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- रायपुर।, छत्तीसगढ़ में बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम के सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रवेश नियमों में बड़ी शिथिलता देते हुए अब 10 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश के लिए पात्र घोषित कर दिया है।भारतीय उपचर्या परिषद (INC), नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के संदर्भ में यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) 2025 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए पहले निर्धारित अंक अनिवार्य थे, लेकिन रिक्त सीटों को भरने के उद्देश्य से परिषद ने पात्रता मानदंडों में छूट देने पर अपनी सहमति जताई है।31 दिसंबर है प्रवेश की अंतिम तिथिशासन द्वारा नियमों में दी गई यह छूट केवल शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रभावी होगी। प्रवेश प्रक्रिया की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आदेश जारी किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा में 10 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, वे रिक्त सीटों पर प्रवेश ले सकते हैं।प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2019 के प्रावधानों के तहत यह रियायत दी जा रही है। सभी संबंधित नर्सिंग कॉलेजों और संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि तक योग्य अभ्यर्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करें।
- रायपुर। अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला प्रशासन धमतरी द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा 28 दिसम्बर 2025 की रात्रि लगभग 11 बजे ग्राम कलारतराई में औचक जांच के दौरान खनिज मुरूम एवं रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त तीन हाईवा वाहनों को जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान मुरूम के अवैध परिवहन में संलिप्त दो हाईवा वाहनों को मौके पर जब्त किया गया, वहीं एक अन्य हाईवा वाहन को अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। जब्त किए गए सभी वाहनों के संबंध में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
- -सेवानिवृत्त एसीएस एम. के. राउत ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत नेत्र दान करने हेतु नेहा झा को किया सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट 'दधीचि' अब समाज में मानव सेवा का प्रतीक बन रहा है। इस अनूठी पहल ने अंगदान को लेकर लोगों, विशेषकर युवाओं में नई जागरूकता पैदा की है।अब तक जिले में 63 लोगों ने अंगदान कर इस अभियान को समर्थन दिया है। इसका उद्देश्य शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है। इस कड़ी में आज पीडब्ल्यूडी विभाग में सहायक ग्रेड 3 श्रीमती नेहा झा ने एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए नेत्र दान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सीईओ एवं सेवानिवृत्त एसीएस श्री एम. के. राउत एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मानित करते हुए शॉल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया।श्रीमती झा ने कहा की "मैं प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अपना नेत्र दान कर रही हूँ ताकि मेरे मृत्यु के बाद मेरा नेत्र किसी के काम आ सके"। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आमजनों से अपील की कि वे आगे आकर अंग एवं देहदान के इस महान कार्य में भागीदार बनें। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी ने मुख्यमंत्री साय एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त कियारायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष घोषित किए जाने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य सरकार का छत्तीसगढ़ की संपूर्ण मातृशक्ति की ओर से आभार व्यक्त किया है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि यह घोषणा छत्तीसगढ़ की संपूर्ण मातृशक्ति का सम्मान है, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परम्परा का सम्मान है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि शासन द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की सभी महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिला सम्मान और आत्मनिर्भरता की नींव है। महतारी वंदन योजना से महिलाएँ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू आवश्यकताओं को आत्मसम्मान के साथ पूरा कर पा रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिरता मजबूत हुई है। इसी प्रकार यह योजना घरेलू कार्यों, कृषि और स्वरोजगार से जोड़ने में भी सहायक बन रही है। महिलाएँ अपने फैसले खुद ले पा रही हैं और परिवार की आर्थिक योजनाओं में भागीदार बन रही हैं। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि इस योजना ने दूरस्थ गाँवों की बहनों को नियमित आर्थिक सम्बल दिया है। इससे पोषण, स्वास्थ्य और बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक असर पड़ा है। जब इस योजना को बिहान योजना, मितानिन योजना और महिला स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया, तो महिलाओं की आय, सम्मान और आत्मविश्वास, तीनों बढ़े हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि महतारी वंदन योजना यह सिद्ध करती है कि जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तब छत्तीसगढ़ समृद्धि की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ता है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि अब प्रदेश के विकास के केंद्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर प्रदेश सरकार ने मातृ-शक्ति का गौरव बढ़ाने का काम वर्ष 2026 में करने का जो संकल्प व्यक्त किया है, वह सुदृढ़, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को धरातल पर साकार करने की दृष्टि से अभिनंदनीय है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढुढरुडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 13.56 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों का लोकार्पण और 26.68 करोड़ 68 रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह सहित कंवर समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्थलगांव विकासखण्ड में जिन नवनिर्मित कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 2.71 करोड़ रूपए लागत से ग्राम आमाटोली में 100 सीटर बालक छात्रावास भवन, 3.04 करोड़ रुपए लागत से ग्राम पंचायत पंगसुवा दर्रापारा तक सड़क, 2.35 करोड़ रुपए लागत से सराईटोला से बरपारा पहुंच मार्ग, 3.06 करोड़ लागत से पालीडीह बस्ती से लाखझार तक सड़क, 6.34 करोड़ लागत से कर्राजोर से होते हुए बरपारा, धनुपारा से काडरो पहुंच मार्ग, 2.73 करोड़ रुपए लागत से बंधनपुर से छातासराई तक पहुंच मार्ग, 2.16 करोड़ रुपए लागत से सूरजगढ़ के मिडिल स्कूल पक्की सड़क से लुडेग गौठान तक पहुंच मार्ग, 2.01 करोड़ लागत के तिलडेगा अटल चौक से आमाकानी पहुंच मार्ग और 2.25 करोड़ रुपए लागत से एस.टी.पी. निर्माण कार्य शामिल है।इसी तरह जिन नवनिर्मित कार्यों का लोकार्पण किया उनमें विकासखण्ड कांसाबेल में 2.63 करोड़ रुपए लागत से कांसाबेल के कोरंगा बस्ती से ग्यारटोली पहुंच मार्ग, 1.07 करोड़ रुपए लागत से छुरीटोली से अलंगीझार पहुंच मार्ग, 1.97 करोड़ रुपए लागत से करंजटोली डाड़ीडिपा होते हुए चक्रधर नगर पहुंच मार्ग, 1.72 करोड़ रुपए की लागत से कोरंगा बस्ती से खैरवारटोली पहुंच मार्ग, 4.28 करोड़ रुपए की लागत से मुसकुटी से मुख्य मार्ग पहुंच मार्ग, 3 करोड़ रुपए की लागत से करंजटोली-रजौटी पहुचं मार्ग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से घोघरा के चौक से फरसाटोली मेन रोड पहुंचमार्ग, 10 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, नक्टीमुंडा और 54.01 लाख रुपए की लागत से पत्थलगांव में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), कार्यालय भवन शामिल है।
- -दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का बनेगा चिकित्सालय भवन-एक करोड़ 75 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि वनवासी कल्याण आश्रम का जनजातीयों की सेवा और उनके संरक्षण की दिशा में अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। वे आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन, 10-10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20-20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से अंचल के जनजातीय समाज को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।कार्यक्रम को विधायक श्रीमती गोमती साय और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने भी सम्बोधित किया और अस्पताल भवन के लिए 95 लाख की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकासखंड के ग्राम सामरबार स्थित संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचकर गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभु्रवाहन सिंह जी महाराज से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संत श्री से उनका कुशलक्षेम जाना तथा आश्रम की शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं सामाजिक गतिविधियों की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गहिरा गुरु आश्रम की शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज को सही दिशा देने के साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने पूज्य गहिरा गुरु महाराज के अनुयायियों सहित कंवर समाज, साहू समाज, विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समाज, रौतिया, बिझिया, यादव, नागवंशी, गौड़, उरांव समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, आश्रम के ट्रस्टी, आश्रम प्रमुख और आमसभा के सदस्यों से भी भेंट कर संवाद किया।उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सामरबार में स्थित संत गहिरा गुरु आश्रम क्षेत्र का प्रमुख आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक केंद्र है। यहां शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय एवं प्राच्य संस्कृत का आवासीय विद्यालय संचालित है, जहां गरीब, आदिवासी, पिछड़े एवं दलित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।
- बिलासपुर /महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 19 जनवरी 2025 तक मंगाये गये है। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण ईकाई, जिला स्तरीय चाईल्ड हेल्प लाईन यूनिट, शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं एवं महिला सशक्तिकरण केंद्र हब में विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती की जानी है। इच्छुक आवेदक 19 जनवरी 2025 तक आवेदन कर सकते है। पदों के संबंध में विस्तृत जानकारी जिले के वेबसाईट www.bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अलावा कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे स्थित कार्यालय के सूचना पटल का अवलोकन किया जा सकता है।
- बिलासपुर, /प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी फसल वर्ष 2025-26 के लिए जिले में फसल बीमा के अंतर्गत प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है। योजना अंतर्गत जिले के कुल 88 ग्राम अधिसूचित किए गए हैं, जिनमें गेहूं, चना, सरसों एवं अलसी फसलें अधिसूचित है। अधिसूचित फसलों हेतु प्रति हेक्टेयर ऋणमान एवं कृषक प्रीमियम गेहूं (सिंचित) के लिए ऋणमान 30 हजार एवं प्रीमियम 450 रू, गेहूं (असिंचित) हेतु ऋणमान 25 हजार एवं प्रीमियम 375 रू, चना हेतु ऋणमान 32 हजार एवं प्रीमियम 480 रू, सरसों हेतु ऋणमान 22 हजार एवं प्रीमियम 330 रू तथा अलसी हेतु ऋणमान 18 हजार एवं प्रीमियम 270 रू निर्धारित किया गया है।ऋणी कृषक अपने संबंधित सहकारी समिति अथवा बैंक के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। वहीं अऋणी कृषक बुवाई प्रमाणपत्र, खसरा (बी-1, पी-2), आधार कार्ड, नवीनतम बैंक पासबुक एवं बटाईदार, कास्तकार घोषणापत्र के माध्यम से लोक सेवा केंद्र, सहकारी समिति, बैंक अथवा स्वयं के मोबाइल नंबर से क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए भी फसल बीमा करा सकते हैं। उप संचालक कृषि द्वारा जिले के समस्त ऋणी एवं अऋणी कृषकों से अपील की गई है कि अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करते हुए समय पूर्व फसल बीमा कराएं, क्योंकि रबी फसल बीमा की अंतिम तिथि में अब केवल 7 दिवस शेष हैं। रबी फसल वर्ष 2025-26 में बीमा कराते समय मोबाइल ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा, अतः अऋणी कृषक बीमा कराते समय मोबाइल साथ लेकर आएं। आगामी रबी मौसम में संभावित प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों को दृष्टीगत रखते हुए किसानों से अनुरोध है कि अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त औसत उपज में कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य लें।
- बिलासपुर /अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित प्रधानमंत्री अभ्युदय (पीएम अजय) योजना अंतर्गत स्वरोजगार के लिए ऋण प्रदाय करने जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के इच्छुक लोगों से 31 दिसम्बर 2025 तक आवेदन मंगाये गये हैं। आवेदक जिले का निवासी होना चाहिए, अनुसूचित जाति वर्ग का होना चाहिए तथा उसकी आयु 18 वर्ष से कम एवं 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आयु अथवा जन्मतिथि के प्रमाण हेतु स्कूल द्वारा जारी दाखिल-खारिज, 5वीं, 8वीं, 10वीं की अंकसूची अथवा किसी मूल दस्तावेज के साथ शपथ पत्र मान्य होगा। परिवार की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।आवेदन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र, पूर्व में किसी शासकीय योजना के अंतर्गत ऋण अथवा अनुदान प्राप्त नहीं किया गया हो तथा कोई ऋण बकाया नहीं है, संबंधी शपथ पत्र एवं पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा।यह योजना बैंक प्रवर्तित योजना है, जिसके अंतर्गत संबंधित हितग्राही का ऋण प्रकरण उसके सेवा क्षेत्र की बैंक शाखा को प्रेषित किया जाएगा। इच्छुक आवेदक जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कक्ष क्रमांक-17, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग, बिलासपुर एवं संबंधित जनपद पंचायत से निर्धारित आवेदन पत्र निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर को शाम 5 बजे तक निर्धारित है। आवेदन पत्र की फोटोकॉपी, आवेदन में काट-छांट अथवा ओवरराइटिंग स्वीकार नहीं की जाएगी।
- बिलासपुर /जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है, वे 15 जनवरी 2026 तक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। इसी प्रकार प्रस्ताव एवं स्वीकृति लॉक की अंतिम तिथि 31 जनवरी एवं जिला कार्यालय द्वारा स्वीकृति की अंतिम तिथि 10 फरवरी 2026 तक है। यह पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों, आईटीआई, पालीटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षा सत्र 2025-26 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर की जा रही है।निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2023-24 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जाएगा एवं ड्राफ्ट प्रोपोजल लॉक अथवा सेक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जाएगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते है, तो इसके लिए संस्था प्रमुख स्वतः जिम्मेदार होंगें। छात्रवृत्ति हेतु एससी, एसटी विद्यार्थियों के पालक की वार्षिक आय 2.50 लाख एवं ओबीसी वर्ग के पालक की वार्षिक आय 1 लाख होनी चाहिए। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र एवं विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम होना आवश्यक है। पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन करते समय ध्यान रखे कि उनका बचत खाता एक्टिव होता एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि ही करना सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर प्राप्त करना आवश्यक है।
- - धान खरीदी की व्यवस्था से किसान हुए संतुष्ट- किसानों को 58,163.09 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान- उपज का वाजिब दाम मिलने से किसान हुए खुश- धान बेचने के बाद 25932 किसानों ने किया 501.86 हेक्टेयर रकबा समर्पण- धान के उठाव में आई तेजी- उपार्जन केन्द्रों से 65765.98 मे. टन धान का उठावदुर्ग /राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी में तेजी आ रही है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। जिसके तहत अब दिन-रात कभी भी मोबाईल एप तुंहर टोकन के माध्यम से किसानों को धान बेचने के लिए टोकन मिलने लगा है। किसानों के लिए यह बड़ी सहुलियत है कि उनके लिए तुंहर टोकन एप अब 24 घंटे उपलब्ध है। अब मोबाईल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नही है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 63,749.45 लाख रूपए की लागत से 2,68,901.52 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 50718 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। जिससे अब दूसरे किसानों को धान बेचने का अवसर मिला है। उठाव हेतु 88,936.60 मे. टन धान का डीओ/टीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 65,765.60 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 25932 लघु कृषकों ने 501.86 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 38,20,547 बारदाने उपलब्ध है।
- -विशेष एप्प डाउनलोड होने के कारण आवाज को पहचान कर ही कर सकेंगे मोबाईल सेट को ऑपरेटबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन तथा पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र राय द्वारा आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित कलेक्टर कक्ष में दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को मोबाईल सेट प्रदान किया गया। इस दौरान कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने दिव्यांग जनों को मोबाईल सेट प्रदान कर उन्हें शुभकामनाएं भी दी। उल्लेखनीय है कि दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को आज प्रदान किए गए इस मोबाईल सेट में विशेष एप्प डाउनलोड होने के कारण दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के मोबाईल को स्पर्श करने के बाद सांकेतिक भाषा के रूप में आवाज आने लगेगी। इसके पश्चात् आवाज को पहचान कर दृष्टिबाधित दिव्यांगजन अपने ईच्छानुसार इस मोबाईल को आॅपरेट कर सकेंगे। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम सहित दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के विशेष आवासीय केन्द्र कचांदुर के दिव्यांगजन दुलेश्वरी, प्रियांशु सोनकर, याचना साहू, योगेश ठाकुर सहित अन्य दिव्यांगजन उपस्थित थे।
- -स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार के अवसरबालोद। जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से बालोद जिले के मनोरम प्राकृतिक वादियों को इको-टूरिज्म केन्द्र के रूप में स्थापित करने का सपना शीघ्र साकार होने वाला है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा जिले में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले के गुरूर विकासखण्ड के नारागांव स्थित सिया देवी मंदिर के समीप मनोरम झील पर एडवेंचर और राफ्टिंग सेंटर स्थापित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य सतत पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है। नारागांव स्थित एडवेंचर और राफ्टिंग सेंटर में स्थानीय सामग्री एवं पारंपरिक कौशल से तैयार बाँस की राफ्ट उपलब्ध होंगी जिनका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। पर्यटक यहाँ राफ्टिंग, कैंपिंग, बोनफायर और स्थानीय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा भविष्य में ईको-कॉटेज और सूर्योदय-सूर्यास्त व्यू प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को प्रकृति के बीच एक संपूर्ण आनंद का अनुभव मिलेगा। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने इको टूरिज्म स्थल का निरीक्षण कर परियोजना को अंतिम स्वीकृति दी है। नारागांव स्थित एडवेंचर और राफ्टिंग सेंटर नए वर्ष से शुरू की जाएगी। इस तरह जिले में यह प्रयास इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने एवं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- दुर्ग / जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द मिश्रा ने आज शासकीय प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवई, उतई, आदर्श नगर उतई, बोरीगारका, बोरीडीह, मातरोडीह, कातरो, रिसामा, अंडा तथा शासकीय हाई/हायर सेकंडरी विद्यालय उतई, कातरो, अंडा, मेडेसरा, ननकट्ठी का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्राथमिक शाला उतई में प्रधानपाठक और सभी शिक्षक प्रार्थना स्थल पर सभी विद्यार्थियों को 22 तक के पहाड़ा का अभ्यास कराते मिले। बच्चे पूरी ऊर्जा और ध्यान से दुहराते रहे। पहाड़ा के इस प्रकार के अभ्यास को देखकर डीईओ ने प्रधानपाठक दीप्ति रानी खोबरागड़े सहित सभी शिक्षको तथा कक्षा चौथी की हंसिका, मानवी और आर्यन को शाबाशी दी और उनकी प्रशंसा की। आदर्शनगर उतई और प्राथमिक शाला उतई में कक्षा खाली देखकर स्टाफ रूम में बैठे प्रधान पाठक सहित सभी शिक्षकों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें कक्षा खाली नहीं छोड़ने सख्त हिदायते दी। शासकीय प्राथमिक शाला बोरीगारका में शिक्षक प्रहलाद सिन्हा को बच्चों के साथ मेट पर बैठकर अभ्यास कराते देख डीईओ ने उनके प्रयासों की प्रशंसा की। इसी तरह प्राथमिक शाला मातरोडीह में दो कार्यरत शिक्षकों में एक शिक्षक की ड्यूटी निर्वाचन में लगी है लेकिन वहां उपस्थित प्रधान पाठक रेखराम कोठारी कक्षा पहली से पांचवी तक के बच्चों को पढ़ाते मिले। कक्षा तीसरी के सभी बच्चो को धारा प्रवाह हिंदी वाचन, 15 तक पहाड़ा और बारह खड़ी में अभ्यस्त होने को देखते हुए डीईओ ने शिक्षक की पीठ थपथपाई और सभी बच्चों से ताली बजा उनका स्वागत किया।डीईओ ने बताया कि एक शिक्षक होने के बावजूद रेखराम कोठारी का प्रयास बाकी ऐसे सभी शिक्षको के लिए भी प्रेरणास्पद है जो शिक्षक की कमी का बहाना अक्सर बनाया करते है। कातरो में बच्चो का स्तर कक्षा स्तरीय नही पाया गया। प्राथमिक शाला रिसामा में प्रधान पाठक नरेश ठाकुर की बिना सूचना अनुपस्थिति पर डीईओ ने तत्काल ठम्व् को कार्यवाही प्रस्तावित करने निर्देशित किया। शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालय उतई, कातरो, मेडेसरा, ननकट्ठी में बोर्ड परीक्षाओं हेतु डीईओ कार्यालय से भेजे गए प्रश्न बैंक, 5 वर्षाे के बोर्ड के प्रश्न पत्रों को हल कराने, उन प्रश्नों के आधार पर टेस्ट परीक्षा आयोजित करने, मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं को विद्यार्थियो को देकर हुई त्रुटियों को सुधरवाने सहित प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए। डीईओ ने चिन्हांकित कमजोर बच्चों को सीमित पाठ्यक्रम से बोर्ड की तैयारी कराए जाने के निर्देश भी दिए।
- -चार दिवसीय युवा महोत्सव मड़ई 2025 का रंगा-रंग समापन-रायपुर ओवर ऑल चैम्पियन तथा अम्बिकापुर रनरअप रहारायपुर । आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित चार दिवसीय अंतर महाविद्यालयीन सांस्कृतिक युवा महोत्सव मड़ई 2025 का पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा, कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छ.ग.) एवं अध्यक्षता डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने की। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता कॉलेज टीम्स तथा विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। मड़ई 2025 युवा महोत्सव का ओवर ऑल चैम्पियन कृषि महाविद्यालय रायपुर को घोषित किया गया। कृषि महाविद्यालय अम्बिकापुर मड़ई 2025 का ओवर ऑल रनरअप रहा। शोभा यात्रा में प्रस्तुत झांकियों में कृषि महाविद्यालय राजनांदगांव को प्रथम तथा कृषि महाविद्यालय कांकेर को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। संगीत स्पर्धाओं में राजनांदगांव विजेता तथा कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय रायपुर उप विजेता रहे। इसी प्रकार नृत्य प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय रायपुर विजेता तथा कृषि महाविद्यालय कांकेर उप विजेता रहे। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायकों, टीम मैनेजर्स तथा विभिन्न आयोजन समितियों को अध्यक्षों एवं सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा, कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छ.ग.) ने कहा कि यह एक चार दिवसीय सांस्कृतिक समागम है जो समस्त सहभागियों के लिए आनंद का अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर सस्वर गणेश वंदना का भी प्रस्तुतिकरण किया। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यह सांस्कृतिक प्रदर्शन विद्यार्थी जीवन का एक स्वर्णिय पल है जिसे हर व्यक्ति आजीवन मन में संजोए रहता है। यह आयोजन हार या जीत तक सीमित नहीं है परंतु प्रतिभा, व्यक्तित्व विकास एवं टीम के रूप में संगठित कार्य सीखने का सुअवसर है। डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने कहा कि इस सांस्कृतिक समारोह का मुख्य उद्धेश्य विद्यार्थियों की सृजन एवं अभिव्यक्ति की कला का विकास करना है। कला और कृषि एक-दूसरे के पूरक है क्योंकि हमारे समस्त त्यौहारों का संबंध मूल रूप से कृषि से ही जुड़ा है। मड़ई 2025 के अंतर्गत विगत चार दिनों में आयोजित कार्यक्रम एवं गतिविधियों की जानकारी दी। आयोजन सचिव डॉ सुनील नाग ने अतिथियों एवं सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा आज जोन-1 नेहरू नगर अंतर्गत विभिन्न वार्डों में संचालित विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने नवीन सीमेंटीकरण, डामरीकरण सड़क, तालाब, उद्यान और खेल मैदानों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।निरीक्षण की शुरुआत वार्ड क्रमांक 6, संजय नगर से हुई, यहाँ स्थानीय नागरिकों द्वारा आवागमन की सुविधा हेतु सड़क निर्माण की लंबे समय से मांग की जा रही थी। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए निगम द्वारा यहाँ नवीन डामरीकरण सड़क का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। आयुक्त ने सड़क का निरीक्षण करते हुए कहा कि इस मार्ग के बन जाने से स्थानीय निवासियों को धूल और कीचड़ से मुक्ति मिलेगी तथा सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा।संजय नगर तालाब के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पाया कि तालाब के चारों ओर लगे चेकर टाइल्स (पेवर) कई स्थानों से उखड़ गए हैं। उन्होंने जोन आयुक्त को तत्काल इन टाइल्स को व्यवस्थित कराने एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही तालाब के मध्य बने चबूतरे का संधारण कर उसे बेहतर स्वरूप देने की बात कही।आयुक्त ने गुलमोहर उद्यान का भी अवलोकन किया। उद्यान परिसर में निर्मित भवन के पास वर्तमान में शेड निर्माण का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों को शेड का कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा उद्यान के भीतर नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। इसके पश्चात, समीप स्थित बैडमिंटन कोर्ट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से चैन लिंक फैंसिंग को व्यवस्थित और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ मुख्य रूप से अजय राजपूत जोन आयुक्त, फत्तेलाल साहू सहायक अभियंता, बसंत साहू व रीमा जामुलकर उप अभियंता, सुनील जोशी सहायक राजस्व अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -USA के प्रोफेसर श्री मधु विश्वनाथन से सीखे बिजनेस के टिप्सरायपुर, । जिले की महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं व्यवसाय में कुशलता, तकनीक, मार्केटिंग स्किल जैसे नवाचारों को समाहित कर रहीं हैं। इससे उनके दुकान में नए ग्राहक बन रहे हैं, बंद या धीमे गति से चलने वाले व्यवसाय शुरू हो गए और गति पकड़ लिए है जिससे आय में बढो़त्तरी हुई है। यह सब कमाल हुआ है ’प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी’ से जो कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया है। इसके तहत महिलाएं अपने व्यवसायों में नई ऊर्जा और तकनीकी कौशल को अपनाकर कमाल कर दिखाया है।ग्राम डोमा की सुश्री मिनी मार्कण्डेय, जो जय मां लक्ष्मी महिला समूह की सदस्य हैं, बताती हैं कि उनके कपड़ा, पार्लर, सिलाई और फैंसी स्टोर पहले धीमे चल रहे थे और आय कम हो रही थी। जुलाई में आयोजित बिजनेस दीदी मार्केटप्लेस साक्षरता कार्यशाला में प्रोफेसर मधु विश्वनाथन द्वारा दी गई व्यावसायिक टिप्स ने उनकी सोच बदल दी।सुश्री मिनी ने थोक मार्केट से खुद सामान मंगाना, लागत कम करना, ग्राहकों के व्यवहार को समझकर अच्छे दाम और गुणवत्ता में बदलाव करना और सोशल मीडिया टूल्स का इस्तेमाल शुरू किया। इसके परिणामस्वरूप दुकान में ग्राहकों की संख्या बढ़ी, पुराने सामान बिके और अब उनका व्यवसाय प्रति माह 20–25 हजार की आय देने लगा।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश में जिला प्रशासन ने महिला समूहों के व्यवसाय में गतिशीलता लाने के लिए आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन से सहयोग लिया। प्रशिक्षण से महिलाओं में आत्मविश्वास और व्यवसायिक कुशलता आई, जिससे उनकी आय और व्यापार में वृद्धि हुई। प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसाय को सशक्त बनाने की दिशा में एक सफल पहल साबित हो रहा है।
- दुर्ग / एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण जिला दुर्ग के तहत 03 आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था, जिसके लिए 31 दिसम्बर 2025 तक दावा आपत्ति आमंत्रित किया गया है। दावा आपत्ति हेतु प्राप्त आवेदनों की अनन्तिम सूची परियोजना कार्यालय एवं जनपद पंचायत दुर्ग जिला दुर्ग केे सूचना पटल पर अवलोकन हेतु चस्पा की गई है। उक्त अवधि में कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत दावा आपत्ति ही मान्य किया जाएगा।
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दुर्ग / जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु अनुसूचित जाति वर्ग हेतु अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत जो हितग्राही अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें बैंकों के माध्यम से न्यूनतम 1 लाख के ऋण की स्वीकृति पर 50 हजार या ऋण राशि का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा।
जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति मर्यादित दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के व्यवसायों जैसे किराना, मनिहारी, कपड़ा दुकान, नाई सेलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैन्सी स्टोर, मोटर मैकेनिक, सायकिल मरम्मत, टीवी-रेडियो-मोबाइल रिपेयरिंग, वाइंडिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोनापत्तल निर्माण, लघु एवं फुटकर उद्योग सहित स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य व्यवसायों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।पात्रता शर्तें-आवेदक दुर्ग जिले का मूल निवासी होना चाहिए। आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग का हो। परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख तक हो। आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 50 वर्ष निर्धारित है। आवेदक पर किसी भी शासकीय योजना का पूर्व ऋण बकाया नहीं होना चाहिए। पात्र आवेदकों को मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु संबंधी दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। इच्छुक एवं पात्र आवेदक 12 जनवरी 2026 तक कार्यालयीन दिवसों में जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति मर्यादित दुर्ग में उपस्थित होकर अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। - दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 12 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नं. 08 ग्राम व पो. निकुम तहसील व जिला दुर्ग निवासी श्रीमती रामेश्वरी साहू की विगत 21 मई 2025 को आंधी तूफान से नीलगिरी का पेड़ इनके ऊपर गिरनेे से इनकी मृत्यु हो गई थी। इसी प्रकार ग्राम पुरई तहसील व जिला दुर्ग के श्री विक्रम सिंह की विगत 04 मई 2025 को नहाते वक्त तालाब के पानी में डूबने से एवं वार्ड नं. 04 गयाबाई विद्यालय के पास गया नगर दुर्ग, तहसील व जिला दुर्ग निवासी श्री समीर सिंह की विगत 06 सितंबर 2024 को नदी में डूबने से मृत्यु हुई थी। कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. श्रीमती रामेश्वरी साहू के पति श्री रिखी राम साहू, स्व. श्री विक्रम सिंह के पिता श्री यशवंत सिंह और स्व. श्री समीर सोनी की पत्नी श्रीमती नीतू सोनी को 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 2954 किसानों से 1 लाख 59 हजार 527.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 71016 किसानों से 33 लाख 99 हजार 063.20 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है। file photo
- -दानदाताओं ने अब तक दी 6600 से अधिक पुस्तकेंरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना शिक्षा के क्षेत्र में नया संबल प्रदान कर रही है। इसी क्रम में कंप्यूटर ऑपरेटर श्रीमती मंजू चौबे ने इंजीनियरिंग, मार्केटिंग एवं एसएससी सहित अन्य पुस्तक दान की है । इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सीईओ एवं सेवानिवृत्त एसीएस श्री एम. के. राउत ने इन पुस्तकों को ग्रहण करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता का आभार व्यक्त किया।जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत अब तक 6600 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना अथवा रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर । वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में बढ़ते अकेलेपन की समस्या न केवल भावनात्मक रूप से, बल्कि उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए “सियान गुड़ी योजना” (डे केयर सेंटर) की परिकल्पना की गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं सक्रिय वातावरण प्रदान किया जा सके।छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से समाज कल्याण विभाग, रायपुर द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिक डे केयर सेंटर “सियान गुड़ी” का शुभारंभ 30 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। इस हेतु महाराष्ट्र मंडल, रायपुर द्वारा समता कॉलोनी स्थित अपने दिव्यांग बालिका विकास गृह का पुनर्निर्माण कर यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे केयर सेंटर की व्यवस्था की गई है।प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गदर्शिका के अनुसार यह केंद्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग एवं व्यायाम, नाश्ता एवं चाय, मनोरंजन, कौशल विकास गतिविधियां, परामर्श, स्वास्थ्य जांच एवं टेली-कंसल्टेशन, समूह चर्चा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। निर्धारित समयावधि के उपरांत वरिष्ठ नागरिक अपने-अपने घर वापस लौट सकेंगे।“सियान गुड़ी” का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को एक आत्मीय, सुरक्षित और सक्रिय सामाजिक वातावरण प्रदान करना है, जिससे वे स्वयं को अकेला न महसूस करें और स्वस्थ, सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
- -कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की-तांदुला के पुनरूद्धार एवं जिले में जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु सभी वर्गों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपीलबालोद । जिले की प्रमुख एवं जीवनदायिनी तांदुला नदी को सहजने एवं संवारने तथा इसके पुराने वैभव एवं स्वच्छता के साथ इसका पुनरूद्धार करने हेतु 31 दिसंबर को श्रमदान के माध्यम से नीर चेतना अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर 31 दिसंबर को सुबह 08 बजे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत आयोजित वृहद श्रमदान अभियान के आयोजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। श्रीमती मिश्रा ने समाज के सभी वर्ग के लोगों से जीवनदायिनी तांदुला नदी के पुनरूद्धार एवं जिले में जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस नीर चेतना अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु 31 दिसंबर को सुबह 08 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर तांदुला नदी के पुल के नीचे निषाद सामुदायिक भवन के पास अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर श्रमदान के इस पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, नगर पालिका परिषद बालोद के उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आयोजन से जुड़े सभी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को नीर चेतना अभियान के अंतर्गत 31 दिसंबर को आयोजित इस वृहद श्रमदान अभियान को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पूरे देश एवं प्रदेश की भाँति बालोद जिले में भी तेजी से घटते भूजल स्तर एवं भविष्य में भयावह जल संकट से निपटने हेतु जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण अभियान में जिले वासियों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से जिले में वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत 20 जुलाई को 01 लाख 74 हजार पौधरोपण किया गया है। श्रीमती मिश्रा ने ग्रीष्मकाल के दौरान घटते भूजल स्तर की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अधिक से अधिक पौधरोपण एवं जल संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होेंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने हेतु शासन-प्रशासन के साथ-साथ जिले के जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता की सक्रिय सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। श्रीमती मिश्रा ने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सामजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जल तथा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जिले में चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव भी लिया।बैठक में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होेंने नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा स्वच्छता अभियान के साथ-साथ जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने संपूर्ण जिलेवासियों को इस लोक कल्याणकारी कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। श्री चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित सभी आवासों में अनिवार्य रूप से रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाने के साथ-साथ सार्वजनिक नलों में टोटी लगाने की आवश्यकता बताई। बैठक में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपना सुझाव दिए।

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