भानसोज में पूर्व जनपद सदस्य सहित 10 जुआरी 171290 रुपए के साथ जुआ खेलते रंगे हाथ धर दबोचे गए...!
-मौके से 7 मोटरसाइकिल भी जप्त
-कुछ जुआरी भाग निकलने में कामयाब
-भानसोज में शराब कोचिये भी हावी
रायपुर। सन् 1993-94 के आबकारी सत्र में किये गये सफल शराब भट्टी विरोधी आंदोलन के लिये विख्यात आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज में बीते साप्ताहिक बाजार रविवार की रात्रि लगभग साढ़े ग्यारह बजे के आसपास आरंग पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबिश दे फरफौद निवासी पूर्व जनपद सदस्य 52 वर्षीय राधेश्याम साहू सहित 10 जुआरियों को काटपत्ती खेलने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ा। जुआरियों के पास से 1 लाख 71 हजार 290 रुपये भी जप्त किया गया। इसके साथ ही मौके पर खड़े 7 मोटरसाइकिल भी जप्त किया गया है। प्रथम सूचना पत्र के अनुसार कुछ जुआरी भाग निकलने में सफल रहे। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3 (2) का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। बीते 28-29 दिसंबर के दरम्यानी रात दिये गये दबिश में भानसोज के 37 वर्षीय देवेन्द्र आत्मज नंदलाल वर्मा, 23 वर्षीय वीतीक आत्मज नयनदास गायकवाड़, 36 वर्षीय राहुल आत्मज स्वर्गीय प्रेमलाल गायकवाड़, फरफौद के पूर्व जनपद सदस्य राधेश्याम साहू के अतिरिक्त 36 वर्षीय पुष्कर आत्मज अग्नू साहू , 35 वर्षीय नारायण पिता शिवकुमार चंद्राकर, पिपरहट्टा के 40 वर्षीय दिनेश कुमार पिता रामनारायण वर्मा, 41 वर्षीय राजू आत्मज स्वर्गीय साधूराम साहू, 61 वर्षीय कृष्ण कुमार पिता स्वर्गीय जेठूराम साहू तथा जरौद के 32 वर्षीय दिलेश्वर आत्मज फागूराम साहू को थाना अमला ने काटपत्ती खेलने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ा।
पुलिस के अनुसार मौके से प्लेटिना मोटरसाइकिल सी जी 04 पी एन 2127, पेशन प्रो मोटरसाइकिल सी जी 04 एच व्ही 0831, पेशन प्रो मोटरसाइकिल सी जी 04 एल सी 8059 , एस पी साइन मोटरसाइकिल सी जी 04 जी क्यू 9194, डिलक्स मोटरसाइकिल सी जी 04 डी पी 4637, ग्लेमर मोटरसाइकिल सी जी 04 पी सी 5320, एस पी साइन मोटरसाइकिल सी जी 04 पी एन 7042 को भी जप्त किया गया। इधर ग्रामीण सूत्रों के अनुसार भानसोज में ग्रामीण व्यवस्था चरमरा जाने से न केवल अन्य असामाजिक गतिविधियों में वरन् सफल शराब भट्टी विरोधी आंदोलन करने वाले इस ग्राम में असामाजिक तत्व हावी हो खुले आम शराब बेच ग्रामीणों को चुनौती दे रहे हैं। इसकी जानकारी आबकारी व थाना अमला को होने व जिलाधीश तथा पुलिस अधीक्षक के ध्यानाकृष्ट कराये जाने के बाद भी इस पर रोक लगाने ठोस कार्यवाही न होने से उनमें आक्रोश है। इस संबंध में सन् 93-94 के आबकारी सत्र में पूरे साल भर तक आसपास के 30-35 ग्रामों के ग्रामीणों के सहयोग से यहां खोले गये 9 वर्ष पुराने शासकीय ठेका प्राप्त भट्टी को बंद कराने में सफल गांधीवादी तरीके के आंदोलन की अगुवाई करने वाले किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने भानसोज में असामाजिक तत्वों के हावी होने की पुष्टि करते हुये कहा कि ग्राम में सर्वमान्य नेतृत्व के अभाव में यह स्थिति बनी है और असामाजिक गतिविधियों से मुक्ति दिलाने की आम ग्रामीणों की इच्छा का सम्मान कर पाने में ग्राम प्रमुख व जनप्रतिनिधि अब तक खरे नहीं उतरे हैं। उन्होंने भानसोज में मुख्य रूप से 4- 5 शराब कोचियों के सक्रिय होने व इनमें से एक के द्वारा तो क्षेत्र के ग्रामों में सप्लाई करने की जानकारी मिलने की बात कहते हुये कहा कि ग्राम के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्राम प्रमुखों को मुखर हो असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने सामने आना चाहिये और जरूरत महसूस होने पर आंदोलन में सहभागी रहे ग्रामों का भी सहयोग लेना चाहिये।


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