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लंदन. गूगल ने बृहस्पतिवार को बताया कि वह अपने एआई संचालित चैटबॅाट बार्ड का विस्तार करते हुए इसे यूरोप और ब्राजील में उपलब्ध करा रहा है। कंपनी ने यह भी बताया कि वह बार्ड में और अधिक सुविधाएं जोड़ रही है। कंपनी ने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब वह वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए कृत्रिम मेधा विकसित करने की दौड़ में अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर देना चाहती है, जो अपने बिंग सर्च इंजन में ओपनएआई की लोकप्रिय चैटजीपीटी सेवा का उपयोग करती है। गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में सुधारों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि बार्ड का उपयोग अब अरबी, चीनी, जर्मन, हिंदी और स्पेनिश सहित 40 से अधिक भाषाओं में किया जा सकता है। गूगल ने बार्ड को फरवरी में लॉन्च किया था। ये यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों में पिछले महीने उपलब्ध कराने की योजना थी, लेकिन इस सेवा के ईयू के निजता संबंधी कड़े नियमों के अनुरूप होने संबंधी जांच के कारण इसमें देरी हो गई। ‘आयरिश डेटा संरक्षण आयोग' ने बताया कि उसने गूगल को अधिक जानकारी के लिए प्रश्नों की एक विस्तृत सूची भेजी थी, जिसके परिणामस्वरूप गूगल ने इस सेवा को बृहस्पतिवार को यूरोप में उपलब्ध कराने से पहले ‘‘कई बदलाव किए'', जिनमें ‘‘विशेष रूप से पारदर्शिता में वृद्धि और उपयोगकर्ताओं के लिए नियंत्रण संबंधी बदलाव'' शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. कृषि मंत्रालय ने बुधवार को बैंकों से कृषि क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) को बढ़ावा देने को कहा। कृषि अवसंरचना कोष फसल कटाई के बाद प्रबंधन बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए आठ जुलाई, 2020 को शुरू की गई एक वित्तपोषण सुविधा है। इस योजना के तहत वित्तवर्ष 2025-26 तक एक लाख करोड़ रुपये का वितरण किया जाना है और ब्याज सहायता और क्रेडिट गारंटी सहायता वर्ष 2032-33 तक दी जाएगी। एक सरकारी बयान के अनुसार, कृषि सचिव मनोज आहूजा ने बुधवार को कृषि बुनियादी ढांचा कोष के तहत बैंकों के लिए भारत (बैंक्स हेराल्डिंग एक्सेलेरेटेड रूरल एंड एग्रीकल्चर ट्रांसफॉर्मेशन) नामक एक नया अभियान शुरू किया। बयान में कहा गया है, ‘‘7,200 करोड़ रुपये के लक्ष्य के साथ एक महीने तक चलने वाला यह अभियान (15 जुलाई से 15 अगस्त तक) वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शुरू किया गया था, जिसमें 100 से अधिक बैंक अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लघु वित्त बैंक, एनबीएफसी और चुनिंदा सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक / अध्यक्ष, कार्यकारी निदेशक शामिल थे।'' सचिव ने सभी बैंकों से देश में कृषि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए लक्ष्य हासिल करने को कहा। बैंकों को योजना के तहत बनाई गई परियोजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभाव का आकलन करने की भी सलाह दी गई।
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नयी दिल्ली. टमाटर की कीमतों में आए उछाल के बीच ग्राहकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार शुक्रवार से राष्ट्रीय राजधानी और कुछ अन्य शहरों में रियायती दरों पर टमाटर की बिक्री करेगी। कुछ शहरों में इस प्रमुख खाद्य उत्पाद की कीमत 200 रुपये प्रति किलोग्राम से भी अधिक हो गई है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि टमाटर की बिक्री राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) की तरफ से की जाएगी। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में टमाटर रियायती दरों पर बेचे जाएंगे। इसके अलावा पटना, वाराणसी, कानपुर और कोलकाता में भी रियायती टमाटर उपलब्ध होंगे। सिंह ने कहा, ‘‘टमाटर विभिन्न क्षेत्रों में मौजूदा भाव से काफी कम दाम पर बेचे जाएंगे। यह उस दिन के बाजार भाव से कम-से-कम 30 प्रतिशत कम होगा। यह कदम उपभोक्ताओं को राहत देने के इरादे से प्रेरित है।'' मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नेफेड और एनसीसीएफ दोनों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख उत्पादक केंद्रों से टमाटर खरीदेंगे और इसे उन बाजार स्थलों में बेचेंगे जहां खुदरा कीमतें पिछले एक महीने में सबसे अधिक बढ़ी हैं। सिंह ने कहा, ‘‘यह पहला मौका है जब हम खुदरा बाजारों में टमाटर खरीदेंगे और बेचेंगे। हमने प्याज के लिए भी ऐसा किया। यह एक चुनौतीपूर्ण काम होने वाला है क्योंकि टमाटर एक जल्द खराब होने वाली खाद्य वस्तु है।'' दिल्ली-एनसीआर में एनसीसीएफ अपने बिक्री केंद्रों, मोबाइल वैन, मदर डेयरी के सफल स्टोर और केंद्रीय भंडार बिक्री केन्द्रों के जरिए टमाटर बेचेगा। सिंह ने कहा कि अन्य शहरों में नेफेड और एनसीसीएफ दोनों अपने-अपने बिक्री केंद्रों के माध्यम से रियायती दरों पर टमाटर बेचेंगे या इसके लिए स्थानीय स्तर पर गठजोड़ करेंगे। उनके अनुसार, कीमतें कम होने तक टमाटरों की रियायती दरों पर बिक्री जारी रहेगी। अगस्त की शुरुआत तक टमाटर के दाम नरम होने की संभावना है। मंत्रालय ने कहा कि रियायती टमाटर बेचे जाने वाले शहरों की पहचान पिछले एक महीने में खुदरा कीमतों में भारी वृद्धि के आधार पर की गई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को टमाटर का औसत अखिल भारतीय खुदरा मूल्य 111.71 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। पंजाब के बठिंडा में 203 रुपये प्रति किलोग्राम का सर्वाधिक भाव रहा जबकि न्यूनतम दर कर्नाटक के बीदर में 34 रुपये प्रति किलोग्राम थी। महानगरों में से टमाटर की खुदरा कीमत दिल्ली में सबसे अधिक 150 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसके बाद मुंबई में 137 रुपये प्रति किलोग्राम, कोलकाता में 137 रुपये प्रति किलोग्राम और चेन्नई में 123 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव रहा। टमाटर की कीमतों में आमतौर पर जुलाई-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर की अवधि के दौरान तेजी आती हैं, जो आम तौर पर कम उत्पादन वाले महीने होते हैं। मानसून के कारण आपूर्ति में व्यवधान के कारण दरों में और वृद्धि हुई है। मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक जिले से जल्द ही नई फसल आने की उम्मीद है। अगस्त में नारायणगांव और औरंगाबाद क्षेत्र से भी अतिरिक्त आपूर्ति आने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश से भी आवक शुरू होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में कीमतें कम होने की उम्मीद है।''
टमाटर का उत्पादन लगभग सभी राज्यों में अलग-अलग मात्रा में किया जाता है। अधिकतम उत्पादन भारत के दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में होता है, जो अखिल भारतीय उत्पादन में 56-58 प्रतिशत का योगदान देता है।
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नयी दिल्ली. केंद्र ने बुधवार को सहकारी समितियों नेफेड और राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से टमाटर खरीदने का निर्देश दिया। आम लोगों को राहत देने के लिए प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों पर घटी दरों के साथ टमाटर वितरित किए जाएंगे। गौरतलब है कि पिछले एक महीने में टमाटर की खुदरा कीमतों तेजी से बढ़ी हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 14 जुलाई से दिल्ली-एनसीआर के उपभोक्ताओं को घटी दरों पर खुदरा दुकानों के जरिए टमाटर बेचे जाएंगे। भारी बारिश के कारण आपूर्ति बाधित होने से देश के कई हिस्सों में टमाटर की खुदरा कीमतें 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) टमाटर खरीदेंगे। मंत्रालय के अनुसार पिछले एक महीने में जिन स्थानों पर खुदरा कीमतें राष्ट्रीय औसत से अधिक रही हैं, वहां टमाटर घटी कीमतों पर वितरित किए जाएंगे। मंत्रालय ने कहा कि जिन स्थानों पर टमाटर की खपत अधिक है, वितरण के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि आमतौर पर जुलाई-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर में टमाटर का उत्पादन कम होता है। इसके अलावा जुलाई में मानसून के चलते आवागमन संबंधी बाधाओं के चलते भी कीमतें बढ़ी हैं। दिल्ली और आपास के क्षेत्रों में आवक मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश से होती है। इसके अलावा दक्षिण के राज्य टमाटर उत्पादन में अग्रणी हैं। मंत्रालय ने कहा कि नासिक जिले से नयी फसल की आवक जल्द होने की उम्मीद है। बयान के मुताबिक, ''निकट भविष्य में कीमतें कम होने की उम्मीद है। - नयी दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों, कसीनो और घुड़दौड़ में दांव पर लगायी जाने वाली कुल राशि पर 28 प्रतिशत की दर से कर लगाने का मंगलवार को फैसला किया। सिनेमाघरों में बिकने वाले खाने-पीने के सामान पर कर की दर घटाने के साथ उपकर के लिये एसयूवी की परिभाषा को भी बदल दिया गया है। परिषद ने कैंसर के इलाज वाली दवा डिनुटूक्सिमैब और दुर्लभ बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली औषधि को जीएसटी दायरे से बाहर रखने का भी फैसला किया। इसके अलावा निजी कंपनियों की तरफ से दी जाने वाली उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं को भी जीएसटी से छूट देने का निर्णय किया गया है। सिनेमाघरों में परोसे जाने वाले खाने-पीने के सामान पर अब 18 प्रतिशत के बजाए पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगी। यह दर होटल और रेस्तरां में लगने वाले शुल्क के बराबर है।कई मामलों में सिनेमाघर खान-पान के सामान पर 18 प्रतिशत जीएसटी ले रहे थे। इसके साथ ही 28 प्रतिशत जीएसटी के अलावा 22 प्रतिशत उपकर लगाने को लेकर एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) की परिभाषा में भी बदलाव किया गया है। यह दर उन एसयूवी पर लगेगा जिनकी लंबाई चार मीटर या उससे अधिक, इंजन क्षमता 1,500 सीसी या उससे अधिक और बिना वजन के उसका ‘ग्राउंड क्लियरेंस' न्यूनतम 170 मिमी है। इस परिभाषा में सेडान शामिल नहीं है।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिषद की 50वीं बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि ऑनलाइन गेमिंग, कसीनों पर अधिकतम दर से कर लगाने के पीछे इरादा किसी उद्योग को खत्म करना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘परिषद की बैठक में इस नैतिक प्रश्न पर भी चर्चा की गई। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें आवश्यक उद्योगों से अधिक बढ़ावा दिया जाए।'' सीतारमण ने कहा, ‘‘हम शुद्ध रूप से यह देख रहे हैं कि किस पर कर लगाया जा रहा है क्योंकि यह मूल्य सृजित करता है, लाभ कमाया जा रहा है... दांव लगाकर जो लोग जीतते हैं, उसके आधार पर कर लगाया जा रहा है। आज के फैसले में यह देखा गया है कि किस पर कर लगाया जाना है और किस पर नहीं।'' उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऑनलाइन गेमिंग के नियामकीय पहलू को देख रहा है, जबकि जीएसटी परिषद ने केवल कर के संबंध में निर्णय लिया है। ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर कर इस आधार पर कोई भेदभाव किये बगैर लगाया जाएगा कि खेल के लिए कौशल की जरूरत है या वे संयोग पर आधारित हैं। ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कसीनो को लॉटरी और जुए की तरह ‘कार्रवाई योग्य दावे' के रूप में परिभाषित करने के लिये जीएसटी कानून में संशोधन का विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र में लाए जाने की संभावना है। मंत्री समूह को इस पर विचार करना था कि इन तीनों गतिविधियों में दांव पर लगने वाली समूची राशि पर कर लगाया जाए या सकल गेमिंग राजस्व या सिर्फ मंच की तरफ से वसूले जाने वाले शुल्क पर कर लगाया जाए। परिषद ने जीएसटी से संबंधित विवादों के निपटान के लिए सभी राज्यों में अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन से संबंधित नियमों एवं शर्तों को मंजूरी दी है। देश भर में करीब 50 न्यायाधिकरण गठित किए जाएंगे और अगले चार-छह महीनों में ये काम करना शुरू कर देंगे।
- नयी दिल्ली । ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने मंगलवार को कहा कि 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के फैसले से नए गेम में निवेश करने की उनकी क्षमता सीमित होने के साथ नकद प्रवाह और कारोबार विस्तार पर भी असर पड़ेगा। जीएसटी परिषद की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर पूर्ण कारोबार मूल्य पर 28 प्रतिशत की दर से कर लगाने का फैसला किया गया है। नजारा, गेम्सक्राफ्ट, जुपी और विंजो जैसी गेमिंग कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (एआईजीएफ) ने कहा कि जीएसटी परिषद का यह फैसला असंवैधानिक और तर्कहीन है।एआईजीएफ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रोलैंड लैंडर्स ने कहा, "यह निर्णय पूरे भारतीय गेमिंग उद्योग को खत्म कर देगा और लाखों लोगों की नौकरी चली जाएगी। इससे सिर्फ राष्ट्र-विरोधी गैरकानूनी विदेशी मंच ही लाभान्वित होंगे।" उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार इस उद्योग का समर्थन करती रही है तो इस मामले का विस्तार से अध्ययन करने वाले मंत्री समूह (जीओएम) के अधिकांश सुझाव नजरअंदाज करते हुए कानूनी रूप से ऐसा कमजोर निर्णय लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने सरकार और जीएसटी परिषद से 28 प्रतिशत के बजाय 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का अनुरोध किया था। इंडियाप्लेज के मुख्य परिचालन अधिकारी आदित्य शाह ने कहा, "28 प्रतिशत कर लगाने से गेमिंग उद्योग के लिए चुनौतियां बढ़ जाएंगी। ऊंचे कर का बोझ कंपनियों के नकद प्रवाह को प्रभावित करेगा जिससे नवाचार, अनुसंधान और व्यापार विस्तार में निवेश करने की उनकी क्षमता भी सीमित हो जाएगी।" उन्होंने यह भी कहा कि कौशल-आधारित गेम और सट्टेबाजी में लगे ऐप्स या कसीनो के साथ एक जैसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। गेम्स 24x7 और जंगली गेम्स जैसी कंपनियों के संगठन ई-गेमिंग फेडरेशन ने कहा कि कर का बोझ बढ़ने से ऑनलाइन गेमिंग उद्योग न केवल अव्यवहार्य हो जाएगा बल्कि यह वैध कर-भुगतान करने वाली इकाइयों के बजाय काला बाजारी करने वाले परिचालकों को बढ़ावा देगा।
- नई दिल्ली। . वस्तु और सेवाकर-जीएसटी परिषद ने कैंसर और असाधारण बीमारियों के उपचार की दवाओं और विशेष चिकित्सा के लिए खाद्य उत्पादों को वस्तु और सेवा कर से छूट देने का निर्णय लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कल नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद वित्तमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कैसीनो पर 28 प्रतिशत कर लगाया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि बिना पके, बिना तले स्नैक्स पर जीएसटी दरें 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई हैं। नकली ज़री के धागों पर दरें 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई हैं।
- नयी दिल्ली। कृषि-ड्रोन बनाने वाली कंपनी आयोटेकवर्ल्ड एविगेशन को अग्रणी सहकारी संस्था इफको से 500 ड्रोन की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है। इन ड्रोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से नैनो तरल यूरिया और डीएपी के छिड़काव के लिए किया जाएगा। भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लि. (इफको) की योजना नैनो यूरिया और नैरो डाइअमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) के छिड़काव के लिए 2,500 कृषि-ड्रोन खरीदने की है। इफको का 5,000 ग्रामीण उद्यमियों को प्रशिक्षण देने का भी इरादा है। इन ग्रामीणों को ड्रोन के जरिये छिड़काव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोटेकवर्ल्ड एविगेशन के सह-संस्थापक अनूप उपाध्याय ने बयान मे कहा, ‘‘कंपनी इफको को दिसंबर, 2023 तक 500 ड्रोन की आपूर्ति करेगी।'' गुरुग्राम मुख्यालय वाली कंपनी देश की पहली डीजीसीए प्रकार के प्रमाणित ड्रोन ‘एग्रीबॉट' की विनिर्माता है। आयोटेकवर्ल्ड को कृषि रसायन कंपनी धानुका एग्रीटेक का समर्थन हासिल है।
- -जेएसपी के चेयरमैन नवीन जिन्दल ने कहा- यह छात्रावास बच्चों को खेल व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है-जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ने कहा -"यह छात्रावास विश्वस्तरीय सुविधाएं, और कौशल प्रदान कर खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के भविष्य का निर्माण करेगारायपुर। जाने-माने उद्योगपति और जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) के चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल एवं जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने ओडिशा के क्योंझर जिले के बड़बिल स्थित सोयाबाली में जिन्दल खेल छात्रावास का शानदार उपहार दिया है। 60 खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं पोषण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया यह छात्रावास ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं के चैम्पियन बनने के सपने साकार करने में योगदान करेगा। यहां उनके लिए उत्तम शिक्षा एवं कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है।जेएसपी फाउंडेशन द्वारा स्थापित जिन्दल खेल छात्रावास के लोकार्पण के लिए बड़बिल में कल आयोजित विशेष कार्यक्रम में श्री नवीन जिन्दल ने कहा कि खेलों से चरित्र निर्माण, अनुशासन, टीम भावना और चुनौतियों पर विजय पाने की क्षमता का विकास होता है। "यह खेल छात्रावास युवाओं और बच्चों को खेल व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह एक ऐसा मंच है, जहां उनके लिए समग्र पोषण की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ उठाकर वे सीखने, आगे बढ़ने और अंततः चैम्पियन, रोल मॉडल और लीडर बनने में सक्षम हो सकते हैं।"इस अवसर पर जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा कि युवाओं के विकास में शिक्षा और खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास समाज के कमजोर वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में जेएसपी फाउंडेशन की अनूठी पहल है, जिससे समृद्ध एवं न्यायप्रिय भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। "यह छात्रावास विश्वस्तरीय सुविधाएं, पोषण, प्रशिक्षण, स्कूली शिक्षा और कौशल प्रदान कर खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के भविष्य का निर्माण करेगा। हम जनजातीय बहुल बड़बिल क्षेत्र के बच्चों को आश्वासन देते हैं कि उन्होंने शिक्षा और खेलों में जो ऊंचाइयां छूने का सपना देखा है, उसे पूरा कराने में हम उनका पूरा साथ देंगे।''खेलों के लिए बुनियादी ढांचा विकास के ओडिशा सरकार के मानकों के अनुरूप जिन्दल खेल छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां आरामदायक आवास, आधुनिक खेल उपकरण, चौथी पीढ़ी का जिम और अनुभवी प्रशिक्षकों के साथ-साथ समर्पित खेल प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा फाउंडेशन छात्रों को पौष्टिक भोजन और शारीरिक फिटनेस प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा।जेएसपी फाउंडेशन क्योंझर जिले के युवाओं के बीच वुशु और किकबॉक्सिंग जैसे मार्शल आर्ट को प्रोत्साहित कर रहा है। एक दशक से भी अधिक समय से फाउंडेशन ओडिशा राज्य वुशु एसोसिएशन के सहयोग से क्योंझर जिला वुशु टीम को प्रायोजित कर रहा है। फाउंडेशन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आवश्यक बुनियादी और प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ-साथ भोजन, पोषण, परिधान और परिवहन की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश को श्वेता रानी, बबलू मुंडा और मंजू मुंडा जैसी प्रतिभाएं मिली हैं, जिन्होंने ब्राजील, ब्रुनेई और मॉस्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वुशु प्रतियोगिताओं में रजत और स्वर्ण पदक जीते हैं।जेएसपी युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और उसे विश्वास है कि जिन्दल खेल छात्रावास इन प्रतिभाशाली बच्चों को खेल, शिक्षा और उससे भी आगे ले जाने में महत्वपूर्ण धुरी का काम करेगा। इसके अलावा क्योंझर जिले में यह छात्रावास खेलों में उभरती प्रतिभाओं को व्यापक समर्थन देकर उनके सपने साकार करने में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएगा।
- नयी दिल्ली ।' दोपहिया वाहन विनिर्माता हुंदै मोटर इंडिया ने सोमवार को अपना नया मॉडल ‘एक्सटर' बाजार में पेश करते हुए शुरुआती स्तर के स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन (एसयूवी) खंड में कदम रखा। इस वाहन की शोरूम कीमत 5.99 लाख रुपये से शुरू है। टाटा मोटर्स के पंच मॉडल के मुकाबले में उतारा गया एक्सटर मॉडल 1.2 लीटर क्षमता वाले पेट्रोल इंजन से लैस है और यह मैनुअल एवं ऑटोमैटिक दोनों संस्करणों में उपलब्ध है। हुंदै ने इस मॉडल के मैनुअल संस्करण के एक लीटर पेट्रोल में 19.4 किलोमीटर चलने का दावा करते हुए कहा कि 5.99 लाख से शुरू होकर इसके उच्च संस्करण की कीमत 9.31 लाख रुपये रखी गई है। वहीं ऑटोमैटिक संस्करण वाले मॉडल की शुरुआती कीमत 7.96 लाख रुपये है और यह एक लीटर में अधिकतम 19.2 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है।कंपनी ने इस मॉडल को सीएनजी संस्करण में भी उतारा है जिसकी कीमत 8.23 लाख रुपये रखी गई है। कंपनी ने इस संस्करण के एक किलोग्राम में 27.1 किलोमीटर के माइलेज का दावा किया है। इस अवसर पर हुंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) उन्सू किम ने कहा कि एक्सटर को बाजार में पेश करने के साथ हुंदै सभी श्रेणियों में एसयूवी मॉडल पेश करने वाली कंपनी बन गई है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के विकास पर 950 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। किम ने भारतीय बाजार के प्रति हुंदै मोटर की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि अगले 10 वर्षों में यहां 20,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा हाल ही में की गई है। यह राशि उत्पादन क्षमता बढ़ाने, इलेक्ट्रिक मॉडल उतारने और तमिलनाडु में एक बैटरी संयंत्र लगाने पर खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि हुंदै चेन्नई स्थित अपने उत्पादन संयंत्र की क्षमता को 8.2 लाख इकाई से बढ़ाकर 8.5 लाख इकाई तक पहुंचाना चाहती है। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी तरुण गर्ग ने उम्मीद जताई कि एक्सटर मॉडल नए ग्राहकों को आकर्षित करने के साथ एसयूवी खंड को भी मजबूती देगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह देश में कंपनी का आठवां एसयूवी मॉडल है। इसके साथ हम एसयूवी के छह अलग-अलग उपखंडों में मौजूद इकलौती कंपनी हो गए हैं।''
- मुंबई। स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स में 63.72 अंक की बढ़त आई। सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में भारी लिवाली और विदेशी पूंजी प्रवाह जारी रहने से बाजार में तेजी रही। हालांकि, तिमाही नतीजे आने से पहले सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार की बढ़त पर कुछ अंकुश लगा। कंपनियों के वित्तीय परिणाम इस सप्ताह से आने शुरू हो जाएंगे। शुक्रवार को आई तेज गिरावट के बाद 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 63.72 अंक यानी 0.10 प्रतिशत चढ़कर 65,344.17 अंक पर बंद हुआ।कारोबार के दौरान एक समय यह 353.04 अंक तक चढ़ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24.10 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,355.90 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे अधिक 3.78 प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके अलावा टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा मोटर्स में भी तेजी रही। दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में टाइटन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, पावर ग्रिड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक और नेस्ले शामिल हैं। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजारों में चौतरफा नरमी रही। लेकिन प्रमुख शेयरों में लिवाली से दोनों मानक सूचकांक मामूली बढ़त में रहने में कामयाब हुए। आईटी शेयरों में नरमी देखी गयी। कंपनियों के पहली तिमाही के परिणाम आने से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। ऐसी आशंका है कि इन कंपनियों के नतीजे कुछ हल्के रहेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा अमेरिकी बाजार से जो संकेत मिले हैं, वे अनुकूल नहीं हैं। अमेरिका में खुदरा मुद्रास्फीति में नरमी की उम्मीद के बावजूद एक बार और ब्याज दर में वृद्धि की संभावना जतायी जा रही है।'' रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘मिले-जुले रुख के बीच बाजार सीमित दायरे में रहा और हल्की बढ़त में बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में रुख सकारात्मक था। इसका बड़ा कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी है। हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ अन्य प्रमुख शेयरों में बिकवाली दबाव से लाभ पर कुछ अंकुश लगा।''बीएसई मिडकैप (मझोली कंपनियों के शेयरों के सूचकांक) 0.45 प्रतिशत और स्मॉलकैप (छोटी कंपनियों के शेयरों के सूचकांक) 0.26 प्रतिशत नीचे आया। एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में रहे थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77.84 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली जारी है और उन्होंने शुक्रवार को 790.40 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। बीएसई सेंसेक्स में शुक्रवार को 505.19 और निफ्टी में 165.50 अंक की गिरावट आई थी।
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नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट के बीच सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 95 रुपये टूटकर 59,505 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी।
पिछले कारोबारी सत्र में पीली धातु 59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुई थी। चांदी की कीमत 72,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।वैश्विक बाजारों में सोना नुकसान के साथ 1,923 डॉलर प्रति औंस पर था। चांदी 23.09 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती से सोने में कारोबार की शुरुआत कुछ नकारात्मक रुख के साथ हुई। -
नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने वाली कंपनी सोनी (Sony) ने नया वायरलेस ईयरबड WF-C700N (Sony Eardbud WF-C700N) लॉन्च किया है। इस ईयरबड की खास बात यह है कि यह एक टाइम पर दो अलग ब्ल्यूटूथ डिवाइस के साथ कनेक्ट हो सकता है। इस डिवाइस की कीमत 8,990 रुपये है और यह 15 जुलाई से खरीदने के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
यह डिवाइस सोनी के रिटेल स्टोर्स के अलावा बड़े इलेक्ट्रॉनिक स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मिलेगा। कंपनी का दावा है कि ईयरबड ग्राहकों को आरामदायक, समृद्ध और बेहतर साउंड क्वालिटी प्रदान करेगा।ईयरबड्स बैकग्राउंड नॉइस कैंसलेशन फीचर के साथ एम्बीयंट साउंड मॉड से लैसSony का WF-C700N ईयरबड बैकग्राउंड नॉइस कैंसलेशन फीचर के साथ ही एम्बीयंट साउंड मॉड से लैस है, जो अधिक नेचुरल और कनेक्टिड फील कराता है। यूजर्स एक क्लिक के साथ एम्बीयंट साउंड मॉड को नॉइज कैंसलेशन के ऑप्टशन से बदल सकते हैं।इसके अलावा डिवाइस खास अडेप्टिव साउंड कंट्रोल के साथ आता है, जो आस-पास के माहौल को पहचान लेता है और नॉइस कैंसलेशन तथा एम्बियंट साउंड के बीच मोड को ऑटोमैटिक रूप से एडजस्ट कर देता है।तीन रंगों में उपलब्धयह ईयरबड ब्लैक, सफ़ेद, lavender और हरे रंग में उपलब्ध होगा। डिवाइस कानों के आकार की परवाह किए बिना एक आरामदायक यूजर अनुभव का वादा करता है। ईयरबड एक बेलनाकार चार्जिंग केस के साथ आते हैं, जिसे ले जाना आसान है। इसके आलावा ईयरबड IPX4 वॉटर रेसिस्टेंस सुरक्षा के साथ आते हैं, जो उन्हें पानी के छींटों और पसीने की बूंदों से बचाता है। - नयी दिल्ली। दूरसंचार विभाग (डीओटी) 2024 में समाप्त होने जा रहे परमिट वाले स्पेक्ट्रम बैंड के साथ-साथ रेडियो तरंगों के एक सेट की नीलामी के लिए इस सप्ताह भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) से संपर्क करेगा। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने कहा कि दूरसंचार विभाग चालू वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में नीलामी कर सकता है।सूत्र ने कहा, “दूरसंचार विभाग कुछ दिनों में 2024 में नवीनीकरण के लिए आने वाले टेलीकॉम लाइसेंस के 37 गीगाहर्ट्ज बैंड और रेडियो तरंगों की नीलामी के लिए ट्राई को नियम-शर्तें भेजेगा।” दूरसंचार विभाग को उम्मीद है कि ट्राई जल्द ही उपग्रह संचार स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी दिशानिर्देशों की सिफारिश करेगा, ताकि इसे मार्च तिमाही के लिए प्रस्तावित नीलामी में शामिल किया जा सके।
- नयी दिल्ली। अंतरिक्ष में अपनी कक्षा में चक्कर लगा रहे उपग्रहों में फिर से ईंधन भरने से लेकर पृथ्वी की सेहत पर नजर रखने तक, भारत के स्टार्टअप इससे वैश्विक वाणिज्यिक सहयोग के बड़े अवसर के द्वार खुलने की उम्मीद के साथ उपयुक्त बाजार तलाश रहे हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों का मानना है कि भारत के ‘आर्टेमिस संधि' पर हस्ताक्षर करने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान अंतरिक्ष क्षेत्र, खास तौर से निर्यात पर नियंत्रण और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के मुद्दों की जुड़ी समस्याओं के समाधान पर जोर दिये जाने के बाद निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध होंगे। भारत ने 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र के अपने बाजार को निजी क्षेत्र के लिए खोला था, जिसके बाद से 150 स्टार्टअप स्थापित हुए हैं जो रॉकेट और उपग्रह निर्माण, अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं मुहैया कराने और अंतरिक्ष पर्यटन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। मनस्तु स्पेस के सह-संस्थापक तुषार जाधव ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है क्योंकि 10-15 साल पहले तक अमेरिका द्वारा अंतरिक्ष या रक्षा क्षेत्र की प्रौद्योगिकी साझा किया जाना अनसुनी बात थी। अब हम इन क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने की बात कर रहे हैं।'' मुंबई की कंपनी मनस्तु उपग्रहों के लिए हरित (पर्यावरण हितैषी) प्रणोदन प्रणाली विकसित करने पर काम कर रही है और अगले साल परीक्षण कर इस तकनीक को मान्यता दिलाना चाहती है।कंपनी अंतरिक्ष में एक ईंधन केन्द्र भी डिजाइन कर रही है ताकि कक्षा में चक्कर लगाने के दौरान ही उपग्रहों में ईंधन भरा जा सके। फिलहाल उपग्रह का ईंधन समाप्त हो जाने के बाद वह उपयोग से बाहर हो जाता है। इंडिया स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल ए. के. भट्ट (सेवानिवृत्त) ने कहा, ‘‘अंतरिक्ष क्षेत्र में कई तकनीकों दोहरी उपयोगिता है, लेकिन यह संकेत है कि कैसे अब इसकी प्रक्रिया सरल की जाएगी।'' पिछले साल नवंबर में, हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपनी स्थापना के महज चार साल के भीतर भारत में निजी उपक्रम द्वारा निर्मित पहले रॉकेट विक्रम-एस का प्रक्षेपण कर, अंतरिक्ष क्षेत्र के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कुछ पूर्व वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा स्थापित यह कंपनी अब विक्रम सीरिज के तीन अलग-अलग रॉकेट डिजाइन कर रही है, जिनकी मदद से छोटे उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित किया जा सकेगा।इसरो के ‘इंडियन नेशनल स्पेस प्रोमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (इन-स्पेस)' के अध्यक्ष पवन गोयनका ने कहा, ‘‘निजी क्षेत्र जिस तरह का काम कर रहा है वह इसरो के पुराने काम की नकल नहीं है। स्काईरूट और अग्निकुल कॉस्मोस द्वारा विकसित प्रक्षेपण यान की अपनी खासियत है। उपग्रह से जुड़े ‘एप्लिकेशन' तकनीकी आधार पर बहुत आधुनिक हैं।'' चेन्नई की कंपनी अग्निकुल कॉस्मोस ने पिछले साल श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में अपने ‘लॉंचपैड' का उद्घाटन किया। इसरो अपने उपग्रहों का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण केन्द्र से करता है। भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रौद्योगिकी और उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों की मांग बहुत कम है, ऐसे में घरेलू कंपनियां अपने उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार में अवसर तलाश रही हैं। अपने उपग्रह से ‘हाइपर स्पेक्ट्रल तस्वीरें' मुहैया कराने के संबंध में अमेरिका के ‘नेशनल रेकॉन्सांस ऑफिस' के साथ बेंगलुरु की कंपनी ‘पिक्सल' के करार का हवाला देते हुए गोयनका ने कहा, ‘‘उन्हें कुछ सफलता भी मिलने लगी है। सरकारी एजेंसियों से ऑर्डर मिलने लगे हैं। कुछ बहुत बड़ा भी हो रहा है।'' केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अमेरिका अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को अब बराबरी का साझेदार समझता है, जो 50 साल पुरानी स्थिति के मुकाबले बहुत अलग है, जब सभी देश अंतरिक्ष क्षेत्र की तकनीक के लिए अमेरिका से उम्मीद लगाये रहते थे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अतीत की वर्जनाओं को तोड़ा है और अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोला है।
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नयी दिल्ली. सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 1,19,763.25 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटीसी रहीं। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 561.89 अंक या 0.86 प्रतिशत की बढ़त में रहा। सात जुलाई को सेंसेक्स ने 65,898.98 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर को छुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 57,338.56 करोड़ रुपये बढ़कर 17,83,043.16 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज ही रही। आईटीसी का बाजार मूल्यांकन 21,291.04 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 5,82,602.46 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की बाजार हैसियत 18,697.06 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 5,29,898.83 करोड़ रुपये और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसज (टीसीएस) की 9,220.81 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 12,16,890.72 करोड़ रुपये रही। आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत 8,998.26 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 6,62,702.30 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने सप्ताह के दौरान 4,217.52 करोड़ रुपये जोड़े और उसकी बाजार हैसियत बढ़कर 6,33,532.04 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस रुख के उलट एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 22,926.37 करोड़ रुपये घटकर 9,28,657.99 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी के मूल्यांकन में 9,782.7 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 5,12,585.94 करोड़ रुपये पर आ गया। भारती एयरटेल की बाजार हैसियत 5,219.66 करोड़ रुपये घटकर 4,84,844.10 करोड़ रुपये रह गई। इन्फोसिस का मूल्यांकन 1,638.41 करोड़ रुपये के नुकसान से 5,52,452.86 करोड़ रुपये पर आ गया।
शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, इन्फोसिस, एसबीआई, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा। - नयी दिल्ली। अडाणी समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज ने रेलवे टिकट बुकिंग से जुड़ी कंपनी स्टार्ट एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (एसईपीएल) की लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है। एसईपीएल रेलवे टिकट की ऑनलाइन बुकिंग करने वाले मंच ट्रेनमैन की संचालक कंपनी है। एसईपीएल ने वित्त वर्ष 2022-23 में 4.51 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। अडाणी एंटरप्राइजेज ने पिछले महीने एसईपीएल की समूची हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता करने की घोषणा की थी।अडाणी एंटरप्राइजेज ने शनिवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा, “कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी अडाणी डिजिटल लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने 3.56 करोड़ रुपये में 29.81 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है।” हालांकि अडाणी एंटरप्राइजेज ने पिछले महीने एसईपीएल का जिक्र ‘ऑनलाइन ट्रेन बुकिंग और सूचना मंच' के रूप में किया था लेकिन शनिवार को उसने इसे ‘ई-कॉमर्स और वेबसाइट विकास' से संबंधित कंपनी बताया। अडाणी समूह के रेल टिकट कारोबार से जुड़ने की घोषणा पर पिछले महीने कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कि अडाणी के ट्रेनमैन मंच का अधिग्रहण करने से अंततः भारतीय रेलवे की टिकटिंग इकाई आईआरसीटीसी के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो सकता है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने इसका खंडन करते हुए कहा था कि भारतीय रेलवे में रोजाना करीब 14.5 लाख आरक्षित टिकट बुक किए जाते हैं। इनमें से लगभग 81 प्रतिशत टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन होती है और आईआरसीटीसी के जरिए ही बुक किए जाते हैं। इस स्थिति में आईआरसीटीसी और ट्रेनमैन जैसे उसके एजेंटों के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। आईआरसीटीसी की टिकटिंग साझेदार ट्रेनमैन की कुल आरक्षित टिकटों में 0.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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इम्फाल. अशांत मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के कौब्रू की तलहटी में धान की खेती की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। सुरक्षा बलों ने राज्य में मेइती और कुकी समुदायों के किसानों को सुरक्षा प्रदान की है। किसान धान की खेती के लिए किसान अपनी जमीन जोतते नजर आये। अधिकारियों ने बताया कि बुआई के मौसम के दौरान किसानों की सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से सेना और असम राइफल्स के जवानों को कांगपोकपी और पश्चिमी इंफाल जिलों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कांगपोकपी और पश्चिमी इम्फाल क्षेत्र प्रसिद्ध 'काले चावल' के लिए जाने जाते हैं, इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के जवानों की मौजूदगी का उद्देश्य धान की खेती में लगे मेइती और कुकी किसानों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कराना, उन्हें जातीय हिंसा से बचाना है। अशांत क्षेत्रों में किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए, राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में मंत्रियों, विधायकों, नेताओं और नौकरशाहों के वीआईपी सुरक्षा घेरे को कम कर दिया है। खेती कर रहे किसानों की सुरक्षा के लिए लगभग 2,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को एकीकृत कमान की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद, घोषणा की कि कृषि उद्देश्यों के लिए सुरक्षा प्रदान करने के लिए कांगपोकपी, चुराचांदपुर, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम और काकचिंग जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा। राज्य में जातीय हिंसा के कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव के कारण केंद्रीय बलों को लगाने का निर्णय लिया गया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो पूर्वोत्तर राज्य में खाद्य उत्पादन प्रभावित होगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसान लगभग 5,127 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती नहीं कर पाये जिसके परिणामस्वरूप 28 जून तक 15,437.23 मीट्रिक टन का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि अगर इस मानसून मौसम में धान की खेती नहीं हो पाई तो जुलाई के अंत तक नुकसान और बढ़ जाएगा। मणिपुर में लगभग 200,000 से 300,000 किसान 195,000 हेक्टेयर कृषि भूमि पर धान की खेती करते हैं।
किसानों को चिंता है कि अगर इस महीने के अंत तक सभी क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर खेती नहीं की गई तो स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले 'काले चावल' की कमी के कारण अगले साल कीमतें बढ़ सकती हैं। इंफाल के बाहरी इलाकों में कुछ किसान पास की पहाड़ियों से उग्रवादियों द्वारा निशाना बनाए जाने के भय के बावजूद अपने खेतों की देखभाल कर रहे हैं, वहीं कई लोग अपनी सुरक्षा चिंताओं के कारण इस मौसम के दौरान खेती करने से बच रहे हैं। मेइती समुदाय के लोग घाटी में रहते हैं, जबकि कुकी समुदाय के लोग पहाड़ियों में रहते हैं। दोनों समुदायों के बीच पिछले दो महीनों में कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। राज्य में जातीय हिंसा फैलने के बाद से लगभग 120 लोगों की जान चली गई है और 3,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति दर्जे की मांग के विरोध में तीन मई को पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित होने के बाद हिंसा शुरू हुई थी। पूर्वोत्तर राज्य में शांति बहाल करने के प्रयास में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने चार दिनों के लिए मणिपुर का दौरा किया था और विभिन्न वर्गों से मुलाकात की थी। सामान्य स्थिति बहाल करने और हिंसा को नियंत्रित करने के लिए, मणिपुर पुलिस के अलावा, केंद्रीय सुरक्षा बलों के लगभग 40,000 कर्मियों को राज्य में तैनात किया गया है। -
लंदन. बहुराष्ट्रीय कंपनी मेटा ने सोशल मीडिया मंच ट्विटर को टक्कर देने के लिए नया ऐप ‘थ्रेड्स' जारी किया है। यह नया ऐप उद्योगपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच को सीधी चुनौती देगा।
‘थ्रेड्स' मेटा के तस्वीर साझा करने वाले ऐप इंस्टाग्राम का ‘टेक्स्ट' (विचार/संदेश) साझा करने वाला संस्करण है। कंपनी के अनुसार, यह ऐप ‘‘ताजा अद्यतन जानकारी और सार्वजनिक वार्तालाप के लिए एक नया मंच'' प्रदान करेगा। यह ऐप बुधवार आधी रात के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान सहित 100 से अधिक देशों में ऐपल और गूगल के एंड्रॉइड ऐप स्टोर पर उपलब्ध हो गया। ऐप के उपलब्ध होते ही शेफ गॉर्डन रामसे, पॉप स्टार शकीरा और मार्क हॉयल जैसी कई बड़ी हस्तियों ने इस पर अपने खाते बनाए। इस पर किसी ‘थ्रेड' (यानी पोस्ट को) को ‘लाइक', ‘रिपोस्ट', ‘रिप्लाई' और ‘कोट' करने का विकल्प मौजूद है। ये सभी विकल्प ट्विटर पर भी मौजूद हैं। कंपनी ने कहा, ‘‘ हमारा मकसद ‘थ्रेड्स' के जरिए एक मंच प्रदान करना है, जो ‘टेक्स्ट' (विचार/संदेश) और संवाद पर अधिक केंद्रित हो, जैसे की इंस्टाग्राम पर तस्वीर तथा वीडियो पर ध्यान केंद्रित किया गया है।'' इस नए ऐप में एक ‘पोस्ट' करने के लिए अक्षरों (कैरेक्टर) की सीमा 500 तय की गई है, जबकि ट्विटर पर यह 280 है। इसमें लिंक, तस्वीर और पांच मिनट तक तक लंबा वीडियो साझा किया जा सकता है। मेटा ने उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित मंच प्रदान करने के उपायों पर जोर दिया है। इसमें इंस्टाग्राम के सामुदायिक दिशानिर्देशों को लागू किया गया है। उपयोगकर्ता यह नियंत्रित कर सकते हैं कि उनके ‘थ्रेड्स' पर कौन जवाब दे सकता है। हालांकि, मेटा के इस नए ऐप को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं।
‘ऐप स्टोर' पर उपलब्ध इसकी डेटा गोपनीयता संबंधी जानकारी के अनुसार, ‘थ्रेड्स' स्वास्थ्य, वित्तीय, संपर्क, ब्राउजिंग और खोज (सर्च), स्थान (आपकी लोकेशन), खरीदारी और ‘‘संवेदनशील जानकारी'' सहित व्यक्तिगत जानकारी की एक विस्तृत श्रृंखला एकत्र कर सकता है। ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने ‘ऐप स्टोर' पर ‘थ्रेड्स' से जुड़ी जानकारी की एक तस्वीर (स्क्रीनशॉट) साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ आपके सभी थ्रेड्स हमारे हैं।'' मस्क ने इस ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, ‘‘ हां। - नयी दिल्ली।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सरकार को बुधवार को 668.17 करोड़ रुपये के लाभांश का भुगतान किया। बीओआई के प्रबंध निदेशक रजनीश कर्नाटक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लाभांश का चैक सौंपा। इस दौरान वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी भी मौजूद थे। बैंक ने बयान में कहा कि बीओआई के निदेशक मंडल की ओर से 30 मई, 2023 को दो रुपये प्रति इक्विटी शेयर (20 प्रतिशत) का लाभांश घोषित किया गया था। लाभांश का भुगतान वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बैंक के वित्तीय प्रदर्शन पर आधारित है।बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2022-23 में 18.15 प्रतिशत बढ़कर 4,023 करोड़ रुपये हो गया। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2021-22 में यह 3,405 करोड़ रुपये था।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक की एक समिति ने बुधवार को रुपये को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बनाने के लिये कई अल्पकालीन और दीर्घकालीन सुझाव दिये। इन सुझावों में घरेलू रुपये में विदेशी लेनदेन की भारतीय बैंकों को मंजूरी देने, प्रवासी नागरिकों को रूपया खाता खोलने की अनुमति और मसाला बांड पर होने वाली कर कटौती को वापस लेना शामिल हैं। आरबीआई के कार्यकारी निदेशक आर एस राठो की अध्यक्षता वाले अंतर विभागीय समूह (आईडीजी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण एक घटना न होकर एक प्रक्रिया है और इसके लिए अतीत में उठाये गये सभी कदमों को आगे बढ़ाने के लिये निरंतर प्रयास करने की जरूरत है। समिति ने भारतीय रुपये को अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) समूह में शामिल करने और सीमापार व्यापारिक लेनदेन के लिये आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) का अंतर्राष्ट्रीय इस्तेमाल करने के सुझाव भी दिए हैं। इसके अलावा रुपये में व्यापार निपटान के लिये निर्यातकों को युक्तिसंगत प्रोत्साहन देने की भी सिफारिश की गई है।एसडीआर मुद्राकोष के सदस्य देशों के आधिकारिक मुद्रा भंडार के पूरक के तौर पर बनाई गई एक अंतरराष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति है। एसडीआर समूह से किसी देश को जरूरत के समय नकदी दी जाती है। एसडीआर में अमेरिकी डॉलर, यूरो, चीनी युआन, जापानी येन और ब्रिटिश पाउंड शामिल हैं। आईडीजी ने कहा है कि देश के बाहर रुपये में खाता खोलने की क्षमता भारतीय मुद्रा के अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए बुनियादी घटक है। इसके लिए देश के बाहर प्रवासियों (विदेशी बैंकों को छोड़कर) के लिये रुपया खाता खोलने की मंजूरी अधिकृत डीलरों की विदेशी शाखाओं को दी जा सकती है। हालांकि इस व्यवस्था की समीक्षा के बाद आगे चलकर यह मंजूरी किसी भी विदेशी बैंक को देने पर विचार किया जा सकता है। समिति ने अल्पकालिक उपायों के तौर पर भारतीय रुपये और स्थानीय मुद्राओं में बिल बनाने, निपटान और भुगतान को लेकर द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था पर प्रस्तावों की जांच करने का सुझाव दिया है। समिति ने सीमापार लेनदेन के लिये अन्य देशों के साथ भारतीय भुगतान प्रणालियों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर पांचों कारोबारी दिन 24 घंटे काम करने वाले भारतीय रुपया बाजार को बढ़ावा देकर वित्तीय बाजारों को मजबूत करने का सुझाव दिया है। साथ ही भारत को रुपये में लेनदेन और मूल्य खोज के केंद्र के रूप में बढ़ावा देने की भी सिफारिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, एफपीआई व्यवस्था को व्यवस्थित करने और मौजूदा 'अपने ग्राहक को जानें' (केवाईसी) दिशानिर्देशों को तर्कसंगत बनाने तथा रुपये में व्यापार निपटान के लिये निर्यातकों को प्रोत्साहन देने की भी आवश्यकता है। समिति ने मध्यम अवधि की रणनीति के तहत मसाला बॉन्ड (विदेशों में रुपये मूल्य में जारी होने वाले बॉन्ड) पर विदहोल्डिंग टैक्स (स्रोत पर कर कटौती) को वापस लेने का भी सुझाव दिया है। साथ ही सीमापार व्यापारिक लेनदेन के लिये आरटीजीएस के अंतर्राष्ट्रीय उपयोग तथा सतत संबद्ध निपटान (सीएलएस) प्रणाली के अंतर्गत प्रत्यक्ष निपटान मुद्रा के रूप में रुपये को शामिल करने की जरूरत बताई गई है। सीएलएस व्यवस्था विदेशी मुद्रा लेनदेन के निपटान से जुड़े जोखिम को कम करने के लिये तैयार की गयी है।
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- मुंबई। रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में संचालित हो रहे दो सहकारी बैंकों के बैंक लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। आरबीआई ने दो अलग बयानों में कहा कि उसने बुलढ़ाणा स्थित मल्कापुर शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड और बेंगलुरु स्थित सुश्रुति सौहार्द सहकार बैंक नियमित के बैंकिंग लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। बयान के मुताबिक, बुधवार का कारोबार बंद होने के बाद ये दोनों सहकारी बैंक किसी तरह का बैंक से जुड़े कामकाज नहीं कर पाएंगे। केंद्रीय बैंक ने इन सहकारी बैंकों के पास समुचित पूंजी एवं आय संभावनाओं का अभाव देखते हुए यह कदम उठाया है।
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नयी दिल्ली. ‘ट्वीटडेक' का इस्तेमाल करने के लिए ट्विटर उपयोगकर्ताओं को अपने अकाउंट सत्यापित कराने होंगे। सोशल मीडिया कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ‘ट्वीटडेक' की मदद से उपयोगकर्ता एक ही डैशबोर्ड के जरिये कई अकाउंट का प्रबंध कर सकते हैं और वे ट्विटर के लिए सामग्री बनाने के वास्ते बिना पासवर्ड साझा किए अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ सहयोग कर सकते हैं। ट्विटर सपोर्ट ने एक ट्वीट में कहा कि ‘ट्वीटडेक' का इस्तेमाल करने के लिए ट्विटर उपयोगकर्ताओं को 30 दिन में अपना अकाउंट सत्यापित कराना होगा। फिलहाल ‘ट्वीटडेक' निशुल्क है, लेकिन सत्यापित अकाउंट संबंधी नया नियम आने के बाद इस मंच का इस्तेमाल करने के लिए लोगों को कुछ राशि खर्च करनी पड़ेगी। ट्विटर अभी अकाउंट को सत्यापित करने के लिए 650 रुपये मासिक या 6,800 रुपये सालाना शुल्क वसूलता है। ट्विटर ने कहा कि उसने अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ सहयोग करने में मदद करने वाले ‘टीम' को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और आने वाले हफ्तों में इसे बहाल कर दिया जाएगा। ट्विटर ने मंगलवार को ट्विटर ऐप का नया संस्करण भी जारी किया।
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लंदन. मेटा एक नया ऐप लाने वाला है, जो माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर का प्रतिद्वंद्वी हो सकता है और यह एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच को एक सीधी चुनौती होगी। एप्पल के ऐप स्टोर पर ‘थ्रेड्स' नाम से ऐप के लिए ‘लिस्टिंग' से संकेत मिलता है कि इसकी शुरूआत बृहस्पतिवार को हो सकती है। यह ‘शब्द आधारित बातचीत ऐप' है, जो इंस्टाग्राम से जुड़ा हुआ है। यह बताया गया है कि ‘थ्रेड्स' पर समुदाय विभिन्न विषयों पर चर्चा कर सकेंगे।
ऐप स्टोर लिस्टिंग पर प्रदर्शित स्क्रीनशॉट के अनुसार, इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता अपना ‘यूजर' नाम बनाये रख सकेंगे और नये ऐप पर उसी अकाउंट से जाएंगे। मेटा ने ऐप पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
मस्क ने ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के एक ट्वीट पर ‘हां' में जवाब देते हुए कहा, आपके सभी थ्रेड्स हमारे हैं।'' थ्रेड्स, मस्क के लिए एक नयी परेशानी हो सकता है, जिन्होंने पिछले साल 44 अरब अमेरिकी डॉलर में ट्विटर को खरीदा है और इसके नियमों में हाल में बदलाव किये हैं, जिसके चलते विज्ञापनदाता इससे दूरी बना रहे हैं।
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नयी दिल्ली. बीएसई सेंसेक्स में पिछले पांच दिन से जारी तेजी से शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों की संपत्ति 7.90 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुकी है। स्थानीय शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 274 अंक उछलकर 65,479.05 अंक के अपने नए शिखर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 467.92 अंक तक चढ़कर 65,672.97 अंक पर पहुंच गया था। शेयर बाजार में पिछले पांच दिनों की तेजी के साथ निवेशकों की संपत्ति 7,90,235.84 करोड़ रुपये बढ़कर रिकॉर्ड 2,98,57,649.38 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी।





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