तिरुपति की तरह भक्तों के मुंडन के लिए बालाजी मंदिर में भी बना कल्याण कट्टा
-वार्षिक आमसभा में आय-व्यय का लेखजोखा पेश
टी सहदेव
भिलाई नगर। छत्तीसगढ़ के तिरुमला कहे जाने वाले सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति ने तिरुपति की तरह एक सुव्यवस्थित कल्याण कट्टा (केश कर्तन केंद्र) बनाया है। इसका निर्माण होने से आर्थिक रूप से कमजोर तबके के भक्तों के साथ-साथ आम लोगों को भी काफी सुविधा हो जाएगी, जो तिरुपति जाकर केश समर्पण करने नहीं जा पाते। इसके अलावा मुंडन कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए साफ-सुथरे स्नानगृह का भी निर्माण किया गया है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग- अलग बने इस केंद्र में फिलहाल हर दिन दो से पांच भक्तगण केश समर्पित करते हैं। स्मरणीय है कि तिरुपति मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों में प्रचीन समय से श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से मन्नतें पूर्ण होने पर अथवा मन्नतें मांगने अपने केश समर्पित करते हैं।
मंदिर की सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था
आंध्र भवन में रविवार को हुई वार्षिक आम-सभा में समिति के अध्यक्ष पीवी राव ने बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। हाल ही में मंदिर में चोरी के प्रयास को लेकर लोगों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और दो गार्ड तैनात किए गए हैं। इनकी सतर्कता के कारण ही चोरी की वारदात अंजाम नहीं पाई। चोरी की कोशिश के फुटेज भी पुलिस को सौप दिए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने तफ्तीश की। आजीवन सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग पर राव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में 10 किलोमीटर मीटर दायरे में रहने वाले ही समिति के सदस्य हैं, इसका दायरा बढ़ाने से बायलाॅज में परिवर्तन करना पड़ सकता है, जो कि आसान नहीं है।
मंगलवार को वैकुंठ एकादशी
सचिव पीएस राव ने समिति के कार्यों को साझा करते हुए बताया कि गत महीने पहली बार बालाजी मंदिर में भव्यता के साथ डोलोत्सव मनाया गया, जिसमें पीतल से बने पालने में भगवान बालाजी और श्रीदेवी-भूदेवी की उंजल सेवा की गई। उसी भव्यता के साथ इसी मंगलवार को वैकुंठ एकादशी मनाई जाएगी, जिसमें उन्होंने सभीसे शामिल होने की अपील भी की। समिति की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हर साल मंदिर में उगादि, संक्रांति तथा विजयादशमी पर बड़े-बड़े धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं, जिनके आप सभी प्रत्यक्षदर्शी हैं। धार्मिक आयोजनों के अलावा पिछली बार युवक-युवती परिचय सम्मेलन भी हुआ, जिसमें तीन सौ लोगों ने पंजीयन कराया। इससे पहले कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर ने पिछले वित्त वर्ष के आय- व्यय का लेखाजोखा भी पेश किया।












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