रीढ़ की हड्डी टूटने के बावजूद नहीं मानी हार, जीजीआर में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं नाविक अभिलाष
नयी दिल्ली। चैंपियन नाविक अभिलाष टॉमी की रीढ़ की हड्डी 2018 में गोल्डन ग्लोब रेस (जीजीआर) के दौरान ऑस्ट्रेलिया के पास एक तूफान के दौरान कई जगह से टूट गई थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अगले वर्ष इसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए निधि जुटाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। चतुष्कोणीय जीजीआर दुनिया भर में एकमात्र एकल नौका दौड़ प्रतियोगिता है , जहां 1968 के बाद आने वाली सभी आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग प्रतिबंधित है। कीर्ति चक्र से सम्मानित अभिलाष ने जीजीआर 2022 में हिस्सा लेने के लिए तीन करोड़ रुपये जुटाने के लिए क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म केटो पर मंगलवार को अपना अभियान शुरू किया। गुरुवार शाम तक उन्होंने 1.42 लाख रुपये जुटा लिए हैं। इस वर्ष जनवरी में भारतीय नौसेना से समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेने वाले कमांडर अभिलाष ने ट्वीट किया कि जीजीआर 2022 में हिस्सा लेने को लेकर वह पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। अभिलाष ने ट्वीट किया, ‘‘जहां तक नौकाओं की बात है मेरे पास कुछ विकल्प हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि मैं कितनी धन राशि एकत्र कर पाता हूं। आप मेरी मदद कर दुनिया में होने वाली नौका दौड़ में हिस्सा ले सकते हैं।'




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