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- -सौर सुजला योजना से जशपुर के 755 किसानों के जीवन में आई नई रोशनी......रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है।दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहतमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है।बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभारजशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वासमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।दो साल में दिखा सुशासन का असरबीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।
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रायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रख्यात जननायक कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहितऔर समाज-सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सत्ता-प्राप्ति को उद्देश्य नहीं, बल्कि जनसेवा को राजनीति का परम लक्ष्य मानते थे।मूल्य-आधारित राजनीति, चरित्र, अनुशासन और कर्मठता उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्कारों के प्रसार में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। वे सरलता और आत्मीयता के माध्यम से लोगों के हृदय से जुड़ने वाले विरले नेता थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ कुशाभाऊ ठाकरे जी का गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण ही होना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं और हमें जनकल्याण के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।
- -वीबी-जी राम जी अधिनियम से पारदर्शी व्यवस्था एवं समयबद्ध मजदूरी भुगतान होंगे सुनिश्चित - उप मुख्यमंत्री श्री शर्मारायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपेक्षाओं को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा तथा मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, उचित सुरक्षा व्यवस्था और वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और उन पर विस्तृत चर्चा की।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 सहित जिला पंचायतों से जुड़े प्रमुख विकासात्मक विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजनाओं का वैज्ञानिक नियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों का सतत क्षमता विकास ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाएगा।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध मजदूरी भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने आगे बताया कि इस अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छता एवं विद्युतीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है, जिससे गांवों में अधोसंरचना निर्माण को नई गति मिलेगी। ग्राम सभा द्वारा समग्र योजना निर्माण के प्रावधान से कार्यों के दोहराव पर रोक लगेगी और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।नवीन अधिनियम में पंचायतों को भविष्य के लिए तैयार करते हुए जल सुरक्षा, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचनाओं के विकास तथा मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष फोकस किया गया है। किसानों के हित में राज्य सरकारों को फसल बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिवस तक कार्य स्थगन की अधिसूचना जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना पर भी अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से स्थानीय निकायों के करों की यूपीआई आधारित संग्रहण व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली तथा ग्राम संपदा मोबाइल एप द्वारा परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा से भी अवगत कराया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी स्वर्गीय प्रखर पांडेय को आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने उनके भिलाई स्थित निवास पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय प्रखर पांडेय छत्तीसगढ़ पुलिस के एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और संवेदनशील अधिकारी थे। उनका सम्पूर्ण जीवन जनसेवा और कर्तव्यपालन को समर्पित रहा। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्री प्रखर पांडेय 2009 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी थे और अपने सेवाकाल में छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में एक बेहतरीन अधिकारी के रूप में उनकी पहचान थी। उप मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
- -बोरी बंधान निर्माण से बढ़ी वर्षा जल संचयन क्षमता-"मोर गाँव–मोर पानी” अभियान से मुंगेली जिले में दिख रहा सकारात्मक बदलावमुंगेली । जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में “मोर गाँव–मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जनसहभागिता को केंद्र में रखकर ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान से बोरी बंधान निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल को नालों में बहने से रोककर स्थानीय स्तर पर संरक्षित किया जा सके। बरसात से पूर्व जिले की तीनों जनपद पंचायतों लोरमी, मुंगेली एवं पथरिया में कुल 121 चिन्हित स्थलों पर श्रमदान के माध्यम से बोरी बंधान बनाए गए हैं। इन संरचनाओं से न केवल वर्षा जल संचयन में वृद्धि हुई है, बल्कि भू-जल रिचार्ज, मृदा संरक्षण एवं खेतों में नमी बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। प्रशासन द्वारा अन्य उपयुक्त स्थलों की पहचान कर ग्रामीणों को आगे आकर श्रमदान हेतु प्रेरित किया जा रहा है।जिले के 168 गांवों में भू-जल स्तर 200 फीट तक नीचे चले जाने से पेयजल संकट की स्थिति बन रही है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला सी.ई.ओ. श्री प्रभाकर पांडेय के मार्गदर्शन में “मोर गाँव–मोर पानी” महाअभियान की शुरुआत की गई है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण गांवों में ही किया जा सके।महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत सैंड फिल्टर, आजीविका डबरी, सोखता गड्ढा, वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप गड्ढा, वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं एवं भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन कार्यों के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान भी चलाया गया।प्रत्येक ग्राम पंचायत में गठित जल पंचायत समिति, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। संगोष्ठियों के माध्यम से गिरते जल स्तर के कारणों—अत्यधिक दोहन, जल निकासी की कमी, वर्षा जल संचयन का अभाव एवं वनों की कटाई—पर चर्चा की गई।ग्रामीणों को खेत-तालाब निर्माण, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया गया। GIS टूल्स के माध्यम से भू-जल स्थिति की जानकारी देकर वॉटर बजटिंग की अवधारणा से भी अवगत कराया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।अभियान के अंतर्गत 600 इच्छुक लाभार्थियों का चयन आजीविका डबरी निर्माण हेतु किया गया है। इन डबरियों से सब्जी उत्पादन, मछली पालन, मुर्गी पालन एवं दलहन-तिलहन खेती के माध्यम से प्रति परिवार लगभग एक लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय सृजित होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बन सकेंगे।कलेक्टर ने कहा कि “वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता है। ‘मोर गाँव–मोर पानी’ अभियान के माध्यम से जनसहभागिता के साथ भू-जल स्तर सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।” जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि “जब समुदाय स्वयं जल संरक्षण की जिम्मेदारी निभाता है, तब उसके परिणाम दीर्घकालिक और प्रभावी होते हैं।”समग्र रूप से “मोर गाँव–मोर पानी” अभियान प्रशासन, समुदाय और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से जल संरक्षण का एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है, जो भविष्य में जिले को जल-सुरक्षा की दिशा में मजबूती प्रदान करेगा।
- रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले में दो सड़क विकास कार्यों को नई गति दी। उन्होंने भटगांव विधानसभा अंतर्गत ग्राम शिवसागरपुर में कासलगिरी से शिवसागरपुर तक 1.4 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। इस सड़क निर्माण के लिए शासन द्वारा 119 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।इसके पश्चात मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्राम महेशपुर में 5.80 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के प्रारंभ अवसर पर पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य की शुरुआत की। यह सड़क सिलफीली राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से महेशपुर होते हुए लटोरी तक जाती है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए शासन ने 1269 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जिला एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -उन्नत तकनीक अपनाकर प्राप्त कर रहे दोगुना उत्पादनमुंगेली ।विकासखंड पथरिया अंतर्गत ग्राम टिकैतपेण्ड्री निवासी किसान श्री भूखनलाल सोंचे जिले के उन प्रगतिशील किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने परंपरागत खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाया और सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए। लगभग 0.806 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती करने वाले श्री सांचे की कहानी आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।श्री भूखनलाल सोंचे ने बताया कि पहले वे परंपरागत तरीकों से खेती करते थे, जिससे धान का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता था और मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता था। उत्पादन बढ़ाने की चाह में उन्होंने कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री गेंदलाल पात्रे एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री एल. के. कौशले से संपर्क किया। अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाया। अधिकारियों के मार्गदर्शन में किसान श्री सांचे ने खेत की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई कराई, जिससे भूमि की उर्वरता में सुधार हुआ। बोनी से पूर्व बीज को ट्राइकोडर्मा से उपचारित किया गया तथा प्रमाणित बीजों का उपयोग किया गया। इसके साथ ही फसल की विभिन्न अवस्थाओं में कल्चर प्रयोग, नैनो यूरिया एवं डी.ए.पी. का छिड़काव किया गया, जिससे पौधों की बढ़वार बेहतर हुई और रोग-कीट का प्रकोप कम हुआ।इन सभी वैज्ञानिक तरीकों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि श्री सोंचे को प्रति एकड़ 24 से 25 क्विंटल धान का उत्पादन प्राप्त हुआ, जो परंपरागत खेती की तुलना में लगभग दोगुना है। अधिक उत्पादन से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई, बल्कि खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ। आज श्री भूखनलाल सोंचे की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होने बताया कि यदि किसान कृषि विभाग की सलाह लेकर वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं, तो कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन और अच्छा मुनाफा संभव है।
- दंतेवाड़ा। कार्यालय तहसीलदार गीदम द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार गीदम विकासखंड अंतर्गत ग्राम हाउरनार में स्लरी पाइप लाइन निर्माण कार्य के दौरान दिनांक 28 जुलाई 2025 को निर्मित गड्ढे में गिरने से एक बालक की आकस्मिक एवं दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की घटना घटित हुई थी। उक्त प्रकरण वर्तमान में न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व), गीदम में विचाराधीन है। घटना पर जिला प्रशासन द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की गई।राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) के खंड-6, क्रमांक-4 के प्रावधानों के अंतर्गत पीड़ित परिवार को रुपये 4,00,000 (चार लाख मात्र) की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत कर आरटीजीएस के माध्यम से विधिवत प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त संबंधित कंपनी एनएमडीसी एलएंडटी द्वारा पीड़ित परिवार को रुपये 5,00,000 (पांच लाख मात्र) की आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से दी गई है।27 दिसंबर को तहसीलदार श्री किशन मिश्रा, एनएमडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक श्री अनिमेश झा एवं एलएंडटी कंपनी के अधिकारी श्री विनय सिंह द्वारा पीड़िता के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की गई। इस दौरान स्थायी नौकरी एवं बच्चों के पालन-पोषण से संबंधित मांगों पर चर्चा की गई। पीड़िता द्वारा अवगत कराया गया कि उनके परिजन बचेली में निवासरत हैं, जो सोमवार को पहुंचकर जिला प्रशासन, एनएमडीसी एवं स्लरी परियोजना के अधिकारियों के साथ संयुक्त चर्चा करेंगे। कलेक्टर के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर, एनएमडीसी के अधिकारी, पीडि़त पक्ष एवं उनके परिजनों के साथ बैठक निर्धारित की गई है, जिसकी जानकारी पीडि़ता को दे दी गई है। एनएमडीसी के अधिकारियों द्वारा संविदा अथवा अस्थायी नौकरी प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की गई है। इस संबंध में अंतिम निर्णय आगामी बैठक में पीडि़ता एवं संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा उपरांत लिया जाएगा।
- -महिला किसान मीना साहू ने सुगमता से बेचा धानबलौदाबाजार-भाटापारा /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के गांव-गांव में दिखने लगा है। राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किए जाने के फैसले ने किसानों के जीवन में आर्थिक खुशहाली का नया संचार किया है।सकरी धान उपार्जन केंद्र पहुँची महिला किसान मीना साहू ने धान विक्रय के सम्बन्ध में बताया कि उनके पास कुल 1.5 एकड़ कृषि भूमि है जिससे उन्होंने 70 कट्टा धान का विक्रय बेहद सुगमतापूर्वक और बिना किसी परेशानी के पूरा किया है। मीना साहू ने उपार्जन केंद्र में की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता और तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता की वजह से उन्हें अपनी उपज बेचने में काफी मदद मिली। इसके साथ ही सरकार द्वारा केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पेयजल और छाया के जो पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, वह भी सराहनीय हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदना छोटे और सीमांत किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस उचित मूल्य से न केवल किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल रहा है, बल्कि इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से अधिक मजबूत और सुदृढ़ हो रही है। राज्य सरकार की इन नीतियों को पूरी तरह से किसान-हितैषी बताते हुए मीना साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के संकल्प से आज राज्य का किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। सुशासन की इस नई व्यवस्था ने किसानों के मन में विश्वास जगाया है कि सरकार उनके हक और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है। यह प्रगतिशील कदम राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
- बलौदाबाजार, / जिले में धान खरीदी कार्य को बेहतर और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर एसडीएम एवं तहसीलदार द्वारा उपार्जन केंद्रों एवं संग्रहण केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान किसानों की शिकायतों का निराकरण, व्यवस्थाएं दुरुस्त एवं कमियों को दूर करने के निर्देश दिये जा रहे हैं।एसडीएम सिमगा अतुल शेट्टे एवं तहसीलदार ने समिति हथबंद एवं संग्रहण केन्द्र उड़ेला व रिंगनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि संग्रहण केंद्रों में साफ सफाई का कार्य जारी है, विद्युत कनेक्शन उपलब्ध है एवं फेंसिंग मरम्मत की आवश्यकता है।एसडीएम भाटापारा श्यामा पटेल ने संग्रहण केंद्र देवरी का निरीक्षण किया। संग्रहण केन्द्र में पानी टंकी रिपेयर, एंट्री गेट वाली सड़क में समतलीकरण,स्टैक ठीक करने तथा सीसीटीवी कैमरे को रिपेयर कराने की आवश्यकता है। इसीतरह एसडीएम कसडोल रामरतन दुबे ने संग्रहण केंद्र कसडोल का निरिक्षण मंडी और संग्रहण प्रभारी की उपस्थिति मे किया। केन्द्र धान संग्रहण क़े लिए तैयार है। सीसीटीवी कैमरा को ठीक किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा की जा रही इस सतत कार्रवाई से खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी हुई है और बिचौलियों पर लगाम कसने के साथ-साथ वास्तविक किसानों को सुगमता से लाभ मिल रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि पूरी खरीदी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक टीम मुस्तैद रहेगी। किसी भी केन्द्र में कोई गडबड़ी पाए जाने पर सम्बधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- रायपुर,। रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मतदाता सूची में गड़बड़ी की प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। यह मामला भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) 2025 के अंतर्गत सामने आया है।धरसीवां तहसील के बिरगांव क्षेत्र स्थित गाजी नगर की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त होने के पश्चात अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-48 रायपुर ग्रामीण द्वारा तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है।जांच दल में तहसीलदार रायपुर श्री राममूर्ति दीवान, नगर निगम बीरगांव के राजस्व उप निरीक्षक श्री शैलेन्द्र निर्मलकर तथा ग्राम बीरगांव के श्री महेश कुमार सोनवानी को शामिल किया गया है।जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जांच दल द्वारा भाग संख्या 63 एवं 64 में मतदाता सूची में त्रुटि होने संबंध में मौके पर मतदाताओं का फील्ड वेरिफिशिएशन किया गया जिसमें मतदाता इसी क्षेत्र में निवासरत पाएं गए जिनके मकान संख्या में परिवर्तन के लिए सभी से फार्म 8 भरवा कर मकान संख्या ठीक किया जा रहा है।
- -नृत्य, गायन, और अभिनय की मनमोहक प्रस्तुतिरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित सांस्कृतिक युवा महोत्सव मड़ई 2025 के दूसरे दिन शनिवार को यहां कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में एकल अभिनय, (25 टीम) मिमिक्री, (15 टीम) क्विज (31 टीम) तात्कालिक भाषण, (31 टीम) भाशण, (27 टीम) ऑन दी स्पॉट पेंटिंग, (28 टीम) कोलाज मेकिंग, (25 टीम) कार्टूनिंग (24 टीम) एकांकी नाटक, (12 टीम) समूह गायन, (27 टीम) लोक एवं आदिवासी नृत्य (14 टीम) आदि प्रतियोगिताओं में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा उत्साहपूर्वक भाग लिया गया। विद्यार्थियों ने मनमोहक, आकर्षक एवं विशिश्ट प्रस्तुतियां दी।युवा कलाकारों ने एकांकी नाटक के तहत विभिन्न समसामयिक मुद्दों यथा पर्यावरण संरक्षण, प्रौद्योगिकी विकास, नारी सशक्तिकरण, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक असमानता एवं पौराणिक विशयों पर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया और दर्शकों की वाहवाही बटोरीं। मड़ई 2025 के अंतर्गत आयोजित समूह नृत्यों की रंगा-रंग प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। विभिन्न प्रतिभागियों ने मिमिक्री, क्विज तात्कालिक भाषण, भाशण, पेंटिंग, कोलाज मेकिंग, कार्टूनिंग मेकिंग आदि के माध्यम से अपने भावों को प्रस्तुत किया।मड़ई 2025 में 28 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से मूक अभिनय, भाषण, लघु नाटिका, वाद-विवाद, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, एकांकी, देश भक्ति गीत गायन, पश्चिमी एकल गीत गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 03 बजे से लघु नाटिका, वाद-विवाद, मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 29 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से लघु नाटिका, तात्कालिक भाषण, लोक एवं आदिवासी नृत्य तथा पाश्चात्य समूह गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 29 दिसम्बर को अपरान्ह 04 बजे अंतर महाविद्यालयीन युवा महोत्सव ‘‘मड़ई-2025’’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, आयोजन सचिव डॉ. सुनिल नाग, प्रतियोगिताओं के प्रभारी, निर्णायकगण तथा टीम मैनेजर्स उपस्थित थे।
- बिलासपुर। खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने तथा कृषकों की आय में दीर्घकालीन वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल–ऑयल पाम योजना अंतर्गत ऑयल पाम रोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को केन्द्र सरकार द्वारा देय अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में अतिरिक्त (टॉप-अप) अनुदान प्रदान किया जा रहा है।ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम एवं अधिक उत्पादकता वाली फसल है, जिसमें रोग प्रकोप की संभावना न्यूनतम रहती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ होकर 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज प्राप्त होती है। यह फसल पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे कृषकों को स्थायी आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।उपसंचालक उद्यान डॉ. कमलेश दीवान ने जानकारी दी कि ऑयल पाम की अधिक प्रारंभिक लागत एवं 3 से 4 वर्ष की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार के न्यूनतम 1.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषकों को ऑयल पाम रोपण हेतु प्रोत्साहन मिल सके।राज्य शासन द्वारा रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर के अनुदान में 1,500 रुपये की वृद्धि करते हुए कुल 6,750 रुपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार अंतरवर्तीय फसलों हेतु अतिरिक्त वृद्धि के साथ कुल 10,250 रुपये, ड्रिप सिंचाई अपनाने वाले कृषकों को 8,835 रुपये की अतिरिक्त राशि सहित कुल 22,765 रुपये तथा पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से सुरक्षा हेतु फेंसिंग के लिए प्रति हेक्टेयर 54,485 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप मद में कुल 69,620 रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को उपलब्ध कराया जा रहा है।योजना से संबंधित अधिक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए कृषक भाई-बहन उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं अधिकृत प्रतिनिधि कंपनी से संपर्क कर सकते हैं, जिनमें श्री राकेश सेन्ड्रे, प्रभारी उद्यान अधीक्षक बिल्हा (मोबाइल 7000181970), श्री जैनेन्द्र कुमार पैकरा, उद्यान विकास अधिकारी तखतपुर (मोबाइल 6265981957), श्री साधूराम नाग, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी कोटा (मोबाइल 9165490297), श्रीमती निशा चंदेल, प्रभारी उद्यान अधीक्षक मस्तूरी (मोबाइल 7000441324), श्री संजीव गाईन, प्रबंधक प्रीयूनिक एशिया प्रा. लि. (मोबाइल 9630053999) तथा श्री शिव भास्कर, क्षेत्रीय प्रतिनिधि प्रीयूनिक एशिया प्रा. लि. (मोबाइल9131004397) शामिल हैं।
- दुर्ग / परूशी एनर्जी, सेक्टर-07, भिलाई में अडानी टोटल गैस लिमिटेड द्वारा 27 दिसम्बर को सीएनजी मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य गैस आपूर्ति के दौरान उत्पन्न होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी का आकलन करना तथा कर्मचारियों को सुरक्षा एवं सतर्कता के प्रति जागरूक करना था। मॉकड्रिल में जिला प्रशासन, जिला फायर टीम एवं अडानी टोटल गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभ्यास के दौरान वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप आपात स्थिति का प्रदर्शन किया गया, जिसमें संबंधित टीमों द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई।अडानी टोटल गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉकड्रिल्स समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि शीघ्र ही जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में जिले के प्रमुख नगर क्षेत्रों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है तथा आगामी चरण में यह सुविधा पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर तक पहुँचाई जाएगी।
- -वार्षिक आमसभा में आय-व्यय का लेखजोखा पेशटी सहदेवभिलाई नगर। छत्तीसगढ़ के तिरुमला कहे जाने वाले सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति ने तिरुपति की तरह एक सुव्यवस्थित कल्याण कट्टा (केश कर्तन केंद्र) बनाया है। इसका निर्माण होने से आर्थिक रूप से कमजोर तबके के भक्तों के साथ-साथ आम लोगों को भी काफी सुविधा हो जाएगी, जो तिरुपति जाकर केश समर्पण करने नहीं जा पाते। इसके अलावा मुंडन कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए साफ-सुथरे स्नानगृह का भी निर्माण किया गया है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग- अलग बने इस केंद्र में फिलहाल हर दिन दो से पांच भक्तगण केश समर्पित करते हैं। स्मरणीय है कि तिरुपति मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों में प्रचीन समय से श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से मन्नतें पूर्ण होने पर अथवा मन्नतें मांगने अपने केश समर्पित करते हैं।मंदिर की सुरक्षा की कड़ी व्यवस्थाआंध्र भवन में रविवार को हुई वार्षिक आम-सभा में समिति के अध्यक्ष पीवी राव ने बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। हाल ही में मंदिर में चोरी के प्रयास को लेकर लोगों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और दो गार्ड तैनात किए गए हैं। इनकी सतर्कता के कारण ही चोरी की वारदात अंजाम नहीं पाई। चोरी की कोशिश के फुटेज भी पुलिस को सौप दिए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने तफ्तीश की। आजीवन सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग पर राव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में 10 किलोमीटर मीटर दायरे में रहने वाले ही समिति के सदस्य हैं, इसका दायरा बढ़ाने से बायलाॅज में परिवर्तन करना पड़ सकता है, जो कि आसान नहीं है।मंगलवार को वैकुंठ एकादशीसचिव पीएस राव ने समिति के कार्यों को साझा करते हुए बताया कि गत महीने पहली बार बालाजी मंदिर में भव्यता के साथ डोलोत्सव मनाया गया, जिसमें पीतल से बने पालने में भगवान बालाजी और श्रीदेवी-भूदेवी की उंजल सेवा की गई। उसी भव्यता के साथ इसी मंगलवार को वैकुंठ एकादशी मनाई जाएगी, जिसमें उन्होंने सभीसे शामिल होने की अपील भी की। समिति की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हर साल मंदिर में उगादि, संक्रांति तथा विजयादशमी पर बड़े-बड़े धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं, जिनके आप सभी प्रत्यक्षदर्शी हैं। धार्मिक आयोजनों के अलावा पिछली बार युवक-युवती परिचय सम्मेलन भी हुआ, जिसमें तीन सौ लोगों ने पंजीयन कराया। इससे पहले कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर ने पिछले वित्त वर्ष के आय- व्यय का लेखाजोखा भी पेश किया।
- रायपुर। प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक दक्षता और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवा-भाव के साथ कार्य करना ही एक सफल पुलिस अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास आधारित पुलिसिंग से ही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।प्रतिनिधि दल के साथ आईजी श्री अजय यादव, एसपी श्री अभिषेक पल्लव एवं एसएसपी श्री पंकज शुक्ला, प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी श्री आदित्य कुमार, सुश्री अंशिका जैन, श्री प्रतीक दादा साहेब एवं सुश्री मानसी शामिल थे। प्रशिक्षु अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ अपने प्रशिक्षण के अनुभव भी साझा किए।उप मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे फील्ड पोस्टिंग के दौरान जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, कानून के निष्पक्ष पालन और मानवाधिकारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक, सक्षम और जनोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
- रायपुर ।प्रदेश में सरकार की किसान हितैषी नीतियों से और कृषि विभाग के उचित मार्गदर्शन से किसानों को नई दिशा मिल रही है। ऐसे ही जिला बेमेतरा के ग्राम अकलवारा के प्रगतिशील कृषक श्री संतोष साहू ने इस वर्ष खेती के क्षेत्र में एक सराहनीय, दूरदर्शी और अनुकरणीय निर्णय लेकर यह सिद्ध कर दिया है कि सही फसल चयन और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर कम संसाधनों में भी अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। परंपरागत रूप से ग्रीष्मकाल में धान की खेती करने वाले श्री साहू ने इस बार ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर 5 एकड़ क्षेत्र में चने (दलहन) की फसल लेकर जल संरक्षण, लागत नियंत्रण और आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।ग्रीष्मकालीन धान की खेती में अत्यधिक मात्रा में पानी, बिजली, डीज़ल तथा श्रम की आवश्यकता होती है। लगातार गिरते भू-जल स्तर, बढ़ती उत्पादन लागत और सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए श्री संतोष साहू ने फसल परिवर्तन का निर्णय लिया। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों की सलाह, साथ ही शासन द्वारा संचालित फसल विविधीकरण एवं दलहन प्रोत्साहन योजनाओं से प्रेरित होकर उन्होंने कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली चना फसल को अपनाया।किसान श्री साहू बताते है कि चना फसल की खेती में आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का समुचित उपयोग किया, जिसमें प्रमुख रूप से लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में समय पर बुवाई, उन्नत एवं प्रमाणित चना बीज का चयन, संतुलित मात्रा में रासायनिक उर्वरक एवं जैविक खाद का प्रयोग, आवश्यकता अनुसार सीमित सिंचाई, जिससे जल की बचत हुई, कीट एवं रोगों की रोकथाम हेतु नियमित निगरानी एवं समय पर उपचार। इन वैज्ञानिक उपायों के परिणामस्वरूप खेत में चने की फसल की बढ़वार अत्यंत संतोषजनक है और वर्तमान स्थिति को देखते हुए उच्च गुणवत्ता की अच्छी उपज मिलने की पूरी संभावना है।चना फसल अपनाने से जहां एक ओर ग्रीष्मकालीन धान की तुलना में पानी की खपत में भारी कमी आई है, वहीं दूसरी ओर सिंचाई, बिजली और श्रम लागत भी काफी घट गई है। चना एक दलहनी फसल होने के कारण यह मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर भूमि की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक है। बाजार में चने की मांग और अच्छे भाव को देखते हुए श्री संतोष साहू को इस वर्ष अधिक शुद्ध लाभ प्राप्त होने की पूरी उम्मीद है।श्री संतोष साहू का यह प्रयास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन रहा है। यह पहल यह स्पष्ट संदेश देती है कि यदि किसान परंपरागत फसलों के स्थान पर परिस्थितियों के अनुरूप दलहन एवं कम पानी वाली फसलों को अपनाएं, तो वे न केवल जल संरक्षण में योगदान दे सकते हैं बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ कर सकते हैं।श्री संतोष साहू ने अपनी इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों, कृषि विभाग के मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समय-समय पर दी जा रही तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण, बीज उपलब्धता एवं योजनाओं की जानकारी से किसानों को नई दिशा मिल रही है और वे आधुनिक व टिकाऊ खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। ग्राम अकलवारा के कृषक श्री संतोष साहू की यह सफलता की कहानी यह सिद्ध करती है कि सही फसल चयन, वैज्ञानिक प्रबंधन और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से खेती को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर चना जैसी दलहनी फसल अपनाकर उन्होंने जल संरक्षण, लागत में कमी और बेहतर आय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह प्रयास न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक है और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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इंदल महोत्सव में गेड़ी लोक नृत्य दल की शानदार प्रस्तुति
बिलासपुर /मध्य प्रदेश शासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर में आयोजित इंदल महोत्सव में छत्तीसगढ़ की प्राचीन लोक संस्कृति ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। देश के 12 राज्यों से आए लोक कलाकारों की सहभागिता वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य को आमंत्रित किया गया,जो प्रदेश के लिए ग़ौरव की बात है।छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित संस्था लोक श्रृंगार भारती, तिफरा (बिलासपुर) के गेड़ी नृत्य दल ने महोत्सव में शानदार प्रस्तुति दी। मध्य प्रदेश के राज्यपाल महामहिम श्री मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण गेड़ी नृत्य दल की प्रस्तुति रही।कौड़ियों, चीनी मिट्टी की मालाओं, पटसन वस्त्र, सिकबंध, मयूर पंख, पैरों में घुंघरू और रंगीन गेड़ियों से सुसज्जित कलाकारों ने जब मंच पर नृत्य प्रारंभ किया, तो पूरा महोत्सव स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अनिल कुमार गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में दल ने अनुशासित एवं ऊर्जावान प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गढ़ेवाल द्वारा गाया गया पारंपरिक गेड़ी गीत “काट ले हरियर बांसे जो भला” इंदौरवासियों को झूमने पर मजबूर कर गया।मुख्य मांदल वादक संजय रात्रे एवं मोहन डोंगरे के सशक्त वादन ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, वहीं महेश नवरंग की बांसुरी की मधुर स्वर लहरियों पर दर्शक भावविभोर नजर आए। सौखी लाल कोसले ने हारमोनियम वादन किया, जबकि सहगायक के रूप में भरत वस्त्रकर एवं फागूलाल सूर्यवंशी ने सहभागिता निभाई।मुख्य गेड़ी नर्तक प्रभात बंजारे एवं सूरज खांडे के गेड़ी पर संतुलन साधे रहने के दौरान शुभम भार्गव द्वारा उनके कंधों पर खड़े होकर गेड़ी को हवा में लहराने का दृश्य दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया। वहीं लक्ष्मी नारायण माण्डले और फूलचंद ओगरे ने एक ही गेड़ी पर नृत्य कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। सह गेड़ी नर्तकों के रूप में मनोज माण्डले, सुनील गेंदले, शुभम भारद्वाज, उदय खांडे, गेंदलाल एवं चंद्रशेखर यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उल्लेखनीय है कि इसी माह संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं यूनेस्को के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली के लाल किला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भी गेड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति ने 180 देशों के प्रतिनिधियों का मन मोह लिया था। सफल प्रस्तुतियों के पश्चात यूनेस्को द्वारा गेड़ी लोक नृत्य को अत्यंत प्राचीन लोक नृत्यों की सूची में शामिल किए जाने के संकेत भी दिए गए हैं।रेहाना/ - रायपुर/भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री Narendra Modi जी के “मन की बात” कार्यक्रम का श्रवण बस्तर जिले के भानपुरी मंडल अंतर्गत करनदोला, बूथ क्र. 253 में क्षेत्र के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता साथियों के साथ किया। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विचार राष्ट्रनिर्माण, जनभागीदारी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देते हैं।
- रायपुर । असामाजिक गतिविधियों से क्षुब्ध व आक्रोशित मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमेरी के ग्रामीणों ने पंचायत व ग्रामीण सभा की संयुक्त बैठक कर ग्राम में चल रहे असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है । बैठक के पूर्व मनाही के बाद भी इन गतिविधियों में लिप्त कतिपय विध्नसंतोषी तत्वों को ग्रामीण व्यवस्था के तहत दंडित करने के साथ - साथ में ग्राम में शराब व जुआ सहित अन्य असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ - साथ दूकानों से डिस्पोजल गिलास व पानी पाऊच बिक्री पर भी रोक लगा दिया गया है व उल्लंघन करने वालों के लिये दंड का भी प्रावधान किया गया है जिसे ग्रामहित में ग्रामीणों ने स्वीकार भी कर लिया है । इसके बाद भी नजदीकी मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया व खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम खौली में बिक रहे अवैध शराब बिक्री की वजह से ग्राम में माहौल अशांत रहने से ग्रामीण परेशान हैं ।ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ समय से ग्राम के मुट्ठी भर विध्नसंतोषी तत्वों ने ग्राम का माहौल खराब कर रखा था । पंचायत प्रतिनिधियों व ग्राम प्रमुखों के लगातार समझाईश के बाद भी वे अपने हरकतों से बाज न आ ग्राम में अशांति का माहौल बना रखे थे । परेशान ग्रामीणों के आग्रह पर पंचायत व ग्रामीणों की एक संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया जाकर इस पर तत्काल प्रभाव से अमल भी शुरू कर दिया गया है । क्षेत्र में शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा के आज अमेरी पहुंचने पर ग्रामीणों ने यह जानकारी उन्हें दी जिसकी पुष्टि सरपंच सूरज शर्मा व ग्रामीण सभा अध्यक्ष तुलसी राम साहू ने भी की। ग्रामहित के इस निर्णय के लिये श्री शर्मा ने ग्रामीणों व ग्राम प्रमुखों को बधाई दी । इस दरम्यान ग्रामीणों ने नजदीकी ग्राम कठिया व खौली में अबाध अवैध शराब बिक्री से परेशानी होने की भी जानकारी दी । साथ ही कई ग्रामीणों ने श्री शर्मा के गृह ग्राम टेकारी से भी पियक्कड़ों को शराब उपलब्ध होने की जानकारी दी । श्री शर्मा ने टेकारी के कतिपय असामाजिक तत्वों के गतिविधियों पर ग्रामीणों की नजर होने की जानकारी देते हुये पुख्ता जानकारी मिलते ही चाहे ग्रामीण व्यवस्था के तहत अथवा थाना / आबकारी स्तर पर कार्यवाही का आश्वासन दिया व साथ ही शराब मुहैय्या कराने वाले का नाम व्यक्तिगत जानकारी में लाने का आग्रह किया । खौली व कठिया के पंचायत व ग्राम प्रमुखों से भी चर्चा का उन्होंने आश्वासन दिया ।
- ‘महतारी गौरव वर्ष’ तथा सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित है इस वर्ष का कैलेंडररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पाँच प्रमुख शक्तिपीठ — मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है।शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त जनसंपर्क श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तमनार में हुई घटना की जांच होगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनपर कार्यवाही की जाएगी।
- मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में बस्तर पंडुम की तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठकबस्तर पंडुम 2026: बस्तर की परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंचरायपुर/बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है।बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया।प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- - कलेक्टर की उपस्थिति में किया गया ग्राम ढढारी के थोक व्यापारी नोखेलाल के घर एवं गोदाम की जांचबालोद / कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु प्रशासनिक अमले द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा शुक्रवार 26 दिसम्बर को गुरूर विकासखण्ड के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की उपस्थिति में ग्राम ढढारी के थोक व्यापारी नोखेलाल घर में स्थित गोदाम का निरीक्षण कर उसके बाद उपलब्ध धान की जांच की गई। जांच के उपरांत थोक व्यापारी श्री नोखेलाल के गोदाम में 1250 कट्टा धान पाया गया। थोक व्यापारी नोखेलाल के पास अपने गोदाम में धान उपलब्ध धान के संबंध में निर्धारित मंडी शुल्क जमा करने के साथ-साथ सौदा पत्रक आदि सभी दस्तावेज समुचित पाया गया। जांच के दौरान एसडीएम श्री आर.के. सोनकर, उप पंजीयक सहकारी संस्थाए श्री आर.पी. राठिया, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम सहित मंडी सचिव एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जयंती स्टेडियम मैदान भिलाई में आयोजित 5 दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में आज सपत्निक सम्मिलित हुए। दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया गया है। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कथा से हजारों भक्तों को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा वाचक पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से शत-शत नमन और स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के लिए बहुत सौभाग्य है कि पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से पाँच दिनों तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का रसपान करने को मिला है। हम सभी के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि दिव्य श्री हनुमंत कथा आज तीसरा दिन है। उनका आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवासकाल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताए है। छत्तीसगढ़ माता शबरी का भी यह जगह है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता ने जूठे भोजन को खिलाई थी। मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला अयोध्या धाम योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करा चुके हैं और लगातार भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में प्रारम्भ बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। अभी तक 5000 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना शुरू कर एक हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सारंगढ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि का चंदा करके प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुझे लगता है कि इस देश की संस्कृति, धर्म और इस देश में सनातन होना बाकी है उसे पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने एक बड़ा संकल्प लिया है और वह संकल्प आप सबके मेहनत से पूरा होगा। उन्होंने कहा कि अखंड भारत की जो कल्पना किया है, वह एक दिन जरूर पूरा होगा। देश-दुनिया में जागृति का यह समय आ चुका है और आप सब जिस भाव के साथ शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने का समय आ चुका है। इस अवसर पर अन्य पिछड़ा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, श्री अरूण वोरा तथा श्री बसंत अग्रवाल एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।


























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