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- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके के मार्गदर्शन में "दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार" थीम के आधार पर जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो कार्यक्रम का आयोजन 21 दिसम्बर से 23 दिसम्बर 2025 तक किया जायेगा। जिसमें प्रथम दिवस 21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को बूथ स्तर पर 0 से 05 वर्ष के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलायी जायएगी। इसी तरह द्वितीय व तृतीय दिवस 22 एवं 23 दिसम्बर 2025 को कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलायी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मार्च 2014 में भारत को पोलियो मुक्त देश प्रमाणीकरण किया जा चुका है। लेकिन पोलियो कुछ देशों में अभी भी है और फिर लौट सकता है। बच्चों की सुरक्षा में कोई चूक न हो इसीलिए पल्स पोलियो दिवस का आयोजन किया जा रहा है। जिले में शून्य से पाँच वर्ष के आयु के अनुमानित 78 हजार 388 बच्चों को पोलियो दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि विकासखण्डवार बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके तहत् विकासखण्ड बालोद में 11899, डौंडी में 14742, डौंडी लोहारा में 18731, गुण्डरदेही में 19427 एवं विकासखण्ड गुरूर में 13589 बच्चों को पोलियो वैक्सीन से प्रतिरक्षित किया जाएगा। इस प्रकार कुल 78 हजार 388 बच्चों को 743 बुथ एवं 2531 स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं अन्य सहयोगी द्वारा पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके अंतर्गत जिले में 96 सेक्टर बनाये गये हैं। सेक्टर स्तर पर चिकित्सा अधिकारी को जोनल अधिकारी बनाया गया है।इसके साथ ही ट्रांजिट स्थल बस स्टैण्ड और मुख्य चौराहा, मेला एवं बाजार स्थलों पर पोलियो ड्राप पिलाने हेतु टीम का गठन गया है। इसी प्रकार ईंट भट्टा, निर्माणाधीन क्षेत्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में भी मोबाईल टीम लगाई गई है। विकासखण्ड स्तर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं प्रत्येक विकासखण्ड के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी बनाये गये है विकासखण्ड बालोद के लिए डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह जिला टीकाकरण अधिकारी, विकासखण्ड गुरुर के लिए डॉ. जी.आर. रावटे, जिला मलेरिया अधिकारी, विकासखण्ड डौण्डीलोहारा के लिए श्री अखिलेश शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखण्ड गुण्डरदेही के लिए डॉ. अरविंद मिश्रा, जिला सलाहकार, विकासखण्ड डौण्डी के लिए श्री सूर्यकान्त साहू, जिला सलाहकार मलेरिया कार्यक्रम को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए दायित्व सौंपा गया है।
- राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान खरीदी कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों, समिति प्रबंधकों एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटरों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी छुरिया सुश्री दीक्षा नंदेश्वर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सीतागोटा श्री डिम्पल खापर्डे, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कोकपुर श्री शैलेश साहू, पटवारी छुरिया श्री प्रशांत सिंह ठाकुर, पटवारी श्री घोघरे श्री आशीष साहू, पटवारी बम्हनी चारभाटा श्री सोनम कोकिला, पटवारी घुपसाल श्री डेविड भूआर्य, पटवारी श्री राहुल कसेट, पटवारी श्री हुकुम चंद महिलांग, समिति प्रबंधक जोब श्री धनसिंग, समिति प्रबंधक गहिराभेड़ी श्री बसंत, समिति प्रबंधक कुमर्दा श्री मनकलाल साहू, डाटा एण्ट्री ऑपरेटर धान उपार्जन केन्द्र बोरतालाव श्री भागचंद साहू, डाटा एण्ट्री ऑपरेटर धान उपार्जन केन्द्र गहिराभेंडी श्री रिमन्त कुमार साहू, डाटा एण्ट्री ऑपरेटर धान उपार्जन केन्द्र जोब श्री विनोद साहू को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
- 0- कलेक्टर ने धान खरीदी के मद्देनजर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों, समिति प्रबंधकों एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटर की ली बैठक0- एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों को आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने के दिए निर्देश0- धान उपार्जन केन्द्रों की करते रहें सतत मानिटरिंग, फील्ड में करें निरीक्षण0- सभी अधिकारयों को कार्यों में गति लाने के दिए निर्देशराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान खरीदी के मद्देनजर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों, समिति प्रबंधकों एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटर की बैठक ली। उन्होंने कहा कि किसानों को एग्रीस्टेक में आने वाली दिक्कतों का प्राथमिकता से समाधान करें। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का पंजीयन आवश्यक है, जिसमें कृषि भूमि का पंजीयन प्राथमिकता से कराना है। उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिए ऐसे किसान जिनका एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हुआ है, उसकी सूची ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को देने के लिए कहा। कलेक्टर ने मेढ़ा, मुरमुंदा सहित ऐसे स्थान जहां एग्रीस्टेक पोर्टल में तकनीकी समस्या आ रही है। उसके लिए समन्वय करते हुए अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मेहनत एवं निष्ठापूर्वक उत्कृष्ट कार्य करें और फील्ड में निरीक्षण करते रहे। जिससे वस्तुस्थिति की जानकारी से अपडेट रहेंगे। उन्होंने कहा कि धान का अवैध परिवहन करने वाले कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई जारी रखें तथा धान उपार्जन केन्द्रों की सतत मानिटरिंग करते रहे। उन्होंने सभी से कहा कि निर्भीक होकर कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई करें तथा इसके संबंध में जानकारी देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कोचियों एवं बिचौलियों की जानकारी देने वालों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। जिससे स्टेकिंग सही तरीके से होगा तथा भौतिक सत्यापन अच्छे से होगा। उन्होंने समिति प्रबंाकों से कहा कि सजग रहते हुए ईमानदारी से कार्य करें।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में शुद्ध धान खरीदी प्राथमिकता होनी चाहिए। किसानों को धान उपार्जन केन्द्रों में धान की बिक्री में दिक्कत नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। कलेक्टर ने सभी पटवारियों से कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि एवं आशंका होने पर तत्काल सूचना दें। धान उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव प्रारंभ हो गया है। निर्धारित नियमों के अनुरूप सर्तक एप के माध्यम से धान के उठाव की निगरानी की जा रही है। सभी आरईएओ बेहतर कार्य करें। धान की एन्ट्री, रकबा समर्पण, भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण के कार्य लगातार करते रहे। उन्होंने सभी अधिकारयों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा ने कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में सतत निरीक्षण करें, ताकि सही तरीके से स्टेकिंग एवं अन्य कार्य हो सकें। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल अंतर्गत ऐसे किसान जो छूट गए है, उन्हे जोडऩे के लिए कहा। खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी ने कहा कि सर्तक एप के माध्यम से धान के उठाव का कार्य जारी है। एप के माध्यम से धान के उठाव के लिए वाहन का लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही वास्तविक रूप से धान का उठाव एवं भौतिक सत्यापन की मानिटरिंग होगी। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर एवं अन्य अधिकारी तथा सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
- महासमुंद. छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना वर्ष 2025-26 के तहत महासमुंद जिले में कुल 10 सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य, कुल लंबाई 2.971 किलोमीटर, इसके अलावा 2 वृहद पुल निर्माण एवं 1 बीटी सड़क नवीनीकरण कार्य का आज ग्राम बिरकोनी में विधिवत भूमिपूजन किया गया। भूमिपूजन कार्यक्रम महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद के करकमलों से संपन्न हुआ।प्रस्तावित 10 सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य में ग्राम चारभाठा में स्कूल से महादेव घर तक,ग्राम गोहेरापाली में हॉस्पिटल से टिकेश लाल घर तक, ग्राम भुथिया में कांजी हाउस से जोगेश्वर प्रधान के घर तक, ग्राम चारभाठा में मंच से मुख्य मार्ग की ओर, इसके अलावा ग्राम जोगनीपाली, ग्राम धुमाभाठा, ग्राम अरेकेल, ग्राम पेण्ड्रावन, ग्राम छुईहा, ग्राम बिरकोनी में सी सी रोड सह नाली निर्माण शामिल है।इसी तरह वृहद पुल निर्माण कार्य में ग्राम केरामुंडा से पथरी सड़क के आर.डी. 2750 मीटर पर 63.57 मीटर लंबाई का उच्च स्तरीय पुल एवं ग्राम धवराभाठा से कुरूभाथा सड़क के आर.डी. 2390 मीटर पर 121.46 मीटर लंबाई का उच्च स्तरीय वृहद पुल निर्माण किया जाएगा। सड़क नवीनीकरण कार्य में ग्राम बकमा से कसेकेरा मार्ग बीटी नवीनीकरण लंबाई 13.52 किमी, लागत ₹282.42 लाख शामिल है।इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि सड़कें विकास की रीढ़ होती हैं। सड़क बनने से आवागमन सुगम होता है, व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ती है और ग्रामीण विकास को नई गति मिलती है। कार्यक्रम में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं चातुरी नंद ने अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत विकास कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बीर कोनी के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष कुलदीप उपस्थित रहे।
- महासमुंद. नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार तथा जिला अभिहित अधिकारी श्री उमेश कुमार द्वारा जिला महासमुंद में बिक रहे फूटा चना/मटर में औरामाइन ओ अथवा अन्य अखाद्य रंगों की मिलावट न हो, यह सुनिश्चित करने हेतु खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच कार्रवाई की गई।खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा सरायपाली स्थित नव दुर्गा ट्रेडर्स, बागबाहरा के अम्बे ट्रेडर्स एवं महासमुंद के श्री राम चना मुर्रा उद्योग से रोस्टेड चना के खाद्य नमूने जांच हेतु संग्रहित कर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच के दौरान श्री राम चना मुर्रा उद्योग में विक्रय हेतु रखे गए लगभग 1500 किलोग्राम रोस्टेड चना को सीज किया गया है। खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा इस प्रकार की निगरानी एवं कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
- महासमुंद. जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अलग अलग प्रकरण में कुल 860 कट्टा धान जप्त की गई है। शनिवार को तहसील सरायपाली के ग्राम चिउराकूटा में ओड़िशा से अवैध रूप से परिवहन कर डंप किए गए 70 कट्टा धान को जब्त कर थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया। इसी क्रम में 18 दिसंबर को कोमाखान तहसील अंतर्गत ग्राम नर्रा में 200 कट्टा धान जब्त किया गया। वहीं तहसील पिथौरा अंतर्गत ग्राम बहमनी में गोयल ट्रेडर्स के गोदाम में 600 कट्टा धान का अवैध भंडारण पाया गया। उक्त धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई हेतु मंडी सचिव को निर्देशित किया गया है। संयुक्त टीम द्वारा अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध आगे भी सतत एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
- 0- बैंक शाखा जाने की झंझट से मिली मुक्ति, किसान समितियों से ही निकाल रहे धान विक्रय का पैसा0- 19 समितियों से 1 करोड़ 93 लाख रुपए से अधिक की हुई निकासीमोहला। धान खरीदी वर्ष 2025-26 में कृषकों को उनके धान विक्रय पश्चात समिति में ही भुगतान प्राप्त करने हेतु जिले में संचालित 19 आ.जा./प्रा.सेवा सहकारी समितियों में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से माइक्रो एटीएम सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे जिले के किसानों को धान विक्रय की राशि निकालने में सुविधा हो रही हैं। वहीं किसानों को बैंक शाखा के चक्कर लगाने से साथ लाइन लगाने झंझट से राहत मिली हैं।आमाटोला धान उपार्जन केंद्र में पहुंचे राजाटोला निवासी कृषक श्री महेश एवं शंकर ने बताया कि समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा से काफी राहत मिली हैं। धान विक्रय पश्चात पैसा निकालने में बैंक शाखा में भीड हो जाती है, जिससे लाइन में लगने से काफी समय व्यर्थ होता हैं,लेकिन समितियों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम से उन्होंने 20 हजार रुपए कुछ ही समय में निकाल लिए, बिना लाइन में लगे।माइक्रो एटीएम के माध्यम से कार्यालयीन दिवसों एवं समय में कृषकों द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा प्रदाय रूपे एटीएम कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन 20 हजार रूपये तक की राशि आहरण एवं जमा की जा सकेगी। लेन-देन पश्चात एजेंट समिति द्वारा अपने ग्राहकों को सिस्टम जनरेटेड स्लीप भी प्रदाय करेगी। कृषक अपने रूपे एटीएम कार्ड के माध्यम से बैंक शाखा के अलावा अपनी समितियों में भी राशि आहरण/जमा हेतु इस सुविधा का लाभ ले सकते है। समितियों द्वारा यह सुविधा पूर्णत: नि:शुल्क प्रदाय की जाएगी।अब तक जिले के 2 हजार 631 किसानों द्वारा 1करोड़ 93 लाख 65 हजार 996 रुपए समितियों के माध्यम निकले गए हैं।
- 0- ‘तुहंर टोकन’ मोबाइल ऐप की सराहना, किसानों के लिए बताया सुविधाजनकमोहला। सरकार द्वारा धान खरीदी व्यवस्था में लागू की गई पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं डिजिटल प्रक्रिया से जिले के किसानों को व्यापक सहूलियत मिल रही है। टोकन व्यवस्था से लेकर तौल एवं भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को सरल, सहज और किसान-हितैषी बनाया गया है। मोहला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पाऊरझोला के कृषक श्री गंगाराम बोगा इस व्यवस्था से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं।कृषक श्री गंगाराम बोगा ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष लगभग सात एकड़ भूमि में उच्च गुणवत्ता वाली धान की खेती की। अनुकूल मौसम एवं समय पर शासन के सहयोग से उन्हें लगभग 100 क्विंटल धान का उत्पादन प्राप्त हुआ। खरीफ विपणन वर्ष के अंतर्गत उन्होंने 100 क्विंटल धान उपार्जन केन्द्र में विक्रय किया।उन्होंने बताया कि उपार्जन केन्द्र में धान की नाप-तौल पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ की गई। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, विलंब अथवा कटौती की कोई शिकायत नहीं हुई। शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने घर के निर्माण में करेंगे, जिससे उनका वर्षों पुराना सपना साकार होगा।- ‘तुहंर टोकन’ ऐप की डिजिटल सुविधा से समाप्त हुई अनावश्यक भागदौड़कृषक श्री गंगाराम बोगा ने ‘तुहंर टोकन’ मोबाइल ऐप की विशेष रूप से सराहना करते हुए बताया कि इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से उन्होंने घर बैठे ही अपना टोकन ऑनलाइन प्राप्त कर लिया। इससे उन्हें समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि पूर्व में टोकन कटवाने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी, लेकिन इस वर्ष यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है।ऑनलाइन टोकन प्राप्त होने के बाद वे निर्धारित तिथि एवं समय पर सीधे उपार्जन केन्द्र पहुंचे और आसानी से धान विक्रय किया। इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों के समय, श्रम एवं संसाधनों की बचत हो रही है। साथ ही किसानों का भरोसा बढ़ा है और धान खरीदी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनी है।
- 0- विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी, लाभ लेने ग्रामीणों ने किए आवेदनमोहला। शासन की जनहितैषी एवं लोककल्याणकारी मंशा को साकार करने के उद्देश्य से सुशासन सप्ताह–2025 के अंतर्गत जिले में “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के तहत विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को विकासखंड मानपुर में जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीण नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया।जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी ने जनसामान्य को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को जागरूक होकर विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करनी होगी, तभी शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सकेगा। उन्होंने कहा कि “प्रशासन गांव की ओर” शासन की एक सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से सभी जिला स्तरीय विभाग आपके द्वार तक पहुँच रहे हैं, लेकिन योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक कदम नागरिकों को भी आगे बढ़ाना होगा। विकसित समाज की कल्पना तब तक संभव नहीं है, जब तक नागरिक आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होंगे।उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सभी विभागों में जनसामान्य से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित हो रही हैं, किंतु जानकारी के अभाव में कई पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजनाओं की जानकारी देने के साथ मार्गदर्शन प्रदान करते हुए लाभान्वित किया जाए। कार्यक्रम का समापन उद्बोधन अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम द्वारा किया गया।अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को दूरस्थ क्षेत्रों से जिला अथवा विकासखंड कार्यालयों तक आने की आवश्यकता से मुक्त करना, उनके समय एवं संसाधनों की बचत करना तथा शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सीधे गांव स्तर पर उपलब्ध कराना है। शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहज रूप से पहुँच सके।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुशीला भंडारी, जनपद सदस्य श्रीमती रेणु टांडिया, श्रीमती कांता ठाकुर, श्री रविन्द्र सलामे, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, श्री मदन साहू, श्री प्रकाश मिश्रा, श्रीमती संगीता मिश्रा, श्री धरमू भुआर्य, श्री ओमप्रकाश चाण्डक, अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम, डिप्टी कलेक्टर श्री डी.आर. ध्रुव, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, सीईओ जनपद पंचायत मानपुर श्री मोहम्मद हनीश सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।- विभागों ने लगाए स्टॉल, पात्र हितग्राही हुए लाभान्वितमानपुर में आयोजित शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, हथकरघा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, मत्स्य पालन विभाग सहित विभिन्न जिला स्तरीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान विभिन्न मांगों एवं शिकायतों से संबंधित 32 से अधिक आवेदन प्राप्त किए गए। शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों को ट्राईसायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण वितरित किए गए।- 22 दिसंबर को विकासखंड मोहला में आयोजित होगा शिविरजिला स्तरीय शिविर की अगली कड़ी में 22 दिसंबर को विकासखंड मोहला में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मैदान, मडिंगपीडिंग भुर्सा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का आयोजन पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा एक ही स्थान पर नागरिकों की शिकायतों का निराकरण, आवेदन प्राप्त करना तथा आवश्यकतानुसार ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- महासमुंद. महासमुंद वनमण्डल अंतर्गत वनों एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वनमण्डलाधिकारी महासमुंद श्री मयंक पाण्डेय के नेतृत्व में अधिकारी, क्षेत्रीय अमला एवं सुरक्षा श्रमिकों द्वारा पूरे वनमण्डल में बीट स्तर पर प्रातःकाल सघन पैदल गश्त अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में शनिवार को गश्त के दौरान वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत कक्ष क्रमांक 206, सोहागपुर बीट में वृक्षों की अवैध कटाई, वन अधिकार मान्यता अधिनियम अंतर्गत प्राप्त पट्टाशुदा भूमि में नया अतिक्रमण, जंगल के भीतर डबरी में मछली जाल डालने तथा विद्युत तार प्रवाहित करने जैसी गंभीर अवैध गतिविधियाँ पाई गईं। मौके पर तीन आरोपियों—रामाधीन पिता ठेल सिंह (जाति गोड़), ढोमसिंह पिता बलीराम एवं संतोष पिता बलीराम को गिरफ्तार किया गया। इनके विरुद्ध वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 51 सहपठित धारा 9 एवं 2(16)(a)(b), भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33 तथा लोकसंपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उक्त कार्रवाई उप वनमण्डलाधिकारी पिथौरा सुश्री डिम्पी बैस, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा श्री सालिकराम डड़सेना, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी बुन्देली श्री छबिराम साहू, परिसर रक्षी सोहागपुर एवं सुरक्षा श्रमिकों द्वारा की गई।इसी प्रकार, सांकरा सर्किल के बड़े टेमरी क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 258 में सियार का फंदा लगाकर शिकार कर ले जाते हुए आरोपी फागूलाल पिता बृजलाल शिकारी एवं कुमार पिता मंगलू पारधी को पकड़ा गया। दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 51 सहपठित धारा 9 एवं 2(16)(a)(b) के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई सहायक परिक्षेत्र अधिकारी सांकरा श्री राजकुमार साहू, परिसर रक्षी सांकरा श्री दीपक जेन्ड्रे एवं सुरक्षा श्रमिकों द्वारा की गई।गश्त के दौरान ही बागबाहरा परिक्षेत्र अंतर्गत जुनवानी बीट के कक्ष क्रमांक 128, संरक्षित वन से संलग्न राजस्व क्षेत्र में चेतन पिता रामेश्वर बरिहा के खेत में वन्यप्राणी नीलगाय का एक शावक पाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत शावक को स्वस्थ पाए जाने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी बागबाहरा द्वारा उसे उसके प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक पाण्डेय ने बताया कि वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के लिए इस प्रकार की सघन गश्त आगे भी निरंतर जारी रहेगी तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।--
- महासमुंद. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर, महासमुंद का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में महिलाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जाटवर ने सखी वन स्टॉप सेंटर में अब तक प्राप्त प्रकरणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगस्त 2017 से 20 दिसंबर 2025 तक कुल 1265 प्रकरणों पर कार्य किया गया है। वर्तमान में प्रतिमाह औसतन 15 से 20 प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं।श्रीमती वर्मा ने कहा कि बालिकाओं एवं महिलाओं को हर स्थान पर सुरक्षा का एहसास होना चाहिए, इसके लिए अनुकूल वातावरण एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर में आने वाली महिलाओं को समय पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बताया कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, मनोवैज्ञानिक परामर्श, चिकित्सकीय सुविधा तथा अस्थायी आश्रय प्रदान किया जाता है। महिलाओं की सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 181 भी संचालित है।निरीक्षण के दौरान सदस्य ने सखी शब्द का वृहद् अर्थ समझाते हुए कहा कि यह प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है, जहाँ उनकी समस्याओं का समाधान गोपनीयता के साथ किया जाता है। उन्होंने गाँव-गाँव में सखी योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि इससे वे महिलाएं, जो कोर्ट या थाना जाने से संकोच करती हैं, सखी केंद्र में आकर निर्भीक होकर सहायता प्राप्त कर सकेंगी।अंत में उन्होंने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगन एवं समर्पण भाव से कार्य करने हेतु मार्गदर्शन देते हुए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर स्थानीय महिला एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
- 0- 27 हजार से अधिक सिकल सेल मरीजों की पहचान एवं निःशुल्क उपचाररायपुर। प्रधानमंत्री द्वारा 1 जुलाई 2023 को प्रारंभ किए गए सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2047 तक सिकल सेल को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य में 0 से 40 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों की व्यापक सिकल सेल स्क्रीनिंग कर सिकल सेल कार्ड का वितरण किया जा रहा है।राज्य में अब तक लगभग 1 करोड़ 65 लाख लोगों की सिकल सेल जांच कर भारत सरकार के पोर्टल पर पंजीयन किया जा चुका है। इनमें 3 लाख 35 हजार से अधिक सिकल सेल वाहक तथा 27 हजार 135 सिकल सेल मरीजों की पहचान हुई है। सभी चिन्हित सिकल सेल मरीजों को राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क दवाइयां, परामर्श और सतत उपचार सुविधा प्रदान की जा रही है।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सिकल सेल प्रबंधन की दिशा में उल्लेखनीय तैयारी की है। विगत दो वर्षों में शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल उपचार में प्रयुक्त हाइड्रोक्सीयूरिया दवा की खपत 1 लाख कैप्सूल से बढ़कर 5 लाख कैप्सूल तक पहुंच गई है, जो उपचार की निरंतरता और पहुंच का प्रमाण है। इसके साथ ही, पिछले एक वर्ष में 5,232 सिकल सेल मरीजों का फॉलोअप किया गया है, जिससे सिकल सेल क्राइसिस और रक्त की आवश्यकता में कमी लाई जा रही है।विभाग द्वारा सभी सिकल सेल मरीजों की हर तीन माह में निःशुल्क रक्त, लीवर एवं किडनी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिला देश में पहला जिला बना है, जहां लक्षित जनसंख्या की शत-प्रतिशत सिकल सेल स्क्रीनिंग पूर्ण की गई है।सिकल सेल मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्य शासन द्वारा पात्र मरीजों को नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही, मरीजों की सुविधा हेतु मेडिसिन चार्ट, पेशेंट बुकलेट, दर्द प्रबंधन दिशानिर्देश सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।भविष्य की उन्नत चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एम्स, रायपुर में ‘सिकल सेल सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस’ विकसित किया जा रहा है, जहां निकट भविष्य में बोन मैरो ट्रांसप्लांट, जेनेटिक एनालिसिस, CVS टेस्ट जैसी उच्च तकनीकी सेवाएं सिकल सेल मरीजों को उपलब्ध कराई जा सकेंगी। राज्य सरकार का यह प्रयास सिकल सेल उन्मूलन की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो 2047 तक स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- 0 -विशेष रूप से तैयार की गयी कैरा वैन होगी आकर्षण का केंद्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन को नए आयाम देने की दिशा में एक अनूठी पहल के रूप में “कैरा वैन फेस्ट‘‘ का आयोजन 22 दिसंबर 2025 को अरन्यम्म रिसॉर्ट, माना बस्ती, माना तूता रोड, रायपुर में किया जा रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रायोजन में तथा ओवरलैंडर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से संपन्न होगा। इस आयोजन की थीम है-‘‘अ शार्ट जर्नी इन टू द हार्ट ऑफ छत्तीसगढ़‘‘ शाम 4 बजे से 8 बजे तक चलने वाले इस विशेष फेस्टिवल में एडवेंचर, नेचर और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। कैरा वैन फेस्ट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को कैरा वैन टूरिज्म, कैंपिंग और अनुभवात्मक यात्रा के एक नए और आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं हैं, नाइट कैंपिंग, स्टारगेजिंग, बॉलीवुड म्यूजिक और स्थानीय छत्तीसगढ़ी व्यंजन हैं। यह कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क है और इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है।कैरावैन एक विशेष प्रकार का वाहन होता है जो कैंपिंग और लंबी यात्राओं के लिए तैयार किया जाता है, जिसमें रहने, खाने-पीने और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था होती है। यह स्व-निर्भर यात्रा का प्रतीक है, जहां यात्री बिना होटल पर निर्भर हुए सड़क मार्ग से दूरस्थ स्थानों का भ्रमण कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के संदर्भ में, विशेष रूप से तैयार की गई कैरावैन इस फेस्ट का मुख्य आकर्षण होगी, जो राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को अनुभवजन्य तरीके से पेश करेगी।कैरावैन पर्यटन से राज्य के जंगलों, झरनों और पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी, जिससे अनुभवजन्य यात्रा को बढ़ावा मिलेगा। यह युवा घुमक्कड़ों और स्थलयात्रा समुदाय (ओवरलैंडिंग कम्युनिटी) को आकर्षित कर पर्यटन आय बढ़ाएगा। आने वाले समय में कैरावैन रूट्स विकसित होने से स्थानीय रोजगार और इको-टूरिज्म को मजबूती मिलेगी।यह फेस्ट खास तौर पर युवाओं, ट्रैवल एंथूजियास्ट्स और ओवरलैंडिंग कम्युनिटी के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे लोग छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, शांति और सांस्कृतिक विविधता को एक नए अनुभव के साथ महसूस कर सकेंगे।कार्यक्रम का आयोजन एनएम इवेंट्स द्वारा किया जा रहा है। अरन्यम्म रिसॉर्ट इस आयोजन का हॉस्पिटैलिटी पार्टनर है और इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएसन ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा समर्थित है। आयोजकों ने ट्रैवल ब्लॉगर्स, एडवेंचर प्रेमियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से इस अनूठे आयोजन में शामिल होकर छत्तीसगढ़ के “दिल” की इस छोटी लेकिन यादगार यात्रा का हिस्सा बनने का आग्रह किया है। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु 88275-36363 पर संपर्क किया जा सकता है। -
अमाली में 30 जनवरी को होगी अब सुनवाई
बिलासपुर,/ तहसील मुख्यालय कोटा में 22 दिसम्बर 2025 को आयोजित जनसुनवाई स्थगित कर दी गई है। तहसील के गांव अमाली में कोल वाशरी खोलने हेतु लोगों का अभिमत जानने के लिए उक्त तिथि को कोटा के शासकीय निरंजन केशरवानी कॉलेज परिसर में जन सुनवाई आयोजित की गई थी। इस दिन दो पालियों में कॉलेज की परीक्षा आयोजित होने के कारण ये जन सुनवाई स्थगित कर दी गई। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत अब नई तिथि में 30 जनवरी 2026 को जन सुनवाई होगी। अमाली स्थित हाई स्कूल मैदान में इस दिन सवेरे 11 बजे से जन सुनवाई प्रारंभ होगी। जन सुनवाई के लिए अतिरिक्त कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी पूर्ववत पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा यहां उच्च टेक्नोलॉजी पर आधारित कोल वाशरी उद्योग स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। इस सिलसिले में लोगों की राय जानने जन सुनवाई आयोजित किया जा रहा है। -
*- स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए शामिल*
दुर्ग/ सस्टेनेबल इंडिया विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन आईआईटी भिलाई में किया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए।अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में सतत विकास और समग्र सोच को केंद्र में रखकर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक विचारकों, नवप्रवर्तकों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर सतत और पुनर्याेजी भविष्य की दिशा में संवाद स्थापित करना है। यह सम्मेलन ज्ञान, चेतना और प्रौद्योगिकी के समन्वय के माध्यम से सतत विकास की नई संभावनाओं को सामने लाएगा और भविष्य की नीतियों व सहयोगों को प्रेरित करेगा। इंटीग्रल डिजाइन की अवधारणा के अंतर्गत कॉन्शसनेस, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एवं आर्किटेक्चर को सस्टेनेबल से जोड़ने पर केन्द्रित इस कॉन्फ्रेंस में भारत, सिंगापुर सहित विभिन्न देशों से पहंुचे विशेषज्ञों ने मंथन कर अपने विजन को साझा किए।इस मौके पर मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने सस्टेनेबल इंडिया की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टिकाऊ भारत का अर्थ है विश्वसनीय भारत। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने योग और प्राचीन भारतीय उपचार पद्धतियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग से अधिक टिकाऊ कोई मेडिकल पद्धति नहीं है। योग की जननी भारत है और इसकी जड़ें हमारी समृद्ध संस्कृति में निहित हैं। उन्होंने प्राचीन काल और वर्तमान समय के बीच अंतर बताते हुए भारतीय संस्कृति और वेदों के महत्व को रेखांकित किया।स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है। छत्तीसगढ़ में बिजली, पानी और अनुकूल वातावरण जैसी सुविधाओं के कारण अपार औद्योगिक संभावनाएं हैं। यहां छोटे और बड़े उद्योग स्थापित हो सकते हैं, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है और आने वाले समय में शिक्षा व व्यापार के क्षेत्र में व्यापक विकास होगा। सरकार की मंशा है कि विकास का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, जिससे टिकाऊ भारत की संकल्पना साकार हो सके। मंत्री श्री यादव ने लोगों से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं से जुड़ने और उद्योग नीति का बेहतर उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में उपलब्ध ज्ञान और विज्ञान को अपनाकर ही सशक्त और टिकाऊ भारत का निर्माण संभव है।सम्मेलन के दौरान सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 2 विशिष्ट पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं शिक्षण और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए द प्रोग्रेस संस्था द्वारा 8 पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर सुश्री लिग एंग, प्रो.एन.वी.रमणा राव(डायरेक्टर, एनआईटी रायपुर), श्री मनीश गुप्ता(डायरेक्टर बीएसबीके ग्रुप), श्री बिरंची दास (डायरेक्टर पर्सनल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) तथा सुश्री जोआन चिया(सिंगापुर), आईआईटी डिन प्रोफ, संतोष बिसवान आईआईटी डायरेक्टर सामरेन्द्र घोष, रिसर्च स्कॉलर उपस्थित रहे। -
*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव शहरी विकास मंत्रियों की बैठक में हुए शामिल, केंद्र सरकार की शहरी विकास की योजनाओं की प्रगति की दी जानकारी*
बिलासपुर./उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव आज भोपाल में आयोजित देश के उत्तर-मध्य राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक में शामिल हुए। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के शहरी विकास मंत्री भी इसमें शामिल हुए। बैठक में पांचों राज्यों में मिशन अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अंगीकार अभियान तथा अर्बन मोबिलिटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित उत्तर-मध्य राज्यों के तृतीय क्षेत्रीय बैठक में पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य में इन पांचों योजनाओं के क्रियान्वयन, उनकी प्रगति और भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने केन्द्र सरकार की योजनाओं की प्रगति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। मिशन के शेष कार्यों को मार्च-2026 तक प्रारंभ करने के लिए बैठक में सार्थक चर्चा हुई। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने राज्य को मिशन अमृत 2.0 की अगली किस्त की राशि जल्द जारी करने की बात कही।बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आकांक्षी शौचालयों, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), कम्पोस्ट प्लांट्स, कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट प्रोजेक्ट्स और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना [PMAY (U) 1.0] में स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी की गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नए आवासों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तथा अब तक स्वीकृत आवासों के निर्माण की समीक्षा हुई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक के बाद कहा कि भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन अच्छा रहा है। आगे भी हम इसी प्रकार का उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एसएनए पद्धति से हितग्राहियों एवं निकायों को राशि जारी करने में राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने छत्तीसगढ़ की प्रशंसा की तथा सभी केन्द्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री रूपा मिश्रा, सुश्री ईशा कालिया, श्री कुलदीप नारायण और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री जयदीप भी बैठक में शामिल हुए। -
रायपुर /आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप के तृतीय दिवस समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा दिव्यांग एवं वृद्धजनों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों के करकमलों से जरूरतमंद हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए।
इस अवसर पर कुल 15 श्रवण यंत्र (हियरिंग मशीन), 4 व्हीलचेयर, 2 ट्राइसाइकिल एवं 1 बैटरी ट्राइसाइकिल दिव्यांग एवं वृद्धजनों को प्रदान की गई। सहायक उपकरण प्राप्त कर हितग्राहियों में खुशी एवं आत्मनिर्भरता का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने रजत जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के प्रयास दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों के जीवन को सरल, सुलभ एवं सम्मानजनक बनाने की दिशा में सार्थक कदम हैं।इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे। -
रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम अंतर्गत अर्हता तिथि 01.01.2026 के संदर्भ में मतदाताओं से प्राप्त दावा-आपत्तियों के निराकरण हेतु आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान दावा-आपत्ति प्राप्त करने, उनके परीक्षण, समयबद्ध निराकरण एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्वाचक नामावली को अद्यतन रखने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं विश्वसनीय निर्वाचक नामावली सुनिश्चित करना रहा।प्रशिक्षण में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन ठाकुर, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित रहें। - - शिविर में हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड एवं बीज मिनी किट का किया गया वितरणराजनांदगांव । सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत मडियान में शिविर का आयोजन किया गया। जिले में सुशासन सप्ताह प्रशासन गांव की ओर 2025 के अंतर्गत शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है। शिविर में 24 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी देने एवं लाभान्वित करने के उद्देश्य से स्टॉल लगाया गया। जिसमें कुल 93 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 35 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया।शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग ने गोदभराई और अन्नप्राशन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छताग्राही महिलाओं और मितानिनों का सम्मान किया गया। स्वच्छताग्राही ने गांवों में स्वच्छता का संदेश दिया। शिविर में विद्युत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही कृषि विभाग द्वारा फसलचक्र परिवर्तन तथा राजस्व विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य विभाग, पशुधन विकास विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा विभाग में संचालित योजनाओं के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड एवं कृषि विभाग द्वारा मिनी कीट का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्र मर्यादित बैंक राजनांदगांव श्री भरत वर्मा, सदस्य जिला पंचायत राजनांदगांव श्रीमती अनिता मंडावी, सरपंच ग्राम पंचायत मडियान, कारूटोला, मोहनपुर, पीपरखारकला, कोटनापानी, एसडीएम श्री एम भार्गव, सीईओ श्रीमती भगवती साहू एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों में इन विकास कार्याे हेतु सम्पन्न हुआ भूमिपूजनरायपुर, । नगर पालिक निगम केारबा के बालको जोनांतर्गत वार्ड क्र. 38, 39, 40, 41, 42, 43,46 व 47 में 02 करोड़ 61 लाख रूपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। आज प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों में इन विकास कार्याे का भूमिपूजन उनके करकमलों के द्वारा किया गया, वहीं वार्ड क्र. 38 चेकपोस्ट लालघाट में 08 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक मंच का लोकार्पण भी उनके हाथों सम्पन्न हुआ। इस मौके पर निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, एम.आई.सी.सदस्य हितानंद अग्रवाल सहित निगम के पार्षद व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा बालको जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र. 38 अंतर्गत रिसदा में 30 लाख रूपये की लागत से सी.सी.रोड एवं नाली निर्माण, वार्ड क्र. 38 चेकपोस्ट भदरापारा ईश्वर साहू मोहल्ला में लूडी हैम्ब्रोे घर से स्व.पवन पटेल घर तक 10 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 38 अंतर्गत अमरसिंह होटल के पास 08 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 38 अंतर्गत चेकपोस्ट भदरापारा ईश्वर साहू मोहल्ला में माखन यादव के घर से नदी तक 14 लाख 50 हजार रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 39 अंतर्गत विभिन्न स्थानों में 30 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 46 परसाभांठा बालको नवधा पण्डाल के पास 15 लाख रूपये की लागत से किचन शेड व कक्ष का निर्माण किया जाना हैं। इसी प्रकार वार्ड क्र. 40 पाड़ीमार क्र. 01 शास.प्रा.शाला परसाभांठा एवं प्राथमिक शाला रिसदा में 20 लाख रूपये की लागत से अहाता निर्माण, वार्ड क्र. 40 अंतर्गत पाड़ीमार बालको चिंतामणी साहू के घर से स्वास्थ्य केन्द्र तक 05 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 36 पाड़ीमार बालकोनगर में 10 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण, वार्ड क्र. 41 अंतर्गत विभिन्न स्थानों में 25 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 41 अंतर्गत पाड़ीमार क्र. 02 पार्षद घर के पीछे तालाब के चारों ओर 15 लाख रूपये की लागत से सी.सी.रोड निर्माण एवं उन्नयन कार्य किए जाने हैं। इसी प्रकार वार्ड क्र. 42 अंतर्गत बालकोनगर दैहानपारा स्थित शिव मंदिर के पास 15 लाख रूपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कार्य, वार्ड क्र. 42 दैहानपारा राखड़ डेम के पास 27 लाख 70 हजार रूपये की लागत से एस.एल.आर.एम.सेंटर का निर्माण कार्य, वार्ड क्र. 43 कैलाशनगर में 20 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण तथा वार्ड क्र. 45 अंतर्गत स्थित शासकी माध्यमिक शाला रूमगरा में 16 लाख 83 हजार रूपये की लागत से नवीन शाला भवन का निर्माण कार्य किया जाना हैं, जिनका भूमिपूजन आज सम्पन्न किया गया।सुशासन सुरक्षा व विकास की गारंटी है प्रधानमंत्री श्री मोदीइस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश में सुशासन, सुरक्षा, विकास व अधिकतम जनकल्याण की गारंटी हैं, वे विगत 11 वर्षाे से देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं, इस दौरान विश्व स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है, देश सशक्त, सुरक्षित व विकसित हुआ है, विकास की रफ्तार बढ़ी है तथा देश के लोगों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति विश्वास बढ़ा है। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन में राज्य में सुशासन स्थापित हुआ है तथा भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन की हमारी संकल्पना साकार हुई है। उन्होने कहा कि विगत 11 वर्षाे से श्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, 15 वर्षाे तक डॉ.रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहें तथा 02 वर्ष से श्री विष्णुदेव साय की सरकार है किन्तु इस पूरी अवधि में कभी कोई भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे, उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि जहॉं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो नगर निगम कोरबा क्षेत्र के लिए विगत 02 वर्ष के दौरान लगभग 800 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्याे को स्वीकृति दी जा चुकी है, उन्होने कहा कि कोरबा के विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी तथा क्षेत्र के जनताजनार्दन की मांग व उनकी आवश्यकता के अनुरूप बिना किसी भेदभाव के सभी वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य होंगे। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने भदरापारा बरगद चौक के पास स्थित जर्जर सार्वजनिक मंच के जीर्णाेद्धार हेतु विधायक निधि से 05 लाख रूपये प्रदान किए जाने की घोषणा भी की।निगम क्षेत्र में मिली विकास को अपेक्षित गतिइस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव तथा उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से नगर निगम कोरबा क्षेत्र में एक बार पुनः विकास को अपेक्षित गति प्राप्त हो रही है तथा निगम के सभी वार्डाे में वहॉं की जनताजनार्दन की मांग व आवश्यकता के अनुसार व्यापक पैमाने पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि विकास कार्याे के जो भी प्रस्ताव मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री व उद्योग मंत्री के समक्ष रखे जाते हैं, उन पर तत्काल स्वीकृति प्राप्त होती है तथा निगम क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं।प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकारइस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर इन काउंसिल सदस्य श्री हितानंद अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, विगत कुछ वर्षाे से विकास रूका हुआ था, किन्तु अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि मुझे खुशी है कि आज बालको क्षेत्र में ढाई करोड़ रूपये से भी अधिक के विकास कार्य शुरू कराए जा रहे हैं, यह सभी विकास कार्य क्षेत्र की जनताजनार्दन को समर्पित है।भूमिपूजन कार्यक्रम में निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द देवांगन, मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल, पार्षद चेतन सिंह मैत्री, सत्येन्द्र दुबे, तरूण राठौर, मंगलराम बंदे, सीमाबाई कंवर, चंदादेवी, राजप्रसाद खुंटे, मुकुंद सिंह कंवर, प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष दिलेन्द्र यादव, पूर्व मण्डल अध्यक्ष शिवबालक सिंह तोमर, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, आर.एस.पाण्डेय, आर.के.पाटसकर, बी.एल.अवस्थी, जे.एन.दुबे, प्रभात डडसेना, रेणु प्रसाद, आर.एस.सिंह, सी.एस.मिश्रा, आर.के.तिवारी, एस.एस.मिश्रा, सहित काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बनाहिल के निवासी हरप्रसाद के लिए पक्का घर कभी केवल एक सपना था। सीमित आय और आर्थिक तंगी के कारण वे वर्षों से खपरे और टीन की छत वाले कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात का मौसम उनके लिए सबसे कठिन होता। संसाधनों के अभाव में न तो नया घर बनाना संभव था और न ही पुराने छप्पर की समुचित मरम्मत।ऐसे समय में शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना हरप्रसाद के जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत हुआ तथा 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि उनके खाते में अंतरित की गई। इससे उन्होंने अपने पक्के मकान का निर्माण कार्य पूर्ण कराया, जो वर्ष 2025-26 में साकार हुआ। आज श्री हरप्रसाद अपने परिवार के साथ पक्के मकान में रह रहे हैं। अब उन्हें न बारिश का भय है और न ही असुरक्षा की चिंता। प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ उन्हें महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत 90 दिवस का रोजगार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से एलपीजी गैस कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का भी निर्माण इन योजनाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है। हरप्रसाद कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाएं गरीब परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा प्रदान करती हैं।
- रायपुर। महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मसम्मान तथा समाज में उनकी निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसरों से जोड़ रही है। प्रतिमाह प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग कर महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर रही हैं, जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि परिवार और समाज में उनकी सशक्त पहचान भी बन रही है।जांजगीर-चांपा जिले के तहसील मुख्यालय चांपा के वार्ड क्रमांक 02 की निवासी श्रीमती उर्मिला यादव ने हर महीना महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली एक हजार रूपए की राशि को बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय प्रारंभ किया। वर्तमान में वे घर से तथा साप्ताहिक हाट-बाजारों में गहनों का विक्रय कर प्रतिमाह लगभग 2000 रुपये की अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने लगी है।चांपा की ही श्रीमती ज्योति कसेर ने योजना की सहायता राशि से पापड़ व्यवसाय शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5000 रुपये का लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे वे अपने परिवार की शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। ग्राम सरहर की श्रीमती सुमित्रा कर्ष ने भी योजना से प्राप्त राशि से श्रृंगार सामग्री की दुकान प्रारंभ की, जिससे उन्हें वर्तमान में प्रतिमाह लगभग 1000 रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। वहीं श्रीमती कुसुम देवी पाण्डेय ने बचत राशि से श्रृंगार दुकान का विस्तार किया है, जिससे उन्हें हर महीने 2000 रुपये का मुनाफा होने लगा है।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव शहरी विकास मंत्रियों की बैठक में हुए शामिल, केंद्र सरकार की शहरी विकास की योजनाओं की प्रगति की दी जानकारीरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव आज भोपाल में आयोजित देश के उत्तर-मध्य राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक में शामिल हुए। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के शहरी विकास मंत्री भी इसमें शामिल हुए। बैठक में पांचों राज्यों में मिशन अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अंगीकार अभियान तथा अर्बन मोबिलिटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित उत्तर-मध्य राज्यों के तृतीय क्षेत्रीय बैठक में पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य में इन पांचों योजनाओं के क्रियान्वयन, उनकी प्रगति और भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने केन्द्र सरकार की योजनाओं की प्रगति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। मिशन के शेष कार्यों को मार्च-2026 तक प्रारंभ करने के लिए बैठक में सार्थक चर्चा हुई। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने राज्य को मिशन अमृत 2.0 की अगली किस्त की राशि जल्द जारी करने की बात कही।बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आकांक्षी शौचालयों, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), कम्पोस्ट प्लांट्स, कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट प्रोजेक्ट्स और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना [PMAY (U) 1.0] में स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी की गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नए आवासों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तथा अब तक स्वीकृत आवासों के निर्माण की समीक्षा हुई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक के बाद कहा कि भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन अच्छा रहा है। आगे भी हम इसी प्रकार का उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एसएनए पद्धति से हितग्राहियों एवं निकायों को राशि जारी करने में राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने छत्तीसगढ़ की प्रशंसा की तथा सभी केन्द्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री रूपा मिश्रा, सुश्री ईशा कालिया, श्री कुलदीप नारायण और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री जयदीप भी बैठक में शामिल हुए।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाइन दर वर्ष 2025–26 को अनुमोदित करते हुए 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।विगत पांच वर्षों से गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कई प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो गई थीं। वर्ष 2025–26 की नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पूर्व प्रचलित गाइडलाइन में नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 200 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 102 किया गया है। एक ही वार्ड में अलग-अलग कंडिकाओं और भिन्न दरों के कारण आमजन को संपत्ति के मूल्य को समझने में कठिनाई होती थी, जिसे अब सरल और स्पष्ट बनाया गया है।वार्ड परिसीमन के बाद कंडिकाओं में आवश्यक संशोधन कर नई परिस्थितियों के अनुरूप दरें निर्धारित की गई हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित दरों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वर्ष 2025–26 की गाइडलाइन में लगभग समान दरों को समायोजित कर एकरूप किया गया है, जिससे औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित होती है। उदाहरण के तौर पर महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन में पूरे रायपुर मार्ग की दर 32,500 रुपये तथा 20 मीटर अंदर की दर 7,500 रुपये निर्धारित की गई है।इसी प्रकार यतियतनलाल वार्ड में परिसीमन के कारण दरों को युक्तियुक्त करते हुए 4,800 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया है। वार्ड क्रमांक 03 में भी एक ही मार्ग पर स्थित कंडिकाओं को समायोजित कर नई कंडिका सृजित की गई है और दरों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पुष्पा पेट्रोल पंप से पंकज सोनी के मकान तक निर्धारित दरें शंकर नगर वार्ड के सामने की दरों के अनुरूप रखी गई हैं, जिससे सड़क के आमने-सामने स्थित क्षेत्रों में समान दरें लागू हो सकें।बरोण्डा चौक तथा बरोण्डा चौक से भाजपा कार्यालय तक के क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण करते हुए औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार अन्य वार्डों में भी समान परिस्थिति और महत्व के क्षेत्रों में दरों को एकरूप करते हुए संतुलित वृद्धि सुनिश्चित की गई है।राज्य सरकार द्वारा किए गए इस पुनरीक्षण का उद्देश्य वास्तविक प्रचलित बाजार मूल्य को गाइडलाइन दरों में समाहित करना है, ताकि संपत्ति क्रय-विक्रय, स्टांप शुल्क और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े तथा आम नागरिकों को स्पष्ट और न्यायसंगत दरों का लाभ मिल सके। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुगम, भरोसेमंद और जनहितैषी संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
- -मार्कफेड सहकारी समितियों के माध्यम से करेगा उपार्जन-खरीफ में उपार्जन के लिए 425 करोड़ रूपए मंजूररायपुर। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम में छत्तीसगढ़ को दलहन और तिलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन की अनुमति मिल गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के बीच हुई चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन में दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए 425 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से खरीफ और रबी सीजन के लिए कुल 1 लाख 22 हजार मीट्रिक टन दलहन-तिलहन उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। इसमें खरीफ के लिए 50 हजार मीट्रिक टन और रबी के लिए 72 हजार मीट्रिक टन शामिल हैं। फिलहाल केंद्र से खरीफ की फसलों के उपार्जन की अनुमति मिली है। इसके तहत अरहर 21 हजार 330 मीट्रिक टन, उड़द 25 हजार 530 मीट्रिक टन, मूंग 240 मीट्रिक टन, सोयाबीन 4 हजार 210 मीट्रिक टन और मूंगफली 4 हजार 210 मीट्रिक टन का उपार्जन किया जाएगा। इन फसलों के उपार्जन पर कुल 425 करोड़ रुपए खर्च होंगे। केंद्र सरकार ने मांग आने पर सोयाबीन और मूंगफली के लिए अतिरिक्त स्वीकृति देने का आश्वासन भी दिया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए अरहर का समर्थन मूल्य 8000 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग का 8768 रूपए, उड़द का 7800 रूपए, मूंगफली का 7800 रूपए, सोयबीन का प्रति क्विंटल 5328 रूपए घोषित किया गया है।छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उपार्जन का कार्य राज्य में मार्कफेड के माध्यम से सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 22 जिलों में 222 उपार्जन केंद्र पहले ही अधिसूचित कर दिए गए हैं। किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर लगातार जारी है। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हो पाया है, वे नजदीकी सहकारी समिति के माध्यम से पंजीयन कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन का उपार्जन किसानों के हित में राज्य सरकार का बड़ा निर्णय है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ दाल एवं खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों के हित में केन्द्र सरकार के साथ समन्वय कर लगातार काम कर रही है।















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