कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक
रायपुर / मानसिक स्वास्थ्य संकट की बढ़ती गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग संस्थानों, कॉलेजों एवं प्रशिक्षण केन्द्रों में अध्ययनरत छात्रों और युवाओं में असफलता अथवा अन्य कारणों से बढ़ती आत्महत्याओं की रोकथाम हेतु ठोस और समन्वित प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, समाज कल्याण, पुलिस, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण विभागों के अधिकारियों के साथ नागरिक समाज के सदस्य एवं शिक्षाविद शामिल रहे।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े ‘उम्मीद’ मसौदा दिशा-निर्देश लागू किए जाएंगे। इसके अंतर्गत 100 या अधिक छात्र संख्या वाले संस्थानों में प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य होगी, वहीं कम छात्र संख्या वाले संस्थान बाह्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से रेफरल व्यवस्था स्थापित करेंगे।
सभी शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइनों हेतु त्वरित रेफरल प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। NCERT के ‘मनोदर्पण’ पोर्टल के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा हेल्पलाइन नंबर 8448440632 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इसके साथ ही शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य संकेतों की पहचान एवं प्राथमिक सहायता हेतु नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए करियर परामर्श, खेल, कला एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों को प्राथमिकता देने तथा शैक्षणिक दबाव कम करने तथा अन्य दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की गई।बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










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