालन और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, अपने विवेक से फोर्टिफाइड चावल या गैर-फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति करने की फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान की गई है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेशनल साइंस डे पर कहा कि जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है तो संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है, तो जब ज्ञान और विज्ञान से हमारा परिचय होता है, तो संसार की सभी समस्याओं और संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है। उन्होंने कहा कि समाधान का, विकास का और नवाचार का आधार विज्ञान ही है।
प्रधानमंत्री मोदी एक्स पोस्ट आगे लिखा कि नेशनल साइंस डे पर हम रिसर्च, इनोवेशन और साइंटिफिक जिज्ञासा की भावना का जश्न मनाते हैं जो हमारे देश को आगे बढ़ाती है। यह दिन सर सीवी रमन की रमन इफ़ेक्ट की अहम खोज की याद में मनाया जाता है। इस खोज ने भारतीय रिसर्च को दुनिया भर में मजबूती से जगह दिलाई। हम अपने युवाओं को मजबूत बनाने, रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने और देश के विकास और दुनिया की भलाई के लिए साइंस और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का अपना इरादा दोहराते हैं।वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की ऐतिहासिक खोज ने भारत को वैज्ञानिक गौरव की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। डॉ. सी. वी. रमन की यह उपलब्धि भारतीय प्रतिभा, शोध और नवाचार की वैश्विक पहचान बनी।”आज भारत अंतरिक्ष अनुसंधान से लेकर हरित ऊर्जा, जैव-प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचार तक विश्व समुदाय में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। चंद्रयान और गगनयान जैसे अभियानों से लेकर सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं तक, भारतीय विज्ञान वैश्विक समाधान प्रस्तुत कर रहा है। विज्ञान हमारे आत्मनिर्भर भारत का प्रेरक बल है। यह दिवस हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान और नवाचार को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश देता है। राष्ट्र निर्माण में समर्पित सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को साधुवाद, जिनकी प्रतिभा और परिश्रम भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।”विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर, हमारे साइंटिस्ट और इनोवेटर्स को बधाई, जिनकी लगन और मेहनत ज्ञान की सीमाओं को लगातार बढ़ा रही है। एआई, स्पेस, डिफेंस और आईटी से लेकर हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और रिन्यूएबल एनर्जी तक, आपकी कामयाबियां भारत के युवाओं को प्रेरित कर रही हैं, हमारी इकॉनमी को मजबूत कर रही हैं, नेशनल सिक्योरिटी को बढ़ा रही हैं और ज़िंदगी को बेहतर बना रही हैं।






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