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- दावोस । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उनका देश ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने के लिए बल प्रयोग नहीं करेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि केवल अमेरिका ही खनिज-समृद्ध इस द्वीप की रक्षा कर सकता है। ग्रीनलैंड का मुद्दा अमेरिका के यूरोप के साथ बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के केंद्र में है।ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका में आर्थिक प्रगति हो रही है जबकि यूरोप ‘‘सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है''। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने 70 मिनट लंबे भाषण में कहा, ‘‘ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है, तथा ग्रीनलैंड की रक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता है।'' उन्होंने शुल्क, पर्यावरण और आव्रजन सहित कई मुद्दों पर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सहयोगियों पर तीखा हमला किया। उनके भाषण के बाद 20 मिनट का प्रश्नोत्तर सत्र हुआ।ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अपना दावा जताते हुए कहा, ‘‘हमने खूबसूरत डेनमार्क के लिए लड़ाई लड़ी, जो एक भूमि नहीं, बल्कि हिमखंड का एक बड़ा टुकड़ा है, जो ठंडे और दुर्गम स्थान पर स्थित है। यह उस चीज की तुलना में बहुत छोटी मांग है जो हमने उन्हें कई दशकों तक दी है। इसे वापस देना हमारी मूर्खता थी।'' उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को लगा कि मैं बल प्रयोग करूंगा। मुझे बल प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं है। मैं बल प्रयोग नहीं करूंगा।'' ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क का अर्धस्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड अमेरिका, रूस और चीन के बीच एक रणनीतिक स्थान पर स्थित है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका को इसकी रणनीतिक कारणों से जरूरत है, दुर्लभ खनिजों के लिए नहीं।''ट्रंप ने कहा कि केवल अमेरिका ही ग्रीनलैंड की रक्षा कर सकता है, और कई यूरोपीय देशों ने भी कई क्षेत्रों पर कब्ज़ा किया है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब हमने ग्रीनलैंड को बचाया और डेनमार्क को सौंप दिया, तब हम एक महाशक्ति थे, लेकिन अब हम उससे कहीं अधिक शक्तिशाली हैं।'' ट्रंप ने दावोस में अपने भाषण के दौरान डेनमार्क को ‘कृतघ्न' करार दिया। उन्होंने अमेरिका द्वारा डेनमार्क से ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए तत्काल बातचीत का आह्वान किया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने की अपनी योजना का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी थी। राष्ट्रपति ने अमेरिका की आर्थिक शक्ति और वैश्विक समृद्धि पर भी बात करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका इस ग्रह का आर्थिक इंजन है...हम प्रतिभाशाली लोगों की रक्षा करना चाहते हैं क्योंकि ऐसे लोग बहुत कम हैं।'' उन्होंने कहा कि अमेरिका को शुल्क से जो पैसा मिल रहा है, उसका उपयोग देश और उसके लोगों के हित में विवेकपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि ‘‘जब अमेरिका आर्थिक रूप से फलता-फूलता है, तो पूरी दुनिया आर्थिक रूप से फलती-फूलती है।'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘‘बहुत सारे दोस्तों'' और ‘‘कुछ दुश्मनों'' का अभिवादन करते हुए की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी उन्हें चुनकर बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दो साल पहले हम एक मृत देश थे, लेकिन अब हम फिर से जीवित हो गए हैं।'' ट्रंप ने कहा, ‘‘हम दूसरे देशों पर कर बढ़ा रहे हैं ताकि उनसे हुए नुकसान की भरपाई कर सकें।''वेनेजुएला के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह कई वर्षों तक एक अद्भुत जगह रही है, लेकिन गलत नीतियों के कारण यह बर्बाद हो गई। ट्रंप ने कहा, ‘‘हमला खत्म होने के बाद वेनेजुएला ने कहा कि चलो एक समझौता करते हैं।''उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश अगले छह महीनों में उतना पैसा कमाएगा जितना उसने छह वर्षों में कमाया था। राष्ट्रपति ने ‘पर्यावरण लॉबी' पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि चीन ‘‘यूरोप के मूर्ख लोगों को पवनचक्कियां बेचकर खूब पैसा कमा रहा है।'' ट्रंप ने टिप्पणी की कि चीन में कोई पवनचक्की नहीं दिखती। उन्होंने कहा, ‘‘पवनचक्कियां पक्षियों को मारती हैं, और मूर्ख लोग इन्हें खरीदते हैं... ऊर्जा से पैसा कमाना चाहिए, न कि नुकसान करना चाहिए। लोगों को तब नुकसान होता है जब उनकी जमीन पर पवनचक्कियां लग जाती हैं।'' ट्रंप ने कनाडा का जिक्र करते हुए कहा कि उसे अमेरिका से बहुत सी मुफ्त सुविधाएं मिलती हैं और उस देश को अमेरिका का आभारी होना चाहिए। ट्रंप ने कहा, ‘‘मैंने उनसे ऐसा करने को कहा, क्योंकि आप लोग 30 सालों से हमें धोखा दे रहे हैं।''उन्होंने कहा कि वह हर देश के साथ काम करना चाहते हैं और किसी को बर्बाद नहीं करना चाहते, ‘‘लेकिन उन्हें करों का भुगतान न करके पैदा हुए घाटे की भरपाई करनी होगी।''
- दावोस।” विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में जहां वैश्विक नेता सुस्त आर्थिक वृद्धि और बढ़ते जलवायु जोखिमों पर चिंता जता रहे हैं, वहीं भारतीय प्रतिनिधिमंडल देश की मजबूत वृद्धि दर और पर्यावरण अनुकूल उपायों को प्रमुखता से पेश कर रहा है।भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने सतत विकास और ग्रिड स्थिरता के लिए निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है। जोशी ने बताया कि भारत ने डिजिटलीकरण और स्मार्ट मीटरिंग के जरिए अपने ग्रिड का आधुनिकीकरण शुरू कर दिया है, जिसने व्यवस्था को मजबूत किया है और नागरिकों को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे ही जल्द चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, अब मुख्य आवश्यकता ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने की है। 'ग्रिड स्थिरता' का मतलब बिजली के नेटवर्क (ग्रिड) में उत्पादन (आपूर्ति) और खपत के बीच निरंतर संतुलन बनाए रखना है। मंत्री ने कहा कि भारत निवेश पर शानदार रिटर्न प्रदान करता है, जिसे एक स्थिर नियामक व्यवस्था और सुसंगत नीतियों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इन्हीं नीतियों ने भारत को एक 'नाजुक अर्थव्यवस्था' से बदलकर वैश्विक वृद्धि के नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने में मदद की है। जोशी ने कहा कि कम गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए), नियंत्रित मुद्रास्फीति, बढ़ते उत्पादन और तेजी से सुधरते बुनियादी ढांचे के साथ भारत निवेश के लिए आकर्षक अवसर पेश कर रहा है।झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश के 42 प्रतिशत खनिज संसाधन झारखंड में हैं, जो देश के विकास के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने संसाधनों की रक्षा के साथ-साथ राज्य में समृद्धि लाने पर जोर दिया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, "गुजरात बड़े पैमाने पर पर्यावरण अनुकूल उपायों का उदाहरण पेश करता है। इसने अपनी औद्योगिक क्षमता को संतुलित विकास और संसाधन दक्षता के मॉडल में बदल दिया है।" उन्होंने कहा कि गुजरात लंबे समय से भारत का 'विकास इंजन' रहा है, जो राष्ट्रीय जीडीपी, निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र में अपना बड़ा योगदान दे रहा है।आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि भविष्य के लिए स्थिरता के हमारे चार प्रमुख स्तंभ हैं पारिस्थितिकी तंत्र को प्राथमिकता, व्यापार करने की गति, तीसरा, पर्यावरण अनुकूल रोजगार और कौशल में निवेश और नीतिगत निश्चितता एवं दक्षता। सीआईआई ‘इंडिया सस्टेनेबिलिटी टास्कोफोर्स' के अध्यक्ष और एलएसई में अतिथि प्रोफेसर जयंत सिन्हा ने सरकार से चार क्षेत्रों में सहयोग की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, "पहला क्षेत्र रिपोर्टिंग और मानकों से जुड़ा है, दूसरा हरित वित्त एजेंसी का गठन, तीसरा ग्रिड का डिजिटलीकरण और चौथा कार्बन बाजारों का विस्तार करना है।"
- दावोस ।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वह अपने ‘‘मित्र'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और वह एक अच्छा व्यापार समझौता करने जा रहे हैं। ‘मनीकंट्रोल' ने ट्रंप के हवाले से अपनी खबर में कहा, ‘‘मेरे मन में आपके प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) के लिए बहुत सम्मान है। वह एक शानदार व्यक्ति हैं और मेरे मित्र भी हैं। हम एक अच्छा (व्यापार) समझौता करने जा रहे हैं।'' खबर में कहा गया है कि उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में यह टिप्पणी की। ट्रंप विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए दावोस में थे।
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काठमांडू। नेपाल में ‘जेन जेड' के विरोध प्रदर्शनों के महीनों बाद पांच मार्च को कराए जा रहे आम चुनाव में चार पूर्व प्रधानमंत्री भी अपनी किस्मत आजमाएंगे। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के अध्यक्ष और ‘जेन-जेड'आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री पद छोड़ने को मजबूर हुए के पी शर्मा ओली ने आगामी चुनाव के लिए झापा-5 सीट से नामांकन दाखिल किया है। वहीं, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहाल ‘प्रचंड' रुकुम पूर्व से किस्मत आजमा रहे हैं। दो अन्य पूर्व प्रधानमंत्रियों, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के माधव कुमार नेपाल और प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी के बाबूराम भट्टराई ने क्रमशः रौतहट-1 और गोरखा-2 निर्वाचन क्षेत्रों से नामांकन दाखिल किया है।
हालांकि, दो अन्य पूर्व प्रधानमंत्री नेपाली कांग्रेस के नेता शेर बहादुर देउबा और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता झाला नाथ खनाल इस दौड़ में शामिल नहीं हैं। नेपाल में ‘जेन-जेड' युवाओं के नेतृत्व वाले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद ओली ने नौ सितंबर को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद देश में आम चुनाव आवश्यक हो गए थे। वरिष्ठ पत्रकार और आर्थिक दैनिक के संपादक प्रह्लाद रिजाल का कहना है, ‘पिछले साल सितंबर में ‘जेन जेड' के विद्रोह का एक मुख्य कारण यह था कि पिछले 15 वर्षों में, तीन शीर्ष नेताओं, देउबा, प्रचंड और ओली एक के बाद एक प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के लिए जोड़-तोड़ करते रहे।'' उन्होंने कहा, ‘जेन जेड' (1997 से 2012 के बीच जन्में बच्चे) के युवा बदलाव चाहते थे और उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे पुराने नेतृत्व से तंग आ चुके हैं। इसके बावजूद, हमारे पास ये चार नेता हैं जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है।'' ओली 74 वर्ष के हैं, प्रचंड और भट्टाराई दोनों की उम्र 71 साल है। माधव कुमार नेपाल 72 वर्ष के हैं।
इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे दो पूर्व प्रधानमंत्रियों में से, खनाल ने स्वेच्छा से दौड़ से दूर रहने का विकल्प चुना है, जबकि देउबा को अपनी ही पार्टी के युवा नेताओं के प्रतिरोध के कारण मैदार से बाहर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। शिक्षाविद और राजनीतिक विश्लेषक धनंजय शर्मा ने कहा, देउबा अपने दादेलधुरा निर्वाचन क्षेत्र से आठवीं बार चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी के नव निर्वाचित अध्यक्ष गगन थापा ने अंततः उन्हें ‘जेन जेड' की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव से दूर रहने के लिए मना लिया। -
वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या कराई तो अमेरिका ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। ट्रंप ने ‘न्यूजनेशन' के कार्यक्रम ‘केटी पॉवलिच टुनाइट' को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मेरे बहुत सख्त निर्देश हैं कि अगर कुछ होता है, तो वे उन्हें नक्शे से मिटा देंगे।'' इससे पहले ईरान ने ट्रंप को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई करने पर चेतावनी दी थी। दरअसल ट्रंप ने खामेनेई के लगभग 40 वर्षों के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया था जिसके कुछ दिनों बाद ईरान ने ट्रंप को यह चेतावनी दी। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबुलफजल शेकारची ने कहा, ‘‘ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर हाथ भी बढ़ाया गया तो हम न केवल उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी दुनिया में आग लगा देंगे।'' ट्रंप ने पूर्व में कहा था कि उन्होंने अपने सलाहकारों को निर्देश दिया है कि अगर ईरान उनकी हत्या कराता है तो ईरान को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए।
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नयी दिल्ली. नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स एजेंसी से सेवानिवृत्त हो गई हैं। सुनीता ने 27 साल के अपने शानदार करियर के दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तीन मिशन पूरे किये और मानव अंतरिक्ष उड़ान के कई रिकॉर्ड भी बनाये। विलियम्स (60) इस समय भारत दौरे पर हैं। उन्होंने मंगलवार दोपहर को यहां अमेरिकी केंद्र में आयोजित एक संवाद सत्र में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम स्थल पर ‘‘नजर सितारों पर, पैर जमीन पर'' शीर्षक वाले पोस्टर लगाए गए थे जिनमें विलियम्स को ‘नासा की सेवानिवृत्त अंतरिक्ष यात्री और अमेरिकी नौसेना की सेवानिवृत्त कप्तान' के रूप में वर्णित किया गया था। उन्होंने संवाद के दौरान उस समय के अपने अनुभवों को भी साझा किया जब वह अंतरिक्ष में फंस गई थीं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए आठ दिवसीय मिशन विलियम्स के जीवन की सबसे बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि उनकी बोइंग अंतरिक्ष उड़ान में समस्याएं उत्पन्न हो गई थीं। इसके कारण कक्षा में उनका प्रवास नौ महीने से भी लंबा खिंच गया था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 20 जनवरी को जारी बयान में कहा, ‘‘27 वर्ष की सेवा के बाद नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स एजेंसी से सेवानिवृत्त हो गईं और उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुई। विलियम्स ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तीन मिशन पूरे किए और अपने करियर के दौरान मानव अंतरिक्ष उड़ान के कई रिकॉर्ड बनाए।'' अमेरिकी नौसेना की पूर्व कैप्टन विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका में ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पंड्या गुजराती थे और मेहसाणा जिले के झुलासण के रहने वाले थे जबकि उनकी मां उर्सुलिन बोनी पंड्या स्लोवेनिया की थीं। बयान में नासा के प्रशासक जैरेड आइजैकमैन के हवाले से कहा गया, ‘‘सुनी विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में अग्रणी रही हैं जिन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने नेतृत्व के जरिए अन्वेषण के भविष्य को आकार दिया और पृथ्वी की निचली कक्षा में वाणिज्यिक मिशन का मार्ग प्रशस्त किया।'' उन्होंने कहा, ‘‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में उनके योगदान ने चंद्रमा पर आर्टेमिस मिशन और मंगल ग्रह की ओर प्रगति की नींव रखी है।...आपकी इस शानदार सेवानिवृत्ति पर हार्दिक बधाई और नासा एवं हमारे राष्ट्र के प्रति आपकी सेवा के लिए धन्यवाद।'' विलियम्स ने अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए। यह नासा के किसी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में बिताए कुल समय के मामले में दूसरा स्थान है। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष उड़ान भरने की सूची में वह छठे स्थान पर हैं। वह इस मामले में नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर के साथ संयुक्त रूप से छठे स्थान पर है। विलियम्स ने नौ ‘स्पेसवॉक' (अंतरिक्ष में चहलकदमी) भी कीं जिनकी कुल अवधि 62 घंटे और छह मिनट रही। यह किसी महिला द्वारा सबसे अधिक समय तक ‘स्पेसवॉक' का रिकॉर्ड है। कुल ‘स्पेसवॉक' अवधि की सर्वकालिक सूची में उनका चौथा स्थान है। नासा ने कहा कि वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति भी हैं। मैसाचुसेट्स के नीडहैम की रहने वाली विलियम्स के पास ‘यूनाइटेड स्टेट्स नेवल एकेडमी' से भौतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री और फ्लोरिडा के मेलबर्न स्थित ‘फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' से इंजीनियरिंग प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री है। बयान में कहा गया है कि अमेरिकी नौसेना की सेवानिवृत्त कैप्टन विलियम्स एक कुशल हेलीकॉप्टर एवं ‘फिक्स्ड-विंग' विमान पायलट हैं और उन्होंने 40 अलग-अलग विमानों में 4,000 से अधिक घंटे उड़ान भरी हैं। बयान में विलियम्स के हवाले से कहा गया, ‘‘जो कोई भी मुझे जानता है, उसे पता है कि अंतरिक्ष मेरा सबसे पसंदीदा स्थान है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अंतरिक्ष यात्री कार्यालय में सेवाएं देना और अंतरिक्ष में तीन बार उड़ान भरने का अवसर मिलना मेरे लिए अविश्वसनीय सम्मान रहा है। नासा में 27 साल का मेरा करियर अद्भुत रहा और यह मुख्य रूप से मेरे सहकर्मियों से मिले अत्यधिक प्रेम एवं समर्थन की वजह से संभव हो पाया।'' अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, वहां के लोग, इंजीनियरिंग और विज्ञान वास्तव में विस्मयकारी हैं और इन्होंने चंद्रमा एवं मंगल ग्रह की खोज के अगले चरणों को संभव बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हमने जो नींव रखी है, उससे ये साहसिक कदम उठाना थोड़ा आसान हो गया होगा।'' विलियम्स ने दिसंबर 2006 में एसटीएस-116 के साथ स्पेस शटल डिस्कवरी पर सवार होकर पहली बार उड़ान भरी और एसटीएस-117 के दल के साथ स्पेस शटल अटलांटिस पर सवार होकर वापस लौटीं। उन्होंने ‘एक्सपेडिशन 14/15' के लिए ‘फ्लाइट इंजीनियर' के रूप में सेवाएं दीं और मिशन के दौरान तब-रिकॉर्ड चार ‘स्पेसवॉक' पूरे किए। विलियम्स ने 2012 में कजाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से ‘एक्सपेडिशन 32/33' की सदस्य के रूप में 127 दिन के मिशन के लिए उड़ान भरी। उन्होंने ‘एक्सपेडिशन 33' के लिए अंतरिक्ष स्टेशन की कमांडर के रूप में भी सेवाएं दीं। बयान में कहा गया कि मिशन के दौरान विलियम्स ने स्टेशन के रेडिएटर में रिसाव की मरम्मत करने और उस घटक को बदलने के लिए तीन ‘स्पेसवॉक' किए, जो स्टेशन के सौर पैनल से उसकी प्रणालियों तक बिजली पहुंचाता है। विलियम्स और विलमोर ने नासा के ‘बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन' के तहत जून 2024 में स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी थी। वे ‘एक्सपेडिशन 71/72' में शामिल हुए और विलियम्स ने ‘एक्सपेडिशन 72' के लिए फिर अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभाली। उन्होंने इस मिशन के दौरान दो ‘स्पेसवॉक' पूरे किए और एजेंसी के स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन के तहत मार्च 2025 में पृथ्वी पर लौटीं। नासा जॉनसन में अंतरिक्ष यात्री कार्यालय के प्रमुख स्कॉट टिंगल ने कहा, ‘‘सुनी अत्यंत बुद्धिमान हैं और एक शानदार मित्र एवं सहकर्मी हैं।...उन्होंने मेरे सहित कई लोगों और दल के अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को प्रेरित किया है। हम सभी उन्हें बहुत याद करेंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।'' अंतरिक्ष में उड़ान के अनुभव से इतर विलियम्स ने नासा में अपने करियर के दौरान कई अन्य भूमिकाएं निभाईं।
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नयी दिल्ली. अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा समय में "अंतरिक्ष दौड़" चल रही है, लेकिन प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि इंसान चंद्रमा पर वापस लौटे और यह "सार्थक, लोकतांत्रिक तरीके" से हो। यहां ‘अमेरिकन सेंटर' में आयोजित लगभग एक घंटे के संवाद सत्र में शामिल होने से पहले, विलियम्स ने अपने संक्षिप्त प्रारंभिक संबोधन में यह भी कहा कि भारत वापस आना घर वापसी जैसा महसूस हुआ, क्योंकि यह वह देश है जहां उनके पिता का जन्म हुआ था। गहरे नीले रंग के अंतरिक्ष परिधान और इसी थीम वाले कैनवास के जूतों में विलियम्स (60) भारतीय युवाओं से भरे सभागार में जोरदार तालियों के बीच दाखिल हुईं और बाद में सहजता से दर्शकों के साथ बातचीत की। अमेरिकी नौसेना की पूर्व कैप्टन विलियम्स का जन्म 19 सितंबर, 1965 को अमेरिका के ओहियो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पंड्या गुजराती थे और मेहसाणा जिले के झुलासन के रहने वाले थे, जबकि उनकी मां उर्सुलिन बोनी पंड्या स्लोवेनिया की थीं। बातचीत के दौरान, उन्होंने उस समय के अपने अनुभवों को भी साझा किया जब वह अंतरिक्ष में फंस गई थीं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए आठ दिवसीय मिशन विलियम्स के जीवन की सबसे बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि उनकी बोइंग अंतरिक्ष उड़ान में समस्याएं उत्पन्न हो गई थीं, जिसके कारण कक्षा में उनका प्रवास नौ महीने से अधिक तक बढ़ गया था। उस अवधि के कुछ दृश्य स्क्रीन पर दिखाए गए, जिसमें आईएसएस के बहुसांस्कृतिक दल को थैंक्सगिविंग, क्रिसमस और एक दल के सदस्य का जन्मदिन मनाते हुए दिखाया गया। विलियम्स ने कहा, "हम बहुत अच्छे गायक तो नहीं हैं, लेकिन हम अंतरिक्ष केक बना सकते हैं।'' उनकी यह बात सुनकर दर्शक हंस पड़े। उन्होंने कहा, "आप एक समय में लगभग 12 लोगों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर देख सकते थे।"
विलियम्स ने कहा, "आईएसएस पर रूस, जापान, यूरोप, कनाडा...और कई अन्य देशों के साथी थे। (ग्रुप) कैप्टन (शुभांशु) शुक्ला मेरे कुछ समय बाद आए थे। मुझे बहुत अफसोस है कि मैं वहां रहते हुए उनसे नहीं मिल पाई; हम कुछ कहानियां साझा कर सकते थे।" इस बातचीत के दौरान, उनसे मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के तरीकों से लेकर अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन और अंतरिक्ष क्षेत्र के व्यावसायीकरण से लेकर अंतरिक्ष मिशन में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के सहयोग तक, कई तरह के सवाल पूछे गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती दिलचस्पी वास्तव में अंतरिक्ष दौड़ को जन्म दे सकती है, जिससे यह विज्ञान कथा से निकलकर वास्तविकता में बदल जाए, तो उन्होंने कहा, "अंतरिक्ष दौड़ चल रही है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अंतरिक्ष दौड़ चल रही है। लोग इस बारे में बात कर रहे हैं। हम...आप जानते हैं, हम चंद्रमा पर वापस जाना चाहते हैं।'' विलियम्स ने कहा, "हम चंद्रमा पर वापस जाना चाहते हैं, ताकि नियमों और कार्यशैली पर बातचीत शुरू कर सकें, और यह तय कर सकें कि हम चंद्रमा पर कैसे काम करेंगे, और अन्य देशों के साथ मिलकर कैसे काम करेंगे।" उन्होंने कहा, "यह सुनिश्चित करने की होड़ लगी है कि हम इसे सार्थक और लोकतांत्रिक तरीके से करें। ठीक अंटार्कटिका की तरह। मेरा मतलब है, यह बिल्कुल वैसा ही मामला है। हम चंद्रमा पर वापस जाना चाहते हैं ताकि हम सभी एक ही समय में वहां मौजूद होकर मिलकर काम कर सकें।" अमेरिकी नील आर्मस्ट्रांग 1969 में अपोलो 11 मिशन के तहत चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति थे। नासा का चंद्रमा पर अंतिम मानवयुक्त मिशन 1972 में था. -
काठमांडू. भारत ने नेपाल में पांच मार्च को होने वाले चुनाव से संबंधित तैयारियों के तहत मंगलवार को नेपाल सरकार को 60 वाहन और अन्य आपूर्ति सौंपी। चुनाव में मदद के लिए भारत, नेपाल को 650 वाहन सौंपने वाला है। काठमांडू में भारतीय दूतावास के प्रभारी राजदूत डॉ. राकेश पांडे ने चुनाव संबंधी सहायता की पहली खेप नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्याल को सौंपी। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत की ओर से उपहार में दिए गए वाहन और अन्य सामग्री नेपाल सरकार के अनुरोध पर प्रदान की गई सहायता का हिस्सा हैं। भारत सरकार द्वारा दी गई सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए आर्याल ने नेपाल और भारत के बीच संबंधों की गहन और व्यापक प्रकृति की सराहना की। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आगामी संसदीय चुनाव के लिए भारत द्वारा प्रदान की गई सहायता में लगभग 650 वाहन शामिल हैं, जिन्हें अगले कुछ हफ्तों में अलग-अलग चरणों में वितरित किया जाता रहेगा।
- आदमुज (स्पेन). स्पेनिश पुलिस ने सोमवार को बताया कि देश के दक्षिणी हिस्से में गत रात एक उच्च गति वाली ट्रेन की टक्कर में कम से कम 39 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, शवों को निकालने का अभियान अब भी जारी है तथा मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। रेल संचालक ‘एडिफ' के अनुसार, यह हादसा रविवार शाम करीब 7:45 बजे हुआ, जब मलागा से राजधानी मैड्रिड जा रही लगभग 300 यात्रियों को ले जा रही ट्रेन का पिछला हिस्सा पटरी से उतर गया। इसके बाद वह मैड्रिड से दक्षिणी स्पेन के एक अन्य शहर हुएल्वा जा रही सामने से आ रही एक अन्य ट्रेन से टकरा गयी। स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने कहा कि दूसरी ट्रेन का अगला हिस्सा, जिसमें करीब 200 यात्री सवार थे, टक्कर से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। इस टक्कर के कारण ट्रेन की पहली दो बोगियां पटरी से उतर गईं और करीब चार मीटर गहरी ढलान से नीचे जा गिरीं। पुएंते ने कहा कि मृतकों की सबसे अधिक संख्या इन्हीं बोगियों में होने की आशंका है। अंडालूसिया क्षेत्र के अध्यक्ष जुआनमा मोरेनो ने सोमवार सुबह बताया कि आपातकालीन सेवाएं अब भी उस जगह पर तलाशी अभियान चला रही हैं, जहां क्षतिग्रस्त बोगियां पटरी से उतरी थीं। रविवार देर रात वीडियो और तस्वीरों में फ्लडलाइट्स की रोशनी में ट्रेन की मुड़ी-तुड़ी बोगियां एक ओर गिरी हुई दिखाई दीं। यात्रियों ने बताया कि वे टूटी हुई खिड़कियों से बाहर निकले, जबकि कुछ लोगों ने आपातकालीन हथौड़ों से शीशे तोड़कर खुद को बाहर निकाला। यह जानकारी स्पेनिश प्रसारक आरटीवीई के पत्रकार सल्वादोर जिमेनेज़ ने दी, जो पटरी से उतरी ट्रेनों में से एक में सवार थे। उन्होंने रविवार को फोन पर नेटवर्क से कहा, ‘‘एक पल ऐसा आया, जब ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो और ट्रेन सचमुच पटरी से उतर गई हो।'' स्पेनिश पुलिस के अनुसार, इस हादसे में 159 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा 24 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह टक्कर मैड्रिड से लगभग 370 किलोमीटर दक्षिण में कॉर्डोबा प्रांत के एक कस्बे आदमुज के पास हुई।परिवहन मंत्री पुएंते ने सोमवार तड़के कहा कि दुर्घटना के कारण का अभी पता नहीं चला है।उन्होंने इसे दुर्लभ घटना करार दिया, क्योंकि यह पटरी के एक समतल हिस्से पर हुई, जिसकी मई में मरम्मत की गयी थी। उन्होंने यह भी कहा कि जो रेलगाड़ी पटरी से उतरी वह निजी कंपनी ‘इर्यो' की थी, जबकि दूसरी रेलगाड़ी स्पेन की सार्वजनिक ट्रेन कंपनी ‘रेनफे' की थी। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘आज की रात हमारे देश के लिए गहरे दुख की रात है।'' प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सांचेज़ सोमवार को दुर्घटना स्थल का दौरा करेंगे।यूरोपीय संघ के आंकड़ों के मुताबिक, 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए स्पेन के पास यूरोप का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जिसकी कुल लंबाई 3,100 किलोमीटर से अधिक है। मैड्रिड और अंडालूसिया के शहरों के बीच सोमवार को ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गईं।
- जोहानिसबर्ग. दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग प्रांत में एक ट्रक और स्कूल मिनी बस की टक्कर में कम से कम 13 बच्चों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 बच्चों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को सुबह करीब सात बजे यह घटना तब हुई जब बस जोहानिसबर्ग में प्राथमिक और उच्च विद्यालयों के छात्रों को ले जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चों को ले जा रही मिनी बस अन्य वाहनों से आगे निकलने का प्रयास कर रही थी तभी वह सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और ट्रक चालक से पूछताछ की जाएगी। गौतेंग आपातकालीन सेवा ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों में बस चालक भी शामिल है। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की मदद का निर्देश दिया।
- दावोस. भारत के एक सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ ने परिवहन के अन्य साधनों की तुलना में सड़क पर वाहनों से होने वाले हादसों में मौत या चोट लगने की आशंका कई गुना अधिक होने का जिक्र करते हुए कहा है कि सुरक्षित आवागमन ‘विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी साबित होगा। सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ पीयूष तिवारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सड़क सुरक्षा कानूनों और नीतियों में सांस्कृतिक सहानुभूति (कल्चरल एम्पैथी) को शामिल करना बेहद जरूरी है, ताकि नियम जमीनी हकीकत के अनुरूप हों और प्रभावी ढंग से लागू किए जा सकें। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों से निपटने के लिए भारत के अनुभव और नवाचारों पर आधारित ‘मेक इन इंडिया' मॉडल को ‘ग्लोबल साउथ' के देशों में अपनाए जाने की बड़ी संभावना है, जहां समान सामाजिक और यातायात संबंधी चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में भी अच्छे कानून मौजूद हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे दूसरे देशों में उसी तरह कारगर साबित हों, क्योंकि किसी भी नियम की सफलता में सांस्कृतिक सहानुभूति (कल्चरल एम्पैथी) एक अहम घटक होती है। यहां विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान ‘पीटीआई' से बातचीत में तिवारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को विमर्श का बड़ा हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवागमन हमें स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी अधिकारों तक पहुंच देता है, जो ‘विकसित भारत 2047' मिशन के प्रमुख विकास संकेतकों का अहम हिस्सा हैं। तिवारी ने 2007 में सड़क दुर्घटना में अपने परिवार के एक सदस्य को खोने के बाद सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करना शुरू किया और भारत के ‘राहवीर' (गुड समैरिटन) कानून बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने सबसे पहले राहवीर कानून पर ध्यान केंद्रित किया और फिर जमीनी स्तर पर सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने पर ध्यान दिया।'' तिवारी ने कहा ‘‘और इस बार दावोस में हम वास्तव में यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि सुरक्षित सड़कों का एक मॉडल पश्चिम से नहीं बल्कि ग्लोबल साउथ से आ रहा है।'' उन्होंने समझाया, ‘‘यह वह मॉडल है जो दर्शाता है कि हमारे देशों में वास्तविक परिस्थितियां क्या हैं और सबसे अधिक प्रभावित लोगों के लिए समाधान कैसे तैयार किए जाने चाहिए।'' उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में भी ‘गुड समैरिटन' कानून हैं, उदाहरण के लिए फ्रांस में, जहां अगर आप किसी की मदद नहीं करते हैं तो इसके लिए दंड का प्रावधान है। लेकिन भारत में चुनौती यह नहीं थी कि जुर्माना होना चाहिए, चुनौती यह थी कि मदद करने पर परेशान किया जाता था। तिवारी ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि लोग कानूनी झंझटों में फंस जाते हैं। तिवारी ने कहा कि वह ऐसे समाधान तलाशना चाहते थे जो जमीनी स्तर पर कारगर हों। भारत में विभिन्न राजमार्गों पर उनका काम, जिनमें मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, नागपुर जैसे विभिन्न जिले, उत्तर प्रदेश में उन्नाव और अब देश भर के 100 अन्य जिले शामिल हैं, यह प्रदर्शित कर रहा है कि जब आप अति-स्थानीय स्तर पर काम करते हैं तो यह बेहतर परिणाम देता है। सड़क सुरक्षा के आर्थिक महत्व के बारे में उन्होंने विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला दिया कि भारत को हर साल सड़क दुर्घटनाओं के कारण अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3-5 प्रतिशत तक का नुकसान होता है। उन्होंने कहा, "हम लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आर्थिक नुकसान की बात कर रहे हैं जिसे सड़कों को सुरक्षित बनाकर रोका जा सकता है।"
- दावोस. विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के मौके पर तीन भारतीय उद्यमियों ने यहां अगली पीढ़ी के एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा मंच ‘एलएनके एनर्जी' की सोमवार को शुरुआत की। इसमें अगले पांच वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया जाएगा। आयोजकों ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक 2026 के मौके पर इसकी शुरुआत करते हुए बताया कि यह परियोजना महाराष्ट्र में एक एकीकृत इन्गॉट एवं वेफर संयंत्र के साथ छह गीगावाट सौर सेल एवं मॉड्यूल के साथ परिचालन शुरू करेगी। एलएनके एनर्जी के कार्यक्षेत्रों में उन्नत विनिर्माण, हरित ईंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन शामिल होंगे। कंपनी ने बताया कि उसकी पहली परियोजना महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में 60 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी। इसमें उन्नत प्रौद्योगिकी एवं वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाले सौर सेल तथा मॉड्यूल का विनिर्माण किया जाएगा। इसने परियोजना स्थापित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।भारत में कोका-कोला के सबसे बड़े ‘बॉटलर' एसएलएमजी बेवरेजेज के संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष लधानी, आरएनर्जी डायनेमिक्स (आरईडी) के सह-संस्थापक, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा सनसोर्स एनर्जी के सह-संस्थापक एवं पूर्व प्रबंध निदेशक कुशाग्र नंदन और जैव ऊर्जा उद्यमी एवं एलएनके एनर्जी के आरईडी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वरुण कराड इसके सह-संस्थापक हैं। सह-संस्थापक लधानी ने कहा, ‘‘ दशकों से बड़े एवं जटिल विनिर्माण एवं आपूर्ति श्रृंखला व्यवसायों का निर्माण करने के बाद...हमारा मानना है कि पैमाने, गुणवत्ता तथा निष्पादन अनुशासन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ एलएनके एनर्जी स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण में भी वही संस्थागत सोच लेकर आती है और वैश्विक मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है।'' सह-संस्थापक नंदन ने कहा, ‘‘ ऐसे समय में जब ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और कार्बन उत्सर्जन में कमी राष्ट्रीय प्राथमिकताएं बन रही हैं, एलएनके एनर्जी को अल्पकालिक अवसर के बजाय दीर्घकालिक संस्था के रूप में परिकल्पित किया गया है। हम दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए व्यापकता, प्रौद्योगिकी दक्षता और पूंजी अनुशासन को संयोजित करने की योजना बना रहे हैं।'' अन्य सह-संस्थापक कराड ने कहा कि ऊर्जा का भविष्य एकीकरण में निहित है जहां विनिर्माण, हरित ईंधन एवं नवीकरणीय ऊर्जा एक साथ काम करें। उन्होंने कहा, ‘‘ एलएनके एनर्जी को ठीक इसी समन्वय को ध्यान में रखते हुए संरचित किया गया है, ताकि उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके उद्योग एवं अर्थव्यवस्था के लिए विश्वसनीय, विस्तार योग्य तथा टिकाऊ ऊर्जा समाधान प्रदान किए जा सकें।''
- दावोस. विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के मौके पर राजनेताओं व उद्यमियों की भीड़ के बीच भारत के दो युवा अपनी-अपनी कहानियां भी सुना रहे हैं। एक इस बारे में बता रहा है कि कैसे नागरिक और अधिकारी मिलकर नागरिक व्यवस्था की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और दूसरा भारत में श्रमिक वर्ग के लिए सुगम बाजार पहुंच सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दे रहा है। ईशान प्रताप सिंह (22) एक सामाजिक उद्यमी हैं और वैश्विक सामाजिक स्टार्टअप कोऑपरेशन17 के संस्थापक एवं चेयरमैन हैं। वह विश्व आर्थिक मंच के ‘ग्लोबल शेपर' हैं और भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विश्व स्तर पर चुने गए 40 लोगों में से एक के रूप में डबल्यूईएफ दावोस 2026 की वार्षिक बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। असम की दृष्टि मेधी क्विकघी की सह-संस्थापक हैं जो भारत में श्रमिक वर्ग के लिए आसान बाजार पहुंच का निर्माण करने और उन्हें कौशल विकास, प्रशिक्षण एवं सशक्तिकरण प्रदान करने पर केंद्रित है। सिंह नयी दिल्ली के निवासी हैं और उनकी संस्था ‘कोऑपरेशन17' नागरिक सहभागिता, अनुसंधान एवं प्रत्यक्ष कार्यान्वयन के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों के इर्द-गिर्द सहयोग को बढ़ावा देती है। सिंह ने कहा कि वे नागरिक अव्यवस्था को दूर करने के लिए नागरिकों, संस्थानों, व्यवसायों एवं सरकारों के साथ मिलकर काम करते हैं। वह दिल्ली और उसके आसपास के शहरी और ग्रामीण स्थानीय समुदायों के साथ क्षेत्रीय नगर सभाओं, हितधारकों के संवादों एवं सार्वजनिक बैठकों के माध्यम से सहयोग स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा सीधा सा लक्ष्य है। नागरिक व्यवस्था में गड़बड़ी..विश्वास की कमी, सूचना विषमता एवं कोविड के बाद लोगों के आपसी संपर्क की शक्ति का सही उपयोग न कर पाने के कारण होती है। जमीनी स्तर से शुरू की गई, समस्या-समाधान वाली नागरिक पहल ही वैश्विक सहयोग में आई गिरावट को रोकने और उसे पलटने का एकमात्र रास्ता है।'' विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 में, उनका उद्देश्य भारत की कहानी को सतत विकास की परिभाषा के रूप में प्रस्तुत करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाना होगा। दूसरी ओर, मेधी एक उद्यमी हैं जो कौशल विकास एवं व्यापार पर ध्यान केंद्रित करती हैं और पूर्वोत्तर भारत के स्वदेशी समुदायों को बाजार संपर्क तथा व्यापार पहुंच के मामले में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं। प्रौद्योगिकी विकास पर उनका ध्यान भारत को एक उभरते नवाचार केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने और पूर्वोत्तर भारत के जमीनी स्तर के समुदायों की आवाज बनने के उनके उद्देश्य के अनुरूप है। प्रौद्योगिकी के उपयोग से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सरल बनाने पर उनके ध्यान ने उन्हें अपना खुद का डिजिटल व्यापार मंच ‘क्विकघी' पेश करने के लिए प्रेरित किया है। यह एक एआई अनुशंसा मॉडल है जो व्यापारियों को वस्तुओं के बारे में सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करता है।
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काबुल/ अफगानिस्तान के काबुल में सोमवार को विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। काबुल में शल्य चिकित्सा सुविधा संचालित करने वाली एक इतालवी चिकित्सा संस्था ने यह जानकारी दी। विस्फोट का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
प्रतीत होता है कि विस्फोट अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शहर-ए-नॉ जिले में एक रेस्तरां में हुआ। विस्फोट के कुछ समय बाद पुलिस प्रवक्ता खालिद जादरान ने प्रभावित स्थान की पहचान एक होटल के रूप में की थी। इटली की गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) ‘इमरजेंसी' ने बताया कि काबुल स्थित उसके शल्य चिकित्सा केंद्र में विस्फोट से प्रभावित 20 लोग आए, जिनमें से सात की पहले ही मौत हो चुकी थी। संस्था ने कहा कि हताहतों की संख्या अभी ‘अस्थायी' है। संगठन के अफगानिस्तान स्थित स्थानीय निदेशक देजान पैनिक ने बताया कि घायलों में चार महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। उन्होंने कहा, घायलों को चोटें और खरोंचें भी आई हैं, जिनमें से कुछ की सर्जरी के लिए जांच की जा रही है।'' गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने बताया कि विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई है और कुछ घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि, किसी के पास हताहतों की संख्या के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। चीन के सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी' ने कहा कि विस्फोट में दो चीनी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए और एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। ‘सीसीटीवी' के अनुसार विस्फोट एक रेस्तरां में हुआ। स्थानीय टेलीविजन स्टेशन ‘टोलो न्यूज' द्वारा प्रसारित और अन्य वीडियो फुटेज में लोग एक सड़क पर दिख रहे हैं, जिनके पीछे धुआं और धूल उड़ती नजर आ रही है। - नयी दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘बोर्ड ऑफ पीस' का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। यह निकाय, गाजा में स्थायी शांति लाने और ‘वैश्विक संघर्ष' के समाधान के लिए ‘‘एक साहसिक नए दृष्टिकोण'' पर काम करेगा। ट्रंप ने मोदी को एक पत्र लिखा, जिसे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मध्य पूर्व में ‘‘शांति बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व शानदार प्रयास'' में शामिल होने और साथ ही ‘‘वैश्विक संघर्ष के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण'' पर काम करने के लिए आमंत्रित करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है। ट्रंप ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड का अनावरण किया। इजराइल और हमास ने अक्टूबर में ट्रंप की शांति योजना पर सहमति जताई थी। ट्रंप ने कई वैश्विक नेताओं को इसी तरह के पत्र भेजे हैं।वाशिंगटन, ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस' को गाजा और उसके आसपास शांति एवं स्थिरता लाने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह निकाय अन्य वैश्विक संघर्षों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।मूल रूप से, इस नए निकाय को गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शासन की देखरेख और वित्तपोषण समन्वय का कार्य सौंपा जाना है। इजराइल के दो वर्षों के सैन्य अभियान के दौरान गाजा पट्टी पूरी तरह तबाह हो गई है।गोर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें ट्रंप का निमंत्रण मोदी तक पहुंचाने का सम्मान मिला है, जिसमें उन्हें ‘बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है और यह निकाय ‘‘गाजा में स्थायी शांति लाएगा''। राजदूत ने कहा, “बोर्ड स्थिरता और समृद्धि हासिल करने के लिए प्रभावी शासन का समर्थन करेगा।”ट्रंप ने मोदी को लिखे पत्र में 29 सितंबर को गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना की घोषणा के साथ-साथ मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए अपनी 20-सूत्री रूपरेखा का भी उल्लेख किया।
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काठमांडू. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने रविवार को उच्चतम न्यायालय में निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक रिट याचिका दायर करके गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को आधिकारिक मान्यता देने के आयोग के फैसले को चुनौती दी। नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश मान सिंह के अनुसार, कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्ण खड़का सहित देउबा गुट के नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा की ओर से उच्चतम न्यायालय पहुंचकर याचिका दायर की। नेपाली कांग्रेस नेताओं ने दायर याचिका में निर्वाचन आयोग (ईसी), नेपाली कांग्रेस के नये निर्वाचित अध्यक्ष गगन थापा और उपाध्यक्ष विश्वप्रकाश शर्मा को प्रतिवादी बनाया है। नेपाली कांग्रेस ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को दी गई आधिकारिक मान्यता पार्टी के दर्जे के खिलाफ है। थापा को 11 से 14 जनवरी तक काठमांडू में हुए विशेष महासभा सम्मेलन के माध्यम से नेपाली कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था, जिसे अब देउबा गुट ने चुनौती दी है।
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लंदन/ ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की कोशिश का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी को ‘पूरी तरह से गलत' करार दिया है। स्टॉर्मर ने इस प्रस्तावित कदम का विरोध कर रहे अन्य यूरोपीय सहयोगियों का शनिवार रात को समर्थन किया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ' पर इस योजना के बारे में पोस्ट किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि आर्कटिक में स्थित स्वायत्त द्वीप ग्रीनलैंड पर समझौता नहीं हुआ तो यह शुल्क और भी बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यहां प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, स्टॉर्मर ने कहा,‘‘ग्रीनलैंड पर हमारा रुख बहुत स्पष्ट है - यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और इसका भविष्य ग्रीनलैंडवासियों और डेनमार्क के लोगों का मामला है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आर्कटिक सुरक्षा नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) के लिए महत्वपूर्ण है और सभी सहयोगियों को आर्कटिक के विभिन्न हिस्सों में रूस से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए मिलकर और अधिक प्रयास करने चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘नाटो सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन पर शुल्क लगाना पूरी तरह गलत है। हम निश्चित रूप से इस मामले को सीधे अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाएंगे।'' फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकी को ‘अस्वीकार्य' बताया। दूसरी ओर ग्रीनलैंड और डेनमार्क में हजारों लोग अमेरिका की कब्जे की धमकियों के विरोध में सड़कों पर उतर आए। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने इस बात पर जोर दिया कि यूरोपीय सहयोगी ‘ब्लैकमेल' नहीं होंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांत हैं। उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘शुल्क लगाने से अटलांटिक-पार संबंध कमजोर होंगे।''
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लाहौर. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक ट्रक शनिवार को घने कोहरे के कारण पुल से गिर गया, जिससे छह बच्चों समेत कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना लाहौर से लगभग 200 किलोमीटर दूर सरगोधा जिले के कोट मोमिन में तड़के हुई। पंजाब आपात सेवा ‘रेस्क्यू 1122' के प्रवक्ता के अनुसार ट्रक में 23 लोग सवार थे, जिनमें से ज्यादातर एक ही परिवार के सदस्य थे, जो इस्लामाबाद से फैसलाबाद में एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘भारी कोहरे के कारण राजमार्ग बंद होने के कारण ट्रक स्थानीय मार्ग से जा रहा था। दृश्यता का स्तर कम होने के कारण चालक का वाहन पर से नियंत्रण खो जाने से यह वाहन कोट मोमिन तहसील के गलापुर पुल से एक सूखी नहर में गिर गया।'' उन्होंने बताया कि मृतकों में शामिल 14 लोगों में छह बच्चे और पांच महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने बताया कि नौ लोग घायल हो गये और उनका इलाज कोट मोमिन के सिविल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
- केप केनवरल (अमेरिका) । अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से एक बीमार अंतरिक्ष यात्री बृहस्पतिवार को तीन अन्य साथियों के साथ पृथ्वी पर लौट आया। इसके साथ ही अंतरिक्ष स्टेशन का उन लोगों का मिशन एक महीने से अधिक समय पहले ही समाप्त हो गया। स्वास्थ्य कारणों को लेकर अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष स्टेशन से वापस धरती पर लाने का नासा का यह पहला अभियान था। इन अंतरिक्ष यात्रियों के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर निकलने के 11 घंटे बाद, ‘स्पेसएक्स' ने कैप्सूल को सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में आधी रात को सफलतापूर्वक उतारा। अगस्त में शुरू हुए इस मिशन का यह अप्रत्याशित अंत था, जिसके बाद आईएसएस में केवल एक अमेरिकी और दो रूसी ही शेष रह गए हैं। नासा और स्पेसएक्स ने कहा कि वे चार-सदस्यीय नये दल को अंतरिक्ष में भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। वर्तमान में, यह मध्य फरवरी के लिए लक्षित है। नासा की ज़ेना कार्डमैन और माइक फिंके के साथ जापान के किमिया युई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव भी वापस आए। अधिकारियों ने चिकित्सा गोपनीयता का हवाला देते हुए बीमार अंतरिक्ष यात्री की पहचान बताने या घटना के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया है। कक्षा में अंतरिक्ष यात्री की हालत स्थिर थी, लेकिन नासा उन्हें उपयुक्त देखभाल और स्वास्थ्य जांच के लिए जल्द से जल्द पृथ्वी पर वापस लाना चाहता था। अधिकारियों ने बताया कि पृथ्वी पर उतरने के लिए किसी विशेष व्यवस्था या समायोजन की आवश्यकता नहीं थी और बचाव पोत में हमेशा की तरह चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम मौजूद थी। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया कि अंतरिक्ष यात्री कैलिफोर्निया से ह्यूस्टन के लिए कब उड़ान भरेंगे। प्लाटोनोव की मॉस्को वापसी भी अनिश्चित है। नासा ने पिछले सप्ताह बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया कि यह कोई आपातकालीन स्थिति नहीं थी। अंतरिक्ष यात्री सात जनवरी को बीमार पड़ गए या घायल हो गए, जिसके चलते नासा ने कार्डमैन और फिंके की अगले दिन की ‘स्पेसवाक' को रद्द कर दिया और अंततः उन्हें समय से पहले वापस लौटना पड़ा। स्वास्थ्य कारणों से नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों को पहली बार वापस बुलाया है। रूसियों ने दशकों पहले ऐसा किया था।
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काठमांडू. नेपाल के सुनसरी जिले में बृहस्पतिवार को एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि यह हादसा भोकराहा नरसिंह ग्रामीण नगरपालिका के सोन्याही इलाके में हुआ।
संगमरमर से लदा एक ट्रक कोशी प्रांत के बिराटनगर से राजबिराज जा रहा था। इस दौरान चालक ने ट्रक से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह पलट गया। घायलों को बिराटनगर के बिराट टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। - काठमांडू. नेपाली कांग्रेस पार्टी बुधवार को औपचारिक रूप से विभाजित हो गई क्योंकि इसके महासचिवों गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के नेतृत्व वाले दो गुटों और पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के बीच बातचीत किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रही। थापा (49) को विशेष सम्मेलन में नेपाली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से चुना गया।देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी पार्टी अंततः उस समय टूट गई जब थापा और शर्मा द्वारा देउबा से पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग को खारिज कर दिया गया। दोनों महासचिवों ने देउबा से शीर्ष पद से इस्तीफा देने और आगामी संसदीय चुनाव न लड़ने का आग्रह किया था, ताकि वे सितंबर के आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले ‘जेन जेड' के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करने के लिए एक संरक्षक की भूमिका निभा सकें। ‘जेन जेड' उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। थापा ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा, हमें उस पार्टी का चेहरा बदलने की जरूरत है जो के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी और जिसने भ्रष्टाचार और राजनीतिक अव्यवस्था के खिलाफ युवाओं के आंदोलन को दबा दिया था, ताकि हमारे सहयोगी चुनाव अभियान के दौरान सीधे जनता के पास जा सकें।'' दोनों गुटों के बीच का संघर्ष उस समय चरम पर पहुंच गया था जब असंतुष्ट गुट ने 11 और 12 जनवरी को काठमांडू के भृकुटीमंडप में विशेष सम्मेलन आयोजित किया था। बातचीत के विफल होने के बाद, देउबा गुट ने बुधवार को एक नोटिस जारी कर सूचित किया कि पार्टी की केंद्रीय समिति ने महासचिव थापा और शर्मा तथा संयुक्त महासचिव फार्मुल्लाह मंसूर को एकतरफा रूप से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। शर्मा ने हालांकि घोषणा की कि पार्टी के सम्मेलन में देउबा गुट द्वारा उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई को खारिज कर दिया गया है। बुधवार को सम्मेलन को संबोधित करते हुए थापा ने कहा कि ‘‘असली पार्टी'' वह है जो विशेष सम्मेलन में शामिल हो रही है, क्योंकि उसे सम्मेलन के 60 प्रतिशत से अधिक सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। थापा ने यह भी घोषणा की कि देउबा की अध्यक्षता वाली केंद्रीय समिति को भंग कर दिया गया है।नेपाली कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विशेष सम्मेलन में थापा को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया, क्योंकि वह शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि अन्य पदों को जहां तक संभव हो सर्वसम्मति से भरा जायेगा और यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो बुधवार रात तक चुनाव कराये जायेंगे। ऐसी जानकारी है कि नेपाली कांग्रेस के दोनों गुट आधिकारिक मान्यता प्राप्त करने के लिए एक ही दिन चुनाव आयोग पहुंचे हैं। पिछले सप्ताह, पार्टी अध्यक्ष देउबा के नेतृत्व वाले गुट और दोनों महासचिवों के बीच विशेष सम्मेलन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। देउबा का गुट पांच मार्च को हुए आम चुनाव के बाद मई में 15वें सम्मेलन के आयोजन के लिए दबाव बना रहा था जबकि थापा और शर्मा चुनाव से पहले सम्मेलन के लिए दबाव बना रहे थे।
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बैंकॉक/ थाईलैंड के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में बुधवार को एक यात्री ट्रेन पर निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली क्रेन के गिर जाने से 22 लोगों की मौत हो गई है और 64 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नाखोन रत्चासिमा के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, एक ‘एलिवेटेड हाई-स्पीड रेलवे' के निर्माण में इस्तेमाल की जा रही क्रेन बैंकॉक से उबोन रत्चाथानी प्रांत की ओर जा रही ट्रेन पर गिर गई। इस घटना के बाद चलती ट्रेन पटरी से उतर गई और उसमें आग लग गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है। विभाग ने ‘फेसबुक' पोस्ट में कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और बचावकर्मी ट्रेन के अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। दुर्घटना नाखोन रत्चासिमा में हुई। वहां के विभाग ने मृतकों की संख्या में वृद्धि की घोषणा की है।
- न्यूयॉर्क/वाशिंगटन/ अमेरिका में आपराधिक गतिविधि का हवाला देकर आप्रवासियों के खिलाफ की गई व्यापक कार्रवाई के तहत 2025 में 8,000 छात्र वीजा समेत एक लाख से अधिक वीजा रद्द कर दिए गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का कहना है कि उसने जन सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले विदेशी नागरिकों से अमेरिका की रक्षा करने की अपनी आव्रजन नीति के तहत एक नया रिकॉर्ड बनाया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “अमेरिका को सुरक्षित बनाने के लिए हम इन ठगों को प्रत्यर्पित करते रहेंगे।पोस्ट में कहा गया है, अमेरिका में आपराधिक गतिविधियों के लिए कानून की धज्जियां उड़ाने वालों पर कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय ने 8,000 छात्र वीजा और 2,500 विशेष वीजा समेत 1,00,000 वीजा रद्द कर दिए हैं।” विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के लिए अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना और अमेरिकी संप्रभुता को बनाए रखने से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं है। एक बयान में पिगॉट ने ‘पीटीआई' से कहा, ‘‘एक साल से भी कम समय में विदेश विभाग ने विदेशी नागरिकों के 1,00,000 से अधिक वीजा रद्द कर दिए, जो एक नया रिकॉर्ड है और 2024 के बाद से रद्द किए गए वीजा की संख्या में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।उन्होंने कहा, “इनमें हमला, चोरी और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे अपराधों में आरोपी या दोषी हजारों विदेशी नागरिकों के वीजा शामिल हैं।” पिगॉट ने कहा, "ट्रंप प्रशासन अमेरिका को प्राथमिकता देना जारी रखेगा और जन सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले विदेशी नागरिकों से हमारे देश की रक्षा करेगा।" विदेश विभाग ने कहा कि ‘कंटीन्यूअस वेटिंग कार्यक्रम' के तहत वह अमेरिका में मौजूद सभी वीजा धारकों (करीब 5.5 करोड़ विदेशी नागरिकों) की लगातार जांच करता रहेगा। इसके तहत उनके रिकॉर्ड देखे जाएंगे कि अमेरिका में रहते हुए वह नशे में गाड़ी चलाने, मारपीट या चोरी जैसी किसी आपराधिक गतिविधि में तो संलिप्त नहीं रहे। ‘फॉक्स न्यूज' की खबर के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के अंतिम वर्ष यानी 2024 में 40 हजार वीजा रद्द किए गए थे, जिसकी तुलना में 2025 में दोगुने से भी अधिक वीजा रद्द किए गए। खबर में कहा गया है कि 2025 में जिन लोगों के वीजा रद्द किए गए, उनमें से ज़्यादातर कारोबारी और पर्यटक थे, जो वीजा की अवधि से ज़्यादा समय तक देश में ठहरे थे।--
- वेस्ट पाम बीच. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के करीबी सहयोगी क्यूबा को रविवार को एक और चेतावनी जारी की। वेनेजुएला में अमेरिका के हवाई हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ किए जाने के बाद क्यूबा में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन भड़कने की आशंका है। वेनेजुएला के तेल का प्रमुख खरीदार रहा क्यूबा अब इसकी खेप से वंचित हो गया है, क्योंकि अमेरिकी सेना वेनेजुएला के तेल उत्पादों के उत्पादन, शोधन और वैश्विक वितरण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत टैंकर को जब्त करना जारी रखे हुए है। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला के तेल और धन का इस्तेमाल कर रहा था और बदले में उसे सुरक्षा प्रदान कर रहा था, लेकिन अब और नहीं! क्यूबा को अब न तो तेल मिलेगा और न ही धन।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “मैं उन्हें दृढ़तापूर्वक सलाह देता हूं कि वे बहुत देर होने से पहले समझौता कर लें।” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस तरह के समझौते की बात कर रहे हैं। क्यूबा सरकार ने कहा है कि पिछले सप्ताहांत मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए अमेरिकी अभियान में उसके 32 सैन्यकर्मी मारे गए। क्यूबा की दो मुख्य सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े ये कर्मी क्यूबा और वेनेजुएला के बीच हुए समझौते के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास में तैनात थे। ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला को अब उन गुंडों और जबरन वसूली करने वालों से सुरक्षा की जरूरत नहीं है, जिन्होंने उन्हें इतने वर्षों तक बंधक बनाकर रखा था। अब वेनेजुएला के पास अमेरिका है, जो (निस्संदेह!) दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है। हम उनकी रक्षा जरूर करेंगे।”
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नई दिल्ली। ईरान में आम लोगों का विरोध प्रदर्शन 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है। एक-एक कर देश के हर कोने से सरकार के खिलाफ आवाज उठ रही है। इंटरनेट ब्लैकआउट के भी 60 घंटे हो चुके हैं। इस बीच अमेरिका की चेतावनी से तेहरान का सियासी हलका काफी नाराज है। संसद के अध्यक्ष ने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का जवाब धमकी से दिया है।
ईरान के संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल निशाने पर होंगे। कालीबाफ ने यह धमकी तब दी जब ईरानी संसद में सांसद मंच की ओर दौड़े और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। ईरानी राज्य टेलीविजन ने संसद सत्र को लाइव प्रसारित किया।कालीबाफ एक कट्टरपंथी नेता हैं और पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने पुलिस और ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड को प्रदर्शनों के दौरान दृढ़ रहने के लिए सराहा। कालीबाफ ने कहा, ‘ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनके साथ सबसे कठोर तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार लोगों को सजा देंगे।’उन्होंने इजरायल को कब्जे वाला क्षेत्र कहते हुए सीधे धमकी दी। उन्होंने कहा, ‘ईरान पर हमले की स्थिति में कब्जे वाला क्षेत्र और क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध निशाने होंगे। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, ईरान में चल रहे सरकार-विरोधी आंदोलन में यूएस के दखल की संभावना को देखते हुए इजरायल हाई अलर्ट पर है।वहीं, इंटरनेट पाबंदी की मियाद भी बढ़ गई है। इंटरनेट मॉनिटर नेटब्लॉक्स का कहना है कि ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान देश भर में इंटरनेट बंद किया गया था, जो अब 60 घंटे से ज्यादा हो गया है।आईआरजीसी से जुड़े तस्नीम न्यूज के मुताबिक विरोध प्रदर्शन बेहद हिंसक हो गया है। प्रदर्शनकारी शनिवार रात को ईरान के फार्स प्रांत के ममासानी काउंटी में न्यायपालिका परिसर में घुस गए और एक गार्ड पोस्ट में आग लगा दी।काउंटी के पब्लिक और रेवोल्यूशनरी प्रॉसिक्यूटर हसन इलाही ने बताया कि कोर्टहाउस के अंदर कई कमरों में आग लगा दी गई और सिक्योरिटी फोर्स के आने और भीड़ को हटाने से पहले आग ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल तक फैल गई थी। (



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