- Home
- छत्तीसगढ़
- बालोद।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा बालोद जिले के सभी धर्म, वर्ग एवं सम्प्रदाय के लोगों से बुधवार 26 अगस्त को ईद मिलाद-उन-नबी एवं शुक्रवार 04 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को आपसी भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द्र के साथ मनाने की अपील की गई। बैठक में इस दौरान शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उपायों के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री लकरा ने सभी समाज प्रमुखों से आपसी भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द्र के साथ इन दोनों पर्वों के आयोजन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, पुलिस एवं राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी एवं समाज प्रमुखगण उपस्थित थे।
- रायपुर - रायपुर जिला प्रशासन द्वारा राजधानी शहर रायपुर में नगर पालिक निगम के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रखे गए स्नेह की डोर विष्णु भैया मोर आयोजन में राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला को राखी बांधी. आयोजन में दीदियों ने अर्ध सैनिक बलों के जवानों को राखी बाँधी. आयोजन में रायपुर जिला प्रभारी मन्त्री, वन, जलवायु परिवर्तन, सहकारिता मन्त्री श्री केदार कश्यप, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ रामप्रताप सिंह, रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह, रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन सहित अनेक विशिष्टजन, महिलाएं, गणमान्यजन, सामाजिक कार्यकर्त्तागण, नवयुवक, आमजन की बड़ी संख्या में गरिमामयी आयोजन में उपस्थिति रही.
- - बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीआरपीएफ, आर्मी व पुलिस के जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर किया गया सम्मानितरायपुर। भाई- बहन के स्नेह और राष्ट्र रक्षा के संकल्प का संगम बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में देखने को मिला। यहां मंगलवार को आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने भी अपनी सहभागिता निभाई और केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों को राखी बांधी और मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया।महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि अपने सभी सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने अपने भाइयों के साथ देश की रक्षा करने वाले जवानों के हाथों में आज राखियां बांधी। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से यह बेहतरीन आयोजन किया गया था। जिसमें हमें भी सहभागिता निभाने का अवसर मिला। इस अवसर पर महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, आस्था काले, अपर्णा देशमुख, चित्रा बल्की, साधना बहिरट, प्रियंका राजपूत, प्रीति रणदिवे, अंजलि काले, अर्चना जतकर, लक्ष्मी जिल्हारे, मनीषा वरवंडकर, शुभांगी आप्टे, शालिनी जोशी, श्यामल जोशी मीना विभुते के साथ मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह की वार्डन रमा नहरगढ़कर, कमलेश्वरी साहू और महालक्ष्मी साहू सहित अन्य बहनें उपस्थित रहीं।विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने भी जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के विद्यालय में संस्कृति से परिचय कराने के लिए हुई ओणम से जुड़ी नाट्य प्रस्तुतिरायपुर। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में ओणम पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। उत्सव का आयोजन हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान और आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया। उत्सव का संचालन 12वीं की छात्रा हिमांशी लोधा ने किया। ओणम के महत्व और उसके पीछे की पौराणिक कथा को विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया।नाटक में बताया गया कि राजा बली एक न्यायप्रिय, उदार और प्रजा-प्रिय राजा थे। उनके राज्य में सभी लोग सुखी और समान थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखकर देवताओं को चिंता हुई। तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा महाबली से तीन पग भूमि मांगी। महाबली ने अपनी उदारता दिखाते हुए उनकी इच्छा स्वीकार कर ली। वामन देव ने विराट रूप धारण कर पहले पग में पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत कर दिया। उनकी भक्ति, त्याग और उदारता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे हर वर्ष अपनी प्रजा से मिलने के लिए पृथ्वी पर लौट सकेंगे। इसी खुशी में केरल के लोग ओणम का पर्व मनाते हैं।इस नाट्य प्रस्तुति में कैरवी 12वीं-सी, ओजस सेन 12वीं-बी, वेदांत साहू और गीतेश 10वीं, दुष्यंत रेगे और शुभम साहू 9वीं, ऋत्विक अग्रवाल और समर्थ नाथवानी 8वीं ने प्रस्तुति दी। नाट्य प्रस्तुति के बाद विद्यार्थियों ने पारंपरिक और मनमोहक ओणम नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य में पावना लस्या छठवीं, अरिधि जैन और लावण्या आठवीं और 10वीं की इशिका ने अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने ओणम की पौराणिक कथा के साथ- साथ प्रेम, समानता, त्याग, विनम्रता और एकता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की विविधता को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय में आयोजित यह ओणम उत्सव ज्ञान, संस्कृति और मनोरंजन का सुंदर संगम रहा। सभी के लिए यह एक यादगार अनुभव बन गया।
- -गाँव-गाँव में प्रधानमंत्री आवास बनकर तैयार हो गए हैंरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना में की गई लापरवाही को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कड़ा प्रहार किया है। श्री ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास नहीं बना पाने के कारण बघेल को छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगनी चाहिए। जिस प्रकार मुख्यमंत्री रहते हुए बघेल ने छत्तीसगढ़ की जनता को प्रधानमंत्री आवास से वंचित रखा, उसके कारण प्रधानमंत्री आवास के अनेक हितग्रहियों को उनके हक का पक्का घर नहीं मिल पाया।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि इसका प्रमाण स्वयं कांग्रेस सरकार में ही मिल गया था, जब उनके कार्यकाल में तत्कालीन पंचायत मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि 'मैं प्रधानमंत्री आवास नहीं बना पा रहा हूँ, गरीबों के साथ न्याय नहीं कर पा रहा हूँ।' यह कांग्रेस सरकार की गरीब-विरोधी मानसिकता का सबसे बड़ा प्रमाण है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि आज जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, तब गाँव-गाँव में गरीब परिवारों के प्रधानमंत्री आवास बनने लगे हैं और बनकर तैयार हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीबों को पक्का मकान दे रही है, तो कांग्रेसियों के पेट में दर्द हो रहा है कि गरीब परिवार का आवास पक्का और छत वाला कैसे बन गया? कांग्रेस ने हमेशा गरीबों के हक पर डाका डाला है, जबकि भाजपा सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर गरीब कल्याण के लिए काम कर रही है।
- -हाई स्कूल आमासीवनी का किया गया निरीक्षणरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार मिशन उत्कर्ष 2.0 अंतर्गत नायब तहसीलदार सुश्री ज्योति सिंह द्वारा हाई स्कूल आमासीवनी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षक उपस्थित पाए गए। निरीक्षण में पाया गया कि शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से बच्चों को गृह कार्य प्रदान किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश बच्चे गृह कार्य कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। नायब तहसीलदार द्वारा कक्षा 9वीं एवं 10वीं के बच्चों से संवाद किया गया। बच्चों में पढ़ाई को लेकर उत्साह देखा गया। बच्चों को पढ़ाई एवं कैरियर को लेकर मार्गदर्शन भी दिया गया।
- -लोकल मासिक पास भी हुआ पूरी तरह ऑनलाइन, टोल प्लाजा जाने की जरूरत नहीं-20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र स्थानीय नागरिक घर बैठे ले सकेंगे डिजिटल लोकल पास-डिजिटल सुविधा शुरू करने वाला प्रदेश का पहला टोल प्लाजा बना केसलारायपुर । राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। बिलासपुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर स्थित केसला टोल प्लाजा प्रदेश का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बन गया है, जहां टोल भुगतान की डिजिटल व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए लोकल मासिक पास की सुविधा भी पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा देशभर के चयनित टोल प्लाजा पर शुरू की गई फास्टैग डिजिटल लोकल पास सुविधा के तहत छत्तीसगढ़ में केसला टोल प्लाजा को इस नई व्यवस्था से जोड़ा गया है। अब स्थानीय यात्रियों को मासिक पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा पर व्यक्तिगत रूप से जाने अथवा भौतिक दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पात्र नागरिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ‘राजमार्ग यात्रा’ (Rajmargyatra) एप या एनएचएआई के आधिकारिक वेब पोर्टल के जरिए घर बैठे डिजिटल लोकल पास के लिए आवेदन कर सकेंगे।डिजिटल लोकल पास योजना के तहत संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में निवास करने वाले पात्र स्थानीय नागरिक ऑनलाइन माध्यम से मासिक लोकल पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र उपयोगकर्ताओं को संबंधित टोल प्लाजा से मासिक आधार पर यात्राओं की सुविधा मिलेगी।नेशनल हाइवे यूजर फीस नियमों के तहत गैर-व्यावसायिक (नॉन-कमर्शियल) वाहनों के लिए मासिक लोकल पास का शुल्क 350 रुपए निर्धारित किया गया है। टोल प्लाजा से सुगम और बिना किसी बाधा के आवाजाही के लिए यह पास अनिवार्य होगा, जिससे पात्र स्थानीय यात्री आसानी से टोल पार कर सकेंगे।डिजिटल लोकल पास व्यवस्था को डिजीलॉकर, वाहन संबंधी सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म और लिंक किए गए फास्टैग जैसी प्रणालियों के साथ सहमति-आधारित डिजिटल एकीकरण से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से आवेदक के आवासीय पते, वाहन विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियों का डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा।पात्रता का निर्धारण भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित तकनीक से भी किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदक का पंजीकृत पता संबंधित टोल प्लाजा के निर्धारित 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित है या नहीं। इस व्यवस्था से हस्तचालित दस्तावेजीकरण और भौतिक सत्यापन की आवश्यकता समाप्त होगी तथा पात्रता निर्धारण में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और सटीकता सुनिश्चित होगी।केसला टोल प्लाजा से शुरू हुई यह डिजिटल पहल प्रदेश में टोल सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के अन्य टोल प्लाजा पर भी इस ऑनलाइन सुविधा का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। एनएचएआई द्वारा डिजिटल तकनीक के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को बेहतर और जन-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोकल डिजिटल पास तथा संबंधित टोल प्लाजा की जानकारी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता राजमार्ग यात्रा के आधिकारिक पोर्टलhttps://rajmargyatra.nhai.gov.inपर जा सकते हैं।
- -कलाकारों को मंच और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता- राजेश अग्रवालरायपुर। संस्कृति विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन ‘पावस प्रसंग 2026’ का अंतिम दिन सुर, लय, ताल और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों से सजा रहा। कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों और दर्शकों की अपार भीड़ के बीच आयोजन का भव्य समापन हुआ। मुक्ताकाशी मंच का पूरा वातावरण शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों से सराबोर रहा तथा दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। समापन समारोह में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा पावस ऋतु के उत्साह और हर्षोल्लास के साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आयोजन में शास्त्रीय संगीत, गायन और विभिन्न नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और कला की समृद्ध परंपरा को सामने लाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के कलाकारों और नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कलाकारों के हितों के संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। कलाकारों के प्रोत्साहन और उनके कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मुख्यमंत्री कलाकार प्रोत्साहन योजना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने ‘पावस प्रसंग’ में अपनी कला-साधना से वर्षा ऋतु के सौंदर्य को साकार करने वाले सभी कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी साधना और प्रतिभा के बल पर देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।मंत्री श्री अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए कला प्रेमी दर्शकों, मीडियाकर्मियों और पत्रकारों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने आयोजन के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने संस्कृति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।पावस प्रसंग के अंतिम दिन विभिन्न नृत्य शैलियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विनीता त्रिपाठी ने कथक नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इसके बाद श्री कृष्ण कुमार पंडित एवं सुश्री अशिका सिंघल ने कथक की मनोहारी प्रस्तुति से मुक्ताकाशी मंच पर समां बांध दिया। वहीं आर्या नदें ने ओडिसी नृत्य और सुश्री ज्योतिषी वैष्णव ने कथक नृत्य की भावपूर्ण एवं प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।कलाकारों की पदचाप, भाव-भंगिमाओं, ताल और लय के अद्भुत समन्वय ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। प्रस्तुतियों के दौरान मुक्ताकाशी मंच पर मौजूद दर्शक कला की बारीकियों में डूबे नजर आए और प्रत्येक प्रस्तुति के बाद जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।समापन समारोह में अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्य क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख श्री जी. नागेन्द्र, पूर्व मुख्य सचिव श्री एस.के. मिश्रा, पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंद्रा मिश्रा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग श्री प्रभात मिश्रा, , अध्यक्ष छत्तीसगढ़ फिल्म बोर्ड सुश्री मोना सेन, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व डॉ. संजय कनौजे, उपसंचालक संस्कृति श्री उमेश मिश्रा, पद्मश्री श्रीमती ऊषा बारले, श्रीमती प्रसना अवस्थी, सदस्य फिल्म बोर्ड, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार श्री दीपेंद्र दीवान, श्रीमती आरती सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार श्री चितरंजन कर, साहित्यकार श्री राजेश गानोदवाले एवं श्री राम पटवा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।‘पावस प्रसंग 2026’ के अंतिम दिन कला, संस्कृति, संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। पावस ऋतु की भावनाओं और सौंदर्य को कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। दर्शकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और अपार भीड़ के बीच चार दिवसीय इस सांस्कृतिक आयोजन का भव्य एवं गरिमामय समापन हुआ।
- रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए संचालक भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2011 बैच के अधिकारी श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने मंगलवार को इंद्रावती भवन में अपना पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वे कांकेर जिले के कलेक्टर के रूप में कार्य कर रहे थे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा और अपर संचालक (वित्त) श्री यूनूस खान सहित नगरीय प्रशासन विभाग तथा सूडा के अधिकारी भी उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान मौजूद थे।नगरीय प्रशासन विभाग के नए संचालक श्री क्षीरसागर ने पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों का परिचय प्राप्त कर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों की तेज प्रगति, नगरीय निकायों के समग्र विकास तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।श्री क्षीरसागर ने अधिकारियों से कहा कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा विभाग है। जन सुविधाएं और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों और नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया।
- रायपुर । विकास और आधुनिकता के बीच अपनी माटी, अपने लोगों और अपनी संस्कृति से जुड़ाव ही छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी खूबसूरती है। इसी सहजता और अपनत्व की एक भावुक झलक आज नवा रायपुर के सेक्टर-22 स्थित चंदूलाल चंद्राकर चौक के पास देखने को मिली।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को अम्मा के रसोई में जमीन पर बैठकर अपनों के साथ बिल्कुल घर जैसा देसी खाना खाया। न कोई औपचारिकता, न कोई बनावटीपन... बस अपनों के बीच हँसी-ठिठोली, आत्मीय बातचीत और सादगी से भरा माहौल।देसी व्यंजनों का स्वाद लेते हुए मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि ऐसी छोटी-छोटी जगहों पर जमीन पर बैठकर, हाथ से चटखारे लेते हुए खाना और अपनों के साथ खुशियां बाँटना ही हमारी संस्कृति की असली पहचान है।यह दृश्य सिर्फ भोजन का आनंद लेने का नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश भी देता है। आधुनिक नवा रायपुर के बीच जमीन पर बैठकर देसी भोजन का स्वाद लेते श्री चौधरी का यह सहज अंदाज बताता है कि विकास की ऊंचाइयों के साथ अपनी माटी और अपनेपन को संजोकर रखना भी उतना ही जरूरी है। माटी की खुशबू, देशी स्वाद, अपनों का साथ और दिल से निकली हँसी—यही तो छत्तीसगढ़ की असली पहचान है। इस दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं अधोसंरचना विकास के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव भी उपस्थित रहे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव व विजय शर्मा को सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर उसके माध्यम से अपशब्द कहने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर भाजयुमो रायपुर शहर जिला इकाई द्वारा सिविल लाइन थाना रायपुर में ज्ञापन सौंपा गया है। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री अमित मैशेरी शाह एवं भाजयुमो जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का सबको समान अधिकार है, पर विरोध जब मर्यादा को पार कर अभद्रता का रूप ले ले तो उसे विरोध नही कहा जाता। इसके विरुद्ध कड़ी-से-कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने भाजयुमो प्रदेशमंत्री विशाल पांडेय, प्रदेश मीडिया प्रभारी वासु शर्मा, जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी, जिला महामंत्री राज गायकवाड़, भाजपा पुरानी बस्ती मंडल अध्यक्ष केदार धनगर, जिला उपाध्यक्ष विशाल शुक्ला, जिलामंत्री श्लोक शर्मा, कार्यालय प्रभारी शुभ्रतो हलदर, अमितेश नामदेव, मंडल अध्यक्ष मुकेश यदु, विकास गुप्ता, महामंत्री आयुष धनगर, देव यादव, आर्यान्श, मनीष खरे, राज सेन, मोहक सोनी समेत बड़ी संख्या में युवा मोर्चा रायपुर शहर जिला के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
-
कृषि विभाग की समीक्षा बैठक
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने ली समीक्षा बैठक
दलहन-तिलहन रकबा 33 प्रतिशत बढ़ाने और शत-प्रतिशत केसीसी कार्ड बनाने पर जोर
रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभाकक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन की अध्यक्षता में कृषि विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और लक्ष्यों को समयसीमा में पूरा करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री बिश्वरंजन ने पीएम किसान योजना के क्रियान्वयन को लेकर विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के हितग्राहियों का फार्मर रजिस्ट्रेशन (फार्मर आईडी) तथा अन्य संदिग्ध प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया और सत्यापन कार्य को आगामी 2 सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, कृषकों के आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को शत-प्रतिशत पात्र कृषकों का किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने की हिदायत दी गई। आगामी रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीईओ ने निर्देश दिया कि इस वर्ष दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबे में गत वर्ष की तुलना में कम से कम 33 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित की जाए। साथ ही, निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बीज उत्पादन कार्यक्रम को पूर्ण करने और कृषि विभाग की अन्य सभी विभागीय योजनाओं में शत-प्रतिशत भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य हासिल करने पर विशेष बल दिया गया।
समीक्षा बैठक में उप संचालक कृषि श्री सतीश अवस्थी, प्रक्रिया प्रभारी तथा रायपुर जिले के चारों विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
-
- -12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरणरायपुर/ प्रदेश में खेती किसानी का कार्य जोरों पर है। राज्य में 25 अगस्त की स्थिति में राज्य के 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 97 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। खेती का प्रारंभिक कार्य लगभग अंतिम चरण में है। राज्य में अब तक 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 97 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 16.67 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 72 प्रतिशत है।इसी प्रकार खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.58 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 93 प्रतिशत है। अधिकारियों ने बताया कि 25 अगस्त सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 839.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा जिलों की आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 810.2 मिमी. से 29.2 मिली मीटर अधिक है। गत वर्ष इसी अवधि में 821.0 मिली मी. वर्षा दर्ज की गई थी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 24 अगस्त की स्थिति में 7778.76 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 6449.95 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
- -62 किसान हुए लाभान्वित, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिलरायपुर । आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएसएम), रायपुर द्वारा किसानों के बीच घरेलू पोषण सुरक्षा, आहार विविधता और सुरक्षित खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "पोषण वाटिका" पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बरोंदा, मुर्रा, बेलटुकरी, देवगांव, कुर्रा और कथुरड गांवों के 62 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने किया। उन्होंने पोषण वाटिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घर पर ताजी, पौष्टिक और रसायन मुक्त सब्जियों व फलों की उपलब्धता परिवार की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के पास पर्याप्त भूमि नहीं है, वे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण वाटिका विकसित कर सकते हैं, जिससे समुदाय स्तर पर कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। संयुक्त निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों को स्थानीय जलवायु के अनुसार पोषण वाटिका प्रबंधन के व्यावहारिक सुझाव दिए । बारिश कम होने पर सही आकार के गड्ढे बनाकर, उनमें गोबर की सड़ी खाद मिलाकर फलदार पौधे लगाएं। जलभराव से बचाव के लिए उचित जल निकासी का प्रबंध करें और अधिक नमी वाले क्षेत्रों में सब्जियों के लिए ऊंची उठी हुई (रेज़्ड) क्यारियां तैयार करें। अनावश्यक रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से बचकर पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल जैविक उपायों को अपनाएं।कार्यक्रम के अंत में किसानों को पोषण वाटिका स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्नत किस्म के अमरूद और नींबू के पौधों के साथ-साथ 18 प्रकार की सब्जियों (पालक, धनिया, मेथी, भिंडी, लौकी, तोरी, मूली आदि) के बीज निशुल्क वितरित किए गए। इस अवसर पर स्थानीय सरपंच श्रीमती कंचन गायकवाड़ एवं श्री संतोष कुर्रे विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वय प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के. सी. शर्मा द्वारा किया गया।
- -31वीं किस्त से बढ़ा रक्षाबंधन का उत्साह, ममता राजवाड़े ने कहा—विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए बना सहारारायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों के लिए त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “विष्णु भैया” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।” ममता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।
- -महतारी वंदन की 31वीं किस्त से सरिता राजवाड़े के परिवार में आई रक्षाबंधन की खुशियां-राखी, मिठाई और भाई के लिए उपहार के साथ परिवार की जरूरतें पूरी करने में भी मिल रहा आर्थिक संबलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक संबल का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ पर्व-त्योहारों की खुशियां भी आत्मविश्वास के साथ मना रही हैं। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झुमरपारा की निवासी सरिता राजवाड़े के परिवार में भी खुशियों का माहौल है।सरिता राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलने से उन्हें काफी खुशी हुई है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले आर्थिक सहायता मिलने से अब वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीद सकेंगी। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के पर्व को पूरे उत्साह से मनाने का अवसर भी लेकर आई है।उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती है। महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से इस बार वे भी अपने भाई के लिए पसंद की राखी और मिठाई खरीदने के साथ उन्हें उपहार दे सकेंगी। इससे त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।सरिता ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है। घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की जरूरतों और आजीविका से जुड़े खर्चों में इस राशि का उपयोग किया जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता से परिवार के छोटे-बड़े खर्चों को व्यवस्थित करने में सहूलियत मिलती है और अचानक सामने आने वाली जरूरतों के लिए भी आर्थिक सहारा मिलता है।उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथ में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से वे अपनी और परिवार की जरूरतों के अनुसार राशि का बेहतर उपयोग कर पा रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिलने वाली राशि से जहां वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदेंगी, वहीं परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी यह आर्थिक सहायता उपयोगी होगी।सरिता राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले मिली यह राशि उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “राखी के इस पावन पर्व पर विष्णु भैया ने बहनों को आर्थिक संबल देकर खुशियों का उपहार दिया है। महतारी वंदन योजना से बहनों का आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी सहारा मिल रहा है।”
- -आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार-शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया गया- पंचायत सचिव निलंबित-126 पशुओं को गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचायारायपुर /बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दिलीप राय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।पुलिस के अनुसार, हेमाबंद निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और संजय राय (35 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 25 अगस्त को पूर्ण कर ली गई है। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच की जा रही है।मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्री प्रकाश कोशले, सचिव ग्राम पंचायत हेमाबंद को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे अथवा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- -मांग आधारित आवासीय परियोजनाओं से हितग्राहियों को मिलेगा लाभ-मंत्री श्री चौधरी ने सेक्टर-12 फेस-2 में 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का किया भूमिपूजन-मांग के अनुरूप 704 नए फ्लैट का भी शीघ्र होगा निर्माण, गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश-‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मंत्री श्री चौधरी ने लगाया पीपल का पौधारायपुर / आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा।मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय कर्ज से जूझ रहे मंडल को लगभग 700 करोड़ रुपए का ऋण चुकाकर कर्जमुक्त किया गया। इसके बाद मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए यह नीति निर्धारित की गई कि बिना मांग के किसी स्थान पर आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने अथवा प्रथम तीन माह में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे मांग आधारित और व्यावहारिक आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा बिना मांग के निर्मित होकर लंबे समय तक खाली रहने वाले भवनों की समस्या से भी निजात मिलेगी।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत करनी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर कार्य करने के बजाय आवश्यकतानुसार उससे बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। भवनों में गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, फिटिंग्स और आकर्षक एवं आधुनिक रंगों का उपयोग किया जाए, ताकि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां सरकारी परियोजनाओं की पारंपरिक छवि से अलग दिखाई दें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में सुधार के लिए यदि परियोजना की लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि भी होती है, तो इसे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं में गुणवत्ता का नया मानदंड स्थापित किया जाना चाहिए।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने और कॉलोनियों का समय पर हैंडओवर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ रहवासियों की भी है। दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उन्होंने सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। साथ ही नए हितग्राहियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी में सहयोग करने और किसी भी कमी की जानकारी मंडल के अध्यक्ष, आयुक्त अथवा संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर के लगभग एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है। उन्होंने नवा रायपुर में तेजी से विकसित हो रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, श्री श्री रविशंकर जी का केंद्र, ब्रह्मकुमारी परिसर, एआई डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी नवा रायपुर के विकास को नई गति दे रही हैं। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार हो रहा है। सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। आने वाले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही अनेक परियोजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने सेक्टर-12 फेस-2 के नए हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने नवा रायपुर में आवास लेने का सही निर्णय किया है। उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न हो और हितग्राहियों को बेहतर सुविधाओं के साथ समय पर आवास उपलब्ध कराए जाएं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने मंडल की वर्तमान कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा मांग आधारित परियोजनाओं, बेहतर आवासीय सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में मंडल की गतिविधियों में तेजी आई है और नए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया है। मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 में शेष 29.20 एकड़ भूमि पर HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपए से 85.17 रुपए लाख तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए सेक्टर-12 फेस-2 में ही आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा। इनमें 128 HIG, 320 MIG एवं 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे। इन आवासों का बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख रुपए से 40.47 लाख रुपए तक प्रस्तावित है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। सेक्टर-12 फेस-2 की परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर हितग्राहियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में बढ़ती आवासीय मांग को ध्यान में रखते हुए मंडल भविष्य में भी मांग आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देगा। मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर अपनी प्रथम आवासीय कॉलोनी का शुभारंभ किया था। यहां 2665 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2014 में पूर्ण कर आबंटियों को सौंपा गया। इसी प्रकार वर्ष 2011 में सेक्टर-29 की 145 एकड़ भूमि पर द्वितीय आवासीय कॉलोनी प्रारंभ की गई, जहां 3012 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2015 में पूर्ण कर आबंटियों को प्रदान किया गया।आयुक्त श्री शरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सेक्टर-16, 30 एवं 34 की 43 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 से आवास निर्माण प्रारंभ किया गया। यहां कमजोर आय वर्ग के लिए 2312 EWS एवं 2232 LIG, कुल 4544 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है और हितग्राही निवासरत हैं। वहीं, सेक्टर-12 फेस-1 में 40.06 एकड़ भूमि पर वर्ष 2018 में आवासीय परियोजना प्रारंभ की गई थी। यहां HIG एवं MIG श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य पूर्ण कर आबंटियों को भवन सौंपे जा चुके हैं।कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित उपस्थित अतिथियों ने पीपल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर पौधों के संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में पौधरोपण और पौधों का संरक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, मंडल के अधिकारी-कर्मचारी, , सेक्टर-12 के रहवासी, नए हितग्राही तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -मंत्री राजेश अग्रवाल ने गिनाईं उपलब्धियां, 2028 तक नई पर्यटन पहचान का लक्ष्य-छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर लाने की तैयारी-चित्रकोट, सिरपुर से लेकर धार्मिक पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग तक व्यापक कार्ययोजनारायपुर / पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज अपने विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई। श्री अग्रवाल आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रूबरू हुए। प्रेस वार्ता में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।प्रेस वार्ता की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यटन से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों की समृद्ध विरासत प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदाओं को देश और दुनिया के सामने नई पहचान दिलाना है।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ है।श्री अग्रवाल ने बताया कि सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत आईआरसीटीसी के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का सफल संचालन किया जा चुका है। इनके माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन का वास्तविक लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से होमस्टे और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन व्यवसाय के औपचारिक पंजीकरण में भी वृद्धि हुई है। वर्तमान में लगभग 390 से अधिक टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत हैं। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।मंत्री ने बताया कि बस्तर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में से एक बताते हुए चित्रकोट को केवल जलप्रपात के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं सिरपुर के विस्तृत पर्यटन विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मैनपाट और जशपुर जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में भी पर्यटक सुविधाओं एवं अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा 145 करोड़ 99 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। रतनपुर महामाया मंदिर क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए भी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं।मंत्री ने बताया कि आज का पर्यटक अपनी यात्रा की शुरुआत मोबाइल फोन से करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल सूचना और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से लगभग ₹6 करोड़ 48 लाख तथा पर्यटन इकाइयों से लगभग ₹31 करोड़ 75 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान देश और दुनिया के सामने स्थापित करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 100 करोड़ के वित्तीय प्रावधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026 में सतत विकास, निजी निवेश, समुदाय आधारित पर्यटन और स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना है। इससे लगभग 500 करोड़ का निवेश आकर्षित होने तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 500 से 1,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।पर्यटन मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे ले जाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इको-एथनिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर भागीदारी, फिल्म एवं ओटीटी आधारित प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच तथा अंतरराष्ट्रीय इन्फ्लुएंसर फैम टूर जैसे प्रयास प्रस्तावित हैं।पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों और साहित्यकारों के कल्याण को प्रमुखता देते हुए “कलाकार कल्याण कोष चिकित्सा अनुदान” योजना के अंतर्गत पिछले ढाई वर्षों में 70 कलाकारों को लगभग 30 लाख 3 हजार की सहायता प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 20 कलाकारों को 15 लाख 30 हजार की सहायता दी जा चुकी है।इसी तरह “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना” के माध्यम से नृत्य, संगीत, लोकनाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी भाषा में लेखन तथा अन्य शिल्प एवं लोककलाओं से जुड़े कलाकारों और लेखकों को संरक्षण एवं आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 87 कलाकारों को लगभग 19 लाख 8 हजार की राशि प्रदान की गई है।संस्कृति मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए संचालित मासिक वित्तीय सहायता योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को ₹82 लाख 12 हजार की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई है। वर्तमान वर्ष में अब तक 121 वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।संस्कृति श्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूचीबद्ध 89 विशिष्ट मेला-मड़ई, उत्सव-महोत्सव एवं समारोहों का आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से पूरे वर्ष किया जा रहा है। एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय परंपराओं, तीज-त्योहार, यात्रा, मेला-मड़ई तथा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धार्मिक स्थलों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए “आदि पर्व” पंचांग तैयार किया जा रहा है।संस्कृति श्री अग्रवाल ने बताया कि बस्तर की लोकपरंपरा और जनजातीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के लिए पिछले दो वर्षों से ग्रामीण, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर “बस्तर पंडुम” का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार दलों, मांझी-चालकी प्रतिनिधियों तथा पद्मश्री विभूतियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से आत्मीय भेंट एवं सम्मान का अवसर मिला। संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि “पावस प्रसंग”, “रंगतरंग”, “रंगपरब” और “लोकरंग पर्व” जैसे आयोजनों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य-संगीत, लोकवाद्य, लोकनाट्य तथा पंडवानी, भरथरी, ददरिया, जसगीत, करमा, पंथी, बांसगीत और देवारगीत जैसी पारंपरिक लोकविधाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना है। संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विस्तृत “डिजिटल आर्काइव” तैयार किया जा रहा है। यह प्रदेश की सांस्कृतिक स्मृतियों, लोक परंपराओं और विरासत को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने की महत्वपूर्ण पहल है।संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही अशासकीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 363 निजी संस्थाओं को 854 सांस्कृतिक आयोजनों के लिए ₹7 करोड़ 85 लाख 3 हजार की आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए “छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021” में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। संशोधनों के साथ नवीन फिल्म नीति तैयार की जाएगी, जिससे प्रदेश के प्राकृतिक एवं खूबसूरत स्थलों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और पात्र फिल्मों को सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा।पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग की उपलब्धियों में सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की पहल प्रमुख है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और हिंदू स्थापत्य परंपराओं का अद्भुत सह-अस्तित्व है। सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा यूनेस्को के मानकों के अनुरूप नॉमिनेशन डोजियर तैयार कर भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया है। 63 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण पर कार्य पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 63 राज्य संरक्षित स्मारकों का संरक्षण किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 12 राज्य संरक्षित स्मारकों में संरक्षण, उन्नयन और पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए फेसलिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सरकार का दृष्टिकोण है कि धरोहर संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिले।संस्कृति मंत्री ने बताया कि महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर के उन्नयन के लिए नई “रियासत गैलरी” की स्थापना तथा वर्तमान गैलरियों के उन्नयन एवं विकास का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो तथा संध्याकालीन कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय नायकों के साथ छत्तीसगढ़ की मूर्त एवं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को केंद्र में रखकर स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है। संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ से संबंधित लगभग 12 लाख पृष्ठों का डिजिटलीकरण कर रायपुर लाया गया है। इन डिजिटल अभिलेखों को वेब अभिलेखागार पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कैटलॉग एवं मेटाडेटा तैयार किया जा रहा है।संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग द्वारा अब तक 11 पुरास्थलों का उत्खनन कराया जा चुका है। रायपुर जिले के आरंग तहसील में लखौली के पास रीवां के मृत्तिकागढ़ में हुए पुरातात्विक उत्खनन से लगभग 2750 साल पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण सामने आए हैं। उत्खनन में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से लेकर कलचुरी काल तक के अवशेष तथा विभिन्न राजवंशों के सोने, चांदी और तांबे के सिक्के मिले हैं।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन और संस्कृति का विकास केवल नए पर्यटन स्थलों और आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, कलाकारों के कल्याण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। उन्होने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक, सांस्कृतिक, इको-एथनिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हमारी सरकार दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ रही है।
- -रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि बनी बहनों के लिए शगुन, बलरामपुर की रानी, प्रमिला और करिश्मा के चेहरे पर आई मुस्कान-महतारी वंदन की 31वीं किस्त से बहनों को मिला आर्थिक संबल-राखी-मिठाई से लेकर घर की जरूरतें पूरी करने में मिल रही मददरायपुर / रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीय रिश्ते का पर्व है। इस पर्व पर भाई अपनी बहनों को स्नेह और उपहार देकर उनके जीवन में खुशियां भरते हैं। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए इसी अपनत्व और भरोसे का अहसास बन रही है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 31वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में पहुंची एक हजार रुपये की राशि ने इस बार त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है।बलरामपुर की वार्ड क्रमांक-01 निवासी श्रीमती रानी एक्का के लिए महतारी वंदन की राशि राखी से पहले मिले भाई के उपहार जैसी है। खाते में राशि पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए रानी कहती हैं कि रक्षाबंधन आने वाला है और ऐसे समय में एक हजार रुपये की राशि मिलना उनके लिए बहुत खुशी की बात है। उन्हें ऐसा महसूस होता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की बहनों को राखी का उपहार पहले ही भेज दिया है। उनके अनुसार यह राशि घर की जरूरतों में सहयोग देने के साथ छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनने का भरोसा भी देती है।विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पंचायत भनौरा की श्रीमती प्रमिला विश्वकर्मा के लिए भी महतारी वंदन की 31वीं किस्त रक्षाबंधन का खास शगुन बनकर आई है। योजना के तहत उन्हें हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है और अब तक 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिली नई किस्त से वह अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदकर पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाने की तैयारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आत्मीयता से ‘विष्णु भैया’ कहते हुए प्रमिला कहती हैं कि भैया ने रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को जो शगुन दिया है, वह उनके लिए बहुत खास है।इसी तरह ग्राम डुमरखी की श्रीमती करिश्मा देवी के लिए महतारी वंदन की राशि त्योहार की तैयारियों में आत्मविश्वास का संबल लेकर आई है। खाते में राशि पहुंचने से अब उन्हें भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। करिश्मा कहती हैं कि इस बार महतारी वंदन की राशि से रक्षाबंधन की तैयारी करना उन्हें और भी अच्छा लग रहा है। वह कहती हैं कि “विष्णु भैया का यही अरमान है कि हर बहन के चेहरे पर मुस्कान रहे।”रानी, प्रमिला और करिश्मा की कहानी केवल तीन परिवारों की खुशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव की तस्वीर है, जिसमें महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देकर उन्हें अपनी जरूरतों और खर्चों के संबंध में निर्णय लेने का अवसर दे रही है। घर की छोटी-बड़ी जरूरतों से लेकर त्योहारों की तैयारी तक, यह राशि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है।रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधेंगी। वहीं प्रदेश की बहनों के लिए महतारी वंदन योजना का नियमित आर्थिक संबल भी भरोसे और सम्मान का एक ऐसा धागा बन रहा है, जो उन्हें हर महीने यह एहसास दिलाता है कि विष्णु भैया की सरकार उनके साथ खड़ी है।इस रक्षाबंधन बहनों की कलाई पर राखी का धागा होगा, घर में मिठाई की मिठास होगी और खातों में महतारी वंदन का संबल। बहनों के चेहरे की मुस्कान में यही भाव झलक रहा है—“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार।”
- -240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति-रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी ई-बसें-नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने तैयारियों की समीक्षा की-शहरों की आवश्यकता के अनुरूप रूट प्लान, डिपो-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के दिए निर्देशरायपुर ।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया के साथ नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में ई-बस सेवा की संचालन व्यवस्था, विस्तार, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार नगर निगमों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके संचालन से इन चारों शहरों में स्वच्छ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के साथ नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के संचालन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ई-बस सेवा के रूट का निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी विकसित हो सके।उन्होंने ई-बसों के लिए शॉर्ट-टर्म एवं लॉन्ग-टर्म रूट प्लान तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से रूट का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित रूटों की फेजवार स्टडी करते हुए यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन करने को कहा। अधिक यात्री आवागमन वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप रूट विकसित करने तथा विस्तृत अध्ययन के आधार पर रूट को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने ई-बस सेवा से संबंधित जानकारियों को नागरिकों के लिए स्पष्ट और सहज बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को आसानी से यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि कितनी ई-बसें संचालित हो रही हैं, किन रूटों पर चल रही हैं तथा प्रत्येक रूट के स्टॉपेज कौन-कौन से हैं। उन्होंने इसके लिए रूट चार्ट एवं संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से तैयार एवं साझा करने के निर्देश दिए।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि योजना के सभी घटकों—रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप एवं कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने चारों शहरों में ई-बस के संचालन के लिए शहरवार जरूरत एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने तथा उसी आधार पर प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा की गई। साथ ही महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ए आवश्यक रूट एवं संचालन व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार किया गया।श्री बोरा ने ई-बसों के संचालन में समय-सीमा के साथ गुणवत्ता और व्यवहारिकता का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि, डिपो, चार्जिंग, रूट एवं संचालन से संबंधित संभावित बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की नियमित प्रगति पर नजर रखने को कहा। उन्होंने योजना की मॉनिटरिंग के उच्च स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने डिपो के निर्माण एवं विकास में भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता एवं उपलब्धता का आकलन करते हुए आवश्यक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को भी कहा।केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने बैठक में डिपो, चार्जिंग स्टेशन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए स्थान चयन तथा भूमि संबंधी विषयों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही डिपो, सिविल वर्क एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे, एवं अन्य विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियों तथा तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि ई-बस संचालन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार रहें।श्री भदौरिया ने ई-बस संचालन में आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत करने तथा बस संचालन की प्रभावी निगरानी के लिए तकनीक आधारित सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि बसों के संचालन, रूट, यात्री संख्या एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।बैठक में ई-बसों के संचालन के लिए मानव संसाधन एवं संचालन मॉडल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। श्री बोरा और श्री भदौरिया ने योजना के संचालन में तकनीक, मानव संसाधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल, सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) के प्रबंध संचालक श्री भीम सिंह कंवर, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा, कोरबा नगर निगम के आयुक्त श्री आशुतोष पांडे, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, एनएचएआई (NHAI) के उप महाप्रबंधक श्री नितिन कुमार गुप्ता और शहरी कार्य मंत्रालय, दिल्ली के एएसओ श्री हिमांशु जैन भी बैठक में मौजूद थे।
- -शहादत के सम्मान से जुड़ी स्नेह की डोर : माधुरी ने बांधी राखी, भावुक हुए ‘विष्णु भैया’-शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी माधुरी वर्मा ने बांधी राखी तो भावुक हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर / रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में आज राखी की एक ऐसी डोर बंधी, जिसमें भाई-बहन का निश्छल स्नेह भी था, शहादत का सम्मान भी और वर्षों तक नक्सल हिंसा का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति आत्मीयता भी। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त उप निरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण में मुख्यमंत्री भावुक हो उठे।मुख्यमंत्री श्री साय ने भावुक स्वर में कहा, “मेरी कोई सगी बहन नहीं है। हम लोग भाई ही भाई हैं। आज माधुरी जी ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है। मुझे सगी बहन से भी बढ़कर बहन मिली है।”मुख्यमंत्री के इन शब्दों के साथ पूरा वातावरण भावुक हो उठा। एक ओर वह बहन थी, जिसने मातृभूमि और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने जीवनसाथी को खोया था, दूसरी ओर प्रदेश का मुखिया था, जिसने उसकी राखी को केवल रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि जीवनभर निभाए जाने वाले भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के रूप में स्वीकार किया।मुख्यमंत्री ने श्रीमती माधुरी वर्मा को भरोसा दिलाया कि शहीद श्री युगल किशोर वर्मा का परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार कभी अकेले नहीं हैं। उनके सुख-दुःख, सम्मान और भविष्य की चिंता करना सरकार का दायित्व ही नहीं, बल्कि हम सभी का आत्मीय कर्तव्य है। आज बहन माधुरी ने राखी बांधी है तो एक भाई के रूप में उनके परिवार के प्रति जिम्मेदारी और भी गहरी हो गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद उप निरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपने वीर जवानों और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा। हमारे जवानों ने अपना आज इसलिए न्योछावर किया, ताकि छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ियों का कल सुरक्षित हो सके।
- -आधुनिक कृषि तकनीक से गांव की तस्वीर बदल रहीं हेमलता मनहर-सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर बनीं महिलाओं के लिए प्रेरणारायपुर / छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाएं अब ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी श्रीमती हेमलता मनहर ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जिन्होंने तकनीक को रोजगार का माध्यम बनाकर अपनी पहचान बनाई है। आज वे अपने क्षेत्र में सम्मान के साथ ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पहचानी जाती हैं।श्रीमती हेमलता मनहर ने नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया। ड्रोन के माध्यम से वे किसानों के खेतों में नैनो उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं हेमलता के लिए यह सम्मानजनक स्वरोजगार और नियमित आय का जरिया बन गया है।तकनीक के क्षेत्र में कदम रखकर हेमलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक को आसानी से अपना सकती हैं और उसे अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना सकती हैं। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं को भी नए अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।ड्रोन संचालन से कृषि कार्य करने पर श्रीमती हेमलता प्रतिवर्ष लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में मिली नई पहचान भी बड़ी उपलब्धि है।हेमलता बताती हैं कि पहले उनकी दिनचर्या मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थी, लेकिन शासन की योजनाओं से मिले अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे स्वयं रोजगार अर्जित करने के साथ किसानों की मदद कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।श्रीमती हेमलता महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। नमो ड्रोन दीदी योजना से प्राप्त रोजगार और महतारी वंदन से मिले आर्थिक संबल ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है।वे कहती हैं कि महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के अवसर भी मिलना जरूरी है। जब महिलाओं को आर्थिक सहयोग के साथ कौशल और तकनीक से जोड़ा जाता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती हेमलता मनहर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। शासन की योजनाओं ने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है।”हेमलता की कहानी छत्तीसगढ़ की उन ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर को सामने लाती है, जो अब केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के सहारे आर्थिक रूप से मजबूत होकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिला ड्रोन उनके हाथों में केवल तकनीक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के पंख बन गया है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहभागी बन रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि ने बहनों की खुशियों को और बढ़ाया है।जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम खोखरा निवासी श्रीमती प्रेमलता राठौर के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह लेकर आई है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे परिवार की दैनिक जरूरतों, राशन और घरेलू खर्चों को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे पा रही हैं।श्रीमती प्रेमलता राठौर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर आटा चक्की का संचालन भी कर रही हैं। मेहनत, लगन और अपने हुनर के जरिए उन्होंने स्वरोजगार को अपनी आय का जरिया बनाया है। आटा चक्की से होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक बन रही है।महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके इस छोटे व्यवसाय को भी मजबूती दे रही है। वे जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग आटा चक्की की मरम्मत और आवश्यक कार्यों में करती हैं। इस तरह योजना की सहायता उनके लिए केवल घरेलू खर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि आजीविका को निरंतर बनाए रखने और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में भी उपयोगी साबित हो रही है।रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि मिलने से श्रीमती प्रेमलता के परिवार में भी खुशी का माहौल है। वे इसे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार और अपने काम के लिए उपयोगी आर्थिक सहयोग मानती हैं। उनके लिए यह राशि आर्थिक सहायता के साथ सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का भाव भी लेकर आई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रेमलता राठौर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया अपनी बहनों की जरूरत को समझते हैं। रक्षाबंधन के उपहार के रूप में त्योहार से पहले ही पैसे मिल गए। इससे हम अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार और अपने काम में भी सहयोग कर पा रहे हैं।”महतारी वंदन योजना से जुड़ी प्रेमलता राठौर की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग, आजीविका के अवसर और आत्मनिर्भर बनने का भरोसा मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होती हैं, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत होकर आगे बढ़ने का रास्ता भी स्वयं तैयार करती हैं। राखी के इस पर्व पर महतारी वंदन की सहायता उनके लिए आर्थिक संबल के साथ ‘विष्णु भैया’ की सरकार के महिला सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प का भरोसा भी बन रही है।
- -सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतमान के पेंशनरों को मिलेगा 257 प्रतिशत महंगाई राहत- 1 जनवरी 2026 से मिलेगा लाभरायपुर।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों के महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनरों को 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिया जाएगा। पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2026 से इसका लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को महंगाई राहत में बढ़ोतरी का पत्र जारी किया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने 1 सितम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इस अवधि में 55 प्रतिशत तथा छटवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।













.jpg)











.jpg)


