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- - राजनांदगाँव जिले में कुल 41509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध, विगत वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक- जिले में 6036 क्विंटल बीज उपलब्ध- उर्वरकों के कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमिताओं को रोकने के लिए लगातार की जा रही कार्रवाईरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर राजनांदगाँव श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन में खेती-किसानी को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है ।कलेक्टर ने कृषि अधिकारियों को कहा है कि किसानों को खाद-बीज के लिए किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद एवं नैनो यूरिया व डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समितियों एवं निजी क्षेत्रों में खरीफ पूर्व तैयारी के दृष्टि से वर्ष हेतु 68690 मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। जिले में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में कुल 41509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। जिसमें 17153 मीट्रिक टन यूरिया, 4088 मीट्रिक टन डीएपी, 10129 मीट्रिक टन एनपीके, 3382 मीट्रिक टन एमओपी एवं 6757 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध है, जो गत वर्ष इसी अवधि की तुलना से 34 प्रतिशत अधिक है।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है। जिले में 14972 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका हैं। जिसमें 7193 मीट्रिक टन यूरिया, 1807 मीट्रिक टन डीएपी, 4669 मीट्रिक टन एनपीके, 1322 मीट्रिक टन एमओपी एवं 2214 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद किसानों को आगामी खरीफ फसलों हेतु वितरण किया जा चुका है तथा समितियों में 4568 मीट्रिक टन यूरिया, 1032 मीट्रिक टन डीएपी, 3082 मीट्रिक टन एनपीके, 1364 मीट्रिक टन एमओपी एवं 1350 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध है।किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज प्राप्त हो सके इस हेतु 13980 क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के विरूद्ध जिले में 6036 क्विंटल बीज, बीज निगम में उपलब्ध है। जिसमें से 3201 क्विंंटल का समितियों में भंडारण कराकर 1085 क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। निरंतर समितियों के मांग अनुरूप जिला विपणन अधिकारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित से समन्वय स्थापित कर भंडारण किया जा रहा है। साथ ही किसानों को शासन द्वारा प्रदाय दिशा-निर्देशानुसार 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डीएपी के आधार पर वितरण समितियों के माध्यम से कराया जा रहा है। उर्वरकों के कालाबाजारी, तस्करी, डायवर्सन, जमाखोरी आदि अनियमिताओं को रोकने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय उडऩदस्ता टीम का गठन किया गया हैं। टीम द्वारा निरंतर उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा हैं। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर अब तक 28 विक्रय केन्द्रों को नोटिस, 7 विक्रय केन्द्रों में भंडारित उर्वरक मात्रा को जप्ती करते हुए सील बंद की कार्रवाई की गई है। साथ ही 5 निजी विक्रय केन्द्रों के लाईसेंस का निलंबन भी किया गया है। कृषि विभाग द्वारा जिले में निरंतर विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और आगे भी नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर केन्द्रों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- -किसान चोवाराम एवं बेनीराम ने खाद, बीज के वितरण की व्यवस्था की सराहना कीरायपुर। केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की गई व्यवस्था के तहत बालोद जिले के सहकारी समितियों में नियमित रूप से जिले के कृषकों को नियमित रूप से खाद, बीज का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की भण्डारण के साथ-साथ वितरण हेतु भी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। बालोद जिले में खाद, बीज की समुचित वितरण हेतु की गई व्यवस्था की सराहना जिले के कृषकों ने भी की है। आगामी खरीफ सीजन हेतु समुचित मात्रा में खाद, बीज उपलब्ध होने पर गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह निवासी कृषक श्री चोवाराम एवं ग्राम पेण्डरवानी निवासी श्री बेनीराम साहू ने व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए हितकर बताया है।समय पर खाद, बीज मिलने से बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे किसान श्री चोवाराम ने बताया कि कुल 02 एकड़ भूमि वाले एक लघु कृषक है। श्री चोवाराम ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले अपने ग्राम फागुनदाह के सहकारी समिति में पहुँचकर दो बाॅटल नैनो डीएपी, एक बाॅटल युरिया के साथ-साथ दो बोरी युरिया एवं एक बोरी सुपरफास्फेट खाद प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में की गई बेहतर व्यवस्था के फलस्वरूप उन्हें खाद, बीज प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। इसी तरह जिले में खाद, बीज की वितरण की व्यवस्था की सराहना गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पेण्डरवानी के कृषक श्री बेनीराम ने भी किया है। किसान श्री बेनीराम ने बताया कि वे कुल 20 एकड़ जमीन वाले बड़े कृषक है। किसान बेनीराम ने बताया कि सहकारी समिति ग्राम पेण्डरवानी में पहुँचकर उन्होंने 05 बोरी स्वर्णा और स्वर्णा सब 1 तथा मांग के अनुरूप अन्य धान, बीज उन्होंने प्राप्त किया है। सहकारी समिति में धान, बीज के प्राप्त करने में उन्हें एवं अन्य कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। जिससे हम सभी कृषक प्रसन्नचित होने के साथ-साथ भविष्य में भी समय पर खाद, बीज प्राप्त करने के लिए पूरी तरह आशान्वित है।
- -जनभागीदारी से जल संरचनाओं के निर्माण पर प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजितरायपुर। प्रदेश में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत वाड्रफनगर में जनभागीदारी आधारित जल संरचनाओं के निर्माण को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में ग्राम स्तर पर जल संरक्षण गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनसहभागिता से 5 प्रतिशत मॉडल संरचना एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सरपंचों, पंचायत सचिवों एवं तकनीकी सहायकों को स्वीकृत किए जाने वाले कार्यों, संरचनाओं के चयन, तकनीकी मापदंडों तथा कार्यान्वयन प्रक्रिया की जानकारी प्रदान की गई।अधिकारियों ने बताया कि मोर गांव मोर पानी अभियान का उद्देश्य गांवों को जल समृद्ध बनाना तथा जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। इसके लिए वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण एवं प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।बलरामपुर जिले में आयोजित प्रशिक्षण सह कार्यशाला में जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सभी सरपंच, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिक से अधिक ग्रामीणों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 की भी जानकारी दी गई। प्रदेश सरकार द्वारा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित किया जा सके।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। घने जंगलों, जलप्रपातों और प्राचीन मंदिरों से समृद्ध यह क्षेत्र हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। इन्हीं धरोहरों में एक महत्वपूर्ण स्थल है नारायणपाल विष्णु मंदिर, जो बस्तर जिले के नारायणपाल गांव में इंद्रावती और नारंगी नदियों के संगम के समीप स्थित है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का भी अनूठा उदाहरण है।यह मंदिर लगभग 11वीं शताब्दी में निर्मित हुआ माना जाता हैस बस्तर क्षेत्र का यह एकमात्र प्राचीन विष्णु मंदिर है, जिसकी वास्तुकला में चालुक्य और नागर शैली का अद्भुत संगम दिखाई देता है। मंदिर की ऊंची शिखर शैली, अष्टकोणीय मंडप, सुंदर स्तंभ और पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी आज भी लोगों को आकर्षित करती है। मंदिर की दीवारों और प्रवेश द्वार पर उकेरी गई कलाकृतियां उस समय के शिल्पकारों की उत्कृष्ट कला-कौशल को दर्शाती हैं। इतिहासकार इस मंदिर को खजुराहो कालीन स्थापत्य परंपरा का समकालीन उदाहरण भी मानते हैं।मंदिर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक अनुभूति से भरपूर है। इंद्रावती और नारंगी नदियों का संगम इस स्थल की सुंदरता को और मनमोहक बना देता है। सुबह और शाम के समय मंदिर परिसर और नदी किनारे का दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। यहां प्रकृति, आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यही कारण है कि धार्मिक श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहासकार, वास्तुकला प्रेमी और फोटोग्राफी के शौकीन पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।चित्रकोट जलप्रपात के निकट स्थित होने के कारण नारायणपाल मंदिर का पर्यटन महत्व और बढ़ जाता है। चित्रकोट जलप्रपात घूमने आने वाले अधिकांश पर्यटक इस ऐतिहासिक मंदिर का भी भ्रमण करते हैं। बरसात और सर्दियों के मौसम में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य चरम पर होता है। चारों ओर फैली हरियाली, बहती इंद्रावती नदी और प्राचीन मंदिर की भव्यता इस स्थान को अत्यंत आकर्षक बना देती है।यहां आने वाले पर्यटक प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला को करीब से देख सकते हैं और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत व प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव भी कर सकते हैं। मंदिर परिसर फोटोग्राफी के लिए भी उपयुक्त स्थान माना जाता है।अक्टूबर से फरवरी तक का समय यहां घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और आसपास के प्राकृतिक स्थल भी बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं। बरसात के मौसम में इंद्रावती नदी और आसपास की हरियाली का दृश्य मनमोहक होता है।नारायणपाल का प्राचीन विष्णु मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। सदियों पुरानी यह धरोहर आज भी भारतीय कला, संस्कृति और स्थापत्य परंपरा की गौरवशाली कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।नारायणपाल मंदिर तक पहुंचना आसान है। यह स्थल जगदलपुर से लगभग 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। जगदलपुर से टैक्सी, निजी वाहन अथवा स्थानीय परिवहन के माध्यम से यहां पहुंचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन जगदलपुर रेलवे स्टेशन है, जबकि निकटतम हवाई अड्डा जगदलपुर एयरपोर्ट है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।
- महासमुंद / खरीफ सीजन को देखते हुए महासमुंद जिले में किसानों के लिए खाद एवं उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सहकारी समितियों एवं विक्रय केंद्रों में खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर खेती कार्य के लिए आवश्यक उर्वरक मिल सके।उपसंचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में यूरिया 16,409 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 8,881 मीट्रिक टन, पोटाश 2,207 मीट्रिक टन तथा डीएपी 6,476 मीट्रिक टन भंडारण किया गया है। वहीं अब तक किसानों को यूरिया 6,908 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 2,939 मीट्रिक टन, पोटाश 343 मीट्रिक टन तथा डीएपी 1,823 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है।उन्होंने बताया कि जिले में खाद की कमी नहीं है तथा आवश्यकतानुसार भंडारण किया गया है।किसानों की आवश्यकता के अनुसार निरंतर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी सहकारी समितियों एवं खाद विक्रेताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा एवं दर पर ही खाद उपलब्ध कराया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।राज्य शासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ-साथ नैनो यूरिया के उपयोग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो यूरिया के प्रयोग से कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त होते हैं, जिससे खेती की लागत कम होती है तथा मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही खाद का उठाव करें तथा अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें। डीएपी एवं यूरिया के अत्यधिक उपयोग न करते हुए जैविक खाद, सुपर फास्फेट, पोटाश एवं नैनो यूरिया का संतुलित उपयोग करें, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और उत्पादन में वृद्धि हो सके।विभाग द्वारा किसानों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें तथा पीओएस मशीन से रसीद अवश्य प्राप्त करें।जिले में किसान खरीफ सीजन के लिए खाद का उठाव भी शुरू कर चुके हैं। ग्राम मोंगरा के किसान रामलाल साहू ने आज झालखम्हरिया सोसायटी से खाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि उन्हें नियमानुसार समय पर खाद उपलब्ध हो गया और किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। किसान अब खेती की तैयारियों में जुट गए हैं तथा समय पर खाद मिलने से वे संतुष्ट है।
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बिलासपुर. ड्रीम इम्पीरिया आवासीय सहकारी समिति जगदम्बा कॉलोनी सरकण्डा की अंतिम सदस्यता सूची का प्रकाशन प्राप्त दावा-आपत्तियों के निराकरण के पश्चात कर दिया गया है। जारी सूची सोसायटी कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा की गई है।
- 0- आधुनिक तकनीक से 334 स्थलों पर बन रहे इंजेक्शन वेल0- जल संवर्धन प्रशासन की सर्वाच्च प्राथमिकताबिलासपुर. जिले में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर आधुनिक तकनीक के माध्यम से भू-जल रिचार्ज अभियान को गति दी गई है। प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल स्तर को मजबूत करना है।जिले में पहली बार युक्तधारा पोर्टल एवं भूवन एप के संयुक्त उपयोग से फैक्चर जोन चिन्हांकित किए गए हैं, जहां इंजेक्शन वेल निर्माण कराया जा रहा है। इन इंजेक्शन वेल के माध्यम से वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर पहुंचाकर भू-जल रिचार्ज सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर श्री अग्रवाल द्वारा जिले के 12 उद्योगों से सहयोग की अपील करते हुए 334 चिन्हित स्थलों पर इंजेक्शन वेल निर्माण कराने का आग्रह किया गया है। इसके तहत बोर खनन का कार्य कई स्थानों पर युद्धस्तर पर दिन-रात जारी है। साथ ही महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत मिनी परकुलेशन टैंक का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे जल संचयन एवं जल रिचार्ज की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। प्रशासन का मानना है कि यह पहल भविष्य में जल संकट से निपटने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। जिले में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। जिले में चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इंजेक्शन वेल भू-जल संवर्धन का प्रभावी माध्यम है। इससे वर्षा जल व्यर्थ बहने के बजाय जमीन के भीतर संग्रहित होता है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में पेयजल, सिंचाई और पर्यावरण संतुलन के रूप में मिलेगा। बिलासपुर जिले में चल रहा यह अभियान जल संरक्षण के प्रति प्रशासन की गंभीरता और दूरदृष्टि को दर्शाता है। यह पहल भविष्य में जल उपलब्धता बढ़ाने के साथ किसानों और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
- बिलासपुर. शासकीय आईटीआई नेवरा (तखतपुर) में प्रवेश सत्र 2026-27 में संचालित एकवर्षीय व्यवसाय कोपा और शासकीय आईटीआई कोटा में संचालित द्विवर्षीय व्यवसाय फिटर व इलेक्ट्रीशियन के साथ-साथ एकवर्षीय व्यवसाय कोपा व स्टेनो (हिंदी) में प्रवेश हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 15 जून 2026 रात्रि 11.59 बजे तक आधिकारिक वेबसाइट https://cgiti.admissions.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही अपनी पसंद की संस्था और व्यवसाय का चयन कर सकते हैं।आईटीआई नेवरा के प्राचार्य श्री लोकेश्वर प्रसाद साहू द्वारा आवेदन करने से पूर्व सभी अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर उपलब्ध "प्रवेश विवरणिका" का भली-भाँति अध्ययन करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, समय-सीमा समाप्त होने से पहले सभी आवेदक अपने आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार की त्रुटि या संस्था व व्यवसाय की प्राथमिकता क्रम में आवश्यक सुधार सुनिश्चित कर लें। प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की सहायता या विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी संबंधित संस्था से अथवा वेबसाइट पर प्रदर्शित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में उप पंजीयक श्री देवराज साय ने आंगनबाड़ी केंद्र गोपिया पारा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- तीन दिवसीय जांच में 52 फर्मों का निरीक्षण, 105 किलो सड़े आम व केले नष्टरायपुर। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल (आई.ए.एस) एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर ग्रीष्म ऋतु में लोगों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण फल उपलब्ध कराने के लिए रायपुर में 27 मई से 29 मई 2026 तक तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया गया।अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा शहर की 52 फल विक्रेता फर्मों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फल विक्रेताओं को सुरक्षित व स्वच्छ दशाओं में फलों का रख-रखाव, भण्डारण एवं विक्रय करने के कड़े निर्देश दिए गए।जांच में सड़ी-गली अवस्था में भण्डारित लगभग 105 किलो आम, 10 किलो अंगूर एवं 7 दर्जन लोकर लगे केले पाए गए। जिन्हें मौके पर ही तत्काल नष्ट कराया गया।अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को स्टीकर लगाकर फलों को पकाने, केमिकल एवं सिंथेटिक कलर युक्त फलों का विक्रय नहीं करने की सख्त हिदायत दी। ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित फल मिल सकें।खाद्य विभाग ने कहा कि मिलावटी व असुरक्षित खाद्य पदार्थों के विक्रय पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उपरवारा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में कुल 1555 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 995 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। इनमें मुख्य रूप से राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न दस्तावेजों से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। मौके पर ही समाधान मिलने से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में विधायक श्री इंद्रकुमार साहू ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस दौरान मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं उनके नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया संपन्न हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किए गए। कृषि विभाग द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान की गई, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल एवं ट्राइसाइकिल वितरित की गई। इसके अलावा पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को उनके नए आवास की चाबियां भी सौंपी गईं।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री नवीन कुमार ठाकुर, एसडीएम श्री रवि सिंह, अभनपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दीपक ठाकुर, अभनपुर तहसीलदार श्रीमती सीता शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- रायपुर. जिला प्रशासन रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट वंदन की शुरूआत की गई है। इसके तहत टाउन हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मुख्य आतिथ्य में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आज सेवानिवृत्त होने वाले सभी शासकीय कर्मचारियों को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्रीफल, शॉल, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया साथ ही तत्काल उनके सभी सत्वों का आज ही भुगतान किया गया।आज स्कूल शिक्षा विभाग से 21, स्वास्थ्य विभाग से 03, राजस्व विभाग से 02, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से 02, जल संसाधन विभाग से 11, उच्च शिक्षा विभाग के 07, पशुधन विकास विभाग से 02, वन विभाग से 03, लोक निर्माण विभाग से 02, जेल विभाग से 03, उद्यानिकी विभाग से 01, संस्कृति विभाग से 01 कर्मचारी सहित कुल 68 सेवानिवृत्त हुए।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी शासकीय कर्मचारी सदैव प्रशासन की सेवा करते हैं उनके पूरे सेवाकाल की समाप्ति पर सहसम्मान विदाई हो इसके लिए प्रोजेक्ट वंदन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि अब से किसी भी विभाग के कर्मचारी रिटायर होंगे, उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि रिटायरमेंट के पश्चात् अपने पेंशन तथा अन्य सत्वों के भुगतान के लिए भटकना पड़ता है, इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन लेकिन जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट सेकेण्ड इनिंग की शुरूआत की गई है। सेवानिवृत्ति के पश्चात् अधिकारी व कर्मचारी अपना समय शिक्षण या अन्य कार्यों देकर सहभागी हो सकते हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जिला कोषालय अधिकारी श्री गजानन पटेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित, सुशासन तिहार शिविर में 706 आवेदन प्राप्तरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत भुरसुदा के ग्राम गुजरा में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन अपनी समस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु उपस्थित हुए। शिविर में कुल 706 आवेदन प्राप्त हुए।शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं जिला पंचायत सभापति श्रीमती स्वाति वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।शिविर के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की त्रैमासिक पत्रिका "दीदी मन के गोठ" का विमोचन मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर द्वारा किया गया।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को सामग्री, प्रमाण पत्र एवं लाभ वितरित किए गए। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को मिनरल मिक्चर प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 2 हितग्राहियों को आवास की चाबी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र तथा 5 हितग्राहियों को चेक वितरित किए गए। साथ ही 3 महिला सदस्यों को इंटरप्राइज फाइनेंस के चेक प्रदान किए गए।स्वास्थय विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं 3 हितग्राहियों को ग्रीन पालना वितरित किया गया। कृषि विभाग द्वारा 5 किसानों को ढेंचा एवं मूंग बीज तथा 5 हितग्राहियों को मृदा स्वास्थय कार्ड दिए गए। मनरेगा अंतर्गत 12 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए।राजस्व विभाग द्वारा आय, जाति प्रमाण पत्र एवं स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। श्रम विभाग ने 10 हितग्राहियों को श्रम कार्ड प्रदान किए। खाद्य विभाग द्वारा 5 राशन कार्ड तथा उज्ज्वला योजना अंतर्गत 2 हितग्राहियों को रसोई गैस कनेक्शन वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को छड़ी प्रदान की गई।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री महेंद्र साहू, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम तिल्दा श्री आशुतोष देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जरौद (क) में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन 1210 आवेदन में से 995 आवेदनों का मौके पर हुआ निराकरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जरौद (क) में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में कुल 1210 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 995 आवेदनों का अधिकारियों ने मौके पर ही निराकरण किया। निराकृत आवेदनों में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।कार्यक्रम में मनरेगा जॉबकार्ड, श्रम कार्ड नवीनीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई के कार्यक्रम संपन्न हुए। कृषि विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड वितरित किए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल व ट्राईसिकल प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य गुरु श्री सौरभ साहेब, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जिला पंचायत सदस्य श्री वतन चंद्राकर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे एवं एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- डेयरी व्यवसाय हुआ सक्षम, आर्थिक स्थिति में हुआ सुधाररायपुर. पारंपरिक पशु पालन कर दूध उत्पादन करने वाले श्री घनाराम यादव आज शासन के कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के जरिए रोजाना लगभग 1 क्विंटल दूध का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे न केवल उनका मुनाफा बढ़ा है बल्कि शहर में दूध की मांग की पूर्ति करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। श्री यादव जिले के डगनिया क्षेत्र में निवारत हैं। उनके पास गाय एवं भैंस दोनों थीं, लेकिन उनकी नस्ल उन्नत नहीं थी, जिसके कारण दूध उत्पादन कम होता था जबकि उनके पालन-पोषण में खर्च उतना ही था। दूध विक्रय से आय कम होने के कारण उनके परिवार का जीवन संघर्षों से भर गया।इस दौरान पशुधन विकास विभाग के डॉक्टर और एवीएफओ उनके डेयरी आए और शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार और इसके आर्थिक उन्नति के बारे में जानकारी दी एवं गाय- भैंस के गर्भाधान कराने की सलाह दी। शुरूआत में श्री यादव को इस पर विश्वास नहीं हुआ लेकिन अधिकारियों द्वारा समझाने और इसके लाभ बताने पर वे कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए तैयार हो गए एवं उच्च नस्ल वाले गाय एवं भैंस के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराना शुरू किया।इस तकनीक से प्राप्त उन्नत बछड़े और दुग्धोत्पादन में उन्हें उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। अब वे अपने सभी पशुओं में सुनियोजित अंतराल में कृत्रिम गर्भाधान कराने लगे। इसके पश्चात् उन्होंने रोजाना लगभग 1 क्विंटल दूध उत्पादन प्राप्त किया। इसके विक्रय से होने वाली आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी सुदृढ़ हुई है एवं दूध वितरण के लिए उन्होंने एक मोटर-सायकिल भी ली।इस बीच उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी दी गई। इसके तहत उन्होंने लगभग 2 वर्ष पहले 1 लाख 60 हजार रूपए केसीसी ऋण लिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने डेयरी व्यवसाय को और सक्षम बनाने में किया और निर्धारित समय पर ऋण का भुगतान कर उचित छूट का भी लाभ प्राप्त किया।आज श्री यादव अपने व्यवसाय और आर्थिक विकास से बहुत प्रसन्न हैं जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
- 0- सेक्टर छटेरा में पालक बैठक और बालसभा से बढ़ रही सहभागितारायपुर. जिला प्रशासन रायपुर की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट आंगन’ के अंतर्गत विकासखंड आरंग के सेक्टर छटेरा में बच्चों के समग्र विकास हेतु उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। यह पहल पालकों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण, स्वास्थय और प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।सेक्टर छटेरा में नियमित रूप से पालक बैठक एवं बालसभा का आयोजन किया जा रहा है। पालक बैठकों के माध्यम से माता-पिता को बच्चों के पोषण, स्वास्थय, टीकाकरण एवं प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।वहीं बालसभा के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। गीत, कविता, कहानी एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों के बौद्धिक, मानसिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।सेक्टर छटेरा में ‘प्रोजेक्ट आंगन’ की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और सही मार्गदर्शन के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
- 0- लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देशरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएसपीडीसीएल के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों ने सहभागिता की।बैठक में योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत प्रकरणों एवं लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने योजना की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश देते हुए बैंकों को स्वयं सोर्स किए गए आवेदनों की संख्या बढ़ाने तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा सभी बैंकों को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा। बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही केनरा बैंक को पिछली बैठक में अनुपस्थित रहने एवं वर्तमान बैठक में विलंब से जुड़ने पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु कहा गया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर समय पर धान उठाव हेतु युद्ध स्तर पर किए जा रहे कार्य, धान के उचित रखरखाव हेतु की गई है समुचित व्यवस्था0- जिले के सभी 04 धान संग्रहण केन्द्रों में धान का उठाव कार्य निरंतर जारीबालोद. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों से धान उठाव में बालोद जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि इसके अंतर्गत बालोद जिले के जगतरा, धोबनपुरी, फुण्डाभाठा एवं मालीघोरी सहित जिले के सभी चारों धान संग्रहण केन्द्रों से धान उठाव का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी चारों धान संग्रहण केन्द्रों से समय पर धान का उठाव सुनिश्चित करने संबंधित विभागों के द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार मिलर्स एवं क्रेताओं के द्वारा नियमित रूप से सभी चारों संग्रहण केन्द्रों से धान का उठाव किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान में से कुल 02 लाख 38 हजार 152 मेट्रिक टन से अधिक धान का भण्डारण जगतरा, धोबनपुरी, फुण्डाभाठा एवं मालीघोरी सहित जिले के सभी चार संग्रहण केन्द्रों में किया गया है। जिसमें से अब तक कुल 01 लाख 49 हजार 173 मेट्रिक टन से अधिक धान का उठाव कर लिया गया है। इसके साथ ही उठाव हेतु शेष 88 हजार 979 मेट्रिक टन धान का उठाव का कार्य निरंतर जारी है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी चारों संग्रहण केन्द्रों से मिलर्स एवं क्रेताओं के द्वारा प्रतिदिन लगभग 05 हजार मेट्रिक टन धान का उठाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि जिले के सभी संग्रहण केन्द्रों में उठाव हेतु शेष रह गए बचत भण्डारित धान की उचित रखरखाव की भी समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में शेष बचत भण्डारित धान के स्टेकों को सुरक्षित रखने के लिए अच्छी तरह से कैप कव्हर में ढककर रखा गया है। इसके साथ ही जल निकासी हेतु स्टेकों के पास नाली भी बनाया गया है। जिससे कि बारिश से स्टेको के पास जल भराव न हो। इसके अलावा धान के स्टेकों को दीमक एवं चुहे से बचाने के लिए दीमक नाशक एवं चुहा नाशक दवाईयों का भी छिड़काव किया जा रहा है।
- 0- शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वितबालोद. राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के रेंगाडबरी में 02 जून 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। रेंगाडबरी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भीमपुरी, खैरकट्टा, चिलमगोटा, रेंगाडबरी, भीमाटोला, जुन्नापानी, मंगचुवा, तुरमुड़ा, करूतटोला, दल्ली कु, बंजारी, अरजपुरी, भंवरमरा, तुमडीकसा, बगईकोन्हा, मडियाकट्टा, खोलझर और पिंगाल के ग्रामीण शामिल होंगे। शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल रेंगाडबरी में आयोजित शिविर के सफल संचालन हेतु कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग श्रीमती पूर्णिमा चन्द्राकर (मो. 7987355849) को नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी श्री कंुजीलाल कोठारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- बालोद. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार भारत सरकार द्वारा लागू किए गए साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 देश में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नए नियमों के तहत घरों, संस्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं सरकारी कार्यालयों में कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। अब गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग रखना आवश्यक होगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चन्द्रवंशी बालोद ने बताया कि नए नियमों में पाॅल्यूटर पेय प्रिंसिपल को भी शामिल किया गया है। जिसके तहत नियमों का पालन नहीं करने वालों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति एवं दंड का प्रावधान किया गया है।ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में ग्राम स्तर पर सरपंच एवं अन्य जन प्रतिनिधियों की भूमिका भी स्पष्ट की गयी है। एसडब्ल्यूएम 2026 केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही सफल हो सकते हैं। यदि प्रत्येक परिवार एवं संस्था घर से ही कचरे का सही पृथक्करण प्रारंभ करे, तो शहरों एवं गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, प्रदूषण कम होगा तथा बीमारियों पर नियंत्रण संभव होगा। प्रशासन द्वारा नियमित रूप से ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के प्रचार-प्रसार हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छ पर्यावरण एवं आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए एसडब्ल्यूएम 2026 का पालन समय की आवश्यकता है। स्वच्छता को जनआंदोलन बनाकर ही स्वच्छ भारत के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।--
- 0- कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही है सामयिक सलाहबालोद. मौजूदा खरीफ वर्ष के आगमन के मद्देनजर कृषि विभाग जिला बालोद द्वारा जिले के कृषकों को खाद, बीज की महत्ता एवं इसके समुचित उपयोग सुनिश्चित कराने हेतु निरंतर समसामयिक सलाह दी जा रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने जिले के कृषकों को हरी खाद के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि रसायनों के बोझ तले दबती मिट्टी को राहत देने के लिए हरी खाद एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है। यह न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रखती है। मिट्टी बचेगी, तो किसान बचेगा और किसान बचेगा, तो आय में वृद्धि होगा। श्री चंद्राकर ने कहा कि हरी खाद वह सहायक फसल है जिसे मुख्य फसल बोने से पहले खेत में उगाया जाता है और फूल आने की अवस्था में ही उसे हल चलाकर मिट्टी में दवा दिया जाता है।ढैंचा, सनई, लोबिया, मूंग और उड़द जैसी फसलें हरी खाद के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं। हरी खाद के तहत कई फसलों का उपयोग किया जाता है जिनमें दलहनी और बिना दलहनी फसलें शामिल होती हैं। हरी खाद के लिए झाड़ियों और पेड़ों की पत्तियों, टहनियों को भी उपयोग में ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए विशेष रूप से ढैंचा फसलों का उपयोग किया जाता है। इन फसलों को खेतों में लगाकर भूमि में सुधार किया जाता है। हरी खाद का सबसे बड़ा प्रभाव मिट्टी की भौतिक और रासायनिक संरचना पर पड़ता है। यह मिट्टी में नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) की मात्रा को तेजी से बढ़ाती है। हरी खाद मिट्टी को भुरभुरा बनाती है, जिससे हवा का संचार बढ़ता है और पौधों की जड़े गहराई तक जा पाती हैं। इसके उपयोग से मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति बढ़ जाती है, जो सूखे के समय फसलों के लिए जीवन रक्षक साबित होती है। जब मिट्टी स्वस्थ होती है, तो उत्पादन का बढ़ना निश्चित है। हरी खाद के प्रयोग से पैदावार में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। यूरिया और अन्य रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो जाती है, जिससे किसान की फसल की लागत घटती है। मित्र कीटों से फसल का संरक्षण करता है। यह जमीन के भीतर लाभकारी सूक्ष्मजीवों और केंचुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है, ऐसे में हरी खाद प्राकृतिक तरीके से मिट्टी को पुनर्जीवित करने का सबसे सुलभ विकल्प है। हरी खाद केवल एक उर्वरक नहीं है, बल्कि यह मिट्टी का उपचार है। यदि किसान हर दूसरे या तीसरे साल अपने खेत में हरी खाद का प्रयोग करें, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि हम समाज को रसायनों से मुक्त, शुद्ध और पौष्टिक अनाज भी उपलब्ध करा पाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसल से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से हरी खाद हेतु ढेंचा 116 क्विंटल एवं मूंग 58 क्विंटल कुल 174 क्विंटल बीज जिले के प्रत्येक विकासखण्डों के कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में ढेंचा 23.20 व मूंग 11.60 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर भण्डारण कराया गया है। इच्छुक किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से या सीधे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर बीज प्राप्त कर सकते है।
- 0- जिले में पर्याप्त उर्वरक, वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर वितरणबालोद. भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने बताया कि जिले के सहकारी समितियों में गतवर्ष पूर्ति के 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डी.ए.पी. का भण्डारण कराया जा रहा है। जिले को प्राप्त लक्ष्य (46300 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र में) के विरूध्द अब तक सहकारी समितियों में करने हेतु 33580 मीट्रिक टन (72.50 प्रतिशत) उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। सहकारी समितियों से अबतक 20259 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है एवं 13300 मीट्रिक टन सहकारी समितियों में शेष है। जिले के प्रत्येक कृषक को उवरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषक के रकबा के के आधार पर वैज्ञानिक अनुशंसा अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।यूरिया एवं डीएपी के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक उर्वरक के रूप में एस.एस.पी., एन.पी.के, का उपयोग कर कृषक पोषक तत्वों की पूर्ति कर रहे है। उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये उर्वरक निरीक्षको द्वारा लगातार जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2026 में 01 अप्रैल 2026 से अब तक 95 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है एवं अनियमितता पाये जाने पर 36 विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस, 08 विक्रय केन्द्रों को विक्रय प्रतिबंध एवं 01 विक्रय केन्द्र का लायसेन्स निलंबन की कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार चलता रहेगा एवं उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उर्वरकों के भण्डारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार से अनियमितता पाये जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरूध्द उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
- 0- हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा नगर पंचायत अर्जुंदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर0- जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारी हुए शामिलबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज नगर पंचायत अर्जुंदा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष श्री नरेश यदु, नगर पंचायत अर्जुंदा के अध्यक्ष श्री प्रणेश जैन, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।इस दौरान अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को श्रम कार्ड वितरण, मत्स्य पालन प्रचार योजना हितग्राहियों को मछली जाल, दिव्यांग जनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। नगर पंचायत अर्जुंदा में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 338 आवेदन प्राप्त हुए थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने सभी विभाग के अधिकारियों को शिविर में आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवदेनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने कहा कि “संवाद से संपूर्ण समाधान” केवल एक नारा नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अर्जुंदा वार्ड स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निराकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही मुख्य उद्देश्य है। शिविर में प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे लोगों में संतोष और उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिविर को संबोधित करते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों को पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही करने को कहा।
- 0- किसान चोवाराम एवं बेनीराम ने खाद, बीज के वितरण की व्यवस्था की सराहना कीबालोद. केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की गई व्यवस्था के तहत बालोद जिले के सहकारी समितियों में नियमित रूप से जिले के कृषकों को नियमित रूप से खाद, बीज का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की भण्डारण के साथ-साथ वितरण हेतु भी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। बालोद जिले में खाद, बीज की समुचित वितरण हेतु की गई व्यवस्था की सराहना जिले के कृषकों ने भी की है। आगामी खरीफ सीजन हेतु समुचित मात्रा में खाद, बीज उपलब्ध होने पर गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह निवासी कृषक श्री चोवाराम एवं ग्राम पेण्डरवानी निवासी श्री बेनीराम साहू ने व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए हितकर बताया है।समय पर खाद, बीज मिलने से बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे किसान श्री चोवाराम ने बताया कि कुल 02 एकड़ भूमि वाले एक लघु कृषक है। श्री चोवाराम ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले अपने ग्राम फागुनदाह के सहकारी समिति में पहुँचकर दो बाॅटल नैनो डीएपी, एक बाॅटल युरिया के साथ-साथ दो बोरी युरिया एवं एक बोरी सुपरफास्फेट खाद प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में की गई बेहतर व्यवस्था के फलस्वरूप उन्हें खाद, बीज प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। इसी तरह जिले में खाद, बीज की वितरण की व्यवस्था की सराहना गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पेण्डरवानी के कृषक श्री बेनीराम ने भी किया है। किसान श्री बेनीराम ने बताया कि वे कुल 20 एकड़ जमीन वाले बड़े कृषक है। किसान बेनीराम ने बताया कि सहकारी समिति ग्राम पेण्डरवानी में पहुँचकर उन्होंने 05 बोरी स्वर्णा और स्वर्णा सब 1 तथा मांग के अनुरूप अन्य धान, बीज उन्होंने प्राप्त किया है। सहकारी समिति में धान, बीज के प्राप्त करने में उन्हें एवं अन्य कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। जिससे हम सभी कृषक प्रसन्नचित होने के साथ-साथ भविष्य में भी समय पर खाद, बीज प्राप्त करने के लिए पूरी तरह आशान्वित है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने निगम अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आम जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने कहा गया।आयुक्त ने सुशासन तिहार, आयुक्त टी.एल. , कलेक्टर जनदर्शन, सारथी पोर्टल एवं डायल 1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और मांग संबंधी आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कर आवेदकों को राहत प्रदान की जाए। बैठक में आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशानुसार नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने विशेष रूप से सुशासन तिहार शिविर को प्रथम प्राथमिकता देते हुए शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने कहा। बैठक में उपायुक्त, अधीक्षण अभियंता, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



























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