टाउनशिप के सेक्टर सात में खिला दुर्लभ प्रजाति का ब्रह्मकमल
टी सहदेव
भिलाई नगर। टाउनशिप के सेक्टर 07 स्थित आवास में दुर्लभ प्रजाति का फूल ब्रह्मकमल खिलने से आसपास का माहौल कौतूहलपूर्ण हो गया। जैसे ही खबर लगी, आस्था के प्रतीक इस दैवीय फूल के दर्शन के लिए लोग जमा हो गए। इस फूल की खासियत है कि यह सिर्फ मध्यरात्रि में ही खिलता है, वह भी एक रात के लिए। दिन में मुरझा जाता है। परिवारजनों ने बताया कि उनके यहां इस तरह के दो फूल पल्लवित हुए हैं। पहले फूलों की पूजा की गई और उसके बाद उन्हें माता वरलक्ष्मी को अर्पित किए गए। परिवारवालों को इन्हें खिलने में दो वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। वैसे तो कमल के फूल पानी, कीचड़ या पानी के आसपास उगते हैं। लेकिन, ब्रह्मकमल जमीन पर उगते हैं। आम तौर पर ये फूल हिमालय के ऊंचे शिखरों में पाए जाते हैं।
श्रीमती सी कावेरी ने कहा कि जब उन्होंने अपने आंगन में ब्रह्मकमल खिले हुए देखा, तो मन में खुशी की लहर दौड़ गई। जब लोगों, खासकर आसपास रहने वाली महिलाओं को यह बात पता चली, तो वे पलभर में जमा हो गईं। कावेरी के अनुसार उनके यहां खिले ब्रह्मकमल की सुगंध बहुत कुछ मोगरे एवं कमल-सी है और रंग बिल्कुल सफेद है, जो बहुत आकर्षक है। उन्होंने ब्रह्मकमल पौधा लगाने की विधि भी बताई। सबसे पहले उन्होंने गमला लिया। गमले में मिट्टी एवं गोबर की खाद डाली और उसके बाद उसमें उच्च गुणवत्ता वाले ब्रह्मकमल के पत्ते रोपे गए। पत्ते रोपने के बाद गमले में उचित मात्रा में पानी डालने के बाद उसे ऐसे स्थान पर रखा, जहां सूर्य की किरणें सीधी न पड़ती हों। जब तक कोपलें नहीं फूटीं, तब तक नियमित रूप से देखभाल की गई। कोपलें फूटने में चार माह लग गए।



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