गन्ने की खेती से बढ़ रही किसानों की आय
0- आधुनिक तकनीक और बढ़े समर्थन मूल्य से देवीलाल डडसेना को मिला संबल
0- ग्राम सोहतरा के किसान देवीलाल डडसेना सात वर्षों से कर रहे गन्ने की खेती
0- कम पानी और आधुनिक कृषि यंत्रों से खेती हुई आसान
बालोद. खेती में नई तकनीक अपनाकर और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। पारंपरिक धान की खेती के साथ गन्ने जैसी व्यावसायिक फसलों को अपनाना किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बन रहा है। शासन की किसान हितैषी नीतियों, गन्ने के बढ़े समर्थन मूल्य और आधुनिक कृषि तकनीकों से किसानों को खेती में नई संभावनाएं मिल रही हैं। जिले के ग्राम सोहतरा निवासी किसान श्री देवीलाल डडसेना की कहानी इसी बदलाव की प्रेरणादायक मिसाल है।
सात वर्षों से कर रहे गन्ने की खेती
ग्राम सोहतरा के किसान श्री देवीलाल डडसेना पिछले सात वर्षों से गन्ने की खेती कर रहे हैं। उनके पास छह एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे चार एकड़ में धान और दो एकड़ में गन्ने की खेती करते हैं। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि गन्ने की खेती से उन्हें फसल विविधीकरण का अच्छा अवसर मिला है। उनके अनुसार धान की तुलना में गन्ने की खेती में पानी की आवश्यकता कम हो होती है और उचित प्रबंधन से लागत तथा मेहनत में बचत की जा सकती है।
गन्ने की खेती से होने वाले लाभ और समर्थन मूल्य में वृद्धि को देखते हुए श्री डडसेना अब अपने खेत में गन्ने का रकबा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि सही फसल का चुनाव, समय पर कृषि कार्य और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक हो सकता है।
आधुनिक तकनीक से खेती हुई आसान
पहले गन्ने की कटाई, फसल को खेत से बाहर निकालने और शक्कर कारखाने तक पहुंचाने में किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ती थी। मजदूरों की कमी के कारण भी कई बार परेशानी होती थी। अब आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों के उपयोग से इन कार्यों को आसान बनाने में मदद मिल रही है।
गन्ने की कटाई के लिए जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध हार्वेस्टर मशीन तथा फसल में दवाओं और पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहल के माध्यम से कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे समय की बचत, मेहनत में कमी और कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलती है।
गन्ने के बढ़े समर्थन मूल्य से किसानों को राहत
गन्ना उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य में वृद्धि एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने से किसानों को आर्थिक राहत मिली है। साथ ही, पेराई सीजन 2025-26 में पहले खरीदे गए गन्ने पर भी बढ़ी हुई दर के अनुसार अंतर की राशि का भुगतान किए जाने से किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल रहा है।
किसान श्री देवीलाल डडसेना ने बताया कि गन्ने के उचित मूल्य की मांग लंबे समय से की जा रही थी। समर्थन मूल्य में वृद्धि से गन्ना उत्पादक किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल रहा है। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा
श्री देवीलाल डडसेना की सफलता बताती है कि खेती में नई संभावनाओं को अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। धान के साथ गन्ने जैसी फसलों को अपनाना, उपलब्ध जल संसाधनों का उचित उपयोग करना और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ लेना किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिला है और वे आने वाले समय में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाना चाहते हैं। उनका अपना अनुभव दूसरे किसानों को भी फसल विविधीकरण के बारे में सोचने और खेती के नए विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
श्री देवीलाल डडसेना की कहानी संदेश देती है कि सही फसल का चयन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। गन्ने के बढ़े समर्थन मूल्य से मिला आर्थिक संबल किसानों को खेती में नए प्रयोग करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।








.jpg)
Leave A Comment