माताधाम मंदिर में अखंड सुहाग के लिए महिलाओं ने की कुमकुम पूजा

टी सहदेव
-महिलाओं ने माता मंकिनम्मा से अखंड सुहाग की कामना की
- नवमीं को कन्याभोज एवं ज्योत जवारा विसर्जन
भिलाई नगर। सेक्टर 07 स्थित माताधाम मंदिर में शुक्रवार को शारदीय नवरात्रि की षष्ठी को पंडित पी साईं प्रसाद की अगुवाई में माता जी का विशेष रूप से श्रृंगार किया गया और बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने अपने पति और बच्चों की दीर्घायु के लिए कुमकुम पूजा की। महिलाओं ने बड़े ही श्रद्धाभाव से पूजा की थाली में अक्षत, कलश और उसके ऊपर श्रीफल, कुमकुम और हल्दी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतीकात्मक मूर्ति रखकर माता मंकिनम्मा से अखंड सुहाग की कामना की।
हिंदू मान्यता के अनुसार पूजा के अलावा मांगलिक कार्यों में भी कुमकुम विशेष महत्व रखता है। इसलिए पूजा की थाली में यह सबसे जरूरी सामग्रियों में से एक है। इसका लाल रंग प्रेम, उत्साह, उमंग, साहस और शौर्य का प्रतीक है। यह प्रसन्नता की अनुभूति कराता तो है ही, साथ ही पति-पत्नी के बीच प्रेम का संचार भी करता है। इसलिए सुहागिनें पूजा की थाली में कुमकुम रखना नहीं भूलतीं।
नवमीं को कन्याभोज एवं ज्योत जवारा विसर्जन
मां मंकिनम्मा जनकल्याण एवं सेवा समिति के तत्वावधान में मनाए जा रहे नवरात्रि महोत्सव में पंचमी को माता जी की गोद भराई का अनुष्ठान रखा गया था। समिति के अध्यक्ष नीलम चन्नाकेशवुलु ने बताया कि सप्तमी यानी शनिवार को सुबह माता जी की प्रतिमा का अभिषेक करने के बाद उसे विशेष रूप से अलंकृत किया जाएगा और शाम को छप्पन भोग लगाया जाएगा। अष्टमी को यज्ञ-हवन किया जाएगा। महोत्सव के अंतिम दिन दोपहर को कन्याभोज कराया जाएगा तथा शाम को ज्योत जवारा विसर्जन के साथ ही माता की विदाई की जाएगी।



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