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- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने योजना की शुरुआत के लिए केंद्र व राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के विकास में एक मील का पत्थर बतायारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने 01 जुलाई से छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित 'विकसित भारत : जी राम जी' योजना के विधिवत अमल में आने पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसका स्वागत किया है। श्री देव ने इस जनकल्याणकारी योजना की शुरुआत के लिए केंद्र व राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के विकास में एक मील का पत्थर बताया है।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम है। 01 जुलाई से इस योजना के लागू होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के आम जनमानस, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। यह योजना समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के मूल मंत्र पर आधारित है। 'जी राम जी' योजना के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे, रोजगार के नए अवसरों और जनकल्याणकारी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। श्री देव ने कहा कि भाजपा की सरकार जो कहती है, वो करती है। 01 जुलाई की यह तारीख छत्तीसगढ़ के इतिहास में खुशहाली और प्रगति के नए अध्याय के रूप में दर्ज होगी। यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने का एक सशक्त माध्यम है। संगठन और सरकार मिलकर इस योजना का लाभ हर पात्र हितग्राही तक पहुँचाना सुनिश्चित करेंगे। श्री देव ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया है कि वे इस योजना के क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ और जन-जन तक इसकी जानकारी पहुँचाकर लोगों को लाभान्वित करने में सहयोग करें।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथिरायपुर / जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत बम्हनीडीह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 2 जुलाई 2026, गुरुवार को प्रातः 10:30 बजे आई.टी.आई. ग्राउंड, बम्हनीडीह में आयोजित किया जाएगा। समारोह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री रमेश कुमार डडसेना तथा सभी नवनिर्वाचित पार्षद पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव करेंगे। जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, जैजैपुर विधायक श्री बालेश्वर साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगड़े तथा जिला पंचायत जांजगीर-चांपा की अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थित रहेंगे।
- -श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएंरायपुर / राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव श्री कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर श्री राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी श्री चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- -ग्राम पंचायत परसोंडी, लखनपुर में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद, जनसेवा और विकास के संकल्प को दोहरायारायपुर । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड लखनपुर की ग्राम पंचायत परसोंडी पहुंचकर ग्रामीणजनों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने पेयजल, सड़क, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मंत्री श्री अग्रवाल के समक्ष रखे। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, जहां आम नागरिक अपनी बात सीधे रख सकता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है।उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।मंत्री श्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए। जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सहज, सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हुए अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करने पर आभार व्यक्त किया। जनदर्शन के इस कार्यक्रम ने शासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।
- -ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल-2026 और नियामकीय सुधारों पर चर्चा-रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में ’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (डीरिग्युलेशन एंड फैसिलिटेशन) बिल, 2026’ के प्रारूप तथा निवेश संवर्धन, डिजिटल सुविधा और व्यवस्थित नियामकीय सुधारों के लिए तैयार किए गए परिचालन ढांचे पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा नागरिकों को शासकीय सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के उपायों की समीक्षा की गई। परिचालन ढांचे के अंतर्गत ’इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था , पांच प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित कार्यप्रणाली, 180 शासकीय सेवाओं का सरलीकरण तथा नौ विभागों को इस व्यवस्था से जोड़ने संबंधी प्रावधानों पर विचार-विमर्श किया गया।मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रक्रियाओं के सरलीकरण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा निवेशकों के लिए सुगम, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था से राज्य में निवेश को गति मिलेगी, उद्योगों के लिए कारोबार करना और अधिक सहज होगा तथा नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसान हितैषी योजनाओं का हो रहा प्रभावी क्रियान्वयनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को मजबूती देने का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक तथा अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था करने में सहायक सिद्ध हो रही है, जिससे खेती की लागत का दबाव कम होने के साथ कृषि कार्य भी निर्धारित समय पर पूरे हो रहे हैं।गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत सारबहरा के किसान श्री एवन सिंह इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने बीज, उर्वरक तथा अन्य आवश्यक कृषि कार्यों में किया। श्री एवन सिंह का कहना है कि समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता ने खेती की तैयारियों को आसान बनाया है। इससे कृषि कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होती और खेती की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिलती है।इसी ग्राम पंचायत के किसान श्री नरेश यादव, जो लगभग चार एकड़ भूमि में खेती करते हैं, भी योजना का नियमित लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। योजना से प्राप्त राशि के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री खरीदना आसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उनका मानना है कि समय पर मिलने वाली सहायता किसानों को बेहतर योजना बनाकर खेती करने के लिए प्रेरित करती है और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र किसानों तक केंद्र सरकार की सभी कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना इसी दिशा में किसानों के लिए एक भरोसेमंद आर्थिक सहारा बनकर उभरी है।योजना का सफल क्रियान्वयन किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समय पर मिलने वाली सहायता से किसान खेती की बेहतर तैयारी कर रहे हैं, आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति उत्साहित हो रहे हैं तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक आत्मविश्वास के साथ कार्य कर रहे हैं।प्रदेश सरकार का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार है। इसी सोच के अनुरूप किसान कल्याण, कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि को गति देने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों की सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि समय पर मिलने वाला आर्थिक सहयोग खेती को नई ऊर्जा देने के साथ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन रहा है।
- -60 ग्राम पंचायतों में चार डिब्बों की व्यवस्था से होगा कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन-स्वच्छता दीदियां घर-घर पहुंचा रहीं जागरूकता का संदेशरायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के "स्वच्छ छत्तीसगढ़-समृद्ध छत्तीसगढ़" के विजन को साकार करने की दिशा में कबीरधाम जिले में 'मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी' अभियान को व्यापक रूप से गति दी गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलेभर में जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन ही नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाना भी है।पायलट परियोजना के तहत अक्टूबर 2026 तक जिले की 60 ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक घर और सार्वजनिक स्थानों पर चार अलग-अलग रंगों के डिब्बों के माध्यम से कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित किया जा रहा है। हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा, लाल चिन्हित डिब्बे में सेनेटरी कचरा तथा काले डिब्बे में घरेलू हानिकारक कचरा एकत्र किया जा रहा है। लोगों को यह भी समझाया जा रहा है कि हरा डिब्बा खाद का आधार बनेगा, नीला डिब्बा आय का स्रोत बनेगा, जबकि लाल और काला डिब्बा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए संवेदनशील कचरे के सुरक्षित निपटान का माध्यम हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संदेश "कचरा अलग करेंगे, बीमारी भगाएंगे" को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वच्छता दीदियां और विभागीय अमला लगातार गांवों में सक्रिय हैं। स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर लोगों को सूखा, गीला, सेनेटरी तथा घरेलू हानिकारक कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही ग्रामीणों को कचरा खुले में नहीं फेंकने, नालियों और सड़कों पर कचरा नहीं डालने तथा कचरा नहीं जलाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।अभियान के दौरान ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जा रहा है और पर्यावरण संरक्षण के लिए कपड़े एवं जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए ग्राम सभाएं, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, शपथ कार्यक्रम और जनसंवाद जैसे विविध माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम को स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का आदर्श जिला बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की मंशानुरूप इस अभियान का मूल उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में "मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी" की भावना विकसित करना है, ताकि स्वच्छता एक आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बन सके। उन्होंने बताया कि चरणबद्ध तरीके से जिले की सभी ग्राम पंचायतों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्री संजय सोनी ने बताया कि विभागीय अमला एवं मिशन के कर्मचारी लगातार गांवों का भ्रमण कर लोगों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और जनजागरूकता ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ कबीरधाम का सपना साकार होगा।
- -उपमुख्यमंत्री ने प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देशरायपुर / प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित ‘सहयोग केंद्र’ में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।‘सहयोग केंद्र’ के जनदर्शन के माध्यम से संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। इससे न केवल कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी सीधे संवाद का अवसर मिल रहा है। आज जनदर्शन कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आये कार्यकर्ता एवं आमजनों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिन पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान लोग अपनी समस्याओं का त्वरित निराकरण पाकर खुश दिखाई दिए।
- - सेवा भवन में प्रबंध निदेशकों ने किया सम्मानितरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ से कार्यपालक निदेशक (संचारण/संधारण) श्री जे.एस.नेताम एवं कार्यपालक निदेशक (सतर्कता-उच्चदाब) श्री सुरेश कुमार चक्रवर्ती सहित कुल 7 अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। पॉवर कंपनीज के मुख्यालय सेवा भवन में आयोजित समारोह में प्रबंध निदेशक (जनरेशन) श्री एस. के. कटियार, प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री राजेश कुमार शुक्ला तथा प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीम सिंह कंवर ने सेवानिवृत्त ईडी श्री जेएस नेताम एवं एसके चक्रवर्ती को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।प्रबंध निदेशकगणों ने कहा कि ईडी श्री नेताम एवं श्री चक्रवर्ती के समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली एवं अनुभवों से पॉवर कंपनी के विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिली हैं। सेवानिवृत ईडी श्री नेताम एवं श्री चक्रवर्ती ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए अपने सेवायात्रा में मिले सहयोग के लिए प्रबंधन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।ट्रांसमिशन कंपनी ने इसी तरह सेवा भवन में आयोजित एक अन्य समारोह में पांच अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर सम्मानित किया। प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कोरबा से अतिरिक्त मुख्य अभियंता (टी एंड डी) श्री दलगंजन सिंह पटेल, भिलाई से निज सचिव श्री शिवब्रत राय चैधरी एवं डी. प्रभाकर, भिलाई से कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री रमेश कुमार कश्यप, रायपुर से लाइन सहायक श्रेणी एक श्री नारायण प्रसाद यादव को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री वी.के.साय, श्री संजय पटेल, श्री के एस मनोठिया, श्री सीएल नेताम, श्री एम एस कंवर, श्री संदीप मोदी, श्री आर पी नामदेव, श्री वी के दीक्षित, श्री ए एम परियल, मुख्य अभियंता श्री एम जामुलकर, श्री केबी पात्रे, जीएम श्रीमती नंदिनी भट्टाचार्य, श्रीमती शारदा सोनवानी, श्रीमती रश्मि वर्मा, श्री राजेन्द्र प्रसार, श्री प्रसन्ना गोसावी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देशरायपुर। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा तीनों तरह के निकायों में पार्षद निधि के रूप में 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इन निधियों का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से निकायों में मूलभूत विकास के कार्य किए जाएंगे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगमों में महापौर निधि तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि की 50-50 प्रतिशत राशि की प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए जारी किए गए हैं। तीनों तरह की नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपए भी जारी किए गए हैं।विभाग द्वारा 14 नगर निगमों में महापौर निधि के 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए, 57 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष निधि के 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए तथा 121 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं। वहीं पार्षद निधि के प्रथम किस्त (50 प्रतिशत) के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपए, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए एवं नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं।
- -250 सीटर अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र से युवाओं को मिलेगी महानगरों जैसी सुविधा-24 घंटे खुली रहने वाली लाइब्रेरी में डिजिटल संसाधन, ऑक्सी रीडिंग जोन और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष व्यवस्थारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से 250 सीटर सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह परिसर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने 21 जून 2025 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। जशपुर जिले में जिला मुख्यालय जशपुर और कुनकुरी के सलियाटोली में ऐसे आधुनिक परिसर बनाए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को विशाल पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और तकनीकी सुविधाओं से युक्त अध्ययन वातावरण मिलेगा। यह परिसर विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुला रहेगा।नालंदा परिसर में इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थी प्राकृतिक वातावरण के बीच विकसित ऑक्सी रीडिंग जोन में भी अध्ययन कर सकेंगे। परिसर को पर्यावरण अनुकूल अवधारणा के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन तथा 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा।परिसर में विद्यार्थियों की समग्र आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप इसे स्वायत्त एवं स्ववित्तपोषित संचालन मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।नालंदा परिसर की लाइब्रेरी में 50 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसके साथ डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-स्पीड वाई-फाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें तथा ई-लर्निंग संसाधनों की सुविधा भी रहेगी। परिसर में आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान, आरएफआईडी से पुस्तकों की ट्रैकिंग तथा आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी।यह नालंदा परिसर जशपुर जिले के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही महानगरों के समान आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की बेहतर तैयारी का सशक्त केंद्र बनेगा।
- -वीबी जीरामजी योजना के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी दर 261 से बढ़कर हुई 300 रुपए प्रतिदिन-मजदूरी दर में हुई 13 प्रतिशत की वृद्धिरायपुर । वीबी जी राम जी के लागू होने के पहले दिन ही श्रमिकों को बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। जहां भारत सरकार द्वारा विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए नई मजदूरी दरें अधिसूचित की गई हैं। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी दर को 261 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके तहत मजदूरी दर में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अभूतपूर्व है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण आजीविका को और मजबूती मिलेगी।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संशोधित मजदूरी दर निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के लिए अकुशल हस्त कार्य हेतु मजदूरी दर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकार द्वारा वीबी जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है ।आज से वीबी जीरामजी पूरे देश के साथ राज्य में भी लागू हो गयी है। जिसका पूरे राज्य में श्रमिकों द्वारा उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। कार्य स्थलों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के हर ग्राम में वीबी जी राम जी के आगमन को एक उत्सव की तरह मनाते सभी को योजना की जानकारी दी जा रही है।2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, वहीं प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था प्राप्त होगी। वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका पर जोर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
- -वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित-15 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन, शास्त्रीय संगीत, लोककला, नाट्य एवं वाद्ययंत्र प्रस्तुतियों के लिए होगा चयनरायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान देने और लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2026-27 के वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों के लिए कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा, वहीं विलुप्त होती लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष प्रदेशभर में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन करता है, जिनमें शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोकसंगीत, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां शामिल रहती हैं। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए पावस प्रसंग (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य), रंगतरंग वाद्ययंत्र संगम, रंगपरब नाट्य श्रृंखला तथा लोकरंग पर्व के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा।विशेष रूप से लोकरंग पर्व के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं एवं लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा, गम्मत, सुआ, करमा, पंथी, बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत, संस्कार गायन सहित अन्य पारंपरिक लोकविधाओं में दक्ष कलाकार आवेदन कर सकते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की लोक-सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराना है।आवेदन करने वाले कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों का चिन्हारी पंजीकरण होना आवश्यक है तथा समूह प्रस्तुति के इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, द्वितीय तल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्यवसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित ई-मेल ैं के माध्यम से भी आवेदन भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।संस्कृति विभाग ने आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की है। विभाग ने प्रदेश के पात्र कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की अपील की है।
- -मनरेगा के तहत निर्मित चेक डेम से सिंचाई का दायरा बढ़ा, खेती में आया बदलाव और किसानों की आय को मिली नई दिशारायपुर। जल संरक्षण के प्रभावी प्रयास किस प्रकार ग्रामीण विकास और किसानों की समृद्धि का आधार बन सकते हैं, इसका प्रेरक उदाहरण बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत चन्द्रगढ़ में देखने को मिल रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कोरोना नाले पर निर्मित चेक डेम ने गांव की कृषि व्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में निर्मित इस संरचना से क्षेत्र में जल संचयन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को अब वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने लगा है।चेक डेम से सीधे तौर पर 10 किसानों की लगभग 3.325 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो रही है, वहीं ग्राम के 20 से 25 अन्य किसानों को भी इसका लाभ मिल रहा है। जल उपलब्धता बढ़ने से किसानों ने परंपरागत खेती के साथ मक्का, धान, सरसों तथा विभिन्न सब्जियों की खेती को अपनाया है, जिससे उत्पादन और आय में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।सिंचाई सुविधा मिलने से खेती का रकबा बढ़ा है और किसानों में बहुफसली खेती के प्रति रुचि भी बढ़ी है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसर सृजित हो रहे हैं।चन्द्रगढ़ का यह चेक डेम केवल जल संरक्षण की एक संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि, टिकाऊ कृषि और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है। यह पहल दर्शाती है कि योजनाबद्ध जल संरक्षण प्रयास गांवों में आर्थिक सशक्तिकरण और सतत विकास की मजबूत नींव रख सकते हैं।
- -लक्ष्य के विरुद्ध 106.5 प्रतिशत उपलब्धि, 863 पात्र हितग्राहियों का हुआ पंजीयनरायपुर। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत भारत शासन द्वारा 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक संचालित विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) में जांजगीर-चांपा जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती अनिता अग्रवाल ने बताया कि 25 जून 2026 तक जिले में 863 पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 106.5 प्रतिशत उपलब्धि है।इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे जिला स्तर पर की गई सतत मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा तथा सभी पर्यवेक्षकों को समय-समय पर दिए गए प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके परिणामस्वरूप पात्र हितग्राहियों का समयबद्ध पंजीयन सुनिश्चित हुआ और उन्हें योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता का लाभ समय पर प्राप्त हो रहा है।प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे कार्य के कारण होने वाली आय की आंशिक क्षति की भरपाई में भी सहायता मिल रही है।योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। वर्तमान में भी नवीन पात्र हितग्राहियों का पंजीयन लगातार जारी है, ताकि जिले का कोई भी पात्र हितग्राही प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के लाभ से वंचित न रहे।
- 0- ऑनलाइन आवेदन से एक हफ्ते के भीतर बना विवाह पंजीयन प्रमाण पत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के तहत सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं अब घर बैठे सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे आमजन का समय और धन दोनों की बचत हो रही है। इसी क्रम ग्राम पिपरौद निवासी श्री आशीष देवनाथ एवं श्रीमती शिवानी को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। श्री आशीष एवं श्रीमती शिवानी का विवाह अप्रैल 2026 में हुआ, उन्होंने अपना विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनवाने हेतु पोर्टल में ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद पंचायत स्तर पर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के 1 सप्ताह के भीतर उन्हें डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया।उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में विवाह प्रमाण-पत्र प्राप्त होने से वे इसका उपयोग विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं अन्य आवश्यक कार्यों में आसानी से कर सकेंगे। प्रमाण-पत्र में उपलब्ध क्यूआर कोड एवं डिजिटल सत्यापन की सुविधा ने इसकी विश्वसनीयता को भी सुनिश्चित किया है। श्री आशीष देवनाथ एवं श्रीमती शिवानी ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह पंजीयन की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई तथा बिना किसी परेशानी के आवश्यक सेवा प्राप्त हो गई।
- 0- 90 प्रतिशत श्रवण बाधित दिव्यांगसुश्री पूजा टंडन को मिला श्रवण यंत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत का समयबद्ध निराकरण करते हुए श्रवण बाधित दिव्यांग सुश्री पूजा टंडन को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया।सुश्री टंडन सरोना में निवासरत हैं। वे 90 प्रतिशत श्रवण बाधित दिव्यांग हैं जिससे उन्हें दैनिक जीवन में संवाद करने तथा दैनिक कार्यों को करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के निराकरण हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गई।प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा हितग्राही को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। श्रवण यंत्र मिलने से अब वे अपने आसपास के लोगों से बेहतर संवाद कर सकेंगी तथा दैनिक कार्यों को अधिक सहजता से कर पाएंगी। इससे उनके सामाजिक जीवन, आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।श्रवण यंत्र प्राप्त करने पर सुश्री टंडन एवं उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
- 0- 12 शालाओं वाली प्रतियोगिता के फाइनल में 55 अंक हासिल कर महाराष्ट्र मंडल की शाला को मिला तीसरा स्थानरायपुर। क्विज मेनिया सीजन-2 में महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी) के बच्चे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल राउंड तक पहुंचे। न्यू शांति नगर स्थित सभागृह में आयोजित इस प्रतियोगिता में रायपुर के 13 विद्यालयों के प्रतिभाशाली बच्चों के ज्ञान की परीक्षा ली गई।एसडीवी की शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने बताया कि स्पर्धा का आयोजन तीन राउंड में किया गया, पहला राउंड पजल, दूसरा विजुअल और तीसरा ऑडियो राउंड था। स्पर्धा में एसडीवी की वर्षा परिदा, पूर्वी साहू, तन्मय भगाड़े और डिंपल अवधिया ने भाग लिया। पहले राउंड में बच्चों ने सवालों का जवाब तत्परता से दिया और 45 अंक प्राप्त कर फाइनल राउंड के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की।तृप्ति के अनुसार फाइनल राउंड में बेहद कठिन सवालों के बाद भी बच्चों ने उत्सुकता व धैर्य के साथ सवालों के जबाव दिए। स्पर्धा में संत ज्ञानेश्वर स्कूल की टीम पांचवें स्थान पर रही। इस स्पर्धा में वीर छत्रपति शिवाजी इंग्लिश मीडियम स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल नवा रायपुर, शिवांश इंटरनेशनल स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल डूंडा, छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, कष्णा पब्लिक स्कूल तेंदुआ, मां शारदा स्कूल भिलाई की टीमों ने भी भाग लिया। स्पर्धा के बाद विजेता, उप विजेता सहित सभी प्रतिभागी टीमों को ट्रॉफी, पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र भी दिए गए।
- 0- पंचायतों में राजस्व प्रकरणों के पंजीयन का हो रिकार्ड दुरूस्ती0- अधोसंरचनात्मक कार्यों की बेस लाईन सर्वे हेतु जानकारी देवें अधिकारी0- कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षादुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में विभागवार समय-सीमा के लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा की। साथ ही लंबित आवेदनों का निराकरण समयावधि में करने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, जनशिकायत पोर्टल के लंबित आवेदनों के निराकरण की जानकारी लेते हुए कहा कि जनशिकायत संबंधी आवेदनों का अधिकारी त्वरित निराकरण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जनशिकायत से संबंधित आवेदन लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों कोे कड़ी फटकार लगायी। कलेक्टर श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत विभागों को प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। साथ ही एल-1 अधिकारी को समय-सीमा के भीतर प्रकरण निराकृत करने कहा। विभागीय अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत तकनीकी दिक्कतों से अवगत कराया। कलेक्टर श्री सिंह ने ई-डिस्ट्रिक मैनेजर को उच्च स्तर पर आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये हैं।कलेक्टर श्री सिंह ने ग्राम पंचायतों में राजस्व प्रकरण अविवादित, नामांतरण, बंटवारा पंजीयन की जानकारी ली। साथ ही पंचायत सचिवों द्वारा राजस्व प्रकरणों के पंजीयन उपरान्त रिकार्ड दुरूस्ती पर जोर देते हुए एसएलआर को पंचायतों में पंजीकृत प्रकरणों के रिकार्ड दुरूस्ती कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय प्रयोजन हेतु विभागों को भू-आबंटन के लंबित प्रकरण होने पर संबंधित विभाग राजस्व विभाग को प्रकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें ताकि भू-आबंटन की कार्यवाही में प्रगति लायी जा सके। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम एवं अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने सीएमएचओ को एनएचएम भर्ती काउंसलिंग तिथि पश्चात उसी दिन नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश दिये। इसके अलावा शेष अन्य पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण कराने निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि जिले में अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों को गति प्रदान करने विभागीय बेस लाइन सर्वे अंतर्गत नगरीय निकायों/जनपद पंचायतों से जानकारियां मंगायी जा रही है। संबंधित विभाग के अधिकारी अधिनस्त अधिकारियों को उक्त जानकारी मय हस्ताक्षर के साथ संबंधित निकायों/जनपद को उपलब्ध कराने निर्देशित करें।बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पांडे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम पाटन श्री लवकेश ध्रुव सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. माननीय उच्चतम न्यायालय, भारत द्वारा न्याय को जनसामान्य तक सुलभ, सरल एवं सहभागी स्वरूप में उपलब्ध कराने की अभिनव पहल "समाधान समारोह, 2026" के अंतर्गत समापन चरण में दिनांक 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति, संवाद एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है, ताकि पक्षकारों को सहज, मानवीय एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है। जिन पक्षकारों को इस संबंध में नोटिस प्राप्त हुआ है, वे निर्धारित तिथि की प्रतीक्षा किए बिना पूर्व में ही मध्यस्थता केन्द्र, दुर्ग में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पक्षकार दूरभाष, ई-मेल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से भी संपर्क स्थापित कर अपने प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निराकरण हेतु आवश्यक जानकारी एवं सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।विशेष लोक अदालत में पक्षकार अपनी सुविधा के अनुसार प्रत्यक्ष (Physical Mode) अथवा वर्चुअल माध्यम (Virtual Mode) से सम्मिलित होकर विवादों के समाधान की प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।इच्छुक पक्षकार एवं अधिवक्तागण निर्धारित Google Form के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन हेतु लिंक माननीय उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।वेबसाइट : www.sci.gov.inGoogle Form भरने की अंतिम तिथि : 31 जुलाई 2026इसके अतिरिक्त पक्षकार अन्य सहायता एवं जानकारी हेतु One Stop Centre (War Room) In-charge समाधान समारोह (Special Lok Adalat) के संपर्क नंबर 011-23112428 एवं 011-23112528 पर भी संपर्क कर सकते हैं।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा समस्त नागरिकों, अधिवक्तागण एवं संबंधित पक्षकारों से अपील की गई है कि वे इस महत्त्वपूर्ण पहल का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने लंबित प्रकरणों के त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
- 0- किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगादुर्ग. राज्य सरकार के फैसले से जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ 2026 के दौरान किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सहकारी क्षेत्र में यूरिया वितरण संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूरिया की वर्तमान पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पूर्व में जारी कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। नए निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई ने बताया कि किसानों को यह उर्वरक एकमुश्त अथवा संबंधित सहकारी समिति में उपलब्ध स्टॉक के आधार पर चरणबद्ध तरीके से वितरित किया जाएगा। सहकारी समिति मे यूरिया की अल्प उपलब्धता की स्थिति में कृषक की पत्रातानुसार यदि यूरिया प्राप्त किया जाना शेष हो, तो शेष मात्रा समिति में यूरिया उपलब्ध होने पर प्राप्त की जा सकेगी।जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर श्री अभिजित सिंह के मार्गदर्शन में सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 22688 मीट्रिक टन यूरिया, 4376 मीट्रिक टन डीएपी, 11725 मीट्रिक टन एनपीके, 5901 मीट्रिक टन एमओपी तथा 11067 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 55757 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है एवं सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 11986 मीट्रिक टन यूरिया, 3431 मीट्रिक टन डीएपी, 5371 मीट्रिक टन एनपीके, 3612 मीट्रिक टन एमओपी तथा 7161 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 31561 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 10701 मीट्रिक टन यूरिया, 946 मीट्रिक टन डीएपी, 6354 मीट्रिक टन एनपीके, 2289 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3906 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 24196 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।जिले के सभी किसान भाईयों से अपील की गई है कि फसलों के बेहतर उत्पादन एवं भूमि कि सेहत के लिए वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित संतुलित खाद का ही उपयोग करें। किसान भाई अपनी पात्रता के अनुसार निकटतम सहकारी समिति से संपर्क कर सुगमतापूर्वक यूरिया का उठाव कर सकते हैं।
- दुर्ग. जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में विकासखंड पाटन द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा की रानीतराई एवं दिग्गाभाठा शाखाओं के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने हेतु सतत समन्वय एवं अनुश्रवण किया गया। इसके परिणामस्वरूप अप्रैल से जून 2026 की अवधि में कुल 27 स्वयं सहायता समूहों को 1,08,50,000 करोड़ रुपए (एक करोड़ आठ लाख पचास हजार रुपये) का बैंक ऋण वितरित किया गया। बैंक ऋण वितरण से स्वयं सहायता समूहों के उद्यम विकास, स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन को नई गति मिलेगी। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता सुदृढ़ होगी तथा वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।इसी क्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा की रानीतराई एवं दिग्गाभाठा शाखाओं में "संध्या पखवाड़ा – SHG Login Day" कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण प्रक्रिया, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल बैंकिंग एवं उद्यमिता विकास की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही पात्र समूहों के ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर स्वीकृत ऋण का वितरण भी किया गया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को समय पर बैंक ऋण उपलब्ध कराना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला पंचायत, विकासखंड पाटन एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के समन्वित प्रयासों से महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और जिले में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
- 0- सहकार से समृद्धि योजना अंतर्गत समितियों के विस्तार पर हुई रायशुमारीदुर्ग. देश में सहकारिता मंत्रालय के स्थापना की 05 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से सहकारी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रस्तावित गतिविधियों के अंतर्गत आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सहकार से समृद्धि योजना अंतर्गत सहकारी समितियों के विस्तार हेतु रायशुमारी की गई। मत्स्य एवं दुग्ध समिति के गठन पर जोर देते हुए समितियों के विस्तार के साथ समिति सदस्यों को सक्षम बनाने हेतु विभागीय प्रयास करने के निर्देश दिये गये। बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे, उपायुक्त सहकारी संस्थाएं श्री सतीश पाटले, उप संचालक मत्स्य श्रीमती सीमा चन्द्रवंशी, उप संचालक पशुपालन एवं दुग्ध विकास डॉ. वसीम सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
- दुर्ग. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत दुर्ग जिले में आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची के माध्यम से वास्तविक परिवारों को लाभांवित करने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है। योजना के तहत ऐसे परिवारों को जोड़ा गया है, जिनके नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 या आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं थे। जिले में कुल 95,783 हितग्राहियों का सर्वे किया गया था, जिसमें से 81,600 का सर्वेयरों द्वारा और 14,183 का हितग्राहियों द्वारा स्वयं (सेल्फ सर्वे) कर भौतिक सत्यापन कराया गया। भारत सरकार के आवास सॉफ्ट पोर्टल द्वारा ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद प्रारंभिक रूप से 80,835 हितग्राही पात्र और 14,948 हितग्राही अपात्र श्रेणी में दर्ज हुए हैं। इस सूची को पारदर्शी बनाने और त्रुटियों को सुधारने के लिए विगत 24 जून 2026 को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया गया, जहां सूची का सार्वजनिक वाचन कर प्राथमिकता तय की गई। स्थानीय स्तर पर संवेदनशीलता का उदाहरण देते हुए ग्राम पंचायत डूमरडीह में 32 अपात्र प्रकरणों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत सेलूद में तकनीकी कारणों से सूची में नहीं दिख रहे 252 छूटे हुए हितग्राहियों को ग्रामसभा ने विचार-विमर्श के बाद वास्तविक रूप से पात्र मानते हुए विशेष प्रस्ताव जनपद कार्यालय को भेजा है।जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन डेटाबेस पर आधारित है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर किसी भी मनमाने फेरबदल की गुंजाइश नहीं है। वर्तमान में ग्रामसभाओं से प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों का शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद नियमों के तहत पात्र पाए जाने वाले सभी हितग्राहियों के प्रकरण अविलंब आगे बढ़ाए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी वास्तविक और जरूरतमंद परिवार पक्के मकान के लाभ से वंचित न रहे।
- 0- जिला, जनपद और 486 ग्राम पंचायतों में होंगे कार्यक्रम, उत्कृष्ट हितग्राहियों का होगा सम्मानबिलासपुर. विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) का शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इस अवसर पर बिलासपुर जिले में जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तरीय जन सम्मेलन सह-शुभारंभ कार्यक्रम प्रार्थना सभागार, बिलासपुर में प्रातः 11 बजे से आयोजित होगा।जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले की सभी जनपद पंचायतों तथा 486 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान मिशन के राष्ट्रीय शुभारंभ का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। साथ ही योजना के उद्देश्यों, रोजगार एवं आजीविका के अवसरों तथा विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी आमजन को दी जाएगी।आयोजन में उत्कृष्ट श्रेणी के हितग्राहियों को सम्मानित भी किया जाएगा। जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता रहेगी।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्याएं, हितग्राही, युवा, कार्यकर्ता तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता कर मिशन की जानकारी प्राप्त करने और रोजगार एवं आजीविका से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने की अपील की है।



























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