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- बिलासपुर/जिले के विकासखण्डों में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित समावेशी संसाधन स्त्रोत केन्द्र हेतु फिजियाथेरेपिस्ट के 3 रिक्त पदों पर 7 नवम्बर तक आवेदन किये जा सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एनआईसी के वेबसाईट www.bilaspur.gov.in में उपलब्ध है। विज्ञापन एवं आवेदन का प्रारूप जिला पंचायत के द्वितीय तल जिला परियोजना कार्यालय बिलासपुर के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है।
- छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयन्ती महोत्सव और राज्योत्सव पर विशेष स्वच्छता पखवाड़ारायपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयन्ती महोत्सव और छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 9 क्षेत्र में सफाई मित्र स्वास्थ्य सुरक्षा शिविर लगाकर जोन 9 के 98 सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का स्वास्थ्य परीक्षण श्रीबालाजी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल प्रबंधन के सहयोग से नगर निगम जोन 9 स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया. चिकित्सकों ने जोन 9 के सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें जीवन में स्वस्थ रहने उपयोगी चिकित्सकीय परामर्श दिया. साथ ही परीक्षण उपरांत आवश्यक दवाईयां दीं.विशेष स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत सफाई मित्र स्वास्थ्य सुरक्षा परीक्षण शिविर की व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में किया.
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की सामान्य सभा की बैठक रायपुर नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर स्थित निगम सामान्य सभाकक्ष में नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ के सभापतित्व में हुई. बैठक में नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम रायपुर के नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी को बुके प्रदत्त कर आत्मीय स्वागत किया.नगर निगम सचिव श्रीमती संगीता साहू ने भी नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी का सामान्य सभा की बैठक में बुके प्रदत्त कर आत्मीय स्वागत किया.
- 0- केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि केआईयूजी ‘गौरव की दिशा में पहला कदम’ है0- पहली बार, बीच वॉलीबॉल, कैनोइंग और कयाकिंग, तथा साइक्लिंग (मेडल स्पोर्ट्स) और खो-खो (डेमोंस्ट्रेशन) पांचवीं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का हिस्सा होंगेरायपुर। पांचवें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स राजस्थान के सात शहरों में 24 नवंबर से 5 दिसम्बर 2025 तक आयोजित होंगे। इसमें 23 मेडल स्पोर्ट्स और एक डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट (खो-खो) में प्रतियोगिताएं होंगी। इसी साल कुछ समय पहले में बिहार में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तरह, यूनिवर्सिटी गेम्स भी राजस्थान के सात शहरों जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर में आयोजित होंगे। इस 12 दिनों के यूनिवर्सिटी आयोजन में 5,000 से अधिक एथलीटों के आने की उम्मीद है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन भारतीय विश्वविद्यालय संघ के सहयोग से किया जाता है।केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ भारत के खेल मार्ग में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दुनिया भर में विश्वविद्यालय, चैंपियनों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और केआईयूजी हमारे युवा एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्रदान करता है। इन खेलों का राजस्थान संस्करण भारत के विस्तृत खेल परिदृश्य को उजागर करेगा और वैश्विक स्तर पर राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने की आकांक्षा रखने वालों के लिए पहला कदम साबित होगा।डॉ. मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के तहत खेलो इंडिया पहल ने भागीदारी, प्रतिभा विकास और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने वाला एक ठोस पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। राजस्थान में आयोजित होने वाले ये यूनिवर्सिटी गेम्स हजारों छात्रों को न केवल खेलों को पढ़ाई के समानांतर ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही प्रतियोगिता एवं सौहार्द्र के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत भी करेंगे।केआईयूजी-2025 में 23 मेडल स्पोर्ट्स और एक डेमोंस्ट्रेशन श्रेणी के स्पोर्ट्स होंगे। मेडल स्पोर्ट्स में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फेंसिंग, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, मल्लखंब, रग्बी, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, योगासन, साइक्लिंग, बीच वॉलीबॉल, कैनोइंग और कयाकिंग शामिल हैं।खो-खो एक डेमोंस्ट्रेशन इवेंट होगा। पहली बार केआईयूजी कार्यक्रम में कैनोइंग, बीच वॉलीबॉल, और कयाकिंग तथा साइक्लिंग को शामिल किया जा रहा है। पूर्वाेत्तर भारत में आयोजित हुए पिछले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी चैंपियन बनी। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया था।खेलो इंडिया के विषय मेंखेलो इंडिया योजना युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। खेलो इंडिया गेम्स खेल कौशल प्रदर्शन का आधारभूत मंच हैं, जो प्रतिभा की पहचान करने और प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्टता हासिल करने हेतु एक विकास का मार्ग प्रदान करने का प्लेटफॉर्म बनते हैं। ये राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं ओलंपिक आंदोलन की सच्ची भावना में आयोजित की जा रही हैं, जिसमें संबंधित एनएसएफ, एसजीएफआई, एआईयू आदि जैसे विभिन्न हितधारकों को शामिल किया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक देश भर में 20 संस्करणों का आयोजन हो चुका है, जिसमें 7 संस्करण खेलो इंडिया यूथ गेम्स (केआईव्हायजी), 4 संस्करण खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी), 5 संस्करण खेलो इंडिया विंटर गेम्स (केआईव्हीजी), 2 संस्करण खेलो इंडिया पैरा गेम्स (केआईपीजी), 1 संस्करण खेलो इंडिया बीच गेम्स (केआईबीजी), और 1 संस्करण खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल (केआईडब्ल्यूएसएफ) शामिल हैं।
- 0- डिजिटल बोर्ड से शिक्षिका ने उपमुख्यमंत्री को पढ़ाई हृदय की संरचना एवं बैटरी की कार्यप्रणाली0- डिजिटल बोर्ड एवं इंटरएक्टिव लर्निंग से बच्चों को विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों को समझने में होगी आसानी- उपमुख्यमंत्री श्री शर्मारायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने मंगलवार को कबीरधाम जिले के ग्राम बिरकोना स्थित उच्चतर माध्यमिक शाला से कवर्धा विकासखंड के अंतर्गत संचालित 17 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम सुविधा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं का स्कूली बच्चों के साथ रिबन काटकर शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम में कवर्धा विकासखण्ड के सभी स्कूल जहां स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत हो रही है वहां के बच्चे वर्चुअल माध्यम से सीधे जुड़े।इस अवसर पर सभी शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के साक्षी बने। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा स्मार्ट क्लास में जाकर बच्चों के साथ बैठकर खुद भी विद्यार्थी बन गए। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर आदर्श विद्यार्थी की तरह डिजिटल बोर्ड के माध्यम से हृदय की संरचना, पौधों में पादप हार्मोन एवं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में बैटरी की कार्यप्रणाली के बारे में डिजिटल बोर्ड द्वारा जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिक्षकों के साथ डिजिटल कक्षा के संचालन, उपयोग एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्वयं भी स्मार्ट बोर्ड संचालित कर इसकी उपयोगिता को परखा। उन्होंने इस पहल को जिले में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के सुव्यवस्थित विस्तार की दिशा में अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद भी किया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह परियोजना केवल उपकरण या तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा संस्कृति में परिवर्तन की पहल है। जहाँ मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विसुअलाइजेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से विज्ञान एवं गणित जैसे कठिन से कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और सरल बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कवर्धा विकासखंड के 17 स्कूलों में यह सुविधा शुरू की गई है, जबकि एचडीएफसी के सीएसआर मद से शेष 33 विद्यालयों को भी जोड़कर कुल 50 स्कूलों तक इसका विस्तार किया जाएगा तथा आगे कुल 74 विद्यालयों को भी स्मार्ट क्लास के रूप में सुसज्जित करने का लक्ष्य किया गया है। इससे विद्यार्थियों की विषय को लेकर आधातभूत समझ भी बढ़ेगी तथा परीक्षाओं में परिणाम भी बेहतर होंगे। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकेंगे।उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय विषयवार साप्ताहिक शैक्षणिक शेड्यूल तैयार करें, डिजिटल वीडियो लाइब्रेरी विकसित की जाए और एक स्कूल को दूसरे स्कूल से जोड़कर ज्ञान एवं अनुभव विनिमय तंत्र तैयार किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को सतत, प्रतिस्पर्धात्मक एवं सहयोगात्मक समझ का वातावरण प्राप्त होगा।उन्होंने आगे कहा कि सफलता के लिए किसी प्रकार का शॉर्टकट नहीं होता। कठोर परिश्रम ही एकमात्र विश्वसनीय मार्ग है। सही को सही और गलत को गलत कहने का साहस ही सच्चे शिक्षित होने का प्रमाण है। उन्होंने समाज में बढ़ते नशे के खतरों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कि जिले के 44 विद्यालयों में शेड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा विद्यार्थियों के मानसिक एवं व्यवहारिक सुदृढ़ीकरण के लिए वरिष्ठ प्रबुद्धजनों की काउंसलिंग योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए एक समग्र शैक्षणिक अभियान के रूप में विकसित की जाएगी।इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। इसके साथ ही सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके बच्चों की शिक्षा में किये गए अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगामी जीवन के स्वस्थ एवं सुखी होने की शुभकामनाएं भी दी।
- 0- कलेक्टर ने सुनी आम लोगों की विभिन्न समस्याएंबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में मंगलवार को दूर-दराज से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनी और आवेदन लेकर समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा।जनदर्शन में सैकड़ों आवेदन, विभिन्न मांगों, शिकायतों और जनसुविधा की मांग को लेकर थे। सरकारी स्कूल से रिटायर्ड राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक ने जनदर्शन में पहुंचकर सरकारी स्कूलों में स्वैच्छिक सेवा के लिए आवेदन दिया।ग्राम खजुरी के राज्यपाल से सम्मानित रिटायर्ड शिक्षक श्री करमु सिंह ने शासकीय स्कूलों में स्वैच्छिक सेवा के रूप में अध्यापन के लिए जनदर्शन में आवेदन दिया ताकि बच्चों की शिक्षा में वे अपना योगदान दे सकें, कलेक्टर ने आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा। वन अधिकार पत्र पट्टे की मांग लेकर बड़ी संख्या में ग्राम फदहाखार के ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों की मांग थी कि उन्हें वन अधिकार पत्र दिया जाए,वे वर्षों से इन क्षेत्रों में निवासरत हैं, इस प्रकरण को कलेक्टर ने वनमण्डल अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा। तखतपुर विकासखंड के ग्राम पांड़ के ग्रामीणों ने सरपंच द्वारा सार्वजनिक निस्तारी के लिए उपयोग में आने वाले जूनी तालाब में सरपंच द्वारा बिना मुनादी के बड़ी संख्या में मछली बीज डालने और हजारों मछलियों के मरने से तालाब के जल प्रदूषित होने की शिकायत की है, ग्रामीणों ने शिकायत में लिखा कि पास ही प्राथमिक स्कूल है जहां के बच्चों के लिए ये तालाब खतरा बन चुका हैग्रामीणों ने लापरवाह सरपंच के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की, कलेक्टर ने त्वरित रूप से प्रकरण को सीईओ तखतपुर को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा। मुख कैंसर से पीड़ित ग्राम परसदा निवासी ग्रामीण ने आयुष्मान कार्ड से इलाज की मांग की ,जिसे सीएमएचओ को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा गया। ग्राम पंचायत परसदा, विकासखंड बिल्हा के ग्रामीणों ने गांव में जल संकट और गिरते भू जल स्तर की समस्या के निराकरण की मांग करते हुए गांव में रबी फसल लगाने पर रोक की मांग की प्रकरण को कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को सौंपा। जनदर्शन में अवैध कब्जे और एग्रीस्टैक पोर्टल में नाम दर्ज नहीं होने की शिकायतें व भूमि सीमांकन का कार्य पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा न किए जाने की शिकायत लेकर किसान पहुंचा। कलेक्टर ने प्रकरण संबंधित अधिकारियों को उचित निराकरण के लिए भेजा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नाम आने के बावजूद राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत लेकर ग्राम सोनबांधा का ग्रामीण पहुंचा, कलेक्टर ने सीईओ जनपद तखतपुर को आवेदन आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा।
- 0- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए दिए आवश्यक निर्देशमहासमुंद। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में मंगलवार को समय-सीमा की बैठक सुबह 10 बजे आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित वीसी के माध्यम से सभी ब्लॉक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में आगामी राज्योत्सव, धान खरीदी, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह ने राज्योत्सव की तैयारी की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्थापना के 25 वर्ष की उपलब्धियों को दर्शाते हुए विभागीय स्टॉल लगाए जाएंगे। कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा, मत्स्य, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन, खाद्य, श्रम, परिवहन, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों को शासन के विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं सफल परियोजनाओं का प्रदर्शन करने एवं विगत वर्षों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, मंच व्यवस्था एवं सामग्री वितरण सूची शीघ्र तैयार की जाए ताकि आयोजन उत्कृष्ट और अनुकरणीय हो।कलेक्टर ने कहा कि 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होगी। इसके लिए 16 चेक पोस्ट बनाए गए हैं ताकि अवैध परिवहन और आवक पर नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में रहें, टीमें नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें और धान खरीदी नीति के 29 बिंदुओं की चेक लिस्ट अनुसार तैयारी सुनिश्चित करें। अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट तत्काल प्रारंभ किया जाए एवं आवश्यक निगरानी की जाए। जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगी है उन्हें तैनात किए जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी तहसीलदार अवैध परिवहन करते पाए जाने पर वाहन सीज करें और प्रकरण दर्ज करें। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर शेष किसानों के पंजीयन को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। ज्ञात है कि 31 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि है, गिरदावरी सत्यापन के लिए जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगी है, उन्हें आगामी दो दिवस में आबंटित सभी खसरों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने कहा कि जिले में शेष आवासों को पूर्ण करने तथा लंबित स्वीकृतियां शीघ्र जारी करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के तहत जिले को नवीन 5360 का स्वीकृति प्राप्त हुआ है। उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के अनुसार खाद्य विभाग को आबंटन की प्रक्रिया आगामी 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग को अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने हेतु प्रेरित करने कहा। कलेक्टर श्री लंगेह ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के आधार आईडी निर्माण हेतु शिविर आयोजित किए जाएं ताकि किसी भी छात्र को शैक्षणिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े। उन्हें पहले से सभी डॉक्यूमेंट की जानकारी देने निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अपार आईडी हेतु आज से शिविर लगाया जा रहा है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आवश्यक दस्तावेज साथ रखने के लिए सभी बीईओ को निर्देशित किया है।मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत सभी ईआरओ को निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं जारी समय सारणी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में भी पुनरीक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होगा। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य में आज से प्रारंभ होगा। कलेक्टर ने कहा कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाता छूट न पाएं और अपात्र मतदाता शामिल न हों। जारी कार्यक्रम के तहत 3 नवम्बर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम, 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक घर-घर सत्यापन, 9 दिसम्बर को मतदाता सूची का प्रकाशन, 8 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति दर्ज किया जाएगा। 31 जनवरी तक सुनवाई और सत्यापन तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- महासमुंद. कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की समस्याएं एवं शिकायतों को गंभीरता पूर्वक सुना। जन चौपाल में आज 74 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों से जनसामान्य यहां आते हैं, उनकी समस्याओं का निराकरण कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित करना है। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने निर्देशित किया।जन चौपाल में ग्राम राजसवैया खुर्द निवासी रिद्धि नायक ने अपने पुत्र के बोन मेरो ट्रांसप्लांट को चिरायु योजना के तहत निःशुल्क इलाज हेतु आवेदन किया। इसी तरह ग्राम भोरिंग महासमुंद निवासी तोषण लाल साहू ने धान विक्रय के लिए पंजीयन, ग्राम बुंदेली में शासकीय भूमि में अवैध कब्जे की जांच के लिए, ग्राम फरसाडीह निवासी ताम्रध्वज माहरा द्वारा एग्रीस्टैक कृषक आईडी बनवाने में हो रही समस्या के लिए, महासमुंद के रामाधीन साहू द्वारा विकलांग पेंशन हेतु, ग्राम खैरटखुर्द बाघमुड़ा के निवासियों ने नवीन उपार्जन केंद्र हेतु आवेदन किए। इसके अलावा लंबित राशि भुगतान, श्रमिक पंजीयन कार्ड संशोधन, अवैध शराब बिक्री, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, वन अधिकार पट्टा, सीमांकन, बंदोबस्त त्रुटि सुधार संबंधी आवेदन प्राप्त हुए जिस पर कलेक्टर ने उचित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- राज्योत्सव, बस्तर ओलंपिक एवं विकास योजनाओं की तैयारियों की समीक्षादंतेवाड़ा। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, आगामी राज्योत्सव और बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर श्री दुदावत ने आगामी राज्योत्सव की तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव जिले की संस्कृति, परंपरा और उपलब्धियों का गौरवपूर्ण उत्सव है, अतः इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन स्थल पर खेल प्रतिभागियों और दर्शकों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि “ब्लॉक स्तर पर होने वाले बस्तर ओलंपिक में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए तथा खेल मैदानों में स्वास्थ्य विभाग का अमला, पेयजल, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से उपलब्ध रहें। इसके साथ ही एकता दौड़ के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने बैठक में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए खाद्य विभाग को अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंडवार प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के साथ पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रथम किस्त शीघ्र जारी करने और हितग्राहियों से नियमित संवाद स्थापित कर कार्य में गति लाने पर बल दिया। उन्होंने नियद नेल्लानार ग्रामों में प्रधानमंत्री आवासों पर लागू सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की स्थिति की समीक्षा की और गरीब परिवारों को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बैंक एवं वेंडरों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने पीएम सेवा निधि योजना की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से ऋण वितरण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि अधिक से अधिक हितग्राही योजना से जुड़ सकें। इसी प्रकार आयुष्मान कार्ड वितरण एवं वंदन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को शीघ्र कार्ड उपलब्ध कराए जाएं और सेवा प्रदायगी में किसी प्रकार की देरी न हो। कलेक्टर श्री दुदावत ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने की स्थिति की जानकारी लेते हुए इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नागरिक सेवाओं की पारदर्शिता और समयबद्धता प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक के अंत में कलेक्टर ने अन्य सभी विभागों की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की और कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने कार्यों में प्रगति लाने हेतु लक्षित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित विभाग के विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- संयुक्त रणनीति और मैदानी क्रियान्वयन के जरिये योजना के लक्ष्यो की प्राप्ति पर दिया गया जोरदंतेवाड़ा। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में केन्द्र सरकार के द्वारा समर्थित प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने योजना के संबंध में जानकारी देने के साथ-साथ जिले में इसके धरातलीय क्रियान्वयन,षतप्रतिषत लक्ष्य प्राप्ति के संबंध में बताया कि यह एक समेकित कृषि विकास योजना है, जिसे केंद्र सरकार ने 2025-26 में बजट में घोषित किया। इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को छह वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृति दी। यह योजना भारत के 100 जिलों में लागू की जाएगी, विशेष रूप से उन जिलों में जहां कृषि उत्पादकता कम है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना ,फसलों में विविधीकरण को बढ़ावा देना ,कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाना सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना कृषि ऋण (दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक) तक पहुंच सुगम बनाना टिकाऊ एवं जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाना है।इस योजना में 11 केंद्रीय मंत्रालयों की 36 मौजूदा योजनाएं एकीकृत रूप में शामिल होंगी और इनके माध्यम से कृषि विभाग सहित उसके अनुषांगिक विभाग जैसे मत्स्य, उद्यानिकी, पशुधन, कृषि सहकारिता, कृषि विज्ञान केन्द्र के अलावा कौशल विकास विभाग की समस्त योजनाओं का समावेषी क्रियान्वयन किया जायेगा। प्रत्येक जिले में एक “जिला धन धान्य समिति” बनेगी, जिसमें प्रगतिशील किसान सदस्य होंगे और स्थानीय कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों की योजना बनाएँगे। निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए 117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों तय किए गए हैं, और प्रत्येक जिले की प्रगति मासिक आधार पर एक डैशबोर्ड के माध्यम से मापी जाएगी।प्रत्येक जिले में एक केंद्रीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो योजना की समीक्षा करेगा। इस योजना का लक्ष्य लगभग 1.7 करोड़ छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ देना है। इसके साथ ही कलेक्टर ने आगे कहा कि योजना से संबंधित विभाग इस संबंध में संयुक्त रणनीति और ठोस मैदानी क्रियान्वयन के तहत कार्य करेगें। चूंकि इसके लिए सूचकांक निर्धारित है और इस आधार पर जिले की रैकिंग तय की जायेगी। तो हम जिले की कृषि क्षमता अवसरों, चुनौतियों तथा कमजोरियों को चिन्हांकित करना होगा। इस योजना से न सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में सुधार, ग्रामीण आजीविका सृजन और कृषि क्षेत्र में समेकित विकास संभव होगा। अतः सभी विभाग आपसी समन्वयन और बेहतर रणनीति बनाकर जिले को सभी इडीकेटर में उत्कृष्ट रैंकिंग दिलाने का भरसक प्रयास करें। बैठक में उप संचालक कृषि श्री सूरज पंसारी,सहायक संचालक उद्यानिकी श्रीमती मीना मंडावी, पशुधन विभाग उप संचालक श्रीमती श्यामा मालवीय सहित संबंध विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- file photoदंतेवाड़ा। कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा द्वारा विज्ञप्ति अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य आगामी माह नवम्बर से प्रारंभ होने संभावित है। इस दौरान किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या अथवा शिकायत होने पर सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07856-252412 है। धान खरीदी अवधि समाप्त होने तक नियंत्रण कक्ष में किसानों से प्राप्त शिकायतों को दर्ज करने, आवश्यक सलाह देने एवं संबंधित विभाग को अवगत कराने हेतु श्री लोकांश एलमा, डिप्टी कलेक्टर, को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- दंतेवाड़ा. आगामी राज्योत्सव-2025 के संदर्भ में जिला स्तर पर 02 से 04 से नवंबर तक 3 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान आयोजन स्थल मेढ़का डोबर में विभागों द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। जिसमें विभागीय उपलबियों प्रदर्शित की जायेगी। तथा इसका मुख्य थीम 25 वर्षों की विकास यात्रा से संबंधित रहेगी। इस क्रम में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा योजना स्थल का निरीक्षण किया गया तथा मंच व्यवस्था, साज-सज्जा, बैठक व्यवस्था, स्टालों, विद्युत,पेयजल, साफ-सफाई, फ्लेक्स,बैनर, स्वागत द्वार, ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि संपूर्ण आयोजन रजत जयंती के अनुरूप गरिमापूर्ण होना चाहिए। और सभी आवश्यक तैयारियां समय पूर्व कर लिया जावें। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित अन्य विभाग के प्रमुख उपस्थित थे।
- 0- पंजीयन से वंचित ना हो कोई भी किसान-कलेक्टर श्री दुदावतदंतेवाड़ा। प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जानी है। इसी संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी, समस्त लेम्प्स प्रबंधक, खरीदी केंद्र प्रभारी तथा डेटा एंट्री ऑपरेटर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी पात्र किसानों का एग्री-स्टैक पोर्टल में पंजीयन आगामी तीन दिवस के भीतर हर हाल में पूर्ण किया जाए। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हुआ है, उनका नाम सूचीबद्ध कर तत्काल पंजीयन कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मृत किसानों के वारिसों का पंजीयन संबंधित तहसीलदारों की देखरेख में शीघ्रता से किया जाए ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले का कोई भी किसान पंजीयन से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस दिशा में ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी एवं लेम्प्स प्रबंधकों को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने तथा पंजीयन कार्य में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करना है ताकि प्रत्येक किसान को समर्थन मूल्य का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।उन्होंने आगे कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पी.डी.एस. बारदानों का संग्रहण कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर उसकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जाए। साथ ही जिले के सभी राइस मिलर्स के पास उपलब्ध पुराने बारदानों का सत्यापन दो दिवस के भीतर कर लिया जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी 15 धान खरीदी केंद्रों के नोडल अधिकारियों तथा सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को निर्देश दिए कि वे आगामी 15 नवम्बर 2025 से प्रारंभ हो रही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी का स्थल निरीक्षण करें तथा निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार तीन दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक केंद्र में तोलक मशीन, बारदाना, बिजली की व्यवस्था, किसानों के बैठने की सुविधा, पेयजल की उपलब्धता तथा सीसीटीवी निगरानी जैसी सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। कलेक्टर ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की संपूर्ण तैयारी की पुनः समीक्षा 2 नवम्बर 2025 को की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी अद्यतन स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।बैठक के अंत में कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि धान खरीदी केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि किसान सम्मान का प्रतीक है। इसलिए इसे पूर्ण पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीदी केंद्रों में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और शासन की मंशानुसार प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित रूप से प्राप्त हो। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित विभाग के विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
- राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत उद्योग विभाग द्वारा रैम्प योजना के अंतर्गत 31 अक्टूबर 2025 को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत के सभाकक्ष में जेम से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया है। रैम्प योजना के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, महिला उद्यमियों, स्वसहायता समूह और पारंपरिक कारीगरों को डिजिटल साक्षरता, डिजिटल प्लेट फार्म, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म एवं बीडीएसपी से जोडऩे एवं उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस पर जुडऩे के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिले के सभी इच्छुक उद्यमियों एवं लाभार्थियों से नि:शुल्क कार्यशाला में भाग लेने कहा गया है। इसके संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रए राजनांदगांव से संपर्क कर सकते हैं
- 0- कलेक्टर श्री लंगेह ने राज्योत्सव की तैयारियों का लिया जायजा0- कार्यक्रम में 25 वर्षों की उपलब्धियों की दिखेगी झलकमहासमुन्द. छत्तीसगढ़ शासन से प्राप्त निर्देशानुसार विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर राज्योत्सव 2025 का आयोजन जिला मुख्यालय महासमुन्द में भव्य रूप से किया जाएगा। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 02 नवम्बर से 04 नवम्बर 2025 तक मिनी स्टेडियम, शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय में आयोजित होगा। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला अधिकारियों ने मंगलवार को मिनी स्टेडियम पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राज्योत्सव 2025 के आयोजन हेतु तत्काल आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करें एवं आपसी समन्वय के साथ सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर के मार्गदर्शन में संपूर्ण कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी। राज्योत्सव के दौरान शासकीय भवनों में रोशनी की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों को भी अपने घरों और संस्थाओं में रोशनी करने की अपील की है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, एसडीएम अक्षा गुप्ता सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समुचित व्यवस्थाओं हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत महासमुंद को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है तथा समस्त विभागों को दायित्व सौंपे गए हैं। जिसमें पुलिस विभाग को कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वन विभाग को बेरिकेटिंग हेतु बांस-बल्ली व्यवस्था का दायित्व दिया गया है। जिला पंचायत एन.आर.एल.एम. शाखा, कार्यपालन अभियंता लो.नि. विभाग स्टेज निर्माण, पंडाल, बैठक व्यवस्था एवं प्रदर्शनी लेआउट का कार्य करेंगे। विद्युत विभाग द्वारा निरंतर विद्युत आपूर्ति एवं जनरेटर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नगरपालिका परिषद् महासमुंद द्वारा अस्थायी टॉयलेट, चलित शौचालय, स्वच्छता एवं पेयजल की व्यवस्था करेंगे। स्वास्थ्य विभाग कार्यक्रम स्थल पर एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा, ओआरएस, स्ट्रेचर एवं वार्ड ब्वॉय की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। उद्यानिकी विभाग मंच सजावट की व्यवस्था करेंगे। प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।राज्योत्सव के दौरान मिनी स्टेडियम परिसर में विभिन्न विभागों की विकासात्मक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कृषि, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा, मत्स्य, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन, खाद्य, श्रम, परिवहन, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभाग अपने-अपने स्टॉल में शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं, सफल परियोजनाएं एवं 25 वर्षां की उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यक्रम स्थल पर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस दौरान उन्होंने वीआईपी, मीडिया एवं आम जनता के बैठने की व्यवस्था का भी जायजा लिया।--
- 0- कम जल मांग वाली रबी फसले बनेंगी किसानों की ताकतराजनांदगांव। जिले में तेजी से गिरता भू-जल स्तर एक गंभीर चुनौती बन कर सामने आया है। इस संकट से उबरने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनसहभागिता से सकारात्मक कदम उठाए जा रहे है। विशेष तौर पर किसानों को कम पानी की आवश्यकता वाले रबी फसलों को बढ़ावा देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग ने कम पानी की मांग वाली रबी फसलों को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस और व्यापक रणनीति अपनाई है। यह न केवल जल संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने और पर्यावरण की रक्षा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी गांव-गांव में किसान संगोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही पद्मश्री फूलबासन यादव के नेतृत्व में महिला समूह नीर और नारी जल यात्रा अभियान के जरिए ग्रामीण स्तर पर जल संरक्षण और फसल परिवर्तन का संदेश दे रहे हैं।जल संकट की गंभीर स्थिति-सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के मूल्यांकन ने राजनांदगांव, डोंगरगांव और डोंगरगढ़ विकासखंडों को सेमी-क्रिटिकल जोन में शामिल किया है। यह एक चेतावनी है कि यदि समय रहते जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के उपाय नहीं किए गए, तो जिला क्रिटिकल जोन में प्रवेश कर सकता है, जिसका असर न केवल खेती, बल्कि पेयजल और दैनिक जरूरतों पर भी पड़ेगा। आंकड़ों के अनुसार एक व्यक्ति एक दिन में लगभग 55 लीटर पानी का उपयोग करता है तथा एक सामान्य परिवार सालाना 80 हजार लीटर पानी पीने के लिए उपयोग करता है, इसी प्रकार एक पूरा गांव मिलकर 160.60 लाख लीटर पानी की खपत साल भर में करता है। दूसरी ओर विशेषज्ञों के आधार पर ग्रीष्मकालीन, धान की खेती पानी की भारी मांग वाली फसल मानी जाती है, जिसमें लगभग मात्र 1 किलोग्राम धान उत्पादन के लिए 2000 लीटर पानी की जरूरत होती है, यानी 40 क्विंटल धान के लिए 80 लाख लीटर पानी खर्च होता है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि यदि 2 हेक्टेयर में ग्रीष्मकालीन धान लगाया जाए तो पूरे गांव में 1 साल भर में उपयोग होने वाले पानी की कुल मात्रा का उपयोग केवल 1 ग्रीष्मकालीन सीजन में ही हो जाएगा, धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों के बजाय कम पानी वाली फसलों को अपनाना अब अनिवार्य हो गया है।कम पानी, अधिक मुनाफा -रबी फसलों का महत्व1 अक्टूबर से शुरू हुए रबी सीजन में जिले के किसान परंपरागत रूप से चना, गेहूं, मक्का, उड़द, मूंग, तिवड़ा और मसूर की खेती करते रहे हैं। गर्मी के मौसम में धान की खेती भी लंबे समय से प्रचलित रही है, लेकिन बढ़ते जल संकट एवं पूर्व वर्षों में ग्रीष्मकालीन धान में पानी की कमी के कारण फसल को हुए नुकसान के अनुभव को देखते हुए इसकी जगह कम पानी वाली फसलों को अपनाने की जरूरत को रेखांकित किया है। इस वर्ष कृषि विभाग राजनांदगांव ने 88 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की खेती का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 9 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गर्मी के धान के बजाय मक्का की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मक्का एक ऐसी फसल है, जो धान की तुलना में तीन गुना कम पानी में तैयार होती है और किसानों को दोगुना मुनाफा देती है। इसके अलावा, गेहूं, चना, मसूर, मूंग, उड़द और सरसों जैसी फसलें जिले की जलवायु के लिए उपयुक्त हैं और इनका बाजार मूल्य भी आकर्षक है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की खेती में उपयोग होने वाले पानी की तुलना में गेहूं और मक्का में तीन गुना कम और सोयाबीन, सरसों, उड़द जैसी फसलों में पांच गुना कम पानी की जरूरत होती है। ये फसलें न केवल जल संरक्षण में मदद करती हैं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर पेयजल, पशुओं के लिए पानी और अन्य दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी सहायक हैं।निजी क्षेत्र का सहयोग-इस दिशा में निजी क्षेत्र की कंपनियां भी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। गॉरमेड पॉप कॉर्निका, एबीस उद्योग और राजाराम मेज फैक्ट्री जैसी कंपनियां मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से किसानों के बीच कार्य कर रही हैं। ये कंपनियां किसानों की उपज को सीधे खरीदने की सुविधा प्रदान कर रही हैं, जिससे किसानों को न केवल बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा, बल्कि उनकी उपज की बिक्री की चिंता भी खत्म होगी। यह पहल किसानों के लिए आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास का एक नया आधार तैयार कर रही है।सरकारी समर्थन और प्रोत्साहन-उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष सरकार ने प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत चना, मसूर और सरसों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की योजना बनाई है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अधिक पानी और लागत वाली फसलों को छोड़कर दलहन, तिलहन और मक्का जैसी फसलों को अपनाएं। ये फसलें न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इनकी मांग बढ़ रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी किसानों को इन फसलों की ओर आकर्षित कर रही है।मौसम की चुनौतियां और समाधान-इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता और बढ़ती गर्मी के कारण फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की आशंका है। ऐसे में कम पानी वाली फसलों का चयन न केवल किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि जिले के जल संकट को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कम पानी वाली फसलों को अपनाकर किसान न केवल अपनी आजीविका को सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।जल संरक्षण के लिए सामुदायिक प्रयासकृषि विभाग और निजी कंपनियों के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर भी जल संरक्षण के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। महिला समूहों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान ग्रामीण समुदाय को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बना रहे हैं। ये अभियान न केवल किसानों को नई फसलों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, बल्कि जल संरक्षण की तकनीकों, जैसे वर्षा जल संचय और ड्रिप इरिगेशन को भी बढ़ावा दे रहे हैं।एक नई शुरूआतकम पानी वाली रबी फसलें राजनांदगांव के लिए जल संकट का एक प्रभावी समाधान हैं। यह पहल न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के दीर्घकालिक उपयोग को सुनिश्चित करेगी। कृषि विभाग, निजी कंपनियों और सामुदायिक संगठनों की इस संयुक्त पहल से जिले के किसान एक नई दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। यह कदम न केवल जल संकट से लडऩे में कारगर साबित होगा। बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण को बचाने का एक सुनहरा अवसर भी प्रदान करेगा।अपील-किसानों से अपील है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं, कम पानी वाली फसलों को अपनाएं और जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनें। यह न केवल उनकी आजीविका को बेहतर बनाएगा, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में भी मदद करेगा।
- राजनांदगांव. पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन 30 नवम्बर 2025 तक आमंत्रित की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर एवं जिले में संचालित विभिन्न संस्थाओं में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी वर्ष 2025-26 में नवीन व नवीनीकरण पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित तिथि तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित संस्था से प्राप्त की जा सकती है।
- 0- जल जीवन मिशन की प्रगति पर कलेक्टर ने की समीक्षा, लापरवाह ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देशमोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक ली। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता महेश सिंह, सहायक कार्यपालन अभियंता एपी शर्मा, छत्रपाल धुर्वे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024-25 तक पूर्ण हर घर जल प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई तथा वर्ष 2025-26 के लक्ष्य निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही मिशन अंतर्गत प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा नव-नियुक्त सरपंच, सचिव तथा ग्राम स्वच्छ जल समिति के सदस्य एवं पम्प ऑपरेटर को प्रशिक्षण दिए जाने हेतु प्रशिक्षण बजट की प्रशासकीय स्वीकृति पर भी विचार-विमर्श हुआ।बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध अनुबंध निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए। इस संदर्भ विभाग द्वारा विकासखंड मानपुर के ग्राम पंचालफड़की, ख्वासफड़की, नवागांव, बेसली, तोलूम और कुम्हारी में कार्यरत मैसर्स आकसोन इंफ्राटेक प्रा. लि.का अनुबंध समिति के समक्ष निरस्तीकरण हेतु प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि ठेकेदार को बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं किया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्यय आकलन की समीक्षा की गई और मिशन कार्यों की प्रगति को गति प्रदान करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
- 0- कमजोरी से जूझता मानव, आंगनबाड़ी की मदद से हुआ मजबूत0- संतुलित आहार से आई मुस्कान, मानव की कहानी हर मां के लिए संदेश0- मेरा बेटा अब स्वस्थ है नम्रता बाई ने जताई अपनी खुशीमोहला । ग्राम रानाटोला, विकास खंड मोहला जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का नन्हा मानव आज स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी रहा है। कभी कमजोरी और कुपोषण से जूझ रहे मानव की कहानी आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। मानव का जन्म 23 अप्रैल 2023 को हुआ था। 8 अक्टूबर 2024 को जब आंगनबाड़ी केंद्र में उसकी जांच की गई, तो पाया गया कि उसकी लंबाई के अनुसार वजन बहुत कम था कृ केवल 6.6 किलोग्राम। शरीर कमजोर था और खेलने-कूदने की इच्छा भी नहीं थी। उसकी मां, नम्रता बाई, बेटे की कमजोरी से चिंतित थीं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि बच्चों के सही विकास के लिए केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पौष्टिक और संतुलित आहार देना भी जरूरी है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया और परिवार को समझाया कि कैसे संतुलित आहार और साफ-सफाई से बच्चे के जीवन में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने नम्रता बाई को सम्वर्धित टेक होम राशन के महत्व के बारे में बताया और नियमित रूप से इसे देने की सलाह दी। साथ ही, उन्हें घर पर पौष्टिक आहार जैसे दलिया, मूंग दाल की खिचड़ी, अंडा और हरी सब्जियां बनाने के तरीके सिखाए गए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने निरंतर गृह भेंट कर मानव के स्वास्थ्य पर नजर रखी और हर सप्ताह उसका वजन व लंबाई मापी। इन प्रयासों का असर जल्द ही दिखने लगा। 16 हफ्तों में मानव का वजन बढ़कर 7.7 किलोग्राम हो गया और अब वह सामान्य श्रेणी में आ चुका है। पहले जहां वह कमजोर और सुस्त था, वहीं अब वह सक्रिय, खेल-कूद में रुचि रखने वाला और ऊर्जावान बच्चा बन गया है। उसकी भूख में सुधार हुआ है और शरीर में ताकत लौटी है। सबसे बड़ी बात यह कि परिवार का आत्मविश्वास भी वापस आया है।नम्रता बाई ने बताया कि मुझे लगा था कि मेरा बेटा हमेशा कमजोर ही रहेगा, लेकिन सम्वर्धित टेक होम राशन ने उसकी सेहत में सकारात्मक बदलाव लाया। आज मानव खुश और स्वस्थ है। मैं हर मां से कहना चाहती हूं कि आंगनबाड़ी से मिलने वाला राशन बच्चों को जरूर खिलाएं। इस परिवर्तन में सम्वर्धित टेक होम राशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके माध्यम से मानव को आवश्यक पोषक तत्व और ऊर्जा समय पर मिलती रही। यह अतिरिक्त पोषण उसके शारीरिक विकास के लिए आधार बना। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लगातार प्रेरणा दी और परिवार ने निर्देशों का ईमानदारी से पालन किया।
- 0- पुलिस मैदान में प्रतिदिन होंगे रंगारग कार्यक्रम0- प्रदर्शनी में देखने मिलेगा 25 साल के विकास की झलक0- कलेक्टर ने सफल आयोजन के लिए सौंपी जिम्मेदारीबिलासपुर. /जिला स्तर पर राज्योत्सव का आयोजन इस बार तीन दिवस का होगा। स्थानीय पुलिस परेड मैदान में 2 से 4 नवम्बर 2025 तक इसका आयोजन किया जायेगा। स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विभागीय प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। विभागीय प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के 25 सालों की विकास यात्रा को फोकस किया जायेगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में इसकी तैयारी को लेकर दिशा-निर्देश दिए। बेहतर एवं सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को विभागवार जिम्मेदारी भी सौंपी। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार सहित जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।जिला स्तरीय राज्योत्सव में तीनों दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक कलाकारों को प्रस्तुति के लिए मंच मिलेगा। जिला कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 नवम्बर को शाम 5 बजे से साढ़े 6 बजे तक स्कूली छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम होगा। इसके बाद 6.30 बजे से 7.30 बजे तक लोक मंच हिलेन्द्र ठाकुर की प्रस्तुति, रात 7.30 बजे से 8 बजे तक आंचल पाण्डेय का कत्थक नृत्य, 8 से 9 बजे तक जीजीयू का उमंग बैण्ड की प्रस्तुति, 9 बजे से 9.45 बजे तक बालमुकुंद पटेल का भरथरी गायन एवं रेखा देवार का छत्तीसगढ़ी गायन तथा रात्रि 9.45 बजे से 11 बजे तक इण्डियन रोलर बैण्ड की प्रस्तुति के साथ ही पहले दिन का कार्यक्रम संपन्न होगा।दूसरे दिन 3 नवम्बर को शाम 5 से 6.30 बजे तक स्कूली बच्चों का कार्यक्रम, 6.30 बजे से 7 बजे तक दिनेश गुप्ता का पण्डवानी गायन, शाम 7 से 7.30 बजे तक अनिल गढ़ेवाल का गेड़ी नृत्य, रात 7.30 से 8.30 बजे तक तनिष्क वर्मा का गायन, साढ़े 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक बासन्ती वैष्णव का कत्थक नृत्य और रात्रि 9.30 बजे से 11 बजे तक ऐश्वर्या पण्डित बॉलीबुड का गायन होगा। तीसरे और अंतिम दिन स्कूली बच्चों के कार्यक्रम के बाद साढ़े 6 से 7.15 बजे तक गीतिका चक्रधर का कत्थक नृत्य, शाम सवा 7 से 8 बजे तक विधि सेनगुप्ता का ओडिसी नृत्य, रात्रि 8 से साढ़े 8 बजे तक पंचूराम का बांस गीत, रात्रि साढ़े 8 से 9.30 बजे तक प्रभंजय चतुर्वेदी का गजल एवं भजन गायन तथा रात्रि साढ़े 9 बजे से अनुज शर्मा गु्रप का छत्तीसगढ़ी कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी।दो दर्जन विभागों की लगेगी प्रदर्शनीकार्यक्रम स्थल पर दो दर्जन विभागों की विकास प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। मुख्य रूप से विगत 25 सालों मंे छत्तीसगढ़ में हुए विकास को प्रदर्शित किया जायेगा। जिला पंचायत, पशु चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास, सीएमएचओ, वन विभाग, कृषि एवं उद्यानिकी, आदिवासी विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जेल विभाग, खाद्य विभाग, श्रम विभाग, पशु चिकित्सा एवं मछलीपालन, आरटीओ, पीएचई, जनसम्पर्क, आयुर्वेद, खारंग जल संसाधन, नगरपालिक निगम, सीएसईबी एवं लोक निर्माण विभाग की प्रदर्शनी लगेगी। कलेक्टर ने बैठक में आज अफसरों को पच्चीस साल में हुए विकास की थीम पर आधारित प्रदर्शनी की तैयारी के निर्देश दे दिए हैं।-0-
- -उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल-भगवान सहस्त्रबाहु चौक में भव्य प्रतिमा स्थापना और सौर्दर्यीकरण की घोषणा कीरायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मंगलवार को कवर्धा शहर के भारत माता चौक में डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शमिल होकर समाज के साथ पारंपरिक और आध्यात्मिक उत्सव साझा किया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने रायपुर रोड स्थित भगवान सहस्त्रबाहु चौक का सौंदर्यीकरण तथा भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की भव्य प्रतिमा की स्थापना करने की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि डड़सेना कलार समाज आज सशक्त रूप से संगठित होकर एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि नई पीढ़ी जागरूक और लक्ष्य के प्रति समर्पित है। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि समाज के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जो न केवल समाज बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों द्वारा दिखाई जा रही एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की भावना प्रेरणादायक है। इसी संगठित प्रयास का परिणाम है कि समाज की नई पीढ़ी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है तथा राज्य और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे रही है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि समाज के सर्वांगीण उत्थान और विकास से जुड़े हर सार्थक प्रयास में छत्तीसगढ़ सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। शिक्षा, कौशल विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे सभी क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं और संसाधनों का लाभ समाज को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समाज आगे बढ़ने का संकल्प ले तो सरकार सदैव उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चंद्रवंशी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, पार्षद श्री दीपक सिन्हा, अध्यक्ष श्री रूपेन्द्र जयसवाल, श्री गजेंद्र जयसवाल, श्री खेलूराम जयसवाल, श्री आत्माराम जायसवाल, श्री श्याम लाल, बद्री जायसवाल, श्री रोहित, श्री उमराव सहित जनप्रतिनिधि, समाज के नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। सैर सपाटा संघ का दीवाली मिलन सबेरे 6 बजे रविशंकर विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित किया गया ।जिसमें मॉर्निंग वॉक करने वाले सभी सदस्य उपस्थित हुए। कार्यक्रम में रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सच्चिदानंद शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे।पूरे संसार में शायद यह पहली संस्था होगी जो सबेरे 6 बजे दीपावली मिलन आयोजित करती है। 30 साल पहले सन् 1995 में शुरू हुआ सैर सपाटा संघ 5 सदस्यों से शुरू हुआ था ।अब 50 से अधिक सदस्य शामिल हैं। दीवाली मिलन में काव्यपाठ देवेंद्र अग्रवाल और आर के अग्रवाल ने किया ।दीपावली मिलन कार्यक्रम में देवेंद अग्रवाल, डॉ दिनेश मिश्र,शशि सेठिया ,, ताराचंद अग्रवाल, विनय कक्कड़, रवि सिंघानिया,लालू मथानी, .गिरीश बिस्सा, आनंद बेरीवाल,पुरुषोत्तम जी, सज्जन , रवि भैया ,प्रदीप, सुशील भाई ,विनय साबू, हरजीत जुनेजा, मामू, खंडेलवाल,अल्लू महाराज, महेंद्र, नवल जी,गोविंद, डॉ शुक्ला अमर बंसल,गोपाल,राजीव गोयल,,आर के बंसल, नरेश जी, युगबोध ,रवि अग्रवाल, मनोज त्रिवेदी, संजय पाठक,मनोज एंटी डॉ हरिंद्र मोहन शुक्ल सहित अनेक नागरिक उपस्थित थे.। सभी सदस्यों ने एक दूसरे को दीपावाली की शुभकामनाएं दीं.।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 1 नवम्बर को करेंगे रजत राज्योत्सव का शुभारंभ-राज्योत्सव स्थल में मुख्य मंच तथा 7 डोम निर्माणाधीनरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रवास एवं राज्योत्सव-2025 की तैयारियां कार्यक्रम स्थल में जोरो से की जा रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह मौके पर पहुंचे और रात तक तैयारियों का जायजा लेते रहे। उन्होंने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, राज्योत्सव स्थल में निर्माणधीन मुख्य मंच एवं अन्य डोम का अधिकारियों के साथ पहुंचकर निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर तैयारियाँ पूर्ण करने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि राज्योत्सव स्थल में 24 एकड़ में भव्य राज्योत्सव मेला का निर्माण किया जा रहा है। यहां मुख्य मंच के साथ तीन बड़े एवं चार छोटे डोम बनाए जा रहे हैं, जिनमें 80 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। सभी डोम में सुरक्षा के मद्देनज़र बैरिकेडिंग की गई है और आगंतुकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 80 सेक्टर तैयार किए जा रहे हैं।मुख्य परिपथ मार्ग का निर्माण कार्य भी जारी है, जहां से प्रधानमंत्री श्री मोदी गुजरेंगे एवं जनता का अभिवादन स्वीकार करेंगे।एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण कर पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन (आईएएस), जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित पुलिस एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- - धान उपार्जन हेतु प्रशिक्षण आयोजित, अधिकारियों को दी गई विस्तृत जानकारीदुर्ग / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए दुर्ग, धमधा, पाटन एवं भिलाई-3 चरोदा के सभी अनुविभागों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, नोडल अधिकारी, धान उपार्जन केंद्र, सहकारी समितियों के अध्यक्ष/प्राधिकृत अधिकारी, समिति प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति के प्रतिनिधि एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों को तीन पालियों में बी.आई.टी. कॉलेज दुर्ग में प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने संबंधित विभाग अधिकारियों को 15 नवम्बर से शुरू होने वाली धान खरीदी प्रक्रिया के पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के कुल 123 खरीदी केंद्रों (नए व पुराने) में इस वर्ष खरीदी की जाएगी, जबकि 9 नवम्बर से टोकन कटना शुरू हो जाएगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 30 अक्टूबर तक सभी शेष किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अगले दो-तीन दिनों में अपने-अपने केंद्रों का निरीक्षण कर लें और जहां भी कोई कमी हो, उसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं ताकि सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। मोबाइल नेटवर्क, स्टोरेज की स्थिति और ट्रकों के मार्ग में आने वाली बाधाओं (जैसे बिजली तार, पेड़ की डालियां आदि) की जांच पहले ही कर ली जाए। कलेक्टर ने कहा कि 36 संवेदनशील केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। पहली बार नोडल अधिकारी बने अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने धान खरीदी नीति का गहन अध्ययन करने तथा किसी भी शंका के समाधान के लिए ग्रुप में चर्चा करने को कहा। साथ ही प्रत्येक सप्ताह मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए और किसानों के रकबा समर्पण की प्रक्रिया समय पर सुनिश्चित की जाए। यदि कोई किसान पूरा बेच दिया तो तत्काल रकबा समर्पण कराए। सर्मपण हेतु घोषणा पत्र प्रारूप खाद्य विभाग से जारी कर दें। खरीदी केंद्रों में कोचिया व बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। खरीदी के दौरान उपस्थित किसानों से उनके दस्तावेज और ऋण पुस्तिका की जांच अवश्य की जाए। कलेक्टर ने मिलर्स के साथ समन्वय बनाए रखने, समय पर धान उठाव सुनिश्चित करने और हमालों को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। किसी भी विवाद या समस्या की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को देने को कहा।इस दौरान खाद्य अधिकारी श्री अनुराग भदौरिया ने धान उपार्जन केंद्रों में गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी, मानक आकार के स्टैक निर्माण, किस्मवार धान की स्टैकिंग, पुराने बारदाने के लेखांकन व मिलान और किसान टोकन तुंहर हाथ की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों से धान उपार्जन के समय मोटा, पतला और सरना के साथ-साथ उप-किस्मों का विवरण भी सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाए ताकि धान का सही वर्गीकरण हो सके। उप-किस्म के धान का भंडारण मानक स्तर के अनुसार किया जाए। मिलर्स से केवल जूट के बारदाने 40 किलोग्राम धान भराई के मान से ही प्राप्त किए जाएं। बारदाने अच्छे एवं उपयोग योग्य हों। खरीदी केंद्रों में शेड, पेयजल, शौचालय, हेल्थ डेस्क और इलेक्ट्रॉनिक कांटा जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार चिन्हित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के लिए आज जिले भर के 40 केन्द्रों पर शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों में अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन/आधार अद्यतन हेतु कम्प्यूटर ऑपरेटर मशीनों के साथ उपस्थित हैं। जिला शिक्षा अधिकारी, सह. जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार संबंधित संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विद्यालयों के विद्यार्थियों को आवश्यक दस्तावेज के साथ अपडेशन कार्य में अनिवार्यतः उपस्थिति सुनिश्चित करायें। संबंधित संस्था प्रमुख अपने विद्यालय के विद्यार्थियों को प्राथमिकता के साथ में बायोमेट्रिक अद्यतन/आधार अपडेशन कार्य पूर्ण कराने के पश्चात् आस-पास के शासकीय/अशासकीय विद्यालयों के बच्चों को भी अवसर प्रदान करेंगें। मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेशन कार्य प्रत्येंक विद्यार्थी को पाँच वर्ष की आयु में एवं दूसरा पन्द्रह वर्ष की आयु में करना अनिवार्य है। वर्तमान में 0 से 17 वर्ष आयु के विद्यार्थियों के लिए मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेशन कार्य, अक्टूबर 2026 तक के लिए निःशुल्क है। किसी भी स्थिति में मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट/आधार अपडेशन कार्य तथा अपार आई.डी. जनरेट करने का कार्य एक माह के भीतर पूर्ण करना अत्यावश्यक है। निर्धारित 35 केन्द्रों में अपडेशन कार्य आज सुचारु रुप से संचालित किया गया। यदि किसी शासकीय विद्यालय द्वारा मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट कार्य निर्धारित समय में पूर्ण नही किया जाता है, तो संबंधित संस्था प्रमुख की जवाबदेही तय कर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी तथा अशासकीय विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता शर्तों के उल्लंघन की कार्यवाही की जाएगी। उपरोक्त कार्य में किसी प्रकार की असुविधा होने पर विनोद कुमार सिन्हा डी.एम.सी. मो.नं. 9752606348 एवं जे. मनोहरण, ए.डी.पी.ओ.-9893295918, समग्र शिक्षा-दुर्ग से सम्पर्क किया जा सकता है।



























