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- रायपुर/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यालय नई दिल्ली में भाजपा के नव नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट, भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सोशल मीडिया राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के, प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडेय, अमित साहू, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी सहित भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए।
- - महाराष्ट्र मंडल में गौरव अलंकरण और विद्यार्थी सम्मान समारोह में हर विधा की प्रतिभाओं का अभिनंदनरायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में रविवार, 23 अगस्त को सुबह 11 बजे से गौरव अलंकरण और विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की ओर से डॉ. भालेराव स्मृति सम्मान, विद्यार्थी सम्मान, गौरव अलकंरण, डॉ. अंबेडकर स्मृति अस्पताल की सर्वोत्कृष्ठ नर्स का सम्मान, महिला उत्थान, समाज सेवा विशिष्ट कार्य करने वालों का मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सम्मान किया जाएगा।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के कुलपति प्रो. डॉ. राजेन्द्र लकपाले, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले करेंगे।कार्यक्रम के संयोजक अजय पोतदार ने बताया कि समाजसेवा और महिला उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए शोभा मेहता, संस्थागत पुरस्कार की श्रेणी में उत्कृष्ट सेवाभावी संस्था के लिए नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी को गौरव अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए वर्तिका क्षीरसागर और आयुष्मान कालेले को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। डॉ. भालेराव स्मृति सम्मान की कड़ी में एमडी के लिए डॉ. सुशांत गांगे, एमबीबीएस के लिए डा. तनिशा श्री, उत्कृष्ठ नर्स के लिए डी अश्लेषम और 10वीं में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए ओजस पट्टेवार को सम्मानित किया जाएगा।नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटीनोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थित एक प्रमुख गैर-सरकारी संस्था है, जो दो दशकों से वन्य जीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव-वन्य जीव द्वंद्व को कम करने के लिए लगातार समर्पित रूप से कार्य कर रही है। यह संगठन रायपुर और आसपास के जिलों में 24 घंटे स्नेक और एनिमल रेस्क्यू हेल्प लाइन संचालित करती है। रिहायशी इलाकों में सांप या अन्य जंगली जानवरों के निकलने पर इनकी टीम उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ती है। संस्था ने गरियाबंद जैसे हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों को मिलाकर 'हाथी-मित्र दल' का गठन किया है, जो हाथियों के आने पर सुरक्षा और जागरूकता का काम करते हैं। नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी संस्था ने छत्तीसगढ़ के वन विभाग के साथ मिलकर राज्य में सांपों की प्रजातियों पर पहला व्यापक सर्वे किया था। इसमें सांपों की आठ नई प्रजातियों का पता लगाया गया था। इसके अलावा यह संस्था किंग कोबरा, चमगादड़ और राज्य पशु 'वन भैंसा' के संरक्षण और शोध पर भी कार्य कर रही है। संस्था द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और आदिवासी समुदायों के बीच जाकर पर्यावरण, बाघ संरक्षण और वन्यजीवों के महत्व पर ईको-कैंप व जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करती है।
- बिलासपुर /भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला संघ बिलासपुर के तत्वावधान में जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त श्री अजय कौशिक एवं जिला मुख्य आयुक्त श्री राजेन्द्र साहू के निर्देशानुसार द्वितीय चरण में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल राजेंद्र नगर में ष्राज्य पुरस्कार जांच परीक्षा पूर्वाभ्यास शिविर 2026 का आयोजन किया गया।शिविर का मुख्य उद्देश्य आगामी राज्य पुरस्कार परीक्षा हेतु गाइड्स एवं रेंजर्स को दक्षतापूर्वक तैयार करना था। जिले की विभिन्न शालाओं से पहुंची गाइड्स-रेंजर्स ने शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राज्य पुरस्कार के मापदंडों के अनुसार समस्त दक्षताओं का अभ्यास कराया गया तथा विशेषज्ञों द्वारा लॉगबुक की गहन जांच कर व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया गया।शिविर में जिला सचिव सुश्री लता यादव ने सेवा भाव और स्काउट-गाइड आंदोलन के मूल्यों पर विस्तार से चर्चा कर प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में प्राचार्य श्री एम.एल. पटेल का विशेष सहयोग रहा।बैज परीक्षकों द्वारा ध्वज शिष्टाचार, परेड, नॉट-टाइंग, गणवेश, सैल्यूट, ड्रिल, प्राथमिक चिकित्सा, स्काउट-गाइड नियम, प्रतिज्ञा, प्रार्थना, झण्डागीत, संस्कृति एवं विरासत, संकेत प्रणाली एवं प्रवेश से लेकर राज्य पुरस्कार से जुड़े अन्य विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। शिविर को सफल बनाने में बैज परीक्षक श्रीमती पुष्पा शर्मा, सस्मिता शर्मा, रत्ना दास, डॉ. भारती दुबे, रत्ना कश्यप, रागिनी चौधरी, अपर्णा सारखेल, स्वाति हार्डीकर, शीला शर्मा, संध्या तिवारी, रेवती साहू, सुनीता भास्कर, ममता यादव, निधि कश्यप एवं कौशल्या साहू ने सक्रिय भूमिका निभाई।शिविर संचालिका जिला संगठन आयुक्त (गाइड) डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि तृतीय सोपान परीक्षा में उत्तीर्ण होने के उपरांत ही राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयन होता है तथा इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाता है और उस शिक्षा सत्र की बोर्ड परीक्षा में 10 अंक बोनस के रूप में प्रदान किए जाते हैं। डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि सभी गाइड्स-रेंजर्स आगामी परीक्षा को पूर्ण आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ दें। निरंतर अभ्यास के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और अनुशासन व सेवा भाव को सर्वाेपरि रखते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करें।डॉ पूनम सिंह ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार बिलासपुर संभाग की राज्य पुरस्कार जाँच परीक्षा 30 अगस्त से 03 सितंबर 2026 तक कोरबा जिले के जेलगांव स्थित आदिवासी विकास विभाग हॉस्टल भवन, एजुकेशन हब, सीपेट परिसर में आयोजित होगी, जिसमें चयनित गाइड्स-रेंजर्स शामिल होंगे। शिविर को सफल बनाने में सभी बैज परीक्षकों एवं विद्यालयीन स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
- -गरीबों के आवास से लेकर भ्रष्टाचार तक के अपने शासनकाल का हिसाब दें पूर्व मुख्यमंत्री-बिना प्रमाण भाजपा पर आरोप लगाना भूपेश बघेल की राजनीतिक हताशा का प्रमाण : केदार कश्यपरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भूपेश बघेल लगातार झूठ, भ्रम और तथ्यहीन आरोपों की राजनीति कर रहे हैं। एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री आवास से लेकर स्कूल, पेपर लीक, ट्रांसफर, खनिज, शराब और सट्टे तक हर विषय पर आरोप लगा देने से उनके पांच साल के शासन की नाकामियां छिपने वाली नहीं हैं।मंत्री कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल भाजपा सरकार से सवाल पूछने से पहले अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब लेकर छत्तीसगढ़ की जनता के सामने आएं। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस का शासन भी देखा है और उस दौरान गरीब, किसान, युवा और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर कांग्रेस सरकार का रवैया भी देखा है। आज विपक्ष में बैठकर जनता की चिंता का दिखावा करने से कांग्रेस के कार्यकाल की सच्चाई नहीं बदल जाएगी।श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास को लेकर भ्रम फैलाने से पहले भूपेश बघेल को यह बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में गरीब परिवारों के आवास का मुद्दा लगातार क्यों अटका रहा। गरीब परिवार अपने पक्के मकान की प्रतीक्षा करते रहे और आज वही कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास को लेकर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास बनाने में नाकामी के कारण भूपेश सरकार में उनके मंत्री ने इस्तीफा भी दे दिया था लेकिन भूपेश जी अड़े रहे कि क्योंकि योजना में प्रधानमंत्री शब्द जुड़ा है इसलिए कांग्रेस सरकार आवास नहीं बनने देगी। जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पहली ही कैबिनेट में सभी आवासों की स्वीकृति दे दी।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—हर पात्र गरीब परिवार को पक्की छत और सम्मानजनक जीवन मिले। उन्होंने कहा कि आवास के अलग-अलग चरणों, स्वीकृति, निर्माण और पूर्णता के आंकड़ों को राजनीतिक लाभ के लिए मिलाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करना उचित नहीं है।पेपर लीक के मामले पर मंत्री कश्यप ने कहा कि किसी भी परीक्षा की विश्वसनीयता और युवाओं का भविष्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले की जांच और तथ्य सामने आने से पहले ही नतीजे पर पहुंच जाने की भूपेश बघेल की हड़बड़ी दिखाती है कि कांग्रेस मानो जांच की घोषणा से डर गयी हो।उन्होंने कहा की सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। आरोपी गिरफ्तार कर लिये गए हैं। भूपेश बघेल द्वारा केवल भाजपा का नाम जोड़कर सनसनी पैदा करने की राजनीति नहीं चलेगी। हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है—दोषी कोई भी हो, कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।”शिक्षा विभाग में कथित ‘ट्रांसफर उद्योग’ के आरोप पर श्री कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल को केवल राजनीतिक बयान देने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखने चाहिए। यदि किसी स्थानांतरण में अनियमितता की ठोस जानकारी उनके पास है तो सरकार और संबंधित संस्थाओं के सामने रखें।उन्होंने कहा कि बिना तथ्य और बिना प्रमाण हर प्रशासनिक निर्णय को भ्रष्टाचार से जोड़ना आसान है, लेकिन प्रदेश की जनता अब आरोपों की राजनीति को अच्छी तरह समझती है।स्कूलों की स्थिति पर लगाए गए आरोपों को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा कि पांच वर्षों तक प्रदेश की सत्ता कांग्रेस के हाथ में थी। आज भूपेश बघेल जिन व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं, उनमें से अनेक विषयों की जिम्मेदारी उनके शासनकाल में भी उन्हीं की सरकार के पास थी।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सिर्फ आंकड़े उछालकर भ्रम पैदा करने के बजाय कांग्रेस को बताना चाहिए कि पांच साल में उसने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कहां पहुंचाया।खनिज संशोधन विधेयक को लेकर भूपेश बघेल के आरोपों पर श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों और प्रदेश के हितों की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी विषय पर वास्तविक प्रभाव और तथ्यों का आकलन किए बिना राजनीतिक भय पैदा करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। सरकार प्रदेश के विकास, रोजगार और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती है।श्री कश्यप ने कहा कि शराब और सट्टे जैसे विषयों पर आरोप लगाने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री को अपने शासनकाल में इन विषयों को लेकर उठे सवालों को भी याद करना चाहिए। पांच साल सत्ता में रहते हुए जिन सवालों के जवाब कांग्रेस नहीं दे पाई, आज उन्हीं विषयों पर भाजपा को घेरने का प्रयास राजनीतिक अवसरवाद से अधिक कुछ नहीं है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल हर कुछ दिनों में आरोपों की नई सूची लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, लेकिन इससे कांग्रेस सरकार के पांच साल का रिकॉर्ड नहीं बदल सकता।उन्होंने कहा, “भूपेश बघेल जी को समझना चाहिए कि छत्तीसगढ़ की जनता राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, काम और परिणाम से सरकार का मूल्यांकन करती है। भाजपा सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।”कांग्रेस जितना चाहे भ्रम फैलाए, भाजपा सरकार का जवाब स्पष्ट है—आरोपों का नहीं, विकास का रास्ता; भ्रम का नहीं, सुशासन का रास्ता। भूपेश बघेल पहले अपने पांच साल का हिसाब दें, उसके बाद भाजपा सरकार से सवाल करें।
- -टीम प्रहरी के बहनों ने जिम्मेदारी और अवसर देने के लिए अपने विष्णु भैया के प्रति जताया आभाररायपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ‘टीम प्रहरी’ की महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपना भाई मानते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए टीम की सदस्य श्रीमती पिंकी निहाल ने मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद किया।राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार यह भाव रक्षाबंधन के अवसर पर टीम प्रहरी की बहनों के शब्दों में साफ नजर आया। श्रीमती पिंकी निहाल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, स्नेह और साथ के रिश्ते को मजबूत करने का अवसर भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं पर भरोसा जताकर उन्हें आगे बढ़ने और जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है, जिसके लिए वे उन्हें अपने भाई के रूप में धन्यवाद देती हैं।उन्होंने कहा कि पहले कई क्षेत्रों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन आज महिलाओं को भी बराबरी के अवसर मिल रहे हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। टीम प्रहरी की महिलाओं ने भी मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ निभाया है। श्रीमती पिंकी निहाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने महिलाओं की क्षमता पर विश्वास जताते हुए उन्हें जिम्मेदारी दी। यह विश्वास उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, “हम बहनें मुख्यमंत्री विष्णु भैया का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हैं।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में राष्ट्रव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान समिति' का गठन किया गया है। भारतीय जनता पार्टी की इस राष्ट्रीय समिति में छत्तीसगढ़ से प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। समिति में श्री चौधरी के अलावा केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी, गुजरात के उप मुख्यमंत्री हरीश सांगवी और भाजपा राष्ट्रीय मंत्री स्वदेश सिंह को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धि और उनके द्वारा चलाए जा रहे विकास अभियानों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ पूरे देश में कार्य करेगी। समिति के सभी कार्यक्रम और राष्ट्रव्यापी अभियान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन के दिशा-निर्देशों में संचालित होंगे।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देशरायपुर. । राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों हेतु कुल 9 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि जारी की है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत एल्डरमैन निधि की प्रथम किस्त की 50 प्रतिशत राशि विभाग द्वारा जारी की गई है। इस मद से मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की अनुशंसा पर विकास कार्य किए जाते हैं । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इस निधि का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा राज्य के 10 नगर निगमों में एल्डरमैन निधि के कुल 2 करोड़ 7 लाख रुपए जारी किए गए हैं। 53 नगर पालिकाओं में कुल 3 करोड़ 93 लाख रुपए और 102 नगर पंचायतों में कुल 3 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि विभाग द्वारा जारी की गई है।
- -नेत्रदान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया व्यापक प्रशिक्षण, काउंसलिंग, कॉर्निया प्राप्ति, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण पर विशेष जोररायपुर ।क्षेत्रीय नेत्र अनुसंधान संस्थान (RIO)एवं नेत्र रोग विभाग, पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर द्वारा आज "नेत्रदान प्रक्रियाओं पर नवीनतम जानकारी” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन टेलीमेडिसिन हॉल, डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में किया गया।यह कार्यशाला प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नेत्र सहायक अधिकारियों एवं सहायक नेत्रदान अधिकारियों के लिए आयोजित की गई। स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय द्वारा 32 जिलों से प्रतिभागियों का नामांकन किया गया तथा नामांकन अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।कुछ माह पूर्व चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने श्रीलंका में नेत्रदान की उच्च दर का उल्लेख करते हुए प्रदेश में नेत्रदान को और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने विभाग को इस दिशा में ठोस पहल करने के लिए प्रेरित किया था। इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय नेत्र अनुसंधान संस्थान द्वारा यह कार्यशाला आयोजित करने की पहल की गई। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े (25 अगस्त से 8 सितम्बर) के प्रारंभ होने से पहले नेत्रदान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को व्यापक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया, ताकि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संभावित दाताओं के परिवारों की प्रभावी काउंसलिंग करने में सक्षम हो सकें।प्रशिक्षण के दौरान नेत्रदान हेतु शोकग्रस्त परिवारों से संवाद एवं काउंसलिंग, परिवार की आशंकाओं एवं भ्रांतियों का समाधान, डोनर चयन एवं मेडिकल स्क्रीनिंग, कॉर्निया प्राप्त करने की तकनीक, ऊतक संरक्षण, कोल्ड चेन एवं सुरक्षित परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।इसके साथ ही कन्सेंट फॉर्म ( Consent Forms), डेथ सर्टिफिकेट (Death Certificate) एवं आई बैंक रिकॉर्ड्स (Eye Bank Records) सहित आवश्यक दस्तावेजीकरण पर भी जानकारी दी गई। वास्तविक मामलों पर चर्चा, इंटरैक्टिव क्विज तथा महाविद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा कठिन परिस्थितियों में परिवारों से संवाद एवं परामर्श हेतु रोल प्ले (Role - Play) के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी दी गई।कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहकर हैंड्स-ऑन एवं डेमोंस्ट्रेशन आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। एन्यूक्लिएशन (नेत्रगोलक निकालने) की वीडियो डेमोंस्ट्रेशन, इन-सिटू कॉर्नियोस्क्लेरल रिम की तैयारी एवं संरक्षण, काउंसलिंग सत्र, डॉक्यूमेंटेशन तथा मॉइस्ट चैंबर (Enucleation, in-situ corneoscleral rim retrieval, preservation, transport, counselling, documentation तथा moist chamber) तैयार करने की प्रक्रिया प्रदर्शित की गई।कार्यशाला के सफल आयोजन में महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के मार्गदर्शन एवं सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही अधीक्षक डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, डॉ. संतोष सोनकर द्वारा कार्यशाला के लिए व्यवस्थागत सहयोग एवं अन्य संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं| सक्रिय प्रशासनिक सहयोग से इतने बड़े राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सुचारु संचालन संभव हो सका।क्षेत्रीय नेत्र अनुसंधान संस्थान द्वारा सहयोग के लिए महाविद्यालय प्रशासन एवं चिकित्सालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि “इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि नेत्रदान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। अधिष्ठाता महोदय एवं अधीक्षक महोदय के सहयोग से हम इस पहल को प्रभावी रूप से साकार कर पाए हैं। यह सहयोग नेत्रदान को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को नई ऊर्जा देता है।”नेत्रदान की सफलता के लिए चिकित्सकों के साथ-साथ नेत्र सहायक अधिकारियों और सहायक नेत्रदान अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही स्वास्थ्यकर्मी संभावित दाता की पहचान, परिवार से संपर्क, काउंसलिंग, नेत्र प्राप्ति, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े से पहले आयोजित यह प्रशिक्षण प्रदेश में नेत्रदान की गतिविधियों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।कार्यशाला का समापन पोस्ट-टेस्ट एवं प्रतिभागियों से फीडबैक के साथ किया गया।कार्यशाला का संदेश यही रहा कि एक नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि और आशा का नया उजाला ला सकता है। प्रदेश में नेत्रदान की संस्कृति को मजबूत करने के लिए जन-जागरूकता के साथ-साथ प्रशिक्षित एवं संवेदनशील स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- -महतारी वंदन योजना बनी आर्थिक संबल का माध्यम, घर-परिवार की जरूरतें पूरी करने में मिल रहा सहयोगरायपुर / रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल और आत्मविश्वास का आधार बन रही है। आकांक्षी विकासखंड गौरेला के ग्राम पंचायत ठाड़पथरा की श्रीमती प्रीति सुजान बैगा के जीवन में भी यह योजना आर्थिक सहयोग का सशक्त माध्यम बनी है। योजना के तहत उन्हें प्रत्येक माह नियमित रूप से एक हजार रुपये की राशि प्राप्त हो रही है। इस राशि से परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में उन्हें काफी सहूलियत मिल रही है और घरेलू खर्च का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।श्रीमती प्रीति सुजान बैगा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे घर के जरूरी सामान, राशन, सब्जी तथा अन्य घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि उनके लिए छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मददगार साबित हो रही है। इसके साथ ही उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न का लाभ भी नियमित रूप से मिल रहा है। महतारी वंदन योजना और खाद्यान्न योजना से मिल रहे संयुक्त लाभ ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ किया है।रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और संरक्षण का प्रतीक है। इसी भावना के अनुरूप महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का भाव मजबूत कर रही है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं को अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। प्रीति बैगा के लिए भी योजना की राशि परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देने के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम बनी है।श्रीमती प्रीति सुजान बैगा का कहना है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों की खुशहाली को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर यह पहल भाई-बहन के रिश्ते में निहित स्नेह और सम्मान की भावना को जनकल्याण से जोड़ने का सार्थक संदेश भी देती है। रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना प्रदेश की बहनों के लिए इसी विश्वास और संबल का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके परिवारों की खुशहाली सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।विष्णु भैया की सरकार हर बहन के चेहरे पर मुस्कान के संदेश के साथ महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल और सम्मान का नया विश्वास पैदा कर रही है। प्रीति बैगा जैसी हजारों महिलाएं जब आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की हर बहन का सम्मान और आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती के साथ आगे बढ़े।
- -राखी से पहले बहनों को मिला विष्णु भैया का उपहार, महतारी वंदन से कांति के चेहरे पर आई मुस्कान-30वीं किश्त ने बढ़ाया त्योहार का उत्साह, महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान का मजबूत आधाररायपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले जब हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पेंड्रा निवासी श्रीमती कांति चंद्राकर के बैंक खाते में महतारी वंदन योजना की 30वीं किश्त की राशि पहुंची, तो उनकी खुशी दोगुनी हो गई। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से बहनों के लिए मिले स्नेह, सम्मान और संबल का उपहार है। कांति चंद्राकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया से बहनों को संबल मिला है।”श्रीमती कांति चंद्राकर ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी सहूलियत होती है। इस बार रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से त्योहार की तैयारियां भी सहज हो गई हैं। उन्होंने बताया कि वह इस राशि से अपने भाई के लिए रक्षासूत्र खरीदेंगी और रक्षाबंधन की अन्य तैयारियां करेंगी। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व पर आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए खुशी को और बढ़ाने वाला है।कांति चंद्राकर मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पति इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए उपयोगी आर्थिक सहारा बन रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पूर्व में प्राप्त राशि को बचाकर उन्होंने अपने लिए साड़ी और चांदी की पायल भी खरीदी थी। उन्होंने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं।श्रीमती कांति चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं की खुशहाली और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि योजना की राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने का अवसर देती है और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को भी मजबूत बनाती है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “राखी का यह पर्व मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि इस बार विष्णु भैया का उपहार पहले ही मिल गया है। महतारी वंदन की राशि ने मेरी खुशियों को दोगुना कर दिया है।”रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। ऐसे अवसर पर महतारी वंदन योजना की किश्त का मिलना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ भावनात्मक खुशी का भी माध्यम बन रहा है। कांति चंद्राकर के लिए यह राशि राखी के धागे में जुड़े उस विश्वास की तरह है, जो परिवार की खुशियों और बेहतर भविष्य की उम्मीद को मजबूत करता है।रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर कांति चंद्राकर की खुशी प्रदेश की उन अनेक महिलाओं की उम्मीदों और विश्वास को अभिव्यक्त करती है, जो महतारी वंदन योजना से जुड़कर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। उनके लिए राखी का यह पर्व केवल भाई-बहन के स्नेह का उत्सव नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल की नई अनुभूति भी लेकर आया है।
- -जिला स्तरीय रोजगार मेले में 14 युवाओं का अंतिम चयन, कलेक्टर ने सौंपे नियुक्ति पत्र-निजी क्षेत्र में रोजगार के लिए 224 युवक-युवतियों ने लिया साक्षात्कार में हिस्सा, 280 पदों पर भर्ती के अवसर उपलब्धरायपुर । युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला प्रशासन के पहल को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आईटीआई गौरेला में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा आयोजित जिला स्तरीय रोजगार मेले में 14 युवाओं का अंतिम चयन हुआ। रोजगार मेले के समापन अवसर पर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।रोजगार मेले में पांच निजी संस्थानों ने भाग लिया। विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए कुल 280 रिक्तियां उपलब्ध थीं। रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे 224 युवक-युवतियों ने साक्षात्कार में हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण में 60 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिसके बाद अंतिम चयन प्रक्रिया में 14 युवा सफल रहे। चयनित युवाओं को रोजगार मेले में ही नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाने से उनमें उत्साह का संचार हुआ।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने चयनित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं को अपनी योग्यता और कौशल के अनुरूप इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर ईमानदारी, अनुशासन, समयबद्धता और लगन के साथ दायित्वों का निर्वहन सफलता की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने चयनित युवाओं से अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले और परिवार का नाम रोशन करने का आह्वान किया।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने लाइवलीहुड कॉलेज गौरेला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा हितग्राहियों के लिए संचालित टैक्सी चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद कर उनके प्रशिक्षण, रुचि और भविष्य की रोजगार संभावनाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षणार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें, मन लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त करें और पाठ्यक्रम को पूरी गंभीरता से पूरा करें, ताकि प्रशिक्षण के बाद उपलब्ध रोजगार के अवसरों का बेहतर लाभ उठाया जा सके।
- -नए बस स्टैंड के लिए 6.50 करोड़ और नगर पालिका कार्यालय के लिए 3.50 करोड़ की घोषणारायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज महासमुंद में 31 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। वे शहर के लोहिया चौक में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में महासमुंद के नए बस स्टैंड को सुविधायुक्त और आधुनिक बस स्टैंड के रूप में विकसित करने 6 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका के नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए की भी घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश की दशा और दिशा बदलने का कार्य किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी शहर स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनें। उन्होंने कहा कि राज्य के छह जिलों को स्वच्छता के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 38 नालंदा परिसर स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि घर बैठे मिल रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 12 हजार 666 करोड़ रुपए के पुल-पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महासमुंद जिले में भी विभिन्न विकास कार्यों के लिए 468 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर सड़कों और अधोसंरचना के विकास को गति दी जा रही है। महासमुंद के विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। श्री साव ने कहा कि आने वाले समय में महासमुंद को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि सभी मिलकर संकल्प लें कि ये शहर हमारा है, यहां का मान-सम्मान मेरा सम्मान है और यहां का गौरव मेरा गौरव है।विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में महासमुंद के विकास को लगातार प्राथमिकता मिल रही है। महासमुंद लगातार विकास की ओर अग्रसर है और सभी के सहयोग से जिले को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि महासमुंद का गौरव पथ और तुमगांव रोड निर्माणाधीन है। नहर लिंकिंग रोड स्वीकृत हो चुका है तथा सड़कों के कार्यों के टेंडर भी जारी हो चुके हैं। सीकासेर का पानी कोडार तक पहुंच रहा है। सिरपुर बैराज भी स्वीकृत हो चुका है। विधायक श्री सिन्हा ने महासमुंद शहर के विकास के लिए रिंग रोड की आवश्यकता पर जोर देते हुए नए बस स्टैंड तथा नए कार्यालय भवन की मांग उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।नगर पालिका अध्यक्ष श्री निखिल कांत साहू ने महासमुंद को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और शहर के विस्तार को देखते हुए महासमुंद नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मांग रखी।पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू, छ.ग. राज्य स्काउट गाइड के मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी और कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह सहित पार्षदगण, ऐल्डरमेन स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -ट्राइफेड से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर-एक दिवसीय ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’ धमतरी में सम्पन्नरायपुर / छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में 'जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता (एम्पैनलमेंट) मेला' आयोजित किया गया। इसे जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन TRIFED (ट्राइफेड) और जिला प्रशासन ने मिलकर आयोजित किया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार दिलाना है।जिले के जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों के पारंपरिक हुनर को स्थानीय बाजार से निकालकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनजातीय कारीगरों को बेहतर बाजार, पहचान, विपणन और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को लाइवलीहुड कॉलेज में एक दिवसीय ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’ आयोजित किया गया। मेले में जिले के 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों तथा जनजातीय उद्यमियों को ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने का अवसर प्रदान किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल जनजातीय कलाकारों को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगी। ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने के बाद कारीगरों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, ‘जनजातीय भारत’ बिक्री केंद्रों, मेलों तथा विभिन्न विपणन गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और कारीगरों को आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आजीविका से जुड़ी गतिविधियां केवल आय का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, कौशल और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए। उन्होंने कारीगरों से कहा कि “आज इंटरनेट और सोशल मीडिया का दौर है। अपने उत्पादों और हुनर को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाएं।” उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर कारीगर सीधे ग्राहकों तक पहुंच बना सकते हैं और अपने उत्पादों की बाजार क्षमता बढ़ा सकते हैं।कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक स्थिति एवं वन उपज की प्रचुर उपलब्धता का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक एवं ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। नगरी क्षेत्र में उपलब्ध सतावर के साथ-साथ लाख, इमली और अन्य वन उपज का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रसंस्करण कर बेहतर आय का माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं एवं जनजातीय समाज के लोगों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।कलेक्टर ने कहा कि जिले के जनजातीय कारीगरों का एक विशेष बैच तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, बाजार प्रबंधन एवं उत्पाद प्रस्तुतीकरण का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि वे अपने पारंपरिक कौशल को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ सकें।सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जे.एल. ध्रुव ने कहा कि जनजातीय समाज की अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला एवं शिल्प शैली है। यदि इन कारीगरों को उचित बाजार और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराया जाए, तो उनकी आय एवं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इससे जिले की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।मेले में अतिथियों एवं अधिकारियों ने कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके कार्य, उत्पादों की मांग, बाजार की उपलब्धता और आय के संबंध में जानकारी ली। स्टॉलों में वस्त्र एवं हस्तकला, धातु शिल्प, जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद, मिट्टी शिल्प, बांस एवं बेंत शिल्प, जनजातीय आभूषण, उपहार एवं उपयोगी सामग्री तथा चित्रकला सहित विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कहा कि यह मेला जिले के जनजातीय कारीगरों एवं उद्यमियों को ट्राइफेड के व्यापक विपणन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों एवं जनजातीय उद्यमियों से उत्कृष्ट उत्पादों के साथ ऐसे अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।इस अवसर पर उप संचालक कृषि मनीष साहू, उप संचालक पंचायत नकुल वर्मा, सहायक संचालक आजीविका संदीप गन्नाडे, उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक, जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- -महिला स्व-सहायता समूह कर रहा संचालन, अब तक 475 हितग्राहियों ने किया चावल का उठाव-शक्कर और नमक का वितरण भी शुरू हुआबिलासपुर / नगर पालिक निगम बिलासपुर क्षेत्रांतर्गत लिंगियाडीह (चिंगराजपारा) में संचालित अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन वितरण को सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित इस ग्रेन एटीएम से वर्तमान में करीब 650 बीपीएल राशनकार्डधारी परिवार जुड़े हुए हैं। अब तक 475 हितग्राहियों द्वारा ग्रेन एटीएम के माध्यम से चावल का उठाव किया जा चुका है।ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने के लिए लंबी कतार में लगने और निर्धारित समय का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।पटवारी प्रशिक्षण केंद्र, राजकिशोर नगर के समीप स्थापित इस स्वचालित मशीन के माध्यम से राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार राशन प्राप्त कर सकते हैं। ग्रेन एटीएम में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय तकनीक का उपयोग किया गया है। स्वचालित मशीन के माध्यम से हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में चावल प्राप्त होता है। इससे राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ समय की भी बचत हो रही है। साथ ही हितग्राहियों को भीड़ से राहत मिल रही है और राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनी है।अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम से राशन वितरण के साथ-साथ ई-पॉश मशीन के माध्यम से शक्कर एवं नमक के वितरण की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है। इससे हितग्राहियों को एक ही स्थान पर आवश्यक राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा ग्रेन एटीएम का संचालन किए जाने से महिलाओं की सहभागिता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है। हितग्राहियों ने इस आधुनिक व्यवस्था पर संतोष एवं प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मशीन के माध्यम से कम समय में आसानी से राशन मिल जाता है और भीड़ में लगने की परेशानी भी नहीं होती।
- बिलासपुर । नगर पालिक निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 50 बैरिस्टर छेदीलाल नगर में वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के संचालन हेतु पात्र संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कार्यालय कलेक्टर (खाद्य शाखा), बिलासपुर द्वारा जारी सूचना के अनुसार इच्छुक पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूह, प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार तथा स्थानीय नगरीय निकाय निर्धारित प्रारूप में 31 अगस्त 2026 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।आवेदन पत्र कार्यालयीन अवधि में निर्धारित प्रारूप में सीलबंद लिफाफे में कार्यालय कलेक्टर, खाद्य शाखा, बिलासपुर में जमा करना होगा। आवेदन के लिए आवश्यक शर्तें और संलग्न किए जाने वाले जरूरी दस्तावेजों की जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। निर्धारित समय-सीमा के पश्चात प्राप्त अथवा अपूर्ण आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- - राजधानी के सप्लाई ग्रिड से भी जोड़ा गया मड़वा संयंत्र- 400 के.वी. रायता उपकेंद्र से दलदलसिवनी तक 220 के.वी. अति उच्च दाब डबल सर्किट लाइन हुई चालू- घरेलू उपभोक्ताओं के साथ उरला, सिलतरा एवं मेटल पार्क के औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा लाभरायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 400 के.वी. रायता (धरसीवां) उपकेंद्र से रायपुर के दलदलसिवनी स्थित निर्माणाधीन 220 के.वी. उपकेंद्र तक लगभग 27 किलोमीटर लंबी 220 के.वी. अति उच्च दाब डबल सर्किट विद्युत लाइन सफलतापूर्वक चालू कर दी गई है। इससे रायपुर का सप्लाई ग्रिड सीधे मड़वा प्लांट से जुड़ गया है।लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस लाइन के माध्यम से राजधानी रायपुर की लगभग 40 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति अब जांजगीर-चांपा जिले के अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा से सीधे की जा सकेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। वहीं चेयरमैन श्री सुबोध कुमार सिंह ने कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे राजधानी रायपुर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा में 500-500 मेगावाट क्षमता की दो आधुनिक ताप विद्युत उत्पादन इकाइयाँ संचालित हैं। राजधानी रायपुर में सामान्यतः 500 से 700 मेगावाट तक विद्युत की मांग रहती है। नई लाइन के चालू होने से राजधानी की इस मांग की आपूर्ति सीधे मड़वा ताप विद्युत गृह से की भी जा सकेगी। इससे घरेलू एवं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उरला, सिलतरा और मेटल पार्क स्थित औद्योगिक क्षेत्रों को भी अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कंप्यूटर पर क्लिक कर रायता उपकेंद्र से इस नई लाइन का सफलतापूर्वक चार्जिंग कार्य संपन्न कराया। यह लाइन कुशल, सिलियारी, पथरी, टोर, बरबंदा, नेवरा, मटिया, दोंदेखुर्द, सेमरिया, गिरहोली, मांढ़र, गिरौद, बरौदा, टेकरी तथा उरकुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरती है।दलदलसिवनी के पूर्वी भाग में 2×160 एम.वी.ए. क्षमता के 220/132/33 के.वी. उपकेंद्र का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके शीघ्र चालू होने से राजधानी रायपुर की उच्च दाब विद्युत अधोसंरचना और अधिक मजबूत होगी तथा लगभग 50 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।इस अवसर पर कंपनी के अधिकारी सर्वश्री संजय पटेल, प्रसन्ना गोस्वामी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आरके तिवारी, ईश्वर कंवर, अधीक्षण अभियंता वीेए देशमुख, कार्यपालन अभियंता यूके यादव, सुधांशु त्रिपाठी व सुचिंद्र उइके सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर / विमानन एवं पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में 13 अगस्त 2026 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में रायपुर एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित वेस्ट डंप साइटों के चिन्हांकन, सफाई एवं समुचित प्रबंधन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इसके तहत एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर परिधि में कुल 41 स्थानों को वेस्ट डंप साइट के रूप में चिन्हांकित किया गया है।चिन्हांकित सभी स्थलों की सूची जियो-टैग लोकेशन, अक्षांश (Latitude) एवं देशांतर (Longitude) सहित तैयार की गई है। इससे प्रत्येक वेस्ट डंप साइट की सटीक पहचान एवं स्थलवार निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन के निर्देशानुसार जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), रायपुर की जिला एवं विकासखंड स्तरीय टीम द्वारा 21 अगस्त को चिन्हांकित स्थलों का स्थल निरीक्षण एवं सर्वेक्षण किया जा रहा है।सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक स्थल की वर्तमान स्थिति, कचरे की मात्रा एवं सफाई की आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है।सर्वेक्षण के आधार पर चिन्हांकित वेस्ट डंप साइटों की समुचित सफाई, कचरे के प्रबंधन तथा भविष्य में इन स्थानों पर दोबारा कचरा डंपिंग रोकने के लिए स्थलवार कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री बिश्वरंजन द्वारा विभिन्न चिन्हांकित स्थलों का भ्रमण कर मौके पर चल रही कार्रवाई का निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए चिन्हांकित स्थलों की प्रभावी सफाई एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव द्वंद्व को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वन विभाग द्वारा हाथी मित्र दल (हाथी मितान) के सदस्यों को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट (सुरक्षा उपकरण) प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में वन्यजीवों के संरक्षण और जंगल से लगे इलाकों में जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कोरबा प्रवास के दौरान पुतका पहाड़ का निरीक्षण किया और कॉफी प्वाइंट में हाथी मित्र दल के सदस्यों को सुरक्षा उपकरण (किट) वितरित किए।वन मंत्री श्री कश्यप ने मैदान में तैनात हाथी मित्र दल के सदस्यों को काम के दौरान सुरक्षा संसाधन मुहैया कराने हेतु सुरक्षा उपकरण सौंपे। मंत्री कश्यप ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों की सतत निगरानी, ग्रामीणों को समय पर अलर्ट करने और मानव-हाथी टकराव रोकने में दल की भूमिका बेहद अहम है। हाथियों को वन पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता और वन विभाग के मैदानी अमले के साथ समन्वय से द्वंद्व की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सकता है।मंत्री ने सदस्यों से उनकी सुरक्षा आवश्यकताओं और मैदानी चुनौतियों की जानकारी ली तथा उन्हें सुरक्षित रहकर कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर श्री गोपाल मोदी, श्री जोगेश लांबा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर में मछली बीज वितरण कार्यक्रम में की सहभागिता, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर दिया जोररायपुर ।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद पंचायत लखनपुर के तत्वावधान में ग्राम पंचायत स्तरीय मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता करते हुए ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांव के लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। मछली पालन जैसे स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जाए। मछली बीज वितरण जैसी पहल से ग्रामीणों को मछली पालन के लिए आवश्यक आधार मिलेगा और वे इसे आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवार मजबूत होता है, बल्कि पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है।श्री अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह ‘बिहान’ अभियान की सबसे बड़ी ताकत हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ इन समूहों तक पहुंचाकर उन्हें कृषि, पशुपालन, मछली पालन, लघु उद्यम तथा अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से विकास की दृष्टि से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि विकास की मुख्यधारा से गांव का प्रत्येक परिवार जुड़े और स्थानीय स्तर पर ही आय के पर्याप्त साधन विकसित हों।मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। उन्होंने मछली पालन से जुड़े हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।कार्यक्रम के दौरान मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण हितग्राहियों को मछली बीज का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाओं से उन्हें अपने गांव में ही आय का नया साधन प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत पुलिस जवानों के लिए भेंट की गई राखियां-परिवार से दूर कर्तव्य निभा रहे जवानों को मिलेगा अपनत्व और सम्मान का एहसासरायपुर ।सुरक्षा व्यवस्था और सरहद पर तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए रक्षाबंधन के अवसर पर 'राखी से रक्षा' जैसे विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इस अनूठी पहल के तहत देश के आम नागरिक, महिलाएं, स्कूली छात्र और सामाजिक संगठन मिलकर सैनिकों के लिए राखियां भेजते हैं।रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सुकमा जिला प्रशासन ने सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और अपनत्व की अनूठी पहल की है। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में ‘रक्षा सूत्र’ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस जवानों के लिए राखियां भेंट की गईं, जिन्हें जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा।परिवार से दूर रहकर दिन-रात कर्तव्य निभा रहे जवानों के लिए यह पहल विशेष महत्व रखती है। रक्षाबंधन के अवसर पर उनके हाथों तक राखी पहुंचाकर उन्हें बहनों के स्नेह, शुभकामनाओं और आशीर्वाद का एहसास कराया जाएगा। यह पहल जवानों के त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है।‘रक्षा सूत्र’ अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन ने जवानों के साथ सामाजिक जुड़ाव और अपनत्व का संदेश दिया है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवान समाज की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के पर्व पर उनके प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करना समाज की जिम्मेदारी है। सुकमा जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में कई जवान लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करते हैं। ऐसे जवानों तक राखी पहुंचाने से उन्हें रक्षाबंधन की खुशियों और अपनेपन का एहसास होगा। ‘रक्षा सूत्र’ केवल एक राखी नहीं, बल्कि समाज की ओर से जवानों के प्रति विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का संदेश है। जिला प्रशासन की यह संवेदनशील पहल सुरक्षा में तैनात जवानों के मनोबल को बढ़ाने के साथ समाज और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास एवं जुड़ाव को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- -30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित-महतारी वंदन की राशि से बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन का पर्व, घर-परिवार की खुशियों में बढ़ेगा आर्थिक संबलरायपुर ।रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।रायगढ़- राशी कँवरमनेन्द्रगढ़- गायत्री श्रीवास्तवमनेन्द्रगढ़- गायत्री श्रीवास्तवरक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशीरक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं।महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।जांजगीर-चांपा- शबीना बेगमकोरबा- श्रीमती शकुंतला कुर्रेमुंगेली- श्रीमती अनीता गंधर्वहर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारासूरजपुर जिले की श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े, श्रीमती पुनिया प्रजापति, श्रीमती शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, श्रीमती मेनका रजवाड़े और श्रीमती लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।बचत से स्वरोजगार तक की नई राहमहतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है।मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की श्रीमती अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं।जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूडि़यों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला जिले की श्रीमती देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की श्रीमती अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को बढ़ावा दिया है। महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है।रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त इस बदलाव की एक सुखद तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश की बहनें इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते हुए भाई-बहन के स्नेह का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगी।महतारी वंदन योजना की यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई ताकत मिल रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची राशि उनके लिए ’‘विष्णु भैया का उपहार’’ बनकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही है।
- रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज पावन श्रावण मास में महासमुंद के विशाल मेगा मार्ट परिसर में एक माह तक आयोजित महारुद्राभिषेक एवं हवन-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर हवन-पूजन किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना और अभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगलकामना की। उन्होंने भगवान शिव से प्रदेश में निरंतर विकास और जनकल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित परिवारजन, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व सांसद श्री चुन्नी लाल साहू, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, श्री येतराम साहू और नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद थे।
- उप मुख्यमंत्री साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देशबिलासपुर/ राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों हेतु कुल 9 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि जारी की है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत एल्डरमैन निधि की प्रथम किस्त की 50 प्रतिशत राशि विभाग द्वारा जारी की गई है। इस मद से मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की अनुशंसा पर विकास कार्य किए जाते हैं । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इस निधि का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा राज्य के 10 नगर निगमों में एल्डरमैन निधि के कुल 2 करोड़ 7 लाख रुपए जारी किए गए हैं। 53 नगर पालिकाओं में कुल 3 करोड़ 93 लाख रुपए और 102 नगर पंचायतों में कुल 3 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि विभाग द्वारा जारी की गई है।
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‘दृश्य संवाद 2026’ में फोटोजर्नलिस्टों को हेलमेट वितरण
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’
रायपुर। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ के तीसरे दिन तस्वीरों के साथ-साथ फोटोजर्नलिस्टों की सुरक्षा का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया। फोटो प्रदर्शनी में शहरवासियों, विद्यार्थियों और यातायात पुलिस की सहभागिता रही। इस दौरान रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की यातायात पुलिस की ओर से फोटोजर्नलिस्टों को हेलमेट वितरित कर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।रायपुर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ‘ट्रैफिक हैकाथॉन’ अभियान चलाया जा रहा है। 17 अगस्त से 17 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत जाम और पार्किंग जैसी समस्याओं के समाधान के लिए नागरिकों एवं विद्यार्थियों से स्मार्ट सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत यातायात प्रोटोकॉल डीएसपी डॉ. अर्चना झा , और एसीपी यातायात सतीश ठाकुर अपनी टीम के साथ ‘दृश्य संवाद 2026’ में शामिल हुईं और फोटोजर्नलिस्टों के लिए विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया।,डीएसपी डॉ. अर्चना झा ने कहा कि फोटोजर्नलिस्ट खबरों की कवरेज के लिए लगातार सड़क पर रहते हैं और कई बार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घटनास्थल तक पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और कवरेज के दौरान सड़क सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पत्रकार ही लंबे समय तक समाज की आवाज को मजबूती से सामने ला सकता है।तस्वीरों के पीछे की कहानी जानने उमड़े दर्शकप्रदर्शनी के तीसरे दिन भी विद्यार्थियों और दर्शकों ने फोटोजर्नलिस्टों से तस्वीरों के पीछे की कहानी, घटनास्थल के अनुभव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में की गई कवरेज के बारे में जानकारी ली। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के जनजीवन, संस्कृति, प्रकृति और बदलते सामाजिक परिवेश की विविध तस्वीरें एक ही मंच पर देखने को मिलीं।हेलमेट वितरण को फोटोजर्नलिस्टों ने भी सराहनीय पहल बताया। उनका कहना था कि खबरों की तलाश में शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगातार आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया यह प्रयास बेहद उपयोगी है।मोहन तिवारी बोले—फोटोजर्नलिस्ट की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरीरायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि ‘दृश्य संवाद’ केवल फोटो प्रदर्शनी नहीं, बल्कि फोटोजर्नलिस्टों की मेहनत, संघर्ष और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को सामने लाने का मंच है। एक फोटोजर्नलिस्ट कई बार ऐसी जगहों पर पहुंचकर तस्वीरें कैद करता है, जहां सामान्य व्यक्ति के लिए पहुंचना आसान नहीं होता। उनकी एक तस्वीर किसी घटना, समाज या पूरे दौर की कहानी को शब्दों से कहीं ज्यादा प्रभावी ढंग से सामने रख सकती है।उन्होंने कहा कि फोटोजर्नलिस्टों की सुरक्षा प्रेस क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है। डीएसपी डॉ. अर्चना झा द्वारा हेलमेट वितरण की पहल इसी सोच को मजबूत करती है। पत्रकार खबरों को समाज तक पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन खबरों की कवरेज के दौरान उनकी अपनी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।मोहन तिवारी ने ‘दृश्य संवाद 2026’ को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी फोटोजर्नलिस्टों, विद्यार्थियों, नागरिकों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ की तस्वीरों और यहां के फोटोजर्नलिस्टों की प्रतिभा को देशभर में पहचान मिल सके।विधायक सुनील सोनी ने किया फोटो प्रदर्शनी का अवलोकनतीसरे दिन रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी भी फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे। उन्होंने फोटोजर्नलिस्टों से मुलाकात कर उनके साथ संवाद किया और अपने संघर्ष के दिनों में फोटोजर्नलिस्ट साथियों द्वारा किए गए सहयोग को याद करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।सुनील सोनी ने कहा कि फोटोजर्नलिस्ट अपनी तस्वीरों के जरिए किसी नेता के संघर्ष, भाव-भंगिमा और व्यक्तित्व को जनता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करते हैं। उन्होंने ओपन कैटेगरी के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा भी की।इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े उपस्थित रहे।फोटो जर्नलिस्टों की ओर से फेस्ट के संयोजक दीपक पांडे, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी, प्रदीप डडसेना, राजकुमार चतुर्वेदी, रुपेश यादव, नरेंद्र बंगाले, विनय घाडगे, सुधीर सागर, रमन हलवाई, किशन लोखंडे, मनोज देवांगन, विजय देवांगन, पंकज चौहान, हीरा मानिकपुरी, त्रिलोचन मानिकपुरी,, सागर फरीकार,हेमंत गोस्वामी, जय गोस्वामी, पंकज सिंह, राजेश सोनकर सहित बड़ी संख्या में फोटोजर्नलिस्ट मौजूद रहे।‘दृश्य संवाद 2026’ फोटो प्रदर्शनी आम दर्शकों के लिए आर्ट गैलरी में खुली रहेगी। दर्शक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं।तीसरे दिन ‘दृश्य संवाद 2026’ ने तस्वीरों के जरिए जहां छत्तीसगढ़ की सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता को सामने रखा, वहीं हेलमेट वितरण ने यह संदेश भी दिया कि समाज की तस्वीर दिखाने वाले फोटोजर्नलिस्टों की सुरक्षा भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। - सभी जोन कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियंता राजधानी शहर में समस्त मुख्य मार्गो में व्यवसायिक परिसरो की भवन अनुज्ञा की समय-समय पर औचक जांच कर सभी परिसरो में नियमानुसार पार्किंग व्यवस्था दिलवाना सुनिश्चित करें आयुक्त संबित मिश्रा ने दिये निर्देशरायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने राजधानी शहर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सभी जोन कमिश्नरो एवं कार्यपालन अभियंताओं को नगर निगम क्षेत्र के समस्त मुख्य मार्गो में समय समय पर व्यवसायिक परिसरो की औचक जांच कर भवन अनुज्ञा स्वीकृति का परीक्षण कर सभी व्यवसायिक परिसरो मे नियमानुसार नागरिको की सुविधा हेतु पार्किंग व्यवस्था दिलवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।आज नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने नगर निगम जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत लालपुर ब्रिज के पास पोस्ट ऑफिस के समीप निर्माणाधीन व्यवसायिक परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम के नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कवर, सहायक अभियंता नगर निवेश श्री नितीश झा, जोन 10 सहायक अभियंता श्री सुशील अहीर एवं अन्य जोन 10 संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही।


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