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- 0- रितेश कुमार एवं श्रीमती योजिता सेन को मिला विवाह प्रमाण पत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में विकासखण्ड अभनपुर की ग्राम पंचायत सोनपैरी के निवासी श्री रितेश कुमार एवं श्रीमती योजिता सेन को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा समय पर प्राप्त हुई।श्री रितेश कुमार एवं श्रीमती योजिता सेन को विभिन्न शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। पूर्व में उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय एवं धन दोनों की अतिरिक्त व्यय होता था।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत सोनपैरी में ही उनके विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन स्वीकार किया गया। पंचायत स्तर पर आवेदन का सत्यापन एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवाह प्रमाण पत्र जारी कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराया गया।श्री कुमार एवं श्रीमती सेन ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर ही यह सुविधा मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली तथा समय पर प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया |
- 0- उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम के तहत की जाएगी कार्रवाईबालोद. जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा किसानों, ट्रैक्टर स्वामियों और चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत लोहे के केज/रिंग लगे ट्रैक्टरों का सार्वजनिक सड़कों पर संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में खरीफ सीजन के कृषि कार्य प्रारंभ हो चुके हैं, जिसके तहत खेतों में जुताई और मताई का कार्य ट्रैक्टर व उसमें लगे अन्य उपकरणों के माध्यम से किया जा रहा है।ऐसे ट्रैक्टर जिनके पहियों में लोहे के केज, रिंग (पिंजरे वाली जाली) लगे होते हैं, जिन्हें सामान्यतः केज व्हील या लोहे का टायर कहा जाता है, उनका उपयोग मुख्य रूप से धान के खेतों (कीचड़ वाले गीले इलाकों) में ट्रैक्टर को धंसने से बचाने और अच्छी ग्रिप देने के लिए किया जाता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि खेतों में कृषि कार्य हेतु उपयोग किए जाने वाले ऐसे ट्रैक्टरों का संचालन सार्वजनिक सड़कों पर न करें। सभी किसानों, वाहन स्वामियों और चालकों को सूचित किया गया है कि लोहे के केज, रिंग लगे ट्रैक्टरों का खेतों के अतिरिक्त सार्वजनिक सड़कों पर संचालन करने से डामर और सीमेंट की सड़कें बुरी तरह खराब होती हैं। साथ ही, इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी बढ़ जाती है, जो कि नियमों के सर्वथा विरुद्ध है। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि यदि सार्वजनिक सड़कों, सीमेंट, डामर सड़कों अथवा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर केज व्हील या लोहे के रिंग लगे ट्रैक्टरों का संचालन पाया गया, तो वाहन स्वामियों और चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा सख्त चालानी व वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- 0- सिंचाई के लिए खेत में कराया बोरवेल, खेत जाने आने के लिए खरीदा इलेक्ट्रिक स्कूटी0- गणेश ने किसान हितैषी योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभारबालोद. बालोद जिले के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम लोहारटोला के प्रगतिशील किसान, श्री गणेश कचलामे ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और शासन की योजनाओं के मेल से कृषि को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदला जा सकता है। श्री कचलामे का मानना है कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के किसान हितैषी कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतरीन मूल्य मिलने से उन्हें सीधा आर्थिक लाभ पहुँचा।धान बेचकर जो मुनाफा प्राप्त हुआ, उसे उन्होंने व्यर्थ खर्च करने के बजाय अपनी खेती के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगाया। अपनी बढ़ी हुई आय का सदुपयोग करते हुए श्री गणेश ने दो महत्वपूर्ण कार्य किए, जो उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कृषि कार्य को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने और पानी की निर्भरता को खत्म करने के लिए उन्होंने अपने खेत में बोरवेल का खनन कराया। इससे अब वे मौसम की अनिश्चितता से बचकर पूरे वर्ष बेहतर खेती कर सकेंगे। उन्होंने खेत तक आने-जाने और घरेलू कार्यों को सुगमता से निपटाने के लिए एक इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी है। यह कदम न केवल उनके समय की बचत कर रहा है, बल्कि पेट्रोल के बढ़ते खर्चों को कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है।अपनी इस चैतरफा सफलता और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से श्री गणेश कचलामे बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने अपनी इस तरक्की का श्रेय राज्य शासन की कल्याणकारी नीतियों को देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। आज श्री गणेश कचलामे केवल लोहारटोला के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बालोद जिले और राज्य के उन सभी किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं, जो आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को संवारना चाहते हैं।
- 0- श्रमिकों को वीबी जी राम जी अंतर्गत 125 दिन प्रति परिवार रोजगार एवं वर्तमान मजदूरी दर 261 रूपये से बढ़ाकर 300 रूपये होने के संबंध में दी गई जानकारीबालोद. विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) का शुभारंभ 01 जुलाई 2026 को पूरे भारत में प्रभावशील हुआ है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के द्वारा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतो में संचालित कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कार्यरत श्रमिकों को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) अंतर्गत 125 दिन प्रति परिवार को रोजगार उपलब्ध कराने एवं श्रमिकों का वर्तमान मजदूरी दर 261 रूपये से बढ़ाकर 300 रूपये होने के विषय में जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक को कार्यस्थल में उपस्थित रहकर नियमानुसार कार्य कराए जाने के संबंध में निर्देश दिए गए।इसके साथ ही 02 जुलाई को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम पंचायतों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित कराते हुए वीबी जी राम जी योजना के अनुरूप प्रगतिरत कार्य का मस्टररोल जारी कर कार्य कराने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को योजना के उद्देश्य, लाभ एवं जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा सामुदायिक विकास से जुड़े प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जनसहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को सक्रिय सहयोग हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने योजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर जल संसाधनों के संरक्षण एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा योजना को सफल बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया ।
- 0- 851 तकनीकी एवं गैर तकनीकी पदों पर की जाएगी भर्तीबालोद. उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बालोद के तत्वाधान में 10 जुलाई 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि उक्त रोजगार मेले में कक्षा 10वी, 12वी, बी.एस.सी. एग्रीकलचर, स्नातक, स्नातकोत्तर, पीजीडीसीए, बीएससी नर्सिग, मेडिकल कोर्स एवं हॉस्पिटल स्टाफ व अन्य योग्यताधारी आवेदकों के लिए कुल 03 नियोजकों द्वारा कुल 851 तकनीकी एवं गैर तकनीकी पदों पर भर्ती की जाएगी।उन्होंने बताया कि एस.आर. हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ग्राम चिखली, धमधा रोड जिला दुर्ग नियोजक द्वारा कुल 575 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसी तरह सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरिटी सर्विसेस भिलाई नियोजक द्वारा कुल 206 पदों पर एवं पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड कमल विहार रायपुर नियोजक द्वारा कुल 70 पदों भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी रोजगार विभाग के वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार एप पर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से इच्छुक आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने के लिए रोजगार पंजीयन कराना आवश्यक है। इसके अलावा अन्य जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बालोद से भी संपर्क कर सकते है।
- 0- ग्राम कसही में अवैध रूप से पत्थर उत्खनन करने पर चैन माउंटेन किया गया सीलबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा 01 जुलाई 2026 को डौण्डीलोहारा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कसही का मौका जाँच किया गया। जाँच में ग्राम कसही के निजी भूमि में चैनमाउंटेन मशीन से बडे़ पत्थरों को तोड़ना व मजदूरों द्वारा उन्हें छोटा आकारों में बदलते हुए पाया गया। मौके पर संबंधितों के द्वारा उक्त पत्थर उत्खनन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नही करने पर उक्त चैन माउंटेन मशीन, पीला रंग पीसी 130-7 मशीन सीरियल नंबर एन 521735 को जप्त कर सील किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत् कार्यवाही की जाएगी एवं भविष्य में भी खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- दुर्ग. कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो चुके दस बच्चों (प्रीति टंडन, करीना टंडन, स्पनिल बोस, दुष्यंत कुमार साहू, जयंत कुमार साहू, वैभव बंजारे, सुल्ताना खान, यमुना ठाकुर, जय ठाकुर, रविन्द्र कुमार टंडन) से कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आत्मीय मुलाकात कर संवाद किया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।कलेक्टर श्री सिंह ने बच्चों से उनके वर्तमान विद्यालय, पढ़ाई की स्थिति और रुचियों के बारे में विस्तार से पूछा। उन्होंने यह भी जाना कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं और किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति की उपलब्धता और शासन द्वारा दी जा रही अन्य सहायता योजनाओं के बारे में भी बच्चों से सीधे जानकारी ली। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पीएम केयर्स में लाभान्वित बालक/बालिकाओं को स्पांसरशिप योजना, महतारी दुलार योजना, एक्सग्रेसिया (आपदा प्रबंधन राहत कोष ), 23 वर्ष पूर्ण होने पर एकमुश्त 10 लाख रूपए की राशि, कक्षा पहली से 12वीं तक अध्ययनरत लाभार्थियों को प्रति वर्ष 20 हजार रूपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को सभी बच्चों के आधार कार्ड, बायोमेट्रिक अपडेट, 18 वर्ष पूर्ण कर चुके युवाओं के वोटर आईडी कार्ड एवं जाति प्रमाण पत्र बनाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने सभी बच्चों से उनकी वर्तमान पढ़ाई और शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली। बच्चों ने अपने-अपने अध्ययन और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। इस दौरान कलेक्टर ने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, लक्ष्य निर्धारित करने तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास के अधिकारी श्री अजय साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती प्रीति डांगरे, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल, जिला बाल संरक्षण ईकाई के कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- पैक्स गोढ़ी में ड्रोन से उर्वरक छिड़काव का सफल प्रदर्शन0- सहकारी सप्ताह के तहत किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारीरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने तथा सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह के अंतर्गत रायपुर जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पैक्स गोढ़ी में ड्रोन के माध्यम से उर्वरक छिड़काव का सफल प्रदर्शन किया गया।यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ। उनके मार्गदर्शन में किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को पहुंचाने तथा खेती को अधिक वैज्ञानिक, उन्नत एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न नवाचार आधारित गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक लाभों से अवगत कराया गया।कार्यक्रम में मार्कफेड के प्राधिकृत शशिकांत द्विवेदी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के उपाध्यक्ष अभिनेश कश्यप, सहकार भारती के लक्ष्मीकांत द्विवेदी, उप आयुक्त सहकारिता रायपुर श्रीमती पूर्णिमा सिंह, रायपुर जिले की विभिन्न पैक्स के प्राधिकृतों एवं प्रबंधकों, सीएससी के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में किसानों की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के दौरान सीएससी के प्रतिनिधियों द्वारा किसानों को ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं फसल संरक्षण रसायनों के छिड़काव के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि ड्रोन तकनीक के उपयोग से कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक एवं समान रूप से उर्वरक तथा कीटनाशकों का छिड़काव किया जा सकता है। इससे श्रम एवं लागत में कमी आती है, समय की बचत होती है, रसायनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होता है तथा फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है। साथ ही किसानों को ड्रोन सेवा प्राप्त करने की प्रक्रिया एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से तकनीकी नवाचारों का विस्तार किसानों की आय बढ़ाने तथा “सहकार से समृद्धि” के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- बिलासपुर. कृषि विभाग द्वारा कृषि आदान (इनपुट) विक्रेताओं की तकनीकी दक्षता एवं क्षमता विकास के उद्देश्य से डीएईएसआई (Diploma in Agricultural Extension Services for Input Dealers) पाठ्यक्रम के नए बैच के लिए पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।उप संचालक कृषि, बिलासपुर द्वारा जिले के सभी विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने विकासखंड के पात्र एवं इच्छुक इनपुट डीलरों से आवेदन प्राप्त कर निर्धारित प्रारूप में नामांकन प्रस्ताव आवश्यक अभिलेखों सहित 15 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें।आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र, न्यूनतम 10+2 अथवा नियमानुसार निर्धारित शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड की प्रति, पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो, निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
- 0- छात्रावासों की सभी मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के दिए निर्देश0- बस्तर मुन्ने कार्यक्रम की समीक्षा, 41 हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित करने के दिए निर्देश0- धान खरीदी पंजीयन और विभागीय योजनाओं की प्रगति की कलेक्टर ने की समीक्षामोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, लंबित प्रकरणों एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि लंबित शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को नियमित मॉनिटरिंग कर प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के छात्रावासों एवं आश्रमों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नए शैक्षणिक सत्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों में स्वच्छता, पेयजल, भोजन, विद्युत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया।उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान धान खरीदी पंजीयन के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी पात्र किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बस्तर मुन्ने कार्यक्रम अंतर्गत संचालित हितग्राहीमूलक एवं परिवारमूलक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सर्वे कार्य में पूर्ण पारदर्शिता बरतने तथा पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम के अंतर्गत आधार कार्ड, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जनधन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, वनाधिकार पट्टा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कुल 41 हितग्राहीमूलक एवं परिवारमूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए सर्वे एवं सत्यापन कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे सूची का समयबद्ध सत्यापन कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें। इस दौरान समाज कल्याण, मत्स्य पालन, पशुपालन, शिक्षा सहित अन्य विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री डी.आर. ध्रुव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे गोल्डन ऑवर के भीतर घायल व्यक्ति को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर मिलेगा सम्मान और पुरस्कारमोहला। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और आमजन को मानवता के इस कार्य के लिए प्रेरित करने हेतु भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राह-वीर योजना संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर के भीतर घायल व्यक्ति को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके, जिससे उसकी जान बचाई जा सके।योजना के तहत यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने, एंबुलेंस बुलाने या प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद करता है, तो ऐसे व्यक्ति को राह-वीर के रूप में सम्मानित किया जाएगा। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को प्रति घटना 25 हजार रुपए तक की पुरस्कार राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। राह-वीर अवॉर्ड के लिए एक्रॉलेजमेंट फॉर्म संबंधित पुलिस स्टेशन द्वारा दिया जाएगा। जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष द्वारा मूल्यांकन समिति सिफारिशों पर राह-वीर योजना के लाभार्थी का विवरण एवं अन्य जानकारी ई-डीएआर प्लेटफार्म पर अपलोड करेगे। जिसके पश्चात राज्य सरकार पीएफएमएस के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाइन पुरस्कार राशि जमा करेंगी।सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अक्सर लोग कानूनी प्रक्रिया या अन्य आशंकाओं के कारण मदद करने से पीछे हट जाते हैं, जबकि गुड सेमेरिटन संबंधी प्रावधानों के तहत सहायता करने वाले नागरिकों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से संरक्षण दिया गया है। सरकार की यह पहल लोगों में संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता के लिए आगे आएं और जरूरतमंदों की जान बचाने में अपनी सहभागिता निभाएं। समय पर की गई छोटी-सी मदद किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकती है। योजना 31 मार्च 2028 तक प्रभावशील रहेगी।
- 0- डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव ने जिले में संचालित विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थानों का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजामोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक संचालक जिला कौशल विकास प्राधिकरण श्री डीआर ध्रुव ने जिले में संचालित विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थानों का निरीक्षण कर प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों तथा प्रशिक्षणार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।श्री ध्रुव ने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं अन्य कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से जिले के युवाओं को निःशुल्क रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इन योजनाओं से युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं तथा उन्हें उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप दक्ष बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिला कौशल विकास प्राधिकरण, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में सोलर पीवी इंस्टॉलर, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, मशरूम ग्रोवर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, राजमिस्त्री, फील्ड टेक्नीशियन एंड होम एप्लायंस, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट तथा जल वितरक संचालक सहित अनेक रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाता है तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं जिला कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण संस्थानों का निरीक्षण कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण का लाभ मिल सके।जिले के 14 से 45 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक युवक-युवतियों से इन निःशुल्क कौशल विकास योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए जिला कौशल विकास प्राधिकरण कार्यालय अथवा निकटतम अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
- 0- नियमों के पालन के लिए वाहन चालकों को दी गई समझाइश0- 05 वाहनों से 14,900 रुपये समन शुल्क वसूलमहासमुंद. जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला एवं यातायात पुलिस महासमुंद द्वारा बुधवार को संयुक्त रूप से केन्द्रीय विद्यालय महासमुंद में अध्ययनरत विद्यार्थियों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान कई विद्यार्थी निजी एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) वाहनों से स्कूल आते-जाते पाए गए। ऐसे वाहन स्वामियों एवं चालकों को नियमानुसार वाहन को टैक्सी श्रेणी में परिवर्तित कर संचालन करने तथा मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने हेतु समझाइश दी गई। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कोई भी विद्यार्थी दुपहिया वाहन से विद्यालय आते या जाते नहीं मिला।इसके अलावा जिला परिवहन अधिकारी श्री शुक्ला द्वारा बागबाहरा रोड पर संचालित निजी यात्री बसों की भी जांच की गई। जांच के दौरान बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, निर्धारित वर्दी तथा प्रदूषण प्रमाण-पत्र के संचालन करते पाए गए 05 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 14 हजार 900 रुपए का समन शुल्क वसूल किया गया।जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला ने वाहन स्वामियों एवं चालकों से सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखने तथा यातायात एवं परिवहन संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में इस प्रकार की जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
- 0- कुरकुट नदी से हो रहा था अवैध उत्खनन, जंगल में बनाए गए गुप्त रास्ते का खुलासारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने रेत की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत से लदे 12 ट्रैक्टर जब्त किए हैं। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बैहामुड़ा के पास स्थित कुरकुट नदी से लंबे समय से अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा था। तस्करों ने वन क्षेत्र के भीतर घने जंगल से होकर एक गुप्त रास्ता तैयार कर लिया था, जिससे वे मुख्य सड़क और जांच चौकियों से बचते हुए रेत का परिवहन कर रहे थे। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी श्री अरविंद पी. एम. के निर्देशन, उप वनमंडलाधिकारी श्री आशुतोष मांडवा के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री विक्रांत कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने विशेष अभियान चलाया। वन अमले ने जंगल के विभिन्न हिस्सों में घेराबंदी कर बिना वैध अनुमति और बिना परिवहन पास के रेत का परिवहन कर रहे 12 ट्रैक्टरों को मौके पर ही जब्त कर लिया।कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम को देखकर कई तस्कर मौके से भाग निकले, लेकिन विभाग ने रेत से लदे सभी ट्रैक्टर अपने कब्जे में ले लिए। जब्त वाहनों को घरघोड़ा वन परिक्षेत्र कार्यालय लाकर आवश्यक जांच और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। वन विभाग ने इस मामले में भारतीय वन अधिनियम के तहत वन अपराध का प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्र में अवैध खनन, रेत तस्करी और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार वन संपदा की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय रेत तस्करों में हड़कंप का माहौल है।
- रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बुधवार को बस्तर प्रवास के दौरान कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कुरूद का भ्रमण कर महाविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान कार्यों तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को राज्य के कृषि विकास की मजबूत आधारशिला बताते हुए विद्यार्थियों को नवाचार और तकनीक आधारित कृषि की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।महाविद्यालय पहुंचने पर अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा ने मंत्री श्री नेताम का स्वागत किया तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री श्री नेताम ने महाविद्यालय की आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और कॉम्पिटिटिव फोरम का निरीक्षण किया तथा छात्र-छात्राओं से संवाद कर महाविद्यालय एवं छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें अध्ययन एवं आवास से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। भ्रमण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने कृषि संग्रहालय में छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार कृषि मॉडल, प्रदर्शनी और मशरूम प्रसंस्कृत उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की नवाचारी सोच और महाविद्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की तथा छात्र-छात्राओं के साथ कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कृषि स्नातक पाठ्यक्रम में किए गए नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की। भ्रमण कार्यक्रम में धमतरी कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुरूद, महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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महासमुंद / महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम लभरा के समीप बिना वैधानिक अनुमति के बोर खनन किए जाने की सूचना पर तहसीलदार श्री जुगल किशोर एवं पटवारी श्री केशव शर्मा द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित स्थल पर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बोर खनन कार्य किया जा रहा था। नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज एवं अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए बोर खनन में संलग्न बोर मशीन को जप्त कर थाना महासमुंद की अभिरक्षा में रखा गया है।
जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि भूजल संरक्षण एवं शासन के निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि बोर खनन कार्य प्रारंभ करने से पूर्व आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें तथा नियमों का पालन करें। -
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत जिले में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है। शिविर में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क जांच, उपचार एवं परामर्श प्रदान करना है। अभियान अंतर्गत पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ हो, पहले गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, जिनका वजन या ऊंचाई कम हो, कम उम्र में गर्भधारण किया हो, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य बीमारी से ग्रसित महिलाओं की जांच की जाती है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची बनाकर प्रत्येक सप्ताह फोन कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं सलाह दी जा रही है। प्रसव के 15 दिन पूर्व गर्भवती माताओं के घर प्रतिदिवस मितानिनों द्वारा भ्रमण किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि वर्तमान में 1958 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं में 1786 का प्रथम सोनोग्राफी तथा 1380 महिलाओं का द्वितीय बार सोनोग्राफी किया जा चुका है। इस सप्ताह कुल 104 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी किया गया। जिसमें इंडियन मेडिकल कांउसिल राजनांदगांव शाखा का तथा प्राइवेट सोनोग्राफी सेन्टर का विशेष योगदान रहा। मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं से सोनोग्राफी हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आकर जांच उपरांत डॉक्टर से पर्ची बनवाकर नि:शुल्क सोनोग्राफी करवाने की अपील की गई है। -
राजनांदगांव । राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के निर्देशानुसार शिक्षण सत्र 2026-27 अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रिक्त 7 पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती हेतु 16 जुलाई 2026 तक आवेदन पत्र आमंत्रित की गई है। भर्ती के लिए इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक पंजीकृत डाक के माध्यम से कार्यालय प्राचार्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेन्ड्री राजनांदगांव में प्रस्तुत कर सकते है। इसके अंतर्गत पीजीटी (अंग्रेजी), पीजीटी (कामर्स), पीजीटी (इकोनॉमिक्स), पीजीटी (राजनीति विज्ञान), पीईटी (महिला), टीजीटी (संगीत) एवं टीजीटी (कला) के 1-1 रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं emrspendri.org.in से प्राप्त की जा सकती है।
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राजनांदगांव । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र (मॉडल कैरियर सेंटर) द्वारा 8 जुलाई 2026 को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ परिसर में रोजगार मेला का आयोजन किया गया है। रोजगार मेला में नियोक्ताओं द्वारा लगभग 313 पदों पर भर्ती की जाएगी। प्रथम एज्यूकेशन फाउंडेशन द्वारा वेयर हाऊस हेल्पर (महिला) के 50 पद, पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड द्वारा एकाउंटेंट के 4 (पुरूष) पद, एग्रीकल्चर ऑफिसर के 4 (पुरूष) पद, सेल्स ऑफिसर के 20 (पुरूष) पद एवं सेल्स रिप्रेसेंटेटिव के 20 (पुरूष) पद, लाईफ इंश्योरेंश कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ द्वारा इंश्योरेंश एडवाईजर (महिला) के 50 पद, शिवालिक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीस लिमिटेड द्वारा आईटीआई ट्रेनी के 50 पद, ह्युमिलिटी फाइनेंश सॉलूशन द्वारा इंश्योरेंश एडवाईजर के 15 पद, शरमिन टेंलेंट प्राईवेट लिमिटेड द्वारा इलेक्ट्रीक मीटर (पुरूष) के 50 पद तथा प्रगति फिनसर्व प्राईवेट लिमिटेड द्वारा असिस्टेंट के 50 पद पर भर्ती की जाएगी। रोजगार मेला में शामिल होने वाले इच्छुक आवेदकों को ई-रोजगार पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना अनिवार्य है। आवेदकों को अपने शैक्षणिक योग्यता के सम्पूर्ण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साईज फोटो के साथ निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होकर रोजगार मेला में शामिल हो सकते है।
- - ग्रामीण रोजगार, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहलराजनांदगांव । भारत सरकार द्वारा ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी-राम-जी) योजना का शुभारंभ आज 2 जुलाई को किया जाएगा। यह योजना पूर्व में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का उन्नत एवं विस्तारित स्वरूप है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, स्थायी आजीविका एवं मजबूत आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है।विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी-राम-जी) योजना अंतर्गत पहले की तुलना में अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिवस के स्थान पर 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे ग्रामीण परिवारों की वार्षिक आय में वृद्धि होगी तथा उन्हें आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार प्राप्त होगा। यह निर्णय ग्रामीण गरीब, मजदूर, किसान एवं युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में प्रति श्रमिक दैनिक मजदूरी दर में भी वृद्धि की गई है, जो पूर्व में 261 रूपए प्रति दिवस थी। उसे बढ़ाकर अब 300 रूपए प्रति दिवस कर दिया गया है। इससे श्रमिकों की आय में प्रत्यक्ष बढ़ोतरी होगी तथा ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त होगा। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना हेतु 95692 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है। जबकि राज्यों की सहभागिता के साथ कुल बजट 1.51 लाख करोड़ रूपए से अधिक का अनुमानित है।छत्तीसगढ़ राज्य के लिए इस योजना के अंतर्गत कुल 3810 करोड़ 29 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है। जिसमें 2286 करोड़ 18 लाख रूपए केद्रांश एवं 1524 करोड़ 11 लाख रूपए राज्यांश शामिल है। इस राशि में मजदूरी मद हेतु 1900 करोड़ रूपए, सामग्री मद हेतु 1593 करोड़ 28 लाख रूपए, प्रशासनिक व्यय हेतु 297 करोड़ 1 लाख रूपए तथा सामाजिक अंकेक्षण हेतु 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार राजनांदगांव जिले के लिए लगभग 43 लाख मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से जिले में जल संरक्षण, तालाब निर्माण, डबरी निर्माण, सिंचाई सुविधा विस्तार, वृक्षारोपण, ग्रामीण सड़क निर्माण एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे स्थायी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। विशेष रूप से जल संरक्षण आधारित कार्यों से भविष्य में जल संकट की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण पलायन में कमी आएगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा।
- बलौदाबाजा । जिले के 14 ग्राम पंचायतों में आधार पंजीयन कार्य संचालन हेतु इच्छुक आधार ऑपरेटर, सेवा सेतु केन्द्र संचालक, सीएससी संचालक सहित अन्य इच्छुक व्यक्तियों से 17 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। इच्छुक ऑपरेटर कक्ष क्र. 78, प्रथम तल, ई-गवर्नेस कार्यालय बलौदाबाजार में आवेदन जमा कर सकते हैं। प्राप्त जानकारी के. अनुसार जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत रिसदा, अर्जुनी, रसेड़ा, लाहोद, जनपद पंचायत भाटापारा अंतर्गत ग्राम पंचायत खोखली, तरेंगा, निपनिया, जनपद पंचायत कसडोल अंतर्गत ग्राम पंचायत मटिया, पुटपुरा, चांदन, जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत अमेरा, तेलासी, जनपद पंचायत सिमगा अंतर्गत ग्राम पंचायत चंदेरी एवं रानीजरौद में आधार ऑपरेटर की आवश्यकता है। इच्छुक ऑपरेटर का कोई भी पेनाल्टी राशि भुगतान हेतु लंबित ना हो। यदि पेनाल्टी है तो उस राशि का संलग्न बैंक खाता में भुगतान कर रसीद आवेदन के साथ जमा करेंगे। चिप्स कार्यालय के अनुसार1 लाख 50 हजार रुपये का राशि सुरक्षा जमा के रुप में डिमांड ड्राफ्ट जिला ई-गवर्नेस सोसायटी को चयन होने के 10 दिन बाद अनिवार्य रुप से जमा करना होगा। ऑपरेटर का पुलिस वेरीफिकेशन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।ऑपरेटर 18 वर्ष से अधिक होना चाहिए। ऑपरेटर 12 वी उत्तीर्ण या 2 वर्ष आई.टी.आई. या 3 वर्ष डिप्लोमा धारक हो। ऑपरेटर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का निवासी हो। एक ऑपरेटर एक लोकेशन के लिए ही आवेदन कर सकता है। अधिक जानकारी के लिये जिले की वेबसाईट https://balodabazar.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- -हितग्राही ने जताया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभारजांजगीर-चांपा । जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी श्री रवि कुमार बर्मन के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 उम्मीद की किरण साबित हुई। राशन कार्ड में तकनीकी त्रुटि के कारण वे लंबे समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन से वंचित थे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ और संशोधित राशन कार्ड जारी होने से उन्हें फिर से राशन मिलने लगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजन और शासन के बीच एक प्रभावी सेतु बनकर उभरी है, जहां शिकायतों का गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है। जनपद पंचायत नवागढ़ ग्राम सेमरा निवासी श्री रवि कुमार बर्मन ने 15 जून को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग ने मामले की जांच की। जांच के दौरान राशन कार्ड में त्रुटि पाए जाने पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसका संशोधन किया गया। इसके बाद उनका राशन कार्ड पुनः सक्रिय हुआ और अब उन्हें खाद्यान्न सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। समस्या के त्वरित समाधान से प्रसन्न श्री रवि कुमार बर्मन ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -बिहान योजना से साकार हुआ आत्मनिर्भरता का सपना, मेला चंद्रा बनीं प्रेरणा स्रोतसक्ती । राज्य शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रही है। इस योजना से जुड़कर अनेक महिलाओं ने अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है जैजैपुर विकासखंड के ग्राम ठठारी निवासी श्रीमती मेला चंद्रा की, जिन्होंने संघर्षों से निकलकर सफलता की नई पहचान बनाई और आज एक सफल उद्यमी तथा "लखपति दीदी" के रूप में जानी जाती हैं। श्रीमती मेला चंद्रा बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले तक उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना कठिन होता था। गृहणी होने के कारण उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था, जिससे आर्थिक परेशानियां बनी रहती थीं। इसी दौरान वे बिहान योजना के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, वित्तीय प्रबंधन और स्वरोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। योजना के तहत उन्हें आरएफ राशि और ऋण सुविधा का लाभ मिला, जिसने उनके आत्मनिर्भर बनने के सपने को नई दिशा दी। शासन की सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने फर्नीचर व्यवसाय शुरू किया। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय आगे बढ़ने लगा और आय में लगातार वृद्धि होने लगी। बेहतर आय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया। आज उनका फर्नीचर व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं। श्रीमती मेला चंद्रा कहती हैं कि बिहान योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान किया। इसी का परिणाम है कि आज वे "लखपति दीदी" की श्रेणी में शामिल होकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ने तथा शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ें और उपलब्ध अवसरों का लाभ लें, तो वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। श्रीमती मेला चंद्रा ने अपनी सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का नया अवसर दिया है।
- -सीमावर्ती क्षेत्र में संयुक्त अभियान की सफलता, न्यायालय ने भेजा न्यायिक हिरासत में’रायपुर। वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : दो बाघ की खाल के साथ दो तस्कर गिरफ्तारवन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के निर्देशन में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की संयुक्त टीम ने दो बाघों की खाल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कांकेर जिले के पश्चिम भानुप्रतापपुर स्थित बांदे परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के निवासी ब्येश्वर और बाबूराव के रूप में हुई है। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्यजीव बाघ की दो खालों की अवैध तस्करी कर रहे थे। संयुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।इस कार्रवाई में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के उत्तरी एवं मध्य क्षेत्र, राज्य उड़नदस्ता दल (छत्तीसगढ़ वन विभाग), एंटी पोचिंग यूनिट (यूएसटीआर) तथा स्थानीय वन अमले ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है तथा जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव की अवैध तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। वन विभाग द्वारा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित निगरानी और संयुक्त अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिससे वन्यजीवों के संरक्षण को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
- -शासन की अनुदान सहायता बनी संबल, पशुधन की गुणवत्ता बढ़ी और वार्षिक आय पहुंची लगभग एक लाख रुपये तकरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित अनुदान पर नर बकरा वितरण योजना ऐसे ही प्रयासों में शामिल है, जो पशुपालकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। सूरजपुर जिले के ग्राम कारवाँ निवासी श्री निखिल की कहानी इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल है।कुछ वर्ष पहले तक श्री निखिल के लिए बकरी पालन पारंपरिक आजीविका का एक सीमित साधन भर था। संसाधनों की कमी और बेहतर नस्ल के पशुधन के अभाव में आय बढ़ाने की संभावनाएं सीमित थीं। वर्ष 2024-25 में उन्हें पशुधन विकास विभाग की अनुदान पर नर बकरा वितरण योजना का लाभ मिला और यहीं से उनके जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई।योजना के तहत प्राप्त 3,500 रुपये की अनुदान सहायता से उन्होंने उन्नत नस्ल का नर बकरा खरीदा। उस समय उनके पास केवल छह बकरियां थीं, लेकिन उन्नत नस्ल के बकरे के उपयोग से पशुधन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। बेहतर प्रजनन क्षमता के कारण पशुधन की संख्या बढ़ी और आज उनके पास 11 बकरे-बकरियां हैं।निखिल अब प्रतिवर्ष 8 से 10 बकरे-बकरियों का विक्रय कर रहे हैं, जिससे उन्हें लगभग एक लाख रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस आय ने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास और स्थायित्व भी लेकर आया है। पशुपालन आज उनके लिए परंपरागत कार्य नहीं, बल्कि सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बन चुका है।श्री निखिल बताते हैं कि शासन की समय पर मिली सहायता ने उन्हें उन्नत नस्ल के पशुधन अपनाने का अवसर दिया। इससे पशुधन की गुणवत्ता बढ़ी, उत्पादन क्षमता में सुधार हुआ और आय के नए रास्ते खुले। वे मानते हैं कि यदि ग्रामीण पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ समय पर मिले तो पशुपालन ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है।

















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