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- विकास कार्यक्रम में लगे विभागीय स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, हितग्राहियों को मिल रहा है सीधा लाभ
दुर्ग/ राज्योत्सव के दौरान जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित विभागीय स्टॉल लगाए गए, जिनका अवलोकन मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, छ.ग.तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, नगर पालिक निगम दुर्ग महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, श्री सुरेन्द्र कौशिक सहित स्थानीय व जिले के जनप्रतिनिधियों ने किया। इन स्टॉलों के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई एवं पात्र हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसमें टी.बी., सिकलिंग, हीमोग्लोबिन, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, नेत्र परीक्षण, बीपी, शुगर जांच सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
विद्युत विभाग द्वारा लगाए स्टॉल में पीएम सूर्यघर योजनांतर्गत घरों की छत पर सोलर रूफटॉप पेनल लगाकर किस तरह मुफ्त बिजली की ओर बढ़ा जा सकता है, इसमें पीएम सूर्यघर का मॉडल भी रखा गया है, जिससे उक्त योजना को भौतिक रूप से समझा जा सके। 25 वर्षाे के विकास यात्रा को चार्ट के माध्यम से दर्शाया गया है, जिससे यह परिलक्षित होता है कि विगत 25 वर्षाे में उर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
जल संसाधन विभाग द्वारा खरखरा जलाशय से शिवनाथ नदी तक पाईन लाईन द्वारा जलपूर्ति परियोजना को मॉडल बनाकर दर्शाया गया है।
उद्यानिकी विभाग ने अपने स्टॉल में देश फलदार पौधों, सब्जी उत्पादन और ग्रीन हाउस जैसी योजनाओं की जानकारी दी। खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने व कृषकों की आय में वृद्धि करने ऑयल पाम खेती के बारे में जानकारी दी गई, जिससे अन्य किसान प्रेरित हो सकें।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा टीएलएम या शिक्षण अधिगम सामग्री, शिक्षकों द्वारा छात्रों के अधिगम अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली शिक्षण सहायक सामग्री है। ये सामग्री दृश्य, श्रवण या स्पर्शनीय अधिगम सहायक सामग्री के रूप में कार्य करती हैं, जिससे छात्रों को अमूर्त अवधारणाओं को अधिक आसानी से समझने में मदद मिलती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बदलती हुई आंगनबाड़ी के स्वरूप को बताने का प्रयास किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में खेलों के माध्यम से कहानियों और चित्रों के माध्यम से दिनचर्या से एक दूसरे के व्यवहार से रोल प्ले और नाटक के माध्यम से बहुत अधिक सीखते है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा इसीसीई की गतिविधियों पर आधारित थीम के आधार पर स्टॉल तैयार किया गया है।
कृषि विभाग ने खाद-बीज, कीट नियंत्रण, जैविक खेती, सॉयल हेल्थ कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की जानकारी दी। मत्स्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में मछुआरों के लिए योजनाएं प्रदर्शित की गईं। इस अवसर पर आमजन ने स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन भी लिया। कार्यक्रम में विभागीय समन्वय, जनसहभागिता और पारदर्शिता के साथ शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया गया। -
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम का आज भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू के आतिथ्य में सांस्कृतिक परंपराओं व उल्लासपूर्ण माहौल में हुआ। पुलिस मैदान में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर शाम से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। पूरा परिसर छत्तीसगढ़ी परंपरा, लोकसंगीत, कला एवं उत्सवधर्मिता से सराबोर दिखाई दिया।
स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया मनमोहक शुभारंभ
स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, देशभक्ति गीत, पारंपरिक नृत्य और लोकनृत्य ने सभी का दिल जीत लिया। उनकी ऊर्जा और भावनाओं से भरी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की शुरुआत को अत्यंत भावपूर्ण बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया। डीएवी, पीएम श्री स्कूल कन्याशाला, बंगाली स्कूल, ड्रीमलैंड स्कूल, देवकीनंदन स्कूल और मोपका शासकीय स्कूल के छात्रों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं तथा विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को सामाजिक-सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताया।
लोकमंच से गूंजी छत्तीसगढ़ी सुर-लहरियां
प्रसिद्ध लोक कलाकार हिलेंद्र ठाकुर ने अपनी लोकधुनों और गीतों से माहौल को छत्तीसगढ़ी रंग में रंग दिया। ढोल, नगाड़ा और मांदर की थाप पर दर्शकों ने थिरकते हुए तालियाँ बजाईं। सुप्रसिद्ध नृत्यांगना आंचल पांडेय ने शास्त्रीय कथक नृत्य प्रस्तुत किया। संगत, ताल, भाव और नृत्य प्रदर्शन की कला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जी.जी.यू. उमंग बैंड की ऊर्जा से झूम उठा मंच, जी.जी.यू. उमंग बैंड ने युवाओं में ऊर्जा भर दी। आधुनिक संगीत और जोशीले गीतों से पूरा वातावरण जोश और उत्साह से भर गया। युवाओं ने बैंड की ताल पर खूब आनंद उठाया। भतरी और छत्तीसगढ़ी गीतों ने मनाया लोकगाथाओं का पर्वमशहूर लोकगायक बालमुकुंद पटेल ने भतरी गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं, प्रसिद्ध लोकगायिका रेखा देवार ने सुमधुर छत्तीसगढ़ी गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध किया। लोकधुनों में छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू बसी थी, जिसे दर्शकों ने भरपूर महसूस किया। मास्टर तनिष्क वर्मा की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इंडियन रोलर बैंड की आधुनिक संगीत प्रस्तुति ने कार्यक्रम का शानदार समापन किया। बैंड की धुनों ने उपस्थित श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। -
- छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 का गंज मंडी परिसर में भव्य आयोजन
- स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
- पद्मश्री श्री जे.एम. नेल्सन, श्रीमती सबा अंजुम, श्री राधेश्याम बारले, श्रीमती उषा बारले, श्रीमती तीजन बाई के परिजन को मोमेन्टो व शॉल देकर सम्मानित
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव-2025 का आज भव्य आयोजन गंज मंडी परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोककला और उत्सव की झलक देखने को मिली।
संगीतमय संध्या में प्रसिद्ध कलाकार ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समा बाँध दिया। कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत, देशभक्ति गीतों और फिल्मी गीतो से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। परिसर तालियों और उत्साह की गूंज से भर उठा। कार्यक्रम में उत्साह, ऊर्जा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
समारोह में अध्यक्ष छ.ग.तेलघानी विकास बोर्ड श्री जितेन्द्र साहू, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती सरस्वती बंजारे, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, श्री सुरेन्द्र कौशिक संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, विभागीय अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने दुर्गवासियों को राज्योत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नवा रायपुर में राज्योत्सव का शुभारंभ किया गया तथा छत्तीसगढ़ के लोकतंत्र के गौरव नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर उन्होंने दुर्ग जिले के संविधान सभा के सदस्य दाऊ घनश्याम गुप्ता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिला ऐतिहासिक और गौरवशाली परंपरा वाला जिला है, जिसने खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के शुरुआती समय में भुखमरी और गरीबी की स्थिति थी, परंतु सरकारों के सतत प्रयासों से आज राज्य विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की नींव अटल बिहारी वाजपेयी जी ने रखी, जिससे आज हर गांव पक्की सड़कों से जुड़ चुका है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों और गरीबों की चिंता करते हुए देश का पहला खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम लागू किया। यह मॉडल बाद में पूरे देश में अपनाया गया। आज डीबीटी प्रणाली के माध्यम से धान खरीदी, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के खाते में पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और अभिकरण विभाग की स्थापना की गई है। यह देश का पहला राज्य है, जहां 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। मंत्री श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज वित्तीय व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, युवाओं को रोजगार, आदिवासी समाज की उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ बहुत ही सुघ्घर, बढ़िया, सुव्यवस्थित राज्य है। इस अवसर पर मंत्री श्री यादव ने पद्मश्री से सम्मानित श्री जे.एम. नेल्सन, श्रीमती सबा अंजुम, श्री राधेश्याम बारले, श्रीमती उषा बारले, श्रीमती तीजन बाई के परिजन को मोमेन्टो व शॉल देकर सम्मानित किया गया। -
मुख्य अतिथि डोमन लाल कोर्सेवाडा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ
विभिन्न विभागों के स्टालों में लगाए गए प्रदर्शनी का किया अवलोकन कर हितग्राहियों को प्रमाण पत्र एवं चेक का किया वितरण
बालोद/ राज्य अनुसूचित जाति प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाडा ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25वें वर्ष के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद के स्वर्गीय सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आज 02 नवंबर को आयोजित रजत राज्योत्सव समारोह का भव्य एवं रंगारंग शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री कोर्सेवाडा ने छत्तीसगढ़ ज्ञान दायिनी मां सरस्वती एवं महतारी के तैल चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री कोर्सेवाडा ने 25 वर्ष के अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में हुए विकास कार्यों को अत्यंत अभूतपूर्ण बताते हुए वर्तमान केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री कोर्सेवाडा एवं अतिथियों के द्वारा कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों के प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। इस दौरान अतिथियों ने शासन के विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों को चेक एवं प्रमाण पत्र भी वितरण किया। समारोह में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, पूर्व विधायक श्री राजेंद्र राय, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री केसी पवार एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वन मंडल अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, एडिशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारियों के अलावा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं आम नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर स्थानीय लोक कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से अतिथियों एवं दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि श्री डोमन लाल कोर्सेवाडा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अपने 25 वर्ष के सफर में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के नव निर्माण हेतु किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बालोद जिला प्रशासन के बेहतर कार्यों के फलस्वरुप बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही बालोद जिला जल संचयन एवं जन भागीदारी के कार्य में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। निश्चित रूप से यह उपलब्धि संपूर्ण बालोद जिले के लिए यह गौरव की बात है। इस अवसर पर उन्होंने 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में हुए विकास कार्यों को अतुलनीय बताते हुए छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की परिकल्पना को साकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं महतारी वंदन योजना जैसे जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित कर राज्य के मेहनतकश किसानों एवं हमारे माताओं एवं बहनों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का पुनीत कार्य किया जा रहा है। श्री कोर्सेवाडा ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की भी भूरी भूरी सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने संपूर्ण बालोद जिले वासियों के राज्योत्सव के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त किया कि बालोद जिला प्रत्येक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश एवं प्रदेश का अग्रणी जिला बनेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजारी बालोद की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने बालोद जिलेवासियों को राज्योत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 01 नवंबर का दिन संपूर्ण छत्तीसगढ़ वासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन रहा। श्रीमती संगीता सिन्हा ने कहा कि 01 नवंबर को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण कर राज्य वासियों को भव्य विधानसभा भवन की सौगात दी है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि श्री डोमन लाल कोर्सेवाडा के बालोद आगमन पर उनका हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा ने आज के दिवस को संपूर्ण छत्तीसगढ़ वासियों सहित बालोद जिले वासियों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं महत्वपूर्ण दिवस बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद हमारा प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, महतारी वंदन योजना जैसे अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। यह सभी योजनाएं आने वाले समय में राज्य एवं देश के विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने राज्य उत्सव समारोह को समुचे छत्तीसगढ़ वासियों का महत्वपूर्ण त्यौहार बताते हुए बालोद जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख ने पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण को समूचे छत्तीसगढ़ वासियों के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए राज्य निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई के योगदानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के परिकल्पना को साकार करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के चौमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने छत्तीसगढ़ राज्य एवं बालोद जिले के विशेषताओं एवं उपलब्धियो पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जिले वासियों को राज्योत्सव के हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जिले के हुए विकास कार्यों एवं विशिष्ट कार्यों के लिए देश एवं राज्य स्तर पर मिले उल्लेखनीय उपलब्धियां पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संपूर्ण बालोद जिले वासियों के समवेत प्रयासों से देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होने के अलावा जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत बेस्ट ऑफ़ परफॉर्मिंग जिले के रूप में बालोद जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 20 जुलाई 2025 को संपूर्ण बालोद जिले वासियों द्वारा 01 लाख 74 हजार पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि जिले के जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के सहयोग से बालोद जिला शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए एक अग्रणी जिला बनेगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मुख्य अतिथि श्री डोमन लाल कोर्सेवाडा सहित समझ में उपस्थित अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर नव चेतना फाऊंडेशन ग्राम कलंगपुर के लोक कलाकारों के अलावा जवाहर नवोदय विद्यालय दुधली एवं आदिवासी नृत्य दल तुमडीसुर, जँवारा डांस ग्रुप पेंड्री के कलाकारों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। आज आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधु हर्ष, एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर के द्वारा कलाकारों को उनके उल्लेखनीय प्रस्तुति के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित भी किया गया। - -विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी कियारायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने आमचो बस्तर हाट कियोस्क का उद्घाटन कर कलागुड़ी कैटलॉक का विमोचन किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दंतेश्वरी मैय्या की पवित्र धरा में जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ किया जा रहा है। हमारा छत्तीसगढ़ अब 25 बरस का हो गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने 25 वर्ष में सभी क्षेत्रों में विकास किया है। शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना सहित सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है जिनकी बदौलत देश में राज्य ने नई पहचान बनाई है। तेज गति से विकास के साथ ही बड़े-बड़े उद्योगों के लिए निवेश हो रहे हैं।श्री साव ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों को सुरक्षा बलों और पुलिस के द्वारा नक्सल मुक्त किया जा रहा है। नक्सलियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी गई है। बस्तर अब देश और दुनिया में अपनी उत्कृष्ट कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन के लिए जाना जा रहा है। पूरे राज्य में रजत महोत्सव भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ लंबी उड़ान के लिए तैयार है। हम सभी को इसे हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम करना है।शुभारंभ कार्यक्रम को बस्तर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी और जगदलपुर नगर निगम के सभापति ने भी संबोधित कर सभी को राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएँ दीं। संभागायुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरीश एस. और जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -मुख्य अतिथि कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कोरबा राज्योत्सव का किया उद्घाटन-लोकप्रिय जसगीत गायक श्री दिलीप षड़ंगी दे रहे प्रस्तुति जसगीत सुनकर दर्शको में उत्साह-स्थानीय कलाकारों द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों को दी गई प्रस्तुति-विभागीय प्रदर्शनी के माध्यम से दिख रही विकास की झलक-मुख्य अतिथि ने राज्योत्सव की दी शुभकामनाएं-रायपुर,। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के अवसर पर आज जिला मुख्यालय कोरबा के घण्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन थियेटर मैदान में कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का शुभारंभ हो गया है। मुख्य अतिथि श्री पटेल सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। साथ ही सभी अतिथियों द्वारा विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की प्रगति का अवलोकन किया गया।श्री पटेल सहित सभी अतिथियों ने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं दी एवं राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु प्रोत्साहित किया।यहाँ विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर नगर निगम कोरबा श्रीमती संजू देवी राजपूत, अध्यक्ष जिला पंचायत डॉ पवन सिंह, सभापति नगर निगम श्री नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद वार्ड क्रमांक 24 श्री पंकज देवांगन सहित अन्य अतिथि शामिल हुए। राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी लोकप्रिय जसगीत गायक श्री दिलीप षड़ंगी अपनी कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे। उनकी भावपूर्ण जसगीत सुनकर दर्शक उत्साह से झूम रहे। साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा शानदार व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। राज्योत्सव में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास पर आधारित स्टॉल लगाई गई है।
- -आगंतुकों को खूब लुभा रही कोसा और रेशमी साड़ियाँ, खादी परिधान-बेलमेटल, काष्ठ कला, माटी कला और टेराकोटा से निर्मित सजावटी वस्तुओं के प्रति दिख रहा रुझानरायपुर ।छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25 वीं वर्षगांठ रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित भव्य राज्योत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। राज्योत्सव परिसर में निर्मित शिल्पग्राम में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और विभिन्न स्टॉलों से मनपसंद चीजों की खरीददारी कर रहे हैं। यहां प्रदेशभर से आए बुनकर और शिल्पकार अपने श्रेष्ठ उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर रहे हैं, जिनमें कोसा और रेशमी साड़ियाँ, पारंपरिक ड्रेस मटेरियल, खादी परिधान, बेलमेटल, काष्ठ कला, माटी कला और टेराकोटा की आकर्षक वस्तुएँ आगंतुकों को खूब लुभा रही हैं।महोत्सव में स्थापित शिल्पग्राम प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और शिल्पकला का केंद्र बिंदु बना हुआ है। यहां हस्तशिल्प, माटीकला, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, रेशम प्रभाग, बिलासा हैंडलूम, हथकरघा इत्यादि के स्टाल लगाए गए हैं। साथ ही राज्योत्सव घूमने आए लोगों के लिए विशेष सजावट कर रंग-बिरंगे और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक आभूषणों, पर्वों के प्रतीकों पर आधारित सेल्फ़ी पॉइंट भी बनाए गए हैं, जिसमें सेल्फ़ी लेने की होड़ मची है।यहां बिचौलियों के अभाव में ग्राहकों को उचित मूल्य पर उत्पाद सुलभ हो रही हैं, वहीं शिल्पियों को भी बेहतर आय हो रही है। कुछ दुकानों में अच्छे उत्पाद बाजार से कम मूल्य पर भी उपलब्ध है। ग्राहकों को शिल्पकारों और बुनकरों द्वारा उत्पादों में छूट भी दी जा रही है।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिए गए इस मंच ने स्थानीय कला, हस्तशिल्प और उत्पादों को नई पहचान देने के साथ ही बाजार उपलब्ध कराया है। शिल्पग्राम में स्थापित रेशम कीट और तितली कोकून की अनोखी कलाकृति भी लोगों के बीच रुचि का विषय है। शिल्पग्राम इस बार रजत जयंती महोत्सव की शोभा बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का भव्य उत्सव बना हुआ है और लोगों को प्रदेश की लोककला, हस्तकला और परंपराओं का अद्भुत अनुभव प्रदान कर रहा है।
- -25 वर्षों की विकास यात्रा में हासिल हुई कई उपलब्धियां-अधोसंरचना, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए उल्लेखनीय कार्य-प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का रिकार्डरायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज म्यूनिसिपल स्कूल मैदान राजनांदगांव में आयोजित राज्योत्सव में सभी लोगों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में छत्तीसगढ़ में असंतुलन की स्थिति रही तथा कुपोषण एवं पलायन जैसी चुनौतियां थी। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने नये राज्य का निर्माण किया। आज 25 साल की यात्रा पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता उन्हें धन्यवाद देती है। उनकी उम्मीदों के अनुरूप छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है।डा. सिंह ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के दौरान उन्होंने राज्य में अधोसंरचना की कमी को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य कराया। प्रदेश में 40 हजार नये स्कूल खोले गए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बड़ी संख्या में हजारों किमी सड़कों का निर्माण कराया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण और उन्नयन किया गया। सभी क्षेत्रों में विकास एवं निर्माण कार्यों के साथ-साथ कुपोषण एवं पलायन को रोकने के लिए खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया, जिससे पलायन में कमी आयी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। बीते खरीफ सीजन में राज्य में 149 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड धान खरीदी की गई है। किसानों को बोनस की राशि मिली। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह महिलाओं के खाते में 1000 रूपए की राशि अंतरित की जा रही है। महिलाओं को इस योजना के तहत अब तक 12 हजार 983 करोड़ रूपए की मदद दी जा चुकी है।डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश का गौरव बढ़ाया है। हमारा देश विश्व के चौथे शक्तिशाली देश के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में लगभग साढ़े सात लाख आवास बनाए गए है। हमारा प्रदेश विकसित राज्यों की श्रेणी में एक अग्रणी राज्य के तौर पर शामिल हुआ। उन्होंने इस अवसर पर जिले के निर्माण और विकास के लिए योगदान देने वाली हस्तियों का स्मरण किया।इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ एवं राजनांदगांव जिले को तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का स्नेह एवं प्रेम मिला। जिले में बहुत से विकास कार्य हुए, जिनमें शासकीय मेडिकल कालेज, नर्सिंग कालेज, कृषि महाविद्यालय एवं अनेक उपलब्धियां प्राप्त हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक गायिका आरू साहू ने रामसिया राम.., राम आयेंगे.. जैसे भजन एवं लोकगीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- -सुरमई शाम से सजी महफ़िल-छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आधुनिक संगीत का मनोहारी संगमरायपुर, /छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य राज्योत्सव में आज बॉलीवुड के गीत-संगीत के साथ छत्तीसगढ़ की लोककला, संगीत और नृत्य की ऐसी रंगीन छटा बिखरी कि शाम सुरमई हो गई। सतरंगी छटा में गीतों की यूँ महफ़िल सजी की हर कोई गाते गुनगुनाते, थिरकते नजर आए। शाम ढलने के साथ गीत-संगीत के बढ़ते कारवाँ में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ी सुर-ताल से दर्शक-श्रोता झूम उठे। प्रख्यात छत्तीसगढ़ी गायक श्री सुनील तिवारी ने अपनी टीम के साथ लोकगीतों के स्वर से परंपरा और आधुनिकता के संगम से सजी इस सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों के दिलों में गहरा प्रभाव छोड़ा। वहीं गीत-संगीत की सजी महफ़िल में बॉलीवुड के महशूर पार्श्व गायक आदित्य नारायण ने गीतों से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात लोकगायक सुनील तिवारी की प्रस्तुति से हुआ। राज्य अलंकरण चक्रधर कला सम्मान (2021) से सम्मानित तिवारी ने अपने लोकगायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जब “मोर भाखा के संग दया मया के सुघ्घर हवे मिलाप रे” और “अइसन छत्तीसगढ़िया भाखा कौनो संग” गुनगुनाया, तो पूरा दर्शकदीर्घा तालियों की गूंज से भर उठा। लोकगीतों की लड़ी में राऊत, राजगीत, ददरिया, सोहर, विवाह, पंथी और होली जैसे गीतों के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू बिखेर दी।उनके गीत “पता ले जा रे गाड़ी वाला...”, “अरपा पैरी के धार...” और “मोर संग चलव रे...” ने दर्शकों को लोकसंगीत की उस दुनिया में पहुंचा दिया जहां परंपरा, भावना और माटी एकाकार हो जाते हैं। सामूहिक कर्मा नृत्य के माध्यम से गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाले श्री तिवारी ने अपनी प्रस्तुति से लोकगायन की गरिमा को नए शिखर पर पहुंचाया।चिन्हारी - द गर्ल बैंड ने बढ़ाई चमकइसके बाद मंच पर आईं जयश्री नायर और मेघा ताम्रकार की ‘चिन्हारी - द गर्ल बैंड’ ने अपने ऊर्जावान प्रदर्शन से राज्योत्सव में नई ताजगी भर दी। उनकी गायकी में जहां लोकधुनों की आत्मा थी, वहीं संगीत संयोजन में आधुनिकता की झलक। बैंड की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि परंपरा और नवाचार का संगम ही आज की नई पहचान है। दर्शकों ने तालियों और उत्साह से उनका स्वागत किया।सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड के नामचीन गायक आदित्य नारायण ने सबके जुबां में रची बसी फेमस गीत- पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा.., पहला नशा.. पहला खुमार.., बिन तेरे सनम.., जो तुम न हो..,अपना बना लो पिया, केशरिया इश्क है तेरा, वादा रहा सनम..., ये काली-काली आँखे.., कोई मिल गया, मेरा दिल गया..., जाने जा.., मैं निकला गड्ड़ी लेके..की प्रस्तुति से माहौल को उल्लासमय बना दिया और खूब तालियां बटोरी।उनकी संवाद शैली, हाव-भाव और जीवंत अभिनय ने संगीत की गहराई को दर्शकों के सामने साकार कर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पद्मश्री डोमार सिंह कंवर की नाचा प्रस्तुति ने राज्योत्सव में ऊर्जा और उल्लास का वातावरण बना दिया। उनकी नाट्य शैली और छत्तीसगढ़ी हाव-भाव से सजी प्रस्तुति ने दर्शकों को लोककला की गहराई से जोड़ दिया। नाचा की पारंपरिक झलक और लोक संस्कृति की जीवंतता ने राज्योत्सव के मंच को अविस्मरणीय बना दिया।राज्योत्सव की यह संध्या छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, संगीत और कलात्मक वैभव के साथ बॉलीवुड गीतों के आनंदमय प्रस्तुति राज्य के गौरवपूर्ण उत्सव बन गई। उपस्थित दर्शकों ने हर प्रस्तुति पर तालियों से अपनी प्रसन्नता जताई। यह सांस्कृतिक संध्या न केवल एक कार्यक्रम रही, बल्कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का सजीव दस्तावेज बन गई, जहां हर गीत, हर नृत्य, और हर ताल में राज्य की समृद्ध कला और संस्कृति देखने को मिली।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के दूसरे दिन राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। यह रजत जयंती वर्ष बीते हुए सफर को याद करने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का अवसर है।राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था, तब यह उम्मीदों और चुनौतियों से भरा राज्य था। पिछले पच्चीस वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, बिजली, सड़कों और संस्कृति सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है, जिसने कम समय में अपनी प्रतिभा और क्षमताओं से देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।श्री डेका ने ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी, तथा राज्य निर्माण का स्वप्न देखने और उसे साकार करने के लिए संघर्ष करने वाले सभी महापुरुषों को नमन किया।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बधाई देते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा जनकल्याण की दिशा में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, जनजातीय समाज, महिलाएं और युवा वर्ग सशक्त हो रहे हैं।राज्यपाल श्री ने कहा कि बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास की एक ठोस नींव रखी है। यहां की सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक संपदा और मेहनती जनता इस राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।नक्सल समस्या पर राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब नक्सलमुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में कभी डर और हिंसा थी, वहां आज सड़कों का निर्माण हो रहा है, स्कूल खुल रहे हैं और बच्चों के चेहरे में मुस्कुराहट है।राज्यपाल ने कहा कि हमारे किसान, मजदूर, युवा और महिलाएं इस राज्य की असली ताकत हैं। उनकी मेहनत और संकल्प ही छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाएंगे।उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष में हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ सुशासन, विकास और भाईचारे का आदर्श राज्य बने। हम सब मिलकर अपने संसाधनों का संतुलित और बेहतर उपयोग करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेंगे।राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।स्वागत उद्बोधन संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉक्टर रोहित यादव ने दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को राज्योत्सव में आकर विकास प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाने का आग्रह किया । आभार प्रदर्शन संचालक श्री विवेक आचार्य ने किया।इस अवसर पर राज्यपाल ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले गायक श्री आदित्य नारायण, पद्मश्री डोमार सिंह सहित अन्य कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।कार्यक्रम में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित दर्शक गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन,राजा और वीरा के रूप में आई विशाल कठपुतलियों के साथ सेल्फी लेने की होड़बलौदाबाज़ार -भाटापारा ।जिला स्तरीय राज्योत्सव में विशाल कठपुतलियों ने आम नागरिकों का दिल जीत लिया है। शासकीय पंडित चक्रपाणि हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन,राजा और रानी के रूप में आई विशाल कठपुतलियों से सेल्फी लेने की होड़ लगी हुई है । बच्चे,नौजवान ,महिलायें और बुजुर्ग सभी इन कठपुतलियों के तस्वीरें लेते नज़र आए। कठपुतली एवं नाट्य कला मंच बिलासपुर की निदेशक श्रीमती किरण मोइत्रा ने बताया कि रजत महोत्सव के अनुकूल उन कठपुतलियों को सजाया संवारा गया है। बच्चों में अमिताभ बच्चन का रूप लिए कठपुतली के साथ बच्चों ने खूब तस्वीरें ली।
- -विभिन्न योजना क़े हितग्राहियों को सामग्री वितरण एवं उपलब्धियों पर पंचायतें हुईं सम्मानित-सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों की मनोहारी प्रस्तुति ने दर्शकों का मोहा मनबलौदाबाजार, /छत्तीसगढ़ रजत जयंती क़े अवसर पर जिला स्तरीय राज्योत्सव क़ा रंगारंग शुभारम्भ रविवार को पंडित चक्रपाणी शुक्ल शासकीय हाई स्कूल मैदान में हुआ। समारोह क़े अध्यक्ष राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, अति विशिष्ट अतिथि जिले क़े प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित विशिष्ट अतिथियों क़े द्वारा भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी क़े छायाचित्र क़े समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का विधिवत शुभारम्भ किया गया। राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त 225 एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त 60 पंचायत क़े सरपंच सचिव को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा 86 बुजुर्गो व दिव्यांगों को ट्राईसिकल वितरण, हम होंगे कामयाब अंतर्गत 72 युवाओं को प्रशस्ति पत्र, आदिवासी विकास विभाग द्वारा 4343छात्रों को 2 करोड़ से अधिक राशि का छात्रावृत्ति वितरण, स्वामितत्त्व योजना अंतर्गत 18200 किसानों को स्वामित्व कार्ड का वितरण किया गया।अति विशिष्ट अतिथि प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने राज्य स्थापना दिवस की 25 वीं वर्षगांठ एवं रजत जयंती की शुभकामनायें देते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ विकास क़े पथ पर तेजी से अग्रसर हैं।पूरे विश्व में निवेश का केन्द्र बन रहा है। अब प्रदेश में सड़कों का जाल बिछ गया हैं ,शिक्षा स्वास्थ्य क़े क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुईं है। छतीसगढ़ शीघ्र नक्सलमुक्त होगा। आयुष्मान, टीबी स्क्रीनिंग में प्रदेश का पहला स्थान हैंआज किसान क़े बेटा भी अच्छे स्कूलों में पढ़ रहा हैं। स्वामित्व योजना में 28 हजार स्वामित्व कार्ड बन चुका है। महतारी वंदन से महिला सशक्तिकरण को बल मिला है। बलौदाबाजार जिले को अग्रणी जिला बनाने सभी संकल्प लें और छतीसगढ़ को देश का विकसित राज्य बनाने में योगदान दें।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जिले में तीन दिवसीय राज्योत्सव का शुभारम्भ हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी ने जिस छतीसगढ़ क़ा निर्माण किया आज छतीसगढ़ क़ा रजत जयंती मना रहे हैं। हमारी सा सरकार क़े विकास कार्यों से आज छतीसगढ़ में खुशहाली व समृद्धि दिखाई दें रहा हैं।कार्यक्रम को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने भी सम्बोधित किया।कलेक्टर दीपक सोनी ने स्वागत प्रतिवेदन में जिला स्तरीय राज्योत्स्व एवं जिले की प्रगति का उल्लेख करते हुए जिले क़े विकास क़े लिये जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन- अतिथियों ने विभागीय उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं क़े तहत हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। विभागीय प्रदर्शनी पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व विभाग, समाज कलयाण, महिला एवं बाल विकास, उद्योग, कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन, पशु पालन, स्वास्थ्य सहित करीब 20 विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगाए गए हैं।सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों की मोहक प्रस्तुति - राज्योत्सव क़े शुभारम्भ अवसर पर सांस्कृतिक संध्या में ख्यातिलब्ध कलाकारों क़े मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों मन्त्रमुग्ध किया। "रंग सरोवर" क़े भूपेन्द्र साहू एवं साथी द्वारा छत्तीसगढ़ की पुरातन व पारंपरिक शैलियों की झलकियां प्रस्तुत किया गया। इसीतरह श्री राधारानी पण्डवानी पार्टी" डमरू, बलौदाबाजार क़े श्री फिरतराम साहू एवं साथी, "सुर ओ चंदम आर्टिस्ट बैंड ग्रुप बलौदाबाजार" द्वारा लाइव म्युजिक कॉन्सर्ट (लोक एवं सूफी संगीत) तथा बिलासपुर की किरण मोइत्रा एवं साथी द्वारा कठपुतली एवं नाट्य कला मंच की प्रस्तुति दी गई। इसक़े साथ हीइस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन साहु,नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े,प्रमोद शर्मा, लक्ष्मी बघेल,महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, डीएफओ गणवीर धम्मशील ,सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी -कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
- -महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने प्रशिक्षण-महात्मा गाँधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय की अभिनव पहलरायपुर / छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सीताफल से पल्प और आइसक्रीम तैयार करने का प्रशिक्षण और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग के डीन डॉ. नारायण साहू ने बताया कि सीताफल के पल्प से आईसक्रीम निर्माण के जरिए अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है। विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किया गया सीताफल के पल्प से आईसक्रीम निर्माण का प्रोजेक्ट एक ‘मॉडल प्रोजेक्ट’ बन गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस तरह के प्रशिक्षण से महिलाएं केवल रोजगार नहीं, बल्कि अपनी रचनात्मकता को पहचान रही हैं।प्रशिक्षण में शामिल छात्राओं और महिलाओं ने बताया कि सीताफल के पल्प का उपयोग आइसक्रीम, जूस बनाने में किया जाता है। इसके बनाने की लागत बेहद कम और मुनाफा अधिक है। महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा दीक्षा महंत ने कहा कि हमने सीताफल से पल्प और आइसक्रीम बनाना सीखा, अब इसे घर से छोटे व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाएंगे। वहीं, रश्मि बंजारे ने कहा कि खाद्य संरक्षण के माध्यम से सीताफल से आइसक्रीम घरेलू मुनाफे का अच्छा स्त्रोत है। यह प्रशिक्षण हमारे आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। डीन डॉ. नारायण साहू ने बताया कि हमारा लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि महाविद्यालयों के छात्राओं के साथ-साथ क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस तरह के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे।
- रायपुर / नवा रायपुर में चल रहे पांच दिवसीय राज्योत्सव में इस बार परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से आए नाबार्ड सहायतित स्व-सहायता समूहों ने अपने-अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और नवाचार को मंच पर प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।राजनांदगांव जिले के जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री स्व-सहायता समूह ने राज्योत्सव में अपनी कलात्मकता और उद्यमशीलता की झलक प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समूह की महिलाएँ मिट्टी और बांस कला से लेकर वस्त्र कला तक में अपनी पहचान बना रही हैं। समूह द्वारा निर्मित मिट्टी कला उत्पादों झूमर, दिया सलाई स्टैंड, फूलदानी, हैंगर, कुर्ती ड्रेस, लैम्प और ज्वेलरी ने स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों को छत्तीसगढ़ी कला की जीवंतता का अनुभव कराया।इसी के साथ नाबार्ड सहायतित समूहों के स्टॉल में बांस कला के तहत टी-ट्रे, हैंगर, सजावटी वस्तुएँ और कपड़ों पर हेंड प्रिंटिंग, गोदना आर्ट, टेक्सटाइल डिज़ाइन, कोसा सिल्क, खादी सिल्क और कॉटन पर लोककला डिज़ाइनिंग जैसे कार्यों ने पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नाबार्ड सहायतित स्व-सहायता समूहों को न केवल हुनर सिखाया जा रहा है, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों का विपणन पैकेजिंग और वित्तीय प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण से लाभान्वित महिलाएँ आज आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान दे रही हैं। जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट, शबरी मार्ट, बांस हस्तशिल्प, कोसा सिल्क और खादी कला प्रदर्शनी ने दर्शकों को आकर्षित किया। इन स्टॉलों में परंपरा, पर्यावरण और उद्यमशीलता का सुंदर मिश्रण देखने को मिला। महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। कई समूहों ने बताया कि राज्योत्सव जैसे मंचों से उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिलता है, बल्कि आत्मविश्वास और नई पहचान भी मिलती है।राज्य में नाबार्ड द्वारा कृषि, ग्रामीण उद्यम, हस्तशिल्प, बांस मिशन, महिला आजीविका कार्यक्रम, किसान क्लब, कौशल विकास प्रशिक्षण जैसे कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है, बल्कि हजारों महिलाएँ और युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
- -25 वर्षों में सिंचाई क्षमता में 61 प्रतिशत की वृद्धि-जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी-प्रदेश की जल परियोजनाओं के जीवंत मॉडल आकर्षण का केन्द्ररायपुर, / छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत नवा रायपुर में लगाई गई जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में राज्य में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाया गया है। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। इस अवधि में सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में सिंचाई क्षमता में वृद्धि को आकर्षक मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसको देखने के लिए युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है। डोम में लगाए गए प्रदेश के नक्शे मॉडल में प्रमुख सिंचाई योजनाओं, नहर तंत्र और जलाशयों को इंटरएक्टिव रूप में दिखाया गया है, जिससे आगंतुक आसानी से परियोजनाओं की संरचना और इसके लाभ को समझ पा रहे हैं।प्रदर्शनी में विशेष रूप से अटल सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मॉडल लगाए गए हैं। साथ ही जशपुर जिले की मैनी नदी पर प्रस्तावित सौर चालित बगिया दाबित सिंचाई परियोजना, खारंग जलाशय की पाराघाट व्यपवर्तन योजना, बिलासपुर जिले की छपराटोला फीडर जलाशय योजना, तथा महानदी पर प्रस्तावित मोहमेला सिरपुर बैराज को आकर्षक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही राज्य की प्रस्तावित परियोजनाओं के रूप में सिकासार-कोडार लिंक परियोजना, बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना, तथा इंद्रावती-महानदी रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना को भी जीवंत मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है, जिससे दर्शकों को जल संसाधन के क्षेत्र में राज्य की भावी योजनाओं की झलक मिल रही है।छत्तीसगढ़ में निर्माण के समय राज्य में केवल 3 वृहद परियोजनाएँ, 29 मध्यम परियोजनाएँ और 1945 लघु सिंचाई योजनाएँ संचालित थीं। 25 वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 8 वृहद, 38 मध्यम और 2514 लघु योजनाएँ हो गई हैं। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। यानी सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कि 61 प्रतिशत है। इसी प्रकार सिंचाई का प्रतिशत 23.28 प्रतिशत से बढ़कर 38.15 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2000 में जहाँ नहरों की कुल लंबाई 14,381 किलोमीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर 19,371 किलोमीटर हो गई है। कुल नहरों की संख्या 3,993 से बढ़कर 5,458 हो गई है। जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ का देश में परचम -छत्तीसगढ़ ने 4 लाख 05 हजार 563 जल संरक्षण कार्यों के साथ देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जल संचय-जन भागीदारी 1.0 कार्यक्रम के अंतर्गत रायपुर नगर निगम ने 33,082 जल संरक्षण कार्य पूर्ण कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए रायपुर नगर निगम को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार बालोद और राजनांदगांव जिलों को भी अपनी श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2-2 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त होगा। साथ ही महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, सूरजपुर और दुर्ग जिलों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। ये उपलब्धियाँ प्रदेश की जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण नीति की सफलता को प्रमाणित करती हैं।
- -आगंतुक बोले- पहली बार सुन्दर और डिजिटल रूप में देखी राज्य की उपलब्धियांरायपुर, / नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025” में जनसंपर्क विभाग की भव्य डिजिटल प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 01 नवंबर को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद से प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।आगंतुकों ने प्रदर्शनी को देखकर अपनी उत्सुकता साझा किया। रायपुर के श्री उकेश्वर पटेल ने कहा- राज्य की 25 वर्षों की यात्रा को इतनी आधुनिक और भावनात्मक प्रस्तुति में देखना गर्व की बात है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी से लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 11 वर्षों तक की विकास गाथा को डिजिटल माध्यम में शानदार ढंग से दिखाया गया है।जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार यह प्रदर्शनी अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों पर आधारित है। यहां वॉल्यूमेट्रिक और गतिशील एलईडी तकनीक, क्यूआर कोड आधारित जानकारी, डिजिटल कियोस्क और टच पॉइंट्स जैसी आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।प्रदर्शनी में फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, और पर्यटन विकास जैसी योजनाओं को आकर्षक डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।बस्तर क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक यात्रा को 360-डिग्री प्रोजेक्शन और साउंड इफेक्ट्स के साथ दिखाया गया है।प्रदर्शनी देखने बालोद जिले के दल्लीराजहरा से आए शंकर प्रसाद ने कहा, “प्रदर्शनी में हमारे क्षेत्र की नई पहचान को देखकर बहुत खुशी हुई। विशेष रूप से भारत रत्न श्रीअटल जी के राज्य निर्माण में किए गए ऐतिहासिक योगदान को जिस तरह प्रदर्शित किया गया है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। ऑडियो हेडफोन के माध्यम से उनके ओजस्वी भाषणों को सुनना एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।”कुशाभाऊ ठाकरे से आई छात्रा नम्रता महिलांग ने कहा कि- डिजिटल वॉल और 360 डिग्री प्रोजेक्शन देखकर लगा जैसे हम इतिहास को जी रहे हों। बस्तर की यात्रा वाला सेक्शन बहुत प्रभावशाली था।राज्य के भविष्य की झलक दिखाते “डिजिटल छत्तीसगढ़ 2047 सेक्शन को देखकर आगंतुक विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। छात्रा गुलेश पाल ने कहा- 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की जो झलक यहां दिखाई गई है, वह सचमुच प्रेरणादायक है। यह प्रदर्शनी परंपरा और तकनीक का सुंदर संगम है।
- -जनसम्पर्क स्टॉल बना आकर्षण का केंद्ररायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किए जा रहे राज्योत्सव 2025 में जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी ने दर्शकों को लुभा रही है। प्रदर्शनी का मुख्य फोकस छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा पर केंद्रित है। इस छायाचित्र प्रदर्शनी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।छाया चित्र प्रदर्शनी में एलईडी के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं जैसे महतारी वंदन, नियद नेल्ला नार, कृषक उन्नति योजना, पीएम आवास, पीएम सूर्य घर, जल जीवन मिशन, पंडित दीनदयाल उपध्याय भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना के साथ ही राज्य में सड़क, बिजली, सिंचाई तथा रेल नेटवर्क आदि क्षेत्रों में हो रहे उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी जा रही हैं।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के अनेक वाद्य यंत्रों को भी प्रदर्शित किया गया हैं। इसे भी लोग बड़ी उत्सुकता से देख रहे है। इसके अलावा यहां आने वाले लोगों को स्टॉल पर विभिन्न प्रकाशन सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिसमें उदित छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ बजट 2025-26, हम सबके राम, जनादेश रिपोर्ट, जशपुर हिंदी, दंतेवाड़ा हिंदी, वंडर्स ऑफ दंतेवाड़ा, जनमन, अद्भुत अतुल्य दंतेवाड़ा, अद्भुत जशपुर जैसी लघु पत्रिकाएं और पॉम्पलेटस शामिल हैं। इन सामग्रियों में राज्य की प्रमुख योजनाओं, बजट प्रावधानों और स्थानीय विकास की कहानियां समेटी गई हैं।छाया चित्र प्रदर्शनी के संबंध में लोगों ने कहा कि राज्य की प्रगति को नजदीक से समझने का बेहतरीन माध्यम हैं। यह राज्य सरकार की पारदर्शिता और जन-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का बढ़िया प्रयास है। साथ ही यह प्रदर्शनी राज्य की विकास गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। यहां वितरित किए जा रहे विभिन्न प्रकाशन प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक हैं।
- -राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं की दिखी झलकरायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी दूसरे दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।प्रदर्शनी में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण तथा डिजिटल प्रगति को छायाचित्रों और आंकड़ों के साथ रोचक रूप में प्रदर्शित किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रसारित हो रही “सॉफ्ट स्टोरी” के माध्यम से लोग योजनाओं को सहज और सरल तरीके से समझ रहे हैं।नयापारा राजिम से आई मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। साथ ही उनके बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह की सचिव श्रीमती संतोषी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित योजनाओं से उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।प्रदर्शनी में पहुंची नवीन कॉलेज की छात्राएं कुमारी टीनू साहू, खुशबू साहू, पाखी सोनवानी, प्रियंका, काजल निहाल और कंचन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, भर्ती में पारदर्शिता और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना जैसी लोगों के लिए वरदान हैं। उन्होंने कहा हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है और यह जानकर अच्छा लगा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है।राज्योत्सव घूमने आई रायपुर की पारुल चंद्राकर, सोनाली धुरंधर और विधि धुरंधर ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री अत्यंत उपयोगी है, जिससे आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिल रही है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे अन्य दर्शकों ने भी विभाग द्वारा प्रस्तुत सामग्री, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनों की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी न केवल जानकारी प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं से जुड़ने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।पुलिस प्रशासनिक अकादमी चंद्रखुरी में प्रशिक्षणरत इंद्रजीत सिंदार ने राज्योत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री न केवल जानकारीपूर्ण है, बल्कि आम जनता को योजनाओं के लाभ से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास को जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी बताया।जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रचार सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं की विस्तृत जानकारी घर ले जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी निश्चित रूप से राज्य की उपलब्धियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था और नागरिक सहभागिता की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही है, जो “नए छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करती है।
- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में शिविर लगाकर एक सप्ताह में पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड एवं वयवंदन कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हाईरिस्क वाले गर्भवती माताओं की सूची बनाकर प्रत्येक सप्ताह फोन के माध्यम से उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं सलाह हेतु निर्देश दिये गये। प्रसव के 15 दिन पूर्व गर्भवती माताओं के घर प्रति दिवस मितानिनों को भ्रमण करने एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने निर्देशित किया गया। एएनसी-1 एवं एएनसी-4 पंजीयन में अंतर को कम करने तथा समस्त एएनसी शत-प्रतिशत किये जाने तथा आयरन की टैबलेट वितरण करने तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराये कहा। संस्थागत प्रसव कम कराये जाने पर बागरेकसा, करमतरा एवं बुचाटोला प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।बैठक में टीकाकरण कार्यक्रम अंतर्गत सभी नवजात शिशुओं को बीसीजी पेन्टावैलेन्ट से लेकर एमआर-1 तक सभी टीका समयावधि में करने के कहा गया। छुटे हुए बच्चों का ड्यू लिस्ट बनाकर समिति के सदस्यों से साझा करने एवं टीकाकृत किये गये बच्चों का ऑनलाईन डाटा युविन पोर्टल पर एंट्री कर भौतिक परीक्षण करने निर्देशित किया गया। सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से आधारबेश ई-अटेंडेन्स की समीक्षा करने एवं शत प्रतिशत आधारबेश ई-अटेंडेन्स नहीं किये जाने पर नवम्बर माह के वेतन रोकने रोकने की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। बैठक में क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम में प्रगति लाने कहा गया। डोंगरगढ़ के एनआरसी में बेड एक्युपेसी रेट 100 प्रतिशत किये जाने के निर्देश दिये गये। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत ओपीडी में 2-3 प्रतिशत जांच एवं काउंसिलिंग करने एवं एनसीडी कार्यक्रम अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का ब्लडपेशर एवं डायबिटीज की जांच सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में करने कहा गया। एनीमिया मुक्त कार्यक्रम अंतर्गत विप्स की गोली का वितरण एवं मॉनिटरींग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राष्ट्रीय कार्यक्रमों में प्रगति नहीं लाये जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने निर्देश दिए गए।बैठक में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) श्री संदीप ताम्रकार, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री पुजा मेश्राम एवं जिले से समस्त स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार एवं समस्त विकासखण्ड से खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक विकासखण्ड डाटा मैनेजर सेक्टर सुपरवाईजर, जिले एवं विकासखण्ड के समस्त जिला मितानिन समन्वयक एवं विकासखण्ड मितानिन समन्वयक उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन के आगामी राजनांदगांव प्रवास के दृष्टिगत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज स्टेट स्कूल मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने मुख्य मंच, प्रदर्शनी स्टॉल, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, बेरिकेटिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम के व्यवस्थित आयोजन के लिए पार्किंग, बैठक व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कार्यक्रम की व्यवस्था एवं तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग और यातायात व्यवस्थाओं के संबंध जानकारी दी। इस दौरान महापौर श्री मधुसूदन यादव, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सौरभ कोठारी, श्री भावेश बैद, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल शर्मा, आयुक्त नगर पालिक निगम श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । पशुधन विकास विभाग के निर्देशानुसार ग्राम भोथीपार खुर्द पुराना में एक दिवसीय नि:शुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। पशु चिकित्सा शिविर में ग्राम के सभी किसानों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। शिविर में 110 पशुओं का उपचार किया गया। इसी तरह दवा वितरण 150, बंध्याकरण 32, किलनी जू नाशक दवा छिड़काव 150, कृमि नाशक दवा पान 115, गर्भ परीक्षण 1, बांझपन उपचार 1, ब्लड सैंपल 10, सीरम सैंपल 10, फिकल सैंपल 25 आदि कार्य किया गया। शिविर का लाभ 32 कृषकों ने लिया। शिविर से 136 पशुओं को लाभ हुआ। शिविर में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी श्री सुनील कुमार शंखवार, पशु परिचारक श्री देवानंद मेश्राम, श्री दीपेंद्र सोनबोईर, ग्राम के किसान श्री उमेश साहू, श्री धन्नालाल साहू, श्री राजेश यादव, श्री गजाधर यादव, श्री मुकेश यादव, श्री दीनूराम यादव, श्री रितेश साहू, श्री केजनाथ यादव उपस्थित थे।
- - राज्य स्तरीय कोचिंग कैम्प में शामिल होने के लिए रवानाराजनांदगांव । चतुर्थ राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन 11 से 15 नवम्बर 2025 तक ओडिशा राज्य के सुन्दरगढ़ में आयोजित किया गया है। इस प्रतियोगिता के ताइक्वांडो एवं कुश्ती खेल विधा में शामिल होने के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेण्ड्री के 8 छात्रों का चयन हुआ है। चयनित छात्रों को प्रतियोगिता में शामिल होने के पूर्व रायपुर एवं बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कोचिंग कैम्प के लिए रवाना किया गया। संभाग और राज्य स्तरीय ताइक्वांडो एवं कुश्ती खेल विधा में विजयी प्रतिभागी अब राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में अपने खेल का प्रदर्शन करेंगे। राज्य स्तरीय कोचिंग कैम्प में शामिल होने के लिए छात्रों के साथ विद्यालय के खेल प्रभारी श्री साहिल दलाल तथा एस्कॉर्ट शिक्षक श्री हितेश खत्री को रवाना किया गया। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता, विद्यालय के प्राचार्य श्री मनीष कुमार एवं शाला परिवार ने छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी है।
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- डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी का मोबाईल पीवी एप सत्यापन उपरांत प्रविष्टियों में परिवर्तन 30 नवंबर तक
राजनांदगांव । भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार छुरिया तहसील अंतर्गत पूर्व में कुल 19527 किसानों द्वारा धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान विक्रय किया गया था। जिसमें से 19153 किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन किया जा चुका है। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष 374 किसानों के पंजीयन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। साथ ही छुरिया तहसील अंतर्गत कृषकों के भूमि का गिरदावरी किया गया है। जिन ग्रामों का जियो रिफ्रेसिंग हुआ है, उन ग्रामों का डीसीएस पोर्टल के माध्यम से सर्वेयरों द्वारा डिजिटल गिरदावरी किया गया है। इसके साथ ही जिन ग्रामों में जिओ रिफ्रेसिंग नहीं हुआ है, उन ग्रामों में हल्का पटवारियों द्वारा कृषि भूमि का भौतिक निरीक्षण एवं सत्यापन कर गिरदावरी की प्रविष्टि भुईयां पोर्टल के माध्यम से किया गया है। छुरिया तहसील अंतर्गत शासकीय पट्टेदार, वन अधिकार मान्यता पत्रकधारी का गिरदावरी प्रविष्टि पीवी एप के माध्यम से किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी का मोबाईल पीवी एप सत्यापन उपरांत प्रविष्टियों में परिवर्तन 30 नवंबर 2025 तक करने के निर्देश दिए गए है। निर्धारित तिथि तक आवश्कतानुसार संशोधन (सत्यापन) कार्य कर लिया जाएगा। घुमका तहसील अन्तर्गत हल्का पटवारी-3 में कुल 6 ग्राम हैं। जिसमें गिरदावरी हेतु कुल खसरों की संख्या ग्रामवार अमलीडीह में 1144, कलकसा में 815, कौहाकुड़ा में 613, ढाबा में 628, भरकाटोला में 1370 एवं सहसपुर दल्ली में 1050 है। डीसीएस के माध्यम से गिरदावरी पूर्ण खसरों की संख्या ग्रामवार अमलीडीह में 816, कलकसा में 587, कौहाकुड़ा में 308, ढाबा में 383, भरकाटोला में 792 एवं सहसपुर दल्ली में 552 है। मैनुअल गिरदावरी के माध्यम से ग्राम अमलीडीह, कौहाकुड़ा, भुरकाटोला, ढाबा एवं सहसपुरदल्ली की शेष खसरों की गिरदावरी पूर्ण की गई है। तकनीकी समस्या आने के कारण ग्राम कलकसा की लगभग 228 खसरों की मेनुअल गिरदावरी पूर्ण नहीं की जा सकी है। जिसे पूरा करने आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। - -वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री के मुख्य आतिथ्य में राज्योत्सव का हुआ शुभारंभदंतेवाड़ा। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25वें जन्मोत्सव (राज्योत्सव) रजत महोत्सव-2025 का शुभारंभ आज जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के माँ दंतेश्वरी मंदिर के प्रांगण परिसर मेंढक डोबरा में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी मंत्री श्री कश्यप द्वारा माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर पारंपरिक विधि-विधान से की गई। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों में विकास की नई परंपराओं की स्थापना हुई है। राज्य ने प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और यह रजत महोत्सव उन उपलब्धियों का प्रतीक है।इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि एक समय था जब दंतेवाड़ा का नाम सुनते ही भय और असुरक्षा का भाव उत्पन्न होता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। अब जब दंतेवाड़ा से फोन आता है, तो खुशी होती है, क्योंकि अब यह जिला शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क और विकास के हर क्षेत्र में नई दिशा की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दंतेवाड़ा सहित समूचे बस्तर क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जगदलपुर और कांकेर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी, और अब दंतेवाड़ा में भी मेडिकल कॉलेज की नींव रखी जा चुकी है, जो यहां के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। जिले में अब सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे आम नागरिक अंतिम छोर तक सहजता से पहुंच सकें। यह परिवर्तन विकास की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसमें दंतेवाड़ा अब मजबूती से आगे बढ़ रहा है। नक्सली उन्मूलन के संबंध में उन्होंने आगे कहा कि बस्तर का स्वर्णिम समय अब आ गया है। जब बस्तर नक्सलवाद मुक्त बस्तर कहलायेगा, यहां हमारे प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री की इच्छा शक्ति का परिणाम है।इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने जिला प्रशासन द्वारा राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए उसका अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक, जिला प्रशासन के नवाचार, पोषण, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में हुए उल्लेखनीय कार्यों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि “हर परिवार को छत मिले, यही हमारे शासन का संकल्प है।इसके पश्चात क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी ने उद्बोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व श्री अटल बिहारी वाजपेयी के छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के योगदान का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश से अलग करके छत्तीसगढ़ राज्य बनाने में उनका देन सदैव अविस्मरणीय रहेगी। अगर बस्तर की बात करें तो पूरे बस्तर जिले में सड़कों का जाल बिछ चुका हैं जहां पहले दंतेवाड़ा से रायपुर जाने में 8 से 9 घंटे लगते थे अब मात्र 6 घंटे में ये दूरी तय हो जाती है। इसके अलावा जिले से जगदलपुर जाने में भी एक घंटा का समय लगता है। यह रोड कनेक्टिविटी विकसित करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। शिक्षा के क्षेत्र में विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छूलो आसमान एवं लक्ष्य जैसे संस्थाओं के चलते आज यहा के युवा डॉक्टर,इंजीनियर, प्रषासनिक सेवाओं अपना योगदान दे रहे है। इसके साथ उन्होंने महतारी वंदन योजना, धन खरीदी, मिलेट फसलों का समर्थन मूल्य वृद्धि, लखपति दीदी योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये सब उपलब्धियों राज्य के बढ़ते विकास प्रतीक है।इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने भी 25 वर्षों के विकास को अद्वितीय बताते हुए कहा कि आने वाले समय में दंतेवाड़ा जिला देश दुनिया में अपनी एक नयी पहचान बनायेगा।राज्योत्सव के अवसर पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने अपने प्रतिवेदन में जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और आनंद का क्षण है। यह केवल उत्सव नहीं बल्कि उस जन यात्रा का प्रतीक है, जो जनता की आकांक्षाओं और सहभागिता से आगे बढ़ी है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत माता दंतेश्वरी के चरणों में वंदन करते हुए की और कहा कि जब वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था, तब “अपनी पहचान, अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपने विकास का राज्य” का जो सपना देखा गया था, आज दंतेवाड़ा उस सपने को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि बीते 25 वर्षों में दंतेवाड़ा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण मुक्ति, कृषि, सड़क निर्माण, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में बालमित्र पुस्तकालय, पोटा केबिन, आश्रम छात्रावास और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के माध्यम से बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिली है और आने वाले पाँच वर्षों में दंतेवाड़ा को शत- प्रतिशत साक्षर जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि के क्षेत्र में दंतेवाड़ा आज देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। यहाँ सिक्किम से भी बड़े भूभाग में जैविक खेती की जा रही है, जिससे यह जिला देश के अग्रणी जैविक कृषि जिलों में शामिल हुआ है। साथ ही मिलेट उत्पादन के क्षेत्र में भी दंतेवाड़ा ने नई पहचान स्थापित की है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि ग्रामीण सड़कों और परिवहन सुविधाओं के विकास से दूरस्थ अंचलों के लोगों को जिला मुख्यालय और ब्लॉक स्तर तक पहुँचने में आसानी हुई है। युवाओं के लिए नवगुरुकुल कोडिंग क्लास, युथ हब और लाइवलिहुड कॉलेज जैसे नवाचारों से कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर खुले हैं। वहीं, दंतेवाड़ा की महिलाएँ डेनेक्स, स्वरोजगार योजनाओं और एनआरएलएम समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि दंतेवाड़ा की प्राकृतिक सुंदरता, माता दंतेश्वरी मंदिर, यहाँ की संस्कृति और लोक कला जिले की पहचान हैं। मंदिर कॉरिडोर के निर्माण से दंतेवाड़ा अब पर्यटन के क्षेत्र में भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज दंतेवाड़ा नक्सल हिंसा की नहीं, बल्कि शांति और विकास की पहचान बन चुका है। हाल ही में आई बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ था, लेकिन प्रशासन और जन सहयोग से स्थितियाँ सामान्य बनाने तथा क्षतिग्रस्त अवसंरचना के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि विकास केवल शासन या प्रशासन से नहीं, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से संभव है। उन्होंने जिले वासियों से अपील की कि किसान, शिक्षक, व्यापारी, कर्मचारी या विद्यार्थी सभी अपने-अपने क्षेत्र से योगदान देकर जिले को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ। अंत में उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में हमारा लक्ष्य है 100 प्रतिशत साक्षरता, कुपोषण मुक्त दंतेवाड़ा, हर युवा को कौशल आधारित रोजगार, प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य सुविधा, प्रत्येक परिवार के चेहरे पर मुस्कान, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति व विकास सुनिश्चित करना। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी नागरिकों को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव और रजत जयंती वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए जिले की समृद्धि और प्रगति के लिए सबको मिलजुलकर कार्य करने का आह्वान किया।इसके साथ ही राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण-पत्र, साइकिल वितरण एवं उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान भी किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम,वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित सभी विभाग के विभागीय प्रमुख मौजूद थे।
- -प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैवविविधता और ईको-टूरिज्म का अनोखा संगम - लेपर्ड सफारी बनेगा नया आकर्षण केंद्र-वर्षा ऋतु खत्म होने के बाद देखते ही बन रही है अभयारण्य की सुंदरताबलौदाबाज़ार-भाटापारा बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य, रायपुर से लगभग दो घंटे की दूरी पर स्थित, छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख वन्यजीव गंतव्य है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यह अभयारण्य 1 नवम्बर 2025 से पर्यटकों के लिए पुनः खुल गया है।वर्ष ऋतु में यहाँ पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी।बारिश ख़त्म होने के बाद अभयारण्य की सुंदरता में चार चाँद लग गए हैं। इस बार अभ्यारण्य में पर्यटकों की सुविधा के लिए तीन प्रवेश द्वार - पकरीद, बरबसपुर और रवान निर्धारित किए गए हैं, जिनसे सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जंगल सफारी के दौरान पर्यटक यहां की समृद्ध वन संपदा और विविध जीव-जंतुओं को नज़दीक से देखने का रोमांच अनुभव कर सकेंगे।मुख्य आकर्षणों में तेंदुआ, भालू, गौर, कृष्णमृग सहित कई अन्य स्तनधारी प्रजातियां तथा 200 से अधिक पक्षी प्रजातियां शामिल हैं, जो इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि को दर्शाती हैं। इस वर्ष विशेष रूप से तैयार किया गया “लेपर्ड सफारी जोन” पर्यटकों के लिए एक नया और रोमांचक अनुभव प्रदान करेगा। बारनवापारा केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रकृति और शांति के चाहने वालों के लिए भी एक आदर्श स्थल है। यहाँ की वादियों में फैली हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट और सघन वनों की प्राकृतिक सुंदरता एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है। पर्यटकों के लिए अभ्यारण्य परिसर एवं आसपास स्थित इको-टूरिज्म रेसॉर्ट्स एवं विश्राम गृहों में रहने की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है, जहाँ वे प्रकृति की गोद में सुकून भरे पल बिता सकते हैं।इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि - “बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ने और संरक्षण की भावना को जागृत करने का माध्यम है। हम सभी प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का स्वागत करते हैं कि वे इस सत्र में बारनवापारा आएं और इसकी अद्भुत जैव-विविधता का अनुभव करें।” वन विभाग द्वारा पर्यटकों से अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित सुरक्षा एवं संरक्षण नियमों का पालन करें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।























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