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- -लैलूंगा की भगवती चंद्रा को मिला उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शनरायपुर। मुख्यमंत्री की जनकेंद्रित सुशासन व्यवस्था के तहत संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड में दर्ज एक शिकायत का शीघ्र निराकरण करते हुए पात्र हितग्राही को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। लैलूंगा नगर के संत कबीर वार्ड क्रमांक-7 निवासी श्री धनेश्वर ने अपनी पत्नी श्रीमती भगवती चंद्रा के नाम पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी गैस कनेक्शन प्राप्त नहीं होने पर उन्होंने अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत प्राप्त होते ही जिला खाद्य नियंत्रक कार्यालय तथा संबंधित खाद्य निरीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की गई। जांच में पाया गया कि आवेदिका के नाम पर उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन स्वीकृत हो चुका था, किंतु तकनीकी एवं प्रक्रियागत कारणों से उसका लाभ हितग्राही तक नहीं पहुँच पाया था। मामले की पुष्टि होने के बाद खाद्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्रतानुसार हितग्राही को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया। इसके साथ ही शिकायत का संतोषजनक निराकरण कर प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। गैस कनेक्शन प्राप्त होने के बाद हितग्राही श्री धनेश्वर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समयबद्ध समाधान हुआ और उन्हें शासन की योजना का लाभ सहज रूप से प्राप्त हो सका। यह प्रकरण दर्शाता है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद का सशक्त माध्यम बन चुकी है। जिला प्रशासन द्वारा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुँच रहा है।
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*अब तक 1 लाख 40 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंग*
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से धरसीवां टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला बेंदरी, आंगनबाड़ी केन्द्र बंधवापारा, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र 1, 11 एवं 12 रांवाभाठा, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र सड्डू में बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में आज कुल 881 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 41 हजार 1 सौ 09 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है। -
“प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ
रायपुर/ जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में स्टाफ नर्स सुश्री सुष्मिता मसीह ने आंगनबाड़ी केंद्र-5 रानी दुर्गावती वार्ड में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया। -
*सीईओ जिला पंचायत ने कम उपलब्धि वाले विकासखंडों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश*
रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन की अध्यक्षता में दिनांक 3 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान कम उपलब्धि वाले विकासखंडों को नोटिस जारी करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि आगामी बैठक में पूर्व बैठक की उपलब्धि एवं वर्तमान उपलब्धि दोनों को प्रस्तुत किया जाए।बैठक में सभी संबंधित नोडल अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी को राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए कार्य योजना तैयार कर कार्य करने के निर्देश दिए गए। गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम में जिले की उपलब्धि कम होने पर टीम बनाकर कार्य पूर्ण करने को कहा गया।निजी चिकित्सालयों से लंबित एंट्री को पूर्ण करने तथा तकनीकी सहयोग के लिए भ्रमण कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए। भवन विहीन संस्थाओं की जानकारी प्रस्तुत करने को भी कहा गया।सभी रिक्त पदों पर भर्ती तत्काल पूर्ण करने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक को आदेशित किया गया। जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एचआरपी महिलाओं को दी जाने वाली प्रावधान राशि का भुगतान समय सीमा में करने के निर्देश दिए गए।जननी पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की एंट्री, यूवीन पोर्टल पर टीकाकरण की एंट्री, वेलनेस गतिविधियों की एंट्री सहित समस्त ऑनलाइन एंट्री समय सीमा पर पूर्ण करने को कहा गया। पोषण पुनर्वास केंद्र तिल्दा में बेड ऑक्यूपेंसी रेट कम होने पर महिला बाल विकास विभाग तिल्दा के सीडीपीओ को लाइन लिस्ट अनुसार एनआरसी में बच्चे भेजने के निर्देश दिए गए।आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित हितग्राहियों की दैनिक समीक्षा करते हुए शत प्रतिशत आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए गए।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री शैल ठाकुर, डीपीएम श्री मनीष कुमार मेजरवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - -नियमित आर्थिक सहायता से परिवार की जरूरतें हो रहीं पूरी, महिलाओं को मिल रहा सशक्तिकरण का नया आधारसक्ती । महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना जिले की हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है। विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम किरारी निवासी श्रीमती सुनीता श्रीवास इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। वे बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। इस सहायता से वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बच्चों के पालन-पोषण में भी सहयोग कर पा रही हैं। श्रीमती सुनीता श्रीवास के अनुसार योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने तथा परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाया है। उनका मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना की नियमित राशि महिलाओं को परिवार की जिम्मेदारियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रही है। श्रीमती सुनीता श्रीवास ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इससे महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हो रही हैं।
- -वन विभाग की अभिनव पहल बनी लोगों के लिए सुरक्षा कवचरायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वन्यजीव संरक्षण और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में शुरू किया गया एआई आधारित 'एलीफेंट अलर्ट सिस्टम' हाथी-मानव संघर्ष को कम करने में बड़ी सफलता साबित हुआ है। इस अभिनव पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और प्रतिष्ठित एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू ने भी इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया है।हाथी प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग थर्मल सेंसर युक्त इन्फ्रारेड ड्रोन की मदद से दिन-रात हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। घने जंगल और अंधेरे में भी यह तकनीक हाथियों का सटीक पता लगा लेती है। जैसे ही हाथियों का दल किसी गांव की ओर बढ़ता है, नियंत्रण कक्ष से ग्रामीणों और वन अमले को एसएमएस, फोन कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से तुरंत सूचना भेज दी जाती है।इस व्यवस्था के माध्यम से लगभग 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को पहले ही सतर्क कर दिया जाता है। सूचना मिलते ही ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाते हैं। वहीं वन विभाग की टीम भी समय पर मौके पर पहुंचकर हाथियों को जंगल की ओर वापस भेजने का प्रयास करती है। इससे हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं में कमी आई है और जनहानि का खतरा भी घटा है।वन विभाग की इस पहल से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। साथ ही हाथियों के संरक्षण को भी नई मजबूती मिली है। आधुनिक तकनीक और त्वरित सूचना प्रणाली के कारण वन्यजीवों तथा लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ का यह नवाचार आज देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। एआई आधारित एलीफेंट अलर्ट सिस्टम यह साबित करता है कि आधुनिक तकनीक, प्रभावी प्रशासन और जनभागीदारी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी सफलतापूर्वक सुनिश्चित की जा सकती है। आज यह पहल छत्तीसगढ़ को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है।
- -पीएम जनमन आवास योजना से पीव्हीटीजी परिवारों को मिल रहा सुरक्षित आवास-एतवा राम के वर्षों पुराने पक्के मकान का हुआ सपना साकारबलरामपुर । प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को विभिन्न प्रकार की शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। पीएम जनमन आवास योजना विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के जीवन में न केवल सुधार ला रहा है, बल्कि पक्के मकान के सपनों को भी साकार कर रहा है।जिले के विकासखंड राजपुर के ग्राम पंचायत चांची के निवासी श्री एतवा राम ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे थे। उनका परिवार रोजी मजदूरी कर जीवन यापन करता है। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए चुनौती था। बरसात में टपकती छत, सर्दियों की ठिठुरन और गर्मियों की तपन उनके परिवार के लिए हमेशा की मजबूरी बनी रही। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके पक्के घर का सपना साकार नहीं हो पा रहा था। उन्हें प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत आवास की स्वीकृति मिली। समय पर राशि और सामग्री उपलब्ध होने से उनका मकान बनकर तैयार हुआ और आज वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित पक्के घर में रह रहे हैं। श्री एतवा राम कहते हैं कि नए घर ने मुझे जीवन की सबसे बड़ी खुशी दी है। अब मेरा परिवार मौसम की मार से सुरक्षित है।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे अपना घर स्वयं बना सकें और गरिमामय जीवन जी सकें।
- -पक्का घर, रोजगार और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लौटे, बने आत्मनिर्भर जीवन की मिसालरायपुर । सुकमा जिले में शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत पोलमपल्ली के निवासी मड़कम भीमा इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और लोकतंत्र की मुख्यधारा को अपनाया। जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के सहयोग से आज वे सम्मान के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं।मुख्यधारा में लौटने के बाद जिला प्रशासन ने मड़कम भीमा को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिली। अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक घर में रह रहा है। इस योजना ने उनके जीवन में स्थिरता और भविष्य के प्रति नया विश्वास पैदा किया।मड़कम भीमा को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत रोजगार भी उपलब्ध कराया गया। उन्होंने गांव के विकास कार्यों में मेहनत से काम किया और मजदूरी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और आत्मविश्वास भी बढ़ा।आज मड़कम भीमा अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। वे मानते हैं कि शासकीय योजनाओं और जिला प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान और नया जीवन दिया है। अब वे विकास की राह पर आगे बढ़ते हुए अपने परिवार का बेहतर भविष्य बना रहे हैं।मड़कम भीमा की सफलता की कहानी बताती है कि शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। यह कहानी युवाओं को संदेश देती है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग अपनाने से जीवन में नई शुरुआत संभव है। शासन समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ा है।
- -मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद त्वरित कार्रवाई, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिला संबलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से गंभीर श्वसन रोग से पीड़ित सरगुजा जिले की मासूम रेणुका खलखो के उपचार का रास्ता आसान हो गया है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में परिजनों द्वारा सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके फलस्वरूप मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत उपचार के लिए 95 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अनुशंसा पर राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार यह राशि झारखंड के रांची स्थित रानी हॉस्पिटल में मासूम के श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए प्रदान की गई है।आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह सहायता बड़ी राहत लेकर आई है। समय पर मिली आर्थिक मदद से अब रेणुका का बेहतर उपचार संभव हो सकेगा। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से उन्हें अपनी बच्ची के इलाज की नई उम्मीद मिली है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना गंभीर एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए जीवनरक्षक सहायता का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उपचार में आर्थिक बाधाएं दूर हो रही हैं।उल्लेखनीय है कि बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य सहायता सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने की व्यवस्था से जरूरतमंद परिवारों को समय पर राहत मिल रही है और शासन के प्रति उनका विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
- -राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से 15 वर्षीय माड़कम हुंगा का हुआ निःशुल्क उपचार, परिवार को मिली बड़ी राहतरायपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत संचालित 'चिरायु' दल दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर उनके जीवन में नई उम्मीद जगा रहा है। बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम मीनागट्टा (पामेड) निवासी 15 वर्षीय माड़कम हुंगा की कहानी इस योजना की सफलता का प्रेरक उदाहरण है।जन्म से थी गंभीर समस्यामाड़कम हुंगा जन्म से ही कटे होंठ और तालु (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या से पीड़ित था। इस कारण उसे भोजन करने, साफ बोलने और सामान्य जीवन जीने में काफी परेशानी होती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका इलाज कराना संभव नहीं था।स्कूल में जांच के दौरान हुई पहचानआरबीएसके के 'चिरायु' दल ने स्कूल में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान माड़कम हुंगा की पहचान की। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार कर उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत रायपुर रेफर किया गया।निःशुल्क सर्जरी से मिली नई जिंदगी25 जून 2026 को माड़कम हुंगा को रायपुर के एक विशेषज्ञ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी सफल प्लास्टिक सर्जरी की। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और 30 जून 2026 को उसे स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी मिल गई।इलाज का पूरा खर्च शासन ने उठायाराष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सर्जरी, जांच, दवाइयां, रायपुर तक आने-जाने की व्यवस्था तथा उपचार के दौरान रहने और भोजन सहित पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया गया। इससे परिवार पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।नई मुस्कान, नया आत्मविश्वासआज माड़कम हुंगा पहले की तुलना में बेहतर जीवन जी रहा है। अब उसे भोजन करने और बोलने में पहले जैसी कठिनाई नहीं होती। उसके चेहरे पर लौटी मुस्कान और बढ़ा आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि शासन की स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद बच्चों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का 'चिरायु' दल दूरस्थ अंचलों के बच्चों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यह पहल बच्चों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद का आधार बन रही है।
- -डीएमएफ से 13 विकास कार्यों के लिए 35.77 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति-शिक्षा, कौशल विकास, कृषि अधोसंरचना और ग्रामीण सड़कों को मिलेगी नई मजबूती-पुस्तकालय, आईटीआई उन्नयन, कृषि विपणन सुविधाओं और सड़क निर्माण से बढ़ेगा ग्रामीण विकासरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 35 करोड़ 76 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 13 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों से धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा और तमनार विकासखंडों में शिक्षा, कौशल विकास, कृषि अधोसंरचना तथा ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।डीएमएफ निधि के माध्यम से स्वीकृत इन परियोजनाओं का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों, युवाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ विकासखंडों में पुस्तकालय भवन निर्माण तथा अन्य संबंधित कार्यों के लिए 6 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। आधुनिक अध्ययन संसाधनों से युक्त इन पुस्तकालयों से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण मिलेगा।स्थानीय युवाओं को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय आईटीआई घरघोड़ा के भवन के जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 56 लाख 30 हजार रुपये तथा शासकीय आईटीआई धरमजयगढ़ के भवन के उन्नयन हेतु 82 लाख 86 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे प्रशिक्षण सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा युवाओं के लिए रोजगारपरक कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे।तमनार विकासखंड में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1 करोड़ 21 लाख 81 हजार रुपये की लागत से व्यावसायिक परिसर तथा 1 करोड़ 5 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड यार्ड का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से किसानों को कृषि उत्पादों के भंडारण, विपणन और व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंडों में लगभग 24 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से आठ महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें पीपराही-डीपापारा, सुबरा-कटकलिया, कोंडकेल-गेरूपानी, ढाप-भवानीपुर, किलकिला-उड़ीसा बॉर्डर, बरमुड़ा-उकारीपाली, टेरम-छिरभौंना तथा बाम्हनबहरी-पुलाईआंट मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप 365 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
- -ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से 14 जुलाई तक किए जा सकेंगे आवेदनरायपुर । गरियाबंद जिला के मैनपुर अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। आंगनबाड़ी सहायिका के 04 रिक्त पद है। जिनमें सेक्टर मैनपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत भाठीगढ़ के आंगनबाड़ी केन्द्र उपरपारा मे सहायिका के 01 पद, ग्राम पंचायत खजूरपदर के आंगनबाड़ी केन्द्र मांझीपारा में 01 पद, ग्राम पंचायत दबनई के आंगनबाड़ी केन्द्र धोबीपारा मे सहायिका के 01 पद एवं ग्राम पंचायत तुहामेटा के आंगनबाड़ी केन्द्र खजरायन मे सहायिका के 01 पद हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदन प्रक्रिया ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से 14 जुलाई 2026 तक प्रारंभ रहेगी। भर्ती से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों को अपने श्रमिक कार्ड में दर्ज जानकारी का समय-समय पर सत्यापन कर आवश्यक सुधार कराने की सलाह दी गई है। यदि श्रमिक कार्ड में नाम (हिंदी एवं अंग्रेजी), जन्म तिथि, लिंग, मोबाइल नंबर अथवा पूर्ण पते से संबंधित किसी भी प्रकार की त्रुटि है, तो उसे तत्काल संशोधित कराना चाहिए, ताकि भविष्य में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि श्रमिक कार्ड में संशोधन का कार्य के लिए मात्र 20 रुपये का निर्धारित सेवा शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए श्रमिकों को आधार कार्ड की मूल प्रति तथा सहमति पत्र के साथ आवेदन प्रस्तुत करना होगा। सभी दस्तावेज स्पष्ट एवं पठनीय होना आवश्यक है।श्रम विभाग ने पंजीकृत श्रमिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने श्रमिक कार्ड की जानकारी अपडेट कराएं। सही एवं अद्यतन जानकारी न केवल विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होगी, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या से भी बचाएगी। सही जानकारी, सही अधिकार और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए श्रमिकों से अपने श्रमिक कार्ड का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन शीघ्र कराने का आग्रह किया गया है।
- -केसीसी, रूपे कार्ड एवं माइक्रो एटीएम का वितरण, मॉडल पैक्स का कराया गया भ्रमण-वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश-4 जुलाई को कुनकुरी में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का होगा आयोजनरायपुर । सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जशपुर जिले में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक सहकारी सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस सप्ताह का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाना, किसानों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना है।सहकारी सप्ताह के तहत 2 जुलाई को जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान किसानों एवं समिति सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), रूपे केसीसी कार्ड तथा माइक्रो एटीएम कार्ड वितरित किए गए। इससे किसानों को बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच, डिजिटल भुगतान की सुविधा तथा कृषि कार्यों के लिए वित्तीय सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता से मिल सकेगा।कार्यक्रम के दौरान किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों को मॉडल पैक्स का भ्रमण भी कराया गया। उन्हें सहकारी समितियों की आधुनिक कार्यप्रणाली, डिजिटल सेवाओं, कृषि ऋण वितरण, उर्वरक एवं बीज उपलब्धता सहित विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी गई, जिससे वे सहकारिता की नई व्यवस्थाओं से परिचित हो सकें।3 जुलाई को जिलेभर की सहकारी समितियों में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया। अभियान में समिति पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।सहकारी सप्ताह की अगली कड़ी में 4 जुलाई को पैक्स कुनकुरी के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी स्थित जनऔषधि केंद्र में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।सहकारी सप्ताह के दौरान आयोजित ये गतिविधियां किसानों और आम नागरिकों को आधुनिक सेवाओं से जोड़ने, सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही हैं। साथ ही, इन कार्यक्रमों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
- बलौदाबाजार । राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा शुक्रवार को जिला प्रवास के दौरान विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम पंचायत देवरी पहुंचे। उन्होंने यहां 44 लाख रुपये की लागत से तीन विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ग्राम देवरी में 20 लाख की लागत से निर्मित चेक डेम और 16 लाख की लागत से बने महतारी सदन भवन का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही 8 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा की राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चेक डेम से क्षेत्र में जल स्तर बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। महतारी सदन महिलाओं के स्वावलंबन और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। हमारी सरकार समग्र विकास के लिये प्रतिबद्ध है। गांव-गांव में लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचने से हर तरफ खुशहाली और समृद्धि दिखाई दे रही है। इस अवसर चतद जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, बलौदाबाजार जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, उपाध्यक्ष सुमन योगेश वर्मा, सभापति चंद्रशेखर ध्रुव सरपंच सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
- -किसानों से संवाद कर आधुनिक कृषि उपकरणों के अधिकतम उपयोग पर दिया जोरबीजापुर। प्रदेश के कृषि, किसान कल्याण एवं संबंधित विभागों के मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बीजापुर जिले के मांझीगुड़ा गांव का दौरा कर प्रगतिशील किसान श्री योगेश बागड़े से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की फार्म मशीनरी बैंक (कृषि यंत्र बैंक) स्थापना योजना के तहत संचालित कृषि यंत्र बैंक का निरीक्षण किया और किसानों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।मंत्री श्री नेताम ने कृषि यंत्रों की उपलब्धता, उनके उपयोग तथा योजना से किसानों को हो रहे लाभ की समीक्षा करते हुए कहा कि कृषि यंत्र बैंक योजना छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण सुलभ हो रहे हैं, खेती की लागत में कमी आ रही है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ दिलाया जाए। साथ ही कृषि यंत्र बैंक योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।दौरे के दौरान मंत्री श्री नेताम ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है तथा किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे ।
- -यूरिया वितरण की 80 प्रतिशत सीमा समाप्त, समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देशरायपुर। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन ने यूरिया वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पूर्व लागू 80 प्रतिशत वितरण सीमा समाप्त कर दी गई है, जिससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने दुलदुला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि ऋण वितरण एवं किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी समय समिति में यूरिया का स्टॉक कम होने के कारण पूरी पात्रता के अनुसार उर्वरक नहीं मिल पाता है, तो स्टॉक उपलब्ध होते ही शेष मात्रा भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सहकारी समिति में उपलब्ध खाद-बीज के भंडारण, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से वितरित कृषि ऋण तथा किसानों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।कलेक्टर श्री व्यास ने समिति में पहुंचे किसानों से सीधे संवाद कर खेती की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता एवं कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इन उर्वरकों के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, लागत में कमी आती है और भूमि की उर्वरता भी संरक्षित रहती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों में खाद एवं बीज की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखने तथा किसानों को उर्वरक, बीज एवं कृषि ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न होने देने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन किसानों को समय पर सभी आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है।
- -प्रदेश के जिला जेलों में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिल रही गति-जिला जेल सूरजपुर में 12 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम-स्वरोजगार, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास से जोड़ा जा रहा है बंदियों कोरायपुर। राज्य में बंदियों के पुनर्वास, कौशल उन्नयन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिला जेल सूरजपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) द्वारा 12 दिवसीय कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 35 बंदियों को अगरबत्ती निर्माण एवं साबुन निर्माण का व्यावहारिक, तकनीकी एवं उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशलों से सशक्त बनाते हुए रिहाई के उपरांत सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को उत्पादन आधारित गतिविधियों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक जीवन की नई शुरुआत कर सकें।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अगरबत्ती एवं साबुन निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, जिसमें कच्चे माल का चयन, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, मशीनों एवं उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, लागत निर्धारण तथा लघु उद्योग स्थापना से संबंधित विषय शामिल हैं। इसके साथ ही बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, बचत, ऋण सुविधाओं, सरकारी स्वरोजगार योजनाओं तथा उद्यमिता विकास संबंधी पहलुओं पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, समय प्रबंधन, टीम भावना और स्वावलंबन की भावना विकसित करना है, ताकि वे रिहाई के पश्चात स्वयं का रोजगार स्थापित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें।जेल प्रशासन के अनुसार कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं। ऐसे प्रयास बंदियों को नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर प्रदान करते हैं तथा उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।आरएसईटीआई के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से युवाओं, महिलाओं एवं विशेष वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
- -देवरी को 44 लाख के विकास कार्यों की सौगात-महतारी सदन और चेक डैम से बदलेगी ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीररायपुर। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत देवरी के ग्रामीणों को बड़ी सौगात देते हुए 44 लाख रुपये की लागत वाले तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ आज गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण अंचलों में खुशहाली और समृद्धि का एक नया दौर दिखाई दे रहा है। राजस्व मंत्री ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्राम देवरी में 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेक डैम का लोकार्पण किया गया। इसी प्रकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए 16 लाख रुपये की लागत से बने भव्य ‘महतारी सदन‘ भवन का उद्घाटन तथा सामुदायिक आयोजनों की सुविधा के लिए 8 लाख रुपये की लागत से बनने वाले शेड निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र और चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नवनिर्मित चेक डैम से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे हमारे किसान भाईयों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन, कौशल विकास और सामुदायिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।इस विकास उत्सव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति सहित स्थानीय सरपंच, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि तथा प्रबुद्ध ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
- -सहकारिता मंत्री ने 'सहकार संकल्प दौड़' को दिखाई हरी झंडी-सहकारिता, स्वास्थ्य और समृद्ध छत्तीसगढ़ का दिया संदेशरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में सहकारिता विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में 'सहकार संकल्प दौड़' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता केवल एक नारा नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा रहा है।मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। केद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त करने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सहकारिता विभाग ने विगत ढ़ाई वर्ष में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता सप्ताह को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया गया है, प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को अधिक सक्षम बनाया जा रहा है, किसानों को समय पर ऋण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। साथ ही सहकारिता के दायरे का विस्तार कर युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों को स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। इस वर्ष की दौड़ "सहकारिता की भावना के साथ, एक कदम समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर" थीम पर आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोगों में सहयोग, एकता, स्वस्थ जीवनशैली और सामूहिक विकास का संदेश पहुंचाना था।सहकार संकल्प दौड़ सुबह 6 बजे तेलीबांधा मरीन ड्राइव से शुरू हुई। इसमें प्रदेशभर से युवा, विद्यार्थी, किसान, सहकारी संस्थाओं के सदस्य, महिला समूहों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।दौड़ में पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान बेमेतरा के श्री ओंकार वर्मा, द्वितीय अमलेश्वर के श्री करण साहू और तृतीय स्थान पर श्री खेमराज सोनकर रहे। इसी तरह महिला वर्ग में प्रथम सुश्री मीरा साहू, द्वितीय सुश्री पूर्णिमा साहू और तृतीय स्थान पर सुश्री शिबू वर्मा रही। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः पांच हज़ार, तीन हज़ार और दो हजार रूपए का नगद पुरस्कार प्रदान कियागया। इस पहल से युवाओं और आम नागरिकों में खेल तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह दौड़ केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सहकारिता, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता का जन-जागरूकता अभियान है। इसका उद्देश्य "सहकारिता से समृद्धि", "साथ चलें, साथ बढ़ें" और "स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।सहकारिता विभाग ने प्रदेशवासियों का उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही सहकारिता आंदोलन और अधिक मजबूत होगा। सहकारिता की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाकर आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जाएगा।इस अवसर पर अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता, मार्केटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, राज्य सहकारी संघ के प्राधिकृत अधिकारी श्री सौरभ शर्मा, सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष श्री अभिनेष कश्यप, अंबिकापुर बैंक के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण सिंह, मार्कफेड के एमडी श्री जितेंद्र शुक्ला, अपेक्स बैंक के एमडी श्री के एन कांडे सहित अपेक्स बैंक, नाबार्ड, बुनकर महासंघ और विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में जैन मुनि राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र महाराज के नेतृत्व में संचालित सर्वाेदय शांति पदयात्रा से जुड़े संतों ने सौजन्य भेंट की।इस अवसर पर राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ आगमन पर संतों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संत समाज के विचार और जीवन मूल्य समाज में शांति, सद्भाव, नैतिकता तथा मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सर्वाेदय शांति पदयात्रा को सामाजिक समरसता, अहिंसा और विश्व बंधुत्व का प्रेरक अभियान बताते हुए इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।उल्लेखनीय है कि यह पदयात्रा नेपाल से प्रारंभ होकर लगभग 1,600 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंची है। यात्रा का उद्देश्य शांति, सद्भाव, अहिंसा और मानवीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।इस अवसर पर श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रमण संघ, रायपुर के अध्यक्ष श्री अशोक पटवा, कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री विनय पटवा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
- -उद्योग मंत्री का प्रयास रंग ला रहा, सभी वार्ड को मिली स्वीकृतिरायपुर ।हर गली पक्की बने, कहीं जलभराव न हो और कोरबा एक सुव्यवस्थित एवं विकसित शहर बनेकृ इसी संकल्प को साकार करते हुए नगर विधायक एवं प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के सतत प्रयासों से नगर पालिक निगम कोरबा को 15वें वित्त आयोग अंतर्गत 37 करोड़ 28 लाख रूपए से अधिक राशि के 116 विकास कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अप्रैल 2026 में विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति हेतु राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इन प्रस्तावों की शीघ्र स्वीकृति के लिए मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव से भेंट कर तत्काल स्वीकृति का आग्रह किया। उनके विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप सभी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्री श्री देवांगन के नेतृत्व में कोरबा नगर के विकास के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं एवं मदों से राशि स्वीकृत हो रही है। अब तक कोरबा शहर के लिए लगभग 1000 करोड़ रूपए के विकास कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, जिनका लाभ अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।इस स्वीकृति के अंतर्गत शहर के सभी वार्डों में सीसी सड़क, आरसीसी नाली, जल निकासी, पेयजल प्रबंधन, सड़क निर्माण तथा अन्य मूलभूत अधोसंरचना से जुड़े 116 विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है। इनमें वार्डवार गली-गली तक सड़क एवं नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं, जिससे वर्षों से चली आ रही जलभराव एवं आवागमन की समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।स्वीकृत सूची में वार्ड क्रमांक 1 से लेकर सभी वार्डों तक सड़क एवं नाली निर्माण, तालाबों के आसपास जल निकासी व्यवस्था, प्रमुख मार्गों का उन्नयन तथा मोहल्लों की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। यह स्वीकृति कोरबा नगर के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि डबल इंजन नहीं, अब ट्रिपल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक कार्यों के साथ-साथ गली-मोहल्लों की छोटी-छोटी समस्याओं का भी तेजी से समाधान किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि कोरबा का कोई भी वार्ड विकास से अछूता न रहे और प्रत्येक नागरिक को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।उन्होंने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से कोरबा तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। आने वाले समय में भी शहर के सर्वांगीण विकास के लिए इसी प्रकार निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।15वें वित्त आयोग अंतर्गत नगर पालिक निगम कोरबा में स्वीकृत विकास कार्यवार्ड क्र. 01 रामसागर में तुलसी घर के आगे सड़क निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत गीता ज्वेलर्स से स्वर्ण भूमि तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण कार्य - 38.13 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत रामसागर तालाब बस्ती साइड में आर.सी.सी. नाला निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 03 प्राथमिक स्कूल के पीछे तुलसी नगर में आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 15.80 लाख रूपए, वार्ड क्र. 04 गृहणी अनाज से पोषण किराना दुकान तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 40.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 देवांगन पारा अंतर्गत कोरबा फाटक से गणेश स्टोर गोकुल चंद लालूमल की दुकान के सामने से होते हुए गांधी चौक तक नाली निर्माण कार्य - 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 देवांगन पारा अंतर्गत लवली केयर स्कूल से कदम पेड़ नाला तक नाला निर्माण कार्य - 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 06 अंतर्गत गुरुघासी से लेकर कृपाल सिंह के घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 07 धनुहार मोहल्ला में जवरीहिन सनवाल के घर से लेकर तारा चंद्र श्रीवास के घर तक रोड निर्माण - 7.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 08 अंतर्गत मोतीसागर पारा पूर्व पार्षद बेरी महिलाओं के घर के आगे वाली गली, वृद्ध आश्रम एवं प्राथमिक शाला जाने के मुख्य मार्ग/गली निर्माण कार्य - 8.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 09 इमलीडुग्गू अंतर्गत पोखरी पारा स्थित तालाब के चारों ओर नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 10 मिलाई खुर्द अंतर्गत बरबसपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मंदिर के समीप सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 11 अंतर्गत मोनू सारथी के घर से राजकुमारी महंत एवं बबलू के घर से महेश दास के घर तक सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 बंटी स्टोर के सामने गुप्ता गली में रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 18.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 सिटी कोतवाली के सामने से अशोका भवन की ओर मनोकामना मंदिर तक जाने वाली रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13 शारदा विहार अंतर्गत पानी टंकी मोहल्ले में नाला निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 14 अंतर्गत न्यू अमरैयापारा में खान घर से विनोद श्रीवास के घर तक सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण कार्य - 18.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 14 अंतर्गत शारदा विहार रेलवे फाटक से चिमनी भट्ठा तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 26.74 लाख रूपए, वार्ड क्र. 15 इंदिरा नगर स्कूल के पीछे इन्द्रापारा एवं 15 ब्लॉक में आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 19.63 लाख रूपए, वार्ड क्र. 16 पंप हाउस अंतर्गत आत्मानंद स्कूल के पीछे इमरी मोहल्ला में सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 17.68 लाख रूपए, वार्ड क्र. 17 घाटघोरा रोड से प्रेम खटाल तक सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 25.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18 भवानी मंदिर के पास निर्मित पूर्वांचल शेड से भवन तक जाने हेतु रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 26.30 लाख रूपए, वार्ड क्र. 19 अंतर्गत गिरिराजचंद्र घर के पास से रविशंकर दिवाकर घर तक, महंत घर से कॉलोनी तक, नीलगिरी बस्ती से श्रीवास्तव घर से दिलीप दिवान घर तक आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 10.41 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20 नीलगिरी बस्ती में आंगनबाड़ी- 1 से आश्रम के पीछे तक नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20 सामुदायिक भवन के पीछे से आश्रम के पीछे तक नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है।
- रायपुर। हिंसा की राह छोड़ जब कोई मुख्यधारा में लौटता है, तो न सिर्फ एक जीवन सुधरता है बल्कि पूरे समाज को एक नई दिशा मिलती है। नारायणपुर जिला के ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोहकामेटा निवासी कमलू राम नुरेटी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी नक्सल संगठन की कड़ियों में उलझे कमलू राम ने वर्ष 2013 में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का बड़ा फैसला किया। आज वे न केवल खुद एक सम्मानित जीवन जी रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।आत्मसमर्पण के बाद कमलू राम ने समाजहित को सर्वाेपरि माना। उन्होंने न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी, बल्कि अन्य नक्सल प्रभावित युवाओं को भी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। उनके इसी सकारात्मक बदलाव और सामाजिक योगदान को देखते हुए राज्य शासन की पुनर्वास योजनाओं का सीधा लाभ उन तक पहुँचाया गया, जिससे उनके वर्षों पुराने पक्के घर का सपना साकार हो सका।कमलू राम को मुख्यधारा में पूरी तरह स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए गए। वर्ष 2024-25 में विशेष परियोजना के अंतर्गत 'आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित योजना' के तहत उनका सर्वेक्षण किया गया, जिसके बाद उन्हें 1.20 लाख रुपए की लागत से पक्का आवास प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से स्वीकृत हुआ।आवास निर्माण के दौरान ही उन्हें मनरेगा (वीबी-जी राम जी) के माध्यम से 23 हज़ार 490 रुपए की मजदूरी भी प्रदान की गई, जिसने निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण आर्थिक संबल दिया। नए आशियाने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय और सौभाग्य योजना के माध्यम से बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराया गया है। श्री कमलू राम नुरेटी ने कहा कि पहले मैं परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था, जहाँ हर दिन नई कठिनाइयाँ सामने आती थीं। आज अपना पक्का घर, बिजली और शौचालय मिलने से पूरा परिवार बेहद खुश है। हमें एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। पुनर्वास योजनाएं ला रही हैं क्षेत्र में बदलाव जिला प्रशासन का मानना है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए संचालित योजनाएं धरातल पर बेहद सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। कमलू राम की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि शासन की नीतियां और समाज का सहयोग एक साथ मिले, तो किसी भी जीवन को संवारा जा सकता है। यह बदलाव बस्तर और आस-पास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और अटूट विश्वास को मजबूत कर रहा है।
- -शरीर पर सफेद या सुन्न चकत्ते, सुन्नपन अथवा पलक बंद न होने जैसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपीलमहासमुंद । कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में जिले में संचालित राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मरीजों को समय पर उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराया जा रहा हैं। इसी का परिणाम है कि अब मरीज विकलांगता से भी मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।विकासखंड बागबाहरा के एक उपचारित व्यक्ति पहले बाईं आंख में लैगोफ्थाल्मोस (पलक बंद न होना) तथा दाएं हाथ में ग्रेड-2 विकृति से पीड़ित थे। सामाजिक संकोच और भय के कारण उन्होंने लंबे समय तक जांच नहीं कराई।जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. वी. पी. सिंह एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे के समन्वय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा की टीम ने संपर्क कर उनका उपचार शुरू कराया। सीएचसी बागबाहरा के मिनिकेतन चौधरी एवं उनकी टीम ने नियमित मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी), आंखों की विशेष देखभाल, हाथों की सेल्फ-केयर प्रशिक्षण तथा निरंतर फॉलो-अप सुनिश्चित किया। नियमित दवा और स्वयं की देखभाल के कारण उनकी आंख पूरी तरह स्वस्थ हो गई तथा हाथ की विकृति में भी सुधार हुआ। अब वे बिना किसी भय के फिर से खेती-किसानी का कार्य कर रहे हैं।उपचारित व्यक्ति ने बताया कि पहले मुझे लगता था कि कुष्ठ रोग का मतलब जिंदगी खत्म हो जाना है, लेकिन डॉक्टरों और सीएचसी बागबाहरा की टीम ने मुझे हिम्मत दी। आज मेरी आंख पूरी तरह ठीक है, हाथ भी सामान्य रूप से काम कर रहा है। मैं सभी से कहना चाहता हूं कि कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है, समय पर इलाज जरूर कराएं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि समय पर पहचान, सही उपचार और नियमित सेल्फ-केयर से कुष्ठ जनित विकलांगता को रोका जा सकता है। वहीं जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. वी. पी. सिंह ने लोगों से अपील की कि यदि शरीर पर सफेद या सुन्न चकत्ते, सुन्नपन अथवा पलक बंद न होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कुष्ठ रोग का उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।
- -बिहान से बनीं सफल महिला उद्यमीकांकेर। बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा उनके जीवन को नई दशा और दिशा दी है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम कराठी निवासी श्रीमती लच्छंतीन बाई दरपट्टी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। वह तुलसी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं, जो महिला शक्ति संकुल संगठन कन्हारगांव से जुड़ा हुआ है। जिला मुख्यालय से लगभग 08 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में ‘बिहान’ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है।श्रीमती लच्छंतीन बाई ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में बहुत परेशानी होती थी तथा परिवार को कठिन समय में आर्थिक मदद नहीं मिल पाती थी। थोड़े से पैसे के लिए उन्हें अक्सर दूसरे लोगों से ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था। खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी का अभाव था और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना केवल सपना ही बनकर रह गया। इस दौरान उन्हें बिहान योजना के बारे में पता चला, वहां 10 दीदी मिलकर एक समूह गठन कर बचत करते हैं और जरूरत के समय वहीं से आसानी से ऋण भी मिल जाती है। गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उन्होंने स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद नियमित बैठक एवं बचत करना शुरू किया। अब जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से समूह के माध्यम से ऋण मिलने लगा, जिससे दूसरों पर निर्भरता समाप्त हो गई। उन्हें चक्रीय निधि एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला है। आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बैंक से 01 लाख 20 हजार रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ। अब मैं बैंक से लेन-देन आसानी से कर रही हूॅ। इस दौरान बिहान के बीपीएम द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों के माध्यम से उन्हें मुद्रा ऋण की जानकारी मिली और बैंक से आवश्यक सहायता प्राप्त हुई। आज मैं चटिया मिल (लघु प्रसंस्करण इकाई), मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, कृषि कार्य जैसे विभिन्न आजीविका गतिविधियों का संचालन कर रही हूॅ। इन गतिविधियों से लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह तथा करीब 01 लाख 45 हजार रूपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बच्चों की शिक्षा बेहतर ढंग से हो रही है, इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। लच्छंतीन बाई आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरणा स्रोत बन गई है।











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