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- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा, बलरामपुर रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-बलरामपुर जलाशय (बांध) निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 33 लाख 89 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के निर्माण से 150 हेक्टेयर में खरीफ और 50 हेक्टेयर में रबी सहित कुल 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा हैरायपुर / छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो कभी अपनी भौगोलिक दुर्गमता के लिए जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत वनांचल के उन हिस्सों तक डॉक्टर और दवाइयां पहुँच रही हैं, जहाँ पहुँचना कभी नामुमकिन सा लगता था। यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर की पहाड़ियों में बसने वाले आदिवासियों के लिए जीवन का नया उजाला बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान आज सुकमा के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है।इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पहुँच है। स्वास्थ्य कर्मी अब केवल अस्पतालों में मरीजों का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि खुद पैदल चलकर दुर्गम गांवों तक पहुँच रहे हैं। मलेरिया, टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों की मौके पर जांच कर रहे हैं। जीवनशैली बीमारियां, बीपी, शुगर, सिकलसेल और कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान कर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।हाल ही में पुटेपढ़ गांव से एक मरीज को जिला अस्पताल तक पहुँचाने की घटना स्वास्थ्य विभाग के समर्पण का जीवंत उदाहरण है। कलेक्टर सुकमा के मार्गदर्शन में पोटकपल्ली की टीम ने मरीज को किस्टाराम से होते हुए सुकमा जिला अस्पताल पहुँचाया। 310 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा केवल एक रेफरल नहीं था, बल्कि प्रभावी काउंसलिंग, समय पर निर्णय और मजबूत फॉलो-अप का परिणाम था, जिसने एक अनमोल जीवन बचा लिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अनुसार आयुष्मान भारत योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज अब ग्रामीणों को इलाज के लिए जमीन बेचने या कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। हाल ही में किस्टाराम और मरईगुड़ा के 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाकर दिए गए, ताकि इलाज में एक क्षण की भी देरी न हो।छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र औषधीय गुणों का खजाना है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने पद्मश्री हेमचंद मांझी के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे पारंपरिक आयुर्वेद से कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार संभव हो रहा है। राज्य सरकार अब आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ इन प्राकृतिक संसाधनों को भी बढ़ावा दे रही है।अभियान के अंतर्गत केवल गंभीर रोगों का ही नहीं, बल्कि सामान्य विकारों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है कोंटा क्षेत्र के 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरण और मोतियाबिंद का परामर्श, अस्थमा और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित कर उपचार किया गया। पोटकपल्ली और मरईगुड़ा जैसे अंदरूनी इलाकों से आती सफलता की ये कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि जब प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी सेवा भाव से जुटते हैं, तो भूगोल की बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं।
- रायपुर ।आधुनिक कृषि पद्धति अपनाकर एक किसान अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी कर रहा है।मुंगेली जिले के ग्राम कलारजेवरा (विकासखंड पथरिया) के कृषक ईश्वरी प्रसाद ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर सफलता की नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ईश्वरी प्रसाद के पास कुल 1.20 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से 01 एकड़ क्षेत्र में उन्होंने उन्नत किस्म के टमाटर (साहो) की खेती की। यह कार्य उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के तहत प्राप्त मार्गदर्शन और सहयोग से शुरू किया।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 150 क्विंटल टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के थोक भाव से बिक्री कर उन्होंने कुल 03 लाख 75 हजार रुपये की आय अर्जित की। वहीं, खेती में कुल लागत 85 हजार रुपये आई, जिससे उन्हें लगभग 02 लाख 90 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उद्यानिकी विभाग से 30 हजार रुपये का अनुदान मिलने से लागत कम करने में भी सहायता मिली। इस पहल ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाया। ईश्वरी प्रसाद ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर किसान कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। उनकी यह सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
- -हर पात्र संग्राहक से खरीदी होगी सुनिश्चितरायपुर। तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य व्यापक स्तर पर सुचारू रूप से जारी है। कुछ स्थानों पर संग्रहण बंद होने की भ्रामक खबरों के बीच वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में तेंदूपत्ता की खरीदी पूरी तरह चालू है और संग्राहकों से लगातार पत्ते लिए जा रहे हैं।सुकमा जिले के वनमंडलाधिकारी श्री अक्षय भोंसले ने जानकारी दी कि जिले में कुल 727 तेंदूपत्ता फड़ संचालित हैं। इनमें से लगभग 350 फड़ों में संग्रहण और खरीदी शुरू हो चुकी है, जबकि शेष केंद्रों में भी जल्द ही यह कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अब तक जिले में 35 हजार से अधिक मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। उन्होंने बताया कि किस्ताराम, गोलापल्ली, कोंटा और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में प्राकृतिक और भौगोलिक कारणों से तेंदूपत्ता देर से तैयार होता है। इन क्षेत्रों में भी अगले एक सप्ताह के भीतर संग्रहण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।वन विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक संग्राहकों से अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता खरीदना और उन्हें उचित मूल्य दिलाना है। यह कार्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों और वनवासियों की आय में वृद्धि हो सके।विभाग ने यह भी बताया कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण कुछ स्थानों पर पत्तों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे पत्तों को नियमानुसार अलग किया गया है, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाले तेंदूपत्तों की खरीदी लगातार जारी है।वन विभाग ने पुनः आश्वस्त किया है कि तेंदूपत्ता संग्रहण और खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगा और सभी पात्र संग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा।
- -समारोह में युवाओं को दी सफलता की सीख मैं’ से ’हम’ की यात्रा ही कामयाबी की कुंजी- राज्यपाल श्री डेका-युवाओं को प्रदान किया गया जॉब लेटररायपुर ।प्रदेश़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आज दुर्ग और भिलाई के एक दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान राज्यपाल ने रूंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिवर्सिटी, भिलाई में आयोजित भव्य कार्यक्रम ’सच हुए सपने’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए आयोजित किए गए विशाल रोजगार मेले ’प्लेसमेंटनामा’ के गौरवशाली समापन का प्रतीक था। इस दौरान राज्यपाल श्री डेका ने प्लेसमेंट के द्वारा चयनित युवाओं को जॉब लेटर प्रदान किया।समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सपने वे नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वे हैं जो हमें सोने नहीं देते। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि ’सच हुए सपने’ के माध्यम से 1,702 मेधावी युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है, जो राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।राज्यपाल ने अपने संबोधन में ’प्लेसमेंटनामा’ की सफलता के आंकड़ों की सराहना करते हुए बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में 10,842 युवाओं ने पंजीयन कराया और लगभग 7,000 साक्षात्कार हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का युग केवल डिग्री का नहीं, बल्कि दक्षता, आत्मविश्वास और व्यावहारिक सोच का है। युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए राज्यपाल ने तीन महत्वपूर्ण बातें साझा कीं- निरंतर सीखने की जिज्ञासा बनाए रखना, ईमानदारी व स्पष्टता को अपनाना और ’मैं’ से ’हम’ की टीम भावना को विकसित करना। उन्होंने कहा कि जब संस्थान, उद्योग और सरकार मिलकर काम करते हैं, तो ऐसे ही असाधारण परिणाम प्राप्त होते हैं।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि इस आयोजन में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों का उत्साहजनक सहयोग रहा। आईटी सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और कोर इंडस्ट्री की समान भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ का युवा हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में एचआर प्रतिनिधियों की उम्मीदें बदल चुकी हैं। अब केवल हाँ में हा मिलाने से नौकरी नहीं मिलती, बल्कि विषय का गहन ज्ञान और व्यक्तित्व में झलकने वाला आत्मविश्वास ही आपकी असली पहचान है। युवाओं को भविष्य के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि रिक्रूटर्स बेहद स्मार्ट होते हैं जो चंद मिनटों में आपकी क्षमता को परख लेते हैं। इसलिए आपकी आंखों का आत्मविश्वास और भाषा की स्पष्टता ही आपका भविष्य तय करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिग्री केवल एक शुरुआत है, असली शिक्षा जीवन के अनुभवों से आती है। जो व्यक्ति सीखना बंद कर देता है, उसके विकास के द्वार बंद हो जाते हैं।राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि ईमानदारी और स्पष्टता सबसे बड़ी ताकत है; जो नहीं आता उसे स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि एक मजबूत व्यक्तित्व की निशानी है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि "प्लेसमेंटनामा" का यह मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जहाँ शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सीधे रोजगार और राष्ट्र निर्माण से जुड़ती है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपकी सफलता ही ’नए छत्तीसगढ़’ और ’नए भारत’ की नींव है। स्वयं पर अटूट भरोसा रखें, क्योंकि आज का आपका सपना ही कल के भारत का गौरव बनेगा।इस अवसर पर विधायक रिसाली श्री रिकेश सेन, विधायक भिलाई नगर श्री देवेन्द्र यादव, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, चांसलर श्री संतोष रूंगटा एवं श्री संजय रूंगटा, वाइस चांसलर श्री जवाहर सुनील सेट्ठी, रूंगटा यूनिवर्सिटी के फेकल्टी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व युवा उपस्थित थे।
- -लापरवाह अधिकारी-कर्मचारी पर होगी सख़्त कार्रवाईरायपुर । राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जनहितैषी कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागीय आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा की।बैठक में नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार और सीमांकन जैसे राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार संबंधी प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। यदि समय-सीमा में कार्य नहीं होता है, तो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधितों पर कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह मंत्री श्री वर्मा ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एग्रीस्टेक के तहत जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए । साथ ही, नक्शा प्रोजेक्ट और जियोरिफ्रेसिंग के कार्यों में हो रहे विलंब को अगले 03 महीनों के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आबादी पट्टा वितरण हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में राजस्व अधिकारी 31 जुलाई तक सभी लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इसी तरह आगामी समय को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारी में किसी प्रकार की कोई कमी नही होना चाहिए।आकाशीय बिजली से बचाव और स्कूल तथा अस्पताल भवनों की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए। इसके साथ ही, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए प्राप्त राशि का समुचित व्यय सुनिश्चित करने हेतु चिन्हित जिलों में अतिशीघ्र कार्यवाही के भी निर्देश दिए।बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने हितग्राही मूलक योजनाओं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वामित्व कार्ड वितरण में तेजी लाने हेतु आगामी 03 महीनों का लक्ष्य निर्धारित किया। इसी तरह राजस्व निरीक्षकों के कार्यभार और तहसीलदारों के लिए वाहन क्रय संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई। नायब तहसीलदारों की परिवीक्षा अवधि एवं तहसीलदारों की पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल नियमित समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑटो डायवर्सन पोर्टल और विभिन्न राजस्व वसूलियों की समीक्षा करते हुए रायपुर जिले में राजस्व वसूली की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में विभागीय बजट वर्ष 2025-26 एवं आगामी बजट 2026-27 के संबंध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
- -स्थानीय मंच से राष्ट्रीय पहचान: छात्र का चयन आईटी कंपनी में-AI वर्कशॉप का परिणाम: 12वीं के छात्र को बेंगलुरु में इंटर्नशिपरायपुर । धमतरी में 24-25 अप्रैल को आयोजित युवा फेस्ट 2026 के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। यह आयोजन युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। इसी क्रम में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कशॉप से एक प्रेरणादायक सफलता कहानी सामने आई है।अभनपुर निवासी कक्षा 12वीं के छात्र प्रतीक ताम्रकार का चयन बेंगलुरु स्थित TEKNIKOZ Software Private Limited में समर इंटर्नशिप हेतु किया गया है। यह अवसर उन्हें युवा फेस्ट के दौरान आयोजित AI वर्कशॉप में सक्रिय सहभागिता, तकनीकी समझ और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्राप्त हुआ है। वे आगामी दो माह (अप्रैल से जून 2026) तक कंपनी के साथ कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।कार्यक्रम के दौरान बेंगलुरु से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम एवं आधुनिक तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट आधारित सीखने और करियर मार्गदर्शन का भी अवसर मिला। प्रतीक ने अपनी जिज्ञासा, नवाचार की सोच और सीखने की प्रतिबद्धता से प्रशिक्षकों को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रतीक ताम्रकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना है। प्रतीक की सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण एवं छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।कलेक्टर ने जिले के अन्य युवाओं से भी इस प्रकार के नवाचार एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि वे आधुनिक तकनीकों से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दे सकें।समग्र रूप से “युवा फेस्ट-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। इसने शिक्षा, संस्कृति, खेल और तकनीक के समन्वय के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमित समय और चुनौतियों के बावजूद उत्कृष्ट टीम वर्क, समर्पण और योजनाबद्ध प्रयासों के चलते यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।यह फेस्ट इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। “युवा फेस्ट-2026” ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि सीख, प्रेरणा और आत्मविकास का ऐसा वातावरण भी निर्मित किया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक युवाओं के मन में जीवित रहेंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।प्रतीक ताम्रकार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचाजी पवन कुमार ताम्रकार, प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय कुरूद को दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्होंने युवा फेस्ट में भाग लिया और इस अवसर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट जैसे मंच युवाओं के लिए सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।उल्लेखनीय है कि युवा फेस्ट 2026 के अंतर्गत जिले में विभिन्न क्षेत्रों—तकनीक, खेल, कला, नवाचार एवं उद्यमिता—से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को निखारना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। जिले में इस प्रकार के आयोजन न केवल कौशल विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- - भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपीलरायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज अपने निवास पर मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक भरकर जनगणना में नागरिक भागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शासन को जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आर्थिक स्थिति से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त होती है। यह जानकारी विभिन्न शासकीय योजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होती है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा से नागरिक घर बैठे आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे समय की बचत होती है और पूरी प्रक्रिया अधिक सरल व पारदर्शी बनती है। मंत्री श्री कश्यप ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्व-गणना पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करें, ताकि विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें और सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
- -वैवाहिक सीजन में गन्ना किसानों को मिली बड़ी राहतरायपुर। वैवाहिक सीजन एवं आगामी फसल की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को 13.80 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही चालू पेराई सत्र में अब तक कुल 71.29 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। समयबद्ध भुगतान से सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। चालू पेराई सत्र में कारखाने ने उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 2,55,818 मीट्रिक टन गन्ना पेराई एवं 3,09,120 क्विंटल शक्कर उत्पादन किया गया है। यह सफलता किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कुशल कार्यप्रणाली का परिणाम है। भोरमदेव शक्कर कारखाना किसानों और श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य कर रहा है। इसमें एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी आधारित भुगतान, शासन द्वारा प्रदत्त बोनस वितरण, रियायती दर पर शक्कर उपलब्धता, उन्नत बीज एवं कृषि मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त “बलराम सदन” तथा मात्र 5 रूपए में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना जिले की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है। यह किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी, फसल विविधता को बढ़ावा, हजारों लोगों को रोजगार तथा पीडीएस के लिए सस्ती दर पर शक्कर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समय पर भुगतान, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित योजनाओं के चलते यह कारखाना सहकारी मॉडल की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ जिले के समग्र विकास को भी गति मिल रही है।
- -सभी स्कूलों में शौचालय की सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण भी किया।बैठक के दौरान राज्यपाल ने निर्देश दिए कि अधिकारी हितग्राहियों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले। सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण से जुड़े प्रयासों का आकलन करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून दोनों अवधियों में भूजल स्तर का नियमित और व्यवस्थित मापन किया जाए। उन्होंने कहा कि इन दोनों समयावधियों के आंकड़ों की तुलना करने से यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि वर्षा के साथ-साथ जिले में चलाए गए जल संवर्धन अभियानों जैसे सोखपीट निर्माण और अन्य संरचनाओं का भूजल स्तर पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि इस प्रक्रिया को नियमित रूप से अपनाया जाता है, तो न केवल जल स्तर में हो रही वास्तविक वृद्धि का सही आंकलन संभव होगा, बल्कि जल संरक्षण के प्रयासों को और बेहतर दिशा भी दी जा सकेगी।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय भवनों, सड़कों के किनारे तथा सिविल क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने को कहा, ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से आम लोगों की सहभागिता बढ़ेगी और वे वृक्षारोपण के प्रति अधिक जागरूक एवं प्रेरित होंगे।राज्यपाल ने जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में धान की खेती अधिक मात्रा में होती है, जिससे पानी की खपत भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में किसानों को अन्य कम पानी वाली फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही राज्यपाल ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर बल देते हुए हाइड्रोपोनिक्स खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स एक उन्नत तकनीक है, जिसमें फसलों को बिना मिट्टी के केवल पानी और पोषक तत्वों के घोल के माध्यम से उगाया जाता है, जिससे पानी की बचत होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है। बैठक में कृषि अधिकारी ने जानकारी दी कि “नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग” के तहत जिले में 500 किसानों को जैविक खेती से जोड़ा गया है और वे जैविक फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।राज्यपाल श्री डेका ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से स्कूलों में शौचालय की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल में शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा वे साफ-सुथरे और उपयोग योग्य स्थिति में हों। उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों के शौचालयों का निरीक्षण करने के लिए कहा। राज्यपाल ने यह भी जोर दिया कि शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही राज्यपाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट हुए बच्चों और उनके अभिभावकों की बैठकें आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और वर्तमान में किसी अच्छे संस्थान में कार्य कर रहे हैं या किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, उन्हें स्कूलों में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए। ऐसे कार्यक्रमों से वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे।बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित योग और व्यायाम को बढ़ावा देने पर राज्यपाल ने जोर दिया। जिले के 28 संस्थानों में नियमित रूप से योग का अभ्यास किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने सराहना की। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन संस्थानों में नियमित योग करने वाले प्रतिभागियों की सूची तैयार कर भेजी जाए, ताकि उन्हें राजभवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया जा सके।राज्यपाल ने सभी विकासखंड अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जल संरक्षण के कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था, स्कूलों में शौचालयों की स्थिति तथा “लखपति दीदी” योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में किए जा रहे किसी भी नवाचार (इनोवेटिव कार्य) की जानकारी भी ली, ताकि अच्छे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जा सके।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के वेल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे उनकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों में वृद्धि हो सके। साथ ही इन उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर भी गंभीरता जताई और अधिकारियों को इसके लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू करने पर जोर दिया, जिससे दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। इसके साथ ही राज्यपाल ने इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी में अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ने पर जोर दिया।बैठक में जिला कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ कदम, “ई-श्रम साथी” एप से मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री-श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्रीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "ई-श्रम साथी" मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।
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स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026
रायपुर/आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चन्द्राकर के नेतृत्व में नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 क्षेत्र के अंतर्गत राजधानी शहर रायपुर में जीई रोड के किनारे टाटीबंध एम्स हॉस्पिटल के सामने लगने वाले ठेलों, गुमटियों के संचालकों और आमजनों के मध्य नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की ओर से सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की उपस्थिति में स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 अंतर्गत स्वच्छता जनजागरूकता अभियान चलाकर भजन कीर्तन के माध्यम से सकारात्मक स्वच्छता सन्देश दिया गया.नागरिकों से कूड़ा इधर - उधर नहीं फेंकने और सफाई मित्र को सफाई वाहन में कूड़ा देकर स्वच्छता बनाये रखने की विनम्र अपील नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष और शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर के नेतृत्व और नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा,सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, उपअभियंता श्री लोचन प्रसाद चौहान, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा, श्री राकेश बंजारे की उपस्थिति में की गयी.इसके साथ ही खुले में कूड़ा डाले जाने पर सम्बंधित पर व्यवस्था सुधार हेतु जुर्माना करने की कड़ी चेतावनी दी गयी. नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ठेला गुमटी संचालकों को दिनांक 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 अंतर्गत चार डिब्बा प्रणाली को लेकर जागरूक बनाया. ठेला, गुमटी संचालकों सहित आमजनों से सूखा, गीला, सेनेटरी और विशेष देखभाल कूड़ा पृथक - पृथक करके क्रमशः नीला, हरा, लाल और काला रंग के डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को देकर रायपुर को स्वच्छ राजधानी शहर बनाने में सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की गयी.टाटीबंध एम्स हॉस्पिटल के सामने ठेला -गुमटी संचालकों सहित आमजनों ने नगर निगम जोन 8 के सफाई मित्रों, सफाई कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर के नेतृत्व में सामूहिक स्वच्छता शपथ ली. -
टंकी निर्माण की स्ट्रेन्थ की परीक्षण रिपोर्ट को देखकर संतोष व्यक्त किया,अच्छी तरह तराई कार्य करने वहाँ तत्काल बोर खनन करवाने के जोन 1 जोन कमिश्नर को दिए निर्देश*
शिवानंद नगर में निर्माणाधीन महतारी सदन के निर्माण कार्य को तत्काल गतिमान करने दिए निर्देश*रायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े ने नगर निगम जोन क्रमांक 1 क्षेत्र अंतर्गत गुढ़ियारी दीक्षानगर ठक्करबापा वार्ड में निर्माणाधीन जलागार के निर्माण की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर की उपस्थिति में किया. मुख्य अभियंता ने जलागार निर्माण की स्ट्रेन्थ की परीक्षण रिपोर्ट का निरीक्षण किया और इस पर संतोष व्यक्त किया. मुख्य अभियंता ने जोन 1 जोन कमिश्नर को जलागार निर्माण कार्य में तराई कार्य अच्छी तरह सतत मॉनिटरिंग करके करवाने वहाँ तत्काल बोर खनन कार्य करवाने के निर्देश दिए, ताकि अच्छे तराई कार्य हेतु जल की साइट पर कोई कमी ना होने पाए.मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े ने नगर निगम जोन 1 अंतर्गत शिवानंद नगर में निर्माणाधीन महतारी सदन के निर्माण की प्रगति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और कार्य को साइट पर तत्काल गतिमान करवाते हुए सतत मॉनिटरिंग कर कार्य को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तायुक्त तरीके से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए. -
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त स्वच्छता से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए निर्देशानुसार जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, श्री उमेश नामदेव, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में नगर निगम जोन क्रमांक 9 क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7,11, 32,51 क्षेत्र में 29 फेरी वालों के ठेलों, गुमटियों की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण स्वच्छता दीदियों सहित किया गया. इस दौरान कचरा सफाई वाहन में नहीं देने, डस्टबिन नहीं रखने और गन्दगी फैलाये जाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही पाए जाने पर सम्बंधित 29 फेरी वालों पर वार्ड क्रमांक 7,11, 32,51 में कुल 4800 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिये कड़ी चेतावनी देते हुए किया गया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- 0- पारदर्शिता और त्वरित समाधान के लिए सजेंगे ’सुशासन’ के मंच, शिविर में प्राप्त शिकायतों का मौके पर होगा निपटारा0- जनपद पंचायतों में विभिन्न स्थानों पर 01 मई से 10 जून तक, सुबह 09 से शाम 04 बजे तक आयोजित होंगे निवारण शिविर0- दुर्ग, धमधा और पाटन में ग्राम पंचायतवार शिविरों की तैयारी पूर्ण, नोडल अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के नेतृत्व में जिले में पारदर्शिता लाने और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से ’सुशासन तिहार-2026’ के आयोजन हो रहा हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ’सुशासन तिहार-2026’ के तहत जिले के जनपद पंचायतों में विभिन्न स्थानों पर निवारण शिविर 01 मई 2026 से 10 जून 2026 तक सुबह 09.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। सबसे पहले जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 04 मई 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुथरेल में शिविर लगेगा, जिसमें अण्डा, विनायकपुर, आमटी, मासाभाट, आलबरस, निकुम, चिंगरी, अछोटी, कुथरेल, भरदा, कोनारी, चंदखुरी, भानपुरी, जंजगिरी, मतवारी और रिसामा ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके पश्चात 08 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला ढौर में शिविर आयोजित होगा, जहाँ सिरसाखुर्द, जेवरा, समोदा, भटगांव, कुटेलाभांठा, खपरी कु., करंजाभिलाई, झेंझरी, कचांदुर, ढौर, खेदामारा, बासीन, बोड़ेगांव, रवेलीडीह, अरसनारा और ननकट्ठी ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी समस्याएँ रख सकेंगे। 18 मई 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पुरई में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें मचांदुर, चिरपोटी, पाउवारा, कोड़िया, कोकड़ी, हनोदा, पुरई, खोपली, डुमरडीह, घुघसीडीह, उमरपोटी, कातरो, मातरोडीह, बोरीगारका और करगाडीह पंचायतें शामिल होंगे। इसके बाद शिविर 22 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरई में संपन्न होगा, जिसमें ग्राम नगपुरा, बोरई, खुरसुल, दमोदा, खुर्सीडीह, अंजोरा ढा, ढाबा, भेंड़सर, डांडेसरा, गनियारी, बेलौदी, मालूद, पीपरछेड़ी, चिखली, कोटनी और मोहलई शामिल होंगे। अंत में 29 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला थनौद में शिविर आयोजित किया जाएगा, जहाँ ग्राम अंजोरा (ख), धनोरा, महमरा, रसमड़ा, खम्हरिया, खपरी सि, सिलोदा, पीसेगांव, कोलिहापुरी, थनौद, बिरेझर, चंगोरी, तिरगा, झोला, भोथली, खाड़ा और रूदा सम्मिलित होंगे।इसी क्रम में जनपद पंचायत धमधा के अंतर्गत भी शिविरों का विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित है। जिसके अनुसार 06 मई 2026 बुधवार को चीचा में शिविर आयोजित होगा, जिसके दायरे में भाठाकोकड़ी, मुडपार, डोड़की, देउरकोना, चीचा, अरसी, सुखरीकला, लिटिया, पुरदा, गाडाडीह, करेली, सेमरिया लि., जोगीगुफा, हसदा, चिखला, बिरेझर, खर्रा, रौता, टेमरी, फुण्डा, सिलतरा, नवागांव (पु), पथरिया (डो), डोमा, पोटिया (से.), सेवती, हिरी और मड़ियापार (परसदापार) ग्राम आएंगे। इसके बाद 13 मई 2026 बुधवार को मलपुरीकला में आयोजित शिविर में मलपुरीकला, अकोला, कपसदा, ओटेबंद, अछोटी, ढौर (हिगनाडीह), बोरसी, खपरी, पंचदेवरी, ढाबा, मुर्रा (सुरजीडीह), साकरा, कडरका और गोढी पंचायतों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। धमधा क्षेत्र में 15 मई 2026 शुक्रवार को राजपुर में शिविर लगेगा, जिसमें साल्हेखुर्द, नवागांव, कोनका, रौंदा, परसकोल, गोरपा, भिलौरी, पेंड्रावन, अकोली, ठेलका, बरहापुर, धरमपुरा, पगबंधी, अगार, राजपुर, पेंड्री, कुटहा, रक्शा, बिरझापुर, परसबोड़, खपरी, घौठा, खैरझिटी, घौटवानी, धूमा, अछोली और हिरेतरा, बिरेभाठ को शामिल किया गया है। इसके उपरांत 20 मई 2026 बुधवार को नारधा में शिविर का आयोजन होगा, जहाँ खेरधा, नारधा, मोंहदी, रिंगनी, नंदौरी, मुडपार, ओखरा, मुरमुदा, चेटुवा, लिमतरा, मलपुरीखुर्द, सण्डी, लहंगा, ढौर, खेरधी, बागडूमर, सेमरिया, अहेरी और बिरेभाठ ग्राम शामिल होंगी। 25 मई 2026 सोमवार को दारगांव में शिविर संपन्न होगा, जिसमें बिरौदा, दारगांव, मोहलई, टठिया, ठेंगाभाट, धौराभाट, छिराही, तरकोरी, मोहरेंगा, खजरी, कंदई, पेंड्रीतराई, कोकड़ी, हरदी, माटरा और गोता ग्राम जुड़ेंगे। 28 मई 2026 गुरुवार को कन्हारपुरी में आयोजित शिविर में परोड़ा, बसनी, दानीकोकडी, करेली, खिलौराकला, खिलौरा, कन्हारपुरी, जातार्घारा, डगनिया, सिरनाभाठा, नंदवाय, भरनी, नंदेली, देवरी, भिभौरी, रूहा, पेन्ड्री, सुखरीखु, गाड़ाघाट, घसरा, सिल्ली, परसुली, बोरी, परसदाखुर्द, दनिया, टेकापार, तुमाखुर्द, तुमाकला, पेंड्री गो, रहटादाह, मोतिनपुर, गोबरा, नवागांव, सोनेसरार, तितुरघाट, महराजपुर ग्राम शामिल होंगे। धमधा जनपद का अंतिम शिविर 03 जून 2026 बुधवार को मेड़ेसरा में आयोजित होगा, जिसमें सगनी, परसदा, कोडिया, मेडेसरा और पोटिया, देवरझाल, पिटौरा, धिकोडिया, गिरहोला, खपरी, घटियाखुर्द, पाहरा, डुमर, करहीडीह, नंदनीखुंदनी, पथरिया, सहगांव, सेमरिया (गि) ग्रामों के ग्रामीण शामिल हो सकेंगे।इसी प्रकार जनपद पंचायत पाटन के लिए भी शिविरों की सूची तैयार है। जिसके अनुरूप जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत पहला शिविर 07 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला घुघवा (क) में लगेगा, जहाँ पचपेडी, खम्हरिया (कु), कोपेडीह, आँधी, सांकरा, उफरा, नारधी, पाहदा (अ), झीट, बटंग और घुघवा (ज) की पंचायतें शामिल होंगी। इसके बाद शिविर 11 मई 2026 सोमवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढौर में होगा। जिसमें ग्राम पंचायत पहंडोर, ढौर, सावनी, करसा, महकाखुर्द, अचाकनपुर, खुडमुडी, घुघवा (क), महकाकला, रवेली, तुलसी, मुडपार, राखी, चंगोरी, पतोरा, लोहरसी, चीचा, चुनकट्टा, तर्रा, अरसनारा, देवादा, फुण्डा, छाटा को सम्मिलित किया गया है। इसके पश्चात 14 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मर्रा में शिविर संपन्न होगा, जिसमें गोडपेन्ड्री, कानाकोट, सोरम, मानिकचौरी, गुढियारी, दैमार, सेलूद, गाडाडीह, बठेनौ, धौराभांठा, मर्रा, गुजरा, फेकारी, मटंग, पंदर, परसाही, सांतरा, कौही, सेमरी, द. मोखली की पंचायतें जुड़ेंगी। 21 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कौही में शिविर आयोजित होगा। जहाँ सिकोला, खम्हरिया (ड), कुर्मीगुण्डरा, बेलौदी, सिपकोन्हा, तेलीगुण्डरा, बोरीद, कुम्हली, सोनपुर, बेलौदी, खर्रा, तरीघाट, कुम्हली, जरवाय, केसरा, पौधा, बोरेंदा, भनसुली (क), गब्दी, कौही, असोगा पंचायतें शामिल होंगी। 01 जून 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जामगांव (आर) में शिविर आयोजित किया जाएगा। जिसमें पाहंदा (झा), भनसुली (आर), गातापार, रानीतराई, औसर, नवागांव बी, बटरेल, डिड़गा, करेला, टेमरी, अरमरीखुर्द, रेंगाकठेरा, बीजाभांठा, बोरवाय, किकिरमेटटा, भरर, धमना, आगोरसरा, जामगांव आर, खोला, बेल्हारी, सुरपा, मुलगहन, निवानी, ओदर्रागहन और अकतई ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।सुशासन तिहार-2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए संपूर्ण जिले के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव सहायक नोडल अधिकारी का दायित्व संभालेंगे। शिविरों के व्यवस्थित संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को मंच, पंडाल और छाया-पानी जैसी मूलभूत बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शिविर स्थल पर मेडिकल टीम की तैनाती आवश्यक दवाइयों के साथ रहेगी और सुरक्षा व पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक एवं एसडीएम को सौंपी गई है। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकतानुसार शिविर स्थलों पर हेलीपैड का चिन्हांकन और निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पुलिस और आबकारी विभाग के समन्वय से किया जाएगा। शिविरों में पेयजल की सुचारू व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा की जाएगी, जबकि निर्बाध विद्युत आपूर्ति और जनरेटर की व्यवस्था विद्युत विभाग के साथ लोक निर्माण विभाग (ई एंड एम) सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, दूर-दराज के क्षेत्रों तक सूचना पहुंचाने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र, कूलर और पंखों की उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला स्तरीय एवं विभाग प्रमुख अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने खंड और जोन स्तरीय अधिकारियों के साथ मैदानी स्तर पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता लाना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
- 0- नगरीय निकायों में जनसमस्याओं का होगा त्वरित समाधान, विभिन्न वार्डों में लगेंगे विशेष शिविर0- 01 मई से 10 जून तक, सुबह 09 से शाम 04 बजे तक होगा समस्याओं का निराकरण0- नगर निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली, चरोदा सहित नगर पालिकाओं और पंचायतों सहित 44 विभिन्न स्थलों पर लगेंगे शिविरदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में नगरीय क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने और जन समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए ’सुशासन तिहार-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन शिविरों का आयोजन 01 मई 2026 से शुरू होकर 10 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें वार्डवार क्लस्टर बनाकर लोगों की शिकायतों और मांगों का निराकरण किया जाएगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम दुर्ग के अंतर्गत 01 मई 2026 शुक्रवार को वार्ड क्र. 01 चंद्रशेखर आजाद उ.मा. विद्यालय पंचशील नगर में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 1 से 13 और 56, 57 शामिल होंगे। इसी तरह 07 मई को वार्ड 60 शा.प्र.शाला कातुलबोर्ड में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड 58 से 60, वार्ड 14 से 19, वार्ड 20 से 24 और वार्ड 47 शामिल होंगे। 13 मई को वार्ड 46 स्वामी विवेकानंद भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 39 से 54 शामिल होंगे। 23 मई 2026 को वार्ड क्र. 37 पुराना गंज मंडी में शिविर का आयोजन होगा जिसमें वार्ड क्र. 25 से 38 और वार्ड 55 के नागरिक शामिल होंगे। इसी क्रम में नगर निगम भिलाई-चरोदा अंतर्गत 05 मई 2026 मंगलवार को सामुदायिक भवन उमदा वार्ड क्र. 06 में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 06 तक के नागरिक शामिल होंगे। 11 मई 2026 सोमवार को मंगल भवन भिलाई-3 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 07 से 17 तक के क्षेत्र शामिल किए गए हैं। 20 मई 2026 बुधवार को सामुदायिक भवन चरोदा में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 18 से 29 तक तथा 28 मई 2026 गुरुवार को सामुदायिक भवन सोमनी में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 30 से 40 तक के लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। नगर पालिक निगम रिसाली के अंतर्गत 09 मई 2026 (बुधवार) को वार्ड क्र. 39 जगदंबा चौक पुरैना में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 38, 39 और 40 शामिल होंगे। इसके बाद 15 मई 2026 (बुधवार) को दुर्गा मैदान स्टेशन मरोदा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 11 से 21 और 32 से 34 वार्ड के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी क्रम में 25 मई 2026 (शुक्रवार) को स्वामी आत्मानंद स्कूल रिसाली में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 10 और 22 से 31 वार्ड को शामिल किया गया है। अंत में 30 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 36 ड़ुंडेरा मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 35, 36 और 37 के लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं।नगर पालिक निगम भिलाई के अंतर्गत 04 मई 2026 (सोमवार) को हाई स्कूल जुनवानी/शासकीय प्राथमिक शाला जुनवानी में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें जोन-01 नेहरू नगर के वार्ड क्र. 01 से 08 (जुनवानी, स्मृति नगर, मॉडल टाउन, नेहरू नगर, कोसानगर, प्रियदर्शिनी परिसर, राधिका नगर और कृष्णा नगर) शामिल होंगे। इसके बाद 08 मई 2026 (शुक्रवार) को निगम मुख्य कार्यालय सुपेला में शिविर लगेगा, जिसमें जोन-01 नेहरू नगर के ही वार्ड क्र. 09 से 13, 17 और 18 (राजीव नगर, लक्ष्मी नगर, फरीद नगर, रानी अवंती बाई कोहका, पुरानी बस्ती कोहका, नेहरू भवन और कान्ट्रैक्टर कॉलोनी) के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। इसी क्रम में 14 मई 2026 (गुरुवार) को वैशाली नगर स्थित लोक मंगल परिसर में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड क्र. 14, 15, 16, 19, 20 और 27 से 29 (शांति नगर, आंबेडकर नगर, सुपेला, राजीव नगर, वैशाली नगर, शास्त्री नगर, प्रेम नगर और वृंदा नगर) को शामिल किया गया है। 19 मई 2026 (मंगलवार) को हाउसिंग बोर्ड सूर्यकुण्ड सामुदायिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड क्र. 21 से 25 (कैलाश नगर, कुरूद बस्ती, घासीदास नगर, हाउसिंग बोर्ड, जवाहर नगर और हाऊसिंग बोर्ड) शामिल होंगे। इसके बाद 22 मई 2026 (शुक्रवार) को वार्ड-37 शीतला मंदिर डोमशेड में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जोन-03 मदर टेरेसा नगर के वार्ड क्र. 30 से 37 एवं 52 से 56 (प्रगति नगर, मदर टेरेसा नगर, वैकुण्ठधाम, संतोषी पारा, वीर शिवाजी नगर, शारदा पारा, श्याम नगर, संत रविदास नगर और सेक्टर-1 से सेक्टर-3 के विभिन्न भाग) के नागरिक शामिल हो सकते हैं। अंत में 28 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्रमांक 49 डोम शेड श्रीराम चौक ग्राउण्ड में शिविर आयोजित होगा, जिसमें जोन-04 शिवाजी नगर के वार्ड क्र. 38 से 51 (सोनिया गांधी नगर, चन्द्रशेखर आजाद नगर, शहीद चुम्मन यादव नगर, इंडस्ट्रियल एरिया छावनी, गौतम नगर, बापू नगर और शहीद वीर नारायण सिंह नगर, लक्ष्मीनारायण वार्ड, बालाजी नगर, दुर्गा मंदिर खुर्सीपार, जोन-3 खुर्सीपार, सुभाष मार्केट, शास्त्री नगर) के क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। 1 जून 2026 सोमवार को वार्ड 65, सेक्टर 10 गुंड्डीचा मंच डोमशेड में शिविर लगेगा जिसमें वार्ड 57 से 60 अंतर्गत सेक्टर 4-10 के विभिन्न भागों के नागरिक शामिल होंगे।इसी क्रम में नगर पालिका परिषद कुम्हारी, जामुल, अहिवारा और अमलेश्वर में भी निर्धारित तिथियों में शिविरों का आयोजन होगा। नगर पालिका परिषद कुम्हारी के अंतर्गत 06 मई 2026 (बुधवार) को राजीव भवन परसदा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13 एवं 16 शामिल होंगे। इसके बाद 12 मई 2026 (मंगलवार) को बैडमिंटन कोर्ट वार्ड क्र. 15 में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 09 से 12 एवं 14, 15 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी क्रम में 18 मई 2026 (सोमवार) को सामुदायिक भवन वार्ड क्र. 06 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 08 तक के क्षेत्र शामिल होंगे। 25 मई 2026 (सोमवार) को कर्मभवन जंजगिरी में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 17, 19, 23 एवं 24 शामिल होंगे। अंत में 30 मई 2026 (शनिवार) को मानस भवन कुगदा में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 18, 20, 21 एवं 22 शामिल होंगे। इसी प्रकार नगर पालिका परिषद जामुल के अंतर्गत 08 मई 2026 (शुक्रवार) को हाई स्कूल डोम शेड वार्ड क्र. 06 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03, 04 एवं 06 शामिल होंगे। इसके बाद 14 मई 2026 (गुरुवार) को प्राथमिक शाला रावण भाठा वार्ड क्र. 09 में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 05, 07, 09 एवं 10 के नागरिक शामिल होंगे। इसी कड़ी में 19 मई 2026 (मंगलवार) को ए.सी.सी. मंगल भवन वार्ड क्र. 13 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 08, 11, 12, 13, 14 एवं 15 शामिल होंगे। 26 मई 2026 (सोमवार) को मंगल भवन वार्ड क्र. 16 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 16, 17 एवं 18 शामिल होंगे। अंत में 01 जून 2026 (सोमवार) को सांस्कृतिक भवन बाजार चौक सुपेला में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 19 एवं 20 के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। नगर पालिका परिषद अहिवारा के अंतर्गत 07 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 03 स्थित मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03 एवं 04 शामिल होंगे। इसके बाद 16 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 03 स्थित मंगल भवन में ही दूसरा शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 05, 06, 07 एवं 08 शामिल होंगे। इसी प्रकार 21 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 12 स्थित मंगल भवन में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 09, 10, 11 एवं 12 के लोग शामिल होंगे। अंत में 02 जून 2026 (मंगलवार) को वार्ड क्र. 12 स्थित मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13, 14 एवं 15 के नागरिकों को शामिल किया गया है। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के अंतर्गत 04 मई 2026 (सोमवार) को स्वामी आत्मानंद स्कूल अमलेश्वर में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03 और 18 शामिल होंगे। इसके बाद 09 मई 2026 (शनिवार) को शासकीय प्राथमिक शाला खुडमुड़ा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 04, 05, 06 और 07 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी तरह 26 मई 2026 (मंगलवार) को शासकीय प्राथमिक शाला मगरघटा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13-17 को शामिल किया गया है। अंत में 29 मई 2026 (शुक्रवार) को शासकीय प्राथमिक शाला अमलेश्वर डीह में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 08 से 12 के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं।नगर पंचायत धमधा, पाटन और उतई में भी शिविरों का आयोजन होगा। जिसमें नगर पंचायत धमधा के अंतर्गत 02 मई 2026 (शनिवार) को डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 05 तक के क्षेत्र शामिल होंगे। इसके बाद 11 मई 2026 (सोमवार) को बजरंग चौक मंगल भवन में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 06, 07, 08, 09 और 15 के नागरिक शामिल होंगे। अंत में 22 मई 2026 (शुक्रवार) को सांस्कृतिक भवन तमेर पारा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 10, 11, 12, 13 और 14 के निवासी शामिल हो सकेंगे। नगर पंचायत पाटन के अंतर्गत 05 मई 2026 (मंगलवार) को वार्ड 09 कार्यालय नगर पंचायत पाटन में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 03, 08, 09, 10, 11 और 12 शामिल होंगे। इसके बाद 15 मई 2026 (शुक्रवार) को वार्ड क्र. 04 देवांगन समाज भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 04, 05 और 06 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। अंत में 23 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 15 खुबचंद बघेल सामुदायिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 07, 13, 14 और 15 को शामिल किया गया है। नगर पंचायत उतई के अंतर्गत सभी शिविर कार्यालय नगर पंचायत उतई परिसर में आयोजित होंगे। पहला शिविर 06 मई 2026 (बुधवार) को लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03, 04, 07 और 08 शामिल होंगे। इसके बाद 16 मई 2026 (शनिवार) को आयोजित शिविर में वार्ड क्र. 12, 13 और 14 के नागरिक शामिल होंगे। 21 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 09, 10 और 11 के लिए शिविर लगेगा और अंत में 02 जून 2026 (मंगलवार) को वार्ड क्र. 05, 06 और 15 के नागरिकों के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा।सुशासन तिहार-2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को मुख्य नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविरों के व्यवस्थित संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को मंच, पंडाल, पेयजल और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शिविर स्थल पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी और सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को सौंपी गई है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सूचना प्रसार के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शहरी क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुँचाना है।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक ’’शुद्ध दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार’’ थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है जिसमें औषधि शाखा द्वारा जिले में कॉस्मेटिक एजेंसीयां, थोक एवं खुदरा औषधि विक्रय फर्म, अस्पताल एवं अस्पतालों से जुडे फार्मेसी में कोल्ड चैन का निरीक्षण निजी एवं शासकीय परिसरों में वैक्सीन संधारण एवं कोल्ड चैन की जांच, स्वापक औषधियों के थोक एवं खुदरा फर्मों में क्रय-विक्रय संबंधित दस्तावेजों की जांच, सार्वजनिक स्थलों पर कोटपा अधिनियम के तहत् कार्यवाही एवं जागरूकता अभियान एवं निजी तथा शासकीय अस्पतालों की फार्मेसीयों की जांच/निरीक्षण एवं एडवर्स ड्रग ईवेंट की रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं की जांच औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत की जाएगी। खाद्य शाखा द्वारा चाट, गुपचुप सेंटर्स, गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक्स, आईसक्रीम, जूस सेंटर, डेयरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिठाई दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, केक एवं ब्रेकरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिड-डे मिल सेंटर्स, हास्पिटल कैंटीन, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर्स, आईस्क्रीम विक्रेता, कन्फेक्शनरी प्रतिष्ठान, ढ़ाबा, फल एवं सब्जी विक्रेता प्रतिष्ठान, पेप्सी, आईसगोला, आईस कैण्डी विक्रेता प्रतिष्ठानों की सघन जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् की जाएगी।औषधि शाखा द्वारा - जिले में संचालित मेसर्स जलाराम कॉस्मेटिक इंदिरा मार्केट दुर्ग, वर्ल्ड ऑफ ब्यूटी इंदिरा मार्केट दुर्ग, मेसर्स रेडलिप्स कॉस्मेटिक शॉप, नेहरू नगर, भिलाई, मेसर्स वूमनिया मेकअप स्टोर्स, अग्रसेन चौक, नेहरू नगर, मेसर्स प्रकाश जनरल स्टोर्स, आर.एस.एस. मार्केट, पावर हाउस, भिलाई, मेसर्स हर्षित जनरल एण्ड बैंगल्स स्टोर्स पावर हाउस, जवाहर मार्केट, भिलाई एवं मेसर्स के.जी.एन. ज्वेलर्स, जवाहर मार्केट, कैम्प-2, पावर हाउस, भिलाई ऐसे 07 कॉस्मेटिक विक्रय करने वाले फर्मों का निरीक्षण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत् किया गया जिसमें किसी भी प्रकार की एलोपैथिक औषधियों का संग्रह करना नहीं पाया गया एवं फर्मों के क्रय-विक्रय रिकार्ड की जांच की गई एवं सख्त निर्देश दिये गए कि उनके द्वारा कास्मेटिक सामान का क्रय अधिकृत विक्रेताओं/एजेंसी से क्रय बिल के माध्यम से किया जाए। भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।खाद्य शाखा द्वारा - आज जिले में विभिन्न क्षेत्रों में संचालित चाट, गुपचुप सेंटर आदि स्ट्रीट वेंडर्स की जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया जा रहा है, जिसमें संचालकों को साफ स्वच्छ पीने योग्य पानी का उपयोग करने हेतु, अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने हेतु परिसर के आस-पास स्वच्छता रखने हेतु एवं डस्टबीन रखने हेतु निर्देशित किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- दुर्ग. नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार उपसंचालक डॉ. मनोज दानी एवं अभिहीत अधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार नेले के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन दुर्ग की टीम द्वारा अहिवारा क्षेत्र में निरीक्षण किया गया।उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन से प्राप्त जानकारी अनुसार निरीक्षण के दौरान व्यापारियों ने बताया कि ग्राम भिरेभाठ, थाना नंदिनी, जिला दुर्ग में अवैध रूप से स्वास्थ्य को हानि पहुचाने वाला जर्दा युक्त पान मसाला का निर्माण किया जा रहा है। टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जहां “मुसाफिर” ब्रांड नाम से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जर्दा युक्त पान मसाले का निर्माण करते हुए पाया गया। मौके पर विक्रय हेतु तैयार 51 कट्टी जर्दा युक्त पान मसाला बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 3,18,240 रुपये है। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों से उत्पाद के निर्माणकर्ता के संबंध में पूछताछ करने पर वे कोई जानकारी नहीं दे सके। निर्माणकर्ता की अनुपस्थिति के कारण, अभिहीत अधिकारी के निर्देश पर एरिया अधिकारी रिचा शर्मा द्वारा उक्त निर्माण स्थल को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (संशोधित 2011) के तहत तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
- बिलासपुर. छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से “रेबीज की रोकथाम एवं पशु काटने के प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।प्रशिक्षण का उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को रेबीज संक्रमण की पहचान, समय पर उपचार एवं मरीजों की प्रभावी देखभाल के लिए प्रशिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने रेबीज की उत्पत्ति, लक्षणों की पहचान तथा आपातकालीन उपचार की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि संक्रमित पशु के काटने पर वायरस तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचकर गंभीर प्रभाव डालता है, लेकिन समय पर टीकाकरण और सही प्रबंधन से इससे बचाव संभव है।सत्र में नर्सिंग स्टाफ को घाव की तत्काल सफाई, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) एवं इम्युनोग्लोब्युलिन के उपयोग सहित मरीज की निगरानी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिष्ठाता डॉ. मूर्ति ने कहा कि रेबीज एक जानलेवा लेकिन पूरी तरह रोके जा सकने वाला रोग है, वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने हर पशु काटने के मामले में सतर्कता बरतने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर सहित अन्य चिकित्सकों और बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स व स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।--
- बिलासपुर. एक साधारण सा घर, सीमित आमदनी और अचानक सामने आ गया 40 हजार रुपये का बिजली बिल—ग्राम धौराभांटा निवासी सनत धुव्र के लिए यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि रोज बढ़ती चिंता और बेबसी की कहानी बन गया था। हर दिन यही सोच—“इतना पैसा आएगा कहां से?”—परिवार के सुकून पर भारी पड़ रही थी। घर के छोटे-बड़े खर्चों के बीच इतना बड़ा बकाया चुकाना लगभग नामुमकिन लग रहा था। हालात ऐसे थे कि उम्मीद भी धीरे-धीरे कम होती जा रही थी।इसी बीच मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आई।धौराभांटा में आयोजित शिविर में जब सनत धुव्र अपनी समस्या लेकर पहुंचे, तो यह उनके लिए एक आखिरी कोशिश जैसा था। शिविर में उनके प्रकरण की जांच की गई और योजना के तहत 27 हजार रुपये की छूट स्वीकृत की गई। कुछ ही पलों में 40 हजार का बोझ काफी हद तक हल्का हो गया—और उसी के साथ उनके मन का भार भी। अब बची हुई राशि को भी आसान बना दिया गया है।कार्यपालन अभियंता अनुपम सरकार ने बताया कि शेष रकम केवल 350 रुपये प्रतिमाह की 40 किश्तों में जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि “इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपने बकाया का भुगतान कर सकें। अधिक से अधिक लोग इसका लाभ लें, यही हमारी कोशिश है।” इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है। राहत मिलने के बाद सनत धुव्र की आंखों में साफ सुकून झलक रहा था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “अब सब ठीक हो गया।” उन्होंने इस राहत के लिए विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने उनके जैसे कई परिवारों को बड़ी चिंता से मुक्त किया है।धौराभांटा में आयोजित इस शिविर में ऐसे कई और परिवार भी पहुंचे, जिनकी परेशानियां लंबे समय से अनसुनी रह गई थीं। मौके पर ही समस्याओं का समाधान मिलने से लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल में छूट, सरचार्ज में राहत और किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिल रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर ऐसे शिविरों का लाभ उठाएं, क्योंकि समय पर मिला समाधान न केवल बिल का बोझ कम करता है, बल्कि जिंदगी में उम्मीद और सुकून भी लौटाता है।
- बिलासपुर. “सही दवा - शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में संचालित 15 दिवसीय विशेष अभियान के तहत आज शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर खाद्य सुरक्षा को लेकर सघन जांच अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान कोन्हेर गार्डन चौक, मरीन ड्राइव चौपाटी, अशोक नगर चौक एवं नूतन चौक क्षेत्र में संचालित गुपचुप, चाट एवं अन्य खाद्य सामग्री के ठेलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने हेतु हैंड ग्लव्स एवं हेड कैप वितरित किए गए तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय में स्वच्छता एवं गुणवत्ता के निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।इस दौरान अभिहित अधिकारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि आमजन को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा।--
- बिलासपुर. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के चरण-2 के अंतर्गत जिले की ग्राम पंचायतों में तरल अपशिष्ट (लिक्विड वेस्ट) के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए विकेन्द्रित अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली (DEWATS) को प्राथमिकता दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले गंदे पानी को सीधे नालियों, नदियों एवं तालाबों में जाने से रोकना तथा उसे उपचारित कर पुनः उपयोग के योग्य बनाना है।यह प्रणाली जल स्रोतों (नदियों/तालाबों) को प्रदूषण मुक्त रखने के साथ-साथ ग्रामीण आबादी को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगी। परियोजना का मुख्य लक्ष्य अपशिष्ट जल के उचित उपचार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।DEWATS प्रणाली पारंपरिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की तुलना में किफायती एवं प्रकृति-आधारित तकनीक पर आधारित है। इसमें रासायनिक प्रक्रिया के बजाय सूक्ष्मजीवों एवं पौधों की सहायता से जल का शोधन किया जाता है। इस तकनीक की विशेषता यह है कि अपशिष्ट जल का उपचार उसी स्थान (ऑन-साइट ट्रीटमेंट) पर किया जाता है, जहां वह उत्पन्न होता है।उपचारित जल का उपयोग बागवानी, कृषि कार्य एवं शौचालय फ्लशिंग जैसे कार्यों में किया जा सकेगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार एवं जल संसाधनों का संरक्षण संभव होगा।जिले में वर्तमान में 46 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 25 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष 21 कार्य प्रगति पर हैं।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से न केवल जल की बर्बादी को रोका जा रहा है, बल्कि ओडीएफ प्लस (ODF Plus) लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए टिकाऊ एवं पर्यावरण के अनुकूल समाधान साबित होगी।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में हेडमास्टर सुश्री श्री दुलेश्वरी साहू ने शासकीय प्राइमरी स्कूल ग्राम सोंठ एवं ग्राम संडी की सरपंच श्रीमती हेमलता बंजारे ने आंगनबाड़ी केंद्र में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--

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