आदि कर्मयोगी अभियान रेस्पोंसिव गवर्नेंस प्रोग्राम अंतर्गत तीन दिवसीय कार्यशाला का किया गया शुभारंभ
0- जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल
0- जनजातियों के विकास एवं कल्याण से जुड़े प्रमुख योजनाओं का ग्राम स्तर तक सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु दी गई आवश्यक जानकारियां
बालोद. जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम पाकुरभाट में स्थित जिला पंचायत संसाधन केन्द्र में आदि कर्मयोगी अभियान रेस्पोंसिव गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत 03 से 05 सितबर तक आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, अपर कलेक्टर एवं आदि कर्मयोगी अभियान के नोडल अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर, ट्रायफेड के सहायक संचालक सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के 186 आदिवासी बहुल ग्रामों में जनजातीय वर्ग के लोगों के कल्याण एवं विकास से जुड़े प्रमुख योजनाओं के सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु आदि कर्मयोगी अभियान संचालित किया जा रहा है। इस कार्यशाला के माध्यम से करने हेतु भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के अंतर्गत जनजातीय वर्गों के विकास एवं कल्याण से जुड़े प्रमुख योजनाओं का ग्राम स्तर तक सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु कलस्टर स्तर के सभी प्रभारी अधिकारियों को आवश्यक जानकारियां दी जा रही है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने कार्यशाला में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को भारत सरकार के द्वारा शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिले के चयनित कुल 186 गांवों आदिवासी बहुल गांवों में जनजातीय वर्ग के कल्याण से जुड़े योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा ने आदि कर्मयोगी अभियान के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिले के आदिवासी बहुल ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने तथा जनजातीय वर्गों के कल्याण से जुड़े प्रमुख योजनाओं तथा सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले के चयनित सभी 186 गांवों में निवासरत आदिवासी वर्ग के लोगों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से शत प्रतिशत लाभान्वित कराने को कहा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर ने कहा कि इस कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर चयनित कैडर एवं वालंटियर्स द्वारा अपने गांव के विकास हेतु योजना का निर्माण किया जाना है। जो कि आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराकर जिले के चयनित आदिवासी गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
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