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- -शिवराम वेक की आय में हुई अच्छी बढ़ोतरीरायपुर ।उद्यानिकी विभाग की सहायता से आधुनिक तकनीक अपनाकर दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड के ग्राम मड़से के प्रगतिशील कृषक श्री शिवराम वेक ने अपनी खेती को नई दिशा दी है। विभागीय मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने वर्ष 2024-25 में 1000 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। इसमें उन्होंने बरबट्टी की उन्नत किस्मों का उत्पादन शुरू किया, जिससे उन्हें अपेक्षा से अधिक उपज मिली।शेड नेट हाउसएक कृषि संरचना है जिसमें जालीदार नेट का उपयोग करके एक ढाँचा बनाया जाता है, जो पौधों को तेज़ धूप, कीटों, और अत्यधिक मौसम से बचाता है, साथ ही ज़रूरी नमी, हवा और सूरज की रोशनी को अंदर आने देता है, जिससे फसलों के लिए अनुकूल सूक्ष्म वातावरण बनता है, विशेषकर फूल, सब्जियां और नर्सरी पौधों के लिए यह फायदेमंद है, इसे नेट हाउस या छाया घर भी कहते हैं और यह कम लागत में बेहतर उत्पादन और पानी की बचत करता है।शेडनेट निर्माण से तापमान नियंत्रित हुआ, फसल को कीटों से सुरक्षा मिली और मिट्टी में नमी भी बनी रही। ड्रिप सिंचाई पद्धति का उपयोग करने से पानी की बचत हुई और पौधों को लगातार उचित नमी मिलती रही। इन नियंत्रित परिस्थितियों के कारण उत्पादन खुले खेत की तुलना में 35-40 प्रतिशत तक बढ़ गया। शेडनेट में तैयार हरी बरबट्टी स्थानीय बाजार में अच्छी कीमत पर बिकी, जिससे शिवराम वेक को नियमित नकद आय मिलने लगी।शेडनेट में सफलता मिलने के बाद शिवराम ने 0.20 हेक्टेयर खुले क्षेत्र में सेम की खेती शुरू की। गुणवत्ता वाले पौध, जैविक खाद, ट्रेलिस (मचान) विधि और मौसम अनुसार सिंचाई ने फसल को मजबूत बनाया। इसके परिणामस्वरूप सेम की फलन क्षमता बढ़ी और बाजार में अच्छी मांग मिलने से प्रति चक्र उन्हें 15,000 से 20,000 रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।नई तकनीक अपनाने की उनकी इच्छाशक्ति और मेहनत ने उनकी खेती को लाभकारी बना दिया। अब वे अपनी सब्जियों को सीधे स्थानीय हाट-बाजार और थोक विक्रेताओं तक पहुँचाते हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई। शेडनेट और सब्जी उत्पादन से उनकी मासिक आय में लगभग 8-12 हजार रुपये की लगातार वृद्धि दर्ज की गई। आज शिवराम वेक गांव के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं। शासकीय योजनाओं और उद्यानिकी विभाग की तकनीकी सहायता से उन्होंने सिद्ध किया है कि आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर सकते हैं।
- -परम्परागत व्यवसाय़ से उठकर अब मार्केट के डिमांड आधारित व्यवसाय की ओर अग्रसर-150 आजीविका दुकान खोले जाएंगेमहासमुंद / महिला समूह परम्परागत व्यवसाय से उठकर अब बाजार आधारित मांग के अनुरूप अपना व्यवसाय का चयन कर रही है और बाजर में एक सशक्त प्रतिस्पर्धी के रूप में खुद की पहचान बना रही है। शुरूआती दिनों में महिला सदस्य घर से जुड़े व्यवसाय जैसे बड़ी, पापड़, आचार बनाकर विक्रय करती थी। लेकिन आज बदलते दौर में बाजार में बने रहने के लिए बाजार के मांग के अनुरूप उत्पाद का चयन करना आवश्यक हो गया है। जिला प्रशासन और बिहान के मार्गदर्शन से बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत खल्लारी क्लस्टर के भीमखोज में जय मां शीतला महिला समूह की सदस्य पद्मा साहू ने रेडिमेड कपड़े की दुकान फैशन जोन खोलकर बाजार में सीधे प्रवेश की है। आज उनका फैशन जोन दुकान केवल एक रेडीमेड कपड़ा दुकान नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए सफलता का सशक्त उदाहरण बन चुका है। अभी प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार रुपए का विक्रय हो रहा है।भीमखोज के मुख्य सड़क में एक साज-सज्जा सहित फैशन जोन का शो रूम दिखाई देता है। जिनका संचालन महिला सदस्य पद्मा साहू कर रही है। दुकान में आधुनिक रेडीमेड परिधान के साथ-साथ साड़ी, फैंसी आइटम एवं कॉस्मेटिक सामग्री भी उपलब्ध है। सुसज्जित और व्यवस्थित दुकान किसी शो-रूम से कम नहीं दिखती, जिससे ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इस सफलता के पीछे बिहान योजना और आजीविका मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन की अहम भूमिका रही है। पद्मा साहू को बिहान से समूह के रूप में 1 लाख रुपये तथा बाद में 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। व्यवसाय की शुरुआत उन्होंने 1.50 लाख रुपए के ऋण से की। समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्होंने व्यवसाय विस्तार के लिए 3 लाख रुपये का ऋण लिया, जिससे कारोबार और मजबूत हुआ। वर्तमान में उनकी दुकान से प्रतिदिन लगभग 5 हजार रुपए तक की बिक्री हो रही है। इस पूरे सफर में परिवार का निरंतर सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। हाल ही में यह दुकान आजीविका दुकान के अंतर्गत संचालित की जा रही है।श्रीमती पद्मा साहू ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे अपनी खुद की इतनी अच्छी दुकान चला पाएगी। उन्होंने बताया कि बिहान योजना और आजीविका मिशन से मिली सहायता ने मुझे आगे बढ़ने का हौसला दिया। शुरुआत में डर था, लेकिन परिवार और समूह की दीदियों के सहयोग से आत्मविश्वास बढ़ा। आज मैं दुकान की मदद से अपनी आजीविका के साथ अपने बच्चों और परिवार के भविष्य को भी बेहतर बना पा रही हूं। मैं चाहती हूं कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और आजीविका मजबूत हो।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जिले में ऐसी 150 आजीविका दुकान खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ेंगी और आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। वर्तमान में 30 आजीविका दुकानों का संचालन किया जा रहा है।
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रायपुर। राजीव युवा उत्थान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य स्तरीय चयन परीक्षा के पश्चात दस्तावेज का सत्यापन नवा रायपुर स्थित इन्द्रवती भवन के तृतीय तल स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल क्रमांक 4 में 27 और 28 जनवरी को सबेरे 11 बजे से आयोजित की गई है।
गौरतलब है कि योजना के तहत संघ लोेक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं की दिल्ली में रहकर तैयारी करने की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसके लिए 28 दिसम्बर 2025 को प्राक्कलन परीक्षा आयोजित की गई थी। आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन हेतु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन नवा रायपुर अटल नगर स्थित इन्द्रावती भवन में किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन दिनांक 27 जनवरी 2026 को सबेरे 11 बजे से शाम 4 बजे तक तथा अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन 28 जनवरी को 11 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा का प्रवेश पत्र, कक्षा 10वीं एवं स्नातक की अंकसूची, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र एवं जाति प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आय प्रमाण-पत्र तथा सभी अभ्यर्थियों के लिए नोटरी द्वारा अभिप्रमाणित स्व-घोषणा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।सभी संबंधित अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आवश्यक अभिलेखों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। निर्धारित तिथि को अनुपस्थित रहने अथवा आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत न करने की स्थिति में अभ्यर्थिता पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। - -डबरी निर्माण और मछली पालन प्रशिक्षण से ग्रामीणों को मिला नया अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ नियद नेल्लानार क्षेत्रों में मनरेगा और मत्स्य पालन योजना के संयुक्त प्रयास से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इस सत्र में स्वीकृत 150 आजीविका डबरियों ने खेती को मजबूती दी है। साथ ही 30 चयनित ग्रामीणों को वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रदान किया जा रहा है।'नियद नेल्ला नार' छत्तीसगढ़ की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित सुदूर क्षेत्रों (सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर) के ग्रामीणों को मनरेगा और अन्य योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जैसे मनरेगा के तहत तालाब निर्माण और मछली पालन प्रशिक्षण के ज़रिए ग्रामीणों की आय बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे जल संरक्षण के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी विकसित कर सकें।कलेक्टर और जिला सीईओ के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार केंद्र द्वारा दिए जा रहे इस प्रशिक्षण से अब वनांचल के लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। इससे उनकी पारिवारिक आमदनी बढ़ेगी और वे बच्चों की शिक्षा तथा जीवन-स्तर सुधारने में सक्षम होंगे। आरसेटी सुकमा में आयोजित मत्स्य पालन प्रशिक्षण ने सुदूर क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए स्वावलंबन का नया रास्ता खोला है। इसका प्रेरक उदाहरण कोंटा विकासखंड के पालेम निवासी श्री सोमारू हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मछली के जीवनचक्र, पालन तकनीक और देखभाल की सभी बारीकियाँ ध्यानपूर्वक सीखी और रेखाचित्रों के माध्यम से समझ भी विकसित की।श्री सोमारू का कहना है कि इस उन्नत और तकनीकी प्रशिक्षण से वे भविष्य में मछली पालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में स्थापित कर पाएँगे। उन्होंने इस लाभदायक पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप को धन्यवाद दिया है। उनका मानना है कि यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- - छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में जीएसटी अनुपालन सुदृढ़ करने हेतु कार्यशाला का आयोजनरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनियों में जीएसटी कानून के विभिन्न पहलुओं पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून के तहत स्क्रूटनी एवं वाद-विवाद से बचाव के लिए सटीकता एवं सुदृढ़ रिकार्ड कीपिंग अत्यंत आवश्यक है। फाइलों का बेहतर दस्तावेजीकरण, समय पर रिटर्न दाखिला एवं नियमों के अनुरूप लेखा प्रबंधन से न केवल जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित होता है, बल्कि विवादों की स्थिति भी नहीं बनेंगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के वित्त संकाय ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया रायपुर शाखा के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन डंगनिया मुख्यालय स्थित सेवा भवन में किया। इसमें प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला जीएसटी लॉ के समुचित अनुपालन को सुनिश्चित करने एवं पावर कंपनियों में जीएसटी से संबंधित वाद-विवाद एवं प्रकरणों की बेहतर समझ विकसित करने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। जीएसटी जैसे जटिल कानून में समय-समय पर होने वाले संशोधनों की जानकारी अधिकारियों के लिए आवश्यक है, जिससे कार्य निष्पादन सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ किया जा सके।कार्यशाला का विषय जीएसटी से संबंधित मुकदमे एवं निराकरण प्रबंधन था, इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के तीनों वित्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता सीए श्री विकास गोलछा, चेयरमैन, आईसीएआई रायपुर शाखा रहे। उन्होंने विभिन्न पहलूओं को सरल तरीके से समझाया एवं अधिकारियों के प्रश्नों का निराकरण भी किया। र्यशाला में जीएसटी कानून की जटिलताओं, अनुपालन प्रक्रिया तथा समय-समय पर आने वाली कानूनी चुनौतियों के समुचित प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एम.एस. चौहान, जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री संदीप मोदी एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक (वित्त) श्री जी.के. राठी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल-जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषितरायपुर, / छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी।उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है।प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। श्री साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है।प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं।जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है।उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है।मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा प्रधान मंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को बिजली कर्मियों के लिए प्रभावी एवं सरल बनाने हेतु दिशा निर्देश जारी किया गया है। प्रबंधन ने पूर्व में भी पाॅवर कंपनी के नियमित अधिकारी कर्मचारियों को अपने आवासीय परिसरों में रूफटाॅप सोलर पाॅवर प्लांट स्थापित करने एवं नवम्बर तक अनिवार्य रूप से पंजीयन करने के निर्देश दिये थे तथा पंजीयन न करने की स्थिति में बिजली बिल में विशेष रियायतों की सुविधा को दिसंबर माह से बंद करने का निर्णय लिया था। ताजा समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई जटिलता एवं समस्यों से जूझ रहे असमर्थ बिजली कर्मियों के लिए अनिवार्य स्थापना से छूट देने का निर्णय लिया गया।मानव संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ पाॅवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी द्वारा परिपत्र जारी करते हुए बताया गया है कि विशेष श्रेणियां हीे अनिवार्य स्थापना की छूट के पात्र रहेंगे।जिसके अंतर्गत यदि कर्मी कंपनी आवास या फ्लैट में निवासरत है एवं छत्तीसगढ़ में किसी भी स्थान पर उनका या पति-पत्नी के नाम पर आवास नही हंै। इसी तरह यदि कर्मचारी किराए के मकान में रह रहा है और संपूर्ण छत्तीसढ़ में पति-पत्नी के नाम पर स्वयं का घर नही हैं।इसके अलावा यदि कर्मचारी संयुक्त परिवार में निवासरत है और विद्युत कनेक्शन संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अथवा पति-पत्नी के नाम पर दर्ज नही हैं। तकनीकी एवं संरचनात्मक बाधाएं की वजह से भी कई बार सोलर पैनल लगवाने में रूकावट होती हैं। यदि निजी आवास की छत की बनावट सोलर पैनलों का भार सहने हेतु तकनीकी रूप से उपयुक्त नही है। बहुमंजिला इमारत या अपार्टमेंट में निवासरत अधिकारी-कर्मचारी के लिए जहां साझा छत की बाधा है और वर्चुअल नेट मीटरिंग या अन्य माध्यमों से भी स्थापना संभव नहीं है। इसी स्थिति में इन्हें विशेष श्रेणी में माना जाएगा और रूफटाॅप सोलर पाॅवर प्लांट स्थापित करने की पात्रता से छूट रहेंगी।इस प्रक्रिया में अधिकारी-कर्मचारियों को घोषणा पत्र भर कर कार्यालय प्रमुख को प्रस्तुत करना होगा जिसके उपरांत सक्षम अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाएगा। प्रबंधन लगातार योजना के सुचारू संचालन हेतु लोन की सुविधा, सरल सुगम आनलाइन पंजीयन प्रक्रिया, हेल्प डेस्क एवं सब्सिडी प्रदान कर रही है।
- -26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में होंगे विशेष आयोजन-व्यापक जनभागीदारी के साथ ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर कार्यक्रमों का होगा आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।
- -रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया निरीक्षण-23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में होगा तीन दिवसीय भव्य आयोजनरायपुर /छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का जायज़ा लेने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने आज आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉल, मुख्य मंच, साहित्यिक सत्रों के स्थल, फूड ज़ोन, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं दर्शक सुविधाओं सहित समस्त व्यवस्थाओं को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।'रायपुर साहित्य उत्सव' के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारतीय साहित्य की निरंतर, जीवंत और विकसित होती परंपरा को रेखांकित करता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का उत्सव है। उन्होंने निर्देशित किया कि आगंतुकों को सहज, सुरक्षित और यादगार अनुभव मिले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएँ उच्च गुणवत्ता की हों। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य, विचार और संस्कृति से जोड़ना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है।तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला-प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक मंच पर संवाद करते नज़र आएँगे। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी।उत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें नई पीढ़ी को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। रायपुर जिले के स्कूली बच्चों द्वारा स्वलिखित कविताओं, कहानियों एवं अन्य रचनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए ओपन माइक जैसे मंच उपलब्ध कराए जाएँगे, जहाँ वे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। युवाओं में आयोजन को लेकर खासा उत्साह है—अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।उत्सव के दौरान लगभग 40 स्टॉल्स के साथ एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की जायेंगी एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी। यह मंच लेखकों और पाठकों के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करेगा।रायपुर साहित्य उत्सव में विशेष रूप से ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्यकला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ ही लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जहाँ उनकी सशक्त रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएँगी। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी।निरीक्षण के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने आयोजन को सुव्यवस्थित, प्रभावी और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बनेगा। साहित्यिक विमर्श, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध यह तीन दिवसीय उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय सिद्ध होगा।
- -मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने छात्राओं को साइकिलें वितरित कींरायपुर ।महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां एवं लटोरी में आयोजित कार्यक्रमों में सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिलें वितरित की। करवां स्कूल में 44 तो वहीं लटोरी स्कूल में 102 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे। ग्रामीण अंचलों में साइकिल उपलब्ध होने से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और ड्रॉपआउट की समस्या में कमी आएगी।उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है।कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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पात्र अभ्यर्थियों की सूची, तिथि एवं समय संबंधी संपूर्ण विवरण विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध
रायपुर/ राजीव युवा उत्थान योजना के अंतर्गत वर्ष 2025–26 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु नई दिल्ली स्थित सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में अध्ययन के लिए चयनित अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन 27 एवं 28 जनवरी 2026 को किया जाएगा। यह सत्यापन मुख्यालय इंद्रावती भवन, नवा रायपुर स्थित मीटिंग हॉल कक्ष क्रमांक–04, तृतीय तल में निर्धारित समयानुसार किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके तहत 28 दिसंबर 2025 को प्राक्चयन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसकी मेरिट सूची विभागीय वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है।मेरिट सूची के आधार पर दस्तावेज सत्यापन हेतु आमंत्रित किए जाने वाले अभ्यर्थियों की वर्गवार सूची एवं विस्तृत कार्यक्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है। पात्र अभ्यर्थियों को समस्त आवश्यक मूल अभिलेखों के साथ निर्धारित तिथि, समय एवं स्थल पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन 27 जनवरी 2026 को प्रातः 11.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन 28 जनवरी 2026 को प्रातः 11.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक किया जाएगा।दस्तावेज सत्यापन के लिए पात्र अभ्यर्थियों को प्राक्चयन परीक्षा का प्रवेश पत्र, कक्षा 10वीं की अंकसूची, स्नातक की अंकसूची, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) अभ्यर्थियों हेतु आय प्रमाण-पत्र एवं नोटरी द्वारा अभिप्रमाणित स्वघोषणा प्रमाण-पत्र दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा।आदिम जाति तथा आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थित अभ्यर्थियों अथवा अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात दस्तावेज सत्यापन नहीं किया जाएगा तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार का अभ्यावेदन स्वीकार नहीं होगा। -
*महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*
*देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास आज कवि सम्मेलन में देंगे प्रस्तुति*रायपुर। धर्मनगरी आरंग स्थित इंडोर स्टेडियम परिसर में आयोजित राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 के अंतर्गत शुक्रवार, 16 जनवरी को विविध धार्मिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे।समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके साथ ही राज्य शासन के वरिष्ठ मंत्रीगण, सांसद, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।शुक्रवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन शाम 5 बजे से लोरीक चंदा देउर गांव साजा (संचालक गौतम चौबे) की प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात शाम 6 बजे से राजा मोरध्वज की झांकी (धमतरी) का प्रदर्शन किया जाएगा।रात्रि में राजा मोरध्वज अलंकरण सम्मान समारोह संपन्न किया जाएगा जिसके पश्चात देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास कवि सम्मेलन में देंगे प्रस्तुति। -
बूढापारा में 110 नग व सत्त बाजार में 55 प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिलने पर उसे तत्काल किया जप्त 0*
रायपुर - आज रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह और नगर पालिक निगम सयपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमाक 4 के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण सरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ मिलकर मोती पतंग भंडार बूढापारा और संजय पतंग भडार सत्ती बाजार का नगर निगम उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियता नगर निवेश विभाग श्री आशुतोष सिंह, जोन 4 सहायक राजस्व अधिकारी श्री अमरनाथ साहू, उप अभियंता नगर निवेश श्री हिमाशु चंद्राकर, नगर निगम जोन 4 राजस्व एवं नगर निवेश विभाग की टीम के कर्मचारियों सहित पर्यावरण संरक्षण मंडल क्षेत्रीय कार्यालय के कर्मचारियो की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया गया।औचक निरीक्षण के दौरान मोती पतंग भडार बूढापारा से 110 नग और संजय पतग भंडार सत्ती बाजार से 55 नग प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिला, जिसे तत्काल स्थल पर जप्त कर लिया गया है और आगे नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल के निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। सम्बंधित दोनों पतंग दुकान सचालको को भविष्य के लिए चाइनीज मांझा मिलने पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कार्यवाही करने की स्पष्ट चेतावनी स्थल पर दी गयी। -
— जशपुर जिले के बगीचा में सैकड़ों लोगों ने लिया विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
रायपुर । सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार करते हुए जिंदल फाउंडेशन द्वारा जशपुर जिले के बगीचा में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया। शिविर में फोर्टिस—ओपी जिंदल अस्पताल, रायगढ़ तथा फोर्टिस अस्पताल, गुड़गांव के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श का लाभ उठाया।जिंदल फाउंडेशन द्वारा अंचल में सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रायगढ़ स्थित जिंदल स्टील संयंत्र के आसपास के गांवों में नियमित रूप से मेगा हेल्थ कैम्प्स आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे अब तक हजारों लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इसी क्रम में एक बड़ी पहल करते हुए समीपस्थ जिले जशपुर के बगीचा में छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में यह विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसे जशपुर जिला प्रशासन का मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हुआ। शिविर के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमति साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, आईजी श्री दीपक कुमार झा, जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिंदल स्टील लिमिटेड, रायगढ़ के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री सब्यसाची बंद्योपाध्याय, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट श्री संजीव चौहान, फोर्टिस—ओपी जिंदल अस्पताल रायगढ़ के सीओओ श्री प्रेमनाथ साहू तथा सीएसआर प्रमुख श्री अपूर्व चौधरी उपस्थित रहे।इस शिविर में फोर्टिस—ओपी जिंदल अस्पताल, रायगढ़ के 10 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सहभागिता की, जिनमें न्यूरो एवं स्पाइन विशेषज्ञ, ऑर्थोपेडिशियन, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेफ्रोलॉजिस्ट, ईएनटी तथा जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल थे। इसके अतिरिक्त फोर्टिस अस्पताल, गुड़गांव से आई विशेषज्ञ टीम ने भी मरीजों को सेवाएं दीं, जिसमें पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट की विशेष उपस्थिति रही। शिविर में जिंदल फाउंडेशन की आधुनिक सुविधाओं से युक्त मोबाइल मेडिकल वैन—किशोरी एक्सप्रेस एवं स्वस्ति एक्सप्रेस भी तैनात रहीं। किशोरी एक्सप्रेस के माध्यम से किशोरियों को विशेष स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई, जबकि स्वस्ति एक्सप्रेस के जरिए फिजियोथैरेपी की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जशपुर जिले के विभिन्न अंचलों से बड़ी संख्या में मरीज शिविर में पहुंचे, जिन्हें विशेषज्ञ परामर्श के साथ आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया। जशपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीएस जात्रा ने शिविर के सफल आयोजन के लिए जिंदल फाउंडेशन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से जशपुर जिले के नागरिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ मिला।मुख्यमंत्री ने की जिंदल फाउंडेशन के प्रयासों की सराहनामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जिंदल फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस विशाल स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास जनहित में अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जिंदल फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सतत कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसी तरह अंचल के विकास हेतु योगदान देते रहने की प्रेरणा दी।स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है जिंदल फाउंडेशनइस अवसर पर जिंदल स्टील लिमिटेड, रायगढ़ के कार्यपालन निदेशक श्री सब्यसाची बंद्योपाध्याय ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिंदल फाउंडेशन के लिए संतोष और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि हाल ही में रायगढ़ में 26 से अधिक गांवों के लिए 7 मेगा हेल्थ कैम्प्स आयोजित किए गए, जिनसे सैकड़ों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला। मोतियाबिंद मरीजों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर 114 मरीजों की निःशुल्क सर्जरी कराई गई है। इसके साथ ही मोबाइल मेडिकल वैन के माध्यम से गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य जांच एवं दवाओं का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। ‘ऑपरेशन दृष्टि’ अभियान के अंतर्गत अब तक 31 गांवों के 68 शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की आंखों की जांच कर आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मों का वितरण भी किया गया है, जिससे बच्चों की सेहत और शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-4 खुर्सीपार क्षेत्र में आज सुबह प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा प्रातः भ्रमण के दौरान दिए गए निर्देशों के परिपालन में छावनी मंगल बाजार और अंकुश चौक के समीप नाली एवं सड़कों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया।
निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि स्थानीय लोगों द्वारा नाली के ऊपर पक्का निर्माण कर और सड़कों तक सामान फैलाकर अतिक्रमण किया गया है, जिससे जल निकासी बाधित हो रही थी और यातायात में भी समस्या आ रही थी।
छावनी मंगल बाजार एवं अंकुश चौक पर नाली के ऊपर किए गए अवैध निर्माण को ढहाया गया और सड़क घेरकर रखे गए सामानों को जब्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान संबंधितों को सख्त हिदायत दी गई है कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करें। निगम ने स्पष्ट किया है कि पुनरावृत्ति होने पर सामान जब्ती के साथ-साथ नियमानुसार भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, उप अभियंता चंद्रकांत साहू, राजस्व निरीक्षक विजेंद्र परिहार सहित स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व टीम उपस्थित रहे।
नगर पालिक निगम भिलाई सभी नागरिकों और व्यापारियों से अपील करता है कि शहर की स्वच्छता और सुव्यवस्थित यातायात में सहयोग करें। नालियों और सड़कों पर अतिक्रमण न करें ताकि वर्षाकाल में जल भराव की स्थिति निर्मित न हो। -
रायपुर/ रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम अंतर्गत जोन क्रमांक 3 क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ मिलकर गुरुनानक द्वार के पास तेलीबाँधा में स्थित सोनी दी रबड़ी नामक एक पतंग दुकान का नगर निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गनिर्देशन और जोन 3 नगर निवेश विभाग उप अभियंता श्री अक्षय भारद्वाज सहित सम्बंधित अन्य निगम कर्मचारियों की स्थल पर उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया गया.
औचक निरीक्षण के दौरान तेलीबाँधा में सम्बंधित पतंग दुकान सोनी दी रबड़ी से लगभग 1 किलोग्राम प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिला, जिसे तत्काल स्थल पर जप्त कर लिया गया और आगे शासन के अधिनियम के प्रावधान अनुरूप नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल के दिशा - निर्देश के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. सम्बंधित पतंग दुकान सोनी दी रबड़ी संचालक श्री मीत सोनी को भविष्य के लिए प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिलने पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कार्यवाही करने की स्पष्ट चेतावनी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल क्षेत्रीय कार्यालय के सम्बंधित अधिकारियों द्वारा सम्बंधित स्थल पर रायपुर नगर निगम जोन 3 के सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में दी गयी है। -
रायपुर। राष्ट्रगीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर रायपुर में वंदेमातरम का सामूहिक गायन के अवसर पर संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने भी वंदे मातरम का गायन किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड के पार्षद और जोन-10 के अध्यक्ष सचिन मेघानी और स्कूल के प्राचार्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अपील पर लोकसभा क्षेत्र के 3000 से अधिक स्कूल और कालेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सुभाष स्टेडियम में करीब पांच लाख विद्यार्थी और युवा एक साथ जुटे और हमारे स्कूल में भी बच्चों ने निर्धारित समय पर सामूहिक गायन किया।
पार्षद सचिन मेघानी ने कहा बच्चों से कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का वह उद्घोष, जिसने निहत्थे भारतीयों में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़े होने का साहस भर दिया था, वह 'वंदे मातरम' आज अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वंदेमातरम का इतिहास हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता हमें उपहार में नहीं मिली, बल्कि इसके लिए पीढ़ियों ने इस गीत को गाते हुए अपना बलिदान दिया है। -
- महाराष्ट्र मंडल भी जुटा छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के अभियान के साथ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल कई वर्षों से 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती न केवल धूमधाम से तात्यापारा चौक स्थित शिवाजी प्रतिमा परिसर में मनाता रहा है, बल्कि इस दिन को स्वराज दिवस घोषित करने का मांग भी करता रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में मंडल की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और वर्तमान सीएम विष्णुदेव साय सहित विभिन्न उच्चस्थ जनप्रितिनिधियों को भी ज्ञापन देकर शिवाजी जयंती को स्वराज दिवस मनाने की मांग की है। यही अभियान छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी भी चला रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस आशय का पत्र भी भेजा है।
मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि हमारे इस अभियान को अब प्रदेश की बुद्धिजीवियों की संस्था छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी, जिसे हम थिंक टैंक के नाम से जानते हैं, भी आगे बढ़ा रही है, यह अच्छी बात है। समान विचारों के कारण हम भी थिंक टैंक की मांग के साथ हैं।
मोदी को भेजे पत्र में डॉ. सोलंकी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के महान योद्धा और स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़कर हिंदवी स्वराज की स्थापना की और भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। शिवाजी महाराज योद्धा ही नहीं, बल्कि महान प्रशासक और दूरदृष्टा भी थे। उन्होंने एक मजबूत और स्वतंत्र भारत का सपना देखा था। शिवाजी महाराज हमारे लिए हमेशा ही प्रेरणास्रोत रहेंगे।
डॉ. सोलंकी ने शिवाजी महाराज जयंती 19 फरवरी को ‘स्वराज दिवस’ घोषित करने की मांग दोहराई है, ताकि यह दिन हमें उनके बलिदानों को याद करने और उनके आदर्शों को अपनाने का अवसर प्रदान करे। महाराष्ट्र मंडल रायपुर की ही तरह उन्होंने भी स्कूलों और कॉलेजों में शिवाजी महाराज के जीवन और कार्यों को पढ़ाने की मांग की है, जिससे युवा पीढ़ी को उनके बारे में जानने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिले।
डॉ. सोलंकी ने प्रधानमंत्री मोदी से शिवाजी महाराज के जन्म स्थान और अन्य ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करने की मांग की है, ताकि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिले और लोगों को उनके इतिहास के बारे में जानने का मौका मिलेगा। इधर महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष काले ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन से युवाओं को पोर्टब्लेयर अंडमान के अलावा महाराष्ट्र में रायगढ़ में शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराने की मांग की है, ताकि हमारी युवा पीढ़ी हिंदवी स्वराज के लिए किए गए संघर्ष के सच्चे इतिहास को जान सकें। साथ ही उनसे प्रेरित होकर मजबूत राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सके। -
ग्राम पंचायत भेजा मैदानी में मानव श्रृंखला बनाकर योजना के महत्व, उद्देश्य एवं लाभ की दी गई जानकारी
इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत भेजा मैदानी में चल रहे तालाब गहरीकरण के कार्य में 282 मजदूरों को मिल रहा है मजदूरी
बालोद/ केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भेजा मैदानी में गत दिनों आम नागरिकों को ’वीबी जी राम जी’ योजना के महत्व एवं उद्देश्य की जानकारी देते हुए ग्रामीणों द्वारा बनाए गए मानव श्रृंखला के सुंदर तस्वीर को अपने ट्वीटर एकाउंट के माध्यम से ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में श्री चैहान ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ की भेजा मैदानी ग्राम पंचायत में एक सुंदर तस्वीर सामने आई है, जिसे मैं आप सभी को साझा कर रहा हूँ। यहाँ 282 श्रमिक भाई-बहनों ने मिलकर मानव श्रृंखला बनाई और ’विकसित भारत जी राम जी’ का समर्थन किया। यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगार मुक्त, स्वयंपूर्ण और स्वालंबी गांव का संकल्प है। इसको लेकर देश प्रसन्नता से भरा है और श्रमिक भाई बहन उत्साहित है।
उल्लेखनीय है कि गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भेजा मैदानी नया तालाब के गहरीकरण कार्य के दौरान मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीणों एवं मजदूरों को केन्द्र सरकार के ’वीबी जी राम जी’ योजना के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी गई। इस योजना के नवीन प्रावधानों एवं उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए जनपद पंचायत गुरूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे ने बताया कि इस योजना के तहत अब विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 125 दिन का रोजगार एवं 07 दिवस का अनिवार्य रूप से मजदूरी भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा वर्षा ऋतु में खेती-किसानी के समय कृषक हित में 02 माह कार्य बंद रखे जाने का प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत कार्य के 04 प्रमुख श्रेणियों के अंतर्गत पहला जल सुरक्षा और संरक्षण कार्य, दूसरा ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्य, तीसरा आजीविका संवर्धन के कार्य, चैथा जलवायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य को शामिल किया गया है। इसके तहत मापदण्डों के अनुरूप ए, बी, सी, केटेगरी में ग्राम पंचायतों का वर्गीकरण, प्राकृतिक आपदाओं अथवा असाधारण स्थिति हेतु कार्ययोजना तथा ग्राम पंचायतों को 2047 तक विकसित ग्राम पंचायत निर्माण की परिकल्पना की गई है। इसके अंतर्गत अकुशल श्रमिकों को प्रशिक्षित कर आजीविका से जोड़ते हुए कौशल विकास में वृद्धि का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान के सभी कार्यों को विकसित भारत नेशनल रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेक में एकीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्थानिक प्रौद्योगिकी आधारित (स्पैटियल टेक्नालॉजी) आयोजना, मोबाइल एवं डैशबोर्ड आधारित निगरानी तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण प्रणालियों के माध्यम से प्रावधान किए जाएंगे। इसके अलावा सामाजिक अंकेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत भेजा मैदानी में ’वीबी जी राम जी’ योजना के अंतर्गत चल रहे तालाब गहरीकरण के कार्य में कुल 282 मजदूरों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी संबंधित तकनीकी सहायक और ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक उपस्थित थे। -
निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से आवास निर्माण कार्य को पूरा करने के दिए निर्देश
बालोद/ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बुधवार 14 जनवरी को जनपद पंचायत गुण्डरदेही के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा बैठक लेकर निर्माण कार्यों के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए। श्री चंद्रवंशी ने कहा कि जिन हितग्राहियों को योजना के अंतर्गत प्रथम किश्त की राशि जारी हो गई है उन हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराई जाए। इसके अलावा उन्होंने द्वितीय किश्त की राशि जारी होने वाले हितग्राहियों के आवासों के निर्माण कार्य को 15 दिन में पूरा कराने के भी निर्देश दिए। श्री चंद्रवंशी ने वर्ष 2024 से 2026 तक के शेष प्रगतिरत एवं अपूर्ण कार्यों को 30 मार्च 2026 तक शत प्रतिशत पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी पूर्ण आवासों में रैनवाटर हार्वेस्टिंग लगवाने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला समन्वयक, एपीओ मनरेगा, आवास समन्वयक, उप अभियंता तकनीकी सहायक एवं विकासखंड समन्वयक उपस्थित थे।
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अब तक 1266 किसानों के द्वारा 53 हजार 114 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री की गई
बालोद/ बालोद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डी में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। धान खरीदी केन्द्र डौण्डी में 1266 किसानों के द्वारा अब तक 13 करोड़ 58 लाख 33 हजार रूपये से अधिक की राशि के 53 हजार 144 क्विंटल 80 किलो धान की बिक्री कर ली गई है। धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तक धान बिक्री हेतु शेष रह गए किसानों का शत प्रतिशत धान की खरीदी सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं कर ली गई है। नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र डौण्डी के अंतर्गत शामिल गांवों के 907 किसानों के द्वारा 315.48 हेक्टेयर का रकबा समर्पण किया गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केन्द्र डौण्डी में धान बिक्री हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत कृषकों के धान की खरीदी के अलावा अवैध धान की रोकथाम हेतु भी पुख्ता व्यवस्था क गई है। राजस्व, खाद्य एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के अलावा निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा धान खरीदी के कार्य की सतत माॅनिटरिंग की जा रही है। -
सूचना प्राप्त होने पर जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर की कार्रवाई
बालोद/जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के तत्परता एवं मुश्तैदी से जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कचांदुर में बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय ने बताया कि सोमवार 12 जनवरी को ग्राम कचांदुर में बाल विवाह की सूचना मिलने के उपरांत महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा वर विशाल पिता राजकुमार के घर में पहुँचकर राजकुमार एवं उनके पूरे परिवार को समझाईश दी गई। विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के समझाईश के उपरांत नाबालिक युवक राजकुमार एवं उनके माता, पिता ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए राजकुमार की 21 वर्ष की आयु पूरा करने के पश्चात उनका विवाह करने पर राजी हो गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पाण्डेय ने बताया कि नाबालिक राजकुमार की आयु 19 वर्ष है। इस तरह से जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के टीम की तत्परता एवं मुश्तैदी से जिले में बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित की गई। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के द्वारा ग्राम पंचायत के सरपंच, उप सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति में पंचनामा भी कराया गया।
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बिलासपुर/ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ, बिलासपुर की 224 सदस्यीय रोवर–रेंजर टोली ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी में अनुशासन, उत्साह एवं समर्पण के साथ सहभागिता कर जिले का मान बढ़ाया। यह राष्ट्रीय स्तर का भव्य आयोजन 09 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक संपन्न हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में रोवर–रेंजर्स ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समरसता का परिचय दिया।
जंबूरी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत बिलासपुर जिले द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक राऊत नृत्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति पर आधारित इस झांकी ने अपनी सजीव प्रस्तुति, रंग-बिरंगे वेशभूषा एवं ऊर्जावान नृत्य के माध्यम से दर्शकों एवं निर्णायकों से विशेष सराहना प्राप्त की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ जिले के रोवर–रेंजर्स ने जिला गेट निर्माण, युवा सांसद कार्यक्रम, हाईक के दौरान बिना बर्तन भोजन, फोग डांस, मार्च पास्ट, कलर पार्टी, क्विज प्रतियोगिता सहित विभिन्न शैक्षणिक, साहसिक एडवेंचर एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा, टीम भावना एवं नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया।
जंबूरी से सभी प्रतिभागियों के सकुशल लौटने पर कलेक्टर एवं संरक्षक भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, बिलासपुर श्री संजय अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला कमिश्नर श्री विजय टांडे तथा जिला मुख्य आयुक्त श्री चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने समस्त रोवर–रेंजर सदस्यों एवं प्रभारी अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी में बिलासपुर जिले की यह सराहनीय सहभागिता रोवर दल प्रभारी रोवर लीडर डॉ. प्रदीप कुमार निर्णेजक एवं रेंजर दल प्रभारी सुश्री लता यादव के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। - महासमुंद / सरायपाली में अवैध धान खरीदी में संलिप्त पाए गए कोचियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर तथा सरायपाली एसडीएम श्रीमती अनुपमा आनंद के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएनएस की धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत कुल 14 कोचियों को नोटिस जारी किया गया है। संबंधित सभी मामलों की सुनवाई एसडीएम न्यायालय सरायपाली में की जाएगी। कार्रवाई के तहत प्रकरणों की सूची एसडीओपी सरायपाली को आवश्यक कार्रवाई हेतु उपलब्ध करा दी गई है।जिला प्रशासन द्वारा यह प्रतिबंधात्मक कदम जिले में अवैध धान खरीदी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
- -वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साहरायपुर । बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा और लोक संस्कृति को सहेजने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए बस्तर पंडुम 2026 का उत्साह अब पूरे शबाब पर है। इसी कड़ी में गुरुवार को विकासखंड मुख्यालय बस्तर और बकावंड में ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जहां मांदर की थाप और लोकगीतों की गूंज ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।बस्तर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप भी शामिल हुए। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर न केवल कलाकारों की हौसला अफजाई की, बल्कि बस्तर की माटी से जुड़ी कला को मंच प्रदान करने की इस पहल को सराहा। इसी तरह बकावंड में आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री महेश कश्यप ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।गौरतलब है कि बस्तर पंडुम आयोजन के दौरान विकासखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। यह आयोजन महज एक प्रतियोगिता तक सीमित न रहकर बस्तर की 12 विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं के संरक्षण का माध्यम बना। कलाकारों ने जनजातीय नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्रों के वादन से लेकर बस्तर के स्वादिष्ट व्यंजनों, वन औषधियों और हस्तशिल्प का ऐसा प्रदर्शन किया कि उपस्थित अतिथि और दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि अपनी जड़ों और परंपराओं को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत पर गर्व करना सिखाते हैं। उन्होंने अपने उद्बोधन में जोर देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का मूल उद्देश्य हमारे तीज-त्यौहार, खान-पान, बोली-भाषा और रीति-रिवाजों को संरक्षित करना है। आज की युवा पीढ़ी आधुनिकता की दौड़ में अपनी जड़ों को न भूले, इसलिए शासन ने यह मंच तैयार किया है। हमारे कलाकारों के हुनर में वह जादू है जो दुनिया को आकर्षित करता है, और हमें इस विरासत को सहेजकर अगली पीढ़ी को सौंपना होगा।वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद श्री महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर के कण-कण में कला बसती है। गाँव-गाँव में छिपी इस प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर पंडुम एक क्रांतिकारी पहल है। आज यहाँ 12 विधाओं में जो प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, वह यह साबित करता है कि हमारी लोक कला आज भी उतनी ही जीवंत है। यह मंच हमारे ग्रामीण कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने की पहली सीढ़ी है। इस मौके पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारी-कर्मचारी और बडी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।



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