- Home
- खेल
-
संगम (जम्मू-कश्मीर). उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक विशेषज्ञ बैट (बल्ला) निर्माता सुनील कुमार उन कई विशेषज्ञ कारीगरों में से हैं, जिन्हें संगम ने आकर्षित किया है। इस दक्षिण कश्मीर शहर में बैट निर्माताओं ने अगले सप्ताह से शुरू होने वाले क्रिकेट विश्व कप से पहले ऑर्डर में वृद्धि देखी है। । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा आयोजित विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता से पहले कश्मीरी विलो (लकड़ी) से बने बल्लों की बिक्री में वृद्धि देखी गई है। इस वर्ष ऑर्डर अधिक कहीं हैं क्योंकि भारत 12 साल के अंतराल के बाद विश्व कप क्रिकेट का आयोजन कर रहा है। कुमार ने कहा, ''क्रिकेट विश्व कप नजदीक आने के साथ बल्लों की मांग इतनी बढ़ गई है कि हम सभी ऑर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं।'' अधिक काम से अधिक कमाई होने को लेकर कुमार खुश हैं कि उनके द्वारा बनाए गए बैट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचेंगे। कुमार ने कहा, ‘‘मैं 20 साल के अनुभव के साथ एक बैट निर्माता हूं। मैंने रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल, आंद्रे रसेल और ड्वेन ब्रावो जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के लिए बल्ले बनाए हैं।'' क्रिकेट बैट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर के प्रवक्ता फवजुल कबीर ने कहा कि आईसीसी द्वारा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में इनके इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद पिछले दो वर्षों में कश्मीर विलो बैट की मांग लगातार बढ़ी है। जीआरबी स्पोर्ट्स ब्रांड के तहत बल्ला बनाने वाले कबीर कहते हैं, ‘‘हम 102 वर्षों से क्रिकेट के बल्ले का निर्माण कर रहे हैं, लेकिन वर्ष 2021 तक हमें कोई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली। आईसीसी की मंजूरी मिलने के बाद हमारे बल्ले विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिखाई दिए और मांग कई गुना बढ़ गई।'' कबीर ने दावा किया कि कश्मीर क्रिकेट बल्लों की 80 प्रतिशत वैश्विक मांग को पूरा करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप नजदीक है और भारत इसकी मेजबानी कर रहा है, इसलिए मांग कई गुना बढ़ गई है। हम सालाना लगभग 30 लाख बल्ले बनाते हैं, लेकिन इस महीने और पिछले महीने की मांग 15 गुना अधिक थी। हमने दो महीने में लगभग 30 से 40 लाख बल्ले बनाए हैं जिसकी हमने डिलिवरी कर दी है।'' कबीर ने दावा किया कि ‘‘वर्ष 2021 के शून्य निर्यात'' से शुरू होकर अब तक कश्मीर से 1.85 लाख से अधिक बल्ले विभिन्न देशों में निर्यात किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम दुनिया को कश्मीर विलो के रूप में एक बेहतर विकल्प दे रहे हैं, वह भी सस्ती कीमत पर। गुणवत्ता के लिहाज से भी, अगर आप हमारा बल्ला देखें, तो (टी-20) विश्व कप में सबसे बड़ा छक्का एक खिलाड़ी ने हमारे ही बल्ले से लगाया था।'' उन्होंने कहा, विश्व कप के इस संस्करण के दौरान कम से कम 17 खिलाड़ी उनकी कंपनी के बैट का इस्तेमाल करेंगे। एक बैट निर्माण इकाई के कर्मचारी मुश्ताक अहमद शेख ने कहा कि यहां के कामगार विश्व कप का इंतजार करते हैं क्योंकि उनका भत्ता बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम हमेशा विश्व कप का इंतजार करते हैं क्योंकि हमारा काम कई गुना बढ़ जाता है और हमें दोगुनी मजदूरी मिलती है। हम इन दिनों दिन-रात काम करते हैं क्योंकि यह हमारी आजीविका का स्रोत है।'' शेख ने कहा कि विश्व कप के दौरान खरीदार अपने ऑर्डर तीन से चार गुना बढ़ा देते हैं।
उन्होंने कहा, जो लोग आमतौर पर 1,000 बल्लों का ऑर्डर देते हैं, वे अब 3,000 से 4,000 बल्लों की मांग करते हैं।'' रणजी ट्रॉफी खेलने वाले जम्मू-कश्मीर के पूर्व क्रिकेटर उमर आलम ने कहा कि कश्मीर विलो बैट की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया गया निवेश अब फायदेमंद साबित हो रहा है। आलम ने कहा, ‘‘निवेशक शानदार काम कर रहे हैं। कश्मीरी निर्माता युवाओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी बल्ले मुहैया करा रहे हैं।'' उनका मानना है कि कश्मीर विलो बल्ला अपनी टिकाऊपन के कारण इंग्लिश विलो के बैट से कहीं बेहतर हैं। -
नयी दिल्ली. भारत में अगले महीने से शुरू होने वाले आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप में भाग लेने वाले सभी 10 देशों की टीम इस प्रकार हैं। भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), हार्दिक पंड्या (उप-कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, रविंद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, रविचंद्रन अश्विन, इशान किशन , सूर्यकुमार यादव। ऑस्ट्रेलिया: पैट कमिंस (कप्तान), स्टीव स्मिथ, एलेक्स कैरी, जोश इंग्लिस, सीन एबॉट, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, मिच मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, डेविड वार्नर, एडम ज़म्पा, मिशेल स्टार्क। इंग्लैंड : जोस बटलर (कप्तान), मोइन अली, गस एटकिंसन, जॉनी बेयरस्टो, सैम कुरेन, लियाम लिविंगस्टोन, डेविड मलान, आदिल राशिद, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स, रीस टॉपले, डेविड विली, मार्क वुड, क्रिस वोक्स। पाकिस्तान : बाबर आजम (कप्तान), शादाब खान, फखर जमां, इमाम-उल-हक, अब्दुल्ला शफीक, मोहम्मद रिजवान, सऊद शकील, इफ्तिखार अहमद, सलमान अली आगा, मोहम्मद नवाज, उसामा मीर, हारिस रऊफ, हसन अली, शाहीन अफरीदी, मोहम्मद वसीम। न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), ट्रेंट बोल्ट, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, टॉम लैथम, डेरिल मिशेल, जिमी नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, मिचेल सेंटनर, ईश सोढ़ी, टिम साउदी, विल यंग। दक्षिण अफ्रीका : तेम्बा बावुमा (कप्तान), गेराल्ड कोएत्ज़ी, क्विंटन डी कॉक, रीज़ा हेंड्रिक्स, मार्को जानसन, हेनरिक क्लासेन, केशव महाराज, एडेन मार्कराम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एंडिले फेहलुकवायो, कैगिसो रबाडा, तबरेज़ शम्सी, रासी वैन डेर डुसेन, लिजाड विलियम्स। श्रीलंका : दासुन शनाका (कप्तान), कुसल मेंडिस (उप-कप्तान), कुसल परेरा, पथुम निसांका, लाहिरू कुमारा, दिमुथ करुणारत्ने, सदीरा समरविक्रमा, चैरिथ असलांका, धनंजय डी सिल्वा, महीश तीक्ष्णा, डुनिथ वेललागे, कासुन राजिथा, मथीशा पथिराना, दिलशान मदुशंका, दुशान हेमंथा। बांग्लादेश : शाकिब अल हसन (कप्तान), लिट्टन दास, तनजीद हसन तमीम, नजमुल हुसैन शंटो (उपकप्तान), तौहीद हृदोय, मुश्फिकुर रहीम, महमुदुल्लाह रियाद, मेहदी हसन मिराज, नसुम अहमद, शाक महेदी हसन, तस्कीन अहमद, मुस्तफिजुर रहमान , हसन महमूद, शोरफुल इस्लाम, तंजीम हसन साकिब। अफगानिस्तान : हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, रियाज हसन, रहमत शाह, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद नबी, इकराम अलीखिल, अजमतुल्ला उमरजई, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, अब्दुल रहमान, नवीन उल हक। नीदरलैंड : स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान), मैक्स ओ'डोड, बास डी लीडे, विक्रम सिंह, तेजा निदामानुरु, पॉल वैन मीकेरेन, कॉलिन एकरमैन, रूलोफ वान डेर मर्व, लोगान वैन बीक, आर्यन दत्त, रयान क्लेन, वेस्ले बर्रेसी, साकिब ज़ुल्फ़िकार, शारिज़ अहमद, साइब्रांड एंगेलब्रेक्ट।
- नयी दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को स्वीकार किया कि उनकी टीम पर उम्मीदों का दबाव था लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों पर दबदबे को देखते हुए उनकी टीम एशियाई खेलों की महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक की हकदार थी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए हांगझोउ एशियाई खेलों के फाइनल में श्रीलंका को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता। हरमनप्रीत ने खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित सम्मान समारोह से इतर पत्रकारों से कहा,‘‘यह शानदार अनुभव रहा। हमने वास्तव में अच्छा खेल दिखाया। जब हम एशियाई खेलों के लिए रवाना हुए तो हम जानते थे कि हमारी टीम काफी मजबूत है और हमारे मन में यह बात थी कि हमें भविष्य के टूर्नामेंट के लिए इसी तरह से तैयारी करने की जरूरत है। हम स्वर्ण पदक के हकदार थे।'' उन्होंने कहा,‘‘हम भविष्य की प्रतियोगिताओं में इसी मानसिकता के साथ उतरेंगे तथा एशियाई खेलों के लिए हमने जिस तरह की तैयारी की थी उसी तरह की तैयारियां आगे भी करेंगे।'' समारोह के दौरान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने महिला क्रिकेटरों के अलावा निशानेबाजी और नौकायन दल को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
-
हांगझोउ. भारत के एकल टेनिस खिलाड़ी 2006 के बाद पहली बार एशियाई खेलों से खाली हाथ लौटेंगे चूंकि सुमित नागल और पिछली बार की कांस्य पदक विजेता अंकिता रैना बुधवार को क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए । नागल के लिये दुनिया के 60वें नंबर के खिलाड़ी जिझेन झांग को हराना आसान नहीं था । वह दो घंटे 16 मिनट में 7 . 6, 1 . 6, 2 . 6 से हार गए । सोमदेव देववर्मन ने 2010 में पुरूष एकल में स्वर्ण जीता था । उसके बाद युकी भांबरी (2014 इंचियोन) और प्रजनेश गुणेश्वरन (2018 जकार्ता) ने कांस्य पदक जीता था । दोहा में 2006 में हुए खेलों में रोहन बोपन्ना और करण रस्तोगी एकल वर्ग में पदक दौर में नहीं पहुंच सके थे । रैना को जापान की हारूका राजी ने क्वार्टर फाइनल में 3 . 6, 6 . 4, 6 . 4 से हराया ।
रामकुमार रामनाथन तीसरे और रूतुजा भोसले दूसरे दौर में ही हार गए थे ।
पुरूष युगल और मिश्रित युगल में भारतीय चुनौती अभी भी बाकी है । -
हांगझोउ. भारतीय निशानेबाजों ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों की महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में टीम स्पर्धा का रजत पदक जीता। आशी चौकसी, माणिनी कौशिक और सिफ्ट कौर सामरा की तिकड़ी क्वालीफिकेशन में 1764 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही। मेजबान चीन ने कुल 1773 अंक के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि दक्षिण कोरिया ने 1756 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। सिफ्ट और आशी क्रमश: दूसरे और छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में भी जगह बनाने में सफल रहीं जबकि माणिनी 18वें स्थान के साथ फाइनल में प्रवेश नहीं कर पाईं। सिफ्ट ने 594 अंक बनाए जो क्वालीफाइंग में संयुक्त रूप से नया एशियाई रिकॉर्ड है।
-
नई दिल्ली। भारत ने चीन के हांगचोओ में जारी एशियाई खेलों में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और कल चौथे दिन आठ पदक जीते थे। भारत को निशानेबाजी में दो स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक मिले मिले हैं जबकि नौकायन में एक कांस्य पदक प्राप्त हुआ है। एशियाई खेलों में वुशु में रोशिबिना को रजत पदक मिला है। फाइनल में रोशिबिना को चीन की वू जियाओ वेई से हार का सामना करना पडा है।
निशानेबाजी में अर्जुन सिंह चीमा, सरबजोत सिंह और शिव नरवाल पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल क्वालीफिकेशन में हिस्सा ले रहे हैं।महिला बैडमिंटन में पीवी सिंधु को आज आसान जीत मिली है। उन्होंने मंगोलिया की खिलाड़ी को 21-2, 21-3 से पराजित किया। टेनिस में पुरुष डबल्स के लिए रामकुमार रामनाथन और साकेत माइनेनी की जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंच गई है। मिक्स्ड डबल्स में रोहन बोपन्ना और रुतुजा भोसले ने जीत हासिल की है। कुल 22 पदकों के साथ भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर है। इनमें पांच स्वर्ण, सात रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं। -
नई दिल्ली। भारत ने चीन के हांगचोओ में जारी एशियाई खेलों में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और देश को आज कुल सात पदक मिले हैं। निशानेबाजी में भारत ने दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक हासिल किए। सिफत कौर समरा ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पी व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रतियोगिता में आशी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। ईशा सिंह ने महिलाओं की व्यक्तिगत 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक पर कब्जा किया। इससे पहले 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में मनु भाकर, ईशा सिंह और रिदम सांगवान ने चीन को तीन अंकों से हराकर चौथा स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय टीम ने रजत पर भी निशाना साधा है और उसने 50 मीटर 3पी की टीम स्पर्धा में चांदी का तमगा हासिल किया। वहीं, पुरुष टीम में अनंत नरूका, गुरजीत सिंह और अंगद बाजवा ने स्कीट में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए 19वां पदक पक्का किया।
नौकायन में विष्णु सरवनन ने पुरुषों की डोंगी आई.एल.सी.ए. 7 में 34 के नेट स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। महिला हॉकी टीम ने आज अपने पहले ही मैच में बड़ी जीत हासिल की है और सिंगापुर को 13-0 के अंतर से हराया।तलवारबाजी में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है और जॉर्डन को 45-36 से पराजित किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है और सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए दक्षिण कोरिया के साथ खेलेगी।स्क्वॉश में भारत ने पूल बी के अपने दूसरे मैच में नेपाल को 3-0 से शिकस्त दी। कुल 21 पदकों के साथ भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर है। इसमें पांच स्वर्ण, छह रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं। -
हांगझोउ. भारत की ड्रेसेज टीम ने मंगलवार को यहां एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता जो घुड़सवारी के इतिहास में देश का सिर्फ दूसरा स्वर्ण पदक है। सुदीप्ति हजेला, दिव्यकृति सिंह, विपुल हृदय छेडा और अनुश अग्रवाला की टीम उम्मीदों पर खरी उतरी। यह चौकड़ी चयन ट्रायल के दौरान भी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और इनके स्कोर पिछले एशियाई खेलों के पदक विजेतों से बेहतर या बराबर थे। भारत ने कुल 209.205 प्रतिशत अंक के साथ चीन (204.882 प्रतिशत अंक) और हांगकांग (204.852 प्रतिशत अंक) को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। खेल के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत ने ड्रेसेज स्पर्धा में टीम स्वर्ण पदक जीता। भारत ने कांस्य पदक के रूप में ड्रेसेज में पिछला पदक 1986 में जीता था। भारत ने घुड़सवारी में पिछला स्वर्ण पदक नयी दिल्ली में 1982 में हुए एशियाई खेलों में जीता था। तब भारत ने इवेनटिंग और टेंट पेगिंग स्पर्धाओं में तीन स्वर्ण पदक जीते थे। रघुबीर सिंह ने 1982 में व्यक्तिगत इवेनटिंग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद गुलाम मोहम्मद खान, बिशाल सिंह और मिल्खा सिंह के साथ मिलकर टीम स्वर्ण पदक भी जीता था। रूपिंदर सिंह बरार ने व्यक्तिगत टेंट पेगिंग में भारत को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया था।
ड्रेसेज स्पर्धा में घोड़े और राइडर के प्रदर्शन को कई मूवमेंट पर परखा जाता है। प्रत्येक मूवमेंट पर 10 में से अंक (शून्य से 10 तक) मिलते हैं। प्रत्येक राइडर का कुल स्कोर होता है और वहां से प्रतिशत निकाला जाता है। सबसे अधिक प्रतिशत वाला राइडर अपने वर्ग का विजेता होता है। टीम वर्ग में शीर्ष तीन राइडर के स्कोर को टीम के स्कोर में शामिल किया जाता है। भारतीय टीम के स्कोर में एड्रेनेलिन फिरफोड पर सवार दिव्यकृति, विपुल(चेमक्सप्रो एमरेल्ड) और अनुश (एट्रो) के स्कोर शामिल थे। भारतीय टीम की सबसे युवा सदस्य 21 साल की सुदीप्ति ने कहा, ‘‘यहां स्वर्ण पदक जीतना अविश्वसनीय है। हमारे में से किसी के लिए भी सफर आसान नहीं रहा। हम सभी काफी कप उम्र में यूरोप चले गए थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने परिवारों से दूर वर्षों तक कड़ी मेहनत की। हमने काफी बलिदान दिए।
सुदीप्ति ने कहा, राष्ट्रगान बज रहा था और राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहा था, इससे बेहतर अहसास कोई नहीं है। सभी इसी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और हमने अपने सपने को जिया। ड्रेसेज में भारत का पहला स्वर्ण पदक।'' दिव्यकृति ने कहा कि उनकी उपलब्धि में उनके घोड़ों की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा, हमारे घोड़ों की भी सराहना होनी चाहिए। उनके बिना हम कुछ भी नहीं हैं। दिव्यकृति ने कहा, ‘‘यह लंबा सफर रहा और आसान नहीं रहा। हमारे में से किसी ने भी इस बारे (स्वर्ण पदक जीतने) में नहीं सोचा था लेकिन हमने अपना शत प्रतिशत दिया और हमने कर दिखाया।''
-
राजकोट. भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने मंगलवार को कहा कि बेहतरीन फॉर्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल सहित पांच खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे, क्योंकि कुछ खिलाड़ी वायरल से पीड़ित है जबकि कुछ खिलाड़ियों ने घर लौटने का विकल्प चुना है। तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 से आगे चल रहे भारत को इस तरह से अंतिम वनडे के लिए 13 खिलाड़ियों में से टीम का चयन करना होगा। गिल को जहां विश्राम दिया गया है वहीं एशिया कप के दौरान चोटिल होने वाले अक्षर पटेल राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में उपचार करा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो वनडे में खेलने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और शार्दुल ठाकुर तथा श्रृंखला में एक भी मैच नहीं खेलने वाले हार्दिक पंड्या अपने घर लौट गए हैं। रोहित ने तीसरे मैच की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से कहा,‘‘हमारे कुछ खिलाड़ी अस्वस्थ हैं और चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे जबकि कुछ खिलाड़ी निजी कारणों से घर लौट गए हैं। इसके अलावा कुछ खिलाड़ियों को विश्राम दिया गया है। अभी हमारे पास चयन के लिए केवल 13 खिलाड़ी मौजूद हैं।'' उन्होंने कहा, गिल को विश्राम दिया गया है, जबकि शमी, हार्दिक और शार्दुल निजी कारणों से घर लौट गए हैं। अक्षर पटेल इस मैच के लिए उपलब्ध नहीं है।'' रोहित ने कहा कि कुछ खिलाड़ी वायरल से पीड़ित हैं जिससे उनके चयन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने कहा, कुछ खिलाड़ी वायरल की चपेट में आ गए हैं जिससे अभी टीम में अनिश्चितता बनी हुई है और इस मामले में हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
- हांगझोउ,। युवा तेज गेंदबाज टिटास साधू के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने सोमवार को श्रीलंका को 19 रन से हराकर एशियाई खेलों की महिला क्रिकेट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता । बल्लेबाजी के लिये कठिन पिच पर भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 116 रन बनाये । जवाब में श्रीलंका की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 97 रन ही बना सकी । चार दिन बाद अपना 19वां जन्मदिन मनाने जा रही साधू ने चार ओवर में छह रन देकर तीन विकेट लिये । लेग स्पिनर देविका वैद्य ने चार ओवर में 15 रन देकर एक विकेट चटकाया ।बायें हाथ की स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ और आफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने खराब शुरूआत की लेकिन बाद में लय पकड़ ली । भारत शुरू से ही स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन क्रिकेट का स्तर और पिच दोनों खराब रहे । साधू ने पहले दो ओवर में ही तीन विकेट निकाल दिये जिनमें श्रीलंकाई कप्तान चामारी अटापट्टू का विकेट शामिल है । भारतीय महिला टीम को झूलन गोस्वामी के संन्यास के बाद एक तेज गेंदबाज की कमी खल रही है । साधू ने प्रतिभा की बानगी पेश की लेकिन कठिन प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उसकी असल परीक्षा होगी । भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने दीप्ति से गेंदबाजी की शुरूआत कराई लेकिन अटापट्टू ने उसे आते ही छक्का और चौका जड़ा । दूसरे ओवर में साधू ने अनुष्का संजीवनी (1) को मिडआफ पर हरमनप्रीत के हाथों लपकवाया । उसने इसके बाद विष्मी गुणरत्ने (0) को आउट किया और अगले ओवर में अटापट्टू को रवाना किया । तीन विकेट 14 रन पर गंवाने के बाद हसिनी परेरा (25 रन) ने श्रीलंका को 50 रन के पार पहुंचाया । राजेश्वरी ने उनका विकेट लिया । निलाक्षी डिसिल्वा (23 रन) और ओषाडी रणसिंघे (19) ने पांचवें विकेट के लिये 38 रन जोड़े । पूजा वस्त्राकर ने डिसिल्वा को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा जबकि दीप्ति ने रणसिंघे का विकेट लिया । इससे पहले भारत के लिये स्मृति मंधाना (45 गेंद में 46 रन) और जेमिमा रौड्रिग्ज (40 गेंद में 42 रन) ने दूसरे विकेट के लिये 73 रन जोड़े ।
- हांगझोउ । भारत के नौकायन खिलाड़ियों ने दो स्पर्धाओं में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए कांस्य पदक जीते और सोमवार को यहां एशियाई खेलों की वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में अपने पदकों की संख्या को पांच तक पहुंचाया। दिन की शुरुआत जसविंदर सिंह, भीम सिंह, पुनीत कुमार और आशीष गोलियान की टीम ने पुरुष फोर स्पर्धा में कांस्य पदक के साथ की जिसके बाद सतनाम सिंह, परमिंदर सिंह, जाकर खान और सुखमीत सिंह ने पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स में कांस्य पदक अपने नाम किया। क्वाड्रपल स्कल्स में भारतीय टीम ने छह मिनट 8.61 सेकेंड का समय लिया। चीन (6:02.65) को स्वर्ण जबकि उज्बेकिस्तान (6:04.64) को रजत पदक मिला। भारतीय टीम शुरुआत में चौथे स्थान पर थी लेकिन 2000 मीटर की रेस के अंतिम 500 मीटर में वापसी के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीता। पुरुष फोर स्पर्धा में भी भारतीय चौकड़ी 2000 मीटर के अंतिम 500 मीटर से पहले चौथे स्थान पर चल रही थी लेकिन शानदार वापसी करते हुए छह मिनट 10.81 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रही। चीन (6:10.04) ने बेहद मामूली अंतर से भारतीय टीम को पछाड़कर रजत पदक जीता। स्वर्ण पदक उज्बेकिस्तान की टीम के नाम रहा जिसने छह मिनट 4.96 सेकेंड का समय लिया।भारत के बलराज पंवार हालांकि पुरुष एकल स्कल्स में चौथे स्थान पर रहते हुए एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतने से चूक गए। करनाल के 24 साल के बलराज 1500 मीटर तक शीर्ष तीन में शामिल थे लेकिन अंतिम 500 मीटर में चौथे स्थान पर पिछड़ गए। उन्होंने सात मिनट 8.79 सेकेंड का समय लिया। हांगकांग के हिन चुन च्यु (7:00.55) ने बलराज को पछाड़कर कांस्य पदक जीता।चीन के लियांग झेंग (6:57.06) ने स्वर्ण जबकि जापान के रयुता अराकावा (6:59.79) ने रजत पदक अपने नाम किया। भारत की महिला टीम ने सबसे अधिक निराश किया जो महिला ऐट स्पर्धा में पांच टीम की स्पर्धा में सात मिनट 5.71 सेकेंड के समय के समय के साथ अंतिम स्थान पर रही। चीन ने छह मिनट 33.61 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता।सोनाली स्वेन, रितु कौड़ी, प्रिया देवी थांगजाम, वर्षा कट्टाथारा, अश्वती पादिनजरायिल, मृणमयी सलगांवकर, तेंडेनथोई देवी हाओबिजम, रूकमणि और गीतांजलि गुरुगुबेली की टीम अन्य प्रतिद्वंद्वियों को कोई चुनौती पेश नहीं कर पाई। यहां तक की चौथे स्थान पर रही थाईलैंड की टीम ने भी भारतीय टीम को 15 सेकेंड से अधिक अंतर से पछाड़ा।भारत नौकायन में अब तक दो रजत और पांच कांस्य पदक जीत चुका है।भारत ने रविवार को दो रजत और एक कांस्य पदक जीता था।
- हांगझोउ। भारतीय निशानेबाजों ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए टीम स्वर्ण पदक सहित तीन पदक जीते जिससे निशानेबाजी प्रतियोगिता में भारत दो दिन में पांच पदक जीत चुका है। विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल की अगुआई में भारत की 10 मीटर एयर राइफल टीम ने विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ मौजूदा एशियाई खेलों में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में रुद्रांक्ष को पछाड़ा जो चौथे स्थान पर रहे। आदर्श सिंह, अनीष भानवाला और विजयवीर सिद्धू की भारतीय तिकड़ी ने 25 मीटर रेपिड फायर पिस्टल की टीम स्पर्धा में 1718 अंक से इंडोनेशिया के साथ टाई रहने के बाद कांस्य पदक जीता। चीन ने 1765 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि दक्षिण कोरिया ने 1734 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया।विजयवीर ने क्वालीफिकेशन में 582 अंक के साथ छठे स्थान पर रहते हुए छह निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई। आदर्श (576) 14वें जबकि अनीष (560) 22वें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे। ऐश्वर्य ने तीसरे स्थान के शूट ऑफ में रुद्रांक्ष को पछाड़कर 228.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।ऐश्वर्या पार्क हाजुन को पछाड़कर रजत पदक जीतने की दौड़ में शामिल थे लेकिन अंतिम शॉट पर 9.8 अंक के साथ बाहर हो गए। दक्षिण कोरिया के इस निशानेबाज को अंतत: रजत पदक जीता जबकि चीन के शेंग लिहाओ ने 253.3 अंक के विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले रुद्रांक्ष, ओलंपियन दिव्यांश पंवार और ऐश्वर्य की तिकड़ी ने क्वालीफिकेशन दौर में 1893.7 के कुल स्कोर के साथ चीन और दक्षिण कोरिया की मजबूत टीमों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कुल स्कोर का पिछला विश्व रिकॉर्ड 1893.3 अंक का था जिसे एक महीने से भी कम समय पहले चीन की टीम ने अजरबेजान के बाकू में विश्व चैंपियनशिप के दौरान बनाया था। दक्षिण कोरिया ने कुल 1890.1 अंक के साथ रजत पदक जीता जबकि 1888.2 अंक के साथ कांस्य पदक चीन की झोली में गया। भारत के एयर राइफल निशानेबाजों ने दबदबे वाला प्रदर्शन किया। उन्नीस साल के रुद्रांक्ष ने 632.5, तोमर ने 631.6 और दिव्यांश ने 629.6 अंक बनाए। रुद्रांक्ष और तोमर ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में भी जगह सुनिश्चित की।भारत के तीनों निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। दिव्यांश हालांकि निराश होंगे क्योंकि वह एशियाई खेलों के उस नियम के कारण फाइनल में जगह नहीं बना पाए जिसके तहत एक देश के सिर्फ दो निशानेबाजों को ही फाइनल में जगह मिल सकती है। रुद्रांक्ष क्वालीफिकेशन में तीसरे और तोमर पांचवें स्थान पर रहे। दिव्यांश आठवें स्थान पर रहे और अगर यह विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप या और कोई महाद्वीपीय प्रतियोगिता होती तो तीनों भारतीय निशानेबाज फाइनल में जगह बनाते। इस नियम का फायदा कजाखस्तान के इस्लाम सातपायेव को मिला जिन्होंने नौवें स्थान पर रहने के बावजूद दिव्यांश की जगह फाइनल में जगह बनाई। चीन के शेंग लिहाओ 634.5 अंक के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहे जो क्वालीफिकेशन में एशियाई खेलों का रिकॉर्ड है। दक्षिण कोरिया के पार्क हाजुन ने 632.8 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। भारतीय तिकड़ी की हालांकि स्वर्ण पदक की राह आसान रही। रुद्रांक्ष ने 104.8, 106.1, 103.8, 105.5 106.7 और 105.6 की सीरीज बनाई जबकि तोमर ने 104.1, 105.5, 105.3, 105.7, 105.7 और 105.3 अंक जुटाए। तोक्यो ओलंपिक 2020 में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले दिव्यांश की सीरीज 104.8, 104.3, 104.6, 104.7, 106.3 और 104.9 अंक की रही। रुद्रांक्ष के पिता बालासाहब पाटिल ने अपने बेटे के स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मेरा बेटा खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध था। उसे अपनी क्षमताओं पर काफी भरोसा है और हांगझोउ के लिए रवाना होने से पहले रुद्रांक्ष ने कहा था कि वह देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने को लक्ष्य बनाएगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हांगझोउ के लिए रवाना होने से पहले उसने अपनी निशानेबाजी की मामूली खामियों को दूर किया। पिछले दो महीने में उसने कड़ी मेहनत की।'' भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने रुद्रांक्ष को आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप के लिए बाकू जाने वाली टीम में शामिल नहीं किया था क्योंकि महासंघ अन्य निशानेबाजों को भेजकर देश के लिए अधिक पेरिस ओलंपिक कोटा स्थान हासिल करना चाहता था। पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर रुद्रांक्ष पहले ही देश के लिए ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं।
-
हांगझोउ. ललित उपाध्याय, वरूण कुमार और मनदीप सिंह की हैट्रिक के दम पर भारत ने एशियाई खेलों की पुरूष हॉकी स्पर्धा में रविवार को उजबेकिस्तान को 16 . 0 से रौंदकर जीत के साथ आगाज किया। तोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता दुनिया की तीसरे नंबर की टीम भारत के लिये यह पूल ए का बेमेल मुकाबला था । उजबेकिस्तान एफआईएच रैंकिंग में 66वें स्थान पर है । भारत की ओर से ललित उपाध्याय (सातवां, 24वां ,37वां और 53वां मिनट) , मनदीप सिंह (18वां, 27वां और 28वां मिनट) और वरूण कुमार (12वां, 36वां, 50वां और 52वां मिनट) ने हैट्रिक लगाई । अभिषेक (17वां) , सुखजीत सिंह (42वां), शमशेर सिंह (43वां), अमित रोहिदास (38वां) और संजय (57वां) ने गोल किये । भारत को अब 26 सितंबर को सिंगापुर से खेलना है ।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने यह मैच नहीं खेला । उद्घाटन समारोह में वह ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन के साथ भारतीय दल के ध्वजवाहक थे जिसके बाद उन्हें आराम दिया गया । भारतीयों ने शुरू ही से दबदबा बनाते हुए सातवें मिनट में पहला गोल दाग दिया । भारत को पूरे 60 मिनट में 14 पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से पांच पर ही गोल हो सका जो कोच क्रेग फुल्टोन के लिये चिंता का विषय है । भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति और मिडफील्डरों ने मिलकर 10 गोल किये और एक गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर मिला ।
भारत को पांचवें ही मिनट में मौका मिला था लेकिन अभिषेक के शॉट को उजबेक गोलकीपर ने बचा लिया । इसके बाद सुखजीत ने भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर दिलाया लेकिन संजय उस पर गोल नहीं कर सके । ललित ने रिबाउंड पर गोल दागा । भारत की बढत 12वें मिनट में वरूण ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके दुगुनी की ।
दूसरे क्वार्टर की शुरूआत में भारत को मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया । भारत का तीसरा गोल 17वें मिनट में अभिषेक ने बाये फ्लैंक से मनदीप से मिले पास पर किया । मनदीप ने ब्रेक से पहले एक मिनट के भीतर दो गोल दागे । भारत को तीन मिनट के भीतर दो पेनल्टी कॉर्नर और मिले लेकिन गोल नहीं हो सका । हाफटाइम तक भारत के पास 7 . 0 की बढत थी । बारी बारी से गोलकीपिंग करने वाले पी आर श्रीजेश और कृशन बहादुर पाठक महज दर्शक बने रहे क्योंकि उजबेक खिलाड़ी हमले ही नहीं बोल सके । भारत ने आखिरी दो क्वार्टर में नौ और गोल किये जिनमें से चार पेनल्टी कॉर्नर और एक स्ट्रोक पर मिला । -
हांगझोउ. भारतीय निशानेबाजों ने एशियाई खेलों में अच्छी शुरूआत करते हुए रविवार को महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि रमिता जिंदल को व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक मिला । अनुभवी मेहुली घोष, रमिता जिंदल और आशी चौकसी की तिकड़ी ने 1886 अंक हासिल करके दूसरा स्थान पाया । चीन ने 1896 . 6 अंक के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता । जूनियर विश्व चैम्पियन रमिता ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 230 . 1 स्कोर करके व्यक्तिगत स्पर्धा का कांस्य पदक भी जीता । चीन ने रजत और कांस्य पदक जीते । हुआंग युटिंग ने खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 252 . 7 अंक लेकर स्वर्ण जीता जबकि हान जिआयु को रजत पदक मिला । रमिता रजत पदक की दौड़ में थी लेकिन 13वें शॉट पर 9 . 9 स्कोर करने से पिछड़ गई । मेहुली घोष 208 . 43 स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रही । क्वालीफिकेशन दौर में 19 वर्ष की रमिता ने 631 . 9 स्कोर करके दूसरा स्थान हासिल किया जबकि मेहुली 630 . 8 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही । रमिता ने क्वालीफिकेशन दौर में छह सीरिज में 104.3, 106.7, 105.2, 104.3, 105.4 और 106 स्कोर किया । वह चीन की हान जियान के बाद दूसरे स्थान पर रही । जियान ने 634 . 1 स्कोर करके एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया । मेहुली ने क्वालीफिकेशन में 630 . 8 अंक बनाये । उन्होंने 104.6, 105.7, 104.6, 105.1, 104.9 और 105.9 स्कोर किया । आशी चौकसी फाइनल में जगह नहीं बना सकी और 623 . 3 के स्कोर के साथ 28वें स्थान पर रही । भारतीय तिकड़ी का कुल स्कोर 1886 . 0 रहा जिससे उसे रजत पदक मिला ।
-
हांगझोउ. भारतीय नौकायन खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में रविवार को शानदार शुरूआत करते हुए दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। सुबह अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह ने पुरूष लाइटवेट डबल स्कल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला । भारतीय जोड़ी 6 : 28 . 18 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रही । चीन के जुंजी फान और मान सुन ने 6 : 23 . 16 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक हासिल किया । उजबेकिस्तान के शखजोद नुरमातोव और सोबिरजोन सफरोलियेव ने कांस्य पदक अपने नाम किया ।
पुरूषों की कॉक्स एट स्पर्धा में भारत और चीन के बीच कड़ा मुकाबला था जिसमें भारतीय टीम 5 : 43 . 01 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रही । चीन ने 2 . 84 सेकंड से बाजी मारकर स्वर्ण पदक जीता । भारतीय टीम में नीरज, नरेश कलवानिया, नीतिश कुमार, चरणजीत सिंह, जसविंदर सिंह, भीम सिंह, पुनीत कुमार और आशीष शामिल थे । टीम में ‘कॉक्सवे' की भूमिका निभाने वाले धनंजय उत्तम पांडे ने कहा, ‘‘ यह हमारे लिए एक शानदार रेस थी। यह उस योजना के अनुसार हुआ, जिस पर हमने कल अपने कोच और साथियों के साथ काम किया था।'' इंडोनेशिया को कांस्य पदक मिला । जापान और उजबेकिस्तान जैसे नौकायन के धुरंधरों की टीमें पाचवें और चौथे स्थान पर रही । उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा लक्ष्य उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया और जापान जैसी मुख्य टीमों पर दबाव बना कर जीत के लिए चीन को चुनौती देने का था।'' भारतीय टीम में उनके साथ खिलाड़ी नीतीश ने कहा, ‘‘ हम 2019 से एक साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। हम सभी ने एक साथ शिविरों में भाग लिया है। हमें अभी और प्रतियोगिताओं में चुनौती पेश करनी है। हम उसके बाद ही एक साथ जश्न मनाएंगे।" कॉक्सलेस पेयर में भारत के बाबूलाल यादव और लेख राम को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 6 : 50 .41 सेकंड का समय निकाला । हांगकांग चीन ने स्वर्ण और उजबेकिस्तान ने रजत पदक जीता । भारत ने नौकायन में 33 सदस्यीय दल भेजा है । अरविंद ने पदक जीतने के बाद कहा कि उनका लक्ष्य स्वर्ण था लेकिन दो महीने पहले लगी चोट के कारण उनकी तैयारियां बाधित हुई । उन्होंने कहा ,‘‘ हम 20 . 25 दिन अभ्यास नहीं कर सके क्योंकि मेरी कमर में चोट लगी थी। मैं इलाज के लिये हैदराबाद भी गया और फिजियो ने मुझ पर काफी मेहनत की । उसी की वजह से मैं वापसी कर सका और यह पदक जीता।'' उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य पेरिस ओलंपिक 2024 में पदक जीतना है ।
उन्होंने कहा ,अब हम पेरिस ओलंपिक पर ध्यान केंद्रित करेंगे और 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने की कोशिश करेंगे ।'' उनके साथी अर्जुन ने कहा ,‘‘ हमने स्वर्ण जीतने की पूरी कोशिश की । हमारे कोच ने कहा कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करो । हम अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दोहरा सके जो हमने पुणे में आर्मी नोडल सेंटर में किया था ।'' अरविंद और अर्जुन पिछले चार साल से साथ में अभ्यास कर रहे हैं जो उनके जबर्दस्त तालमेल में नजर आया ।
अर्जुन ने कहा ,‘‘ हम पिछले चार साल से इसकी तैयारी कर रहे थे । हम तोक्यो ओलंपिक में भी सेमीफाइनल तक पहुंचे थे ।'' भारत ने इन खेलों में 33 नौकायन खिलाड़ियों की बड़ी टीम भेजी है। -
नई दिल्ली। चीन के हांगचोओ में एशियाई खेलों में आज भारत ने अब तक तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत लिए हैं। निशानेबाजी में भारत की मेहुली घोष, रमिता और आशी चौकसे की टीम ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता। प्रतियोगिता का स्वर्ण चीन ने और कांस्य पदक मंगोलिया ने जीता। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रमिता ने कांस्य पदक हासिल किया।
रोइंग में पुरुषों की लाइटवेट डबल्स स्कल्स स्पर्धा में भारत के अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह ने रजत पदक जीता। अर्जुन और अरविंद ने इस जीत का श्रेय अपने संस्थान और पिछले चार वर्ष की अपनी मेहनत पर दिया।रोइंग की पुरूष ऐट स्पर्धा में भी भारत ने रजत पदक जीता। रोइंग में भारत ने पुरूषों की पेयर स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया।महिला क्रिकेट में भारत ने बाग्लादेश को आठ विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए बाग्लादेश की पूरी टीम 17 ओवर और पांच गेंद में केवल 51 रन पर सिमट गई। जवाब मेंभारत ने आठ ओवर और दो गेंद में केवल दो विकेट खोकर 52 रन बनाकर मैच जीत लिया। फाइनल में कल भारत का मुकाबला श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। पुरूष हॉकी में भारत ने उज्बेकिस्तान को 16-0 से पराजित किया। भारत का अगला मुकाबला मंगलवार को सिंगापुर से होगा।महिला फुटबॉल में आज भारत का सामना थाइलैंड से होगा। पुरुष फुटबॉल में भारत का मुकाबला म्यांमार से होगा। भारतीय खिलाडी वुशू, टेबल टेनिस और टेनिस में भी अपनी चुनौती रख रहे हैं। मुक्केबाजी में निकहत जरीन और लवलीन बोरगोहाईं आज रिंग में उतरेंगी।पदक तालिका में भारत तीन रजत तीन कांस्य पदक के साथ तीसरे स्थान पर है। चीन 11 स्वर्ण पदक के साथ पहले नम्बर पर है। हांगकॉंग एक स्वर्ण लेकर दूसरे स्थान पर है। -
मोहाली. भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला की शुरुआत से पहले गुरुवार को कहा कि रविचंद्रन अश्विन की क्षमता के गेंदबाज को ‘ट्रायल' पर नहीं रखा जाता जबकि सूर्यकुमार यादव जैसी क्षमता के खिलाड़ी को विश्व कप टीम में अपनी जगह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। अश्विन और वाशिंगटन सुंदर को अक्षर पटेल के संभावित विकल्प के रूप में टीम में जगह दी गई है और अगर यह स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर जांघ की चोट से उबरने में नाकाम रहता है तो इन दोनों में से किसी एक को टीम में जगह मिल सकती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला को अश्विन और वाशिंगटन के बीच ट्रायल के रूप में देखा जा रहा है। द्रविड़ हालांकि अनुभवी ऑफ स्पिनर अश्विन के दर्जे के खिलाड़ी के लिए ‘ट्रायल' शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहते। द्रविड़ ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि यह उसके (अश्विन के लिए) लिए ट्रायल या कुछ और है, हमें उसके स्तर का पता है। यह उसके पास इस प्रारूप में खेलने का मौका है और हम बस उसे दो या तीन मैच खेलने का मौका देना चाहते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारे पास अश्विन जैसा खिलाड़ी है तो किसी के चोटिल होने पर हम और किस पर भरोसा कर सकते हैं, यह हमारे लिए दुआ की तरह है। यह उसके लिए खुद को परखने का मौका है क्योंकि वह लंबे समय से 50 ओवर का क्रिकेट नहीं खेला है।'' अश्विन ने 113 मैच में 151 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए हैं लेकिन पिछले छह साल में 50 ओवर के सिर्फ दो मैच खेले हैं। अक्षर अगर टीम में जगह नहीं बना पाते हैं तो अश्विन अपने वर्षों के अनुभव के साथ आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के आदर्श दावेदार होंगे। अश्विन को 19 महीने बाद इस प्रारूप में खिलाने के कारण पर द्रविड़ ने कहा, ‘‘अश्विन जैसा खिलाड़ी आपको अनुभव देता है, आठवें नंबर पर बल्ले से योगदान देने की क्षमता। ऐसे व्यक्ति जिसके बारे में मौका बनने की स्थिति में हमने हमेशा सोचा है, जो निश्चित तौर पर हमारी योजना का हिस्सा है।'' सूर्यकुमार के मामले में द्रविड़ ने कहा कि टीम टी20 के इस दिग्गज खिलाड़ी का इस प्रारूप में प्रभाव छोड़ने के लिए पूरा समर्थन करेगी जिसमें 27 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनका औसत 25 से भी कम है। तो क्या सूर्यकुमार को 27 सितंबर को लेकर चिंतित होना चाहिए जिस दिन भारत अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा करेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि सूर्या को 27 सितंबर को लेकर चिंता करने की जरूरत है। इसीलिए हमने विश्व कप के लिए अपनी टीम नहीं चुनी, और सूर्या उसमें हैं और हम इसका पूरी तरह से समर्थन करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम उसका (सूर्या का) समर्थन करते हैं क्योंकि उसमें क्षमता और स्तर है जो हमने देखा है। '' कोच ने कहा कि सूर्यकुमार अगर तीनों नहीं तो शुरुआत दो मैच में तो खेलेंगे और उन्हें भरोसा है कि यह तेज गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करेगा। यह भी पता चला है कि श्रृंखला के दौरान तेज गेंदबाजों को रोटेट (बदलकर इस्तेमाल करना) किया जाएगा जिससे कि उन्हें विश्व कप के लिए तरोताजा रखा जा सके। इसी को देखते हुए टीम प्रबंधन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों को भी आराम दिया है। -
नयी दिल्ली. भारतीय हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह और ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन 23 सितंबर को हांगझोउ में एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने बुधवार को इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के लिए संयुक्त ध्वजवाहक बनाने का फैसला किया। एशियाई खेलों में इस दफा कुल 655 भारतीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जो देश का अब तक का सबसे बड़ा दल है। भारतीय दल के दल प्रमुख भूपेंदर सिंह बाजवा ने कहा, हमने आज काफी सोच विचार के बाद यह फैसला किया। '' भारतीय वुशु संघ के प्रमुख बाजवा ने कहा, ‘‘इस बार एशियाई खेलों के लिए हमारे दो ध्वजवाहक होंगे - हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह और मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन। '' स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा 2018 जकार्ता एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक बने थे। लवलीना ने तोक्यो ओलंपिक में 69 किग्रा वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इस साल उन्होंने नयी दिल्ली में महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप की 75 किग्रा स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। हरमनप्रीत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रैगफ्लिकर में शुमार हैं और वह तोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे जिससे भारतीय हॉकी टीम का ओलंपिक में चार दशक से ज्यादा लंबे समय से चला आ रहा पदक का सूखा समाप्त हुआ था। भारतीय पुरुष हॉकी टीम हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक पर निगाह लगाये होगी ताकि वह 2024 पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए स्वत: क्वालीफिकेशन हासिल कर ले। बाजवा के साथ एशियाई खेलों में चार उप दल प्रमुख होंगे। वह आईओए द्वारा कुश्ती के लिए गठित तदर्थ समिति के चेयरमैन भी हैं।
- न्यूयॉर्क । स्विस स्टार रोजर फेडरर की 2018 आस्ट्रेलियाई ओपन में अपने 20वें और अंतिम ग्रैंडस्लैम खिताब के दौरान पहनी गयी पोशाक की बुधवार से ऑनलाइन नीलामी होगी। नीलामी कराने वाली ‘प्रेस्टिज मेमोरेबलिया' के अनुसार, ‘‘ नाइके की इस पोशाक के नीलामी में 35,000 डॉलर तक मिलने की उम्मीद है। '' इस पोशाक में उनकी शर्ट और शार्ट शामिल होंगे जिसमें दोनों पर फेडरर के हस्ताक्षर होंगे जिन्होंने एक साल पहले टेनिस को अलविदा कह दिया था। नीलामी के लिये बोली आठ अक्टूबर को समाप्त होगी।
-
नयी दिल्ली. युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने कहा कि थॉमस कप चैम्पियन भारतीय टीम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की दावेदार होगी। सेन 2021 में विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता है। वह पिछले साल मई में भारत की थॉमस कप जीत में अहम भूमिका निभाने वालों में से एक थे। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में भारत स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार होगा। सेन ने कहा, ‘‘ निश्चित रूप से हम जीत के दावेदार हैं। टीम वास्तव में दमदार दिख रही है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह वही टीम है जिसने थॉमस कप जीता था, इसलिए हम विश्व चैंपियन के रूप में जा रहे हैं। मुझे लगता है कि जो खिलाड़ी हमारे खिलाफ खेल रहे हैं वे जानते हैं कि भारत को हराना आसान नहीं है। हम दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकते हैं।'' सेन ने कहा कि एशियाई खेलों में चैंपियन बनने के लिए पूरी टीम को एकजुटता से प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि हमारे अंदर आत्मविश्वास की कमी है। हमारे बीच यह एक दूसरे के प्रति सम्मान है और हम जानते हैं कि इसे कैसे निभाना है। प्रतियोगिता में सभी टीमें कठिन हैं और हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा।'' सेन ने कहा, ‘‘वहां अच्छा प्रदर्शन करने के लिए हमें अच्छे सामूहिक प्रयास की जरूरत होगी। पूरी टीम सकारात्मक है और हम अच्छे नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं।'' अल्मोड़ा के इस 22 साल के खिलाड़ी ने 2018 युवा ओलंपिक में रजत और 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। वह एशियाई खेलों के 19वें आयोजन में सिर्फ टीम स्पर्धा का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘ एशियाई खेलों में यह मेरा पहला अनुभव होगा। वहां राष्ट्रमंडल खेलों और युवा ओलंपिक जैसा ही माहौल है।‘‘ सेन ने कहा, ‘‘ मैं प्रतियोगिता का इंतजार कर रहा हूं । इस दौरान मुझे भारत और दूसरे देशों के खिलाड़ियों से मिलने और उनके बारे में समझने का भी मौका मिलेगा।'' विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर काबिज सेन इस साल मई में एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में पुरुष एकल में किदांबी श्रीकांत से हार गये थे। उन्होंने कहा कि वह इन खेलों में सिर्फ टीम स्पर्धा में भाग ले रहे हैं ऐसे उन्हें नीरज चोपड़ा जैसे चैम्पियन खिलाड़ी से मिलने का मौका मिल सकता है। सेन ने कहा, ‘‘ मैं केवल टीम स्पर्धा खेल रहा हूं। इसलिए, मैं नीरज चोपड़ा से मिलने के लिए उत्सुक हूं। अगर मुझे कुछ समय मिले तो मैं उसके मुकाबले को देखना और उसका समर्थन करना पसंद करूंगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे पहले भी बात की है लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनसे कभी मुलाकात नहीं हुई। मैं इसके लिए उत्सुक हूं।'' भारतीय खिलाड़ी इन दिनों हैदराबाद में एक सप्ताह के शिविर में अभ्यास कर रहे हैं। टीम को व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण अभ्यास करने का अधिक समय नहीं मिल पाया। सेन ने कहा, ‘‘ इस बार ‘चीन सुपर 1000' और विश्व चैंपियनशिप जैसे कुछ बड़े आयोजन थे। इन आयोजनों को टाला जा सकता था। लेकिन हम हाल ही में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और यह सभी के लिए एक समान स्थिति है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ यह एक बड़े दबाव वाले टूर्नामेंट की तरह है, भारत में बहुत से लोग एशियाई खेलों को महत्व देते हैं। इसलिए, मैं (एशियाई खेलों में) अपने पूरे दमखम के साथ जा रहा हूं और अच्छे नतीजों की उम्मीद कर रहा हूं।'' एशियाई खेलों में बैडमिंटन प्रतियोगिता का आगाज 28 सितंबर से होगा। -
नयी दिल्ली. एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की गोल्फ खिलाड़ी अवनि प्रशांत की नजरें इन खेलों के स्वर्ण पदक पर है। इस 16 साल की खिलाड़ी का मानना है कि उनके पास बड़े खिलाड़ियों को पछाड़ने का कौशल है।
अवनि ने इस साल अप्रैल में भारतीय गोल्फ संघ के ‘एशियाई खेल चयन ट्रायल' में शीर्ष पर रहने के बाद भारतीय महिला टीम में जगह बनाई। अवनि ने यहां ट्रिनिटी गोल्फ चैंपियंस लीग के उद्घाटन सत्र के शुभारंभ के मौके पर कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदक जीतना चाहती हूं लेकिन जितना संभव हो सके मैं इसे अपने दिमाग से दूर रखना चाहती हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं अपना सर्वश्रेष्ठ गोल्फ खेलने में सफल रही तो मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मात दे सकती हूं। मैं अपने मजबूत पक्ष पर ध्यान दे रही हूं और बाहरी दबाव को नजर अंदाज कर रही हूं। -
होल्जहौसर्न (स्विट्जरलैंड) . भारतीय गोल्फर दीक्षा डागर लेडीज यूरोपियन टूर के ऑर्डर ऑफ मेरिट (रेस टू कोस्टा डेल सो) में अब तक के अपने दमदार प्रदर्शन से शीर्ष स्थान पर पहुंचने के लिए शानदार स्थिति में है। दीक्षा ने इस सत्र में एलईटी पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और रविवार को वीपी बैंक स्विस लेडीज ओपन से संयुक्त सातवें स्थान पर रहीं। यह मौजूदा सत्र में सातवीं बार शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल रही। इस 22 साल की भारतीय को शीर्ष पर पहुंचने के लिए आगामी मुकाबलों में अपनी लय जारी रखनी होगी, जिसमें हीरो महिला इंडियन ओपन भी शामिल है। इस सप्ताह खेल से विश्राम लेने वाली दीक्षा ने कहा, ‘‘ मैं बहुत आश्वस्त हूं और अच्छा खेल रही हूं। इस सत्र में 22 प्रतियोगिताओं में दीक्षा ने एक में जीत दर्ज की है और छह में शीर्ष 10 में रही।
-
नयी दिल्ली. भारतीय टीम के स्विंग गेंदबाज दीपक चाहर चोट से उबर कर पूरी तरह से फिट हैं और राष्ट्रीय टीम में बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। दीपक ने मंगलवार को दिल्ली में अपने नए ब्रांड ‘डीनाइन' के लॉन्च के मौके पर कहा कि हर क्रिकेटर की तरह उनका सपना भी भारत के लिए विश्व कप जीतना है। भारत के लिए 37 मैच (13 एकदिवसीय और 24 टी20 अंतरराष्ट्रीय) खेल चुके इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ मैं पूरी तरह से फिट हूं और राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए कोशिश कर रहा हूं । मैंने हाल ही आरपीएल (राजस्थान प्रीमियर लीग) टूर्नामेंट खेला है। रविवार तक मैं राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में था। भारतीय टीम एशियाई खेलों के लिए चीन जा रही है, मैं उनके साथ अभ्यास कर रहा था।'' अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान ज्यादातर समय तक चोट के कारण टीम से बाहर रहने वाले दीपक का मानना है कि खिलाड़ी को निराश होने की जगह ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिये। भारत के लिए दिसंबर 2022 में अपना पिछला मैच खेलने वाले 31 साल के इस गेंदबाज ने कहा, ‘‘ एक खिलाड़ी के लिए निराश होना अच्छा नहीं होता। जो चीज आपके हाथ में नहीं है उसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। मेरे हाथ में फिट रहना और टीम के लिए उपलब्ध रहना है। मैं उस मामले में तैयार हूं और जब भी मौका मिलेगा टीम के लिए शत प्रतिशत दूंगा।'' दीपक चोट के कारण भारतीय टीम से बाहर हुए और आगामी विश्व कप तथा एशियाई खेलों की टीम में उन्हें जगह नहीं मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘ चोट के कारण मेरा करियर काफी प्रभावित हुआ है। खिलाड़ियों का चोटिल होना उनकी शरीर के प्रकार पर भी निर्भर करता है। कुछ लोग कम चोटिल होते हैं लेकिन मैं अपनी तरफ से सब कुछ करने के बाद भी ज्यादा चोटिल होता हूं। मैं खान-पान, अभ्यास और प्रशिक्षण पर पूरा ध्यान देता हूं ।'' उन्होंने कहा,‘‘ मेरे मामले में यह भी कह सकते है कि मेरा समय खराब चल रहा था। पिछले साल मेरे पीठ में चोट लगी और तेज गेंदबाज के लिए यह काफी खतरनाक होता है लेकिन अब मैं पूरी तरह से फिट हूं। मैं इस समय अपनी गेंदबाजी से काफी खुश हूं। '' गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए जाने-जाने वाले दीपक लंबे समय से इंडियन प्रीमियर लीग में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स के सदस्य है। वह धोनी के चहेते खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं काफी किस्मत वाला हूं कि माही भाई के साथ इतना समय बिताने का मौका मिला। मैं पिछले कई वर्षों से उनके साथ खेल रहा हूं। मैं उनको बड़ा भाई मानता हूं और उन्हें अपना आदर्श खिलाड़ी मानता हूं। वह मुझे छोटा भाई मानते हैं। एक खिलाड़ी और इंसान के तौर पर उनकी काफी इज्जत करता हूं। उनसे काफी कुछ सीखा है।'' भारत के लिए एकदिवसीय में 13 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 29 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि वह आम तौर पर अपने पहले टूर्नामेंट में खिताब जीतते हैं और आने वाले समय में अगर किसी विश्व कप में भारतीय टीम के लिए चुने जाते हैं तो उन्हें फिर से किस्मत का साथ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा,‘‘ हार क्रिकेट खिलाड़ी का सपना होता है विश्व कप खेलना और भारत के लिए इसे जीतना। जब भी मुझे मौका मिलेगा मैं इसे पूरा करने की कोशिश करूंगा। मेरा साथ यह कई बार हुआ है कि जब मैंने किसी टूर्नामेंट में पहली बार भाग लिया तो टीम चैंपियन बनी है। 2018 में भारतीय टीम ने एशिया कप का खिताब जीता था तब मैं टीम में था। आईपीएल में छह सत्र में पांच फाइनल खेल चुका हूं और तीन बार चैम्पियन बना हूं। आरपीएल के पहले सत्र में मेरी टीम जीती थी।'' उन्होंने कहा, ‘‘ अभी तक विश्व कप नहीं खेला हूं और जब भी विश्व कप खेलूं तो टीम की जीत में मेरा योगदान हो । जब भी मौका मिलेगा अपना सब कुछ झोक दूंगा। देश के लिए विश्व कप जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है।'' उन्होंने कहा कि क्रिकेट में गेंदबाज को चोटिल होने से बचाने में जूतों का काफी अहम योगदान होता है उन्होंने खेल पोशाक की अपनी कंपनी शुरू की है जिसमें कम कीमत में आरामदायक जूतों को तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इन जूतों को तैयार करने में महेंद्र सिंह धोनी और कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सुझाव भी लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ गेंदबाजों के जूते काफी महंगे होते है इसलिए मैंने कम कीमत में ऐसे जूते तैयार किये हैं तो आरामदायक हो और चोटिल होने से बचायें। इन जूतों को आईपीएल के दौरान धोनी ने भी आजमाया है और इसमें उनके सुझाव को भी ध्यान रखा गया है।
- जोहानिसबर्ग। बायें हाथ में फ्रेक्चर के कारण आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड भारत में विश्व कप के पहले चरण में नहीं खेल सकेंगे जबकि टूर्नामेंट के बाकी हिस्से में भी उनका खेलना संदिग्ध है जिससे फॉर्म में चल रहे मार्नस लाबुशेन के लिये रास्ते खुल गए हैं । हेड को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे वनडे के दौरान तेज गेंदबाज गेराल्ड कोत्जी की गेंद बायें दस्ताने पर लगी थी । मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने बताया कि हेड भारत के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे श्रृंखला नहीं खेल सकेंगे । उन्हें आपरेशन की जरूरत नहीं है लेकिन विश्व कप टीम में उन्हें शामिल करने के जोखिम पर आस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं को विचार करना होगा । मैकडोनाल्ड ने कहा ,‘‘ अच्छी बात यह है कि उसे सर्जरी की जरूरत नहीं है । वह कुछ समय के लिये बाहर रहेगा और पहले चरण में नहीं खेल सकेंगे । हमें अंतिम 15 पर फैसला लेना है लेकिन मैं समय सीमा नहीं बता सकता ।'' विश्व कप पांच अक्टूबर से शुरू होगा और फाइनल 19 नवंबर को होना है ।हेड की चोट से लाबुशेन के रास्ते खुले हैं और आस्ट्रेलिया की प्रारंभिक टीम में नहीं है लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन से उन्होने ध्यान खींचा है । टीम में बदलाव 28 सितंबर तक किये जा सकते हैं । उसके बाद किसी बदलाव के लिये आईसीसी की अनुमति लेनी होगी ।
-
नई दिल्ली। ब्राजील के रियो डी जनेरियो में भारतीय निशानेबाज एलावेनिल वेलारिवन ने आईएसएसएफ विश्व कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया है। वेलारिवन ने फाइनल में 252.2 का स्कोर बना कर फ्रांस की ओसिएने मुलर को हराया। वेलारिवन का यह दूसरा व्यक्तिगत विश्व कप पदक है। इससे पहले वेलारिवन क्वालिफिकेशन राउंड में 630. 5 अंक के साथ नौवें स्थान पर रहीं।



.jpg)






.jpg)
.jpg)







.jpg)







