सेवा की कहानी- संकटग्रस्त महिलाओं का सशक्त संबल बना ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’
0- एक ही छत के नीचे मिल रही सुरक्षा, आश्रय, विधिक व चिकित्सकीय सहायता
0- घरेलू हिंसा, प्रताड़ना से पीड़ित महिलाओं को 24x7 मिल रहा त्वरित संरक्षण
बालोद. विपरीत परिस्थितियों, पारिवारिक प्रताड़ना और हिंसा की शिकार महिलाओं को तत्काल सुरक्षा, संरक्षण और न्याय दिलाने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ जिले की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। पीड़ित महिलाओं को भटकने से बचाने और उनके सम्मान की रक्षा के लिए केंद्र द्वारा एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता तंत्र स्थापित किया गया है, जिससे अनेक संकटग्रस्त महिलाओं को नया जीवन और आत्मविश्वास मिला है।
हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिलता है तत्काल संरक्षण
सखी वन स्टॉप सेंटर बालोद की केंद्र प्रशासक सुश्री एकता कुर्रे ने बताया कि सखी सेंटर का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रताड़ना से प्रभावित महिलाओं को तत्काल राहत और सशक्तिकरण प्रदान करना है। घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह अथवा अन्य किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की शिकार महिलाएं बेझिझक केंद्र में संपर्क कर सकती हैं।
एक ही छत के नीचे मिलती हैं सभी एकीकृत सुविधाएं
केंद्र प्रशासक सुश्री एकता कुर्रे ने जानकारी दी कि केंद्र में पहुंचने वाली संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही परिसर में सभी बुनियादी सुविधाएं निःशुल्क मुहैया कराई जाती हैं। इसके अंतर्गत जरूरतमंद महिलाओं को 05 दिनों तक निःशुल्क सुरक्षित अस्थायी आश्रय, भोजन एवं समुचित देखभाल की व्यवस्था प्रदान की जाती है। साथ ही मानसिक तनाव और अवसाद से उबारने के लिए प्रशिक्षित काउंसलर के माध्यम से आत्मीय एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श दिया जाता है। कानूनी लड़ाई में संबल प्रदान करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वय से निःशुल्क कानूनी सलाह एवं पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा अस्वस्थ अथवा घायल महिलाओं को त्वरित चिकित्सीय उपचार, डॉक्टर की सुविधा तथा आपात स्थितियों में तत्काल सुरक्षा एवं विधिक कार्रवाई के लिए पुलिस सहायता भी एक ही छत के नीचे सहज रूप से उपलब्ध कराई जाती है।
पूर्णतः महिला स्टाफ, भयमुक्त एवं संवेदनशील माहौल
केंद्र प्रशासक ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षा गार्ड से लेकर केंद्र प्रशासक तक संपूर्ण अमला महिला स्टाफ का है। इससे केंद्र में आने वाली किसी भी उम्र, वर्ग या समुदाय की महिला बिना किसी भय, संकोच या झिझक के अपनी पीड़ा खुलकर साझा कर सकती हैं। साथ ही साथ उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
केंद्र एवं राज्य सरकार की संवेदनशीलता से सशक्त हो रही नारी शक्ति
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘महिला सशक्तिकरण एवं नारी सुरक्षा’ के विजन तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में महिलाओं के मान, सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शासन के मंशानुरूप जिले में सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित व संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित न्याय, संरक्षण और आत्मनिर्भर बनने का मजबूत वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे समाज में पुनः गरिमा और आत्मविश्वास के साथ जीवन यापन कर पा रही हैं। यदि कोई भी महिला हिंसा अथवा संकट की स्थिति में हो, तो वह किसी भी समय 24x7 संचालित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ अथवा महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क कर निःसंकोच सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
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