झारखंड के चार जिलों में सीवेज प्रबंधन की स्थिति बेहद खराब : हरित अधिकरण
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गंगा नदी में प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि झारखंड के चार जिलों में ‘‘सीवेज प्रबंधन की स्थिति बहुत खराब है।'' अधिकरण देशभर में गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों में प्रदूषण कम करने के विषय पर सुनवाई कर रहा है।
इससे पहले, अधिकरण ने झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से नदी के प्रदूषण पर विशेष जानकारी मांगी थी। तेरह सितंबर को पारित आदेश में अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि चार जिला आयुक्तों (डीसी) ने नदी के प्रदूषण के संबंध में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है, जो जिला गंगा संरक्षण समितियों के प्रमुख हैं। पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल हैं।
पीठ ने कहा, साहिबगंज, रामगढ़, धनबाद और बोकारो जिलों के डीसी की रिपोर्ट की जांच करने पर हमें सीवेज प्रबंधन की बेहद खराब स्थिति की जानकारी मिली है।'' अधिकरण ने यह भी कहा कि रिपोर्टें अधूरी हैं और निर्देश दिया कि उन्हें एनजीटी द्वारा निर्धारित प्रारूप में दाखिल किया जाए। मामले में आगे की कार्यवाही के लिए 25 मार्च की तारीख तय की गई है।










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