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- 0- जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल’’ के ध्येय के साथ होगा आयोजनदुर्ग. जिले में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में आगामी 11 से 18 जुलाई 2026 तक जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े का विशेष आयोजन किया जा रहा है। ‘‘जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल’’ ध्येय के साथ मनाए जाने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदाय को गर्भधारण के उचित समय, दो बच्चों के मध्य न्यूनतम 3 साल का सुरक्षित अंतराल रखने और परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करना है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में गुणात्मक सुधार लाया जा सके। अभियान के दौरान आम जनता के बीच व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और परिवार नियोजन सेवाओं की उपयोगिता बताने के लिए सभी विकासखंडों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ’सास-बहू सम्मेलन’ एवं ’मोर मितान मोर संगवारी चौपाल’ जैसे जागरूक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस पखवाड़े की सफलता के लिए वर्तमान में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा लक्षित दंपत्तियों से घर-घर संपर्क कर स्वास्थ्य सेवाओं का परामर्श दिया जा रहा है।जिला परिवार कल्याण कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. अर्चना चौहान ने बताया कि जिला चिकित्सालय सहित समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। सरकार द्वारा परिवार नियोजन अपनाने वाले लाभार्थियों को आर्थिक प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है, जिसके तहत महिला नसबंदी के लिए 2,000/- रुपये तथा पुरुष नसबंदी के लिए 3,000/- रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त अस्थायी साधनों जैसे- कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन, गर्भ निरोधक गोलियां (छाया/माला-एम) और निरोध की भी मुफ्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिन्हें मितानिनों के माध्यम से भी घर-घर वितरित किया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान 11 से 18 जुलाई तक जिला चिकित्सालय दुर्ग और सिविल अस्पताल सुपेला में प्रतिदिन महिला नसबंदी ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा निर्धारित तिथियों पर विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ सर्जनों द्वारा कैंप लगाए जाएंगे, जिसमें पाटन में 11 जुलाई को डॉ. के.के. डहरिया, धमधा में 14 जुलाई को डॉ. रचना अग्रवाल, उतई में 16 जुलाई को डॉ. कालिन्दी, अहिवारा में 17 जुलाई को डॉ. रूबी मरकाम एवं निकुम में 13 जुलाई को डॉ. ज्योति ध्रुव महिला नसबंदी ऑपरेशन करेंगी। इसी तरह पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए सर्जन डॉ. ए.के. सान्याल द्वारा जिला चिकित्सालय दुर्ग में 11 जुलाई, निकुम में 13 जुलाई और उतई में 15 जुलाई को ऑपरेशन किए जाएंगे। डॉ. प्रफुल्ल धीवर द्वारा 13 जुलाई को धमधा, 14 जुलाई को कुम्हारी, 15 जुलाई को अहिवारा और 17 जुलाई को सुपेला में तथा डॉ. दीपक कश्यप द्वारा पाटन विकासखंड के अंतर्गत 15 जुलाई को पाटन और 17 जुलाई को झीट में पुरुष नसबंदी शिविर का संचालन किया जाएगा। जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे माता और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन में आज लोक निर्माण विभाग के मीटिंग हॉल में जिला दुर्ग के आधार ऑपरेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में दुर्ग जिले के 58 तथा खैरागढ़ जिले के 4 आधार ऑपरेटरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के असिस्टेंट मैनेजर मो. सौबान मोहिदीन द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आधार नामांकन एवं आधार अद्यतन कार्यों को यूआईडीएआई के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुरूप अधिक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान ऑपरेटरों को दस्तावेज़ सत्यापन, तकनीकी अपडेट, जन्मतिथि संशोधन, जेंडर लिमिट क्रॉस, नाम लिमिट क्रॉस, पेनल्टी संबंधी प्रावधान, आधार रद्द एवं निष्क्रिय मामलों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ऑपरेटरों द्वारा उठाए गए विभिन्न तकनीकी एवं कार्य संबंधी प्रश्नों का विस्तार से समाधान किया गया।कार्यक्रम में ई-डिस्ट्रिक्ट प्रबंधक, जिला समन्वयक एवं एमटीओ भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से आधार सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सटीक एवं नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
- बिलासपुर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों से 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम, फसल कटाई के बाद होने वाली क्षति एवं अन्य अधिसूचित जोखिमों से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।जिले में खरीफ 2026 के लिए मक्का, धान (सिंचित एवं असिंचित) तथा अरहर (तुअर) को अधिसूचित फसलों में शामिल किया गया है। किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष राशि का वहन केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। प्रति हेक्टेयर किसान प्रीमियम मक्का के लिए 792 रूपए, धान (सिंचित) 1320 रूपए, धान (असिंचित) 946 रूपए तथा अरहर (तुअर) 770 रूपए निर्धारित किया गया है।योजना के अंतर्गत अधिसूचित बुवाई न हो पाने, स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं, उत्पादन में कमी तथा फसल कटाई के बाद निर्धारित अवधि में ओलावृष्टि, चक्रवात और बेमौसम वर्षा जैसी घटनाओं से हुई क्षति का भी प्रावधान है। स्थानीय आपदा अथवा फसल कटाई उपरांत नुकसान की स्थिति में किसानों को 72 घंटे के भीतर बैंक, लोक सेवा केंद्र, कृषि विभाग, राजस्व विभाग अथवा शिकायत निवारण हेल्पलाइन 14447 पर सूचना देना आवश्यक होगा। योजना का लाभ ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसान ले सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक पासबुक, बोनी प्रमाण अथवा स्वघोषणा पत्र तथा मोबाइल नंबर सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। किसानों से आधार को बैंक खाते से अद्यतन एवं प्रमाणित कराने का भी आग्रह किया गया है।उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर फसल बीमा कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान खरीफ मौसम में मौसम संबंधी जोखिमों को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करेगा। किसान अपने निकटतम राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र अथवा अधिकृत बीमा माध्यमों के जरिए 31 जुलाई 2026 तक बीमा करा सकते हैं।
- बिलासपुर. कृषि विभाग ने खरीफ सीजन को लेकर जिले के किसानों के लिए समसामयिक कृषि सलाह जारी करते हुए कम वर्षा की स्थिति में धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने की अपील की है। विभाग ने बताया कि 1 जून से 8 जुलाई 2026 तक जिले में 121.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य वर्षा 164.4 मिमी की तुलना में लगभग 26 प्रतिशत कम है। वर्षा के असमान वितरण और संभावित अल्पवृष्टि को देखते हुए किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने, जल संरक्षण करने तथा कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।सहायक संचालक कृषि श्री शंशाक शिंदे ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए जिले में खाद एवं प्रमाणित बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में जिले की 114 सहकारी समितियों एवं कृषि विभाग के कार्यालयों में 17,348 क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण किया गया था, जिसमें से 15 हजार क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार यूरिया 28,572 मीट्रिक टन, डीएपी 6,456.38 मीट्रिक टन, एमओपी 1,596 मीट्रिक टन, एनपीके 8,300 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 8,005 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक 39,541.455 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले के सहकारी समितियों में लगभग 2,200 क्विंटल प्रमाणित बीज एवं 13,389.054 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध हैं।कृषि विभाग ने किसानों को धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार यह तकनीक पानी की बचत करने के साथ-साथ खेती की लागत कम करती है और फसल जल्दी तैयार होती है। साथ ही किसानों को सहभागी धान, एमटीयू-1010, इंदिरा बारानी धान-1, दंतेश्वरी एवं पूर्णिमा जैसी कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली किस्मों के उपयोग की सलाह दी गई है। विभाग ने किसानों से केवल सहकारी समितियों से प्रमाणित बीज एवं उर्वरक लेने का आग्रह भी किया है।जिले में इस वर्ष लगभग 2,408 एकड़ क्षेत्र में हरी खाद के रूप में ढैंचा एवं मूंग की खेती की गई है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि ढैंचा की फसल 35 से 40 दिन की होने पर उसे मिट्टी में पलट दें, जिससे भूमि में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ेगी और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होगी। इसी प्रकार मूंग की फसल के अवशेषों को खेत में मिलाने से भी आगामी धान फसल को प्राकृतिक पोषक तत्व प्राप्त होंगे। सहायक संचालक कृषि ने बताया कि कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना तथा केंद्र सरकार की पीएम-आशा योजना का लाभ किसानों को एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। धान के स्थान पर मूंग, उड़द, अरहर, सोयाबीन, मूंगफली अथवा मक्का जैसी वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं पीएम-आशा योजना के अंतर्गत दलहन एवं तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी।विभाग ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टैक पर भूमि एवं फसल का डिजिटल पंजीयन कराना अनिवार्य है। साथ ही किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी खरीफ फसलों का समय पर बीमा कराने की भी अपील की गई है, ताकि सूखा, अतिवृष्टि अथवा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से वर्तमान वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने, वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा किसी भी तकनीकी जानकारी या शासकीय योजना का लाभ लेने के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा विकासखंड कृषि कार्यालय से संपर्क करने की अपील की है।
- बिलासपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय और उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषकों को राज्य स्तर पर प्रतिवर्ष दिए जाने वाले डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार वर्ष 2026 के लिए 31 जुलाई 2026 तक आवेदन मंगाये गए हैं। इच्छुक किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्र निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को सभी आवश्यक सहपत्रों और पुष्टिकारक अभिलेखों के साथ अपने संबंधित विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
- 0- शिवाजी महाराज रायगढ़ स्मारक मंडल पुणे से पहुंचेंगे वक्ता, महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी सभागृह में आयोजनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम समिति हिंदवी स्वराज से साम्राज्य तक दो दिवसीय कार्यशाला 18 और 19 जुलाई को लगाई जा रही है। कार्यक्रम महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह (मिनी हॉल) में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री शिवाजी महाराज रायगढ़ स्मारक मंडल पुणे के कार्यवाह सुधीर थोरात और भारतीय विद्या पारंगत विक्रम सिंह मोहित पहुंचेंगे।छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम समिति के समन्वयक अभिषेक बक्षी ने बताया कि हिंदवी स्वराज के संस्थापक शिवाजी महाराज की वीरता और उनकी दूरदर्शिता लोगों को जानना जरूरी है। इसलिए महाराष्ट्र मंडल द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के पहले दिन पहले सत्र में 4.15 से 5.30 तक ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ पर चर्चा होगी। शाम 5.45 से 7.00 बजे तक दूसरे सत्र में ‘स्वराज्य संरक्षण का संघर्ष’ पर वक्ताओं के उद्बोधन होंगे। रविवार को दूसरे दिन के सत्र की शुरुआत सुबह 10 बजे होगी। इसमें ‘अठारहवीं शताब्दी का हिंदवी स्वराज’ पर और 11.30 से 12.30 तक चौथे सत्र में शंका समाधान और समारोप होगा।बक्षी के अनुसार हमने छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास के बारे में अक्सर सुना, पढ़ा और उनकी जयंती, पुण्यतिथि और राज्याभिषेक दिवस मनाएं हैं। लेकिन इतिहास का एक पहलू ऐसा भी है, जो समय के साथ धुंधला हो गया है। कुछ बातें अफवाहों की धूल में ढक गई हैं, जबकि कुछ घटनाओं को जान बूझकर उनकी सही जगह नहीं दी गई है। इतिहास सिर्फ बहादुरी के बारे में नहीं है, बल्कि विज़न, गवर्नेंस, डिप्लोमेसी, युद्ध की रणनीति, सामाजिक व्यवस्था और देश बनाने के विचारों के बारे में भी है, जिसे कम जाना- पहचाना गया अथवा नज़रअंदाज़ किया गया। अक्सर गलत समझे जाने वाले इतिहास को करीब से देखने के लिए, 18 और 19 जुलाई को महाराष्ट्र मंडल में यह खास वर्कशॉप होगी।वर्कशॉप में, सिर्फ घटनाओं के बारे में ही नहीं बताया जाएगा, बल्कि उन घटनाओं के पीछे का संदर्भ, ऐतिहासिक सबूत, अलग-अलग इतिहासकारों के विचार और असलियत को पेश किया जाएगा। इस तरह, छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में हमारी जानकारी, समझ और ज़्यादा बड़ी, गहरी और ऑब्जेक्टिव हो जाएगी।
- बालोद. सेवा-सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को नवीन राशन कार्ड जारी करने, राशन कार्ड में सदस्य का नाम जोड़ने एवं सदस्य का नाम विलोपित करने की सुविधा मिलेगी। इसके अंतर्गत नागरिक अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन श्रेणी के हितग्राही नवीन राशन कार्ड बनवाने, नाम जोड़ने या नाम विलोपित (हटाने) कराने हेतु लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिले के सभी लोक सेवा केंद्रों में आवेदक 30 रुपये की निर्धारित राशि प्रदाय कर इन तीनों सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायतों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बैनर-पोस्टर के माध्यम से इस नवीन सुविधा का समुचित प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- 0- 28 नवंबर को किया जाएगा चयन परीक्षा का आयोजनबालोद. शिक्षा सत्र 2027-28 में जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए आॅनलाइन पंजीकरण की तिथि 31 जुलाई 2026 तक निर्धारित की गई है। जवाहर नवोदय विद्यालय की प्राचार्य ने बताया कि पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन शनिवार 28 नवंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आॅनलाइन पंजीकरण करने की प्रक्रिया जवाहर नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाईट https://cbseitms.rcil.gov.in/nvs/ पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान शिक्षा सत्र अध्ययनरत कक्षा 5वीं के छात्र-छात्राएँ जिनका जन्म 01 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 है ऐसे विद्यार्थी नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वीं में चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।
- 0- उन्नत तिल उत्पादन तकनीक अपनाकर किसान ने किया दोगुना उत्पादनबालोद. कृषि विज्ञान केंद्र बालोद द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के क्लस्टर फ्रंट लाइन डेमॉस्ट्रेशन तिलहन कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों की आय में वृद्धि एवं परती भूमि के समुचित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पुसावाड़ के प्रगतिशील कृषक श्री भुवन लाल के खेत पर तिल की उन्नत किस्म ’उन्नत रामा’ का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों से परिचित कराना तथा पारंपरिक खेती की तुलना में उन्नत तकनीकों के लाभों को उनके खेत पर प्रदर्शित करना था। श्री भुवन लाल पूर्व में अपने खेत के एक हिस्से को परती छोड़ देते थे, जिससे भूमि का समुचित उपयोग नहीं हो पाता था और अतिरिक्त आय का अवसर भी नहीं मिल पाता था। कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वैज्ञानिकों द्वारा उन्हें परती भूमि में तिल की खेती करने की सलाह दी गई तथा उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। किसान ने वैज्ञानिकों की सलाह पर विश्वास करते हुए अपने खेत में तिल की उन्नत खेती प्रारंभ की।प्रदर्शन के दौरान किसान को उन्नत किस्म ’उन्नत रामा’ सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल द्वारा कतारों में बुवाई, ट्राइकोडर्मा एवं जैव उर्वरकों से बीज उपचार, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, समय पर खरपतवार नियंत्रण, तथा रोग एवं कीटों के समेकित प्रबंधन की तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई। रोग नियंत्रण हेतु टेबुकोनाजोल एवं सल्फर का तथा कीट नियंत्रण हेतु प्रोफेनोफॉस का अनुशंसित मात्रा में छिड़काव कराया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक नियमित रूप से खेत का निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी सलाह भी प्रदान की। इन वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहा। जहाँ किसान की पारंपरिक पद्धति से केवल 2.40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त होता था, वहीं उन्नत तकनीक अपनाने से 4.70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज प्राप्त हुई, जो लगभग 95.83 प्रतिशत अधिक रही। इसी प्रकार किसान की शुद्ध आय 04 हजार प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 16,600 रूपये प्रति हेक्टेयर हो गई तथा लाभ लागत अनुपात 1.38 से बढ़कर 2.43 तक पहुँच गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उन्नत तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन एवं बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है।अपना अनुभव साझा करते हुए किसान श्री भुवन लाल ने बताया कि पहले उन्हें यह विश्वास नहीं था कि परती भूमि में तिल की खेती इतनी लाभदायक हो सकती है। लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में उचत तकनीकों को अपनाने के बाद उन्हें अपेक्षा से कहीं अधिक उत्पादन एवं आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि भविष्य में वे अधिक क्षेत्र में तिल की खेती करेंगे तथा अपने आसपास के किसानों को भी उन्नत तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वैज्ञानिकों ने बताया कि जिले में बड़ी मात्रा में भूमि खरीफ मौसम में परती रह जाती है। यदि किसान ऐसी भूमि में तिल जैसी कम अवधि एवं कम पानी में सफल होने वाली तिलहनी फसलों की उन्नत किस्मों का वैज्ञानिक पद्धति से उत्पादन करें, तो न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि तिलहन उत्पादन बढ़ने से देश की खाद्य तेलों पर निर्भरता कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की कि वे कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रदर्शनों एवं तकनीकी गतिविधियों से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएँ और अपनी खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाएँ।
- बालोद. जिले में मछलियों के प्रजनन एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्षा ऋतु में 15 अगस्त 2026 तक सभी प्रकार के मत्स्याखेट को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। सहायक संचालक मछली पालन ने बताया कि वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को दृष्टिगत रखते हुये उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा 03, उपधारा 02, के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक क्लोज सीजन के रूप में घोषित किया गया हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों में जिनका संबंध नदी नालों से नहीं हैं, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर, सभी प्रकार के जल संसाधनों में 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक मत्स्योखट कार्य पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) अधिनियम, 2025 के अनुसूची 4 अनुसार, छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम 1948 की धारा 05 के तहत 25 हजार रूपये तक की शास्ति से दंडित किये जाने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं हैं, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होंगे।
- दुर्ग. शासन की जनहितकारी पहल सेवा सेतु केंद्र आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को सरल, सुगम और समयबद्ध बना रही है। अब लोगों को आवश्यक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इसका लाभ दुर्ग जिले के ग्राम भोथली निवासी श्री नोवेंन्द्र कुमार निषाद के परिवार को भी मिला।श्री नोवेंन्द्र कुमार निषाद ने वर्षों पहले अपना ऑफलाइन जाति प्रमाण पत्र बनवाया था, जिसके आधार पर उनके बच्चों ने प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। समय के साथ उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता हुई। उनकी बड़ी बेटी एकता निषाद ने रस्तोगी नर्सिंग होम से बी.एससी. नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त की है, वहीं उनके पुत्र हरीश कुमार निषाद ने अंजोरा स्थित अपोलो कॉलेज से डी.फार्मा का अध्ययन पूरा किया है। अब दोनों अपने करियर की नई शुरुआत करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसके लिए ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य था।श्री नोवेंन्द्र कुमार निषाद ने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से दोनों बच्चों के जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बिना किसी परेशानी के दोनों बच्चों के ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र समय पर प्राप्त हो गए। प्रमाण पत्र मिलते ही पूरे परिवार के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। अब दोनों बच्चे बिना किसी बाधा के नौकरी और अन्य शासकीय अवसरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।श्री नोवेंन्द्र कुमार निषाद ने बताया कि पहले ऐसे दस्तावेज बनवाने के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से प्रक्रिया बेहद आसान, पारदर्शी और त्वरित रही। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों के जीवन को सरल बना रही है और लोगों का बहुमूल्य समय बचा रही है।सेवा सेतु केंद्र आज केवल दस्तावेज उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की उम्मीदों और विश्वास का केंद्र बन चुका है। शासन की यह पहल लोगों को घर के नजदीक ही समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराकर सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) अधिनियम 2022 एवं 2024 के तहत जिला नियमितिकरण समिति की बैठक कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में समिति के समक्ष कुल 1372 प्रकरण प्रस्तुत किए गए।बैठक में सर्वसम्मति से 1361 प्रकरणों का मान्य एवं अमान्य के रूप में निराकरण किया गया। इनमें नगर पालिक निगम भिलाई के 902 आवासीय एवं 108 गैर-आवासीय, कुल 1010 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं, 11 प्रकरणों में स्पष्ट अनुशंसा एवं अभिमत प्राप्त करने के लिए उन्हें नगर पालिक निगम भिलाई को वापस भेजने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा नगर पालिक निगम दुर्ग के 351 प्रकरणों का भी समिति द्वारा निराकरण किया गया। इस प्रकार दोनों नगरीय निकायों के कुल 1361 प्रकरणों का निराकरण करते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक निर्णय लिए गए।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में 13 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान के तहत जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल सुपेला, सिविल अस्पताल नगपुरा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सभी शहरी एवं ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लगाया जाना प्रस्तावित है। दुर्ग जिले का एचपीवी वैक्सीन लक्ष्य 18715 है आज दिनांक तक 4131 बालिकाओं एचपीवी वैक्सीन लगा जो कि 22 प्रतिशत है।जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने बताया गया कि स्तन कैंसर के बाद महिलाओं में सबसे अधिक सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु होती है अतः बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु एचपीवी वैक्सीन अत्यधिक प्रभावी है।यह वैक्सीन अभी 14 वर्ष से 15 वर्ष के बीच की होगीं उन्हीं बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाया जायेगा। उपरोक्त सभी संस्थाओं में प्रातः 9.00 बजे से 5.00 बजे तक वैक्सीन लगाया जायेगा। भविष्य में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर से बचाव के लिये अभिभावकों को अपने बच्चियों को वैक्सीन लगाना होगा।यह एचपीवी वैक्सीन विगत कई वर्षो से विश्व के बहुत से देशाे में तथा भारत में प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा लगाया जा रहा है यह अत्यधिक मूल्यवान वैक्सीन है पर शासन द्वारा यह निःशुल्क लगाई जा रही है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों के प्राचार्यो, जनप्रतिनिधियों, पार्षदगण, स्वयंसेवी संस्थाओं, पंचों, सरपंचों, वार्ड पार्षदों पत्रकार बंधुओं एवं समस्त जनता से अपील की है कि इस अभियान में अपनी संकल्पित भागीदारी निभायें।जिला स्वास्थ्य समीति बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी को सभी शैक्षणिक संस्थाओं मेें 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए अभिभावको से अनुमति प्राप्त कर शत् प्रतिशत टीकाकरण करनेे निर्देशित किया गया है। एचपीवी वैक्सीन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर दिया गया है तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा समस्त प्राचार्यों को भी बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण में पूर्ण सहयोग हेतु निर्देशित किया गया है।
- दुर्ग. रोजगार विभाग, छ.ग. शासन के द्वारा माह जुलाई के अंतिम सप्ताह में राज्य स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन रायपुर में किया जाना प्रस्तावित है। इस मेले हेतु निजी क्षेत्र के नियोजक जो अपने संस्थान में रिक्त पदों को इस रोजगार मेला के माध्यम से भरना चाहते हैं, वे 15 जुलाई 2026 के पूर्व रिक्त पदों की जानकारी जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग को प्रेषित करेंगे।जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन दुर्ग के उपसंचालक से प्राप्त जानकारी अनुसार छ.ग. रोजगार विभाग के ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से रिक्तियाँ प्रेषित करने के लिए नियोजकों का पोर्टल पर रोजगार मेला हेतु नियोक्त पंजीयन कराना अनिवार्य होगा जिसके लिए नियोक्ता का जीएसटी क्रमांक एवं डॉक्यूमेंट अपलोड करना आवश्यक होगा। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में संपर्क कर सकते है।
- रायपुर. तारमिस्त्री परीक्षा जुलाई 2026 का आयोजन 15 एवं 16 जुलाई 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), माना, रायपुर में किया जाएगा। परीक्षा सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। पात्र अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र तथा अपात्र अभ्यर्थियों के अस्वीकृति सूचना पत्र डाक के माध्यम से भेज दिए गए हैं। परीक्षा से संबंधित पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची कार्यपालन अभियंता (विद्युत सुरक्षा) तथा संभागीय विद्युत निरीक्षक कार्यालय, 246 आम बगीचा, सुंदर नगर, रायपुर के सूचना पटल पर भी चस्पा कर दी गई है।
- रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 12 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक रायपुर में किया जाएगा। प्रतियोगिता के तहत फुटबॉल स्पर्धा बालक 15 एवं 17 वर्ष तथा बालिका 17 वर्ष आयु वर्ग के लिए स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम, कोटा, रायपुर में एवं बॉक्सिंग प्रतियोगिता बालक 14, 17 एवं 19 वर्ष तथा बालिका 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के लिए नेताजी सुभाष स्टेडियम (बॉक्सिंग रिंग), नलघर चौक, रायपुर में आयोजित होगी।
- 0- देवकीनंदन ठाकुर की भागवत कथा इंडोर स्टेडियम में 14 जुलाई तक दोपहर 3:30 बजेरायपुर। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की भागवत कथा शुरू होने से पहले निकली भव्य कलश यात्रा में महाराष्ट्र मंडल की महिला कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों और महिला सभासदों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कलश यात्रा आयोजन स्थल इंडोर स्टेडियम से महामाया मंदिर होते हुए वापस आयोजन स्थल पहुंची। इसमें महाराष्ट्र मंडल की महिला सभासदों के साथ अन्य समाज की सैकड़ों महिलाएं भी आध्यात्मिक जोश के साथ शामिल हुईं।उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय वैश्व महासम्मेलन और विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 14 जुलाई तक इंडोर स्टेडियम में कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की भागवत कथा का आयोजन किया गया है। कथा से पूर्व निकली कलश यात्रा में महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, सखी निवास प्रभारी नमिता शेष, दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी मालती मिश्रा, आध्यात्म, योग, स्वास्थ्य समिति प्रभारी आस्था काले, महिला सह प्रमुख अपर्णा देशमुख, समाजसेवी शुभांगी आप्टे, अर्चना जतकर, कृष्णा देवांगन, दीपांजलि भालेराव, प्रांजल बल्लाल, चौबे कॉलोनी महिला केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित, मनीषा वरवंडकर, गौरी क्षीरसागर, स्वाति डबली, अलका लेले, शालिनी जोशी, मनीषा होशंगाबादे प्रीति रणदिवे, प्रियंका राजपूत, सुचिता काले, वर्षा पांडे और अवंती अग्निहोत्री सहित अनेक महिला सभासद शामिल हुईं।
- 0- कलेक्टर ने परीक्षा की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 का आयोजन 12 जुलाई 2026 को जिले के 22 परीक्षा केंद्रों में किया जाएगा। परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी पर्यवेक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र में पेयजल, विद्युत तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा का संचालन पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया जाए तथा सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन हो।उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक परीक्षार्थी की प्रवेश से पूर्व फ्रिस्किंग एवं फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से की जाए।परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से प्रातः 7 बजे किया जाएगा। गोपनीय परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन हेतु संबंधित अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष दर्शित परीक्षा केंद्रों के लिए परिवहन अधिकारी एवं उड़नदस्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी नियुक्त अधिकारी निर्धारित समय पर जिला कोषालय पहुंचकर गोपनीय सामग्री प्राप्त करेंगे तथा परीक्षा प्रारंभ होने के एक घंटे पूर्व संबंधित केंद्राध्यक्ष को अनिवार्य रूप से सौंपेंगे।परीक्षा के दौरान आवंटित परीक्षा केंद्रों में किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए उड़नदस्ता दल द्वारा सतत निरीक्षण किया जाएगा।कलेक्टर ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से आधा घंटा पूर्व पहुंचें, ताकि फ्रिस्किंग, फेस ऑथेंटिकेशन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
- 0- जिला एवं राज्य स्तरीय समारोह में गूंजा ’सफलता की कहानियों’ का स्वरबालोद. छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों एवं ’सफलता की कहानियां’ साझा करने के उद्देश्य से 01 वर्ष पूर्ण होने पर ’दीदी के गोठ’ नामक रेडियो कार्यक्रम के 12वें एपिसोड का प्रसारण बालोद जिले के 20 संकुल स्तरीय संगठनों, जनपद कार्यालयों एवं जिला कार्यालय में 09 जुलाई 2026 को दोपहर 02 बजे से किया गया। इसी क्रम में राज्य स्तरीय ’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम साइंस कालेज मैदान रायपुर में बालोद जिले से 150 महिलाएं सम्मिलित हुई। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा प्रदेश की सभी बिहान दीदियों को संबोधित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपनी सफलता की प्रेरणादायी कहानियां साझा की गई, जो अन्य समूहों के लिए मार्गदर्शक साबित हुई।’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम के माध्यम से बिहान से जुड़ी दीदियों के कार्यों उनकी उपलब्धियों तथा आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी प्रदेशभर में प्रसारित होगी। यह पहल न केवल स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहित करेगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में और अधिक प्रेरणा भी प्रदान करेगी। जिले में उक्त कार्यक्रम जिला पंचायत के सीईओ श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। श्री चन्द्रवंशी ने बताया कि ’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं में गजब का आत्मविश्वास पैदा किया है।रेडियों पर समूह के दीदीयों को आत्मनिर्भर बनते सुन अन्य गांव की महिलाए भी प्रेरित हो रही है। बालोद जिले में ’दीदी के गोठ’ का जिला स्तर कार्यक्रम समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केन्द्र सिवनी बालोद में किया गया। जिसमे सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू, जिला मिशन प्रबंधक जिला पंचायत बालोद श्री अजय कुमार सिंह एवं सहा. वि.वि अधिकारी श्री भारतेन्द्र नेताम उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम में जिले से 130 महिलाएं, रेडियो के माध्यम से ’दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का श्रवण किया गया। सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू ने बताया कि जनपद एवं क्लस्टर स्तर पर भी ’दीदी के गोठ’ के वार्षिक उत्सव का प्रसारण किया गया। जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में समूह के दीदियां उपस्थित रहीं। दीदी के गोठ बिहान की दीदीयों के अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानियों को रेडियो के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का एक अनूठा मंच है।
- 0- कलेक्टर ने डौण्डी विकासखण्ड के स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की0- कुपोषण मुक्ति हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहाबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौण्डी के बैठक कक्ष में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिससे की आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुपोषण को स्वस्थ समाज के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कुपोषण के कारण व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक विकास पूरी तरह से बाधित हो जाता है।श्रीमती मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डौण्डी विकासखण्ड को कुपोषण मुक्त बनाने में जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे एल उइके, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों, सेक्टर सुपरवाईजरों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अलावा प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र भवनों की स्थिति के अलावा अस्पतालों में मानवीय संसाधनों तथा प्रसव की स्थिति, प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या एवं इलाज आदि की व्यवस्था के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने जर्जर स्वास्थ्य केन्द्रों के स्थान पर नवीन भवन निर्माण तथा भवन मरम्मत आदि की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्रों तक पहुँच मार्ग के निर्माण की आवश्यकता होने पर भी प्रस्ताव भेजने को कहा। स्वास्थ्य केन्द्रवार प्रसव की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य से कम प्रसव वाले स्वास्थ्य केन्द्रों के अधिकारी-कर्मचारियों को स्थिति में सुधार करने हेतु सख्त निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के अनेक स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति बेहतर होने पर वहाँ पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना भी की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को संस्थागत प्रसव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने को कहा। श्रीमती मिश्रा ने स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों की इलाज की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बिना वाजिब कारण के बिल्कुल भी अन्य अस्पतालों में रेफर नही करने के निर्देश दिए।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने चिरायु योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए चिरायु टीम के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा आंगनबाड़ी एवं स्कूलों का नियमित रूप से विजिट तथा बच्चों के इलाज की भी समीक्षा की। उन्होंने चिरायु योजना अंतर्गत गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों के त्वरित इलाज सुनिश्चित करने हेतु चिरायु टीम के अधिकारी-कर्मचारियों को खण्ड चिकित्सा अधिकारियों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों के अलावा विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों से समन्वय कर इन बच्चों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने टीबी मुक्त अभियान के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से टीबी के संभावित मरीजों का चिन्हांकन एवं उनके समुचित इलाज की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड में अब तक टीबी से मुक्त हुए कुल 96 गांवों को टीबी मुक्त ग्राम बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने आम, मरीजों एवं आम नागरिकों का बीपी, शुगर, मानसिक स्वास्थ्य आदि के जांच के संबंध में भी जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर के बचाव सुनिश्चित करने हेतु 14 वर्ष पूरा कर चुके सभी बालिकाओं का अनिवार्य रूप से सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु टीका लगाने के भी निर्देेश दिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए 13 से 18 जुलाई तक स्पेशल अभियान भी चलाया जा रहा है।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की भी गहन समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ नौनिहालों के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने को कहा। इसके अंतर्गत उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र व कुपोषित बच्चों की संख्या की भी जानकारी ली। बैठक में उन्होंने नोनी सुरक्षा, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना सहित विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
- 0- मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर जाना हालचाल, अधिकारी-कर्मचारियों को बेहतर इलाज करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौण्डी का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कर वहाँ उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाले हर मरीज को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रहे इलाज, भोजन और अन्य सुविधाओं का फीडबैक लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ व मरीज-अनुकूल बनाया जाए। इस मौके पर उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे कन्या छात्रावास के बालिकाओं से बातचीत कर उनका हालचाल पूछा। उन्होंने मौके पर उपस्थित खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को छात्राओं का तत्काल चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने अस्पताल परिसर में पौध रोपण भी किया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे एल उइके सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की महापौर परिषद की महत्वपूर्ण बैठक महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। आवश्यक विषयों पर परिषद ने स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्यवाही आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।बैठक में वार्ड क्रं. 69 एवं 70 हुड़को में सीवरेज पाईप लाईन का नवीनीकरण कार्य, जोन 03 संतोषी पारा में बी.आर. अम्बेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन को 2 माह के लिए संचालन/प्रबंधन/संघारण में दिये जाने, स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छता मापदण्डों से आकस्मिक साफ-सफाई कार्य हेतु 50 कामगार उपलब्ध कराने एव बी.आर. अम्बेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन के संचालन, प्रबंधन एवं संधारण हेतु 10 माह के लिए किराये पर दिये जाने नियम शर्तो का अनुमोदन कार्य, वार्ड क्रं. 70 नवनिर्मित मंगल भवन के चारों ओर परिसर गार्डन सौंदर्यीकरण एवं पार्किंग निर्माण कार्य, गोकुल धाम कुरूद में पशुपालकों को आबंटित भूखण्डों के आबंटन के शेष प्रब्याजी राशि एवं भू-भाटक जमा कराने कार्य को महापौर परिषद के सदस्यों ने सर्व सम्मति से सहमति प्रदान की है। चौक चौराहो के नामकरण संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जिसमें पूर्व महापौर परिषद का संकल्प जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है उसके बाद ही आगामी बैठक में निर्णय लिया जाएगा।वहीं खुर्सीपार स्थित पूर्व निर्मित स्टेडियम एवं दुकानों के तकनीकी कार्यो/संधारण हेतु अनापत्ति के संबंध में कार्य को सलाहकार समिति के माध्यम से आगामी महापौर परिषद के बैठक में प्रस्तुत करने एवं निगम क्षेत्रांतर्गत नव निर्मित स्लाटर हाउस को अन्यंत्र स्थानांतरण करने आगामी बैठक में पुनः चर्चा किया जाएगा। इसी कड़ी में महापौर महोदय के अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा हेतु रखा गया, अन्य विषयों को सर्व सम्मति से पारित किया गया है।महापौर परिषद ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत प्रस्तावों के क्रियान्वयन से शहर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी तथा नागरिकों को बेहतर शहरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। बैठक में महापौर परिषद के सदस्य सीजू एन्थोनी, लक्ष्मीपति राजू, एकांश बंछोर, संदीप निरंकारी आदित्य सिंह, साकेत चंद्राकर, चंद्रशेखर गंवई, मन्नान गफ्फार खान, लालचंद वर्मा, मीरा बंजारे, मालती ठाकुर, रीता सिंह गेरा, नेहा साहू, अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त नरेन्द्र कुमार बंजारे, दिनेश कोसरिया, अधीक्षण अभियंता अजीत तिग्गा, जोन आयुक्त येशा लहरे, कुलदीप गुप्ता, अमरनाथ दुबे, अजय गौर, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, अरविंद शर्मा, सुनील जैन, संजय अग्रवाल, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, फत्तेलाल साहू, चंद्रभूषण साहू लेखाधिकारी, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, जावेद अली स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने संपत्तिकर निर्धारण और कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के आदेशानुसार बीएसपी क्षेत्र में निर्मित भवनों एवं भूमियों का व्यापक परिमाप (सर्वे) अभियान शुरू कर दिया गया है।इस अभियान की शुरुआत सेक्टर-6 स्थित एम.जी.एम. स्कूल के पास सड़क एवेन्यू-ए में बने भवनों के माप-जोख से की गई। निगम की टीम प्रत्येक भवन का वास्तविक क्षेत्रफल, निर्माण की स्थिति एवं अन्य आवश्यक विवरण दर्ज कर संपत्तिकर निर्धारण के लिए आधार तैयार कर रही है। निगम प्रशासन का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य संपत्तिकर निर्धारण में पारदर्शिता लाना, वास्तविक निर्माण के अनुसार कर निर्धारण करना तथा राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। आने वाले दिनों में बीएसपी क्षेत्र के अन्य सेक्टरों में भी यह अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। सर्वे कार्य के दौरान निगम के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रहलाद लहरे तथा राजस्व अमला गणित बद्येल, टेकराम हरिन्द्रवार और प्रकाश महलवार मौजूद रहे। निगम की टीम ने मौके पर भवनों का माप लेकर आवश्यक अभिलेख तैयार किए।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा आज जोन 2 के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का औचक निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया गया। जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे ने अधिकारियों की टीम के साथ क्षेत्र का दौरा कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जोन आयुक्त ने जोन 2 के अंतर्गत बनाए जा रहे नए डॉग हाउस का बारीकी से अवलोकन किया, अविलंब प्रारम्भ करवाने हेतु चर्चा की गई। स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसएलआरएम (SLRM) सेंटर में चल रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। कुरूद सुंदर विहार क्षेत्र के नागरिकों की सुगम आवाजाही के लिए नवनिर्मित नवीन सीसी रोड का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता को परखा गया।इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त के साथ कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा और उप अभियंता अशोक देवांगन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी संबंधित इंजीनियरों को बचे हुए कार्यों को पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने की हिदायत दी गई है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार शहर में मानसून पूर्व से नालियों की व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से सभी जोनों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें लगातार मैदानी स्तर पर कार्य कर रही हैं।अभियान के तहत नालियों में जमा झिल्ली, पन्नी, घास-फूस, प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को हटाकर पानी के सुचारु बहाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सफाई कार्य में आवश्यक संसाधनों एवं कर्मचारियों की तैनाती कर नालियों को पूरी तरह साफ किया जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित न हो और जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर के सभी प्रमुख नालों एवं नालियों की नियमित निगरानी करते हुए समयबद्ध ढंग से सफाई कार्य पूर्ण किया जाए। साथ ही ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहां पूर्व वर्षों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे नालियों में प्लास्टिक, कचरा अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें तथा शहर को स्वच्छ एवं जलभराव मुक्त बनाने में निगम प्रशासन का सहयोग करें।



























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