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- सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की
- सभी सचिवों को मुख्यालय में रहने के दिए सख्त निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बुधवार को जनपद पंचायत डोंगरगढ़ कार्यालय में ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा इसमें गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सचिवों को मुख्यालय में रहने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नामांतरण, बटवारा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाईन से संबंधित प्रकरणों का समय पर समाधान करने के लिए कहा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री विश्वास कुमार, जनपद सीईओ श्रीमती भगवती साहू एवं अन्य अधिकारी एवं ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित थे। -
- ग्राम मुसराकला एवं बेलगांव में आयोजित पीएम सूर्यसभा में हुए शामिल
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बुधवार को डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति प्रदान करने के मद्देनजर ग्राम बेलगांव में ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ग्राम कलकसा में ग्रामीण औद्योगिक पार्क, ग्राम मुसराकला में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र का निरीक्षण किया तथा ग्राम मुसराकला एवं बेलगांव में पीएम सूर्यसभा में शामिल हुए।
- कलेक्टर ग्राम बेलगांव में बरगद पेड़ के नीचे पीएम सूर्यसभा में हुए शामिल
- ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए किया प्रेरित
कलेक्टर ने ग्राम बेलगांव में ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान आसपास के नालों की सफाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर बरगद पेड़ के नीचे आयोजित पीएम सूर्यसभा में शामिल हुए तथा उन्होंने ग्रामवासियों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल बिजली के बिल में कमी आती है, बल्कि बिजली का उत्पादन भी होता है। उन्होंने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को नि:शुल्क परिवहन सुविधा दिलाने के लिए पास देने के लिए कहा।
ग्राम कलकसा में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट एवं पीनट बटर यूनिट का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने ग्राम कलकसा में ग्रामीण औद्योगिक पार्क का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का जल्द संचालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां पुराने मसाला मशीन को समूह को सौंप कर संचालित करने कहा। कलेक्टर ने पीनट बटर यूनिट का भी निरीक्षण किया तथा महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं से बातचीत की और उन्हें प्राप्त हो रही आय की समीक्षा की तथा अधिक मानदेय राशि दिलवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बर्तन निर्माण यूनिट का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ग्राम कलकसा में पौधरोपण किया।
- ग्राम मुसराकला में पीएम सूर्यसभा में हुए शामिल एवं तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का किया निरीक्षण
- पहले बिजली बिल 3000 रूपए आता था, जो अब शून्य हो गया है: श्रीमती अंजू अग्रवाल
कलेक्टर ग्राम मुसराकला में आयोजित पीएम सूर्यसभा में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामवासियों को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्रामवासियों ने बातचीत के दौरान बताया कि ग्राम के 39 घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगा है। ग्राम की श्रीमती अंजू अग्रवाल ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल 3000 रूपए आता था, जो अब शून्य हो गया है। कलेक्टर ने ग्राम मुसराकला में फिकल स्लज प्लांट को जल्द संचालित करने कहा। उन्होंने ग्राम मुसराकला में संचालित अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने संचालनकर्ताओं से सेवाओं के संबंध में बातचीत की तथा विभिन्न सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने ग्राम छीपा से आए दिव्यांग हितग्राही श्री जयराम यादव को बैटरी ट्रायसायकल दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राम मुसराकला में तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पौधरोपण, झुला एवं उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्निंग वाक के लिए सीसी रोड निर्माण कराने के लिए कहा।
ग्राम कुर्रूभांट में ड्रोन से नैनो डीएपी छिड़काव का लिया जायजा
कलेक्टर ने ग्राम कुर्रूभांट में ड्रोन से नैनो डीएपी छिड़काव का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो डीएपी छिड़काव से समय और धन की बचत होती है। उन्होंने किसानों को इसका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री विश्वास कुमार, जनपद सीईओ श्रीमती भगवती साहू एवं अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। -
बिलासपुर /जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिले के पांच पीएमश्री विद्यालयों में अंशकालिक योग, खेल शिक्षक, प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए 24 जुलाई 2026 तक आवेदन मंगाये गये है। यह भर्ती 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए होगी एवं उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। आवेदन जिले के पीएमश्री विद्यालय प्रा.शा. केशला, प्रा.शा. कुकुर्दीकला, प्रा.शा. सम्बलपुरी, प्रा.शा. पोड़ी तथा पीएमश्री सेजेस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डीकेपी कोटा के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अभ्यर्थी केवल एक ही विद्यालय के लिए आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी 24 जुलाई 2026 तक अपना आवेदन जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, द्वितीय तल, जिला पंचायत भवन, बिलासपुर में डाक, स्पीड पोस्ट अथवा कोरियर के माध्यम से भेज सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे तथा आवेदन सीधे जमा नहीं लिए जाएंगे। इस पद के लिए अभ्यर्थी का शारीरिक शिक्षा अथवा योग शिक्षा में स्नातक होना अनिवार्य है। यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा एक से अधिक विद्यालयों के लिए आवेदन किया जाता है, तो अंतिम प्राप्त आवेदन पर ही विचार किया जाएगा। आवश्यक योग्यता, नियम एवं शर्ते एवं आवेदन का प्रारूप www.bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है।
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-डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए विकास कार्यों की गुणवत्ता जांची
बिलासपुर /भारत सरकार के संयुक्त सचिव (वित्त) श्री पवनेश कुमार शर्मा एवं अवर सचिव श्री राहुल कुमार श्रीवास्तव ने जिले के जनपद पंचायत बिल्हा एवं कोटा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने वीबी-जीरामजी योजना, प्रोजेक्ट उन्नति तथा अन्य डिजिटल पहलों के अंतर्गत प्रगतिरत विकास कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल सहित प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय अधिकारियों ने कार्यस्थलों पर लगाए गए सूचना बोर्ड के क्यूआर कोड को स्वयं स्कैन कर डिजिटल अभिलेखों एवं वास्तविक प्रगति का मिलान किया। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं तकनीकी निगरानी की व्यवस्था का आकलन किया गया। केंद्रीय टीम ने भारतीय स्टेट बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं के लिए आयोजित राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हितग्राहियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा कौशल विकास से रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। निरीक्षण के दौरान कोटा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पटेता में सामुदायिक जल संवर्धन तालाब निर्माण (नवा तरिया कोरियापारा) तथा नवीन पंचायत भवन निर्माण कार्य, धनरास में सामुदायिक जल संवर्धन तालाब जीर्णाेद्धार तथा करगीकला में मिनी परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। इन कार्यों के माध्यम से बड़ी संख्या में मानव दिवस सृजित हुए हैं तथा ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण एवं आधारभूत संरचना को मजबूती मिल रही है।
केंद्रीय अधिकारियों ने कार्यस्थल पर कार्यरत महिला श्रमिकों से संवाद कर वीबी-जीरामजी योजना के लाभों की जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार तथा प्रतिदिन 300 रुपये की बढ़ी हुई मजदूरी दर का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से केंद्रीय अधिकारियों एवं जिला पंचायत के अधिकारियों ने कार्यस्थल पर पौधरोपण भी किया। निरीक्षण के उपरांत केंद्रीय टीम ने जिले में विकास कार्यों के क्रियान्वयन, डिजिटल निगरानी व्यवस्था, पारदर्शिता एवं कौशल विकास संबंधी प्रयासों की सराहना करते हुए इन पहलों को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान सहायक परियोजना अधिकारी वीबी-जीरामजी श्रीमती अनुराधा शुक्ला, जनपद पंचायत सीईओ श्री युवराज सिन्हा, कार्यक्रम अधिकारी वीबी-जीरामजी श्री विकास कुमार जायसवाल भी मौजूद रहे। -
बिलासपुर /गंभीर बीमारी से जूझ रहे वार्ड क्रमांक 16 विष्णु नगर निवासी श्री अनंत सिंह चंदेल के लिए सेवा सेतु के माध्यम से समय पर बना राशन कार्ड किसी बड़ी राहत से कम नहीं रहा। प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का ऐसा मानवीय उदाहरण देखने को मिला, जब नगर निगम के जोन क्रमांक-03 के कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर ऑटो तक पहुंचकर उन्हें राशन कार्ड सौंपा।
श्री अनंत सिंह चंदेल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ हैं। उपचार के दौरान उन्हें कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। इसी बीच उन्होंने सामान्य राशन कार्ड बनवाने के लिए सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन किया था। अस्पताल से लौटने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनका राशन कार्ड बहुत कम समय में तैयार हो चुका है। कमजोरी और बीमारी के कारण वे स्वयं चलने-फिरने में असमर्थ थे। किसी तरह ऑटो से जोन कार्यालय पहुंचे, लेकिन वाहन से उतरना भी उनके लिए संभव नहीं था। यह जानकारी मिलते ही राशन कार्ड प्रभारी स्वयं कार्यालय से बाहर आए और औपचारिकताओं को सरल बनाते हुए ऑटो में बैठे श्री चंदेल को वहीं राशन कार्ड उपलब्ध कराया।
राशन कार्ड प्राप्त करते समय भावुक श्री अनंत सिंह चंदेल ने कहा, मेरी तबीयत काफी खराब है और मैं कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। मुझे लगा था कि राशन कार्ड बनने में समय लगेगा, लेकिन सेवा सेतु के माध्यम से यह बहुत जल्दी बन गया। आज मैं कार्यालय के अंदर भी नहीं जा पा रहा था, फिर भी अधिकारियों ने बाहर आकर मुझे राशन कार्ड दे दिया। अब मेरा आयुष्मान कार्ड बन सकेगा, जिससे इलाज में सहायता मिलेगी और परिवार को राशन भी मिलने लगेगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ी राहत है। मैं जिला प्रशासन और नगर निगम का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
यह घटना दर्शाती है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल एक सरकारी सेवा नहीं रहतीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में भरोसे, सम्मान और नई उम्मीद का आधार बन जाती हैं। -
बिलासपुर /भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव तथा राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा के निर्देशन में बेसिक कमिश्नर कोर्स का आयोजन 10 से 14 जुलाई 2026 तक कुर्सियांग, दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण स्काउटिंग एवं गाइडिंग से जुड़े जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत कमिश्नरों एवं एडल्ट लीडर्स के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों में प्रभावी नेतृत्व, प्रबंधन कौशल, संगठन संचालन तथा स्काउटिंग के सिद्धांतों एवं उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करने की दक्षता का विकास करना था। साथ ही, वारंट प्राप्त कमिश्नरों के लिए बेसिक कमिश्नर कोर्स अनिवार्य प्रशिक्षण है।
प्रशिक्षण में शिविर के संचालक श्री अशोक देशमुख, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट डॉ.पूनम सिंह साहू, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त गाइड श्रीमती सरिता पाण्डेय सहित कुल 43 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। बिलासपुर जिले से दो प्रतिभागियों का चयन हुआ, जिनमें सहायक जिला आयुक्त (गाइड) श्रीमती आरती राय एवं जिला मुख्यालय आयुक्त स्काउट डॉ. नवनीत कौशिक शामिल रहे। प्रशिक्षण में सहभागिता हेतु चयनित दोनों प्रतिभागियों को बिलासपुर जिले के समस्त स्काउटर-गाइडर एवं पदाधिकारियों ने शुभकामनाएँ प्रेषित कीं तथा उनके उज्ज्वल एवं सफल प्रशिक्षण की कामना व्यक्त की। -
- किसानों को सेवा सहकारी समिति एवं लोक सेवा केंद्रों में मिलेगी सुविधा
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में एग्रीस्टेक परियोजना के तहत फार्मर लैंड आईडी तैयार कराने वाले कृषक जिनकी भूमि के सभी खसरे अथवा रकबा उनकी भूमि आईडी से नहीं जुड़ पाए हैं, उनके लिए आज16 जुलाई को जिलेभर में विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। विशेष अभियान अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में किसानों से संपर्क कर उनकी भूमि आईडी में छूटे हुए खसरों एवं रकबे को जोडऩे की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी सेवा सहकारी समितियों में ऑपरेटरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है तथा लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से भी किसानों को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। विशेष अभियान अंतर्गत कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग के पटवारी, पंचायत विभाग के ग्राम सचिव तथा अन्य मैदानी अधिकारी किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें निकटतम लोक सेवा केंद्र अथवा सेवा सहकारी समिति तक पहुंचाकर उनकी भूमि आईडी में आवश्यक सुधार एवं छूटे हुए खसरों को जोडऩे का कार्य करेंगे।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि यदि किसी किसान की भूमि आईडी में उसके सभी खसरे अथवा भूमि का रकबा दर्ज नहीं है, तो उसके भूमि संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड अपूर्ण माने जाएंगे। ऐसी स्थिति में आगामी डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल गिरदावरी) के दौरान संबंधित खसरों में बोई गई फसल का सही रिकॉर्ड दर्ज कराने में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त भविष्य में विभिन्न कृषि योजनाओं, डिजिटल भूमि अभिलेखों एवं अन्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में भी परेशानी हो सकती है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के फार्मर लैंड आईडी में किसी भी प्रकार का खसरा अथवा भूमि का रकबा छूटा हुआ है, तो किसान विशेष अभियान के तहत अपने निकटतम सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर अपनी भूमि आईडी का सत्यापन एवं सुधार कराने की अपील की गई है। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिज का अवैध उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज विभाग द्वारा राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम ठेलकाडीह, घुमका, चारभाठा, धौराभाठा, कुहुआकुडा, तिलई, डुमरडीहकला सहित अन्य क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम कुहुआकुडा में पूरन लाल के स्वामित्व की जेसीबी क्रमांक सीजी 08 एएम 7858 से वाहन चालक खिलेश सिन्हा तथा होरीलाल के स्वामित्व की माजदा क्रमांक सीजी 24 वी 6723 से वाहन चालक कमलेश यादव द्वारा मुरूम का अवैध उत्खनन करने पर कार्रवाई करते हुए जप्त कर थाना ठेलकाडीह को सुपुर्द किया गया। प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण की रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- राजनांदगांव । स्वस्थ जीवन शैली अभियान अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुष सड़क चिरचारी में प्रतिदिन सुबह योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया जा रहा है। योगाभ्यास सत्र में शामिल होने वाले नागरिकों को प्रतिदिन योगाभ्यास करने एवं खान-पान में नमक,तेल, शक्कर की मात्रा कम करने तथा स्वस्थ दिनचर्या का पालन करने की सलाह दी जा रही है। योगाभ्यास सत्र के दौरान आज एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए एचपीवी टीकाकरण के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही 14 से 15 वर्ष तक की किशोरी बालिकाओं के अभिभावकों को अपनी बेटियों का एचपीवी टीकाकरण लगवाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभ के संबंध में जानकारी दी गई और घरों में सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान ग्राम के सरपंच, प्रधान पाठक, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सड़क चिरचारी के समस्त स्टाफ, योग प्रशिक्षक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। योगाभ्यास के पश्चात अंकुरित चना व मूंग का वितरण किया गया।
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कोरबा . जिले में बुधवार सुबह राजमार्ग पर टैंकर की टक्कर से स्कूटर सवार नाबालिग भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि एक अन्य लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद स्थानीय लोगों ने टैंकर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर करीब एक घंटे तक राजमार्ग जाम रखा। बाद में पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि हादसा सुबह करीब साढ़े नौ बजे बांगो थाना क्षेत्र के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-अंबिकापुर खंड पर हुआ। बांगो के थाना प्रभारी (एसएचओ) दुर्गेश वर्मा ने बताया कि 12 वर्षीय एक लड़का, उसकी 13 वर्षीय बहन और एक अन्य 13 वर्षीय लड़का स्कूटर पर सवार थे, तभी एक टैंकर ने कथित तौर पर उनके दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया। उन्होंने बताया कि भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका तीसरा साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी ने बताया कि तीनों बच्चे कुंकुना ग्राम पंचायत के तिहाई भाठा गांव के रहने वाले थे।
सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।
उन्होंने बताया कि टैंकर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया और टैंकर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लगभग एक घंटे तक कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। बाद में राजस्व और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें शांत कराया। - -वीबीजी-रामजी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित-जिला प्रशासन बालोद का रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब, डबरी, रिचार्ज शाफ्ट, चेकडैम एवं भू-जल पुनर्भरण कार्यों से जल सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय पहलबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान प्रदेशभर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। अभियान के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है।इसी क्रम में बालोद जिले में जिला प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्व-सहायता समूहों तथा सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण के विविध कार्य किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य “जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो- वहीं वर्षा जल का संचयन हो” की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।अभियान के अंतर्गत प्रत्येक शासकीय भवन में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा सतही वर्षा जल संचयन के लिए रिचार्ज शाफ्ट, डबरी, तालाब एवं ट्रेंच का निर्माण किया गया है। साथ ही हैंडपंपों एवं प्रधानमंत्री आवासों में सोख्ता गड्ढों तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। भू-जल संवर्धन के लिए रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, निष्क्रिय बोरवेलों का रिचार्ज, तालाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण, चेकडैम, वाटर एब्जॉर्बिंग ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया गया है।जिले में वीबीजी-रामजी मनरेगा, वन विभाग, जिला खनिज न्यास, विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं तथा जनभागीदारी के माध्यम से अब तक 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिनसे लगभग 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि, भूमि की नमी का संरक्षण, खरीफ एवं रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।अभियान की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार जनभागीदारी है। जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम विकास समितियों, महिला कमांडो, ग्रीन आर्मी तथा स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से तालाबों एवं जलाशयों की स्वच्छता, घर-घर जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के प्रति जनजागरूकता तथा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं सीड बॉल अभियान संचालित किया जा रहा है। जुलाई माह में अब तक 03 लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण किया जा चुका है तथा 02 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।राज्य शासन द्वारा वीबीजी-रामजी योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, हरित विकास एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। ‘जल संरक्षण, जन सहभागिता से जल समृद्धि की ओर’ की भावना के साथ जिला प्रशासन बालोद जल-सुरक्षित, हरित एवं समृद्ध ग्रामीण विकास के लक्ष्य की दिशा में सतत कार्य कर रहा है।उल्लेखनीय है कि जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल के सरंक्षण एवं संवर्धन की दिशा में सतत कार्य जारी हैं, जिसके अंतर्गत जनपद पंचायत गुरूर के ग्राम पंचायत अर्जुनी में 1200 नग ट्रेंच निर्माण, ग्राम पंचायत कुलिया में 01 हेक्टेयर क्षेत्र में मिश्रित फलोदयन रोपण तथा ग्राम पंचायत चंदनबिरही में गौठान के पास सी.सी. चेकडेम का निर्माण कार्य किया गया है। इसी तरह जनपद पंचायत गुंडरदेही के ग्राम पंचायत कोंगनी में 27,000 लीटर क्षमता का रिचार्ज पिट, बेलौदी में 6750 लीटर जलग्रहण क्षमता वाला रेनवाटर हार्वेस्टिंग, तवेरा में 2.82 लाख लीटर क्षमता का कुआं निर्माण, गब्दी में 05 केएलडी क्षमता का ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, चिरचार में 05 लीटर क्षमता का रेनवाटर हार्वेस्टिंग, खुरसुनी में 25,000 लीटर क्षमता का मैजिकपिट, मुंदेरा में 30 हजार लीटर क्षमता का असफल बोर रिचार्ज शाफ्ट, माहुद (बी) में 16 लाख लीटर क्षमता की आजीविका डबरी तथा ओडारसकरी में चेकडेम का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत खुरसुनी में 25,000 लीटर क्षमता का रिचार्ज पिट भी निर्मित है।जनपद पंचायत डौंडी के ग्राम सिंघनवाही में 12 लाख लीटर क्षमता की निजी आजीविका डबरी का निर्माण एवं ग्राम गुजरा में 35 लाख लीटर क्षमता के जल संचयन हेतु 4700 ट्रेंच निर्माण किया गया है। जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के ग्राम चे.ब. नवागांव में सीड बाॅल रोपण किया गया है।
- बालोद । लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता वर्ष 2024-25 लोक निर्माण विभाग के बजट मद में शामिल बालोद जिले के ठेकवाडीह से बोहरडीह मार्ग लंबाई 1.30 किमी पुल-पुलिया सहित का निर्माण कार्य वर्तमान में निविदा स्तर पर है। उन्होंने बताया कि प्रथम आमंत्रण से तृतीय आमंत्रण तक कोई अनुबंधक भाग नहीं लिये जाने के कारण चैथा निविदा आमंत्रण के कार्यवाही की गई है, जिसमें सिंगल निविदा प्राप्त होने के कारण तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है। शीघ्र ही उच्च कार्यालय द्वारा निविदा की कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात अनुबंध कर कार्यादेश जारी किया जाएगा।
- बालोद। जनपद पंचायत गुरूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव के स्थानांतरण होेने पर जिला प्रशासन द्वारा विदाई दी गई। संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित सभी अधिकारियों ने इन दोनों अधिकारियों के बेहतरीन कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने इन दोनों अधिकारियों को बहुत ही कर्तव्यनिष्ठ, कुशल एवं योग्य अधिकारी बताते हुए इनके कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों ने शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि हमारे ये दोनों अधिकारी अपने नए कार्य क्षेत्र में भी अपने बेहतरीन कार्य के बदौलत अपने कार्य कुशलता का अमिट छाप छोड़ेंगे। उन्होंने श्री रात्रे एवं श्री पंकज देव की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके नई जिम्मेदारी के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने शासन के महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में इन दोनों अधिकारियों की भूमिका की सराहना करते हुए श्री रात्रे एवं श्री पंकज देव को कार्य के प्रति समर्पित एवं निष्ठावान बताया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने इन दोनों अधिकारियों के कार्यों एवं व्यवहार की सराहना करते हुए शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए बालोद जिले के पहचान दिलाने में इनकी भूमिका का भी उल्लेख किया। उल्लेखनीय है कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे का स्थानांतरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर सक्ति जिले के जनपद पंचायत डभरा एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव का बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के जनपद पंचायत पलारी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर हुआ है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा एवं अन्य अधिकारियों द्वारा इन दोनों अधिकारियों के शाॅल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह एवं पौधा भेंटकर सम्मानित किया गया।
- रायपुर - राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, सभी जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने समस्त नगरवासियों को महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी, भगवान श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा की जगप्रसिद्ध श्री रथयात्रा महापर्व दिनांक 16 जुलाई 2026 गुरूवार के पावन अवसर पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुये समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य क्षेत्र में सुख, समृद्धि हरियाली और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा शक्ति प्रदान करने महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी, भगवान श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा के दिव्य श्रीचरणों में सामूहिक विनम्र प्रार्थना की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों,एल्डरमैनों ने कहा है कि पवित्र श्री रथयात्रा महापर्व की विगत अनेक वर्षो से प्रत्येक वर्ष महापर्व अवसर की प्रत्येक नागरिक को प्रतीक्षा रहती है. यह महापर्व नागरिकों के लिए जीवन में प्रसन्नता एवं खुशियाँ लाने का अवसर माना जाता है. यह अवसर महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी, भगवान श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विशेष पूजा आराधना के साथ उनके शुभ दर्शन लाभ को प्राप्त करने सहित जीवन में सकारात्मक ऊर्जा शक्ति जागृत करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर माना जाता है. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी, भगवान श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा के श्री रथयात्रा महापर्व पर शुभ दर्शन लाभ करते हुए प्रकृति आनंदित होकर धरा पर सुखद वर्षा करते हुए श्री रथयात्रा महापर्व का आत्मीय स्वागत करती परिलक्षित की जाती है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने समस्त नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2025- 26 में रायपुर शहर को देश में प्रथम स्वच्छ रैंकिंग दिलवाने अधिक से अधिक संख्या में स्वच्छता एप में स्वच्छता फीडबैक देकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करने का सामूहिक संकल्प लेने की पुनः एक बार विनम्र अपील की है।
- -प्रशिक्षक मनीष बाघ बच्चों को दे रहे ट्रेनिंग, बच्चों में उत्साहरायपुर। वातावरण में बढ़ती असुरक्षा के बीच बच्चों को आत्मरक्षा की बारीकियां सिखाना बेहद जरूरी है। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ उत्तम संस्कार और बच्चों को कराते का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह छह से सात बजे तक कराते शिक्षक मनीष बाघ बच्चों को ट्रनिंग दे रहे हैं।प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि मनीष बाघ कई सालों से बच्चों को कराते प्रशिक्षण दे रहे हैं। कराटे प्रशिक्षण शारीरिक फिटनेस, आत्मरक्षा और मानसिक संतुलन के लिए बेहतरीन है। कोई भी व्यक्ति इसे किसी भी उम्र में शुरू कर सकता है, लेकिन पांच- छह साल की उम्र इसके लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यह आपके शरीर का लचीलापन और मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है।प्रशिक्षक मनीष के अनुसार कराते प्रशिक्षण लेने वालों के लिए शुरुआत के तीन चरणों में कर रहे हैं। प्रतिदिन सबसे पहले बच्चों को पांच मिनट शांत बैठाया जा रहा है। कराटे में शारीरिक शक्ति से अधिक मानसिक एकाग्रता का महत्व है। दूसरा चरण आधार होता है। जिसमें सही संतुलन बनाने के लिए पैरों को सही स्थिति में रखना सीखा रहे हैं। फिर पंच सिखाया जा रहा है, जिसमें बच्चे अपने हाथ को हिप्स से घुमाते हुए सीधे लक्ष्य पर प्रहार कर रहे हैं। वहीं किक्स में घुटने को ऊपर उठाकर आगे की तरफ (माये-गेरी) या साइड में किक मारने का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
- - सामाजिक समरसता के लिए महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र हर साल करते हैं उद्यापनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र की ओर से मंगलवार, 8 सितंबर को सुबह 10 बजे से सामूहिक मंगलागौरी व्रत का उद्यापन किया जाएगा। महाराष्ट्र मंडल भवन में आयोजित उद्यापन को लेकर व्रती महिलाएं अपना पंजीयन करा सकती हैं। महाराष्ट्र मंडल के सचिव और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के प्रमुख आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि व्रत को लेकर महिलाओं ने अपनी पंजीयन कराना शुरू कर दिया है।आचार्य दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्रीयन परिवारों में महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए इस व्रत को करती हैं। गौरी पूजन नाम से स्पष्ट है, माँ गौरा अर्थात् माता पार्वती के लिए यह व्रत किया जाता है। भगवान शिव-पार्वती को श्रावण माह अतिप्रिय है इसलिए यह व्रत श्रावण माह के मंगलवार को ही किया जाता है। यही वजह है कि इसे मंगला गौरी भी कहा जाता है। मंगला गौरी का व्रत पूरा कर आखरी मंगलवार को किसी पंडित या पुरोहित के सानिध्य में 16 सुहागन स्त्रियों को भोजन करा कर इस व्रत का समापन करना होता है। उद्यापन के दिन की पूजन विधि हर मंगलवार की तरह होती है। आखिरी मंगलवार को पूरे परिवार के साथ माता-पिता के साथ व सुहागन स्त्री अपने पति के साथ करना चाहिए।आचार्य दंडवते के अनुसार 12 वर्षों से महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन किया जा रहा है। उद्यापन कार्यक्रम का यह 13वां वर्ष है। पिछले वर्ष 28 महिलाओं ने उद्यापन करवाया था। सामाजिक समरसता लाने के लिए यह सामूहिक आयोजन किया जाता है, ताकि महिलाएं एक ही छत के नीचे सभी सुविधाओं के साथ सरलता के साथ पूजन कर सकें। व्रती महिलाएं उद्यापन करने के लिए महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं।
- - महाराष्ट्र मंडल बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को उपलब्ध करा रहा मेडिकल एक्यूपमेंट्सरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की 18 वर्षों से जारी वाघोलीकर मेडिकल एक्यूपमेंट्स योजना अब काफी विस्तार पा चुकी है और इससे अब तक हजारों मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। इनमें ऐसे मरीज भी हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के साथ इलाज के दौरान और भी नाजुक हो चुकी थी और डॉक्टर के सुझाव पर किसी भी प्रकार के एक्यूपमेंट्स खरीदने की क्षमता उनमें नहीं थी। मंडल का यह उपलब्धिपूर्ण प्रकल्प आज भी अपने तय उद्देश्य को समूचे सेवाभाव के साथ पूरा कर रहा है और जरूरतमंद मरीजों के लिए न्यूनतम दरों पर मेडिकल एक्यूपमेंट्स उपलब्ध करा रहा है।समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह में संचालित वाघोलीकर एक्यूपमेंट्स योजना प्रकल्प की प्रभारी आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल ने बार- बार उपयोग में आने वाले मेडिकल एक्यूपमेंट्स की खरीदी कर साल 2008 में यह योजना शुरू की थी। साथ ही मंडल के सभासदों सहित आमजनों से भी अपील की थी कि यदि उनके घरों में एक बार उपयोग में आने के बाद मेडिकल एक्यूपमेंट बेकार पड़े हों तो वे इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को लाभान्वित करने के लिए मंडल को दान स्वरूप उपलब्ध करा सकते हैं।आस्था काले के अनुसार यह महाराष्ट्र मंडल की 90 वर्षों की विश्वसनीयता का ही कमाल है कि देखते ही देखते मेडिकल एक्यूपमेंट्स योजना में बहुत से दानदाताओं ने सहभागिता निभाई। इसी वजह से मंडल की इस योजना से एक साथ दर्जनों मरीज मेडिकल एक्यूपमेंट्स से लाभान्वित हो रहे हैं। महाराष्ट्र मंडल की वाघोलीकर योजना के अंतर्गत 12 हजार से अधिक मरीजों को व्हील चेयर, वॉकर, मेडिकल बेड, वाटर बेड, एयर बेड, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, बैसाखी, कमोड चेयर, साइड रेलिंग, स्टिक नोबेलाइजर, सक्शन मशीन, ग्लूकोज स्टैंड, स्ट्रेचर सहित अनेक प्रकार के मेडिकल एक्यूपमेंट की सुविधा दी जा चुकी हैं।अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के समय दो क्वारंटाइन सेंटर के माध्यम से कोरोना पीडितों के लिए किए गए सेवाभावी कार्यों से प्रभावित होकर अमेजाॅन कंपनी ने महाराष्ट्र मंडल को 10 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिया था। मंडल ने जरूरत के हिसाब से कुछ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अपने पास रखकर बाकी दुर्ग, कोरबा और बिलासपुर महाराष्ट्र मंडल को देकर उनके मेडिकल एक्यूपमेंट्स योजना शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया था। इसके अलावा बड़ी संख्या में अतिरिक्त मेडिकल एक्यूपमेंट्स भी इन मंडलों को सौंपा। धमतरी, सेक्टर चार भिलाई सहित कुछ और महाराष्ट्र मंडलों को भी हमने मेडिकल एक्यूपमेंट्स देकर इस योजना को शुरू करने में मदद की।वाघोलीकर योजना की देखरेख कर रहीं दिव्यांग बालिका विकास गृह की वार्डन रमा नाहरगढ़कर ने बताया कि इस समय हमारे पास 35 मेडिकल बेड, 27 व्हील चेयर, 19 वॉकर, 6 कमोड चेय, 3 साइड रेलिंग, 11 स्टिक, 4 एयर बेड, 7 नेबोलाइजर, 3 सक्सन मशीन, 6 ग्लोकोज स्टैंड, तीन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन सहित कई उपकरण उपलब्ध हैं। इनमें से कई उपकरण का जरूरतमंदों मरीज घर पर सदुपयोग कर रहे हैं।
- -देवेंद्र नगर महिला केंद्र की बैठक में पासा फेंककर चूड़ियों में सिक्का डालने वाले खेल में भारती विजेता, पद्मजा रहीं उप विजेतारायपुर। महाराष्ट्र मंडल के देवेंद्र नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने केंद्र के वरिष्ठ सदस्य दंपती मीना-अशोक लोणकर की शादी की सालगिरह धूमधाम से मनाई। इस दौरान लोणकर दंपती ने 'सामाजिक गतिविधियों में अपनी सहभागिता कैसे बढ़ाएं' विषय पर मार्गदर्शन भी लिया। बताते चलें कि लोणकर दंपती नया रायपुर में स्थापित सत्य साईं अस्पताल में वर्ष 2012 से निःशुल्क सेवा दे रहे हैं।देवेंद्र नगर महिला केंद्र की संयोजिका नम्रता गगने ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि समाजसेवी लोणकर दंपती का मार्गदर्शन हमारे मन में सेवाभाव जागृत करता है। लोणकर दंपती प्रतिदिन सुबह अपने निवास से करीब 30 किलोमीटर दूर सत्य साई अस्पताल में जाकर शाम ढलने तक मासूम मरीज बच्चों और उनके स्वजनों की नि: स्वार्थ व नि: शुल्क सेवा करते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद करीब 16 वर्षों से उनकी यह अनवरत सेवा हमारे सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि नि:स्वार्थ भाव से मानव सेवा कैसे की जाती है।नम्रता ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ बच्चों के लिए समर्पित भाव से सेवा का जुनून लोणकर दंपती में बिल्कुल कम नहीं हुआ है और यही इस दंपती को आम दंपतियों से काफी ऊपर ले जाता है। उनकी शादी की सालगिरह के अवसर पर केंद्र के सदस्यों ने उनके निवास पर एकत्रित होकर उत्सव मनाने, उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। सभी सभासदों ने लोणकर दंपती को उनकी सालगिरह पर शाल, श्रीफल और सूत की माला से सम्मानित किया। इस दौरान महाराष्ट्र मंडल के कार्यक्रमों में महिला सभासदों की सहभागिता बढ़ाने को लेकर चर्चा भी की गई।वरिष्ठ सभासद पद्मजा लाड के अनुसार बैठक की शुरुआत हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ की गई। इस दौरान महिला सदस्यों के लिए रोचक गेम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं ने पासा फेंककर चूडियों में सिक्का डाला। जिस सदस्य ने सबसे ज्यादा सिक्के डाले उसे विनर घोषित किया गया। इस खेल में भारती देवरणकर विजेता और पद्मजा लाड उप विजेता रहीं। इस अवसर पर सविता भागड़ीकर, कुमुड लाड, पद्मजा लाड, भारती देवरणकर, मीना लोणकर, साक्षी टोले, हर्षिला भारंबे, विद्या लोखंडे, शीतल रणदिवे, श्वेता श्यंकर, खुशी दशलहरे, रोशनी मेढ़ेकर, चित्रा खोंडे उपस्थित थीं।
- - मुख्यमंत्री के कृषि नवाचार को बढ़ावा देने के संकल्प को मिली नई उड़ान,राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना से मिली गुणवत्ता युक्त बीज की सौगात- कृषि विभाग के सहयोग से कम लागत में आधुनिक बुवाई का सफल मॉडल बना किसानों के लिए प्रेरणारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेती को अधिक लाभकारी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी का सकारात्मक परिणाम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दरमोहली में देखने को मिला, जहां प्रगतिशील किसान एवं स्थानीय लोक कलाकार श्री भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला ने अपनी सूझबूझ और नवाचार से पारंपरिक कृषि उपकरण को जुगाड़ तकनीक के माध्यम से सीड ड्रिल में परिवर्तित कर मूंगफली की वैज्ञानिक बुवाई का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ-ऑयल) योजना के अंतर्गत कृषि विभाग से प्राप्त 80 किलोग्राम गुणवत्तायुक्त मूंगफली बीज का उपयोग करते हुए श्री भानुप्रताप लगभग दो एकड़ क्षेत्र में बुवाई कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और अपनी तकनीकी समझ का उपयोग करते हुए कम लागत में सीड ड्रिल तैयार की, जिससे कम समय में समान दूरी पर व्यवस्थित बुवाई संभव हो सकी। इस नवाचार से श्रम की बचत होने के साथ-साथ बीज का संतुलित उपयोग और बेहतर अंकुरण की संभावना भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप कृषि विभाग किसानों को केवल योजनाओं का लाभ ही नहीं पहुंचा रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और स्थानीय नवाचारों को अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। कृषि विभाग का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है। ग्राम दरमोहली के किसान का यह प्रयास इस सोच को साकार करने वाला प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। उप संचालक कृषि श्री सत्यजीत कंवर ने बताया कि स्थानीय स्तर पर विकसित ऐसे नवाचार खेती को अधिक किफायती और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कृषि विभाग किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ ऐसे उपयोगी स्थानीय प्रयोगों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि कम संसाधनों में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के अंतर्गत जिले में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे तिलहनी फसलों का रकबा और उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।जिला प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित योजनाएं अब किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही हैं। प्रगतिशील किसान श्री भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला का यह नवाचार इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ, किसानों की रचनात्मक सोच और स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग मिलकर कृषि को नई दिशा दे सकते हैं। यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है और आत्मनिर्भर एवं समृद्ध कृषि की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करता है।
- -लंबे समय से लंबित जाति प्रमाण पत्र की समस्या का हुआ त्वरित समाधान-मुख्यमंत्री की सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता हुई साकाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्थापित पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव प्रदेशभर में दिखाई दे रहा है। आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 आज लोगों के लिए भरोसे का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पतगवा के निवासी श्री सेवक राम की सफलता की कहानी इसी सुशासन का प्रेरणादायक उदाहरण है। श्री सेवक राम अपने बच्चों के जाति एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। आवेदन करने के बावजूद विभिन्न कारणों से उनके बच्चों के प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे थे। इससे बच्चों को शैक्षणिक सुविधाओं, शासकीय योजनाओं तथा अन्य आवश्यक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार प्रयासों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से परिवार चिंतित था।आखिरकार श्री सेवक राम ने अपनी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की। परिणामस्वरूप मात्र 24 घंटे के भीतर उनके बच्चों का जाति प्रमाण पत्र स्वीकृत कर जारी कर दिया गया। वर्षों से लंबित समस्या का इतने कम समय में समाधान होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।अपनी समस्या के त्वरित निराकरण से भावुक हुए श्री सेवक राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का इतना शीघ्र समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले कई प्रयासों के बावजूद काम नहीं हो पाया था, लेकिन सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करने के बाद प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समयबद्ध राहत प्रदान की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि आम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने वाला एक प्रभावी सुशासन तंत्र बन चुका है, जो प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को लगातार मजबूत कर रहा है।
- -वैश्विक नवाचार और अनुसंधान के लिए 20 अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ किया महा-समझौतारायपुर / छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर ने वैश्विक शैक्षणिक पटल पर राज्य का गौरव बढ़ाते हुए एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान, एचएनएलयू ने वैश्विक विश्वविद्यालय नवाचार एवं सहयोग के लिए एक ऐतिहासिक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।इस ऐतिहासिक समझौते पर दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 20 अग्रणी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।यह समझौता 9-10 जुलाई 2026 को बैंकॉक स्थित प्रसिद्ध आईकॉनसियाम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित "AUAP - WURI इम्पैक्ट समिट 2026" के दौरान हुआ। इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय सरकार के साथ साझेदारी में विश्वविद्यालय नवाचार-नीति, तंत्र और प्रभाव था, जिसमें दुनिया भर के विश्वविद्यालयों के प्रमुखों, नीति-निर्माताओं, नवाचार विशेषज्ञों और जाने-माने शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया।कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने प्रस्तुत किया 'R-HaS' मॉडल शिखर सम्मेलन में एचएनएलयू का प्रतिनिधित्व करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानन्दन ने विश्वविद्यालय के अभिनव रिसर्च हब एंड स्पोक (R-HaS) मॉडल पर आधारित एक केस स्टडी प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने एचएनएलयू के अंतर्विषयी अनुसंधान तंत्र, बाह्य वित्तपोषित (एक्सटर्नली फंडेड) शोध परियोजनाओं तथा समाज के प्रति जवाबदेह एवं प्रभावकारी अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया, जिसकी उपस्थित विशेषज्ञों ने काफी सराहना की।इस रणनीतिक कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने कहा कि एचएनएलयू क्षेत्रीय और वैश्विक विश्वविद्यालय संगठनों के साथ सार्थक सहभागिता के माध्यम से अपनी अनुसंधान पहलों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित और प्रसारित करने की दिशा में प्रभावशाली प्रगति कर रहा है। यह बहुपक्षीय समझौता हमारे अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक मील का पत्थर है। सम्मेलन के दौरान AUAP के महासचिव प्रो. डॉ. अनूप स्वरूप तथा कार्यकारी सचिव डॉ. सुपापोर्न चुआंगचिद के साथ संयुक्त सम्मेलन, अनुसंधान परियोजनाओं, संकाय (फैकल्टी) व छात्र विनिमय (एक्सचेंज) कार्यक्रमों पर भी बेहद सार्थक चर्चा हुई है। बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-3 के तहत सभी 20 सहभागी संस्थान भविष्य में मिलकर काम करेंगे। इसके तहत आपसी सहयोग से वैश्विक महत्व की नवाचार व शोध परियोजनाओं का संचालन, संकाय (फैकल्टी), शोधार्थियों और छात्रों के लिए विनिमय कार्यक्रम,नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलनों, कार्यशालाओं और केस स्टडीज का विकास करना शामिल है।AUAP (एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक): यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र का एक बेहद प्रतिष्ठित और पुराना विश्वविद्यालय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाकर शैक्षणिक सहयोग, नेतृत्व विकास और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देना है।WURI (वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स फॉर इनोवेशन) यह एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्रणाली है जो विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सिर्फ पारंपरिक किताबी या शोध मानकों पर नहीं, बल्कि वास्तविक सामाजिक प्रभाव, उद्योग सहयोग, उद्यमिता और नैतिक नेतृत्व जैसे नवाचारों के आधार पर करती है। एचएनएलयू अपने दूरदर्शी नेतृत्व के कारण इस रैंकिंग में लगातार अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है।हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर देश के अग्रणी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में गिना जाता है। अपने विशिष्ट 'R-HaS' मॉडल, अनुभवात्मक अधिगम (एक्सपेरिमेंटल लर्निंग) और लोकनीति-उन्मुख अनुसंधान के दम पर यह संस्थान विधि शिक्षा के भविष्य को वैश्विक स्तर पर आकार देने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
- -नाशपाती की बागवानी से किसान मनोज यादव की बढ़ी आय, पर्यटकों के आकर्षण का बना केंद्ररायपुर । छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से प्रसिद्ध मैनपाट अब प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ एग्री-टूरिज्म और फलोद्यान विकास का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य शासन के उद्यानिकी विभाग की योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से यहां के किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फलों की व्यावसायिक बागवानी के माध्यम से बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं। ग्राम बारिमा निवासी प्रगतिशील किसान मनोज यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ग्राम कुदारीडीह (मेहता पॉइंट के समीप) में नाशपाती का सफल बगीचा विकसित कर आर्थिक समृद्धि की नई राह बनाई है।मनोज यादव ने वर्ष 2017-18 में कमलेश्वरपुर स्थित शासकीय उद्यान रोपणी से नाशपाती के पौधे प्राप्त कर अपनी आधा हेक्टेयर भूमि में लगभग 200 पौधे लगाए थे।प्राकृतिक कारणों से कुछ पौधे नष्ट होने के बावजूद वर्तमान में लगभग 170 पौधे फलदार वृक्ष बन चुके हैं और नियमित उत्पादन दे रहे हैं।उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के अधिकारी समय-समय पर बगीचे का निरीक्षण कर पौधों की देखभाल, पोषण प्रबंधन तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन देते रहे हैं। विभाग के निरंतर सहयोग से उत्पादन की गुणवत्ता और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।इस वर्ष ओलावृष्टि और बिक्री में विलंब के बावजूद बगीचे से करीब 260 कैरेट नाशपाती का उत्पादन हुआ। थोक बाजार में लगभग 500 रुपये प्रति कैरेट की दर से बिक्री के साथ ही पर्यटकों को फुटकर बिक्री से अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। इससे इस वर्ष लगभग 1.5 लाख रुपये की शुद्ध आय हुई। मनोज यादव ने बताया कि पिछले वर्ष मौसम अनुकूल रहने पर इसी बगीचे से उन्हें लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई थी।कुदारीडीह स्थित यह नाशपाती बगीचा अब एग्री-टूरिज्म का आकर्षक केंद्र बन गया है। लालमाटी क्षेत्र में स्थित इस स्थल से रायगढ़ अंचल का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है, जिसे देखने प्रतिदिन 100 से 250 पर्यटक पहुंचते हैं। यहां आने वाले पर्यटक ताजी नाशपाती खरीदने के साथ स्वयं पेड़ों से फल तोड़ने का भी आनंद लेते हैं। इससे किसानों को अपनी उपज सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।मनोज यादव ने किसानों, विशेषकर युवाओं से पारंपरिक खेती के साथ नाशपाती, लीची एवं अन्य फलदार फसलों की बागवानी अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि कम क्षेत्र में भी वैज्ञानिक तरीके से बागवानी कर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है, वहीं पर्यटन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विपणन से अतिरिक्त लाभ भी मिलता है। जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग फलोद्यान विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। मनोज यादव की सफलता इस बात का प्रमाण है कि विभागीय मार्गदर्शन, वैज्ञानिक खेती और निरंतर मेहनत से बागवानी को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है।
- -पुनर्वासित युवा स्वरोजगार से बने आत्मनिर्भररायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वनांचल क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में बीजापुर वनमंडल की एक बेहतरीन पहल सामने आई है, जिसने पुनर्वासित युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा ला दिया है। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 17 लाख रुपये की आर्थिक सहायता से चार युवाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की एक नई शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वनमंडल बीजापुर ने यह अनूठी पहल की है। विभाग ने वन प्रबंधन समितियों के खातों में जमा लाभांश और चक्रीय निधि (रिवॉल्विंग फंड) का सदुपयोग करते हुए चार हितग्राहियों को कुल 17 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया है, ताकि वे सम्मानजनक आजीविका हासिल कर सकें।वन विभाग ने पामेड़ और आवापल्ली परिक्षेत्र के चार ग्रामीणों को उनकी जरूरत के अनुसार आर्थिक मदद दी है। तीन हितग्राहियों को किराना दुकान शुरू करने के लिए क्रमशः 2 लाख रुपये, 3 लाख रुपये और 2 लाख रुपये का ऋण दिया गया। एक हितग्राही को ट्रैक्टर, ट्रॉली और डोजर खरीदने के लिए 10 लाख रुपये की बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई।इस योजना का सीधा लाभ उठाने वाले भाग्यशाली हितग्राहियों में श्री दिलीप बीराबोईन (कोतापल्ली), श्री दिनेश कुमार कचलम (मुरदोंडा), श्रीमती जोशिला भगत (कोतापल्ली), श्री नागुल सत्यनारायण (आवापल्ली) शामिल हैं। आर्थिक मदद मिलते ही इन सभी ने अपने कदम स्वरोजगार की ओर बढ़ा दिए हैं। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता का एक नया उदाहरण भी पेश कर रहे हैं। यह पहल केवल लोन बांटने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं और सुदूर वनांचल के ग्रामीणों को एक सम्मानजनक जीवन देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इससे क्षेत्र में शांति, आपसी विश्वास और समावेशी विकास को और मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में भी ऐसे पात्र हितग्राहियों को आजीविका से जुड़ी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम जारी रहेगा।
- -किसान गोपाल राम वर्मा ने जेंजरा समिति से लिया यूरिया, डीएपी एवं धान बीज-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही वितरण व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाते हुए टोकन प्रणाली समाप्त कर आवश्यकतानुसार एकमुश्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों का समय बच रहा है तथा उन्हें बार-बार समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।शासन द्वारा सभी सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का नियमित भंडारण, उपलब्धता की सतत निगरानी तथा मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खरीफ की बुवाई समय पर पूरी हो सके। किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ खेती अधिक लाभकारी बन सके।इसी क्रम में गरियाबंद जिले के ग्राम मुड़तराई (जेंजरा) अंतर्गत जेंजरा स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से किसान श्री गोपाल राम वर्मा ने यूरिया, डीएपी तथा प्रमाणित सरना धान बीज की 4 बोरी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक कृषि आदान एक ही स्थान पर और समय पर उपलब्ध होने से खेती की तैयारी आसान हो गई है तथा बुवाई कार्य बिना किसी बाधा के प्रारंभ किया जा सका। श्री वर्मा ने बताया कि पहले अलग-अलग समय पर खाद लेने अथवा टोकन के लिए इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब एकमुश्त खाद एवं बीज मिलने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई इस व्यवस्था तथा समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -भूमि उपयोग प्रमाण पत्र के लिए पमेन्द्र साहू को नहीं लगाने पड़े बार-बार तहसील के चक्कर-'जनता के द्वार, डिजिटल सरकार' की पहल से समय, श्रम और धन की हो रही बचतरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल प्रशासन को नई गति देने वाला सेवा सेतु पोर्टल आज आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं तक आसान, पारदर्शी और समयबद्ध पहुंच का सशक्त माध्यम बन गया है। इस अभिनव पहल के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो गई है।राज्य शासन की "जनता के द्वार, डिजिटल सरकार" की परिकल्पना को साकार करते हुए सेवा सेतु केन्द्र आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरा है। सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाएं अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। इससे आम नागरिकों का समय, श्रम और धन बचने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सुविधाजनक हुई है। दुर्ग जिले के श्री पमेन्द्र साहू ने भूमि उपयोग (लैंड यूज) प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए 4 जून 2026 को तहसील कार्यालय, दुर्ग स्थित सेवा सेतु केन्द्र में ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद आवश्यक दस्तावेजों का निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन किया गया और समस्त प्रक्रिया पूर्ण होने पर उन्हें 17 जून 2026 को भूमि उपयोग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।श्री पमेन्द्र साहू ने बताया कि पहले भूमि उपयोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें कई बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन की स्थिति की जानकारी समय पर नहीं मिलती थी, दस्तावेजों के सत्यापन में विलंब होता था और अलग-अलग शाखाओं में बार-बार जाना पड़ता था। इससे समय, श्रम और आर्थिक व्यय भी अधिक होता था।श्री पमेन्द्र ने बताया कि सेवा सेतु केन्द्र की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और सुविधाजनक हो गई है। आवेदन एक ही स्थान पर ऑनलाइन दर्ज हुआ, दस्तावेजों का समयबद्ध सत्यापन हुआ और बिना किसी अनावश्यक भागदौड़ के निर्धारित समय में प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।श्री पमेन्द्र साहू ने राज्य शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सेवा सेतु केन्द्र ने शासकीय सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बनाया है। यह व्यवस्था आम नागरिकों के समय और धन की बचत करने के साथ-साथ सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम है।



























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