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- मुख्यमंत्री ने प्रदान किया बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्ररायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनदर्शन में आरंग से आए श्री भारत साहू को बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान किया, श्री साहू ने बताया कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पहले किसी के समय मिलने पर ही वे बाहर जा पाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। बैटरी ट्राइसिकल मिलने से उनका जीवन अब कहीं अधिक सहज हो जाएगा।इसी तरह खमतराई रायपुर निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी ने बताया कि उनका पैर बचपन से पोलियोग्रस्त है, आज उन्हें बैटरी ट्राइसिकल प्रदान की गई। श्री दास ने बताया कि जनदर्शन में उनकी समस्या का तत्काल समाधान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनकी दैनिक दिनचर्या आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायपुर के मोवा निवासी श्री चंदू यादव को ट्राइसिकल और सुश्री सुमन साहू को व्हीलचेयर प्रदान किया। जिसे पाकर दोनों के चेहरे खिल गए।जनदर्शन के दौरान रायपुर निवासी श्री सागर नायक एवं श्री उमेश पटेल को श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। श्री सागर नायक ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे श्रवण यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे। उनकी समस्या सुनते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया।श्रवण यंत्र मिलने पर श्री उमेश पटेल ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें फिर से सुनने की क्षमता मिल पाई है, उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार जोन 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत होटल गुरुकृपा राजधानी की स्वच्छता का औचक निरीक्षण जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक श्री यशवंत बेरिहा एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने किया गया. औचक निरीक्षण के दौरान होटल में गन्दगी पायी गयी और प्राप्त जनशिकायत स्थल पर सही पायी गयी. जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने होटल गुरुकृपा राजधानी के संचालक पर तत्काल 2500 रूपये का ई जुर्माना किया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
- रायपुर/छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा की अध्यक्षता में आज खाद्य आयोग के राज्य कार्यालय स्थित सभा कक्ष में NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013) एवं CGFSA (छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य सचिव श्री राजीव जायसवाल, सदस्यगण तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में सदस्य सचिव श्री जायसवाल द्वारा आयोग की शक्तियों, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि आयोग का प्रमुख दायित्व हितग्राहियों की पात्रताओं के क्रियान्वयन की सतत निगरानी, शिकायतों की जांच, जिला शिकायत निवारण अधिकारी के आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई तथा राज्य सरकार को आवश्यक अनुशंसाएं देना है।बैठक में AAY, PHH, APL, निराश्रित एवं निशक्त श्रेणी के अंतर्गत निर्धारित राशन पात्रताओं की समीक्षा की गई। आयोग ने उचित मूल्य दुकानों में समय पर राशन वितरण, स्टॉक की सही प्रविष्टि, APL एवं फोर्टिफाइड चावल का पृथक भंडारण, FIFO प्रणाली के पालन, रैंडम बोरा तौल एवं विभागीय कॉल सेंटर नंबर के प्रदर्शन के निर्देश दिए।पूरक पोषण आहार योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पात्रता अनुसार पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों के भौतिक सत्यापन, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, फोर्टिफाइड चावल के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने तथा भवन एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निर्धारित मात्रा अनुसार भोजन सामग्री उपयोग, दैनिक मेन्यू का प्रदर्शन, माप-तौल उपकरण की उपलब्धता, किचन व भोजन क्षेत्र में स्वच्छता तथा कॉल सेंटर नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।आश्रम एवं छात्रावासों में प्रति छात्र निर्धारित खाद्यान्न वितरण, भोजन की गुणवत्ता, अधीक्षक के छात्रावास में अनिवार्य निवास, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया गया।सितंबर से दिसंबर 2025 की अवधि में आयोग द्वारा 15 जिलों में निरीक्षण किया गया, जिसमें 33 उचित मूल्य दुकानें, 17 आंगनबाड़ी केंद्र, 13 स्कूल एवं 16 आश्रम/छात्रावास शामिल थे। निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर सभी विभागों को समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं पोषण पहुंचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा आगे भी नियमित निरीक्षण एवं कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
- रायपुर/ राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम “सुप्रजा” के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, प्रसवोत्तर माताओं एवं नवजात शिशुओं की समग्र देखभाल सुनिश्चित की जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयुष पद्धतियों के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ शिशु तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच की जाती है, जिसमें यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट, रक्तचाप, ब्लड शुगर, पेशाब की जांच, हीमोग्लोबिन प्रतिशत, ऊंचाई एवं वजन तथा गर्भस्थ शिशु की स्थिति की जांच शामिल है। ये सेवाएं प्रतिमाह शिविरों एवं ओपीडी के माध्यम से प्रदान की जाती हैं। आवश्यकता अनुसार सोनोग्राफी कराने की सलाह भी दी जाती है। इसके साथ ही गर्भवती महिला, टारगेट कपल एवं परिवार के सदस्यों की काउंसलिंग भी की जाती है।योग चिकित्सकों एवं योग प्रशिक्षकों द्वारा गर्भावस्था के अनुसार सुरक्षित योग, प्राणायाम एवं मानसिक विश्रांति के अभ्यास कराए जाते हैं। साथ ही माहवार आहार-विहार की जानकारी दी जाती है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए तथा किन चीजों से परहेज करना चाहिए, इस पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाता है।आयुष विभाग द्वारा गर्भ संस्कार के अंतर्गत सकारात्मक विचार, अच्छी पुस्तकें पढ़ना, पेंटिंग, संगीत एवं ध्यान जैसी रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं, जिससे गर्भस्थ शिशु के सर्वांगीण विकास में सहायता मिल सके।प्रसव के बाद माताओं के वजन, रक्तचाप, ब्लड शुगर एवं हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। नवजात शिशुओं के वजन, पीलिया एवं छाती की जांच की जाती है।“सुप्रजा” कार्यक्रम का संचालन वर्तमान में रायपुर की तीन आयुष संस्थाओं में किया जा रहा है। अक्टूबर 2023 से वर्तमान तक इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 500 गर्भवती महिलाएं (ANC) एवं 250 प्रसवोत्तर महिलाएं (PNC) लाभान्वित हो चुकी हैं।आयुष विभाग का यह प्रयास मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ते हुए एक समग्र एवं प्रभावी मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।“सुप्रजा” कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. पूर्णिमा राजपूत, डॉ. नमीरा आलम, डॉ. प्रतिमा धृतलहरे सहित अन्य नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
- रायपुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्राचार्य मेजर नरेंद्र उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में वेल्डर ट्रेड के प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षार्थियों द्वारा “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” की भावना को साकार करते हुए अनुपयोगी सामग्री से “छत्तीसगढ़ महतारी” की सुंदर एवं प्रेरणादायी प्रतिमा का निर्माण किया गया।यह प्रतिमा प्रशिक्षार्थियों की तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। अनुपयोगी एवं स्क्रैप सामग्री के रचनात्मक उपयोग से निर्मित यह कलाकृति स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश देती है।संस्थान प्रबंधन के अनुसार इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों में कौशल विकास के साथ-साथ सृजनात्मकता, सामाजिक चेतना एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। वेल्डर ट्रेड के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षार्थियों ने इस प्रतिमा को पूरी एवं तकनीकी कौशल के साथ तैयार किया।संस्थान में किए गए इस अभिनव प्रयास की विभिन्न स्तरों पर सराहना की जा रही है। यह पहल न केवल कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि युवाओं को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील एवं आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी प्रदान करती है।
- 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को वय वंदना कार्ड से मिलेगा ₹5 लाख तक का निःशुल्क उपचारशिविर आयोजन हेतु सीएमएचओ कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0771-4045849 पर करें संपर्करायपुर। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जिले में 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों का वय वंदना कार्ड पंजीयन कार्य निरंतर जारी है। आधार कार्डधारी पात्र वरिष्ठ नागरिकों को इस कार्ड के माध्यम से प्रति वर्ष ₹5 लाख तक के निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।इसके साथ ही, जिन परिवारों के पास राशन कार्ड उपलब्ध है तथा जिनका नाम राशन कार्ड में दर्ज है, उनके सभी पात्र सदस्यों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से सूचीबद्ध शासकीय एवं निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त की जा सकेगी।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिन हितग्राहियों ने अब तक स्वयं अथवा अपने परिवार के वरिष्ठ नागरिकों का वय वंदना कार्ड या आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है, वे शीघ्र अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या चॉइस सेंटर में जाकर पंजीयन कराएं।शहरी क्षेत्रों में अधिक से अधिक नागरिकों को योजना का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से सोसाइटी एवं कॉलोनी स्तर पर विशेष पंजीयन शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इच्छुक सोसाइटी अथवा कॉलोनी निवासी शिविर आयोजन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या दूरभाष क्रमांक 0771-4045849 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- गौरेला पेंड्रा मरवाही/राजस्व विभाग के अधिकारियों और पटवारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के उपरांत “विवरण संशोधन” का प्रावधान 7 जनवरी 2026 तक सभी समितियों के समिति लॉगिन में उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही कृषकों द्वारा खसरा एवं रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड फसल विवरण, नवीन पंजीयन तथा रकबा संशोधन जैसी प्रक्रियाओं के लिए लगातार किए जा रहे अनुरोधों को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन ने एकीकृत किसान पोर्टल में अतिरिक्त प्रावधान करने का निर्णय लिया है। आदेशानुसार सभी समितियों के समिति लॉगिन में अब कैरी फारवर्ड रिमार्क एवं विवरण की प्रविष्टि 15 जनवरी 2026 तक की जा सकेगी। वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों के नवीन पंजीयन की सुविधा भी 15 जनवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी। विभिन्न प्रकार के विवरण संशोधन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। जिन प्रकरणों में आधार संख्या त्रुटिपूर्ण है, वहां पूर्व पंजीयन को निरस्त कर नया पंजीयन करने की अनुमति 15 जनवरी 2026 तक दी गई है। इसी प्रकार राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी तथा भौतिक सत्यापन के आधार पर जिला कलेक्टर की अनुशंसा से नवीन पंजीयन भी 15 जनवरी 2026 तक किया जा सकेगा। राज्य शासन ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इन समय-सीमाओं का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी कृषक को आवश्यक सेवाओं के लिए अतिरिक्त प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े। किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और त्वरित सेवा-प्रदान सुनिश्चित करने हेतु पोर्टल पर तकनीकी व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जशपुर जिले में धान खरीदी का कार्य पूरी तरह व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की निरंतर आवक बनी हुई है। शासन की किसान-हितैषी नीतियों एवं पारदर्शी व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।धान खरीदी केंद्र में अपनी उपज बेचने पहुंचे ग्राम बसरूपपुर निवासी किसान श्री कृष्णा यादव ने बताया कि उन्हें केंद्र में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि पिताजी के नाम से “टोकन तुंहर हाथ” मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन लिया गया, जिससे निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचकर बिना किसी प्रतीक्षा के धान की बिक्री संभव हो सकी।श्री यादव ने कहा कि धान खरीदी केंद्र में समय पर नया और साफ-सुथरा बारदाना उपलब्ध कराया गया तथा धान तौल भी समय पर पूरी की गई। उन्होंने बताया कि सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते न केवल समय की बचत हुई, बल्कि धान की बिक्री भी सहज और पारदर्शी ढंग से हो पाई।किसान श्री यादव ने शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल टोकन प्रणाली एवं सुव्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों का सम्मान बढ़ा है और उनमें आत्मविश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।
- समर्थन मूल्य पर धान की खरीदीरायपुर/प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी किए जाने से किसानों की मेहनत को उचित दाम मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेबेन्दरी निवासी श्री नंदलाल राठौर ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ भूमि है, जिससे उन्होंने 104 क्विंटल धान का उत्पादन किया और उसे उपार्जन केंद्र में बेचा।धान विक्रय से प्राप्त राशि से वे अपने परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आगामी फसल की तैयारी में भी निवेश करेंगे। उन्होंने बताया कि वे रबी फसल के मौसम में मक्का की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं।श्री नंदलाल ने यह भी बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है, जिसके अंतर्गत उन्हें प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग वे घरेलू छोटी-छोटी जरूरतों के साथ-साथ खेती-बाड़ी से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करते हैं।उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था तथा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान से खुशहाली का नया दौरसुव्यवस्थित खरीदी से किसानों को मिल रहा उचित मूल्यरायपुर/छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति ने किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई यह नीति न केवल पारदर्शी और सुगम है, बल्कि किसानों को उनके पसीने की कमाई का पूरा हक दिला रही है। समर्थन मूल्य पर समयबद्ध भुगतान और आधुनिक व्यवस्था ने राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई गति आई है।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान जोधन केंवट की सफलता इस नीति की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने अपनी लगभग 5 एकड़ भूमि पर उगाए धान को दो चरणों में कुल 99 क्विंटल उपार्जन केंद्र पेंड्रा में बेचा। जोधन ने खुशी से बताया कि पहले की तुलना में अब खरीदी प्रक्रिया कहीं अधिक बेहतर और आसान हो गई है। समिति के माध्यम से टोकन कटवाकर बिना किसी झंझट के धान बेच पाया।ऑनलाइन टोकन और पारदर्शी प्रक्रिया से खत्म हुई पुरानी परेशानियांराज्य सरकार की पहल से धान खरीदी में क्रांति आ गई है। ऑनलाइन और समिति आधारित टोकन प्रणाली ने लंबी कतारों व अव्यवस्था का अंत कर दिया है। किसानों को अब न तो इंतजार करना पड़ता है और न ही कोई बिचौलिया हस्तक्षेप होता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से निगरानी में रहती है, जो पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की सीमा ने किसानों की चिंताओं को दूर कर दिया। जोधन केवट जैसे हजारों किसान अब अपनी उपज का पूरा मूल्य समय पर प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों में खुशहाली लौट आई है। यह व्यवस्था न केवल आर्थिक लाभ दे रही है, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास भी भर रही है।किसान हित में सरकार की प्रतिबद्धता, कृषि क्षेत्र में बढ़ा विश्वासमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की यह नीति छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। किसानों को समय पर भुगतान मिलने से वे नई फसल के लिए बेहतर निवेश कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। राज्य भर के उपार्जन केंद्रों पर सुव्यवस्थित व्यवस्था ने ग्रामीणों का भरोसा जीत लिया है। जोधन केंवट ने कहा कि सरकार की इस किसान हितैषी नीति से हमारी तकदीर बदल गई है। अब हम बिना चिंता के खेती पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति राज्य को कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूत बनाएगी। सरकार की यह सकारात्मक पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रही है।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के इलाज के लिए सुरक्षा कवचरायपुर/जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं के उन्नयन हेतु निरंतर और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है।आयुष्मान वय वंदना कार्ड में शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धिआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले में आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 100.20 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है। इसके साथ ही राजनांदगांव जिला राज्य का सर्वप्रथम शत-प्रतिशत पंजीयन पूर्ण करने वाला जिला बन गया है। जिले में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 25 हजार 138 पात्र वरिष्ठ नागरिकों में से 25 हजार 88 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है।आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी प्रदेश में अग्रणीआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले में आयुष्मान कार्ड पंजीयन का लक्ष्य 9 लाख 52 हजार 546 के विरुद्ध 9 लाख 37 हजार 461 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है, जो कि 98.42 प्रतिशत उपलब्धि है। इस उपलब्धि के साथ आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।घर-घर पहुंचकर किया गया पंजीयन कार्यस्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी पात्र हितग्राहियों के घर-घर पहुँचकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया है। इस अभियान के माध्यम से कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया गया।वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार लाभआयुष्मान वय वंदना कार्ड के अंतर्गत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इससे बुजुर्गों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं।आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षा कवचआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क, कैशलेस एवं पेपरलेस उपचार सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना शासन की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बीमा पहल है, जो सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करती है।
- किसानों व मछुवारों की बदली आर्थिक तस्वीररायपुर/प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के सभी जिलो में मत्स्य क्रांति की मजबूत नींव रखी जा रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों एवं मछुवा परिवारों के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्योत्पादन क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।आधुनिक तकनीकों से बढ़ा मत्स्योत्पादनयोजना के अंतर्गत केज कल्चर, पॉण्ड बायोफ्लॉक एवं नवीन तालाब निर्माण को प्रोत्साहित किया गया है। जिले के खदानों एवं जलाशयों में 21 केज इकाईयाँ स्थापित कर मत्स्यपालन का कार्य किया जा रहा है, जिससे सीमित जल संसाधनों में भी अधिक उत्पादन संभव हो पाया है।1500 मछुवारों को मिला प्रशिक्षण एवं आवश्यक संसाधनमछली पालन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी हेतु राजनांदगांव जिले के 1900 मछुवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही मछुवा परिवारों को मछली बीज, जाल, आइस बॉक्स, मोटर साइकिल एवं पिकअप वाहन जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से मछुवारों को सस्ती एवं सुलभ ऋण सुविधा भी प्रदान की जा रही है।मत्स्य बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर राजनांदगांव जिलाराजनांदगांव जिले में मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु 2 नवीन हेचरी का निर्माण किया गया है, जिससे जिला अब मत्स्य बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। इसके परिणामस्वरूप जिले में मछली बीज उत्पादन में 20 प्रतिशत तथा कुल मत्स्योत्पादन में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।बड़े पैमाने पर तालाब एवं संवर्धन पोखरों का निर्माणमत्स्य बीज उत्पादन एवं संवर्धन हेतु जिले में 3 प्रक्षेत्रों की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त किसानों की निजी भूमि में 148 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 590.166 लाख रुपये की लागत से नवीन तालाब एवं संवर्धन पोखरों का निर्माण किया गया है।रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा में वृद्धिमत्स्य पालन से जिले में 2500 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। योजना के अंतर्गत 11 हजार 471 मछुवा हितग्राहियों को नि:शुल्क दुर्घटना बीमा, 1900 हितग्राहियों को प्रशिक्षण, 450 हितग्राहियों को मछली जाल, आइस बॉक्स एवं मछली बीज प्रदान किया गया है।दो वर्षों में बदली मत्स्य क्षेत्र की तस्वीरपिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के सफल क्रियान्वयन से जिले के मत्स्य क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। किसानों एवं मछुवारों की आय में वृद्धि, रोजगार के नए अवसर और मत्स्य उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी इस योजना की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है। इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव श्री चन्दन कुमार, विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव श्री ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव श्री चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त श्री दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा।यह साझेदारी आधुनिकीकरण और सतत् विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जो हुडको की विशेषज्ञता और वित्तीय क्षमता का लाभ उठाकर परिवर्तनकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में मदद करेगी। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो देश में आवासीय उद्देश्यों के लिए घरों के निर्माण या आवास और शहरी विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है।
- 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद के पूर्ण उन्मूलन निश्चित - उपमुख्यमंत्री श्री शर्माउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बीजापुर में जिला स्तरीय अधिकारियों से नियद नेल्ला नार योजना की ली समीक्षा बैठकरायपुर/छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा बीजापुर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान बुधवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ नियद नेल्ला नार योजनान्तर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू होगा।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि माओवाद के समूल उन्मूलन के बाद लोगों में विश्वास जगाना और विकास कार्यों में तीव्रता लाना आवश्यक होगा। अब समय बहुत कम है, इसलिए शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नई ऊर्जा, नई रणनीति और जनकल्याण की भावना के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बीजापुर के सुदूर अंचलों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ा जाएगा। जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाएं सुगमता से पहुंचेंगी, जिसमें जिला, विकासखण्ड और मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि माओवाद मुक्त ग्राम पंचायतों को विशेष परियोजना के तहत ‘इलवद पंचायत’ के रूप में एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी। इसके साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्ला नार' योजना के अंतर्गत जिले के 201 गांवों को शामिल किया गया है, जहां शासकीय योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्तता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है।बैठक में एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि बीजापुर में अब शांति और सुरक्षा की स्थिति सुदृढ़ हो रही है, जिससे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पहले की तुलना में अधिक सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि पहले और आज के बीजापुर में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।पंचायत विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का निराकरण लगातार किया जा रहा है और बस्तर संभाग का विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बीजापुर के समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, संचालक श्री अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्णन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- ऊर्जा क्षेत्र के जोखिमपूर्ण कार्यों में महिलाओं की समान भागीदारीबिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के विद्युत विकास की गाथा में पुरूश कर्मियों के साथ- साथ महिला कर्मियों की भी अहम भूमिका रही है। वे निरंतर कंधे से कंधा मिलाकर जोखिमपूर्ण कार्यों का निश्पादन बडी सहजता के साथ कर रही हैं। वह कार्य चाहे डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी, ट्रांसमिषन कंपनी या उत्पादन कंपनी की हो। सभी कंपनी में महिला कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र अथवा दूर्गम पहाडी क्षेत्रों में भी दिन-रात उपस्थित होकर सदैव विद्युत उपभोक्ताओें की सेवा में तत्पर रहकर कार्य करती हैं।छत्तीसगढ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड बिलासपुर क्षेत्र में महिलाओं के कर्तव्य और भूमिकाएं सामान्यतः विद्युत क्षेत्र के नियमों, कंपनी के दिषा-निर्देषों और विभागीय नीतियों के तहत होते हैं, जिसमें तकनीकी, प्रषासनिक और ग्राहक सेवा के क्षेत्र षामिल हैं, बिजली वितरण, रखरखाव, और नए कनेक्षन से जुडे़ कार्यों में महिला इंजीनियर और तकनीषियन षामिल हो सकती हैं। कार्यालयीन कार्यों, बिलिंग, ग्राहक सेवा, मानव संसाधन और प्रबंधन में महिला अधिकारी/कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी जानकारी देना, षिकायतों का निवारण करना और योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही बिजली बचाने और नई तकनीकों (जैसे स्मार्ट मीटर) के उपयोग के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करना।पॉवर कंपनी में महिलाओं के कर्तव्य कंपनी के कार्यक्षेत्र और उनकी विषेशज्ञता पर निर्भर करते हैं। सरकार की विभिन्न महिला सषक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से, महिलाएं न केवल सषक्त हो रही हैं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाकर राज्य के विकास में योगदान दे रही हैं।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेषक श्री ए.के.अम्बस्ट ने बताया कि बिलासपुर रीजन के विभिन्न कार्यालयों तथा मैदानी क्षेत्रों में लगभग 230 से अधिक महिला विद्युत कर्मी जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, कनिश्ठ अभियंता तथा अन्य कार्यालयीन स्टॉफ षामिल हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र के विकास एवं जोखिमपूर्ण कार्यों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन बडी निश्ठा एवं मेहनत के साथ कर रही हैं।
- --सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, जोन 7 अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, जोन 9 अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, पार्षद श्रीमती ममता सोनू तिवारी ने हितग्राही नागरिकों को मकान निर्माण प्रारम्भ करने प्रदत्त किया भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र, खिल उठे हितग्राही नागरिकों के चेहरेरायपुर/ केन्द्र सरकार की अभिनव लोक कल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मोर जमीन मोर मकान घटक का क्रियान्वयन रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में नगर निगम रायपुर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन और नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के मार्गनिर्देशन में तेज गति से निरन्तर प्रगति पर है.नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, पार्षद श्रीमती ममता सोनू तिवारी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मोर जमीन मोर मकान घटक के अंतर्गत मकान निर्माण प्रारम्भ करने हितग्राही नागरिकों को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र प्रदत्त किये, तो भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र प्राप्त कर हितग्राही नागरिकों के चेहरे खिल उठे.
- 0गुजराती मिष्ठान भंडार में एसटीपी नहीं मिलने पर 5000 रूपये ई जुर्माना कर मिनी एसटीपी निर्माण करवाने नोटिस0रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त स्वच्छता से सम्बंधित जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार नगर निगम रायपुर की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही ने जनशिकायत से सम्बंधित दो स्थलों की खाद्य दुकानों का वस्तुस्थिति की जानकारी लेने औचक निरीक्षण किया.नैवेद्य फैक्ट्री द्वारा नगर निगम रायपुर की नालियों में कचरा डाले जाने से नालियों के जाम होने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत स्थल पर सही पाए जाने पर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर नैवेद्य फैक्ट्री के संचालक पर तत्काल 10000 रूपये का जुर्माना करते हुए उन्हें तत्काल स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए.इसी प्रकार नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत गुजराती मिष्ठान भंडार के औचक निरीक्षण के दौरान वहाँ एसटीपी नहीं मिलने पर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही के निर्देश पर सम्बंधित खाद्य दुकान संचालक को मिनी एसटीपी लगाए जाने नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए और एसटीपी नहीं मिलने पर तत्काल 5000 रूपये ई जुर्माना वसूला गया. कार्यवाही के दौरान नगर निगम जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर, नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग के स्वच्छता निरीक्षक श्री गिरिजेश तिवारी की उपस्थिति रही. नगर निगम स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वच्छता से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर उनका त्वरित निदान किया गया.
- बलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी ने दिव्यांग शिवलाल साहु एवं संत राम कन्नौजे को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से एक-एक ट्राईसिकल प्रदान किया। विकासखंड कसडोल के ग्राम सेल निवासी दिव्यांग शिवलाल साहु एवं विकासखंड पलारी के ग्राम देवरी निवासी संत राम कन्नौजे ने समाज कल्याण विभाग़ में सहायक उपकरण की मांग हेतु आवेदन दिया था। उनके आवेदन पर समाज कल्याण विभाग द्वारा शिवलाल साहु को मोटराइज्ड ट्रायसिकल एवं संत राम कन्नौजे को चलित ट्रायसिकल प्रदान किया गया। सहायक उपकरण मिलने पर दिव्यांगजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनको रोजमर्रा के कार्यों एवं बाहर आने -जाने में आसानी होगी। ट्रायसिकल मिलने पर उन्होंने शासन एवं प्रशासन को धन्यवाद दिया।इस अवसर पर उप संचालक सिनीवाली गोयल एवं विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार-भाटापारा, /शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'विकसित भारत -गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण' (वीबी-जी राम जी) ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की एक नई उम्मीद जगाई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के आधुनिक और उन्नत स्वरूप के रूप में पेश की गई यह योजना वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना है, जिससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।जिले के ग्राम कोसमंदा में इस योजना को लेकर ग्रामीणों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ लोग इसे अपनी आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण का आधार मान रहे हैं।योजना पर प्रकाश डालते हुए ग्राम रामपुर (कोसमंदा) निवासी प्रमिला कन्नौजे ने प्रसन्नता व्यक्त की कि अब उन्हें वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसके त्वरित भुगतान तंत्र को बताया, जिसके तहत मजदूरों को उनके काम की मजदूरी अब मात्र एक सप्ताह के भीतर मिल जाएगी। इसके अतिरिक्त काम की मांग करने पर यदि शासन काम उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो भत्ते का प्रावधान ग्रामीणों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। इन सुधारों ने श्रमिकों के भीतर भविष्य को लेकर एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है।वहीं दूसरी ओर, खेती-किसानी के दृष्टिकोण से भी इस योजना को अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है। ग्रामीण सीताराम के अनुसार, गांव में डबरी निर्माण, तालाबों के जीर्णोद्धार और नहर-नाली निर्माण जैसे कार्यों से जल स्तर में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन को मिलेगा। योजना की एक अनूठी विशेषता यह है कि इसमें धान की खेती के पीक सीजन के दौरान 60 दिनों तक सरकारी कार्यों को बंद रखने का विशेष प्रावधान किया गया है। इससे खेती के समय मजदूरों की कमी की समस्या हल हो जाएगी और खेती का काम समय पर पूरा हो सकेगा। यह संतुलित दृष्टिकोण किसान और मजदूर दोनों के हितों को सुरक्षित करता है। कोसमंदा के ग्रामीणों की यह सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि 'जी राम जी' योजना धरातल पर विकसित भारत के स्वप्न को सिद्ध करने में सफल होगी।
- -नवीन प्रतिभाओं को अवसर देने किया जा रहा प्रतिभा मंच का आयोजन जिसमें जिले के प्रतिभागी QR कोड के माध्यम से कर सकते हैं रजिस्टर-गायन ,कविता ,कहानी ,शायरी ,रैप,नृत्य ,बीट बॉक्सिंग एवं अन्य विधाओं में दे सकते प्रस्तुतियाँबलौदाबाज़ार-भाटापारा । राजधानी रायपुर में 23, 24 एवं 25 जनवरी को रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक–सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करते हुए, देश की विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों, चिंतकों, कलाकारों एवं पाठकों को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का आयोजन किया जा रहा है। पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर में आयोजित इस त्रि-दिवसीय उत्सव का केंद्रीय विचार — “आदि से अनादि तक” है।उत्सव के प्रमुख आकर्षण में नवीन प्रतिभाओं को मंच देने में उद्देश्य से प्रतिभा मंच भी रखा गया है जिसमें प्रतिभाओं को लाइव प्रस्तुति का सुनहरा अवसर मिलेगा।गायन ,कविता ,कहानी ,शायरी ,रैप,नृत्य ,बीट बॉक्सिंग एवं अन्य सजीव प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी।ज़िले में युवा QR कोड के माध्यम से अपना पंजीयन करवा सकते हैं।इसके अलावा साहित्य उत्सव की आधिकारिक वेबसाइट में भी जाकर पंजीयन करवाया जा सकता है।इसके अलावा अन्य आकर्षण होंगे साहित्य बाज़ार जहाँ पुस्तक प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था के अलावा लेखकों से संवाद भी होगा। इस अवसर पर चित्रकला प्रदर्शनी एवं कार्यशाला भी रखी गई है जहाँ युवा कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शनी लाइव पेंटिंग सेशन आयोजित किए जाएँगे ।इसके अलावा सोशल मीडिया के लिए रील और सेल्फी स्पॉट भी बनाये जा रहे हैं ।परिचर्चा सत्र एवं लेखन कार्यशालओं में साहित्य, लेखन एवं रचनात्मक करियर पर संवाद होगा,लेखन कार्यशालओं में युवाओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकनृत्य ,संगीत ,रंगमंच प्रस्तुतियाँ होंगी।
- -योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन एवं गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश-जिले के प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ली अधिकारियों की समीक्षा बैठकबलौदाबाजार / स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को जिला पंचायत सभाक़क्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन एवं विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये।बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता उपस्थित थे।प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हमारी सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाने प्रतिबद्ध है इसके लिये जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। सभी अधिकारी इस नीति को धरातल पर उतारने अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन या लोगों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी एवं सीएमएचओ स्कूल व अस्पतालों का नियमित दौरा कर निरीक्षण करें और कमियों को दुरुस्त करें। शासन स्तर पर कोई मांग हो तो तत्काल प्रस्ताव भेजें, मंजूरी देने में कोई विलम्ब नहीं होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों में विकास कार्य निर्धारित कर प्रस्ताव तैयार करने कहा। इसीतरह नगरीय निकायों में सडक, पानी, बिजली, नाली, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये।प्रभारी मंत्री ने नई योजना वी बी- ज़ी राम ज़ी के बारे में जानकारी दी की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत संकल्प को साकार करने के लिये यह योजना मिल का पत्थर साबित होग़ा। इस योजना के तहत अब ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को 125 दिन रोजगार मिलेगा और भुगतान सप्ताह भर में हो जाएगा। योजना के तहत अधोसंरचना सम्बन्धी कार्य भी ग्रामीण क्षेत्रों में हो सकेंगे, तकनीक का भी उपयोग होग़ा ताकी कम समय पर पारदर्शी कार्य सुनिश्चित होगा। उन्होंने धान खरीदी की समीक्षा करते हुए उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव में तेजी लाने तथा खरीदी लिमिट बढ़ाने तथा छूटे हुए किसानों का रकबा संशोधन करने के निर्देश दिये।उन्होंने कहा कि सभी वास्तविक किसानों का एक- एक दाना धान खरीदी की जाएगी।उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करते हुय्र प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किश्त जारी होने के बाद भी निर्माण प्रारम्भ नहीं होने पर नारजगी जहिर करते हुए जनपद सीईओ को आगामी एक माह में निर्माण प्रारम्भ करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत टीबी मरीजों एवं सिकल सेल मरीजों का शत प्रतिशत स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिये। शासकीय अस्पताल से अनावश्यक रूप से मरीजों को निजी अस्पतालों में रिफर न करने के भी निर्देश दिये।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राजस्व के कार्यों में पारदर्शिता लाने सरकार तकनिक के उपयोग को बढ़ावा डे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व सम्बन्धी छोटे छोटे कामों के लिये लोगों को परेशानी न हो। आरआई और पटवारी फिल्ड में संवेदनशीलता के साथ काम करें, किसी प्रकार की शिकायत आने पर कड़ी कार्यवाही की जय्र्गी।बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, अशोक जैन, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, कुसुम लता पैकरा, सविता अनंत, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रशिक्षण में 25 ग्रामीण श्रमिक हुए दक्ष, स्वरोजगार की दिशा में मिला आधारबलौदाबाजार / प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत मनरेगा के चिन्हित श्रमिकों के लिए 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण जनपद पंचायत पलारी के ग्राम पंचायत गबौद म में 59 श्रमिकों के लिए आयोजित किया गया, जिन्होंने विगत वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत न्यूनतम 60 दिवस का कार्य पूर्ण किया था। प्रशिक्षण की अवधि 1 दिसंबर से 30 दिसंबर 2025 तक निर्धारित रही।प्रशिक्षण के लिए इच्छुक एवं पात्र परिवारों का चयन जनपद पंचायत पलारी सीईओ पन्नालाल धु्रर्वे के मार्गदर्शन में काउंसलिंग के माध्यम से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राजमिस्त्री कार्य का व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।30 दिवसीय प्रशिक्षण में राजमिस्त्री कौशल के साथ-साथ प्रतिभागियों को बैंकिंग प्रक्रियाएं, ऋण व्यवस्था, सफल उद्यमिता, समय प्रबंधन, बिजनेस प्लान तैयार करना तथा स्वरोजगार के अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, ताकि वे प्रशिक्षण उपरांत आत्मनिर्भर बन सकें।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्हें आवश्यक राजमिस्त्री उपकरण किट भी प्रदान की गई है। उन्नति 2.0 के तहत शुरू किया गया यह कौशल विकास के तहत विकासखण्ड पलारी के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया गया।
- बलौदाबाज़ार, / स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल बुधवार को जिले के एक दिवसीय प्रवास पर थे ।इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया ।उन्होंने जिला अस्पताल स्थित इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वॉलिटी एश्योरेंस कार्यक्रम (NQAS) के अंतर्गत क्वॉलिटी सर्टिफिकेट मिलने पर बधाई दी।श्री जायसवाल ने जिला अस्पताल स्थित डायलिसिस सेंटर ,मातृ शिशु अस्पताल ,फिजियोथेरेपी सेंटर का निरीक्षण किया।साथ ही मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल -चाल जाना।उन्होंने संस्थागत प्रसव में हुई बढ़ोतरी के लिए जिले में हो रहे काम की सराहना की और 50 बिस्तर मातृशिशु अस्पताल में बेड्स की संख्या बढ़ाने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने मुरुम तालाब के पास एक इंटीग्रेटेड यूनिट के निर्माण की बात भी कही जिसमे योग,नेचुरोपैथी और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से इलाज की व्यवस्था ,सियान क्लिनिक इत्यादि की सुविधा होगी।स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में यहाँ प्रतिमाह 450 से अधिक प्रसव हो रहे हैं ।जिनमें से 200 सिजेरियन प्रसव हैं। इसके अलावा यहाँ प्रतिमाह 300 डायलेसिस हो रहे हैं।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी, सीएमएचओ डॉ राजेश कुमार अवस्थी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- बलौदाबाजार /सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के द्वारा 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक बाबू पंढरी राव कृदत्त इंडोर स्टेडियम आमातालाब जिला-धमतरी (छ.ग.) में शारीरिक दक्षता एवं अन्य प्रकिया का आयोजन किया जाएगा। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ऐसे आवेदक जिन्होने मई-जून 2025 में ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में भाग लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की है वे आवेदक इस भर्ती रैली में शारीरिक दक्षता सहित और अन्य भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकेगें। जिले के आवेदको के लिए 15 जनवरी, 20 जनवरी एवं 21 जनवरी 2026 को आयोजित की जा रही है। रैली में भाग लेने वाले अभ्यार्थियों को प्रवेश पत्र वेबसाईट-www.joinindianarmy.nic.in और उनकी ईमेल में भेजा गया है।भर्ती में भाग लेने वाले सभी उम्मीदवार एडमिट कार्ड, आधार कार्ड जो मोबाईल से लिंक है तथा वे समस्त दस्तावेज जो रैली. अधिसूचना में उल्लेखित है के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थान पर समय पूर्व उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगें। साथ ही विशेष जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय, नवा रायपुर के दूरभाष नम्बर 0771-2965212 एवं 2965214 पर सम्पर्क कर सकते है।
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भिलाई । छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और खनन प्रभावित क्षेत्रों में बाल कुपोषण के विरुद्ध जंग को और अधिक सशक्त करते हुए, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की महत्वाकांक्षी सीएसआर पहल ‘गिफ्टमिल्क कार्यक्रम’ के तृतीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया गया। 6 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कॉन्क्लेव’ के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने इस विस्तार योजना की घोषणा की।
पोषण सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन (एनएफएन) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य विषय "पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका" था। कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत, बीएसपी की लौह अयस्क खदानों के बफर जोन में स्थित सरकारी स्कूलों के लगभग 4,000 अतिरिक्त बच्चों को विटामिन-ए और डी से युक्त फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाएगा। यह दूध एनडीडीबी द्वारा प्रबंधित छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के माध्यम से वितरित किया जाएगा, जिससे स्थानीय सहकारी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।मंच पर बच्चों के साथ हुई सुखद शुरुआत शुभारंभ समारोह के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्य अतिथि और उपस्थित केंद्रीय मंत्रियों ने रावघाट खदान क्षेत्र से आए 21 स्कूली बच्चों को मंच पर स्वयं ‘गिफ्टमिल्क’ के पैकेट वितरित किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ (ललन सिंह), सुश्री अन्नपूर्णा देवी और श्री कृष्ण पाल गुर्जर सहित भारत सरकार के कई वरिष्ठ सचिव और एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह उपस्थित रहे। सेल की ओर से निदेशक (वित्त) श्री अशोक कुमार पंडा और कार्यपालक निदेशक श्री राजीव पांडेय ने संगठन का प्रतिनिधित्व किया। हजारों बच्चों के भविष्य को संवार रही है योजना गिफ्टमिल्क कार्यक्रम का मूल उद्देश्य खदान क्षेत्रों में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करना, विद्यालय में उनकी उपस्थिति बढ़ाना और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाना है। वर्तमान में यह योजना 102 शासकीय विद्यालयों में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बालोद जिलों के लगभग 3,250 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इस नए चरण के जुड़ने से लाभान्वित होने वाले बच्चों की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।सहयोग और संकल्प का परिणाम उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम की नींव 18 अप्रैल, 2023 को रखी गई थी और जून 2024 में सेल-बीएसपी एवं एनएफएन के बीच औपचारिक समझौता हुआ था। इसके तहत प्रत्येक स्कूली बच्चे को प्रतिदिन 200 मिलीलीटर पाश्चुरीकृत पौष्टिक दूध प्रदान किया जाता है। भिलाई इस्पात संयंत्र का यह प्रयास न केवल एक कॉर्पोरेट जिम्मेदारी है, बल्कि छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बैठे बच्चों के सुनहरे और स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम है।







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