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नई दिल्ली। भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता, भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए बैंकिंग सुविधा सुगम बनाने के लिए व्हाट्सएप बैंकिंग सेवाएं शुरू की हैं। बैंक के ग्राहक अब व्हाट्सएप का इस्तेमाल करके कुछ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसे बड़ी संख्या में लोगों को आसानी होगी, जिन्हें ऐप डाउनलोड करने या ए.टी.एम. पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। एस.बी.आई. खाताधारक अब शेष की पूछताछ और मिनी स्टेटमेंट जैसी सुविधाएं व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे। इन सेवाओं के लिए ग्राहकों को 9 1 9 0 2 2 6 9 0 2 2 6 पर Hi का संदेश भेजना होगा। भारतीय स्टेटबैंक अपने क्रेडिट कार्ड धारकों को भी व्हाट्सएप आधारित सेवाएं प्रदान करेगा, इसके लिए एस.बी.आई. व्हाट्सएप कनेक्ट नाम के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
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नई दिल्ली। फ्लिपकार्ट इस महीने के अंत में बिग सेविंग डेज सेल की मेजबानी करेगा। ये सेल 23 जुलाई से लाइव होकर 27 जुलाई तक चलेगी। यहां कस्टमर्स को कई लोकप्रिय स्मार्टफोन, वीयरेबल्स, लैपटॉप पर बेहतरीन डील्स और छूट दी जाएगी। आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स पर 80% तक का डिस्काउंट---
इसके अलावा फ्लिपकार्ट सेल में इलेक्ट्रॉनिक्स पर 80 फीसदी तक का डिस्काउंट भी दिया जाएगा। कस्टमर्स हेडफोन और स्पीकर की खरीद पर 70 % तक की छूट पा सकते हैं।
वहीं कंप्यूटर एक्सेसरीज जैसे राउटर, कीबोर्ड को आप 99 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ खरीद सकते हैं।
फ्लिपकार्ट ने इस बात की भी जानकारी दी है कि वह सेल के दौरान टैबलेट पर 45% तक की छूट देगी। इसके अलावा, स्मार्टवॉच पर 65% तक की छूट मिलेगी।
कस्टमर्स को सेल के दौरान टीवी और अप्लायंसेज पर 70 प्रतिशत तक की छूट भी मिलेगी।
फ्लिपकार्ट प्लस कस्टमर्स को स्पेशल ऑफर्स---
बताया जा रहा है कि फ्लिपकार्ट प्लस के कस्टमर्स को अर्ली ऑफर्स और डिस्काउंट डील्स मिलने की संभावना है।
सेल के दौरान कंपनी सुबह 12 बजे, सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे नई डील पेश करेगी।
इतना ही नहीं कस्टमर्स कुछ बैंक ऑफर्स को भी हासिल कर सकेंगे, जो आपको अतिरिक्त छूट भी देंगे। इसके अलावा कुछ प्रोडक्ट्स के लिए नो-कॉस्ट EMI का भी विकल्प होगा। -
5जी स्मार्टफोन के बाजार में सैमसंग का बड़ा धमाका करने जा रहा है. जल्द ही सैमसंग अभी तक का सबसे सस्ता 5जी स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है. इस स्मार्टफोन की कीमत जानकर आप हैरान रह जाएंगे और आपको यकीन नहीं आएगा. भारत में इस स्मार्टफोन की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. टेस्टिंग पूरी होने के बाद जल्द ही इस स्मार्टफोन को भारत के बाजार में उतार दिया जाएगा. ये स्मार्टफोन 4जी और 5जी दोनों वर्जन के साथ लॉन्च होगा. ऐसा माना जा रहा है कि सैमसंग इसे बाजार में तब उतारने की प्लानिंग कर रहा है, जब भारत में 5जी सेवाएं शुरू हो जाएंगी.
91 मोबाइल्स की रिपोर्ट के मुताबिक सैमसंग 5जी स्मार्टफोन को लेकर नई स्ट्रैटेजी पर काम कर रहा है. उसकी मंशा है कि वो 10 हजार और 11 हजार की रेंज में 5जी स्मार्टफोन को लॉन्च करेगा. इसी क्रम में Samsung Galaxy A04s उसका पहला स्मार्टफोन है.
दो वेरिएंट्स में मिलेगा Galaxy A04s
सैमसंग गैलेक्सी M13 की तरह Samsung Galaxy A04s भी कंपनी दो वेरिएंट्स में उतार सकती है. ये 4जी और 5जी वेरिएंट होंगे. इन दोनों ही स्मार्टफोन को भारत में तैयार किया जाएगा और दुनिया के बाकी देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा. अभी रिपोर्ट्स के मुताबिक Samsung Galaxy A04s को लेकर टेस्टिंग की जा रही है. ऐसा माना आने वाले दो या तीन महीनों में इसकी ऑफिशियल लॉन्चिंग हो जाएगी.
अगस्त में लॉन्च हुआ था Galaxy A03s
इससे पहले सैमसंग ने अपना Galaxy A03s स्मार्टफोन अगस्त 2021 में लॉन्च किया था. देश में फिलहाल 26 जुलाई को 5जी स्पैक्ट्रम की नीलामी की जाएगी जबकि उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अगस्त को 5जी सेवाओं को लागू कर दिया जाएगा. इसी के मद्देनजर सैमसंग की अपने सस्ते 5जी स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी है.
क्या होंगे स्पेसिफिकेशन्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक Galaxy A04s को Exynos 850 प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जाएगा. ये एक 4जी आधारित चिपसेट है. इसको देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि 5जी स्मार्टफोन को लेकर दूसरा चिपसेट इस्तेमाल किया जाएगा. बाकी स्पेसिफिकेशन की बात करें तो वो 3GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया जा सकता है. ये एंड्रॉयड 12 पर काम करेगा. इसमें कंपनी ट्रिपल कैमरे के फीचर्स दे सकती है. इसमें 13MP का मेन लेंस के साथ कैमरा सेंसर दिया जा सकता है.-File photo
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नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को संसद में कहा कि देश में अभी 13 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन (ई-वाहन) पंजीकृत हैं वहीं 2826 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) चालू हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई 2022 की स्थिति के अनुसार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल संख्या 13,34,385 है और इनमें आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप के आंकड़े शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के अनुसार देश में कुल 2826 पीसीएस चालू हैं। गडकरी ने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय के चरण -दो (फेम इंडिया चरण दो) में इलेक्ट्रिक वाहनों तेजी से अपनाए जाने और विनिर्माण के लिए योजना के तहत, 68 शहरों में 2877 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन और 9 एक्सप्रेसवे तथा 16 राजमार्गो पर 1576 चार्जिंग स्टेशन स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि अंतरराष्ट्रीय सड़क संघ, जिनेवा द्वारा पेश विश्व सड़क सांख्यिकी के ताजा अंक के अनुसार भारत में 2020 में 1.5 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं जो दुनिया के 207 देशों में दर्ज कुल सड़क दुर्घटनाओं का 26.37 प्रतिशत है। गडकरी ने बताया कि भारत में 27,25,87,170 पंजीकृत वाहन हैं जो 207 देशों में पंजीकृत कुल 2,05,81,09,486 वाहनों का 13.24 प्रतिशत है। यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्रालय को ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि देश में बनाओ-चलाओ-हस्तांतरित करो (बीओटी) के तहत समझौते की अवधि समाप्त होने और लागत की वसूली के बाद भी विभिन्न सड़कों पर पथकर वसूला जा रहा है। इसके जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा, ‘‘ जी हां। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में प्रयोक्ता शुल्क के संग्रह के संबंध में अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस और कोल्हापुर जिला लॉरी ऑपरेटर्स एसोसिएशन से शिकायतें मिली हैं।'' गडकरी ने कहा कि 30 जून 2022 तक, बीओटी ऑपरेटर 214 शुल्क प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1,056 पुरुष और 1,060 महिला शौचालय हैं। -
नयी दिल्ली. देश में बड़े पैमाने पर ‘क्लाउड' अपनाये जाने से 2026 तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 380 अरब डॉलर का इजाफा और 1.4 करोड़ प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष संगठन नैसकॉम ने एक रिपोर्ट में यह कहा है। ‘क्लाउड' से आशय ऐसे सर्वर से है, जिन्हें इंटरनेट पर ‘एक्सेस' किया जाता है। सॉफ्वेयर और डेटाबेस उन सर्वरों पर चलते हैं। ‘क्लाउड सर्वर' पूरी दुनिया में डेटा केंद्रों में स्थित हैं। ‘क्लाउड कंप्यूटिंग' का उपयोग करने पर उपयोगकर्ताओं और कंपनियों को सर्वर के भौतिक रूप से प्रबंधन की आवश्यकता नहीं होती है। रिपोर्ट के अनुसार ‘क्लाउड' को अपनाये जाने से नागरिकों को मिलने वाली सेवाएं बेहतर होंगी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटल समावेश बढ़ेगा। साथ ही वित्तीय सेवा पहुंच बेहतर होगी। यह नवोन्मेष को बढ़ावा देने के साथ देश में उद्यमिता के लिये नये अवसर खोल सकता है। साथ ही कंपनियों को बेहतर वाणिज्यिक उत्पाद बनाने, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने में मदद के अलावा ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में योगदान दे सकता है। नैसकॉम ने ‘क्लाउड का भविष्य और उसका आर्थिक प्रभाव' पर अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘‘देश में बड़े पैमाने पर ‘क्लाउड' अपनाये जाने से 2026 तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 380 अरब डॉलर का इजाफा और 1.4 करोड़ प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। -
नयी दिल्ली. देश में 2030 तक बिकने वाले नए वाहनों में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक यात्री वाहन होंगे। जलवायु एवं ऊर्जा शोध संस्थान के एक अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है। ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2050 तक कुल बिकने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी बढ़कर 75 प्रतिशत हो जाएगी। अध्ययन में कहा गया है कि 2030 तक कुल नए दोपहिया वाहनों में से आधे इलेक्ट्रिक दोपहिया होंगे। इसी तरह तिपहिया और चार पहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत होगी।
- नयी दिल्ली। घरेलू इस्पात कंपनी टाटा स्टील ने कम कार्बन वाली ‘लौह और इस्पात विनिर्माण' प्रौद्योगिकी की संभावना तलाशने के लिए ऑस्ट्रेलिया की बीएचपी के साथ गठजोड़ किया है। कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि इस भागीदारी का उद्देश्य दोनों कंपनियों को अपने जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद करना और 2070 तक भारत के शुद्ध रूप से शून्य कॉर्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करना है। कंपनी ने बयान में कहा कि टाटा स्टील ने प्रमुख वैश्विक संसाधन कंपनी बीएचपी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य कम कार्बन की ‘लौह और इस्पात विनिर्माण' प्रौद्योगिकी की संभावना का पता लगाने के लिए संयुक्त अध्ययन करना है। इस भागीदारी के तहत टाटा स्टील और बीएचपी दो प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के माध्यम से ब्लास्ट फर्नेस मार्ग से उत्सर्जन गहनता को कम करने के लिए काम करेंगी। नई प्रौद्योगिकी एकीकृत इस्पात मिलों की उत्सर्जन तीव्रता को 30 प्रतिशत तक कम करेगी। मंत्रालय के एक दस्तावेज के अनुसार, विश्वस्तर पर सालाना आधार पर कुल कॉर्बन उत्सर्जन मे लौह एवं इस्पात उद्योग का हिस्सा करीब आठ प्रतिशत है। भारत के मामले में यह 12 प्रतिशत बैठता है।
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नयी दिल्ली। अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बीते साल यानी 2021 में बढ़कर 34.36 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वर्ष 2020 में अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में 5.57 करोड़ डॉलर का विदेशी निवेश आया था। शोध एवं विकास क्षेत्र में कुछ मान्य नियम/नियमनों, सुरक्षा और अन्य शर्तों के साथ स्वत: मंजूर मार्ग से शतप्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। वर्ष 2021 में सिंगापुर शोध एवं विकास में निवेश करने वाला प्रमुख देश रहा। कुल निवेश प्रवाह में से 40 प्रतिशत अकेले सिंगापुर से आया। इसके बाद 35 प्रतिशत के साथ जर्मनी दूसरे और 11 प्रतिशत के साथ अमेरिका तीसरे स्थान पर रहा।
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नयी दिल्ली। रिलायंस जियो ने भारतीय दूरसंचार बाजार में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। कंपनी ने मई, 2022 में 31 लाख से अधिक नए मोबाइल ग्राहक जोड़े हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सुनील मित्तल की अगुवाई वाली भारती एयरटेल ने मई माह में 10.27 लाख नए ग्राहक जोड़े हैं। इसके बाद उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 36.21 करोड़ हो गई है। ट्राई के मासिक आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस जियो ने मई में 31.11 लाख नए वायरलेस ग्राहक जोड़े हैं। अब उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या 40.87 करोड़ पर पहुंच गई है। इसी अवधि में वोडाफोन आइडिया ने अपने 7.59 लाख कनेक्शन गंवाएं हैं। उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या घटकर 25.84 करोड़ रह गई है। जियो ने अप्रैल में 16.8 लाख वायरलेस ग्राहक जोड़े थे, जबकि भारती एयरटेल ने 8.16 लाख नए कनेक्शन बनाए थे। मई के दौरान देश में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या लगभग 117 करोड़ रही, जबकि अप्रैल, 2022 में यह आंकड़ा 116.7 करोड़ थी। ट्राई ने कहा, ‘‘इस साल अप्रैल के अंत में शहरी टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 64.69 करोड़ से बढ़कर मई के अंत में 64.78 करोड़ हो गई। इसी अवधि के दौरान ग्रामीण ग्राहकों की संख्या 52.08 करोड़ से बढ़कर 52.29 करोड़ पर पहुंच गई।'' भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने मई में 5.36 लाख वायरलेस ग्राहक गंवाएं हैं जबकि महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) ने 2,665 ग्राहक गंवाएं। निजी कंपनियों के पास 31 मई, 2022 तक वायरलेस बाजार में 89.9 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल की बाजार हिस्सेदारी केवल 10 प्रतिशत थी। -
नयी दिल्ली. स्वास्थ्य क्षेत्र की स्टार्टअप टाका हेल्थकेयर ने अगले छह माह में 400 से अधिक पेशेवरों की नियुक्ति की योजना बनाई है। टाका हेल्थकेयर किफायती कीमत पर सर्जरी प्रदान करती है। कंपनी के पास कई शहरों में अस्पतालों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्य देखभाल भागीदारों का बड़ा नेटवर्क है। टाका हेल्थकेयर के सह-संस्थापक बिधन चौधरी ने कहा, ‘‘कंपनी देश के 30 शहरों में मौजूद है और हजारों मरीजों को सुरक्षित तथा किफायती सर्जरी देखभाल प्रदान कर रही है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम अगले छह माह में 400 से 500 लोगों की भर्ती करेंगे। साथ ही अपने मौजूदा परिचालन को मजबूत करने और आने वाले महीनों में इसे कई और शहरों और राज्यों में विस्तारित करने की अपनी योजना में तेजी लाएंगे। -
नयी दिल्ली. घरेलू एयरलाइन स्पाइसजेट ने मंगलवार को कहा कि वह 22 जुलाई से 26 नई घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू करेगी। स्पाइसजेट ने एक बयान में कहा कि वह शुक्रवार से नासिक-दिल्ली, हैदराबाद-जम्मू, मुंबई-गुवाहाटी, झारसुगुडा-मदुरै, वाराणसी-अहमदाबाद और कोलकाता-जबलपुर मार्गों पर सीधी उड़ानों का संचालन शुरू करेगी। इसके अलावा स्पाइसजेट अहमदाबाद-जयपुर, दिल्ली-हैदराबाद, दिल्ली-धर्मशाला और अमृतसर-अहमदाबाद मार्गों पर अपनी उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी भी करने जा रही है। एयरलाइन ने कहा कि इन सभी उड़ानों के लिए वह बोइंग-737 और क्यू400 विमानों का इस्तेमाल करेगी।
- नयी दिल्ली। जिंदल स्टेनलेस जम्मू-कश्मीर में भारतीय रेलवे की उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल) सुरंग परियोजना के लिए 3,500 टन स्टेनलेस स्टील की आपूर्ति करेगी।कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह परियोजना जम्मू- कश्मीर के बीच 272 किलोमीटर लंबा रेल लिंक है। इसमें कहा गया कि यह पहली बार होगा जब भारतीय रेलवे की परियोजना में स्टेनलेस स्टील केबल ट्रे का इस्तेमाल किया जाएगा।जेएसएल में प्रबंध निदेशक (जिंदल स्टेनलेस) अभ्युदय जिंदल ने कहा कि यूएसबीआरएल जम्मू-कश्मीर के आर्थिक परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी। यूएसबीआरएल को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित किया गया है और आजादी के बाद से यह पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे की सबसे बड़ी परियोजना है।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी और इंडियन ऑयल ने पेट्रोलियम कंपनी की आगामी परियोजनाओं की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिये संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने को लेकर समझौता किया है। बिजली कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि एनटीपीसी और इंडियन ऑयल ने संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने के लिए सोमवार को यहां समझौते पर हस्ताक्षर किये। यह संयुक्त उद्यम इंडियन ऑयल की रिफाइनरियों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिये बनाया जा रहा है। बयान के अनुसार, देश में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग और क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने इंडियन ऑयल की रिफाइनरियों के लिए अक्षय ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्रों की स्थापना के लिए गठजोड़ किया है। एनटीपीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने बयान में कहा, ‘‘एक साझा उद्देश्य के लिये दो प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के बीच संयुक्त उद्यम ‘टीम वर्क' और गठजोड़ का बेजोड़ उदाहरण है...।'' इंडियन ऑयल ने कहा है कि उसकी योजना दिसंबर, 2024 तक अपनी रिफाइनरियों के लिए अतिरिक्त बिजली जरूरत का 650 मेगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करने की है। -
नयी दिल्ली. पैकेटबंद और लेबल वाले खाद्य पदार्थ मसलन आटा, दालें और अनाज सोमवार से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में आ गए हैं। इनके 25 किलोग्राम से कम वजन के पैक पर पांच प्रतिशत जीएसटी लागू हो गया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अनाज से लेकर दालों और दही से लेकर लस्सी तक खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाए जाने से संबंधित बार-बार पूछे जाने वाले सवालों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। इसमें कहा गया, ‘‘जीएसटी उन उत्पादों पर लगेगा जिनकी आपूर्ति पैकेटबंद सामग्री के रूप में की जा रही है। हालांकि, इन पैकेटबंद सामान का वजन 25 किलोग्राम से कम होना चाहिए।'' दही और लस्सी जैसे पदार्थों के लिए यह सीमा 25 लीटर है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘18 जुलाई, 2022 से प्रावधान में लागू हो गया है और पहले से पैक तथा लेबल वाले उत्पादों की आपूर्ति पर जीएसटी लगेगा।'' उदाहरण के लिए, चावल, गेहूं जैसे अनाज, दालों और आटे पर पहले पांच प्रतिशत जीएसटी तब लगता था जब ये किसी ब्रांड के होते थे। अब 18 जुलाई से जो भी सामान पैकेटबंद है और जिसपर लेबल लगा है, उन पर जीएसटी लगेगा। इसके अलावा दही, लस्सी और मुरमुरे जैसी अन्य वस्तुएं यदि पहले से पैक और लेबल वाली होंगी, तो इनपर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। ‘एफएक्यू' में कहा गया कि पांच प्रतिशत जीएसटी पहले से पैक उन्हीं वस्तुओं पर लगेगा जिनका वजन 25 किलोग्राम या इससे कम है। हालांकि, खुदरा व्यापारी 25 किलो पैक में सामान लाकर उसे खुले में बेचता है तो इसपर जीएसटी नहीं लगेगा। पिछले हफ्ते सरकार ने अधिसूचित किया था कि 18 जुलाई से बिना ब्रांड वाले और पैकेटबंद तथा लेबल वाले खाद्य पदार्थों पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। इससे पहले तक केवल ब्रांडेड सामान पर ही जीएसटी लगाया जाता था। इसमें कहा गया, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि अनाज, दालें और आटे के एक-एक पैकेट जिनका वजन 25 किलोग्राम/लीटर से अधिक है वे पहले से पैक एवं लेबल वाली वस्तुओं की श्रेणी में नहीं आएंगे, अत: इनपर जीएसटी नहीं लगेगा।'' इसमें उदाहरण देते हुए कहा है कि खुदरा बिक्री के लिए पैकेटबंद आटे के 25 किलोग्राम के पैकेट की आूपर्ति पर जीएसटी लगेगा। हालांकि, इस तरह का 30 किलो का पैकेट जीएसटी के दायरे से बाहर होगा। यह भी बताया गया कि उस पैकेज पर जीएसटी लगेगा जिसमें कई खुदरा पैक होंगे। उसने उदाहरण दिया कि 50 किलो वाले चावल के पैकेज को पहले से पैक और लेबल वाला सामान नहीं माना जाएगा और इसपर जीएसटी नहीं लगेगा। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स में वरिष्ठ साझेदार रजत मोहन ने कहा कि इस कर से चावल और अनाज जैसी बुनियादी खाद्य वस्तुओं की मूल्य आधारित मुद्रास्फीति आज से ही बढ़ जाएगी। -
बेंगलुरु. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) राजस्व के मामले में ब्रिटेन के बाजार में शीर्ष 30 सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आपूर्तिकर्ता कंपनियों की सूची में एक बार फिर अव्वल रही है। उद्योग विश्लेषक कंपनी ‘टेकमार्केटव्यू' ने यह सूची जारी की है। टीसीएस ने सोमवार को जारी बयान में विश्लेषक कंपनी ‘टेकमार्केटव्यू' की तरफ से जारी रिपोर्ट के आधार पर ब्रिटेन की शीर्ष सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा कंपनी होने का दावा किया। टीसीएस ने बयान में कहा कि यह रिपोर्ट 200 से अधिक सार्वजनिक और निजी कंपनियों के ब्रिटेन में राजस्व के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है। आईटी कंपनी ने कहा कि उसने राजस्व रैंकिंग में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और एप्लिकेशन संचालन में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, आईटी और बीपी सेवा के मामले में कंपनी दूसरे और परामर्श तथा समाधान प्रदान करने की श्रेणी में तीसरे स्थान पर रही है। -
नयी दिल्ली. देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने अपनी प्रवेश स्तर की हैचबैक एस-प्रेसो का नया संस्करण सोमवार को बाजार में उतारा है। इसकी शोरूम कीमत 4.25 से 5.99 लाख रुपये के बीच है। इस मॉडल के मैनुअल संस्करण की शोरूम कीमत 4.25 से 5.49 लाख रुपये के बीच है, जबकि ऑटोमैटिक गियर शिफ्ट (एजीएस) वाले संस्करण की कीमत 5.65 लाख रुपये और 5.99 लाख रुपये है। मुरुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (बिक्री एवं विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने बयान में कहा, हमने लगभग तीन साल की छोटी अवधि के अंदर एस-प्रेसो की 2,02,500 से अधिक इकाइयां बेची हैं। उन्होंने कहा कि नई एस-प्रेसो परिष्कृत 1.0 के-श्रृंखला इंजन के साथ ग्राहकों के गाड़ी चलाने के अनुभव को बेहतर करेगी। कंपनी ने कहा कि यह मॉडल ड्यूल एयरबैग, हाई-स्पीड अलर्ट सिस्टम, रिवर्स पार्किंग सेंसर मानक जैसी सुविधाओं से लैस है।
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नयी दिल्ली. अडाणी विल्मर ने सोमवार को खाद्य तेलों के दाम में 30 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती करने की घोषणा की है। खाद्य तेल कीमतों में आई वैश्विक गिरावट के बीच यह कंपनी ने एक महीने में दूसरी बार दाम घटाए हैं। अहमदाबाद की कंपनी ने कहा कि नए एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) के साथ खाद्य तेलों का ताजा स्टॉक जल्द ही बाजार में आएगा। कंपनी, फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाद्य तेलों की बिक्री करती है और उसकी बाजार हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत की है। अडाणी विल्मर के अनुसार, सोयाबीन तेल में सबसे अधिक कटौती की गई है और इसका दाम 195 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 165 रुपये प्रति लीटर किया गया है, जबकि सबसे कम कटौती सरसों तेल में की गई है, जिसकी कीमत 195 रुपये से घटाकर 190 रुपये प्रति लीटर की गई है। एमआरपी में कमी केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के एक निर्देश के बाद हुई है। मंत्रालय ने छह जुलाई को खाद्य तेल कंपनियों से वैश्विक खाद्य तेलों की कीमतों में आई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कहा था। प्रमुख दूध आपूर्तिकर्ता मदर डेयरी, जो धारा ब्रांड के तहत खाद्य तेल बेचती है, ने सोयाबीन और चावल भूसी तेल में 14 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की थी। सोमवार को अडाणी विल्मर - जो अडाणी समूह और सिंगापुर के विल्मर समूह के बीच एक संयुक्त उद्यम है - ने खाद्य तेलों के एमआरपी को 30 रुपये प्रति लीटर तक कम करने की घोषणा की। इससे पूर्व 18 जून को कंपनी ने कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी।
अडाणी विल्मर के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंगशु मलिक ने कहा, ‘‘उपभोक्ताओं को महीने के अंत से राहत मिलेगी क्योंकि नए एमआरपी के साथ ताजा स्टॉक जल्द ही बाजार में पहुंच जाएगा।'' उन्होंने कहा कि खाद्य तेलों को एमआरपी से नीचे बेचे जाने के बाद उपभोक्ताओं को रिफाइंड सोयाबीन तेल लगभग 155 रुपये प्रति लीटर के भाव मिलेगा। इसी तरह अन्य खाद्य तेलों का वास्तविक बिक्री मूल्य एमआरपी से थोड़ा कम होगा। सूरजमुखी तेल की कीमत 210 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 199 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि फॉर्च्यून राइस ब्रान (चावल भूसी) तेल की कीमत 225 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 210 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। कंपनी के मुताबिक, मूंगफली तेल की कीमत 220 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 210 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। राग ब्रांड के तहत वनस्पति की कीमत 200 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 185 रुपये प्रति लीटर और राग पामोलिन तेल की कीमत 170 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 144 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। मलिक ने कहा, ‘‘हमने एमआरपी में दो बड़ी कटौती की है, पहली बार जून में और दूसरी अब की गई है। वैश्विक खाद्य तेल की कीमतों में पिछले दो महीनों में कमी आई है और हमने इसका लाभ उपभोक्ताओं को दिया है।'' मलिक ने कहा कि एमआरपी में कमी से निश्चित तौर पर आगामी त्योहारी सत्र की मांग बढ़ेगी।
खाद्य तेलों के अलावा, अडाणी विल्मर चावल, आटा, चीनी, बेसन, रेडी-टू-कुक खिचड़ी और सोया चंक्स जैसे खाद्य पदार्थ बेचती है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में लगभग 54,000 करोड़ रुपये का कारोबार किया था जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। भारत खाद्य तेलों की अपनी घरेलू जरूरत का 60 प्रतिशत भाग आयात से पूरा करता है। भारत ने 2020-21 के दौरान अक्टूबर तक लगभग 1.3 करोड़ टन खाद्य तेल का आयात किया। -
नयी दिल्ली. दोपहिया वाहन कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी 200सीसी मोटरसाइकल एक्सपल्स 200 4वी का ‘रैली' संस्करण पेश किया है। दिल्ली में इसकी शोरूम कीमत 1.52 लाख रुपये है। कंपनी ने सोमवार को बयान में यह जानकारी दी। कंपनी ने बताया कि नया संस्करण नए सस्पेंशन सेट-अप, अधिक ग्राउंड क्लीयरेंस और रैली के ग्राफिक्स के साथ आता है। बयान के अनुसार, एक्सपल्स 200 4वी के रैली संस्करण को कंपनी के ऑनलाइन बिक्री मंच ‘ईशॉप' पर 22 जुलाई, 12 बजे से 29 जुलाई, 12 बजे तक बुक किया जा सकता है। -
नयी दिल्ली. उच्च गति वाले 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू होने से पहले उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने 14,000 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि (ईएमडी) जमा कराई है। वहीं अडाणी समूह ने 100 करोड़ रुपये जमा कराये हैं। दूरसंचार विभाग के अनुसार, भारती एयरटेल ने अग्रिम राशि के रूप में 5,500 करोड़ रुपये और वोडाफोन आइडिया ने अग्रिम राशि के रूप में 2,200 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। अग्रिम राशि या बयाना जमा करना यह बताता है कि कंपनी नीलामी में कितनी मात्रा में स्पेक्ट्रम के लिये बोली लगा सकती है। यानी ग्राहकों के लिहाज से देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी जियो आक्रमक तरीके से बोली लगाएगी। वहीं अडाणी समूह निजी नेटवर्क स्थापित करने को लेकर न्यूनतम स्पेक्ट्रम के लिये बोली लगाएगा। 5जी रेडियो तरंग चाहने वाले सभी चारों आवेदनकर्ताओं ने कुल 21,800 करोड़ रुपये अग्रिम राशि जमा कराई है। यह 2021 में जमा कराई गई 13,475 करोड़ रुपये की राशि के मुकाबले कहीं अधिक है। कुल 72 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को नीलामी के दौरान रखा जाएगा, जिसका मूल्य 4.3 लाख करोड़ रुपये है। नीलमी 26 जुलाई से शुरू होगी। दूरसंचार विभाग की सोमवार को जारी सूचना के अनुसार पात्रता पूर्व बोलीदाताओं की सूची में रिलायंस जियो ने सबसे अधिक 14,000 करोड़ रुपये जमा किये। अडाणी समूह की अडाणी डेटा नेटवर्क्स की ईएमडी राशि 100 करोड़ रुपये है।
दूरसंचार विभाग की वेबसाइट के अनुसार, भारती एयरटेल ने अग्रिम राशि के रूप में 5,500 करोड़ रुपये और वोडाफोन आइडिया ने अग्रिम राशि के रूप में 2,200 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। एक उद्योग विशेषज्ञ ने कहा है कि अग्रिम राशि के आधार पर जियो 1.27 लाख करोड़ रुपये, भारती एयरटेल 48,000 करोड़ रुपये, वोडाफोन आइडिया 20,000 करोड़ रुपये और अडाणी डेटा 700 करोड़ रुपये की बोली लगा सकती हैं। विशेषज्ञ ने नाम देने से मना किया। विभाग के अनुसार, अग्रिम राशि 14,000 करोड़ रुपये के साथ जियो को नीलामी के लिए सबसे अधिक 1,59,830 अंक मिले हैं। वहीं एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को क्रमश: 66,300 और 29,370 अंक मिले हैं। अडाणी डेटा नेटवर्क्स को जमा राशि के आधार पर 1,650 अंक मिले हैं। -
नयी दिल्ली। टाटा स्टील पीजीटीआई सत्र का दूसरा हाफ 17 अगस्त से बहाल होगा और आयोजकों ने बताया कि इस दौरान 11 करोड़ रुपये से अधिक की इनामी राशि वाले 14 गोल्फ टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान तीन नई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा जिसमें कपिल देव-ग्रांट थोर्टन आमंत्रण, एसएसपी चौरसिया आमंत्रण और वूटी मास्टर्स शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक टूर्नामेंट की इनामी राशि एक करोड़ रुपये है। सत्रांत टाटा स्टील टूर चैंपियनशिप की इनामी राशि तीन करोड़ रुपये होगी। इसमें इस साल 100 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
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नयी दिल्ली. विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में शनिवार को 2.2 प्रतिशत की कटौती की गई, जो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट को दर्शाती है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, एटीएफ के दाम में 3,084.94 रुपये प्रति किलोलीटर या 2.2 प्रतिशत की कटौती करके इसे 1,38,147.93 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया है। एटीएफ की कीमत में इस साल केवल दूसरी बार कटौती गई है। पिछले महीने इसकी कीमत 1,41,232.87 रुपये प्रति किलोलीटर (141.23 रुपये प्रति लीटर) के चरम पर पहुंच गई थी। एटीएफ के दाम पिछले पखवाड़े अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के आधार पर हर महीने की पहली और 16वीं तारीख को संशोधित किए जाते हैं। इससे पहले एक जुलाई को कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था। - नई दिल्ली । कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया आकर्षक ऑफर्स ले कर आई है। मारुति सुजुकी जुलाई के महीने में अपनी कारों को खरीदने पर भारी छूट दे रही है। कंपनी का यह ऑफर पूरे महीने लागू है और मारुति सुजुकी एरिना ब्रांड के तहत बिकने वाले मॉडल्स तक सीमित है। मारुति सुजुकी कॉरपोरेट, कैश और एक्सचेंज बोनस स्कीम के तहत छूट दे रही है। इस योजना के तहत शामिल मॉडलों में मारुति ऑल्टो, एस-प्रेसो, सेलेरियो, वैगन आर, स्विफ्ट, डिजायर, अर्टिगा और ईको शामिल हैं। कुल मिलाकर, ग्राहक मॉडल और वैरिएंट के आधार पर 74,000 रुपये तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं।Maruti Alto 800मारुति सुजुकी अपनी लोकप्रिय एंट्री लेवल हैचबैक कार Maruti Alto 800 (मारुति ऑल्टो 800) पर जुलाई के महीने में कुल मिलाकर 31,000 रुपये की छूट दे रही है। ऑफर के तहत 10,000 रुपये का नकद ऑफर, 15,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस और 6,000 रुपये की कॉर्पोरेट छूट दिया जा रहा है। कॉर्पोरेट छूट को 9,000 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।Maruti S-Pressoमारुति S-Presso मॉडल पर कुल 31,000 रुपये का डिस्काउंट दे रही है। इसमें 10,000 रुपये का नकद और 15,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस शामिल है। वहीं कंपनी 6,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस भी दे रही है।Maruti Swiftमारुति अपनी प्रीमियम हैचबैक कार Swift पर कुल 32,000 रुपये की छूट दे रही है। इसमें 15,000 रुपये नकद और 10,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस शामिल है। इसमें 7,000 रुपये का कॉर्पोरेट डिस्काउंट भी दिया जा रहा है।Maruti Dzireमारुति अपनी सब-कॉम्पैक्ट सेडान कार Maruti Dzire (मारुति डिजायर) पर कुल 34,000 की छूट दे रही है। इसमें 5,000 का नकद और 10,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस शामिल है। इसके साथ ही 7,000 का कॉर्पोरेट डिस्काउंट भी मिलेगा। टूर एस मॉडल पर ग्राहकों को 10,000 रुपये का कैश ऑफर और 14,000 रुपये का कॉर्पोरेट डिस्काउंट मिलेगा।
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मुंबई. भारत का रत्न और आभूषण निर्यात जून, 2022 में सालाना आधार पर 21.41 प्रतिशत बढ़कर 25,295.69 करोड़ रुपये (324.38) अरब डॉलर) हो गया। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने बृहस्पतिवार को एक बयान यह जानकारी दी।
उद्योग निकाय के अनुसार, जून 2021 में रत्न और आभूषण का कुल निर्यात 20,835.57 करोड़ रुपये (283.79 अरब डॉलर) था। चालू वित्त वर्ष की बीती तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान रत्न और आभूषण का निर्यात 14.6 प्रतिशत बढ़कर 77,049.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वर्ष 2021 की अप्रैल-जून तिमाही में यह आंकड़ा 67,231.25 करोड़ रुपये था। जीजेईपीसी ने कहा कि पश्चिमी एशिया में रत्न और आभूषण के निर्यात ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के बाद का सकारात्मक प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। उद्योग निकाय ने कहा, ‘‘एक मई, 2022 को भारत और यूएई के बीच सीईपीए के बाद यूएई को बिना मिलावट वाले सोने के आभूषणों का निर्यात मई माह में 72 प्रतिशत बढ़कर 1,048.40 करोड़ रुपये और जून में 68.65 प्रतिशत बढ़कर 1,451.58 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मई और जून, 2021 में यह क्रमश: 609.47 करोड़ रुपये और 860.73 करोड़ रुपये रहा था।'' वहीं, इस साल अप्रैल से जून के दौरान यूएई को कुल रत्न और आभूषण का निर्यात 10.09 प्रतिशत बढ़कर 9,802.72 करोड़ रुपये हो गया। इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 8,904.08 करोड़ रुपये था। जीजेईपीसी के चेयरमैन कॉलीन शाह ने कहा, ‘‘मैं सभी निर्यातकों से अपने रिटर्न को अधिकतम करने और इस समझौते के माध्यम से उपलब्ध लाभों का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह करता हूं।'' इसके अलावा कटे और पॉलिश किए गए हीरे (सीपीडी) का निर्यात जून, 2022 में 8.45 प्रतिशत बढ़कर 15,737.26 करोड़ रुपये (201.67 अरब डॉलर) हो गया। जून, 2021 में 14,510.48 करोड़ रुपये (197.23 अरब डॉलर) का निर्यात हुआ था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों द्वारा पंजीकृत चिकित्सकों की पर्ची को उनके मंच पर अपलोड करने के बाद ही आयुर्वेदिक, सिद्ध और यूनानी दवाओं की बिक्री कर सकती हैं। यह नियम औषधि एवं प्रसाधन नियम, 1945 की अनुसूची ई (1) के तहत निर्दिष्ट दवाओं के लिए लागू होगा। अनुसूची ई में आयुर्वेद (सिद्ध सहित) और यूनानी चिकित्सा पद्धति के तहत ‘विषाक्त' पदार्थों की सूची है। इस तरह की दवाओं को चिकित्सकीय देखरेख में लेने की जरूरत होती है। सीसीपीए ने एक बयान में कहा, ‘‘चिकित्सक की निगरानी के बिना ऐसी दवाओं का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ई-कॉमर्स मंचों को सलाह दी गई है कि ऐसी दवाओं की बिक्री या बिक्री की सुविधा केवल एक पंजीकृत आयुर्वेद, सिद्ध या यूनानी चिकित्सक के वैध नुस्खे के बाद ही की जाएगी। इन्हें मंच पर उपयोगकर्ता द्वारा अपलोड किया जाएगा।'' इसके अलावा इस तरह की दवाओं के कंटेनर के लेबल पर 'सावधानी' शब्द अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लिखा होना चाहिए। गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय ने एक फरवरी, 2016 को हितधारकों को सूचित करते हुए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था कि ऐसी दवाओं को चिकित्सकीय देखरेख में लेने की आवश्यकता है और उन्हें बिना चिकित्सकीय परामर्श के इनकी ऑनलाइन खरीद से बचना चाहिए।
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मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य में पेट्रोल और डीजल पर मूल्यवर्धित कर (वैट) में क्रमश: पांच रुपये और तीन रुपये प्रति लीटर की कटौती करने की घोषणा की है। सचिवालय ‘मंत्रालय' में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शिंदे ने संवाददाताओं को बताया कि इस फैसले से सरकारी खजाने पर 6,000 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा, लेकिन आम लोगों को फायदा होगा। शिंदे ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सरकारी खजाने पर 6,000 करोड़ रुपये का बोझ विकास कार्यों को प्रभावित न करें। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना और भाजपा की सरकार ने यह फैसला लोगों की भलाई के लिए लिया है। महाराष्ट्र सरकार ने ग्राम सरपंचों और नगर परिषद/नगर पंचायत अध्यक्षों के सीधे चुनाव को रोकने के पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के फैसले को भी बदल दिया है। इससे पहले 2014 से 2019 तक सत्ता में रही फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सरपंचों और नगर परिषद अध्यक्षों के चुनाव की अनुमति दी थी, जिसे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार ने 2020 में खत्म कर दिया था। फडणवीस ने कहा कि शिंदे सरकार 1975 से 1977 तक आपातकाल के विरोध में जेल गए ‘लोकतंत्र संग्राम सेनानी' की पेंशन भी बहाल करेगी। 2018 में फडणवीस सरकार ने ऐसे लोगों के लिए 5,000 रुपये से 10,000 रुपये की पेंशन की घोषणा की थी, जिसे 2020 में एमवीए द्वारा रोक दिया गया था। उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि 3,600 लोगों को अब पेंशन मिलेगी। इसके अलावा 800 और आवेदनों को योग्यता के आधार पर मंजूरी दी जाएगी। फडणवीस ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए सभी मंजूरियां दे दी हैं। शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 18 से 59 वर्ष की आयु के लोगों के लिए मुफ्त कोविड-19 बूस्टर खुराक कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए कहा है।

























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