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  स्किन और बालों को चमकदार बनाने के 5 उपाय

 आजकल बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम में स्किन और बालों की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। बढ़ते AQI में खासतौर पर रूखी त्वचा, पिग्मेंटेशन, बार-बार पिंपल्स, बालों का झड़ना, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होते बाल आम हो गया है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए लोग अक्सर महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स खरीदना शुरू कर देते हैं या सैलून जाकर इलाज ढ़ूंढते हैं। हालांकि कुछ समय के लिए तो राहत मिल जाती है, लेकिन ये स्थायी इलाज नहीं है। 
 स्किन और बालों को चमकदार बनाने के 5 उपाय
 आयुर्वेद में त्वचा को रस धातु और रक्त धातु से जोड़ा गया है, जबकि बालों का संबंध अस्थि धातु से माना जाता है। जब शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं, पाचन कमजोर होता है या वात-पित्त-कफ असंतुलित होते हैं, तो सबसे पहले असर स्किन और बालों पर दिखता है। इसलिए आयुर्वेदिक ब्यूटी रूटीन सिर्फ बाहरी देखभाल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर को भीतर से बैलेंस करने पर भी जोर देता है।”
 चावल का पानी 
चावल के पानी की चर्चा आजकल कोरियन स्किन केयर   से लेकर आयुर्वेद सभी जगह पर होती है। दरअसल, चावल के पानी में अमिनो एसिड, विटामिन B और मिनरल्स होते हैं, जो त्वचा की रंगत निखारने और बालों को मजबूत करने में मदद करते हैं। विटामिन B स्किन टोन सुधारने में मदद करता है और बालों को स्मूद करता है। इसे इस्तेमाल करने का तरीका बहुत आसान है। चावल को धोने के बाद पानी को छानकर चेहरे पर टोनर की तरह लगाएं। इसे बाल धोने के बाद आखीरी रिंस के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह स्किन को टाइट करता है और बालों में नेचुरल शाइन आती है।
 पंचपुष्प भाप  
प्रदूषण और धूल-मिट्टी के कारण मुंह को सिर्फ धोना ही काफी नहीं है। स्किन के रोमछिद्रों में गंदगी जमा हो जाती है, जिससे पिंपल्स और ब्लैकहेड्स बढ़ते हैं। इसलिए पंचपुष्प भाप लेना बेहतरीन उपाय है। पंचपुष्प में गुलाब, चमेली, चंपा, कमल और मोगरा के फूलों को लेकर पानी में डालकर भाप लेने से रोमछिद्र खुलते हैं, टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, स्किन में नेचुरल ग्लो आता है, पिंपल्स और ब्लैकहेड्स कम होते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि भाप को 5 से 7 मिनट से ज्यादा न लें और हफ्ते में सिर्फ एक बार ही करें। ज्यादा भाप लेने से स्किन ड्राई हो सकती है।
 देसी घी-दूध से नहाना - 
अगर स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, तो घी-दूध से नहाना बहुत ही कारगर उपाय है। आयुर्वेद में देसी घी वात दोष को शांत करता है और दूध स्किन को गहराई से पोषण देता है। दूध-घी से स्नान करने से पहले थोड़े दूध में कुछ बूंदें शुद्ध देसी घी मिलाएं और इसे पूरे शरीर पर लगाएं। 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से स्नान करें। इससे स्किन मुलायम बनी रहती है और लंब समय तक स्किन में नमी बनी रहती है।
 केसर जल छींटा  
केसर को आयुर्वेद में वर्ण्य कहा गया है यानि कि जो रंगत निखारे। केसर का इस्तेमाल करने से स्किन में ग्लो, नेचुरल ब्राइटनिंग आती है और साथ ही स्किन टोन धीरे-धीरे सुधरता है। केसर का इस्तेमाल करने के लिए रात में 2-3 केसर के धागे पानी में भिगो दें। सुबह उठकर उसी पानी से चेहरे पर छींटे मारें। लगातार कुछ हफ्तों में फर्क साफ नजर आने लगता है।
 नीम-तुलसी हेयर पैक  
जिस तरह पॉल्यूशन बढ़ रहा है, उसे देखते हुए डैंड्रफ और बालों का झड़ना आज सबसे आम समस्या बन चुकी है। नीम और तुलसी दोनों ही आयुर्वेद में रक्तशोधक और एंटी-फंगल माने जाते हैं। नीम और तुलसी का पैक बालों पर लगाने से डैंड्रफ कम होता है, स्कैल्प साफ रहता है और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। इसे बनाने के लिए नीम और तुलसी के पत्तों का पेस्ट बना लें। फिर इसे बालों की जड़ों में लगा लें और 20 से 30 मिनट बाद हल्के शैंपू से धो लें।
 स्किन और बालों के लिए आयुर्वेदिक टिप्स
  घरेलू उपाय करने के साथ-साथ लोगों को अपने शरीर, मन और आहार का संतुलन रखना भी जरूरी है।
-रोजाना नींद पूरी लें।
-सात्त्विक और हल्का भोजन करें।
-ज्यादा तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें।
-सर्दियों में गुनगुना पानी पिएं।
-स्ट्रेस कम लें।
निष्कर्ष
आयुर्वेदिक तरीकों से स्किन और बाल तो सेहतमंद बनते ही है, साथ ही इन तरीकों को अपनाने से कोई साइड इफैक्ट नहीं होता। इसलिए लोगों को केमिकल्स से दूरी बनाकर ऐसे ही नेचुरल तरीके अपनाने चाहिए ताकि इनका असर लंबे समय तक रहे।

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