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- -लगभग एक दर्जन ठेलों, गुमटियों को हटाया गया, सड़क से अनेक विभिन्न सामानों को जप्त किया गया, सड़क पर कब्जा जमाये लगभग 22 दुकानदारों पर 44000 रू. का ई चालान किया गयारायपुर- आज रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और यातायात एसपी श्री अजय कुमार के निर्देशानुसार एएसपी यातायात श्री विवेक शुक्ला, नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह, नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, उपअभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता, नगर निगम जोन क्रमांक 4 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा राजधानी शहर नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत जोन क्रमांक 4 क्षेत्र अंतर्गत मालवीय मार्ग में टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत बाजार क्षेत्र में राजधानी शहर के प्रमुख मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त करने व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी दुकानदारों को एक बार पुनः स्पष्ट हिदायत दी गयी कि है वे किसी भी हालत में सड़क पर कब्जा ना करें, अन्यथा की स्थिति में सड़क पर रखे उनके सभी सामानों की यातायात जाम की समस्या दूर करने जनहित में सख्तीपूर्वक तत्काल जब्ती कर ली जाएगी, इस स्थिति के निर्मित होने पर सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए जनहितकारी टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत जोन क्रमांक 4 अंतर्गत मालवीय मार्ग में लगभग एक दर्जन ठेलों को बाजार के प्रमुख मार्ग को कब्जामुक्त करने कड़ाई से व्यवस्था सुधारने हटाने की कार्रवाई की गयी।वहीं टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत आज नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत मालवीय मार्ग मार्ग में नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम और जोन क्रमांक 4 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा साथ मिलकर सड़क पर कब्जा जमाये लगभग 22 दुकानदारों से सड़क पर कब्जा करने पर कुल लगभग कुल 44000 रूपये का ई चालान करने की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया गया, साथ ही दुकानदारों द्वारा कब्जा जमाकर सड़क पर रखे गए कपड़ों सहित अन्य सामानों की कड़ाई के साथ जप्ती कर ली गयी।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे अतिक्रमणरोधी अभियान से राजधानी शहर रायपुर के विभिन्न प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भिन्न मुख्य मार्गो का यातायात निरन्तर सुगम और सुव्यवस्थित हो रहा है और इससे आमजनों को यातायात जाम की समस्या से मुक्ति सहित लगातार त्वरित राहत प्राप्त हो रही है।
- - महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मांस- मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगीरायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में श्री रामनवमी पर्व दिनांक 27 मार्च 2026 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पालिक निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही ने श्री रामनवमी पर्व दिनांक 27 मार्च 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।श्रीरामनवमी पर्व दिनांक 27 मार्च 2026 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस -मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों में मांस -मटन विक्रय की दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवसों पर मांस-मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी।
- - प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बटन दबाकर किया ऊर्जीकृत- मिलेगी निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजलीरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी निरंतर और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए राजधानी में पारेषण क्षमता का विस्तार कर रही है। इसी कड़ी में मेटलपार्क सिलतरा में 132/33 केवी के नए उपकेन्द्र का निर्माण किया गया है, जिसकी क्षमता 126 एमवीए है। इसे ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बटन दबाकर ऊर्जीकृत किया। इस क्षमता विस्तार से उरला-सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र सहित राजधानी के घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।इस अवसर पर श्री शुक्ला ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में प्रदेश में पारेषण नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। इसमें राजधानी में पंजीगत निवेश के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। इसी के तहत मेटल पार्क रायपुर में 132/33 के.वी. के नए की स्थापना की गई है, जिसमें 63-63 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसकी अनुमानित लागत लगभग 28 करोड़ रुपए है। इस उपकेंद्र से 33 केवी के आठ फीडर में बिजली सप्लाई हो रही है।इससे ट्रांसपोर्ट नगर, कैलाश नगर, रावाँभाटा, बंजारी मंदिर के पीछे का क्षेत्र, अकबर बाड़ी, बिलासपुर रोड धनेली निमोरा अछोली, मेटल पार्क आरटीओ के पीछे, बीरगांव तालाब के पास का क्षेत्र तथा ऊरकुरा सहित औद्योगिक क्षेत्र (उरला एवं रावांभाटा) के घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालक निदेशक सर्वश्री केएस मनोठिया, संजय पटेल, एमएस चौहान, वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता सर्वश्री अब्राहम वर्गीश, प्रसन्ना गोसावी सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। इस उपलब्धि से राजधानी के उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, साथ ही औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
- बिलासपुर। बिलासपुर, हर्ष आशियाना, ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी श्री कविता तिवारी का निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज बिलासपुर में किया गया। वे स्व. ओमप्रकाश तिवारी की पत्नी, सौरभ और सुरभि तिवारी की माता, स्व. रामस्नेही तिवारी (बालसमुंद वाले) की चौथी पुत्री थीं।
- - रानीदहरा जलप्रपात के पास अज्ञात महिला का शव मिला-डमी पुतले के माध्यम से घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट कर हत्या की पुष्टि की गईकवर्धा । कबीरधाम जिले के रानीदहरा जलप्रपात के समीप 19 मार्च को एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना पर कबीरधाम पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच प्रारंभ की गई। मामले में थाना बोड़ला में अपराध अंतर्गत दर्ज कर कबीरधाम पुलिस द्वारा त्वरित एवं पेशेवर कार्यवाही करते हुए उल्लेखनीय सफलता अर्जित की गई है।कबीरधाम पुलिस ने मात्र 2 दिनों के भीतर ही मृतिका की पहचान मुंगेली निवासी के रूप की। गई। इसके बाद मामले की गुत्थी सुलझाने हेतु अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें विभिन्न कार्यों में लगाया गया। एक टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों का संकलन कर कॉल डिटेल्स एवं लोकेशन का विश्लेषण किया गया, वहीं दूसरी टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में सघन पूछताछ करते हुए प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय लोगों से महिला के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई गई।पुलिस द्वारा लगातार की गई मेहनत, सूझबूझ एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर संदेहियों का दायरा सीमित किया गया, जिसके पश्चात आरोपी देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि मुख्य आरोपी पुणे (महाराष्ट्र) में छिपा हुआ है। तत्काल पुलिस टीम पुणे जाकर मुख्य आरोपी देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल को पुणे से गिरफ्तार कर विधिवत कबीरधाम लाया गया। आरोपी से पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ, जिसमें उसने अपने पिता केषव प्रसाद जायसवाल एवं सहयोगी मनोज पटेल के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। उनके द्वारा बताया गया कि दिनांक 16 मार्च को शाम 6 से 7 बजे के बीच घटना कारीत किया था।पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि मृतिका सुखमती बैगा के साथ आरोपी का प्रेम संबंध था। समाज में बदनामी के भय से आरोपियों द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र रचकर मृतिका को रानीदहरा जलप्रपात ले जाकर पत्थर से हमला कर हत्या की गई तथा साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को झरने में फेंक दिया गया।पुलिस द्वारा आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटनास्थल पर डमी पुतले के माध्यम से घटना का सीन रिक्रिएट कराया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि किस प्रकार आरोपियों ने मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। साथ ही आरोपियों के निशानदेही पर घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किये गये हैं।गिरफ्तार आरोपी –1. देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल पिता केषव प्रसाद जायसवाल, उम्र 26 वर्ष, निवासी दरवाजा, चौकी खुड़िया, थाना लोरमी, जिला मुंगेली (छ.ग.)2. केषव प्रसाद जायसवाल, पिता पुसउ राम जायसवाल निवासी दरवाजा, चौकी खुड़िया, थाना लोरमी, जिला मुंगेली (छ.ग.)3. मनोज पटेल पिता सुमित पटेल, उम्र 32 वर्ष, निवासी निवासी दरवाजा, चौकी खुड़िया, थाना लोरमी, जिला मुंगेली (छ.ग.)
- -अरहर की कतार बोनी से बढ़ी उपजमुंगेली। जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु एक्सटेंशन रिफॉर्म्स ‘आत्मा’ योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025-26 में ग्राम चातरखार में फार्म स्कूल का संचालन किया गया। इस पहल ने किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन और आय में वृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त किया है। फार्म स्कूल के तहत प्रशिक्षक कृषक के रूप में दादुराम साहू (पिता श्री पिरिथ राम साहू) का चयन किया गया, जिनके साथ 25 अन्य कृषकों को प्रशिक्षणार्थी के रूप में जोड़ा गया। प्रशिक्षक कृषक के खेत में 01 हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर की फसल को कतार बोनी पद्धति से लगाया गया। कृषि विभाग द्वारा बीज उपलब्ध कराए जाने के साथ ही बोवाई से लेकर कटाई तक कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में चार चरणों में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, कतार बोनी विधि, आईपीएम किट के उपयोग तथा पौध संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि कतार बोनी पद्धति से कीट एवं रोगों का नियंत्रण आसान हुआ और लागत में भी कमी आई। इसके साथ ही प्रशिक्षक कृषक के खेत में अरहर की उपज 20 से 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त हुई, जो पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर परिणाम है। फार्म स्कूल के माध्यम से अन्य किसानों ने भी इस तकनीक को नजदीक से देखा और समझा, जिससे उनके बीच कतार बोनी पद्धति अपनाने की रुचि बढ़ी है। ‘आत्मा’ योजना के तहत इस प्रकार के फार्म स्कूल किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने का प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
- मरवाही । गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में किसानों द्वारा अपनाई गई नई कृषि पद्धति अब सफलता की मिसाल बनती जा रही है। कृषि विभाग की सलाह पर किसानों ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर गेहूं की खेती की ओर रुख किया है, जिससे उत्पादन और आमदनी दोनों में बढ़ोतरी हुई है।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम लटकोनी के किसान कई वर्षों से रबी मौसम में धान की खेती करते आ रहे थे। लेकिन कृषि विभाग के मार्गदर्शन में किसानों ने सामूहिक रूप से ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर गेहूं की खेती शुरू की। इसके लिए उन्हें कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर गेहूं बीज भी उपलब्ध कराया गया।वहीं, जिले के उपसंचालक कृषि सत्यजीत कंवर के अनुसार फसल परिवर्तन से किसानों को उल्लेखनीय लाभ हुआ है। पहले जहां धान की खेती में उत्पादन सीमित था, वहीं अब गेहूं की खेती से बेहतर उत्पादन प्राप्त हो रहा है।किसानों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से वे रबी सीजन में धान की खेती कर रहे थे, जिससे प्रति एकड़ मात्र 10 से 12 क्विंटल उत्पादन ही मिलता था। लेकिन अब गेहूं की खेती से उन्हें प्रति एकड़ 15 से 17 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है। कृषि विभाग की पहल और किसानों की जागरूकता से फसल परिवर्तन की यह पहल जिले में एक नई दिशा दे रही है, जो अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है।
- जगदलपुर। बस्तर की माटी की महक और यहाँ की प्राचीन लोक कलाओं को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के संकल्प के साथ कल 27 मार्च को एक विशेष चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन होने जा रहा है। यह प्रदर्शनी दलपत सागर के समीप 'बस्तर आर्ट गैलरी में बस्तर जिला प्रशासन के सौजन्य से आयोजित होगा। यह प्रदर्शनी बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) आसना और संस्कार भारती (बस्तर जिला इकाई) के संयुक्त प्रयासों का प्रतिफल है। इस विशेष आयोजन का मुख्य केंद्र जगदलपुर स्थित दलपत सागर के समीप 'बस्तर आर्ट गैलरी को बनाया गया है, जहाँ कला के विविध रंग बिखरे नजर आएंगे।इसमें प्रदर्शित होने वाले भित्ति चित्र में विशेष रूप से 'बस्तर शैली' और 'रजवार शैली' की अनूठी कलात्मकता को रेखांकित करते दिखाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इन कलाकृतियों का सृजन 'बादल' संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय सघन भित्ति चित्र कार्यशाला के दौरान किया गया था। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए प्रतिभावान चित्रकारों ने अपनी तूलिका के माध्यम से लोक जीवन, परंपराओं और लोक गाथाओं को कैनवास और दीवारों पर जीवंत किया है।'बादल' और संस्कार भारती द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में पूरे प्रदेश के कलाकारों की कल्पनाशीलता और मेहनत का समन्वय दिखेगा। file photo
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही / जिला प्रशासन द्वारा मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलपहरी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की तिथि में परिवर्तन किया गया है। अब जन मानस की विभिन्न मांगो एवं शिकायतों का समाधान करने, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और पात्रतानुसार हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर सिलपहरी में 30 मार्च सोमवार को आयोजित किया गया है। पहले 27 मार्च को शिविर की तिथि निर्धारित किया गया था। यह शिविर ग्राम पंचायत भवन के पास सिलपहरी में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित होकर जनसमस्याओं का निवारण करेंगे।
- - निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश- स्व-सहायता समूह की महिलाओं से की चर्चा, किया प्रोत्साहितमोहला । संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने जिले में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत पीपरखार स्थित मोंगरा मल्टी विलेज वाटर सप्लाई योजना के निर्माणाधीन इंटेक वेल एवं फिल्टर हाउस का निरीक्षण किया। कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा योजना से लाभान्वित होने वाले ग्रामों की संख्या संबंधी जानकारी भी ली। इसके पश्चात उन्होंने मोंगरा बैराज का अवलोकन किया। उन्होंने बैराज में जलभराव की स्थिति, गेट कंट्रोल रूम तथा विद्युत व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त श्री राठौर ने निर्माणाधीन न्यू सर्किट हाउस, संयुक्त जिला कार्यालय भवन एवं जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सर्किट हाउस निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि जिले के लिए सर्किट हाउस अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने लेआउट का अवलोकन किया तथा जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बदलाव के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यह भवन आमजन के लिए है, अतः इसमें आमजन की सहूलियत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को लेआउट के संबंध में जिला पंचायत एवं पुलिस विभाग से चर्चा करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए कार्य में तेजी लाने एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने ग्राम सोनसायटोला की जय बम्लेश्वरी स्व-सहायता समूह से मुलाकात की। उन्होंने समूह की गतिविधियों की जानकारी ली। समूह के सदस्यों ने बताया कि वे मक्का एवं सब्जी उत्पादन के साथ-साथ मछली पालन, सूकर पालन एवं मुर्गी पालन का कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने समूह के कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
- महासमुंद / जनगणना के प्रथम चरण में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य 1 मई से शुरू होने वाला है। इस संबंध में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुन्द, बागबाहरा, कोमाखान और तुमगांव चार्ज के लिए नियुक्त फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वन प्रशिक्षण शाला महासमुन्द में आयोजित किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा ने कहा कि फील्ड ट्रेनर्स गंभीरता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करें क्योंकि उन्हें अपने अपने चार्ज में प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देना है इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी मनोज कुमार खांडे ने भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के उप संचालक मनोज कुमार महिलांगे तथा जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जनगणना संबंधी अधिनियम , आधारभूत शब्दों, नजरी नक्शा तैयार करने की विधि तथा प्रगणक द्वारा पूछे जाने वाले कुल 34 प्रश्नों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों तथा सुपरवाइजरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मोबाइल एप में जानकारी भरने के तरीके की जानकारी दी गई। इसके लिए मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रत्येक फील्ड ट्रेनर्स को उनके मोबाइल में एचएलओ एप इंस्टॉल और लाॅगिन करवा कर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जहां फील्ड ट्रेनर्स ने अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में मोबाइल एप में जानकारी भर कर देखा।इस दौरान तहसीलदार भवानी शंकर साव, प्रभारी अधिकारी रणधीर सिंह बघेल, ओमनारायण शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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राजनांदगांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बुधवार को बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय आदान राशि वितरण कार्यक्रम से दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों को 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रूपए डीपीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में अंतरित की। राजनांदगांव जिले के 15 हजार 565 हितग्राहियों को 15 करोड़ 56 लाख 50 हजार रूपए की राशि अंतरित की गई। जिले के सभी विकासखंडों में ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा वचुअल माध्यम से जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं हितग्राही कार्यक्रम से जुड़े रहे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। हितग्राहियों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से लाभान्वित होने पर बधाई दी गई। इसी क्रम में जनपद पंचायत राजनांदगांव में ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती अनिता सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देव कुमारी साहू, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, सीईओ जनपद पंचायत राजनांदगांव श्री मनिष साहू, तहसीलदार राजनांदगांव श्री प्यारेलाल नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं हितग्राही उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई है। योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी सहित अन्य पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। - -कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय, दैनिक समीक्षा से व्यवस्था होगी मजबूत-गैस आपूर्ति - प्राथमिकता के आधार पर होगा वितरणरायपुर । प्रदेश में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगालेने समीक्षा बैठक ली।बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं।बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव श्री राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्री श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक श्री दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन करने की तिथि में वृद्धि की गई है। जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कालेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कृषि महाविद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय सहित अन्य संस्थानों में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थी शिक्षा सत्र 2025-26 हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए नवीन एवं नवीनीकरण आवेदन व पंजीयन 27 मार्च 2026 तक कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिला कार्यालय स्थित आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
- -15 वर्षीय अंजलि बनीं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता-कक्षा में लिया गया एक साधारण फैसला बना सफलता की नींव-आगामी स्पर्धाओं में पर्सनल बेस्ट सुधारने पर फोकसरायपुर। कभी-कभी जीवन की दिशा एक छोटे से निर्णय से बदल जाती है। ओडिशा की 15 वर्षीय अंजलि मुंडा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्ष 2022 में कक्षा में खेल चयन के दौरान उन्होंने तैराकी को चुना—एक ऐसा खेल जिसे वे उस समय सिर्फ मनोरंजन के रूप में जानती थीं। आज, वही निर्णय उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धि तक ले आया है।ओडिशा के जाजपुर जिले के गहिरागड़िया गांव की रहने वाली अंजलि ने रायपुर में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वे इस प्रतियोगिता की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता बन गईं।साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता एक स्थानीय फैक्ट्री में वैन चालक हैं। 10 वर्ष की आयु में वे कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से जुड़ीं, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा और प्रशिक्षण मिला। यहीं से उनके खेल करियर की नींव मजबूत हुई।शुरुआत में वे अपनी बड़ी बहन से प्रेरित थीं, जो तीरंदाजी में सक्रिय हैं, लेकिन अंजलि ने तैराकी को अपना मार्ग चुना। उनकी मेहनत जल्द ही रंग लाई और तैराकी शुरू करने के एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने एक स्थानीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।अंजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और खेल मंत्रालय की ‘अस्मिता लीग’ पहल को देती हैं। वर्ष 2024 में संभलपुर में आयोजित इस लीग में उन्होंने दो रजत पदक जीते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इसके बाद गुवाहाटी में आयोजित अस्मिता स्विमिंग लीग (ईस्ट जोन) में भी उन्होंने दो रजत पदक हासिल किए।हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद अंजलि संतुष्ट नहीं हैं। उनका लक्ष्य अपने 2:25 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय को बेहतर करना है। लगातार यात्रा और थकान के बावजूद उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।अब अंजलि की नजर आगामी स्पर्धाओं—50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक और 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली—पर है, जहां वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने के इरादे से उतरेंगी। अंजलि मुंडा की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर प्रतिभा किस तरह नई ऊंचाइयों को छू सकती है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 28 मार्च को दोपहर 01 बजे जिला मुख्यालय जशपुर के वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित होगा। मुख्यमंत्री द्वारा श्रम विभाग के अंतर्गत 12 विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित किया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश की श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विशिष्ट अतिथि लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 14 हितग्राहियों को 14 लाख 32 हजार रुपए, मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 1960 श्रमिकों को 3 करोड़ 92 लाख रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 297 श्रमिकों को 44 लाख 55 हजार रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 20 हितग्राहियों को 20 लाख रुपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 325 श्रमिकों के बच्चों को 38 लाख 88 हजार 374 रुपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 3040 श्रमिकों को 6 करोड़ 08 लाख रुपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 71220 श्रमिकों के बच्चों को 14 करोड़ 53 लाख 96 हजार 500 रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1142 श्रमिकों को 39 लाख 50 हजार 624 रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 526 हितग्राहियों को 1 करोड़ 52 लाख रुपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 784 श्रमिकों को 29 लाख 04 हजार 082 रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 9 हितग्राहियों को 9 लाख रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के अंतर्गत 3 श्रमिकों को 60 हजार रुपए अंतरित किए जाएंगे।
- -100 वर्षीय सोहद राम चक्रेश को मिला पक्का घर, जीवन में आई नई सुरक्षा और सम्मानरायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टांगरगांव के 100 वर्षीय बुजुर्ग सोहद राम चक्रेश को इस योजना का लाभ मिला है, जिसने उनके जीवन में नई राहत और सुरक्षा का एहसास कराया है।वर्ष 2024-25 में स्वीकृत पक्के आवास ने उनके पुराने कच्चे मकान की असुरक्षा को समाप्त कर दिया है। उम्र के इस अंतिम पड़ाव पर, जब वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं, तब यह पक्का घर उनके लिए सुरक्षित आश्रय और सुकून का माध्यम बना है।परिवार के सदस्यों के अनुसार, पूर्व में कच्चे मकान में रहना काफी चुनौतीपूर्ण था। बरसात, ठंड और गर्मी के मौसम में बुजुर्ग की देखभाल करना कठिन होता था और हमेशा असुरक्षा बनी रहती थी। अब पक्का घर मिलने से न केवल रहने की सुविधा बेहतर हुई है, बल्कि पूरे परिवार को सुरक्षित वातावरण भी प्राप्त हुआ है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना गरीब और कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सोहद राम चक्रेश एवं उनके परिजनों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। अब उन्हें सुरक्षित छत के साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।
- -ओडिशा की अंजलि मुंडा ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में एक और स्वर्ण पदक जीता-असम की मोनिखा सोनोवाल और मिजोरम के इसाक ने चोट के बावजूद वेटलिफ्टिंग में जीते स्वर्ण पदकरायपुर । कर्नाटक के तैराक मणिकांता एल ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अपना तीसरा लगातार स्वर्ण पदक जीतकर स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। वहीं ओडिशा की अंजलि मुंडा ने महिलाओं की स्पर्धा में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धियां उन्होंने गुरुवार को यहां खेले जा रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के दूसरे दिन हासिल कीं।मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए भी खुशी की बात रही, जहां स्थानीय तैराक अनुष्का भगत ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में दूसरा स्थान हासिल कर अपना दूसरा रजत पदक जीता।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस पहले संस्करण में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें लगभग 3800 खिलाड़ी नौ खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।मणिकांता, जिन्होंने बुधवार को 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण पदक जीते थे, ने अपना दबदबा जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले 2:25.93 सेकंड में जीत लिया। त्रिपुरा के रियाज त्रिपुरा (2:34.04 सेकंड) ने रजत और ओडिशा के कान्हू सोरेन (2:36.21 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अंजलि मुंडा ने 2:53.82 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत (2:59.33 सेकंड) ने रजत और ओडिशा की अंजलि मलिक (3:06.13 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।पदक तालिका में कर्नाटक छह स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि ओडिशा तीन स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है।वेटलिफ्टिंग में असम की मोनिखा सोनोवाल और मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा ने चोट से जूझते हुए शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीते। मोनिखा ने घुटने की चोट के बावजूद महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में 57 किग्रा स्नैच और 75 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 132 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा की दीपा रानी मलिक (120 किग्रा) ने रजत और अंडमान-निकोबार की अलास्का अलीना (115 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया।मोनिखा, जो असम के धेमाजी जिले से हैं, ने बताया कि तीन महीने पहले अभ्यास के दौरान उनका घुटना मुड़ गया था और कोच उन्हें प्रतियोगिता से हटाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने खेलने का फैसला किया। उन्नीस साल के खिलाड़ी ने कहा,” मैं इस प्रतियोगिता को मिस नहीं करना चाहती थी क्योंकि मैं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। मुझे खुशी है कि मैं दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकी।”मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा भी पीठ की चोट से जूझ रहे थे। स्नैच में 108 किग्रा उठाने में संघर्ष के कारण वह दूसरे स्थान पर थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में शानदार वापसी करते हुए 130 किग्रा उठाकर कुल 235 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। झारखंड के बाबूलाल हेम्ब्रम (230 किग्रा) ने रजत और ओडिशा के सुब्रत नाइक (228 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।
- -5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणारायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में धमतरी जिले के सुदूर आदिवासी एवं वनांचल विकासखंड नगरी के विशेष प्रतिभावान स्कूली बच्चों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियों पर राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।इस समूह में शामिल 22 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए हुआ है, जबकि पांच बच्चों ने स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। क्षेत्र की विशेष प्रतिभा एआई वीडियो क्रिएटर सातवीं कक्षा की छात्रा कुमारी गरिमा साहू द्वारा तैयार वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी राज्यपाल श्री डेका ने सराहना की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।राज्यपाल ने इन बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया और कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत आवश्यक है। लक्ष्य को सामने रखकर निरंतर मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।राज्यपाल ने उपस्थित सभी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों से कहा कि इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करें। साथ ही, उन्हें गुल्लक भी प्रदान किए गए, ताकि उनमें नियमित बचत की आदत विकसित हो सके। इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव श्रीमती निधि साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, ग्राम सरपंच, संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठक, शिक्षक उपस्थित थे।
- -टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को बताया गेम-चेंजर-कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के चलते वेट कैटेगरी बदलना बड़ी चुनौतीरायपुर। टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को बताया गेम-चेंजरटोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन अवसर पर अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य, एशियन गेम्स पदक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सपना अब भी उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग की अग्रणी खिलाड़ी रही मीराबाई ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीते हैं, लेकिन एशियाई खेलों में पदक अब तक उनसे दूर रहा है। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 19 वर्ष की उम्र में पदार्पण किया था, जहां वे नौवें स्थान पर रहीं। इसके बाद 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में हिप की चोट ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया।31 वर्षीय मीराबाई ने कहा कि – “एशियन गेम्स मेरे लिए बेहद खास है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, और यही इसे सबसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। मेरा सपना है कि मैं वहां पदक जीतूं।” हालांकि, इस लक्ष्य की राह आसान नहीं है। नियमों में बदलाव के कारण उन्हें 48 किलोग्राम और 49 किलोग्राम वर्ग के बीच संतुलन बनाना होगा। वे 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी।उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं 48 किलोग्राम में खेलूंगी, लेकिन एशियन गेम्स के लिए फिर से 49 किलोग्राम वर्ग में आना होगा, जो एक बड़ी चुनौती है। मीराबाई ने हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाते हुए कुल 205 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।इस अवसर पर उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलता है, खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय इलाकों में जहां बहुत टैलेंट है, लेकिन मंच की कमी रहती है। मीराबाई ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, इन संस्थानों में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, पोषण और सुविधाएं मिल रही हैं, जो भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
- -पुनर्वासित युवाओं के प्रशिक्षण का किया अवलोकन, वेलकम एवं इलेक्ट्रिकल टूल किट का किया वितरणरायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गुरुवार को दंतेवाड़ा स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को इलेक्ट्रिकल टूल किट एवं वेलकम किट का वितरण किया। नवरात्रि के अंतिम दिन उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दंतेवाड़ा पहुंचकर उन्होंने माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।इसके पश्चात वे पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से चर्चा की और उनकी आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। युवाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने गृह ग्राम लौटकर खेती-किसानी करना चाहते हैं। इस पर श्री शर्मा ने आश्वस्त किया कि इच्छुक युवाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।उपमुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पुनर्वास नीति का उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने युवाओं से अपने अन्य साथियों को भी पुनर्वास के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया, ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर उज्ज्वल भविष्य बना सकें। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, भोजन व्यवस्था एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की। युवाओं द्वारा स्वयं भोजन बनाने की इच्छा जताने पर उन्होंने अनुमति प्रदान करते हुए कहा कि इच्छुक युवा स्वेच्छा से भोजन बना सकते हैं।श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित युवाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाए तथा केंद्र से बाहर जाने से पूर्व उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनाना भी सुनिश्चित किए जाएं। उपमुख्यमंत्री उनसे अपील की कि यदि उनके परिजन या पहचान के लोग जेल में निरुद्ध हैं तो वे उनसे मिल सकते हैं या वे पुनर्वास केंद्र में आकर साथियों से मुलाकात कर सकते हैं और यदि वे जेल से पुनर्वास करना चाहें तो भी शासन उनकी हर संभव मदद कर जेल से पुर्नवास कराने को तैयार है।उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केंद्र में कुल 107 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 60 बीजापुर एवं 47 दंतेवाड़ा जिले के हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। अब तक 7 युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 75 युवाओं को सिलाई मशीन का वितरण किया गया है।सीआरपीएफ के जवानों का उपमुख्यमंत्री ने किया प्रोत्साहनगुरुवार को उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा बस्तर से कभी अति संवेदनशील क्षेत्र माने जाने वाले मारडूम घाटी मार्ग से होते हुए चित्रकूट, लोहंडीगुड़ा और बारसूर के रास्ते दंतेवाड़ा पहुंचे थे। इसके माध्यम से उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि कभी दुर्गम माने जाने वाले मार्ग भी अब सुगम हो गए हैं। अब लोग बिना किसी भय के रात हो या दिन निर्भय होकर इन पर सफर कर सकते हैं। उन्होंने दंतेवाड़ा स्थित सीआरपीएफ बटालियन कैंप पहुंच, जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारे सैन्य बलों के शौर्य का ही परिणाम है कि आज बस्तर संभाग में अब तक लोगों की नजरों से छुपे हुए नए नए पर्यटन केंद्रों में पहुंच कर लोग बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं और स्थानीय लोगों को इससे रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।
- -जनजातीय कल्याण और खेल विकास को लेकर हुई सार्थक चर्चारायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उल्लेखनीय है कि श्री रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।
- बिलासपुर । कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार एंव उप संचालक महोदय के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 23/03/2026, 24/03/2025 व 25/03/2026को खनिज अमला बिलासपुर द्वारा काठकोनी, देवरीखुर्द, खम्हरिया, सकरी,निरतु, सेंदरी, मंगला,तुरकाडीह,लोखंडी,लोफण्डी,दर्रीघाट, लावर, जयरामनगर कोटा, करही कच्छार, पहन्दा क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान खम्हरिया क्षेत्र से खनिज मिट्टी का अवैध उतखनन करते 01 जे सी बी व 01 ट्रैक्टर ट्राली जप्त किया गया। सकरी क्षेत्र से खनिज मिट्टीईट का अवैध परिवहन करते 02 ट्रैक्टर ट्राली जप्त किया गया। जयरामनगर क्षेत्र से खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते 03 हाइवा 01ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया।सेंदरी क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 03 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया। ।करही कच्छार क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया। पहँदा क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया।लोफण्डी क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 14 वाहनों को पुलिस थाना कोनी, कोटा, पुलिस सहायता केंद्र केंदा व जाँच चौकी लावर की अभिरक्षा मे रखा गया है।खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- -बिलासपुर जिले के 39 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिली आर्थिक सहायता-संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभारबिलासपुर /पं. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में बड़ी संख्या में भूमिहीन मजदूरों को राहत मिली है। योजना के तहत जिले के 39 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रति हितग्राही 10 हजार रुपए की सहायता राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार जिले से इस राशि का अंतरण किया गया। जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र सौंपे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बलौदा बाजार जिले से राज्य के लाखों भूमिहीन मजदूरों की डीबीटी के जरिए राशि हस्तांतरित की गई। हितग्राहियों के खाते में राशि पहंुचते ही मैसेज प्राप्त होने पर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। आर्थिक रूप से कमजोर एवं भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए यह सहायता राशि किसी संबल से कम नहीं है। दैनिक मजदूरी पर निर्भर इन परिवारों के लिए यह राशि उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित हो रही है। जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के हितग्राहियों ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समय पर मिली यह सहायता राशि घर-गृहस्थी के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं अन्य आवश्यक कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगी। ग्राम नगोई की हितग्राही दुर्गा केंवट और बेसाखा बाई ने कहा कि सरकार द्वारा मिल रही इस एकमुश्त सहायता राशि से उनके कई कार्य पूरे हो सकेंगे। ग्राम महमंद के किसान दशरथ निर्मलकर और छतलाल ने बताया कि वह इस राशि का उपयोग गाय खरीदने के लिए करेंगे, जिससे वे अपनी आजीविका बढ़ा सके। वहीं बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम भिमनी के किसान शिवकुमार यादव ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करेंगे। ग्राम जलसो की राजकुमारी और ग्राम नगोई की बृहस्पति केंवट ने कहा कि हम जैसे गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह एक संवेदनशील पहल है। जिसका लाभ हमें तीन वर्षाें से मिल रहा है। हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना भूमिहीन मजदूर परिवारों के हित में बड़ी पहल है।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया। पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया गया। प्रशासनिक अमले द्वारा गांव-गांव एवं वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को जागरूक किया गया तथा उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि योजना का लाभ केवल पात्र एवं वास्तविक हितग्राहियों तक ही पहुंचे। इसके लिए नियमित समीक्षा, मॉनिटरिंग एवं मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी रही जिसके फलस्वरूप जिले में योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ और हजारों पात्र परिवारों को योजना का सीधा लाभ मिल सका।
- बिलासपुर /जिले में बर्ड फ्लू की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए कंट्रोल रूम की स्थापना की है। कलेक्टोरेट बिल्डिंग के कक्ष क्रमांक 25 में स्थित यह कंट्रोल रूम आम नागरिकों और संबंधित विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम बनेगा।कंट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर (07752-251000)जारी किया गया है, जिस पर नागरिक बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सूचना दे सकेंगे। यह कंट्रोल रूम दिन-रात 24 घंटे सक्रिय रहेगा। प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम के संचालन हेतु अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है, ताकि हर सूचना पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी संदिग्ध स्थिति या मृत पक्षियों की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें, जिससे समय रहते रोकथाम के प्रभावी उपाय किए जा सकें।








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