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- महासमुंद / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश के परिपालन में आज जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा दो औद्योगिक केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री शशिकांत सिंह, श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग,श्री डी०एन० पात्र, निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान विभाग श्री सिद्धार्थ दुबे उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान मेसर्स राधेश्याम आईल इण्डस्ट्रीज सरायपाली में विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में धर्मकांटा नियमानुसार सत्यापित पाया गया, इसकी जांच हेतु पर्याप्त संख्या में बाट रखने हेतु निर्देशित किया गया। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जांच में कोई भी कमियां नहीं पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। प्रबंधन द्वारा प्रमुख नियोजक का लाइसेंस एवं ठेकेदार द्वारा भी लाइसेंस नही लिया जाना पाया गया व सूचनाएं प्रदर्शित किया जाना नहीं पाया गया तथा ओवर टाईम का रिकॉर्ड रखा जाना नहीं पाया गया। इस संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।इसी प्रकार विकासखण्ड सरायपाली अंतर्गत क्लीनमैक्स इनवायरो एनर्जी सॉल्यूशन लिमिटेड केना का निरीक्षण किया गया है। जिसमें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में कोई भी कमियां नहीं पाया गया। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। जिसमें 01 ठेकेदार द्वारा लाइसेंस नहीं लिया जाना पाया गया व सूचनाएं प्रदर्शित नहीं पाया गया तथा अन्य रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। इस संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
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बिलासपुर /आईटीआई कोनी के सीओई भवन मे 13 अक्टूबर को सवेरे 10 बजे से अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया जाएगा। जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से विद्युतकार, फिटर, मैकेनिक डीजल, मशीनिष्ट, वेल्डर, टर्नर एवं कोपा के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने समस्त दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस मेले में भाग ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए आदर्श आद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी बिलासपुर में कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकतें हैं।
- बिलासपुर /विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में मानसिक स्वास्थ्य के उपर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में मनोरोग चिकित्सक डॉ० आशुतोष तिवारी ने बताया कि समय तेजी से बदल रहा है, परिजनों की आशायें बच्चो से बहुत बढ़ गई है, जिसके कारण वे अपने बच्चो की तुलना दूसरो के बच्चो से करने लग जाते है, जिसके कारण बच्चों एवं युवा वर्ग में अवसाद एवं अन्य मानसिक बीमारियां बढ़ती जा रही है तथा चिकित्सालय में मिलने वाली ईलाज के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम को आगे बढाते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. जे.पी.आर्य ने उपस्थित कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिकों संबोधित करते हुए कहा मानसिक तनाव के मूलभूत कारणों को बताते हुए कहा की अधिकांशतः युवा वर्ग नौकरी, प्यार में असफलता जैसे समस्याओं के शिकार हो जाते हैं, इससे बचने के लिए युवाओं को दूसरी संभावनों को तलाशने की प्रयास किया जाना चाहिये, साथ ही जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित होने से यह एक जीवनकारक हस्तक्षेप है, जो दीर्घकालिक नुकसान को रोकता है।विश्व में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दो के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। देश, दुनिया में मनोरागियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, अब 15 से 30 साल के युवा भी इस बीमारी के चपेट में आते जा रहे है। इसके कई कारण है, जैसे बढ़ती हुई प्रतियोगिता, नशाखोरी, इंटरनेट का बढ़ता हुआ चलन इत्यादि। इन सब कारणों के कारण इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का संदेश आपादाओं और आपात स्थितियों में सेवाओं तक पहुँच मानसिक स्वास्थ्य रखा गया है।उक्त कार्यक्रम में चिकित्सालय के समस्त चिकित्सक, नर्सिंग अधीक्षिका, समस्त नर्सिंग सिस्टर, सायकेट्रीक नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ, नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थी आदि उपस्थित थे।
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बिलासपुर /विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर सिम्स के मनोरोग विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष डब्ल्यूएचओ द्वारा सेवाओं तक पहुँच-आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य की थीम पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 10 अक्टूबर से 10 नवम्बर तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पखवाड़ा घोषित किया गया है जिसके अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सिम्स महाविद्यालय के डीन डॉ रामनेश मूर्ति, विशिष्ट अतिथि डॉ लखन सिंह चिकित्सा अधीक्षक सिम्स चिकित्सालय एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ भूपेंद्र कश्यप नोडल अधिकारी सिम्स, डॉ मधुमिता मूर्ति विभागध्यक्ष एनेस्थेसिया सिम्स थी। अन्य अतिथि गण में डॉ आरती पाण्डेय, डॉ अमित श्रीवास्तव, डॉ राकेश नहरेल, डॉ शिक्षा जांगड़े उपस्थित थे।
मानसिक स्वास्थय जागरूकता रैली का आयोजन सिम्स महाविद्यालय में किया गया जिसमे डीन द्वारा रैली को हरी झंडी दिखाई गई। रैली में सिम्स महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं नर्सिंग कालेज की छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया तथा लोगो को मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दूसरे चरण में सिम्स सभागार में जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे विभागध्यक्ष डॉ सुजीत नायक द्वारा बाँसुरी वादन एवं तबले पर डॉ सुधांशु भट्ट ने मनमोहक प्रस्तुति दी। डीन डॉ रामनेश मूर्ति द्वारा प्राकृतिक आपदा, महामारी, युद्ध जैसी परिस्थिति में मानसिक स्वास्थय के महत्त्व एवं उपयोगिया के बारे में विचार साझा किया गया। उन्होंने स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर हम कैसे अपने मानसिक स्वास्थय को बेहतर कर सकते है जानकारी दी। डॉ राकेश जांगड़े, डॉ अंकिता खरे ने भी इस संबंध में अपने विचार रखें। सांदीपनी नर्सिंग कालेज के छात्राओं द्वारा मोबाइल फोन की लत विषय में मूक नाट्य मंचन किया गया। बिलासा नर्सिंग कालेज के छात्रों द्वारा विभिन्न प्रकार के मनोरोगों के बारे में पोस्टर बना कर जानकारी प्रदर्शित की गयी। आत्महत्या विषय में शासकीय नर्सिंग कालेज द्वारा नाट्य प्रस्तुति दी गयी। डॉ सुजीत नायक द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम के सफल होने में डॉ गौरीशंकर सिंह, डॉ किशन दिनकर, डॉ अलीश मेहेर, डॉ अंशुल गुप्ता, डॉ प्रियांश दुबे, डॉ सत्यास्मिता जेना, डॉ तुलेश्वर एवं डॉ पायल सोमनानी ने योगदान दिया। - -विधायक सुशांत शुक्ला हुए शामिलबिलासपुर, /छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती समारोह एवं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्तूबर के अवसर पर शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम दिनांक 10 से 17 अक्तूबर तक चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग को शासन द्वारा आवंटित रजत जयंती वर्ष के विशेष सप्ताह के अंतर्गत किया गया। इस कार्यक्रम में बेलतरा विधानसभा के विधायक श्री सुशांत शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए तथा इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अधीक्षक प्रोफ़ेसर जी. आर. चतुर्वेदी द्वारा की गयी।कार्यक्रम का प्रारम्भ धनवंतरी भगवान के समक्ष दीप प्रज्वलन कर हुआ। मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु एक नुक्कड़ नाटक तथा योग जागरूकता हेतु योग नृत्य का आयोजन महाविद्यालय के अध्ययनरत छात्रों द्वारा किया गया। विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने अपने उद्बोधन में बताया कि किस प्रकार प्रतिदिन व्यायाम अथवा योग करके अपने शरीर को स्वस्थ बनाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आहार भी हमारे स्वास्थ्य में विशेष सहयोग प्रदान करता है। उन्होंने कहा की आयुर्वेद अंतर्गत औषधियां और पंच कर्म प्राचीन काल से ही रोगों के निवारण और स्वास्थ्य संवर्धन में सहायक रहीं है। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु मानसिक रोगियों को विशेष औषधि किट एवं गिलोय औषध पौध का वितरण विधायक श्री सुशांत शुक्ला द्वारा किया गया। महाविद्यालय के वृक्ष मित्र कार्यक्रम तहत विधायक श्री शुक्ला द्वारा गिलोय पौध रोपण चिकित्सालय के औषध गार्डन में किया गया। इस अवसर पर श्री मोनू रत्नाकर, महाविद्यालय चिकित्सालय के शिक्षक, चिकित्सक गण, आयुर्वेद चिकित्साधिकारी, छात्र-छात्राएं तथा कर्मचारी एवं अन्य भी उपस्थित रहे।
- -मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से मिली स्वीकृतिरायपुर। कोरबा नगर विधायक, छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग़, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर आबकारी, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रस्ताव पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से क्रमशः दो करोड़ और एक करोड़ कुल तीन करोड़ की राशि की विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की है।ज्ञातव्य हो कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कोरबा में मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक हुई थी। बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की मांग पर सुनालिया पुल के लिए 9 करोड़ और बालक बालिका क्रीड़ा परिसर हेतु 10-10 करोड़ समेत कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी। मंत्री श्री देवांगन के प्रस्ताव पर मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण से कोरबा विधानसभा क्षेत्र में 2.00 करोड़ की लागत से कुल 15 नवीन विकास कार्यों की स्वीकृति मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदान की गई है।इसी तरह मंत्री श्री देवांगन के प्रस्ताव पर अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से एक करोड़ की राशि विभिन्न छह विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इस हेतु मंत्री श्री देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताया है।स्वीकृति कार्यों की सूचीमध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण01. वार्ड क्रमांक 61 बरमपुर बीच बस्ती ट्रांसफार्मर के पास सेन नदी तक नाली एवं कलवर्ट निर्माण कार्य लागत 20 लाख2. वार्ड क्रमांक 61 बरहमपुर चेतू मंझवार के खेत पास से नदी तक नाली निर्माण कार्य, लागत 20 लाख3. वार्ड क्रमांक 36 निर्मला स्कूल से विनोद सोनवानी घर तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य लागत 20 लाख4. वार्ड क्रमांक 36, साधराम राठौर घर से राठिया समाज भवन तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य, लागत 20 लाख5. वार्ड क्रमांक 36 डिंगापुर जंगल खटाल में मंच निर्माण कार्य लागत 5 लाख6. वार्ड क्रमांक 28 सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, हेलीपैड के पास लागत 10 लाख7. वार्ड क्रमांक 32 नर्सिंग कॉलेज के सामने से केशव के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 15 लाख8. वार्ड क्रमांक 51, स्याहीमुड़ी ऊपर पारा बस्ती में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 15 लाख9. वार्ड क्रमांक 35 में रोड खरमोरा हनुमान मंदिर से कमल राठौर के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 5 लाख10. वार्ड क्रमांक 59, दर्री खालेपारा में सार्वजनिक मंच एवं नाली निर्माण कार्य, लागत 25 लाख11. वार्ड क्रमांक 18 राजस्व कॉलोनी पीपर पारा कोहडिया में सेड निर्माण व अन्य विस्तार कार्य लागत 6 लाख12. वार्ड क्रमांक 21 सीएसईबी कॉलोनी कोरबा महिला दुर्गा पंडाल के पास किचन शेड निर्माण कार्य लागत 5 लाख13. वार्ड क्रमांक 20 पथरीपारा चंदा यादव के घर से सामुदायिक भवन तक, भुवनेश्वर तिवारी घर से गणेश चौक तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य 20 लाख14. वार्ड क्रमांक 62 एसजीपी कॉलोनी मंच से शांति विहार पहुंच मार्ग तक सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 2.50 लाख15. वार्ड क्रमांक 64 इमली छप्पर स्थित रामनगर कंचन कंवर के घर से राजेश सोनवानी घर होते हुए नदी तक सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 11रू50 लाखअनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से स्वीकृत विकास कार्य01. वार्ड क्रमांक 28 जैतखाम के पास सामुदायिक भवन एवं मंच निर्माण, सुभाष ब्लॉक, एमडी कॉलोनी के पीछे लागत 15 लाख02. वार्ड क्रमांक 55 सामुदायिक भवन एवं बाउंड्री वॉल निर्माण, सुमेधा सतनामी पारा लागत 15 लाख03. वार्ड क्रमांक 58 श्याम नगर साडा कॉलोनी जैतखाम के पास सामुदायिक भवन एवं बाउंड्री वॉल लागत 25 लाख04 वार्ड क्रमांक 39 बालकों में रामलीला मैदान के पास सतनाम भवन का आंतरिक एवं बाह्य विस्तार कार्य लागत 15 लाख05. वार्ड क्रमांक 5 इंदिरा नगर में सतनामी समाज के सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 15 लाख06. वार्ड क्रमांक 52 सामुदायिक भवन निर्माण डोमार समाज सामुदायिक उपयोग हेतु अयोध्यापुरी में सिपेट के सामने लागत 15 लाख
- -जूट की खेती पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह किसान सम्मेलन आयोजित- छत्तीसगढ़ में जूट की खेती को बढ़ावा देने की तैयारीरायपुर। छत्तीसगढ़ में जूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु विगत दिवस इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह वैज्ञानिक किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ में जूट की उन्नत खेती और उत्पादन विधियों पर आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जूट की खेती परियोजना के तहत आईबीआईटीएफ द्वारा वित्त पोषित और आईआईटी भिलाई के सहयोग से आयोजित किया गया।इस प्रशिक्षण में राष्ट्रीय जूट बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. नीलेन्दु भौमिक और तकनीकी सहायक ने जूट से यांत्रिक फाइबर निष्कर्षण पर व्याख्यान दिया है। उन्होंने बारीक निष्कर्षण को आसान बनाने के लिए एक रिबनर मशीन का प्रदर्शन किया है। आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान संचालक डॉ. विवेक त्रिपाठी ने प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया। डॉ. राजीव प्रकाश ने रेशेदार फसलों के पारिस्थितिक महत्व के बारे में जानकारी देते हुए किसानों को संबोधित किया। उन्होंने रेशे की गुणवत्ता पर रेटिंग प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से छत्तीसगढ़ में पूर्व की तरह जूट की खेती फिर से शुरू करने का आह्वान किया। डॉ. विवेक त्रिपाठी ने किसानों से खरीफ के लिए चावल के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान खरीफ में चावल उगाने से पहले ग्रीष्मकालीन फसल के रूप में जूट की खेती कर सकते हैं। इससे किसानों को पारिश्रमिक मिलेगा और उनकी आजीविका में सुधार होगा। जूट परियोजना की सह अन्वेषक डॉ. प्रज्ञा पांडे ने जूट की उन्नत खेती की पद्धतियों पर व्याख्यान दिया। डॉ. अरुण उपाध्याय ने एंजाइमेटिक रेटिंग तकनीक पर व्याख्यान दिया। इस सम्मेलन में धमतरी और रायपुर के 30 किसानों ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और व्याख्यान, मशीन प्रदर्शन और जूट के अवलोकन के माध्यम से जूट उत्पादन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस खरीफ मौसम में धमतरी जिले में 4 एकड़ भूमि पर जूट की खेती चल रही है। किसानों ने आगामी वर्ष में जूट का क्षेत्र विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाईरायपुर । छत्तीसगढ़ के नवगठित आकांक्षी जिला मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी ने कुपोषण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट और नवाचारी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा आयोजित “नीति फॉर स्टेट्स – यूज़ केस चैलेंज” में जिले को स्वास्थ्य एवं पोषण विषय के अंतर्गत कुपोषण प्रबंधन श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।इस उपलब्धि के लिए जिले की कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति (भा.प्र.से.) को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लबसना) में आयोजित समारोह में नीति आयोग के सीईओ श्री बी.वी.आर. सुब्रमण्यम द्वारा सम्मानित किया गया।यह सम्मान जिले की नवाचारी पहल “सैम/मैम इन चिल्ड्रन” को दिया गया है, जिसके माध्यम से गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और निगरानी के लिए सामुदायिक आधारित सशक्त मॉडल विकसित किया गया। सितंबर 2024 में प्रारंभ हुए “हमर स्वस्थ लइका” अभियान के तहत संवर्धित टेक होम राशन के प्रयोग से बच्चों की पोषण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस पहल से बच्चों की रिकवरी दर 56% से बढ़कर 78% तक पहुंच गई है।इसके अतिरिक्त, साप्ताहिक माता-पिता बैठकों के माध्यम से पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर बल दिया गया, वहीं बच्चों की साप्ताहिक प्रगति की डिजिटल निगरानी के लिए “समर्थ्य ऐप” का प्रयोग किया गया। डाइट कैलेंडर और पालक कार्ड जैसे उपकरणों से परिवारों में खाद्य विविधता और भोजन की आवृत्ति पर निगरानी रखी जा रही है। इस सफलता में जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एम्स रायपुर (राज्य उत्कृष्टता केंद्र) तथा एबीस ग्रुप राजनांदगांव की संयुक्त भूमिका रही।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिले की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि “यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की पोषण सुधार नीतियों के सफल क्रियान्वयन का प्रमाण है। राज्य सरकार ऐसी नवाचारी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।” महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी जिले की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “कुपोषण के खिलाफ यह नवाचारी प्रयास अनुकरणीय है। महिला एवं बाल विकास विभाग ऐसी सफल पहलों को राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की दिशा में कार्य करेगा, ताकि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन मिल सके। राज्य में ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इस प्रकार की पहलें प्रेरणास्रोत बनेंगी।”
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ में अब तक 1202.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक दंतेवाड़ा जिले में सर्वाधिक 1621.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 549.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1153.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 995.0 मि.मी., गरियाबंद में 1216.1 मि.मी., महासमुंद में 1048.0 मि.मी. और धमतरी में 1146.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1200.8 मि.मी., मुंगेली में 1171.3 मि.मी., रायगढ़ में 1393.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1103.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1406.2 मि.मी., सक्ती में 1271.6 मि.मी., कोरबा में 1179.1 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1110.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 946.7 मि.मी., कबीरधाम में 882.0 मि.मी., राजनांदगांव में 1005.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1458.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 897.1 मि.मी. और बालोद में 1292.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 798.3 मि.मी., सूरजपुर में 1177.7 मि.मी., बलरामपुर में 1579.3 मि.मी., जशपुर में 1100.7. मि.मी., कोरिया में 1248.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1133.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1619.3 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1205.2 मि.मी., कांकेर में 1398.7 मि.मी., नारायणपुर में 1471.9 मि.मी., सुकमा जिले में 1295.0 मि.मी. और बीजापुर जिले में 1614.2 मि.मी. की औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
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रायपुर- आज नगर पालिक निगम रायपुर में गन्दगी से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार वस्तुस्थिति की जानकारी लेने नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के मार्गदर्शन में जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री सन्दीप वर्मा द्वारा स्वच्छता निरीक्षक सर्वश्री दिलीप साहू, प्रेम मानिकपुरी, दिलीप भारती की उपस्थिति में
जोन अंतर्गत लाखेनगर मार्ग की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान सड़क पर दो दुकान संचालकों द्वारा दुकानों के पीपे रखकर गंदगी फैलाये जाने की जनशिकायत सही मिलने पर सम्बंधित दुकान गौसिया इंटरप्राइक्सेस एवं अमर ट्रेडर्स पर अपनी दुकान के पीपे सड़क पर रखकर गन्दगी फैलाने पर क्रमशः 1000 रूपये और 3000 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए किया गया.वहीं कुशालपुर चौक में स्थित एक रेस्टोरेंट में गंदगी मिलने और इसे लेकर प्राप्त जनशिकायतें स्थल पर सही मिलने पर 5000 रूपये का जुर्माना सम्बंधित रेस्टोरेंट संचालक पर उन्हें भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए जोन 5 स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया.नगर निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गन्दगी सम्बंधित जनशिकायतें सही मिलने पर 3 दुकानों में गन्दगी सम्बंधित जनशिकायतें सही मिलने पर कुल 9000 रूपये का जुर्माना सम्बंधित दुकान संचालकों पर भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया गया. - -परिजनों ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जतायारायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनदर्शन कक्ष में रावांभाठा, बिरगांव निवासी कु. रागिनी यादव को व्हीलचेयर प्रदान किया। 15 वर्षीय कु. रागिनी स्पास्टिक सेरेब्रल पाल्सी के कारण हाथ पैर काम नहीं करता एवं बोलने में असमर्थ है। इसी कारण आज जनदर्शन में कलेक्टर डॉ सिंह को व्हीलचेयर की मदद हेतु आवेदन किया था जिसके पश्चात तत्काल कलेक्टर डॉ सिंह द्वारा समाज कल्याण विभाग को व्हीलचेयर के लिए निर्देशित किया था। परिजनों ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब रागिनी को दैनिक कार्यों में मदद मिल पाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, समाज कल्याण विभाग के सयुंक्त संचालक श्री अरविंद गेडाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे |
- -बैंक किसी भी हाल में इससे जुडे प्रकरणों में कोताही ना बरतें: डॉ गौरव सिंह-सीएसपीडीसीएल, बैंक और वेंडर्स को दिए आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देशरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में सीएसपीडीसीएल, बैंक अधिकारियों एवं वेंडर्स की बैठक लेकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे प्राथमिकता से लेते हुए क्रियान्वित करें और आम नागरिकों को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।सीएसपीडीसीएल, बैंक और संबंधित वेंडर समन्वय बनाकर कार्य करें। ताकि आम नागरिकों को निर्बाध रूप से लाभ मिले। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एलडीएम श्री मोहम्मद मोफीज उपस्थित थे।कलेक्टर ने कहा कि सभी बैंक यह ध्यान रखें कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से संबंधित प्रकरणों को गंभीरता से लें। इनसे जुड़े हितग्राहिओं का पूर्ण रूप से सहयोग करें। उन्हें किसी प्रकार से भ्रमित न करें। छोटे-छोटे तकनीकी कारणों से रिजेक्ट न किया जाए और जो प्रकरण रिजेक्ट किए गए हैं उनकी पुनः समीक्षा करें और प्रयास करें कि उन्हें स्वीकृत कर योजना का लाभ दिया जाए। कलेक्टर डॉ सिंह ने एलडीएम को असहयोग करने वाले बैंको को पत्र लिखने और आरबीआई को भी इस संबंध में सूचना देने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने बिजली विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि ये जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है, इसका शत् प्रतिशत लक्ष्य पूरा करना सुनिश्चित करें। इससे जुड़ी प्रक्रियों को जल्द पूरा करें।
- रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की 63वीं बैठक गुरुवार को संपन्न हुई। बैठक के प्रारंभ में माननीय विधायकगण सह सदस्यगण श्री रिकेश सेन, डॉ. संपत अग्रवाल और श्री इंद्र कुमार साहू का स्वागत एवं अभिनंदन शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह से किया गया। इसके साथ ही माननीय मुख्यमंत्री द्वारा मनोनित दो सदस्यों श्री आर. कृष्णा दास, श्री प्रभात मिश्र का स्वागत अभिनंदन किया गया। कार्य परिषद की अध्यक्षता श्री महादेव कावरे कुलपति एवं संभागायुक्त रायपुर ने की।कार्य परिषद में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों में सदस्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों के अधिकाधिक उन्नत करने एवं प्रदेश के प्रतिभावान छात्रों को इसका लाभ पहुंचाने की कार्य योजना पर बल दिया। प्रशासनिक एवं छात्रहित से जुड़ी हुई प्रशासनिक व्यस्थाओं के त्वरित संचालन एवं डिजीटल तकनीक से जोड़ने लैपटाप एवं कम्प्युटर सिस्टम क्रय की स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में संसाधनों की पूर्ति के लिए स्वेच्छानुदान, सांसद निधि, विधायक निधि सहित शासन के विविध मदों से राशि आंबटित कराने जनप्रतिनिधियों को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पुनर्गणना एवं चुनौती मूल्यांकन के लिए शुल्क एवं प्रक्रिया निर्धारण उपसमिति के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया जिसके अनुसार पुनर्गणना हेतु ₹50/- और चुनौती मूल्यांकन हेतु ₹1000/- का शुल्क निर्धारित किया गया है।विश्वविद्यालय के षष्ठम् दीक्षांत समारोह का आयोजन माह जनवरी 2026 में कराए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।विश्वविद्यालय में कार्यरत गैरशैक्षणिक कर्मचारियों के समयमान वेतनमान को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा एवं साइबर पत्रकारिता के नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया एवं इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। मीडिया शिक्षा एवं अन्य प्रोग्राम्स में प्लेसमेंट के लिए विद्यार्थियों के शत प्रतिशत कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित करने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार एवं आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया ।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के प्रमुख मीडिया समूहों, कार्पोरेट एवं उद्योग समूहों से एमओयू किए जाने एवं छात्रों की रोजगारपरकता को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। रूसा परियोजना के तहत विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन आडिटोरियम का स्थल निरीक्षण कर लंबित कार्य को शीघ्र पूर्ण किए जाने एवं आवश्यक फर्नीशिंग, आडियो- विजुवल, एकास्टिक कार्यों के लिए शासन को प्रस्ताव प्रस्तुत करते निर्देशित किया।कार्य परिषद में छत्तीसगढ़ शासन के सचिवों का प्रतिधिनित्व वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों डॉ. राज लक्ष्मी सेलेट ओएसडी उच्च शिक्षा, श्री उत्कल कुमार शर्मा ओएसडी वित्त एवं श्री बालमुकुद तंबोली, जनसंपर्क विभाग ने किया। बैठक के समापन सत्र में कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने आभार प्रदर्शन सह धन्यवाद ज्ञापित किया।
- - दो शिक्षकों की हुई नियुक्ति, विद्यार्थियों को मिल रहा लाभरायपुर, / रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक के ग्राम बरौंडा स्थित शासकीय हाई स्कूल के विद्यार्थियों को शिक्षक युक्तियुक्तकरण से बड़ा लाभ मिला है। विद्यालय में कक्षा नौवीं एवं दसवीं में लगभग 60-65 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। लेकिन पहले यहाँ व्यवस्था के तहत् मिडिल स्कूल के शिक्षक पढ़ाते थे। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद विद्यालय में दो नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई। अब विद्यालय में कुल दो शिक्षक हो गए हैं, जिससे सभी कक्षाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार हुआ है। शिक्षकों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं का लाभ मिल रहा है। विद्यार्थियों की प्रगति से पालक भी उत्साहित हैं और इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल शिक्षण व्यवस्था को सशक्त बना रही है, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- -निरंतर अभ्यास से निबंध में प्राप्त कर सकते हैं अधिकतम अंक- कलेक्टररायपुर / कलेक्टर एवं अध्यक्ष नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में "मैं और मेरा छत्तीसगढ़ @ 2047 " विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें नालंदा लाइब्रेरी, सेंट्रल लाइब्रेरी एवं तक्षशिला लाइब्रेरी के 102 सदस्यों ने भाग लिया lकलेक्टर डॉ सिंह ने गुरुवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं विजेताओं को नगद राशि से सम्मानित किया। कलेक्टर डॉ सिंह ने युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि निबंध का प्रश्न पत्र प्रतियोगी परीक्षाओं में बहुत ही महत्वपूर्ण होता है जिसमें निरंतर अभ्यास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं प्रासंगिक उद्धरणों का समावेश करके अधिकतम अंक अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निबंध की भाषा सरल, सहज एवं धारा प्रवाह होना चाहिए, प्रस्तावना एवं उपसंहार निबंध का मुख्य भाग होता है यह भाग जितने प्रभावी होंगे उतने अधिक अंक मिलने की संभावना होती है।नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में श्री पारस कुमार सोनी को प्रथम, श्री बादल सोनी को द्वितीय एवं श्री महेश्वर कुमार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। साथ ही अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने कलेक्टर डॉ. सिंह के मार्गदर्शन और आयोजन को अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल लेखन कौशल को निखारती हैं, बल्कि भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, नोडल अधिकारी नालंदा परिसर श्री केदार पटेल, उपायुक्त नगर निगम डॉ अंजली शर्मा सहित संबंधित एवं प्रतिभागी शामिल हुए।
- -टीम प्रहरी ने 10 एकड़ भूमि से अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कियारायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ग्राम सेजबहार में अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को हटाया।कार्यवाही के दौरान मौके पर बनी बाउंड्रीवाल, प्लिंथ और सड़क मार्ग को तोड़ा गया तथा अवैध निर्माण को हटाया गया। एसडीएम रायपुर श्री नंदकुमार चौबे के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और नगर निगम की टीम प्रहरी ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई अवैध भूमि विक्रय एवं बेजा कब्जे पर नियंत्रण रखने और नियमानुसार भू-उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
- रायपुर / स्व-सहायता समूहों की महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उनके उत्पादों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से क्षेत्रीय सरस मेला 2025 का आयोजन साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर में किया जा रहा है। यह मेला 18 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।इसका शुभारंभ जिले के प्रभारी मंत्री एवं वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने किया।मुख्य अतिथि श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्रीय सरस मेला 2025 हमारे प्रदेश सहित देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष हमारे प्रदेश की रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इन 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के कई आयामों को छुआ है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। हमें लोकल फॉर वोकल की दिशा में आगे बढ़ते हुए स्व-सहायता समूहों की बहनों द्वारा निर्मित उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने शासन की लखपति दीदी एवं ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारा देश और प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, और क्षेत्रीय सरस मेला इसका सशक्त उदाहरण है। इस मेले में 202 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के स्व-सहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार संस्कृति को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अंचलों तक सभी मूलभूत सुविधाएं पहुँचाने के लिए सतत कार्यरत है।एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के साथ-साथ छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग के 15 स्टॉल, नाबार्ड तथा जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र को भी स्टॉल आवंटित किए गए हैं।मेले में विभिन्न राज्यों और जिलों के हस्तशिल्प, माटीकला, बांस शिल्प, बेलमेटल, पैरा आर्ट, टेराकोटा, नारियल व जूट उत्पाद, सवई घास व गोबर उत्पाद, कोसा साड़ी, मोमबत्तियाँ, अचार और अन्य खाद्य उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय किए जा रहे हैं।यह आयोजन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के लिए अपने उत्पादों के विपणन, कौशल विकास और आयवृद्धि का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन के प्रयासों को नई दिशा मिल रही है।मेले में कुल 202 स्टॉल स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिए तथा 16 फूड स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जहाँ आगंतुकों को विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प देखने व खरीदने का अवसर मिल रहा है।इस मेले में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, गोवा, कश्मीर, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के स्व-सहायता समूह भी भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एनआरएलएम के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। पुलिस ने नवा रायपुर स्थित डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) की छात्राओं के फोटो को कृत्रिम मेधा (एआई) ‘टूल्स' की मदद से अश्लील तस्वीरों में बदलने के आरोप में 21 वर्षीय एक छात्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नवा रायपुर) विवेक शुक्ला ने बताया कि संस्थान के कुलसचिव (प्रभारी) डॉक्टर श्रीनिवास के जी की शिकायत के बाद द्वितीय वर्ष के छात्र आरोपी सैय्यद रहीम अदनान अली को उसके पैतृक जिले बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्ला ने बताया, ‘‘मामला सामने आने के बाद पुलिस का एक दल संस्थान पहुंचा था। प्रबंधन ने बताया कि संस्थान के पुरुष छात्रावास में रहने वाले आरोपी अली ने कथित तौर पर ‘एआई इमेज जेनरेशन और एडिटिंग टूल्स' की मदद से लगभग 36 छात्राओं के फोटो में छेड़छाड़ करके अश्लील तस्वीरें बनाई हैं।''उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों से शिकायतें मिलने के बाद संस्थान प्रबंधन ने आंतरिक जांच की थी और अली को संस्थान से निलंबित कर दिया गया तथा उसका मोबाइल फोन एवं लैपटॉप जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि बाद में कुलसचिव ने राखी थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी कि संस्थान के छात्र आरोपी सैय्यद रहीम अदनान अली ने एआई का उपयोग कर कुछ छात्राओं की आपत्तिजनक और झूठी छवियां तैयार की हैं। कुलसचिव का आरोप है कि इस घटना से संबंधित छात्राओं एवं उनके परिजनों को सामाजिक-मानसिक क्षति पहुंची है तथा संस्थान की प्रतिष्ठा को भी अपूर्णीय क्षति हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संस्थान की शिकायत के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आई टी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। उन्होंने बताया, ‘‘अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि छेड़छाड़ की गई तस्वीरें प्रसारित या वायरल की गई हैं। प्रबंधन ने यह भी संकेत नहीं दिया है कि तस्वीरें ऑनलाइन साझा की गई हैं।'' उन्होंने बताया कि ‘एंटी क्राईम एण्ड सायबर यूनिट' तथा राखी पुलिस के संयुक्त दल ने पीड़ितों से विस्तृत पूछताछ की । आरोपी ने पूछताछ के दौरान संयुक्त दल के सामने इस घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
- -ग्राम एक्शन प्लान व्यवहारिक और क्रियान्वयन योग्य हो - कलेक्टर श्री लंगेहमहासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय लंगेह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आदि कर्मयोगी अभियान की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने ग्राम एक्शन प्लान की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम का एक्शन प्लान 11 बिंदुओं पर आधारित हो तथा उसमें समस्याएं और उनके समाधान व्यवहारिक रूप से शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं बनाते समय आगामी वर्ष 2030 तक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो सके।कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय और अंतर्विभागीय चर्चा के साथ अपने-अपने सुझाव शामिल करें। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि ग्राम एक्शन प्लान केवल सैद्धांतिक न होकर जमीनी हकीकत से जुड़ा हो और उसका वास्तविक क्रियान्वयन संभव हो।उन्होंने बताया कि जिले के 308 ग्रामों में धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष कार्यक्रम के अंतर्गत आदि कर्मयोगी अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जनजातीय समुदाय के समग्र विकास हेतु वर्ष 2030 तक की रूपरेखा तैयार की जा रही है। ग्राम एक्शन प्लान तैयार होने के उपरांत अब जिला एक्शन प्लान भी बनाया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान शासन की प्राथमिकता का हिस्सा है और इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में स्थायी विकास के लिए योजनाबद्ध प्रयास सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं के प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से कार्य करें, ताकि 2030 तक अभियान के उद्देश्य को पूरा किया जा सके।कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि 14 अक्टूबर तक सभी ग्राम सभाओं में ग्राम एक्शन प्लान का अनुमोदन पूर्ण कर लिया जाए, ताकि आगामी स्तर की कार्ययोजना समय पर तैयार हो सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि ग्राम एक्शन प्लान को अंतिम रूप देते हुए योजनाओं की आवश्यकता और प्राथमिकता को भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अन्तर्विभागीय समन्वय पर भी जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, डीईओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई), ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस), कौशल विकास तथा समाज कल्याण विभाग, खाद्य विभाग एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- -समन्वित प्रयासों और संतुलित आहार से मिला कुपोषण पर विजयरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में चल रहे प्रयासों का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिख रहा है। मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के ग्राम चौनपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र नवापारा से जुड़े बालक शिवांश ने आंगनबाड़ी सेवाओं और परिवार के समन्वित प्रयासों से कुपोषण पर विजय पाई।शिवांश का जन्म 12 जुलाई 2024 को हुआ था। जन्म के समय उसका वजन 2.700 किलोग्राम था। जन्म के बाद पोषण की उचित देखभाल न होने से उसका वजन घटकर कुपोषण की श्रेणी में पहुँच गया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन ने नियमित वजन मापन के दौरान स्थिति की पहचान की और तत्काल गृहभेंट कर परिवार को उचित परामर्श दिया। श्रीमती लालसा कुमारी को समझाया गया कि वे अपने भोजन में अंकुरित अनाज, मौसमी फल, मुनगा भाजी, दूध, हरी सब्जियाँ और प्रोटीनयुक्त भोजन शामिल करें। बच्चे को स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी आहार जैसे दलिया, खिचड़ी, गाढ़ी दाल, पंजीरी, लपशी और हलुआ प्रतिदिन 4-5 बार हल्के रूप में देने की सलाह दी गई। आंगनबाड़ी केन्द्र से मिलने वाले रेडी टू ईट आहार का नियमित सेवन कराया गया। साथ ही परिवार को स्वच्छता, टीकाकरण और समय पर वजन मापन के लिए प्रेरित किया गया। शिशु अवस्था के दौरान तेज़ी से विकास और वृद्धि के लिए उचित पोषण अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुरुआती छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने के बाद, स्तनपान बंद करने वाले या पूरक आहार देना ज़रूरी है। ये आहार पोषक तत्वों से भरपूर होने चाहिए, जिनमें मसले हुए फल, सब्ज़ियाँ और अनाज शामिल हों, ताकि शिशु को पर्याप्त विटामिन और खनिज मिल सकें। लगातार देखरेख और पौष्टिक आहार के सेवन से शिवांश का वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। कुछ ही महीनों में उसका वजन सामान्य श्रेणी में पहुँच गया। अब वह स्वस्थ और सक्रिय है।यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि आंगनबाड़ी की सेवाओं, मितानिन और परिवार को संयुक्त प्रयास करने से कुपोषण जैसी चुनौती पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शिवांश जैसी प्रेरक कहानियाँ बताती हैं कि जागरूकता, सामुदायिक सहयोग और पोषण आहार के नियमित उपयोग से “सुपोषित छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो रहा है।
- -11 करोड़ रुपए का कर चुकी हैं ट्रांजेक्शन-लोगों की मदद कर मिलती है खुशी- बालेश्वरी, आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मिली अलग पहचानरायपुर। बैंक सखी ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की एक प्रशिक्षित महिला सदस्य होती है, जो सखी के रूप में काम करती है, वह बैंक के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करती है । सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर के ग्राम पंचायत लोसंगी की रहने वाली बालेश्वरी यादव बैंक सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं। उनके द्वारा पांच पंचायतों लोसंगी, लोसगा, रेमहला, लब्जी, कटिन्दा में लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाई जा रहीं हैं, ग्रामीण उन्हें बैंक वाली दीदी कहते हैं। क्योंकि बैकिंग सम्बन्धी जिन कार्यों के लिए लोगों को पहले बैंक तक जाना पड़ता था, वो काम अब उनके गांव में ही हो जाते हैं। बैंक वाली दीदी गांव में आती हैं और लोगों के बैंकिंग लेन-देन के कार्य करके जाती हैं।बालेश्वरी यादव ने बताया कि वे वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, स्व- सहायता समूह की राशि का लेनदेन सहित अन्य बैंकिंग कार्य कर रहीं हैं। विगत पांच वर्षों में उन्होंने लगभग 11 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लेनदेन किया है। बालेश्वरी बताती हैं कि वे अपने पुत्र के साथ लोसंगी में रहती हैं, इससे पहले उनकी आय का जरिया मेहनत मजदूरी था, मजदूरी से प्राप्त पैसों से ही गुजर-बसर करना पड़ता था।उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जब गांव में स्व-सहायता समूह का गठन हुआ, तो मुझे भी उसमें सदस्य बनने की इच्छा हुई और मुझे रानी लक्ष्मी बाई स्व-सहायता समूह का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद मैंने ग्राम संगठन एवं क्लस्टर संगठन में भी अध्यक्ष के रूप में काम किया। इसके बाद सक्रिय महिला एवं आरवीके बुक कीपर का काम करने का भी मौका मिला। इसके बाद मुझे एनआरएलएम के द्वारा बैंक सखी के बारे में बताया गया, इस कार्य के लिए मुझे काफी उत्सुकता हुई। हमें आरसेटी के द्वारा बैंक सखी का प्रशिक्षण दिया गया।वर्ष 2021 से मैंने बैंक सखी का काम करना शुरू किया, उन्होंने कहा कि इस कार्य से मुझे प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपए तक कमीशन मिल जाता है। बैंक सखी के कार्य से आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मुझे समाज में अलग पहचान मिली है, वहीं लोगों की मदद करके बहुत खुशी मिलती है। लोगों को जब जरूरत होती है, तो वे स्वयं मुझे बुलाते हैं। वहीं बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंदों के घर पर भी मैं बैंकिंग सेवा प्रदान करती हूं। उन्होंने बताया कि कियोस्क के माध्यम से अब तक लभगभ 513 ग्रामीणों के जनधन खाते खोले हैं। वहीं बीमा योजनाओं से भी हितग्राहियों को जोड़ा है, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 713, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 556, अटल पेंशन योजना 600 हुए हैं।
- - प्रधानमंत्री आवास योजना से दूरस्थ क्षेत्रों तक देश भर में बदलाव की बयार- घर में जल जीवन मिशन के तहत नल का कनेक्शनराजनांदगां । प्रधानमंत्री आवास योजना से दूरस्थ क्षेत्रों तक देश भर में बदलाव की एक बयार है। आर्थिक दृष्टि से कमजोर तथा जरूरतमंदों के लिए पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। इस योजना से जरूरतमंदों को हौसला और मदद मिल रही है। खुशियों का आशियाना मिलने पर जनसामान्य की जिंदगी बदल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में दूरदराज तक यह योजना सफलता की नई इबारत लिख रही है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई के श्री केशव साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास बनने से उनकी चिंता दूर हो गई है। नये आवास में 2 कमरा, हाल, रसोईघर है। उन्होंने बताया कि वे पहले कच्चे आवास में रहते थे। छप्पर का घर होने के कारण बरसात के दिनों में बहुत दिक्कत होती थी और दीवारों पर सीलन होती थी। उन्होंने बताया कि परिवार के आय का साधन बहुत सीमित है और 1.5 एकड़ कृषि भूमि है। रोजी-मजदूरी करते हुए वह अपना जीवन यापन कर रहे हंै।श्री केशव साहू ने बताया कि दूसरों के पक्के आवास को देखकर मन में हमेशा ख्याल आता था कि अपना भी एक पक्का मकान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब अपना पक्का आवास बन जाने से सुकून से यहां रह रहे है। अब पक्का आवास बन जाने से बरसात के दिनों में दिक्कत नहीं होती है और घर में स्वच्छता है। अब छप्पर के मरम्मत की कोई चिंता नहीं है। श्री केशव साहू ने बताया कि उनके घर में जल जीवन मिशन के तहत नल का कनेक्शन लगा है तथा स्वच्छ जल मिल रहा है। साथ ही खाद्यान्न सुरक्षा योजना के तहत प्रतिमाह 35 किलो चावल प्राप्त हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलने पर धन्यवाद दिया।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए निर्माण कार्य के लिए 2 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। सांसद श्री विजय बघेल द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन जिला दुर्ग द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पाटन अंतर्गत घसिया ठाकुर घर के बाजु में सामुदायिक केंद्र, कम्युनिटी हॉल, छतयुक्त चबूतरा निर्माण हेतु 2 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- बिलासपुर, /जिला पंचायत की बैठक 15 अक्टूबर को आहूत की गई है। इसके अंतर्गत सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक शाम 4 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी करेंगे। सामान्य सभा की बैठक में लोक निर्माण विभाग, खनिज विभाग, जल संसाधन विभाग, सहकारिता विभाग, समाज कल्याण, कृषि एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन, जिला पंचायत के आय-व्यय की जानकारी एवं अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- -बीजापुर के 32 पूर्व माओवादियों ने सीखा कुक्कुटपालन और बकरीपालन का गुर-समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन की अभिनव-पुनर्वास नीति से मिल रहा लाभरायपुर । माओवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे बीजापुर जिले के 32 आत्मसमर्पित माओवादियों ने अब विकास और स्वरोजगार की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इन सभी ने जगदलपुर स्थित क्षेत्रीय स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में एक महीने का कुक्कुटपालन और बकरीपालन का विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पूर्व नक्सलियों ने न केवल पशुपालन के वैज्ञानिक तरीके सीखे, बल्कि एक सफल उद्यमी बनने की बारीकियों को भी जाना। एक माह की गहन ट्रेनिंग में आत्मसमर्पित माओवादियों को कुक्कुटपालन और बकरीपालन से संबंधित हर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। यहां उन्होंने उन्नत नस्लों का चयन, चारा प्रबंधन और संतुलित आहार की जानकारी, टीकाकरण, रोगों की पहचान और उपचार के तरीके के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, ऋण प्राप्त करने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की रणनीति के संबंध में प्रशिक्षण लिया।बीजापुर के 32 पूर्व माओवादियों ने सीखा कुक्कुटपालन और बकरीपालन का गुरप्रशिक्षण लेने वाले एक आत्मसमर्पित माओवादी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जंगल में जीवन बहुत मुश्किल और खाली था। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जो पुनर्वास नीति बनाई गई है, वह एक अभिनव प्रयास है। जिससे अब हम अपने हाथों से काम करके परिवार के लिए एक स्थिर और सम्मानजनक जीवन-यापन कर सकते हैं। सरकार के इस कदम से हमें बहुत हिम्मत मिली है।सुरक्षा बलों के कैंपों के खुलने से अब शासन की योजनाएं भी गांव-गांव पहुंचने लगी हैं। इनमें माओवाद प्रभावित गांवों के विकास के लिए विशेष रूप से चलाई जा रही नियद नेल्लानार योजना ने पूर्व माओवादियों के बीच आत्मविश्वास को बढ़ाया है। आत्मसमर्पित माओवादियों को अब यह लगने लगा है कि जब उनके गांवों में समृद्धि आएगी, तो उनके स्वरोजगार के रास्ते भी आसान होंगे। गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास और बाजार तक पहुंच बनने से उनके कुक्कुटपालन और बकरीपालन जैसे व्यवसायों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।पुनर्वास से आत्मनिर्भरता की ओर कदमयह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को सम्मानजनक आजीविका के साधन प्रदान करना है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण इन 32 पूर्व माओवादियों को जल्द ही स्वरोजगार स्थापित करने में मदद करेगा। उन्हें न केवल प्रशिक्षण दिए गए हैं, बल्कि वित्तीय सहायता और बैंक ऋण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है। साथ ही प्रशिक्षण उपरांत इन्हें लगातार मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए स्थानीय मैदानी अमले की सहायता भी मिलेगी। बीजापुर के इन 32 पूर्व माओवादियों का कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना, बस्तर में शांति और विकास की एक नई मिसाल पेश करता है। यह दिखाता है कि हिंसा और बंदूक छोड़ने वाले हर व्यक्ति के लिए हुनर और सम्मान भरा भविष्य इंतजार कर रहा है।


















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