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- -’’तुंहर टोकन’’ ने खरीदी को बनाया त्वरित और पारदर्शीदुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन की किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे किसान के परिवार को मिल रहा है। दुर्ग जिले के ग्राम अंडा के प्रगतिशील कृषक श्री विवेक चंद्राकर ने हाल ही में अंडा सोसाइटी में अपनी उपज बेची और बताया कि इस वर्ष धान की खेती उनके लिए फायदे का सौदा बन गई है। श्री चंद्राकर, जो लगभग 16 एकड़ में खेती करते हैं, बताते हैं कि समर्थन मूल्य में हुई ऐतिहासिक वृद्धि ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। पहले हमें धान का जो मूल्य मिलता था, उससे सिर्फ़ लागत ही निकल पाती थी और कर्ज़ चुकाने में दिक्कत आती थी। लेकिन इस साल धान का मूल्य बढ़ने से जो आय हुई है, उससे वे अपना कर्ज चुका पाएंगे। श्री चंद्राकर ने धान खरीदी की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ’’तुंहर टोकन’’ मोबाइल ऐप की भी विशेष सराहना की। उन्होंने बताया टोकन लेने से लेकर धान की तौल होने तक, हमें कोई तकलीफ नहीं हुई। इस नए सिस्टम के कारण धान बेचने के लिए हमें किसी बिचौलिए या दलाल के पास नहीं जाना पड़ता। खरीदी का पूरा काम अब साफ़-सुथरा (पारदर्शी) और ईमानदारी से हो रहा है। श्री चंद्राकर का मानना है कि राज्य सरकार की नीतियाँ सही मायनों में किसानों को बेहतर मूल्य और आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं, साथ ही तकनीक के उपयोग से खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान-हितैषी बना रही हैं।
- -ग्रैंड आईएमए मैराथन — दौड़ें, नाचें और स्वास्थ्य का उत्सव मनाएंरायपुर। कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति उत्साह पैदा करने के उद्देश्य से पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, रायपुर में आगामी 23 नवंबर, रविवार को ग्रैंड आईएमए मैराथन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। रन फॉर हेल्थ, वॉर अगेंस्ट कैंसर थीम पर आधारित यह मैराथन स्वास्थ्य, ऊर्जा और उत्साह का अद्वितीय सम्मिलन होगी। इस कार्यक्रम में हर आयु वर्ग के लोग अपने परिवार के साथ भाग लेकर न केवल फिटनेस का आनंद लेंगे, बल्कि कैंसर के विरुद्ध जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी देंगे।आईएमए रायपुर के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:00 बजे से होगी। सुबह 6:00 से 6:45 बजे तक ऊर्जावान ज़ुम्बा वार्म-अप सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद सुबह 7:00 बजे मैराथन का फ्लैग-ऑफ किया जाएगा।प्रतिभागियों के लिए टी-शर्ट, हाइड्रेशन सपोर्ट, रन सहायता, कूल-डाउन सत्र, पौष्टिक नाश्ता और ज़ुम्बा एक्टिविटी जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी, जिससे प्रतिभागी सुरक्षित और उत्साहपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल हो सकें।आईएमए सदस्यों, मेडिकल प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए पंजीयन निःशुल्क रहेगा, जबकि अन्य प्रतिभागियों के लिए 500 रुपये (टैक्स अतिरिक्त) शुल्क निर्धारित किया गया है। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे परिवार, मित्रों और बच्चों के साथ अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कैंसर जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दें तथा इस जनकल्याणकारी आयोजन को सफल बनाएं।पंजीयन हेतु लिंक:https://www.townscript.com/e/grand-ima-mrarathon-202113
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा जनहित में बड़ा कदम उठाते हुए जोन क्रमांक-4 शिवाजी नगर वार्ड क्रं. 51 खुर्सीपार गेट चौक जी.ई.रोड सर्विस रोड पार्किंग स्थल से आवागमन बाधित करने वाले एक अवैध अतिक्रमण को सफलतापूर्वक बेदखल किया गया।यह बेदखली की कार्रवाई कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, निगम प्रशासन और भारी पुलिस बल की उपस्थिति में की गई।वार्ड क्रं. 51 निवासी, बंसी बाजार आवेदक लक्ष्मण दिवाकर द्वारा संतोष अहिरवार द्वारा संचालित मोची व्यवसाय की दुकान के कारण सार्वजनिक आवागमन बुरी तरह बाधित हो रहा था, जिसके संबंध में न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।कब्जाधारी द्वारा न्यायालय के आदेश और निगम के निर्देश के बावजूद स्वयं से अवैध कब्जा नहीं हटाने के बाद, निगम को बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई करनी पड़ी।अवैध दुकान को हटाने की यह कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न हुई। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा कर आवागमन बाधित करने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।बेदखली की कार्यवाही के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, बेदखली प्रभारी विनय शर्मा, सहायक प्रभारी हरिओम गुप्ता सहित निगम का पूरा तोड़फोड़ दस्ता टीम मौके पर उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने परीक्षार्थियों से व्यापम के दिशा-निर्देशों का पालन कर सफलतापूर्वक परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील-07 दिसंबर को आयोजित की जाएगी जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षाबालोद। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शीपूर्ण एवं सफलतापूर्वक आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने व्यापम द्वारा 07 दिसंबर को आयोजित जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 2025 में शामिल होेने वाले जिले के सभी अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सफलतापूर्वक परीक्षा के आयोजन में सहयोग करने को कहा है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अंतर्गत परीक्षार्थी, परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन करे। जिससे उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुँचे ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन किया जा सके। जारी दिशा निर्देश में बताया गया है कि परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। परीक्षा सुबह 12 बजे से प्रारंभ हो रहा है अतः मुख्य द्वार सुबह 11.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देना अनिवार्य है। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा। केवल साधारण स्वेटर (बिना पॉकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतारकर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना अनिवार्य है। स्वेटर हेतु हल्के रंग एवं आधे बांह का बंधन नहीं होगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। परीक्षार्थी फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी। परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र में केवल काले या नीले बॉल पांइट पेन लेकर ही आए।उल्लेखनीय है कि 07 दिसंबर को आयोजित होने वाले जल संसाधन विभाग अंतर्गत भर्ती परीक्षा हेतु राज्य के अंबिकापुर, बैकुंठपुर(कोरिया), बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जगदलपुर, जांजगरी-चांपा, जशपुर, कांकेर, कबीरधाम, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर एवं राजनांदगांव सहित कुल 16 जिलों में 756 परीक्षा केन्द्रों बनाया गया है। जिसमें 02 लाख 29 हजार 970 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
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रायपुर /छत्तीसगढ़ अग्निशमन सेवा भर्ती 2025 में वाहन चालक / वाहन चालक कम आपरेटर पद के लिए दस्तावेज जांच, शारीरिक नाप-जोख, शारीरिक दक्षता परीक्षा में चयनित हो चुके अभ्यर्थियों को अब अंतिम चरण के तहत ट्रेड टेस्ट देना होगा। वाहन चालक पद एवं वाहन चालक कम आपरेटर पद का ट्रेड के लिए अंतिम टेस्ट 26 नवंबर 2025 सुबह 8 बजे केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान, माना कैम्प में आयोजित की जाएगी। वाहन चालक पद एवं वाहन चालक कम आपरेटर पद का ट्रेड के लिए अंतिम टेस्ट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ भर्ती समिति के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
- -किसानों से सीधे संवाद कर ली जानकारीरायपुर ।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता ने बुधवार को सारंगढ़ विकासखंड का दौरा कर खरीदी केन्द्र कनकबीरा और सालर में पहुंचकर वहां धान की खरीदी और केन्द्र में किसानों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित किसानों से सीधे संवाद कर सुविधाओं, प्रक्रियाओं और समिति की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली।सचिव श्री गुप्ता ने सहायक आयुक्त सहकारिता को निर्देशित किया कि किसानों को समिति में सदस्यता लेने तथा भूमि के अनुसार राशि निवेश करने के लिए प्रेरित करें और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूर्ण करें। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में पहुंचे किसानों प्रदीप पटेल और जगतराम चौहान से खरीदी व्यवस्था, धान की किस्म और मिल रही सुविधाओं पर चर्चा की। केन्द्र में धान की नमी जांच निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और धान की किस्म के अनुसार पृथक स्टैकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति प्रबंधक को निर्धारित प्रक्रिया अनुसार श्रमिकों का भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पुलिस अधीक्षक श्री आंजनेय वार्ष्णेय सहित अन्य जिला अधिकारी व किसान मौजूद थे।
- -बालोद जिले के किसान विजय कुमार देवांगन उन्नत उद्यानिकी के सफल उदाहरणरायपुर। बालोद जिले के गुरुर विकासखण्ड स्थित ग्राम बिछ्छीबाहरा के कृषक विजय कुमार देवांगन ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत पपीते की खेती अपनाकर आर्थिक सुदृढ़ता की नई मिसाल कायम की है। खेती को जीवन आधार मानने वाले विजय पहले पारंपरिक सब्जी उत्पादन करते थे, किंतु उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी और अनुदान सुविधा ने उन्हें आधुनिक फल उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।अनुदान की जानकारी ने बदली सोच, खेती को मिला नया आयामकृषक विजय ने उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों की खेती पर उपलब्ध अनुदान के बारे में जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रीय बागवानी मिशन के फल क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। वर्ष 2025-26 में उन्होंने 06 एकड़ भूमि पर पपीते की खेती प्रारंभ की। विभाग द्वारा 2 हेक्टेयर हेतु 36 हजार रुपये का अनुदान भी उन्हें प्राप्त हुआ, जिसने उनकी इस नई पहल को आर्थिक मजबूती प्रदान की।700 क्विंटल उत्पादन से 10 लाख रुपये तक लाभ की उम्मीदमेहनत, तकनीकी मार्गदर्शन और समय पर लिए गए निर्णय का परिणाम आज उनके सामने है। विजय ने बताया कि वे इस सीजन में लगभग 700 क्विंटल पपीते का उत्पादन कर रहे हैं। वर्तमान बाजार दर 15 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार उन्हें लगभग 10.50 लाख रुपये तक की आय होने की उम्मीद है। उनके अनुसार पपीता अन्य परंपरागत फसलों की तुलना में अधिक लाभ देने वाली फसल साबित हो रही है।क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बना यह सफल प्रयोगविजय कुमार देवांगन की सफलता ने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग का सहयोग उनके लिए अत्यंत उपयोगी रहा और वे आगे भी विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को और आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। पपीते की खेती से मिली इस आर्थिक मजबूती ने साबित कर दिया है कि नवाचार, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
- -पहले मोहला में होती थी केवल 4-5 कूपों की ही कटाई, वन मंडल के गठन के बाद सभी 18 कूपों के साथ 10 अतिरिक्त कूपों की हो रही कटाई-पिछले दो वर्षों में मोहला वन मंडल के 34 समितियों को 38 लाख से अधिक रुपये का लाभांश वितरितमोहला । जिले के सुदूर क्षेत्रों में वन विभाग की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन ने ग्रामीणों के जीवन में बदलाव की शुरुआत कर दी है। वर्ष 2025 में वन मंडल मोहला द्वारा की गई वृहद कूप कटाई ने जहां विभागीय उपलब्धि हासिल की है। वहीं ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। पहले जहां 18 कूपों में से केवल 4-5 कूपों की ही कटाई हो पाती थी, वहीं वन मंडल के गठन के बाद यह संख्या लगातार बढ़ती गई और वर्ष 2025 में सभी 18 कूपों के अलावा 10 अतिरिक्त कूपों की कटाई कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया।कूप कटाई का लाभ केवल लकड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। कटाई कार्य से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला और साथ ही वन प्रबंधन समितियों को राजस्व का 20 प्रतिशत लाभांश प्राप्त हुआ है। इसी राजस्व से पिछले दो वर्षों में मोहला वन मंडल की 34 समितियों को 38 लाख 59 हजार 100 रुपये का लाभांश वितरित किया जा चुका है। यह राशि अब ग्रामीण विकास की धुरी बन रही है। कई गांवों में अधोसंरचना निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं, तो कहीं मछली पालन और कुसुम लाख पालन जैसी रोजगार मूलक गतिविधियां संचालित की जा रही है।वर्तमान में क्षेत्र की पाँच समितियों में अधोसंरचना विकास कार्य प्रगतिरत है। जबकि 17 समितियां विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का संचालन कर ग्रामीणों के लिए स्थायी आय के स्रोत तैयार कर रही हैं। यह उपलब्धि वन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता का सामूहिक परिणाम है।
- रायपुर । विश्व विरासत सप्ताह का आयोजन बुधवार को सिरपुर स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर परिसर में उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विरासत संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गनवीर धम्मशील ने किया। विश्व विरासत सप्ताह 25 नवम्बर तक जारी रहेगा।संरक्षित स्मारकों के छायाचित्र प्रदर्शितश्री गनवीर ने सिरपुर की कला, स्थापत्य और पुरातात्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 7 वीं शताब्दी में निर्मित ईंट का यह मंदिर प्रारंभिक मंदिर वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण में नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य पी.जी. कॉलेज, महासमुंद के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। मंदिर परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी में भारत और छत्तीसगढ़ के एएसआई संरक्षित स्मारकों के छायाचित्र तथा सिरपुर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गई। पारंपरिक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने क्षेत्र की समृद्ध कला-संस्कृति को जीवंत किया।विरासत का संरक्षण रहेगा जारीविद्यार्थियों के लिए विरासत संरक्षण, नैतिकता तथा स्मारक सुरक्षा पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, स्थानीय निवासी, पर्यटक और धरोहर प्रेमियों ने सहभागिता दी। स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक समूहों के सहयोग से आयोजन ज्ञानवर्धक, रोचक और सफल रहा। वर्ष भर विरासत संरक्षण के प्रयासों को जारी रखने का संकल्प लिया गया।विरासत संरक्षण में भागीदारी को प्रोत्साहनभारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, रायपुर मंडल ने जानकारी दी कि विश्व विरासत सप्ताह के कार्यक्रम 25 नवम्बर तक जारी रहेगा। विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, विरासत जागरूकता कार्यशालाएं तथा स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं में सांस्कृतिक सम्मान की भावना बढ़ाना और विरासत संरक्षण में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
- -समर्थन मूल्य में वृद्धि से बढ़ा किसानों का रुझान, कृषि क्षेत्र में दिखा सकारात्मक प्रभावरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए जाने और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी के निर्णय ने किसानों को बड़ी राहत दी है। सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी खरीदी व्यवस्था के कारण इस वर्ष किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य किसानों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के समग्र विकास में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।अकबर सिंह बंदे ने 72 क्विंटल धान किया विक्रयविकासखंड मोहला के ग्राम तेलीटोला निवासी किसान अकबर सिंह बंदे ने गोटाटोला धान खरीदी केंद्र में 72 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि सीएससी चॉइस सेंटर गोटाटोला में टोकन कटवाने से लेकर धान तौल और भुगतान तक पूरी प्रक्रिया सरल, सुगम और व्यवस्थित रही।बेहतर समर्थन मूल्य से खेती में बढ़ा निवेश — किसान अकबर सिंहश्री अकबर सिंह ने कहा कि उचित समर्थन मूल्य मिलने से न सिर्फ उनकी आय बढ़ी है, बल्कि खेती में निवेश के प्रति किसानों का आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार की नीति और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था ने किसानों को वास्तविक लाभ पहुंचाया है।खरीदी केंद्र की सुविधाओं की किसानों ने की सराहनाउन्होंने गोटाटोला खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, बैठक व्यवस्था, बारदाना, तौल मशीन, पेयजल और सहायकों की सक्रियता की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। किसान अकबर सिंह ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है और कृषि के प्रति उनका रुझान भी सुदृढ़ हुआ है।
- -उत्कृष्ट प्रबंधन और कर्मचारियों के सकारात्मक व्यवहार से धान विक्रय प्रक्रिया बनी सरल एवं पारदर्शीरायपुर । बस्तर जिले का जमावाड़ा धान उपार्जन केंद्र बना सुगमता और सहयोग की मिसालइस वर्ष खरीफ विपणन सत्र में जगदलपुर विकासखंड के जमावाड़ा धान उपार्जन केंद्र ने अपने सुचारू संचालन, उत्कृष्ट प्रबंधन और सहयोगी कर्मचारियों के व्यवहार से किसानों का विश्वास जीता है। धान विक्रय के लिए पहुंचे किसानों ने न सिर्फ केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना की, बल्कि पूरी खरीदी प्रक्रिया को सरल, तेज और परेशानी-रहित बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसान कल्याणकारी प्रयासों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।टोकन से तौल तक हर कदम पर किसानों को मिला सहयोगकेंद्र में धान बेचने आये किसानों लच्छिंदर कश्यप, रामधर नाग और बिहारी लाल ने कर्मचारियों को सहयोगी, संवेदनशील और कार्य के प्रति समर्पित बताया। किसानों के अनुसार कर्मचारियों ने टोकन वितरण, बारदाना उपलब्धता, धान की सटीक तौल, विक्रय पंजीकरण, भुगतान संबंधी प्रक्रिया सभी चरण में किसानों को पूरा सहयोग दिया। जिससे खरीदी प्रक्रिया बहुत सरल हो गयी।बंदाम के रामधर धान विक्रय के पैसों से बच्चों को दिलाएंगे उच्च शिक्षाछोटे बंदाम निवासी रामधर नाग ने अपनी 2 एकड़ 80 डिसमिल भूमि से उपजे 58 क्विंटल धान का विक्रय केंद्र में किया। उन्होंने बताया कि 17 नवंबर को टोकन कटवाने के बाद उन्हें समय पर धान बेचने का अवसर मिला। अपने परिवार की बात करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी एक बेटी कुम्हरावंड स्थित कृषि महाविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर की छात्रा है, एक बेटा 11वीं और दूसरा 9वीं कक्षा में पढ़ रहा है। ऐसे में उचित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से ही वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का सपना पूरा कर पा रहे हैं।बिहारी लाल ने बेचा 82.80 क्विंटल धानकाकरवाड़ा के किसान बिहारी लाल ने अपनी 4 एकड़ 95 डिसमिल भूमि में उत्पादित 82 क्विंटल 80 किलोग्राम धान को केंद्र में विक्रय बस्तर जिले का जमावाड़ा धान उपार्जन केंद्र बना सुगमता और सहयोग की मिसाल किया। उन्होंने भी 17 नवंबर को टोकन प्राप्त किया था और उन्होंने खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह से सुविधाजनक बताया।जमावाड़ा केंद्र में खरीदी सुचारू, किसानों को समय पर टोकन उपलब्धबुधवार को बस्तर जिले में 24 किसानों ने लगभग 1290 क्विंटल धान का विक्रय किया। जमावाड़ा केंद्र में भी लच्छिंदर सहित 5 किसानों ने धान की तौल करवाकर विक्रय पूर्ण किया। किसानों ने केंद्र की पारदर्शी प्रक्रिया, व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तत्परता के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष धान खरीदी उनके लिए पहले से कहीं अधिक सहज और भरोसेमंद रही है।धान खरीदी केंद्र प्रभारी ने बताया कि किसान आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के माध्यम से आसानी से टोकन कटवा सकते हैं। आने वाले दिनों में खरीदी की रफ्तार और तेज होगी। सभी पंजीकृत किसानों को निर्धारित समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाएगा।
- -7 वाहन जब्त, मालिकों पर प्रकरण दर्जरायपुर। राज्य शासन के मंशानुरूप राज्य में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कड़ाई से रोक लगाने तथा इसमें सलिप्त लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के उद्देश्य से कोरिया जिले में खनिज विभाग की टीम द्वारा लगातार जांच-पड़ताल की कार्रवाई की जा रही है। इसी सिलसिले में 11 नवम्बर से 19 नवम्बर तक बैकुण्ठपुर एवं पटना तहसील क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान बिना टीपी के खनिजों का अवैध परिवहन करते हुए 7 वाहनों के जब्ती की कार्रवाई की गई। जिसमें ट्रैक्टर, जेसेबी, मिनी ट्रक आदि शामिल हैं। सभी वाहनों को समीपस्थ थाना पटना एवं चरचा थाना में रखा गया है तथा उनके मालिकों के विरूद्ध मुरम एवं रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में संचालित सभी गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में लंबित पीआईएल तथा अन्य याचिकाओं में दिए गए आदेशों के अनुपालन तथा प्रस्तावित प्ले स्कूल एक्ट की रूपरेखा के तहत तैयार किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में संचालित सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालय, जो कक्षा एक से ऊपर की कक्षाएँ संचालित नहीं करते, उन्हें अपने संस्थान का पंजीयन तीन माह के भीतर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।पंजीयन प्रक्रिया में संस्थान को अपने नाम से संबंधित विवरण, शिक्षकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। विद्यालयों के संचालन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों को अनुसूची-एक में निर्धारित सभी मानकों का पालन करना होगा।प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में विभाग ने स्पष्ट किया है कि नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 में प्रवेश हेतु आयु सीमा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मान्य होगी। तीन वर्ष से कम आयु के किसी भी बालक या बालिका का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रवेश के लिए आयु सत्यापन केवल शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित वैध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी बच्चे पर शारीरिक दंड देना या मानसिक उत्पीड़न करना पूर्णतः निषिद्ध होगा। विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, स्वास्थ्यकर एवं खेल-आधारित सीखने का वातावरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा, जिससे बच्चों का समग्र विकास सुचारू रूप से हो सके।पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों के पारदर्शी तथा प्रभावी संचालन हेतु पालक-शिक्षक समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। विद्यालय प्रारंभ होने के एक माह के भीतर यह समिति गठित की जाएगी, जिसमें 75 प्रतिशत पालक और 25 प्रतिशत शिक्षक सदस्य होंगे। समिति के अध्यक्ष का चयन पालकों के मध्य से किया जाएगा तथा इसमें 75 प्रतिशत महिलाएँ शामिल होंगी। प्रत्येक कक्षा से एक-एक पालक सदस्य लिया जाएगा।समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होगा और इसकी बैठक प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी। बैठकों से संबंधित समस्त विवरण रजिस्टर में संधारित किया जाना आवश्यक होगा। समिति विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और खेल-खेल में शिक्षा की व्यवस्था पर निगरानी रखेगी।राज्य शासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिले में संचालित सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों का पंजीयन आदेश जारी होने की तिथि से तीन माह के भीतर सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालयों में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नियमित रूप से हो। यह दिशा-निर्देश राज्य में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- -विकास कार्यों से बदल रहा मुंगेली का स्वरूप : श्री सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बुधवार को मुंगेली नगर पालिका में 29 करोड़ 90 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने मुंगेली के आगर खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और लोक निर्माण विभाग के कुल 17 करोड़ 55 लाख 12 हजार रुपए के 91 कार्यों का लोकार्पण और 12 करोड़ 41 लाख 79 हजार रुपए के 23 कार्यों का भूमिपूजन किया। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले भी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधोसंरचना मद के तहत परशुराम चौक में सौंदर्यीकरण एवं मूर्ति स्थापना, वार्ड-11 व वार्ड-20 में सामुदायिक भवन निर्माण तथा वार्ड-13 में प्रसाधन सहित बस प्रतीक्षालय का लोकार्पण किया। उन्होंने अधोसंरचना व 15वें वित्त आयोग मद से 76 सीसी सड़कों, आरसीसी नालियों, बाउंड्रीवाल निर्माण, विद्युतीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया। श्री साव ने बालानी चौक में माता परमेश्वरी चौक सौंदर्यीकरण, अधिकारी-कर्मचारी आवास निर्माण, मां परमेश्वरी चौक एवं देवांगन मुक्तिधाम में हाईमास्ट लाइट स्थापना, भक्त माता कर्मा चौक निर्माण एवं मूर्ति स्थापना, साहूपारा में सामुदायिक भवन निर्माण, निरंजन प्रसाद केशरवानी बाल वाटिका जीर्णोद्धार, आगर खेल परिसर का जीर्णोद्धार, पड़ाव चौक में महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा स्थापना के साथ ही विप्र समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण का भूमिपूजन किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मुंगेली के विकास कार्यों के लिए पैसों की कमी नहीं होगी। यहां के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए सड़क, नाली, पानी सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका को पिछले 20 माह में अलग-अलग योजनाओं के तहत 92 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी जा चुकी है।विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुंगेली जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, नगर पालिका के अध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला, जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री होरी सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद थे।आगर खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री वितरित कर लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग अंतर्गत दो हितग्राहियों को महाजाल एवं आइस-बॉक्स, उद्यानिकी विभाग अंतर्गत तीन हितग्राहियों को ग्राफ्टेड बैगन के लिए सहायता राशि, समाज कल्याण विभाग अंतर्गत तीन हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत आठ बच्चों को श्रवण यंत्र व मैग्नीफायर ग्लास, एमआर किट, नगर पालिका मुंगेली अंतर्गत पांच हितग्राहियों को भवन अनुज्ञा, विद्युत विभाग अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनांतर्गत प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पांच लोगों को को आयुष्मान व वय वंदन कार्ड, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत पांच लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र और पांच को 60-60 हजार रुपए का चेक प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
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- नागरिकों को ओटीपी धोखाधड़ी से बचने की अपील की
रायपुर ।कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गणना फॉर्म भरने वाले मतदाताओं और नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचना जारी की है। इस सूचना का उद्देश्य लोगों को उनके मोबाइल नंबर के संभावित दुरुपयोग और ओटीपी आधारित धोखाधड़ी से बचाना है।सावधान! OTP कभी शेयर न करेंविभाग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर देना पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि कुछ साइबर अपराधी इसी बहाने ठगी करने की कोशिश कर सकते हैं।सबसे महत्वपूर्ण बातमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जोर देकर कहा है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से एसआईआर फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है।कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ आपसे ओटीपी नहीं मांगता है।मुख्य निर्देश और चेतावनी बिंदु:कॉल आने पर तुरंत मना करें:यदि आपको कोई व्यक्ति फोन करे और कहे कि "आपके SIR से जुड़े मोबाइल पर जो OTP आया है, वह हमें दे दीजिए," तो उन्हें तुरंत मना कर दें।BLO से सीधे संपर्क करें:कॉल करने वाले व्यक्ति को साफ-साफ कहें कि "मैं कार्यालय जाकर बात करूँगा/करूंगी या अपने BLO से संपर्क करूँगा/करूंगी।"दबाव या धमकी पर पुलिस को सूचना दें:अगर कोई व्यक्ति OTP मांगने के लिए दबाव डाले, धमकी दे या जोर डाले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।विभिन्न राज्यों की पुलिस ने नागरिकों को 'SIR फॉर्म' भरने की प्रक्रिया से जुड़ी एक नई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी (स्कैम) के प्रति आगाह किया है और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में अपने मोबाइल फोन में प्राप्त वन टाइम पासवर्ड (OTP) किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।अधिक जानकारी के लिए:हेल्पलाइन नंबर: 1950सोशल मीडिया: @CEOChhattisgarh (फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम) -
-उपार्जन केन्द्रों में तेज हो गई धान की आवक
-19 नवंबर को किसानों से 7,11,335 क्विंटल धान उपार्जित- 26.50 लाख किसानों का 29.27 लाख हेक्टेयर रकबा पंजीकृत-टोकन तुंहर एप्प से किसानों को हो रही है आसानीरायपुर / राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जोर पकड़ने लगा है। धान खरीदी के 5वें दिन 19 नवंबर को किसानों से 7 लाख 11 हजार 335 क्विंटल धान की खरीदी की गई। धान उपार्जन का यह आंकड़ा बीते 4 दिनों में खरीदे गए धान की मात्रा के लगभग बराबर है। राज्य में 15 नवंबर से लेकर 19 नवंबर तक कुल 14 लाख 54 हजार 451 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मार्कफेड द्वारा अपेक्स बैंक को 214.18 करोड़ रूपए जारी कर दिए गए हैैं। यहां यह बता दें कि राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है। गौरतलब है कि धान खरीदी में गड़बड़ी की रोकथाम के लिए राज्य में संचालित सघन अभियान के अंतर्गत अब तक धान के अवैध संग्रहण एवं परिवहन के कुल 373 मामले दर्ज किए गए हैं और 25 हजार 567 क्विंटल धान पकड़ा गया है।खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत आज सभी जिलों के उपार्जन केन्द्रों में कुल 7,11,353 क्विंटल धान की खरीदी हुई। राज्य के मैदानी हिस्से के जिलों जैसे बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर जिले के उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक काफी तेज हो गई है। बालोद जिले में अब तक 1,44,468 क्विंटल धान, बेमेतरा में 1,86,972 क्विंटल, दुर्ग में 1,33,514, कवर्धा में 58,958, राजनांदगांव में 1,60,247, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 90,416, बलौदाबाजार-भाटापारा में 1,18,565, धमतरी में 1,55,275, गरियाबंद में 64,090, महासमुंद में 60,883 तथा रायपुर जिले में 1,52,850 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है।किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में आसान हो रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन सीजन 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य के 26.50 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीकृत धान का रकबा 29.27 लाख हेक्टेयर है। - -शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण, किसानों और आम नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभगाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण किसानों और जनता को देगा वास्तविक लाभ— मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे राज्य के लिए गाइडलाइन दरों का व्यापक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह निर्णय जनता के हित, पारदर्शिता, उचित बाजार मूल्यांकन और नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।गाइडलाइन नियम 2000 के अनुसार दरों का प्रतिवर्ष पुनरीक्षण आवश्यक है, परंतु वर्ष 2017-18 के बाद से दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ था। इस कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर पैदा हो गया था—जिसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों, भूमिस्वामियों, संपत्ति धारकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा था।राज्य में गाइडलाइन दरों के पिछले ढांचे नगरीय क्षेत्रों में दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। एक ही सड़क, वार्ड या आसपास के क्षेत्रों में अनुपातहीन अंतर दिखाई देता था। एक ही सड़क पर स्थित संपत्तियों की दरें अलग-अलग थीं, जिससे नागरिकों को वास्तविक मूल्यांकन में कठिनाई होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक ही मार्ग पर स्थित गाँवों की दरों में अतार्किक भिन्नता थी, जिससे किसानों को मुआवज़ा और बैंक लोन में नुकसान होता था। पिछले सात वर्षों में बने नए हाईवे, कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र आदि की दरें निर्धारित नहीं थीं, जिससे नागरिकों को संपत्ति मूल्य जानने में कठिनाई हो रही थी।वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर गाइडलाइन दरों को पुर्ननिर्धारित करते हुए पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनसुलभ बनाया गया है। नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन को रोड-वाइज तैयार किया गया है, ताकि एक सड़क और समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की दरें समान हों। अत्यधिक कंडिकाओं को समायोजित कर संख्या कम की गई, ताकि नागरिकों को मूल्य समझने में सरलता हो। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गाँवों की दरों को नक्शे में प्रविष्ट कर, समान मार्ग और समान परिस्थितियों वाले गाँवों की दरें यथासंभव समान और तर्कसंगत की गईं।वर्तमान दरों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रैशनलाइज़्ड बेस रेट तैयार किए गए और इन्हीं के आधार पर नई दरें प्रस्तावित की गईं है।नवीन दरें – जनता को सीधा लाभनगरीय क्षेत्रों में लगभग 20% की तर्कसंगत वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के हित में दरों में 50% से 300% तक वृद्धि की गई है—जिससे किसानों को भूमि अधिग्रहण आदि में 3 गुना तक अधिक मुआवज़ा मिलेगा।नवीन दरों से किसानों/भूमिस्वामियों को उनकी भूमि का अधिक एवं न्यायसंगत मुआवज़ा प्राप्त होगा। संपत्ति के विरुद्ध बैंक से अधिक राशि का लोन स्वीकृत होगा। आम नागरिकों के लिए अपनी संपत्ति की गाइडलाइन दर स्पष्ट और समझने में आसान होगी।वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और वैज्ञानिक पुनरीक्षण जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि 2017-18 के बाद दरों में संशोधन न होने से राज्य में वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में गंभीर असंतुलन पैदा हो गया था, जिससे किसान, भूमिस्वामी और सामान्य नागरिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहे थे। नई गाइडलाइन दरें रोड-वाइज और वैज्ञानिक मैपिंग के आधार पर तैयार की गई हैं, ताकि हर क्षेत्र में दरें तर्कसंगत, समान और समझने में सरल हों। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से 300% तक की वृद्धि किसानों को उचित मुआवज़ा और अधिक बैंक लोन प्राप्त करने में बड़ा लाभ देगी, जबकि नगरीय क्षेत्रों में 20% की तार्किक वृद्धि मूल्य-विसंगतियाँ दूर करेगी। श्री चौधरी ने कहा कि विभाग भविष्य में भी विकास, नई बसाहटों, बाजार प्रवृत्तियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर नियमित समीक्षा करता रहेगा, ताकि किसी भी नागरिक को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य से वंचित न होना पड़े।उल्लेखनीय है कि लंबे अंतराल के बाद गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और महत्त्वपूर्ण संशोधन किया गया है। भविष्य में भी विभाग द्वारा जिले स्तर पर उस क्षेत्र में हो रहे विकास, नए निर्माण, क्षेत्रीय परिस्थितियों, बाजार प्रवृत्तियों तथा नई बसाहटों/कॉलोनियों के विस्तार का नियमित आकलन किया जाता रहेगा। इसी आधार पर गाइडलाइन दरों में समय-समय पर आवश्यक, तर्कसंगत और जनहितकारी संशोधन किए जाते रहेंगे, ताकि नागरिकों को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे और किसी भी प्रकार की मूल्य-विसंगतियाँ उत्पन्न न हों।"गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण राज्य के किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के हित में उठाया गया अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम है। पिछले कई वर्षों से दरों में संशोधन न होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में बड़ा अंतर पैदा हो गया था। नई दरें न केवल न्यायसंगत मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगी, बल्कि किसानों को भूमि अधिग्रहण में अधिक मुआवज़ा, नागरिकों को संपत्ति का सही मूल्य और बैंक से अधिक ऋण प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान करेंगी। शासन की मंशा स्पष्ट है—हर नागरिक को उसकी संपत्ति का उचित मूल्य मिले और किसी भी प्रकार की विसंगतियाँ या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। यह निर्णय प्रदेश के आर्थिक परिवेश को अधिक पारदर्शी, संतुलित और जनहितकारी बनाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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-प्रशासनिक कार्यकुशलता और समय की पाबंदी को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम
रायपुर / पारदर्शिता, समयपालन और प्रशासनिक कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने महानदी भवन और इन्द्रावती भवन में कार्यरत सभी विभागों में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) लागू करने की घोषणा की है।आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील की उपस्थिति में नए सिस्टम का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें फेसियल ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली तथा दीवार पर लगाए गए आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरणों का डेमो प्रस्तुत किया गया। इस प्रणाली का परीक्षण कल से प्रारंभ होगा और 01 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में AEBAS के माध्यम से उपस्थिति अनिवार्य होगी।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने निर्देशित किया है कि 01 जनवरी 2026 से यह प्रणाली सभी संचालनालयों/ विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू कर दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समय पालन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को कड़ाई से इसका पालन करना होगा।कर्मचारियों के लिए उपस्थिति दर्ज करने के तरीकेनए प्रोटोकॉल के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को रोज़ाना दो बार—प्रवेश के समय “IN” और प्रस्थान के समय “OUT”—उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके लिए दो विकल्प उपलब्ध किए गए हैं:1. मोबाइल ऐप के माध्यम से फेसियल ऑथेंटिकेशनकर्मचारी अपने स्मार्टफोन पर आधार-आधारित फेसियल वेरिफिकेशन के माध्यम से IN/OUT उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। यह प्रणाली सुविधा और बायोमेट्रिक सुरक्षा—दोनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।2. प्रवेश द्वारों पर लगे आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरणमंत्रालय भवनों के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर दीवार पर लगे थम्ब-बेस्ड आधार-सक्षम बायोमेट्रिक डिवाइसेज़ स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे।दोनों प्रणालियाँ समानांतर रूप से संचालित होंगी और कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी निर्धारित प्रवेश द्वारों पर आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरण स्थापित कर दिए हैं और नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया है, जिससे व्यवस्थित और निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। सभी कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके आधार और सेवा संबंधी विवरण उपस्थिति पोर्टल में सही ढंग से अपडेट हों।नई उपस्थिति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या अनुपालन न करने को गंभीरता से लिया जाएगा।आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की शुरुआत राज्य सरकार की प्रशासनिक जवाबदेही, कार्यकुशलता और सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता में सुधार लाने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। यह प्रणाली न केवल विभागीय संचालन को सरल बनाएगी, बल्कि प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन और पारदर्शिता की संस्कृति को भी स्थापित करेगी।“महानदी और इन्द्रावती भवन के सभी विभागों में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) का क्रियान्वयन पारदर्शिता, समयपालन और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज मुख्य सचिव और सभी सचिवों की उपस्थिति में फेसियल ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली और दीवार पर लगे आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरणों का विस्तृत प्रदर्शन किया गया। 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में AEBAS आधारित उपस्थिति अनिवार्य होगी और 01 जनवरी 2026 से यह प्रणाली सभी संचालनालयों में लागू कर दी जाएगी। मैं अपेक्षा करता हूँ कि हर अधिकारी और कर्मचारी समयपालन और पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेंगे, ताकि हम आधुनिक, तकनीक-आधारित और जवाबदेह शासन व्यवस्था की ओर निरंतर अग्रसर हो सकें।”– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय - -राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-जनपद पंचायत के सीईओ के कॉन्फ्रेंस का भी उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारम्भरायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिला सरपंचों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में परिवार का पूरा ध्यान घर की महिला ही करती हैं इसी प्रकार अब आपके गांव भी आपका परिवार हैं जिनके लिए कृतसंकल्पित होकर आपको कार्य करना है। व्यवस्था में परिवर्तन कर गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ग्रामीणों की आदत ओर व्यवहार त्र में परिवर्तन लाना होगा। गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ सेवक बनकर कार्य करना होगा।स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर नवा रायुपर स्थित निजी रिसोर्ट में राज्यस्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा में जनपद पंचायतों के सीईओ के कॉन्फ्रेंस शुभारंभ किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गांव के विकास के लिए आप (सरपंच) जो कार्य करेंगे वो आपके और गांव के स्वजनों द्वारा ही उपयोग किया जाएगा इसलिए हम सभी को गांव में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी ध्यान रखना है। लोगों के मनोभाव को बदलकर अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाना है। उन्होंने सभी सरपंचों को हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित करने एवं सभी की मरम्मत करवाने हेतु प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता केवल अधोसंरचना निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और प्रशासनिक टीमों को स्वच्छता की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी देने की अपील की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आज छत्तीसगढ़ स्वच्छ पंचायत सेवा-स्तर के मानक-निर्धारण हेतु नवनिर्मित टूल और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। यह देश का पहला प्रयास है जिसे सभी पंचायतों में एक साथ लागू किया जाएगा। इस टूल और डैशबोर्ड में अपनी पंचायत की स्वछता एवं जल की स्थिति का आंकलन करेंगे, इससे ना केवल हमें पंचायत में स्वच्छता एवं जल की स्थिति का पता चल सकेगा बल्कि पंचायतें स्वच्छता एवं जल के प्रति जवाबदेही से भी अवगत होंगी।ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यक्तिगत शौचालय व सामुदायिक शौचालयों के प्रति प्रोत्साहित करने एवं उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने हेतु उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का भी शुभारम्भ किया। इस अभियान में समुदाय और परिवारों को शौचालयों की नियमित मरम्मत, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन हेतु निरंतर जनजागरूकता के लिए 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक स्वच्छ संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जाएगा।इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक, एसबीएम योजना के प्रबंध निदेशक श्री अश्विनी देवांगन, यूनिसेफ की ओर से वरिष्ठ जल एवं स्वछता विशेषज्ञ श्री सुजोय मजुमदार, प्रमुख सामाजिक व्यवहार परिवर्तन श्री डेनिश लार्सेन, जल एवं स्वछता विशेषज्ञ सुश्री श्वेता पटनायक, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ श्री अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला सरपंच उपस्थित रहीं।
- -प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल - ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान-केंद्र सरकार ने राज्य को 774 सड़क कार्यों (2,426.875 किमी) की दी स्वीकृति-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को देगी नई गति - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान कायम की है। योजना के विभिन्न चरणों में छत्तीसगढ़ को अब तक कुल 9,722 सड़कें (48,594 किमी) और 669 पुल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 8,753 सड़कें (43,380 किमी) और 470 पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर जानकारी दी कि ग्रामीण सड़क संपर्क को और सुदृढ़ करते हुए PMGSY-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 774 नई सड़कें (कुल लंबाई 2,426.875 किमी) स्वीकृत की गई हैं। यह पहली बार है जब इस चरण में पात्र संपर्क-विहीन बसावटों को ‘बारहमासी सड़क संपर्कता’ प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्वीकृति से छत्तीसगढ़ की दूरस्थ और वंचित बसावटों तक सर्व मौसम सड़क सुविधा पहुँचाने का मार्ग खुल गया है।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा गया है कि बारहमासी सड़क संपर्कता से इन बसावटों को बाज़ार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पोषण, आपदा प्रबंधन और दैनिक आवागमन में व्यापक सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और जन-कल्याणकारी सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने लगातार अग्रणी प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों, पीएमजीएसवाई टीम, इंजीनियरों और मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रयास निरन्तर जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की गति में तेजी आएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को नई गति देगी। यह निर्णय दूरस्थ और संपर्क-विहीन बसावटों को बारहमासी सड़क सुविधा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक ग्राम तक सुरक्षित, सुदृढ़ और सर्व मौसम सड़क संपर्क सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन-कल्याण को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाए।” - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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कोंडागांव. जिले में सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोंडागांव सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मसोरा टोल प्लाजा के करीब हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि कोंडागांव जिले के बड़ेडोंगर भैंसाबेडा गांव निवासी 12 लोग एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर कोंडागांव में फिल्म देखने गए थे। जब वे देर रात लौट रहे थे तभी उनकी गाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर मसोरा टोल प्लाजा के करीब सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान लखन माड़वी, भूपेंद्र माड़वी, रूपेश माड़वी, नूतन मांझी और शत्रुघ्न मांझी के रूप में हुई है। दुर्घटना में सात अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि शवों और घायलों को अस्पताल भेजा गया।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है तथा उन्हें बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
- रायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी के विद्यालय परिसर में खेल मैदान की ओर लगा एक सी सी टी वी कैमरा मंगलवार को चोरी हो गया है।चोरी का समय शाम ढले लगभग 7 बजे के आसपास है । कैमरा चोरी होने की जानकारी आज बुधवार को विद्यालय खुलने पर हुई । प्राचार्य द्वारा शाला विकास समिति के पदाधिकारियों व ग्रामीणों को जानकारी देने पर स्कूल पहुंचे ग्रामीणों ने मुआयना करने के बाद प्राचार्य को थाना में शिकायत कर एफ आई आर दर्ज करवाने का आग्रह किया । इधर स्कूल मैदान में शाम ढले पियक्कड़ों का मजमा जमने की शिकायत पर ग्रामीणों ने ग्रामीण सभा में मैदान में किसी के भी अनाधिकृत रूप से प्रवेश पर रोक लगाने के साथ - साथ थाना प्रभारी आशीष यादव को भी दबिश दे कार्यवाही का आग्रह किया था । पुलिस की दबिश पडऩे के बाद पियक्कड़ों का मजमा लगना काफी कम हो गया है फिर भी कतिपय विध्नसंतोषी तत्वों के वहां पहुंचने की जानकारी ग्रामीण देते हैं और जिस पर ग्राम प्रमुखों की भी नजर है। ग्रामवासी ग्रामीण व्यवस्था के साथ - साथ ऐसे तत्वों पर पुलिसिया कार्यवाही की भी मांग कर रहे हैं ।
- -आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गईरायपुर /राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गयी थी। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान शामिल है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है।धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
- रायपुर । नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी और जागरूकता के अद्भुत संगम के रूप में मनाई गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम रायपुर स्थित होटल मैरियट में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव तथा संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली और समाज से नशे के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। 543 स्थलों पर 24,749 प्रतिभागियों, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 505 कार्यक्रमों में 69,356 प्रतिभागियों ने शपथ ली। इसी क्रम में राज्य के 7,452 विद्यालयों में 3,98,675 छात्रों और शिक्षकों ने नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया।स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित 9,355 कार्यक्रमों में 1,20,410 प्रतिभागियों ने नशा छोड़ने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही अन्य 2,103 आयोजनों में 57,570 लोगों ने शपथ लेकर अभियान को और मजबूत किया। इस प्रकार कुल 19,958 स्थलों पर 6,70,760 नागरिकों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण का प्रण लिया।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 18 नवंबर को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर देखा गया। राज्य के सभी जिलों, विभागों, शासकीय कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सामूहिक रूप से प्रसारण का अवलोकन किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़े।नशामुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य मादक द्रव्यों, तंबाकू और शराब की लत जैसी सामाजिक बुराइयों से लोगों को बचाना तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना है। अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रमों, शिक्षा संस्थानों की गतिविधियों, समुदाय की सहभागिता, काउंसिलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिले।समाज कल्याण विभाग ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी प्रशासन, युवा सेवाएँ सहित अनेक विभागों को अभियान से जोड़कर बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से नशामुक्ति की दिशा में एक व्यापक और प्रभावशाली जन-अभियान आगे बढ़ाया है।इतनी बड़ी जनसहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया है कि राज्य नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में जनजागरूकता, काउंसिलिंग और समुदाय आधारित गतिविधियाँ निरंतर जारी रहेंगी, जिससे छत्तीसगढ़ नशामुक्त और प्रगतिशील प्रदेश की दिशा में निरंतर आगे बढ़े।
- -पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय रायपुर में पूर्वी क्षेत्रीय अन्तर्महाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 की शुरूआत हुई। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय रायपुर, स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर, कृषि महाविद्यालय, महासमुंद, कृषि महाविद्यालय भाटापारा, कृषि महाविद्यालय, मर्रा, पाटन तथा कृषि महाविद्यालय, गरियाबंद के 250 प्रतिभागी शामिल है। समारोह की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने की । 19 से 21 नवम्बर, 2025 तक आयोजित होने वाली इस तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न क्रीड़ा स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लम्बी कूद, ऊंची कूद, ट्रिपल जंप, भाला फेंक, गोला फेंक, डिस्क थ्रो, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, हर्डल दौड़ तथा 4ग्100 मीटर एवं 4ग्400 मीटर रिले दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। सामूहिक स्पर्धाओं के अंतर्गत वॉलीबाल, खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन तथा टेबल टेनिस स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है।खेल-कूद प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि विद्यार्थी जीवन में खेलों का बहुत महत्व है। इससे शरीर स्वस्थ एवं मजबूत बनता है एवं बच्चों में टीम स्पिरिट तथा खिलाड़ी भावना का विकास होता है जो भविष्य में उन्हें सफल एवं अनुशासित नागरिक बनने में योगदान देते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आव्हान किया कि वे अपनी पूरी क्षमता तथा मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लें तथा सफलता अर्जित करें। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों को खेल भावना की शपथ दिलायी। इस अवसर पर सभी प्रतिभागी टीमों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट भी किया।उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित समस्त कृषि महाविद्यालयों को चार जोन में विभाजित किया गया, जिसमें पूर्वी क्षेत्र के अन्तर्गत 11 महाविद्यालय आते हैं। विश्वविद्यालय के पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण जोन के 28 महाविद्यालयों में भी अन्तरमहाविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के समस्त कृषि महाविद्यालयों के चार जोन में आयोजित होने वाली अन्तरमहाविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता से प्रत्येक जोन के चयनित 40-40 विद्यार्थियों की एक टीम गठित की जाएगी जो विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली अंतर विश्वविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता में अपने-अपने जोन का प्रतिनिधित्व करेगी। चारों जोन की विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली खेल-कूद प्रतियोगिता से चयनित 40 विद्यार्थियों की एक विश्वविद्यालय स्तरीय टीम का गठन किया जाएगा जो इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अन्तर कृषि विश्वविद्यालयों खेल-कूद प्रतियोगिता में करेगी।शुभारंभ समारोह में आयोजन समिति की अध्यक्ष कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शमा,र् निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, डॉ. एस.एस. सेंगर, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. अजय वर्मा ने भी संबोधित किया। पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता में समस्त आठ महाविद्यालयों के टीम मैनेजर, रैफरी छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. आर.के. ठाकुर ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।













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