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- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में हेडमास्टर सुश्री श्री दुलेश्वरी साहू ने शासकीय प्राइमरी स्कूल ग्राम सोंठ एवं ग्राम संडी की सरपंच श्रीमती हेमलता बंजारे ने आंगनबाड़ी केंद्र में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- अब तक 98 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 3 भरेंगा में 109 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1,2 एवं 3 रीवा में 212 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 अकोली में 116 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र तुलसी नेवरा में 99 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र मांझीपारा, भोलानगर एवं धरम नगर में 134 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र मठपुरैना बृजनगर में 102 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा अछोली में 200 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई व पूरे जिले में आज कुल 972 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 98 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।--
- 0- परीक्षा के बाद भी शिक्षिकाओं ने निभाई जिम्मेदारी, नियमित देखभाल से बची हरियालीरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान ने प्राथमिक विद्यालय देवपुरी में प्रेरणादायक रूप लिया है। अभियान के तहत विद्यार्थियों ने अपनी माँ के सम्मान में स्कूल परिसर में पौधे लगाए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति लगभग नगण्य हो गई और साथ ही भीषण गर्मी का दौर भी शुरू हो गया। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बच्चों द्वारा लगाए गए पौधों के सूखने की आशंका थी।प्रधानपाठक श्रीमती रेखा डहरिया तथा शिक्षिकाएँ श्रीमती सविता शिंदे, श्रीमती जीवनलता टोप्पो, श्रीमती नम्रता कौशल और श्रीमती ऋचा देवांगन ने नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर इन पौधों को पानी दिया और उनकी नियमित देखभाल से बनी रहीं हरीयाली। आज ये पौधे हरे भरे स्वरूप में यह संदेश दे रहे हैं कि अगर इच्छा शक्ति हो तो कोई भी पहल सफल बन सकती है। शिक्षिकाओं की इस पहल ने जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समर्पण की मिसाल पेश की है।--
- 0- भीषण गर्मी में पशुओं को लू से बचाएं: जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने जारी की एडवाइजरीरायपुर। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान एवं लू (हीट वेव) के प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने पशुपालकों एवं आम नागरिकों के लिए आवश्यक सावधानियां जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी में पशुओं को प्रत्यक्ष ताप (डायरेक्ट हीट) के संपर्क से बचाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इस मौसम में पशु निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक एवं गर्म सतहों से जलने जैसी समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।जारी निर्देशों में कहा गया है कि पशुओं को दिनभर छाया उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त आश्रय की व्यवस्था की जाए। साथ ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पशुओं को नियमित रूप से स्वच्छ एवं ताजा पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए चौड़े मुंह वाले ऐसे पात्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिन्हें पशु आसानी से पलट न सकें।बोर्ड ने पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम के लिए पशुओं के पैदल परिवहन नियम 2001 का पालन करने पर भी जोर दिया है। नियमों के अनुसार 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान की स्थिति में तथा सूर्योदय पूर्व एवं सूर्यास्त के पश्चात पशुओं के पैदल परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया है।पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे हीट स्ट्रोक के लक्षणों पर विशेष नजर रखें। यदि पशुओं में अत्यधिक हांफना, सुस्ती, लार टपकना, तेज धड़कन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उपचार कराएं।
- 0- राजधानी की श्रीमती पांडे को योजना से मिली राहत0- बी.पी.एल., अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलेगा इस योजना का लाभरायपुर. लंबित बिजली बिल के भुगतान की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत बी.पी.एल., अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया राशि में विशेष छूट प्रदान की जा रही है, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिल रही है।राजधानी के सुंदर नगर की निवासी श्रीमती नंदिनी पांडे को इस योजना से बड़ी राहत मिली। श्रीमती पांडे पारिवारिक परेशानी के चलते वे पिछले कुछ वर्षों से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाई थीं, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही थी। सिलाई कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली नंदिनी के लिए लगभग 3,866 रुपये का लंबित बिल था। तभी संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस योजना की जानकारी दी और लाभ लेने का आग्रह किया। श्रीमती पांडे ने इस योजना की विस्तृत जानकारी ली, और जल्द प्रक्रिया पूर्ण कर लंबित निर्धारित भुगतान सीएसपीडीसीएल को कर दिया।इस योजना के अंतर्गत उन्हें 1,370 रुपये की राहत मिली, जिससे उनका आर्थिक दबाव काफी कम हुआ, साथ ही सरचार्ज में 100 प्रतिशत मुक्ति भी मिली। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद सहायक साबित हो रही है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 के तहत 31 मार्च 2023 तक लंबित बकाया राशि वाले उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पुराने बकाया को सरल प्रक्रिया के माध्यम से समाप्त कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है। इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है।पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए मोर बिजली एप या संबंधित सीएसईबी कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य है, जबकि निष्क्रिय उपभोक्ताओं को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठाएं।-=-
- 0- सुशासन तिहार 2025 में टिकेश्वरी का सोनतरा शिविर में तुरंत बना मनरेगा जॉब कार्ड0- काम भी मिला, मिली अच्छी मजदूरी0- 1 मई से शुरू हो रहा सुशासन तिहार 2026रायपुर. टिकेश्वरी बहुत खुश हैं, उन्हें अब काम मिल रहा है, क्योंकि उनका मनरेगा जॉब कार्ड बन गया है। श्रीमती टिकेश्वरी यादव रायपुर जिले के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम सोनतरा की रहने वाली हैं। पहले उन्हें दूसरों के घरों में मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करना पड़ता था, वहीं काम की अनियमितता के कारण उनकी आर्थिक स्थिति हमेशा अस्थिर बनी रहती थी।गतवर्ष में मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर सुशासन तिहार 2025 का आयोजन किया गया था जिसके तहत रायपुर जिले में भी सुशासन शिविर लगाए गए थे। ग्राम सोनतरा में सुशासन शिविर लगा जिसके बारे में पता चलने पर टिकेश्वरी ने बिना देर किये ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में अपनी समस्या रखी। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा ) के अंतर्गत जॉब कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया, जल्द प्रक्रिया पूर्ण हुई , कुछ दिनों के भीतर पंचायत कार्यालय से मनरेगा जॉब कार्ड मिल गया। टिकेश्वरी बताती हैं कि करीब दो महीने पहले उन्हें इसके तहत काम भी दिलाया गया और निर्धारित मजदूरी भी मिली। आगे भी उन्हें काम मिलेगा। टिकेश्वरी अब खुश हैं और मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि सुशासन तिहार हमारे जैसे ग्रामीणों के लिए यह बहुत अच्छी पहल है जिसमें हमारी कई समस्याओं का समाधान एक जगह पर हो जाता है। इस बार भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 मई 2026 से सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा हैं।
- 0- उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दी उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में चयनित होने वाली स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा की होनहार विद्यार्थी कुमारी हिमांशी साहू को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कुमारी हिमांशी साहू की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उनके इस उपलब्धि को संपूर्ण बालोद जिले के लिए गौरव बताया।इस अवसर पर कलेक्टर ने कुमारी हिमांशी साहू को प्रशस्ति पत्र के अलावा शाॅल, श्रीफल भेंटकर तथा उनका मुँह मीठा कराकर उनका आत्मीय सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कुमारी हिमांशी की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी साहू को कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की सीख भी दी। उल्लेखनीय है कि कुमारी हिमांशी साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। कुमारी हिमांशी ने 96 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। छात्रा कुमारी हिमांशी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय तथा संपूर्ण बालोद जिला का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी के पिता श्री अभय कुमार और माता श्रीमती सहिता साहू को भी सम्मानित कर उनकी सुपुत्री की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।--
- 0- आवेदकों के मांगों एव समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने आज जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन मंे आज मरकाटोला की शाम बाई ने नया राशन कार्ड बनाने, ग्राम भेंगारी की यमुना बाई ने ऋण पुस्तिका प्रदान करने, ग्राम पेंड्री के अंजली ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने हेतु आवेदन सौंपे। इसी तरह ग्राम सलोनी के रितु ने आबादी भूमि का पट्टा दिलाने, सिर्राभाठा की सुनीता ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का लाभ दिलाने एवं खेरतराई के पुरूषोत्तम ने पशु शेड निर्माण करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।--
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रायपुर । सिंचाई अमला के जीवटता के चलते 14 दिनों बाद सोनपैरी माइनर के अंतिम छोर के ग्राम बड़गांव में बीते कल सोमवार को निस्तारी पानी पहुंच गया पर पानी के उतार - चढाव व पहले पड़ने वाले ग्रामों के ग्रामीणों द्वारा अपने - अपने ग्रामों के अधिक से अधिक तालाबों को हेड अप कर भरने की कोशिशों के चलते तालाब भर पाने के चुनौतीपूर्ण कार्य को देखते हुये बड़गांव के कतिपय पंचायत प्रतिनिधि व युवा स्वीकार कर चौकसी करने में लग गये हैं । इधर बड़गांव पानी पहुंचने के साथ ही एक बार फिर रुद्री से पानी का आवक कम हो गया है । जानकारी के अनुसार नहर में किसी के डूबने की वजह से तलाशी के चलते पानी का आवक कम कर दिया गया था जिसे कि शव मिलने के बाद पुनः धीरे - धीरे बढ़ाया जा रहा है । यदि माइनर में नियमित पर्याप्त पानी आया और पहले के ग्रामों में हेड अप नहीं किया गया तो कल तक फिर से बड़गांव पानी पहुंचने की संभावना है ।
ज्ञातव्य हो कि गंगरेल का पानी मांढर शाखा नहर से निकले 13 किलोमीटर लंबे वितरक शाखा 10 के दरबा ग्राम से निकाले गये 5 किलोमीटर लंबी सोनपैरी माइनर के अंतिम छोर के ग्राम बड़गांव डिमांड पर पहुंचता है । इस साल निस्तारी पानी की संकट के मद्देनजर बड़गांव के उपसरपंच बनवारी यादव ने रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा के माध्यम से बीते 13 अप्रैल को सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था । हरकत में आये संबंधित सहायक यंत्री निखिल अग्रवाल ने दूसरे ही श्री शर्मा व श्री यादव तथा डिमांड पर पानी चाहने वाले कुटेसर के सरपंच सुभाष बंजारे आदि के साथ नहर प्रणाली का अवलोकन किया था व इसकी साफ - सफाई तथा उद्योगपतियों द्वारा बिना विभागीय अनुमति के माइनर पर बनाये गये आवागमन के रास्ते की वजह से पानी के प्रवाह में आने वाले रुकावटों को हटाने का निर्देश अपने अधीनस्थों को दिया था । लगातार 14 दिनों की मशक्कत के बाद जे सी बी व मजदूरों तथा कुटेसर व बड़गांव के जागरूको की मदद से पानी प्रवाह के रुकावटों को दूर कर सोनपैरी व कुटेसर के तालाब भरने के बाद बीते कल सोमवार को पानी पहुचाने में जीवटता से लगे अमीन जीवन लाल साहू , स्थल सहायक मुकेश यादव व कर्मी नरेश पटेल व राजू साहू ने सफलता हासिल की है । इधर शासन द्वारा बनाये गये बड़े ग्रामों के दो व छोटे ग्रामों के एक तालाब को भरने के निर्देश को धता बताते हुये पहले पड़ने वाले ग्रामों द्वारा अपने - अपने ग्रामों के तालाबों को अधिक से अधिक भरने की कोशिश में नहर प्रणाली में अस्थायी हेड अप खड़ा किये जाने की वजह से अंतिम छोर के ग्रामों में पानी पहुंचना मुश्किल होने के पूर्व अनुभवों से सीख लेते हुये बड़गांव के पंच घनश्याम साहू व मदन साहू सहित युवा मिथिलेश वर्मा , रोमन निषाद , रोमांस साहू आदि विभागीय अधिकारियों के सहयोग से दिन रात चौकसी कर माइनर में किये जाने वाले अनाधिकृत हेड अप को हटाने व पानी को तालाब तक पहुंचाने के प्रयास में लगे हुये हैं । श्री शर्मा ने नहर प्रणाली के कमांड क्षेत्र में आने वाले सभी ग्रामों के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे प्रत्येक ग्राम में निस्तारी पानी की समस्या को देखते हुये संयम बरत प्राथमिकता के आधार पर हरेक ग्राम के एक - एक तालाब को प्राथमिकता से भरने में विभागीय अमला का सहयोग प्रदान करें । इधर 13 किलोमीटर लंबी वितरक शाखा 10 में पड़ने वाले ग्राम कुरूद , दरबा , गोढ़ी , सिवनी के साथ - साथ अंतिम छोर के ग्राम पिपरहट्ठा में भी निस्तारी पानी पहुंचाने में विभागीय अमला ने सफलता हासिल कर ली है पर बीते कल से पानी का प्रवाह कम होने के कारण तालाब भरने में रुकावट पैदा हो गया है । - 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सभी विभागों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तायुक्त ढंग से शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सभी विभाग प्रमुखों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी कार्य है। इसलिए राज्य शासन के मंशानुरूप आम नागरिकों को इसका समुचित लाभ सुनिश्चित कराने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य की भाँति बालोद जिले में भी सुशासन तिहार 2026 के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर तथा संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले का पहला जनसमस्या निवारण शिविर डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अलावा शिविर के नोडल अधिकारी जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिले में आयोजित सभी शिविरों का समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। जिससे कि आम नागरिकों को शिविर आयोजन के संबंध में समुचित जानकारी मिल सके। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए शिविरों में आम नागरिकों के लिए पानी इत्यादि की समुचित व्यवस्था करने तथा उसके अनुरूप पर्याप्त संख्या में शेड एवं विभागीय स्टाॅल लगाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जनसमस्या निवारण शिविरों में दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु विशेषज्ञों की समुचित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के स्टाॅल में पर्याप्त मात्रा में डाक्टरों एवं अन्य स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित कराने को कहा। जिससे कि मौके पर ही दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान की जा सके। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जनगणना 2027 के कार्यों के अंतर्गत जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से स्वघोषणा पत्र में आॅनलाईन जानकारी दर्ज करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जनगणना 2027 के अंतर्गत आॅनलाईन स्वघोषणा पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी भी दी गई।बैठक में कलेक्टर ने आईगोट कर्मयोगी पोर्टल में जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के आॅनबोर्डिंग कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों का 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से आॅनबोर्डिंग कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी प्रत्येक कर्मचारियों की सीआर में अंकित की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुविभागीय अधिकारी को सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने राष्ट्रीय राजमार्ग में अनिवार्य रूप से रेडियम पट्टी भी लगाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत कृषकों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को खाद, बीज प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य है।बैठक में कलेक्टर ने जिले में बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को पूरे समय मुस्तैद रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नियुक्त ग्राम पंचायत सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाईजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से शादी के पूर्व वर, वधु का जन्म तिथि का अनिवार्य रूप से जांच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शादी की तिथि तय होने के पश्चात शादी के पूर्व सभी वर, वधुओं का कक्षा 5वीं एवं 8वीं के अंकसूची के आधार पर वर, वधु की आयु का मिलान अनिवार्य रूप से की जाए। कलेक्टर ने कहा कि अंकसूची अन्य दस्तावेजों से वर, वधुओं के आयु के मिलान के पश्चात् यदि वर की आयु 21 वर्ष से कम एवं वधु की आयु 18 वर्ष से कम होने पर उनकी विवाह को तत्काल रोक लगाई जाए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के जीवनदायिनी तांदुला के पुनरूद्धार कार्य हेतु जल संसाधन विभाग जिला बालोद एवं आईआईटी भिलाई के मध्य सफलतापूर्वक एमओयू होने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस कार्य में विशेष भूमिका के लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज निगम कार्यालय में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर विभागवार विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में शहर के विभिन्न वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास और जनहित की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया।आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक के मुख्य रूप से रोड निर्माण, सीवरेज लाइन, नाली निर्माण एवं बकाया कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने सभी ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। मानसून पूर्व के आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान जिन कार्यों की प्रगति धीमी पाई गई, उनके प्रति आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों और उत्तरदायी अभियंताओं को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा को दिए हैं। आयुक्त ने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने पर भुगतान की प्रक्रिया में देरी न की जाए, लेकिन यदि कार्य में सुस्ती बरती गई तो पेनाल्टी लगाने और ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।निगम आयुक्त ने कहा है कि"नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी एजेंसी या अधिकारी कार्य के प्रति उदासीनता बरतेंगे, उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" बैठक में निगम के मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, अधीक्षण अभियंता वेशराम सिंहा, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता एवं बड़ी संख्या में ठेकेदार उपस्थित रहे।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज प्राचीन पांडुलिपियों के संग्रहकर्ता श्री राम कुमार वर्मा से मुलाकात कर उनके द्वारा संकलित दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने पांडुलिपियों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि प्राचीन पांडुलिपियां हमारी समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनका संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि जिले के आम नागरिकों से अपील करता हूं कि अगर आपके पास प्राचीन पांडुलिपिया उपलब्ध है तो जिला प्रशासन से संपर्क कर या फिर क्षेत्र सर्वेयरों से संपर्क कर उसे प्रशासन को अवश्य उपलब्ध कराएं | उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन पांडुलिपियों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करते हुए चरणबद्ध तरीके से डिजिटल माध्यम में परिवर्तित कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि यह अमूल्य धरोहर आमजन एवं शोधकर्ताओं के लिए सुलभ हो सके।
- 0- पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजनरायपुर. जिला प्रशासन रायपुर की अभिनव पहल मिशन उत्कर्ष 2.0 के अंतर्गत कक्षा 12वीं के व्याख्याताओं का पांच दिवसीय विषयवार प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ। 22 से 27 अप्रैल तक आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के 232 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रत्येक विषय के लिए चार-चार मास्टर ट्रेनर्स की उपस्थिति में यह कार्यशाला संचालित की गई। समापन अवसर पर सीईओ जिला पंचायत ने प्रशिक्षण स्थल पहुंचकर विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया और शिक्षकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षण की उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। इस दौरान शिक्षकों ने बताया कि प्रशिक्षण से उनकी विषयगत समझ, आत्मविश्वास और पढ़ाने की शैली में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे नए उत्साह और बेहतर रणनीति के साथ कक्षा में जाएंगे तथा परिणामों का विश्लेषण भी कर सकेंगे।प्रशिक्षण में नई शिक्षा नीति 2020 (NEP) के अनुरूप संशोधित ब्लूप्रिंट, 6 डोमेन आधारित प्रश्नपत्र निर्माण, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, छात्र-केंद्रित शिक्षण विधियों तथा एक्टिव लर्निंग तकनीकों पर विशेष फोकस किया गया। शिक्षकों को कठिन अवधारणाओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझाने के लिए विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चा, माइंड मैप, लो-कॉस्ट टीएलएम और प्रायोगिक विधियों का अभ्यास कराया गया।अंग्रेजी, हिंदी, लेखाशास्त्र, अर्थशास्त्र, भूगोल, जीवविज्ञान, भौतिक एवं रसायन शास्त्र विषयों में पाठ्यवस्तु की गहराई से समझ, प्रश्न निर्माण, मूल्यांकन प्रणाली तथा कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस शिक्षकों द्वारा ब्लूप्रिंट आधारित प्रश्नपत्र तैयार कर उसका विश्लेषण भी किया गया, जिससे उनकी व्यावहारिक समझ विकसित हो सके।शिक्षकों ने कहा कि वे प्रथम दिवस से ही 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम को लक्ष्य बनाकर कार्य करेंगे और विद्यार्थियों के स्तरानुसार शिक्षण तकनीकों का उपयोग करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान सतत मूल्यांकन, पुनरावृत्ति रणनीतियों और व्यक्तिगत मार्गदर्शन पर भी विशेष बल दिया गया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए जिले में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं।इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिस्वरंजन ने प्रशिक्षण को सफल बताते हुए मास्टर ट्रेनर्स के प्रयासों की सराहना की और सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारतीय के मार्गदर्शन एवं मिशन उत्कर्ष की नोडल अधिकारी श्रीमती निशा शर्मा संचालन में यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।--
- रायपुर. प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्ता पूर्ण खाद्य पदार्थ एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के द्वारा उपरोक्त विषय के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। ‘सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार‘ थीम के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम जिले भरे में निरीक्षण के साथ-साथ सख्त कार्यवाही की जाएगी। अभियान का उद्देश्य मिलावटी खाद्य पदार्थों, नकली दवाओं पर रोक लगाना है, साथ ही आम लोगों को सुरक्षित खाद्य, पौष्टिक आहार, सुरक्षित दवा के प्रति जागरूक किया जाएगा।उपरोक्त कार्यवाही नियंत्रक एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार की गई इस जांच अभियान के प्रथम दिवस आज चाट, गुपचुप सेंटर्स आदि स्ट्रीट वेंडर्स की जांच की गई। दो नमूना समोसा, चाट व दही बड़ा का जांच हेतु लिया गया। रंगयुक्त गुपचुप पानी मिलने पर लगभग 20 लीटर गुपचुप पानी को मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही कालातीत ब्रेड (एक्सपार्यड ग्रेड) लगभग 2 किलोग्राम को भी मौके पर नष्ट कराया गया। रायपुर शहर के विभिनन स्थानों के 27 गुपचुप, चाट सेंटरों का निरीक्षण किया गया। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के उपबंधों, मानकों के अनुसार खाद्य दुकान संचालन हेतु निर्देशित किया गया। आगे भी यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।--
- 0- रायपुर में व्यापक निरीक्षण अभियान, एक्सपायरी उत्पादों व दस्तावेजों की जांच; नियमों के पालन के सख्त निर्देशरायपुर. उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाजार में बिक रहे सौंदर्य प्रसाधनों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर द्वारा शहर में कॉस्मेटिक दुकानों का व्यापक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत की गई। यह विशेष अभियान छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों के पालन में प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत बाजार में उपलब्ध कॉस्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता, वैधता और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।निरीक्षण के लिए गठित दल में औषधि निरीक्षक श्री टेकचंद धीरहे, श्री ओम प्रकाश यादव, ईश्वरी नारायण सिंह, श्री सुरेश कुमार साहू, श्रीमती प्रीति उपाध्याय और श्रीमती हंसा साहू शामिल थे। टीम ने रायपुर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों बंजारी रोड, रामदेव मार्केट, गोल बाजार और बंजारी चौक में स्थित प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।कार्रवाई के दौरान जवाहर फैंसी, गौरव ट्रेडर्स, राजकमल स्टोर्स, राजा फैंसी, श्री शुभम इमिटेशन, अजय फैंसी स्टोर्स और जय गुरुदेव स्टोर्स सहित कई दुकानों की जांच की गई। निरीक्षण में अधिकारियों ने कॉस्मेटिक उत्पादों के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया तथा बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि (एक्सपायरी डेट) की बारीकी से जांच की।जांच के दौरान फेस वॉश, फेशियल जेल, सनस्क्रीन लोशन, हेयर रिमूवर क्रीम, टेलकम पाउडर और बेबी पाउडर जैसे विभिन्न उत्पादों का परीक्षण किया गया। जय गुरुदेव स्टोर्स में विशेष रूप से एक्सपायरी उत्पादों की स्थिति का निरीक्षण किया गया और संचालक को सख्त निर्देश दिए गए कि बिना बिल के किसी भी उत्पाद की खरीद-बिक्री न करें तथा लेबल पर अंकित सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बाजार में उपलब्ध सभी कॉस्मेटिक उत्पादों को निर्धारित वैधानिक मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। विभाग द्वारा इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रखे जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सकें।--
- *सेवानिवृत्ति दिवस पर ही स्वत्वों के भुगतान पर जोर, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में सेवानिवृत्ति के दिन सत्व के भुगतान के दिए गए निर्देशरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जुलाई 2025 में प्रारंभ किए गए "प्रोजेक्ट सेकंड इनिंग" के अंतर्गत सेवन सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति दिनांक को ही समस्त स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।इसी क्रम में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर की अग्रणी भूमिका में रायपुर जिले के समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं प्राचार्यों के लिए "प्रोजेक्ट सेकंड इनिंग" जिला स्तरीय दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यशाला 27 एवं 28 अप्रैल 2026 को भिलाई इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी, केन्द्री, अभनपुर, जिला रायपुर में प्रातः 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होगी।कार्यक्रम के प्रथम दिवस 27 अप्रैल को संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, संभाग रायपुर श्री संजीव श्रीवास्तव ने समस्त प्राचार्यों को अपनी शालाओं में समस्त अभिलेखों का संधारण एवं अद्यतन स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर श्री हिमांशु भारतीय ने शाला प्रबंधन एवं विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए प्राचार्यों की कठिनाइयों को सुना और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।कार्यशाला में वरिष्ठ लेखा परीक्षक, लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर श्री अमर सिंह बिसेन द्वारा कार्यालयीन कार्य के अंतर्गत अवकाश नियम, पेंशन नियम, सेवानिवृत्ति पश्चात स्वत्वों के भुगतान, यात्रा भत्ता नियम, बजट, एम.ई.आर. आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम में बी.आई.टी. केन्द्री के प्राचार्य श्री आर.के. मिश्रा, जिले के समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल के प्राचार्य तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर से मुख्य लिपिक श्री संजय श्रीवास, श्री टीपेन्द्र बैस, श्री तरूण कुमार साहू, श्री दीपक नायडू, श्री अभिनव श्रीवास्तव उपस्थित रहे।--
- 0- आध्यात्मिक समिति ने सुबह ऑनलाइन मोड पर किया विष्णु सहस्त्रनाम का पाठरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर एकादशी पर होने वाले विष्णु सहस्त्रनाम पाठ के साथ इस एकादशी पर सियान गुड़ी में भगवन के नाम का लेखन भी किया गया। एकादशी के दिन सुबह ऑनलाइन मोड मोड पर अनुपमा नलगुंडवार ने पाठ कराया। वहीं समाज कल्याण द्वारा अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित सियान गुड़ी में एकादशी के अवसर पर भगवान के नाम का लेखन किया गया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि इस एकादशी पर सियान गुड़ी में भगवन नाम का लेखन किया गया। सियान गुड़ी में आने वाले लखन लाल साहू, केके पाठक, योगेश सेंगर, जीपी जोशी, ओपी सोनी सहित अनेक वरिष्ठजन ने कापी के पन्नों पर जय श्रीराम, सीता राम नाम का लेखन किया।आध्यात्मिक समिति की प्रभारी साक्षी दंडवते ने आगे बताया कि आध्यात्मिक समिति की ओर से हर एकादशी पर होने वाले विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ ऑनलाइन मोड पर किया गया। इस बार समिति की सदस्य अनुपमा नलगुंडवार ने पाठ करवाया। इस दौरान अंजलि खेर, अलोक शेंडे, अनुजा महाडिक, अनुपमा नलगुंडवार, अरुण पराडकर, अरविंद जोशी, दीपांजलि भालेराव, गौरी शेंडे, रोहिणी नेने, संध्या खंगन, संजय मैराल, शुभदा अगस्ती, वर्षा करंजगांवकर सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों हेतु शासकीय मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं।इन मोबाइल नंबरों की मुख्य विशेषताएँ और निर्देश निम्नानुसार हैं । ये मोबाइल नंबर विशिष्ट 'पद' के लिए आवंटित किए गए हैं। अधिकारी के स्थानांतरण होने की स्थिति में भी यह नंबर उसी पद पर आने वाले नए अधिकारी के पास उपलब्ध रहेगा।नागरिकों को अब अधिकारियों के व्यक्तिगत नंबर खोजने की आवश्यकता नहीं होगी। पद-आधारित नंबर होने से आम जनता सीधे संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क कर सकेगी। सफाई, जल प्रदाय, राजस्व, स्वास्थ्य और प्रकाश जैसे आवश्यक विभागों के प्रभारियों के नंबर 24x7 सक्रिय रहेंगे ताकि आपातकालीन स्थितियों में समन्वय स्थापित किया जा सके।
- 0- नईदुनिया जिला कार्यालय में डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत और अपर कलेक्टर ने किया प्याऊ घर का शुभारंभ-बालोद. झुलसाने वाली गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से नईदुनिया द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। सोमवार को जिला मुख्यालय बालोद के नए बस स्टैंड स्थित नईदुनिया जिला कार्यालय में आम लोगों के लिए नि:शुल्क प्याऊ (जल सेवा) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस व्यवस्था से प्रतिदिन बस स्टैंड पर आने-जाने वाले सैकड़ों यात्रियों और राहगीरों को शीतल पेयजल की सुविधा मिलेगी। प्याऊ का शुभारंभ डीएफओ अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी और अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक बस स्टैंड पर इस तरह की सुविधा शुरू करना संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल लोगों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाएगा, बल्कि समाज के अन्य संगठनों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। अधिकारियों ने इस जनहितकारी पहल के लिए नईदुनिया के जिला ब्यूरो चीफ रवि भूतड़ा को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।लोगों में खुशी, मिली राहत की सौगात-नए बस स्टैंड पर प्याऊ शुरू होने से स्थानीय दुकानदारों, यात्रियों और राहगीरों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि गर्मी के इस भीषण दौर में ठंडा और स्वच्छ पानी मिलना किसी वरदान से कम नहीं है। नईदुनिया ने संकल्प लिया है कि पूरे गर्मी के मौसम में यहां निरंतर स्वच्छ और शीतल जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर नईदुनिया के जिला ब्यूरो चीफ रवि भूतड़ा, जिला प्रेस क्लब बालोद के अध्यक्ष संतोष साहू, मोहनदास मानिकपुरी, संजय दुबे, सुप्रीत शर्मा, नरेश श्रीवास्तव, जागेश्वर सिन्हा, विकास साहू, संकेत राजपुरोहित, देवेंद्र साहू, मोरध्वज साहू, प्रवीण सारड़ा, अखिलेश तिवारी, आशीष राजपूत, प्रकाश राठी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।कोटना वितरण का भी हुआ शुभारंभ-कार्यक्रम के दौरान गौ सम्मान आह्वान अभियान और जिला प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में कोटना वितरण की भी शुरुआत की गई। इसका शुभारंभ भी अतिथियों द्वारा किया गया। अभियान से जुड़े नरेंद्र जोशी ने बताया कि कोटना शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और उन स्थानों पर रखे जाएंगे, जहां मवेशियों का अधिक विचरण होता है और पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष साहू ने नागरिकों से अपील की कि जो भी लोग कोटना रखने के इच्छुक हैं, वे आगे आकर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। इस तरह नईदुनिया की यह पहल न केवल मानव सेवा का उदाहरण बनी है, बल्कि पशु सेवा के क्षेत्र में भी एक सकारात्मक संदेश दे रही है
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मोहला/ मोहला—मानपुर—अंबागढ़चौकी जिले में सड़क हादसे में एक ही परिवार के 10 लोग घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के खड़गांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत कमानसुर गांव के करीब एक एसयूवी वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे इस घटना में 10 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि बालोद जिले के भरदा कला गांव से एक ही परिवार के 10 लोग एक वाहन में सवार होकर कांकेर के शिलपट गांव में आयोजित विवाह कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि वापसी में जब वह आज सुबह कमानसुर गांव के करीब पहुंचे तब वाहन अनियंत्रित होकर पलटकर सीधा हो गया। इस घटना में वाहन सवार 10 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल घटनास्थल पहुंचा तथा ग्रामीणों की मदद से घायलों को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि वहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन क्रमांक 1 क्षेत्र के 3 वार्डो संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3, यतियतनलाल वार्ड क्रमांक 4 और नेताजी कन्हैयालाल बाजारी वार्ड क्रमांक 15 क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था का नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत औचक निरीक्षण किया. इस दौरान जोन 1 जोन कमिश्नर ने तीनों वार्ड संत कबीर दास वार्ड , यतियतनलाल वार्ड नेताजी कन्हैयालाल बाजारी वार्ड में निर्धारित संख्या से कम सफाई कामगार ड्यूटी पर उपस्थित मिले.इस पर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर ने वार्ड क्रमांक 3 के सफाई ठेकेदार मेसर्स आदित्य इंटरप्राइजेस, वार्ड क्रमांक 4 के सफाई ठेकेदार मेसर्स वी एस कंस्ट्रक्शन और वार्ड क्रमांक 15 के सफाई ठेकेदार मेसर्स अक्षय इंटरप्राइजेस को तत्काल नगर निगम जोन 1 स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी कर सम्बंधित तीनों सफाई ठेकेदारों पर उन्हें भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए प्रत्येक सफाई ठेकेदार पर 5 - 5 हजार रूपये कुल 15 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया. जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर द्वारा वार्ड क्रमांक 3,4,15 क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 की तैयारी के सम्बन्ध में किये गए स्वच्छता व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता श्री शरद देशमुख, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन की उपस्थिति रही.
- रायपुर / ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ने अपने सामूहिक प्रयास, मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर ऐसी सफलता की कहानी रची है, जो न केवल आर्थिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएँ यदि अवसर और सहयोग प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकती हैं। धमतरी जिले के छोटे से ग्राम नारी में आज आत्मनिर्भरता, परंपरा और नवाचार का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कभी सीमित संसाधनों और अवसरों वाला यह गाँव अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।परंपरा से जुड़ी नई शुरुआतनारी गाँव में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस क्षेत्र में कदम रखा। संबलपुरी साड़ियाँ अपनी विशेष इकत डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं, जिन्हें बनाने के लिए उच्च कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।सरकार का मजबूत सहयोगछत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत नियमित रूप से धागा प्रदाय किया जा रहा है, जिससे बुनकरों को नियमित रोजगार तथा समितियों को सुचारु संचालन हेतु सेवा प्रभार के रूप मे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही नवीन बुनाई प्रशिक्षण तथा बुनकरों को नवीन करघे वितरण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इस सहयोग से समिति आर्थिक रूप से सशक्त हुई है तथा बाजार मांग के अनुरूप वस्त्र तैयार करने मे सक्षम हुई है।बढ़ता बाजार और आयआज ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्राम नारी द्वारा तैयार की गई साड़ियों की बिक्री मुख्य रूप से ओडिशा के बाजारों में होती है। वर्तमान मे समिति द्वारा माह मे 300-400 साड़ियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे समिति का मासिक कारोबार लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।महिलाओं का सशक्तिकरणइस पहल ने न केवल आय के स्रोत को बढ़ाया है बल्कि, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है तथा सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की है। जो महिलाएँ पहले इस कार्य से अनभिज्ञ थीं, वे आज कुशल बुनकर बन चुकी हैं और आत्मविश्वास के साथ उत्पादन में योगदान दे रही हैं। पूर्व मे शासकीय वस्त्र उत्पादन से जो महिलाएं प्रतिदिन 300-350 रुपये कमाती थी, वे आज 550-600 रुपये काम रही है। भविष्य मे अतिरिक्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण तथा दक्षता से वे 1000-1200 रुपये प्रतिदिन कमाने मे सक्षम हो सकेंगी।भविष्य की दिशाग्राम नारी की यह सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रही है। यदि इसे आगे ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुँच का समर्थन मिले, तो यह और भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी सहयोग और समुदाय की मेहनत साथ आती है, तो छोटे गाँव भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकते हैं।
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-शेष हितग्राहियों का ई-केवाईसी 30 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य
महासमुंद / जिले में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों का ई-केवाईसी का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ इस अभियान के तहत जिले में कुल 3 लाख 3 हजार 808 हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना निर्धारित है। अब तक 1 लाख 57 हजार 359 हितग्राहियों का ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, शेष 1 लाख 46 हजार 449 हितग्राहियों का ई-केवाईसी 30 जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जटवार ने बताया कि शेष हितग्राहियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में चयनित ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालय भवनों में वीएलई के माध्यम से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही सुविधाजनक तरीके से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कर सकें। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों के आधार से संबंधित त्रुटियां थीं, उनका निराकरण राज्य स्तर पर ऑटो करेक्शन के माध्यम से कर दिया गया है। अब किसी भी हितग्राही को त्रुटि सुधार के लिए परियोजना या जिला कार्यालय जाने अथवा आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता नहीं है।हितग्राहियों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी के आधार पर कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ न लगाएं और अपने नजदीकी शिविर में जाकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराएं। यदि किसी हितग्राही का ई-केवाईसी रिजेक्ट हो जाता है, तो वे दो दिन बाद पुनः प्रयास करें, क्योंकि इस अवधि में प्रोफाइल स्वतः अपडेट हो जाती है। उन्होंने बताया कि त्रुटि सुधार केवल उन्हीं मामलों में किया जाएगा, जिनमें जेंडर (लिंग) संबंधी त्रुटि पाई जाती है। जेंडर सुधार के बाद संबंधित हितग्राही को पुनः ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराना आवश्यक होगा। -
- सांसद की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न
- शासन की योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
- जिले के विकास के मुद्दो पर की गई सार्थक चर्चा
राजनांदगांव । सांसद श्री संतोष पाण्डेय की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित थे।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं सहित जिले के नवाचार के क्रियान्वयन, प्रगति तथा विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्य पेयजल समस्या, स्कूलों में आवश्यक सुधार तथा अन्य जनहित से संबंधित अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, उन कार्यों को प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समाज की भागीदारी से ही योजनाओं का प्रभाव अधिक व्यापक होता है। केवल शासकीय प्रयासों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, बल्कि जनजागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही योजनाएं प्रभावी बनती हैं। उन्होंने केंद्र एवं राज्य शासन की मंशा के अनुरूप विभिन्न विभागों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार समय-समय पर बैठक आयोजित करने कहा।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि जिले में जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जो प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के बेहतर समन्वय का परिणाम हैं। उन्होंने आगे भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखते हुए लंबित कार्यों के त्वरित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण की जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से हाउस लिस्टिंग कार्य प्रारंभ होगा, जिसके पूर्व स्व-गणना पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं एवं अपने परिवारजनों की जानकारी स्व-गणना पोर्टल में पूर्ण करें तथा आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने महतारी वंदन योजना के तहत नि:शुल्क ई-केवाईसी कार्य में सीएससी सेंटर द्वारा राशि लेने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर संबंधित एजेंसी को ब्लैक लिस्टेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा पिछले 4 माह में जो शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपंप के केसिंग पाईप को ऊपर उठाने के निर्देश दिए। जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार से पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के घर से बाहर जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या की रोकथाम के लिए स्कूल शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वित जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बच्चों में जागरूकता विकसित की जाए, तो ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में प्रकाश व्यवस्था के साथ साईन बोर्ड लगाने कहा। वनमंडलाधिकारी श्री आशुष जैन ने बताया कि जिले में संग्रहण कार्य 1 से 5 मई के बीच प्रारंभ होगा। इस वर्ष तेंदूपत्ता की दरों में वृद्धि हुई है, जिससे संग्राहकों को लाभ मिलेगा।
सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 28 हजार से अधिक आवाओं को पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा ग्रामीण बीपीएल परिवारों के युवक-युवतियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। जिससे स्वरोजगार से जोडऩे के लिए हुनरमंद बनाया जाता है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के साथ नवाचारों की जानकारी दी। बैठक में सदस्य जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी साहू, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
- डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना पर की गई विस्तृत चर्चा
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद श्री संतोष पाण्डेय, खुज्जी विधायक श्री भोलाराम साहू, डोंगरगढ़ विधायक श्रीमती हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नवीन प्रावधानों के अनुरूप डीएमएफ के कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि जिला खनिज न्यास समिति के माध्यम से जनप्रतिनिधि एवं नामांकित सदस्य मिलकर जिले के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि शासन के प्रावधानों के अनुसार शिक्षा, पेयजल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कार्य करना अनिवार्य है तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ विकास कार्य सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि समिति के निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं और आगामी प्रस्तावों को भी सभी की सहमति से क्रियान्वित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
कलेक्टर ने बताया कि नवीन नियमों के अनुसार डीएमएफ अंतर्गत पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करना अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत आगामी पांच वर्षों के लिए विकास कार्यों की रूपरेखा निर्धारित की जाएगी। साथ ही वार्षिक कार्ययोजना को सेक्टरवार तैयार किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता अनुसार कार्यों को चरणबद्ध रूप से स्वीकृति दी जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में सीमित राशि उपलब्ध होने के कारण संसाधनों का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी, महिला एवं बाल विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा कौशल विकास जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही अधोसंरचना, सिंचाई एवं अन्य आवश्यक कार्यों को भी नियमानुसार शामिल किया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हितग्राहियों के लिए हितग्राही मूलक योजनाओं को भी डीएमएफ से जोडऩे की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित तथा 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी आधार पर जिले के प्रभावित ग्रामों की सूची तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की गई। उन्होंने कहा कि डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं कौशल विकास पर व्यय किया जाएगा तथा शेष राशि अन्य आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्यों पर खर्च की जाएगी। डीएमएफ निधि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराया गया, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में सदस्य जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी साहू, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।









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